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पॉलीटेक्निक कॉलेजों में दाखिले का मौका, ऑनलाइन काउंसलिंग कल से, मेरिट सूची 16 जून को जारी

दुर्ग. प्रदेश के तकनीकी शिक्षा संचालनालय (डीटीई) द्वारा प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी पॉलीटेक्निक कॉलेजों के डिप्लोमा पाठ्यक्रमों (इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, सीडीडीएम/ आईडी, एमओएम / एचएमसीटी और लैटरल एंट्री) में प्रवेश के लिए राज्य- स्तरीय ऑनलाइन काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। जारी शेड्यूल के अनुसार, प्रथम चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन 11 जून (पूर्वान्ह 10 बजे ) से 15 जून (रात्रि 11.59 बजे तक होगा। इसके ठीक बाद 16 जून को मेरिट सूची जारी होगी, जिस पर 17 जून तक दावा-आपत्ति की जा सकेगी। दावा-आपत्ति के निराकरण के पश्चात प्रथम चरण का सीट आवंटन 19 जून को किया जाएगा, जिसके तहत चयनित छात्रों को 20 से 24 जून के बीच आवंटित संस्था में उपस्थित होकर प्रवेश लेना होगा। यदि प्रथम चरण के बाद सीटें रिक्त रह जाती हैं. तो द्वितीय चरण की काउंसलिंग 26 से 30 जून तक चलेगी, जिसका आबंटन 3 जुलाई और प्रवेश प्रक्रिया 4 से 9 जुलाई तक पूरी की जाएगी। इसके बाद भी सीटें खाली रहने की स्थिति में 11 से 16 जुलाई तक संस्था स्तर ( कॉलेज लेवल) की काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन पंजीयन खोला जाएगा। इसके तहत छात्रों को 18 जुलाई को पूर्वान्ह 10.00 बजे संबंधित कॉलेज में दस्तावेज सत्यापन और आबंटन हेतु उपस्थित होना अनिवार्य होगा, जिसके पश्चात संस्था द्वारा आबंटित सीटों पर प्रवेश की कार्यवाही इसी दिन दोपहर 1 बजे से शुरू कर दी जाएगी। काउंसलिंग से जुड़ी इस पूरी प्रवेश प्रक्रिया के दौरान छात्रों की सुविधा के लिए रविवार और शासकीय अवकाश के दिनों में भी सभी सुविधा केंद्र और संबंधित कॉलेज खुले रहेंगे। इस संबंध में विस्तृत जानकारी व नियमों के लिए अभ्यर्थी विभागीय काउंसलिंग पोर्टल अवलोकन कर सकते हैं। किसी भी समस्या के समाधान के लिए अभ्यर्थी संचालनालय के हेल्पलाइन नंबर 0771-2221376 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

राज्यपाल डेका का संदेश: पेड़ों की सुरक्षा और संवर्धन पर देना होगा विशेष ध्यान

पेड़ों की सुरक्षा और संवर्धन पर समुचित ध्यान देने की आवश्यकता – राज्यपाल डेका रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज लोक भवन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडे, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त सम्बित मिश्रा, मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त  मणिवासगन एस तथा रायपुर वन मंडल के डीएफओ लोकनाथ पटेल ने मुलाकात की । इस दौरान राज्यपाल ने शहर और नया रायपुर में लगाए गए वृक्षों के संरक्षण एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया है।          राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पौधे लगाने के बाद उनकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही वृक्षों की कटाई की अनुमति दी जाए। राज्यपाल ने शहर में बड़े वृक्षों के पास से ट्री गार्ड हटाने तथा जहां वृक्षारोपण किया गया है, वहां पेड़ों के चारों ओर बने कंक्रीट ढांचे को हटाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेड़ों की जड़ों तक पर्याप्त मात्रा में पानी और हवा पहुंचना जरूरी है, तभी उनका समुचित विकास हो सकेगा।          राज्यपाल डेका ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियान व्यापक स्तर पर चलाए जा रहे हैं। वृक्षारोपण के बाद उनकी देखभाल पर पर्याप्त ध्यान दिया जाए, जो भी पौधे लगाए जाएं, उनकी नियमित निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि वे विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें। राज्यपाल ने अधिकारियों से शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने और लगाए गए पौधों के जीवित रहने की दर बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने को कहा है।

कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान आई सामने, मीनाक्षी नटराजन का खेल बिगड़ने के पीछे किसका हाथ?

