samacharsecretary.com

उद्योग मंत्री देवांगन ने 36.75 करोड़ रुपये की जलप्रदाय योजना विस्तार परियोजना का किया भूमिपूजन

उद्योग मंत्री देवांगन ने पौने 37 करोड़ रूपए के जलप्रदाय योजना विस्तार कार्य का किया भूमिपूजन रायपुर,  वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवंागन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने आज नगर पालिक निगम कोरबा के पौने 37 करोड़ रूपये की लागत वाले जलप्रदाय योजना विस्तार कार्य का भूमिपूजन किया, इस कार्य के पूर्ण हो जाने के पश्चात निगम क्षेत्र की ऐसे बस्तियॉं जहॉं पानी की किल्लत थी, वह समस्या अब दूर होगी तथा समस्याजनित बस्तियों, पारों एवं मोहल्लों में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।  नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा जिला खनिज न्यास मद (डीएमएफ) से 36 करोड़ 73 लाख रूपये की लागत से जलप्रदाय योजना का विस्तार कार्य किया जाना हैं, इसके अंतर्गत 20 एमएलडी के जलउपचार संयंत्र के साथ-साथ इमलीडुग्गू में 12 लाख 60 हजार लीटर की क्षमता वाली पानी टंकी, दादरखुर्द में 22 लाख 50 हजार लीटर की क्षमता वाली पानी टंकी एवं रूमगरा में 10 लाख 80 हजार लीटर की क्षमता वाली पानी टंकी यानी उच्च स्तरीय जलागार का निर्माण किया जाएगा, वहीं 15.3 किलोमीटर पाईप लाईन भी बिछाई जाएगी। योजना के पूर्ण होने पर इमलीडुग्गू मोतीसागरपारा, भिलाईखुर्द, बरबसपुर, कर्रानाला, मानिकपुर, रूमगरा, ढेलवाडीह, खरमोरा, दादरखुर्द, बेलगिरी बस्ती में निवासरत नागरिकों को पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने के साथ-साथ निचले स्तर पर स्थित बस्तियों जहॉं पर लो प्रेशर के फलस्वरूप पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही थी, उन समस्त स्थानों में निर्वाध पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी तथा नगर निगम कोरबा क्षेत्र की लगभग 60 हजार जनसंख्या इस कार्य से लाभान्वित होंगे। आज इमलीडुग्गू गौमाता चौक में आयोजित भूमिपूजन कायक्रम के दौरान इस महत्वपूर्ण विकास कार्य का भूमिपूजन उद्योग मंत्री लखनलाल देवंागन व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के हाथों सम्पन्न किया गया। जिला खनिज न्यास की बड़ी सौगात दी प्रधानमंत्री मोदी ने  इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हम सबको जिला खनिज न्यास मद के रूप में एक बड़ी सौगात दी है, जिसके परिणाम स्वरूप जिलों में अरबों रूपये के विकास कार्य इस मद के अंतर्गत हो रहे हैं, उन्होने कहा कि आज जिस महत्वपूर्ण पेयजल योजना विस्तार कार्य का शुभारंभ किया गया है, वह भी जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृत हुआ है। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच है कि हर व्यक्ति के पास पक्का मकान हों, हर घर में बिजली की सुविधा व शौचालय हों, हर घर तक पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हों, और इन्ही सब का परिणाम है कि आज इस दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य हो रहे हैं। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश में दर्जनों जनकल्याणकारी व गरीब हितैषी योजनाएं संचालित हो रही हैं, जिसके परिणाम स्वरूप लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठ रहा है, उनकी समस्याएं दूर हो रही हैं। अब नहीं होगी बस्तियों में पानी की किल्लत   इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज इस महत्वपूर्ण कार्य का भूमिपूजन किया गया है, इस कार्य के पूर्ण हो जाने के पश्चात निगम क्षेत्र की ऐसी बस्तियों जहॉं पानी की किल्लत थी तथा पानी की कम आपूर्ति होती थी, वहांॅ पर पर्याप्त पानी की आपूर्ति हो सकेगी तथा पानी की किल्लत दूर होगी। महापौर श्रीमती राजपूत ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में देश व प्रदेश का चहुमुंखी विकास हो रहा है, वहीं कोरबा के विकास के लिये उपमुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन का भरपूर आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है।  पेयजल व्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगा, यह कार्य   इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पेयजल योजना विस्तार का यह कार्य निगम की पेयजल व्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगा तथा आमनागरिकों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। उन्होने कहा कि विगत 12 साल में केन्द्र सरकार के द्वारा देश व प्रदेश का तेजी से विकास किया गया है, 12 साल में लाखों किलोमीटर सड़कें बन चुकी हैं, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आयें हैं तथा 50 करोड़ लोगों का आयुष्मान योजना में निःशुल्क इलाज हो रहा है।  भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी केसाथ ही पार्षद अशोक चावलानी, नरेन्द्र देवांगन, एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, फिरतराम साहू, उर्वशी राठौर, अजय गोंड़, सरोज शंाडिल्य, अजय कुमार चन्द्रा, पार्षद रूबीदेवी सागर, धनसाहू, युगल कैवर्त, सुनीता चौहान, सुलोचना यादव, राधा महंत, राकेश वर्मा, सीमा कंवर, उपेन्द्र पटेल, ईश्वर पटेल, प्रताप सिंह कंवर, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, महामंत्री अजय विश्वकर्मा, सुफलदास महंत, दिनेश शर्मा, सुकेश दलाल, विनय जायसवाल, प्रदीप मजूमदार, राकेश खरे, आत्माराम गंर्धव, रितू जायसवाल, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, मनोज सिंह राजपूत, अनिल यादव आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

