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पंजाब में झमाझम बारिश का दौर, 4 दिन यलो अलर्ट जारी; तापमान गिरा, बिजली की मांग भी घटी

अमृतसर  मानसून की सक्रियता से पंजाब के अधिकतर हिस्से बुधवार देर रात हुई बारिश से तर हो गए। बारिश के बाद राज्य के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई और सबसे अधिक पारा 35.2 डिग्री सेल्सियस रोपड़ में रिकॉर्ड हुआ।  मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री नीचे पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान में 3.6 डिग्री की कमी आने से यह सामान्य से 3.4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बताया कि मानसून पंजाब के अधिकतर हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। अगले छह दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने पांच जुलाई से चार दिनों के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे आने वाले दिनों में तापमान में छह डिग्री तक और गिरावट आ सकती है। बारिश के आंकड़ों में फरीदकोट में 89.0 मिमी, लुधियाना में 82.5 मिमी, फिरोजपुर में 68.0 मिमी, मोगा में 57.5 मिमी और बठिंडा में 56.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वीरवार को अमृतसर का तापमान 33.1 डिग्री, लुधियाना का 33.2 डिग्री, पटियाला का 32.4 डिग्री और बठिंडा का 34.9 डिग्री रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री बठिंडा में दर्ज किया गया। बारिश से घटी बिजली की मांग पंजाब में मानसून की एंट्री के साथ हुई बारिश ने बिजली की मांग में बड़ी राहत दी है। वीरवार को प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग घटकर 15682 मेगावाट दर्ज की गई। इससे एक दिन पहले बुधवार को यह 17112 मेगावाट थी। यानी 24 घंटे में बिजली की मांग 1430 मेगावाट कम हो गई। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और धान की सिंचाई के पीक सीजन के कारण मांग लगातार 17 हजार मेगावाट से ऊपर बनी हुई थी। रिकॉर्ड मांग के चलते पावरकाम पर बिजली आपूर्ति का दबाव बढ़ गया था। घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को अघोषित कटौती का सामना करना पड़ रहा था जबकि खेतीबाड़ी के लिए दिन में केवल चार घंटे बिजली आपूर्ति मिल रही थी। बुधवार रात हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने से एसी का उपयोग कम हुआ और सिंचाई के लिए ट्यूबवेलों की जरूरत भी घटी। इससे बिजली की मांग में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। वीरवार को इस मांग को पूरा करने के लिए पावरकाम के पास अपने सभी स्रोतों से 5222 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही। इसमें सरकारी थर्मल प्लांटों से 1695 मेगावाट, हाइडल परियोजनाओं से 810 मेगावाट और निजी थर्मल संयंत्रों से 2682 मेगावाट बिजली मिली। शेष करीब 10648 मेगावाट बिजली नॉर्दर्न ग्रिड से ली गई। हालांकि रोपड़ थर्मल प्लांट की 210 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट और रणजीत सागर बांध की 150 मेगावाट क्षमता वाली एक यूनिट बंद रहने से 360 मेगावाट उत्पादन प्रभावित रहा। पावरकाम अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है जिससे बिजली की मांग और कम रह सकती है।  

UP BJP में क्या होंगे बड़े बदलाव? अमित शाह के साथ 3 घंटे की बैठक के बाद तेज हुई चर्चाएं

