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बेसिक शिक्षा बैठक में सीएम योगी सख्त, बोले- हर बच्चे तक पहुंचे शिक्षा, अधिकारियों को दिया सख्त निर्देश

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने राज्य में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने, बच्चों की शत-प्रतिशत विद्यालयी उपस्थिति सुनिश्चित करने, संसाधनों के कुशल उपयोग तथा अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 06 से 14 वर्ष की आयु का एक भी बच्चा विद्यालय से वंचित नहीं रहना चाहिए, विद्यालय प्रबन्ध समिति (प्रधानाध्यापक व ग्राम प्रधान) इसे सुनिश्चित कराए। इस दिशा में “स्कूल चलो अभियान” को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए ताकि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से न छूटे। परिषदीय छात्रों के लिए ₹1200 की डीबीटी सहायता शीघ्र अभिभावकों के खातों में जाए मुख्यमंत्री ने परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रत्येक छात्र के अभिभावक के बैंक खाते में यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्टेशनरी एवं पाठ्य सामग्री हेतु ₹1200 की सहायता राशि को डीबीटी के माध्यम से शीघ्रता से अंतरित किए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ किया जाए ताकि लाभार्थियों को समय पर मदद मिल सके और विद्यालयीन सामग्री की व्यवस्था बाधित न हो। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों में आधारभूत संरचना की कमी है, वहां अविलंब संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण में अध्ययन का अवसर प्राप्त हो। 50 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालय स्वतंत्र रूप से संचालित हों मुख्यमंत्री ने विद्यालयों की पेयरिंग व्यवस्था को दूरगामी और व्यापक दृष्टिकोण से लागू किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों तीनों के हित में है। इससे न केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा। जिन विद्यालयों में 50 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं, उन्हें स्वतंत्र विद्यालय के रूप में संचालित करने का निर्देश दिया गया, जिससे प्रशासनिक सुविधा, जवाबदेही और शैक्षणिक निगरानी और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सके। पेयरिंग व्यवस्था के कारण खाली हुए विद्यालय भवनों को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि वहां बाल वाटिकाएं/प्री-प्राइमरी स्कूल संचालित की जाएं। साथ ही, इन भवनों में आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थानांतरित किया जाए ताकि शिशु शिक्षा का आधार सुदृढ़ हो और विद्यालय परिसरों का उपयोग बहुपर्यायी रूप से हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए और इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। रिक्त पदों पर अधियाचन भेज कर शीघ्र की जाए नियुक्ति बैठक में शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा  कि सभी विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात आदर्श स्थिति में होना चाहिये। उन्होंने निर्देश दिये कि रिक्तियों के सापेक्ष अधियाचन तत्काल भेजा जाए और नियुक्ति प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए।

नेशनल हेराल्ड मामला: ED की चार्जशीट पर फैसला सुरक्षित, 29 जुलाई को आएगा आदेश

नई दिल्ली  नेशनल हेराल्ड केस से जुड़े एक मामले में जल्द ही कोर्ट का फैसला आ सकता है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ दाखिल ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान को लेकर बहस सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। अब कोर्ट 29 जुलाई को इस मुद्दे पर आदेश सुनाएगा। राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने कहा कि आदेश 29 जुलाई को सुनाया जाएगा। गांधी परिवार के अलावा, ईडी ने सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन, डॉटेक्स मर्चेंडाइज और सुनील भंडारी को भी आरोपी बनाया है। मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल किए गए पैसे! ईडी ने आरोप लगाया है कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) – नेशनल हेराल्ड के पब्लिशर्स, जिसकी कीमत ₹2,000 करोड़ से अधिक है। इसकी संपत्तियों को कथित धोखाधड़ी से अधिग्रहित किया गया है। इससे मिले पैसे यंग इंडियन नामक कंपनी के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल किए गए। दावे के मुताबिक गांधी परिवार इस कंपनी में बहुसंख्यक शेयरधारक है। साजिश के तहत ट्रांसफर किए गए शेयर ईडी का कहना है कि एजेएल की संपत्ति अवैध रूप से हासिल करने के लिए एक आपराधिक साजिश के तहत एजेएल के शेयर यंग इंडियन को ट्रांसफर किए गए। ईडी के मामले में शेयरों की कीमत, एजेएल की अचल संपत्तियां और उनसे मिला किराया, कथित तौर पर अपराध की इनकम है। संपत्ति हड़पने के लिए कर्ज का इस्तेमाल सुनवाई के दौरान, कांग्रेस नेता ने ईडी के उन आरोपों का खंडन किया कि यंग इंडियन का इस्तेमाल ऋण के बदले एजेएल की संपत्ति हड़पने के लिए किया गया था। उन्होंने तर्क दिया कि यह ऋण एजेएल को ऋण मुक्त करने के लिए दिया गया था।

