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मौसम का कहर! तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट, IMD ने लोगों को किया सतर्क

नई दिल्ली  देश के कई राज्यों में मौसम तेजी से बदल रहा है। मॉनसून अपने पुराने अंदाज में आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मॉनसून की उत्तरी सीमा इस समय हरनाई, सोलापुर, कलबुर्गी, नंद्याल, चेन्नई और सिलिगुड़ी से होकर गुजर रही है। अगले 4 से 5 दिनों के दौरान मॉनसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के बचे हुए हिस्सों, पूरे तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल के कुछ और इलाकों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। इसके प्रभाव से जहां दक्षिण और पूर्व भारत में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है, वहीं उत्तर भारत को भीषण गर्मी से राहत मिलने वाली है। उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में 11 और 12 जून को मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में 11 और 12 जून को 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली विनाशकारी आंधी के साथ बारिश की संभावना है। 13 से 16 जून के बीच भी धूल भरी आंधी और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। वहीं, लखनऊ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में 10 से 16 जून के बीच बारिश के आसार हैं। विशेष रूप से 12 जून को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओले गिरने और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट है। जयपुर सहित पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 11 से 13 जून के बीच भीषण आंधी और धूल का गुबार छाए रहने की आशंका है। 14 से 16 जून के बीच तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में 11 और 12 जून को व्यापक स्तर पर बारिश होगी। साथ ही जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में इन दो दिनों में भारी ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। मुंबई में भारी बारिश, एमपी में ओले मुंबई सहित कोंकण और गोवा के इलाकों में मॉनसून सक्रिय हो चुका है। यहां 10 और 11 जून को भारी बारिश के साथ 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी 12 जून तक आंधी-बारिश का दौर रहेगा। भोपाल और इंदौर सहित मध्य प्रदेश में 12 जून को ओलावृष्टि और 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है। वहीं छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 11 और 12 जून को तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। कर्नाटक में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट 10 जून को तटीय कर्नाटक में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। बेंगलुरु सहित आंतरिक कर्नाटक में 10 से 12 जून के बीच भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। केरल, माहे और तमिलनाडु के कई हिस्सों में 10 से 12 जून के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। हैदराबाद सहित तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में 10 से 13 जून के बीच गरज-चमक के साथ 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की संभावना है। तेलंगाना में आज भारी बारिश भी हो सकती है। असम-मेघालय में बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों (10-16 जून) तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 10 से 14 जून के बीच अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। कोलकाता सहित गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 10 और 11 जून को तथा बिहार-झारखंड में 11 और 12 जून को 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से भीषण आंधी और बारिश होगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आज बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि बिहार में 12 जून तक भारी बारिश हो सकती है।

10 रुपये की ओवरचार्जिंग पड़ी भारी, उपभोक्ता शिकायत के बाद सरकार को देना पड़ा 25 हजार का मुआवजा

