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सरकार का खजाना भर गया, GST से आया ₹1.86 लाख करोड़ — अब तक का तगड़ा उछाल

नई दिल्ली सरकार ने सोमवार को जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े शेयर किए, जो राहत भरे हैं. सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें, तो अगस्त महीने में कलेक्शन 1.86 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो बीते साल की समान अवधि की तुलना में 6.5 फीसदी ज्यादा है. बता दें कि अगस्त 2024 में 1.75 लाख करोड़ रुपये रहा था. वहीं बात इससे पिछले महीने की करें, तो जुलाई 2025 में जीएसटी संग्रह से सरकार के खजाने में 1.96 लाख करोड़ रुपये आए थे.  रेवेन्यू में जोरदार उछाल का असर सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू राजस्व में उछाल की वजह से अगस्त में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 1.86 लाख करोड़ रुपये से अधिक पर पहुंच गया. बीते महीने ये रेवेन्यू 9.6 फीसदी बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयात कर 1.2 फीसदी की गिरावट के साथ 49,354 करोड़ रुपये रह गया. जीएसटी रिफंड पर नजर डालें, तो साल-दर-साल 20 फीसदी घटकर 19,359 करोड़ रुपये रह गया. अप्रैल 2025 में रिकॉर्ड कलेक्शन जीएसटी कलेक्शन के अब तक के सबसे बड़े आंकड़े पर नजर डालें, तो ये इस साल अप्रैल महीने में रहा था, जब सरकार के जीएसटी संग्रह से 2.37 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई थी. ये जीएसटी के लागू होने के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा कलेक्शन था.  गौर करने वाली बात है कि जोरदार जीएसटी कलेक्शन का ये आंकड़ा ऐसे समय में आया है, जबकि दो दिन बाद जीएसटी काउंसिल की बैठक होने वाली है. इसमें जीएसटी रिफॉर्म के तहत टैक्स स्लैब की संख्या को कम करने, जीएसटी रेट्स को युक्तिसंगत बनाने पर चर्चा होने वाली है.  देश में जीएसटी में बदलाव की तैयारी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म को लेकर ऐलान किया था. उन्होंने अपने संबोधन में कहा था कि सरकार अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लेकर आ रही है और इससे आम आदमी पर टैक्स का बोझ कम होगा. उन्होंने इसके दिवाली से पहले लागू होने की उम्मीद जताई थी. नई जीएसटी व्यवस्था में कर प्रणाली को सरल बनाने के लिए सिर्फ दो दरें, 5% और 18%, लागू करने का प्रस्ताव है. जीओएम की मंजूरी, 3-4 सितंबर को बैठक  बीते 20 और 21 अगस्त को ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) की नई दिल्ली में हुई बैठक में दो टैक्स स्लैब के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए 12% और 28% जीएसटी स्लैब को खत्म करने पर सहमति जताई गई. इसमें शामिल सदस्यों ने 5% और 18% जीएसटी स्लैब के प्रस्ताव को मंजूर किया. हालांकि, सरकार को इस जीएसटी रिफॉर्म ससे करीब 40,000 करोड़ रुपये के राजस्व के नुकसान की आशंका है. अब जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक 3 और 4 सितंबर को होने वाली है, जिसमें इस मुद्दे पर अंतिम मुहर लगेगी. 

