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दिल्लीवासियों के लिए राहत टली: पहाड़ी राज्यों में बारिश जारी, 15 राज्यों का मौसम ऐसा रहेगा

नई दिल्ली  दिल्ली में लगातार तेज धूप निकल रही है. रविवार को भी दिल्ली में पूरे दिन तेज धूप निकली रही, जिससे लोगों की गर्मी से हालत खराब हो गई. तेज धूप की वजह से लोगों को गर्मी महसूस हो रही है. आने वाले दिनों में भी दिल्ली वालों के लिए राहत की उम्मीद नहीं है. दिल्ली में अगले 4 दिन ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है. 26 सितंबर तक दिल्ली में मौसम साफ रहेगा और तेज धूप का सिलसिला जारी रहेगा. दिल्ली के तापमान में भी बढ़ोतरी हो रही है. आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. आगे भी इसी तरह का तापमान बने रहने की संभावना है. हालांकि, 27 सितंबर को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं, लेकिन भारी बारिश की संभावना नहीं है. पहाड़ी राज्यों पर भी बारिश हल्की हो गई है. हालांकि, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में अभी भारी बारिश होने की संभावना है. इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना 22 और 23 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश होने की संभावना है. 22 से 24 सितंबर तक पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा में भारी बारिश होने की संभावना है. अगले 5 दिनों के दौरान पूर्वी भारत में गरज के साथ बौछारें पड़ने और तेज रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. 22-24 सितंबर के दौरान असम और मेघालय में भारी बारिश होने की संभावना है. 22 से 27 सितंबर के दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होने की संभावना है. 22, 26 और 27 सितंबर को केरल और माहे में बारिश होने की संभावना है. 22, 26 और 27 सितंबर को रायलसीमा, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और यनम में भारी बारिश होने की संभावना है. अगले 5 दिनों के दौरान इन क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं चलने की भी संभावना है. अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम का हाल? 24 सितंबर को छोड़कर अगले 7 दिनों के दौरान मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. 22 और 25-27 सितंबर के दौरान कोंकण और गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात में भारी बारिश होने की संभावना है. 25 से 27 सितंबर के दौरान उत्तरी और उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल में तेज रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जो 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. अगले 24 घंटों में गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए मौसम अनुकूल हो रहा है. 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव बन सकता है. यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 26 सितंबर तक दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों के पास एक अवदाब (Low Pressure) में बदल सकता है. इसके 27 सितंबर तक दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से टकराने की संभावना है.

सीट शेयरिंग पर सस्पेंस खत्म, JDU निभाएगी बिहार में बड़े भाई की भूमिका

  पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, एनडीए में सीट शेयरिंग फॉर्मूला लगभग तय है. कहा जा रहा है कि JDU 102 सीटों पर, भाजपा 101 और चिराग की पार्टी एलजेपी (आर) 20 (बाद में 1 एक एमएलसी , एक राज्यसभा मिल सकता है) सीटों पर चुनाव लड़ेगी, हम-RLM को 10-10 सीटें. मिल सकती हैं. कहा जा रहा है कि इसमें एक दो सीट घट या बढ़ सकता है कुछ सीटों की अदला बदली हो सकती हैं. हाल ही में मंत्री संतोष सुमन ने बयान दिया. उन्होंने कहा कि बस दस दिनों में सीटों का बंटवारा हो जाएगा. चिराग पासवान के सम्मानजनक सीटों की डिमांड और गठबंधन में रहने के सवाल पर कहा कि सबको सम्मानजनक सीटें मिलेंगी. किसी के नाराज होने की बात नहीं है. पटना में होने वाली कांग्रेस की बैठक पर संतोष सुमन ने कहा कि- कांग्रेस को समझ में आ गया है कि पिछलग्गू बनने से काम नहीं चलेगा. क्रेडिट मिलेगा तो एक ही पार्टी को मिलेगा. अगर चिंतन करने के बाद कांग्रेस को सद्बुद्धि आई है तो मैं उनका स्वागत करता हूं. कांग्रेस बहुत बड़ी पार्टी रही है और मुझे लगता है कि पहली बार उनकी बैठक हो रही है. उनके बड़े-बड़े नेता आएंगे. ज्यादा सीटों की डिमांड बता दें कि, बता दें कि, बीते दिनों केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी मुखिया जीतनराम मांझी ने ज्यादा सीटों की डिमांड की थी. जिसमें उन्होंने हम पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी के रूप में रजिस्टर्ड कराने का हवाला देते हुए सीटों की मांग की थी. उनके साथ ही एनडीए के अन्य घटक दलों में भी सीटों की डिमांड को लेकर खींचतान थी. ऐसे में हर किसी की नजर सीटों के बंटवारे पर टिकी हुई है. जिस पर एनडीए जल्द ही औपचारिक घोषणा कर सकता है. पिछला चुनाव साल 2020 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल जेडीयू ने कुल 243 विधानसभा सीटों में 115 और बीजेपी ने 110 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. इस चुनाव में भी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की अहम भूमिका में थी. तब जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा (सेक्युलर) को सात सीटें मिली थी. बीजेपी के साथ गठबंधन में रही मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने 11 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे.  