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्यसभा चुनाव में 'सीट चोरी' के आरोपों को नकारते हुए बुधवार को दावा किया कि कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का 'खेल बिगाड़ने' का काम उन्हीं की पार्टी के नेताओं ने किया, क्योंकि उनमें से कई की नजर उस सीट पर थी। राज्यसभा की तीन सीटों पर हो रहे चुनाव में मंगलवार को उस समय नाटकीय मोड़ आ गया, जब शपथपत्र में जानकारी छुपाने के आरोप में नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया। अधूरा हलफनामा राज्यसभा के निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद पाया गया कि नटराजन ने नामांकन के साथ जमा किए गए फॉर्म 26 में अदालत की शिकायत का जिक्र नहीं करते हुए अधूरा हलफनामा दाखिल किया था। भाजपा उम्मीदवार ने की थी शिकायत मध्यप्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार महेश केवट ने निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि नटराजन ने अपने हलफनामे में तेलंगाना में उनके खिलाफ दर्ज मामले का उल्लेख नहीं किया है। कांग्रेस ने लगाए सीट चोरी के आरोप कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए आरोप लगाया कि यह अब 'वोट चोरी' का मामला नहीं रहा, बल्कि 'सीट चोरी' का मामला बन गया है। साथ ही पार्टी ने इस प्रकरण को अदालत में चुनौती देने का भी फैसला किया है। सीएम मोहन यादव के आरोप मुख्यमंत्री यादव ने इस संबंध में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस ने 'जानबूझकर' और 'षडयंत्रपूर्वक' नटराजन के फॉर्म में गलतियां कीं। उन्होंने दावा किया, 'इस सीट पर कई सारे कांग्रेसियों की नजर थी। जब सीट नहीं मिली तो नटराजन का खेल बिगाड़ने का काम कांग्रेसियों ने ही कर दिया।' यादव ने कहा कि पंच और सरपंच के चुनाव तक में आपराधिक ब्योरा देना होता है और जब 10 से अधिक बार से चुनाव लड़ चुके लोग राज्यसभा जैसे प्रतिष्ठित चुनाव में ऐसी गलतियां करते हैं तो यह अनायास नहीं है। उन्होंने इसे जानबूझकर किया गया 'षडयंत्र' करार दिया। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस को 'आत्मावलोकन' करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले लोकसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को उनके गढ़ छिंदवाड़ा में हराकर भाजपा ने नया रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ठीक से अपने प्रत्याशी का फार्म नहीं भर सकती, विधायकों को एकजुट नहीं रख सकती और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के फैसलों को स्वीकार नहीं कर सकती तो इसमें भाजपा क्या कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी गलतियां देखनी चाहिए और प्रत्याशी घोषित करने से पहले कम से कम उसकी पृष्ठभूमि जांच लेनी चाहिए। इससे पहले, राज्य सरकार के मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को दावा किया था नटराजन मामले में तेलंगाना के कांग्रेस नेताओं ने ही जरूरी दस्तावेज मुहैया कराए थे। EC से होगी मीनाक्षी के नॉमिनेशन खारिज की शिकायत मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल थोड़ी ही देर में दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, दीपा दासमुंशी, विवेक तन्खा, मीनाक्षी नटराजन, मोहम्मद अली खान और उमर होडा शामिल हैं। मंगलवार को चुनाव अधिकारियों ने हलफनामे में अनियमितताएं पाए जाने के आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया था। जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली और भोपाल में चुनाव आयोग के दफ्तरों के बाहर धरना दिया था। भाजपा का आरोप था कि उन्होंने शपथ पत्र में हैदराबाद कोर्ट के एक लंबित मामले की जानकारी छिपाई। नटराजन का नामांकन खारिज होने को कांग्रेस ने "लोकतंत्र की हत्या" और "सीट चोरी" बताया।इधर, भोपाल में कांग्रेस के कार्यकर्ता बुधवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) दफ्तर पहुंचे। गेट बंद मिलने पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गणवेश दफ्तर के बाहर गेट पर टांग दी और लौट गए। कहां से मिले दस्तावेज नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद विजयवर्गीय ने संवाददाताओं से कहा, 'जहां तक हमें मिले दस्तावेजों का सवाल है, उन्हें हमें किसने दिया? आप समझ सकते हैं कि कांग्रेस किस राज्य में है? मुद्दा यह है कि हमें तेलंगाना से संबंधित दस्तावेज प्राप्त हो रहे हैं। एक ऐसा राज्य… जहां वे सत्ता में हैं। हमारे पास खुद कोई जानकारी नहीं थी। यह कांग्रेस के सदस्य होंगे जिन्होंने इसे हमें प्रदान किया होगा।' राज्य में राज्यसभा की तीन खाली सीटों में से सत्तारूढ़ भाजपा के लिए, दो सीटें जीतना तय था लेकिन नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद तीसरी सीट भी उसके खाते में जाती दिख रही है। भाजपा ने अपने महासचिव तरुण चुघ और राज्य इकाई के सचिव रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा है और तीसरी सीट के लिए मध्य प्रदेश मछुआरा कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष केवट पर दांव लगाया है।

डोनाल्ड ट्रंप का पलटवार! अपाचे हादसे के बाद अमेरिका ने ईरान पर किए हमले, होर्मुज में क्या-क्या हुआ?

वाशिंगटन ईरान जंग में जिसका डर था, वो हो गया. ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की आग एक बार फिर भड़क गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ने होर्मुज को बदलापुर बना दिया है. जिस बात के लिए डोनाल्ड ट्रंप इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को बार-बार रोक रहे थे. अपाचे हेलीकॉप्टर के गिरने के बाद खुद वो गलती कर बैठे. जी हां, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर ताबड़तोड़ अटैक कर दिया है. अमेरिका का ईरान पर यह अटैक सीजफायर के बीच हुआ है. होर्मुज के पास गिराए गए अपाचे हेलीकॉप्टर का ट्रंप ने ईरान पर अटैक करके जवाब दिया है. हालांकि, तेहरान ने भी बदला लेने की कसम खाई है. इसका मतलब है कि युद्ध की आग अब और भड़कने वाली है।  दरअसल, मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई का आदेश दे दिया है. यह कदम उस घटना के बाद उठाया गया, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक अमेरिकी AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर गिर गया था. अमेरिका का दावा है कि इसके पीछे ईरान का हाथ था, जबकि तेहरान इस आरोप से इनकार कर रहा है. इस बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं. अमेरिका ने मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास एक अमेरिकन अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर गिराए जाने के कुछ घंटों बाद ईरान पर हमला किया।  अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस हमले को सेल्फ डिफेंस स्ट्राइक बताया है. उसने कहा कि ईरान पर यह ताजा हमला ट्रंप के ऑर्डर पर वाशिंगटन टाइम के हिसाब से शाम 5 बजे शुरू हुआ और इसका मकसद ईरानी हमले का प्रोपोर्शनल जवाब देना था. यह कदम तब उठाया गया जब ट्रंप ने ईरान पर अपाचे को मार गिराने का आरोप लगाया और कसम खाई कि ज़रूरत पड़ने पर अमेरिका इस हमले का जवाब देगा।   ट्रंप का बड़ा एक्शन, ईरान पर अमेरिकी हमले शुरू; मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध का खतरा बहरहाल, इस घटनाक्रम ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. तेल बाजार से लेकर वैश्विक सुरक्षा तक… हर क्षेत्र पर इसके असर की आशंका जताई जा रही है. आइए जानते हैं इस पूरे मामले के कुछ बड़े अपडेट्स. ट्रंप ने दिया सैन्य कार्रवाई का आदेश: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों और सैन्य उपकरणों पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसी के बाद ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई को मंजूरी दी गई. अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर गश्त कर रहे अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।  अपाचे हेलिकॉप्टर घटना बनी बड़ी वजह: दरअसल, अमेरिका का ईरान पर यह अटैक अपाचे के गिराए जाने का बदला है. ईरान पर आरोप है कि उसने अमेरिकी AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर मार गिराया है. इससे ट्रंप भड़क उठे. उन्होंने अपाचे का बदला लेने के लिए ही ईरान पर अटैक करवाया. अमेरिका का दावा है कि इसके पीछे ईरान या उससे जुड़े समूहों की भूमिका थी. कुल मिलाकर अपाचे वाली घटना ही नई जंग की वजह बनी।  ईरान के कई ठिकाने निशाने पर: अमेरिकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार केंद्रों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार कई रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए गए. अमेरिका ने अब्बास समेत 3 ईरानी ठिकानों पर एक साथ हमला किया. इसके बाद तो ईरान में हर तरफ धमाकों की गूंज सुनाई देने लगी।  तेहरान में बढ़ी हलचल: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सैन्य ठिकानों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है. लोगों में खौफ का मंजर है. गौरतलब है कि अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर इजरायल के साथ मिलकर अटैक किया था।  ईरान ने दी कड़ी चेतावनी: अमेरिकी हमलों पर ईरान ने भी पलटवार की कसम खाई है. ईरान ने साफ कहा है कि वह किसी भी हमले का जवाब देगा. तेहरान का कहना है कि अगर अमेरिका ने कार्रवाई जारी रखी तो पूरे क्षेत्र में हालात और बिगड़ सकते हैं. इस बीच तेहरान ने भी पलटवार किया है. उसने भी कुछ मिसाइलें दागी हैं।  होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा खतरा: मिडिल ईस्ट का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर जंग का अखाड़ा बन गया है. अपाचे हेलिकॉप्टर क्रैश के बाद अमेरिका ने ईरान पर दोबारा हमला बोल दिया है. इससे दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास तनाव बढ़ गया है. यहां किसी भी सैन्य टकराव का असर वैश्विक तेल सप्लाई पर पड़ सकता है।  बेंजामिन नेतन्याहू को रोक खुद गलती कर रहे ट्रंप: डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ही इजरायल को ईरान के खिलाफ नई जंग नहीं छेड़ने के लिए चेताया था. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर इजरायल ईरान पर अटैक करता है तो वह उसे अकेले जंग लड़नी पड़ेगी. मगर अपाचे के गिरने के बाद ट्रंप खुद आपा खो बैठे और ईरान पर अटैक कर दिया।  होर्मुज में फिर मचेगा हाहाकार: ईरान जंग पर अमेरिका अब तक शांत था. वह किसी तरह सीजफायर को मान रहा था और ईरान से डील चाहता था. मगर अपाचे के गिरने से ट्रंप का सब्र जवाब दे गया. भड़के डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अटैक करके नई जंग छेड़ दी है. इसका मतलब है कि होर्मुज में अब और हड़कंप मचेगा. इससे तेल और गैस की चिंता और बढ़ जाएगी। 

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ में गिरिराज सिंह ने पढ़े कसीदे, बोले- आने वाली पीढ़ियां भी करेंगी सम्मान

लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. वह सबसे लंबे समय तक लगातार देश की सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं. पीएम मोदी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया. नेहरू ने जहां 13 मई 1952 को पहली बार निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी और लगातार 4398 दिन प्रधानमंत्री रहे थे. वहीं नरेंद्र मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री आज 4399 दिन पूरे करते हुए सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं. पीएम मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और तब से उनका ये सफर लगातार जारी है।  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने लगातार तीन बार 2014, 2019, 2024 लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की. पीएम मोदी की इस खास उपलब्धि पर देश और दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं. वहीं इस मौके पर बीजेपी ’12 साल बेमिसाल’ अभियान शुरू करने वाली है. इस कार्यक्रम की शुरुआत आज भारत मंडपम से होगी।  'पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने संबंधों को मजबूत किया…' यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष ने दी बधाई यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने संदेश में कोस्टा ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत का सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाला प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई।  उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं. कोस्टा ने इस साल आयोजित भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पक्षों के रिश्तों में आई मजबूती इसका सबसे बड़ा प्रमाण है।  यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष ने आगे कहा कि वह भारत के साथ सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और मित्रता को आगे भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध और अधिक मजबूत होंगे।   पीएम मोदी रोल मॉडल, लीडरशिप की मिसाल… पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री ने भेजा बधाई संदेश पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक व्‍यक्तिगत वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को ‘एक रोल मॉडल और लीडरशिप की मिसाल’ बताया. उन्होंने कहा, ‘आज 20 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी से निकालकर बेहतर ज़िंदगी देना एक अद्भुत उपलब्धि है.’ प्रधानमंत्री मारापे ने पापुआ न्यू गिनी की स्‍नेहपूर्ण दोस्ती और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मज़बूत करने की इच्छा ज़ाहिर की. मई 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी की ऐतिहासिक यात्रा भारत–प्रशांत द्वीपीय देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण था. किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की यह पहली यात्रा थी. यह यात्रा भारत–प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (FIPIC) के तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए की गई थी. इस यात्रा ने ‘ग्लोबल साउथ’ के एक प्रतिबद्ध साथी के तौर पर भारत की भूमिका पर जोर दिया।  पीएम मोदी अवतरित पुरुष, उन्हें पूजेंगे लोग…' प्रधानमंत्री के 12 साल पर बोले गिरिराज सिंह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘महामानव’ और ‘अवतरित पुरुष’ बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लिए जो कार्य किए हैं, वे असाधारण हैं और आने वाले समय में लोग उन्हें पूजेंगे।  केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने और प्रधानमंत्री मोदी के लगातार 12 साल तक देश का नेतृत्व करने वाले पहले प्रधानमंत्री बनने के अवसर पर गिरिराज सिंह ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों पर विपक्ष सवाल नहीं उठा सकता, क्योंकि उनके नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।  गिरिराज सिंह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार सत्ता सौंपकर उन्हें प्रमाणपत्र दे दिया है, जबकि राहुल गांधी हार का जश्न मना रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी ‘थेथरोलॉजी’ की राजनीति कर रहे हैं।  'राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण' पीएम मोदी के रिकॉर्ड पर जयशंकर ने दी बधाई विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है. जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हर दिन इतिहास रच रहे हैं और 4,399 दिनों का उनका कार्यकाल भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।  सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह रिकॉर्ड उनके नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत कीर्तिमान नहीं, बल्कि भारत की जनता के उस विश्वास और भरोसे का प्रतिबिंब है, जो उन्होंने लगातार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जताया है।  जयशंकर ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है और देश ने विकास, सुशासन तथा राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है. उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व में भारत के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  'विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा…' बतौर प्रधानमंत्री अपने रिकॉर्ड पर क्या बोले पीएम मोदी? संस्कृत श्लोक से दिया संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे लंबे समय तक लगातार देश की सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के रिकार्ड पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने कहा, ‘जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है. विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनविश्वास अर्जित करता है।      जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनविश्वास अर्जित करता है।

