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पटना से दिल्ली तक BJP में हलचल, 18 से अधिक MLA के टिकट पर भारी विवाद

पटना  बिहार में एनडीए आगामी विधानसभा चुनावों (Bihar Elections) की तैयारी में जोरों से लगा है। इस बीच, सत्ता के गलियारे से एक बड़ी जानकारी सामने आई है। इस बार भाजपा (BJP) के 18 से ज्यादा विधायकों के टिकट पर संकट मंडरा रहा है। पार्टी सूत्रों ने बिहार में कई भाजपा विधायकों के टिकट (BJP Ticket Strategy) कटने का संकेत दिया है। माना जा रहा है कि भाजपा चुनाव में इस बार ऐसे विधायकों को मैदान में उतारने से बच रही है, जिनके खिलाफ क्षेत्र में विरोध की भावना है। 6 अक्टूबर के बाद हो सकती है उम्मीदवारों की घोषणा साथ ही यह जानकारी भी सामने आ रही है कि पार्टी ने अपने सभी उम्मीदवारों की सूची लगभग तैयार कर ली है। जिसकी औपचारिक घोषणा 6 अक्टूबर के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम जारी करने के बाद होने की संभावना है। बिहार भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का हवाला हुए 'द न्यू इंडियन एक्सप्रेस' ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री और पार्टी के मुख्य रणनीतिकार अमित शाह ने 145-150 से अधिक सीटों पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर विस्तार से चर्चा की है। इनमें बेतिया, समस्तीपुर, अररिया और सीमांचल क्षेत्र की कई सीटें शामिल हैं। बता दें कि 2020 के विधानसभा चुनाव में, भाजपा सीवान, सोनपुर, राघोपुर, मुजफ्फरपुर, किशनगंज, भागलपुर, दानापुर और मनेर सहित लगभग 35 क्षेत्रों में मामूली अंतर से हारी थी। मनेर सीट से निखिल को मिल सकता है टिकट राघोपुर से फिलहाल बिहार में विपक्ष के नेता राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव विधायक हैं। ऐसा माना जा रहा है कि मनेर सीट से निखिल आनंद को चुनाव लड़ाने की तैयारी है। वह भाजपा के राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के महासचिव हैं। पिछले चुनाव में भी भाजपा ने निखिल को इस सीट से उतारा था। नए चेहरों का मिल सकता है मौका फिलहाल मनेर सीट से राजद के भाई बीरेंद्र विधायक हैं। निखिल भाजपा का टिकट मिलने से पहले ही क्षेत्र में लगातार जन-संपर्क अभियान चला रहे हैं। वहीं, भाजपा के अंदर यह भी चर्चा है कि क्षेत्र में जिन मौजूदा विधायकों के खिलाक लहर, उनकी जगह पर पार्टी नए चेहरों को मौका दे सकती है। यह भी माना जा रहा है कि भाजपा इस बार नारी-शक्ति और युवा-शक्ति को ध्यान में रखते हुए टिकटों का बंटवारा कर सकती है। बिहार में अधिकांश सीटों पर महिलाओं और युवाओं को भाजपा कैंडिडेट बना सकती है। बिहार चुनाव के लिए ये है रणनीति भाजपा सूत्रों का यह भी दावा है कि इस बार बिहार चुनाव में भाजपा मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव मॉडल को फॉलो कर सकती है। राज्य चुनाव में भाजपा इस बार मौजूदा और पूर्व सांसदों को भी मैदान में उतारने का विचार कर रही है। सारण से सांसद राजीव प्रताप रूडी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और राम कृपाल यादव व आरके सिंह जैसे पूर्व सांसदों को इस बार विधानसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है। मंगल पांडे सहित राज्य के कई मंत्रियों को भी उनके क्षेत्र से मैदान में उतारने की तैयारी चल रही है।

