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अंडे की एक्सपायरी डेट जानना जरूरी: खराब अंडा खाने से हो सकता है फूड पॉइजनिंग का खतरा

अंडा प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स का काफी अच्छा सोर्स है. इस कारण फिट रहने वाले लोग, हैवी वर्कआउट वाले लोग और हेल्दी ब्रेकफास्ट करने वाले लोग इसे अपनी डाइट में शामिल करते ही हैं. 1 अंडे में करीब 6-7 ग्राम प्रोटीन मिलता है जो रोजाना के प्रोटीन इंटेक को बढ़ाने के लिए काफी होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अंडों की भी एक एक्सपायरी डेट होती है? अक्सर लोग मार्केट से अंडे खरीदकर लाते हैं और कई दिनों तक फ्रिज में रखकर खाते रहते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यदि आप एक्सपायर्ड या खराब हो चुके अंडे खाते हैं तो यह सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. तो आइए जानते हैं यदि आपने गलती से एक्सपायरी डेट निकल जाने के बाद खराब अंडा खा लिया तो सेहत को क्या नुकसान हो सकता है. क्या होती है अंडों की एक्सपायरी डेट? यदि आप किसी कंपनी के अंडे खरीदते हैं तो उनकी पैकिंग पर आमतौर पर एक बेस्ट बिफोर या पैक डेट लिखी होती है. हेल्थलाइन का कहना है, रेफ्रिजरेटर में सही तरीके से स्टोर किए गए अंडे पैक होने की तारीख से लगभग 3 से 5 हफ्तों तक बिल्कुल फ्रेश और खाने लायक रहते हैं. इस टाइम पीरियड के बाद भी अंडे खराब नहीं होते, बस उन्हें सही तापमान पर रखा गया हो. हालांकि, कोई भी अंडा हो समय बीतने के साथ अंडों की क्वालिटी, स्वाद और टेक्सचर में बदलाव आने लगता है.   खराब अंडा खाने से सेहत को क्या है खतरा? यदि आपने अनजाने में खराब या एक्सपायर्ड अंडा खा लिया है तो आप फूड पॉइजनिंग का शिकार हो सकते हैं. यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA) के अनुसार, खराब अंडों में साल्मोनेला बैक्टीरिया पनपने का सबसे ज्यादा चांस होता है. इसे खाने के 12 से 72 घंटों के भीतर शरीर में लक्षण दिखने लगते हैं. प्रभावित व्यक्ति को तेज बुखार, पेट में मरोड़, दस्त (डायरिया) और उल्टी जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों और बच्चों में यह इन्फेक्शन ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है.   खराब अंडों को कैसे पहचानें? मेडिकल न्यूज टुडे के मुताबिक, अंडा सही है या खराब, इसे चेक करने का सबसे पॉपुलर तरीका फ्लोट टेस्ट है. इसके लिए एक कटोरे में ठंडा पानी भरें और उसमें अंडा डालें. अगर अंडा तली में बैठ जाता है तो वह फ्रेश है. अगर अंडा पानी के ऊपर तैरने लगे तो समझ जाएं कि वह पुराना हो चुका है. इसके अलावा अंडा क्रैक करने पर अगर उसमें से अजीब या गंदी बदबू आ रही है तो उसे तुरंत डस्टबिन में फेंक दें.   स्टोरेज की इन गलतियों से बचें सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की गाइडलाइन के अनुसार, अंडों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सही स्टोरेज बहुत जरूरी है. अंडों को कभी भी फ्रिज के दरवाजे में नहीं रखना चाहिए क्योंकि दरवाजा बार-बार खुलने से वहां तापमान बदलता रहता है. अंडों को हमेशा उनके ओरिजिनल कार्टन में रखकर फ्रिज के सबसे ठंडे हिस्से यानी अंदर की शेल्फ पर स्टोर करें जिससे बैक्टीरिया की ग्रोथ को रोका जा सके.

