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ऊर्जा क्षेत्र में MP की बड़ी उपलब्धि, नियामक आयोग के लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन : मंत्री तोमर

मध्यप्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में मिली एक और बड़ी उपलब्धि नियामक आयोग के 98 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले 99.52 प्रतिशत ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी हासिल की : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट पारेषण प्रदर्शन किया है। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 99.52 प्रतिशत ट्रांसमिशन सिस्टम अवेलेबिलिटी (पारेषण प्रणाली उपलब्धता) हासिल की है, जो मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित 98 प्रतिशत लक्ष्य से काफी अधिक है। ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि एमपी ट्रांसको ने पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्त 99.47 प्रतिशत ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी के प्रदर्शन में भी सुधार करते हुए 2.52 प्रतिशत के साथ यह उपलब्धि हासिल की है। इसी प्रकार कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2.60 प्रतिशत ट्रांसमिशन लॉस दर्ज किया, जबकि नियामक आयोग द्वारा निर्धारित लक्ष्य 2.74 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि किसी भी ट्रांसमिशन यूटिलिटी के प्रदर्शन के मूल्यांकन में ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी और ट्रांसमिशन लॉस दो सबसे महत्वपूर्ण मानक माने जाते हैं। इन दोनों प्रमुख मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश देश की अग्रणी ट्रांसमिशन यूटिलिटीज में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है। ऊर्जा मंत्री ने दी बधाई ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेश की सभी विद्युत कंपनियों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर कार्य करने वाले विद्युत कर्मियों की मेहनत, समर्पण, तकनीकी दक्षता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी प्रदेश की विद्युत कंपनियां उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रहेंगी।  

घरों में रखा सोना बनेगा देश की ताकत? PM मोदी सरकार की नई रणनीति पर चर्चा तेज

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों जनता से सालभर सोना नहीं खरीदने की अपील करके सभी को चौंका दिया था. सरकार का तर्क था कि सोने की बढ़ती खपत से देश का आयात बिल काफी बढ़ रहा है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ रहा है. इस अपील का कितना असर हुआ या होगा, ये तो नहीं पता लेकिन सरकार ने सोने की वजह से आयात बिल पर पड़ने वाले बोझ को कम करने का दूसरा प्‍लान बना लिया है. सरकार की न‍िगाह देश के घरों और मंदिरों में जमा करीब 32 हजार टन सोने पर है. उसका मानना है कि इसमें से अगर 1 फीसदी सोना भी हर साल बाजार में आ जाए तो आयात बिल को एक तिहाई से भी ज्‍यादा कम किया जा सकता है।  भारत में सोने की खरीद निवेश कम और जरूरत ज्‍यादा लगती है. त्‍योहार हो या शादी अथवा अन्‍य कोई मौका, सोने के गहने खरीदना परंपरा से जुड़ा होता है. हालांकि, हर साल सोने की यह खरीद धीरे-धीरे उनके पास ऐसे गोल्‍ड का भंडार तैयार कर देती है, जिसका लंबे समय तक कोई इस्‍तेमाल नहीं होता है. पीएम मोदी ने भी अपनी अपील में इसी तरफ इशारा किया था कि लोग विदेश से नया सोना आयात करने के बजाय, घरों में कैद सोने को ही बाजार में लाएं और रीसाइकिल कराएं।  देश में कितना है सोने का भंडार गोल्‍ड इंडस्‍ट्री से जुड़े एक्‍सपर्ट का मानना है कि भारतीय घरों में करीब 30 से 32 हजार टन सोने का भंडार है, जिसकी कीमत 3.8 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है. यह आंकड़ा कई देशों की जीडीपी से भी ज्‍यादा है. कुछ एक्‍सपर्ट का तो दावा है कि यह आंकड़ा 35,000 टन तक जा सकता है. इसमें से ज्‍यादातर सोने का भंडार बैंक लॉकर्स, अलमारियों और तिजोरियों में भरा हुआ है. अगर इसमें से छोटा सा हिस्‍सा भी इकनॉमी में वापस आ जाए तो इसका बड़ा असर पड़ेगा. सरकार की मंशा भी यही है कि इस सोने को वापस सिस्‍टम में लाया जाए।  आखिर क्‍या है गोल्‍ड रीसाइकलिंग यह बात तो समझ में आती है कि सरकार की मंशा गोल्‍ड रीसाइकलिंग करने की है, लेकिन यह काम होगा कैसे और इसका फायदा क्‍या होगा. गोल्‍ड रीसाइकलिंग का मतलब है पुराने या टूटे गहनों, सिक्‍कों, बार, उद्योगों के स्‍क्रैप और इलेक्‍ट्रॉनिक प्रोडक्‍ट में इस्‍तेमाल किए गए सोने को वापस रिफाइन करके शुद्ध सोने में बदलना. सबसे पहले इन प्रोडक्‍ट की शुद्धता मापी जाती है और फिर उसे पिघलाकर रिफाइन किया जाता है. इस प्रक्रिया से उच्‍च मानक वाला 99.9 फीसदी शुद्धता का सोना प्राप्‍त होता है. फिर इस गोल्‍ड का इस्‍तेमाल ज्‍वैलरी बनाने, सिक्‍के व अन्‍य बुलियन प्रोडक्‍ट को तैयार करने में किया जाता है।  रीसाइकिल से कितना होगा फायदा देश में आयात बिल के आंकड़े देखें तो पता चलता है कि वित्‍तवर्ष 2025-26 में सोने की डिमांड पूरी करने के लिए 72.4 अरब डॉलर (6.87 लाख करोड़ रुपये) आयात पर खर्च करने पड़े. बाजार एक्‍सपर्ट का मानना है कि अगर देश में मौजूद सोने के भंडार में से 1 फीसदी भी बाजार में वापस लाया जा सके तो आयात को 30 फीसदी से ज्‍यादा कम किया जा सकता है. इस कदम से 300 टन सोने को हर साल वापस सिस्‍टम में लाया जा सकता है, जो आयात बिल का बोझ 2.29 लाख करोड़ रुपये तक कम कर सकता है। 

