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पिता-पुत्री के रिश्ते को कलंकित करने वाले पिता को तिहरी उम्रकैद

  इंदौर  इंदौर जिला कोर्ट ने 12 वर्षीय बालिका से रेप करने वाले पिता (35) को कठोर दंड देते हुए तिहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने फैसले में टिप्पणी की कि आरोपी ने पिता-पुत्री जैसे पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है, इसलिए न्यूनतम दंड विधिपूर्ण नहीं है। तलाक के बाद बेटी पिता के पास थी 21 जुलाई 2024 को पीड़िता की मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि 2012 में उसने आरोपी से प्रेम विवाह किया था। विवाह से उन्हें दो संतानें हुईं- 12 वर्षीय बेटी (पीड़िता) और 6 वर्षीय बेटा। वर्ष 2020 में तलाक हो गया, जिसके बाद बेटी पिता के साथ और बेटा मां के साथ रहने लगा। अकेले होने पर पिता गलत काम करते 21 जुलाई 2024 को बालिका अपनी मुंहबोली मौसी के पास रोते हुए पहुंची और आपबीती सुनाई। उसने बताया कि पिता घर पर अकेले होने पर कई बार उसके साथ गलत काम करते हैं। पहली बार यह घटना दो वर्ष पहले नए घर में हुई थी और हाल ही में 15 दिन पहले भी दोबारा रेप किया गया। बालिका ने बताया कि उसने दो-तीन बार दादी को भी इस बारे में बताया था, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद पड़ोस में रहने वाली मुंह बोली मौसी ने नानी को फोन कर पूरी घटना बताई। जिसके बाद नानी ने बेटी (बालिका की मां) को बुलाया और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की एक साल तक चली सुनवाई मामले की सुनवाई एक साल तक चली। प्रभारी डीपीओ राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि जिला अदालत ने 18 सितंबर 2025 को फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(एल)/6, 5(एन)/6 और 5(एम)/10 में दोषी पाते हुए तीन अलग-अलग आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुशीला राठौर ने पैरवी की। पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत बालिका को शारीरिक व मानसिक क्षति को देखते हुए 3 लाख रुपए दिलाने की अनुशंसा भी की है।