फतेहगढ़ साहिब में मानवता की मिसाल, SSP शुभम अग्रवाल ने धूप में राहगीरों की बुझाई प्यास

फतेहगढ़ साहिब  गर्मी के मौसम के मद्देनजर सरहिंद के ज्योति स्वरूप मोड़ के पास हर साल की तरह इस साल भी फतेहगढ़ साहिब पुलिस द्वारा धार्मिक और सामाजिक सेवा कार्य का आयोजन किया गया। इस धार्मिक समागम के दौरान सबसे पहले श्री सुखमनी साहिब जी के पाठ के भोग डाले गए, जिसमें भारी संख्या में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने शामिल होकर सरबत के भले के लिए अरदास की। पाठ की समाप्ति के उपरांत भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए राहगीरों के लिए ठंडे-मीठे पानी और चने की छबील लगाई गई। इस मौके पर विशेष रूप से पहुंचे फतेहगढ़ साहिब के जिला पुलिस प्रमुख (एसएसपी) शुभम अग्रवाल ने खुद श्रद्धालुओं और राहगीरों को ठंडा-मीठा जल और प्रसाद वितरित कर सेवा की। मीडिया से बातचीत करते हुए जिला पुलिस प्रमुख ने बताया कि यह सारा आयोजन समूह एसपी, डीएसपी और पुलिस मुलाजिमों के आपसी सहयोग से किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा यह आयोजन हर साल निरंतर श्रद्धापूर्वक किया जाता है ताकि परमात्मा की कृपा से पूरे राज्य और जिले में अमन, सुख-शांति, समृद्धि और आपसी भाईचारा हमेशा बना रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ड्यूटी के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक कार्यों में योगदान देना भी उनका मुख्य कर्तव्य है। इस अवसर पर पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिन्होंने पुलिस के इस मानवीय प्रयास की सराहना की।  

झारखंड का कृषि मेला शुरू, किसान सीखेंगे नई तकनीक और आधुनिक खेती के तरीके

रांची  राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाले भव्य कृषि-व्यापार मेले की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं. झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री ने सोमवार को खुद मोरहाबादी मैदान पहुंचकर मेले की तैयारियों का जमीनी जायजा लिया. यह महत्वपूर्ण मेला मंगलवार (16 जून) से शुरू हो रहा है और आगामी 18 जून तक चलेगा. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने विभाग के सचिव अबु बक्कर सिद्दीख, गोपाल जी तिवारी, कृषि निदेशक बिद्यानंद शर्मा पंकज, मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार, समेति निदेशक विकास कुमार और अन्य वरीय अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर सुरक्षा, स्टॉल और आगंतुकों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की. अधिकारियों को निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि मेले की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और किसानों और आम आगंतुकों की सुविधा के लिए हर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. आधुनिक तकनीकों से सीधे जुड़ेंगे झारखंड के किसान तीन दिनों तक चलने वाला यह मेला राज्य के कृषि, तकनीक और व्यापार के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा. मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार किसानों की आय को दोगुना करने और कृषि व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. यह मेला राज्य के किसानों को नई तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों, नवीन नवाचारों और बाजार की नई संभावनाओं से परिचित कराने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करेगा. यहां किसान देश भर से आने वाले कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे. मंत्री ने राज्य के सभी किसान भाई-बहनों, कृषि उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), कृषि स्टार्टअप्स और इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं. हर दिन होंगे तकनीकी सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस तीन दिवसीय मेले को ज्ञानवर्धक और आकर्षक बनाने के लिए कई विशेष इंतजाम किए गए हैं. मेले के दौरान प्रतिदिन विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र और परिचर्चा (सेमिनार) का आयोजन किया जाएगा. इन ज्ञानवर्धक सत्रों में देश के कोने-कोने से आए नामचीन कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे और किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफे की खेती के गुर सिखाएंगे. इसके साथ ही, दर्शकों के मनोरंजन के लिए हर शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा. इस मेले की सबसे खास बात यह है कि इसमें राज्य के सभी 24 जिलों से किसान प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, ताकि वे यहां से सीखी गई आधुनिक तकनीकों को अपने-अपने क्षेत्रों के अन्य किसानों तक पहुंचा सकें.