मध्यप्रदेश दौरे पर पीएम मोदी, नरसिंहपुर के गाडरवारा में NTPC परियोजना को देंगे बड़ी सौगात

नरसिंहपुर   मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में 6 जून को बड़ा ऊर्जा कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi प्रस्तावित दौरे के तहत गाडरवारा पहुंचेंगे, जहां वे NTPC सुपर थर्मल पावर स्टेशन के विस्तार परियोजना का भूमिपूजन कर सकते हैं। इस दौरे को प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि परियोजना के पूरा होने के बाद मध्य प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। 1600 मेगावाट क्षमता की दो नई यूनिटें गाडरवारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन के विस्तार के तहत यहां 800-800 मेगावाट की दो नई यूनिटें स्थापित करने का प्रस्ताव है। कुल 1600 मेगावाट क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट से प्रदेश को अतिरिक्त बिजली उत्पादन में मजबूती मिलेगी। माना जा रहा है कि इससे आने वाले वर्षों में औद्योगिक और घरेलू बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम के दौरान इन दोनों नई पावर यूनिटों का भूमिपूजन करेंगे। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना मध्य प्रदेश के साथ-साथ आसपास के राज्यों की बिजली जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस बड़े विस्तार प्रोजेक्ट से केवल बिजली उत्पादन ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे। निर्माण कार्य से लेकर तकनीकी और सहायक सेवाओं तक बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलने की संभावना जताई जा रही है। गाडरवारा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी इससे गति मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने तेज की तैयारियां प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा ने कार्यक्रम स्थल, हेलिपैड और पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण किया। सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। वीआईपी मूवमेंट, आम लोगों की सुविधा और कार्यक्रम संचालन को लेकर अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए गाडरवारा में तैयारियों का दौर लगातार जारी है। ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश गाडरवारा NTPC परियोजना का विस्तार मध्य प्रदेश में ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए यह परियोजना आने वाले समय में अहम भूमिका निभा सकती है। इसके साथ ही यह निवेश औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने वाला माना जा रहा है।  