कश्मीरी हिंदुओं के लिए नौकरी छूट मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया

जम्मू-कश्मीर  विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं के लिए ग्रुप C और D की नौकरियों में छूट की मांग की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया है. केंद्र सरकार की नौकरियों की भर्ती के लिए आयु में छूट की मांग की गई थी. इस मामले पर सुनवाई से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिककर्ता से पूछा कि हमें इसमें हस्तक्षेप क्यों करना चाहिए? ये सभी नीतिगत निर्णय हैं. विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं के एक संगठन पनुन कश्मीर ट्रस्ट ने की ओर से ये याचिका दायर की गई थी. याचिका में कहा गया था कि जहां सिख विरोधी दंगों और 2002 के गुजरात दंगों के पीड़ितों को इस तरह की छूट दी गई थी. उसी तरह की छूट इन्हें भी दी जानी चाहिए. याचिका में क्या कहा गया? पनुन कश्मीर ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की थी. ये याचिका भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई थी. विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं के लिए ग्रुप सी और डी की आने वाली केंद्र सरकार की नौकरियों में भर्तियों में उम्र सीमा में छूट को लेकर ये याचिका दायर की गई थी.याचिका में कहा गया है कि 1984 के सिख विरोधी दंगों और 2002 के गुजरात दंगों के पीड़ितों को ऐसी छूट दी गई है,लेकिन विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं को इस तरह की कोई भी छूट नहीं मिली. याचिका में यह भी कहा गया कि 1990 में घाटी में लक्षित नस्लीय सफाई और जबरन विस्थापन की वजह से बहुत से कश्मीरी उपेक्षित रहे. ऐसे में उपेक्षित कश्मीरी हिंदुओं को अभी तक इस तरह केसमान सकारात्मक उपायों का लाभ नहीं मिल सका और इससे वंचित रहे. याचिका में उल्लेख किया गया है कि कश्मीरी हिंदुओं को जनवरी 1990 में अपनी पैतृक भूमि से भागने के लिए मजबूर किया गया था. इस वजह से तीन दशकों से ज्यादा समय तक उनके मौलिक अधिकारों का हनन हुआ है. याचिका में यह भी कहा गया कि विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं की दूसरी पीढ़ी, जिन्होंनेशरणार्थी शिविरों और जगह-जगह बस्तियों में अपना समय बिताया है. अब उन्हें सरकारी नौकरियों में आयु सीमा के प्रतिबंधों की वजह से रोजगार में बाधाएं झेलनी पड़ रही हैं और उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में उन्हें ग्रुप सी और डी की नौकरियों में छूट दिया जाना चाहिए.

20 साल बाद ट्रॉफी की वापसी! दिनेश कार्तिक बने भारत के कप्तान, Hong Kong Sixes 2025 की तैयारियाँ शुरू

नई दिल्ली   टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर और मौजूदा दौर में आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मेंटॉर दिनेश कार्तिक के फैंस के लिए खुशखबरी है. दिनेश कार्तिक अब जल्द ही बतौर खिलाड़ी मैदान पर उतरने वाले हैं और बड़ी बात ये है कि वो टीम इंडिया के कप्तान भी बन गए हैं. दिनेश कार्तिक को Hong Kong Sixes 2025 टूर्नामेंट में भारतीय टीम की कमान सौंपी गई है. ये टूर्नामेंट 7 नवंबर से शुरू होगा और इसका खिताबी मुकाबला 9 नवंबर को खेला जाएगा. बड़ी बात ये है कि दिनेश कार्तिक के अलावा आर अश्विन भी इस टूर्नामेंट में खेलेंगे. आर अश्विन ने हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया है. 20 सालों से चैंपियन नहीं बना भारत Hong Kong Sixes 2025 टूर्नामेंट हॉन्ग कॉन्ग में खेला जाता है. इस टूर्नामेंट में सचिन, धोनी, कुंबले जैसे खिलाड़ी खेल चुके हैं. खुद दिनेश कार्तिक भी पहले ये टूर्नामेंट खेल चुके हैं और इस बार उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी मिली है. बता दें हॉन्ग कॉन्ग सिक्सेस टूर्नामेंट साल 1992 में शुरू हुआ था जिसमें कुल 12 टीमें खेलती हैं. इस टूर्नामेंट को भारत ने एक ही बार साल 2005 में जीता है. पाकिस्तान ने ये टूर्नामेंट पांच बार जीता है. भारतीय टीम ने साल 1992 और 1995 में इस टूर्नामेंट को फाइनल में गंवाया था. अब दिनेश कार्तिक को जिम्मेदारी मिली है कि 20 साल बाद इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया को चैंपियन बनाएं. Hong kong sixes में खराब प्रदर्शन Hong Kong Sixes में पिछले साल भारतीय टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था. रॉबिन उथप्पा टीम के कप्तान थे और टीम एक भी मैच नहीं जीत पाई. भारत को पाकिस्तान के साथ-साथ यूएई से भी हार का सामना करना पड़ा था. पाकिस्तान की टीम ने फाइनल में जगह बनाई थी लेकिन श्रीलंका के खिलाफ उसे मुंह की खानी पड़ी थी. बता दें Hong Kong Sixes टूर्नामेंट में एक टीम में सिर्फ 6 ही खिलाड़ी खेलते हैं. एक पारी 6 ओवर की होती है और हर खिलाड़ी एक ही ओवर फेंक सकता है. टूर्नामेंट में फ्री हिट या नो बॉल नहीं होती. साथ ही अगर कोई खिलाड़ी अर्धशतक बना दे तो उसे रिटायर होना पड़ता है.

सस्ते में अपना घर पाएं: लखनऊ के फ्लैटों पर 2 लाख रुपये तक की अद्भुत छूट

लखनऊ  लखनऊ विकास प्राधिकरण इस फेस्टिव सीजन लोगों के लिए बंपर ऑफर लेकर आया है. इसके तहत पहले आओ पहले पाओ योजना में उपलब्ध फ्लैटों पर 1 लाख से लेकर 2 लाख रुपए तक सीधी छूट मिलेगी. यह ऑफर 22 सितंबर से 22 अक्टूबर, 2025 तक एक माह के लिए वैध रहेगा. इसके साथ पूर्व में दी जा रही सभी प्रकार की छूट भी प्रभावी रहेंगी. एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर यह विशेष ऑफर खोला जा रहा है. ऐसे में इस फेस्टिव सीजन पर लखनऊ में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों को बड़ी सौगात मिलेगी. ‘पहले आओ-पहले पाओ योजना’ प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में रिक्त फ्लैटों को ‘पहले आओ-पहले पाओ योजना’ के तहत बेचा जा रहा है. इसमें खरीददारों को कई प्रकार की सहूलियत व छूट मिलती है. इसके तहत 45 से 90 दिनों के अंदर फ्लैट की पूरी धनराशि जमा करने पर 06 से 03 प्रतिशत की छूट दी जाती है. अब नवरात्रि, दशहरा व दीपावली के उपलक्ष्य में पहले आओ पहले-पाओ योजना में उपलब्ध फ्लैटों पर बंपर ऑफर निकाला जा रहा है. इन फ्लैटों पर मिल रही इतनी छूट इसके अनुसार 20 लाख से 50 लाख रुपये कीमत के फ्लैटों का पंजीकरण/आवंटन कराने पर 01 लाख की छूट, 50 लाख से 75 लाख रुपये कीमत के फ्लैटों पर 1.50 लाख रुपये की छूट और 75 लाख रुपये से अधिक कीमत के फ्लैटों पर 2 लाख रुपये की छूट दी जाएगी. यह बंपर ऑफर 22 सितंबर, 2025 से एक महीने के लिए ही मान्य रहेगा. 500 से 1900 वर्गफिट क्षेत्रफल के फ्लैट उपलब्ध एलडीए की विभिन्न योजनाओं में 500 से 1900 वर्गफिट क्षेत्रफल के 1 बीएचके, 2 बीएचके व 3 बीएचके फ्लैट उपलब्ध हैं. जिनकी कीमत लगभग 22 लाख रुपये से 1.08 करोड़ रुपये तक है. इसमें सरकारी कर्मचारियों को फ्लैट की कीमत का 25 प्रतिशत व सामान्य नागरिकों को 35 प्रतिशत भुगतान करने पर हायर पर्चेज एग्रीमेंट के तहत फ्लैट का कब्जा भी दिया जा रहा है. इसके अलावा कोई भी व्यक्ति किसी भी बहुमंजिला आवासीय योजना (सुलभ आवास एवं ईडब्ल्यूएस को छोड़कर) में एक से अधिक फ्लैट खरीद सकेगा.  नैमिष नगर के लिए एलडीए ने शुरू किया जमीन का अधिग्रहण लखनऊ विकास प्राधिकरण ने सीतापुर रोड पर एक नई टाउनशिप लेकर आ रही है. इस टाउशिप को नैमिष नगर नाम से विकसित करने की तैयारी है. इस आवासीय योजना के तरह 3 लाख लोगों का घर का सपना पूरा हो जाएगा. एलडीए इसके लिए बीकेटी तहसील के 18 गांवों की करीब 1084 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की है. इसमें ग्राम-भौली, लक्ष्मीपुर, पूरब गांव, पुरवा, सैरपुर, फरूखाबाद, कोड़री भौली, कमलाबाद, कमलापुर, पलहरी, गोपरामऊ, बारूमऊ, धतिंगरा, सैदापुर, पश्चिम गांव, धोबैला, उमरभारी व दुग्गौर शामिल हैं. योजना के लिए जमीन जुटाने में लगभग 4,785 करोड़ रुपये का खर्च होने की बात कही जा रही है. इसके लिए प्राधिकरण बोर्ड की स्वीकृति भी दी जा चुकी है.  

