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डाक विभाग की भूमिका पर आधारित प्रदर्शनी ‘गेट योरसेल्फ काउंटेड’ का आयोजन

 रांची  डिजिटल युग से पहले देश में जनगणना जैसे विशाल राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में डाक विभाग की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण थी, इसकी झलक रांची के आड्रे हाउस में आयोजित दो दिवसीय प्रदर्शनी गेट योरसेल्फ काउंटेड, स्वतंत्र भारत में जनगणना का एक डाक इतिहास में दिखाया गया। इस प्रदर्शनी 1951 से 2011 तक के दुर्लभ दस्तावेजों, पोस्टकार्डों, डाक टिकटों, प्रथम दिवस आवरणों और अन्य अभिलेखीय सामग्रियों के माध्यम से बताया गया है कि कैसे डाक व्यवस्था ने देश की जनगणना प्रक्रिया को गति देने और लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। स्वतंत्रता के बाद भारत को चुनावों के संचालन और नियोजित विकास के लिए विश्वसनीय जनसंख्या आंकड़ों की आवश्यकता थी। इसी महत्व को देखते हुए संविधान सभा ने संविधान लागू होने से पहले ही जनगणना अधिनियम, 1948 पारित किया था। उस समय सीमित संचार साधनों और कम साक्षरता दर के कारण जनगणना के प्रति जागरूकता फैलाना बड़ी चुनौती थी। ऐसे में डाक विभाग ने न केवल प्रचार-प्रसार का कार्य संभाला, बल्कि गणनाकर्मियों और अधिकारियों के बीच संवाद स्थापित कर जनगणना की प्रगति पर नजर रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रदर्शनी के क्यूरेटर विकास कुमार, जो अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बेंगलुरु में अर्थशास्त्र के प्राध्यापक हैं,ने इस अनूठे संग्रह को तैयार किया है। यह भ्रमणशील प्रदर्शनी इससे पहले जम्मू, बेंगलुरु और लखनऊ में भी प्रदर्शित की जा चुकी है। प्रदर्शनी का उद्घाटन झारखंड के निदेशक, जनगणना संचालन प्रभात कुमार ने किया। आयोजक विकास कुमार ने कहा कि मोबाइल आधारित जनगणना प्रणालियों के दौर में यह प्रदर्शनी उस ऐतिहासिक यात्रा को याद करने का अवसर है, जिसमें डाकघरों और डाककर्मियों ने देश की सांख्यिकीय व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस प्रदर्शनी में दिखा जनगणना का इतिहास 1951 से 2011 तक 11 बार बदले थे जनगणना के मुहर। जनगणना की शुरूआत डाक से हुई थी, डाक के माध्यम से ही जनगणना की जागरूकता और अभियान चलाया गया था। 15 भाषाओं में जनगणना की जानकारी के लिए विज्ञापन थे, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, असमिया, बंगला , गुजराती , कन्नड, कोंकणी, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, सिंधी, तमिल,तेलुगू, उर्दू शामिल थे।  