Pakistan Squad Announced: एशियन गेम्स में नए चेहरे, वरिष्ठ खिलाड़ियों की छुट्टी, फरहान बने कप्तान

करांची  एशियन गेम्स 2026 के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। जापान में होने वाले इन एशियाई खेलों के लिए पाकिस्तान की टीम में तमाम दिग्गजों को जगह नहीं मिली है। कप्तान सलमान अली आगा से लेकर बाबर आजम, शाहीन अफरीदी और मोहम्मद रिजवान जैसे खिलाड़ी इस टीम का हिस्सा नहीं है। पहली नजर में देखकर लग रहा है कि यह एकदम नई नवेली टीम है, क्योंकि 4 खिलाड़ियों ने अभी तक T20I में डेब्यू भी नहीं किया है। इस टीम की कप्तानी बोर्ड ने युवा बल्लेबाज साहिबजादा फरहान को सौंपी है, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन किया था। 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान में एशियन गेम्स का आयोजन होना है। इसके लिए क्रिकेट टीमों की घोषणा होना शुरू हो गया है। बीसीसीआई ने पिछले सप्ताह टीम की घोषणा की थी। बीसीसीआई ने फुल फ्लेज्ड टीम इस इवेंट में भेजने का फैसला लिया है, जबकि पाकिस्तान एक युवाओं से भरी हुई टीम भेजने जा रहा है, जिसकी घोषणा भी पीसीबी ने कर दी है। बहुत कम ऐसे खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं, जिन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट का बहुत ज्यादा अनुभव है। बोर्ड ने यह फैसला क्यों लिया है? इसकी वजह अभी सामने नहीं आई है। हो सकता है कि कोई सीरीज उस समय पाकिस्तान की किसी देश के साथ शेड्यूल हो। 10 टीमों का मेन्स T20I इवेंट आइची प्रीफेक्चर के कोरोगी एथलेटिक पार्क में खेला जाएगा। मेन्स क्रिकेट इवेंट 24 सितंबर को शुरू होगा, जबकि मेडल मैच 3 अक्टूबर को खेले जाएंगे। पाकिस्तान के लिए 46 टी20 मैच खेल चुके साहिबजादा फरहान इस टीम को लीड करेंगे, जो दो शतक और 10 अर्धशतक इस फॉर्मेट में जड़ चुके हैं। वहीं, पांच टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले अब्दुल समद को वाइस कैप्टन बनाया गया है। 4 खिलाड़ी ऐसे भी इस 15 सदस्यीय टीम का हिस्सा हैं, जिन्होंने अभी तक टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू नहीं किया है। आकिफ जावेद, अली रजा, माज सदाकत और साद मसूद ने अभी तक पाकिस्तान के लिए एक भी टी20 इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है। इनमें से कुछ खिलाड़ियों को एशियन गेम्स में खेलने का मौका मिल सकता है और देश का प्रतिनिधित्व इंटरनेशनल क्रिकेट में करने का मौका मिलने की संभावना है। पाकिस्तान की टीम इस प्रकार है साहिबजादा फरहान (कप्तान), अब्दुल समद (उप-कप्तान), अबरार अहमद, अहमद दानियाल, आकिफ जावेद, अली रजा, अराफात मिन्हास, हैदर अली, हसन नवाज, माज सदाकत, मोहम्मद सलमान मिर्जा, साद मसूद, सैम अयूब, सुफयान मुकीम और उस्मान खान (विकेट-कीपर) एशियन गेम्स के लिए जो सपोर्ट स्टाफ पाकिस्तान भेजने वाला है। उनमें हेड कोच माइक हेनस, बॉलिंग कोच एशले नोफके, फील्डिंग कोच शेन मैकडरमॉट, फीजियोथेरेपिस्ट मुहम्मद ताहिर, ट्रेनर इमरान उल्लाह और एनालिस्ट उस्मान हाशमी का नाम शामिल है।  