DA एरियर पर खुशखबरी! केंद्रीय कर्मचारियों के खाते में आ सकता है 4 महीने का बकाया

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई 2026 छमाही के महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) का इंतजार है। बीते छमाही में कर्मचारियों के DA में 2 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई थी और यह 60 फीसदी हो गया। अब ऐसा अनुमान है कि सरकार डीए में 3 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकती है। अगर ऐसा हुआ तो केंद्रीय कर्मचारियों का डीए बढ़कर 63 फीसदी हो जाएगा। डीए की बढ़ोतरी जुलाई से लागू होगी लेकिन इसका सितंबर या अक्टूबर में ऐलान होने की उम्मीद है। अगर सितंबर में ऐलान होता है तो तीन महीने- जुलाई, अगस्त और सितंबर का एरियर मिलेगा। वहीं, अक्टूबर में ऐलान होता है तो चार महीने- जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर का एरियर मिलेगा। आइए डिटेल जान लेते हैं। क्यों 3 पर्सेंट का है अनुमान? लेबर ब्यूरो की ओर से जारी ताजा महंगाई के आंकड़ों के बाद संकेत मिल रहे हैं कि सरकार DA में करीब 3 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकती है। अप्रैल 2026 के लिए जारी ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (CPI-IW) बढ़कर 149.9 पर पहुंच गया है। इसी के आधार पर DA की गणना होती है। शुरुआती चार महीनों के आंकड़ों के बाद अनुमान है कि जून तक यह गणना 63 फीसदी के ऊपर बनी रह सकती है। आमतौर पर DA को पूरे अंक में लागू किया जाता है, इसलिए जुलाई से 63 फीसदी महंगाई भत्ता मिलने की संभावना जताई जा रही है। कितनी होगी बढ़ोतरी? अगर 3 फीसदी बढ़ोतरी होती है तो न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 पाने वाले कर्मचारी का DA हर महीने ₹540 बढ़ जाएगा। ऐसे में सितंबर के महीने में एरियर 1500 रुपये से ज्यादा और अक्टूबर के महीने में 2000 रुपये से ज्यादा मिलेगा। आठवें वेतन आयोग के दौर में ऐलान यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर हो रही है जब 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज है। कर्मचारी संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से पहले कम से कम 50 फीसदी DA को बेसिक पे में मर्ज किया जाए। बता दें कि सरकार ने पिछले साल आठवें वेतन आयोग का गठन किया था। यह वेतन आयोग सिफारिशें अगले साल की पहली छमाही तक सरकार को सौंप सकता है। हालांकि, सिफारिशें बैकडेट में जाकर एक जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद की जा रही हैं। अगर ऐसा होता है तो केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार एरियर के तौर पर मोटी रकम दे सकती है। यह एरियर 18 से 20 महीने तक का हो सकता है।