वास्तु के अनुसार किस दिशा में सोना है सबसे सही? जानिए पूरा नियम

क्या आपने कभी सोचा है कि सोते समय आपके सिर और पैरों की दिशा क्या होनी चाहिए? हम रोज की जिंदगी में सोते हैं, जागते हैं, खाना खाते हैं और फिर सो जाते हैं. लेकिन अक्सर इस बात पर ध्यान नहीं देते कि हमारी सोने की दिशा भी हमारे स्वास्थ्य और ऊर्जा पर असर डालती है. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र का नजरिया ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिस दिशा में हम अपने पैर रखते हैं, उसी दिशा में ऊर्जा का प्रवाह होता है. इसलिए सही दिशा में सोना बेहद जरूरी माना गया है. आपको हमेशा अपने सिर को दक्षिण दिशा की ओर और पैरों को उत्तर दिशा की ओर करके सोना चाहिए. इसका कारण यह है कि पृथ्वी की चुंबकीय तरंगें उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर प्रवाहित होती हैं. जब हम इसी दिशा के अनुरूप सोते हैं, तो शरीर और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहता है. इस दिशा में सोने से सुख-समृद्धि, सेहत और आयु में वृद्धि होती है. वास्तु शास्त्र में दिशाओं के देवताओं का विशेष महत्व है. दक्षिण दिशा को 'यम' (मृत्यु और न्याय के देवता) और 'पितरों' की दिशा माना गया है. वहीं, उत्तर दिशा को 'कुबेर' (धन के देवता) की दिशा माना जाता है. जब हम दक्षिण की तरफ सिर करके सोते हैं, तो हमारे पैर उत्तर यानी कुबेर की दिशा की तरफ होते हैं. शास्त्र कहते हैं कि सोते समय पैरों के जरिए सकारात्मक ऊर्जा शरीर में प्रवेश करती है. कुबेर की दिशा से आने वाली ऊर्जा जब पैरों के माध्यम से शरीर में जाती है, तो यह व्यक्ति की बुद्धि, स्वास्थ्य और समृद्धि को बढ़ाती है. यही कारण है कि इस दिशा में सोने वाले घरों में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है और अकाल मृत्यु का भय टल जाता है. पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र और हमारा शरीर हमारी पृथ्वी एक बहुत बड़े चुंबक (Giant Magnet) की तरह काम करती है. इसका अपना एक चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) है, जिसमें चुंबकीय तरंगें लगातार उत्तर ध्रुव (North Pole) से दक्षिण ध्रुव (South Pole) की ओर प्रवाहित होती हैं. ठीक इसी तरह, मानव शरीर का भी अपना एक चुंबकीय प्रवाह होता है. हमारा सिर 'उत्तरी ध्रुव' और पैर 'दक्षिणी ध्रुव' की तरह काम करते हैं. तो हमारे शरीर का चुंबकीय प्रवाह और पृथ्वी का चुंबकीय प्रवाह एक ही दिशा में आ जाते हैं. इससे प्रकृति और शरीर के बीच एक बेहतरीन संतुलन (Harmony) बनता है. इस दिशा में सोने से हमारे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन (रक्त प्रवाह) बिल्कुल सामान्य रहता है. दिल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता, जिससे हार्ट हेल्थ अच्छी रहती है और सुबह उठने पर व्यक्ति खुद को ऊर्जावान महसूस करता है. गलत दिशा में सोने के गंभीर नुकसान यदि आप इसके विपरीत, यानी उत्तर दिशा में सिर करके सोते हैं, तो विज्ञान और वास्तु दोनों इसे बेहद खतरनाक मानते हैं. जब शरीर का उत्तरी ध्रुव (सिर) और पृथ्वी का उत्तरी ध्रुव एक साथ आते हैं, तो वे एक-दूसरे को ढकेलते हैं . इस खिंचाव के कारण शरीर का खून दिमाग की तरफ तेजी से भागता है. चूंकि दिमाग की नसें बहुत पतली होती हैं, इसलिए इस दिशा में लंबे समय तक सोने से अनिद्रा, डरावने सपने आना, लगातार सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और भविष्य में ब्रेन हैमरेज या पैरालिसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. जीवन में सफलता का आधार है 'सही नींद' आप जीवन में कितना कमाएंगे, आपका करियर कैसा रहेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका दिमाग कितना शांत और एक्टिव है. दक्षिण दिशा में सिर रखकर सोने से मिलने वाली गहरी नींद (Deep Sleep) आपके मानसिक तनाव को जड़ से खत्म करती है. जब आप सुबह बिना किसी भारीपन के उठते हैं, तो आपकी कार्यक्षमता (Productivity) दोगुनी हो जाती है.

