samacharsecretary.com

CM का बड़ा फैसला, ट्रांसफर अवधि में 24 घंटे का विस्तार; कैबिनेट में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य कर्मचारियों के तबादलों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने तबादला अवधि में 24 घंटे की अतिरिक्त राहत देते हुए इसकी समय-सीमा बढ़ा दी है। अब प्रदेश में आज रात 12 बजे तक तबादले किए जा सकेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिसमें सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर की तारीख एक दिन के लिए बढ़ाई गई है। यानी आज रात 12 बजे तक ट्रांसफर आदेश जारी किए जा सकेंगे। पहले सरकार द्वारा इसकी आखिरी तारीख 15 जून तक रखी गई थी। 2017 में इंदौर मेट्रो की लगाई गई 7515 करोड़ रुपये की लागत अब एलाइनमेंट बदलने से ज्यादा हो गई है। इसे कहीं अंडरग्राउंड भी किया गया, जिसके बाद यह 12900 करोड़ रुपये हो गई है। इंदौर मेट्रो रेल का 31 किमी का नेटवर्क है। 5.388 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई। 21 जून को जबलपुर में योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उपस्थित रहेंगी। गौरतलब है कि 20 मई को हुई कैबिनेट बैठक में तबादला नीति को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 22 मई को आदेश जारी कर सभी विभागों को 15 जून तक तबादले करने के निर्देश दिए थे। अब सरकार ने एक दिन का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है। रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक केंद्र निजी संचालन के लिए देंगे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जो 20 बिस्तर के ऊपर है डॉक्टर और स्टाफ की कमी देखी गई है, विशेषज्ञ नहीं है। इसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि तीन जिलों में रीवा, देवास और गुना में 18 सामुदायिक केंद्रों के निजी तौर पर संचालन के लिए दिए जाएगा। यह नई नीति पायलट प्रोजेक्ट के रूप में स्वीकृति दी गई है। निजी व्यक्ति डॉक्टर, स्टाफ से लेकर पूरे संसाधन लेकर आएंगे। परिसंपत्ति सरकार की रहेगी और दवाइयां की उपलब्धता सरकार द्वारा की जाएगी। टेंडर की प्रक्रिया करेंगे, जो कम से कम लागत का आफर देगा, उसे दिए जाएंगे‌। एक अन्य निर्णय में परोपकारी व कल्याणकारी संस्थाएं यदि कोई चिकित्सालय मध्य प्रदेश में लगाना चाहती हैं तो उन्हें सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी। सुपर स्पेशलिटी के उपकरणों को क्षेत्रवार मशीनों के लिए पूंजीगत अनुदान दिया जाएगा। पांच मंत्रियों की कमेटी बनाई गई पांच मंत्रियों की एक कमेटी बनाई गई है जो पूरे मापदंड निर्धारित करेगी। यहां आयुष्मान के पैकेज की सुविधा भी मिलेगी। कमेटी में मंत्री राजेंद्र शुक्ला, राकेश सिंह, चेतन्य काश्यप, नरेंद्र शिवाजी पटेल और राधा सिंह को रखा गया है। कैबिनेट के प्रमुख फैसले     इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की बढ़ी हुई लागत को मंजूरी मिली।     वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने वाली 3 योजनाएं जारी रहेंगी।     गांवों के पुनर्वास के लिए मुआवजा मंजूरी पर चर्चा हुई।     श्रम विभाग की कई योजनाओं को आगे भी जारी रखने का फैसला।     स्थानीय निधि ऑडिट से जुड़ी योजनाओं को मंजूरी।     हाईकोर्ट के आदेश के तहत लोक निर्माण विभाग के एक मामले में पेंशन मंजूर की गई।     रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आउटसोर्स व्यवस्था से संचालित होंगे, इसके पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी।     सामाजिक न्याय विभाग की संस्थाओं में मानदेय पर काम कर रहे कर्मचारियों को संविदा कर्मचारी बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।