राजनीतिक चंदे में बड़ा अंतर: वेदांता ने बीजेपी को जमकर दिया, कांग्रेस को न के बराबर

नई दिल्ली  अरबपति उद्योगपति अनिल अग्रवाल की खनन कंपनी वेदांता लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2024-25 में केंद्र और कई राज्यों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 97 करोड़ रुपये का चंदा दिया। यह रकम फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के मुकाबले चार गुना ज्यादा है। कंपनी की ताजा वार्षिक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है। कंपनी ने वित्त वर्ष (2024-25) में कुल 157 करोड़ रुपये का राजनीतिक चंदा दिया जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 97 करोड़ रुपये था। रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी को दिया गया चंदा चार गुना हो गया लेकिन मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को चंदा घटकर सिर्फ 10 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक वेदांता ने फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में बीजेपी को 26 करोड़ रुपये का चंदा दिया था। बीते वित्त वर्ष में कंपनी ने बीजू जनता दल को 25 करोड़ रुपये (इससे पिछले वित्त वर्ष में 15 करोड़ रुपये), झारखंड मुक्ति मोर्चा को 20 करोड़ रुपये (इससे पिछले वित्त वर्ष में पांच करोड़ रुपये) और कांग्रेस को 10 करोड़ रुपये (पिछले वित्त वर्ष में भी 49 करोड़ रुपये) का चंदा दिया। वेदांता राजनीतिक दलों को चंदा देने के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। 457 करोड़ का चंदा वित्त वर्ष 2022-23 में इसने राजनीतिक दलों को कुल 155 करोड़ रुपये और 2021-22 में 123 करोड़ रुपये का चंदा दिया था। हालांकि, इन वित्त वर्षों के लिए चंदा पाने वाले राजनीतिक दलों का ब्योरा नहीं दिया गया है। कंपनी ने चुनावी बॉन्ड (अब रद्द हो चुके) के माध्यम से 2017 से राजनीतिक दलों को 457 करोड़ रुपये का चंदा दिया है। चुनावी बॉन्ड कंपनियों और व्यक्तियों को राजनीतिक दलों को अपनी पहचान बताए बिना चंदा देने की अनुमति देते थे। उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल चुनावी बॉन्ड को असंवैधानिक बताते हुए इनपर प्रतिबंध लगाया दिया था। वेदांता का जनहित इलेक्टोरल ट्रस्ट, राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए कंपनियों द्वारा स्थापित एक दर्जन से अधिक चुनावी न्यास में से एक है। इसी तरह के न्यास टाटा का प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट भी है। अलग-अलग कंपनियों के ट्रस्ट कंपनियों द्वारा स्थापित इसी तरह के अन्य न्यास में रिलायंस का पीपल्स इलेक्टोरल ट्रस्ट, भारती समूह का सत्या इलेक्टोरल ट्रस्ट, एमपी बिड़ला समूह का परिवर्तन इलेक्टोरल ट्रस्ट और के के बिड़ला समूह का समाज इलेक्टोरल ट्रस्ट एसोसिएशन शामिल हैं। बजाज और महिंद्रा के भी इसी तरह के इलेक्टोरल ट्रस्ट हैं।

‘शिव वर्मा’ के नाम पर छल: असल में निकला कासिम पठान, लव जिहाद का चौंकाने वाला मामला