हवा में 15 चक्कर लगाने के बाद सुरक्षित उतरी एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट, तकनीकी खामी बनी वजह

कन्नूर  केरल के कन्नूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जेद्दाह जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ़्लाइट में तकनीकी खराबी आने के बाद इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. टेकऑफ के तुरंत बाद ही इस दिक्कत का पता चला, जिससे एयरक्राफ़्ट एक घंटे से ज़्यादा समय तक हवा में चक्कर लगाता रहा और फिर सुरक्षित रूप से लैंड कर गया. इस तरह पायलट के समय पर दखल देने से एक बड़ी मुसीबत टल गई।  फ़्लाइट कन्नूर से सुबह 7.30 बजे 150 यात्रियों को लेकर निकली थी. रास्ते में जब एयरक्राफ़्ट मंगलुरु के एयरस्पेस में पहुंचा तो पायलट को तकनीकी दिक्कतें नजर आई. यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फ़्लाइट को तुरंत कन्नूर वापस डायवर्ट करने का तुरंत फैसला लिया गया।  पायलट ने एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और इमरजेंसी लैंडिंग की इजाजत मांगी. हालाँकि, सुरक्षित लैंडिंग के लिए एयरक्राफ़्ट का फ़्यूल लेवल कम करना पड़ा. ऐसा करने के लिए फ़्लाइट ने मंगलुरु एयरस्पेस के ऊपर लगभग पंद्रह बार चक्कर लगाए।  इमरजेंसी में एयरक्राफ्ट को सुरक्षित रूप से लैंड कराने के लिए फ्यूल जलाना एक स्टैंडर्ड तरीका है. पायलट एयरक्राफ्ट का वजन कम करने और सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चत करने के लिए यह तरीका अपनाते हैं. ज़्यादा फ्यूल खत्म करने से बड़ी मुसीबतों को रोकने में मदद मिलती है. इसमें लैंडिंग के समय आग लगने का खतरा भी शामिल है, और यह काम एविएशन नियमों के तहत जरूरी सुरक्षा सावधानियों के मुताबिक है. एक घंटे से ज़्यादा हवा में चक्कर लगाने के अनुभव से यात्रियों में काफी चिंता हो गई।  फ्यूल लोड को काफी कम करने के बाद फ्लाइट कन्नूर एयरपोर्ट के रनवे पर सुरक्षित रूप से लैंड हो गई. इमरजेंसी लैंडिंग की आशंका को देखते हुए एयरपोर्ट ने फायर फोर्स, एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों सहित इमरजेंसी सिस्टम को स्टैंडबाय पर रखा. अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि एयरक्राफ्ट में सवार सभी 150 यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित उतर गए।  एयरक्राफ्ट के रनवे पर सुरक्षित रूप से लैंड करने के बाद अधिकारियों और यात्रियों दोनों ने राहत की सांस ली. इसके बाद यात्रियों को टर्मिनल ले जाया गया, जहाँ एयरपोर्ट अधिकारियों ने जरूरी मेडिकल मदद और दूसरी सुविधाओं का इंतजाम किया. यात्रियों का सामान सुरक्षित रूप से निकालने का प्रोसेस भी पूरा कर लिया गया।  डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन समेत एविएशन अथॉरिटीज, टेक्निकल खराबी की सही वजह का पता लगाने के लिए डिटेल में इंस्पेक्शन करेगी. इंस्पेक्शन के बाद ही यह साफ होगा कि खराबी एयरक्राफ्ट के लैंडिंग गियर में थी या किसी दूसरे टेक्निकल सेक्शन में।  मेंटेनेंस का काम करने के लिए एक एक्सपर्ट इंजीनियरिंग टीम कन्नूर पहुंच गई है, और खराबी पूरी तरह से ठीक होने के बाद ही एयरक्राफ्ट को अगली सर्विस के लिए क्लियर किया जाएगा. एयर इंडिया एक्सप्रेस खाड़ी देशों और केरल के बीच सर्विस देने वाली बड़ी एयरलाइन्स में से एक है. मालाबार इलाके में बाहर से आए लोगों के लिए बहुत ज़्यादा भरोसेमंद फ्लाइट से जुड़ी ऐसी घटनाओं ने यात्रियों में काफ़ी चिंता पैदा कर दी है। 

बाहरी फेरी वालों पर पुलिस की नजर, सत्यापन अभियान से सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत

दंतेवाड़ा. क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस ने सत्यापन अभियान तेज कर दिया है. बचेली में बिना अनुमति घूम-घूमकर सामान बेच रहे एक बाहरी वाहन पर कार्रवाई की गई. वाहन चालक आवश्यक सूचना और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका. जांच के बाद उस पर जुर्माना लगाया गया. पुलिस ने उसे जिले की सीमा से बाहर जाने के निर्देश दिए. अभियान का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना है. पुलिस लगातार बाहरी व्यक्तियों और किरायेदारों का सत्यापन कर रही है. नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है. संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है. मकान मालिकों को किरायेदारों की जानकारी थाने में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं. जनसहयोग को सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है. पुलिस का कहना है कि सतर्कता से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है.

महाभारत के वो 5 गांव आज कहां हैं और क्या हैं उनके आधुनिक नाम? पूरी जानकारी

 महाभारत की कथा से जुड़ी एक बेहद प्रसिद्ध पंक्ति आपने जरूर सुनी होगी, 'जब भगवान श्रीकृष्ण हस्तिनापुर की सभा में पांडवों के लिए मात्र पांच गांव की मांग करते हैं. लेकिन दुर्योधन अहंकार में आकर वह पांच गांव भी देने से मना कर देता है.' इसके बाद क्या हुआ, यह हम सभी जानते हैं महाभारत का विनाशकारी युद्ध. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज के समय में वे पांच गांव कहां स्थित हैं और उनके नाम क्या हैं? आइए जानते हैं इस रोचक और ऐतिहासिक तथ्य को. जब पांडवों को हस्तिनापुर से निकाला गया था, तब उन्होंने इंद्रप्रस्थ को अपनी राजधानी बनाया था. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इंद्रप्रस्थ पहले खांडवप्रस्थ था, जिसे पांडवों ने विकसित किया था. माना जाता है कि आज की दिल्ली का पुराना किला ही प्राचीन इंद्रप्रस्थ का स्थान है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अनुसार, पुराना किला यमुना नदी के किनारे स्थित था. यहां खुदाई में टेराकोटा के खिलौने और चित्रित मिट्टी के बर्तन मिले हैं, जिनका काल लगभग 1000 ईसा पूर्व माना गया है. ये प्रमाण इंद्रप्रस्थ की ऐतिहासिकता को मजबूत करते हैं. अब बात करते हैं उन पांच गांवों की व्याघ्रप्रस्थ पहला गांव था व्याघ्रप्रस्थ, जिसे आज बागपत के नाम से जाना जाता है. व्याघ्र का अर्थ होता है बाघ, और कहा जाता है कि यहां प्राचीन समय में बाघ पाए जाते थे. इसी स्थान को लाक्षागृह की घटना से भी जोड़ा जाता है, जहां पांडवों को जलाने की साजिश रची गई थी. स्वर्णप्रस्थ दूसरा गांव था स्वर्णप्रस्थ, जिसे आज सोनीपत कहा जाता है. समय के साथ इसका नाम बदलते-बदलते सोनीपत हो गया. यह हरियाणा का एक प्रमुख शहर है. पांडुप्रस्थ तीसरा गांव था पांडुप्रस्थ, जिसे आज पानीपत के नाम से जाना जाता है. यह स्थान नई दिल्ली से लगभग 90 किलोमीटर दूर है और इसके पास ही कुरुक्षेत्र स्थित है, जहां महाभारत का युद्ध हुआ था. तिलप्रस्थ चौथा गांव था तिलप्रस्थ, जिसे आज फरीदाबाद जिले का तिलपत कहा जाता है. यह स्थान बहुत प्राचीन है और यहां से महाभारत काल से भी पहले की सभ्यता के प्रमाण मिले हैं. इन सभी गांवों में तिलपत को सबसे प्राचीन माना जाता है. यह कभी इंद्रप्रस्थ राज्य के अधीन था. कुरुक्षेत्र कुरुक्षेत्र हरियाणा का एक प्रमुख तीर्थस्थल है. यहीं ज्योतिसर में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था. कहा जाता है कि यह पूरा क्षेत्र 48 कोस में फैला हुआ था. इन पांच गांवों के अलावा, महाभारत में सबसे महत्वपूर्ण स्थान हस्तिनापुर को माना जाता है. यह कौरवों की राजधानी थी और पूरा महाभारत इसी के इर्द-गिर्द घूमता है. आज हस्तिनापुर उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित है और एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में जाना जाता है. मान्यता है कि एक समय गंगा नदी की भयंकर बाढ़ ने इस पूरे नगर को नष्ट कर दिया था.

