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तरनतारन में ASI ने सर्विस रिवॉल्वर से की आत्महत्या, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

तरनतारन. विधानसभा हलका पट्टी के गांव कैरो पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई अमरजीत सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अमृतसर निवासी अमरजीत सिंह का शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी तक आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल पाया। एएसआई अमरजीत सिंह करीब 4 माह से पुलिस चौकी में पत्थर प्रभारी तैनात थे। उनके साथ चौकी में तीन अन्य कर्मचारी भी तैनात थे। गुरुवार की शाम को नाकाबंदी के बाद खाना खाकर 9:30 बजे रात अपने क्वार्टर में गए वहां विश्राम के दौरान कमरे से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। क्योंकि मैं तैनात आने कर्मी ने मौके पर जाकर देख के ऐसी अमरजीत सिंह लहू लुहान पड़े थे और हाथ में उनके सर्विस पिस्टल थी। अमरजीत ने खुद की कनपटी पर पिस्टल लगाकर गोली चलाई जो उनकी मौत का कारण बनी। सूचना मिलते ही डीएसपी रविशेर सिंह मौके पर पहुंचे आशी का कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल के शव ग्रह में रखवा दिया गया है। कम नफरी के बीच ड्यूटी का था बोझ एएसआई अमरजीत सिंह ने खुद को गोली क्यों मारी इस बाबत अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पुलिस चौकी में नौकरी की कमी के चलते एएसआई अमरजीत सिंह कई बार अपना तबादला करवाने लिए अधिकारियों को कह चुके थे। एक ही सब डिवीजन में दूसरी घटना अभी 15 जून को पट्टी की अदालती परिसर में सुरक्षा में तैनात एएसआई गुरमीत सिंह ने खुद को गोली मारी थी जिनकी 7 दिन बाद अमृतसर के निजी अस्पताल में मौत हुई है।डीएसपी रविशेर सिंह ने बताया कि सब कब्जे में लेकर विभिन्न पहलुओं पर पड़ताल की जा रही है।

Apple प्रोडक्ट्स हुए 42% तक महंगे: MacBook Pro और iPad Air की कीमतों में भारी बढ़ोतरी

ऐपल ने भारत समेत दुनियाभर में अपने प्रोडक्ट के दाम बढ़ा दिए हैं, जिसमें मैकबुक से लेकर iPad तक का नाम शामिल है. कंपनी ने प्रोडक्ट की शुरुआती कीमत में 20 से 42 परसेंट तक का इजाफा किया है. यहां तक कि MacBook Pro के शुरुआती वेरिएंट की कीमत में 1 लाख रुपये का इजाफा हुआ है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. कंपनी का कहना है कि कीमत बढ़ने के पीछे की मुख्य वजह मेमोरी चिप्स और अन्य कंपोनेंट की बढ़ती लागत है. Apple India पोर्टल पर नई प्राइस लिस्ट आ चुकी है. पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि M5 सीरीज चिप वाले MacBook Pro की कीमत में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा चुकी है. MacBook Pro M5 Pro की नई कीमत 14-इंच MacBook Pro M5 Pro चिप वाले की कीमत अब 2,99,900 रुपये हो चुकी है. वहीं, लॉन्चिंग के दौरान इसकी शुरुआती कीमत 2,49,900 रुपये थी.   MacBook Pro 14-inch (M5 Max variant) की कीमत में करीब 1 लाख रुपये तक का इजाफा हुआ है. ये जानकारी इंडियाटुडे की रिपोर्ट से मिली है. iPad Air की कीमत में भारी इजाफा हुआ है. 13-इंच iPad Air के बेस मॉडल की कीमत 84,900 रुपये से बढ़ाकर 1,19,900 रुपये कर दी जा चुकी है, जो करीब 42 परसेंट तक का इजाफा है. कीमत बढ़ाने की वजह काउंटर रिसर्च के को-फाउंडर और रिसर्च वीपी नील शाह ने बताया है कि मैकबुक नियो, मैकबुक एयर, मैकबुक प्रो, आईपैड एयर और आईपैड प्रो वाईफाई की कीमत लागत में आए बड़े बदलाव को दर्शाती है. मेमोरी से सेमीकंडक्टर चिप्स की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है. चिप मेकर AI डेटा सेंटर के लिए भी कर रही हैं काम मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियां अब अपने मैन्युफैक्चरर का बड़ा हिस्सा AI डेटा सेंटरों को दे रही हैं. ऐसे में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए मेमोरी चिप्स की कमी हो चुकी है और उनकी लागत बढ़ रही है. नील शाह ने बताया है कि ऐपल ने करीब दो तिमाहियों तक कीमतें नहीं बढ़ाईं और महंगाई का असर ग्राहकों तक नहीं पहुंचने दिया. अब कंपनी के लिए बढ़ी हुई लागत का बोझ उठाना मुश्किल हो गया है, जिसकी वजह ये कीमत में इजाफा हुआ है. Apple इस साल अपने नए ऑन-डिवाइस Apple Intelligence जैसा फीचर लॉन्च कर सकती है. इसके लिए डिवाइस को और ज्यादा मेमोरी और रैम की जरूरत पड़ सकती है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार मनी प्लांट लगाने के 7 नियम, सही दिशा से आती है समृद्धि