मानसून की दस्तक तय, 4 जून से केरल में शुरू होगी बारिश की जोरदार शुरुआत

 तिरुवनंतपुरम मॉनसून के आगमन को लेकर बड़ी खबर आ रही है। इसके मुताबिक केरल में मॉनसून 4 जून को दस्तक देगा। इस दिन भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है। आम तौर पर मॉनसून एक जून से शुरू होता है। मौसम विभाग ने कहाकि अगले दो- तीन दिन में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ और हिस्सों, लक्षद्वीप, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं। केरल में सात दिन का अलर्ट केरल में मॉनसून के आगमन पर, भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिक, नीता के गोपाल ने कहाकि मॉनसून शुरू होने की परिस्थितियां तैयार हो रही हैं। इसलिए हम इसके लिए 4 जून की तारीख घोषित करते हैं। 4 जून की शाम से हम अच्छी बारिश देखेंगे। उन्होंने कहाकि चूंकि भारी बारिश होने की संभावना है, इसलिए पूरे केरल में सात दिन तक ‘ऑरेंज’ या ‘येलो’ अलर्ट रहेगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहाकि अगर भारी बारिश जारी रहती है तो हमें सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों के लिए प्रतिबंधों के साथ ऑरेंज अलर्ट रहेगा। अनुकूल हैं हालात मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हालात हैं। इस तरह दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप द्वीपसमूह, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य औरपूर्व हिस्सों और बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व के शेष हिस्सों में 4 जून के आसपास यह आगे बढ़ सकता है। आईएमडी ने पहले बताई थी यह तारीख गौरतलब है कि आईएमडी ने इससे पहले केरल में मॉनसून के आगमन की तारीख 26 मई बताई थी। हालांकि, मॉनसून के आगे बढ़ने की प्रक्रिया में देरी हुई और विभाग ने 29 मई को कहा था कि इसका आगमन अगले सप्ताह हो सकता है। पिछले हफ्ते जारी अपने संशोधित पूर्वानुमान में आईएमडी ने कहाकि इस मौसम में बारिश सामान्य से कम रहेगी। आईएमडी ने यह भी कहा कि इस वर्ष भारत में दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का 90 फीसदी बारिश होने की संभावना है। क्या है एलपीए एलपीए से आशय किसी क्षेत्र में एक निश्चित अवधि, जैसे एक माह या पूरे मौसम के दौरान हुई वर्षा के उस औसत से है, जिसकी गणना आमतौर पर 30 से 50 वर्षों के दीर्घकालिक आंकड़ों के आधार पर की जाती है। वर्ष 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर पूरे भारत में मौसमी वर्षा का एलपीए 87 सेंटीमीटर निर्धारित किया गया है। यदि किसी वर्ष मॉनसून के दौरान होने वाली वर्षा एलपीए के 90 फीसदी से कम रहती है, तो आईएमडी उसे कम वर्षा वाला मॉनसून घोषित करता है। आईएमडी के अनुसार, इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की एक प्रमुख वजह अल नीनो परिस्थितियों का विकसित होना हो सकता है। अल नीनो की स्थिति आमतौर पर भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान वर्षा को प्रभावित करती है और बारिश कम होने की आशंका बढ़ जाती है।

‘ऑपरेशन चेकमेट’ की बड़ी कार्रवाई, 28 पंजाबी गिरफ्तार; हजारों ट्रक ड्राइवरों के भविष्य पर संकट