गुरु का पुष्य नक्षत्र गोचर, 4 राशियों की बदलेगी किस्मत

 18 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति का शनि के स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र में प्रवेश ज्योतिषीय दृष्टिकोण से एक बेहद महत्वपूर्ण घटना है. पुष्य को नक्षत्रों का राजा माना जाता है, जो पोषण, समृद्धि और विकास का प्रतीक है. गुरु और पुष्य नक्षत्र का यह संयोग कई राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा. पुष्य नक्षत्र में गुरु का गोचर शुभ कार्यों, निवेश और नए बदलावों के लिए एक अत्यंत पवित्र समय माना जाता है. इन चार राशियों के जातकों को इस सकारात्मक ऊर्जा का लाभ उठाने के लिए अपने प्रयासों को और तेज कर देना चाहिए. इस गोचर से मुख्य रूप से 4 राशियों के जीवन में बड़ा और सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है. आइए जानते हैं वे भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं. मेष राशि (Aries) गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन मेष राशि के जातकों के लिए आर्थिक और व्यावसायिक मोर्चे पर सुनहरे अवसर लेकर आएगा. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई नौकरी के बेहतरीन ऑफर मिल सकते हैं. व्यावसायिक क्षेत्र में अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे. आय के नए स्रोत बनेंगे. पुराना फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है. निवेश के लिए यह समय बेहद अनुकूल है. समाज और कार्यस्थल पर आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि वालों के लिए यह गोचर मानसिक शांति और पारिवारिक खुशहाली लेकर आ रहा है. परिवार में चल रहे आपसी मतभेद समाप्त होंगे और सौहार्द बढ़ेगा. मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है. छात्रों और ज्ञानार्जन से जुड़े लोगों के लिए यह समय वरदान साबित होगा. आपकी निर्णय क्षमता और बौद्धिक कौशल की सराहना होगी. लंबे समय से चली आ रही किसी स्वास्थ्य समस्या से राहत मिलने के योग हैं. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु का पुष्य नक्षत्र में जाना भाग्य में वृद्धि और आत्मविश्वास की सौगात लाएगा. लंबे समय से रुके हुए प्रोजेक्ट्स और सरकारी काम इस अवधि में बिना किसी बाधा के पूरे हो जाएंगे. आपका झुकाव धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की तरफ बढ़ेगा, जिससे मानसिक सुकून मिलेगा. व्यापार या शिक्षा के सिलसिले में की गई यात्राएं अत्यधिक लाभकारी और सुखद रहेंगी. तुला राशि (Libra) तुला राशि वालों के लिए यह गोचर भौतिक सुख-सुविधाओं और करियर में स्थिरता लाने वाला रहेगा. नया मकान, जमीन या वाहन खरीदने के प्रबल योग बन रहे हैं. पैतृक संपत्ति से भी लाभ हो सकता है. यदि आप बिजनेस पार्टनरशिप में हैं, तो आपसी तालमेल बेहतर होगा और मुनाफा बढ़ेगा. जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे और उनका भरपूर सहयोग मिलेगा.