घग्गर नदी उफान पर, पंजाब में बाढ़ से हालात बिगड़े; शाह ने लिया अपडेट

पंजाब  पंजाब में बाढ़ से हालत चिंताजनक बने हुए हैं। राज्य में सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात की तथा राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। वहीं, पंजाब में भंखरपुर इलाके के पास घग्गर नदी का जलस्तर सोमवार को बढ़ गया, जिसके मद्देनज़र ज़िला प्रशासन ने कई गांवों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने बताया कि राजपुरा उप-मंडल की घनौर और सनौर विधानसभा क्षेत्रों में नदी के किनारे बसे गांवों के निवासियों को सतर्क रहने और नदी के पास न जाने की सलाह दी गई है। राजपुरा के उप-मंडल मजिस्ट्रेट अविकेश गुप्ता ने ऊंटसर, नन्हेड़ी, संजारपुर, लछरु, कमलपुर, रामपुर, सौंता, मारू और चमरू गांवों के लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह, भस्मरा, जलालखेड़ी, राजूखेड़ी, हडाना, पूर, धरमेरी, उल्टपुर और सिरकपरा गांवों के निवासियों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। लगातार बारिश को देखते हुए पटियाला की उपायुक्त डॉ. प्रीति यादव ने कहा कि स्थानीय नाले, तालाब, घग्गर, गंगरी, मार्कंडा तथा अन्य नदियां उफान पर हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अस्थायी सड़कों, विशेषकर जल स्रोतों के पास स्थित रास्तों का उपयोग न करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। उन्होंने आम जनता से यह भी अनुरोध किया कि लोग पुलों या उफनती जलधाराओं के पास तस्वीरें लेने या घूमने के लिए एकत्र न हों और पशुओं को भी नदी किनारे न ले जाएं। यादव ने बताया कि आगामी तीन दिन के लिए अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान ज़िला प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है और समय-समय पर चेतावनियां जारी की जा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी टीमें ज़िले भर में नदी तटों और संवेदनशील गांवों में तैनात हैं। घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्कता बरतना आवश्यक है।'' अमित शाह ने पंजाब के राज्यपाल, मुख्यमंत्री से की बात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात की तथा राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। टेलीफोन पर बातचीत के दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को मौजूदा स्थिति तथा प्रभावित लोगों के बचाव एवं राहत के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि शाह ने बाढ़ से निपटने के लिए दोनों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। लगातार बारिश के कारण पंजाब के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य सरकार ने रविवार को स्कूलों को बंद रखने की अवधि तीन सितंबर तक बढ़ा दी।   अधिकारियों के अनुसार, पंजाब में अगस्त में 253.7 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 74 प्रतिशत अधिक है और राज्य में 25 वर्षों में सबसे अधिक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में मान ने कहा कि पंजाब इस समय दशकों में आई सबसे भीषण बाढ़ आपदा से जूझ रहा है, जिससे लगभग 1,000 गांव और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।

बीमार कैदियों की रिहाई पर बड़ा फैसला, योगी सरकार बनाएगी नियम आसान

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीर बीमारियों से ग्रसित बंदियों की समयपूर्व रिहाई से संबंधित नियमों को अधिक सरल, स्पष्ट तथा मानवीय दृष्टिकोण से परिभाषित किए जाने की आवश्यकता जताई। सोमवार को कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन करते हुए प्रदेश की नीति को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पात्र बंदियों की रिहाई स्वतः विचाराधीन होनी चाहिए और इसके लिए उन्हें अलग से आवेदन न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्राणघातक रोग से पीड़ित होने की आशंका वाले सिद्धदोष बंदी, जिसे मुक्त करने पर उसके स्वस्थ होने की उपयुक्त संभावना है तथा वृद्धावस्था, अशक्तता या बीमारी के कारण भविष्य में ऐसा अपराध करने में स्थायी रूप से असमर्थ बंदी, जिसके लिए वह दोषी ठहराया गया हो, के साथ-साथ घातक बीमारी या किसी प्रकार की अशक्तता से पीड़ित सिद्धदोष बंदी जिसकी मृत्यु निकट भविष्य में होने की संभावना हो, के संबंध में प्रदेश के सभी कारागारों में सर्वेक्षण कर वास्तविक संख्या का आकलन किया जाए। इनमें महिलाओं, बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर रिहा करने की व्यवस्था हो।   मुख्यमंत्री ने कैदियों को कृषि, गोसेवा आदि कार्यों से जोड़कर उनकी जेल अवधि के सदुपयोग करने के लिए व्यवस्था बनाने की भी आवश्यकता बताई। सीएम योगी ने कहा कि जेल मैनुअल में यह भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाना आवश्यक है कि किन बीमारियों को असाध्य रोग की श्रेणी में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए समयपूर्व रिहाई उन्हीं मामलों में की जानी चाहिए, जहां से सामाजिक जोखिम न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हत्या, आतंकवाद, देशद्रोह, महिला और बच्चों के विरुद्ध जघन्य अपराध जैसे मामलों में रिहाई कतई नहीं की जानी चाहिए। नियमों में बदलाव पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष तीन बार जनवरी, मई और सितंबर में पात्र बंदियों के मामलों की स्वतः समीक्षा की व्यवस्था हो। यदि किसी बंदी को रिहाई न दी जाए तो उसके कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएं और उसे यह अधिकार मिले कि वह उस निर्णय को चुनौती दे सके। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सुझाई गई प्रणाली को उत्तर प्रदेश में अपनाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि बंदियों को न्यायिक अधिकारों का लाभ सुचारू रूप से मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, त्वरित और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित होनी चाहिए तथा जल्द ही नई नीति का प्रारूप तैयार कर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाए।