चंडीगढ़  अमेरिकी लंबी दूरी के ट्रकिंग उद्योग का अहम हिस्सा माने जाने वाले हजारों पंजाबी ट्रक ड्राइवरों के सामने अनिश्चितता का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस की जांच के दौरान अवैध या बिना वैध दस्तावेजों के पाए गए 17,000 ट्रक ड्राइवरों को अमेरिका ने डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा, ईरान में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक ईंधन बाजार भी प्रभावित हुआ है, जिससे रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। सोमवार को 'ऑपरेशन चेकमेट' के तहत गिरफ्तार किए गए 52 लोगों में 28 पंजाबी शामिल हैं। पकड़े गए लोगों में 36 कमर्शियल ट्रक ड्राइवर हैं। यह अभियान इमिग्रेशन कानूनों को सख्ती से लागू करके सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और कमर्शियल वाहन चलाने वाले अवैध लोगों की पहचान के लिए चलाया गया है। कैलिफोर्निया में कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर हुए बड़े संघीय और राज्य ऑडिट में पहचाने गए 17,000 अवैध अप्रवासी ट्रक ड्राइवरों में पंजाबियों, विशेषकर सिख समुदाय, की एक बड़ी संख्या शामिल है। 'ऑपरेशन चेकमेट' और प्रशासन की सख्ती एरिजोना के युमा सेक्टर में अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन चेकमेट' के बारे में जानकारी देते हुए कार्यवाहक चीफ पेट्रोल एजेंट डस्टिन डब्ल्यू. कॉडल ने कहा, "यह अभियान अवैध रूप से रह रहे उन ड्राइवरों से सड़कों और समुदायों को सुरक्षित रखने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करते हैं।" ट्रंप प्रशासन की सख्ती के बाद, कैलिफोर्निया के अधिकारियों ने उन प्रवासियों के हजारों कमर्शियल लाइसेंस रद्द करने शुरू कर दिए हैं, जिनकी कानूनी स्थिति समाप्त हो चुकी है। इसका सबसे ज्यादा असर कैलिफोर्निया, टेक्सास और अन्य प्रमुख ट्रकिंग हब में बसे पंजाबी समुदाय पर पड़ा है। सिख ड्राइवरों में दहशत और आर्थिक चिंताएं दिसंबर 2025 में द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दो प्रमुख दुर्घटनाओं और ट्रंप प्रशासन की सख्ती ने समुदाय में भारी चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्ट में बताया गया कि लंबी दूरी की ट्रकिंग सिख प्रवासियों के लिए हमेशा से एक बड़ा सहारा रही है, लेकिन हालिया नीतियों ने हालात पूरी तरह बदल दिए हैं। उत्तरी अमेरिका में पंजाबी ट्रकिंग संघों के एक प्रतिनिधि ने कहा कि जिन ड्राइवरों ने सालों से इस उद्योग में अपना योगदान दिया है, वे अब दहशत में हैं। लॉस एंजिल्स टाइम्स में उत्पीड़न की आशंकाओं के बीच पंजाबी ट्रक ड्राइवर सुमित सिंह के हवाले से कहा गया, "महज एक व्यक्ति की गलती के कारण पूरे समुदाय को सजा नहीं मिलनी चाहिए।" जनवरी 2026 में बेकर्सफील्ड में सिख ट्रक ड्राइवरों से मुलाकात के बाद अमेरिकी सीनेटर एडम शिफ ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा था, "मैं परिवारों की आय और नौकरियों के नुकसान को लेकर बेहद चिंतित हूं। भले ही लोग यहां कानूनी रूप से रह रहे हों और उनके पास वर्क परमिट हो, लेकिन उन्हें हिरासत में लिए जाने या डिपोर्ट किए जाने का खतरा बना हुआ है।" सिख कोलिशन के कार्यकारी निदेशक हरमन सिंह के अनुसार, अमेरिकी ट्रकिंग कार्यबल में पंजाबी सिखों की बड़ी हिस्सेदारी है और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ड्राइवरों की कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई है। एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में लगभग 1,50,000 सिख ट्रक ड्राइवर हैं, जो मुख्य रूप से पश्चिमी तट पर केंद्रित हैं। युद्ध और महंगाई की दोहरी मार इमिग्रेशन की सख्ती के साथ-साथ ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। अमेरिका में डीजल महंगा होने से स्वतंत्र रूप से काम कर रहे ट्रक ड्राइवरों के मुनाफे में भारी कमी आई है। इसके अलावा, जो पंजाबी ड्राइवर अमेरिका के साथ-साथ खाड़ी या मध्य पूर्व के मार्गों पर भी ट्रक चलाते थे, उनके लिए युद्ध की वजह से वे रास्ते भी बंद हो गए हैं। इस वजह से पंजाब में बैठे उनके परिवारों पर आर्थिक दबाव और अधिक बढ़ गया है।

25 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध, प्रशासन की कड़ी निगरानी में वितरण व्यवस्था

रायपुर मुंगेली जिले में खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत के साथ ही जिले के किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहे हैं। कलेक्टर  कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में रासायनिक उर्वरकों के भंडारण, वितरण और निगरानी की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिले में वर्तमान में सहकारी, निजी एवं डबल लॉक केंद्रों सहित कुल 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध है। सहकारी क्षेत्र में अब तक 14 हजार 217 मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है, जिसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी एवं म्यूरेट ऑफ पोटॉश शामिल हैं। वहीं निजी क्षेत्र में 10 हजार 727 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त डबल लॉक केंद्रों में 04 हजार 208 मीट्रिक टन तथा निजी थोक विक्रेताओं के पास 01 हजार 213 मीट्रिक टन उर्वरक सुरक्षित रूप से उपलब्ध है।            किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 05 हजार 668 मीट्रिक टन तथा निजी विक्रेताओं के माध्यम से 06 हजार 829 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। इसके साथ ही जिले की 66 सहकारी समितियों में 12 हजार 412 क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से धान एवं अरहर के बीज शामिल हैं। निजी क्षेत्र के 200 से अधिक केंद्रों में भी लगभग 01 हजार 50 क्विंटल बीज उपलब्ध है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि जिले में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा लगातार नई खेप भी पहुंच रही है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक प्रचार पर ध्यान न दें और आवश्यकता अनुसार ही खाद का क्रय करें। प्रशासन किसानों को निर्बाध रूप से खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ।