शाहजहांपुर  उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक मुस्लिम युवक पर गंभीर आरोप लगे हैं. उसके खिलाफ हिंदू युवती ने धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है. आरोपी ने हिंदू युवक के नाम से सोशल मीडिया पर आईडी बनाई थी. इस आईडी के जरिए उसने पीड़िता से नजदीकी बढ़ाई. फिर शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया और काफी टाइम तक ब्लैकमेल करता रहा. जब धर्म परिवर्तन का दबाव बढ़ने लगा तो युवती ने पुलिस से शिकायत की.   पीड़िता की शिकायत पर शाहजहांपुर कोतवाली पुलिस हरकत में आई. वहीं, हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने भी कोतवाली का घेराव किया. जिसके बाद पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपी युवक समेत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. मुख्य आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. साथ ही पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा गया है.  दरअसल, बीते दिन कोतवाली क्षेत्र कि रहने वाली एक हिंदू युवती ने आरोप लगाया कि नावेद उर्फ कासिम पठान ने शिव वर्मा नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आईडी बनाकर उसको मैसेज किए. बात बढ़ी तो माथे पर टीका और हाथ में कलावा बांधकर उससे मिलने आया. इसके बाद उसने युवती को एक किराए के कमरे पर बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. यहां तक कि उसने हिडेन कैमरे से उसका वीडियो भी बना लिया.काफी टाइम तक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसका यौन शोषण करता रहा. साथ ही धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाता था.   कोतवाली के बाहर प्रोटेस्ट करते हिंदूवादी संगठन के लोग पीड़ित युवती का आरोप है कि एक दिन जब उसने नावेद उर्फ कासिम पठान का मोबाइल देखा तो दंग रह गई. मोबाइल में कई और लड़कियों के वीडियोज थे. उसे पता चला कि यह लोग एक संगठित गिरोह चलाते हैं, जिनका मकसद ही दूसरे धर्म की लड़कियों को फंसाना होता है. इस काम में नावेद का भाई कैफ और दोस्त अकील भी शामिल है.  फिलहाल, घटना से हिंदूवादी संगठनों में भारी आक्रोश है. उन्होंने कोतवाली में धरना दिया और आरोपियों पर सख्त एक्शन की मांग की. पुलिस ने तहरीर मिलने पर नावेद उर्फ कासिम पठान, भाई कैफ, पिता असलम खां, मां उजमा और दोस्त अकील के खिलाफ गैंग रेप और धर्म परिवर्तन सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. साथ ही मुख्य आरोपी नावेद को गिरफ्तार कर लिया है.  मामले में हिंदू युवा वाहिनी के नेता अभिषेक तिवारी ने कहा कि शाहजहांपुर में लव जिहाद का मामला सामने आया है. युवक कासिम पठान माथे पर तिलक और हाथ पर कलावा धारण करता था. इसने शिव वर्मा नाम से फेसबुक आईडी बनाकर हिंदू युवती के साथ गलत काम किया. जब युवती ने शादी के लिए कहा तो उसने नमाज पढ़कर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया. इसके मोबाइल से और भी हिंदू लड़कियों के अश्लील फोटो/वीडियो मिले हैं. पुलिस इसपर कड़ी कार्रवाई करे.

सतना में दर्दनाक बोरवेल हादसा: दो सहेलियों की मौत, 6 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सतना   सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र अंतर्गत रेरुआ कला गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में बने एक पुराने और खुले बोरवेल के गड्ढे में डूबकर दो मासूम सहेलियों की मौत हो गई। मृतकों में 16 वर्षीय सोमवती और 12 वर्षीय दुर्गा शामिल हैं। दोनों बच्चियां खेलते-खेलते खेत की ओर चली गई थीं, जहां यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर करीब 3 बजे की है। खेत में बना पुराना बोरवेल बारिश के कारण खुल गया था और उसमें पानी भर गया था। इसी में दोनों सहेलियां डूब गईं। ग्रामीणों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया, और पुलिस को सूचित किया गया। पहले सोमवती का शव मिला, दुर्गा का शव 20 फीट गहराई में फंसा था एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि मौके पर पहुंचते ही रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले जेसीबी की मदद से मेड़ को खुदवाकर पानी निकालना शुरू किया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद शाम 5 बजे सोमवती का शव बाहर निकाल लिया गया। लेकिन दुर्गा का शव बोरवेल के गड्ढे में करीब 20 फीट अंदर फंसा हुआ था। इसके लिए देर रात एसडीईआरएफ की टीम को बुलाया गया। गड्ढे में उतरकर टीम ने रात 12:45 बजे दुर्गा का शव बरामद किया। खेत में रोपा लगा रहे थे माता-पिता सोमवती के पिता चक्कू अहिरवार ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ खेत में रोपा (धान की रोपाई) लगाने गए थे। उनकी बेटी सोमवती और उसकी सहेली दुर्गा भी साथ थीं, लेकिन वे दोनों खेलते-खेलते पास के रमेश मिश्रा के खेत तक पहुंच गईं। वहां पानी से भरे गड्ढे में दोनों डूब गईं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले एक बच्ची का पैर फिसला और वह डूबने लगी। दूसरी ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी गड्ढे की गहराई और पानी के दबाव के कारण बाहर नहीं निकल सकी। बारिश से बंद बोरवेल खुल गया था ग्रामीणों ने बताया कि खेत में एक पुराना बोरवेल मौजूद था, जो काफी समय से बंद था। लेकिन लगातार हुई बारिश के कारण उसकी मिट्टी धंस गई और गड्ढा खुल गया। यह गड्ढा लगभग बोरवेल जैसा ही था, जिसमें पानी जमा हो गया था। एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने कहा कि सोमवार को जांच की जाएगी कि यह सामान्य गड्ढा था या फिर बोरवेल। यदि यह बोरवेल पाया गया तो संबंधित किसान पर कार्रवाई की जा सकती है। रेस्क्यू में आई कई बाधाएं, कीचड़ और अंधेरे ने बढ़ाई मुश्किलें घटनास्थल तक पहुंचना प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीईआरएफ की टीम के लिए आसान नहीं था। हिलौंधा गांव से घटनास्थल तक करीब 3.5 किलोमीटर का कच्चा रास्ता था, जो बारिश और कीचड़ के कारण बेहद खराब हालत में था। रात के अंधेरे में ग्रामीणों और रेस्क्यू टीम ने ट्रैक्टर की मदद से घटनास्थल तक पहुंचकर राहत कार्य किया। कीचड़ भरे रास्ते पर पैदल चलना तक मुश्किल था। भारी बारिश से बंद बोरवेल भी खुल गया ग्रामीणों के अनुसार, खेत में एक बोरवेल था। इसके धंसने से गहरा गड्ढा बन गया था। इसमें पानी भरा था।। भारी बारिश के कारण बंद किया गया बोरवेल भी खुल गया था। बताया जा रहा है कि एक बच्ची का पैर फिसला तो वह डूबने लगी। यह देखकर दूसरी बच्ची उसे बचाने पहुंची थी। केसिंग निकालकर बोर खुला छोड़ा था नागौद एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि विफल होने पर केसिंग निकालकर बोर यूं ही छोड़ दिया गया था। घटना की सूचना पर पूर्व विधायक कल्पना वर्मा, जनपद सीईओ अशोक मिश्रा और टीआई अशोक पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। रात करीब एक बजे दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नागौद अस्पताल ले जाया गया। साढ़े 3 किलोमीटर रास्ते पर पैदल चलना मुश्किल घटनास्थल तक पहुंचने में प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीईआरएफ की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हिलौंदा गांव से लगभग साढ़े 3 किलोमीटर का रास्ता ऐसा था, जिस पर पैदल तक नहीं चला जा रहा था। खेतों के बीच से होकर गुजरने वाले कच्चे रास्ते पर मिट्टी और कीचड़ था।

