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भगवंत मान की फ्रांस यात्रा पर विवाद, हाईकोर्ट पहुंचा मामला

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित फ्रांस यात्रा को केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं मिलने के मामले में आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में आज सुनवाई होगी। पंजाब सरकार ने गुरुवार को विदेश मंत्रालय के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। पंजाब सरकार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की यात्रा के लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद मंजूरी नहीं दी गई। विदेश मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन के सामने केवल ‘डिनाइड’ यानी अस्वीकृत लिखा दिखाई दिया। आवेदन खारिज करने का कोई कारण नहीं बताया गया और न ही अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। अब विस्तार से पढ़िए याचिका में क्या कहा गया 15 से 21 अक्टूबर तक फ्रांस जाना था प्रतिनिधिमंडल पंजाब सरकार की याचिका के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव को 15 से 21 अक्टूबर तक फ्रांस जाना था। प्रतिनिधिमंडल को पेरिस में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय खाद्य व्यापार मेले एसआईएएल पेरिस-2026 में शामिल होना था। यह प्रदर्शनी 17 से 21 अक्टूबर तक आयोजित होनी है। यात्रा का उद्देश्य पंजाब के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में व्यापार की संभावनाएं तलाशना और राज्य के उत्पादों को विदेशी खरीदारों तक पहुंचाने के अवसर बढ़ाना था। सभी औपचारिकताएं पूरी की थीं याचिका में पंजाब सरकार ने बताया कि यात्रा की मंजूरी के लिए 3 सितंबर और 8 सितंबर को पत्र भेजे गए थे। इसके बाद 9 सितंबर को ऑनलाइन आवेदन भी किया गया। सरकार के मुताबिक, फ्रांस में भारतीय मिशन से बातचीत, प्रशासनिक मंजूरी और कैडर क्लीयरेंस जैसी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं। सरकार ने यह भी बताया कि यात्रा का खर्च मार्कफेड की ओर से उठाया जाना था। मार्कफेड का पेरिस में आयोजित प्रदर्शनी में एपीडा के इंडिया पवेलियन के तहत स्टॉल भी था। अब हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का जवाब महत्वपूर्ण होगा। अदालत यह देखेगी कि यात्रा की मंजूरी नहीं देने के मामले में केंद्र का क्या पक्ष है। मार्कफेड को मेले में मिला था स्टॉल याचिका में बताया गया है कि पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (मार्कफेड) को इस प्रदर्शनी में स्टॉल आवंटित किया गया है। यह स्टॉल कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के इंडिया पवेलियन में दिया गया है। एपीडा केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करता है। सितंबर में ही शुरू कर दी थी मंजूरी की प्रक्रिया पंजाब सरकार की याचिका के मुताबिक, विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी लेने के लिए 3 और 8 सितंबर को पत्र भेजे गए थे। इसके अलावा 9 सितंबर को ऑनलाइन आवेदन भी जमा कराया गया था। सरकार का कहना है कि यात्रा से करीब पांच सप्ताह पहले ही मंजूरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। याचिका में यह भी कहा गया है कि फ्रांस स्थित भारतीय मिशन से सलाह-मशविरा करने के बाद प्रशासनिक मंजूरी और कैडर क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। इसके बावजूद विदेश मंत्रालय के पोर्टल पर आवेदन को अस्वीकृत दिखा दिया गया। कारण नहीं बताने पर फैसले को दी चुनौती पंजाब सरकार ने आरोप लगाया है कि विदेश मंत्रालय ने मंजूरी नहीं देने का कोई कारण नहीं बताया। सरकार को अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया गया। इसी आधार पर राज्य सरकार ने इस फैसले को मनमाना बताते हुए संबंधित आदेश रद्द करने और फ्रांस यात्रा के लिए उचित राहत देने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल को 15 अक्टूबर को फ्रांस के लिए रवाना होना था। यात्रा की तारीख नजदीक होने के कारण पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को शुक्रवार सुबह तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।  