टाटा स्टील, वोल्टास समेत कई कंपनियां देंगी डिविडेंड, जानें रिकॉर्ड डेट और रकम

 नई दिल्ली इस हफ्ते टाटा ग्रुप की कई कंपनियां एक्स-डिविडेंड स्टॉक के तौर पर ट्रेड करने जा रही हैं। इन कंपनियों की लिस्ट में टाटा मोटर्स, वोल्टास भी शामिल हैं। कुल 6 कंपनियां एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगी। आइए डीटेल्स में जानते हैं। 1- टाटा स्टील लिमिटेड (Tata Steel Ltd) कंपनी ने निवेशकों को एक शेयर पर 4 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इस डिविडेंड के लिए टाटा स्टील ने 12 जून 2026 की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है। शुक्रवार को टाटा स्टील लिमिटेड के शेयर बीएसई में 1.78 प्रतिशत की गिरावट के बाद 206.80 रुपये के स्तर पर बंद हुए थे। बता दें, बीते एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों 30 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने क मिली है। 2- वोल्टास लिमिटेड (Voltas Ltd) शुक्रवार को कंपनी के शेयर करीब 1 प्रतिशत की तेजी के साथ 1297.40 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। टाटा ग्रुप की यह कंपनी भी एक शेयर पर 4 रुपये का डिविडेंड देने जा रही है। वोल्टास ने भी 12 जून की तारीख को ही रिकॉर्ड डेट तय किया है। 3- टाटा केमिकल्स लिमिटेड (Tata Chemicals Ltd) इस कंपनी ने एक शेयर पर 11 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनी ने 10 जून 2026 की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है। बीते एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों में 22 प्रतिशत की गिरावट आई है। 4- टाटा इनवेस्टमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (Tata Investment Corporation Ltd) टाटा ग्रुप की यह कंपनी भी अपने निवेशकों को डिविडेंड दे रही है। इस कंपनी ने एक शेयर पर 3.40 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। टाटा इनवेस्टमेंट कारपोरेशन लिमिटेड ने 10 जून की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है। बता दें, शुक्रवार को 669.60 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। 5- Tata Elxsi Ltd टाटा ग्रुप की कंपनी ने एक शेयर पर 75 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। Tata Elxsi Ltd ने डिविडेंड के लिए 10 जून 2026 की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है। शुक्रवार को कंपनी के शेयर 0.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 4299.90 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। पिछले एक साल टाटा ग्रुप की इस कंपनी के शेयरों की कीमतों में 33 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। 6- Trent Ltd ट्रेंट लिमिटेड के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने जा रहे हैं। कंपनी ने एक शेयर पर 6 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों में 26 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। 7- टाटा मोटर्स लिमिटेड (Tata Motors Ltd) इस कंपनी ने एक शेयर पर 4 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनी इस डिविडेंड के लिए 12 जून 2026 की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है।

किचन वास्तु टिप्स: सही दिशा से बढ़ेगी घर की सुख-समृद्धि

 क्या आप जानती हैं कि आपके किचन की छोटी-छोटी व्यवस्थाएं सीधे आपके परिवार की सेहत और सुख-समृद्धि से जुड़ी होती हैं? वास्तु का उद्देश्य सिर्फ फर्नीचर को सही दिशा में रखना नहीं, बल्कि रसोई में ऐसी सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है जो काम को आसान और माहौल को खुशनुमा बनाए. अगर आपका किचन पहले से ही व्यवस्थित है, तो ये वास्तु जरूर करें. आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) की ऊर्जा: वास्तु के अनुसार, रसोई का सबसे आदर्श स्थान आग्नेय कोण है. सुनिश्चित करें कि खाना बनाते समय आपका चेहरा पूर्व दिशा की ओर रहे. यह दिशा सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी है, जो आपके खाने में स्वाद और परिवार में स्वास्थ्य का संचार करती है. पानी और अग्नि का संतुलन: रसोई में अग्नि (चूल्हा) और पानी (सिंक) का तालमेल सबसे महत्वपूर्ण है. इन्हें कभी भी एक-दूसरे के बेहद करीब या एक ही सीध में न रखें. इनके बीच दूरी बनाए रखना घर में होने वाले वैचारिक मतभेदों को दूर रखता है और रिश्तों में सामंजस्य लाता है. फ्रिज और भारी उपकरणों की सही दिशा: किचन का भारी सामान जैसे फ्रिज, दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखने से घर में स्थिरता आती है. यह वास्तु की दृष्टि से सबसे शुभ माना जाता है, जिससे घर की आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहती है. रंगों का सही चुनाव: किचन में बहुत गहरे या काले रंगों का उपयोग करने से बचें. हल्का पीला, क्रीम, या ऑफ-व्हाइट जैसे सात्विक रंग किचन को न केवल बड़ा और हवादार दिखाते हैं, बल्कि ये रंग मानसिक शांति और धैर्य को भी बढ़ावा देते हैं. साफ-सफाई : वास्तु के अनुसार, रात को जूठे बर्तन सिंक में छोड़ना दरिद्रता को बुलावा देता है. रसोई को रात को साफ-सुथरा करके सोने की आदत डालना, अगली सुबह एक सकारात्मक शुरुआत का वादा करता है. ताजगी रखें : रसोई की खिड़की हमेशा साफ रखें ताकि ताजी हवा का आवागमन बना रहे. खिड़की के पास तुलसी, पुदीना या धनिये का एक छोटा गमला रखें—यह रसोई की निगेटिव वाइब्स को सोखकर उसे हमेशा शुद्ध और ऊर्जावान बनाए रखता है.