कोच्चि  अक्सर कई जगहों पर प्रिंट रेट (MRP) से ज्यादा पैसे वसूल लिए जाते हैं और लोग इसे मामूली बात मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन केरल में एक ग्राहक से बीयर की बोतल पर 10 रुपये ज्यादा वसूलना सरकारी शराब निगम को भारी पड़ गया। कंज्यूमर कोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए केरल स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन (KSBC) को ग्राहक को 25,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। क्या है पूरा मामला? केरल के पथानामथिट्टा में एक शख्स ने KSBC के आउटलेट से 650 ml की एक बीयर की बोतल खरीदी। इस बीयर की बोतल पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) 170 रुपये छपा था, लेकिन आउटलेट के कर्मचारियों ने इसके लिए 180 रुपये (यानी 10 रुपये अतिरिक्त) का बिल थमाया। जब ग्राहक ने रेट में इस अंतर का विरोध किया, तो कर्मचारियों ने बदसलूकी की। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिल में जो राशि लिखी है, वही देनी होगी और अगर कोई आपत्ति है तो जाकर शिकायत दर्ज करा दें। इसके बाद परेशान ग्राहक ने अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए कंज्यूमर कोर्ट (उपभोक्ता आयोग) का दरवाजा खटखटाया और मुआवजे की मांग की। शराब निगम ने दी ये दलील कंज्यूमर कोर्ट में KSBC ने 180 रुपये वसूलने की बात तो स्वीकार की, लेकिन इसके बचाव में कई तर्क पेश किए। निगम का कहना था कि केरल सरकार ने 'सोशल सिक्योरिटी सेस' (सामाजिक सुरक्षा उपकर) लागू किया था और शराब की कीमतों में संशोधन हुआ था, जिस वजह से 10 रुपये ज्यादा लिए गए। निगम ने दलील दी कि गोदामों और सप्लाई चेन में पहले से रखी करोड़ों शराब की बोतलों पर नई कीमत का लेबल (Re-labeling) लगाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था। निगम ने लीगल मेट्रोलॉजी नियमों का हवाला देते हुए कहा कि पुराने स्टॉक को नई कीमत पर बेचने की सरकारी अनुमति थी और आउटलेट पर नई कीमतों का नोटिस भी लगाया गया था। साथ ही, ग्राहक पर ही काम में बाधा डालने और कर्मचारियों से दुर्व्यवहार करने का आरोप भी मढ़ दिया। कंज्यूमर कोर्ट की अहम टिप्पणी पथानामथिट्टा उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष जॉर्ज बेबी और सदस्य निषाद थंकप्पन की बेंच ने 3 जून को सुनाए गए अपने आदेश में निगम की दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि नियम 18(2) स्पष्ट रूप से रिटेलर्स को पैकेट पर छपे रिटेल प्राइस से अधिक कीमत पर सामान बेचने से रोकता है। 170 रुपये की MRP वाली बोतल 180 में बेचना सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। किसी भी ग्राहक से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि उसे सरकार के अंदरूनी आदेशों या फाइलों की जानकारी हो। एक उपभोक्ता के तौर पर ग्राहक केवल पैकेट पर दी गई जानकारी पर भरोसा करता है। बोतल पर छपा MRP ही ग्राहक और विक्रेता के बीच कॉन्ट्रैक्ट प्राइस है। कोर्ट ने कहा कि MRP से ज्यादा पैसा वसूलना 'कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019' के तहत 'सर्विस में कमी' और 'अनुचित व्यापार व्यवहार' है। क्या सुनाया गया फैसला? अदालत ने माना कि इस अवैध वसूली की वजह से ग्राहक को भारी मानसिक परेशानी और असुविधा का सामना करना पड़ा। इस तरह के ट्रेंड को रोकने के लिए आयोग ने सख्त फैसला सुनाते हुए KSBC को आदेश दिया कि ग्राहक से वसूले गए 10 रुपये अतिरिक्त राशि को शिकायत दर्ज करने की तारीख से 9% सालाना ब्याज के साथ वापस किया जाए। मानसिक परेशानी और असुविधा के लिए 15,000 रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा कानूनी खर्च के तौर पर 10,000 रुपये भी चुकाने होंगे। कुल मिलाकर कॉरपोरेशन को 30 दिन के भीतर ग्राहक को 25,000 रुपये का भुगतान करना होगा।