झारखंड के मिनी लंदन में 22 अक्टूबर को सजेगा भूत मेला, जुटेंगे श्रद्धालु

 रांची  झारखंड के मिनी लंदन कहे जाने वाले मैक्लुस्कीगंज क्षेत्र के इतिहास और लोक-परंपरा में विशेष स्थान रखने वाला ऐतिहासिक “भूत मेला” इस बार 22 अक्टूबर को पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा। मेले की तिथि को लेकर बना असमंजस अब पूरी तरह दूर हो चुका है, जिसके बाद ग्रामीणों और मेला समिति ने आपसी विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से इस तारीख पर मुहर लगा दी है। आयोजन की तैयारियों को लेकर स्थानीय स्तर पर सरगर्मी काफी तेज हो गई है। क्या है इस मेले की खासियत? मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हेसालौंग गांव में यह मेला हर साल दशहरा के ठीक बाद (एकादशी तिथि के आसपास) पारंपरिक रूप से आयोजित किया जाता है। हालांकि इसे स्थानीय और लोक-भाषा में भूत मेला (जतरा) के नाम से जाना-बुलाया जाता है, लेकिन यह मुख्य रूप से क्षेत्र की गहरी धार्मिक आस्था, लोक-परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का एक अनूठा प्रतीक है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा का गवाह बनने के लिए न सिर्फ हेसालौंग और खलारी कोयलांचल, बल्कि दूर-दराज के इलाकों और अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और ग्रामीण पहुंचते हैं। व्यापार और सामाजिक मेल-मिलाप का बड़ा केंद्र यह मेला सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह स्थानीय आर्थिकी और सामाजिक सौहार्द का भी एक बड़ा माध्यम है। मेले में खिलौने, मिठाइयां, श्रृंगार सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुएं और पारंपरिक खान-पान की दर्जनों दुकानें सजती हैं, जिससे स्थानीय कारोबारियों और व्यापारियों को अच्छा व्यापारिक अवसर मिलता है।  खलारी और मैक्लुस्कीगंज के इस पारंपरिक आयोजन में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का मिलना-जुलना होता है, जो आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक ताने-बाने को मजबूत करता है। जोर-शोर से चल रही हैं तैयारियां मेले को ऐतिहासिक, भव्य और पूरी तरह व्यवस्थित बनाने के लिए ग्रामीण और मेला समिति के सदस्य दिन-रात जुटे हुए हैं। समिति ने क्षेत्र के सभी नागरिकों, प्रबुद्ध जनों और आसपास के गांवों के लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस पारंपरिक और सांस्कृतिक आयोजन को सफल बनाएं। आयोजन को सफल बनाने में कुलदीप साहू, अनिल प्रसाद साहू, मनोज प्रसाद साहू, शिवदेव प्रसाद साहू, पंकज प्रसाद साहू, महेश प्रसाद साहू, संजय प्रसाद साहू, राजू प्रसाद साहू, सूरज प्रसाद साहू, विवेक साहू समेत क्षेत्र के कई गणमान्य ग्रामीण सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड, सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे सौरभ के परिजन

मेरठ  नीला ड्रम केस यानी सौरभ हत्याकांड में मृत्युदंड पाने वाली मुस्कान ने हाईकोर्ट में अपील की तैयारी शुरू कर दी है। कोर्ट ने बुधवार को हत्या के दोषी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को सजा सुनाई थी। जेल सूत्रों के अनुसार बुधवार को सजा सुनाए जाने के बाद रात को मुस्कान अपनी 11 माह की बेटी राधा को सीने से लगाकर रोती रही। गुरुवार सुबह मुस्कान उठी और नाश्ते के बाद वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा से हाईकोर्ट में अपील का रास्ता पूछा। पूरी प्रक्रिया बताने की मांग कर कानूनी मदद मांगी। दूसरी ओर, मुस्कान के परिजनों ने उससे पल्ला झाड़ते हुए कहा कि मुस्कान को उसके जुर्म की सजा मिली है। वहीं, सौरभ के परिजनों ने भी कहा कि वे दोनों का पीछा सुप्रीम कोर्ट तक नहीं छोड़ने वाले। वहीं जेल प्रशासन शुक्रवार को इस मामले में कोर्ट को पत्र भेजकर सजा के आदेश की कॉपी मांगेगा। सजा के खिलाफ एक माह के अंदर हाईकोर्ट में अपील करना जरूरी होता है। वहीं साहिल और मुस्कान की समाज में वापसी की संभावना नहीं है। उन्होंने जिस तरह से अपराध किया, उसके बाद कई ऐसी घटनाएं हुई। नीला ड्रम पारिवारिक रिश्ते में आतंक का पर्याय बन गया। कोर्ट ने माना कि दोनों आरोपियों का परिवार से कोई खास ताल्लुक नहीं है और न ही उनमें सुधार की संभावना है। ऐसे में अपराध को विरल से विरलतम श्रेणी का मानते हुए मृत्युदंड को सही ठहराया। कोर्ट ने माना कि मुस्कान ने अपने पति सौरभ के विश्वास और प्रेम को बड़ी बेरहमी से कुचला। सौरभ राजपूत को एक क्रूर मौत का शिकार बनना पड़ा। कोर्ट ने कहा कि पारिवारिक रिश्ते में यह कुरूपता घटना को विरलतम बनाती है। कोर्ट ने आदेश में लिखा है कि साहिल और मुस्कान की अभी तक की जेल में रहने की अवधि से यह पता किया जा सकता कि दोषियों में सुधार की संभावना है। साहिल द्वारा पिता से मिलने में कोई रूचि नहीं दिखाई गई और न ही मुस्कान ने बड़ी बेटी से मिलने की इच्छा जताई। डेढ़ साल में मुस्कान से मिलने उसके परिवार का कोई सदस्य जेल नहीं गया। ऐसे में साफ है कि दोनो का व्यवहार सामान्य नहीं है। यह मानना मुश्किल है कि आरोपी ऐसा काम नहीं करेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि सुनवाई के दौरान भी दोषियों में कोई अपराध बोध नहीं दिखाई दिया। ऐसे में साहिल और मुस्कान के सुधार और समाज में वापसी की संभावना का अभाव है। कोर्ट ने माना कि नीला ड्रम परिवारजनों के एकांत के क्षणों और स्थानों में भय व आशंका का प्रवेश हुआ। युवा मन में विवाद के प्रति एक अज्ञात भय जन्मा है। कोर्ट ने कहा कि सौरभ की हत्या के बाद शव और साक्ष्य को छिपाने का तरीका भी चौकाने वाला था, जिसने समाज की अंतरात्मा को हिला दिया। कातिलों को अपने अपराध का कोई पछतावा या अपराध बोध नहीं है। साहिल और मुस्कान को सजा के आदेश में महाभारत के एक अन्य श्लोक का भी हवाला दिया गया है। इसमें बताया गया कि जिस राज्य में राजा दंड में रूचि रखता है, वहां धर्म बचा रहता है।