सामाजिक सुरक्षा एवं मुख्यमंत्री पेंशन योजनाओं से जरूरतमंदों को मिल रहा संबल

महासमुंद जिले के 53 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिली पेंशन राशि सामाजिक सुरक्षा एवं मुख्यमंत्री पेंशन योजनाओं से जरूरतमंदों को मिल रहा संबल वृद्धजन, विधवा एवं दिव्यांग हितग्राहियों को लंबित पेंशन राशि का भी किया गया भुगतान रायपुर,  छत्तीसगढ़ राज्य में सामाजिक सुरक्षा और मुख्यमंत्री पेंशन योजनाएं वृद्धों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभर रही हैं । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार द्वारा दी जा रही पेंशन से जरूरतमंदों को महंगाई के इस दौर में सम्मानजनक जीवन जीने की वास्तविक सुविधा मिल रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सहायता एवं पेंशन योजनाओं के माध्यम से महासमुंद जिले के हजारों जरूरतमंद हितग्राहियों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा योजना और मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत कुल 53 हजार 561 हितग्राहियों को पेंशन राशि का भुगतान किया गया है। राज्य शासन की योजनाओं से मिल रहा आर्थिक सहयोग           महासमुंद जिले के उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह ने बताया कि राज्य शासन द्वारा संचालित पेंशन योजनाओं के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 24 हजार 253, सुखद सहारा योजना के 9 हजार 76 तथा मुख्यमंत्री पेंशन योजना के 20 हजार 232 हितग्राहियों को अप्रैल 2026 तक की पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है। इन योजनाओं के माध्यम से वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं और अन्य पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनके जीवनयापन में सहूलियत मिल रही है। केंद्रीय पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी मिला लाभ          समाज कल्याण विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी लंबित पेंशन राशि का भुगतान किया गया है। तकनीकी प्रक्रिया के कारण हुई थी देरी          भारत सरकार द्वारा नवीन एसएनए-एस्पर्श प्रणाली लागू किए जाने के कारण पेंशन भुगतान में कुछ समय के लिए विलंब की स्थिति बनी थी। अब प्रक्रिया सुचारु होने के बाद पात्र हितग्राहियों को अप्रैल 2026 तक की पेंशन राशि जारी कर दी गई है। 42 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला भुगतान          केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 32 हजार 52, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 9 हजार 469 तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के 945 हितग्राहियों को पेंशन राशि का भुगतान किया जा चुका है। सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल           सामाजिक सहायता योजनाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। नियमित पेंशन भुगतान से वृद्धजन, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को सम्मानपूर्वक जीवनयापन में सहायता मिल रही है। शासन की इन योजनाओं से हजारों परिवारों को सामाजिक और आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है।

परीक्षा सुरक्षा के मद्देनज़र टेलीग्राम पर केंद्र सरकार की अस्थायी रोक, RE-NEET बना कारण

