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तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़: अन्नामलाई ने बनाई अलग राह, नई पार्टी के गठन की घोषणा

नई दिल्ली  तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद राज्य में अपनी एक नई पार्टी बनाने के संकेत दिए। अन्नामलाई ने कहा कि, उनकी राजनीतिक पार्टी तमिलनाडु में अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी. भाजपा से इस्तीफा देने का बाद उन्होंने कहा कि, वे एक आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। भाजपा से इस्तीफा देने के बाद के अन्नामलाई ने कहा कि, उनके लिए पहले यह दुविधा वाली बात थी कि, वह बीजेपी के आदमी हैं या तमिलियन. पूर्व भाजपा नेता ने कहा कि, उन्होंने 4 दिसंबर 2025 को पार्टी को बताया कि वह इस्तीफा देने जा रहे हैं. पार्टी ने उन्हें चुनाव खत्म करने और फिर जाने को कहा।  बता दें कि, तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया जिसे भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने स्वीकार कर लिया. ऐसा बताया जा रहा है कि अन्नामलाई ने हाल में दिल्ली यात्रा के दौरान अपना इस्तीफा सौंपा था।  भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, "भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई द्वारा पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया गया इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। अन्नामलाई इस्तीफे की संभावना और नयी राजनीतिक पार्टी बनाने की अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व से मुलाकात के लिए दिल्ली आए थे. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मंगलवार को मुलाकात कर इस विषय पर चर्चा की थी।  ऐसा बताया जा रहा है कि नैनार नागेंद्रन को उनकी जगह भाजपा की तमिलनाडु इकाई का अध्यक्ष पद नियुक्त किए जाने और राज्य में 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के साथ चुनावी गठबंधन फिर से बहाल किए जाने के बाद से अन्नामलाई नाराज थे।  अन्नामलाई ने गुरुवार को घोषणा की थी कि वह पांच जून को यानी आज सोशल मीडिया पर बातचीत के दौरान अपने विचार साझा करेंगे. वह राष्ट्रीय राजधानी की अपनी यात्रा के बारे में संभवतः स्पष्टीकरण देंगे तथा राष्ट्रीय राजधानी की अपनी यात्रा, इस्तीफे और नयी राजनीतिक पार्टी शुरू करने की संभावित योजना के बारे में भी स्थिति स्पष्ट करेंगे. आज उन्होंने नई पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया। 

पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों के लिए दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना

पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों के लिए दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना पात्र हितग्राहियों को डेढ़ लाख तक अनुदान राशि रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन, श्रम विभाग के अंतर्गत भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में निर्माण कार्य से जुडे 60 प्रकार के प्रवर्गो में पंजीकृत कर उनके लिये जन्म से मृत्यु तक लगभग 28 प्रकर की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों के जीवनयापन के स्तर को उंचा उठाने एवं आय में वृध्दि तथा रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से मंडल में 3 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों के लिये दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना संचालित की जा रही हैं जिसके अंतर्गत 1,50,000 रूपये की अनुदान राशि मण्डल द्वारा प्रदाय किया जाना प्रावधानित है। इस योजना के लिये पात्र निर्माण महिला श्रमिक अपने पसंद के ई रिक्शा कंपनी का चयन कर बैंक से ऋण प्राप्त करने के पश्चात् विभाग की वेबसाईटshramevjayate.cg.gov.in, Shramev Jayate Mobile App,  नजदीकी श्रम संसाधन केन्द्र, च्वाईस सेंटर अथवा  जिला श्रम कार्यालय बलौदा बाजार के कक्ष क्रमांक 117 में आकर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

अब नहीं चलेगी देरी: श्रम विभाग को समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करानी होगी जानकारी

श्रम विभाग में छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम समय सीमा में देनी होगी जानकारी  रायपुर, छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 की धारा 3, 4, 5 एवं 7 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए तथा श्रम विभाग द्वारा कार्यालय का नाम, विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जाने वाली सेवा, ऐसी सेवा प्रदान करने के लिए निश्चित की गई समय-सीमा के साथ, सेवा प्रदान करने वाले पदाभिहित अधिकारी (पद), सक्षम अधिकारी एवं अपीलीय प्राधिकारी का पदनाम, अधिसूचित किया है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत सेवा जो प्रदाय की जानी है, श्रम विभाग द्वारा सेवा प्रदाय करने की समय-सीमा (कार्य दिवस) निर्धारित की गई है। इसी प्रकार सेवा प्रदाय करने वाला लोक प्राधिकारी (पद), सक्षम प्राधिकारी और अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।

