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बिजली बिल से मिलेगी राहत, 14 जून से शुरू होगी बिहार की सोलर रूफटॉप महायोजना

पटना  बिहार के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सम्राट सरकार एक बेहद शानदार और बड़ी राहत देने वाली योजना की शुरुआत करने जा रही है। राज्य के लाखों परिवारों को अब हर महीने भारी-भरकम बिजली बिल से पूरी तरह मुक्ति मिलने वाली है। सूबे के 10 लाख गरीब परिवारों (कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं) के घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप यानी सोलर प्लेट लगाने की महायोजना की शुरुआत 14 जून से होने जा रही है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद इस बेहद महत्वाकांक्षी योजना का भव्य उद्घाटन करेंगे। इस योजना के जमीन पर उतरते ही गरीब परिवारों के घरों में न सिर्फ मुफ्त बिजली की रोशनी जगमगाएगी, बल्कि राज्य में हरित ऊर्जा को भी एक नया और मजबूत पंख मिलेगा। पहले चरण में ढाई लाख घरों पर लगेंगी सोलर प्लेट इस योजना को लेकर ऊर्जा विभाग ने अपनी सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी तरह से पूरी कर ली हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस महाअभियान की शुरुआत पहले चरण में 2.50 लाख गरीब परिवारों के घरों की छतों पर सोलर प्लेट लगाने से होगी। इन ढाई लाख परिवारों के घरों को सौर ऊर्जा से लैस करने के लिए सरकार कुल 1512 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करने जा रही है। केंद्र सरकार की लोकप्रिय 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत इस पूरी स्कीम को जमीन पर उतारा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, एक घर की छत पर लगने वाले इस सोलर रूफटॉप से करीब 1.1 किलोवाट बिजली का बंपर उत्पादन होगा, जो एक गरीब परिवार की दैनिक जरूरतों के लिए पूरी तरह पर्याप्त होगा। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल का बड़ा एलान बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने इस योजना के भविष्य के रोडमैप का खुलासा करते हुए बताया कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों के भीतर सूबे के करीब 58 लाख गरीब परिवारों के घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप लगाने का एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में एक परिवार के घर की छत पर इस पूरे सिस्टम को इंस्टॉल करने में लगभग 60 हजार रुपये की राशि का खर्च आएगा। ऊर्जा मंत्री ने याद दिलाया कि इससे पहले 'जल-जीवन-हरियाली अभियान' के तहत बिहार के सभी प्रमुख सरकारी भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाकर बिजली उत्पादन का काम पहले ही सफलतापूर्वक शुरू किया जा चुका है। अब इसी कड़ी में आम और गरीब जनता को सीधे तौर पर इस मुफ्त बिजली क्रांति से जोड़ा जा रहा है।