 नई दिल्ली बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नवीन की औपचारिक रूप से ताजपोशी 20 जनवरी के हुई थी. अब छह महीने के बाद टीम नवीन की स्क्रिप्ट तैयार हो गई है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष के साथ गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की तीन घंटे तक मैराथन बैठक चली, जिसके बाद माना जा रहा है कि जल्द 'टीम नवीन' का ऐलान हो सकता है?  नितिन नवीन ने गुरुवार को अमित शाह से मुलाकात की. अमित शाह के आवास पर करीब तीन घंटे तक चली बैठक में बीएल संतोष भी शामिल थे. हालांकि, इस मुलाकात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई, लेकिन मुद्दों पर चर्चा हुई. खासकर बीजेपी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम के गठन को लेकर मंथन किया गया।  अमित शाह के आवास पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और बीएल संतोष के बीच हुई बैठक को सिर्फ संगठनात्मक समीक्षा तक नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे बीजेपी के भविष्य के राजनीतिक रोडमैप, नई नेतृत्व टीम और आगामी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।  नितिन नवीन की टीम गठन की स्क्रिप्ट तैयार बीजेपी अध्यक्ष बने हुए नितिन नवीन को छह महीने हो गए हैं, लेकिन अभी तक उनकी टीम का ऐलान नहीं हुआ है. गुरुवार शाम अमित शाह, नितिन नवीन और बीएल संतोष के बीच हुई बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन को फाइनल रूप देने पर मंथन किया गया. हालांकि, बैठक को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई, लेकिन इस दौरान बीजेपी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम के गठन का विषय ही अहम था।  सूत्रों की माने तो नितिन नवीन के नेतृत्व वाली बीजेपी की नई केंद्रीय टीम में 'वरिष्ठ और युवा नेताओं' को जगह मिलने की संभावना है. माना जा रहा है कि मोदी सरकार में मंत्री का पद संभाल रहे कई नेताओं को भी पार्टी संगठन में शामिल किया जा सकता है और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाने की प्लानिंग है।  जानिए कैसी होगी नितिन नवीन की नई टीम नितिन नवीन, अमित शाह और बीएल संतोष के साथ हुई बैठक से संकेत साफ हैं कि पार्टी अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच नया संतुलन बनाकर संगठन को अगले चुनावी दौर के लिए तैयार करना चाहती है. इसके अलावा महिला आरक्षण कानून के पास होने के बाद माना जा रहा है कि बीजेपी संगठन में आधी आबादी को अहमियत दे सकती है. यूपी की में बनी टीम पंकज में 13 महिलाओं को संगठन में शामिल किया गया है, जिसके चलते माना जा रहा है कि राष्ट्रीय टीम में महिलाओं को खास तवज्जे दी जाएगी।  नितिन नवीन की उम्र 46 साल है, जो युवा पीढ़ी के नेता हैं. ऐसे में उनके नेतृत्व में एक युवा टीम गठन की बात कही जा रही है, जिसमें कुछ अनुभवी पार्टी नेताओं को उपाध्यक्ष के रूप में शामिल किया जा सकता है. इसके अलावा पार्टी दक्षिणी राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जहां उसका चुनावी प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है.ऐसे में इन राज्यों के नेताओं को कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां टीम नवीन में दी जा सकती हैं।  बीजेपी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्यों को उचित महत्व मिल सकता है. उत्तर प्रदेश और पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके चलते इन दोनों ही राज्यों की सियासत अहमियत संगठन में मिल सकती है।  बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव की आहट भाजपा में संगठनात्मक बदलाव की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है. केंद्र की सत्ता में लगातार तीसरे कार्यकाल के बीच पार्टी नेतृत्व अब संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है. इसी रणनीति के तहत भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष की लंबी बैठक को महज औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि संगठन के पुनर्गठन की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।  माना जा रहा है कि आगामी राज्यों के विधानसभा चुनाव, 2029 की राजनीतिक तैयारी और संगठन में नई ऊर्जा भरने के लिए पार्टी जल्द ही केंद्रीय पदाधिकारियों की नई टीम का ऐलान कर सकती है, जिसमें वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और युवा चेहरों की सक्रिय भूमिका का संतुलित मिश्रण देखने को मिल सकता है.सूत्रों ने बताया कि बीजेपी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी टीम में शामिल किए जाने वाले नेताओं के नामों की घोषणा जल्द कर दी जाएगी।  संगठन में भेजे जाएंगे मोदी कैबिनेट से कई नेता बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्षों, राष्ट्रीय महासचिवों, सचिवों और पार्टी मोर्चों के प्रमुखों की नई टीम को अंतिम रूप देने की कवायद लगातार हो रही है. पार्टी सूत्रों के अनुसार बीजेपी अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान जल्द कर देगी।  मोदी कैबिनेट से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा हो चुका है और रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया है, जिसके चलते उनकी भी कैबिनेट से छुट्टी तय है. पंकज चौधरी यूपी और हर्ष मल्होत्रा दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बन गए हैं. इस तरह केंद्रीय मंत्रिपरिषद के कुछ और सदस्यों को हटाया कर संगठन में भेजा जा सकता है.  केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और सामाजिक न्याय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर, 2026 को पूरा हो रहा है। 

पंजाब कांग्रेस में चन्नी की ताकत का प्रदर्शन, समर्थकों की जुटी भीड़; बराड़ का बड़ा बयान