हरियाणा में बयान से मचा बवाल, रेणू भाटिया पद से हटाई गईं, विवाद की वजह बना बेटियों पर दिया गया बयान

कुरुक्षेत्र. एलएनजेपी अस्पताल में जुड़े नाबालिग से दुष्कर्म मामले में रविवार को निरीक्षण के दौरान नर्सिंग स्टाफ पर की गई विवादित टिप्पणी और नर्सिंग स्टाफ की एकजुटता भरे प्रदर्शन ने हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया के साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल पर विराम लगा दिया। उन्हें मंगलवार रात को इस्तीफा देना पड़ा। बताया जा रहा है कि इन्हें पद से हटाना था, इसलिए मौका देखकर इस्तीफा ले लिया गया। चेयरपर्सन का कार्यकाल तीन साल का था, लेकिन वह साढ़े 4 साल तक इस पद पर रही। हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम 2012 के मौजूदा प्रविधान के अंतर्गत रेनू भाटिया का राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन के तौर पर कार्यकाल नियमानुसार पिछले वर्ष जनवरी, 2025 में ही पूरा हो चुका था। उन्होंने 19 जनवरी 2022 को चेयरपर्सन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2012 की धारा 4(1) में स्पष्ट प्रविधान है कि आयोग की चेयरपर्सन, वाइस-चेयरपर्सन और सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष से अधिक नहीं हो सकता। इस आधार पर उनका कार्यकाल 18 जनवरी 2025 को पूरा हो गया था। 26 नवंबर 2024 को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी एक पत्र के माध्यम से रेणु भाटिया का कार्यकाल अगले आदेश तक बढ़ाया गया था, किंतु किसी विभागीय पत्र द्वारा कानून में निर्धारित अधिकतम कार्यकाल की सीमा को पार नहीं किया जा सकता। रेणू भाटिया की ओर से नर्सिंग आफिसर्स पर रविवार को की गई टिप्पणी से देशभर के नर्सिंग आफिसर्स विरोध में उतर आए थे। कुरुक्षेत्र अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने सोमवार को दो घंटे हड़ताल कर नारेबाजी की थी। हरियाणा नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मंगलवार को 10 से 12 बजे तक पेन डाउन स्ट्राइक की। रेणू भाटिया का राजनीतिक सफर वर्ष 2000 में फरीदाबाद में भाजपा टिकट पर पार्षद चुनाव जीती और डिप्टी मेयर भी बनीं। 2010 में पार्षद चुनाव में हार झेलनी पड़ी। हरियाणा भाजपा में प्रदेश प्रवक्ता के पद पर रही। वर्ष 2017 में मनोहर लाल सरकार में महिला आयोग की सदस्य बनीं। मनोहर सरकार ने 19 जनवरी 2022 को महिला आयोग की चेयरपर्सन बनाया। यूं चला घटनाक्रम 29 मई को नाबालिग से दुष्कर्म हुआ। 31 मई को आरोपित डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज हुआ। 1 जून को डॉक्टर की गिरफ्तारी हुई। 6 जून को राज्य महिला आयोग ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया। 7 जून को राज्य महिला आयोग अध्यक्ष रेनू भाटिया ने अस्पताल का दौरा किया। 8 जून को कुरुक्षेत्र में नर्सों ने मोर्चा खोला और प्रदर्शन किया। 9 जून को सुबह प्रदेश भर में नर्सिंग ऑफसर्स की 2 घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक। 9 जून रात को रेणू भाटिया का इस्तीफा। यह की थी टिप्पणी चेयरपर्सन रेणू भाटिया ने रविवार को निरीक्षण के दौरान खड़ी एक स्टाफ से पूछा था कि क्या आपकी बेटी है। उन्होंने हां कहा तो चेयरपर्सन बोलीं कि उसे किसी अनजान व्यक्ति के साथ अकेला छोड़ सकती है क्या?

भाखड़ा डैम पर अलर्ट जारी, बढ़ते जलस्तर के बीच पंजाब-हरियाणा से पानी के अधिक उपयोग की अपील

चंडीगढ़. धान रोपाई सीजन के बीच भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने पंजाब, हरियाणा समेत साझेदार राज्यों को भाखड़ा जलाशय से सिंचाई के लिए अधिक पानी उठाने की सलाह दी है। चंडीगढ़ में हुई बीबीएमबी की तकनीकी समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में अधिकारियों ने राज्यों से उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग करने को कहा। बोर्ड का मानना है कि जलाशय में इस समय पानी का स्तर अपेक्षाकृत ऊंचा है और आने वाले दिनों में हिमपात के पिघलने तथा मानसून के कारण अतिरिक्त जल प्रवाह मिलने की संभावना भी बनी हुई है। बीबीएमबी के आंकड़ों के अनुसार 9 जून को भाखड़ा जलाशय का जलस्तर 1,578.07 फीट दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष इसी दिन के 1,556.60 फीट की तुलना में 21.47 फीट अधिक है। यह स्तर इस अवधि के औसत 1,543.72 फीट से भी काफी ऊपर है। अधिकारियों ने क्या बताया? अधिकारियों ने बताया कि जलाशय अब पूर्ण जलस्तर से केवल 102 फीट नीचे है। ऐसे में भारी वर्षा या सतलुज बेसिन में अचानक बढ़ने वाले जल प्रवाह की स्थिति में अतिरिक्त भंडारण क्षमता सीमित रह जाएगी। वर्तमान में जलाशय में 1.75 अरब घन मीटर (बीसीएम) जीवित भंडारण उपलब्ध है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह 1.27 बीसीएम था। जलाशय की भराव क्षमता 31 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो 9 जून 2025 के 22 प्रतिशत और दीर्घकालिक औसत 18 प्रतिशत से काफी अधिक है। बैठक में यह भी सामने आया कि धान की रोपाई शुरू होने के बावजूद साझेदार राज्यों ने अभी तक अपने हिस्से का पानी अपेक्षित स्तर पर नहीं लिया है। फिलहाल भाखड़ा में 13,748 क्यूसेक पानी की आमद हो रही है, जबकि पिछले वर्ष इसी दिन यह 21,792 क्यूसेक थी। दूसरी ओर जलाशय से 20,763 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जो पिछले वर्ष के 30,528 क्यूसेक से कम है। बीबीएमबी ने राज्यों से सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आगामी मानसून के लिए जलाशय में पर्याप्त भंडारण क्षमता बनाए रखने पर जोर दिया।

इलाज के दौरान युवती की मौत से मचा हड़कंप, दुर्ग सिविल सर्जन सहित 9 स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई

दुर्ग. जिला अस्पताल दुर्ग में भर्ती सिकलिन पीड़ित 22 वर्षीय युवती दीपिका गाड़ा के इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में सिविल सर्जन सहित 9 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। इनमें 3 डॉक्टर, 3 नर्स तथा 2 लैब टेक्नीशियन शामिल है। दरअसल, दीपिका की मौत को लेकर कलेक्टर अभिजीत सिंह 2 सदस्यीय टीम गठित की थी। जांच टीम में अपर कलेक्टर योगिता देवांगन तथा सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी शामिल किए गए। जांच टीम के दोनों सदस्य चिकित्सक, स्टाफ नर्स तथा कर्मचारियों के बारी-बारी से बयान लिए। इसके अलावा मृतिका के परिजनों के भी बयान दर्ज किए। सभी के बयान पूरा होने के बाद जांच प्रतिवेदन तैयार किया गया और रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर ही नोटिस जारी किया गया है। इन्हें दो दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है। परिजनों ने दीपिका की मौत के लिए जिला अस्पताल दुर्ग के चिकित्सकों तथा स्टाफ नर्स की लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में दीपिका को ब्लड चढ़ाया जाना था, इसके उलट परिजनों को ही ब्लड का इंतजाम करने कहा गया। ब्लड का इंतजाम करने में कोई देरी की वजह से दीपिका की मौत हो गई। यही वजह है कि ब्लड बैंक के 2 टेक्नीशियन को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जानकारी के मुताबिक, जिन तीन चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है उनमें डॉ. शमी, डॉ. तृप्ति तथा डॉ. निखिल अग्रवाल शामिल है। दीपिका के भर्ती के समय कैजुवल्टी में मौजूद नर्स पर लापरवाही बरतने आरोप लगा था। इस वजह से 3 नर्स से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। पूरे मामले में ठीक ढंग से व्यवस्था नहीं किए जाने को लेकर सिविल सर्जन डॉ. आशीषन को भी नोटिस थमाया गया है।

ममता बनर्जी की करीबी सुष्मिता देव ने छोड़ा TMC का साथ, इस्तीफे से बंगाल की राजनीति में चर्चा तेज

कोलकत्ता  ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी को बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद झटका पर झटका लग रहा है. कुछ दिन पहले वरिष्ठ राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने सांसदी छोड़ दी थी और अब सुष्मिता देव ने भी राज्यसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है. बता दें कि राज्य चुनाव में हार के बाद टीएमसी के 80 में से 58 विधायक भी विरोधी गुट बना चुके हैं।  तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक और बड़ा झटका लगा है. पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सुष्मिता देव का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब टीएमसी पहले से ही अंदरूनी असंतोष और नेताओं के पार्टी छोड़ने की घटनाओं का सामना कर रही है. उनके इस्तीफे को पार्टी के लिए एक और राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, इस्तीफे के पीछे की वजहों को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. सुष्मिता देव लंबे समय से टीएमसी का प्रमुख चेहरा रही हैं और पार्टी की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं।  गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने कल ही सोनिया गांधी से मुलाकात की है. ममता पार्टी में टूट रोकने के लिए हरसंभव कोशिश में जुटी हुई हैं लेकिन एक-एक करके उनके साथी साथ छोड़ रहे हैं. कुछ दिन पहले ही लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने टीएमसी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने दावा किया था कि उनके पास टीएमसी के 28 सांसदों में से 20 का समर्थन हासिल है. गौरतलब है कि दलबदल कानून से बचने के लिए विरोधी गुट को 19 सांसदों की जरूरत है।  गौरतलब है कि सुष्मिता देव एक वक्त पूर्व सीएम ममता बनर्जी की बेहद खास हुआ करती थीं. लेकिन अब सुष्मिता देब ने अपने पद से ही इस्तीफा दे दिया है. राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्ण को लिखे पत्र में सुष्मिता देव ने कहा है कि मैं राज्यसभा की सदस्य पद से इस्तीफा देता हूं. आपसे इसे तुरंत स्वीकार करने का आग्रह करती हूं।  मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सुष्मिता देव ने बुधवार को राज्यसभा सचिवालय पहुंचकर अपना इस्तीफा सौंपा। उनका यह कदम ऐसे समय पर आया है, जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष और नेताओं के पार्टी छोड़ने की घटनाएं लगातार चर्चा में हैं। सुष्मिता देव टीएमसी के उन नेताओं में शामिल रही हैं जिन्हें पार्टी का राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत चेहरा माना जाता था। वह कांग्रेस छोड़कर वर्ष 2021 में टीएमसी में शामिल हुई थीं और तब से संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं। हालांकि, उनके इस्तीफे के पीछे के कारणों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे टीएमसी के लिए एक और महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। टीएमसी की चुनौतियों क्या कहा था हाल ही में बातचीत में देव ने टीएमसी के मौजूदा हालात पर चर्चा की थी। उन्होंने लिखा था, 'अच्छी खबर यह है कि ऐसा ही हमने दूसरे राज्यों में भी देखा है। इसकी वजह साफ है कि हमारे विधायकों और कैडर पर बहुत दबाव है…। जमीन पर यह पता चला है कि पुलिस और प्रशासन की तरफ से जबरदस्त दबाव है कि टीएमसी को छोड़ दें या परिणामों के लिए तैयार रहें। यह सच्चाई है। मुझे लगता है कि अगर हिंदी में कहें तो दूध का दूध और पानी का पानी होगा। मुझे लगता है कि यह हमें और मजबूत बनाएगा और आने वाले सालों के लिए तैयार करेगा।' उन्होंने कहा था, '…ममता दी की ताकत उनकी जनता है, ममता दी की ताकत ईमानदारी है। इससे फर्क नहीं पड़ता कि कौन क्या कह रहा है, हमारे बारे में क्या नारे लगाए जा रहे हैं। ममता दी में हालात बदलने की क्षमता है। यह चुनौती है और इससे निपटने में हम सक्षम हैं और यह कुछ समय की ही बात है।' सुखेंदु शेखर रे ने लगाए थे गंभीर आरोप रे ने इस्तीफा देने के बाद एक पत्र में लिखा था कि पश्चिम बंगाल के मतदाताओं ने 15 वर्ष से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ हिंसा , शिक्षा, स्वास्थ्य , उद्योग, रोजगार और कानून व्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में बुरी तरह नाकाम रहने पर सत्ता से बाहर कर दिया है। उन्होंने कहा था, 'मैं लोगों के इस ऐतिहासिक फैसले को विनम्रता से स्वीकार करता हूं तथा तृणमूल कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता एवं राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देता हूं।'