नई दिल्ली National Testing Agency यानी NTA ने भारत में टेलीग्राम (Telegram) प्लेटफॉर्म को लेकर जारी किए गए सरकारी निर्देशों का स्वागत किया है. NTA के अनुसार उसकी सिफारिश पर भारत सरकार ने Telegram के खिलाफ दो अहम निर्देश जारी किए हैं. पहला निर्देश Information Technology Act 2000 की धारा 69A के तहत जारी किया गया है, जिसके तहत भारत में Telegram App पर 22 जून 2026 तक अस्थायी रोक लगाई गई है. दूसरा निर्देश Telegram को भारत में पहले से पोस्ट किए गए संदेशों के Message Editing Feature को 30 जून 2026 तक बंद करने के लिए दिया गया है. NTA ने कहा कि यह कदम छात्रों के हित में उठाया गया है. फैसला NEET की परीक्षा के मद्देनजर लिया गया है।  Telegram पर पहला निर्देश NTA के अनुसार Information Technology Act 2000 की धारा 69A के तहत Telegram प्लेटफॉर्म तक भारत में पहुंच को सीमित करने का निर्देश जारी किया गया है. यह प्रतिबंध 22 जून 2026 तक लागू रहेगा. इस अवधि में NEET UG 2026 Re-Examination का दिन और उसके तुरंत बाद का समय शामिल है।  Message Editing Feature पर भी निर्देश सरकार ने Telegram को भारत में पहले से पोस्ट किए गए संदेशों के Message Editing Feature को 30 जून 2026 तक बंद करने का निर्देश दिया है. NTA के अनुसार यह कदम उस विशेष फीचर को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिसके जरिए राष्ट्रीय परीक्षाओं में घटना के बाद फर्जी Paper Leak के सबूत तैयार किए गए।  '30 जून तक बंद रहेगा मैसेज एडिटिंग फीचर' एजेंसी ने आगे कहा, "निर्देश में प्लेटफॉर्म से कहा गया है कि वह भारत में पहले से पोस्ट किए गए मैसेज के लिए 'मैसेज-एडिटिंग' फीचर को एक तय समय (30 जून 2026) तक बंद कर दे। यह कदम उस खास फीचर को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जिसका इस्तेमाल राष्ट्रीय परीक्षाओं के संबंध में घटना के बाद 'पेपर लीक' के सबूत गढ़ने के लिए किया जाता रहा है।" एनटीए ने छात्रों से की ये अपील एनटीए ने कहा कि मैसेज एडिट करने पर रोक का मकसद यह था कि यूजर्स पुराने मैसेज में बदलाव करके और ओरिजिनल टाइमस्टैम्प बनाए रखकर पेपर लीक के झूठे सबूत न बना सकें। एजेंसी ने माना कि इन पाबंदियों से टेलीग्राम के असली यूजर्स को परेशानी होगी, लेकिन कहा कि ये उपाय कुछ समय के लिए ही हैं और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए जरूरी हैं। एजेंसी ने फिर से कहा कि NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा तय समय के अनुसार 21 जून को ही होगी और उम्मीदवारों से अपील की कि वे अपडेट के लिए सिर्फ एनटीए के आधिकारिक चैनलों पर ही भरोसा करें। एनटीए ने बताया किस वजह से टेलीग्राम पर लगाई गई रोक एनटीए का मानना है कि परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्रों, अफवाहों, फर्जी सूचनाओं के प्रसार को रोकने में यह फैसला मददगार साबित होगा। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एनटीए के अनुसार, हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के दौरान सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से गलत सूचनाओं और परीक्षा सामग्री के कथित प्रसार की घटनाएं सामने आई थीं। ऐसे में एहतियाती कदम के तौर पर यह फैसला लिया गया है। पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से एनटीए ने अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत सूचना माध्यमों पर ही भरोसा करें तथा किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह से बचें। टेलीग्राम की संदेश संपादित करने की सुविधा पर 30 जून तक रहेगी रोक एनटीए द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 की धारा 69ए के तहत टेलीग्राम पर अस्थायी रूप से रोक लगाई गई है और यह रोक 22 जून 2026 तक जारी रहेगी। एक अन्य आदेश के तहत टेलीग्राम को भारत में पहले से भेजे गए संदेशों को संपादित (Edit) करने की सुविधा 30 जून 2026 तक बंद करनी होगी। इसका उद्देश्य उस सुविधा का दुरुपयोग रोकना है, जिसके जरिए राष्ट्रीय परीक्षाओं के बाद नकली पेपर लीक के सबूत तैयार किए जाते थे। इन दोनों कदमों का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और उन संगठित गिरोहों पर रोक लगाना है जो NEET (UG) 2026 की पुनः परीक्षा देने वाले छात्रों को धोखा देने के लिए टेलीग्राम का उपयोग कर रहे थे।  NTA ने क्या कहा NTA ने कहा कि दोनों कदम Public Order के हित में उठाए गए हैं. NTA के अनुसार NEET UG 2026 Re-Examination में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के साथ धोखाधड़ी करने के लिए संगठित Cheating Rackets द्वारा Telegram प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था।  NTA ने मंत्रालय का जताया आभार NTA ने Ministry of Electronics and Information Technology का धन्यवाद किया. NTA ने कहा कि छात्रों के हित में उठाया गया यह समय पर लिया गया कदम 21 जून 2026 को NEET UG 2026 Re-Examination को सुरक्षित और संरक्षित तरीके से आयोजित करने में मदद करेगा। 

US-ईरान समझौते के बीच पाकिस्तान को इजरायल ने दिखाया आईना, राजदूत बोले- भरोसे लायक नहीं