 वास्तु शास्त्र में पेड़-पौधों का विशेष महत्व बताया गया है.  इनमें से मनी प्लांट को न केवल एक सजावटी पौधा माना जाता है, बल्कि इसे समृद्धि का सूचक भी माना गया है. घर में मनी प्लांट का सही चुनाव और उसे रखने का सही तरीका आर्थिक उन्नति में मददगार हो सकता है. यदि इसे गलत दिशा या गलत तरीके से लगाया जाए, तो यह घर में नकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक तंगी का कारण भी बन सकता है. आइए जानते हैं मनी प्लांट से जुड़े उन 7 जरूरी वास्तु नियमों के बारे में, जो आपके घर में खुशहाली ला सकते हैं. मनी प्लांट के लिए 7 अनिवार्य नियम सही दिशा का चुनाव: वास्तु शास्त्र के अनुसार, मनी प्लांट को हमेशा घर के दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) दिशा में लगाना चाहिए.  इस दिशा के स्वामी भगवान गणेश हैं और इसे शुक्र की दिशा भी माना जाता है.  उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में इसे कभी न रखें, क्योंकि यह स्थान गुरु का होता है और यहां मनी प्लांट लगाने से आर्थिक नुकसान हो सकता है. बेल को बढ़ने दें ऊपर की ओर: मनी प्लांट की बेल का विकास ही आपकी आर्थिक प्रगति का प्रतीक है. ध्यान रखें कि इसकी बेल जमीन पर नहीं फैलनी चाहिए. इसे किसी स्टिक या धागे के सहारे ऊपर की दिशा में चढ़ाएं, जिससे आपकी तरक्की और उन्नति के रास्ते खुलते हैं. सूखे पत्तों से बचाव: पौधे की देखभाल करना बहुत जरूरी है.  यदि मनी प्लांट के पत्ते पीले पड़ जाएं या सूख जाएं, तो उन्हें तुरंत हटा दें. सूखे पत्ते घर में नकारात्मकता और दुर्भाग्य का संकेत माने जाते हैं. पानी का सही उपयोग: यदि आप इसे पानी में लगा रहे हैं, तो बोतल का पानी हर हफ्ते बदलते रहें. पानी स्थिर रहने से उसमें मच्छर या गंदगी पैदा हो सकती है, जो वास्तु के अनुसार नकारात्मक ऊर्जा का कारक है.  इसके लिए नीले रंग की कांच की बोतल का प्रयोग करना भी शुभ माना जाता है. उपहार देने से बचें: ऐसी मान्यता है कि घर का मनी प्लांट किसी अन्य व्यक्ति को उपहार में नहीं देना चाहिए.  माना जाता है कि ऐसा करने से घर की समृद्धि और लक्ष्मी बाहर चली जाती है. कांटेदार पौधों से दूरी: मनी प्लांट के पास कभी भी कैक्टस या कोई अन्य कांटेदार पौधा न रखें. कांटेदार पौधों से निकलने वाली ऊर्जा मनी प्लांट की सकारात्मकता को कम कर सकती है. साफ-सफाई का रखें ध्यान: मनी प्लांट के आसपास का स्थान हमेशा साफ-सुथरा रखें. मनी प्लांट के पास गंदगी होने से घर की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है.

