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पूर्व मंत्री भदौरिया के घर चोरी, ग्वालियर में चांदी की मूर्तियां और हलवाई का सामान चोरी

ग्वालियर  मध्य प्रदेश में चोरी की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब चोरों ने आम लोगों के बाद खास लोगों के घरों को भी निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला ग्वालियर जिले से सामने आया। पूर्व मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया के बंगले को निशाना बनाया। बंगले के अदंर घुसे चोर कीमती सामान के साथ हलवाई के बर्तन भी ले उड़े। वीआईपी इलाके में चोरी की वारदात से सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार रेस कोर्स रोड स्थित बंगला नंबर 35 में अज्ञात चोरों ने धावा बोला। यहां से चांदी की 2 मूर्तियों, कुर्सियों के साथ हलवाई का भारी सामान चोरी कर ले गए। पूर्व मंत्री के बंगले में कुछ दिन पहले हुए कार्यक्रम के चलते हलवाई का सामान रखा हुआ था। चांदी की मूर्तियों के साथ हलवाई का समान ले उड़े पूर्व मंत्री के चौकीदार हंसराज भदौरिया ने पड़ाव थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। हंसराज ने बताया कि कुछ समय पहले बंगले पर भंडारे का आयोजन हुआ था। इस दौरान हलवाई का सामान वहीं पर रखा हुआ था। 24 अगस्त को जब बंगले का ताला खोलकर अंदर गए। उन्होंने देखा कि पूरा सामान गायब है। चोरी हुए सामान में दो चांदी की मूर्तियां, कुर्सियां, 15 बड़े भगौने, दो बड़ी कढ़ाई, दो गैस सिलेंडर और करीब 50 थालियां शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पड़ाव पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस पुलिस ने चौकीदार की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। साथ ही संदिग्धों की तलाश की जा रही है। हालांकि चोरी का कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। वीआईपी इलाके की घटना से हड़कंप इलाके का रेस कोर्स रोड शहर का वीआईपी क्षेत्र माना जाता है। इसी रोड पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और एमपी विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के भी बंगले मौजूद हैं। ऐसे संवेदनशील और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण इलाके में चोरी की वारदात हुई है। इसने निश्चित तौर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों ने सुरक्षा पर उठाए सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वीआईपी रोड पर पूर्व मंत्री का बंगला ही सुरक्षित नहीं है तो आम नागरिकों के घरों की सुरक्षा की कल्पना करना भी मुश्किल है। चोरी की इस वारदात से साफ है कि चोरों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस गश्त केवल नाम मात्र की रह गई है। एक बार फिर इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस को केवल केस दर्ज करने के बजाए गश्त बढ़ाकर और त्वरित कार्रवाई कर चोरों पर अंकुश लगाना चाहिए, ताकि आम और खास दोनों सुरक्षित रह सकें।

निसा देवगन ने बनाई फिल्मों से दूरी, ट्रोलिंग का डर या पर्सनल चॉइस?