सिर्फ पानी से बाल धोना कितना सही? जानें ‘नो-शैम्पू’ ट्रेंड के फायदे और नुकसान

बिना शैंपू के सिर्फ पानी से बाल धोना (Water-Only Hair Washing) आजकल एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है, जिसे 'नो-शू मूवमेंट' भी कहा जा रहा है. लोग केमिकल से बचने के लिए इसे अपना रहे हैं, लेकिन क्या यह वाकई बालों के लिए फायदेमंद है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ पानी से सिर धोने से धूल-मिट्टी तो साफ हो सकती है, लेकिन बालों में जमा एक्स्ट्रा ऑयल (Sebum) और डर्ट पूरी तरह साफ नहीं होते. ऑयल और पानी का कॉम्बिनेशन न मिलने के कारण स्कैल्प पर चिपचिपाहट बनी रहती है, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है.   क्या कहते हैं विदेशी एक्सपर्ट्स और रिसर्च? हेल्थलाइन के अनुसार, शैंपू न लगाने से स्कैल्प के नेचुरल ऑयल्स सुरक्षित रहते हैं जिससे बाल कम ड्राई होते हैं. लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि पानी अकेले तेल को ब्रेकडाउन नहीं कर सकता. बालों में जमा नेचुरल ऑयल (सीबम) और हेयर प्रोडक्ट्स के केमिकल पानी से नहीं निकलते. इसके लिए शैंपू में मौजूद सर्फेक्टेंट्स यानी क्लींजिंग एजेंट्स की जरूरत होती है. सिर्फ पानी से बाल धोने के फायदे हेल्थकेयर रिसर्च फर्म Hims के मुताबिक, अगर आप बिना शैंपू के बाल धोते हैं तो इसके कुछ फायदे भी हैं. केमिकल्स से बचाव: शैंपू में मिलने वाले सल्फेट और पैराबेंस जैसे हार्ड केमिकल्स से बाल बच जाते हैं. कम ड्राइनेस: जो लोग बहुत ज्यादा शैंपू करते हैं, उनके बाल रूखे हो जाते हैं. पानी से धोने पर बालों की नेचुरल नमी बनी रहती है. सस्ता ऑप्शंस: यह पूरी तरह से फ्री है और प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल कम होने से पर्यावरण को भी फायदा होता है. स्कैल्प इन्फेक्शन और डैंड्रफ का खतरा सिर्फ पानी के इस्तेमाल से फायदे कम और नुकसान ज्यादा हो सकते हैं. हेयर केयर और ट्राइकोलॉजी एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब बालों से तेल साफ नहीं होता तो स्कैल्प के पोर्स बंद हो जाते हैं. इससे स्कैल्प पर गंदगी जमा होने लगती है जो आगे चलकर डैंड्रफ, तेज खुजली और हेयर फॉल का कारण बन सकती है. जिन लोगों के बाल पतले या बहुत ऑयली हैं उनके बाल सिर्फ पानी से धोने पर ज्यादा चिपचिपे और बेजान दिखने लगते हैं. क्या है सही तरीका? एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि आपको पूरी तरह शैंपू बंद करने की जरूरत नहीं है. आप हफ्ते में 1 या 2 बार माइल्ड या सल्फेट-फ्री शैंपू का इस्तेमाल कर सकते हैं. बीच के दिनों में बालों को फ्रेश रखने के लिए केवल सादे पानी से रिंस (Rinse) किया जा सकता है. इससे बालों का नेचुरल ऑयल बैलेंस भी नहीं बिगड़ेगा और स्कैल्प भी पूरी तरह क्लीन और हेल्दी रहेगी.

रवि किशन का रिएक्शन: रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ से फिर चर्चा में आई पुरानी भोजपुरी फिल्म

आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी रणवीर सिंह स्टारर फिल्म धु्रंधर के दोनों पार्ट पर दुनियाभर के लोगों ने जमकर प्यार लुटाया. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर चुन-चुनकर रिकॉर्ड तोड़ डाले. अब इस फिल्म के बीच एक्टर रवि किशन की भी मौज हो गई. इसके पीछे की वजह खुद एक्टर ने बताई है. दरअसल साल 2014 में आई रवि किशन की फिल्म 'धुरंधर: द शूटर', रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर के आने के बाद से अचानक सुर्खियों में आ गई. उस दौरान भोजपुरी 'धुरंधर' के सीन सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे थे. लोगों ने तो इसे ही बॉलीवुड की धुरंधर का रीमेक तक बता दिया. अब इस पर रवि किशन ने रिएक्ट किया है. रवि किशन ने क्या कहा? धमाल 4 के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान रवि किशन से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह मुस्कुराते हुए अपनी बात रखी. रवि किशन ने अपने खास और देसी अंदाज में जवाब देते हुए कहा, 'हां भाई, मुझे इस बात की पूरी खबर है. मेरी जिंदगी में ऐसी धमाकेदार और अजीबोगरीब चीजें अक्सर होती रहती हैं.' उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने बहुत पहले 'धुरंधर' नाम की फिल्म में काम किया था और उसका जोन भी कुछ वैसा ही था, जैसी 2025-26 में आई बॉलीवुड वाली 'धुरंधर' है. हालांकि, उनकी फिल्म भोजपुरी में थी और उसे एक सीमित बजट के साथ बनाया गया था. हंसते हुए रवि किशन ने आगे कहा कि आज के समय में बॉलीवुड की 'धुरंधर' को ढूंढने के चक्कर में या फिर उस फिल्म की जबरदस्त लहर की वजह से लोगों ने उनकी पुरानी भोजपुरी 'धुरंधर' को भी पूरा देख डाला. इसके लिए उन्होंने दर्शकों का हंसते हुए शुक्रिया अदा किया. मजाकिया लहजे में चुटकी लेते हुए रवि किशन बोले, 'मेरी इस फिल्म के जो प्रोड्यूसर्स और राइट्स होल्डर्स हैं, वो तो इस चक्कर में रातोरात अचानक करोड़पति बन गए हैं.' बता दें कि भोजपुरी फिल्म धुरंधर: द शूटर को दीपक तिवारी ने डायरेक्ट किया था. इसमें रवि किशन ने पुलिस ऑफिसर का रोल किया था. उनके किरदार का नाम रणवीर था. धमाल 4 का ट्रेलर हुआ रिलीज बीते दिन मुंबई के पास एक एम्यूजमेंट पार्क में जब फिल्म 'धमाल 4' के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान मूवी की स्टारकास्ट जुटी. इस खास मौके पर अजय देवगन, अरशद वारसी, जावेद जाफरी, उपेंद्र लिमये और मशहूर भोजपुरी सुपरस्टार रवि किशन के साथ-साथ बाल कलाकार रियांश डाभी और अक्षरा पडवाल भी मौजूद रहे. फिल्म के प्रोड्यूसर भूषण कुमार, अशोक ठकेरिया और डायरेक्टर इंद्र कुमार ने भी इस इवेंट में शिरकत की. फिल्म 10 जुलाई को रिलीज होने वाली है.

माता वैष्णो देवी यात्रा होगी आसान, 16 जून से दोबारा पटरी पर लौटेगी वंदे भारत एक्सप्रेस

अमृतसर अमृतसर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस 16 जून से दोबारा शुरू होने जा रही है। करीब सात महीने के अंतराल के बाद ट्रेन सेवा बहाल होने से श्रद्धालुओं और यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। गुरदासपुर और बटाला से होकर जाएगी रेलवे प्रशासन ने ट्रेन का नया रूट और समय-सारिणी भी जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत ट्रेन अब गुरदासपुर और बटाला होकर संचालित होगी। इससे इन क्षेत्रों के यात्रियों को भी सीधे वंदे भारत सेवा का लाभ मिलेगा। रेलवे ने ट्रेन का साप्ताहिक अवकाश दिवस भी बदल दिया है। अब यह ट्रेन शनिवार को नहीं चलेगी और सप्ताह में छह दिन संचालित होगी।  पांच घंटे 35 मिनट में पहुंचाएगी कटरा रेलवे द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन संख्या 26405 अमृतसर से शाम 4:25 बजे रवाना होगी और रात 10 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 26406 कटरा से सुबह 6:40 बजे प्रस्थान कर दोपहर करीब 12:20 बजे अमृतसर पहुंचेगी। यात्रा का समय लगभग पांच घंटे 35 मिनट रहेगा।  नए रूट पर ट्रेन के प्रमुख ठहराव बटाला, गुरदासपुर, पठानकोट और जम्मू तवी स्टेशन होंगे। इससे पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा।  रेलवे अधिकारियों के अनुसार सेवा बहाल होने से माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। वंदे भारत एक्सप्रेस के दोबारा संचालन से अमृतसर, गुरदासपुर, बटाला और पठानकोट क्षेत्र के यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। आगामी यात्रा सीजन और धार्मिक पर्यटन को भी इससे बढ़ावा मिलेगा।

सोमवती अमावस्या 2026: स्नान-दान मुहूर्त, योग और शिव उपासना का विशेष महत्व

सोमवती अमावस्या बहुत ही चमत्कारी तिथि है. एक ऐसा दिन जब आप चंद्रमा के साथ-साथ भगवान शिव को भी प्रसन्न कर सकते हैं. महादेव और चंद्रमा का दिन होने की वजह से यह तिथि बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर किया गया व्रत दाम्पत्य सुख दिलाता है और जीवन में सफलता प्रदान करता है. इस दिन कुछ विशेष उपाय भी बताए गए हैं. अगर आपको 5 पत्तों वाला बिल्व पत्र मिल जाए, तो उनमें से तीन पत्रों पर "नमः शिवाय" और 108 बिल्व पत्रों पर "राम-राम" केसर और चंदन से लिखकर भगवान शिव के शिवलिंग का दिव्य श्रृंगार करें और महाभिषेक करें. ऐसा करने से आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. 5 पत्तों वाला बिल्व पत्र विशेष रूप से पूजनीय माना गया है, लेकिन चार पत्तों वाला बिल्व पत्र भी अत्यंत शुभ फल देता है. सोमवती अमावस्या स्नान-दान मुहूर्त द्रिक पंचांग के अनुसार, 15 जून यानी सोमवार के दिन सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी. सोमवती अमावस्या पर स्नान-दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 03 मिनट से लेकर सुबह 4 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. सोमवती अमावस्या शुभ योग इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण होने जा रहा है. जिसका मुहूर्त सुबह 5 बजकर 23 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 08 मिनट तक रहेगा. सोमवती अमावस्या महत्व शास्त्रों के अनुसार भी पूजा के अलग-अलग फल बताए गए हैं. पीले वस्त्र पहनकर पूजा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है, सफेद वस्त्र विद्या प्रदान करते हैं, लाल वस्त्र सिद्धियां दिलाते हैं, काले वस्त्र ग्रह बाधाओं से मुक्ति देते हैं और लक्ष्मी की प्राप्ति भी होती है. हालांकि, इन उपायों को किसी जानकार व्यक्ति के मार्गदर्शन में ही करना चाहिए. बिना सही जानकारी के मनमर्जी से साधना नहीं करनी चाहिए. सोमवती अमावस्या पूजन विधि शाम के समय स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. तुलसी के पौधे के नीचे गाय के घी का दीपक जलाएं और रोली, चावल, धूप-दीप से पूजा करें. पान के पत्ते पर धान और साबुत हल्दी रखकर तुलसी के पास अर्पित करें और तुलसी की परिक्रमा करें. "नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करते हुए धन प्राप्ति की कामना करें. उपाय सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या, यानी सोमवती अमावस्या के संयोग से सृष्टि में दिव्य ऊर्जा का संचार होता है. इस दिन सच्चे मन से की गई महादेव की उपासना जीवन के कष्टों को दूर कर देती है. यदि दाम्पत्य जीवन में समस्या है, तो इस दिन किए गए उपाय आपके लिए रामबाण साबित हो सकते हैं. पीपल के पेड़ की जड़ में जल और फूल अर्पित करें. उसकी 9 बार परिक्रमा करें और हर परिक्रमा के साथ पीपल पर पीला सूत लपेटें. इसके बाद हाथ जोड़कर प्रार्थना करें. सोमवती अमावस्या को पितरों की शांति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. इस दिन किए गए उपाय पितरों को प्रसन्न करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. साथ ही कुंडली में राहु के अशुभ प्रभाव को भी शांत किया जा सकता है. इसके लिए चावल, दूध और चीनी की खीर बनाएं. मिट्टी के बर्तन में खीर रखकर उसे दक्षिण दिशा की ओर रखें. "पितृभ्यो नमः" मंत्र का जाप करें और दक्षिण दिशा की ओर मुख करके प्रार्थना करें. बाद में खीर किसी जरूरतमंद को दान कर दें. इससे पितरों का आशीर्वाद मिलता है और राहु के दोष शांत होते हैं. अगर संभव हो तो इस दिन पीपल का पौधा लगाएं. इससे पितर अत्यंत प्रसन्न होते हैं. इसके अलावा मंत्र जाप, सिद्धि साधना, दान और मौन व्रत रखने से भी पुण्य की प्राप्ति होती है.

चुनावी तैयारियों में जुटी भाजपा, हाईकमान ने पंजाब नेताओं से मांगी रिपोर्ट; जल्द बनेगी नई रणनीति

