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कांग्रेस पर CPI(M) का हमला, विपक्षी गठबंधन में बढ़ा तनाव

नई दिल्ली इंडिया ब्लॉक की सोमवार (8 जून) को प्रस्तावित बैठक से ठीक पहले मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. द्रमुक (DMK) द्वारा कांग्रेस की मौजूदगी के कारण इस बैठक से दूर रहने की घोषणा के बाद अब CPI (M) ने भी कांग्रेस की कार्यशैली पर भारी नाराजगी जताई है. CPI(M) ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि केरल में उसके नेताओं द्वारा लगाए गए BJP के साथ ‘डील’ के आरोप गठबंधन की मूल भावना के खिलाफ हैं. उधर, सूत्रों का ये भी कहना है कि झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार उतारे जाने से बाद से हेमंत सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा भी नाखुश है. CPI(M) महासचिव एम.ए. बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही इस पत्र की कई कॉपियां गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों को भी भेजी हैं. बेबी ने पत्र में राहुल, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों पर ऐतराज जताया है. उन्होंने कहा कि केरल विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान कांग्रेस ने बार-बार ये प्रचार किया कि CPI(M) और BJP के बीच राजनीतिक समझौता है तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच खास डील है. CPI(M) ने इसे विपक्षी गठबंधन की भावना के खिलाफ बताया है. माकपा नेता ने इन आरोपों को पूरी तरह से एक मनगढ़ंत और झूठी कहानी करार दिया है जिसे वो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं कर सकते. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को याद दिलाया कि केरल की धरती पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी के खिलाफ सीधे राजनीतिक लड़ाई लड़ते हुए माकपा ने अपने सैकड़ों समर्पित कार्यकर्ताओं को खोया है. BJP के खिलाफ बना था इंडिया ब्लॉक बेबी ने अपने पत्र में कहा कि INDIA ब्लॉक BJP के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई के लिए बना था और ऐसे वक्त में सहयोगी दलों पर ही संदेह जताना गठबंधन की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाता है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन आरोपों पर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो 8 जून की गठबंधन बैठक से पहले ही एकता पर सवाल खड़े हो जाएंगे. कांग्रेस के रवैये पर कड़े सवाल उठाने के बावजूद CPI(M) ने विपक्षी एकजुटता और समन्वय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है. एमए बेबी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी संसद के अंदर मोदी सरकार की तानाशाही, सांप्रदायिक और जनविरोधी नीतियों का मजबूती से विरोध करने के लिए अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर काम करती रहेगी. DMK-AAP ने किया किनारा वहीं, दिल्ली में होने वाली इस रणनीतिक बैठक में ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव और राहुल गांधी जैसे शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना है. हालांकि, कांग्रेस के साथ मतभेदों के चलते द्रमुक (DMK) के इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद न के बराबर हैं. दूसरी ओर आम आदमी पार्टी ने भी इस बैठक से दूरी बना ली हैं, जिससे विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. JMM भी नाखुश उधर, झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनावों में दो राज्यसभा सीटों में से एक पर कांग्रेस द्वारा अपने उम्मीदवार प्रणव झा की घोषणा करने पर जेएमएम भी कांग्रेस से उतना ही नाराज है. सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ जेएमएम राज्य की दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहती थी, क्योंकि जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन के पास दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल है. शुक्रवार को जेएमएम नेतृत्व की बैठक के बाद पार्टी के कई नेताओं ने कहा कि पार्टी दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है. हालांकि, शनिवार को जेएमएम ने पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम को एक सीट से अपना अधिकारिक उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा की. झामुमो के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने इसकी घोषणा की. 'TVK वैकल्पिक दोस्त' इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने गठबंधन में किसी भी तरह की फूट या बिखराव के दावों को पूरी तरह खारिज किया है. राउत ने कहा कि भले ही डीएमके ने इस बैठक से दूरी बना ली हो, लेकिन विपक्ष को तमिलनाडु में टीवीके (TVK) के रूप में एक मजबूत वैकल्पिक मित्र मिल गया है.