छत्तीसगढ़ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां तेज, मुख्य सचिव ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

छत्तीसगढ़ में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां तेज  मुख्य सचिव ने ली उच्च स्तरीय बैठक,  “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम निर्धारित  रायपुर,  छत्तीसगढ़ में आगामी 21 जून को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” निर्धारित की गई है। आयोजन को व्यापक और सफल बनाने के लिए राज्य के मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली और तैयारियों की समीक्षा की। सरगुजा में होगा राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन          बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का संभावित राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम सरगुजा जिले में आयोजित होगा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को इसके लिए सभी आवश्यक और पुख्ता तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक जन-भागीदारी           मुख्य सचिव विकासशील ने निर्देश दिए कि भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य के सभी जिलों में योग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत के प्रमुख स्थलों पर अनिवार्य रूप से योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए आयुष विभाग और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को आपस में बेहतर समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है। जिला स्तर पर अधिक से अधिक जन-सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। NEET परीक्षार्थियों का रखा जाएगा विशेष ध्यान            मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि 21 जून को ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नीट (NEET) की पुनः परीक्षा भी आयोजित की जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि योग दिवस के आयोजनों के कारण नीट परीक्षा केंद्रों और परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की असुविधा या तकलीफ न हो। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी और डिजिटल पंजीयन            आयुष विभाग के अधिकारियों के अनुसार, भारत सरकार द्वारा इस बार व्यापक जनभागीदारी के निर्देश हैं। 14 जून 2026 से सुबह 6.15 बजे से 7.35 बजे तक ऑनलाइन योग अभ्यास सत्र के माध्यम से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आम नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 जारी किया गया है, जिस पर मिस्ड कॉल देकर आसानी से पंजीयन कराया जा सकता है। अधिकारियों ने  बताया कि आयुष मंत्रालय द्वारा योग संगम पोर्टल-2026 प्रारंभ किया गया है। जिसके माध्यम से विभिन्न संस्थाएं, विभाग, शैक्षणिक संस्थान, स्थानीय निकाय,  स्वायत्तशासी संस्थाएं, सार्वजनिक उपक्रम योग संस्थान एवं सामुदायिक संगठन दिनांक 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों के लिए पंजीयन एवं  कार्यक्रम के उपरांत विवरण एवं फोटोग्राफ अपलोड किये जा सकते है। शासन के समस्त विभागों के सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त एवं कलेक्टरों को अधीनस्थ संस्थाओं, कार्यालयों को उक्त पोर्टल पर पंजीयन कराने एवं आयोजन उपरांत कार्यक्रम की जानकारी पोर्टल में अपलोड करने हेतु निर्देशित करने कहा गया है। पंजीयन हेतु वेब पोर्टल https//:yoga.ayush.gov.in/yoga-sangam  है।           मंत्रालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद समेत नगरीय प्रशासन, वाणिज्यिक कर, कृषि, श्रम और आयुष विभाग के सचिव एवं योग आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में लौटी रौनक, नए सत्र में छात्रों का हुआ पारंपरिक अभिनंदन

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई है। गर्मी की छुट्टियों के बाद पहले दिन स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों का शिक्षकों ने तिलक लगाकर और किताबें भेंट कर स्वागत किया। स्कूलों में बच्चों के चेहरों पर उत्साह और नई उम्मीदें साफ नजर आईं। खासकर पहली बार स्कूल पहुंचे नौनिहालों के लिए यह दिन यादगार रहा। वहीं राज्य सरकार की ओर से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और अधिक से अधिक बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के प्रयास भी तेज किए जा रहे हैं। बता दें कि 30 जून को प्रदेश में शाला प्रवेश उत्सव का बड़ा आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और शिक्षा मंत्री शामिल होंगे। फिलहाल नए सत्र के पहले दिन स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ स्कूलों में पढ़ाई के अलावा राष्ट्रीय और सांस्कृतिक मूल्यों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रार्थना सभा में नियमित रूप से राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार’ का गायन कराया जाएगा। साथ ही बच्चों को देशभक्ति, अनुशासन और नैतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित होंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों में इन गतिविधियों के नियमित संचालन के निर्देश दिए हैं। नए शिक्षा सत्र में बच्चों को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने पर भी विशेष फोकस रहेगा। स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा को अधिक प्रभावी और प्रेरणादायी बनाने के लिए नियमित रूप से राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और राज्यगीत का गायन कराया जाएगा।