सुधा सखियां संभालेंगी पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा, गांवों में बढ़ेंगी सुविधाएं

पटना बिहार सरकार ने पशुपालन एवं दुग्ध क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने की घोषणा की थी। वर्तमान में करीब 12 लाख किसान दुग्ध उत्पादन से जुड़े हैं। इस संख्या को बढ़ाकर 50 लाख से अधिक करने का लक्ष्य है। इसके तहत महिलाओं को सुधा सखी, जीविका सुधा बिक्री केंद्र तथा दूध संग्रहण केंद्रों से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। पशु चिकित्सा में प्राथमिक दायित्व 'सुधा सखियों' को सौंपने की तैयारी चल रही है। सहकार से समृद्धि योजना के तहत गांव में डेयरी उत्पादक सहकारी समिति का गठन किया जा रहा है। इसके लिए सुधा सखियों को पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा, संतुलित पशु आहार एवं कृत्रिम गर्भाधान से जुड़ी आवश्यक सेवाओं का प्रशिक्षण दिया गया। इससे प्राथमिक पशु स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुगम हो सकेगी। पशुपालकों को आवश्यक पशु स्वास्थ्य एवं पशुपालन संबंधित जानकारी उपलब्ध होगी। इसका सीधा लाभ दूध के उत्पादन पर होगा। साथ ही पहल से दो बड़े लाभ होंगे एक तरफ ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता और स्थायी रोजगार का अवसर मिलेगा। दूसरी तरफ, पशुपालकों को अपने गांव में ही विशेषज्ञ के मार्गदर्शन एवं सेवाएं मिल सकेगी। विदित हो कि सुधा सखियां पंचायत स्तर पर सेवा आधारित प्रोत्साहन राशि लेकर कार्य करने वाली स्थानीय जीविका दीदियां हैं। सात हजार जीविका दीदियां बन चुकी पशु सखी काम्फेड एवं जीविका के संयुक्त प्रयास से सात हजार जीविका दीदियों को डेयरी और पशुपालन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ये प्रशिक्षित पशु सखियां अब अपने-अपने गांवों में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिला सदस्यों को प्रशिक्षण दे रही हैं।

संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला

 चंडीगढ़  मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।इससे पहले 15 जून को गुरुग्राम की अदालत भी अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज कर चुकी थी। निचली अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था।हालांकि, जमानत याचिका खारिज किए जाने के पीछे अदालत ने क्या आधार माना है, यह विस्तृत आदेश सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। गुरुग्राम में दर्ज प्राथमिकी से शुरू हुई जांच मामले की शुरुआत हरियाणा के गुरुग्राम में 18 मार्च को दर्ज प्राथमिकी से हुई थी। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में जांच शुरू की। संजीव अरोड़ा का आरोप है कि इसी प्राथमिकी के आधार पर उनके खिलाफ ईडी ने कार्रवाई की है। मामले में ईडी की कार्रवाई के बाद से उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ती गईं। नौ मई से ईडी की हिरासत में हैं अरोड़ा संजीव अरोड़ा नौ मई से ईडी की हिरासत में हैं। उन्होंने मामले में जमानत हासिल करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। पहले गुरुग्राम की अदालत से उनकी याचिका खारिज हुई और अब हाईकोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिली है। ऐसे में फिलहाल उनकी जमानत की उम्मीदों को झटका लगा है। विस्तृत आदेश सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अदालत ने जमानत देने से इनकार करते समय किन तथ्यों, कानूनी प्रावधानों और दलीलों को आधार बनाया।