बीच ऑफिस में युवती पर हमला, मोहाली की घटना ने दहलाया; CCTV फुटेज आया सामने

मोहाली पंजाब के मोहाली में एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई है। यह एक शख्स ने बीच ऑफिस में काम कर रही महिला पर चाकू से बेरहमी से गोद कर मार डाला। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। खबरें हैं कि आरोपी ब्रेक अप से परेशान था और इसलिए युवती की हत्या जैसा जघन्य अपराध किया। हमले के बाद आरोपी ने खुद की भी जान लेने की कोशिश की थी। पहले रिलेशनशिप फिर ब्रेक अप गुरुवार को मोहाली स्थित एक निजी कंपनी में यह हत्याकांड हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी की पहचान हरजिंदर सिंह मान उर्फ हैरी के तौर पर हुई है। उसकी उम्र 39 साल बताई जा रही है। जबकि, पीड़िता 30 वर्षीय डिंपल थीं और पटियाला की रहने वाली थीं। खबर है कि दोनों 3 सालों से ज्यादा समय तक रिलेशन में रहे, लेकिन बाद में अलग हो गए थे। क्या थी वारदात की वजह इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि हरजिंदर ब्रेक अप से उबरने में परेशानी का सामना कर रहा था। कहा जा रहा है कि उसने कई मौकों पर डिंपल के साथ दोबारा बातचीत शुरू करने और सुलह की भी कोशिशें की थीं। रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं का कहना है कि वह सुलह करने में असफल था, जिसके चलते परेशान हो गया था। अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों के बीच दफ्तर में झगड़ा भी हुआ था। जमकर हुई बहस के बाद हैरी ने कथित तौर पर डिंपल पर चाकू से वार करना शुरू कर दिया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि युवती सीट पर बैठकर काम कर रही है और उस समय अचानक युवक पीछे से आता है और चाकू से हमला करना शुरू कर देता है। बीच ऑफिस में मारा वीडियो में नजर आ रहा है कि चाकू के शुरुआती वार झेलने के बाद युवती भागकर ऑफिस के बीच पहुंच गई थी, जहां गेट के पास आरोपी ने उसे फिर पकड़ लिया और अटैक करने लगा। इस दौरान युवती बचने का प्रयास कर रही थी और आसपास लोगों की भीड़ भी बचाने के लिए पहुंच गई थी, लेकिन आरोपी ने चाकू का डर दिखाकर सभी को हटा दिया। खुद को मारने की कोशिश इस हत्याकांड के बाद हैरी ने खुद को भी मारने की कोशिश की थी। हमले से घबराएं कर्मचारियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर जब पुलिस पहुंची तो दोनों गंभीर हालत में पाए गए थे। उन्हें फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद डिंपल को मृत करार दे दिया या। वहीं, हरजिंद का इलाज जारी है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पार्टी के तेजतर्रार प्रवक्ता से राज्यसभा उम्मीदवार तक: पवन खेड़ा को मिला कांग्रेस का बड़ा इनाम