कब्रिस्तान भूमि पर कब्जे का मामला, प्रशासन ने ध्वस्त की मस्जिद

लखनऊ उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने शनिवार को कब्रिस्तान के लिए आरक्षित सरकारी भूमि पर बने कथित अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कसेरुआ गांव स्थित मुस्तफा कादरी मस्जिद को ध्वस्त करना शुरू कर दिया. प्रशासन की मौजूदगी में दो बुलडोजर और एक क्रेन की मदद से कई घंटे तक कार्रवाई चली. संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और चार थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई. कार्रवाई के दौरान मस्जिद परिसर से "आई लव मोहम्मद" लिखे पोस्टर और हरे रंग का एक झंडा मिलने का दावा भी सामने आया है. पुलिस ने इन सामग्रियों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि बरामद पोस्टरों और झंडे के संबंध में जांच की जा रही है तथा यह पता लगाया जाएगा कि इन्हें वहां किसने रखा था और उनका उद्देश्य क्या था. उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन के अनुसार, गाटा संख्या 409 की भूमि कब्रिस्तान के लिए आरक्षित थी. जनवरी 2026 में राजस्व विभाग की पैमाइश के दौरान यहां मस्जिद निर्माण और कब्जे का मामला सामने आया था. इसके बाद तहसीलदार न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत वाद दायर किया गया. सुनवाई के दौरान मस्जिद समिति को अपने दावे के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन प्रशासन का कहना है कि पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके. संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि तहसीलदार न्यायालय द्वारा अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी किया गया था. इस आदेश को चुनौती देते हुए जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दायर की गई, लेकिन अपील खारिज होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा कब्रिस्तान के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग के बाद अभिलेखों की जांच की गई थी, जिसमें आरक्षित भूमि पर निर्माण का मामला सामने आया. प्रशासन का कहना है कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि को ग्राम सभा के माध्यम से कब्रिस्तान के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. फिलहाल इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों से बचने की अपील की है.

उपभोक्ताओं के हित में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, बिजली कनेक्शन से जुड़े विवाद पर मिली राहत