सावन के पहले सोमवारी पर काशी में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं पर हुई पुष्पों की बारिश

वाराणसी सावन के पहले सोमवार पर काशी नगरी में श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु वाराणसी पहुंचे। रविवार रात से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरा परिसर ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा।  काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह कपाट खुलने से पहले बाबा का भव्य मंगला आरती और विशेष श्रृंगार किया गया काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह कपाट खुलने से पहले बाबा का भव्य मंगला आरती और विशेष श्रृंगार किया गया। पहले सोमवार को मंदिर परिसर को फूल-मालाओं से सजाया गया था। कपाट खुलते ही श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’ की गूंज के साथ दर्शन के लिए उमड़ पड़े। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन को आए श्रद्धालुओं पर पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी और मंदिर के सीईओ ने भक्तों पर पुष्प वर्षा की काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन को आए श्रद्धालुओं पर पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी और मंदिर के सीईओ ने भक्तों पर पुष्प वर्षा की। श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना की। लंबे इंतजार के बाद दर्शन पाने वाले श्रद्धालु प्रशासन और पुलिस व्यवस्था से बेहद संतुष्ट नजर आए। बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन कर भावुक हुए श्रद्धालु  मंदिर में दर्शन करने आईं प्रीति मिश्रा ने बातचीत में बताया कि , “मंदिर परिसर के अंदर बहुत अच्छी व्यवस्था है। महादेव की कृपा से अच्छे से दर्शन हुए हैं।” इसी तरह कोलकाता से आए एक श्रद्धालु ने कहा, “हम 6-7 घंटे से लाइन में लगे हैं। बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन किए बिना नहीं जाएंगे।” मंदिर के पुजारी ने कहा कि बाबा विश्वनाथ से देश और समाज के कल्याण के लिए कामना की गई मंदिर के पुजारी ने कहा कि बाबा विश्वनाथ का अद्भुत स्वरूप में श्रृंगार और मंगला आरती हुई है। देश और समाज के कल्याण के लिए कामना की गई। मंदिर परिसर में तैनात पुलिस अधिकारी के मुताबिक, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ड्रोन कैमरों से गोदौलिया चौराहा, गंगा घाट और विश्वनाथ मंदिर परिसर की सतत निगरानी की जा रही है ड्रोन कैमरों से गोदौलिया चौराहा, गंगा घाट और विश्वनाथ मंदिर परिसर की निगरानी की जा रही है। क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम), एटीएस कमांडो, घुड़सवार पुलिस और पर्यटक पुलिस भी प्रमुख स्थानों पर तैनात है। वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि तैयारियां पूरी हैं। लगभग सभी अधिकारी मौके पर हैं। लाखों की संख्या में श्रद्धालु लाइनों में लगे हैं। अनुशासित तरीके से सभी श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं।(