दवाओं की बिक्री पर नई सख्ती, प्रिस्क्रिप्शन के बिना सिरप देने पर रोक

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने दवाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है, स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक अहम नोटिफिकेशन जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अब खांसी समेत सभी तरह के सिरप बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगे, यानी अब मेडिकल स्टोर से कोई भी कफ सिरप या अन्य सिरप आधारित दवा खरीदने के लिए पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होगा।  क्या है नया नियम? 9 जून को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर बताया कि Drugs (5th Amendment) Rules, 2026 लागू कर दिए गए हैं, इसके तहत एक बड़ा बदलाव किया गया है अब ड्रग्स रूल्स, 1945 के शेड्यूल K से “Syrups” को हटा दिया गया है।  पहले शेड्यूल K के तहत कुछ दवाएं ऐसी थीं जिन्हें बिना डॉक्टर की पर्ची के खरीदा जा सकता था (OTC दवाएं), लेकिन अब इस लिस्ट से सिरप को बाहर कर दिया गया है. अब कफ सिरप समेत सभी तरह के सिरप बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं मिलेंगे। क्या है नया नियम? केंद्र सरकार ने 9 जून 2026 को जारी अधिसूचना के जरिए Drugs (Fifth Amendment) Rules, 2026 लागू किए हैं. यह संशोधन Drugs and Cosmetics Act, 1940 की धारा 12 और 33 के तहत किया गया है और आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही प्रभावी हो गया है।  ड्रग्स रूल्स में क्या बदलाव किया गया? सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 की Schedule K में सूचीबद्ध दवाओं की श्रेणी से "Syrups" शब्द को हटा दिया है. इसके परिणामस्वरूप सिरप अब ओवर-द-काउंटर दवाओं की श्रेणी में नहीं रहेंगे और उनकी बिक्री पर सख्त नियामकीय नियंत्रण लागू होगा।  अब बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं मिलेगी कफ सिरप नए नियम के तहत कफ सिरप सहित औषधीय सिरप खरीदने के लिए उपभोक्ताओं को रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर द्वारा जारी प्रिस्क्रिप्शन दिखाना होगा. इससे उन सिरपों की सामान्य खरीद प्रभावित होगी, जिन्हें अब तक लोग सीधे मेडिकल स्टोर से खरीद लेते थे।  बच्चों की मौत के मामलों के बाद लिया गया फैसला सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब मध्य प्रदेश और राजस्थान में दूषित कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामलों ने दवाओं की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे. इन घटनाओं के बाद सिरप के निर्माण और बिक्री पर कड़े नियंत्रण की मांग तेज हो गई थी।  जनता से सुझाव लेने के बाद लागू हुआ संशोधन इस संशोधन का मसौदा 30 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था, जिस पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे. सरकार ने कहा कि प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम संशोधन अधिसूचित किया गया।  फार्मेसियों को करना होगा नए नियमों का पालन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव हर्ष मंगला द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब देशभर की फार्मेसियों को सिरप और संबंधित औषधीय फॉर्मूलेशन की बिक्री के लिए संशोधित नियमों का पालन करना होगा. इसके तहत बिना डॉक्टर की पर्ची के ऐसी दवाएं बेचना संभव नहीं होगा।  क्यों लिया गया यह फैसला? स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि ये कदम दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया गया है. पिछले कुछ समय से कफ सिरप और दूसरी सिरप वाली दवाओं के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ रही थी।      कई मामलों में ओवरडोज का खतरा     बिना जरूरत दवा लेना     बच्चों में गलत डोज     मिलावटी सिरप से नुकसान इन सभी समस्याओं को देखते हुए सरकार ने सख्ती बढ़ाई है. मेडिकल स्टोर के लिए भी सख्त नियम नए नियम लागू होने के बाद अब मेडिकल स्टोर्स को भी निर्देश दिए गए हैं कि     बिना डॉक्टर पर्ची के सिरप न बेचें     नियम तोड़ने पर कार्रवाई हो सकती है छोटे पैक में ही मिलेगी दवा सरकार ने एक और बड़ा बदलाव किया है, अब सभी सिरप और लिक्विड दवाएं सिंगल-यूनिट पैक में ही बेची जाएंगी.     5 ml, 10 ml जैसी छोटी पैकिंग     एक बार की डोज वाला पैक यह नियम कब लागू होगा? 1 जनवरी 2027 से पूरे देश में लागू. पुराने स्टॉक बेचने के लिए कंपनियों को 6 महीने का समय मिल है. ऐसा इसलिए क्योंकि खुली बोतल से ओवरडोज या गलत डोज का खतरा साथ ही मिलावट या खराब होने की संभावना रहती थी।   इससे क्या होगा फायदा?     ओवरडोज का खतरा कम होगा     बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा बढ़ेगी     दवा की क्वालिटी बनी रहेगी     मिलावट और खराब दवा का जोखिम घटेगा