मुंबई  बॉलीवुड इंडस्ट्री में हर साल सितारों के बच्चे फिल्मों में कदम रख रहे हैं. इस साल रवीना टंडन की बेटी राशा थडानी, अनन्या पांडे के भाई अहान पांडे और सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान ने अपने-अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की. अब फैन्स काजोल और अजय देवगन की बेटी नीसा को भी फिल्मों में देखना चाहते हैं. नीसा ने अपने ट्रांसफॉर्म से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है. लेकिन इसी बीच काजोल ने हिंट दिया है कि उनकी बेटी बॉलीवुड में कदम नहीं रखेंगी. हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान काजोल ने इस बात को कंफर्म किया है कि उनकी बेटी फिल्म इंडस्ट्री में शामिल नहीं होंगी. इसके पीछे की एक वजह नेपो किड्स की कड़ी आलोचना भी है. काजोल ने कहा, “वह एक्टिंग में कदम नहीं रख रही हैं. वह 22 साल की हैं और उन्होंने लगभग तय कर लिया है कि वह इंडस्ट्री में नहीं आएंगी.” इस दौरान काजोल ने नेपो किड, स्टार्स के बच्चों को नेपो बेबी कहना जैसे मुद्दों पर भी खुलकर बात की. उन्होंने फिल्म इंडस्ट्र के प्रोस-कॉन्स के बारे में भी बात की.  उन्होंने कहा, 'जब आप फिल्मी दुनिया में एंटर करते हैं तो आपको यहां पता चलता है कि हर कदम पर आपको परखा जाएगा. कई बार आप बुरे, हास्यास्पद और भयावह दौर से भी गुजरते हैं, लेकिन ये सबकुछ आपकी ग्रोथ और जर्नी का हिस्सा है. ये ऐसी चीजें हैं कि हर कोई फेस करता है. इसको लेकर यहां आपके पास कोई च्वॉइस नहीं होती.'  बता दें कि अक्सर मुंबई में निसा को स्पॉट किया जाता है. पैपराजी अक्सर उनकी फोटो लेते हैं. कई मौकों पर निसा अपनी मां काजोल के साथ तो कभी अपने दोस्तों के साथ नजर आ जाती हैं. नीता मुकेश अंबानी कल्चर सेंटर में काजोल और निसा का लुक काफी वायरल हुआ था. दोनों ने अच्छा पोज दिया था, लोगों ने उनके आउटफिट की तारीफ की थी.  22 साल की निसा ने हाल में ही अपना ग्रेजुएशन पूरा किया है. उन्होंने स्विटजरलैंड के Glion Institute of Higher Education से ग्रेजुएशन किया है. कुछ महीने पहले ही उनकी ग्रैजुएशन सेरेमनी के फोटोज सामने आए थे.  फायदे और नुकसान दोनों हैं – काजोल काजोल ने नेपोटिज्म पर अपने विचार शेयर करते हुए कहा, “जब आप फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री करते हैं, तो आपको यह समझना होगा कि इसके फायदे और नुकसान दोनों हैं और आपको जांच से गुजरना होगा. इसमें से कुछ कठोर होता है, कुछ हास्यास्पद और भयानक, लेकिन यह सब आपकी ग्रोथ और जर्नी का हिस्सा है. यह ऐसी चीज है जिसका सामना हर किसी को करना पड़ता है. यह ऐसा कुछ नहीं है जिसके बारे में आपके पास कोई ऑप्शन हो.” बॉलीवुड में नहीं आएंगी नीसा – काजोल इस साल मार्च में एक मीडिया चैनल के इवेंट के दौरान, काजोल ने खुलासा किया था कि उनकी बेटी नीसा ने मन बना लिया है और वह फिल्म इंडस्ट्री में कदम नहीं रखेंगी. नीसा के फिल्म इंडस्ट्री में आने की अटकलों पर बात करते हुए, उन्होंने कहा कि उनकी बेटी का फिलहाल एक्टिंग में करियर बनाने का कोई इरादा नहीं है. काजोल ने कहा, “बिल्कुल नहीं..नहीं, मुझे लगता है..वो 22 साल की हो गई है..होने वाली है अभी.. मुझे लगता है कि उसने अपना मन बना लिया है कि वो इंडस्ट्री में नहीं आने वाली है अभी.”

पूर्व मंत्री के घर Raid: CM मान ने केंद्र सरकार को घेरा, लगाया साजिश का आरोप

चंडीगढ़  दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के घर आज सुबह ईडी द्वारा की गई छापेमारी को लेकर राजनीति गरमा गई है। अब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस मामले में केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह छापेमारी प्रधानमंत्री मोदी के फर्जी डिग्री मामले से ध्यान भटकाने के लिए की गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ट्वीट किया, "आज सौरभ भारद्वाज के घर छापेमारी की गई, क्योंकि कल से पूरे देश में मोदी जी की डिग्री को लेकर चर्चा चल रही है कि मोदी जी की डिग्री फर्जी है। यह छापेमारी सिर्फ इस मामले से ध्यान भटकाने के लिए की गई है।" उन्होंने आगे लिखा, "सतेंद्र जैन जी को भी एक झूठे मामले में तीन साल तक जेल में रखा गया, और बाद में सीबीआई और ईडी ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। इससे यह स्पष्ट होता है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ दर्ज सभी मामले फर्जी और झूठे हैं।" 

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में गणेश चतुर्थी अवकाश कैंसिल, तय हुई नई तारीख पर स्थानीय छुट्टी