जीरकपुर. जीरकपुर की सुषमा वैलेंसिया सोसाइटी में रहने वाले 500 से ज़्यादा परिवारों को बड़ी राहत देते हुए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने साफ किया है कि किसी बिल्डर द्वारा लोगों से करोड़ों रुपये इकट्ठा करके प्रोजेक्ट अधूरा छोड़ देने के के कारण नागरिंकों को बेसिक सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा सकता। अदालत ने कहा कि नागरिकों को प्रशासनिक प्रणाली की नाकामी का खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए और चिलचिलाती गर्मी में बच्चों, बुज़ुर्गों और महिलाओं को बिजली जैसी जरूरी सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा सकता। ये टिप्पणी तब सामने आईं जब सुषमा वैलेंसिया अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन की तरफ से दायर की गई एक पिटीशन की सुनवाई के दौरान कोर्ट के ध्यान में लाया गया कि सोसाइटी में सैकड़ों परिवार रह रहे हैं, जबकि प्रोजेक्ट के डेवलपर्स कथित तौर पर प्रोजेक्ट अधूरा छोड़कर गायब हो गए हैं। इस वजह से लोग लंबे समय से नियमित बिजली कनेक्शन के लिए जूझ रहे हैं। जिदगी भर की कमाई खर्च करके खरीदे फ्लैट: पिटीशनर पिटीशनर ने कोर्ट को बताया कि लोगों ने जिंदगी भर की कमाई खर्च करके फ्लैट खरीदे थे, लेकिन अब वह बेसिक सुविधाओं के लिए भी दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं।  सुनवाई के दौरान PSPCL ने कोर्ट को बताया कि अगर लोग करीब 4.44 करोड़ रुपये की बकाया रकम जमा कर दें तो बिजली कनेक्शन जारी किए जा सकते हैं। इसके उलट एसोसिएशन ने दलील दी कि यह जिम्मेदारी लोगों की नहीं, बल्कि बिल्डर की है, जिसने लोगों से करोड़ों रुपये वसूलने के बाद प्रोजेक्ट अधूरा छोड़ दिया। 20 हजार रुपये जमा करने पर मिलेगा टेम्पररी कनेक्शन हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि हर वह निवासी जो नॉर्मल चार्ज के साथ 20 हजार रुपये जमा करता है, उसे टेम्पररी बिजली कनेक्शन दिया जाए। कोर्ट ने साफ किया कि यह सिर्फ एक अंतरिम व्यवस्था होगी और इससे परमानेंट कनेक्शन का कोई अधिकार नहीं बनेगा। साथ ही, PSPCL, GMADA और दूसरे संबंधित डिपार्टमेंट को भी इस समस्या का परमानेंट समाधान निकालने के लिए एक जॉइंट मीटिंग करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 19 जून को होगी। 150 परिवार दूसरी जगहों पर रहने को मजबूर  सोसाइटी के लोगों का कहना है कि बिजली की लंबे समय से चली आ रही समस्या के कारण हालात इतने गंभीर हो गए थे कि करीब 150 परिवार सुषमा वालेंसिया छोड़कर दूसरी जगहों पर रहने को मजबूर हो गए थे। लोगों का कहना है कि जिन लोगों ने करोड़ों रुपये खर्च कर इन्वेस्टमेंट के तौर पर फ्लैट खरीदे थे, उनके किराएदार भी एक-एक करके दूसरी सोसाइटियों में चले गए, जिससे फ्लैट मालिकों को भारी फाइनेंशियल नुकसान उठाना पड़ा। अब हाईकोर्ट के दखल के बाद लोगों को उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही यह मुश्किल आखिरकार हल की ओर बढ़ेगी। हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करेंगे: गिल मामले को लेकर पावरकॉम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर अमनदीप सिंह गिल ने कहा कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी सोसायटी के लिए कोई डेडिकेटेड फीडर नहीं है, लेकिन जल्द ही वहां फीडर पहुंचा दिया जाएगा ताकि कोर्ट के निर्देशों के अनुसार योग्य लोगों को टेम्पररी बिजली कनेक्शन जारी किए जा सकें।