बासी रोटी के ये वास्तु उपाय दूर करेंगे दरिद्रता और बढ़ाएंगे बरकत

हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में रसोई घर को मां अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी का निवास स्थान माना जाता है. आमतौर पर बची हुई या बासी रोटी को हम बेकार समझकर फेंक देते हैं या फिर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में बासी रोटी के कुछ ऐसे अचूक उपाय बताए गए हैं, जिन्हें करने से घर की दरिद्रता दूर होती है और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है? आइए जानते हैं बासी रोटी से जुड़े कुछ बेहद असरदार वास्तु टिप्स और उपाय. 1. गृह क्लेश और मानसिक तनाव से मुक्ति यदि घर में बिना वजह झगड़े होते रहते हैं या परिवार के सदस्यों में आपसी तालमेल की कमी है, तो बासी रोटी का यह उपाय बेहद कारगर है. रोजाना सुबह की पहली बनी हुई रोटी में से एक छोटा हिस्सा या रात की बची हुई बासी रोटी को लेकर उस पर थोड़ा सा सरसों का तेल लगाएं. क्या करें: इस रोटी को घर के मुख्य द्वार पर आने वाले किसी कुत्ते को खिला दें. लाभ: ऐसा करने से कुंडली में राहु-केतु के दोष शांत होते हैं और घर में सुख-शांति का माहौल बनता है. 2. आर्थिक तंगी और कर्ज से छुटकारा अगर लाख कोशिशों के बाद भी पैसा घर में नहीं टिकता या आप कर्ज के बोझ से परेशान हैं, तो मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए यह उपाय करें. चींटियों और पक्षियों को अन्न देना शास्त्रों में महादान माना गया है. रात की बची हुई बासी रोटी को धूप में सुखा लें या उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें. क्या करें: इन टुकड़ों का बारीक चूरा बनाकर उसमें थोड़ा सा बुरा (चीनी) मिला लें. अब इसे रोजाना चींटियों के बिल के पास या पक्षियों के लिए डालें. लाभ: इस उपाय से मां लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न होती हैं और घर में धन के आगमन के नए रास्ते खुलते हैं. 3. बरकत और सुख-समृद्धि के लिए कई बार घर में पैसा तो आता है लेकिन बरकत नहीं होती है. इसके लिए बासी रोटी और गाय का यह उपाय अपनाएं. सनातन धर्म में गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है. क्या करें: सुबह उठकर रात की बची हुई बासी रोटी पर थोड़ा सा गुड़ या घी रखें और इसे आदरपूर्वक किसी गाय को खिलाएं. लाभ: इस उपाय को नियमित रूप से करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है. घर में कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होती है. मां लक्ष्मी स्थाई रूप से घर में वास करती हैं. विशेष वास्तु टिप: – कभी भी बासी रोटी को कचरे के डिब्बे में फेंककर उसका अनादर न करें. यदि रोटी खाने योग्य न बची हो, तो उसे किसी पेड़ की जड़ में या मिट्टी में दबा दें. अन्न का अपमान करने से मां लक्ष्मी और मां अन्नपूर्णा नाराज हो जाती हैं, जिससे घर में दरिद्रता आती है. – रसोई घर में रात को सिंक में जूठे बर्तन छोड़कर न सोएं, इससे भी नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.

अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में भारत की बड़ी पारी: 22 रन से रिकॉर्ड चूका इतिहास