चंडीगढ़  पंजाब में 2027 चुनाव से पहले कांग्रेस में फिर बगावत शुरू हो गई है। प्रदेश प्रधान न बनाए जाने से पूर्व CM चरणजीत चन्नी बेहद नाराज हैं। इसी वजह से कैंपेंनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाए जाने पर चन्नी ने हाईकमान का धन्यवाद तक नहीं किया। उन्होंने आज, शुक्रवार को मोरिंडा स्थित घर में मीटिंग बुलाई है। जिसमें सांसदों, विधायकों और हलका इंचार्जों को बुलाया गया है। चन्नी के बुलावे पर लुधियाना से पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू, पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, पूर्व MLA गुरप्रीत कांगड़, नाजर सिंह मानशाहिया, दविंदर सिंह घुबाया, इंदरवीर सिंह बुलारिया, लखबीर लक्खा, तरसेम डीसी और बाघापुराना से पूर्व MLA दर्शन बराड़ चन्नी, हरमिंदर सिंह गिल और पूर्व सांसद मोहम्मद सदीक के घर पहुंच चुके हैं। बराड़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर चन्नी को प्रधान न बनाया गया तो पंजाब में कांग्रेस की सरकार नहीं बन सकती। चन्नी के इस रुख से लग रहा है कि पंजाब कांग्रेस में आज कोई बड़ा धमाका हो सकता है। चन्नी के एक करीबी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया- प्रधान न बनाए जाने से चन्नी बहुत खफा हैं और अब उन्होंने आर-पार की लड़ाई का फैसला कर दिया है। वह शक्ति प्रदर्शन कर हाईकमान को अपनी ताकत का एहसास कराना चाहते हैं। वड़िंग हटाओ, कैप्टन की तरह प्रधान बनाओ पॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि पंजाब कांग्रेस में एक प्रचलन रहा है कि जो पार्टी प्रधान होता है, वही सीएम बनता है। कैप्टन अमरिंदर सिंह दोनों बार चुनाव से पहले अध्यक्ष बनाए गए और जब पार्टी ने चुनाव जीता तो उन्हें ही सीएम बनाया गया। इसी कुर्सी पर नजर रखते हुए चन्नी गुट लंबे समय से राजा वड़िंग के विरोध में रहा है, यह किसी से छुपा नहीं है। पार्टी की इंटरनल मीटिंग हो या फिर हाईकमान के सामने सब जगह चन्नी राजा वड़िंग को फेल लीडर बता चुके हैं और उन्हें प्रधान पद से हटाने की वकालत भी कर चुके हैं। 2017 में जब कांग्रेस की सरकार आई तो इसी तरह कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कांग्रेस हाईकमान पर दबाव बनाया था कि उन्हें प्रधान बनाएं। जब प्रताप बाजवा को प्रधान पद से हटाया गया था। प्रधान बनने का मकसद साफ होता है कि टिकट बंटवारे में उनकी ही चले और जब विधायक जीतकर आएं तो ज्यादातर विधायक उनके समर्थक हों और उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी का रास्ता साफ रहे। कैप्टन ने इसके लिए जाट महासभा तक को एक्टिव कर दिया था। चन्नी भी कैप्टन के रास्ते पर हैं। वह चाहते हैं कि हाईकमान उन्हें प्रधान बनाए ताकि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो राजा वड़िंग ये क्रेडिट न ले सकें कि प्रधान होने के नाते यह जीत उनकी अगुआई में हुई है। फिर वह सीएम कुर्सी पर भी दावा ठोक सकते हैं। प्रधान नहीं तो मुझे 'सीएम चेहरा' घोषित करो 2022 में नवजोत सिद्धू प्रधान थे और चरणजीत चन्नी मुख्यमंत्री, इसीलिए तब हाईकमान पर दबाव डाला गया कि सीएम चेहरा घोषित करें। इसकी वजह ये थी कि प्रधान सिद्धू थे और सीएम चन्नी। चन्नी पंजाब कांग्रेस के ट्रेंड से वाकिफ थे कि अगर सिद्धू की प्रधानगी में चुनाव जीते तो सीएम कुर्सी मिलनी मुश्किल है। इसलिए सिद्धू को उकसाया गया और अंदरूनी तौर पर चन्नी लॉबिंग करते रहे। फिर पहली बार कांग्रेस ने पंजाब में औपचारिक तौर पर चन्नी को सीएम चेहरा घोषित करना पड़ा। माना जा रहा है कि चन्नी उसी पैटर्न पर चल रहे हैं। वह चाहते हैं कि हाईकमान उन्हें प्रधानगी की कुर्सी दे। अगर ऐसा नहीं होता तो चाहे राजा वड़िंग प्रधान रहें लेकिन पिछली बार की तरह उन्हें CM चेहरा घोषित किया जाए। पॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि कांग्रेस जट्‌टसिखों को नाराज नहीं करना चाहती थी। इसलिए वड़िंग को नहीं हटाया। इसीलिए चन्नी अब पार्टी हाईकमान पर उन्हें सीएम फेस घोषित करने का दबाव बना रहे हैं। चन्नी के पास समर्थक नेताओं की लंबी फौज है। ऐसे में समर्थकों और 31% दलित वोट बैंक के जरिए वह हाईकमान पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे। चन्नी की दोनों मांगें दरकिनार तो क्या रास्ता बचा? पॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि चरणजीत चन्नी पहले तो कांग्रेस पर पूरा दबाव बनाएंगे कि या तो उन्हें अध्यक्ष बनाया जाए या फिर सीएम फेस घोषित किया जाए। अगर दोनों में से कुछ भी नहीं हुआ तो उनके पास प्लान बी है। प्लान बी के तहत वो अपने समर्थकों के साथ नई पार्टी का गठन कर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो यह कांग्रेस के लिए बड़ा नुकसान माना जाएगा। उनका कहनना है कि चन्नी के साथ एक बड़ा दलित वर्ग जुड़ा है। 2021 में उनके 111 दिन के कार्यकाल से भी अच्छी छवि बनी है। अगर चन्नी बगावत करते हैं या अलग पार्टी बनाते हैं, तो कांग्रेस के पारंपरिक दलित और गरीब तबके में मैसेज जाएगा कि उनके नेता की सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में यह वोट बैंक पूरी तरह से खिसक जाएगा, जिसका सीधा फायदा विरोधी दलों को मिलेगा। चन्नी गुट के दिग्गज नेताओं का इस फैसले पर क्या रवैया चन्नी गुट के किसी भी नेता ने हाईकमान के फैसले पर कोई धन्यवाद नहीं किया। इनमें MLA राणा गुरजीत, MLA परगट सिंह, पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, पूर्व MLA भारत भूषण आशू प्रमुख नेता हैं। कपूरथला से MLA राणा गुरजीत की एक रील भी सुर्खियों में है, जिसमें उन्होंने ‘पातशाही दा वा रखदे हां, खंडियां दी धार ते नचदे हां, सानू औंदा है बदला लैंणा’ सॉन्ग लगा रखा है। इससे ये कयास लगाए जा रहे हैं कि वह भी चन्नी की लड़ाई में उनके साथ हैं। राणा गुरजीत ने 2022 में AAP की आंधी के बावजूद न केवल अपनी सीट जीती बल्कि अपने बेटे राणा इंदरप्रताप को भी सुल्तानपुर लोधी से निर्दलीय जिता दिया।

इंदौर दुष्कर्म केस: हिंदू नाम बताकर संबंध बनाने का आरोप, पीड़िता सिलीगुड़ी से पहुंची मध्य प्रदेश