 नई दिल्ली सियासत में संघर्ष कभी बेकार नहीं जाता, बशर्ते आप सही वक्त पर सही पिच पर बैटिंग कर रहे हों. राजनीति में ये कदम आपके लिए बंद पड़े दरवाजों को खोल देता है. कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. कांग्रेस ने राज्यसभा चुनावों के लिए अपने 7 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें पवन खेड़ा का नाम शामिल हैं. इस तरह पार्टी उन्हें कर्नाटक से संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) भेज रही है।  बीजेपी और मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस के तेज तर्रार प्रवक्ता पवन खेड़ा फ्रंटफुट पर लगातार मोर्चा खोला रखे थे. बीजेपी के 'एक्शन' पर आक्रामक तरीके से पवन खेडा के 'रिएक्शन' और कांग्रेस का 'पॉलिटिकल कैलकुलेशन' ने क्या राज्यसभा का टिकट कंफर्म करा दिया है?  राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने गुरुवार को अपने सात उम्मीदावरों के नाम का ऐलान किया है, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ पवन खेड़ा और मंसूर खान को कर्नाटक से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है. कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या के आधार पर पवन खेड़ा का राज्यसभा जाना तय है।   पवन खेड़ा की तपस्या पूरी हुई? यह वही पवन खेड़ा हैं, जिन्हें साल 2022 में राजस्थान से राज्यसभा टिकट न मिलने पर मायूसी हाथ लगी थी. तब पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां करते हुए लिखा था. 'शायद मेरी तपस्या में कुछ कमी रह गई.' लेकिन तब और अब के राजनीतिक हालात में जमीन-आसमान का अंतर है. पवन खेडा कल टीवी डिबेट्स का चेहरा थे, वो अब बीजेपी के खिलाफ 'लड़ाई के प्रतीक' बन चुके हैं. ऐसे में कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला लिया।  पिछले कुछ समय में जिस तरह से पवन खेड़ा ने खुद को पार्टी के संकटमोचक और सबसे मुखर चेहरे के रूप में स्थापित किया, उसने कांग्रेस आलाकमान को अपना मुरीद बना लिया. ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व पर यह नैतिक दबाव था कि जो नेता फ्रंटफुट पर रहकर गांधी परिवार और पार्टी के लिए तमाम मुकदमे झेल रहा है, उसे तरजीह दी जाए. इस तरह उनकी 'तपस्या' न सिर्फ पूरी हुई, बल्कि राहुल गांधी की कोर टीम ने उनके नाम पर सबसे पहले मुहर लगाई।  फ्रंटफुट पर 'लड़ाई लड़ने' का इनाम कांग्रेस आलाकमान ने अपने प्रवक्ताओं और कार्यकर्ताओं को एक साफ संदेश दिया है कि जो नेता पार्टी के लिए जमीन और कानूनी मोर्चों पर लाठियां या मुकदमे झेलेगा, संगठन उसके साथ खड़ा रहेगा. पवन खेड़ा लगातार बीजेपी और पीएम मोदी के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए एक बयान के बाद जिस तरह असम पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट पर ड्रामाई अंदाज में पवन खेड़ा को फ्लाइट से उतारा था और गिरफ्तार किया, उसने रातों-रात उन्हें कांग्रेस का 'पोस्टर बॉय' बना दिया था।  हाल ही में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर अघोषित विदेशी संपत्ति और फर्जी पासपोर्ट के आरोपों को लेकर उनके खिलाफ असम में कई एफआईआर दर्ज हुईं. असम पुलिस ने उनके घर पर दबिश तक दी और उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जाकर राहत मिली. इस कानूनी लड़ाई में डटे रहने के कारण पार्टी ने उन्हें यह बड़ा इनाम दिया है. इस 'बदले वाली कार्रवाई' ने पवन खेड़ा के लिए राज्यसभा का रास्ता साफ कर दिया है।  संसद में मुखर 'वक्ता' की जरूरत पवन खेड़ा कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन हैं. वे टीवी डिबेट्स और प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद तार्किक और तीखे हमलों के लिए जाने जाते हैं. कांग्रेस को राज्यसभा में एक ऐसे चेहरे की जरूरत थी जो मल्लिकार्जुन खड़गे और जयराम रमेश के साथ मिलकर सदन के भीतर मोदी सरकार को पुरजोर तरीके से घेर सके.  इसीलिए कांग्रेस ने पवन खेड़ा को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है।  राहुल और खड़गे के 'गुड बुक्स' में  पवन खेड़ा को गांधी परिवार और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों का बेहद करीबी और वफादार माना जाता है. पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के समय से राजनीति के केंद्र में रहे पवन खेड़ा ने मुश्किल वक्त में भी कभी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा.  दिल्ली में शीला दीक्षित के सीएम रहते हुए पवन खेड़ा उनके निजि सचिव के तौर पर काम कर रहे थे, उसके बाद से कांग्रेस के राष्ट्रीय टीम का हिस्सा हैं. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने जिस तरह इस मामले को हाथों-हाथ लिया, उससे साफ है कि खेड़ा अब गांधी परिवार के गुड बुक्स में टॉप पर हैं। कर्नाटक से उनके साथ खुद मल्लिकार्जुन खड़गे भी राज्यसभा जा रहे हैं, जो दर्शाता है कि उन्हें सबसे सुरक्षित सीट से संसद भेजने का फैसला शीर्ष नेतृत्व की मर्जी से हुआ है. साल 2022 के राज्यसभा चुनावों के दौरान जब कांग्रेस ने बाहरी या अन्य नेताओं (जैसे इमरान प्रतापगढ़ी, प्रमोद तिवारी) को तरजीह दी थी, तब पवन खेड़ा के साथ-साथ पार्टी के भीतर भी कई आवाजें उठी थीं. इस बार खेड़ा को टिकट देकर आलाकमान ने उस पुराने असंतोष और 'तपस्या' वाले नैरेटिव को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है। 