140 साल पुरानी परंपरा, रज संक्रांति पर अंगारों पर भक्त चले

 खरसावां चिलचिलाती धूप में खरसावां के गीतिलोता स्थित शिव मंदिर में आस्था और  परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला. सोमवार को रज संक्रांति के मौके पर सैकड़ों शिव भक्तों (भोक्ताओं) ने दहकते अंगारों पर नंगे पांव चल कर अपनी हठभक्ति व अटूट श्रद्धा का परिचय दिया. दोपहर करीब एक बजे तेज तेज धूप व हिट वेब के बीच भक्ताओं ने वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को उत्साह के साथ निभाया. भक्ताओं ने रविवार से व्रत रख कर यहां मंदिर परिसर में भगवान शिव की पूजा अर्चना की. फिर सोमवार को खुले आसमान के नीचे सुबह दस बजे से ही सुखी लकड़ियों को जला कर अंगार तैयार किया. दोपहर करीब एक बजे ढ़ोल-नगाड़ों की थाप पर जलते अंगरों में नंगे पांव चले. आस्था की इस परंपरा को निभाने में युवा भी आगे रहे हठभक्ति की इस परंपरा में युवाओं की भागीदारी भी काफी बड़ी रही. सबसे पहले जलते अंगारों पर चलकर अपनी आस्था प्रकट की और फिर मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया. ढोल-नगाड़ों की धुन पर  पूरे उत्साह के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए. भोक्ताओं ने अंगारों पर चलकर अपनी मन्नत पूरी होने की खुशी जाहिर की. श्रद्धालुओं ने बताया कि भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास ही उन्हें यह शक्ति प्रदान करता है. शरीर को कष्ट देकर मिलती है आत्मिक शांति भक्ति, संस्कृति और लोक परंपराओं के अद्भुत संगम के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने एक बार फिर क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया. हठभक्ति में शामिल भक्तों का कहना है कि शरीर को कष्ट देकर उन्हें मानसिक और आत्मिक शांति मिलती है. उनका मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया भगवान शिव को समर्पित है और उनकी कृपा से ही भक्त बिना किसी नुकसान के आग पर चल पाते हैं. भोक्ताओं के अनुसार वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है, लेकिन आज तक किसी भक्त को आग पर चलने से कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ. श्रद्धालुओं का कहना है कि न तो किसी को गंभीर जलन की समस्या हुई और न ही किसी को इलाज की जरूरत पड़ी. भक्त इसे भगवान की महिमा और आस्था की शक्ति मानते हैं. 140 वर्षों से निभाई जा रही है परंपरा गीतिलोता के शिव मंदिर परिसर में अंगारों में चलने के यह भक्ति की परंपरा वर्षो पुरानी है. स्थानीय लोगों के साथ 140 वर्षों से भी अधिक पुरानी है. हर वर्ष भक्त रज संक्रांति के मौके पर यहां आग पर चल कर अपनी हठ भक्ति को प्रदर्शित करते है. भोक्ताओं की मानें तो हठ भक्ति को पारण करने में मन व आत्मा को बेहद सुकुन मिलता है. वर्षो से इस गांव चली आ रही यह परंपरा अब भी पूरे उत्साह के साथ हर वर्ष पूरा किया जा रहा है. भक्तों के अनुसार पूरी प्रक्रिया ही भगवान को समर्पित है. हजारों श्रद्धालुओं ने देखा भक्ति का अनोखा दृश्य गीतिलोता के शिव मंदिर परिसर में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. मंदिर परिसर और आसपास का इलाका भक्तिमय माहौल में डूबा रहा. श्रद्धालु पूरे आयोजन के दौरान भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते रहे. बड़ी संख्या में श्रद्धालु रविवार शाम से लेकर सोमवार दोपहर तक मंदिर परिसर में जमें रहे.