 इंदौर  धार्मिक पहचान छुपाकर गायिका के साथ दुष्कर्म करने वाले मुस्लिम युवक को बाणगंगा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।उसने अपना नाम राहुल बताकर युवती से दोस्ती की और बातचीत के बहाने कमरे पर ले गया। वहां जबरन संबंध बनाए, विरोध करने पर मांग पर सिंदूर भर दिया और कहने लगा आज से वह उसका पति हो गया। बाणगंगा थाने के टीआइ सियारामसिंह गुर्जर के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम अगस्त 2024 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में हुआ। पीड़िता वहां एक इवेंट के लिए गई थी। बाद में जब उसे पता चला कि राहुल मुस्लिम है, उसका पूरा नाम मोहम्मद राहुल पुत्र अब्दुल शेख है और उसके कई लड़कियों से संबंध हैं तो विरोध जताया। आरोपित ने युवती को कमरे में कैद कर लिया और मारपीट करने लगा। अक्टूबर 2025 में पीड़िता किसी तरह उसके चंगुल से निकली और दिल्ली में रहने वाली सहेली के पास पहुंची। वहां उसने बच्चे को जन्म दिया। इस साल मार्च में पीड़िता इंदौर में बेटे को लेकर मां के साथ रहने लगी। आरोपित उससे मिलने के बहाने इंदौर पहुंचा और पुन: संबंध बनाए। बाद में मारपीट भी की। पीड़िता ने हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं की मदद ली और आरोपित को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। टीआइ के अनुसार, आरोपित पुलिस को बरगला रहा है।

प्रजनन अधिकार पर अहम फैसला, इंदौर हाईकोर्ट ने अलग रह रही पत्नी को दी गर्भपात की इजाजत

इंदौर  इंदौर हाई कोर्ट ने एक महिला को गर्भपात कराने की अनुमति दे दी है. महिला अपने पति से काफी दिनों से अलग रह रही थी और दोनों के बीच तलाक को लेकर सहमति भी बन गई थी. लेकिन पति के मुकर जाने के बाद और कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं होने के चलते इंदौर हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले में पीड़िता को इस तरह की अनुमति दी है. कोर्ट ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 के तहत यह फैसला सुनाया है।  गर्भवती महिला ने लगाई थी याचिका इंदौर हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप एन. भट्ट की एकल पीठ में महिला की ओर से एक याचिका लगाई गई थी. जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि महिला पति से अलग रह रही है और आगे वैवाहिक संबंध नहीं रखना चाहती है. ऐसे में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उसे अपनी प्रजनन संबंधित स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है. इसी कानून के तहत उसे गर्भपात करने की अनुमति दी जाना चाहिए।  कोर्ट के सामने पेश नहीं हुआ पति बता दें कि पति-पत्नी दोनों में तलाक को लेकर सहमति बन गई थी, लेकिन इसी दौरान पति तलाक देने से मुकर गया जिसके चलते कोर्ट ने उसे नोटिस जारी किया. लेकिन वह कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ और लेकिन उसके बाद भी पति-पत्नी अलग रह रहे थे. पत्नी ने गर्भपात करवाने को लेकर इंदौर हाईकोर्ट की शरण ली और कोर्ट को उसके द्वारा इस बात की जानकारी दी कि उसे 13 हफ्ते का गर्भ है. कोर्ट ने तमाम दलीलों को सुनने के बाद उसे गर्भपात करने की अनुमति दे दी है. फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने यह भी कहा है कि, महिला को गर्भपात के लिए पति की सहमति की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि पति उससे अलग रह रहा है।  क्या है मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट एक मौलिक मानवाधिकार है, जो महिलाओं को परिवार नियोजन, गर्भधारण करने या न करने, और बच्चों की संख्या व अंतराल के बारे में फैसला करने का अधिकार देता है. खास बात यह है कि, पति-पत्नी के बीच चल रहा अलगाव भी अबॉर्शन की अनुमति के लिए एक वैध और कानूनी आधार माना जा सकता है। 

हिमाचल में भारी बारिश से तबाही, 9 की मौत, 49 सड़कें बंद; भूस्खलन ने बढ़ाई मुश्किलें