इम्तियाज अली की ‘मैं वापस आऊंगा’ रिलीज, बॉक्स ऑफिस पर 6.75 करोड़ की कमाई

फिल्ममेकर इम्तियाज अली की ओर से निर्देशित ‘मैं वापस आऊंगा’ थियेटर्स में रिलीज हो चुकी है. फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स मिली जुली प्रतिक्रिया मिली. इसने बॉक्स ऑफिस पर 6.75 करोड़ की कमाई कर ली है. इसी बीच कार्तिक आर्यन ने मूवी का रिव्यू किया और कास्ट-क्रू की जमकर तारीफ की. कार्तिक आर्यन ने इम्तियाज अली को कहा ‘दूरदर्शी’ इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कार्तिक आर्यन ने फिल्म का पोस्टर शेयर किया और लिखा, “अपने पसंदीदा और विजनरी @imtiazali सर, कास्ट और क्रू की इस जबरदस्त टीम को बहुत सारा प्यार भेज रहा हूं.” इसी बीच अनुराग कश्यप ने भी लिखा, “एकदम नए और फ्रेश @imtiazaliofficial… उनकी फिल्म ‘चमकीला’ के बाद, ‘मैं वापस आऊंगा’ सिनेमाघरों में चल रही है… जरूर देखें, और मटनखोर, मैं तुमसे प्यार करता हूं. ऐसे ही प्रेरित करते रहो और हमारा दिल तोड़ते रहो.” क्या है मैं वापस आऊंगा की कहानी इम्तियाज अली की ओर से डायरेक्ट की गई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना, शरवरी और बनिता संधू जैसे स्टार्स हैं. फिल्म की कहानी 95 साल के ईशर सिंह ग्रेवाल (नसीरुद्दीन शाह) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें पाकिस्तान के सरगोधा जाने की कोशिश के दौरान स्ट्रोक आ जाता है. जब उन्हें बंटवारे से पहले के दिनों की यादें आने लगती हैं, तो उनका पोता निर्वैर (दिलजीत दोसांझ) इंग्लैंड से लौटता है और परिवार के पास्ट के एक बहुत ही निजी हिस्से को समझने की कोशिश करता है. कार्तिक और शरवरी इस फिल्म में आ सकते हैं नजर ‘मैं वापस आऊंगा’, ‘अल्फा’ और सूरज बड़जात्या की ‘ये प्रेम मोल लिया’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के पाइपलाइन में होने के बाद, अब शरवरी के पास कई दिलचस्प प्रोजेक्ट्स हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्ममेकर लव रंजन अपनी आने वाली फिल्म में कार्तिक आर्यन के अपोजिट शरवरी को कास्ट करने की सोच रहे हैं. हालांकि ऑफिशियल तौर पर अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है.