 मुल्लांपुर इंडिया वर्सेस अफगानिस्तान एकमात्र टेस्ट मुल्लांपुर में खेला जा रहा है। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया ने 8 विकेट के नुकसान पर 564 रनों पर अपनी पहली पारी घोषित कर दी है। टीम इंडिया के लिए केएल राहुल और शुभमन गिल ने शतक जड़े। वहीं साई सुदर्शन, ऋषभ पंत और वॉशिंगटन सुंदर अर्धशतक लगाने में कामयाब रहे। अफगानिस्तान के लिए मोहम्मद सलीम सैफी ने पंजा खोला। वह अफगानिस्तान के सबसे सफल गेंदबाज रहे। शुभमन गिल ने वॉशिंगटन सुंदर की फिफ्टी पूरी होने के बाद पारी घोषित कर दी जिस वजह से भारत जिम्बाब्वे का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाया। अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में सबसे बड़ी पारी भारत की 564 रनों की यह पारी अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। भारत जिम्बाब्वे का रिकॉर्ड तोड़ने से मात्र 22 रनों से चूक गया। जिम्बाब्वे ने अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर 586 रनों का 204 में बनाया था। अगर गिल लंच ब्रेक तक इंतजार कर लेते तो यह रिकॉर्ड भारत के नाम हो जाता। भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ यह 564 रन 127 ओवर में 4.44 के नेट रन रेट के साथ बनाए है। यह भारत का एक पारी में 500 से अधिक टोटल के दौरान दूसरा सबसे बेहतरीन रनरेट है। टीम इंडिया ने इससे पहले श्रीलंका के खिलाफ गाले टेस्ट में 4.50 की औसत के साथ 600 रन बनाए थे। टेस्ट की एक पारी में 500+ के टोटल में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन-रेट 4.50 (600-ऑल-आउट) बनाम SL, गाले, 2017 4.44 (564/8d) बनाम AFG, मुल्लांपुर, 2026* 4.44 (726/9d) बनाम SL, ब्रेबोर्न, 2009 4.43 (574/8d) बनाम SL, मोहाली. 2022 4.33 (649/6d) बनाम WI, राजकोट, 2018 शुभमन गिल और केएल राहुल की शतकीय पारी केएल राहुल ने अफगानिस्तान के खिलाफ 100 रनों की शानदार पारी खेली। यह उनके टेस्ट करियर का 12वां शतक है। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल ने हाथ खोले। गिल ने पहले दिन का खेल खत्म होने से पहले अपनी सेंचुरी पूरी कर ली। गिल दूसरे दिन 126 के निजी स्कोर पर आउट हुए। वहीं साई सुदर्शन और ऋषभ पंत ने शानदार अर्धशतक जड़े, मगर दोनों शतक से चूक गए और 81-81 के निजी स्कोर पर आउट हुए। वहीं वॉशिंगटन सुंदर 52 रन बनाकर नाबाद लौटे।

सीकर-बीकानेर में बदला मौसम, तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश

 जयपुर राजस्थान में शन‍िवार देर शाम हुई बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दिलाई. आज से प्रदेश का मौसम करवट लेने वाला है. मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में सक्रिय परिसंचरण तंत्र के कारण जारी आंधी बारिश का दौर अब थमने की संभावना है. हालांकि आज प्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है. बारिश ने गर्मी से दिलाई राहत सीकर और बीकानेर में दोपहर बाद मौसम का मिजाज अचानक बदल गया. दिनभर की तेज धूप और भीषण गर्मी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. दोपहर के समय जहां तापमान बढ़ने से सड़कों पर आवाजाही कम नजर आई और लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में रहने को मजबूर रहे. शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ली और आसमान में बादल छा गए. तेज हवाओं के साथ फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़, सीकर शहर, धोद सहित इलाकों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। अचानक बदले मौसम से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली. शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने लंबे समय बाद गर्मी से राहत महसूस की. मौसम विभाग की ओर से भी आज प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी दी गई है. इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने अलवर, भरतपुर, दौसा,डीग, धौलपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़,सवाईमाधोपुर, सीकर,चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले में आंधी बारिश का अलर्ट जारी किया है.   कल से गर्मी से मिलेगी राहत सोमवार से आंधी बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी. इस दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है. यानी 8 जून के बाद गर्मी से मिली राहत खत्म होने वाली है और एक बार फिर हिटवेव की चेतावनी है.  कल प्रदेश में बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट है.   46 डिग्री सेल्सियस पहुंचा तापमान पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में 8 से 11 जून के बीच कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, तथा कहीं-कहीं लू चलने की भी संभावना है.