यरुशलम अमेरिका और ईरान के बीच हुआ शांति समझौता पश्चिम एशिया की जियोपॉलिटिक्स को बदल रहा है. इजरायल इस समझौते से खुश नहीं है. इस समझौते में पाकिस्तान ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई है. इस पर भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने शांति की कोशिशों में पाकिस्तान की किसी भी भूमिका की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने साफ कहा कि इजरायल, पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करता।  न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए अजार ने कहा कि 'मैंने कई इंटरव्यू में यह बात कही है. हम पाकिस्तानियों पर भरोसा नहीं करते. मुझे लगता है कि उनका व्यवहार निंदनीय रहा है. जैसे- इजरायल के प्रति उनका रवैया, उनके रक्षा मंत्री की यहूदी-विरोधी टिप्पणियां वगैरह. इसलिए इसमें कुछ भी नया नहीं है।  उनकी यह टिप्पणी तब आई है, जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि इजरायल और पाकिस्तान के बीच राजनयिक संबंध न होने के बावजूद पाकिस्तान इस क्षेत्र में भूमिका निभा सकता है।  इजरायल और पाकिस्तान के बीच रिश्ते हमेशा से कड़वाहट भरे रहे हैं. दोनों के बीच अप्रैल में तनाव तब बढ़ गया था जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को बुरा और मानवता के लिए अभिशाप बता दिया था. आसिफ ने इजरायल को 'कैंसर' तक कह दिया था और इजरायलियों के लिए 'नरक में जलने' की दुआ की थी. इसके जवाब में इजरायल ने ख्वाजा आसिफ के बयान को 'बेहद आपत्तिजनक' बताया था और निष्पक्ष मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे।  इंटरव्यू के दौरान रूवेन अजार ने अमेरिका-ईरान डील में लेबनान के शामिल होने की बात को भी खारिज कर दिया. उन्होंने दावा किया कि ये डील स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए हुई है. उन्होंने कहा कि हमारे पास जो जानकारी है, उससे लगता है कि सबसे जरूरी बात होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की है. टोल वसूलने या अमेरिका से मुआवजा पाने जैसी उनकी सारी कल्पनाएं अब खत्म हो चुकी हैं।  उन्होंने दावा करते हुए कहा कि 'लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है. लेबनान के भविष्य का फैसला लेबनान की सरकार को करना है, जो इस समय इजरायल के साथ शांति समझौते पर बातचीत कर रही है.' उन्होंने कहा, 'हमारे रक्षा मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि हम लेबनान समेत अपने सभी बफर जोन में बने रहेंगे और अपनी सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी होगा, वह करेंगे।  उन्होंने कहा कि हम हिज्बुल्लाह के इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने के लिए कार्रवाई जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि इजरायली कैबिनेट को समझौते की शर्तों को देखना होगा और तय करना होगा कि वह क्या करना चाहती है. उन्होंने साफ किया कि इजरायल इस समझौते का हिस्सा नहीं है। 

शराबबंदी पर सरकार सख्त: 100 से ज्यादा शराब माफियाओं की अवैध संपत्ति होगी जब्त

पटना बिहार में शराबबंदी और शराब माफिया दोनों ही अहम मुद्दा है। सरकार यह दावा करती रही है कि राज्य में कई सालों से लागू शराबबंदी को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए वो कटिबद्ध है। दूसरी तरफ शराब माफिया राज्य में शराबबंदी का माखौल बनाने में जुटे रहते हैं। पुलिस-प्रशासन समय-समय पर इन माफियााओं पर नकेल कसती है और माफियाओं को उनके अंजाम तक पहुंचाती है। अब सम्राट चौधरी सरकार ने शराब माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई का प्लान तैयार कर लिया है। जिसके तहत 100 से ज्यादा माफियाओं की संपत्ति जब्त कर ली जााएगी। बिहार में शराब से अवैध संपत्तियां बनाने वाले 127 माफिया को चिह्नित कर लिया गया है। मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने इन शराब माफिया की संपत्तियां जब्त करने को लेकर बीएनएसएस की धारा 107 के तहत न्यायालय को प्रस्ताव भेजा है। प्रत्येक माह औसतन 3,50,677 लीटर शराब बरामद की मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के डीआईजी अजय कुमार पांडेय ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि बिहार की विभिन्न जिलों की पुलिस ने 2026 में प्रत्येक माह औसतन 3,50,677 लीटर शराब बरामद की है, जो वर्ष 2025 के मासिक औसत (3,14,610 लीटर) से 11 फीसदी अधिक है। इसी तरह, मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने वर्ष 2026 में औसत प्रतिमाह 1,06,237 लीटर शराब बरामद की, जो वर्ष 2025 के मासिक औसत (85,645 लीटर) से 24 फीसदी अधिक है। 2026 में माह मई तक राज्य पुलिस द्वारा कुल 38,474 लीटर स्पिरिट जब्त की गयी है। मई महीने तक कुल छह ऑपरेशन चलाए गए मद्य निषेध डीआईजी ने यह भी बताया है कि शराब माफिया के खिलाफ 2026 में मई तक कुल छह ऑपरेशन चलाए गए। इनमें पांच ऑपरेशन यूपी में जबकि एक झारखंड में चला। इन ऑपरेशन में पांच करोड़ रुपये से अधिक की शराब और वाहन जब्त हुए। 57 हजार व्यक्तियों की मद्य निशेष अधिनियम के तहत गिरफ्तारी हुई डीआईजी ने इसके साथ ही यह भी जानकारी दी है कि इस साल अब तक 50 हजार से ज्यादा लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बिहार पुलिस ने इस साल मई तक 19,877 कारोबारी समेत कुल 57 हजार व्यक्तियों की मद्य निशेष अधिनियम के तहत गिरफ्तारी हुई है। इनमें 37,027 पीने वाले रहे। इस दौरान राज्य के अंदर से 569 कारोबारी जबकि अन्य राज्यों से पांच बड़े कारोबारी गिरफ्तार किए गए। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2016 से मई 2026 तक कुल बरामद शराब का 97 फीसदी हिस्सा नष्ट किया जा चुका है।