चंडीगढ़  पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने भी अपनी चुनावी तैयारी और तेज कर दी है।  चुनाव से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की नई टीम फील्ड में उतरेगी जबकि सूबे के सीनियर भाजपा लीडर टीम की अगुवाई करेंगे। इसके अलावा सूबे में जल्द चुनावी कमेटियों का भी गठन किया जाएगा। शुक्रवार देर शाम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन व राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने पंजाब के वरिष्ठ नेताओं अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़, विधायक अश्वनी शर्मा, संगठन मंत्री श्री मंथरि श्री निवासलु, महासचिव अनिल सरीन, केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया, मनप्रीत बादल, विजय सांपला, सोम प्रकाश समेत अन्य के साथ दिल्ली में बैठक की। बताया जा रहा है कि बैठक में अमित शाह भी मौजूद थे। स्थानीय नेताओं से लिया फीडबैक इस बैठक में भाजपा नेताओं से पंजाब के सियासी हालातों पर फीडबैक लिया गया जबकि उन्हें सूबे में चुनावी तैयारियों को तेज करने के भी निर्देश दिए गए। सूत्र बताते हैं कि भाजपा हाईकमान ने माझा, दोआबा व मालवा में पार्टी की वर्तमान स्थिति, भाजपा के कैडर, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ इत्यादि विषयों पर चर्चा की। पंजाब भाजपा के नेताओं ने हाल ही में हुए निकाय चुनाव और गत वर्ष हुए पंचायत चुनाव में पार्टी की स्थिति के बारे में भी हाईकमान को बताया। चूंकि अब पंजाब को नए प्रदेशाध्यक्ष मिले हैं, इसलिए सभी जिलों में नई संगठनात्मक टीम भी तैयार करने पर बात हुई। वरिष्ठ नेताओं को निर्देशित किया गया कि वे अब फील्ड में पूरी तरह सक्रिय रहते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरें। चुनाव के मद्देनजर मेनिफेस्टो कमेटी के गठन पर भी विमर्श हुआ। चुनावी कमेटियों को जल्द गठित करने पर विचार हुआ ताकि वे जल्द अपना काम शुरू कर सकें। नबीन का पंजाब दाैरा अहम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 20 से 22 जून तीन दिन तक पंजाब में रहेंगे। वे यहां सूबे के व्यापारियों और कार्यकर्ताओं से मिलेंगे जबकि अमृतसर स्थित श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकेंगे। बताया जा रहा है कि वे प्रमुख डेरों के प्रतिनिधियों से भी मिल सकते हैं।  नितिन नबीन के पंजाब दौरे के बड़े सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। उनके दौरे की अंतिम रूपरेखा अभी तय की जा रही है। वे दुर्ग्याणा मंदिर में दर्शन करने के साथ-साथ जलियांवाला बाग में शहीदों को श्रद्धांजलि देने भी जा सकते हैं। वे सूबे में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे। 