मेटा ने लॉन्च किया इंस्टाग्राम प्लस, भारत में 299 रुपये मंथली सब्सक्रिप्शन

Meta ने अब इंस्टाग्राम प्लस पेड सब्सक्रिप्शन प्लान को पेश कर दिया है, जिसकी कीमत भारत में 299 रुपये मंथली है. इस प्लान के तहत यूजर्स को कई नए फीचर्स मिलेंगे. इंस्टाग्राम प्लस प्लान के तहत यूजर्स चोरी छिपे दूसरों की स्टोरीज भी देख सकेंगे. कंपनी ने कुछ दिन पहले ही अपने पॉपुलर ऐप्स इंस्टाग्राम, फेसबुक, WhatsApp के लिए नए सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च किए हैं. इंस्टाग्राम प्लस के तहत यूजर्स को एडिशनल फीचर्स, बेहतर इनसाइट्स और बहुत से एक्सक्लूसिव फीचर्स भी मिलेंगे. हालांकि स्टैंडर्ड वर्जन भी मुफ्त में काम करता रहेगा, लेकिन जो यूजर्स एक्स्ट्रा और एडवांस्ड फीचर्स चाहते हैं, उनको 299 रुपये मंथली चार्ज देना होगा. सीक्रेट तरीके से देख सकेंगे स्टोरी इंस्टाग्राम प्लस के तहत कई खास फीचर्स स्टोरीज से जुड़े हैं. इस प्लान के तहत यूजर्स आसानी से किसी दूसरे शख्स की स्टोरी का सीक्रेट प्रीव्यू देख सकेंगे. साथ ही सब्सक्राइबर ये भी जान सकेंगे कि कितने लोगों ने उनकी स्टोरी को दोबारा देखा है. इंस्टाग्राम प्लस के तहत स्टोरी टाइम ड्यूरेशन को 24 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे तक हो जाती है. साथ ही यूजर्स हर सप्ताह एक स्टोरी को एक्स्ट्रा विजिबिलिटी के लिए स्पॉटलाइट कर सकते हैं. इंस्टाग्राम प्लस सब्सक्राइबर ये भी जान सकेंगे कि उनकी स्टोरी देखने वालों की लिस्ट में जाकर यह देख सकेंगे कि वह कौन-कौन सा कंटेंट देख रहा है. स्पेशल इमोजी और स्पेशल फॉन्ट्स भी मिलेंगे इंस्टाग्राम प्लस के तहत यूजर्स को एनिमेटेड सुपर हार्ट रिएक्शन मिलेंगे, जिनमें इंटरैक्शन के दौरान रंग बिरंगे एनिमेटेड हार्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा. साथ ही सब्सक्राइबर्स को इंस्टाग्राम और क्रिएटर्स के लिए डिजाइन किए गए कस्टम ऐप आइकन व बायो के लिए स्पेशल फॉन्ट्स का एक्सेस मिलेगा. प्रोफाइल पिन्स फीचर भी मिलेगा इंस्टाग्राम प्लस के तहत एक और खास फीचर्स प्रोफाइल पिन्स मिलेगा, जिसकी मदद से यूजर्स अपने प्रोफाइल पर मैक्सिमम छह पोस्ट को पिन करके सबसे जरूरी पोस्ट को ऊपर रख सकेंगे. इंस्टाग्राम प्लस के तहत मिलने वाले फीचर्स स्टोरी रिवॉच काउंट : कितने लोगों ने स्टोरी दोबारा देखी, यह पता चलेगा. अनलिमिटेड स्टोरी ऑडियंस लिस्ट: क्लोज फ्रेंड्स के जैस ही  कई तरह कई कस्टम ऑडियंस लिस्ट तैयार कर सकेंगे. सीक्रेट स्टोरी प्रिव्यू: किसी भी शख्स की स्टोरी देखेंगे तो व्यूअर लिस्ट में आपका नाम नजर नहीं आएगा. 48 घंटे तक स्टोरीजः स्टोरीज टाइमलाइन 24 घंटे की जगह 48 घंटे के लिए मिलेगी. वीकली स्टोरी स्पॉटलाइट : हर हफ्ते एक स्टोरी को एडिशनल विजिबिलिटी के प्रमोट कर सकेंगे. स्टोरी व्यूअर सर्चः स्टोरी देखने वाले लोगों की लिस्ट में किसी भी व्यक्ति को सर्च कर सकेंगे. मेटा ने रेवेन्यू स्ट्रैटेजी में किया बदलाव मेटा ने रेवेन्यू स्ट्रैटेजी को बदलते हुए सिर्फ विज्ञापन पर निर्भरता को कम करते हुए पेड प्लान को लॉन्च किया है, जिसके तहत कंपनी को रेवेन्यू के कई नए ऑप्शन मिलेंगे. कंपनी का कहना है कि आने वाले दिनों में प्लस सब्सक्राइबर के लिए और नए फीचर्स को शामिल किया जाएगा. 