अर्शदीप की धमाकेदार वापसी, T20 में सेंचुरी लगाकर कई रिकॉर्ड ध्वस्त

नई दिल्ली एशिया कप 2025 में टीम इंडिया ने शुक्रवार को ओमान के खिलाफ 21 रनों से जीत हासिल की. ये मैच अर्शदीप के लिए यादगार रहा. क्योंकि अर्शदीप सिंह ने इस मुकाबले में अपना 100 टी20 विकेट हासिल किया. इस उपलब्धि के लिए उन्हें 8 महीने इंतज़ार करना पड़ा, लेकिन आखिरकार वह 100 टी20I विकेट लेने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए. बाएं हाथ के सीमर ने 2022 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ डेब्यू किया था और तब से लगातार तेज़ी से विकेट लेते आ रहे हैं. एक विकेट के लिए 8 महीने का इंतजार अर्शदीप सिंह 99 विकेट पर अटक गए थे क्योंकि जनवरी 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने अंतिम दो मैचों में उन्हें बाहर बैठा दिया था. एशिया कप से पहले कोई टी20I मैच निर्धारित नहीं था, इसलिए इस माइलस्टोन तक पहुंचने के लिए उन्हें लंबे समय तक इंतज़ार करना पड़ा. एशिया कप में भी उनका इंतज़ार बढ़ा क्योंकि भारत ने पहले दो मैचों में केवल एक ही विशेषज्ञ तेज़ गेंदबाज़ को खिलाया. जसप्रीत बुमराह ने शुरुआती दो मैच खेले और उनके साथ स्पिनरों की भरमार थी. अर्शदीप को टूर्नामेंट के तीसरे ग्रुप-स्टेज मैच में मौका मिला. उन्होंने 4 ओवर में 37 रन देकर 1 विकेट लिया. अर्शदीप ने बनाया ये रिकॉर्ड अर्शदीप न केवल 100 टी20I विकेट लेने वाले पहले भारतीय बने बल्कि वह इस प्रारूप में सबसे तेज़ 100 विकेट लेने वाले तेज़ गेंदबाज़ भी बन गए. उन्होंने यह उपलब्धि केवल 64 मैचों में हासिल की. पूर्ण सदस्य देशों में वह 100 विकेट तक सबसे तेज़ पहुंचने वाले तीसरे गेंदबाज़ हैं. उनसे आगे सिर्फ राशिद खान (53 मैच) और वानिंदु हसारंगा (63 मैच) हैं. अर्शदीप तेज़ गेंदबाज़ों में सबसे तेज़ हैं, उनके बाद हारिस रऊफ (71) और मार्क अडायर (72) आते हैं. टी20I में सबसे तेज़ 100 विकेट (सभी देश): राशिद खान – 53 संदीप लामिछाने – 54 वानिंदु हसारंगा – 63 अर्शदीप सिंह – 64 रिज़वान बट्ट – 66 हारिस रऊफ – 71 शुक्रवार को अर्शदीप का दिन गेंदबाज़ी के लिहाज़ से खास नहीं रहा. लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने उतरे अर्शदीप रंग में नहीं दिखे. पावरप्ले में वह विकेट नहीं ले पाए और वापसी स्पेल में रन दिए. उन्होंने अपना 100वां विकेट ओमान के खिलाफ मैच के आखिरी ओवर की पहली गेंद पर हासिल किया. अर्शदीप ने ऑफ स्टंप पर शॉर्ट गेंद डाली, जिससे बल्लेबाज़ विनायक शुक्ला असहज स्थिति में आ गए और पुल शॉट खेलते हुए गेंद को हवा में मार बैठे. गेंद मिड-ऑन की दिशा में गई, जहां रिंकू सिंह ने कैच लपक लिया. बता दें कि टीम इंडिया का अगला मैच रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ है.

मोदी का आत्मनिर्भर मंत्र: ‘अब हर चिप और शिप भारत में’, साथ ही खोला सबसे बड़े दुश्मन का राज

भावनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के दौरे पर हैं. इस दौरान भावनगर में उन्होंने 34,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. प्रधानमंत्री ने 'समुद्र से समृद्धि' कार्यक्रम में हिस्सा लिया और जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि 'भारत का सबसे बड़ा दुश्मन दूसरे देशों पर निर्भरता है'. प्रधानमंत्री के गुजरात दौरे से जुड़े सभी अपडेट्स आप यहां देख सकते हैं: -प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब भारत जो भी लक्ष्य तय करता है, उसे समय से पहले पूरा करता है. सोलर क्षेत्र हो या पोर्ट सेक्टर, दोनों में तय लक्ष्य समय से पहले हासिल किए गए हैं. पोर्ट कनेक्टिविटी दोगुनी हो गई है और शिप अराउंड टाइम घटकर सिर्फ एक दिन रह गया है. नए पोर्ट भी तेजी से विकसित किए जा रहे हैं और 2047 तक दुनिया के समुद्री व्यापार में भारत की हिस्सेदारी तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. दुनिया को भारत का सामर्थ्य दिखाना है. इसी दिशा में लोथल में दुनिया का सबसे बड़ा नेशनल मेरीटाइम म्यूजियम बनाया जा रहा है, जिसका मैं स्वयं निरीक्षण करने भी जा रहा हूं. वर्तमान में देश में समुद्र के रास्ते जितना भी कार्गो आता है, उसमें से 40 प्रतिशत गुजरात से होकर आता है. साथ ही, शिप ब्रेकिंग का एक बड़ा इको सिस्टम बन रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार मिल रहा है. विकसित भारत का रास्ता आत्मनिर्भर भारत से होकर ही गुजरता है. उन्होंने सभी देशवासियों से आग्रह किया कि हम जो भी खरीदें वह स्वदेशी हो और जो भी बेचें वह भी स्वदेशी हो. यही भारत की शक्ति है और यही भारत को आत्मनिर्भर बनाएगा. -पीएम मोदी ने कहा, 'देशवासी यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि 75 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 6 लाख करोड़ रुपये हर साल विदेशी शिपिंग कंपनियों को किराए में दिए जाते हैं. यह रकम भारत के रक्षा क्षेत्र के बजट के बराबर है. हमारे पैसों से विदेशों में लाखों नौकरियां बनी हैं. अगर पूर्व सरकारों ने हमारे शिपिंग इंडस्ट्री पर ध्यान दिया होता तो आज दुनिया भारत में बने जहाजों से व्यापार कर रही होती और उसका सीधा लाभ हमारे देश को मिलता. 2047 तक विकसित भारत बनने के लिए आत्मनिर्भर होना ही होगा, इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है. सभी देशवासियों का एक ही संकल्प होना चाहिए कि चाहे चिप हो या शिप, वह भारत में ही बने. इसी सोच के साथ वन नेशन, वन डॉक्यूमेंट और वन नेशन, वन पोर्ट प्रोसेस लागू किया जाना है. भारत को सबसे बड़ी समुद्री शक्ति बनाने के लिए तीन बड़ी योजनाओं पर काम चल रहा है और आने वाले वर्षों में इस पर 70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे.' -पीएम ने कहा, 'भारत में सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है, लेकिन आजादी के बाद कांग्रेस ने हर सामर्थ्य को नकारा. लंबे समय तक कांग्रेस सरकार ने देश को लाइसेंस-कोटा राज में उलझाए रखा. जब ग्लोबलाइजेशन का समय आया तो देश को आयात तक सीमित कर दिया, जिससे भारी नुकसान हुआ. शिपिंग इंडस्ट्री इसका बड़ा उदाहरण है. कभी भारत का 40% इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट देश में बने जहाजों से होता था. लेकिन कांग्रेस की कुनीतियों का शिकार होकर शिपिंग सेक्टर बर्बाद हो गया. विदेशी जहाजों पर निर्भरता बढ़ाई गई और शिप बिल्डिंग बंद हो गया. नतीजा यह हुआ कि 50 साल पहले जहां 40% व्यापार भारत में बने जहाजों से होता था, वह घटकर केवल 5% रह गया. हमारे व्यापार के लिए हम विदेशी जहाजों पर निर्भर हो गए और उसका देश को बहुत बड़ा नुकसान हुआ.' -प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया. मुंबई के अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल का लोकार्पण भी यहीं से हुआ. भारत आज विश्वबंधु की भावना से आगे बढ़ रहा है. दुनिया में हमारा कोई बड़ा दुश्मन नहीं है. अगर कोई दुश्मन है तो वह है हमारी दूसरे देशों पर निर्भरता. हमें मिलकर इस दुश्मन को हराना है, क्योंकि जितनी ज्यादा विदेशी निर्भरता होगी, उतनी ज्यादा देश की विफलता होगी. दुनिया की शांति के लिए, दुनिया की सबसे बड़ी जनसंख्या वाले देश को आत्मनिर्भर बनना ही होगा. 140 करोड़ देशवासियों के भविष्य को हम दूसरों पर या उनकी निर्भरता पर नहीं छोड़ सकते. भावी पीढ़ी के भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जा सकता. 100 दुखों की एक ही दवा है और वह है आत्मनिर्भर भारत. इसलिए हमें चुनौतियों से टकराना होगा और भारत को आत्मनिर्भर बनकर दुनिया के सामने खड़ा होना होगा.' -पीएम मोदी ने कहा, 'विश्वकर्मा जयंती से गांधी जयंती तक पूरे देश में लाखों लोग सेवा पखवाड़ा मना रहे हैं. गुजरात में सैकड़ों जगह ब्लड डोनेशन कैंप लगे, जिसमें 1 लाख लोग ब्लड डोनेट कर चुके हैं. अनेक शहरों में सफाई अभियान चला और हेल्थ कैंप लगे, जिनमें महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखा गया. इन सेवा कार्यों से जुड़े सभी का मैं धन्यवाद करता हूं. आज मैं भावनगर के राजा कृष्णकुमारसिंह जी को याद करता हूं, जिन्होंने सरदार पटेल के एक भारत के संकल्प में सबसे पहले योगदान दिया. नवरात्र का पावन पर्व शुरू होने वाला है और जीएसटी में कमी से बाजार में रौनक बढ़ने वाली है. भावनगर के लोगों से माफी चाहता हूं कि मुझे हिंदी में बोलना पड़ रहा है, क्योंकि देशभर के लोग इस कार्यक्रम से जुड़े हैं.' -पीएम मोदी ने कहा, 'हमारे भावनगर ने आज रंग जमा दिया. सभी जगह सिर्फ मानव समुद्र ही दिख रहा है. इतनी बड़ी संख्या में आप सब आए, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं. ये कार्यक्रम भावनगर में हो रहा है लेकिन यह पूरे देश का कार्यक्रम है. 'समुद्र से समृद्धि' की हमारी दिशा क्या है, इसे समझाने के लिए भावनगर को चुना गया है. 17 सितंबर को आपने अपने नरेंद्र भाई को जो शुभकामनाएं भेजी हैं, और देश-दुनिया से जो प्यार और आशीर्वाद मिला है, वह मेरी असली संपत्ति और ताकत है. इसलिए आज मैं सार्वजनिक रूप से इन शुभेच्छाओं के लिए आपका हृदय से धन्यवाद करता हूं.' –पीएम मोदी ने 'समुद्र से समृद्धि' थीम पर आयोजित प्रदर्शनी का निरीक्षण किया, जिसका उद्घाटन वे स्वयं करेंगे. साथ ही वह कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनकी कुल लागत 34,200 करोड़ रुपये से अधिक … Read more

युक्तियुक्तकरण से केरवाद्वारी हायर सेकेण्डरी स्कूल में बदला पढ़ाई का माहौल

रायपुर कोरबा जिले के करतला विकासखण्ड अंतर्गत वनांचल ग्राम केरवाद्वारी में स्थित हायर सेकेण्डरी विद्यालय में अब पढ़ाई का माहौल पूरी तरह बदल गया है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया ने यहां के विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दी है। विद्यालय में भौतिकी एवं रसायन जैसे महत्वपूर्ण विषयों के नियमित व्याख्याता न होने से विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अभिभावक भी चाहते थे कि उनके बच्चों को सभी विषयों की नियमित पढ़ाई का अवसर मिले। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत केरवाद्वारी हायर सेकेण्डरी विद्यालय में भौतिकी, रसायन एवं संस्कृत विषय के व्याख्याताओं की पदस्थापना हुई। इससे विद्यालय में न केवल पढ़ाई का माहौल सुधरा है, बल्कि विद्यार्थियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। कक्षा ग्यारहवीं एवं बारहवीं के विद्यार्थियों ने बताया कि अब उन्हें कठिन लगने वाले प्रश्न भी सरल ढंग से समझ में आने लगे हैं। शिक्षिकाओं द्वारा किताबों के साथ-साथ व्यावहारिक उदाहरणों से पढ़ाने की शैली ने विषयों को रोचक बना दिया है। छात्राओं ने कहा कि शिक्षिकाएँ सहज और सहयोगी वातावरण में पढ़ाती हैं, जिससे सवाल पूछने में झिझक नहीं होती। विद्यालय के प्राचार्य  सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि नियमित व्याख्याताओं की पदस्थापना से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा है और आने वाले वर्षों में और अधिक विद्यार्थी विज्ञान संकाय सहित अन्य विषयों में दाखिला लेंगे। ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल ने वनांचल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर दिया है। 