UPSC का सपना लेकर पहुंची छात्रा, कलेक्टर के एक वाक्य ने भर दी आंखें

बलरामपुर  छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में एक लड़की यूपीएससी का सपना लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंची थी। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी कुछ काम में व्यस्त थीं। इसलिए लड़की को बाहर इंतजार करना पड़ा। कलेक्टर मीटिंग में जाने के लिए बाहर निकलीं और छात्रा के पास पहुंचीं तो वह भावुक हो गई। उसकी बातों को सुनकर उन्होंने मदद का भरोसा दिया है। कलेक्टर का कर रही थी इंतजार दरअसल, बलरामपुर जिले की रहने वाली महिमा प्रजापति अपने मन में कई सवाल और आंखों में प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना लिए घंटों कलेक्ट्रेट परिसर में बैठी रहीं। उन्हें उम्मीद थी कि यदि एक बार कलेक्टर से मुलाकात हो जाए तो शायद उनकी पढ़ाई से जुड़ी परेशानी का समाधान निकल सके। मीटिंग के लिए जा रहीं थीं कलेक्टर इसी बीच कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी एक आवश्यक बैठक के लिए निकल रही थीं। उनकी नजर इंतजार कर रही छात्रा पर पड़ी। उन्होंने आगे बढ़कर महिमा से उसके आने का कारण पूछा। कलेक्टर के इस आत्मीय व्यवहार और अपनत्व को देखकर महिमा भावुक हो गईं और उनकी आंखें छलक उठीं। भावुक हो गई महिला कलेक्टर को अपने सामने देखकर महिमा प्रजापति भावुक हो गई। उसकी आंखों में आंसू आ गए। यह देखकर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने उसे हौसला दिया और कहा कि परेशान मत हो। कलेक्टर मैम से मैं मिली हूं। मुझे यूपीएससी की तैयारी के लिए जिला ग्रंथालय से किताब उपलब्ध करवाएंगी। उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा।  महिमा प्रजापति, छात्रा यूपीएससी की तैयारी के लिए चाहिए किताब महिमा ने बताया कि वह संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तैयारी कर रही हैं, लेकिन कुछ जरूरी पुस्तकों की कमी उनकी राह में बाधा बन रही है। छात्रा की बात सुनने के बाद कलेक्टर ने न केवल उसका हौसला बढ़ाया, बल्कि आवश्यक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। सहजता के साथ सुनीं बातें महिमा ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि जिले की सबसे बड़ी प्रशासनिक अधिकारी इतनी सहजता से उनकी बात सुनेंगी। कलेक्टर से मिली प्रेरणा और सहयोग के आश्वासन ने उनके आत्मविश्वास को नई मजबूती दी है। यह मुलाकात सिर्फ एक अधिकारी और छात्रा के बीच की बातचीत नहीं थी, बल्कि एक ऐसे सपने को संबल देने की कहानी थी, जो संघर्षों के बीच भी मंजिल तक पहुंचने का हौसला रखता है। जिले में कलेक्टर की इस संवेदनशील पहल की सराहना हो रही है।

क्या टूट की कगार पर है TMC? 23 सांसदों को लेकर सियासी हलचल तेज, ममता एक्टिव मोड में