अक्षय कुमार शूटिंग पर हेलीकॉप्टर से जाते थे, फराह खान ने सुनाया मजेदार किस्सा

बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार अपनी फिटनेस, अनुशासन और समय की पाबंदी के लिए जाने जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था जब वो फिल्म की शूटिंग पर रोज हेलीकॉप्टर से पहुंचा करते थे? ये खुलासा खुद एक्टर अक्षय कुमार और फिल्ममेकर फराह खान ने किया है. हाल ही में फराह खान, अक्षय कुमार, प्रियदर्शन और राजपाल यादव फिल्म 'भूत बंगला' के प्रमोशन के दौरान साथ बैठे थे. इस दौरान फराह और अक्षय ने साल 2010 में आई फिल्म 'तीस मार खान' की शूटिंग से जुड़ा एक मजेदार किस्सा शेयर किया. अक्षय की 'रईसी' का किस्सा! फराह खान ने बताया कि फिल्म की शूटिंग महाराष्ट्र के मालशेज घाट में चल रही थी. शूटिंग लोकेशन मुंबई से करीब ढाई घंटे की दूरी पर थी. इसलिए पूरी टीम और कलाकार वहीं रुकते थे, ताकि समय पर सेट पर पहुंच सकें. फराह ने कहा- हमारी रोज सुबह 8 बजे की कॉल टाइम होती थी. बाकी सभी लोग वहीं ठहरे हुए थे, लेकिन अक्षय हर शाम शूटिंग खत्म होने के बाद मुंबई अपने घर लौट जाते थे और अगले दिन सुबह 7:45 बजे सेट पर पहुंच जाते थे. फराह की ये बात सुनकर राजपाल यादव भी हैरान रह गए. तब फराह और अक्षय ने उनसे पूछा- बताओ कैसे? लेकिन राजपाल कोई जवाब नहीं दे पाए. इसके बाद अक्षय ने खुद खुलासा करते हुए कहा- मैं हेलीकॉप्टर से आता-जाता था. अक्षय का जवाब सुनते ही वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े. फराह ने आगे मजाक करते हुए कहा- मैंने अपनी जिंदगी में पहली बार किसी एक्टर को हेलीकॉप्टर को टैक्सी की तरह इस्तेमाल करते देखा था. लेकिन इसकी तारीफ करनी पड़ेगी कि वो हमेशा समय पर पहुंचता था. फराह-अक्षय की नोकझोंक इस पर अक्षय ने तुरंत जवाब दिया- लेकिन इससे किसी को क्या परेशानी थी? मैं खुद उस फिल्म का प्रोड्यूसर भी था. फराह ने भी हंसते हुए कहा- और मैं भी थी. इसने मेरे सारे पैसे खर्च करवा दिए. अक्षय ये सुनकर चौंक गए और बोले- मैंने पैसे खर्च करवा दिए? उस फिल्म से सबसे ज्यादा कमाई तो आपने ही की थी. इसके बाद दोनों की नोकझोंक देखकर वहां मौजूद सभी लोग हंसने लगे. बता दें कि 'तीस मार खान' रिलीज के वक्त भले ही आलोचनाओं का शिकार हुई थी, लेकिन वक्त के साथ फिल्म ने कल्ट स्टेटस हासिल कर लिया. वहीं फिल्म का मशहूर गाना 'शीला की जवानी' आज भी लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा बना हुआ है.

भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद, दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का अनुमान

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर के लोगों को भीषण गर्मी और लू से फिलहाल राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। सोमवार सुबह शुरू हुई बारिश का दौर मंगलवार को भी जारी रहा। मंगलवार सुबह जनकपुरी, दिल्ली हवाई अड्डा समेत कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है। बारिश से मौसम सुहाना हो गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे तापमान नियंत्रित रहेगा और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। आज 38 डिग्री तक जा सकता है तापमान मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के मुताबिक 16 जून को दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। 17 जून को दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 17 जून को मौसम आंशिक रूप से बादल छाए रहने वाला रहेगा। अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस दिन भी कोई चेतावनी जारी नहीं की है। 18 जून को अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे तथा नमी का स्तर 35 से 60 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। इस दिन भी किसी प्रकार का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 19 जून को भी मौसम का मिजाज लगभग समान बना रहेगा। अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, जबकि आर्द्रता 35 से 60 प्रतिशत के बीच बनी रह सकती है। 20 जून को कैसा रहेगा मौसम 20 जून को एक बार फिर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसी तरह 21 जून को भी गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। इस दिन अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सबसे अहम बात यह है कि मौसम विभाग ने फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के लिए किसी भी प्रकार का येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलती दिखाई दे रही है। हालांकि, उमस का असर बना रह सकता है, लेकिन हल्की बारिश और तेज हवाएं मौसम को अपेक्षाकृत खुशनुमा बनाए रखेंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय हो रही हैं, जिसके चलते आगामी दिनों में मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है।  

भोजशाला मामले में नई चर्चा, फैसले को एक महीना पूरा; SOP लागू करने पर बना असमंजस

धार  इंदौर हाईकोर्ट द्वारा भोजशाला को मंदिर घोषित किए जाने के फैसले को एक माह पूरा हो चुका है, लेकिन भोजशाला को लेकर पुरातत्व विभाग की तरफ से दिशा-निर्देशों को लेकर एसओपी जारी नहीं की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि हमने विभाग को मेल किए तो अफसर सुप्रीम कोर्ट में केस होने का हवाला देकर मामला टाल रहे हैं, जबकि अभी तक सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी नहीं हुई है। हमने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर कहा है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें। पुरातत्व विभाग की तरफसे हाईकोर्ट के फैसले के बाद कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। हमारी मांग है कि पूर्व में खुदाई के दौरान भोजशाला से निकली प्रतिमाओं को फिर से भोजशाला में स्थापित किया जाए। आपको बता दें कि पिछले माह 15 मई को इंदौर हाईकोर्ट ने भोजशाला को मंदिर मानते हुए हिंदुओं को पूजा का अधिकार दिया था। फैसले के बाद भोजशाला में नमाज बंद हो गई और अब हर दिन भोजशाला में पूजा होती है। कोर्ट के फैसले के बाद आए मंगलवार और शुक्रवार को भोजशाला में विशेष आरती की गई और हजारों हिंदू परिवारों ने वहां जाकर पूजा की थी। याचिकाकर्ता आशीष गोयल का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव धार में सरस्वती लोक बनाने की घोषणा कर चुके हैं। इसकी कैबिनेट बैठक में मंजूरी भी मिल चुकी है। अब इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उधर लंदन के संग्रहालय में रखी मां वाग देवी की प्रतिमा को लाने की कवायद भी चल रही है। इसे लेकर मंत्री सावित्री ठाकुर प्रयास कर रही है। 

प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून को होगी ग्राम सभा

प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून को होगी ग्राम सभा  आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची सहित विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा रायपुर,  पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों को ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीण विकास, पंचायतों की वित्तीय स्थिति, आवास योजनाओं, रोजगार, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय विकास कार्यों जैसे जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा एवं निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। छत्तीसगढ़ के सभी ग्राम पंचायतों में  24 जून 2026 को ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची सहित विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा की जाएगी। आवास हेतु पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची होगी तैयार          ग्राम सभा में विशेष रूप से आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची (पीडब्ल्यूएल) का अवलोकन एवं वाचन किया जाएगा। ग्राम सभा द्वारा शासन की मार्गदर्शिका एवं एसओपी के अनुसार पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी तथा ग्रामीणों से प्राप्त दावे-आपत्तियों को नियमानुसार प्राप्त कर निराकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ग्राम सभा से अनुमोदन के बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची को आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा।   वीबी जी राम जी के संबंध में ग्रामीणों को दी जाएगी जानकारी          ग्राम सभा में पूर्व बैठक के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन, पंचायतों के आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की प्रगति, तथा अन्य विकासात्मक विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। ग्राम सभाओं में विकसित भारत, रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी तथा इसके क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने, बेरोजगारी भत्ते के बेहतर प्रावधान, समय पर मजदूरी भुगतान और ग्राम सभा आधारित विकास योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।  ग्राम सभा में अधिक से अधिक सहभागिता हेतु ग्रामीणों से अपील        प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों से ग्राम सभा में अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा ग्राम विकास से जुड़े निर्णयों में जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की गई है। ग्राम सभा में पिछली बैठकों में पारित प्रस्तावों की समीक्षा, पंचायतों के आय-व्यय का अनुमोदन, विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति, आवास प्लस 2.0 की प्रतीक्षा सूची तथा पंचायत संपत्तियों के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 के परिणामों को भी ग्रामीणों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद खाली, नगर निगमों में अधूरी सत्ता व्यवस्था

 अंबाला  प्रदेश के नगर निगमों में अजीब तस्वीर दिखाई दे रही है। शहरों को मेयर मिल चुके हैं, सदन बन चुके हैं, पार्षद शपथ ले चुके हैं, लेकिन सत्ता की दो अहम कुर्सियां सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर की अब भी खाली हैं। मार्च 2025 में हुए नगर निगम चुनावों के बाद गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, रोहतक, करनाल, पानीपत और यमुनानगर में मेयरों ने कामकाज संभाल लिया। मई 2026 में अंबाला, सोनीपत और पंचकूला में भी नए सदन अस्तित्व में आ गए। लेकिन प्रदेश के अधिकांश नगर निगमों में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। मार्च 2025 में मानेसर नगर निगम का भी चुनाव हुआ था केवल यहीं पर सीनियर और डिप्टी मेयर का चुनाव हो सका है। नगर निगम कानून आज भी उस दौर की कहानी कहता है जब मेयर का चुनाव पार्षद किया करते थे। अब मेयर सीधे जनता चुनती है, लेकिन कानून की कई धाराओं में आज भी पार्षदों द्वारा मेयर चुनने का जिक्र दर्ज है। नगर निगम की राजनीति में सीनियर डिप्टी मेयर का पद केवल सम्मान का विषय नहीं होता। इसे अक्सर भविष्य की राजनीति का लांचिंग पैड माना जाता है। पंचकूला का नाम शायद इसलिए भी याद रखा जाएगा क्योंकि वहां 2021 से 2026 तक का पूरा कार्यकाल निकल गया है। अंबाला में हाई कोर्ट की लेनी पड़ी थी शरण अंबाला में 2013 में निगम बनने के बाद मेयर के साथ-साथ निर्धारित समय के भीतर सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव भी हो गया था। दूसरे कार्यकाल में मामला इतना लंबा खिंचा कि चुनाव कराने के लिए तत्कालीन छह पार्षदों जिनमें जसबीर सिंह, फकीर चंद, राजेश मेहता, अमनदीप कौर, राजेश सिंगला इत्यादि को हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी थी। दिसंबर 2020 में चुनाव हुए, जनवरी 2021 में शपथ ग्रहण हुआ, लेकिन सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर के चुनाव आठ दिसंबर 2022 में जाकर हुए। लगभग दो साल तक दोनों कुर्सियां खाली रहीं। इस साल अंबाला में 13 मई को चुनाव परिणाम आए, 28 मई को शपथ ग्रहण होने के बावजूद अगली प्रक्रिया का इंतजार जारी है।

पंजाब में रियल एस्टेट सेक्टर पर सख्ती, डिफॉल्टर बिल्डरों की परियोजनाओं पर लगी रोक