बरेली हिंसा का सच उजागर, मोहम्मद नदीम गिरफ्तार, मौलाना तौकीर से जुड़े राज फोड़े

बरेली आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर बरेली में बीते शुक्रवार को हुई हिंसा मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है और हिंसा में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर रही है. इसी कड़ी में पुलिस तौकीर रजा के 77 मददगारों को तलाश रही है और अपने रडार पर रखी हुई है. इसके अलावा मौलाना तौकीर का अतीक अहमद से भी कनेक्शन का मामला सामने आ रहा है.   मौलाना तौकीर का अतीक से कनेक्शन? बरेली हिंसा का मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर का अब अतीक अहमद से कनेक्शन ढूंढ जा रहा है. दरअसल, जिस होटल में तौकीर छिपा हुआ ता, उसी होटल में अतीक का एक बहुत करीबी भी छिपा हुआ था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.  मौलाना तौकीर रजा का करीबी गिरफ्तार कर लिया गया है. मौलाना तौकीर रजा का लेफ्ट हैंड मो नदीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. मोहम्मद नदीम आईएएमसी का पूर्व जिला अध्यक्ष भी रह चुका है. मो नदीम बरेली बवाल के मास्टर माइंड में से एक है. मोहम्मद नदीम ने लगातार पुलिस को गुमराह किया. व्हाट्सअप काल कर लोगों को प्रदर्शन के लिए बुलाता था. यूपी में पोस्टर वॉर की गूंज तेज हो गई है. एक ओर जहां प्रदेश में ‘I Love Muhammad’ के पोस्टर से विवाद गहराता जाता रहा है, वहीं दूसरी ओर आगरा में एक बड़ा बैनर लगाया गया है जिस पर लिखा है ‘आई लव श्री योगी आदित्यनाथ जी.’ इस पोस्टर में देखा जा सकता है कि एक बुलडोजर भी है, साथ ही लिखा है योगी का बुलडोजर अपराधी का गेम ओवर. बरेली में शुक्रवार को हुए बवाल के बाद शांति है. रविवार को बरेली पुलिस ने 21 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया था. 15 आरोपियों को जेल भेजा गया. वहीं 6 का शांति भंग में चालान किया गया. कोतवाली थाना क्षेत्र से 13 और 12 बारादरी थाना क्षेत्र से दो उपद्रवी जेल भेजे गए. तौकीर रजा के 77 मददगार पुलिस के रडार पर है. इनमें नगर निगम के चार-पांच पार्षद भी शामिल हैं. पुलिस प्रशासन वक्फ संपत्ति पर कब्जा किए हुए नेताओं की लिस्ट भी बना रही है. वहीं तौकीर रजा के बड़े भाई तौफीक रजा ने शांति की अपील मुस्लिम शख्स ने दी सीएम योगी को चेतावनी, अभद्र भाषा का किया उपयोग उत्तर प्रदेश में ‘आई लव मोहम्मद’ केस आग की तरह फैल चुका है. कानपुर से शुरू हुए इस विवाद ने बरेली में बड़ा रूप ले लिया, जो हिंसा में बदल गया. जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए मौलाना तौकीर रजा समेत मुस्लिम समुदाय के कई लोगों कि गिरफ्तार कर लिया. वहीं अब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स, जो पेशे से ड्राइवर है, वह सीएम योगी को लेकर अभद्र भाषा का उपयोग कर रहा है. आरोपी का नाम इमरान खान है और वह कह रहा है कि सीएम योगी बरेली और कानपुर की पुलिस कम पड़ जाएगी. अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.  