क्या आपको चाहिए नागरिकता का प्रमाण? जानिए प्रक्रिया और आवश्यकता

नई दिल्ली बिहार में विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट के बाद नागरिकता का मामला गर्मा गया है। इस पर अब दुविधा की स्थिति देखने को मिल रही है कि कौन-कौन से डॉक्यूमेंट नागरिकता के प्रमाण हैं और कौन से नहीं। इस बीच सर्टिफिकेट ऑफ इंडियन सिटिजनशिप को लेकर भी लोग परेशान हैं कि क्या यह सभी भारतीयों के लिए जरूरी है और इसे बनवाया कैसे जाता है। चलिए इन तमाम दुविधाओं को एक साथ साफ करते हैं और जानते हैं कि सर्टिफिकेट ऑफ इंडियन सिटिजनशिप होता क्या है और जिस किसी को भी इसकी जरूरत हो वह इसे ऑनलाइन कैसे बनवा सकता है। सर्टिफिकेट ऑफ इंडियन सिटिजनशिप है नागरिकता की पहचान सर्टिफिकेट ऑफ इंडियन सिटिजनशिप भारतीय नागरिकता को प्रमाणित करने वाला एक सरकारी दस्तावेज है। इस डॉक्यूमेंट से साबित होता है कि कोई भारतीय नागरिक है या नहीं। हाल ही में बिहार विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट और नागरिकता की बहस छिड़ने के बाद इस डॉक्यूमेंट को लेकर लोग बहुत बात करने लगे हैं। इस मामले के उठने के बाद यह साफ हुआ है कि आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे डॉक्यूमेंट नागरिकता की पहचान नहीं करते। नागरिकता की पहचान के लिए पासपोर्ट, सर्टिफिकेट ऑफ इंडियन सिटिजनशिप, बर्थ सर्टिफिकेट आदि को सही डॉक्यूमेंट माना गया है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि क्या भारत के हर नागरिक के पास यह सर्टिफिकेट ऑफ इंडियन सिटिजनशिप होना चाहिए? क्या सबके लिए है जरूरी? गौरतलब है कि सर्टिफिकेट ऑफ इंडियन सिटिजनशिप उन लोगों को दिया जाता है जो जन्म से भारतीय नहीं हैं, लेकिन बाद में भारतीय नागरिक बने हैं। इसमें विदेशी नागरिक आते हैं जिन्होंने भारत की नागरिकता ली है। आमतौर पर भारतीय नागरिकों को इसकी जरूरत नहीं होती। पासपोर्ट, बर्थ सर्टिफिकेट जैसे डॉक्यूमेंट भारतीयों के लिए अपनी नागरिकता साबित करने को काफी होते हैं। हालांकि उन लोगों के लिए जिन्हें इसकी जरूरत है यह जान लेना जरूरी हो जाता है कि आखिर इसके लिए किस तरह से अप्लाई किया जाता है। सर्टिफिकेट ऑफ इंडियन सिटिजनशिप ऐसे करें अप्लाई? सबसे पहले आपको भारत सरकार की सिटिजनशिप पोर्टल “https://indiancitizenshiponline.nic.in” पर जाना होगा।     इसके बाद आपको वो फॉर्म चुनना होगा जो आपके लिए सही है। जैसे कि Form 1: अगर आप भारत में जन्मे हैं और आवेदन कर रहे हैं। Form 2 से 8: नैचुरलाइजेशन, रजिस्ट्रेशन, शादी के आधार पर नागरिकता, आदि के लिए अलग-अलग फॉर्म।     इसके बाद वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें। अपना ईमेल और मोबाइल नंबर दर्ज करें। OTP वेरीफाई करें। लॉगिन आईडी और पासवर्ड बनाएं।     अब आपको अपना फॉर्म ध्यान से भरना होगा। जरूरी डॉक्यूमेंट स्कैन करके अपलोड करें (PDF/ JPEG फॉर्मेट में)।     इसके बाद आपको ऑनलाइन अपनी फीस भरनी होगी।     इसके बाद फॉर्म सबमिट करके एक्नॉलेजमेंट स्लिप डाउनलोड कर लें।     फॉर्म सबमिट होने के बाद स्थानीय कलेक्टर या जिला अधिकारी आपके डॉक्यूमेंट्स की जांच करेगा। आपको इंटरव्यू या सत्यापन के लिए बुलाया जा सकता है।     फॉर्म भरते हुए ध्यान रखें कि आवेदन अंग्रेजी में ही करें। गलत जानकारी देने पर आवेदन रिजेक्ट हो सकता है     इस तरह से वह शख्स जिसे सर्टिफिकेट ऑफ इंडियन सिटिजनशिप की जरूरत हो के लिए आवेदन कर सकता है।  