राफेल के बाद सेना को मिला बड़ा हथियार, 23,000 करोड़ के रक्षा सौदे से दुश्मनों की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली भारतीय सेना की मारक क्षमता बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है. हाल ही में भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की बड़ी डील को मंजूरी मिलने के बाद अब थल सेना के लिए भी खजाना खुलता दिख रहा है. सेना 23,000 करोड़ रुपये की लागत से 300 अतिरिक्त K9 वज्र-टी स्वचालित तोपें खरीदने की तैयारी में है. अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो चीन और पाकिस्तान दोनों मोर्चों पर भारतीय सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।  पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपनी सैन्य ताकत को तेजी से आधुनिक बनाया है. वायुसेना को पहले 36 राफेल लड़ाकू विमान मिले. इसके बाद भारतीय नौसेना के लिए भी राफेल मरीन विमानों की खरीद को मंजूरी दी गई. अब एयरफोर्स के लिए और 114 राफेल खरीदे जा रहे हैं. अब सरकार का फोकस थल सेना की मारक क्षमता बढ़ाने पर है. इसी रणनीति के तहत K9 वज्र तोपों की बड़ी खरीद की तैयारी चल रही है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भारत की टू-फ्रंट वार यानी चीन और पाकिस्तान दोनों से एक साथ निपटने की रणनीति का हिस्सा है।  रक्षा सूत्रों के अनुसार भारतीय सेना ने 300 अतिरिक्त K9 वज्र-टी हॉवित्जर खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया है. इस सौदे की अनुमानित लागत करीब 23,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है. प्रस्ताव जल्द ही रक्षा खरीद बोर्ड (DPB) के सामने रखा जा सकता है. मंजूरी मिलने पर यह भारतीय सेना के इतिहास की सबसे बड़ी तोपखाना खरीद परियोजनाओं में शामिल होगी।  K9 वज्र ने पिछले कुछ वर्षों में सेना का भरोसा जीता है. मूल रूप से इसे रेगिस्तान और मैदानी इलाकों में युद्ध के लिए विकसित किया गया था. लेकिन पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव के दौरान इसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी तैनात किया गया.कठिन मौसम और पहाड़ी इलाकों में भी इसके प्रदर्शन ने सेना को प्रभावित किया. यही कारण है कि सेना अब इसकी संख्या तेजी से बढ़ाना चाहती है।  K9 वज्र-टी एक 155 मिमी और 52 कैलिबर की आधुनिक स्वचालित तोप है. यह ट्रैक वाले प्लेटफॉर्म पर चलती है. इसलिए टैंकों और बख्तरबंद वाहनों के साथ तेजी से आगे बढ़ सकती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है शूट एंड स्कूट क्षमता. यानी दुश्मन पर गोले बरसाने के तुरंत बाद यह अपनी जगह बदल सकती है. इससे दुश्मन के जवाबी हमले से बचना आसान हो जाता है. आधुनिक युद्ध में यह क्षमता बेहद अहम मानी जाती है।  भारतीय सेना के पास फिलहाल 100 K9 वज्र तोपें हैं. इसके अलावा 2024 में 100 और तोपों की खरीद को मंजूरी दी गई थी. इस सौदे की कीमत 7,629 करोड़ रुपये थी. अगर नया प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो सेना के पास K9 वज्र का विशाल बेड़ा तैयार हो जाएगा. इससे भारतीय तोपखाने की ताकत में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी।  K9 वज्र का निर्माण भारत में किया जाता है. इसे लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और दक्षिण कोरिया की हनव्हा एयरोस्पेस की साझेदारी में तैयार किया जाता है. इसमें स्वदेशी सामग्री का हिस्सा लगातार बढ़ाया गया है. इसलिए यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। 

लोक निर्माण विभाग में बदलाव, KPS राणा की हुई विदाई, RL वर्मा संभालेंगे अतिरिक्त जिम्मेदारी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रभारी प्रमुख अभियंता (ईएनसी) स्तर पर तबादला आदेश जारी किया है। विभाग के प्रभारी प्रमुख अभियंता केपीएस राणा को नई जिम्मेदारी सौंपते हुए मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) भेजा गया है, जबकि आरएल वर्मा को पीडब्ल्यूडी के प्रभारी प्रमुख अभियंता का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, केपीएस राणा, जो वर्तमान में भोपाल में प्रभारी प्रमुख अभियंता के पद पर कार्यरत थे, उन्हें आगामी आदेश तक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी), भोपाल में प्रभारी प्रमुख अभियंता के पद पर पदस्थ किया गया है।  वहीं, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता, जबलपुर परिक्षेत्र आरएल वर्मा को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक लोक निर्माण विभाग, भोपाल में प्रभारी प्रमुख अभियंता का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह आदेश 9 जून 2026 को जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू होगा।  

पंजाब से 541 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना, गुरु अर्जन देव शहीदी पर्व पर मिला वीजा