टीम इंडिया की शानदार जीत के बाद BCCI ने किया मालामाल, ACC से नौ गुना ज्यादा प्राइज मनी बांटी

दुबई  भारतीय टीम ने एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर 9वीं बार इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया. एक दबाव भरे मैच में पहले कुलदीप यादव की शानदार फिरकी और फिर तिलक वर्मा की ऐतिहासिक पारी ने मेन इन ब्लू को चैंपियन बनाया. इस बड़ी ट्रॉफी के साथ ही भारतीय टीम को एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) की ओर से इनाम राशि मिली. लेकिन इस इनामी राशि से लगभग 9 गुना ज्यादा भारी-भरकम इनाम राशि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से भी मिली. बीसीसीआई ने इसका खुला ऐलान एक्स पर किया और उन्होंने पाकिस्तान को भरपूर बेइज्जत भी किया.  भारतीय टीम 2025 एशिया कप में ‘मेन इन ब्लू’ ने पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रही, जिसमें पाकिस्तान पर लगातार तीन जीत शामिल थीं. रोमांचक फाइनल में मिली इस जीत के साथ भारत ने खिताब जीता तो एशियन क्रिकेट काउंसिल की ओर से 3,00,000 डॉलर यानी 2.5 करोड़ रुपये मिले. वहीं बीसीसीआई की ओर से अपनी चैंपियन टीम और सपोर्ट स्टाफ के लिए 21 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि की घोषणा भी की. बीसीसीआई ने एक्स पर लिखा, “3 वार. 0 जवाब. एशिया कप चैंपियंस. संदेश साफ है. टीम और सपोर्ट स्टाफ के लिए 21 करोड़ का इनाम.” अपराजेय रहा भारत दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 147 रन बनाए, जिसके जवाब में टीम इंडिया ने 19.4 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 150 रन बनाकर मैच जीत लिया. इस टूर्नामेंट में भारत ने पाकिस्तान को तीन बार हराया- ग्रुप स्टेज, सुपर-फोर और फिर फाइनल में. इसके अलावा पहले राउंड में यूएई और ओमान को हराया, दूसरे राउंड में बांग्लादेश को मात दी और सुपर ओवर में रोमांचक मुकाबले में श्रीलंका पर जीत दर्ज की. लगभग तीन साल से मल्टी नेशन टूर्नामेंट में अनबीटेबल है भारत यह लगातार तीसरा मल्टी-नेशनल व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट है जो भारत ने अपराजित रहकर जीता है. इससे पहले टीम इंडिया ने 2024 का टी20 विश्व कप और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी दुबई में ही रोहित शर्मा की कप्तानी में जीती थी. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि 2023 की शुरुआत से अब तक भारतीय टीम किसी भी मल्टी-टीम टी20 टूर्नामेंट में अजेय रही है. इस दौरान उसने लगातार 17 मैच जीते हैं, जिसमें 2023 एशिया कप, फिर टी20 विश्व कप 2024 और अब एशिया कप 2025 शामिल हैं.

पाक क्रिकेट बोर्ड संकट में, बीसीसीआई लेने को तैयार कड़ा एक्शन, आईसीसी के सामने होगी पेशी