बस्तर में धान खरीद व्यवस्था पर सवाल, उठाव में देरी से करोड़ों की फसल हुई खराब

सुकमा. सुकमा में धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदा गया करीब 2 करोड़ 68 लाख रुपये मूल्य का धान या तो रिकॉर्ड से गायब मिला या फिर खुले में पड़े-पड़े अमानक हो गया. जिला स्तरीय सत्यापन में 1115.86 मीट्रिक टन धान रिकॉर्ड से कम पाया गया, जबकि 1295.90 मीट्रिक टन धान डेढ़ साल तक उठाव नहीं होने से खराब हो गया. यह वही धान था, जिसे मिलिंग के बाद गरीब परिवारों तक चावल के रूप में पहुंचना था. विभाग ट्रांसपोर्टिंग लक्ष्य पूरा होने का तर्क दे रहा है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि लक्ष्य पूरा होने के बाद धान की सुरक्षा और समय पर उठाव की जिम्मेदारी किसकी थी? कई स्तरों की निगरानी व्यवस्था के बावजूद करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति का नुकसान प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न बन गया है. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नुकसान की जिम्मेदारी तय होगी या नहीं. बस्तर संभाग में चार लाख क्विंटल धान असुरक्षित पड़ा धान खरीदी खत्म हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन प्रदेश के खरीदी केंद्रों में अब भी 10.76 लाख क्विंटल से ज्यादा धान पड़ा हुआ है। मानसून करीब है और समय पर बारिश शुरू होने की स्थिति में यह धान खराब हो सकता है। समर्थन मूल्य के आधार पर इसकी कीमत 333.74 करोड़ रुपए से अधिक है। खरीदी केंद्रों में अभी 7,48,310 क्विंटल मोटा, 1,21,020 क्विंटल पतला और 2,07,250 क्विंटल सरना धान का परिवहन बाकी है। परिवहन में लगातार हो रही देरी के कारण एक बार फिर करोड़ों रुपए के धान के खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। साल 2025-26 में प्रदेश में कुल 14.10 करोड़ क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। इसमें से 12.34 करोड़ क्विंटल धान राइस मिलर्स को और 1.65 करोड़ क्विंटल धान संग्रहण केंद्रों में भेजा गया। नियम के अनुसार 31 मार्च तक खरीदी केंद्रों से धान का पूरा उठाव हो जाना चाहिए था, लेकिन समय-सीमा बढ़ाकर 31 मई कर दी गई। इसके बावजूद बड़ी मात्रा में धान अब भी केंद्रों में जमा है। अब बारिश में खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।