बिक्स-मुलाकात: गुरिंदर ढिल्लों से 35 मिनट की बातचीत के बाद मची चर्चा

चंडीगढ़  पंजाब की राजनीति और धार्मिक जगत का संगम मंगलवार को नाभा जेल में देखने को मिला। आय से अधिक संपत्ति मामले में बंद शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से मुलाकात करने राधा स्वामी सत्संग ब्यास डेरा प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों पहुंचे। यह मुलाकात जेल परिसर में करीब 35 मिनट तक चली। सुबह करीब 11 बजे डेरा प्रमुख अपनी निजी कार से जेल पहुंचे। सुरक्षा जांच औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उन्हें मजीठिया से मिलने की इजाजत दी गई। मुलाकात को परिवारिक रिश्तेदारी की श्रेणी में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि मजीठिया की पत्नी गनीव कौर की रिश्तेदारी डेरा प्रमुख ढिल्लों से जुड़ी हुई है। हालांकि मंगलवार की मुलाकात को केवल पारिवारिक बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं भी उठ खड़ी हुई हैं। अकाली राजनीति के दिग्गज माने जाने वाले मजीठिया और धार्मिक दुनिया में अहम स्थान रखने वाले डेरा प्रमुख की यह भेंट कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। करीब आधे घंटे से अधिक चली इस मुलाकात के बाद डेरा प्रमुख बिना किसी सार्वजनिक बयान के जेल से रवाना हो गए। वहीं जेल सूत्रों का कहना है कि मुलाकात शांतिपूर्ण माहौल में हुई और इसे सिर्फ पारिवारिक रिश्ता मानकर अनुमति दी गई थी। चार्जशीट में 40 हजार पन्ने, 200 गवाह और 400 बैंक खाते विजिलेंस ब्यूरो ने बीते जून में मजीठिया को गिरफ्तार किया था। उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है। जांच एजेंसी ने 22 अगस्त को अदालत में 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें 200 से ज्यादा गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं, जबकि 400 से अधिक बैंक खातों की लेन-देन जांची गई। मजीठिया द्वारा जेल प्रशासन को दिए गए 10 मुलाकातियों की सूची में डेरा प्रमुख गुरिंद्र ढिल्लों का नाम भी दर्ज था। इसी सूची के आधार पर यह मुलाकात संभव हो पाई। पहले भी पहुंचे परिवार के सदस्य मजीठिया की गिरफ्तारी के बाद से उनके परिवारजन समय-समय पर उनसे मुलाकात करते रहे हैं। हाल ही में उनकी पत्नी गनीव कौर और बहन सांसद हरसिमरत कौर बादल नाभा जेल पहुंची थीं। राखी के त्योहार पर हरसिमरत कौर ने अपने भाई को जेल में राखी भी बांधी थी।

प्रशांत किशोर का हमला: जानिए कैसे कॉलेज के क्लर्क बने दिलीप, मंगल और सम्राट के मालिक

पटना  जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर लगातार बिहार के बड़े नेताओं पर निशाना साध रहे हैं, उन्होंने एक बार फिर राज्य के तीन प्रमुख बीजेपी नेताओं स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, उपमुख्यमत्री सम्राट चौधरी और पूर्व मंत्री दिलीप जायसवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रशांत किशोर का कहना है कि इन नेताओं के पास जवाब देने का समय है तो वो मीडिया में आएं और उन पर केस करें. प्रशांत किशोर ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने 86 लाख रुपये में एक फ्लैट खरीदा है. इसमें से 25 लाख रुपये उनकी पत्नी के खाते से दिए गए, जिसका पूरा ब्योरा उनके पास है, उन्होंने आरोप लगाया कि यह पैसा दिलीप जायसवाल के खाते से पांडे के पिता के खाते में गया और फिर उनकी पत्नी के खाते में जमा हुआ. उन्होंने कहा कि मंगल पांडे ने स्वीकार किया कि उन्होंने पैसा लिया था, लेकिन बाद में लौटा दिया. इस पर प्रशांत किशोर ने सवाल उठाया कि अगर पैसा लौटा दिया तो फ्लैट खरीदने के बाकी पैसे कहां से आए, उन्होंने यह भी दावा किया कि पांडे की पत्नी के खाते में सवा दो करोड़ रुपये जमा किए गए हैं. सम्राट चौधरी की डिग्री पर सवाल प्रशांत किशोर ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी बड़ा आरोप लगाया, उन्होंने कहा कि 1998 के शपथ पत्र में सम्राट चौधरी ने खुद को सातवीं पास बताया था, लेकिन बाद के हलफनामों में उन्होंने ग्रेजुएट और फिर पीएचडी होने का दावा किया. प्रशांत किशोर ने सुप्रीम कोर्ट के दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि सम्राट चौधरी, जिनका नाम उस समय सम्राट कुमार मौर्य था वो परीक्षा में फेल हो गए थे और उन्हें केवल 234 अंक मिले थे. ऐसे में उनकी डिग्री और पीएचडी पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. दिलीप जायसवाल पर कब्जे और हत्या का आरोप प्रशांत किशोर ने पूर्व मंत्री दिलीप जायसवाल पर भी निशाना साधा, उनका कहना है कि जायसवाल ने सिख समुदाय के अल्पसंख्यक कॉलेज पर कब्जा कर लिया है. ऐसे कॉलेज का प्रबंधन हमेशा सिख समाज के पास होना चाहिए, लेकिन अब यह जायसवाल के हाथ में है. किशोर ने पूछा कि आखिर एक क्लर्क या चपरासी कॉलेज का मालिक कैसे बन सकता है? इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि जायसवाल पर एक व्यक्ति की हत्या का भी आरोप है. मृतक राजेश शाह के परिवार ने भी यह बात कही है. पीके ने कहा कि अगर जायसवाल निर्दोष हैं तो मीडिया में आकर इसका खुलकर जवाब दें.  

पीएम-जनमन क्षेत्रों में विशेष शिविरों के माध्यम से हजारों जनजातीय हितग्राही हुए लाभान्वित

महिलाओं के लिए बड़ी पहल: रायपुर में दूरदराज अंचलों तक पहुंची विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं रायपुर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की महत्त्वाकांक्षी पहल “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के अंतर्गत आज प्रदेशभर के प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय मिशन (PM JANMAN) क्षेत्रों में विशेष जनजातीय स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से पिछड़ी जनजातीय समूहों (PVTGs) सहित हजारों लोगों को समर्पित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं, जो प्रदेश सरकार की जनजातीय स्वास्थ्य सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ राज्य में ‘‘स्वस्थ्य नारी, सशक्त परिवार‘‘ अभियान के आज के थीम के अनुरूप विशेष रूप से पीवीटीजी (विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह) क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने हेतु मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMU) के माध्यम से व्यापक स्तर पर सेवाएं प्रदान की गई, जिसमें राज्य के 24 ज़िलों में कुल 85 स्वास्थ्य शिविरों का संचालन किया गया। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में 51 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की सक्रिय भागीदारी से पिछड़ी जनजातीय समूह के 1,815 सहित कुल 7,825 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।  दूरस्थ अंचलों में बसे जनजातीय समुदायों को ध्यान में रखते हुए इन शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा समग्र स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सेवाएँ प्रदान की गईं। सेवाओं के अंतर्गत सामान्य ओपीडी उपचार के अंतर्गत 2,118 लोगों का इलाज किया गया, वहीं 1,020 लोगों की हाईपरटेंशन (बीपी) जांच और 1108 लोगों की मधुमेह स्क्रीनिंग की गई। महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखते हुए एनीमिया की जांच 878 महिलाओं में की गई, जबकि मातृत्व सेवाओं के तहत 260 महिलाओं की एएनसी/पीएनसी जांच की गई। साथ ही, 210 मलेरिया, 340 सिकल सेल, और 112 टीबी जांचें की गईं। कैंसर स्क्रीनिंग (मुख, स्तन व ग्रीवा) के माध्यम से 150 महिलाओं की जांच की गई। बच्चों को टीकाकरण सेवाएं भी दी गईं, जिससे 185 बच्चों को लाभ मिला, जबकि परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ 145 महिलाओं ने उठाया। मानसिक स्वास्थ्य परामर्श के तहत 80 लोगों को परामर्श दिया गया और आयुष एवं वेलनेस सेवाओं से 60 लोगों को लाभ मिला। इसके साथ ही, मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर भी विशेष रूप से जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जिसमें किशोरियों और महिलाओं को स्वच्छता प्रबंधन, सैनिटरी नैपकिन के उपयोग, संक्रमण से बचाव जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। यह प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं से आगे बढ़कर, महिलाओं के स्वस्थ जीवन की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध हो रहा है। स्वास्थ्य सेवा वितरण के साथ-साथ समुदाय में जागरूकता और विश्वास का संचार भी इन शिविरों की एक विशेष उपलब्धि रही। शिविरों में आए हितग्राहियों को न केवल जांच और उपचार प्रदान किया गया, बल्कि उन्हें पोषण, जीवनशैली में सुधार, नियमित जांच की महत्ता आदि विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया गया। यह अभियान राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में रह रहे समुदायों तक मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक प्रभावशाली कदम है। महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखकर चलाया गया यह कार्यक्रम सम्पूर्ण परिवार की सशक्तता और समग्र स्वास्थ्य सुधार की दिशा में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहा है।

Paytm ने लॉन्च किया Postpaid सर्विस, UPI यूजर्स को मिलेंगे बड़े लाभ

 नई दिल्ली फिनटेक कंपनी पेटीएम (Paytm) ने अपने यूजर्स के लिए एक शानदार नई सुविधा 'पेटीएम पोस्टपेड' (Paytm Postpaid) लॉन्च की है। अब आप यूपीआई (UPI) पेमेंट के लिए क्रेडिट लाइन का इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे छोटी-मोटी खरीदारी करना और भी आसान हो जाएगा। इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप अभी खर्च कर सकते हैं और इसका भुगतान अगले महीने आराम से कर सकते हैं। कैसे काम करती है यह सुविधा? 'पेटीएम पोस्टपेड' सेवा नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (SSFB) के साथ मिलकर शुरू की गई है। इस सेवा का उद्देश्य लोगों को उनके रोजमर्रा के खर्चों में तुरंत क्रेडिट देना है। पेमेंट का तरीका: आप किसी भी यूपीआई क्यूआर कोड को स्कैन करके पेमेंट कर सकते हैं, चाहे वह ऑनलाइन शॉपिंग हो, मोबाइल रिचार्ज हो, बिल भुगतान हो या कोई बुकिंग हो। क्रेडिट की अवधि: इस सेवा में आपको 30 दिनों तक की शॉर्ट-टर्म क्रेडिट मिलती है, जिससे आप अपनी जरूरतों के हिसाब से तुरंत खर्च कर सकें। चयनित यूजर्स: फिलहाल, यह सुविधा सीमित यूजर्स के लिए शुरू की गई है, जिन्हें उनके खर्च करने के तरीके के आधार पर चुना गया है। आने वाले समय में इसे और ज्यादा लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। यूजर्स और मर्चेंट्स को क्या मिलेगा फायदा? पेटीएम के सीओओ अविजीत जैन ने बताया कि यह सेवा भारतीय लोगों को उनके रोजमर्रा के खर्चों में वित्तीय लचीलापन देगी। यह न केवल यूजर्स के लिए भुगतान को आसान बनाती है, बल्कि व्यापारियों (मर्चेंट्स) को भी तुरंत पैसा मिलने और यूनिवर्सल स्वीकृति सुनिश्चित करती है।

दिवाली-छठ पर बढ़ाई गई 12,000 स्पेशल ट्रेनें, अब हर मार्ग पर सफर होगा तेज़ और सुविधाजनक

नई दिल्ली देश में दिवाली की तैयारियां जोरों पर हैं और साथ ही लोग छठ पूजा पर भी अपने घर जाने के लिए निकलने की के लिए ट्रेन-बस बुकिंग करने में लगे हैं. इन त्योहारों लोग अपने घर आराम से और सुरक्षित पहुंचें इसके लिए भारतीय रेलवे ने भी बड़ी तैयारी की है और इसके तहत पिछले साल के मुकाबले इस साल और ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इससे जुड़ी जानकारी शेयर की है.  पिछले साल से 4500 ट्रेनें ज्यादा छठ और दिवाली के लिए ट्रेन संचालन पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि इन पर्वों पर पिछले साल हमने 7,500 स्पेशल ट्रेनें संचालित की थीं और इस बार हम अपनी क्षमता को और भी बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस बार छठ और दिवाली पर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए इंडियन रेलवे का लक्ष्य करीब 12000 स्पेशल ट्रेनें चलाने का है. गौरतलब है कि दिवाली और छठ पूजा के मौके पर दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े मेट्रो शहरों से उत्तर प्रदेश और बिहार समेत अन्य राज्यों में बड़ी संख्या में लोग जाते हैं और इस दौरान ट्रेनों में भारी भीड़ नजर आती है. स्टेशनों पर उमड़ने वाली इस भीड़ को देखते हुए ही रेलवे ने इस साल बीते साल से ज्यादा ट्रेनें चलाने की तैयारी की है.  1 अक्टूबर से 15 नवंबर तक चलेंगी ट्रेनें अश्विनी वैष्णव ने आगे इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इंडियन रेलवे की ओर से अभी तक 10,000 स्पेशल ट्रेनों की अधिसूचना जारी की जा चुकी है. छठ-दिवाली के लिए चलाई जाने वाली इन स्पेशल ट्रेनों में 150 ट्रेनें पूरी तरह से अनारक्षित कैटेगरी की होंगी और ये ट्रेनें अंतिम समय में चलाई जाएंगी. टाइमलाइन के बारे में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन स्पेशल ट्रेनों का संचालन अगले महीने की पहली तारीख यानी 1 अक्टूबर से शुरू होगा और 15 नवंबर तक किया जाएगा. वंदे भारत स्लीपर पर बड़ा अपडेट रेल मंत्री ने देश भर में भारतीय रेलवे के संचालन में तमाम प्रयासों के चलते आए सुधारों के बारे में बात करते हुए बताया कि अब देश के 70 में से 29 डिवीजनों में हमारी समयपालनता 90% से ज्यादा है. इसके साथ ही उन्होंने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पर भी बड़ा अपडेट दिया है और बताया कि इसे लेकर काम कहां तक आगे बढ़ा है.  अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर तैयार है और उसका परीक्षण भी पूरा हो चुका है. उन्होंने आगे कहा कि हम एक साथ दो Vande Bharat Sleeper रेक शुरू करेंगे और हम दूसरे रेक का ही इंतजार कर रहे हैं, जो 15 अक्टूबर तक आ जाएगा. इन रूट पर वंदे भारत और अमृत भारत रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने एक्स अकाउंट पर लखनऊ जंक्शन और सहारनपुर के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर कहा कि ये यात्रा के समय को कम करेगी और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं भी प्रदान करेगी, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक और आरामदायक होगी. इसके अलावा मदार जंक्शन (अजमेर) और दरभंगा के बीच नई साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस को लेकर उन्होंने कहा कि ये निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों के लिए सहायक होगी.