रोशन आनंद के बाद खान सर पर कानूनी शिकंजा, अग्रिम जमानत की तैयारी

पटना पटना से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मशहूर शिक्षक खान सर और रोशन आनंद के बीच का विवाद अब कानूनी रूप से गंभीर मोड़ ले चुका है. रोशन आनंद को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, वहीं अब खान सर की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं. उनके खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. इस पूरे मामले को लेकर बिहार तक के संवाददाता शुभम निराला ने पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता यश माथुर से खास बातचीत की. एडवोकेट यश माथुर ने बताया कि खान सर पर जो धाराएं लगाईं गईं हैं, वे काफी गंभीर हैं और इनमें सजा का प्रावधान भी कड़ा है. उन्होंने बताया कि इस केस में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत सार्वजनिक स्थान पर हथियार के इस्तेमाल को लेकर मामला दर्ज किया गया है, जिसमें अधिकतम 2 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है. इसके अलावा धारा 27 के तहत हथियार के इस्तेमाल को लेकर कम से कम 3 साल की सजा हो सकती है. वहीं धारा 35 के तहत संयुक्त जिम्मेदारी (Joint Liability) भी तय की जा सकती है. सबसे गंभीर पहलू यह है कि हत्या के प्रयास जैसी धारा भी जोड़ी गई है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है. हालांकि, एडवोकेट यश माथुर ने यह भी स्पष्ट किया कि खान सर को अग्रिम जमानत मिल सकती है. लेकिन यह पूरी तरह अदालत के विवेक और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगा. फिलहाल इस पूरे मामले में आगे क्या कानूनी मोड़ आता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. फैजल खान नहीं करेंगे सरेंडर इधर, खबर सामने आई है कि मामले फैजल खान (खान सर) सरेंडर नहीं करेंगे. इसकी जानकारी फैजल खान के वकील अरविंद कुमार मऊआर ने दी. वकील के मुताबिक हम अग्रिम जमानत मांगेंगे. क्योंकि खान सर के गार्ड्स ने आत्मसुरक्षा में गोली चलाई थी. इस फायरिंग से किसी को नुकसान नहीं पहुंचा है. वहीं फैजल खान के वकील से जब पूछा गया है कि क्या खान सर कोर्ट पहुंचे हैं तो उन्होंने कहा कि खान सर कोर्ट क्यों पहुंचेंगे?

बॉलीवुड में उम्र का दोहरा मानदंड: तापसी पन्नू का खुलासा

फिल्म इंडस्ट्री में महिला एक्टर्स के लिए उम्र से जुड़ा भेदभाव (एज-इज्म) एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. जहां पुरुष स्टार्स अपनी उम्र बढ़ने के बाद भी रोमांटिक और कमर्शियल फिल्मों में लीड रोल करते रहते हैं, वहीं एक्ट्रेस को एक खास उम्र के बाद अक्सर कम मौके मिलते हैं. एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने हाल ही में इस अंतर के बारे में बात की और बताया कि कैसे उन्हें बॉलीवुड और साउथ, दोनों जगह उम्र से जुड़े भेदभाव का सामना करना पड़ा. टाइम्स एंटरटेनमेंट के साथ एक इंटरव्यू में, तापसी ने बताया कि कैसे उन्हें अक्सर कुछ खास तरह के रोल के लिए 'देर हो चुकी है' समझा गया. बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री, दोनों में उम्र से जुड़े भेदभाव का अनुभव करने के बारे में बात करते हुए, उन्होंने बताया कि जब वह 20-25 साल की उम्र में बॉलीवुड में आईं, तो शुरुआती तीन-चार साल उन्हें अच्छे रोल पाने के लिए संघर्ष करना पड़ा. उन्होंने आगे कहा, 'जब तक आप अपनी पहचान बनाते हैं, तब तक आप 30 साल के हो चुके होते हैं. फिर वे कहते हैं कि आप रोम-कॉम (रोमांटिक-कॉमेडी) में काम करने के लिए बहुत कम उम्र के नहीं हैं. इसलिए आज भी, कई बार मुझे लगता है, 'लेकिन इस रोल के लिए असल में किसी कम उम्र के व्यक्ति की जरूरत नहीं है.' फिर भी वे कम उम्र की एक्ट्रेस ही चाहते हैं. पुरुषों के साथ ऐसा नहीं होता. बेशक, हम सब यह देख सकते हैं. लेकिन हां, उम्र से जुड़ा भेदभाव एक बड़ी बात है.' शाहरुख को नहीं बोल सकते- तापसी तापसी ने बताया कि उन्हें साउथ में भी उम्र से जुड़े भेदभाव का सामना करना पड़ा और कहा, 'साउथ में भी मेरे साथ ऐसा होता था. जैसे ही मुझे किसी सीनियर एक्टर के अपोजिट कास्ट किया जाता, कम उम्र के एक्टर मेरे साथ काम नहीं करना चाहते थे. वे कहते थे, 'अरे नहीं, वह उस एक्टर के साथ काम कर चुकी है, तो अब…'.  तापसी बॉलीवुड का जिक्र कर कहती हैं,  'आप शाहरुख खान के बारे में ऐसा कहने की हिम्मत नहीं कर सकते. आप जानते हैं, शाहरुख खान के साथ काम करने के बाद एक्ट्रेस की जिंदगी बदल जाती है. तो वह टैबू (रूढ़िवादी सोच) यहां नहीं है, लेकिन जब मैंने साउथ में काम किया तो मेरे लिए वह टैबू था.' उन्होंने बताया कि 'बहुत ज्यादा संघर्ष और थकान' के बाद, उन्होंने इस सच्चाई को स्वीकार करने और ऐसे रोल करने का फैसला किया जिनका वह अपनी उम्र में आनंद ले सकें. तापसी पन्नू के हालिया काम के बारे में तापसी आखिरी बार अनुभव सिन्हा की लीगल ड्रामा फिल्म 'अस्सी' में नजर आई थीं. बनारस मीडियावर्क्स और टी-सीरीज फिल्म्स के बैनर तले भूषण कुमार, कृष्ण कुमार और अनुभव सिन्हा की इस फिल्म में तापसी ने एक वकील की भूमिका निभाई थी, जो बलात्कार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए लड़ती है. फिल्म में कानी कुसरुति, रेवती, मनोज पाहवा, कुमुद मिश्रा और मोहम्मद जीशान अय्यूब ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं. फिल्म को क्रिटिक की सराहना तो मिली, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई. अब यह ZEE5 पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है.

