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सरकार की हरी झंडी के बाद निलंबित सीबीआई जज पर केस, एसीबी कर सकती है अगला कदम

 चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित पूर्व सीबीआई जज सुधीर परमार के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। अब एसीबी अदालत में पूर्व न्यायिक अधिकारी के खिलाफ चार्जशीट दायर कर सकेगी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व दंड प्रक्रिया संहिता के मुताबिक किसी भी लोक सेवक के खिलाफ मुकदमा चलाने से पहले राज्य सरकार की मंजूरी लेना अनिवार्य है। राज्य चौकसी एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 18 महीने जांच करने के बाद परमार के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी थी। पूर्व जज पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े रियल एस्टेट कंपनी एम3एम के प्रमोटर्स बसंत बंसल, पंकज बंसल और आईआरईओ के मालिक व प्रबंध निदेशक ललित गोयल व भतीजे अजय परमार के मामले में नरमी बरतने और रिश्वत लेने के आरोप थे। एसीबी से पहले ईडी ने रियल एस्टेट कंपनी के मालिकों व प्रबंध निदेशकों को घर खरीदारों और अन्य लोगों के साथ कथित धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया था। ईडी में अपनी जांच कर रही थी, उसी दौरान एसीबी परमार और एक अन्य व्यक्ति के बीच व्हाट्सएप चैट के कुछ स्क्रीनशॉट मिले, जिसमें वह एम3एम मालिकों को ईडी के मामलों में मदद करने के लिए 5 से 7 करोड़ रुपये की मांग कर रहे थे।  इसी चैट में दूसरा व्यक्ति कहता है कि आईआरईओ मामले में सुधीर परमार को पहले ही 5 करोड़ रुपये दे चुका है। उसके बाद एसीबी ने सुधीर परमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। उन पर यह भी आरोप है कि रिश्वत के पैसे से उन्होंने गुरुग्राम में प्रॉपर्टी भी खरीदी थी। बाद में इस मामले की जांच ईडी ने अपने हाथ में ले ली और सुधीर परमार के घर में छापे मारकर उन्हें गिरफ्तार किया। उसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।  

डॉ. इरफान अंसारी ने की स्वास्थ्य विभाग में बड़ी नियुक्तियों की पुष्टि

रांची झारखंड मंत्रालय में स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से आयोजित नियुक्ति पत्र के वितरण समारोह को स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य के लिए 'सबसे बड़ा दिन' बताया। डॉ अंसारी ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों की नियुक्ति हुई है। यह स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डॉ अंसारी ने कहा कि 'अब समय है कि डॉक्टरों को सम्मान मिले, उनका मनोबल बढ़े। मैंने पिछले सात महीनों में इस दिशा में एक लंबी लकीर खींची है। डॉक्टरों की प्रतिष्ठा बहाल करना हमारा उद्देश्य है।' डॉ. अंसारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में कुल 10,000 कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि 'हमारा प्रयास है कि हर गांव, हर पंचायत तक डॉक्टर और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचें। लोग महसूस करें कि झारखंड में भी एक मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था मौजूद है।' डॉ अंसारी ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले समय में रिम्स-2 की स्थापना के साथ-साथ छह नए मेडिकल कॉलेज भी खोले जाएंगे। जब तक मेडिकल कॉलेज नहीं बनते, तब तक डॉक्टर तैयार नहीं होंगे। इसलिए शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को समान रूप से सशक्त किया जा रहा है। साथ ही, रांची समेत राज्य के सभी सदर अस्पतालों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा मिल सके। उन्होंने कहा कि 'एक डॉक्टर 10,000 लोगों को स्वास्थ्य सेवा दे सकता है, ऐसे में 170 डॉक्टरों की नियुक्ति लाखों लोगों को राहत पहुंचाने वाली है। वहीं डॉ अंसारी ने कहा कि यह नियुक्ति पत्र वितरण न केवल झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगा, बल्कि आम जनता में विश्वास भी जगाएगा कि सरकार उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है।  