21 जून 2026 से मंगल का वृषभ राशि में गोचर, सभी राशियों पर दिखेगा प्रभाव

 मंगल 21 जून 2026 को मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे और 4 अगस्त 2026 तक वृषभ राशि में ही रहेंगे. इस दौरान मंगल सभी 12 राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालेंगे. मंगल को ऊर्जा का कारक ग्रह माना जाता है और यह हमारे पराक्रम और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला ग्रह है. आइए जानते हैं कि मंगल के वृषभ राशि में गोचर का सभी राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा. मेष राशि मेष राशि वालों को इस गोचर से आर्थिक स्थिति सुधारने के अवसर मिलेंगे. आपकी मैनेजरियल स्किल बेहतर होगी. प्रॉपर्टी से जुड़े निर्णय इस दौरान ले सकते हैं. धन की स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होगी. खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है. परिवार में कम और संतुलित बातचीत करें. क्रोध और कठोर वाणी से बचें. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन गले से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान दें. उपाय: मंगलवार को हनुमान मंदिर जाएं, हनुमान चालीसा का पाठ करें और लाल मिठाई का प्रसाद बांटें. वृषभ राशि वृषभ राशि में ही मंगल का गोचर हो रहा है, जिससे आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा. मेहनत का फल मिलेगा और रुके काम पूरे होंगे. लीडरशिप क्वालिटी निखरेगी. रिश्तों में संतुलन बनाए रखें. स्वास्थ्य में विशेषकर ब्लड प्रेशर का ध्यान रखें. उपाय: मंगलवार को हनुमान जी की आरती करें और गुड़-चना का भोग लगाकर प्रसाद बांटें. मिथुन राशि धैर्य से काम करने का समय है. लंबी यात्रा से बचें और खर्चों पर नियंत्रण रखें. विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी. स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें. विनम्रता से बात करें और विवादों से दूर रहें. उपाय: मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं और फल का प्रसाद बांटें. कर्क राशि धन लाभ के अवसर मिलेंगे. रुके हुए काम पूरे होंगे. प्रमोशन के योग बन रहे हैं. मेहनत और सकारात्मक सोच सफलता दिलाएगी. उपाय: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें. सिंह राशि नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी और मेहनत का फल मिलेगा. अधिकारियों का सहयोग मिलेगा. अहंकार से बचें और क्रोध पर नियंत्रण रखें. उपाय: मंगलवार को बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं. कन्या राशि कार्य क्षेत्र में सफलता मिलेगी. शिक्षा और धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी. धन लाभ के योग हैं. खानपान का ध्यान रखें. उपाय: मंगलवार को फल का भोग लगाकर प्रसाद बांटें. तुला राशि जल्दबाजी से बचें. जॉब बदलने या लोन लेने से बचें. रिश्तों को संभालने का समय है. खर्चों पर नियंत्रण रखें. रिसर्च से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी. उपाय: मंगलवार को गुड़-चना का प्रसाद चढ़ाएं. वृश्चिक राशि आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. रुके काम पूरे होंगे. रिश्तों में संतुलन बनाए रखें. सेहत का ध्यान रखें और मसालेदार भोजन से बचें. उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और लाल मिठाई का प्रसाद बांटें. धनु राशि सावधानी से काम करें. शत्रुओं और विवादों से बचें. परीक्षा में सफलता मिलेगी. स्वास्थ्य का ध्यान रखें. उपाय: मंगलवार को सिंदूर चढ़ाएं और नारियल-फल का प्रसाद दें. मकर राशि करियर में सफलता मिलेगी. रुके काम पूरे होंगे. संतान से खुशी मिलेगी. मान-सम्मान बढ़ेगा. उपाय: मंगलवार को लाल मिठाई का प्रसाद बांटें. कुंभ राशि प्रॉपर्टी से जुड़े काम पूरे होंगे. परिवार की समस्याएं सुलझेंगी. क्रोध पर नियंत्रण रखें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें. उपाय: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें. मीन राशि पराक्रम बढ़ेगा और धन लाभ होगा. रुके काम पूरे होंगे. जल्दबाजी से बचें और योजना बनाकर आगे बढ़ें. वाणी में विनम्रता रखें. उपाय: मंगलवार को गुड़-चना का प्रसाद बांटें.

यूपी की पंचायतों में वित्तीय अनियमितता का खुलासा, नियमों को दरकिनार कर करोड़ों का भुगतान

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने से ठीक पहले ग्राम पंचायतों में सरकारी धन के भुगतान को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। कानपुर की 35 ग्राम पंचायतों में नियमों को दरकिनार कर करीब 38.41 लाख रुपये का मनमाने तरीके से भुगतान कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद पंचायतीराज निदेशालय ने गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। डीपीआरओ मनोज कुमार ने सभी ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होना था। इससे पहले पंचायत खातों में बची धनराशि को खर्च करने की होड़ मच गई। इसी जल्दबाजी में कई ग्राम पंचायतों में नियमों को ताक पर रखकर भुगतान कर दिए गए। कानपुर की 590 ग्राम पंचायतों में से 565 पंचायतों ने नियमों का पालन किया लेकिन घाटमपुर, सरसौल, भीतरगांव, चौबेपुर, कल्याणपुर, पतारा, शिवराजपुर और बिधनू ब्लॉकों की 35 ग्राम पंचायतों में एक अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच करीब 38.41 लाख रुपये का भुगतान मनमाने तरीके से कर दिया। मॉनीटरिंग हुई तो पता चला कि भुगतान निर्धारित गेट-वे पोर्टल के बजाय बाहरी कंप्यूटरों और अन्य स्थानों से किए गए। नियम 15वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग की धनराशि से होने वाले सभी विकास कार्यों का भुगतान केवल ग्राम सचिवालय में स्थापित कंप्यूटर से, निर्धारित आईपी एड्रेस से ही होंगे। प्रदेश के 74 जिले में 22.11 करोड़ का भुगतान मनमाने भुगतान का मामला सिर्फ कानपुर तक सीमित नहीं है। प्रदेश भर के 74 जिलों की 2542 ग्राम पंचायतों में करीब 22.11 करोड़ रुपये के भुगतान नियमों को दरकिनार कर करने का खुलासा हुआ है। इसके बाद पंचायती राज निदेशक ने सभी जिलों के डीपीआरओ से जवाब मांगा है और संबंधित सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है ग्राम प्रधान बनाए गए हैं प्रशासक यूपी में पहली बार ग्राम प्रधानों को प्रशासक पद की जिम्मेदारी दी गई है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में देरी के कारण ग्राम पंचायतों की बागडोर ग्राम प्रधानों के हाथ में ही रखे जाने का निर्णय लिया गया है। 26 मई को ग्राम प्रधानों का पांच वर्ष का कार्यकाल खत्म हो रहा था। ऐसे में 27 मई से निर्वतमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में काम कर रहे हैं। छह महीने या पंचायत चुनाव होने के बाद नई ग्राम पंचायत की प्रथम बैठक की तिथि तक जो भी पहले हो प्रधानों को प्रशासक पद की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह फैसला किया गया है। यूपी में वर्ष 2021 में कुल 58195 ग्राम पंचायत प्रधान निर्वाचित हुए थे। उनकी पहली बैठक 27 मई 2021 को हुई थी। ऐसे में ग्राम प्रधानों का पांच वर्ष का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो गया था।