‘रॉकेट वुमन’ नंदिनी की मंगलयान वाली साड़ी अब वाशिंगटन म्यूजियम की शान बनी

 नई दिल्ली भारत की 'रॉकेट वुमन' नंदिनी हरिनाथ की मंगलयान मिशन वाली साड़ी अमेरिकी म्यूजियम की शोभा बढ़ा रही है। वाशिंगटन डीसी. स्थित स्मिथसोनियन नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम में इस साड़ी को प्रदर्शित किया गया है। भारत के पहले मंगल मिशन मार्स आर्बिटर मिशन (मंगलयान) की उप संचालन निदेशक रहीं नंदिनी एक दिसंबर 2013 को चमकीले लाल और नीले रंग की इस रेशमी साड़ी पहनकर कार्यालय पहुंची थीं। एक दिसंबर 2013 को मंगलयान ने पृथ्वी की कक्षा छोड़ दी उस दिन नंदिनी और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अन्य विज्ञानी अंतरिक्षयान को मंगल ग्रह की कक्षा की यात्रा पर भेजने के लिए नियंत्रण कक्ष में मौजूद थे। एक दिसंबर 2013 को मंगलयान ने पृथ्वी की कक्षा छोड़ दी और मंगल की तरफ बढ़ चला था। यह दिन नंदिनी और अन्य विज्ञानियों ने लिए बेहद खास था। नंदिनी ने बीबीसी को इंटरव्यू में बताया था, यह करो या मरो का क्षण था। मिशन की सफलता उस दिन की सफलता पर निर्भर थी। नंदिनी और अन्य महिला अंतरिक्ष विज्ञानी उस दिन पूरी दुनिया में सुर्खियों में आ गईं, जब इसरो में साड़ी पहने विज्ञानियों के जश्न मनाते हुए एक तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था। स्मिथसोनियन संग्रहालय में क्यूरेटर मैट शिंडेल ने बीबीसी को बताया कि उन्हें यह तस्वीर "बेहद आकर्षक" लगी। उन्होंने कहा, मुझे लगा कि यह शानदार कहानी होगी। 'रॉकेट वुमन' की कहानी जिनकी इस मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिंडेल ने 2020 में ईमेल के माध्यम से नंदिनी से संपर्क किया और इस बात पर चर्चा की कि कौन सी वस्तु भारत के मंगल मिशन और उसमें उनकी भूमिका का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व कर सकती है शिंडेल ने कहा, मैंने उनसे पूछा कि वह कौन सी वस्तु देने को तैयार होंगी। वह साड़ी देने पर सहमत हुईं, जो उन्होंने मंगलयान के पृथ्वी की कक्षा छोड़ने के दिन पहनी थी। इसके बाद साड़ी और उससे मेल खाती नीली ब्लाउज संग्रहालय पहुंची। मंगलयान को 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में पहुंचा था गौरतलब है कि मंगलयान को 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में पहुंचा था। भारत पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंचने वाला दुनिया का पहला और इकलौता देश बना था। नंदिनी की साड़ी दो बातों को दर्शाती है। पहला, यह भारत के पहले मंगल मिशन और देश के सफल अंतरिक्ष कार्यक्रम में राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। दूसरा, उनकी कहानी प्रेरणादायक है क्योंकि उनकी सफलता महिलाओं को विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। साड़ी का चयन इसलिए भी किया गया क्योंकि इसका सांस्कृतिक महत्व है।

प्री-SIR जांच ने बढ़ाई सियासी हलचल, जालंधर की चार विधानसभा सीटों पर असर के संकेत

जालंधर. जालंधर में चल रही प्री-एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के शुरुआती चरण में बड़ी संख्या में मतदाताओं का डाटा 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा पाया है। शुरुआती फिल्ट्रेशन में 3,03,529 ऐसे मतदाता सामने आए हैं, जिनकी पुरानी सूची में पुष्टि नहीं हो सकी। चुनावी भाषा में इन्हें “अनमैप्ड वोटर” कहा जा रहा है। सबसे ज्यादा गड़बड़ी शहर की चार विधानसभा सीटों—नॉर्थ, सेंट्रल, वेस्ट और कैंट—में सामने आई है। इन चारों हलकों में कुल 1,94,339 मतदाता फिलहाल अनट्रेस बताए गए हैं। प्री-एसआईआर की प्रगति और आंकड़े जिले में प्री-एसआईआर का काम अब तक 81.67% पूरा हो चुका है। कुल 16,50,212 पंजीकृत मतदाताओं में से 13,46,683 के रिकॉर्ड 2003 की सूची के साथ सफलतापूर्वक मैप किए जा चुके हैं। इस दौरान करीब 2.85 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में त्रुटियां भी सामने आई हैं, जिनमें पता, उम्र या अन्य विवरण शामिल हैं। शहरी सीटों पर घट-बढ़ से बदल सकते है खेल जालंधर की शहरी विधानसभा सीटों पर अक्सर जीत-हार का अंतर 5 से 15 हजार वोट के बीच रहता है। ऐसे में यदि 1.94 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में संशोधन, सत्यापन या नाम कटौती होती है, तो इसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। फिलहाल सेंट्रल और वेस्ट सीट आम आदमी पार्टी के पास हैं, जबकि नॉर्थ और कैंट कांग्रेस के कब्जे में हैं। शहरी इलाकों में भाजपा का पारंपरिक वोट बैंक भी प्रभावशाली माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि अनमैप्ड मतदाताओं में बड़ी संख्या प्रवासी परिवारों, किरायेदारों या नए वोटरों की हुई, तो सभी दलों की रणनीति में बदलाव तय है। प्रवासी मतदाता बने बड़ी चुनौती जालंधर नॉर्थ, सेंट्रल और वेस्ट इलाकों में बाहरी राज्यों से आकर बसे लोगों की संख्या काफी है। कई मतदाताओं का वोट अब भी उनके मूल राज्यों में दर्ज है, जबकि कुछ ने वर्षों में कई बार पता बदला है। ऐसे में मतदाता सूची का शुद्धिकरण आगामी चुनावों से पहले अहम राजनीतिक मुद्दा बनता दिख रहा है। यदि घर-घर सर्वे के दौरान भी अनमैप्ड मतदाताओं की पुष्टि नहीं हो पाती, तो चुनाव विभाग की ओर से उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। 7 जून को सभी पोलिंग बूथों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे (सुबह 10 से शाम 4 बजे), जहां बीएलओ 2003 की सूची से मैपिंग में मदद करेंगे। 25 जून से 24 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर इन्यूमरेशन फॉर्म भरवाएंगे। एसआईआर के तहत यह फॉर्म भरना अनिवार्य है; फॉर्म न भरने पर नाम ड्राफ्ट वोटर सूची में शामिल नहीं होगा। मतदाता स्वयं भी जानकारी और सहायता के लिए voters.eci.gov.in का उपयोग कर सकते हैं। पंजाब में चुनाव आयोग पंजाब ने एसआईआर प्रक्रिया की तारीखों में बदलाव किया है- प्रारंभिक प्रकाशन: 3 अगस्त 2026 दावे व आपत्तियां: 3 अगस्त से 2 सितंबर 2026 निपटारा/नोटिस चरण: 3 अगस्त से 28 सितंबर 2026 अंतिम प्रकाशन: 1 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ दौरे पर राष्ट्रीय OBC आयोग की अध्यक्ष, मुख्यमंत्री साय और राज्यपाल डेक्का संग होंगी बैठकें