सुरक्षा बलों का ऑपरेशन कामयाब : झारखंड में नक्सली ठिकाने से हथियारों की भारी खेप जब्त

गिरिडीह झारखंड के गिरिडीह जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की टीमों ने बड़ी सफलता हासिल की है। मधुबन थाना क्षेत्र के सतकीरा और पारसनाथ की पहाड़ियों में संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के ठिकाने से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। यह सफलता गुप्त सूचना के आधार पर हुई सघन छापेमारी के बाद मिली है। गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बताया कि कार्रवाई में जिले के जोकाई नाला और चीरवाबेड़ा इलाके में विशेष रूप से सर्चिंग की गई। इस दौरान एक एसएलआर राइफल, एक 3.3 राइफल, 113 जिंदा कारतूस, दो मैगजीन पाउच, करीब 700 मीटर कोडेक्स वायर और 23 डेटोनेटर सहित विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। यह बरामदगी नक्सलियों की गतिविधियों को काफी हद तक प्रभावित करने वाली मानी जा रही है। वहीं डॉ कुमार ने बताया कि इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन में गिरिडीह पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ की 203 और 154 बटालियन की टीमों ने मिलकर काम किया। खास बात यह है कि इस संयुक्त अभियान को अपर पुलिस अधीक्षक अभियान सुरजीत कुमार, डिप्टी कमांडेंट सीआरपीएफ 154 बटालियन अमित कुमार झा, असिस्टेंट कमांडेंट कोबरा 203 वैभव मल्होत्रा, पुलिस निरीक्षक पिंटु शर्मा (सीआरपीएफ 154/एफ), खुखरा थाना प्रभारी निरंजन कच्छप और निमियाघाट थाना प्रभारी सुमन कुमार सहित अन्य जवानों की सहभागिता से अंजाम दिया गया। बरामदगी के बाद डुमरी अनुमंडल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें एसपी डॉ. विमल कुमार और सीआरपीएफ कमांडेंट ने मीडिया को जानकारी दी। डॉ कुमार ने कहा कि नक्सल उन्मूलन अभियान निरंतर जारी रहेगा और इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन नक्सलियों की सारी गतिविधियों को खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।  

शिवपुरी : बीच सड़क पर लोकायुक्त की छापेमारी, रिश्वत लेते फॉरेस्ट गॉर्ड को दबोचा

शिवपुरी जिले में लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछोर अनुविभाग के मायापुर थाना अंतर्गत राजापुर चौकी पर पदस्थ एक फॉरेस्ट गार्ड को 5 हजार की रिश्वत के साथ रंगे हाथों दबोचा है। वह खदान से पत्थर भरा ट्रैक्टर निकालने के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग किया था। बाद में 5 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था। लोकायुक्त डीएसपी विनोद सिंह कुशवाह ने बताया कि खनियाधाना के ग्राम रूपेपुर निवासी बलवीर सिंह लोधी ने 16 सितंबर को ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि राजापुर चौकी पर पदस्थ फॉरेस्ट गार्ड ध्रुव सिंह तोमर उससे खदान से पत्थर का ट्रैक्टर ले जाने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। जबकि वह पत्थर की रॉयल्टी भी देता है। पैसे लेते ही लोकायुक्त की टीम ने दबोचा पुलिस ने बलवीर के शिकायत की जांच की। जिसके बाद आरोपी फॉरेस्ट गार्ड ध्रुव सिंह तोमर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया। उसके बाद आरोपी को पकड़ने के लिए प्लान बनाया। फरियादी बलवीर को पूरी योजना समझाई। जब बलवीर ने राजापुर चौकी के पास  हीरापुर-पुरैनी मार्ग तिराहे पर आरक्षक तोमर को जैसे ही 5 हजार रुपए दिए तो पीछे से लोकायुक्त पुलिस टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया। लोकायुक्त डीएसपी विनोद सिंह कुशवाह ने बताया कि बलवीर ने ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस कार्यालय में फॉरेस्ट गार्ड के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर से गुरुवार को हमने आरोपी को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। आगे की विवेचना की जा रही है।