गांधी मैदान गूंजा विपक्षी नेताओं के संबोधन से, पुलिस ने रोकी वोट अधिकार यात्रा

पटना पटना में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोट अधिकार यात्रा का अंतिम चरण शुरू हो गया है। यह पदयात्रा बिहार के 23 जिलों से गुजरते हुए सासाराम से 17 अगस्त को शुरू हुई थी। करीब 16 दिनों और 1300 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करने के बाद यह यात्रा अब पटना के गांधी मैदान पर बड़ी रैली के साथ खत्म होगी। इस यात्रा का मकसद मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने यात्रा रोकी पटना पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर राहुल-तेजस्वी समेत इंडिया ब्लॉक के पदयात्रा को रोक दिया। भारी पुलिस बल के साथ पुलिस ने इलाके को पूरी तरह से घेर लिया है। जब पदयात्रा को डाकबंगला चौराहे पर रोका गया तो विपक्षी नेता वहीं रुककर जनता को संबोधित करने लगे। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिले। इंडिया ब्लॉक के बड़े नेता हुए शामिल इस पदयात्रा में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, एनसीपी-एसपी की सुप्रिया सुले, सीपीआई के डी. राजा और सीपीआई-एमएल के दीपंकर भट्टाचार्य जैसे कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। ये सभी नेता पटना एयरपोर्ट पर कांग्रेस और गठबंधन के कार्यकर्ताओं द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किए गए। इसके बाद सभी गांधी मैदान के लिए रवाना हुए जहां यात्रा का समापन समारोह शुरू हुआ। यात्रा का मकसद और अहमियत क्या है? यह यात्रा मतदाता सूची में कथित हेराफेरी के खिलाफ जनसामान्य में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निकाली गई है। इस पदयात्रा के दौरान भारत के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरते हुए लोगों को अपने वोट के अधिकार और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के बारे में जागरूक किया गया। बिहार जैसे बड़े राज्य में यह कदम खास महत्व रखता है, जहां राजनीतिक जागरूकता को बढ़ाना बेहद जरूरी माना जा रहा है। पटना में विपक्षी नेताओं का जनसंपर्क डाकबंगला चौराहे पर यात्रा रोक दिए जाने के बाद राहुल और तेजस्वी ने वहीं से जनता को संबोधित किया। इस मौके पर विपक्षी नेताओं ने मतदाताओं को वोट अधिकार यात्रा के मकसद से अवगत कराया और चुनावी भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। गांधी मैदान में भी भारी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग जमा हुए, जिससे इस रैली का रंग और जोश दोनों बढ़ गए। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, प्रशासन सतर्क पटना पुलिस ने यात्रा को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की। डाकबंगला चौराहे और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हर संभव सावधानी बरती। इस कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में मतभेद भी देखे गए हैं।

सीपी राधाकृष्णन पर सुदर्शन रेड्डी का वार, बोले- विपक्षी कैंडिडेट तो बोलते ही नहीं

नई दिल्ली  विपक्षी INDIA गठबंधन के उपराष्ट्रपति कैंडिडेट सुदर्शन रेड्डी ने सत्ता पक्ष के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन पर तंज कसा है। उन्होंने सोमवार को कहा कि मेरे प्रतिद्वंद्वी तो बोलते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि दोनों कैंडिडेट बोलें तो एक डिबेट हो सकती है। इस तरह हैदराबाद पहुंचे रेड्डी ने राधाकृष्णन को अपने साथ डिबेट करने का चैलेंज दे दिया। रेड्डी ने कहा कि मैं भले ही विपक्षी दलों का कैंडिडेट हूं, लेकिन मुझे INDIA ब्लॉक के बाहर के दलों जैसे आम आदमी पार्टी का भी समर्थन हासिल है। रेड्डी ने कहा कि मेरी लड़ाई संविधान को बचाने के लिए है और मैं शुरुआती दिनों से ही इसके लिए संघर्ष करता रहा हूं। यही दलील देते हुए सुदर्शन रेड्डी ने सभी दलों के सांसदों पत्र लिखा है और उपराष्ट्रपति चुनाव में खुद को समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई भारत के बीते कुछ सालों के इतिहास में सबसे साफ-सुथरी और शानदार चुनावी लड़ाई होगी। रेड्डी ने पहले ही कहा था कि वह सभी दलों के सांसदों को चिट्ठी लिखेंगे और मांग करेंगे उन्हें ही वोट दें। रेड्डी ने मुंबई में एक आयोजन में कहा था कि यदि मुझे आप लोगों ने जिताया तो यह संविधान को बचाने के लिए दिया गया वोट होगा। यदि मुझे उपराष्ट्रपति के तौर पर काम करने का मौका मिला तो मैं संविधान की रक्षा करूंगा। रेड्डी ने कहा कि उनका संविधान के साथ सफर 1971 में शुरू हुआ था, जब वे आंध्र प्रदेश बार काउंसिल के मेंबर बने और वकालत की शुरुआत की थी। इसके बाद वे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश बने। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैं किसी भी राजनीतिक पार्टी का सदस्य नहीं हूं। मैं कभी किसी राजनीतिक पार्टी या संगठन का सदस्य नहीं रहा हूं और भविष्य में भी बनने का इरादा नहीं है। इसी वजह से मैं ही एकमात्र उम्मीदवार हूं जो सभी राजनीतिक दलों के सांसदों से अपने योग्यता के आधार पर समर्थन की अपील कर सकता हूं। विपक्षी उम्मीदवार ने कहा कि वे संसद के दोनों सदनों के प्रत्येक सदस्य को व्यक्तिगत पत्र लिखेंगे और उनकी अंतरात्मा को संबोधित करते हुए अपने पक्ष में मतदान करने की अपील करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मौका मिला तो वे भाजपा नेतृत्व से मिलने को तैयार हैं। यह उपराष्ट्रपति चुनाव हाल ही में जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे की वजह से हो रहा है। विपक्ष ने इसे वैचारिक लड़ाई बताया है, लेकिन आंकड़े सत्तारूढ़ भाजपा और उसकी लीडरशिप वाले NDA गठबंधन के पक्ष में हैं, जिसने महाराष्ट्र राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को 9 सितंबर को होने वाले चुनाव हेतु अपना उम्मीदवार बनाया है।  

हाथियों का आतंक जारी, महिला को कुचलकर उतारा मौत के घाट, ग्रामीणों में दहशत

गिरिडीह झारखंड के गिरिडीह में हाथियों का तांडव देखने को मिला जहां एक महिला को कुचल कर मार डाला। घटना के बाद से इलाके में खौफ का माहौल बना हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, घटना जिले के सरिया थाना क्षेत्र के घुठिया पेसरा गांव की है। मृतक महिला की पहचान 28 वर्षीय किरण देवी के रूप में हुई है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि बीच रास्ते अचानक एक हाथी ने किरण देवी पर हमला कर दिया और कुचल कर मार डाला। जिससे किरण देवी की मौके पर ही जान चली गई। वहीं इस दर्दनाक घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

बैंक डकैती का मास्टरमाइंड पकड़ा गया! जबलपुर इसाफ बैंक लूट की गुत्थी सुलझी

जबलपुर  खितौला थानान्तर्गत हुई बैंक डकैती के मास्टरमाइंड को पुलिस ने साथी के साथ बिहार से गिरफ्तार किया है। मास्टरमाइंड बैंक डकैती के आरोप में दो माह पूर्व ही रायगढ़ जेल से छूटा था। उसने देश के विभिन्न जिलों में एक दर्जन से अधिक बैंक डकैती की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने मास्टरमाइंड के पास से तीन किलो सोना बरामद किया है। बैंक डकैती में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गया का रहने वाला है आकाश दास जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि खितौला स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक डकैती के मास्टरमाइंड राजेश दास उर्फ आकाश दास को गया, बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से तीन किलो सोना बरामद किया। बाकी का सोना अन्य सदस्यों को बांटना बताया है। यह जगहों पर की है बैंक डकैती वह बैंक डकैती का शातिर मास्टरमाइंड है। उसने साल 2011 से 2025 तक सासाराम, जमुई, पुरुलिया और रायगढ़ सहित अन्य स्थानों पर एक दर्जन से अधिक बैंक डकैती को वारदात को अंजाम दिया है। वह विगत 18 जून को जमानत पर रायगढ़ जेल से रिहा हुआ था। इसके दो माह बाद ही अपने साथियों के साथ खितौला बैंक डकैती को अंजाम दिया। 3 राज्यों की पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा  मामले में जबलपुर पुलिस आरोपी रईस लोधी को पहले ही पकड़ चुकी है। इसी की निशानदेही पर राजेश दास की तलाश की जा रही थी। इसके लिए बिहार-झारखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस को अलर्ट किया गया था। बिहार पुलिस को दो दिन पहले पता चला कि आरोपी गया में है। उसकी निगरानी करते हुए जबलपुर पुलिस को सूचना दी गई। वहां पहुंचने के बाद जबलपुर, झारखंड और बिहार पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। जबलपुर पुलिस दोनों आरोपियों को गया से लेकर सोमवार सुबह 11 बजे जबलपुर पहुंची। इन आरोपियों से अब बाकी के 11 किलो 800 ग्राम गोल्ड और 5 लाख रुपए कैश के बारे में पूछताछ की जा रही है। बिहार पुलिस की मदद से गिरफ्तार जबलपुर एसपी ने बताया कि गैंग के सहयोगी इंद्रजीत दास उर्फ सागर दास को बिहार पुलिस की मदद से अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की थी। उसी से पूछताछ में यह जानकारी मिली कि उसके रुकने के लिए डोभी में व्यवस्था की गई है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर दबिश देकर मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 11 अगस्त को हुई थी लूट गौरतलब है कि खितौला थानान्तर्गत स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक की शाखा में सोमवार 11 अगस्त की सुबह 8.50 बजे हेलमेट पहनकर पहुंचे तीन युवकों ने लूट की घटना को अंजाम दिया था। लॉकर में रखे लगभग 15 किलो सोना और 5 लाख रुपए लेकर फरार हो गए थे। घटना के समय फाइनेंस बैंक में सिर्फ चार कर्मचारी ही मौजूद थे। आरोपी युवकों ने 20 मिनट में वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने जांच के बाद बैंक डकैती में शामिल तीन स्थानीय और एक दमोह निवासी युवक को गिरफ्तार किया था। जेल में हुई थी प्लानिंग दरअसल, पाटन निवासी रईस मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में छत्तीसगढ रायगढ़ जेल में बंद था। इस दौरान उसकी दोस्ती डकैती के आरोप में जेल में बंद बिहार गैंग से हुई थी। जेल में ही रईस और बिहार गैंग के सदस्यों ने बैंक डकैती की योजना तैयार की थी। दोस्त के नाम पर बाइक फायनेंस करवाई रईस ने अपने साथी हेमराज के नाम पर नई मोटरसाइकिल फाइनेंस करवाई थी। जिनका उपयोग घटना में किया गया। बैंक डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद बिहार गैंग के पांचों आरोपी इंद्राना स्थित मकान में पहुंचे थे। रईस और हेमराज ने उन्हें सुरक्षित दमोह तक पहुंचाया था। दमोह में रईस के साथी विकास चक्रवर्ती ने उनके खाने की व्यवस्था ढाबे में करवाई और कोलकाता एक्सप्रेस से झारखंड जाने के लिए ट्रेन टिकट की व्यवस्था की। राजेश अंतरराज्यीय 'दास गैंग' का सरगना  राजेश अंतरराज्यीय 'दास गैंग' का सरगना है। उसकी गिरफ्तारी के बाद भी लूटा गया पूरा सोना बरामद नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि कुछ साथी बाकी सोना लेकर फरार हो गए हैं। वारदात के बाद से ही जबलपुर क्राइम ब्रांच और जिला बल की कई टीमें आरोपियों के पीछे लगी थीं। आईजी प्रमोद वर्मा ने गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। इंद्रजीत ने बताया राजेश दास का ठिकाना एमपी पुलिस को सफलता उस समय मिली जब बिहार और झारखंड की पुलिस ने दास गिरोह के सदस्य इंद्रजीत दास को गया जिले के गुरुवा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में इंद्रजीत ने बताया कि गिरोह का सरगना राजेश रवि दास है और वह गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र में छिपा है। एमपी पुलिस ने बिहार और झारखंड पुलिस के साथ मिलकर गया में घेराबंदी की और मुख्य सरगना राजेश दास को पकड़ा। पूछताछ में उसने जबलपुर में डकैती करना स्वीकार किया। आपस में बांटा सोना-पैसा, खेत में छिपाया  आरोपी ने बताया कि लूटे गए रुपए और गोल्ड आपस में बांट लिए थे। राजेश को 3 किलो सोना और 50 हजार कैश मिले थे। जबकि लूट का बाकी सामान अन्य सदस्यों ने बांट लिए। आरोपी ने एक खेत में जेवर छिपाए थे, जिसे जब्त कर लिया गया है। बिहार का हार्डकोर डकैत, 12 शहरों में केस आरोपी राजेश दास मूल रूप से गया का रहने वाला है। वह बिहार का हार्डकोर डकैत है। उस पर 2011 से 2025 के बीच सासाराम, गया, जमुई, पुरुलिया और रायगढ़ (छत्तीसगढ़) सहित 12 शहरों में बैंक डकैती और डकैती के मामले दर्ज हैं। वह डकैती के मामले में रायगढ़ जेल में बंद था और 18 जून को ही छूटा था। इसी जेल में चोरी के आरोप में बंद रहे जबलपुर के रईस लोधी से उसकी मुलाकात हुई थी और वहीं खितौला बैंक डकैती की योजना बनी थी। हथियारबंद बदमाशों ने की थी बैंक में वारदात  11 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे हथियारबंद डकैत हेलमेट पहनकर बैंक में घुसे थे और कट्‌टा दिखाकर धमकाते हुए 15 मिनट में 14 किलो 800 ग्राम सोना, 5 लाख 70 हजार रुपए नकद लेकर भाग गए थे। मामले में पाटन उडना … Read more

यात्रियों की सहूलियत के लिए रेलवे का बड़ा फैसला, इन 15 ट्रेनों में बढ़े फेरे

भोपाल   त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे 21 सितंबर से 30 नवंबर तक 150 पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। इससे उत्तर प्रदेश और बिहार आने-जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। बिहार के यात्रियों के लिए 12000 से अधिक ट्रेनें चलाने की योजना है। इन ट्रेनों के चलने से यूपी-बिहार आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी। इन सबके बीच रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के लिए नया ट्रेन शेड्यूल जारी किया गया है। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि नियमित ट्रेनों को अतिरिक्त फेरों में चलाकर वेटिंग और नो रूम जैसे हालात से निपटने का प्रयास किया जा रहा है। इन ट्रेनों के चलेंगी अतिरिक्तत फेरे ट्रेन संख्या 09025 वलसाड-दानापुर स्पेशल 29 दिसंबर ट्रेन संख्या 09026 दानापुर- वलसाड स्पेशल 30 दिसंबर ट्रेन संख्या 09031 उधना-जयनगर स्पेशल 28 दिसंबर ट्रेन संख्या 09032 जयनगर-उधना स्पेशल 29 दिसंबर ट्रेन संख्या 09039 उधना-धनबाद स्पेशल 26 दिसंबर ट्रेन संख्या 09040 धनबाद-उधना स्पेशल 28 दिसंबर ट्रेन संख्या 09045 उधना-पटना स्पेशल 26 दिसंबर ट्रेन संख्या 09046 पटना-उधना स्पेशल 27 दिसंबर ट्रेन संख्या 09343 डॉ. अंबेडकर नगर – पटना स्पेशल 25 दिसंबर ट्रेन संख्या 09344 पटना – डॉ. अंबेडकर नगर स्पेशल 26 दिसंबर ट्रेन संख्या 04156 उधना – सूबेदारगंज स्पेशल 30 दिसंबर ट्रेन संख्या 04155 सूबेदारगंज – उधना स्पेशल 29 दिसंबर ट्रेन संख्या 09044 बढ़नी-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल 29 दिसंबर ट्रेन संख्या 09117 उधना – सूबेदारगंज स्पेशल 26 दिसंबर ट्रेन संख्या 09118 सूबेदारगंज-उधना स्पेशल 27 दिसंबर

ब्राह्मणों को फायदा वाली बात पर ट्रंप के सलाहकार से कांग्रेस नेता भी सहमत

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी के ब्राह्मणों को लेकर किए गए दावों पर कांग्रेस नेता उदित राज सहमति जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूसी तेल की खरीद से ब्राह्मणों के फायदा हो रहा है। व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने कहा कि ब्राह्मण भारतीय जनता की कीमत पर मुनाफाखोरी कर रहे हैं और इसे रोकने की जरूरत है। इंडिया टुडे के अनुसार, राज ने कहा, 'मैं पीटर नवारो की इस बात से पूरी तरह सहमत हूं कि ब्राह्मणों को रूसी तेल की खरीद से फायदा हो रहा है। यह सच है कि भारत में अधिकांश कॉर्पोरेट घराने सवर्ण चला रहे हैं। वो रूस से तेल खरीदते हैं, रिफाइन करते हैं और बेहद ऊंचे दामों में बेचते हैं। आम भारतीयों को इससे कोई फायदा नहीं हो रहा है।' उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि देश में पिछड़ी जातियां और दलित भेदभाव के कारण अगले 100 साल कॉरपोरेट घराने स्थापित करने में सक्षम होंगे। नवारो ने जो कहा वह तथ्यात्मक रूप से सही है और इससे कोई इनकार नहीं कर सकता।' ट्रंप के सलाहकार का दावा नवारो ने साक्षात्कार में कहा, 'देखिए (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी एक महान नेता हैं।' उन्होंने कहा कि मोदी दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के नेता हैं और उन्हें 'समझ नहीं आता कि भारतीय नेता किस तरह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ सहयोग कर रहे हैं।' नवारो ने कहा, 'तो मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा, भारतीय जनता कृपया समझिए कि यहां क्या हो रहा है। आपके पास ब्राह्मण हैं जो भारतीय लोगों की कीमत पर मुनाफाखोरी कर रहे हैं। हमें इसे रोकने की जरूरत है।' नवारो व्यापार तथा शुल्क (टैरिफ) पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को लेकर वाशिंगटन और नयी दिल्ली के बीच रिश्तों में आयी गिरावट के बाद पिछले कुछ दिनों से लगातार भारत को निशाना बना रहे हैं।  

छात्र-छात्राओं ने सड़क सुरक्षा पर रखे विचार, मनेंद्रगढ़ में जिला स्तरीय वाद-विवाद का आयोजन

एमसीबी सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी विद्यालय मनेंद्रगढ़ में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में विकासखंड स्तर पर चयनित छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। निर्णायकों द्वारा परिणाम घोषित किए गए, जिसमें प्रथम स्थान नव्या गुप्ता (वीएसएसएन विद्यालय भरतपुर), द्वितीय स्थान शिवेंद्र तिवारी (सेजेस भरतपुर) तथा तृतीय स्थान साक्षी सिंह (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलबहरा) को प्रदान किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने सड़क दुर्घटनाओं की भयावहता पर प्रकाश डालते हुए मृत्यु दर के आंकड़े प्रस्तुत किए और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उपायों पर विस्तार से सुझाव दिए। उन्होंने सड़कों पर बैठे आवारा पशुओं, जगह-जगह गड्ढों और यातायात नियमों की अनदेखी जैसी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया तथा दुर्घटना पीड़ितों को बचाने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। प्रतियोगिता में विजेताओं को सम्मानित करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त छात्रा को 7000 रुपए, द्वितीय स्थान को 5000 रूपये। और तृतीय स्थान को 3000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई, वहीं सांत्वना पुरस्कार स्वरूप प्रत्येक प्रतिभागी छात्र-छात्रा को 2000 रुपए का चेक दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे, पुष्कर तिवारी, अनीता फरमानिया, अभिषेक पांडे, नीलम दुबे, मधुमिता चौधरी, रामाश्रय शर्मा, डॉ. विनोद पांडेय, द्वारिका मिश्रा और सूर्याेदय सिंह सहित अनेक शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के समापन अवसर पर नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा ने उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। आभार प्रदर्शन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किया गया।