मोहाली  ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथाॅरिटी (गमाडा) ने बकाया सरकारी शुल्क जमा न करने वाले रियल एस्टेट प्रमोटरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 20 परियोजनाओं और कंपनियों को डिफाॅल्टर घोषित किया है। इन पर एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी), लाइसेंस फीस, सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और अन्य मदों के तहत कुल 1,014.03 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया है। गमाडा की लाइसेंसिंग शाखा की ओर से जारी पत्र के अनुसार 31 मई 2026 तक के रिकार्ड के आधार पर डिफाॅल्टरों की सूची तैयार की गई है। आदेश में स्पष्ट है कि बकाया जमा न करने वाले इन प्रमोटरों को किसी भी प्रकार की आगे की मंजूरी या भुगतान नहीं दिया जाएगा। डिफाॅल्टर सूची जारी होने के बाद इन परियोजनाओं में निवेश कर चुके खरीदारों की चिंता भी बढ़ गई है। यदि कंपनियां समय पर बकाया राशि जमा नहीं करतीं तो परियोजनाओं के विकास कार्यों और भविष्य की मंजूरियों पर असर पड़ सकता है। पापरा काॅलोनियों पर 312 करोड़ से ज्यादा बकाया     चंडीगढ़ रायल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के 47.89 करोड़ रुपये     शिवालिक साइट प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के 20.55 करोड़ रुपये     बाजवा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के 23.40 करोड़ रुपये     मैजेस्टिक प्रापर्टीज प्राइवेट लिमिटेड के 7.13 करोड़ रुपये     बाजवा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के ही 127.19 करोड़ रुपये     बाजवा दामिनी डेवलपर्स के 10.65 करोड़ रुपये     शिवालिक साइट प्लानर्स (कासा एस्पाना परियोजना) के 15.60 करोड़ रुपये     गीतू कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के 14.79 करोड़ रुपये     राइजिंग स्टार इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के 0.99 करोड़ रुपये     आरकेएम हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-111/112 के 31.07 करोड़ रुपये     इंडियन कोआपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसायटी के (संटेक सिटी) 11.47 करोड़ रुपये     नार्थएज डेवलपर्स एलएलपी के 1.11 करोड़ रुपये     गिल्को डेवलपर्स एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के भी 0.57 करोड़ रुपये  मेगा प्रोजेक्ट्स पर 701 करोड़ से ज्यादा की देनदारी मेगा प्रोजेक्ट्स की श्रेणी में सात परियोजनाओं पर 701 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया हैं। बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड (मेगा प्रोजेक्ट-1) 209.30 करोड़ रुपये, बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड (मेगा प्रोजेक्ट-2) 168.61 करोड़ रुपये, सुखम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-66ए – 69.06 करोड़ रुपये देनदारी है। इसके अलावा एचपी सिंह एवं अन्य, सेक्टर-122 – 45.78 करोड़ रुपये, जनता लैंड प्रमोटर्स, सेक्टर-82, 90 और 91 – 152.12 करोड़ रुपये, ग्लोबस प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-66ए – 34.53 करोड़ रुपये, प्रीत लैंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-86 – 22.14 करोड़ रुपये देनदारी है।

ईंधन संकट रोकने की तैयारी, केंद्र ने तेल कंपनियों पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया

नई दिल्ली ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है. इसी बीच भारत में सरकार ने डीजल और हवाई ईंधन के एक्सपोर्ट पर लगने वाले विंडफाल टैक्स को बढ़ा दिया है. हालांकि आम नागरिकों के लिए राहत की बात ये है कि मार्केट में पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार स्थिर बने हुए हैं. वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेश के अनुसार ये नए रेट्स मंगलवार से लागू हो चुके हैं।  सरकार हर 15 दिन में विंडफाल टैक्स रेट का रिव्यू करती है. अब इन बदलाव के बाद डीजल के एक्सपोर्ट पर स्पेशन एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को 13.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 14 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. वहीं दूसरी तरफ हवाई ईंधन के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी 9.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 12.5 रुपये रुपये प्रति लीटर हो गई है. हालांकि पेट्रोल के एक्सपोर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ।  ड्यूटी बढ़ाने का फैसला क्यों? दरअसल मिडिल ईस्ट क्राइसिस से वैश्विक मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें महंगी हो गईं. जब इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो लोकल तेल कंपनियां मुनाफा कमाने के लिए ऑयल को देश के बाहर एक्सपोर्ट करने लगती हैं. इसे रोकने के लिए सरकार विंडफाल टैक्स लगाती है. इस टैक्स के जरिए देश के अंदर पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को कंट्रोल किया जाता है।  आम आदमी पर इसका क्या असर? देखिए, अगर आप सोच रहे हैं कि ये टैक्स बढ़ जाने की वजह से आपके लिए फ्यूल महंगा हो जाएगा, तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. सरकार ने साफ किया है कि देश के अंदर बिकने वाले पेट्रोल-डीजल की ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ. यानी आपकी जेब पर इसका सीधा कोई असर नहीं पड़ेगा. हां, हवाई ईंधन पर टैक्स बढ़ने से एयरलाइन कंपनियों के खर्च जरूर बढ़ सकते हैं।  देश में पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं महीनो से चल रहे अमेरिका-ईरान के बीज जंग पर आखिरकार विराम लगता दिखा रहा है. इसी वजह से कच्चे तेल की कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं. सप्लाई सुधरने की उम्मीद से मंगलवाल को ब्रेंट क्रूड पुराने सेशन से 5% टूटकर 81 डॉलर प्रति बैरल के लेवल पर आया गया. ऐसे में भारतीय तेल कंपनियों ने 16 जून को पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है. देश के बड़े शहरों में ईंधन के दाम पुराने लेवल पर ही स्टेबल बने हुए हैं।  देश में ईंधन की कोई कमी नहीं पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की ईंधन कमी की स्थिति नहीं है। मंत्रालय ने नागरिकों और उद्योगों से ऊर्जा का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है। अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि, औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्र के बड़े उपभोक्ता डीजल की खरीद अपने उपभोक्ता पंपों (कंज्यूमर पंप) से करें, ताकि खुदरा पेट्रोल पंपों पर दबाव कम किया जा सके। ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य… सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है। सभी रिफाइनरियां अपनी क्षमता के अनुसार सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं और कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का पर्याप्त भंडार भी उपलब्ध है।उन्होंने कहा कि, हाल में कुछ स्थानों पर आपूर्ति संबंधी दबाव इसलिए देखा गया क्योंकि मई महीने में लगभग 42 करोड़ लीटर डीजल, जो पहले बड़े उपभोक्ताओं या कंज्यूमर पंपों के माध्यम से वितरित होता था, वह खुदरा पेट्रोल पंपों से उठाया जाने लगा। इससे कुछ क्षेत्रों में अस्थायी दबाव की स्थिति बनी। खुदरा बिक्री पर अस्थायी सीमा लागू… सामान्य उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सरकार ने 11 जून को एक अस्थायी अधिसूचना जारी की है। इसके तहत खुदरा पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 200 लीटर तक सीमित कर दी गई है। औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति सीधे अपने उपभोक्ता पंपों से करें।सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था लगभग 90 दिनों के लिए लागू की गई है और इसका उद्देश्य केवल आम उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाना है। उन्होंने दोहराया कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। एलपीजी आपूर्ति भी हुई सामान्य… मंत्रालय के अनुसार, एलपीजी आपूर्ति की स्थिति भी अब पूरी तरह संतुलित हो गई है। पिछले चार दिनों के दौरान देशभर में 1.66 करोड़ एलपीजी बुकिंग प्राप्त हुईं, जबकि 1.84 करोड़ सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। इससे लंबित बुकिंग का समय घटकर केवल 3.3 दिन रह गया है।इसी अवधि में 24,184 टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई। इसके अलावा 2.18 लाख पांच किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर बेचे गए, जिनमें से 14,500 सिलेंडर विशेष शिविरों के माध्यम से वितरित किए गए। पीएनजी नेटवर्क का तेजी से विस्तार… मंत्रालय ने बताया कि, मार्च से अब तक 9.76 लाख घरेलू पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू की जा चुकी है। इसके अलावा 3.19 लाख नए कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है और 9.72 लाख नए उपभोक्ताओं का पंजीकरण किया गया है। अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई… पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईंधन और एलपीजी से जुड़ी अवैध गतिविधियों के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया है। मार्च से अब तक एलपीजी से जुड़े मामलों में 1,330 एफआईआर दर्ज की गई हैं, 311 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 75,960 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।वहीं, 27 मई से अब तक 12,303 लीटर पेट्रोल और 91,263 लीटर डीजल जब्त किया गया है। इस संबंध में 50 एफआईआर दर्ज की गईं और 49 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। उद्योगों को सीधे आपूर्ति की सलाह… सुजाता शर्मा ने कहा कि यह कदम पूरी तरह अस्थायी है और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोपहिया वाहन चालकों, कार मालिकों और किसानों को खुदरा पंपों पर आसानी से ईंधन उपलब्ध हो सके।उन्होंने बड़े औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं से अपील की कि वे फिर से सीधे आपूर्ति व्यवस्था का उपयोग करें, जिससे खुदरा ईंधन केंद्रों पर भीड़ और दबाव कम हो सके।