दैनिक राशिफल 03 जून: जानें किस राशि को मिलेगा लाभ और किन्हें रहना होगा सतर्क

मेष राशि- 3 जून का दिन मेष राशि वालों के लिए नई शुरुआत का संकेत लेकर आ सकता है। आज कुछ काम आपके मन मुताबिक पूरे हो सकते हैं। नौकरी में व्यस्तता रहेगी। व्यापार में सामान्य लाभ के योग हैं। प्रेम संबंधों में बातचीत बढ़ेगी। खर्च पर थोड़ा नियंत्रण रखें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन आराम की कमी महसूस हो सकती है। वृषभ राशि– 3 जून का दिन वृषभ राशि वालों के लिए संतुलित रहने वाला है। कामकाज धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। ऑफिस में किसी जरूरी काम को पूरा करने की जिम्मेदारी मिल सकती है। पैसों को लेकर राहत मिलेगी। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। खानपान का ध्यान रखें। मिथुन राशि- 3 जून का दिन मिथुन राशि वालों के लिए भागदौड़ भरा रह सकता है। कई काम एक साथ सामने आ सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। व्यापार में पुराने संपर्क फायदा पहुंचा सकते हैं। रिश्तों में जल्दबाजी से बचें। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन थकान हो सकती है। कर्क राशि- 3 जून का दिन कर्क राशि वालों के लिए राहत भरा रह सकता है। किसी पुराने तनाव में कमी आएगी। नौकरी और कारोबार दोनों में स्थिति सामान्य रहेगी। धन से जुड़ा कोई रुका काम आगे बढ़ सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन में साथी का साथ मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है। सिंह राशि- 3 जून का दिन सिंह राशि वालों के लिए अच्छा रहने की उम्मीद है। आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। ऑफिस में आपके काम की तारीफ हो सकती है। कारोबार में सामान्य लाभ होगा। प्रेम संबंधों में पुरानी गलतफहमियां दूर हो सकती हैं। परिवार में माहौल अच्छा रहेगा। सेहत भी साथ देगी। कन्या राशि- 3 जून का दिन कन्या राशि वालों के लिए व्यस्त रहने वाला है। काम ज्यादा और समय कम महसूस हो सकता है। किसी जरूरी काम को लेकर भागदौड़ करनी पड़ सकती है। पैसों के मामले में दिन ठीक रहेगा। रिश्तों में धैर्य बनाए रखें। खानपान में लापरवाही न करें। तुला राशि- 3 जून का दिन तुला राशि वालों के लिए सामान्य रहेगा। कामकाज अपनी रफ्तार से चलता रहेगा। किसी पुराने दोस्त से बातचीत हो सकती है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। प्रेम जीवन में खुशियां बनी रहेंगी। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। सेहत सामान्य रहेगी। वृश्चिक राशि- 3 जून का दिन वृश्चिक राशि वालों के लिए संभलकर चलने वाला है। जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें। नौकरी और व्यापार में धैर्य से काम लें। पैसों के मामले में दिन ठीक रहेगा। रिश्तों में बातचीत बनाए रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। धनु राशि- 3 जून का दिन धनु राशि वालों के लिए अच्छा रहने वाला है। लंबे समय से रुका कोई काम पूरा हो सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। घर का माहौल भी अच्छा रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मकर राशि– 3 जून का दिन मकर राशि वालों के लिए मेहनत वाला रहेगा। काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन परिणाम भी अच्छे मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में संतुलन बना रहेगा। परिवार के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। प्रेम जीवन में साथी का सहयोग मिलेगा। सेहत का ध्यान रखें। कुंभ राशि- 3 जून का दिन कुंभ राशि वालों के लिए सकारात्मक रह सकता है। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। नौकरी और व्यापार दोनों में स्थिति बेहतर रहेगी। धन लाभ के छोटे अवसर मिल सकते हैं। रिश्तों में विश्वास बढ़ेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। मीन राशि- 3 जून का दिन मीन राशि वालों के लिए मिला-जुला रह सकता है। कुछ काम आसानी से पूरे होंगे तो कुछ में इंतजार करना पड़ सकता है। नौकरी में ध्यान लगाकर काम करें। पैसों को लेकर समझदारी दिखाने की जरूरत है। परिवार का साथ मिलेगा। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। सेहत का ध्यान रखें।

महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई उड़ान, ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा होगी सुदृढ़’

रायपुर  सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम चेरपाल में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विकासखंड कुआकोंडा एवं कटेकल्याण के 8 संकुल स्तरीय संगठनों को आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना (AGEY) के तहत टाटा मैजिक सवारी वाहनों की चाबी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर अधिकारियों ने जानकारी दी कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ दूरस्थ अंचलों में परिवहन सुविधाओं को मजबूत बनाना है। योजना के तहत प्रदाय किए गए प्रत्येक टाटा मैजिक वाहन के लिए लगभग 5 लाख रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई है। इन वाहनों के संचालन से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को नियमित आय का स्रोत प्राप्त होगा तथा ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। 41 हजार से अधिक परिवारों की आजीविका सशक्त करने में जुटा बिहान मिशन कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में जिले के 41 हजार 110 परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर स्वरोजगार एवं आयवर्धन गतिविधियों से जोड़ा गया है। समूह की महिलाएं कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, लघु उद्यम, वनोपज प्रसंस्करण तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। गांव और शहर के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी, महिलाओं को मिलेगा स्थायी आय का स्रोत मुख्यमंत्री द्वारा प्रदाय किए गए इन वाहनों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुलभ, सुरक्षित एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इससे दूरस्थ गांवों का बाजारों, स्वास्थ्य संस्थानों, शैक्षणिक केंद्रों तथा जिला मुख्यालय से बेहतर संपर्क स्थापित होगा। साथ ही महिलाओं को वाहन संचालन एवं प्रबंधन के माध्यम से नियमित आय प्राप्त होगी, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बनकर उभर रही हैं। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना से उन्हें न केवल रोजगार का अवसर मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनसेवा का एक नया माध्यम भी प्राप्त होगा। यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

जिले में 24 हजार टन से अधिक उर्वरक का भंडारण, सहकारी समितियों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर वितरण

रायपुर जिला रायगढ़ में मानसून की दस्तक से पहले जिले के किसान आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं। खेतों की जुताई, बुआई की तैयारी और कृषि आदानों की व्यवस्था के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गई हैं। किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं पात्र किसानों को नगद ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया भी निरंतर जारी है। कलेक्टर द्वारा इसकी लगातार समीक्षा भी की जा रही है।  उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में खाद की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है तथा किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए जिले में उर्वरकों के भंडारण और वितरण की व्यवस्था सुनियोजित ढंग से संचालित की जा रही है। खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर से लेकर विकासखंड स्तर तक लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिले में अब तक विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का 24 हजार 138 टन से अधिक भंडारण किया जा चुका है। इनमें सहकारी संस्थाओं में 15 हजार 789 टन तथा निजी क्षेत्र में 8 हजार 348 टन उर्वरक उपलब्ध है। कृषि विभाग के अनुसार सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उर्वरकों की पहुंच और वितरण व्यवस्था मजबूत बनी हुई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक लगभग 48 प्रतिशत तथा गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 52 प्रतिशत खाद का भंडारण किया जा चुका है। वहीं इस वर्ष उपलब्ध कराए गए भंडारण के विरुद्ध लगभग 46 प्रतिशत उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप खाद की आपूर्ति एवं भंडारण की प्रक्रिया चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से संचालित की जा रही है। कृषि विभाग द्वारा जिले में गठित निगरानी दलों, उर्वरक निरीक्षकों तथा मैदानी अमले के माध्यम से सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। किसानों को उनके कृषि रकबे एवं आवश्यकता के अनुरूप नियमानुसार उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित कराया जा रहा है। साथ ही उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। विभाग द्वारा किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा हरी खाद उत्पादन को बढ़ावा देने तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में दीवार लेखन, प्रचार-प्रसार एवं कृषि विस्तार गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कृषि विभाग ने बताया कि आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। मानसून के दौरान उर्वरकों की मांग बढ़ने की स्थिति में भी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। विभाग का लक्ष्य किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराकर खरीफ फसलों की बेहतर उत्पादन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।