अमृतसर. पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का विशेष जत्था बुधवार को रवाना हो गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से भेजे गए इस जत्थे में 541 श्रद्धालु शामिल हैं, जिन्हें पाकिस्तान सरकार की ओर से वीजा जारी किया गया है। श्रद्धालु धार्मिक यात्रा के दौरान विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों में नतमस्तक होंगे और शहीदी पर्व से संबंधित धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। जानकारी के अनुसार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इस यात्रा के लिए कुल 561 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास को भेजे थे। वीजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद 541 श्रद्धालुओं को अनुमति मिल गई, जबकि 20 श्रद्धालुओं को वीजा जारी नहीं किया गया। वीजा प्राप्त करने वाले श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। 18 जून को होगा विशेष समागम धर्म प्रचार कमेटी के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल ने बताया कि गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के संबंध में पाकिस्तान में 18 जून को विशेष धार्मिक समागम आयोजित किया जाएगा। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का जत्था रवाना किया गया है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सिख श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है, क्योंकि इससे उन्हें उन ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलता है जो सिख इतिहास और परंपरा से गहराई से जुड़े हुए हैं। जत्थे की रवानगी से पहले शिरोमणि कमेटी कार्यालय में अरदास की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु साहिब के जयकारे लगाए और पूरी श्रद्धा के साथ यात्रा की शुरुआत की। धार्मिक वातावरण के बीच रवाना हुए श्रद्धालुओं ने यात्रा को अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण अवसर बताया। 19 जून को होगी जत्थे की वापसी यात्रा के दौरान श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित कई ऐतिहासिक गुरुद्वारों में माथा टेकेंगे और वहां आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। शहीदी पर्व के अवसर पर होने वाले कीर्तन, गुरबाणी पाठ और अन्य धार्मिक आयोजनों में भी उनकी सहभागिता रहेगी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अनुसार यह जत्था 19 जून को भारत वापस लौटेगा। यात्रा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पहले ही पूरे कर लिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। शहीदी पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिल रहा है।

खाद की नहीं होगी कमी! खरीफ सीजन को लेकर जिला प्रशासन ने किए विशेष प्रबंध

बिलासपुर. खरीफ सीजन 2026 में किसानों को खाद की कमी नहीं हो इसके लिए जिला प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है. प्रशासन ने बताया कि किसानों को खाद की कमी नहीं होगी, 49,772 टन से अधिक उर्वरक का भंडारण उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 31 प्रतिशत अधिक है. खरीफ 2026 के लिए जिले को 68,950 टन उर्वरक उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक करीब 64.98 प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है. प्रशासन के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में उर्वरक उपलब्धता में 49 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. इस वर्ष अब तक 26,131.71 टन उर्वरक किसानों को वितरित किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 56.6 प्रतिशत अधिक है. भंडारित उर्वरक का 58.33 प्रतिशत हिस्सा किसानों तक पहुंच चुका है. सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं के माध्यम से लगातार खाद वितरण किया जा रहा है. हालांकि कई किसान अभी भी पर्याप्त खाद नहीं मिलने की आशंका जताते हुए खेती और उत्पादन प्रभावित होने की चिंता व्यक्त कर रहे हैं.

बिलासपुर में NEET UG री-एग्जाम को लेकर हाई अलर्ट, कलेक्टर-SSP ने व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

बिलासपुर. नीट यूजी-2026 की 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा की तैयारियों को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी ने समीक्षा बैठक की. बैठक में परीक्षा केंद्राध्यक्षों और संबंधित अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया. जिले के 19 परीक्षा केंद्रों पर दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक परीक्षा आयोजित की जाएगी. प्रशासन ने परीक्षा की पारदर्शिता, सुरक्षा और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. मानसून को देखते हुए अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए सभी केंद्रों पर वाटरप्रूफ शेड बनाए जाएंगे. प्रवेश द्वारों और परीक्षा केंद्र परिसर के बाहर भी बारिश से बचाव की व्यवस्था रहेगी. इसके अलावा जल निकासी, वैकल्पिक बिजली व्यवस्था और आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी. सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी रहेगी तथा प्रश्नपत्र और OMR शीट की सुरक्षा के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे. किसी भी संवेदनशील गतिविधि पर नजर रखने के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा.