वास्तु शास्त्र के अनुसार कूलर रखने की सही दिशा, उत्तर-पश्चिम को बताया सबसे शुभ

गर्मियों में कूलर हमें ठंडक देता है, लेकिन गलत जगह रखा कूलर घर का बजट बिगाड़ सकता है. कूलर में पानी (जल) और हवा (वायु) दोनों होते हैं, इसलिए इसकी सही दिशा बहुत जरूरी है.जानिए वास्तु के अनुसार कूलर को किस कोने में रखना चाहिए और कहां रखने से बचना चाहिए. कूलर का वास्तु से क्या है कनेक्शन? गर्मियों के मौसम में एयर कूलर हर घर की जरूरत बन जाता है.  यह हमें तपती गर्मी से राहत देता है और ठंडी हवा देता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार कूलर का सीधा संबंध हमारी सेहत और पैसों की बरकत से होता है?चूंकि कूलर में पानी (जल तत्व) भरा जाता है और यह तेजी से हवा (वायु तत्व) फेंकता है, इसलिए यह घर की ऊर्जा को बहुत जल्दी प्रभावित करता है. अगर इसे गलत दिशा में रख दिया जाए, तो घर में वास्तु दोष पैदा होता है, जिससे बीमारियां, तनाव और पैसों का नुकसान होने लगता है. कूलर रखने की सबसे सही दिशा (Best Directions) घर में सुख-समृद्धि और ठंडी हवा का पूरा लाभ उठाने के लिए कूलर को हमेशा इन दिशाओं में रखें: उत्तर-पश्चिम दिशा (North-West / वायव्य कोण): वास्तु के अनुसार कूलर रखने के लिए यह सबसे उत्तम दिशा है.  यह कोना वायु देव का माना जाता है.  यहां कूलर रखने से घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा रहती है और परिवार के लोगों की तरक्की होती है. उत्तर दिशा (North): उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर और जल तत्व की मानी जाती है.  कूलर में पानी होने के कारण इसे उत्तर दिशा में रखना बेहद शुभ होता है.  इससे घर में पैसों की तंगी दूर होती है. पूर्व दिशा (East): आप कूलर को पूर्व दिशा में भी लगा सकते हैं.  इससे घर के सदस्यों का स्वास्थ्य हमेशा अच्छा रहता है और मान-सम्मान बढ़ता है. भूलकर भी इस दिशा में न रखें कूलर (Avoid This Direction) दक्षिण-पूर्व दिशा (South-East / आग्नेय कोण): इस दिशा को अग्नि देव (Fire Element) का स्थान माना जाता है.  आग की दिशा में पानी और ठंडक (कूलर) रखने से तत्वों का भयंकर टकराव होता है.  अगर आप यहाँ कूलर रखेंगे, तो घर में बिना बात के झगड़े, मानसिक तनाव और व्यापार या नौकरी में भारी घाटा हो सकता है . आपकी सेविंग्स धीरे-धीरे खत्म होने लगेगी. कूलर से जुड़े 3 जरूरी वास्तु नियम: बंद या खराब कूलर न रखें: अगर कूलर खराब है या सर्दियों में इस्तेमाल नहीं हो रहा है, तो उसे खाली और साफ करके ढककर रखें. कबाड़ या गंदा कूलर घर में रखने से राहु का दोष लगता है और काम अटकने लगते हैं. पानी बदलते रहें: कूलर में कई दिनों तक पुराना या बदबूदार पानी जमा न रहने दें.  रुका हुआ गंदा पानी घर में नकारात्मक ऊर्जा और बीमारियां फैलाता है. कर्कश आवाज से बचें: अगर कूलर चलते समय बहुत तेज या अजीब आवाज करता है, तो उसकी तुरंत ऑयलिंग या सर्विस करवाएं. कूलर की लगातार आने वाली तेज आवाज घर में अशांति और गृह-क्लेश बढ़ाती है।