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम ने एशिया कप 2025 में लगातार तीसरी बार पाकिस्तान की टीम को धूल चटाया. लीग स्टेज और सुपर 4 में हारने के बाद फाइनल में भी टीम को टीम इंडिया से हार मिली. इसपर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने नमक रगड़ते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ और एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया. इस बात से बौखलाते हुए वो एशिया कप ट्रॉफी को अपने साथ होटल लेकर चले गए. यह बात बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने खुद सबके साथ साझा किया. एशिया कप फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले से पहले ही सबकुछ तय हो गया था. भारतीय टीम के खिलाड़ी पाकिस्तान को खिताबी भिड़ंत में पीटेंगे और इस बात को बता दिया गया था कि टीम पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी नहीं लेगी. सारी जानकारी होने के बाद भी वो अपनी बेइज्जती कराने दुबई पहुंचे थे. जब भारतीय खिलाड़ियों ने फाइनल जीतने के बाद ट्रॉफी लेने नहीं पहुंचे तो नकवी गुस्से से तिलमिला गए. उन्होंने अपनी बर्बादी को बुलावा देते हुए ट्रॉफी होटल ले जाने का फैसला लिया. नकवी ने कर दी बड़ी गलती भारतीय टीम चैंपियन बनी और ट्रॉफी की हकदार है. एशिया कप का आयोजन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड नहीं कराता, इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से एशियन क्रिकेट काउंसिल पर है. ट्रॉफी पाकिस्तान बोर्ड की जागीर नहीं जो उसे नकवी अपने साथ लेकर चले गए थे. ये भारतीय टीम के खिलाड़ियों और बीसीसीआई का फैसला था कि वो ट्रॉफी किसके हाथ से लेंगे. एशिया कप चैंपियन होने के नाता ट्रॉफी भारतीय टीम को मिलेगी और इसे कोई रोक नहीं सकता. बीसीसीआई लेगा एक्शन भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने मोहसिन नकवी की हरकत को माफ नहीं करने का फैसला लिया है. ट्रॉफी लेकर होटल भागने के बाद बीसीसीआई द्वारा आईसीसी को एक कड़ी शिकायत दर्ज कराने की उम्मीद है. इस टूर्नामेंट में दोनों पक्षों के खिलाड़ियों को आईसीसी द्वारा चेतावनी दी गई थी कि उनके कार्य और इशारे क्रिकेट के मैदान में खेल भावना के खिलाफ माने जा सकते हैं. ऐसे पक्षपात पूर्ण रवैये के बाद अब नकवी के आगे किसी बड़े पद पर काबिज होने को लेकर फैसला लिया जा सकता है. उनको तमाम बोर्ड पद पर आगे बैठने को लेकर पाबंदी लगाई जा सकती है.

करूर भगदड़ का आंकड़ा बढ़ा: 41 मौतें, पावर कट पर तमिलनाडु सरकार की सफाई

चेन्नई तमिलनाडु के करूर में एक्टर थलपति विजय की रैली के दौरान शनिवार को हुई भगदड़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है. 60 से अधिक लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से कम से कम दो की हालत गंभीर बताई जा रही है. इसे हाल के वर्षों में राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक त्रासदियों में से एक माना जा रहा है. इस बीच बिजली कटौती को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. पीड़ितों और विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) का आरोप है कि शनिवार शाम 7 से 7:30 बजे के बीच विजय के आने पर करीब आधे घंटे तक बिजली गुल रही, जिससे अफरातफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बनी. सरकार ने खारिज किया बिजली कटौती का दावा   अब राज्य सरकार ने इन दावों को खारिज कर दिया है. तमिलनाडु की फैक्ट-चेक टीम ने करूर कलेक्टर और एडीजीपी के हवाले से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'कार्यक्रम में बिजली कटौती नहीं हुई. हालांकि TVK ने बिजली सप्लाई रोकने का अनुरोध किया था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. थोड़ी देर के लिए जो लाइट मंद हुईं, वह पार्टी की ओर से लगाए गए जेनरेटर की समस्या थी.'  विजय की पार्टी ने की सीबीआई जांच की मांग सरकार का कहना है कि भीड़ को खतरनाक जगहों से हटाने के लिए थोड़े समय के लिए बिजली रोकी गई थी, लेकिन विजय के आने के बाद कोई कटौती नहीं हुई. हादसे के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं. TVK ने सीबीआई जांच की मांग की है और इसे साजिश बताया है.  वहीं बीजेपी ने डीएमके सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. इस बीच विजय के करीबी सहयोगियों पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पार्टी ने मद्रास हाई कोर्ट में स्वतंत्र जांच की याचिका दायर की है. तमिलनाडु सरकार ने घटना की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित किया है, जिसने पीड़ित परिवारों से बातचीत शुरू कर दी है और अस्पताल का दौरा भी किया है.

मान सरकार के एक्शन का इंतज़ार, सामने आया कारोबारियों से जुड़ा चौंकाने वाला राज़

लुधियाना  नोएडा के कॉल सैंटर से 3 कारोबारियों को फर्जी रेड के माध्यम से किडनैप कर 10 करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में हर रोज नए नए खुलासे हो रहे है। जो किसी फिल्म की स्टोरी से कम नही लग रहे। चाहे पुलिस इस मामले में अभी तक एक ही बदमाश को गिरफ्तार कर पाई है।  लेकिन जिस प्रकार से फिरौती की योजना बनाई गई थी,वो इस तरफ इशारा करती है कि यह खेल काफी समय से चल रहा है और सारे खिलाड़ी सीनियर बन चुके है। पंजाब केसरी टीम की इन्वैस्टीगेशन में सामने आया है कि पकड़ा गया आरोपी लुधियाना का एक ज्वैलर है,जिस पर थाना शिमलापुरी में साला 2023 में चोरी की ज्वैलरी खरीदने की एफ.आई.आर. है। एस.पी. का गंनमैन इसी पर्चे से बरी करवाने के सपने दिखा रहा था। इसी के चलते ज्वैलर पर उसका पुरा दवाब था। जब एफ.आई.आर. हुई थी,उस समय एस.पी. की लुधियाना में तैनाती थी। नोएड़ा रेड़ करने से एक दिन पहले गंनमैन ने ज्वैलर से उसकी एक कार एस.पी. के नाम से मंगवाई। जिसके बाद अगले दिन शेरपुर चौक पर अपनी दूसरी कार लेकर आने को कहा। वहां पहुंचने पर अपने साथ नोएड़ा ले गए। ज्वैलर पहली बार आप नेता को मिला,जिसे डी.एस.पी. कहकर मिलवाया गया। गंनमैन और जी.आर.पी. का ए.एस.आई. का पुराना रिश्ता एस.पी. का गंनमैन और जी.आर.पी. का ए.एस.आई. पहली बार एक दुसरे को नही मिले है,दोनों का पुराना रिश्ता है। दोनों ही पठानकोट के रहने वाले है। जिस कारण एक साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। खन्ना पुलिस ने पठानकोट में भी दोनों के घर पर दबिश दी है। साहनेवाल और खन्ना साइबर सैल में जाकर की वीडियो कॉल पंजाब केसरी इन्वैस्टीगेशन के दौरान सामने आया है कि गनमैंन इतना शातिर है कि पकड़े गए कारोबारियों के परिवार वालो से पैसे लेने के लिए डराते समय उन्हें किसी बात का शक न हो,इसलिए जब साहनेवाल पुलिस स्टेशन और बाद में खन्ना के साइबर सैल थाने में गया तो वहां से कारोबारियों के परिवारवालों को वीडियो कॉल करता था,ताकि उन्हें विश्वास दिलवा सके कि पैसे ने देने पर इन पर बड़ा मामला दर्ज हो सकता है। मान सरकार के एक्शन का लुधियानवियों को इंतजार इस फिरौती के मामले में फरार चल रहे आप नेता और उसको आर्शीवाद देने वाले विधायक पर मान सरकार कोई एक्शन लेगी या भष्ट्राचार के  खिलाफ दिए जाने वाले बयान आम जन के लिए है। इस बात की पुष्टि चंद दिनों में हो जाएगी। वहीं आप विधायक के तार जुड़ते देख सरकार की बदनामी के डर से मामले को गोल मोल कर दिया जाएगा। लेकिन जो भी एक्शन होगा,लुधियानवियों को उसका इंतजार है।  

पुलिस से बचने के लिए बादल करता था ड्रग सप्लाई, मछली गैंग में इस्तेमाल होता था खास कोड