विदेश मंत्री जयशंकर ने बीजिंग में चीनी उपराष्ट्रपति से की मुलाकात, एससीओ की अध्यक्षता के लिए समर्थन व्यक्त किया

 बीजिंग  विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोमवार को बीजिंग में चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की। विदेश मंत्री जयशंकर ने 'एक्स' पर ट्वीट किया, 'चीन की शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की अध्यक्षता के लिए भारत का समर्थन व्यक्त किया। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में सुधार पर फोकस किया और विश्वास व्यक्त किया कि मेरी यात्रा के दौरान हुई चर्चाएं सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगी।' दोनों देशों के संबंधों में सुधार उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच कजान में हुई बैठक के बाद से दोनों देशों के संबंधों में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा, 'भारत शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में चीन की सफल अध्यक्षता का समर्थन करता है। पिछले अक्तूबर में कजान में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच हुई बैठक के बाद से हमारे द्विपक्षीय संबंधों में लगातार सुधार हो रहा है। मुझे विश्वास है कि इस यात्रा में मेरी चर्चाएं इसी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगी।' पांच वर्षों में चीन की पहली यात्रा  जयशंकर सिंगापुर की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद चीन पहुंचे हैं। यह पांच वर्षों में उनकी चीन की पहली यात्रा है। सोमवार को उनके अपने चीनी समकक्ष वांग यी से द्विपक्षीय बैठक करने की उम्मीद है। जयशंकर और वांग यी की पिछली मुलाकात फरवरी में जोहान्सबर्ग में जी-20 बैठक के दौरान हुई थी, जहां दोनों पक्षों ने आपसी विश्वास और समर्थन का आह्वान किया था। एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक जयशंकर आज तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि विदेश मंत्री तियानजिन में आयोजित एससीओ विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक (सीएफएम) में भाग लेने के लिए पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का दौरा करेंगे। विदेश मंत्री सीएफएम के दौरान द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। गलवां के बाद पहली यात्रा 2020 में गलवां में हुई घातक सैन्य झड़प को लेकर संबंधों में आई खटास के बाद विदेश मंत्री की यह पहली चीन यात्रा है। जयशंकर की यह यात्रा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की यात्राओं के बाद हो रही है, जिन्होंने जून में एससीओ बैठकों के लिए चीन की यात्रा की थी।    

बैडमिंटन जोड़ी का अंत: साइना-कश्यप ने अलग होने की खबर की पुष्टि की

मुंबई  भारत की मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने घोषणा की है कि वह अपने पति और बैडमिंटन खिलाड़ी परुपल्ली कश्यप से अलग हो गई हैं. साइना और कश्यप की शादी साल 2018 में हुई थी और सात साल बाद अब उनका रिश्ता समाप्त हो गया है. 7 साल बाद दोनों ने अपने रिश्ते को विराम दिया है. साइना और कश्यप की मुलाकात हैदराबाद स्थित पुलेला गोपीचंद की ट्रेनिंग अकादमी में हुई थी, जहां दोनों ने एक साथ ट्रेनिंग ली थी.  साइना नेहवाल ने 2012 में लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता और 2015 में वर्ल्ड बैड​मिंटन रैंकिंग में पहले पायदान पर पहुंचकर इतिहास रच दिया. वह विश्व की नंबर वन शटलर बनने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी थीं. स्पोर्ट्स में साइना भारत के लिए वर्ल्ड आइकन रहीं. वहीं पारुपल्ली कश्यप ने 2014 में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता और वर्ल्ड रैंकिंग में छठे पायदान तक पहुंचे. उन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर लगातार अच्छे प्रदर्शन के साथ अपनी अलग पहचान बनाई. साइना नेहवाल भारतीय महिला बैडमिंटन की पहली सुपरस्टार मानी जाती हैं. उन्होंने 2012 के लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक (ब्रॉन्ज) जीता था. वहीं, पारुपल्ली कश्यप ने 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था. रविवार को इंस्टाग्राम पर साइना ने एक निजी अपडेट साझा किया जिसने खेल जगत को हैरान कर दिया है. राष्ट्रमंडल खेलों में दो बार की चैंपियन साइना ने लिखा, ‘‘जिंदगी हमें कभी-कभी अलग दिशाओं में ले जाती है. बहुत सोच-विचार के बाद कश्यप पारुपल्ली और मैंने अलग होने का फैसला किया है. हम अपने और एक-दूसरे के लिए शांति, विकास और उपचार का विकल्प चुन रहे हैं. मैं इन यादों के लिए आभारी हूं और भविष्य के लिए शुभकामनाएं देती हूं. कृपया इस समय हमारी निजता का सम्मान करें. धन्यवाद.” साइना नेहवाल ने  रात अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में एक चौंकाने वाला बयान जारी किया. उन्होंने लिखा, 'जिंदगी कभी-कभी हमें अलग-अलग दिशाओं में ले जाती है. बहुत सोच-विचार के बाद, कश्यप पारुपल्ली और मैंने अलग होने का फैसला किया है. हम अपने और एक-दूसरे के लिए शांति, तरक्की और राहत चुन रहे हैं. मैं उन यादों के लिए आभारी हूं और आगे बढ़ने के साथ सिर्फ अच्छे की कामना करती हूं. इस दौरान हमारी निजता को समझने और उसका सम्मान करने के लिए धन्यवाद.' कश्यप ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है. साइना ने भारत में बैडमिंटन को फिर से जिंदा किया प्रकाश पादुकोण और पुलेला गोपीचंद के बाद भारत का कोई खिलाफ बैडमिंटन के खेल में वैश्चिक स्तर पर अपनी पहचान नहीं बना सका. वह साइना नेहवाल ही थीं, जिन्होंने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में विमेन सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर भारत में इस खेल को नया जीवन दिया. चार साल बाद 2012 के लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर वह ओलंपिक पोडियम पर पहुंचने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं. इसके बाद भारत में बैडमिंटन खिलाड़ियों की नई पौध आनी शुरू हुई, जो इस खेल में विश्व स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं. कश्यप ने भारतीय बैडमिंटन की खोई पहचान दिलाई पारुपल्ली कश्यप ने 2010 में दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतकर सुर्खियों में आए. वह 2012 के लंदन ओलंपिक में नीलुका करुणारत्ने को हराकर क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे और ऐसा करने वाले भारत के पहले पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी बने. उन्होंने 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया. वह 32 वर्षों में ऐसा करने वाले पहले पुरुष भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी थे. साइना और पारुपल्ली की मुलाकात 1997 में एक कैम्प के दौरान हुई थी.  हैदराबाद की एकेडमी में दोनों के बीच बढ़ीं नजदीकियां  साल 2004 में जब गोपीचंद ने हैदराबाद में अपनी बैडमिंटन एकेडमी स्थापित की, तो दोनों उनके अंडर ट्रेनिंग लेने लगे और यहीं से उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं. हालांकि, 2018 में शादी उनकी शादी होने तक दोनों के रिलेशनशिप के बारे में दुनिया को भनक नहीं लगी थी. पारुपल्ली कश्यप ने ईएसपीएन को दिए एक इंटरव्यू में साइना के साथ अपने रिलेशनशिप को लेकर कहा था, 'यह स्कूल वाला रोमांस था, मासूम और अपने साथियों को यह बताने के बारे में कि आपकी एक प्रेमिका है.'

यामाहि ने मध्यप्रदेश को निवेश के लिये हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहम्मद यामाहि को दिया मध्यप्रदेश आने का न्यौता मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि से मुलाकात यामाहि ने मध्यप्रदेश को निवेश के लिये हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया द्विपक्षीय साझेदारियों में मध्यप्रदेश के महत्वपूर्ण भागीदार बनने की जताई आशा मध्‍यप्रदेश में औद्योगिक पार्क-फार्मास्यूटिकल्स-पर्यटन में निवेश के उत्कृष्ट अवसर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को दुबई में अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की उद्योग हितैषी, सरल एवं सुगम नीतियों और निवेश को प्रोत्साहन देने वाली सुविधाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने अल यामाहि को प्रदेश में आयोजित होने वाली एनर्जी समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रण भी दिया। संयुक्त अरब अमीरात के साथ बढ़ते रणनीतिक संबंधों के संदर्भ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सक्रिय और रचनात्मक भूमिका का उल्लेख करते हुए ऊर्जा, खनिज, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण और हरित निवेश के क्षेत्र में सहयोग की मंशा दोहराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों की सराहना करते हुए आशा जताई कि प्रदेश इन द्विपक्षीय साझेदारियों में सक्रिय और महत्वपूर्ण भागीदार बनेगा। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि का अभिनंदन किया और हाल ही में अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि अरब के 22 खाड़ी देशों की लोकतांत्रिक संस्था का नेतृत्व करना बड़ी उपलब्धि है और नए अध्यक्ष के नेतृत्व में यह संस्था निश्चित रूप से नई ऊंचाइयों को छुएगी। अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अल यामाहि और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मुलाकात मैत्रीपूर्ण रही। उन्होंने भारत, विशेष रूप से मध्यप्रदेश के साथ दीर्घकालिक संबंधों को लेकर अपनी गहरी रुचि और प्रतिबद्धता व्यक्त की। यामाहि ने कहा कि वे मध्यप्रदेश को निवेश के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे एवं अरब के 22 देशों में मध्यप्रदेश की मदद करेंगे। उन्होंने राज्य के साथ व्यापार एवं उद्योग के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करने की इच्छा भी जताई। यामाहि ने मुख्यमंत्री को “उम्म-ए-अली” दिया आत्मीय संबोधन यामाहि ने यूएई में बसे प्रवासी भारतीयों द्वारा देश के निर्माण में सहयोग के बारे में चर्चा की और उनके योगदान को सम्मानपूर्वक रेखांकित किया। इस विशेष मुलाकात के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आत्मीयता से “उम्म-ए-अली” कहकर संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आत्मीय संबोधन से अभिभूत हुए। उन्होंने डॉ. यादव और उनके परिवार को व्यक्तिगत रूप से अपने घर आमंत्रित भी किया। उन्होंने दोनों देशों के लोगों और उत्पादों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सहमति दी, जिससे मध्यप्रदेश और यूएई के बीच द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा मिलेगी। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहम्मद अल यामाहि को बताया कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय है, इसकी जनसंख्या 8 करोड़ से अधिक है। मध्यप्रदेश अपने समृद्ध वन क्षेत्र के लिए जाना जाता है। यह वन क्षेत्र वन्यजीवों का आदर्श घर भी है। हमें गर्व है कि मध्यप्रदेश "विश्व की टाइगर राजधानी" है और राज्य बाघों के संरक्षण में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हमने टाइगर रिजर्व की संख्या में वृ‌द्धि भी की है। मध्यप्रदेश भारत और एशिया का एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां अब चीता पाए जाते हैं। विभिन्न देशों से लाए गए चीतों का राष्ट्रीय उ‌द्यान में सफल पुनर्वास किया गया है। हर संभव सहयोग के लिए तैयार : मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को 'मोस्ट वेलकमिंग स्टेट' के रूप में जाना जाता है, जो हमारे आतिथ्य सत्कार को दर्शाता है। हमारे राज्य में खजुराहो, सांची और भीमबेठका जैसे तीन यूनेस्को विश्व विरासत स्थल हैं। ये हमारी समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। भौगोलिक रूप से "भारत का हृदय" होने से यह निवेश-व्यापार के लिए एक रणनीतिक केंद्र है। साथ ही, यह कृषि समृद्धि में भी अग्रणी है, विशेषकर दालों, सोयाबीन और गेहूं के उत्पादन में कई कीर्तिमान स्थापित किए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों की हृदय से सराहना करते हैं। हमारी यह आकांक्षा है कि मध्यप्रदेश इन द्विपक्षीय साझेदारियों में एक सक्रिय और महत्वपूर्ण भागीदार बने। हम हर संभव सहयोग के लिए तत्पर हैं। खनिज संसाधनों की खान है मध्यप्रदेश मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विज्ञान, प्रौ‌द्योगिकी और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में संयुक्त अरब अमीरात ने अभूतपूर्व प्रगति की है। हम आपके अनुभवों से सीखने और इन क्षेत्रों में संयुक्त पायलट प्रोजेक्ट्स में सहयोग करने के लिए उत्सुक हैं। मध्यप्रदेश में सौर, पवन और जल ऊर्जा जैसे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में बड़ी क्षमता है। प्रदेश को भारत का अन्न भंडार भी कहा जाता है। हम सोयाबीन, गेहूं और बाजरा सहित कई फसलों के सबसे बड़े उत्पादक हैं। यहां खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में विशाल अवसर मौजूद हैं। हमारे पास प्रचुर मात्रा में खनिज संसाधन उपलब्ध हैं, जो विभिन्न उद्योगों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं। मध्यप्रदेश में कई क्षेत्रों में निवेश के बेहतर अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सौर, पवन और जल ऊर्जा जैसे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े निवेश और सहयोग के लिए तत्पर हैं। हमारे पास गहरे कोयला भंडार हैं और हम कोल बेस्ड मीथेन के निष्कर्षण में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, जो ऊर्जा क्षेत्र में नए आयाम खोलता है। मध्यप्रदेश की हस्तशिल्प, कला और कारीगर परंपरा हमारी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। हम इन कुशल कारीगरों को वैश्विक मंच प्रदान करना चाहते हैं और उनके शिल्प को दुनिया भर में पहुंचाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश में औ‌द्योगिक पार्क, फार्मास्यूटिकल्स, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी निवेश के उत्कृष्ट अवसर हैं।