धर्मनगरी उज्जैन को मिलेगी नई पहचान, 220 करोड़ की लागत से स्थापित होगी भव्य श्रीकृष्ण मूर्ति

उज्जैन. उज्जैन, जल्द ही भगवान श्रीकृष्ण की विराट स्वरूप मूर्ति के रूप में देश को एक नई पहचान देने जा रहा है। ‘श्री महाकाल महालोक’ के बाद यहां एक और भव्य धार्मिक-पर्यटन परियोजना आकार लेने जा रही है। परियोजना, 220 करोड़ रुपये की है, जिससे उज्जैन विकास प्राधिकरण यूनिटी माल के पीछे शिप्रा नदी तट पर 151 फीट ऊंची भगवान श्रीकृष्ण की विराट स्वरूप धातु की मूर्ति स्थापित करेगा। 30 एकड़ क्षेत्र विकास की इस परियोजना में मूर्ति के साथ अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और विशाल हरित पर्यटन क्षेत्र विकसित किया जाएगा। विशेष बात यह है कि मूर्ति का निर्माण सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व प्रसिद्ध 182 मीटर ऊंची प्रतिमा (स्टैच्यू आफ यूनिटी) के शिल्पकार पद्मभूषण राम वनजी सुतार के पुत्र एवं ख्यात आर्किटेक्ट डा. अनिल राम सुतार करेंगे। लगभग 30 फीट ऊंचे पेडस्टल पर स्थापित होने वाली यह प्रतिमा भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप को दर्शाएगी और इसके देश की सबसे बड़ी धातु निर्मित कृष्ण प्रतिमा बनने की संभावना जताई जा रही है। परियोजना को अंतिम स्वरूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी सिलसिले में आर्किटेक्ट अनिल सुतार उज्जैन और विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी से मिले। बैठक में मूर्ति के स्वरूप, उसके धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व तथा पूरे परिसर के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बताया गया कि प्रतिमा को ऐसा स्वरूप दिया जाएगा जो भगवान श्रीकृष्ण के विराट रूप, उनके दर्शन और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें। स्टैच्यू आफ यूनिटी की तर्ज पर विकसित होगा परिसर योजना के अनुसार यूनिटी माल के पीछे शिप्रा नदी क्षेत्र से लगी लगभग 30 एकड़ भूमि को एक विशेष धार्मिक-पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां हरित परिदृश्य, आकर्षक उद्यान, दर्शक दीर्घा, भ्रमण पथ और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रतिमा परिसर में स्टैच्यू आफ यूनिटी की तर्ज पर अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो तथा प्रोजेक्शन मैपिंग का भी प्रावधान रखा गया है। इसके माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, गीता के संदेश और भारतीय संस्कृति को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा प्रस्ताव परियोजना का प्रारंभिक खाका और वित्तीय प्रस्ताव तैयार हो चुका है। करीब 220 करोड़ रुपये की इस योजना को अगले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक प्रतिमा निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर नई ऊंचाई प्रदान करेगी। महाकाल लोक के बाद यह परियोजना शहर के लिए एक और बड़ा आकर्षण बन सकती है। यदि योजना निर्धारित स्वरूप में साकार होती है तो भगवान श्रीकृष्ण के विराट रूप की यह प्रतिमा देश की सबसे बड़ी धातु निर्मित कृष्ण प्रतिमा के रूप में स्थापित हो सकती है। यह भी जानिये उज्जैन, मध्यप्रदेश शासन की ‘श्रीकृष्ण पाथेय परियोजना’ में शामिल है जिसके तहत 81 करोड़ रुपये से मंगलनाथ रोड स्थित महर्षि सांदीपनि आश्रम (वह स्थान जहां भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की) और 120 करोड़ रुपये से महिदपुर के नारायणा धाम का विकास एवं सुंदरीकरण कार्य भी होना है।

अब राजस्व रिकॉर्ड के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर, CM साय शुरू करेंगे नई हेल्पलाइन सेवा

रायपुर. सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को गरियाबंद दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा को और बढ़ा रहे हैं। जब डॉ. रमन सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब इसकी शुरुआत हुई थी, लेकिन अब 400 से अधिक सेवाओं को इसमें शामिल किया गया है। जनता अपने मोबाइल में ऐप के माध्यम से प्रमाण-पत्र और राजस्व रिकॉर्ड घर बैठे प्राप्त कर सकेगी। सीएम साय ने कहा, इसी महीने हम लोग मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ करने जा रहे हैं। एक टोल-फ्री नंबर जनता के पास होगा, जिसके लिए हमारा कार्यालय तैयार है और 100 से अधिक कर्मचारी प्रशिक्षित होकर कार्य के लिए तैयार हो चुके हैं। सीएम ने कहा, आज इस देश का सौभाग्य है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं।पहले यूपीए की सरकार लगातार 10 वर्षों तक रही और उस समय के प्रधानमंत्री एक बड़े अर्थशास्त्री माने जाते थे। इसके बावजूद देश की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर लंबे समय तक लगभग 10वें स्थान के आसपास बनी रही, लेकिन जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने तो अपने अथक परिश्रम, दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी नीतियों के बल पर उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित कर दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा, 13 जून को हमारी सरकार के ढाई साल पूरे होने वाले हैं। इन ढाई वर्षों में कहीं भी कोई अपराध हुआ है तो उसकी सख्ती से जांच की गई है और आवश्यक कार्रवाई की गई है। कोई भी दोषी है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

महंगे सीरम को कहें अलविदा: अंडे की जर्दी से पाएं नैचुरल ग्लोइंग स्किन का आसान उपाय

बदलते मौसम, प्रदूषण और तनाव के कारण चेहरे की चमक खो जाना एक आम समस्या है. इस चमक को वापस पाने के लिए हम अक्सर महंगे केमिकल वाले सीरम और नाइट क्रीम पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन कई बार इनके मनमुताबिक नतीजे नहीं मिलते. अगर आप भी केमिकल फ्री और पूरी तरह से प्राकृतिक ग्लो चाहते हैं तो आपकी रसोई में ही इसका समाधान छिपा है. अंडे की जर्दी त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें मौजूद प्रोटीन और फैटी एसिड्स त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं. जब आप अंडे की जर्दी में शहद या एलोवेरा जेल मिलाकर चेहरे पर लगाते हैं, तो यह महंगे से महंगे एंटी-एजिंग सीरम को भी मात दे देता है. आइए जानते हैं इसे बनाने और लगाने का सही तरीका. पैक की सामग्री अंडे की जर्दी : 1 अंडे का पीला हिस्सा शहद : 1 छोटा चम्मच एलोवेरा जेल या दही: 1 छोटा चम्मच बादाम का तेल: 2-3 बूंदें (अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी हो) बनाने और लगाने का तरीका सबसे पहले एक साफ बाउल में अंडे को तोड़कर उसके सफेद हिस्से (Egg White) और पीले हिस्से (Egg Yolk) को अलग कर लें. हमें सिर्फ पीले हिस्से यानी जर्दी का इस्तेमाल करना है. अब अंडे की जर्दी वाले बाउल में 1 छोटा चम्मच शुद्ध शहद डालें. अगर आपकी त्वचा पर दाग-धब्बे ज्यादा हैं, तो आप इसमें आधा चम्मच एलोवेरा जेल भी मिला सकते हैं. एक चम्मच या फॉर्क की मदद से इस मिश्रण को तब तक अच्छी तरह फेंटें जब तक कि यह एक स्मूद और क्रीमी पेस्ट न बन जाए. फेस पैक लगाने से पहले अपने चेहरे को किसी माइल्ड फेस वॉश या गुलाब जल से अच्छी तरह साफ कर लें और सुखा लें. अब एक ब्रश या उंगलियों की मदद से इस पैक को अपने चेहरे और गर्दन पर ऊपर की तरफ (Upward Motion) स्ट्रोक देते हुए समान रूप से लगाएं. आंखों के नाजुक हिस्से को बचाकर रखें. इस पैक को चेहरे पर 15 से 20 मिनट के लिए लगा रहने दें. जब यह हल्का सूखने लगे और त्वचा में खिंचाव महसूस हो, तो समझें यह काम कर चुका है. चेहरे को पहले हल्के गुनगुने पानी से धोएं ताकि पैक आसानी से छूट जाए, फिर ठंडे पानी से छींटे मारें जिससे पोर्स बंद हो जाएं. चेहरे को सुखाकर अपना पसंदीदा मॉइश्चराइजर लगा लें. सावधानी चेहरे पर पहली बार लगाने से पहले गर्दन या हाथ पर पैच टेस्ट जरूर करें ताकि किसी भी तरह की एलर्जी का पता चल सके. अगर आपको अंडे की महक पसंद नहीं है तो आप इस पैक में 2 बूंद नींबू का रस या रोजमेरी/लैवेंडर एसेंशियल ऑयल की 1 बूंद मिला सकते हैं. बेहतर और ग्लोइंग स्किन के लिए इस पैक को हफ्ते में 1 या 2 बार इस्तेमाल किया जा सकता है.  