‘सूर्या ने सही किया…’ गांगुली का IND vs PAK हैंडशेक विवाद पर दनदनाता रिएक्शन

नई दिल्ली  ओमान के खिलाफ एशिया कप 2025 ग्रुप स्टेज का आखिरी मैच खत्म होने के बाद एक बार फिर इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच की खबरों को लेकर बजार गर्म है। दरअसल, सुपर-4 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक और मैच खेला जाना है। 14 सितंबर को हुए ग्रुप स्टेज के पिछले मुकाबले के दौरान हैंडशेक विवाद ने खूब सुर्खियां बटोरी थी। दरअसल, भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के दौरान पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा से हाथ नहीं मिलाया था। इस मामले ने तूल तब पकड़ी जब मैच खत्म होने के बाद भारतीय टीम पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने मैदान पर नहीं आई, वहीं मैच फिनिश करने के बाद सूर्यकुमार यादव और शिवम दुबे की जोड़ी भी सीधा ड्रेसिंग रूम में चली गए। ऐसे में IND vs PAK सुपर-4 मैच से पहले पूर्व भारतीय कप्तान और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली का हैंडशेक विवाद पर बयान आया है। सौरव गांगुली ने एनडीटीवी से में कहा, "एक बार शेड्यूल घोषित हो जाने के बाद मैच तो होना ही था। हाथ मिलाने के बारे में, वह भारत के कप्तान हैं। यह उनका फैसला है। इसलिए, उन्होंने जो भी फैसला लिया है, वह उन्होंने लिया है।" पाकिस्तान के खिलाफ मिली जीत के बाद पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए सूर्यकुमार यादव ने पोस्ट मैच प्रजेंटेशन में कहा था, “यह एक बेहतरीन अवसर है, समय निकालकर, हम पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़े हैं। हम अपनी एकजुटता व्यक्त करते हैं। हम इस जीत को अपने सभी सशस्त्र बलों को समर्पित करना चाहते हैं जिन्होंने अदम्य साहस दिखाया। आशा है कि वे हमें प्रेरित करते रहेंगे और जब भी हमें मौका मिले, हम उन्हें मैदान पर मुस्कुराने का और भी कारण देंगे।” बता दें, भारतीय खिलाड़ियों द्वारा हैंडशेक ना करने की बात से गुस्सा होकर पाकिस्तानी कप्तान पोस्ट मैच प्रजेंटेशन के लिए भी नहीं आए थे। अब देखना होगा कि 21 सितंबर को इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच में क्या होता है।  

PhonePe को RBI की हरी झंडी, डिजिटल भुगतान में SMEs और मर्चेंट्स को मिलेगी सहूलियत

मुंबई  PhonePe को RBI से ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर का लाइसेंस मिल गया है इससे SMEs और मर्चेंट्स के लिए डिजिटल भुगतान करना आसान होगा. यह कदम छोटे और मध्यम व्यवसायों को डिजिटल लेनदेन में सुरक्षित और तेज़ सुविधा प्रदान करेगा और वित्तीय समावेशन बढ़ाएगा.  भारत में डिजिटल पेमेंट का क्रेज लगातार बढ़ रहा है और इस क्षेत्र में PhonePe ने अपनी ताकत साबित की है. 650 मिलियन से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स और 45 मिलियन मर्चेंट आउटलेट्स के नेटवर्क के साथ, PhonePe रोजाना 360 मिलियन से अधिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है. अब कंपनी ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस प्राप्त कर लिया है. यह मंजूरी न केवल कंपनी के लिए बल्कि छोटे और मध्यम व्यवसायों (SMEs) और मर्चेंट्स के लिए भी नई संभावनाएँ लेकर आई है. RBI लाइसेंस का महत्व RBI से मिली यह मंजूरी PhonePe को डिजिटल मर्चेंट्स को ऑनबोर्ड करने और उनके लेनदेन को सुरक्षित और तेज़ बनाने का अधिकार देती है. यह कदम डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ाने और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के RBI के प्रयासों का हिस्सा है. SMEs और मर्चेंट्स पर फोकस PhonePe विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यवसायों को डिजिटल भुगतान के समाधान प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर, युवराज सिंह शेखावत के अनुसार, यह लाइसेंस मर्चेंट सर्विसेज के विस्तार में सहायक होगा और व्यापारियों को डिजिटल लेनदेन की सुविधा देने में मदद करेगा. PhonePe की सेवाएं     SMEs और मर्चेंट्स को UPI, QR कोड और अन्य डिजिटल भुगतान विकल्प उपलब्ध कराना     मर्चेंट्स के लिए टेक्नोलॉजी और एनालिटिक्स टूल्स प्रदान करना     व्यवसायिक लेनदेन को तेज़, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना RBI का यह कदम भारत में डिजिटल भुगतान को और अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाएगा. SMEs का डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आना वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है और कैशलेस लेनदेन की दिशा में अहम कदम है. PhonePe को RBI से लाइसेंस क्यों मिला है? RBI ने PhonePe को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस दिया है ताकि यह डिजिटल मर्चेंट्स को ऑनबोर्ड कर सके और उनके लेनदेन को सुरक्षित, तेज और पारदर्शी बना सके. यह लाइसेंस SMEs और मर्चेंट्स के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? इस लाइसेंस के बाद छोटे और मध्यम व्यवसाय डिजिटल भुगतान स्वीकार कर सकते हैं, जिससे उनका व्यापार बढ़ेगा और लेनदेन अधिक सुरक्षित होगा. PhonePe रोजाना कितने ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस करता है? PhonePe प्रतिदिन 360 मिलियन से अधिक ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस करता है और इसका मर्चेंट नेटवर्क 45 मिलियन से अधिक आउटलेट्स तक फैला हुआ है. इस लाइसेंस से उपभोक्ताओं को क्या लाभ मिलेगा? उपभोक्ताओं को सुरक्षित और तेज़ डिजिटल भुगतान का विकल्प मिलेगा, साथ ही लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ेगी.  

4 थानों में 7 FIR के बावजूद योगी पर टिप्पणी मामले में भोलेंद्र को राहत

गोरखपुर  मुख्यमंत्री और उनके ओएसडी पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में जेल गए भाजपा विधायक महेंद्र पाल सिंह के भाई भोलेंद्र पाल सिंह को गुरुवार को कोर्ट से जमानत मिल गई है। जेल में बंद रहते हुए भोलेंद्र ने अपनी गलती मान ली थी और मुख्यमंत्री पर भरोसा जताया था। जल्द ही वह जेल से रिहा हो सकते हैं। 28 अगस्त की रात भोलेंद्र ने फेसबुक पर एक पोस्ट डालकर मुख्यमंत्री और उनके ओएसडी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। पोस्ट वायरल होते ही 36 घंटे के भीतर उनके खिलाफ सात केस दर्ज कराए गए। ये केस साइबर थाना, रामगढ़ताल, चिलुआताल और पिपराइच थानों में दर्ज हुए थे। इसके अलावा आबकारी विभाग की कार्रवाई में उनके ईंट-भट्ठे से कच्ची शराब मिलने पर आबकारी एक्ट में भी केस लिखा गया था। पुलिस ने इस मामले में बीजेपी विधायक के भाई को गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया था। भोलेंद्र पाल सिंह का अपने विधायक भाई महेंद्र पाल सिंह से कोई संबंध नहीं है। जेल में जिन लोगों से मिलने की सूची उन्होंने दी थी, उसमें भी विधायक का नाम शामिल नहीं था। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आवश्यक औपचारिकताओं के पूर्ण होते ही भोलेंद्र की रिहाई हो जाएगी। सपा के प्रतिनिधि मंडल से मिलने से कर दिया था इनकार जेल में भोलेंद्र से सपा का एक प्रतिनिधिमंडल मिलने आने वाला था। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय की अगुवाई में गठित इस दल में सांसद रामभुआल निषाद और रामप्रसाद चौधरी भी शामिल थे। लेकिन भोलेंद्र ने जेल प्रशासन को पत्र भेजकर साफ कहा था कि वे किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि मंडल से नहीं मिलना चाहते हैं। भोलेन्द्र पाल सिंह ने जिलाधिकारी और जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि वह जेल में परिजनों के अलावा अन्य किसी से मुलाकात नहीं करना चाहता। लिहाजा, परिजनों के अलावा अन्य किसी को उससे मिलने की अनुमति न दी जाए।  

साइबर अपराधियों का Punjab में पर्दाफाश, 39 आरोपियों को पुलिस ने किया सलाखों के पीछे

संगरूर/फगवाड़ा  पंजाब के फगवाड़ा में पुलिस ने एक साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। फगवाड़ा के पलाही रोड स्थित एक होटल एवं रिसॉर्ट से चल रहे इस गिरोह की धरपकड़ के लिए बृहस्पतिवार देर रात छापा मारा गया। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कपूरथला और फगवाड़ा सिटी पुलिस द्वारा चलाए गए इस अभियान के दौरान 39 लोगों को गिरफ्तार किया गया।  पुलिस ने 40 लैपटॉप, 67 मोबाइल फोन और 10 लाख रुपये नकद भी बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों में कुछ महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, नगालैंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह समूह अमेरिका और कनाडा में लोगों को सॉफ्टवेयर समाधान देने के बहाने ठग रहा था। वे लोगों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को हैक कर लेते थे। शुरुआती जांच में पता चला कि यह रैकेट अमरिंदर सिंह उर्फ ​​साबी टोहरी नामक शख्स चला रहा था। उसने किराये पर जगह लेकर अवैध कॉल सेंटर बना रखा था। इस कॉल सेंटर का संचालन दिल्ली के साउथ एवेन्यू निवासी जसप्रीत सिंह और साजन मदान कर रहे थे। शुक्रवार तड़के दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, धोखाधड़ी और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत गिरफ्तारियां की गईं। पुलिस बड़े नेटवर्क और धन के लेन-देन के स्रोतों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है।

विधायक नीना मित्तल की पहल से फसल खरीद व्यवस्था हुई पूरी तरह व्यवस्थित

राजपुरा  विधायका राजपुरा नीना मित्तल आज धान की सरकारी खरीद का शुभारंभ करवाने के लिये अनाज मंडी में पहुंचीं जहां पर उन्होंने बलजिंदर सिंह भप्पल की फसल की बोली करने के साथ किसान का मुंंह मीठा करवाया। इस मौके पर आढती एसोसिएशन के प्रधान दविंदर सिंह बैदवान व अन्य आढती व किसान मौजूद थे। विधायका ने बताया कि सरकार की ओर से पूरे प्रबंध फसल खरीद के किये गये हैं, जैसे ही फसल बिकेगी, 24 घण्टे के अंदर उनके खाते में पेंमेट आ जायेगी।

स्वस्थ छत्तीसगढ़ से स्वस्थ भारत बनेगा और देश को विकसित बनाने मे स्वास्थ्य की अहम भूमिका होगीः स्वास्थ्य मंत्री

रायपुर देश में 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का संचालन किया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्हत छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग और यूनिसेफ के द्वारा संयुक्त रूप से छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को लेकर शुक्रवार को दो दिवसीय कार्यशाला की शुरूआत की गयी।  स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यशाला के पहले दिन उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मां से ही संपूर्ण सृष्टि का आधार होता है। ऐसे में प्रसव के दौरान किसी माता की मौत हम सभी के लिए दुख की बात होती है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में मातृ मृत्यु की दर 365 थी जो वर्तमान में घटकर 141 हो चुकी है। इसी तरह से राज्य गठन के वक्त शिशु मृत्यु दर 79 थी जो अब 38 हो चुकी है।  जायसवाल ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार बढ़ रही हैं और हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में ये शिशु और मातृ मृत्यु दर शून्य हो जाएं।  स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही स्वस्थ भारत बनेगा और देश को विकसित बनाने में स्वास्थ्य की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन और महिला बाल विकास विभाग की बहनों के संयुक्त प्रयास से आने वाले समय में राज्य के स्वास्थ्य आंकड़ों में सुधार जरूर आएगा। इस मौके पर आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार ने मातृ स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए "छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी" नामक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के माध्यम से न केवल माताओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने पर बल दिया जा रहा है, बल्कि राज्य के उन 30 विकासखंडों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है जहाँ मातृ मृत्यु दर सबसे अधिक है।  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मानना है कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान और उनकी सतत निगरानी आवश्यक है। इसके साथ ही, सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और इसकी दिशा में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को लेकर सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।  गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा विकसित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा और निगरानी की जा रही है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने, समुदाय को मातृ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने, उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा समुदाय की भागीदारी को सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। “छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी” अभियान के माध्यम से राज्य में मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने का लक्ष्य तय किया गया है और शासन इस दिशा में हरसंभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है।