स्वस्थ बच्चे बनेंगे समृद्ध समाज का आधार : सीएम योगी आदित्यनाथ

स्वस्थ रहने के लिए स्वास्थ्यप्रद व स्वच्छ आहार-विहार आवश्यक : मुख्यमंत्री  स्वस्थ बच्चे बनेंगे समृद्ध समाज का आधार : सीएम योगी आदित्यनाथ सीएम योगी ने राज्य सरकार के सहयोग से बने अक्षयपात्र फाउंडेशन के केंद्रीयकृत रसोईघर का किया उद्घाटन नए सत्र में गोरखपुर के एक लाख स्कूली बच्चों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण गर्मागर्म भोजन : सीएम योगी गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए स्वास्थ्यप्रद एवं स्वच्छ आहार-विहार का होना आवश्यक है। कुपोषण से मुक्ति के लिए जरूरी है कि स्वच्छता का ध्यान रखते हुए बच्चों को पौष्टिक आहार मिले। समाजहित में यह कार्य अक्षयपात्र फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है। स्वच्छ और पौष्टिक आहार मिलने से स्वस्थ बच्चे समृद्ध समाज का आधार बनेंगे।   सीएम योगी गुरुवार शाम गोरखपुर में राज्य सरकार के सहयोग से बने, एक लाख बच्चों के लिए भोजन क्षमता वाले अक्षयपात्र फाउंडेशन के केंद्रीयकृत रसोईघर के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों के मिड डे मील के लिए अक्षयपात्र फाउंडेशन की तरफ से भोजन निर्माण में स्वच्छता, पोषण और गुणवत्ता का जो ध्यान रखा जाता है, वह सबके लिए सीखने लायक है।  सीएम योगी ने कहा कि मथुरा, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, कानपुर में अक्षयपात्र फाउंडेशन के रसोईघर पहले से संचालित हैं। अब सरकार के सहयोग से गोरखपुर में केंद्रीयकृत रसोईघर का निर्माण कर इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। नए शैक्षिक सत्र में 50 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को फिर कुछ समय में ही 1 लाख बच्चों को यहां से गर्मागर्म भोजन मेन्यू के हिसाब से प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि खाद्यान्न और कन्वर्जन कास्ट सरकार उपलब्ध कराती है। बेहतर ढंग से भोजन बनाने और वितरण का कार्य अक्षयपात्र की तरफ से किया जा रहा है।  भोजन की क्वालिटी देखनी हो तो शुरुआत स्वच्छता से करें मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए सबको सोचना चाहिए। हम स्वस्थ तभी रहेंगे जब हमारा आहार स्वच्छ होगा। आहार स्वच्छ होगा तो वह स्वास्थ्यप्रद भी होगा। पौष्टक आहार से शरीर स्वस्थ होगा और शरीर स्वस्थ रहने पर ही मस्तिष्क भी स्वस्थ होगा। उन्होंने कहा कि घर हो या बाजार, भोजन की क्वालिटी देखनी हो तो शुरुआत स्वच्छता से करें। स्वच्छता में असावधानी होने पर ही फ़ूड पॉयजनिंग जैसी घटनाएं होती हैं। उन्होंने भोजन तैयार और वितरण करने में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के लिए अक्षयपात्र फाउंडेशन की सराहना की।  विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में योगदान करेंगे स्वस्थ बच्चे मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्षयपात्र फाउंडेशन के सहयोग से गोरखपुर में 1 लाख बच्चे पौष्टिक भोजन प्राप्त कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुपोषण मिशन के लक्ष्य को प्राप्त कर विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बच्चे भी भविष्य में समृद्ध समाज और सशक्त राष्ट्र का आधार बनेंगे।  सशक्त समाज की मजबूत कड़ी है शिक्षा सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा, समृद्ध समाज की आधारशिला और सशक्त राष्ट्र की मजबूत कड़ी है। शिक्षा से ही समाज का वर्तमान और भविष्य तय होता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के बेसिक स्कूलों में मिशन कायाकल्प से और माध्यमिक स्कूलों में प्रोजेक्ट अलंकार से ढांचागत सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने आज से शुरू हुए बेसिक शिक्षा के सत्र को लेकर शिक्षकों का आह्वान किया कि वे प्रयास करें कि एक भी बच्चा स्कूल आने से वंचित न रहे। विद्यालय में प्रवेश दिलाने के साथ उसे यूनिफॉर्म, बैग, जूता, मोजा आदि सभी उपलब्ध कराया जाए।  यूपी की शिक्षा के कायाकल्प को नीति आयोग से मिली सराहना मुख्यमंत्री ने कहा 9 साल में यूपी की शिक्षा के कायाकल्प को नीति आयोग ने सक्सेस स्टोरी माना है। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को सुरक्षित वातावरण में अध्ययन के लिए पर्याप्त धनराशि दी गई। सीएम ने कहा कि पहले जहां बोर्ड परीक्षाओं और परिणाम में महीनों लग जाते थे, वहीं अब 15 दिन में नकलविहीन परीक्षा और 15 दिन में परिणाम आ जाते हैं। इससे 11 माह पढ़ाई के लिए उपलब्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत करने के लिए अटल टिकरिंग लैब, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी बन रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सभी जिलों में अभ्युदय कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बढ़ी सुविधाओं से प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।  अक्षयपात्र फाउंडेशन ने भूमि और आर्थिक सहायता के लिए सीएम योगी का जताया आभार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी सहित सभी आगतों का स्वागत करते हुए अक्षयपात्र फाउंडेशन के सह संस्थापक एवं उपाध्यक्ष चंचलापति दास ने रसोईघर के निर्माण के लिए करीब 2.5 एकड़ भूमि और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अक्षयपात्र फाउंडेशन का मिशन है कि कोई भी बच्चा भूख की वजह से शिक्षा से वंचित न रहने पाए। उन्होंने बताया कि अक्षयपात्र की यह रसोई पीएम पोषण योजना के तहत गोरखपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के बच्चों के लिए प्रतिदिन 1 लाख गर्म, पौष्टिक एवं संतुलित भोजन तैयार और वितरित करने की क्षमता रखती है। विशेषीकृत रसोई उपकरणों में दो रोटी मेकिंग मशीनें हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता प्रति घंटे 40 हजार रोटियां तैयार करने की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के हाथों उद्घाटित केंद्रीयकृत रसोईघर की नई सुविधा अब 546 विद्यालयों के 55,000 बच्चों तक सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होगी तथा चरणबद्ध तरीके से 1,570 विद्यालयों के 1 लाख बच्चों तक अपनी पहुंच का विस्तार करेगी। वर्तमान में यह सुविधा भोजन वितरण के लिए 23 इलेक्ट्रिक वाहनों के बेड़े का संचालन कर रही है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने और क्षेत्रीय स्कूल भोजन प्रणाली को सुदृढ़ करने में सहायता मिलती है।  कार्यक्रम की अध्यक्षता अक्षयपात्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं ट्रस्टी भरतर्षभ दास ने की। इस अवसर पर प्रमुख रूप से राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष … Read more

1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाने और रिन्यू कराने के लिए देना होगा ज्यादा पैसा, सरकार ने बढ़ाई फीस, जानिए कितना बढ़ा शुल्क

 नई दिल्ली केंद्र सरकार ने पासपोर्ट और उससे जुड़ी सर्विस की फीस में बड़ा बदलाव किया है. ये बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब देश भर में पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण माने जाने को लेकर बहस चल रही है. विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 जारी करते हुए इसे अगले महीने से ही लागू करने के निर्देश दिए हैं।  साल 2012 में आखिरी बार हुआ था फीस में बदलाव नए नियमों के तहत 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट के नए शुल्क लागू होंगे. इस बदलाव के तहत अब पासपोर्ट बनवाना दो हजार रुपये तक महंगा पड़ सकता है. इससे पहले साल 2012 में आखिरी बार पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ाई गई थी. इस तरह ये बदलाव 14 साल बाद हुआ है।  सरकार ने इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद नया पासपोर्ट बनवाने, पासपोर्ट रिन्यू कराने और अन्य संबंधित सेवाओं के लिए संशोधित शुल्क देना होगा. इसके साथ ही पासपोर्ट नियम, 1980 की पुरानी शुल्क सूची (शेड्यूल-IV) को हटाकर नई शुल्क सूची लागू कर दी जाएगी. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि 1 जुलाई 2026 से सभी पासपोर्ट सेवाओं पर नए शुल्क लागू होंगे।  फीस में कितना हुआ बदलाव 1 जुलाई से पासपोर्ट शुल्क में बदलाव, जानिए अब कितना देना होगा   36 पेज का पासपोर्ट (नया/री-इश्यू): पहले: ₹1,500 → अब: ₹2,500 (नॉर्मल) पहले: ₹3,500 → अब: ₹5,000 (तत्काल) 60 पेज का पासपोर्ट (नया/री-इश्यू): पहले: ₹2,000 → अब: ₹3,500 (नॉर्मल) पहले: ₹4,000 → अब: ₹6,000 (तत्काल) 36 पेज का खोया/क्षतिग्रस्त पासपोर्ट: पहले: ₹1,500 → अब: ₹5,000 (नॉर्मल) पहले: ₹3,500 → अब: ₹7,500 (तत्काल) 60 पेज का खोया/क्षतिग्रस्त पासपोर्ट: पहले: ₹2,000 → अब: ₹6,000 (नॉर्मल) पहले: ₹4,000 → अब: ₹8,500 (तत्काल) 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का 36 पेज का पासपोर्ट: पहले: ₹1,000 → अब: ₹1,750 (नॉर्मल) पहले: ₹3,000 → अब: ₹4,250 (तत्काल) नाबालिगों का खोया/क्षतिग्रस्त पासपोर्ट: पहले: ₹1,000 → अब: ₹4,250 (नॉर्मल) पहले: ₹3,000 → अब: ₹6,750 (तत्काल)

ब्रांड पुशिंग का असर, दिल्ली में बीयर बिक्री दोगुनी, आबकारी राजस्व में 17% की बढ़ोतरी

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग द्वारा बियर, शराब की ब्रैंड पुशिंग की नीति का फायदा दिखने लगा है। दिल्ली में शराब की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीने में रेवेन्यू में 17% का इजाफा हुआ है। बियर के नेशनवाइड पॉपुलर बियर बैंड की बिक्री भी दोगुनी हो चुकी है। दो महीने में 885 करोड़ आबकारी विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहले दो महीने ( अप्रैल- मई) में शराब की बिक्री से कुल 885 करोड़ का रेवेन्यू मिला था, जो मौजूदा वित्तीय वर्ष में इसी दौरान बढ़कर 1038 करोड़ रुपये हो गया है। सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष में शराब की बिक्री से कुल वास्तविक रेवेन्यू 7148 करोड़ रुपये रखा था, जो इस साल बढ़ाकर 7200 करोड़ रुपये कर दिया है। सरकार का कहना है कि ब्रेड पुशिंग के चलते शराब व बियर की बिक्री में इजाफा हुआ है। इधर, सस्ती बीयर की डिमांड घटी अधिकारी के मुताबिक गर्मियों के दौरान बियर की बिक्री बढ़ जाती है। इसलिए हमने नेशन वाइज पॉपुलर बियर बैंड की पुशिंग 24% से बढ़ाकर 54% कर दी है। इससे बिक्री पर असर पड़ा है। पिछले साल मई 2025 में पॉपुलर ब्रैंड की बियर की बिक्री 2,47,143 थी, जो इस साल बढ़कर 5,96,351 हो गई है। इससे कम पॉपुलर ब्रेड की बिक्री जो 2025 में कुल बिक्री का 76% था, वह घटकर 46 फीसदी पर आ गई है। ब्रांड पुशिंग को लेकर बनाया दबाव अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में आबकारी विभाग ने सभी चार निगमों को ब्रांड पुशिंग को लेकर लगातार दबाव बनाया। इसके अलावा ब्रांडेड शराब की बिक्री को लेकर निगरानी भी बढ़ाई। उसकी नतीजा है कि दिल्ली के जो लोग अच्छी बियर व शराब के लिए दिल्ली की सीमा से सटे दूसरे राज्यों में जाते थे, उन्होंने दिल्ली में ही खरीदारी की। इससे बियर की बिक्री बढ़ी।  

4 जुलाई 2026 को शुक्र का सिंह राशि में गोचर, चार राशियों के लिए खुलेंगे भाग्य के द्वार

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल का विशेष महत्व होता है और जब बात सुख, सौंदर्य और ऐश्वर्य के कारक ग्रह शुक्र की हो, तो इसका प्रभाव जीवन के हर पहलू पर पड़ता है.  ज्योतिष गणना के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को शुक्र देव अपनी चाल बदलते हुए सिंह राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं.  शुक्र का यह राशि परिवर्तन न केवल खगोलीय घटना है, बल्कि यह भौतिक सुखों और आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलने वाला एक महागोचर माना जा रहा है.  सिंह राशि में शुक्र का यह गोचर कई राशियों के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आएगा.  जानते हैं कि शुक्र का यह प्रभाव किन चार भाग्यशाली राशियों के लिए वरदान साबित होगा और उन्हें किन क्षेत्रों में सफलता मिलेगी. इन 4 राशियों के लिए शुक्र का गोचर रहेगा खास: तुला राशि: शुक्र आपकी राशि के लाभ भाव में गोचर करेंगे, जो आर्थिक मोर्चे पर बड़ी सफलता दिलाने वाला है.  यह अवधि निवेश और व्यापार में विस्तार के लिए बेहद अच्छा है. नौकरीपेशा लोगों के लिए तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को सराहना मिलेगी.  व्यापार में न केवल मुनाफा बढ़ेगा, बल्कि अनुकूल परिणाम प्राप्त होने से आत्मविश्वास भी बढ़ेगा. कर्क राशि  आपकी कुंडली के धन भाव में शुक्र का आगमन हो रहा है, जो आर्थिक समृद्धि का संकेत है.  यह समय आपके लिए किसी बड़े आर्थिक उपहार से कम नहीं है.  लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे. अचानक धन लाभ के बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे.  यह गोचर आपको संचित धन में वृद्धि करने का मौका देगा . सिंह राशि  शुक्र आपकी राशि के प्रथम भाव में गोचर करेंगे, जो व्यक्तित्व में निखार लाएगा. यह स्थिति बेहद शुभ मानी जाती है.  आपको हर कार्य में सफलता दिलाएगी.  नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में नई पहचान मिलेगी.  पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. धनु राशि शुक्र आपकी राशि के भाग्य भाव यानी नवें घर में प्रवेश करेंगे, जिससे किस्मत के दरवाजे खुल जाएंगे. यह गोचर आपके लिए अत्यंत लकी साबित होगा.  हर कार्य में भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा. यदि आप करियर में बदलाव की तलाश में हैं, तो नई नौकरी के अवसर बन सकते हैं.  इसके अलावा, विदेश यात्रा या विदेश से संबंधित व्यापारिक मामलों में आपको मनचाहे परिणाम मिलने के प्रबल योग हैं.

गुलाबचंद कटारिया और CM सुखविंदर सुक्खू की मुलाकात, पंजाब-हिमाचल से जुड़े कई मुद्दों पर मंथन

चंडीगढ़ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से पंजाब लोकभवन में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दों पर बैठक होगी। बैठक में शानन पावर प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश को सौंपने, चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की हिस्सेदारी 7:19 फीसदी करने और चंडीगढ़ में हिमाचल भवन के नए परिसर के निर्माण के लिए भूमि देने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

बिहार में पंचायत सचिव की नियुक्ति जन्म से 9 महीने पहले, वरीयता सूची पर उठे सवाल

पटना बिहार में पंचायती राज विभाग ने पंचायत सचिवों की वरीयता सूची जारी की है। राज्य में स्नातक उत्तीर्ण पंचायत सचिव को प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी बनाया जाएगा। यह सूची राज्य में कार्यरत पंचायत सचिवों का एक अप्रैल 2026 के आधार पर जारी की गई है। विभाग के संयुक्त सचिव मो. वसीम अहमद ने जिलों के डीएम और जिला पंचायत राज पदाधिकारी (डीपीआरओ) को पत्र भेजा है। इस सूची में एक ऐसी गड़बड़ी सामने आई है जिसे जानकर कोई भी हैरान हो जाएगा। सूची में दी गई सूचना को सही मानें तो एक पंचायत सचिव को जन्म से 9 माह पहले ही नौकरी मिल गई। पंचायती राज विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा है कि वरीयता सूची में किसी सेवानिवृत्त, मृत या त्याग पत्र दिये हुए पंचायत सचिव का नाम हो या किसी पंचायत सचिव का नाम छूट गया हो तो डीपीआरओ पूर्ण विवरण के साथ विभाग को सूची उपलब्ध करायेंगे। वरीयता सूची में दावा और आपत्ति साक्ष्य के साथ 30 दिनों के अंदर उपलब्ध कराना होगा। इस अवधि में दावा या आपत्ति नहीं मिलने पर माना जायेगा कि औपबंधिक वरीयता सूची में कोई त्रुटि नहीं है। इसके बाद अंतिम रूप से वरीयता सूची का प्रकाशन कर दिया जायेगा। इस तरह पंचायत सचिवों की लंबी मांग पूरी हो जाएगी। इसे लेकर पंचायत सचिवों ने हड़ताल भी की थी। सूची में कई खामियां: संघ बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा है कि इस लिस्ट में अन्य कई खामियां हैं। वरीयता सूची में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त दर्जन भर से अधिक स्नातक उत्तीर्ण पंचायत सचिवों का नाम नहीं है। सूची में कई प्रकार की गलतियां हैं। जन्म के 9 माह पहले ही मिल गई नौकरी औपबंधिक वरीयता सूची को देख आप चौक जायेंगे। इस सूची में सारण जिला के पंचायत सचिव सुदर्शन राम को उनके उनके जन्म के पहले ही नौकरी मिल गई है। सुदर्शन राम की जन्म तिथि 19 नवंबर 1969 अंकित है। जबकि इनकी पंचायत सचिव पद पर नियुक्ति तिथि 28 जनवरी 1969 अंकित है।