सूरजपुर  छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में गणेश चतुर्थी के दिन घोषित स्थानीय अवकाश की छुट्टी कैंसिल कर दी गई है. अब 27 अगस्त को अवकाश नहीं रहेगा. इसकी जगह कलेक्टर ने नई तारीख को स्थानीय अवकाश की घोषणा की है. कलेक्टर एस जयवर्धन ने इसके लिए आदेश भी जारी कर दिया है.  27 अगस्त को छुट्टी तय थी दरअसल सूरजपुर जिले में इस साल कैलेंडर वर्ष में कलेक्टर ने स्थानीय अवकाशों की घोषणा की थी. इसमें 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी पर अवकाश दिया गया था. यानि इस दिन जिले के सभी सरकारी दफ्तरों की छुट्टियां थीं. लेकिन अब इस आदेश में संशोधन कर दिया गया है. अब 27 अगस्त बुधवार को गणेश चतुर्थी की छुट्टी कैंसिल कर दी गई है.  अब इस दिन रहेगा अवकाश  जारी आदेश के मुताबिक 27 अगस्त की जगह अब 3 सितम्बर बुधवार को स्थानीय अवकाश होगा. दरअसल इस दिन करमा पर्व है. ऐसे में गणेश चतुर्थी की जगह अब करमा पर्व पर स्थानीय अवकाश रहेगा. संशोधन का आदेश जारी हो गया है. इस दिन जिले के सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे. आदेश के मुताबिक कोषागार व उपकोषागारों के लिए अवकाश लागू नहीं होगा. 

सरकार का फैसला: खरीदी केंद्रों की जगह अब गोडाउन को मिलेगी प्राथमिकता, अनाज खरीद होगी आसान

 भोपाल  प्रदेश में गेहूं, धान, चना और उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी को और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। अब खरीदी केंद्रों की प्राथमिकता गोडाउन को दी जाएगी, जिससे खरीदे गए अनाज को ढोने में लगने वाला अतिरिक्त खर्च रोका जा सके। यह घोषणा अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण रश्मि अरुण शमी ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित स्टेट लेवल प्रोक्योरमेंट रिफार्म कार्यशाला में की। शमी के मुताबिक पिछले रबी सीजन में करीब 9 लाख किसानों से 77 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदा गया। लगभग 20 हजार करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए। सरकार ने गेहूं खरीदी पर 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया। इसी तरह 6.50 लाख किसानों से 43.5 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। किसानों के पंजीयन में अब आधार नंबर जोड़ा गया है। खरीदी केंद्रों से सीधे मिलर्स को धान देने की व्यवस्था की गई है। उपभोक्ताओं के लिए नई पहल अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पीडीएस दुकानों में अनाज ले जाने वाले वाहनों की निगरानी की जा रही है। प्रदेश में उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसकी शुरुआत इंदौर से हो चुकी है। उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी की जा रही है, जिससे अपात्र लोगों को बाहर किया गया है। लगभग 5.70 लाख नए उपभोक्ता जोड़े गए हैं।

भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को झटका, HC ने खारिज की EOW ऐक्शन के खिलाफ याचिका

रायपुर छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए चैतन्य बघेल ने आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की कार्रवाई को गलत करार देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सोमवार को भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की याचिका को छूट (लिबर्टी) के साथ खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि यदि चैतन्य बघेल को राहत चाहिए तो वे फ्रेश आवेदन पेश करें, जिसमें केवल अपने मामले से संबंधित प्रार्थना हो। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। वहीं एन. हरिहरन और हर्षवर्धन परगानिया ने चैतन्य बघेल की ओर से पैरवी की। याचिका EOW की जांच रिपोर्ट की वैधता को चुनौती देने के लिए दायर की गई थी। इससे पहले ED की कस्टोडियल रिमांड समाप्त होने के बाद शनिवार 23 अगस्त को चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया था। जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। अब इस मामले में 6 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। ईडी की कार्रवाई को लेकर भूपेश बघेल पहले सुप्रीम कोर्ट गए थे, जहां से उन्हें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी गई थी। 21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से प्रेस नोट में बताया गया था कि ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। ईडी ने कथित शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई कथित घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंची। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में ED की ओर से उनकी गिरफ्तारी और हिरासत की कार्रवाई को चुनौती देते हुए याचिका लगाई थी। याचिका में चैतन्य ने कहा था कि उनकी हिरासत गैरकानूनी है और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए उन्हें हाई कोर्ट जाने को कहा था। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका लगाई जिस पर 26 अगस्त तक ईडी से जवाब मांगा गया है।

मुख्य आरोपी फरहान खान सहित छह आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने तय किए आरोप

भोपाल  जिला न्यायालय ने कॉलेज छात्राओं के साथ दुष्कर्म, मारपीट, अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने के मामले में सभी आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं। मुख्य आरोपी फरहान खान और उसके साथियों साहिल खान, अली अहमद, नबील, अबरार और साद उर्फ शम्सउद्दीन को न्यायालय ने बीएनएस की धारा 61(2), 64, 115(2), 35(2), 66(ई), 296 और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम-2021 की धारा 3/5 के तहत अभियुक्त माना है। 1 सितंबर को अगली सुनवाई न्यायालय ने एक मामले में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3/5 को छोड़कर अन्य धाराओं में आरोप तय किए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी। इस दिन अपर लोक अभियोजक ट्रायल प्रोग्राम प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद साक्षियों की गवाही शुरू की जाएगी। अलग-अलग सुनवाई की अर्जी मंजूर मुख्य आरोपी फरहान खान की इस मामले में पैरवी अधिवक्ता जगदीश गुप्ता कर रहे हैं। उन्होंने तीनों मामलों की अलग-अलग दिनांक पर सुनवाई का आवेदन किया था। इसको न्यायाधीश ने स्वीकार कर लिया है। चार थानों में दर्ज हुए थे केस छात्रा की शिकायत पर पहली एफआईआर 12 अप्रैल को बाग सेवनिया थाने में दर्ज हुई थी। इसके बाद अन्य पीड़ित छात्राओं ने भी सामने आकर अशोका गार्डन, ऐशबाग और जहांगीराबाद थानों में दुष्कर्म, मारपीट, ब्लैकमेल और धर्म परिवर्तन के दबाव के मामले दर्ज कराए। जांच पूरी होने के बाद जिला न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किए गए थे।

रोजगार महाकुंभ से खुलेगा अवसरों का द्वार, सीएम योगी ने किया उद्घाटन

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रम न्याय सेतु पोर्टल का सीएम ने शुभारंभ किया। अटल इंटीग्रेटेड मॉनीटरिंग सिस्टम पोर्टल का शुभारंभ। रीयल टाइम निगरानी हो सकेगी। 15 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया। इस दौरान योगी ने कहा कि हर युवा को रोजगार व नौकरी की गारंटी मिलेगी। रोजगार महाकुंभ इसे आगे बढ़ाने का माध्यम है। मार्केट व इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार हमें कोर्स संचालित करने होंगे। उसी के अनुसार अपने युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। उद्यम चलने चाहिए मगर युवाओं का शोषण भी न हो, इसकी जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रोजगार महाकुंभ में कहा कि पीएम के मिशन रोजगार के अभियान की कड़ी में विकसित भारत के संकल्पना के साथ हर व्यक्ति, हर संस्था भी अपना योगदान दे सके, उसके लिए आवश्यक है कि हर युवा के हाथ को उसकी योग्यता के अनुसार कार्य मिल जाए। युवा अपार ऊर्जा का स्त्रोत है। यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि दुनिया में सबसे बड़ी युवा आबादी भारत में और भारत में सबसे ज्यादा युवा आबादी उत्तर प्रदेश में है। जहां भी इन युवाओं को अवसर मिला है, उसने अपनी प्रतिभा व सामर्थ्य का लोहा, उस क्षेत्र और उद्यम को लाभांवित करने में लगाया है। यूपी के इस प्रतिभा व सामर्थ्य की मांग न केवल देश में बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी हो रही है। यह एक अवसर है जब यहां पर इंडस्ट्री और एंप्लायर एक साथ जुड़ रहे हैं। एक ओर वे संस्थाएं हैं जो रोजगार देने को उत्सुक हैं। दूसरी ओर वे युवा हैं जो स्किल डवलपमेंट के साथ जुड़कर उस रोजगार को पाने का इच्छुक है। सीएम योगी ने कहा कि 21 से 40 वर्ष का कोई भी युवा को ब्याज मुक्त, गारंटी मुक्त ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जो लोन वो ले रहा है, उसका ब्याज सरकार देगी। 10 प्रतिशत तक मार्जन मनी भी सरकार उपलब्ध कराएगी। अब तक 70 हजार युवाओं ने इस योजना से जुड़कर काम करना शुरू किया है। सरकार ने अपने स्तर पर भी नौकरी उपलब्ध कराने की कार्रवाई की। आठ साल में यूपी पुलिस में 2.19 लाख भर्तियां कीं। 1.56 लाख शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से संपन्न किया। सभी विभाग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सहित सभी को जोड़कर साढ़े आठ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने वाला यूपी सबसे बड़ा राज्य। निवेशकों ने यूपी को सबसे अच्छे डेस्टीनेशन के रूप में चयन किया यूपी में अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का नतीजा यह हुआ कि निवेशकों ने यूपी को सबसे अच्छे डेस्टीनेशन के रूप में चयन किया। इसके लिए प्रदेश सरकार को अपनी नीतियों में परिवर्तन करना पड़ा। अब तक 33 से अधिक सेक्टोरियल पॉलिसी तैयार की हैं। निवेशक इन्वेस्ट यूपी के पोर्टल पर जाकर क्लिक करे और जिस क्षेत्र में निवेश करना है, उसकी पूरी जानकारी मिल जाएगी। उसकी सहायता के लिए निवेश मित्र व निवेश सारथी भी है। यदि उसने निवेश कर लिया है तो पॉलिसी के तहत मिलने वाला निवेश भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। 70 सालों में उद्योगों को जितना इंसेटिंव नहीं मिला, उतना हमने आठ साल में दिया। 15 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर उतरे। सात लाख युवाओं को काम। यूपी रोजगार मिशन लागू करने वाला अग्रणी राज्य बना है। यूपी रोजगार के लिए न्यूनतम गारंटी देने वाला राज्य बन रहा आज की मांग एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स की है। हमने इसके लिए लैब उपलब्ध कराई हैं। नये समय की टेक्नोलॉजी के लिए यूपी के नौजवानों को प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है। दुनिया के तमाम देशों में यूपी के नौजवानों की आज मांग हो रही है। आज हम दुनिया की मांग के अनुरूप वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं।यूपी रोजगार के लिए न्यूनतम गारंटी देने वाला राज्य बन रहा है। श्रम एवं सेवायोजन पोर्टल से नियुक्ति पाने वाला और नियोक्ता दोनों को इस पोर्टल से जोड़ना होगा। हर नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि वो कार्मिक को उसका पूरा वेतन उपलब्ध कराएगा। किसी कार्मिक के वेतन से कोई कटौती नहीं करेगा। नियोक्ता को जो भी इंसेंटिव होगा, वो उसे सरकार देगी। इसे हम श्रम एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाएंगे।  

सचिन का बड़ा खुलासा – क्यों धोनी को युवराज से पहले उतारा गया मैदान में?

नई दिल्ली  'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर ने  रेडिट पर 'आस्क मी एनीथिंग' सेशन के जरिए फैंस के तमाम सवालों के जवाब दिए। इस दौरान उनसे एक सवाल यह भी पूछा गया कि 2011 के वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने युवराज सिंह से पहले महेंद्र सिंह धोनी को उतारने का सुझाव क्यों दिया था। 2011 वर्ल्ड कप में महेंद्र सिंह धोनी कप्तान थे लेकिन युवराज सिंह से पहले उनके उतरने का फैसला उनका खुद का नहीं था, बल्कि सचिन तेंदुलकर का था। मुंबई के वानखेड़े मैदान में भारत और श्रीलंका के बीच खिताबी मुकाबला हुआ था। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 274 रन बनाए थे। जवाब में 114 रन पर भारत के 3 विकेट गिर चुके थे। वीरेंदर सहवाग, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली आउट होकर पवैलियन जा चुके थे। कोहली के आउट होने के बाद वैसे तो युवराज सिंह को उतरना था लेकिन उनकी जगह पर महेंद्र सिंह धोनी उतरे। इसके पीछे सचिन तेंदुलकर का दिमाग था। उन्होंने ही तत्कालीन कोच गैरी कर्स्टन को इसका सुझाव दिया था। बाद में वीरेंदर सहवाग ने खुलासा किया था कि फाइनल में युवराज सिंह से पहले धोनी को प्रमोट करके बल्लेबाजी का सुझाव सचिन तेंदुलकर ने दिया था। रेडिट के 'AMA' सेशन में एक फैन ने सहवाग के उसी खुलासे के आधार पर सचिन से पूछा कि क्या वीरु ने जो कहा था वह सच है और इस तरह के रणनीतिक बदलाव की वजह क्या थी? मास्टर-ब्लास्टर ने धोनी को प्रमोट करके युवराज सिंह से पहले उतारने के 2 कारण बताए। उन्होंने कहा, 'इसके दो कारण थे। लेफ्ट-राइट बैटिंग कॉम्बिनेशन से दोनों ऑफ-स्पिनरों को दिक्कत होती। इसके अलावा मुरलीधरन सीएसके के लिए खेल चुके थे (2008 से 2010) और एमएस ने नेट्स में तीन सीजन तक उनको खेला था।' 2011 के फाइनल की बात करें तो वीरेंदर सहवाग के तौर पर भारत का पहला विकेट 1 रन पर ही गिर गया था। उसके बाद स्कोरबोर्ड में सिर्फ 30 रन और जुड़े थे कि सचिन तेंदुलकर भी 18 रन बनाकर लसिथ मलिंगा का शिकार बन गए थे। उस समय गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच साझेदारी ने टीम को मुश्किल से उबारा। 114 रन के टीम स्कोर पर कोहली भी 35 रन बनाकर आउट हो गए। चूंकि गौतम गंभीर बाएं हाथ के बल्लेबाज थे, लिहाजा सचिन ने लेफ्टी युवराज सिंह से पहले राइट-हैंडर महेंद्र सिंह धोनी को उतारने का सुझाव दिया। धोनी और गौती के बीच 119 रन की साझेदारी हुई। गंभीर महज तीन रन से शतक से चूक गए और आउट हो गए। उनके आउट होने के बाद युवराज सिंह बल्लेबाजी के लिए उतरे। उन्होंने और धोनी ने मिलकर भारत को 6 विकेट से जीत दिलाकर विश्व चैंपियन बना दिया। महेंद्र सिंह धोनी ने 79 गेंदों में 91 रन की नाबाद पारी खेली थी।  

रेल हादसा: रायपुर में मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे, जांच में जुटे अधिकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ में एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई। इससे इस रूट से होकर गुजरने वाली ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। प्रचार निरीक्षक शिव प्रसाद ने बताया कि रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत उरकुरा क्षेत्र में आज एक मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से उतर गया। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद, मरम्मत कार्य शुरू किया गया और यातायात बहाल कर दिया गया। बताया जा रहा है कि ट्रेन के दो पहिए पटरी से उतर गए थे, इसमें कोई भी हताहत नहीं हुआ है। घटना की जानकारी मिलने के बाद कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंच गए। ट्रेन को पटरी पर लाने और प्रभावित लाइन को ठीक करने का काम तेजी से किया गया और कई घंटे की मेहनत के बाद आखिरकार पटरी को क्लियर कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा उरकुरा से आरएसडी जाने वाली लाइन में हुआ। मालगाड़ी में ऑटो लोड था, जो कि पुणे से निकली थी। मालगाड़ी के डिरेल होने से होने से दो पैसेंजर गाड़ियां प्रभावित हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और शालीमार मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस शामिल है। जानकारी के अनुसार, रायपुर और उरकुरा के बीच मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे। इससे अप और डाउन रुट की सभी ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। प्रभावित ट्रेनों में अमृतसर से चलकर बिलासपुर जानें वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और सालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस शामिल है, जिसे उरकुरा स्टेशन के पास रोक दिया गया था। वहीं मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में एक सेना का जवान चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। इसके बाद जवान के ऊपर से एक के बाद एक 3 ट्रेनें गुजर गईं। हालांकि गश्त कर रहे गैंगमेन और कर्मचारियों की नजर जवान पर पड़ गई, जो बेहोश था। इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी और फिर जवान को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। घटना शुक्रवार-शनिवार को देर रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। भूपेंद्र नासिक से जबलपुर जा रहे थे। इटारसी और सोहागपुर के बीच गुरमखेड़ी में अचानक वह ट्रेन से गिर गए। जानकारी मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और फिर जवान को दूसरी ट्रेन से सोहागपुर रेलवे स्टेशन लाया गया। इसके बाद इलाज के लिए भोपाल मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। फिलहाल डॉक्टर की हालत ठीक है।