महिलाओं के सशक्तिकरण पर योगी सरकार का फोकस, फ्री घर और हेल्थ सिक्योरिटी का बड़ा ऐलान

 लखनऊ उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए योगी सरकार बड़ी तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में पात्र महिलाओं को मुफ्त आवास और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है. इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. महिला कल्याण विभाग लाभार्थियों का डाटा जुटाने में लगा है।  सरकार की योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ दिया जाएगा. इसका उद्देश्य उन महिलाओं को नई शुरुआत का अवसर देना है, जो सामाजिक या पारिवारिक संकटों के कारण असुरक्षित जीवन जीने को मजबूर हैं।  किन महिलाओं को मिलेगा लाभ सरकारी तैयारी के अनुसार तीन श्रेणियों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. जिसमें पहले तीन तलाक से प्रभावित महिलाएं, दूसरे पर एसिड अटैक पीड़ित महिलाएं और तीसरे पर निराश्रित एवं बेसहारा महिलाएं होंगी. इन महिलाओं को आवास, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की व्यापक योजना पर काम शुरू हो चुका है. सरकार का मानना है कि केवल आर्थिक सहायता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सम्मानजनक जीवन के लिए स्थायी आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।  मुख्यमंत्री योगी के निर्देश के बाद शुरू हुई कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि ऐसी महिलाओं की पहचान की जाए जो गंभीर सामाजिक संकटों का सामना कर चुकी हैं और जिनके पास रहने के लिए सुरक्षित घर नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा था कि तीन तलाक और एसिड अटैक जैसी घटनाओं से प्रभावित महिलाओं को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए. इसके तहत पात्र महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के जरिए पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही उन्हें और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा और उपचार की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।  महिला कल्याण विभाग जुटा रहा विस्तृत डाटा सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतारने के लिए महिला कल्याण विभाग ने व्यापक स्तर पर डाटा संग्रहण अभियान शुरू कर दिया है. विभाग तीन तलाक, एसिड अटैक और निराश्रित महिलाओं का सत्यापित विवरण एकत्रित कर रहा है. इसके लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि कोई भी पात्र महिला सरकारी लाभ से वंचित न रह जाए. अधिकारियों के अनुसार लाभार्थियों की पहचान के बाद उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा. इसके लिए शासन स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश और शासनादेश तैयार करने की प्रक्रिया भी चल रही है।  क्यों खास है यह पहल? विशेषज्ञों का मानना है कि एसिड अटैक और तीन तलाक जैसी घटनाएं किसी महिला के जीवन को पूरी तरह बदल देती हैं. एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को लंबे समय तक इलाज, प्लास्टिक सर्जरी और पुनर्वास की आवश्यकता पड़ती है. वहीं तीन तलाक से प्रभावित कई महिलाएं अचानक आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा के दायरे में आ जाती हैं. ऐसी परिस्थितियों में यदि उन्हें सुरक्षित आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलती है तो वे दोबारा आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ सकती हैं. यही वजह है कि सरकार केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि महिलाओं को स्थायी सुरक्षा देने के लिए बहुआयामी योजना पर काम कर रही है।  आवास के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी सरकार की इस योजना का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू स्वास्थ्य सुरक्षा है. कई बार गंभीर परिस्थितियों का सामना कर रही महिलाओं के पास इलाज के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं होते. आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को लाखों रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती है. वहीं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. सरकार चाहती है कि जिन महिलाओं को आवास मिलेगा, उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा भी समान रूप से उपलब्ध हो ताकि वे भविष्य को लेकर निश्चिंत रह सकें।  जानकारी के अभाव में नहीं छूटेगा कोई लाभार्थी महिला कल्याण विभाग का कहना है कि अक्सर कई पात्र लोग केवल जानकारी के अभाव या जटिल प्रक्रियाओं के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते. इसी समस्या को देखते हुए विभाग विभिन्न जिलों से डाटा जुटा रहा है और पात्र महिलाओं तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की रणनीति भी तैयार की जा रही है. सरकार का प्रयास है कि लाभार्थी महिलाओं को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें एकीकृत व्यवस्था के माध्यम से योजनाओं का लाभ मिल सके। 

PM मोदी के ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर शक्ति प्रदर्शन, 35 पार्टियों के 75 नेता जुटेंगे, भविष्य की रणनीति पर होगा मंथन

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगुवाई वाली केंद्र सरकार के 12 साल पूरे हो गए हैं.देश के पहले प्रधानमंत्री रहे पंडित जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड पीएम मोदी ने मोदी तोड़ दिया है. यह रिकॉर्ड आजादी के बाद निर्वाचित सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने का है. पंडित नेहरू चुनाव जीतकर 4398 दिन प्रधानमंत्री रहे थे जबकि नरेंद्र मोदी का बतौर पीएम का 4399वां दिन है।  पीएम मोदी भारत के प्रधानमंत्री के रूप में 12 साल का ऐतिहासिक कार्यकाल पूरा करने पर पूरे देश में जश्न का माहौल है. मोदी सरकार के अब तक के कार्यकाल की उपलब्धियों को बीजेपी लोगों के सामने रख रही है और उपलब्धियों का जश्न भी मना रही है. इस मौके पर दिल्ली में बीजेपी और एनडीए के सभी सहयोगी दल के नेता दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाली बैठक में शिरकत करेंगे।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिकॉर्ड बनाने उपलक्ष्य में भारत मंडपम में हो रही बैठक में एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सहित प्रमुख नेता शामिल होंगे. एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों की सराहना करते हुए एक प्रस्ताव पास किया जाएगा।  35 दल के 75 नेता करेंगे शिरकत पीएम मोदी ने 1952 के आमचुनावों के बाद चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा लिया है जबकि जवाहर लाल नेहरू  4,398 दिन तक पीएम रहे थे. इस तरह से नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।  मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर दिल्ली के भारत मंडपम में एक जश्न रखा गया है,  जिसमें बीजेपी और उसके सहयोगी दल के नेता हिस्सा लेंगे. बैठक में एनडीए के 22 शासित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और उप-मुख्यमंत्रियों के अलावा गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के नेता शिरकत करेंगे।  बैठक में एनडीए के 35 सहयोगी दलों के करीब 75 वरिष्ठ नेता शामिल होंगे, जिनमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, पार्टी अध्यक्ष और गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. बैठक की अध्यक्षता बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे. इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह,जेपी नड्डा और शिवराज सिंह चौहान जैसे केंद्रीय मंत्रियों के कार्यक्रम में शामिल होंगे।  वहीं, एनडीएमें शामिल पार्टियों के केंद्रीय मंत्रियों में टीडीपी से के राम मोहन नायडू, जेडीयू से केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह,जेडीएस से एचडी कुमारस्वामी और अपना दल-सोनेलाल से अनुप्रिया पटेल इस बैठक में शामिल होंगी. इसके अलावा राज्यों के सहयोगी दल के नेता भी शिरकत करेंगे।  एनडीए की बैठक का एजेंडा क्या होगा एनडीए बैठक में आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक मुद्दों सहित मोदी सरकार के 12 पूरे होने पर चर्चा होने की संभावना है. एनडीए के नेता और केंद्र और राज्य सरकारों के नेता 'विकसित भारत' के  सपने को साकार करने के लिए और सुधार लाने के तरीकों पर अपने विचार रखेंगे।  मोदी की अगुवाई में होने वाली बैठक में 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने पर एनडीए नेता अपनी बात रख सकते हैं. बैठक में राष्ट्रीय विकास कार्यक्रमों, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के मोदी सरकार के विजन की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. बैठक में इस बात पर भी चर्चा होने डंबल इंजन की सरकार चल रही, उन राज्यों में विकास योजनाओं को लेकर राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल कैसे बनाया जाए।  पिछले दिनों केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि केंद्रीय मंत्रियों को लोगों के लिए 'ईज ऑफ लिविंग' की दिशा में काम करना चाहिए. पीएम मोदी ने कहा था कि भले ही सरकार 2014 से सत्ता में है, लेकिन 2026 में भविष्य के लक्ष्यों और उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए. माना जा रहा है कि इस पर विस्तार के चर्चा हो सकती है।  बैठक में मोदी के लिए आएगा प्रस्ताव एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों की सराहना करते हुए एक प्रस्ताव पास किया जाएगा. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू एक विशेष प्रस्ताव पेश करेंगे, जिसका समर्थन नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो करेंगे।  एनडीए के तरफ से लाए जाने वाले विशेष प्रस्ताव में 12 साल तक निर्वाचित रूप से प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के लिए नरेंद्र मोदी को बधाई दी जाएगी और उनके नेतृत्व के लिए एनडीएका आभार जताया जाएगा  प्रस्ताव को औपचारिक रूप से स्वीकार किए जाने से पहले गठबंधन के नेता चर्चा में हिस्सा लें. प्रस्ताव पास होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक को संबोधित कर सकते हैं।  एनडीए की बैठक को मोदी करेंगे संबोधित  दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाली एनडीए बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. बैठक में मोदी सरकार के 12 साल की उपलब्धि पर चर्चा किए जाने के साथ ये बैठक करीब 3 घंटे तकतक चलेगी. मोदी सरकार के कामकाज पर प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद पीएम मोदी एनडीए नेताओं को संबोधित करेंगे। 