बरेली में नमाज के बाद उपद्रव, माहौल बिगड़ने पर पुलिस ने बरसाईं लाठियां

बरेली  यूपी के बरेली में जुमे की नमाज के बाद बवाल हो गया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया. प्रदर्शनकारी 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर विवाद को लेकर सड़कों पर उतरे थे. आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने प्रोटेस्ट का ऐलान किया था. पुलिस ने काफी समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी भीड़ नहीं मानी और वह बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करने लगी. जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. फिलहाल, माहौल तनावपूर्ण हो गए हैं.  दरअसल, शुक्रवार को बरेली में जुमे की नमाज के बाद 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर विवाद को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. सैकड़ों लोग शहर के अलग-अलग हिस्सों में पोस्टर और बैनर लेकर सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया.  बताया जा रहा है कि श्यामगंज इलाके में प्रदर्शनकारियों और एसपी क्राइम के बीच नोकझोंक भी हुई. हालात को देखते हुए पुलिस ने श्यामगंज में दुकानें बंद करा दीं. नौमहला मस्जिद के बाहर भी भीड़ जुट गई. जब भीड़ बेकाबू हो गई तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. जिससे कुछ ही मिनट में सैकड़ों की संख्या में जमा हुए लोग भाग खड़े हुए.  आपको बता दें कि मौलाना तौकीर रजा ने 'आई लव मोहम्मद' मामले में डीएम के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने की बात कही थी. उन्होंने सड़क पर उतरने का ऐलान किया था. जिसको लेकर पुलिस पहले से हाई अलर्ट पर थी. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था.  शुक्रवार को सुबह से ही इस्लामिया मैदान और बिहारीपुर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था. श्यामगंज मंडी वाले रोड पर बैरिकेडिंग करने के साथ-साथ भारी फोर्स भी लगाई गई थी. दोपहर होते-होते जब लोग घरों से निकलने लगे तो माहौल गरम होने लगा. आखिर में जुमे की नमाज के बाद लोग जुलूस के रूप से नारेबाजी करते हुए सड़कों पर निकल पड़े. नारेबाजी हुई, हंगामा हुआ, पुलिस ने रोका तो झड़प हुई. इसके बाद लाठीचार्ज हुआ. 

अमित शाह का दावा: 2026 चुनाव के बाद साकार होगा ‘सोनार बांग्ला’ का सपना

कोलकाता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कोलकाता के मशहूर संतोष मित्रा स्क्वायर दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने बंगाल और देशवासियों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं और कहा कि नौ दिनों तक चलने वाला शक्ति की उपासना का यह पर्व आज पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गया है। साथ ही उन्होंने इस दौरान मां दुर्गा से प्रार्थना की कि 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद बंगाल में ऐसी सरकार बने, जो राज्य को फिर से ‘सोनार बांग्ला’ (स्वर्णिम बंगाल) बना सके। शाह ने कहा कि मैंने मां दुर्गा से प्रार्थना की है कि बंगाल में ऐसी सरकार आए जो राज्य को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाए, जैसा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने सपना देखा था। शाह ने कहा कि मैंने मां दुर्गा से प्रार्थना की है कि इस चुनाव के बाद बंगाल में ऐसी सरकार बने जो 'सोनार बांग्ला' (स्वर्णिम बंगाल) की स्थापना करे। उन्होंने बंगाल को एक बार फिर शांति, सुरक्षा और समृद्धि का प्रतीक बनाने की बात कही। ईश्वरचंद्र विद्यासागर को दी श्रद्धांजलि अमित शाह ने समाज सुधारक और शिक्षाविद ईश्वरचंद्र विद्यासागर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि विद्यासागर जी का महिला शिक्षा और समाज सुधार में योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। इसके साथ ही गृह मंत्री ने दुर्गा पूजा की शुरुआत में हुई भारी बारिश और इससे हुई मौतों पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि दस से ज्यादा लोगों की जान चली गई, हम सभी भाजपा कार्यकर्ता पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं।