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बहुचर्चित ड्रग्स कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली का बादल मछली गैंग का सबसे बड़ा ड्रग सप्लायर है। पुलिस के बचने के लिए अलग अलग राज्यों के खास कोड के जरिए डील होती थी। यासीन के अंशुल और बादल के चैट्स मिले यासीन के अंशुल और अंशुल के बादल से चेट्स भी क्राइम ब्रांच को मिले हैं। सभी के बीच दो दर्जन से अधिक बार बैंक ट्रांजेक्शन भी हुए हैं। इन तमाम बातों का खुलासा यासीन और शाहवर मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ 15 सितंबर को कोर्ट में पेश चालान से हुआ है।चालान में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार सभी आरोपियों की काल डिटेल्स क्राइम ब्रांच ने निकाली हैं। बीते 6 महीने के भीतर इन सभी आरोपियों के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई है।दरअसल विशाल उर्फ बादल अरोरा मछली गैंग को सबसे अधिक ड्रग्स खपाता था। यासीन मछली का करीबी अंशुल भूरी नाइजीरियन गुर्गे के संपर्क रहता था। यासीन के अंशुल और अंशुल के बादल के चैट्स भी क्राइम ब्रांच पुलिस को मिले है। सभी के बीच दो दर्जन से अधिक बार बैंक ट्रांजक्शन भी हुए है। यासीन और शाहवर मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ 15 सितंबर को कोर्ट में पेश हुआ। यह था मामला भोपाल में ड्रग्स तस्करों के गिरोह की धरपकड़ के बाद नशे के कारोबार और यौन शोषण का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया था। यह नेटवर्क हिंदू लड़कियों के दुष्कर्म और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने वाले मुस्लिम युवाओं के गिरोह से भी जुड़ा हुआ है। आशू और सैफउद्दीन भोपाल में यासीन मछली के सबसे बड़े पैडलर थे। इनकी गिरफ्तारी के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था। यासीन के मेमोरेंडम में चौंकाने वाले खुलासे यासीन ने अपने मेमोरेंडम में बताया है कि वो अंशुल उर्फ भूरी ड्रग्स की खेंप लाने के लिए भेजा करता था। अंशुल ड्रग्स विशाल उर्फ सावन अरेरा निवासी दिल्ली से लाता था। पूरी डील सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ही कन्फर्म होती थीं। अंशुल का साथी अमन था जो ड्रग्स को लाने में उसकी मदद किया करता था। पुलिस को यासीन, अंशुल, विशाल और अमन के बीच बैंक ट्रांजेक्शन मिले हैं। विशाल इस मामले में फरार चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में सैफुद्दीन, शाहरुख, यासीन मछली, शाहवर मछली, अंशुल, बेंचामत (नाइजीरियन), ओविन्ना (नाइजीरियन), अमन, लारिब उर्फ बच्चा, शाकिर के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। इनके खिलाफ 6 अक्टूबर को आरोप तय करने पर बहस होगी। इन आरोपियों की नहीं हो सकी गिरफ्तारी ड्रग्स केस में आरोपी डॉ. रहमान मलिक, मोनिस, उमेर पट्टी, विशाल और सनव्वर अभी फरार चल रहे हैं। इनकी गिरफ्तारी के बाद इनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा। आरोपी सनव्वर के भाई को ड्रग्स तस्करी में बनाया आरोपी पुलिस को आरोपी सनव्वर की तलाश थी। सनव्वर अपने भाई शाकिर के घर पर छिपा था। पुलिस जब उसकी तलाश में शाकिर के घर पहुंची, तो सनव्वर वहां से उनको भागता दिखा था, पीछा करने के बाद भी वह चकमा देने में कामयाब हो गया था। जिसके बाद पुलिस ने शाकिर के खिलाफ आरोपी को संरक्षण देने के लिए मामला दर्ज किया। इसके बाद आगे की जांच में शाकिर का कनेक्शन ड्रग्स के साथ पुलिस को मिला। जिसके बाद पुलिस ने उसे भी आरोपी बना दिया है। अलग-अलग राज्यों में होती थी डील पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी बादल ड्रग्स की डिलीवरी अलग-अलग राज्यों में अंशुल को दिया करता था। जिसमें प्रमुख तौर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं। सावन मूल रूप से पंजाब का ही रहने वाला है। एमडी ड्रग्स मामला:मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश राजधानी के चर्चित ड्रग्स मामले में यासीन और शाहवर मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। इसमें खुलासा हुआ है कि यासीन और अन्य आरोपियों के बीच ड्रग्स सप्लाई को लेकर बैंकिंग ट्रांजेक्शन मिले हैं।

चंगाई सभा में 50 से ज्यादा हिंदू परिवार हुए धर्मांतरित, लखनऊ में बढ़ी चर्चाएँ

लखनऊ  यूपी की राजधानी लखनऊ में निगोहां पुलिस ने बक्तौरीखेड़ा और आस-पास के 50 से अधिक हिंदुओं का धर्मांतरण कराने वाले को गिरफ्तार किया है। चंगाई सभा में वह कम पढ़े-लिखे अनुसूचित जाति के लोगों को निशाना बनाता था। गठिया, मिर्गी, सांस और अन्य गंभीर बीमारियां ठीक करने का झांसा देकर प्रार्थना सभा में बुलाता था। बाइबिल पढ़ाता। पवित्र जल छिड़कता और प्रोजेक्टर पर वीडियो दिखाता था। लोगों का ब्रेनवॉश कर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काता और आर्थिक लालच देकर ईसाई बना देता था। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का ब्योरा खंगाल रही है। पुलिस उपायुक्त दक्षिणी निपुण अग्रवाल के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मलखान निगोहां के बक्तौरी खेड़ा मेहन्दौली का रहने वाला है। काफी समय से क्षेत्र में धर्मांतरण की सूचना मिल रही थी। इसलिए एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा के निर्देशन में टीम तैयार की गई थी। थानाध्यक्ष अनुज, सर्विलांस और अन्य टीमें लगाई गईं। साक्ष्य जुटाकर पुलिस टीम ने शनिवार को मलखान को हुलास खेड़ा मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि उसने करीब 10 साल पहले ईसाई धर्म ग्रहण करने के बाद नाम मैथ्यू रख लिया। अपने भाई-भतीजों और बच्चों का नाम भी बदल दिया। इसके बाद अपने खेत में एक कमरा बनाकर महीने में दो बार चंगाई सभा करने लगा। उसमें महिलाओं-बच्चों और पुरुषों को बुलाता था। उन्हें बीमारी ठीक करने और आर्थिक मदद का प्रलोभन देता था। उन्हें बपतिस्मा (ईसाई दीक्षा) देकर धर्मांतरण कराता था। वह अब तक आस-पड़ोस के गांवों के करीब 50 लोगों का धर्मांतरण करा चुका है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। उसके घर से दो बाइबिल और प्रचार प्रसार की सामग्री बरामद की गई है। आरोपी की गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम की घोषणा डीसीपी ने की है। इस मामले में हिंदू संगठनों ने पूर्व में भी विरोध प्रदर्शन किया था। फंडिंग की जांच शुरू एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि ईसाई बनाने के बाद मलखान लोगों की आर्थिक मदद भी करता था। उसे फंडिंग कौन करता था, इस बिंदु की जांच की जा रही है। मलखान और उसके परिवारीजनों के बैंक खातों की जांच की जा रही है।

आखिरी दिन की कार्यवाही शुरू, पंजाब विधानसभा में गर्मा सकते हैं हालात

चंडीगढ़ पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही का आज आखिरी दिन है। सदन में आज पंजाब पुनर्वास से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके साथ ही विधानसभा में कुछ महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जा सकते हैं। आज विधानसभा सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है। गौरतलब है कि बाढ़ आपदा के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार से कम से कम 20,000 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने 1,600 करोड़ रुपये देने की बात कही थी, हालांकि पंजाब को अभी तक केंद्र सरकार से एक पैसा भी नहीं मिला है। भाजपा ने खोला सीधा मोर्चा भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। आज सत्र का आखिरी दिन होने के बावजूद, भाजपा ने सोमवार सुबह 11 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पार्टी कार्यालय में 'जनता की विधानसभा' बुलाई है। 

सैकड़ों अनाथ बेटियों की उम्मीद बनीं, समाज सेवा में उदाहरण पेश कर रहीं ये महिला

कटनी  डॉ. स्नेह चौधरी ने पति डॉ. समीर चौधरी के साथ 2005 से समाज सेवा का ऐसा काम शुरू किया है जो हर किसी के दिल को छू जाता है। जिन बेटियों का कोई नहीं होता, उनके लिए डॉ. स्नेह ने मां का काम करना शुरू किया। उनकी देखरेख में बेटियां पढ़ाई, स्किल डेवलपमेंट, नौकरी, शादी और पूरी देखभाल पा रही हैं। इस कार्य में उनके पति डॉ. समीर चौधरी का भी विशेष सहयोग है। हिरवारा स्थित लिटिल स्टार फाउंडेशन में वर्तमान में 26 बेटियों को आश्रय मिला हुआ है। यहां उन्हें माता-पिता के स्नेह जैसी देखभाल, शिक्षा और जीवन के हर अवसर की सुविधा दी जा रही है। डॉ. स्नेह और डॉ. समीर चौधरी का यह प्रयास अनाथ बेटियों की जिंदगी में आशा की किरण बन गया है। उनके प्रयास ने कटनी में समाज सेवा का एक मार्मिक और प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है, जो हर किसी के लिए सीख और प्रेरणा बन सकता है। अनाथ बेटियों की सुरक्षा का बीड़ा उठाया डॉ. स्नेह चौधरी ने बताया कि उनकी समाज सेवा की शुरुआत एक ऐसे मामले से हुई, जब एमजीएम अस्पताल में एक गंभीर हालत में बेटी आई थी, जिसका परिवार उसे रखने को तैयार नहीं था। नाना-नानी रख पाने में असमर्थ थे। बेटी को जबलपुर के अनाथालय में भेजा गया, लेकिन वहां रखने से मना कर दिया गया। समाजसेवियों की मदद से वह कटनी वापस आई और इसी बेटी की देखभाल ने डॉ. स्नेह और डॉ. समीर को लिटिल स्टार फाउंडेशन शुरू करने की प्रेरणा दी।   शुरुआत में एक परिवार की मदद से बेटी की देखभाल शुरू की गई। गायत्री नगर में किराये का मकान लेकर डॉक्टर दंपत्ति ने वहां बेटी की देखभाल सुनिश्चित की। धीरे-धीरे इस प्रयास में और बेटियां जुड़ती गईं और संख्या 30 तक पहुंच गई। कलेक्टर एम. सैल्वेद्रम ने मदद का आश्वासन दिया और बाद में फाउंडेशन की नींव पड़ी। बेटियों के लिए साढ़े 3 एकड़ जमीन कलेक्टर एम. सैल्वेद्रम ने दिलवाई। इसके बाद कलेक्टर अशोक सिंह, विकास नरवाल और समाजसेवकों की मदद से सेंटर का निर्माण कराया गया। अब तक 600 बेटियों को आश्रय और शिक्षा दी जा चुकी है।   बेटियों को मिल रही नई जिंदगी सेंटर में बेटियों को पढ़ाई के साथ कढ़ाई, बुनाई, हॉर्स राइडिंग और स्किल डेवलपमेंट कोर्स भी करवाए जाते हैं। हॉर्स राइडिंग में 7 बेटियों ने बेहतर प्रदर्शन कर नौकरी भी हासिल की है। अब तक सेंटर में 7 बेटियों की शादी, 22 बेटियों को गोद दिलाया जा चुका है। देश-विदेश से लोग बेटियों को गोद ले चुके हैं। सेंटर में बेटियों को सभी सुविधाएं दी जाती हैं और डॉक्टर दंपत्ति उन्हें माता-पिता की तरह स्नेह व सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।