चाणक्य नीति: इन 4 बातों में शर्म करना नुकसानदायक

 आचार्य चाणक्य ने न केवल राजनीति और कूटनीति के गुण सिखाए हैं, बल्कि एक सुखी और सफल जीवन जीने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव भी दिए हैं.  चाणक्य नीति के अनुसार, व्यक्ति की सबसे बड़ी बाधा उसकी झिझक या शर्म होती है. कई बार हम समाज और लोगों की परवाह में वे काम नहीं कर पाते जो हमारे भविष्य और खुशहाली के लिए अनिवार्य हैं. 1. धन के लेन-देन में स्पष्टता अक्सर लोग पैसे के लेन-देन में शर्म महसूस करते हैं. अगर आपने किसी को उधार दिया है और उसे मांगने में आप संकोच कर रहे हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति बिगाड़ सकता है. आचार्य चाणक्य का स्पष्ट मानना है कि अपना पैसा मांगने में कभी शर्म नहीं करनी चाहिए. जो व्यक्ति अपना हक मांगने में हिचकिचाता है, वह धीरे-धीरे अपनी जमा-पूंजी गंवा देता है. 2. भोजन करने में संकोच न करें पुराने समय में माना जाता था कि अतिथि के सामने या किसी के घर पर भोजन करने में अधिक औपचारिकताएं नहीं बरतनी चाहिए. चाणक्य कहते हैं कि भूख लगने पर भोजन मांगने या खाना खाने में कभी शर्म नहीं करनी चाहिए. जो व्यक्ति अपनी भूख छिपाता है, वह खुद को कष्ट ही देता है. एक स्वस्थ शरीर के लिए समय पर भोजन करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. 3. सीखने और ज्ञान प्राप्त करने में शर्म ज्ञान का कोई अंत नहीं है. यदि आप किसी नई चीज़ को सीखने के लिए उत्सुक हैं, तो सवाल पूछने में बिल्कुल न झिझकें. चाहे आप अपने से छोटे व्यक्ति से ही क्यों न सीख रहे हों, ज्ञान के मामले में शर्म करने वाला व्यक्ति कभी आगे नहीं बढ़ सकता. जिज्ञासा ही उन्नति का मार्ग है, इसलिए हमेशा सीखते रहें. 4. काम के चुनाव में हिचकिचाहट आज के दौर में कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता. यदि आप मेहनत से अपनी आजीविका चला रहे हैं, तो उसमें शर्म कैसी? चाणक्य का मानना है कि ईमानदारी से किया गया हर काम सम्मान के योग्य है. जो व्यक्ति काम में शर्म करता है, वह कभी आत्मनिर्भर नहीं बन पाता. याद रखें, खाली बैठने से बेहतर है कि आप अपने हुनर और मेहनत पर विश्वास रखें.

3,298 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा तिथि घोषित, जल्द जारी होंगे पंजाब पुलिस कांस्टेबल एडमिट कार्ड

चंडीगढ़  पंजाब पुलिस में होने वाली 3,298 कांस्टेबल (जिला एवं आर्म्ड कैडर) भर्ती-2026 के लिए परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है।जारी जानकारी के अनुसार, कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) 1 जुलाई 2026 से शुरू होगी। इस संबंध में एडमिट कार्ड जल्द ही जारी किए जाएंगे। मार्च महीने में निकाली थी भर्ती बता दें कि, पंजाब पुलिस ने यह भर्ती मार्च 2026 में जारी की थी। इस दौरान जिला कैडर में 2,522 और आर्म्ड कैडर में 776 पदों पर भर्ती की जानी है। अब इस भर्ती के लिए परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है। शुरुआत में आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 तय की गई थी, जिसे बाद में दोबारा लिंक खोलकर 5 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया। इस वजह से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।  

प्रदेश में 24 जून को होगी ग्राम सभा, आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची सहित विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा

प्रदेश में 24 जून को होगी ग्राम सभा, आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची सहित विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा रायपुर  छत्तीसगढ़ में 24 जून 2026 को ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम सभाओं में जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा एवं निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।   ग्राम सभा में विशेष रूप से आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) का अवलोकन एवं वाचन किया जाएगा। ग्राम सभा द्वारा शासन की मार्गदर्शिका एवं SOP के अनुसार पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी तथा ग्रामीणों से प्राप्त दावे-आपत्तियों को नियमानुसार प्राप्त कर निराकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ग्राम सभा से अनुमोदन के बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची को आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा।   इसके अलावा ग्राम सभा में पूर्व बैठक के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन, पंचायतों के आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की प्रगति, तथा अन्य विकासात्मक विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।   ग्राम सभाओं में विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) VB-G RAM G के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी तथा इसके क्रियान्वयन पर चर्चा होगी।   प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों से ग्राम सभा में अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा ग्राम विकास से जुड़े निर्णयों में जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की गई है।