प्रेम दिखाने की कोशिश भारी पड़ी: कार से कुचलकर युवती हुई मृत, चार आरोपी गिरफ्तार

डोंगरगढ़ भिलाई से मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने पैदल डोंगरगढ़ जा रही 21 वर्षीय महिमा साहू की जिंदगी 24 सितंबर की रात सड़क हादसे में खत्म हो गई। घटना सोमनी थाना क्षेत्र के ग्राम मनकी के पास नेशनल हाईवे पर हुई, जहां तेज रफ्तार थार क्रमांक CG 04 QC 8007 की टक्कर से महिमा की मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार, यह नाबालिग अपनी रसूखदार पृष्ठभूमि का फायदा उठाते हुए कार चला रही थी। वजह थी अपनी गर्लफ्रेंड को प्रभावित करना और दिखाना कि “हम भी कुछ कर सकते हैं”। तेज रफ्तार और नाबालिग की स्टंट जैसी लापरवाही ने मासूम महिमा की जान ले ली। इस मामले में पुलिस ने कार जब्त कर वाहन स्वामी रजत सिंह, नयन सिंह, राजू कुमार धुर्वे और नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 106, 61(2), 238 बीएनएस और मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। लापरवाही और नियंत्रण खोने से हुआ हादसा पुलिस ने बताया कि हादसा पूरी तरह से गाड़ी चलाने में लापरवाही और नियंत्रण खोने के कारण हुआ। घटना ने सिर्फ सड़क सुरक्षा का मुद्दा उजागर नहीं किया, बल्कि यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रसूखदार परिवारों के नाबालिग क्यों बिना जिम्मेदारी के वाहन चला रहे हैं। लोगों ने कहा – सुरक्षा इंतजामों की कमी से हो रहे हादसे स्थानीय लोगों का कहना है कि हाइवे पर सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण यह हादसा और भी गंभीर हो गया। यह हादसा न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चेतावनी भी है कि तेज रफ्तार, लापरवाही और अभिभावकों की उदासीनता मिलकर मासूमों की जान खतरे में डाल सकती है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

मतदाता मैपिंग में गलती, सिंगरौली में BLO को फौरन निलंबित करने का आदेश!

सिंगरौली  मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में चुनावी तैयारियों की गंभीरता पर फिर एक बार रोक-टोक हुई है। कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी चन्द्रशेखर शुक्ला ने मतदान केंद्र क्रमांक 291 (विन्दुल) के बीएलओ राम लल्लू सिंह को निलंबित कर दिया है। राम लल्लू सिंह वर्तमान में उस ही केंद्र पर सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे, लेकिन निर्वाचन सूची में मतदाताओं की मैपिंग में अनदेखी पाए जाने के बाद उन पर कार्रवाई की गई। कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार राम लल्लू सिंह को पहले कारण‑बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका सही समय पर उत्तर नहीं मिला। इसलिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966 के तहत उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान उन्हें विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में रिपोर्ट करना अनिवार्य रहेगा; इसी अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला ने स्पष्ट कहा कि निर्वाचन कार्य में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई सिर्फ एक कर्मचारी तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी जिम्मेदारियों के प्रति सभी कर्मचारियों के लिए चेतावनी है — अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाना होगा। 

जिंदल स्टील ने अंगुल में देश के सबसे बड़े ब्लास्ट फर्नेस में से एक का कमीशन किया, 12 एमटीपीए क्षमता की ओर अग्रसर