 शिमला हिमाचल प्रदेश में मॉनसून जहां राहत लेकर आया है तो वहीं भारी बारिश और भूस्खलन से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित है. कई सड़कें बंद हो गई हैं. प्रदेश में अब तक मॉनसून से जुड़े अलग-अलग हादसों में 9 लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट भी जारी किया है।  हिमाचल प्रदेश में 30 जून को मॉनसून ने दस्तक थी. हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्राधिकरण की ओर से जारी एक रिपोर्ट में 30 जून से 2 जून तक कुल 11 लोगों की मौत की जानकारी दी गई है. जिनमें मॉनसून संबंधित घटनाओं में 9 लोगों की जान गई है, जबकि 2 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई है।  मॉनसून में हिमाचल के किन जिलों में हुई मौतें? आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, चंबा में 1, कुल्लू में 1, कांगड़ा में 3, जिला मंडी में 1 और शिमला में 2 लोगों की जान गई है. वहीं, सड़क दुर्घटनाओं में जिला कांगड़ा और लाहौल स्पीति में 1-1 व्यक्ति की जान गई है. इसके साथ ही 30 जून से अब तक मॉनसून में 12 लोग घायल हुए हैं. हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की शुरुआत से अब तक 69.65 लाख का नुकसान हुआ है।  हिमाचल में 46 सड़कें बंद, ऑरेंज अलर्ट जारी हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. भारी बारिश के कारण राज्य भर में 46 सड़कें वाहनों के लिए बंद हो गई हैं. मौसम विभाग ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है।  शिमला मौसम केंद्र ने 5 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. हालांकि, 3 जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, सबसे ज्यादा कुल्लू जिले में 18 सड़कें बंद हैं. मंडी में 15, सिरमौर में 9, लाहौल-स्पीति और ऊना में 2-2 सड़कें बंद हैं।  इसके अलावा बारिश से बिजली और पानी की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है. पूरे राज्य में 181 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं और 6 पानी की योजनाएं प्रभावित हुई हैं।  सबसे ज्यादा बारिश कहां हुई? पोंटा साहिब में सबसे ज्यादा 100.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. इसके बाद कसौली में 86 मिमी, धर्मपुर में 83.4 मिमी, जट्टों बैराज में 77 मिमी, धौलाकुआं में 69 मिमी, पचहड़ में 60 मिमी, रामपुर में 53 मिमी, ऊना में 50.4 मिमी, नाहन में 38.3 मिमी, पालमपुर में 37.8 मिमी और धर्मशाला में 34.1 मिमी बारिश हुई है। 

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने उन्नत वत्स प्रदर्शनी का किया अवलोकन, विभागीय नवाचारों की सराहना

रायपुर : कृत्रिम गर्भाधान से पशुधन विकास की मिसाल बना ग्राम पुरी कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने उन्नत वत्स प्रदर्शनी का किया अवलोकन, विभागीय नवाचारों की सराहना कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने उन्नत वत्स प्रदर्शनी का किया अवलोकन, विभागीय नवाचारों की सराहना रायपुर, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने धमतरी जिले के प्रवास के दौरान पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर पशुधन विकास विभाग द्वारा विकासखंड धमतरी के मुख्य ग्राम योजना अंतर्गत ग्राम पुरी स्थित पशु चिकित्सा संस्था मुख्य ग्राम इकाई में उन्नत वत्स प्रदर्शनी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर गायों को हरा चारा भी खिलाया । प्रदर्शनी में कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से उत्पादित 42 उन्नत वत्सों (एफ-1 से एफ-3 पीढ़ी) का प्रदर्शन किया गया। मंत्री नेताम ने उन्नत नस्ल के इन वत्सों का अवलोकन कर विभाग द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक एवं नवाचार आधारित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से पशुधन की गुणवत्ता में सुधार कर दुग्ध उत्पादन बढ़ाना किसानों और पशुपालकों की आय वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए पशुपालकों से संवाद किया तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की। इस मौके पर कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी तथा पशुधन विकास विभाग के संचालक चन्द्रकांत वर्मा, कलेक्टर अविनाश मिश्रा भी उपस्थिति थे।  ग्राम की सरपंच श्रीमती कुंती देवदास एवं दुग्ध सहकारी समिति के अध्यक्ष चिरौंजीलाल साहू ने बताया कि ग्राम पुरी में शत-प्रतिशत कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से लगभग प्रत्येक परिवार डेयरी गतिविधियों से जुड़ चुका है। वर्तमान में ग्राम के दुग्ध संकलन केन्द्र में प्रतिदिन 500 लीटर से अधिक दूध का संकलन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्राम पुरी अब वैज्ञानिक पशुपालन एवं डेयरी विकास का प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभर रहा है। कार्यक्रम के दौरान कृत्रिम गर्भाधान कार्य में सूचना-तंत्र के रूप में महत्वपूर्ण सहयोग देने वाले ग्राम के चरवाहों को मंत्री नेताम ने गमछा एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से ही शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो पाता है। इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेतों में दवा के छिड़काव हेतु स्प्रे ड्रोन का पूजन-अर्चन कर मंत्री नेताम ने उसका प्रदर्शन भी किया। ड्रोन तकनीक के माध्यम से कम समय, कम लागत एवं अधिक दक्षता के साथ कृषि कार्य किए जाने की उपयोगिता से उपस्थित किसानों को अवगत कराया गया।

शानदार तेजी के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 650 अंक और निफ्टी 200 अंक की छलांग