ग्लोइंग स्किन का राज: घर पर बनाएं कोलेजन बढ़ाने वाली हेल्दी ड्रिंक

 हर कोई चाहता है कि वह खूबसूरत दिखे और स्किन हमेशा ग्लोइंग नजर आए. लेकिन अनहेल्दी लाइफस्टाइल, गलत खान-पान, प्रदूषण और स्किन की सही देखभाल न करने की वजह से स्किन अपनी चमक खोने लगती है. साथ ही, उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कोलेजन का बनना भी कम हो जाता है, जिससे झुर्रियां, रूखापन और स्किन की इलास्टिसिटी कम होने लगती है. कोलेजन एक तरह का प्रोटीन होता है जो स्किन, बाल, नाखून और जोड़ों को मजबूत और हेल्दी रखने में मदद करता है. अगर शरीर में इसका लेवल सही रहे तो स्किन ज्यादा टाइट और यंग दिखती है. ऐसे में डाइट में कुछ हेल्दी चीजें शामिल करके कोलेजन को बढ़ाया जा सकता है. आज हम आपको एक ऐसी हेल्दी ड्रिंक के बारे में बताएंगे जो आपके शरीर में कोलेजन की मात्रा को बढ़ाकर ग्लोइंग स्किन पाने में आपकी मदद कर सकती है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 1 कप ताजा संतरे का रस 1/2 कप स्ट्रॉबेरी 1/2 कप अनानास 1 चम्मच चिया सीड्स 1 चम्मच शहद 1 कप पानी या नारियल पानी कोलेजन ड्रिंक घर पर बनाएं कैसे?     सबसे पहले स्ट्रॉबेरी को अच्छे से धो लें और उसके डंठल हटा दें. फिर अनानास को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें.     अब एक ब्लेंडर लें और उसमें संतरे का रस, स्ट्रॉबेरी, अनानास, चिया सीड्स और शहद डाल दें. जरूरत के हिसाब से इसमें पानी या नारियल पानी भी मिला लें.     अब सभी चीजों को अच्छे से ब्लेंड करें जब तक मिश्रण पूरी तरह स्मूद और एक जैसा न हो जाए.     तैयार ड्रिंक को एक गिलास में निकाल लें. चाहें तो इसमें बर्फ डालकर ठंडा-ठंडा सर्व करें और पी लें. क्यों फायदेमंद है यह ड्रिंक? इस ड्रिंक में मौजूद संतरा और स्ट्रॉबेरी विटामिन C से भरपूर होते हैं जो शरीर में कोलेजन बनाने में मदद करते हैं. अनानास डाइजेशन को बेहतर करता है और स्किन हेल्थ को सपोर्ट करता है. चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है जो स्किन को हेल्दी रखता है और सूजन कम करता है. वहीं शहद शरीर को अंदर से साफ रखने में मदद करता है और नारियल पानी हाइड्रेशन बनाए रखता है. अगर इसे रोजाना लिया जाए तो स्किन ज्यादा फ्रेश, हेल्दी और ग्लोइंग नजर आ सकती है.