AI स्किल्स से लैस होंगे यूपी के युवा, रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

लखनऊ यूपी में कौशल विकास का प्रशिक्षण ले रहे डेढ़ लाख युवाओं को मुफ्त प्रोफेशनल एआई ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। उप्र कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) व आईबीएम स्किल फाउंडेशन के बीच एमओयू किया गया है। यूपीएसडीएम व दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के 1000 केंद्रों पर प्रशिक्षण ले रहे युवा इससे लाभान्वित होंगे। यूपीएसडीएम के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि आईबीएम स्किल फाउंडेशन के साथ हुए एमओयू का लाभ युवाओं को रोजगार हासिल करने में मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए मेगा जॉब फेयर लगाए जाएंगे और प्लेसमेंट ड्राइव भी चलाई जाएगी। प्रशिक्षण अवधि के दौरान ही रोजगार सहभागिता गतिविधियां आयोजित की जाएगी। जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को उद्योग जगत की कार्य प्रणाली, रोजगार बाजार व करियर के अवसरों को बेहतर ढंग से समझाया जाएगा। इंटरव्यू की भी कराएंगे तैयारी रोजगार आसानी से मिले इसके लिए उन्हें इंटरव्यू की तैयारी कराई जाएगी। करियर वर्कशॉप के माध्यम से संचार कौशल, पेशेवर व्यवहार, आत्मविश्वास व कार्यस्थल की अपेक्षाओं से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। युवाओं को सिर्फ पारंपरिक ज्ञान ही नहीं बल्कि एआई जैसी उभरती तकनीकी का ज्ञान देकर उन्हें दक्ष बनाया जाएगा। एमओयू कार्यक्रम के दौरान सोमवार को राजधानी स्थित यूपीएसडीएम मुख्यालय में एआई फॉर पब्लिक सर्विस एंड गुड गवर्नेंस कार्यशाला का आयोजन कर अधिकारियों व कर्मचारियों को एआई के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को 10 मानक लागू कर बनाया जाएगा निपुण वहीं, परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों को भी निपुण बनाने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा। 10 मानकों को लागू कर विद्यार्थियों को निपुण बनाया जाएगा। अभी प्री-प्राइमरी से कक्षा दो तक निपुण मिशन चलाया जा रहा था। अब इसका विस्तार किया जा रहा है। विद्यार्थियों के सामाजिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए कक्षा के वातावरण को सहज, सुरक्षित व सकारात्मक बनाया जाएगा। नियमित अभ्यास कार्य दिया जाएगा और उसके आधार पर फीडबैक लिया जाएगा, बच्चों की समझ को परखने के लिए शिक्षक यह देखेंगे कि वह कितना समझ पा रहे हैं और उनका नाम लेकर कक्षा में सवाल पूछे जाएंगे, बच्चों के सीखने के स्तर के नियमित आंकलन के साथ कमजोर बच्चों के लिए कैच-अप अभियान चलेगा, बच्चों को कक्षा में चर्चा में शामिल किया जाएगा, शिक्षण योजना ऐसी तैयार करनी होगी जिससे सीखने के समय को बढ़ाने में मदद मिले। शिक्षक बच्चों को स्वतंत्र रूप से लेखन के लिए अभ्यास कार्य देंगे, छोटे-छोटे छात्र समूह बनाकर उन्हें टास्क दिया जाएगा और गणित के कठिन सूत्रों को समझने के लिए टीएलएम का नियमित प्रयोग होगा। अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।