 कोलकाता पश्चिम बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद ममता बनर्जी को 15 साल बाद सत्ता गंवानी पड़ी थी. हालिया चुनाव में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को 80 सीटों पर जीत मिली थी. टीएमसी के 80 में से 58 विधायकों ने पार्टी से निकाले जा चुके संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में बगावत कर दी. बागी गुट ने ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता घोषित कर दिया, जिन्हें स्पीकर ने भी मान्यता दे दी है।  विधायकों के बाद अब सांसदों के भी बगावत करने की चर्चा जोरों पर है. चर्चा है कि टीएमसी के 23 सांसद बागी गुट के संपर्क में हैं. चर्चा 20 सांसदों के केंद्र और सूबे की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में जाने की भी थी. टीएमसी में बगावत के बीच बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी के एक बयान ने सस्पेंस और बढ़ा दिया है. ऋतब्रत बनर्जी ने कहा है कि थोड़ा धैर्य रखिए, बहुत कुछ हो सकता है।  दरअसल, शुक्रवार को कोलकाता में ऋतब्रत बनर्जी से टीएमसी के 20 सांसदों के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को लेकर सवाल पूछा गया था. इस सवाल के जवाब में ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि पिछले सात दिन से मेरी किसी भी सांसद से कोई बात नहीं हुई है. उन्होंने किसी भी सांसद से कोई बात नहीं होने को आधार बनाते हुए कहा कि इसलिए यह नहीं कह सकता कि सांसद क्या कदम उठाएंगे।  पश्चिम बंगाल विधानसभा में बागी गुट की ओर से नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि वर्तमान में जीता हूं. कल क्या होगा, यह कोई नहीं कह सकता. हालांकि, सूत्रों की मानें तो टीएमसी में अगले हफ्ते टूट हो सकती है. 23 सांसद भी बागी गुट के साथ जा सकते हैं. टीएमसी सूत्रों की मानें, तो ये सांसद अभिषेक बनर्जी से नाराज बताए जा रहे हैं. यह सांसद भी विधायकों की तरह अलग गुट बना सकते हैं।  टीएमसी के लोकसभा में 28 सांसद हैं. ऐसे में दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई से बचने के लिए अलग गुट को 19 सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी. कहा जा रहा है कि सांसदों की बगावत का नेतृत्व पार्टी के एक बहुत ही वरिष्ठ सांसद कर रहे हैं. राज्यसभा में टीएमसी के 13 सांसद हैं. राज्यसभा में अलग गुट की मान्यता के लिए नौ सांसदों का समर्थन जरूरी होगा।  दूसरी तरफ, टीएमसी में बगावत के बाद अब ममता बनर्जी भी एक्टिव मोड में आ गई हैं. ममता बनर्जी ने कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास पर बड़ी बैठक बुला ली है. यह बैठक 5 जून की शाम चार बजे से शुरू होनी है. ममता बनर्जी के घर इस बैठक में टीएमसी के करीब-करीब सभी बड़े नेताओं को बुलाया गया है।  टीएमसी में सांसदों के भी बगावत करने की सुगबुगाहट और बागी विधायकों के दावे को मान्यता देते हुए स्पीकर की ओर से ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के कमरे की चाबी सौंपे जाने के बाद ममता बनर्जी की यह पहली बड़ी बैठक है. टीएमसी के नाम-निशान को लेकर भी अब कयासों का दौर तेज हो गया है।  ममता बनर्जी के सामने 28 साल पहले बनाई गई अपनी ही पार्टी का नाम और निशान अपने पास बनाए रखने की चुनौती आ खड़ी हुई है. ममता की अगुवाई में होने जा रही इस बैठक में आगे की रणनीति तय पर चर्चा होनी है।   

चार घोटालों से 4,000 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप, ED ने कसी शिकंजा