पंजाब में 2027 में 32 सरकारी छुट्टियां, साल में 237 दिन खुलेंगे दफ्तर

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने वर्ष 2027 के लिए सरकारी छुट्टियों की अधिसूचना जारी कर दी है। कैलेंडर के अनुसार, राज्य में 32 गजेटेंड छुट्टियां घोषित की गई हैं। इनमें से दो छुट्टियां रविवार को पड़ रही हैं।  सितंबर महीने में सबसे ज्यादा छुटि्टयां इस बार जनवरी महीने में दो छुट्टियां हैं। 15 जनवरी को गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व है, जबकि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की छुट्टी रहेगी। वहीं, 20 फरवरी को श्री गुरु रविदास जयंती मनाई जाएगी। इस दिन भी छुट्टी रहेगी। मार्च में चार और अप्रैल महीने में पांच छुट्टियां रहेंगी। सितंबर में सात और अक्टूबर में पांच छुट्टियां रहेंगी। ये छुट्टियां शनिवार और रविवार के अलावा हैं। सबसे ज्यादा छुट्टियां मार्च और अप्रैल महीने में रहेंगी। कैलेंडर के मुताबिक, साल में 237 दिन कामकाज होगा। राजपत्रित अवकाश 2027 अवकाश साप्ताहिक छुट्टी के दिन पड़ने पर उसके बदले दूसरा अवकाश नहीं मिलता (ज्ञापन अनुच्छेद 3.2)। राजपत्रित अवकाश 2027 तारीख    अवकाश 26 जनवरीमंगलवार    गणतंत्र दिवसमाघ 6, शक 1948 10 मार्चबुधवार    ईद-उल-फ़ित्रफाल्गुन 19, शक 1948 चाँद दिखने पर तारीख बदल सकती है 23 मार्चमंगलवार    होलीचैत्र 2, शक 1949 पंचांग अनुसार: 22 मार्च 26 मार्चशुक्रवार    गुड फ़्राइडेचैत्र 5, शक 1949 15 अप्रैलगुरुवार    राम नवमीचैत्र 25, शक 1949 राम नवमी 19 अप्रैलसोमवार    महावीर जयंतीचैत्र 29, शक 1949 17 मईसोमवार    ईद-उल-ज़ुहा (बकरीद)वैशाख 27, शक 1949 चाँद दिखने पर तारीख बदल सकती है 20 मईगुरुवार    बुद्ध पूर्णिमावैशाख 30, शक 1949 बुद्ध पूर्णिमा 16 जूनबुधवार    मुहर्रमज्येष्ठ 26, शक 1949 चाँद दिखने पर तारीख बदल सकती है 15 अगस्तरविवार    स्वतंत्रता दिवसश्रावण 24, शक 1949सप्ताहांत 15 अगस्तरविवार    मिलाद-उन-नबी या ईद-ए-मिलाद (पैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन)श्रावण 24, शक 1949सप्ताहांत चाँद दिखने पर तारीख बदल सकती है 25 अगस्तबुधवार    जन्माष्टमी (वैष्णव)भाद्र 3, शक 1949 जन्माष्टमी 2 अक्टूबरशनिवार    महात्मा गांधी जयंतीआश्विन 10, शक 1949सप्ताहांत 9 अक्टूबरशनिवार    दशहरा (विजयादशमी)आश्विन 17, शक 1949सप्ताहांत दशहरा 29 अक्टूबरशुक्रवार    दीवाली (दीपावली)कार्तिक 7, शक 1949 दीवाली 14 नवंबररविवार    गुरु नानक जयंतीकार्तिक 23, शक 1949सप्ताहांत 25 दिसंबरशनिवार    क्रिसमसपौष 4, शक 1949सप्ताहांत लंबे वीकेंड 2027 पाँच दिन के कार्य-सप्ताह वाले कार्यालय के लिए राजपत्रित अवकाशों से बनने वाली तीन या अधिक दिनों की छुट्टियाँ। कुछ के लिए एक दिन की छुट्टी लेनी होगी।     23 जनवरी – 26 जनवरी · 4 दिन · गणतंत्र दिवस25 जनवरी (सोमवार) को छुट्टी लें     20 मार्च – 23 मार्च · 4 दिन · होली22 मार्च (सोमवार) को छुट्टी लें     26 मार्च – 28 मार्च · 3 दिन · गुड फ़्राइडे     15 अप्रैल – 19 अप्रैल · 5 दिन · राम नवमी, महावीर जयंती16 अप्रैल (शुक्रवार) को छुट्टी लें     17 अप्रैल – 19 अप्रैल · 3 दिन · महावीर जयंती     15 मई – 17 मई · 3 दिन · ईद-उल-ज़ुहा (बकरीद)     20 मई – 23 मई · 4 दिन · बुद्ध पूर्णिमा21 मई (शुक्रवार) को छुट्टी लें     29 अक्टूबर – 31 अक्टूबर · 3 दिन · दीवाली (दीपावली) प्रतिबंधित अवकाश 2027 हर कर्मचारी इनमें से कोई दो ले सकता है। प्रतिबंधित अवकाश 2027 तारीख    अवकाश 1 जनवरीशुक्रवार    नव वर्ष दिवसपौष 11, शक 1948 14 जनवरीगुरुवार    मकर संक्रांति / माघ बिहूपौष 24, शक 1948 पंचांग अनुसार: 15 जनवरी 15 जनवरीशुक्रवार    पोंगल, गुरु गोबिंद सिंह जयंतीपौष 25, शक 1948 पोंगल 11 फ़रवरीगुरुवार    श्री पंचमी, बसंत पंचमीमाघ 22, शक 1948 वसन्त पञ्चमी 19 फ़रवरीशुक्रवार    शिवाजी जयंतीमाघ 30, शक 1948 20 फ़रवरीशनिवार    गुरु रविदास जयंतीफाल्गुन 1, शक 1948सप्ताहांत 2 मार्चमंगलवार    स्वामी दयानंद सरस्वती जयंतीफाल्गुन 11, शक 1948 5 मार्चशुक्रवार    जमात-उल-विदाफाल्गुन 14, शक 1948 6 मार्चशनिवार    महाशिवरात्रिफाल्गुन 15, शक 1948सप्ताहांत महा शिवरात्रि 22 मार्चसोमवार    होलिका दहन, डोलयात्राचैत्र 1, शक 1949 पंचांग अनुसार: 21 मार्च 28 मार्चरविवार    ईस्टर संडेचैत्र 7, शक 1949सप्ताहांत 7 अप्रैलबुधवार    चैत्र शुक्लादि / गुड़ी पड़वा / उगादि / चेटी चंड / पहला नवरात्रचैत्र 17, शक 1949 चैत्र नवरात्रि 14 अप्रैलबुधवार    वैसाखी / विशु / मेषादि (तमिल नववर्ष)चैत्र 24, शक 1949 मेष संक्रान्ति 15 अप्रैलगुरुवार    वैशाखादि (बंगाल) / बोहाग बिहू (असम)चैत्र 25, शक 1949 9 मईरविवार    गुरु रवींद्रनाथ टैगोर जयंतीवैशाख 19, शक 1949सप्ताहांत 5 जुलाईसोमवार    रथ यात्राआषाढ़ 14, शक 1949 जगन्नाथ रथयात्रा 15 अगस्तरविवार    पारसी नववर्ष / नवरोज़श्रावण 24, शक 1949सप्ताहांत 17 अगस्तमंगलवार    रक्षा बंधनश्रावण 26, शक 1949 रक्षा बन्धन 4 सितंबरशनिवार    गणेश चतुर्थी / विनायक चतुर्थीभाद्र 13, शक 1949सप्ताहांत गणेश चतुर्थी 12 सितंबररविवार    ओणम या तिरु ओणमभाद्र 21, शक 1949सप्ताहांत ओणम 6 अक्टूबरबुधवार    दशहरा (सप्तमी)आश्विन 14, शक 1949 7 अक्टूबरगुरुवार    दशहरा (महाअष्टमी)आश्विन 15, शक 1949 दुर्गा अष्टमी 8 अक्टूबरशुक्रवार    दशहरा (महानवमी)आश्विन 16, शक 1949 महा नवमी 15 अक्टूबरशुक्रवार    महर्षि वाल्मीकि जयंतीआश्विन 23, शक 1949 18 अक्टूबरसोमवार    करक चतुर्थी (करवा चौथ)आश्विन 26, शक 1949 करवा चौथ 28 अक्टूबरगुरुवार    नरक चतुर्दशीकार्तिक 6, शक 1949 नरक चतुर्दशी 30 अक्टूबरशनिवार    गोवर्धन पूजाकार्तिक 8, शक 1949सप्ताहांत गोवर्धन पूजा 31 अक्टूबररविवार    भाई दूजकार्तिक 9, शक 1949सप्ताहांत भैया दूज 4 नवंबरगुरुवार    प्रतिहार षष्ठी या सूर्य षष्ठी (छठ पूजा)कार्तिक 13, शक 1949 छठ पूजा 24 नवंबरबुधवार    गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवसअग्रहायण 3, शक 1949 12 दिसंबररविवार    हज़रत अली जयंतीअग्रहायण 21, शक 1949सप्ताहांत 24 दिसंबरशुक्रवार    क्रिसमस की पूर्व संध्यापौष 3, शक 1949