टीम इंडिया को बड़ा झटका! हार्दिक पंड्या OUT, चोट के कारण अफगानिस्तान वनडे सीरीज से हुए बाहर

धर्मशाला भारत और अफगानिस्तान के बीच 13 जून से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है. स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं।  बीसीसीआई की मेडिकल अपडेट के अनुसार हार्दिक को लो-ग्रेड क्वाड्रिसेप्स स्ट्रेन हुआ है. यह जांघ के आगे वाले हिस्से की मांसपेशी में खिंचाव की चोट है. मेडिकल स्टाफ ने उनकी रिकवरी अवधि लगभग तीन सप्ताह बताई है. ऐसे में वह अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले तीनों वनडे मुकाबलों में उपलब्ध नहीं रहेंगे।  हार्दिक का बाहर होना भारतीय टीम के संतुलन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. वह न सिर्फ मध्यक्रम में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हैं, बल्कि नई गेंद और मिडिल ओवरों में उपयोगी तेज गेंदबाजी का विकल्प भी देते हैं. उनकी गैरमौजूदगी में टीम प्रबंधन को ऑलराउंडर विभाग में नए संयोजन पर विचार करना पड़ सकता है।  शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेगी. टीम में रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल और ईशान किशन जैसे बल्लेबाज शामिल हैं. ऑलराउंडर विभाग में नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर और हर्ष दुबे पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ सकती है।  भारत और अफगानिस्तान के बीच पहला वनडे 13 जून को धर्मशाला में खेला जाएगा. इसके बाद दूसरा मुकाबला 17 जून को लखनऊ और तीसरा तथा अंतिम वनडे 20 जून को चेन्नई में होगा।  इस सीजन आईपीएल में हार्दिक पंड्या को फिटनेस समस्याओं का सामना करना पड़ा था. वह मुंबई इंडियंस के लिए कुछ मुकाबलों में नहीं खेल पाए थे, हालांकि 24 मई को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ टीम के आखिरी मैच में उन्होंने वापसी कर ली थी।  अफगानिस्तान सीरीज भारत के लिए आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. ऐसे में हार्दिक पंड्या का बाहर होना टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन गया है. अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि उनकी जगह किस खिलाड़ी को मौका मिलता है और भारतीय टीम मैदान पर किस संयोजन के साथ उतरती है।  भारत: वनडे  स्क्वॉड शुभमन गिल (कप्तान), श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, हर्ष दुबे, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव और गुरनूर बरार।  * हार्दिक पंड्या लो-ग्रेड क्वाड्रिसेप्स स्ट्रेन के कारण अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं. उनके स्थान पर रिप्लेसमेंट की घोषणा होना बाकी है।  IND vs AFG: ODI सीरीज पहला वनडे- 13 जून, धर्मशाला, दोपहर 1:30 बजे दूसरा वनडे- 17 जून, लखनऊ, दोपहर 1:30 बजे तीसरा वनडे- 20 जून, चेन्नई, दोपहर 1:30 बजे