जिंदल स्टील ने अपने एकीकृत स्टील प्लांट, अंगुल में देश के सबसे बड़े ब्लास्ट फर्नेस में से एक का कमीशन किया, जिससे हॉट मेटल क्षमता 4 एमटीपीए से बढ़कर 9 एमटीपीए हो गई। नया फर्नेस अंगुल, ओडिशा को सबसे बड़े एकल-स्थान स्टील प्लांट के रूप में स्थापित करता है और इसे जिंदल स्टील की भविष्य की विकास रणनीति का केंद्रबिंदु बनाता है। रायपुर  जिंदल स्टील ने भारत के स्टील उद्योग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने 5 एमटीपीए क्षमता वाले ब्लास्ट फर्नेस को चालू किया है। यह सफलता भगवती सुभद्रिका ब्लास्ट फर्नेस – II के कमीशनिंग से हासिल हुई। इस “ब्लो-इन” समारोह का नेतृत्व जिंदल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने किया। इसके साथ ही अंगुल देश का सबसे बड़ा एकल-स्थान स्टील प्लांट बन गया है। भगवती सुभद्रिका ब्लास्ट फर्नेस, जिसकी उपयोगी क्षमता 5,499 वर्गमीटर है, दुनिया के सबसे बड़े और उन्नत फर्नेस में से एक है। यह जिंदल स्टील की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें कंपनी पैमाने, अत्याधुनिक ऑटोमेशन, मजबूत सुरक्षा डिज़ाइन और बेहतर स्थिरता को जोड़कर उद्योग में नए मानक स्थापित कर रही है। श्री नवीन जिंदल, चेयरमैन, जिंदल स्टील ने कहा, “अंगुल में भगवती सुभद्रिका ब्लास्ट फर्नेस का कमीशन होना जिंदल स्टील और भारत के लिए गर्व का क्षण है। अंगुल की क्षमता को 12 एमटीपीए तक दोगुना करके हम अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धा को और मजबूत कर रहे हैं तथा आत्मनिर्भर भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा रहे हैं। ओडिशा की संस्कृति में जड़े हुए और अत्याधुनिक तकनीक से संचालित यह फर्नेस हमारी उस दृष्टि का प्रतीक है, जिसमें परंपरा और नवाचार का संगम है।” यह उपलब्धि जिंदल स्टील की दीर्घकालिक विकास योजनाओं को नई गति प्रदान करती है। अब अंगुल कंपनी के भविष्य के विस्तार का केंद्रीय केंद्र होगा। प्रस्तावित परियोजनाओं में पारादीप में एक समर्पित पोर्ट, स्लरी पाइपलाइन और कोल पाइप कन्वेयर (सप्लाई चेन दक्षता बढ़ाने के लिए), श्रीभूमि पावर प्लांट और नए कोक ओवन संयंत्र शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से अंगुल को जिंदल स्टील की वैश्विक विकास रणनीति की धुरी के रूप में विकसित किया जाएगा। जिंदल स्टील के बारे में जिंदल स्टील भारत के प्रमुख एकीकृत स्टील उत्पादकों में से एक है, जो अपने पैमाने, दक्षता और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के लिए प्रसिद्ध है। कंपनी माइन-टू-मेटल मॉडल पर कार्य करती है और अपने खनिज संसाधनों, उन्नत विनिर्माण क्षमताओं और वैश्विक वितरण नेटवर्क का लाभ उठाकर उच्च-प्रदर्शन स्टील समाधान प्रदान करती है। 12 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश के साथ, जिंदल स्टील अंगुल, रायगढ़ और पतरातू में अत्याधुनिक सुविधाएं संचालित करती है तथा भारत और अफ्रीका में अपनी रणनीतिक गतिविधियां बनाए रखती है। इसका विविध और भविष्य-उन्मुख उत्पाद पोर्टफोलियो बुनियादी ढांचा, निर्माण और विनिर्माण जैसे कोर क्षेत्रों को सशक्त बनाता है, जो स्ट्रेंथ और सस्टेनेबिलिटी के साथ प्रगति को गति देता है।

राज्यपाल पटेल ने राज्यमंत्री श्रीमती गौर को दी जन्म दिन की बधाई

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट के लिए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर शुक्रवार को राजभवन पहुंची। उनके जन्म दिवस अवसर पर राजभवन आगमन के प्रसंग में राज्यपाल  पटेल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर श्रीमती गौर को जन्म दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल की शुभकामनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, श्रीमती गौर ने भी उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर धन्यवाद ज्ञापित किया।