रायपुर. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति आज अपने पहले छत्तीसगढ़ दौरे पर राजधानी रायपुर पहुंचीं। पदभार ग्रहण करने के बाद प्रदेश के इस पहले आधिकारिक दौरे के मुख्य उद्देश्यों को बताया। साध्वी निरंजन ज्योति ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ में आयोजित मछुआरा समाज के एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यहां आई हैं। इसके साथ ही वे प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकारों, उनकी स्थिति और उनके हक को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगी। OBC आरक्षण को लेकर कही बड़ी बात छत्तीसगढ़ में वर्तमान में लागू 14% और तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा पारित किए गए 27% आरक्षण विधेयक के सवाल पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्यपाल के साथ मेरी उच्च स्तरीय बैठक होनी है, जिसमें प्रदेश की विभिन्न समस्याओं और ओबीसी समाज के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यदि राज्य सरकार इस संबंध में आयोग से कोई सिफारिश करती है, तो आयोग के माध्यम से भारत सरकार को उचित सिफारिश और प्रस्ताव भेजा जाएगा।

भाजपा नेत्री की संदिग्ध मौत: झगड़ा शांत कराने गईं, पिस्टल से चली गोली बनी जानलेवा

जबलपुर. रांझी थाना क्षेत्र के पुराने शोभापुर में शनिवार रविवार मध्य रात्रि गोली लगने से घायल हुई भाजपा नेत्री संगीता रजक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। कुछ दिनों पहले भाजपा नेत्री संगीता रजक (38) के घर में बदमाशों ने बम फेंके थे, जिसके बाद से लगातार वहां तनाव का माहौल बना हुआ था। संगीता गोकलपुर वार्ड से गत नगर निगम चुनाव में भाजपा की पार्षद पद की प्रत्याशी रही हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार की देर रात उनके घर के बाहर शोर हो रहा था। घर के पुरूष शोर सुन दरवाजे की तरफ भागे। इसी दौरान संगीता भी अपनी लायसेंसी बंदूक लेकर निकली। घर की गैलरी में अचानक गोली चलने की सुनाई दी, जिसके बाद परिवार के सदस्य जैसे ही वहां पहुंचे, तो संगीता घायल पड़ी हुई थी। पेट से काफी खून बह रहा था। परिजन तत्काल उसे लेकर एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ देर चले इलाज के बाद दम तोड़ दिया। परिजन ने बताया गया की कुछ दिन पहले उनके घर में कुछ बदमाशों ने बम चलाया था, तो सुरक्षा की दृष्टि से अपनी लायसेंसी 12 बोर बन्दूक पास में रखते थे। रात 1 बजे के लगभग घर के बाहर कुछ हलचल सुनाई दी, तो संगीता के पति बंटी रजक घर के बाहर निकले। पति को बन्दूक देने के लिए संगीता कमरे से बाहर निकल रही थी, तो बरामदे में अचानक बंदूक से गोली चल गयी। वह संगीता के पेट में लग गयी। हॉस्पिटल पहुंचने के बाद संगीता को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच कर रही है। हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही रांझी थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला हादसा प्रतीत हो रहा है, लेकिन देर रात हुए विवाद और गोली चलने की परिस्थितियों की गहन जांच की जा रही है। पार्षद चुनाव लड़ चुकी थीं संगीता संगीता रजक भाजपा की सक्रिय कार्यकर्ता थीं। उन्होंने पिछले नगरीय निकाय चुनाव में गोकलपुर वार्ड से भाजपा प्रत्याशी के रूप में पार्षद चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन वे आगामी चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई थीं। उनके पति बंटी रजक भी विधायक प्रतिनिधि रह चुके हैं।