मुंबई  हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर मार्केट में खुलते ही उछाल देखा गया. 650 अंक या 0.84 प्रतिशत की उछाल के साथ 78,152.34 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी लगभग 200 अंक या 0.83 प्रतिशत की बढ़त लेकर 24,375.65 पर ओपन हुआ. आईटी, मेटल, फार्मा और केमिकल शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर बेंचमार्क सूचकांकों में करीब 1-1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. हालांकि कुछ मिनटों के भीतर बाजार थोड़ा स्थिर दिखा. सुबह 9:23 बजे निफ्टी 50 करीब 173 अंकों के उछाल के साथ 24,352 पर ट्रेड करता दिखा, जबकि सेंसेक्‍स 542 अंकों के उछाल के साथ 78,042 के लेवल पर कारोबार करता दिखा।  रुपये में भी लगातार मजबूती देखी जा रही है. शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय करेंसी रुपया डॉलर के मुकाबले 18 पैसे चढ़कर 95.17 के लेवल पर कारोबार करता दिखा।  बाजार की शुरुआती बड़ी बातें मुंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 650 अंक या 0.84 प्रतिशत की भारी उछाल के साथ 78,152.34 के स्तर पर खुला. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 200 अंक या 0.83 प्रतिशत की मजबूती लेकर 24,375.65 के स्तर पर खुला. बाजार के इस शुरुआती उछाल से निवेशकों ने कुछ ही मिनटों में मोटी कमाई की।  सेक्टर्स का हाल: कहां रही तेजी, कहां मंदी? बाजार को ऊपर ले जाने में आज आईटी कंपनियों ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई।  आईटी और मेटल में धूम: निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 2 प्रतिशत की बड़ी तेजी देखी गई. इसके साथ ही मेटल (धातु) इंडेक्स भी 1.66 प्रतिशत ऊपर चढ़ गया।  छोटे और फार्मा शेयर चमके: छोटे आईटी और टेलीकॉम शेयरों के साथ-साथ केमिकल इंडेक्स में 0.82 प्रतिशत और फार्मा इंडेक्स में 0.72 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया।  यहां दिखा दबाव: इस चौतरफा तेजी के बीच बैंकिंग सेक्टर में थोड़ी सुस्ती रही. सरकारी बैंकों का इंडेक्स (Nifty PSU Bank) 0.87 प्रतिशत गिर गया. इसके अलावा टाटा मोटर्स, एनटीपीसी, एसबीआई और एक्सिस बैंक जैसे बड़े शेयरों में गिरावट देखने को मिली।  उतार-चढ़ाव में आई कमी बाजार में जोखिम और डर को मापने वाला पैमाना यानी 'इंडिया विक्स' (India VIX) आज 1.62 प्रतिशत गिरकर 12.09 के स्तर पर आ गया. इसका घटना इस बात का संकेत है कि बाजार में अभी घबराहट कम है और स्थिरता बढ़ रही है।  बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार का रुख सकारात्मक बना रहेगा, लेकिन निवेशकों को थोड़ा सावधान भी रहना चाहिए।  निफ्टी के लिए जरूरी स्तर: विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी का 24,000 के ऊपर बने रहना बहुत जरूरी है. अगर यह इसके ऊपर टिका रहता है, तो तेजी का दौर जारी रहेगा. बाजार के लिए पहला बड़ा अवरोध 24,300 और फिर 24,450 पर है।  गिरावट पर यहां है सहारा: अगर बाजार में कोई बड़ी गिरावट आती है, तो 24,050 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (सहारा) का काम करेगा. यदि यह स्तर भी टूटता है, तो निफ्टी 23,900 तक नीचे जा सकता है।  विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि दुनिया भर के बाजारों में टेक और सेमीकंडक्टर शेयरों में चल रही बिकवाली पर नजर रखें, क्योंकि इसका असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी पड़ सकता है।  आईटी सेक्‍टर्स में ज्‍यादा उछाल  सेक्टर के लिहाज से बात करें तो निफ्टी आईटी (Nifty IT) में करीब 2 फीसदी का उछाल देखा गया, जबकि निफ्टी मेटल (Nifty Metal) 1.66 फीसदी मजबूत हुआ. इसके अलावा निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम, केमिकल्स और फार्मा सूचकांकों में क्रमशः 1 फीसदी, 0.82 फीसदी और 0.72 फीसदी से अधिक की तेजी रही।  इसके विपरीत, निफ्टी पीएसयू बैंक (Nifty PSU Bank) इंडेक्स में 0.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी 50 के शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV), एनटीपीसी (NTPC), एसबीआई (SBI) और एक्सिस बैंक (Axis Bank) सबसे ज्यादा नुकसान में रहने वाले शेयरों में शामिल थे।  व्यापक बाजार (Broader Market) में भी मजबूती बनी रही. निफ्टी स्मॉलकैप 50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में क्रमशः 0.48 प्रतिशत और 0.46 प्रतिशत की बढ़त देखी गई. वहीं, निफ्टी 100 में 0.46 प्रतिशत और निफ्टी 500 में 0.41 प्रतिशत की तेजी आई. बाजार में उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाला सूचकांक 'इंडिया विक्स' (India VIX) 1.62 फीसदी गिरकर 12.09 के स्तर पर आ गया।  एक्‍सपर्ट्स का क्‍या कहना है?  मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शॉर्ट टर्म के लिए बाजार का नजरिया सतर्कता के साथ सकारात्मक (Cautiously Optimistic) बना हुआ है. विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,000 के स्तर से ऊपर बने रहना व्यापक रूप से तेजी के ट्रेंड को सकारात्मक रखता है. बाजार के लिए तात्कालिक रुकावट (Immediate Resistance) 24,300 पर है, जिसके बाद अगला रेजिस्टेंस 24,450 पर देखा जा रहा है।  गिरावट की स्थिति में 24,050 एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल (Key Support Level) बना हुआ है. अगर यह स्तर टूटता है, तो बाजार में 23,900 की तरफ एक सुधारात्मक गिरावट (Correction) आ सकती है।  एक्सपर्ट्स ने यह भी सलाह दी है कि निवेशकों को वैश्विक स्तर पर तकनीकी शेयरों में चल रही बिकवाली (Global Technology Sell-off) पर नजर रखनी चाहिए. सेमीकंडक्टर शेयरों में दोबारा कमजोरी आने से घरेलू आईटी शेयरों में हालिया तेज रैली के बाद मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिल सकती है।  कमोडिटी और वैश्विक बाजारों के संकेत  अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 0.77 प्रतिशत बढ़कर 72.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ 70 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बना रहा।  एशियाई बाजारों में भी आज ज्यादातर शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे, जहां निक्केई (Nikkei), हैंगसेंग (Hang Seng) और कोस्पी (KOSPI) में 3 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।  इससे पहले, तकनीकी शेयरों में बिकवाली के कारण कल रात अमेरिकी बाजार (Wall Street) गिरावट के साथ बंद हुए थे. वहां नैस्डैक (Nasdaq) 0.80 प्रतिशत टूट गया था, जबकि एसएंडपी 500 (S&P 500) बिना किसी खास बदलाव के सपाट बंद हुआ था। 

मध्य प्रदेश में बारिश का कहर, उज्जैन में शिप्रा नदी उफान पर; इंदौर की सड़कें दरिया, भोपाल में लंबा जाम

उज्जैन /भोपाल /इंदौर  मध्य प्रदेश में मौसम लगातार करवट ले रहा है, जहां जुलाई की शुरुआत में हुई मूसलाधार बारिश ने एमपी में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. बुधवार शाम से देर रात तक हुई बारिश के कारण प्रदेश के कई शहरों में जलभराव हो गया और नालों में तेज बहाव की स्थिति बन गई. इंदौर और भोपाल में बारिश का कहर देखने को मिला. इंदौर में तेज बारिश जानलेवा साबित हुई. शहर में अलग-अलग स्थानों पर दो युवक नालों के तेज बहाव में बह गए।  इस दौरान उज्जैन के इंगोरिया थाना क्षेत्र के गांव गांवड़ी लोधा में सहायक सचिव नाले में बह गए, जिनका शुक्रवार सुबह तक कोई सुराग नहीं लग पाया. वहीं, एक युवक रपट पुलिया पार करने के दौरान बाइक सहित पानी के तेज बहाव के साथ बह गया. गनीमत रही कि वह तैरने जानता था, जिससे तैरकर वह किनारे पहुंचा और झाड़ियां पकड़ कर अपनी जान बचा ली. लेकिन इस घटना में उसी बाइक पानी में बह गई. वहीं, इंदौर में नाले में बहकर 2 युवकों की मौत हो गई है।  सहायक सचिव नहीं मिला कोई सुराग इंगोरिया थाना प्रभारी दीपेश व्यास ने बताया, "गांवड़ी लोधा ग्राम पंचायत के सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा गुरुवार शाम 07:30 बजे करीब घर लौट रहे थे. तभी नाले पर बनी पुलिया को बाइक से पार करने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि वे बाइक सहित बह गए." इस मामले में होमगार्ड की प्लाटून कमांडर शीला ने बताया, "बड़नगर से जवानों को भेज दिया गया है. रात होने के कारण रेस्क्यू संभव नहीं हो पाया है. रेस्क्यू टीम सुबह 6 बजे रवाना होगी." रात के करीब 1 बजे सहायक सचिव की बाइक मिली, तो लोगों को उम्मीद जगी, लेकिन शुक्रवार सुबह तक सहायक सचिव का कोई सुराग नहीं मिला है।  मंडला में जलमग्न हुई सड़कें मंडला नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 14 सुभाष वार्ड में पहली ही बारिश पूरी सड़क जलमग्न हो गई. गंदा पानी कई घरों में घुस गया. करीब एक घंटे बाद सड़क से पानी तो उतर गया, लेकिन पूरी सड़क पर कीचड़ और गंदगी फैल गई. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनसुनवाई के दौरान नगरपालिका अधिकारियों ने 1 सप्ताह में समस्या के समाधान का भरोसा दिया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जलभराव के कारण भविष्य में कोई दुर्घटना, जनहानि या अन्य अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगरपालिका प्रशासन की होगी।  निगम मुख्यालय में पहली बारिश में भरा पानी मध्य प्रदेश के नए निगम मुख्यालय में पहली बारिश में ही पानी घुस गया. इससे करोड़ों रुपए के बने नए भवन की पोल खुल गई है. लगभग 75 करोड रुपए में बनी बिल्डिंग का पिछले महीने ही लोकार्पण हुआ था. नगर निगम के नए मुख्यालय में तेज बारिश की वजह से जगह-जगह पानी भर गया. अब बारिश के बाद आधुनिक निगम मुख्यालय वॉटर लॉबी बना नजर आया।  थोड़ी बारिश में सड़कें हुई लबालब इसके अलावा भोपाल के कई क्षेत्रों में थोड़ी बारिश के बाद ही सड़कें लबालब हो गईं. तेज बारिश में निचले इलाकों में वाटर लॉगिंग की समस्या साफ दिखाई दी. इससे भोपाल नगर निगम के दावों की पोल खोल दी. सड़क किनारे के छोटे नाले भी कई जगह ओवरफ्लो दिखाई दिए. इसके अलावा बारिश की वजह से सड़कों पर लंबा जाम लग गया और धीमी गति से वाहन रेंगते हुए नजर आए।  जबलपुर में तेज बहाव में बह गई बोलेरो जबलपुर में सुबह से लगातार बारिश हो रही है. बेलखेड़ा क्षेत्र में नाले उफान पर हैं. इस दौरान उफनते नाला पार करते समय बड़ा हादसा हो गया, जब बोलेरो नाले में बह गई. इसमें ड्राइवर की मौके पर मौत हो गई और तीन लोग बोलेरो का शीशा तोड़कर बाहर निकल आए. मृतक ड्राइवर का नाम रवि पिल्ले बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि नाले में तीन फुट से ज्यादा पानी था. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।  उज्जैन में बारिश के बाद जलभराव उज्जैन में हुई बारिश के बाद जगह-जगह जल भराव की स्थिति नजर आई. नई सड़क, बहादुर गंज, चामुंडा माता मंदिर चौराहा, इंदौर गेट, गदा पुलिया, नीलगंगा, एटलस चौराहा से लेकर ऐसे तमाम जगहों पर पानी भरा हुआ नजर आया. वहीं ग्राम पंचायत गांवड़ी लोधा में पानी के तेज बहाव में अपनी टूव्हीलर बाइक सहित गांव में ही खंती में बहे सहायक सचिव बह गए. सहायक सचिव का नाम सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा है।  पिता के लिए खाना ले जाते समय नाले में बहा युवक इंदौर में बारिश के दौरान जलभराव हो गया. इसी दौरान लसूड़िया मोरी निवासी 34 साल के गोलू पंवार रात करीब 9 बजे अपने पिता के लिए खाना लेकर जा रहा था. नाले के किनारे से गुजरते समय उसका पैर फिसला और वह नाले के तेज बहाव में बह गया. सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया. गुरुवार सुबह गोलू का शव बरामद कर लिया गया।  वहीं इंदौर के अहीरखेड़ी क्षेत्र में महेश चौहान अपने दोस्त मनीष के साथ पुल की रपट पार कर रहा था. अचानक दोनों नाले के तेज बहाव में बह गए. मनीष किसी तरह बाहर निकल आया, लेकिन महेश अब भी लापता है. पुलिस और रेस्क्यू टीम आसपास के नालों और नदी किनारों पर लगातार उसकी तलाश कर रही है. प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान नालों, पुलिया और रपट पार नहीं करने तथा सतर्क रहने की अपील की है।  पुलिस ने लोगों से की अपील एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि फिलहाल एक युवक का शव बरामद हो चुका है, जबकि नाले में बहा दूसरा युवक अब भी लापता है. पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है. लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक जोखिम नहीं उठाने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। 

डॉ. आशा लकड़ा बोलीं- जनजातीय समाज के अधिकारों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर : जनजातीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग प्रतिबद्ध: डॉ. आशा लकड़ा जशपुर में जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक, समस्याएं और सुझाव सुने कहा- सभी वैध प्रकरणों का नियमानुसार होगा निराकरण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की होगी सतत निगरानी रायपुर, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने गुरुवार को जशपुर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ संवाद किया। बैठक में उन्होंने जनजातीय समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों, शिकायतों एवं सुझावों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि सभी वैध मामलों का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में विधायक गोमती साय एवं रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय तथा छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का मूल उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना, उन्हें न्याय दिलाना तथा उनके हितों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आयोग का छत्तीसगढ़ प्रवास जनजातीय क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर स्थानीय समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग केवल शिकायतों की सुनवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर जनजातीय क्षेत्रों में संचालित विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा भी करता है। जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव नहीं हो पाता, उन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। डॉ. लकड़ा ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों सिद्धू, कान्हू, चांद और भैरव के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि उनके संघर्ष ने जनजातीय अधिकारों की रक्षा की दिशा में ऐतिहासिक आधार तैयार किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव हो अथवा अनुसूचित जनजाति के लोगों के साथ अन्याय, शोषण या अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं, तो आयोग ऐसे मामलों में गंभीरता से सुनवाई कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करता है। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 12 करोड़ अनुसूचित जनजाति के नागरिक और 725 से अधिक जनजातीय समुदाय निवास करते हैं। इनके अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा के लिए वर्ष 2004 में संविधान के अनुच्छेद 338(क) के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया गया। आयोग अनुसूचित जनजातियों को प्राप्त संवैधानिक एवं कानूनी संरक्षणों के क्रियान्वयन की निगरानी, शिकायतों की जांच तथा जनजातीय विकास योजनाओं की समीक्षा कर सरकार को आवश्यक सुझाव देता है। डॉ. लकड़ा ने कहा कि आयोग को जांच के दौरान दीवानी न्यायालय जैसी शक्तियां प्राप्त हैं। आयोग आवश्यक होने पर किसी भी अधिकारी या संबंधित व्यक्ति को समन जारी कर सकता है, सार्वजनिक अभिलेख तलब कर सकता है तथा प्रकरणों की विधिवत सुनवाई कर सकता है। आयोग की अनुशंसाएं कार्रवाई प्रतिवेदन के साथ संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत की जाती हैं। ऑनलाइन भी दर्ज करा सकते हैं शिकायत डॉ. आशा लकड़ा ने जनजातीय समुदाय से अपनी शिकायतें एवं समस्याएं लिखित रूप में प्रस्तुत करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि आयोग के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन दर्ज किए जा सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद आवेदक को डायरी नंबर जारी किया जाता है, जिसके आधार पर प्रकरण की सुनवाई की जाती है। उन्होंने आवेदन करते समय पूरा पता, मोबाइल नंबर एवं पिनकोड सही ढंग से दर्ज करने की अपील की। बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के कंसल्टेंट एच.आर. मीणा एवं जे.पी. सिंह, सीनियर इन्वेस्टिगेटर श्रीमती सोनल राज, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त संजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।