रायपुर  शराब व डीएमएफ घोटाले और अन्य बड़े भ्रष्टाचार मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने सामूहिक कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों ने घोटाले के मुख्य सूत्रधार अनवर ढेबर और रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा के संगठित सिंडिकेट के खिलाफ शिकंजा कसते हुए अब तक 1,400 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। जांच एजेंसी ने अकेले शराब घोटाले में कुल 85 आरोपितों को नामजद किया है। इस सिंडिकेट ने सरकारी व्यवस्था को ढाल बनाकर शराब से ही 3,200 करोड़ से ज्यादा का अवैध कालाधन बटोरा था। जबकि कुल चार बड़े घोटाले में करीब 4,000 करोड़ रुपये की कमाई की है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक दोनों आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों की 1400 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। इसी के साथ जांच का भी दायिरा बढ़ा दिया गया है। ईडी की जांच में दावा किया गया है कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान सक्रिय रहे इस कथित सिंडिकेट ने चार बड़े घोटालों के जरिए करीब 4,000 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। इनमें सबसे बड़ा शराब घोटाला बताया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार सरकारी शराब दुकानों के माध्यम से अवैध रूप से कच्ची शराब बेचकर 3,200 करोड़ रुपए से अधिक का काला धन अर्जित किया गया। इस मामले में ईडी अब तक 85 लोगों को आरोपी बना चुकी है। ढेबर–टुटेजा घोटालों के मास्टरमाइंड जांच एजेंसियों के मुताबिक अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर इस पूरे नेटवर्क के नीति-निर्धारक और प्रमुख संचालक थे। डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) फंड घोटाले में पद का दुरुपयोग कर चाहेते ठेकेदारों को काम दिलाने और 25 से 40 प्रतिशत तक कमीशन लेने के आरोप लगाए गए हैं। ईडी के मुताबिक, गोवा का यह होटल शराब घोटाले की 110 करोड़ रुपये की काली कमाई से खरीदा गया था। सिंडिकेट से जुड़ी तीन सप्लायर कंपनियों,ओम साई बेवरेजेस, दिशिता वेंचर्स और नेक्सजेन पावर इंजीटेक के 51 करोड़ रुपये के बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड फ्रीज किए गए हैं। इन कंपनियों से जबरन 50-60 प्रतिशत मुनाफा वसूला जाता था। केवल शराब घोटाले से ही 2,883 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की गई। यह खेल नकली होलोग्राम वाली अवैध देसी शराब बेचने, डिस्टिलर्स से प्रति पेटी फिक्स कमीशन वसूलने और मनमाने लाइसेंस बांटकर खेला गया। उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय ने रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में मामले की छठी पूरक चार्जशीट 1 जून 2026 को दाखिल की है। इस छठी पूरक चार्जशीट में ईडी ने चार नए लोगों को आरोपित किया है, जिनमें व्यवसायी विजय भाटिया , टी. भुवनेश्वर राव, प्रोबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर शामिल हैं। चार नए नामों के जुड़ने के बाद इस पूरे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कुल आरोपितों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। जांच में कई अनियमितताएं उजागर इसके अलावा नकली होलोग्राम घोटाले में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर अवैध टेंडर दिए गए, जबकि प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए 183 करोड़ रुपए के ओवरटाइम भुगतान में गड़बड़ी सामने आई। जांच एजेंसियों ने कस्टम मिलिंग मामले में भी बड़ी वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा किया है। इतने करोड़ की ये संपत्ति जब्त     बेनाम संपत्ति: 1110 करोड़     अन्य संपत्ति(प्लॉट, बेनामी जमीनें, शेल कंपनियां,होटल): 116 करोड़     बैंक खातों, शेयरों, म्यूचुअल फंड निवेश, नकदी, फिक्स्ड डिपॉजिट: 28 करोड़     अचल संपत्ति: 15.82 करोड़ रुपए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच तेज ईडी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब विशेष अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की सुनवाई तेज होने की संभावना है। जांच एजेंसियां इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।

अब रजिस्ट्री के लिए रायपुर नहीं जाना पड़ेगा, धरसींवा में जून से शुरू होंगी सेवाएं