अब फोन पर कॉल करने वाले की पहचान होगी आसान, 1 नवंबर से लागू होगा नया नियम? जानें पूरी जानकारी

नई दिल्ली भारत में अनजान नंबर से आने वाली कॉल की पहचान करना जल्द आसान हो सकता है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को 1 नवंबर, 2026 से Calling Name Presentation (CNAP) सेवा शुरू करने का निर्देश दिया है। इस सुविधा के तहत यूजर्स को इनकमिंग कॉल के दौरान मोबाइल नंबर के साथ कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई दे सकेगा। यह सेवा 4G और इससे नई टेक्नोलॉजी वाले मोबाइल नेटवर्क पर शुरू की जानी है। CNAP का मकसद फोन पर आने वाली अनजान कॉल की पहचान आसान बनाना है। फिलहाल, अगर किसी व्यक्ति के फोन में कोई नंबर सेव नहीं है, तो कॉल आने पर आमतौर पर केवल नंबर दिखाई देता है। कॉल करने वाले का नाम जानने के लिए कई यूजर्स Truecaller जैसे ऐप का इस्तेमाल करते हैं। CNAP के आने के बाद इसके लिए थर्ड-पार्टी ऐप पर डिपेंडेसी या निर्भरता कम हो सकती है। क्या है CNAP और कैसे करेगा काम? CNAP यानी Calling Name Presentation टेलीकॉम नेटवर्क पर काम करने वाली कॉलर पहचान से जुड़ी सुविधा है। इसके तहत कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम उसके टेलीकॉम ऑपरेटर के सब्सक्राइबर रिकॉर्ड के आधार पर दिखाया जाएगा। यानी यह जानकारी केवल दूसरे यूजर्स की ओर से दी गई रिपोर्ट या किसी थर्ड-पार्टी ऐप के डेटाबेस पर आधारित नहीं होगी। अगर आपके फोन में किसी व्यक्ति का नंबर सेव नहीं है और वह आपको कॉल करता है, तो CNAP के जरिए स्क्रीन पर उसके नाम की जानकारी दिखाई जा सकती है। वहीं, अगर नंबर पहले से आपके कॉन्टैक्ट में सेव है, तो फोन में सेव नाम दिखाई दे सकता है। हालांकि, स्क्रीन पर दिखने वाला नाम सिम के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड पर आधारित होने के चलते जरूरी नहीं कि वह कॉल करने वाले व्यक्ति की असली पहचान से हमेशा मेल खाए। स्क्रीन पर दिखेगी दो तरह की जानकारी दूरसंचार विभाग के निर्देश के मुताबिक, कॉल आने पर फोन की स्क्रीन पर दो जानकारियां दिखाई देंगी। पहली में कॉल करने वाले का मोबाइल नंबर और दूसरी में उसका नाम होगा। अगर कॉल करने वाले का नंबर आपके कॉन्टैक्ट में सेव है, तो आपके फोन में सेव नाम दिखेगा। नंबर सेव नहीं होने पर घरेलू कॉल के लिए टेलीकॉम ऑपरेटर के सब्सक्राइबर रिकॉर्ड में दर्ज नाम दिखाया जाएगा। वहीं, अंतरराष्ट्रीय कॉल के मामले में स्क्रीन पर ‘International Call’ लिखा दिखाई देगा। इस सिस्टम को लागू करने के लिए सभी टेलीकॉम कंपनियों को अपने सब्सक्राइबर्स के मोबाइल नंबर और नाम का डेटाबेस तैयार रखना होगा। कॉल रिसीव करने वाले ऑपरेटर को इस डेटाबेस से नाम की जानकारी लेकर यूजर के फोन तक पहुंचानी होगी। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि कॉल खत्म होने के बाद इस प्रोसेस के जरिए प्राप्त कॉलर के नाम को बनाए नहीं रखा जाना चाहिए। 2G और 3G यूजर्स को करना होगा इंतजार CNAP की शुरुआत फिलहाल 4G और इससे नई तकनीक वाले वायरलेस नेटवर्क पर की जाएगी। 2G और 3G नेटवर्क के साथ लैंडलाइन फोन पर इस सुविधा को लागू करने पर अलग से विचार किया जाएगा। यानी शुरुआती चरण में सभी मोबाइल नेटवर्क यूजर्स को इसका फायदा मिलना तय नहीं है और केवल 4G या 5G यूजर्स को यह सुविधा मिलेगी। बता दें, कॉलर का नाम दिखाई देने से संदिग्ध कॉल पहचानने में मदद मिल सकती है, लेकिन CNAP फ्रॉड कॉल को पूरी तरह रोकने की गारंटी नहीं देता। किसी कॉल पर सही नाम दिखने के बावजूद धोखाधड़ी की कोशिश हो सकती है। इसलिए यूजर्स को फोन पर किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN या बैंकिंग से जुड़ी पर्सनल जानकारी शेयर नहीं करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना की होगी प्रभावी भूमिका

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की आय बढ़ाने में पशुपालन का विशेष योगदान है। प्रदेश को देश का मिल्क कैपिटल बनाने के उद्देश्य से दूध उत्पादन को बढ़ावा देने, गौवंश के संवर्धन और संरक्षण तथा पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा समावेशी प्रयास और नवाचार किए जा रहे हैं। प्रदेश की सभी 208 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में विकसित हो रहे मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना अन्य ग्रामों के लिए उदाहरण और प्रेरणा का स्त्रोत बनेंगे। यह नवाचार प्रदेश में गौपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। योजना के क्रियान्वयन में सभी संबंधित विभाग परस्पर समन्वय से कार्य करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मंत्रालय में योजना की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में दिए। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 129 ग्रामों में दूध समितियों का गठन किया जा चुका हैं। इनमें से 70 ग्रामों में दुग्ध संघ की गतिविधियां संचालित हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा सभी वृंदावन ग्रामों को क्षीर सागर योजना में शामिल किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत नस्ल सुधार, पशुओं के लिए पोषण, उपचार जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। बैठक में वृंदावन ग्रामों में संचालित गौशालाओं तथा उनके विकास के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी भी दी हैं। MP में 208 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में विकसित होंगे वृंदावन ग्राम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात मंत्रालय में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना की समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना केवल गौवंश संरक्षण तक सीमित नहीं है। इसका सीधा उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पशुपालकों की आय बढ़ाने से भी जुड़ा है। ऐसे में योजना से जुड़े सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल भी मौजूद रहे। 129 गांवों में बनीं दूध समितियां, 70 में शुरू हुई दुग्ध संघ की गतिविधियां बैठक में योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदेश के 129 गांवों में दूध समितियों का गठन किया जा चुका है। इनमें से 70 गांवों में दुग्ध संघ से जुड़ी गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सरकार का फोकस गांव स्तर पर दूध उत्पादन और उसके व्यवस्थित संग्रहण से लेकर दुग्ध क्षेत्र से जुड़े कामों को मजबूत करने पर है। इससे पशुपालकों को संगठित तरीके से दुग्ध उत्पादन से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। क्षीर सागर योजना से जोड़े जाएंगे सभी वृंदावन ग्राम पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से बताया गया कि सभी मुख्यमंत्री वृंदावन ग्रामों को क्षीर सागर योजना में शामिल किया जा रहा है। इसके तहत पशुओं की नस्ल सुधार, बेहतर पोषण और उपचार जैसी सुविधाओं पर काम किया जाएगा। नस्ल सुधार से बेहतर दुग्ध उत्पादन की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं पशुओं के पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान देकर पशुपालकों को अधिक उत्पादक पशुधन उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। गौशालाओं के विकास पर भी रहेगा फोकस बैठक में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्रामों में संचालित गौशालाओं और उनके विकास के लिए चल रही गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। सरकार का प्रयास है कि गौशालाओं और पशुपालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए, ताकि गौवंश संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री ने योजना से जुड़े सभी कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने और विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सरकार का लक्ष्य है कि मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को नई दिशा दे और किसानों-पशुपालकों की आय बढ़ाने में उपयोगी साबित हो।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शुक्रवार को गाजियाबाद दौरा

शुक्रवार को गाजियाबाद आएंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ -इंदिरापुरम स्थित 40 एमएलडी क्षमता वाले टीएसटीपी का करेंगे निरीक्षण – डासना के सुंदरदीप कॉलेज में शिक्षक और स्नातक मतदाता सम्मेलन को करेंगे संबोधित – 23 अक्टूबर को प्रस्तावित एमएलसी चुनाव के मद्देनजर मेरठ-सहारनपुर खंड के मतदाताओं से करेंगे संवाद गाजियाबाद  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गाजियाबाद के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह इंदिरापुरम स्थित टर्शियरी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (टीएसटीपी) का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद डासना स्थित सुंदरदीप इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित भाजपा के शिक्षक और स्नातक मतदाता सम्मेलन में प्रतिभाग करेंगे। 320 करोड़ की परियोजना से उद्योगों को मिल रहा शोधित जल मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2:10 बजे हिंडन एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वह इंदिरापुरम स्थित टीएसटीपी का निरीक्षण करने जाएंगे। करीब 320 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस प्लांट की क्षमता 40 एमएलडी है। यहां सीवेज के पानी को शोधित कर औद्योगिक उपयोग के योग्य बनाया जाता है। परियोजना से करीब 1,200 औद्योगिक इकाइयों को पानी की आपूर्ति की जाती है। शिक्षक-स्नातक मतदाताओं को करेंगे संबोधित टीएसटीपी के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2:45 बजे डासना स्थित सुंदरदीप इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचेंगे। यहां भाजपा की ओर से मेरठ-सहारनपुर खंड के शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

यूपी की सौज झील बनी रामसर साइट, सीएम योगी ने बताया गौरव का क्षण

उत्तर प्रदेश की सौज झील बनी रामसर साइट्स उत्तर प्रदेश में साइट्स की संख्या बढ़कर हुईं 14 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के लिए बताया गौरव का क्षण  केंद्रीय वन-पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने उत्तर प्रदेश को दी बधाई लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद में स्थित सौज झील को गुरुवार को रामसर साइट्स घोसित किया गया है। इसके रामसर साइट्स घोषित होने के बाद प्रदेश में इनकी संख्या 14 हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय वन-पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है।  मुख्यमंत्री ने कहा- प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश के लिए यह गर्व का क्षण है कि 'सौज झील' को प्रतिष्ठित 'रामसर' मान्यता प्राप्त हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की अपनी समृद्ध प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करने की प्रतिबद्धता को नई गति मिल रही है। यह नई उपलब्धि हमारे राज्य की समृद्ध प्राकृतिक विरासत को दर्शाती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सहेज कर रखने के हमारे दृढ़ संकल्प को भी दिखाती है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के लोगों को हार्दिक बधाई। मैनपुरी के किशनी तहसील में है सौज झील मैनपुरी के प्रभागीय वनाधिकारी शिवम मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद की किशनी तहसील में स्थित सौज झील महत्वपूर्ण मौसमी आर्द्रभूमि है, जो समृद्ध जैव विविधता का केंद्र है। यह आर्द्रभूमि प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण आश्रयस्थल है तथा कृषि क्षेत्रों से घिरी हुई है। यहां 96 पक्षी प्रजातियां, 19 मछली प्रजातियां एवं 7 सरीसृप प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें अनेक संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। यहां संकटग्रस्त सारस तथा निकट संकटग्रस्त ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क सहित अनेक दुर्लभ पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। अपनी पारिस्थितिक महत्ता और समृद्ध पक्षी विविधता के कारण सौज झील आर्द्रभूमि संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश में अब 14 रामसर साइट्स, देश में दूसरे स्थान पर नवाबगंज पक्षी अभयारण्य (उन्नाव)  पार्वती अरगा पक्षी अभयारण्य (गोंडा)  समान पक्षी अभयारण्य (मैनपुरी)  समसपुर पक्षी अभयारण्य (रायबरेली)  सरसई नावर झील (इटावा)  सांडी पक्षी अभयारण्य (हरदोई)  सूर सरोवर पक्षी विहार (आगरा)  बखिरा पक्षी अभयारण्य (संत कबीर नगर)  ऊपरी गंगा नदी (बृजघाट से नरोरा तक) बुलंदशहर  हैदरपुर वेटलैंड (मुजफ्फरनगर/बिजनौर)  पटना पक्षी अभयारण्य (एटा)  शेखा झील पक्षी अभयारण्य (अलीगढ़)  जयप्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य (सुरहा ताल, बलिया)  सौज झील (मैनपुरी)