वेनेजुएला और ईरान पर बयान के बीच ट्रंप बोले—तेल कीमतें जल्द और घटेंगी

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका के पास तेल, गैस, कोयला और अन्य ऊर्जा संसाधनों की इतनी भारी मात्रा है कि कोई अन्य देश इसकी तुलना नहीं कर सकता। एयर फोर्स वन में प्रेस से बातचीत करते हुए ट्रंप ने बताया कि वेनेजुएला के साथ अच्छे संबंध बनने के कारण अमेरिका की स्थिति और मजबूत हो गई है। उन्होंने दावा किया कि वेनेजुएला को मिलाकर अमेरिका के पास लगभग 64 प्रतिशत ऊर्जा संसाधन हैं, जो विश्व के लिए अद्भुत है। ट्रंप ने कहा कि बड़े तेल कंपनियां वहां पहले से ही काम शुरू कर चुकी हैं और लाखों बैरल तेल निकाला जाएगा। उन्होंने गैसोलीन निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के सवाल पर जोर देकर कहा कि उनके पास कई विकल्प उपलब्ध हैं लेकिन अमेरिका की प्राकृतिक संपदा सबसे बड़ी ताकत है। डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी तेल कंपनियों की उत्पादन क्षमता पर बोलते हुए कहा कि उनके पास सब कुछ है जो जरूरी है। उन्होंने बताया कि दुनिया को उम्मीद थी कि तेल की कीमतें 300 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएंगी, लेकिन वर्तमान में यह 96-97 डॉलर प्रति बैरल पर है। उन्होंने ईरान के साथ सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा और उसकी स्थिति कमजोर है। ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल परिवहन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अमेरिकी नौसेना की मदद से बहुत सारा तेल लाया जा रहा है, जिसकी वजह से कीमतें नियंत्रण में हैं। ट्रंप बोले- पूरी दुनिया को फायदा होगा अमेरिका के राष्ट्रपति ने आयोवा का उदाहरण देते हुए कहा कि तीन महीने पहले गैसोलीन की कीमत 1.85 डॉलर प्रति गैलन थी, जो अब और बेहतर हो सकती है। ट्रंप की इस यात्रा के दौरान उन्होंने चिपेवा फॉल्स की ओर जाते हुए मीडिया से खुलकर बात की। उन्होंने जोर दिया कि अमेरिका की ऊर्जा नीति न सिर्फ खुद को मजबूत बनाएगी बल्कि पूरी दुनिया को फायदा पहुंचाएगी। वेनेजुएला के लोगों को अमेरिका से प्यार है और देश खुशहाल हो रहा है। ट्रंप ने कहा कि जल्द ही पूरा मुद्दा सुलझ जाएगा और तेल की कीमतें और नीचे आएंगी। उन्होंने ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों का भी जिक्र किया, जिसमें अमेरिकी बलों ने कई हमलों को नाकाम किया। फिलहाल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की ओर आने वाले ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया। ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर मिसाइलें दागीं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की ऊर्जा प्रभुसत्ता और सैन्य ताकत दोनों ही मजबूत हैं, जो भविष्य में तेल बाजार को स्थिर रखेगी। ट्रंप का ताजा बयान अमेरिका की ऊर्जा स्वतंत्रता और वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।