धरसींवा  धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों को अब जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए रायपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। छत्तीसगढ़ शासन ने धरसींवा ब्लॉक मुख्यालय में नवीन उप पंजीयक (उप रजिस्ट्रार) कार्यालय की स्थापना को मंजूरी देते हुए जून माह से इसके संचालन की उम्मीद।  क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा के प्रयासों से शुरू होने जा रहे इस कार्यालय से क्षेत्र के 60 गांवों के हजारों ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही रजिस्ट्री और पंजीयन संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। विधायक बोले चुनाव में किये वादे पुरे किये जा रहे हैं विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि धरसींवा मुख्यालय में उप पंजीयक कार्यालय की शुरुआत क्षेत्र के विकास और आम जनता की सुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादे के अनुरूप अब लोगों को छोटे-छोटे शासकीय कार्यों के लिए राजधानी रायपुर नहीं जाना पड़ेगा। समय और पैसे दोनों की होगी बचत अब तक क्षेत्र के ग्रामीणों को जमीन-मकान की रजिस्ट्री सहित अन्य पंजीयन कार्यों के लिए रायपुर जाना पड़ता था। इससे उनका पूरा दिन खर्च होने के साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ता था। नए कार्यालय के शुरू होने से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सुविधाएं मिलेंगी, जिससे समय, पैसा और श्रम तीनों की बचत होगी। विधायक ने बताया कि इस मांग को शासन स्तर पर लगातार उठाया गया था, जिसके बाद इसे स्वीकृति मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया। इन 60 गांवों को मिलेगा लाभ नए उप पंजीयक कार्यालय के अंतर्गत धरसींवा क्षेत्र के 60 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें कुरा, भेरवा, पंडरभट्टा, मुरा, भैंसमुड़ा, बरतनारा, अकोली, मनोहरा, देवरी, मेहरशखा, कुकेरा, कुथरैल, मौहागांव, मलौद, सिलयारी, कुरूद, पथरी, तरेसर, मंगसा, पवनी, निलजा, तर्रा, बरबंदा, नेउरडीह, नगरगांव, टोर, गिधौरी, गोढ़ी, मोंहदी, रैता, धरसींवा, तिवरैया, परसतराई, सिलतरा, मुनरेठी, टाडा, मांढर, गिरौद, सौंढ़रा, बहेसर, चिखली, कुम्हारी, सारागांव, दौंदेकला, दौंदेखुर्द, जरौदा, छपोरा, भुरकोनी, टेकारी, चरौदा, बाना, कपसदा, धनेली, सांकरा, निमोरा, कन्हेरा, लालपुर, मटिया, कारा और बोरझरा शामिल हैं। ग्रामीणों में खुशी का माहौल कार्यालय की अधिसूचना जारी होने के बाद क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूरा होने को लोग बड़ी राहत के रूप में देख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे प्रशासनिक सेवाएं गांवों के और करीब पहुंचेंगी तथा राजस्व संबंधी कार्यों में तेजी आएगी।  

नई पहचान पाएगा ऐतिहासिक पंडरीतराई तालाब, 3 फीट से 8 फीट तक किया जा रहा गहरीकरण

जगदलपुर जगदलपुर शहर के छत्रपति शिवाजी वार्ड स्थित करीब 100 साल पुराने पंडरीतराई तालाब का अब व्यापक जीर्णोद्धार किया जा रहा है। लगभग 78.71 लाख रुपए की लागत से चल रहे इस कार्य के तहत तालाब को नया स्वरूप दिया जाएगा। वर्तमान में तालाब की गहराई केवल 3 से 4 फीट रह गई थी, जिसे बढ़ाकर करीब 7 से 8 फीट किया जा रहा है। तालाब के चारों तरफ सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जाएगा, वहीं RCC कास्टिंग का कार्य भी किया जा रहा है। लोगों की सुविधा के लिए तालाब के तीन तरफ पाथवे विकसित किए जाएंगे। ये काम भी होंगे दो नए घाटों का निर्माण होगा, ताकि श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग आसानी से जल ग्रहण और पूजा-पाठ कर सकें। परियोजना के तहत शौचालय और शेड का निर्माण भी किया जाएगा। साथ ही तालाब के संरक्षण और रखरखाव के लिए स्थानीय लोगों की एक समिति गठित करने की योजना है, जिससे भविष्य में इसकी स्वच्छता और देखरेख सुनिश्चित हो सके। मेयर बोले- लोगों को मिलेगा लाभ नगर निगम के महापौर संजय पांडेय ने निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कहा कि पंडरीतराई तालाब सालों से क्षेत्र की आस्था और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। इसके जीर्णोद्धार से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आसपास के नागरिकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि तालाब का विकास होने से क्षेत्र का सौंदर्य बढ़ेगा और लोगों को स्वच्छ-सुरक्षित सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होगा। यह तालाब पहले 1 एकड़ में फैला था, लेकिन अब 2 एकड़ में फैल गया है। महापौर ने बताया कि यह क्षेत्र पहले ग्रामीण परिवेश का हिस्सा रहा है और यहां लंबे समय से धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं।