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ट्रेन इमरजेंसी कोटे में गिरावट, वंदे भारत और शताब्दी के मुकाबले इन 3 ट्रेनों में ज्यादा

ग्वालियर हाई स्पीड वंदे भारत, शताब्दी, राजधानी जैसी ट्रेनें ग्वालियर से निकलती हैं लेकिन इन ट्रेनों से ज्यादा इमरजेंसी कोटे की डिमांड बरौनी मेल, बुंदेलखंड एक्सप्रेस और रतलाम इंटरसिटी में रहती है। ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब इसमें सीट पाने के लिए आवेदन नहीं किया जाता हो। हालात यह है कि ग्वालियर से चलने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग होने के बाद इमरजेंसी कोटे का सहारा लेना पड़ रहा है। झांसी मण्डल से गुजरने वाली 143 ट्रेन में इमरजेंसी कोटा प्रदान किया गया है। इस कोटे की बर्थ सांसद, विधायक, रेल अधिकारियों व अन्य वीआईपी को उपलब्ध कराई जाती है। अधिकांश ट्रेनों में स्लीपर और एसी का अलग- अलग इमरजेंसी कोटा फिक्स है। उसी के आधार पर रेलवे यह कोटा देती है। ग्वालियर से चलने वाली बरौनी, बुंदेलखंड और रतलाम इंटरसिटी में अधिक भीड़ होने की वजह से इमरजेंसी कोटे की डिमांड भी ज्यादा आती है। हालात यह हो जाते हैं कि कभी- कभी सीट से ज्यादा कोटे आ जाते हैं। वहीं वंदे भारत, शताब्दी आदि ट्रेनों में यात्रियों के कोटे इतने नहीं आते हैं।- अमन वर्मा, सीनियर डीसीएम झांसी ग्वालियर से बरौनी जाने वाली बरौनी मेल, रतलाम जाने वाली रतलाम इंटरसिटी और बनारस के लिए बुंदेलखंड एक्सप्रेस एक मात्र सीधी ट्रेनें हैं। इसमें से बरौनी मेल बिहार से होकर हावड़ा तक पहुंचती है। इसमें सबसे ज्यादा भीड़ छठ पूजा के दौरान होती है लेकिन दीपावली से काफी पहले ही यह ट्रेन फुल हो जाती है। इसे देखते हुए इस क्षेत्र में स्पेशल ट्रेन को भी चलाया जाता है। उसके बावजूद भी यात्रियों को जगह नहीं मिल पाती है। वंदे भारत, शताब्दी में आसानी से मिलती है सीट ग्वालियर से निकलने वाली वंदे भारत, शताब्दी और अन्य ट्रेनों में यात्री को आसानी से टिकट मिल जाता है। इन ट्रेनों में अगर वेटिंग भी होती है तो अक्सर वह वेटिंग भी कंफर्म हो जाती है। लेकिन ग्वालियर से चलते वाली ट्रेनों में काफी बुरा हाल है।

चंद्र ग्रहण 2025: भाद्रपद पूर्णिमा पर इन राशियों पर पड़ेगा असर, सावधान रहें

नई दिल्ली वैदिक पंचांग के अनुसार, रविवार 07 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा (Chandra Grahan 2025 Date) है। इस शुभ अवसर पर स्नान-ध्यान कर लक्ष्मी नारायण जी की पूजा की जाती है। साथ ही पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। इस साल भाद्रपद पूर्णिमा पर साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने वाला है। साल का दूसरा चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। इसके लिए सूतक भी मान्य होगा। ज्योतिषियों की मानें तो साल के दूसरे चंद्र ग्रहण के दिन 3 राशि के जातकों को सावधान रहने की जरूरत है। अनदेखी करने से जातक पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। आइए, इन राशियों के बारे में जानते हैं।   कुंभ राशि भाद्रपद पूर्णिमा के दिन कुंभ राशि के जातकों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है। इस शुभ तिथि पर चंद्र देव कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे। हालांकि, पूर्व से राहु कुंभ राशि में उपथित हैं। अतः चंद्र और राहु की युति से कुंभ राशि के जातकों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। मानसिक तनाव की समस्या होगी। किसी से विवाद हो सकता है। मन भ्रमित रहेगा। चाहकर भी शुभ कामों में सफलता मिलेगी। कुछ करने की सोचेंगे, तो रूकावट आ सकती है। मन में भय बना रहेगा। राहु की कुदृष्टि से बचाव के लिए देवों के देव भगवान शिव के नामों का जप करने की सलाह है। आप चाहे तो महामृत्युंजय मंत्र का भी जप कर सकते हैं। कर्क राशि कर्क राशि के जातकों के लिए भी चंद्र ग्रहण शुभ नहीं रहने वाला है। आपको कई अनचाहे फल प्राप्त होंगे, जिससे आपका मन अशांत रहेगा। कारोबार से जुड़े लोग परेशानी का सामना करेंगे। मन में अकारण बैचेनी रहेगी। इस वजह से किसी से कहासुनी हो सकती है। ज्यादा बोलने से कोई प्रभावित हो सकता है। विषय वासना में मन लिप्त रहेगा। शुभ काम में बाधा आएगी। माता जी की सेहत अच्छी नहीं रह सकती है। किसी प्रकार का शारीरिक कष्ट हो सकता है। आपको ध्यान रखना होगा। चंद्र देव की कृपा पाने के लिए शिव पंचाक्षरी मंत्र का जप करें।  

इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तैयार, UP के इस जिले में युवाओं को मिलेगा रोजगार

औरैया बुंदेलखंड में विकास की नई परियोजनाओं को उतारा जा रहा है। औरैया जिले के युवाओं को अपने शहर में ही रोजगार देने के लिए बुंदेलखंड एक्सप्रेस पर औद्योगिक गलियारा बनाया जा रहा है। जिसको लेकर पिछले एक साल से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जो अब लगभग पूरा होने को है। 620 से अधिक किसानों से की खरीदी जा चुकी है जमीन अब तक करीब 620 से अधिक किसानों से की जमीन खरीदी जा चुकी है और 273 से अधिक बैनामा हो चुके है। 95 प्रतिशत से अधिक जमीन उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के नाम की जा चुकी है। वहीं यूपीडा की तरफ से जल्द से जल्द उद्योग लग लगाने को लेकर तैयारी शुरू हो गई है।   बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर सरकार उद्योगों को बढ़ावा दे रही सरकार बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर उद्योगों को बढ़ावा दे रही। जिससे अधिक से अधिक उद्योग लग सके और स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। इसके लिए दो गांवों की जमीन पर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर औद्योगिक गलियारा बनाए जाने की कवायद चल रही। नवंबर 2023 में जमीन को चिन्हित की गई थी और इसके बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई। औद्योगिक गलियारा के लिए 369 करोड़ का बजट जारी औद्योगिक गलियारे के लिए 124 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। पिछले वर्ष के शुरूआत में जिला प्रशासन से लेकर यूपीडा के अधिकारियों ने इसपर काम शुरू कर दिया। जनवरी से लेकर अब तक 93 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण हो गया। 618 किसानों के कराए जा चुके हैं। बता दें कि औद्योगिक गलियारा के लिए गांव मिहौली से 639 किसानों व निगड़ा 232 किसानों से जमीन खरीदी जा रही थी। बता दें कि औद्योगिक गलियारा तैयार करने के लिए शासन की तरफ से 369 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। जमीन खरीद की प्रक्रिया हुई पूरी इसमें जमीन खरीदने से लेकर गलियारा स्थापित किया जाएगा। इसमें मिहौली व निगड़ा गांव के किसानों की जमीन खरीदी जानी थी, जिसकी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अविनाश चंद्र मौर्य ने बताया कि 95 प्रत‍िशत जमीन का भूमि अधिग्रहण हो चुका है। 

छत्तीसगढ़ में आज होगा कैबिनेट विस्तार, ये 3 नेता बनेंगे मंत्री

रायपुर  छत्तीसगढ़ में भारी अटकलों के बाद आखिरकार विष्णु देव साय मंत्रिमंडल का विस्तार तय हो गया है. आज सुबह 10:30 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा. जिसमें करीब तीन बीजेपी विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. बीजेपी विधायक दल के सचेतक सुशांत शुक्ला ने पत्र जारी कर इसको पुष्टि की है. सूत्रों के मुताबिक दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव, अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब नए मंत्री के तौर पर शपथ ले सकते हैं. तीनों विधायकों को दी गई सूचना मंत्रिमंडल विस्तार के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. छत्तीसगढ़ स्टेट गैरेज में तीन नए मंत्रियों के लिए तीन नए वाहन तैयार कर लिए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक मंत्री पद की शपथ लेने वाले तीनों विधायकों को भी आधिकारिक सूचना भेज दी गई है, ताकि वह समय पर शपथ ग्रहण के लिए राजभवन पहुंच सकें. इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्यपाल रामेन डेका से राजभवन में मुलाकात की थी. सीएम के विदेश दौरे के पहले मंत्रिमंडल विस्तार दरअसल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 अगस्त को जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर रवाना हो रहे हैं. सीएम के विदेश दौरे पर जाने के पहले मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया पूरे करने की तैयारी पिछले 5 दिनों से चल रही थी. पिछले दिनों मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत देते हुए कहा था कि इंतजार करते रहिए, कुछ हो सकता है.

बीड़ी-खनन श्रमिकों के बच्चों के लिए सरकार की बड़ी योजना, छात्रवृत्ति 1,000–25,000 रुपये

बीड़ी और खनन श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई में सरकार देगी सहयोग, ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ राज्य सरकार देगी 1,000 से 25,000 रुपये तक की छात्रवृत्ति बीड़ी-खनन श्रमिकों के बच्चों के लिए सरकार की बड़ी योजना, छात्रवृत्ति 1,000–25,000 रुपये सरकारी छात्रवृत्ति योजना: बीड़ी और खनन श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई में मदद, ऑनलाइन आवेदन शुरू बीड़ी व खनन श्रमिकों के बच्चों के लिए 25,000 रुपये तक की छात्रवृत्ति, आवेदन ऑनलाइन शिक्षा में समान अवसर: श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिलेगी आर्थिक सहायता, ऑनलाइन आवेदन जारी बीड़ी-खनन श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई को बढ़ावा, सरकार देगी 1,000–25,000 रुपये की छात्रवृत्ति भोपाल  शैक्षणिक सत्र-2025-26 के लिए शिक्षा के लिये वित्तीय सहायता योजना के अंतर्गत मान्यता प्राप्त शिक्षण-संस्थाओं में अध्ययनरत प्रदेश के बीड़ी, चूना पत्थर एवं डोलोमाट और लौह-मैग्रीज-क्रोम अयस्क खनन श्रमिक एवं उनके पुत्र-पुत्रियों को शिक्षा के लिये कक्षा एक से उच्च शिक्षा तक छात्रवृत्ति की राशि रूपये 1000/- से 25000/- स्वीकृत की गई है। योजनांतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिये पात्र विद्यार्थियों के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (https://scholarships.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया दिनांक-02.06.2025 से प्रारम्भ हो चुकी है। इसकी अंतिम तिथि प्री. मेट्रिक के लिये 31 अगस्त 2025 एवं पोस्ट मेट्रिक के लिये 31 अक्टूबर 2025 निर्धारित है। छात्रवृत्ति के लिये आवेदन करने के लिए ओ.टी.आर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) और फेस ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। आवेदन की पात्रता व संबंधित अन्य जानकारी/शर्तें नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन कर अपलोड करें जो कि स्पष्ट और पठनीय हो। ऑनलाइन आवेदन करने संबंधी अन्य किसी भी प्रकार की जानकारी के लिये जबलपुर मुख्यालय के दूरभाष क्रमांक 0761-4039511, 4039510 या e-mail ID -wc.jabalpur@rediffmail.com. wcjab@mp.gov.in तथा कल्याण प्रशासक कार्यालय, इन्दौर के दूरभाष क्रमांक- 0731-2703530 व e-mail-ID waind@mp.gov.in पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है। मध्यप्रदेश परिक्षेत्र में संचालित अपने नजदीकी औषधालयों एवं केन्द्रीय चिकित्सालय सागर में व्यक्तिगत रूप से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। शिक्षण संस्थान द्वारा सत्यापित नहीं किए गए आवेदनों पर विचार नहीं किया जायेगा। सभी विद्यार्थियों से अनुरोध है कि आवेदन के पश्चात् अपने विद्यालय/महाविद्यालय में संपर्क स्थापित कर अपने आवेदन को स्कॉलरशिप पोर्टल (https://scholarships.gov.in) के माध्यम से ही सत्यापित करवाना सुनिश्चित करें।  

टमाटर 80, शिमला मिर्च 120 रुपए किलो: बरसात में सब्जियों की कीमतें हो गईं महंगी

रांची  बरसात के मौसम में सब्जियों की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. सब्जियां महंगी होने से रसोई के बजट और खाने के स्वाद पर भी असर पड़ा है. झारखंड की राजधानी रांची की सब्जी मंडी में टमाटर 80 रुपए तो फूलगोभी और बींस 100 रुपए प्रति किलो के भाव पर है. भिंडी से लेकर तमाम दूसरी सब्जियां भी महंगी हैं और हरी सब्जी बमुश्किल ही 80 या 70 रुपये किलो से कम के भाव पर मिल पाए. गाजर भी आम लोगों के पहुंच से बाहर है. वहीं, शिमला मिर्च तो आंसू निकाल रही है, उसके भाव 120 रुपए किलो हैं. दुकानदारों का कहना है कि सुबह से वो दुकान सजाकर बैठे हैं लेकिन ग्राहक नदारद हैं. सब्जी बेशक महंगी है लेकिन दुकानदारों का कहना है कि इसमें उनका कोई कुसूर नहीं, उन्हें भी सब्जी महंगे दाम पर मिल रही है. दुकानदारों का कहना है कि उन्हें पता चला कि किसानों को लगातार बीते 3 महीनों से हो रहे बारिश के कारण नुकसान हुआ है. लिहाजा सामान कम है और डिमांड ज्यादा. जिसकी पूर्ति वो नहीं कर पा रहे हैं.सब्जियां खेतो में ही खराब हो गई हैं, जिसकी वजह से दाम आसमान छू रहे हैं. इधर ग्राहकों की कमी की ये भी वजह मानी जा रही है कि हरी सब्जियों की खरीदारी वो जरूरत के मुताबिक करते हैं और सप्लीमेंट्री सब्जी यानी चना, सोयाबीन वगैरह पर निर्भरता बढ़ रही है. वहीं, दुकानदारों को अगले 2 महीनों तक राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सुदूर अंचलों तक हवाई पहुंच बढ़ाने के लिए विमान सेवाओं का विस्तार

सुदूर अंचलों तक हवाई पहुंच के लिए प्रदेश में किया जाएगा विमान सेवाओं का विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सुदूर अंचलों तक हवाई पहुंच बढ़ाने के लिए विमान सेवाओं का विस्तार मुख्यमंत्री ने किया विमान सेवाओं के विस्तार का ऐलान, सुदूर अंचलों तक पहुंचेगी हवाई सुविधा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुदूर अंचलों तक हवाई पहुंच संभव करने के लिए सरकार द्वारा विमान सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है, प्रदेश में हर 150 किलोमीटर पर एक हवाई अड्डा और हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी उपलब्ध हो। इससे न केवल शहरी क्षेत्र बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाके भी हवाई नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की कड़ी में रीवा, सतना और दतिया में नए हवाई अड्डों का शुभारंभ किया गया है। प्रदेश में हवाई अड्डों की संख्या बीते एक वर्ष में 5 से बढ़कर 8 हो गई है। शिवपुरी में नए हवाई अड्डे के लिए अनुबंध भी हो चुका है। मध्यप्रदेश हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल होने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से पर्यटन, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं को बढ़ावा देना है। नए हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों के निर्माण से कनेक्टिविटी में सुधार होगा। साथ ही ­स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।  

हाईकोर्ट का तलाक पर अहम आदेश: पत्नी का व्यवहार बदला, बेरोजगार पति को ताने देना क्रूरता मानी

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच ने तलाक केस में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि, बेरोजगार पति को ताना मारना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए पत्नी फटकारा।  दरअसल, भिलाई निवासी अनिल कुमार सोनमणि उर्फ अनिल स्वामी पेशे से वकील है। उनकी शादी 26 दिसंबर 1996 को हिंदू रीति रिवाज से हुई थी। शादी के बाद सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन समय के साथ पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा। इस दौरान उनके दो बच्चे भी हो गए। अब उनकी बेटी 19 साल और बेटा 16 साल का है। इसी दौरान पति ने अपनी पत्नी को पीएचडी कराया। जिसके बाद वो प्रिंसिपल की नौकरी जॉइन की। वकील पति का आरोप है कि, प्रिंसिपल बनने के बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया। वो अक्सर छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने लगी। कोरोना काल में बेरोजगार हो गया पति कोरोना काल में जब कोर्ट बंद हो गए थे। तब पति की वकालत से आय भी बंद हो गई। ऐसे में प्रिंसिपल पत्नी ने बेरोजगार पति को ताने मारना शुरू कर दिया। बात-बात पर झगड़ा कर पति को अपमानित भी करने लगी। जिससे पति मानसिक तनाव में आ गया। पत्र लिखकर पति-बेटे से तोड़ दी रिश्ता पति का आरोप है कि, अगस्त 2020 में विवाद के बाद वो बेटी को लेकर अपनी बहन के पास चली गई। कुछ दिनों बाद लौटी, लेकिन 16 सितंबर 2020 को फिर से चली गई। उसने एक पत्र भी छोड़ा, जिसमें लिखा था कि वो अपनी मर्जी से पति और बेटे से सारे रिश्ते तोड़ रही है। पति बोला- रिश्ता जोड़ने की कोशिश हुआ नाकाम पति ने कोर्ट को बताया कि, पत्नी को वापस लाने कई प्रयास किए, लेकिन वो नहीं लौटी। उन्होंने रिश्ता जोड़ने की कोशिश भी की। लेकिन, सफलता नहीं मिली, जिससे परेशान होकर पति ने दुर्ग फैमिली कोर्ट में तलाक का मामला पेश किया। इसमें तर्क दिया कि पत्नी ने जानबूझकर और बिना कारण वैवाहिक घर छोड़ा। कई बार मनाने के प्रयास के बावजूद वह नहीं लौटी। बेटे को उसके पास छोड़ दिया और बेटी को अपने साथ ले गई। घर में रहते हुए पत्नी ने गाली-गलौज, ताने और अपमानजनक शब्द कहकर मानसिक क्रूरता की। लेकिन फैमिली कोर्ट ने अक्टूबर 2023 में तलाक की अर्जी को खारिज कर दिया। फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील पति ने फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। इस मामले की सुनवाई के दौरान नोटिस और अखबार में प्रकाशन के बावजूद पत्नी हाईकोर्ट में पेश नहीं हुई। हाईकोर्ट ने पति और गवाहों के बयान, पत्नी का छोड़ा हुआ पत्र और दस्तावेजों के आधार पर फैमिली कोर्ट का फैसला निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि, पत्नी ने बिना किसी वैध कारण के पति को छोड़ा है। उसके व्यवहार से मानसिक क्रूरता साबित होती है। इसके अलावा अब दोनों के बीच पुनर्मिलन की कोई संभावना नहीं है। इसलिए पति की तलाक की अर्जी मंजूर की जाती है।

एशियन डेवलपमेंट बैंक सहयोग से नेमावर में पेयजल परियोजना, जल्द लाभान्वित होंगे हजारों लोग

भोपाल  मध्यप्रदेश नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधीनस्थ उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा देवास जिले के नेमावर नगर परिषद् में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ए.डी.बी.) के सहयोग से एक महत्वाकांक्षी जल प्रदाय परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। यह परियोजना 10 वर्षों के संचालन एवं संधारण के साथ लगभग 21 करोड़ रूपये की लागत से क्रियान्वित की जा रही है। इसके अंतर्गत 1640 घरों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे, जिससे 6,498 की आबादी को प्रतिदिन शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। परियोजना के तहत् मध्यप्रदेश की जीवन रेखा नर्मदा नदी से पानी लाकर उसे 2.41 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र में शोधित किया जाएगा। शोधित जल को लगभग 36 किलोमीटर लंबी वितरण पाइपलाइन के माध्यम से पूरे नगर में पहुँचाया जाएगा। शहर में जल भंडारण के लिए 2 ओवरहैड टैंक का निर्माण भी पूर्णता की ओर है। इससे जल आपूर्ति व्यवस्था को स्थायित्व और नियमितता प्राप्त होगी। यह परियोजना नेमावर नगर में नागरिकों की मूलभूत आवश्यकता – शुद्ध पेयजल – की सुनिश्चित आपूर्ति के लिये एक बड़ा कदम है। परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के सामाजिक एवं स्वास्थ्य स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आयेगा।  

ऊर्जा मंत्री तोमर का निर्देश: झांकी-पंडाल सजाने के लिए अस्थाई कनेक्शन का ही उपयोग करें

भोपाल गणेशोत्सव त्यौहार तथा अन्य त्यौहारों में पंडालों को अस्थायी कनेक्शन देने के लिए विद्युत वितरण कंपनियों ने माकूल प्रबंध किए हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने धार्मिक उत्सव समितियों और बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक पण्डालों एवं झॉंकियों में बिजली साज-सज्जा,नियमानुसार ऑनलाइन अस्थाई कनेक्शन लेकर ही करें। अस्थाई कनेक्शन लेने के लिये क्या करें बिजली कंपनी के पोर्टल http://saralsanyojan.mpcz.in:8888/home पर जाकर निर्धारित प्रपत्र में सही, संयोजित विद्युत भार को दर्शाते हुए अस्थायी कनेक्शन के लिये ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करें। लायसेंसी विद्युत ठेकेदार की टेस्ट रिपोर्ट आवेदन में संलग्न करें एवं वायरिंग इत्यादि लायसेंसधारी विद्युत ठेकेदार से ही करवाएं। आवेदन में दर्शाए अनुसार विद्युत भार के अनुरूप सुरक्षा निधि एवं अनुमानित विद्युत उपभोग की राशि अग्रिम जमा कराकर बिजली कंपनी से अस्थाई कनेक्शन की रसीद अवश्य लें। रसीद की लेमीनेटेड प्रति अनिवार्य रूप से पंडाल/झॉंकी के सामने लगाएं। आवेदित विद्युत भार से अधिक भार का उपयोग विद्युत साज-सज्जा के लिए न करें। विद्युत कनेक्शन मीटरीकृत होगा एवं विद्युत देयक की बिलिंग नियमानुसार अस्थायी कनेक्शन के लिये लागू घरेलू दर पर की जाएगी। झांकियों के निर्माण एवं विद्युत साज-सज्जा में सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। अनधिकृत तरीके से विद्युत का उपयोग न करें। अधिक जानकारी के लिए कंपनी के टोल फ्री नंबर 1912 पर भी कॉल कर सकते हैं। अस्थाई कनेक्शन न लेने से होने वाले नुकसान अधिक भार से ट्रांसफार्मर के जलने की संभावना तथा दुर्घटना की आशंका। पारेषण एव वितरण प्रणाली पर विपरीत असर होने से अंधेरे की संभावना। अनधिकृत विद्युत उपयोग करने पर इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के तहत उपयोगकर्ता एवं जिस विद्युत ठेकेदार से कार्य कराया गया है, उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही। अनधिकृत विद्युत उपयोग की दशा में संबंधित विद्युत ठेकेदार के लायसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही।