samacharsecretary.com

फलता ने बढ़ाई ममता की टेंशन! TMC के लिए भवानीपुर से ज्यादा बड़ा झटका क्यों माना जा रहा नतीजा

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में फलता विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान के नतीजों ने पूरे राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार देबांशू पांडा ने इस सीट पर 1.09 लाख से भी ज्यादा वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की है. यह जीत सिर्फ भाजपा की मजबूती को नहीं दिखाती, बल्कि 15 साल सत्ता में बैठी रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए एक ऐसा बड़ा झटका है जिसने पार्टी के भीतर एक गंभीर संकट का इशारा कर दिया है. जहां टीएमसी प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई. ये प्रत्याशी कोई और नहीं, टीएमसी संगठन में सबसे पावरफुल अभिषेक बनर्जी के राइट हैंड मैन कहे जाने वाले जहांगीर खान थे. जिन्होंने आखिरी वक्त मुकाबले से खुद को अलग कर लिया, और अपना वोट भी नहीं डाला।  ऐसे में यह सवाल तो बनता है कि टीएमसी के लिए ममता बनर्जी की सीट भवानीपुर की हार ज्यादा गंभीर थी, या फलता का नतीजा? भवानीपुर में होने वाले किसी भी राजनैतिक उतार-चढ़ाव को लोग अक्सर ममता बनर्जी के पर्सनल जादू और शहर के वोटर्स के मिजाज से जोड़कर देखते हैं, जहां हार-जीत का अंतर कभी-कभी पार्टी की ढिलाई की वजह से बदल सकता है. लेकिन फलता की हार तृणमूल कांग्रेस की उस 'ग्रासरूट मशीनरी' यानी जमीनी संगठन की नाकामी को सामने लाती है, जिसके दम पर पार्टी पिछले कई सालों से बंगाल पर राज कर रही है. यह हार इसलिए भी ज्यादा चुभने वाली है क्योंकि फलता सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस के 'नंबर दो' और ममता के उत्तराधिकारी अभिषेक बनर्जी के लोकसभा क्षेत्र 'डायमंड हार्बर' का एक मुख्य हिस्सा है।  इस क्षेत्र के पुराने इतिहास को देखें तो दक्षिण 24 परगना जिला हमेशा से टीएमसी का सबसे मजबूत और अभेद्य गढ़ रहा है. इस जिले ने हमेशा तृणमूल कांग्रेस का बढ़-चढ़कर साथ दिया है. साल 2024 के लोकसभा चुनावों में, जब अभिषेक बनर्जी ने डायमंड हार्बर सीट से रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की थी, तब इसी फलता विधानसभा क्षेत्र ने उन्हें अकेले 1.68 लाख वोटों की बड़ी लीड दी थी. उस चुनाव में अभिषेक बनर्जी का वोट शेयर फलता में लगभग 89% था, यानी  एकतरफा मुकाबला. लेकिन, सिर्फ दो साल के भीतर तृणमूल कांग्रेस का वोट शेयर गिरकर सिर्फ 3.7% पर आ जाना और पार्टी उम्मीदवार का चौथे नंबर पर खिसककर अपनी जमानत तक गंवा देना, किसी भी राजनैतिक पार्टी के लिए बहुत बड़ी नाकामी है. फलता सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं है, बल्कि यह वह इंडस्ट्रियल और ग्रामीण इलाका है जहां टीएमसी का बूथ मैनेजमेंट सबसे अचूक माना जाता था. इस सीट पर मिली करारी हार यह साफ करती है कि पार्टी का वह जमीनी ढांचा, जो कभी हर वोटर के घर तक पकड़ रखता था, अब पूरी तरह से बिखर चुका है।  अभिषेक का 'डायमंड हार्बर मॉडल' ध्वस्त यह हार सीधे तौर पर टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की राजनैतिक साख और उनकी लीडरशिप पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है. अभिषेक बनर्जी लगातार खुद को पार्टी के मॉडर्नाइजेशन और पार्टी ऑर्गेनाइजेशन में खुद को नए के लीडर के रूप में पेश करते रहे हैं. उन्होंने बार-बार 'डायमंड हार्बर मॉडल' की तारीफ की है. एक ऐसा मॉडल जिसे वे अच्छे गवर्नेंस, तुरंत एक्शन और अचूक चुनावी रणनीति का प्रतीक बताते थे. चुनाव प्रचार के आखिरी दिनों में, 2 मई को अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय नेतृत्व और भाजपा को खुली चुनौती देते हुए कहा था कि भाजपा को उनके डायमंड हार्बर मॉडल में एक मामूली खरोंच लगाने के लिए भी 10 जन्म लेने होंगे, और अगर हिम्मत है तो दिल्ली से अपने नेताओं को बुलाकर फलता में मुकाबला करके दिखाएं. इस तरह की आक्रामक चुनौती के बाद जब नतीजे पूरी तरह उल्टे आते हैं, तो राजनैतिक नुकसान सिर्फ एक सीट का नहीं होता, बल्कि नेता की साख पूरी तरह प्रभावित हो जाती है।  शुभेंदु अधिकारी ने इस नतीजे के तुरंत बाद तंज कसते हुए कहा कि कुख्यात 'डायमंड हार्बर' मॉडल अब तृणमूल के 'हार-बार' मॉडल में बदल चुका है. फलता की हार ने यह साबित कर दिया है कि केंद्रीय सुरक्षा बलों की 35 कंपनियों की तैनाती और कड़े इलेक्शन मैनेजमेंट के बीच, जब सरकारी मशीनरी का अनुकूल सहयोग मुमकिन नहीं हो पाता, तब संगठन की असली परीक्षा होती है. यह नतीजा अभिषेक बनर्जी के उस दावे को कमजोर करता है कि उनका संगठन बिना किसी अतिरिक्त मदद के भी अजेय है।  अंतर्कलह का अंत नहीं इसके साथ ही, फलता के नतीजे टीएमसी के भीतर पिछले काफी समय से चल रहे 'पुराने वफादार बनाम नए कॉर्पोरेट-शैली के रणनीतिकार' के अंदरूनी संघर्ष को और ज्यादा तेज करेंगे. ममता बनर्जी की राजनीति हमेशा से संघर्ष करने, सड़क पर उतरकर आंदोलन करने और जमीनी स्तर के पुराने नेताओं को साथ लेकर चलने पर टिकी रही है. इसके उलट, अभिषेक बनर्जी पर उन्हीं की पार्टी के लोग आरोप लगा रहे हैं कि उनका मॉडल कॉर्पोरेट इलेक्शन मैनेजमेंट, डेटा एनालिटिक्स और पारंपरिक नेताओं को दरकिनार कर नए चेहरों को आगे बढ़ाने की वकालत करता है. फलता की इस ऐतिहासिक पराजय से पार्टी के भीतर ममता बनर्जी के पुराने खेमे को अभिषेक के खिलाफ मुंह खोलने का एक और मौका मिल गया है. पार्टी के भीतर यह आवाजें उठने लगी हैं कि संगठन के फैसलों से पुराने और जमीनी नेताओं को साइडलाइन करने का नतीजा ही फलता में देखने को मिला है।  ममता की चुनौती अभिषेक को बचाना चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में टीएमसी उम्मीदवार का अचानक पीछे हटने की घोषणा करना यह इशारा करता है कि लोकल लीडरशिप और शीर्ष नेतृत्व के रणनीतिकारों के बीच गहरा अविश्वास था. ममता बनर्जी के लिए यह स्थिति बेहद पेचीदा है. एक तरफ उन्हें अपने घोषित उत्तराधिकारी की साख को बचाना है, तो दूसरी तरफ पार्टी के बिखरते जा रहे कार्यकर्ताओं और पुराने नेताओं की नाराजगी को दूर करना है. भवानीपुर की जीत या हार ममता के अपने कंट्रोल में होती है, लेकिन फलता का बिखरना यह दिखाता है कि पार्टी पर उनकी पकड़ के बावजूद ऑर्गेनाइजेशन पर कंट्रोल कमजोर हो रहा है।  इस पूरे घटनाक्रम का सबसे चिंताजनक पहलू मतगणना के दिन तृणमूल की गैरमौजूदगी रही. टीएमसी जैसी मजबूत पार्टी का मतगणना केंद्रों पर अपने काउंटिंग एजेंट तक तैनात न … Read more

पंजाब में वोटिंग का दिन! निकाय चुनाव के लिए सुरक्षा कड़ी, बूथों पर CCTV से निगरानी

चंडीगढ़  पंजाब में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के लिए आज  यानि मंगलवार को मतदान हो रहा । राज्य की 8 नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के लिए आज  वोट डाले जा रहे , जबकि चुनावी नतीजों की घोषणा 29 मई को होगी।  वहीं, इस बार बैलेट पेपर के माध्यम से वोटिंग होगी। 3977 बूथ हैं। 36 हजार मुलाजिम चुनावी प्रक्रिया में शामिल हैं। 35500 पुलिस मुलाजिम व होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। जबकि, हर बूथ पर 5 मुलाजिम तैनात रहेंगे। आईएएस व पीसीएस अफसर जिलों में तैनात किए गए हैं। 36.72 लाख मतदाता डालेंगे वोट इस बार बठिंडा, अबोहर, बटाला, बरनाला, कपूरथला, मोगा, पठानकोट और मोहाली नगर निगम के चुनाव सभी राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बने हुए हैं। विशेष बात यह है कि बरनाला नगर निगम के लिए पहली बार चुनाव करवाए जा रहे हैं। राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक इस चुनाव में कुल 36,72,932 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इसमें 18 लाख 990 पुरुष, 7,73,716 महिलाएं और 226 अन्य हैं। आप से सबसे अधिक उम्मीदवार मैदान में बता दें, पंजाब भर के निकाय चुनावों की घोषणा के बाद 10,809 उम्मीदवारों ने शुरुआती नामांकन भरा था। जिसमें से 2393 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया था। 79 उम्मीदवारों को निर्विरोध चुन लिया गया है। अब चुनाव के लिए 7555 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें सबसे अधिक उम्मीदवार सत्तापक्ष आम आदमी पार्टी (आप) के चुनाव लड़ रहे हैं जिनकी संख्या 1801 हैं। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के 1550, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 1316, शिरोमणि अकाली दल के 1251, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 96, 1528 निर्दलीय और 13 अन्य उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। निकाय चुनाव सभी दलों के लिए अहम हैं, क्योंकि इसे 2027 में विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। सभी पोलिंग बूथों के अंदर और बाहर सीसीटीवी पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए राज्य के सभी पोलिंग बूथों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और उनकी रिकॉर्डिंग कम से कम एक वर्ष तक सुरक्षित रखी जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में संबंधित फुटेज को बिना अनुमति नष्ट नहीं किया जाएगा। जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस दीपक मंचंदा की खंडपीठ ने नगर निकाय चुनावों से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान ये निर्देश जारी किए। 26 मई को पंजाब में सरकारी छुट्टी का एलान पंजाब सरकार ने स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए 26 मई को राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस दौरान चंडीगढ़ सहित पंजाब सरकार के सभी सरकारी दफ्तर, बोर्ड, कॉर्पोरेशन, शैक्षणिक संस्थान और अन्य सरकारी प्रतिष्ठान इस दिन बंद रहेंगे। इसके अलावा, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भी अपने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए 26 मई को विशेष आकस्मिक अवकाश की घोषणा की है। 5-6 दिन में ही निपटा प्रचार आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इन स्थानीय निकाय चुनावों को शहरी मतदाताओं के राजनीतिक मिजाज का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है। बता दें, पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने 11 मई को इन चुनावों का एलान किया था। 19 मई को नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों को प्रचार के लिए केवल 5-6 दिनों का ही समय मिल सका। जिसमें उम्मीदवारों ही नहीं, राजनीतिक पार्टियों के धुरंधरों नें इसमें पूरी ताकत झोंक दी। विधायकों मंत्रियों की परफॉर्मेंस का रिपोर्ट कार्ड होंगे नतीजे बता दें, सत्तारूढ़ 'आप' के विधायकों और मंत्रियों ने आज प्रचार में अपनी पूरी ताकत लगा दी, क्योंकि इन चुनावों के नतीजे उनकी परफॉर्मेंस का रिपोर्ट कार्ड तय करेंगे। इसके साथ ही, इन चुनावों से भाजपा का ग्राफ भी साफ हो जाएगा, जो इस बार काफी आक्रामक तरीके से चुनावी मैदान में उतरी है। राज्य चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पोलिंग स्टेशनों के आसपास किसी भी तरह की प्रचार सामग्री प्रदर्शित करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। अकाली दल ने की मतदान का समय बढ़ाने की मांग शिरोमणि अकाली दल ने राज्य चुनाव आयोग से मतदान का समय बढ़ाने की मांग की है। अकाली नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि मतदान का समय सुबह 8 से 5 बजे की जगह सुबह 7 से शाम 6 बजे तक बढ़ाया जाना चाहिए। चीमा ने कहा कि प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप है जिसका असर मतदान प्रतिशत पर पड़ सकता है। अगर सुबह और शाम के चलते मतदान का समय दो घंटे बढ़ा दिया जाए तो उससे मतदान प्रतिशत में वृद्धि होगी। मौजूदा समय मजदूरों के लिए भी उपयुक्त नहीं है क्योंकि वो काम के कारण अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर पाएंगे।  

Horoscope Today 26 May: मेष से मीन तक पढ़ें आज का राशिफल और शुभ संकेत

मेष पिछले कुछ समय से आप जिस प्रोजेक्ट के लिए दिन-रात एक कर रहे थे, उसका क्रेडिट आखिरकार आपको मिलने वाला है। कानूनी या जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों का फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। कंस्ट्रक्शन के काम से जुड़े लोगों को अच्छा मुनाफा होगा। धन की बचत करने में आप सफल रहेंगे। सभी सदस्यों के बीच तालमेल बेहतर रहेगा। वृषभ वृषभ राशि वालों के जीवन में आज के दिन बड़े और पॉजिटिव बदलाव देखने को मिलेंगे। आलस्य छोड़कर एक्शन मोड में आने का समय है। टीम वर्क से किए गए कामों में आपको बड़ी सफलता मिलेगी। अगर आप अपनी नौकरी बदलना चाहते हैं, तो इंटरव्यू कॉल्स आने की पूरी संभावना है। मिथुन लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए योजना बनाने का यह सही समय है। घर के माहौल में सुधार होगा। पीठ या जोड़ों के दर्द से थोड़ी परेशानी हो सकती है। शेयर मार्केट में बड़ा रिस्क लेने से पूरी तरह बचें। पैसों का लेनदेन करते समय लिखा-पढ़ी जरूर करें, नहीं तो धोखा हो सकता है। कर्क कर्क राशि वालों के लिए समय थोड़ा संभलकर चलने का है। ग्रहों का इशारा है कि इस समय आपको अपनी योजनाओं को पूरी तरह गुप्त रखना चाहिए, जब तक कि वे पूरी न हो जाएं। ऑफिस में कुछ लोग आपकी पीठ पीछे आपकी इमेज खराब करने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए अपने काम से काम रखें। सिंह फिजूलखर्ची पर अगर काबू नहीं रखा, तो बजट पूरी तरह गड़बड़ा सकता है। दोस्तों के साथ अच्छा समय बीतेगा, जिससे मानसिक रूप से हल्कापन महसूस होगा। योग और प्राणायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। वाहन चलाते समय स्पीड पर कंट्रोल रखें। कन्या एक से अधिक माध्यम से धन का आगमन होगा, जिससे बैंक बैलेंस में सुधार देखने को मिलेगा। पार्टनर के साथ किसी लॉन्ग ड्राइव या डिनर डेट पर जाने का प्लान बन सकता है। सेहत बिल्कुल दुरुस्त रहेगी। करियर रोमांचक मोड़ ले सकता है। तुला तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन थोड़ा मिलाजुला रहेगा। इमोशन में बहकर कोई भी बड़ा फैसला न लें, खासकर जब बात आपके करियर या पैसों से जुड़ी हो। व्यापारियों को थोड़ा संभलकर कदम बढ़ाना होगा। नौकरी में काम की धीमी रफ्तार के कारण बॉस की डांट सुननी पड़ सकती है। वृश्चिक इंकम सामान्य रहेगी। सुख-सुविधाओं की चीजों पर अचानक बड़ा खर्च हो सकता है। लव लाइफ में किसी पुरानी बात को लेकर अनबन हो सकती है। खान-पान की लापरवाही से पेट की समस्या परेशान कर सकती है। धनु इंकम के रास्ते खुलेंगे, लेकिन घरेलू जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई पर अचानक बड़ा खर्च सामने आ सकता है। दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। माइग्रेन या सिर के भारीपन को नजरअंदाज न करें, भरपूर नींद लें। धनु राशि वालों के लिए दिन मेहनत का मीठा फल चखने का है। मकर तुला राशि वालों के लिए ये दिन बेहद संतुलित और खुशनुमा रहने वाला है। कला, संगीत, लेखन या किसी भी क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोगों को कोई बड़ा प्लेटफॉर्म या पहचान मिल सकती है। बिजनेस करने वाले जातकों की बिक्री में उछाल आ सकता है। नौकरी में मनचाहा ट्रांसफर मिलने के योग हैं। कुंभ कुंभ राशि के जातकों के लिए दिन की शुरुआत थोड़ी भागदौड़ और मानसिक दबाव के साथ हो सकती है। ऑफिस में पेंडिंग काम का बोझ बढ़ेगा, लेकिन स्थिति अचानक आपके पक्ष में मुड़ जाएगी। सरकारी क्षेत्र या बड़े टेंडर्स से जुड़े व्यापारियों को कोई बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है। नौकरीपेशा लोग सहकर्मियों की पॉलिटिक्स से दूर रहें। मीन आज के दिन सरप्राइज की बात हो सकती है, चाहे वह ट्रैवल हो या कोई इंटरेस्ट हो, यह आपके बॉन्ड को मजबूत करेगा। आपकी फाइनेंशियल सिचुएशन विकास के अवसरों से भरी रहेगी। हाथ आए मौकों को अपनाने की आपकी क्षमता न केवल आपकी सिचुएशन को सुरक्षित करेगी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री प्रदेश में शीघ्र लागू होगी आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति, मुख्यमंत्री ने दिए दिशा-निर्देश प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास वेलनेस और हीलिंग आधारित पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं: मुख्यमंत्री आयुष संस्थानों को समग्र वेलनेस, प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोजगार सृजन के केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता: मुख्यमंत्री पीपीपी मॉडल पर विकसित होंगे आधुनिक आयुष वेलनेस सेंटर, 100 शैय्या वाले एकीकृत आयुष चिकित्सा एवं प्रशिक्षण केंद्र मीरजापुर, गोंडा, मेरठ, आगरा एवं बस्ती मंडलों में होगी एकीकृत आयुष महाविद्यालयों की स्थापना लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आयुष विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश में ‘आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति-2026’ को लागू करने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को केवल उपचार आधारित व्यवस्था तक सीमित न रखते हुए आयुष, योग, पंचकर्म, प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस सेवाओं के समन्वय से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि आयुष सेवाओं को आधुनिक प्रबंधन, गुणवत्ता मानकों और पर्यटन से जोड़ते हुए ऐसा मॉडल तैयार किया जाना चाहिए, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ रोजगार और निवेश को भी नई गति मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत, आयुर्वेद एवं योग की परंपरा तथा धार्मिक पर्यटन सर्किट को आयुष वेलनेस सेक्टर से जोड़ा जाए। वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास वेलनेस और हीलिंग आधारित पर्यटन विकसित किए जाने की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि आयुष संस्थानों को उपचार केंद्रों के साथ-साथ वेलनेस, प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोजगार सृजन के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 3,953 आयुष स्वास्थ्य इकाइयां, 1,034 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 225 योग वेलनेस सेंटर और 19 आयुष चिकित्सा महाविद्यालय संचालित हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आयुष सेवाओं का विस्तार गुणवत्तापूर्ण और मानकीकृत स्वरूप में किया जाए। इसके लिए पीपीपी मॉडल के माध्यम से आधुनिक आयुष वेलनेस सेंटर, 100 शैय्या वाले एकीकृत आयुष चिकित्सा एवं प्रशिक्षण केंद्र तथा आयुष कॉलेजों के उन्नयन की दिशा में चरणबद्ध कार्रवाई की जाए। बैठक में प्रस्तावित नीति के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। नीति के अंतर्गत एकीकृत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, आयुष वेलनेस एवं चिकित्सा केंद्र, प्रशिक्षण युक्त एकीकृत संस्थान तथा आयुष कॉलेज आधारित मॉडल विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इन केंद्रों में पंचकर्म, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, डिजिटल हेल्थ सेवाएं तथा अनुसंधान एवं नवाचार गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष आधारित वेलनेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने निवेशकों को एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से त्वरित स्वीकृतियां उपलब्ध कराने तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित नीति में निवेश आधारित सब्सिडी, संचालन संबंधी प्रोत्साहन, ब्याज सब्सिडी, स्टाम्प ड्यूटी में छूट तथा रोजगार सृजन आधारित प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। आयुष शोध, नवाचार तथा पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं के लिए भी विशेष प्रोत्साहन प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री ने मीरजापुर, गोंडा, मेरठ, आगरा एवं बस्ती मंडलों में एकीकृत आयुष महाविद्यालयों की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों को आधुनिक आयुष चिकित्सा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के उत्कृष्ट केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए। विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने आयुष चिकित्सा संस्थानों में ओपीडी सेवाओं को बेहतर बनाने, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पंचकर्म जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुष सेवाओं को जनविश्वास और गुणवत्ता से जोड़ते हुए मरीजों को बेहतर उपचार एवं वेलनेस सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।  मुख्यमंत्री ने महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, गोरखपुर में शोध एवं नवाचार गतिविधियों को गति देने पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थायी फैकल्टी की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा आयुष की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के क्षेत्र में विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

समय से पहले आएगा मानसून? 26 मई को केरल पहुंचने के आसार, 10 दिन में बस्तर में एंट्री संभव

रायपुर  रायपुर मौसम केंद्र के मौसम वैज्ञानिक बीके चिंधालोरे ने बताया कि केरल में हर साल 1 या 2 जून को मानसून पहुंचता है लेकिन इस बार दक्षिण पश्चिम मानसून 26 मई को ही केरल पहुंच जाएगा. केरल में मानसून के पहुंचते ही नमीयुक्त हवाएं भी आएंगी, जिससे नौतपा में भी लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।  छत्तीसगढ़ में कब पहुंचेगा मानसून केरल में मानसून पहुंचने के बाद लगभग 10 से 12 दिनों में मानसून छत्तीसगढ़ में पहुंचता है. यानी प्रदेश में मानसून पहुंचने की संभावित तिथि 5 मई से 7 मई के आसपास है।  छत्तीसगढ़ में 25 मई का मौसम: कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है. छत्तीसगढ़ में 26 मई का मौसम: कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है. कुछ इलाकों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा) चलने की संभावना है।  छत्तीसगढ़ में 27 मई से 29 मई का मौसम: कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है. कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटा) के साथ आंधी आने की संभावना है।  छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों के लिए तापमान का पूर्वानुमान छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिनों में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है. इसके बाद इसमें 1-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है. साउथ वेस्ट मानसून का अग्रिम आगमन 2026 राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र भारत मौसम विज्ञान विभाग के सुबह 8 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार इस बार मानसून का अग्रिम आगमन हो रहा है. मानसून की उत्तरी सीमा 7°N/60°E, 7°N/70°E, 7°N/75°E, 8°N/80°E, 10°N/85°E, 13.5°N/90°E और 17°N/95°E से होकर गुजर रही है. अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण पश्चिम और दक्षिण पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण पश्चिम, दक्षिण पूर्व और पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मानसून आगे बढ़ने के लिए परिस्थतियां अनुकूल है।  पूर्वोत्तर भारत में मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी 25 मई को असम और मेघालय में गरज, बिजली और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा की गति तक) के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 25 और 26 मई को अरुणाचल प्रदेश में, 25 से 29 मई के दौरान असम और मेघालय में, और 25, 29 और 30 मई को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. 25 से 27 मई के दौरान अरुणाचल प्रदेश में, असम और मेघालय में अलग अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।  दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत 25 से 28 मई के दौरान केरल, माहे और लक्षद्वीप में गरज, बिजली और तेज़ हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटा की गति तक) के साथ व्यापक हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है. 25 से 28 मई के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और आंतरिक कर्नाटक में गरज, बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटा की गति तक) के साथ छिटपुट से लेकर मध्यम वर्षा की संभावना है. तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में 25 से 27 मई के दौरान और तेलंगाना में 25 से 30 मई के दौरान भी 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।  25 और 26 मई को उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में गरज के साथ आंधी (हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटा और 70 किमी प्रति घंटा तक के झोंके) की संभावना है. 25 और 26 मई को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में छिटपुट भारी वर्षा की भी संभावना है. केरल और माहे में 25 से 28 मई के दौरान भी यही संभावना है।  पूर्वी भारत में मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी 25 और 26 मई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज, बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटा की गति तक) के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 25 से 30 मई के दौरान गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में और 25 से 28 मई के दौरान बिहार में गरज, बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटा की गति तक) के साथ छिटपुट से लेकर मध्यम बारिश होने की संभावना है. 27 से 29 मई के दौरान गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में, 26 से 28 मई के दौरान बिहार में और 25 मई को झारखंड और ओडिशा में गरज के साथ आंधी (हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटा और 70 किमी प्रति घंटा तक हवाएं) आने की संभावना है. 25 से 27 मई के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में छिटपुट भारी बारिश होने की संभावना है।  उत्तरपश्चिम भारत में मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी 25 मई और 28-30 मई के दौरान जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में छिटपुट से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश, गरज, बिजली और तेज़ हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा तक) चलने की संभावना है. उत्तराखंड में 25, 29 और 30 मई को भी यही स्थिति रहेगी. 28-30 मई के दौरान पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छिटपुट से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश, गरज, बिजली और तेज़ हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा तक) चलने की संभावना है. 25-29 मई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में और 30 मई को राजस्थान में भी यही स्थिति रहेगी. 28 और 29 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में और 29 और 30 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज के साथ आंधी (हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटा और 70 किमी प्रति घंटा तक) चलने की संभावना है। 

राज्य स्तरीय समारोह में 850 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, CM ने शिक्षा पर दिया बड़ा संदेश

भोपाल  भोपाल के रवींद्र भवन में सोमवार को मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड का राज्य स्तरीय स्कॉलरशिप वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 850 मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा ही युवाओं को आगे बढ़ाने और समाज की तस्वीर बदलने का सबसे बड़ा माध्यम है। कार्यक्रम में पढ़ो-पढ़ाओ, राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनें का संदेश भी दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा से ही समाज मजबूत होगा और युवा देश की प्रगति में अहम भूमिका निभाएंगे।  पहली बार राज्य स्तर पर दिया गया स्कॉलरशिप वितरण वक्फ बोर्ड के गठन के बाद पहली बार प्रदेश स्तर पर इतने बड़े पैमाने पर स्कॉलरशिप वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि बोर्ड अब तक 1452 बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ चुका है। इनमें ऐसे छात्र भी शामिल हैं, जिन्होंने आर्थिक तंगी या सामाजिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। समारोह में मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड, कमेटी इंजामिया औकाफ-ए-अम्मा, औकाफ-ए-खास भोपाल और ताजुल मसाजिद से जुड़े पदाधिकारी भी मौजूद रहे। स्कॉलरशिप सिर्फ मदद नहीं, सपनों की उड़ान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को पूरा करने का जरिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर और दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की अपील की। सीएम ने कहा कि शिक्षा इंसान को नई दिशा देती है और समाज को मजबूत बनाती है। उन्होंने रहीम के दोहे का उल्लेख करते हुए शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताया। सरकार भी देगी बराबर की सहायता राशि मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन विद्यार्थियों को वक्फ बोर्ड की ओर से स्कॉलरशिप दी गई है, उन्हें राज्य सरकार भी उतनी ही सहायता राशि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग के युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वक्फ संपत्तियों से बढ़ेगी शिक्षा की मदद मुख्यमंत्री ने कहा कि नए वक्फ कानून लागू होने के बाद व्यवस्थाओं में सुधार आया है। वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है और अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई भी चल रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और सुधार के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि इन संपत्तियों की आय बढ़ाकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों, खासकर बेटियों की शिक्षा में इस्तेमाल किया जाए। माफियाओं से संपत्तियां छुड़ाकर समाजहित में करेंगे उपयोग सीएम ने कहा कि वक्फ की जमीनों और संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा रहा है। इन संपत्तियों से मिलने वाली आय को शिक्षा, स्कॉलरशिप और समाज कल्याण के कार्यों में लगाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।  

Twisha Death Case में नई तारीख तय, सास की बेल याचिका पर 27 मई को होगी सुनवाई

भोपाल  भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा की दहेज हत्या के अपराध में आरोपी सास तथा पूर्व भोपाल जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत के खिलाफ प्रदेश सरकार के साथ त्विषा शर्मा के पिता ने भी हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट जस्टिस देवनारायण मिश्रा की एकलपीठ द्वारा दोनों याचिकाओं पर सोमवार को संयुक्त रूप से सुनवाई की गई।   याचिका की सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह के अधिवक्ता की तरफ से बताया गया कि शिकायतकर्ता की तरफ से दायर याचिका की कॉपी उन्हें नहीं मिली है। एकलपीठ ने अनावेदिका गिरिबाला सिंह को याचिका की कॉपी उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 27 मई को निर्धारित की है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की तरफ से भोपाल की पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को दहेज हत्या के अपराध में मिली अग्रिम जमानत याचिका निरस्त करने हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। इसके अलावा जमानत का मिलने पर वह साक्ष्यों को प्रभावित कर सकती हैं। सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने एकलपीठ को बताया कि भोपाल की पूर्व सत्र व जिला न्यायाधीश की बहू त्विषा शर्मा की 12 मई को रात में संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। इसका पोस्टमार्टम 13 मई को हुआ था। उन्होने 14 मई को अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। उन्हें अगले दिन न्यायालय ने अग्रिम जमानत का लाभ मिल गया। सोमवार को याचिका की सुनवाई के दौरान अनावेदिका की तरफ से बताया गया कि प्रदेश सरकार की तरफ से दायर याचिका की कॉपी उन्हें मिल गई है। शिकायतकर्ता की तरफ से दायर याचिका की कॉपी उन्हें नहीं मिली है। एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई बुधवार को निर्धारित की है। प्रदेश सरकार की तरफ से सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता व महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लुथरा तथा अनावेदिका की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोरा पैरवी के लिए उपस्थित हुईं। 

मध्यप्रदेश को मिल सकती है नई इंटरनेशनल कनेक्टिविटी, नियमित उड़ानों की तैयारी तेज

भोपाल भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट "इंटरनेशनल एयरपोर्ट" के रूप में जाना जाता है। पिछले दो वर्षों से इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस दुबई के लिए डायरेक्ट फ़्लाइट शुरू करने को लेकर सर्वे और संभावनाएं तलाश रही हैं। कई बार यात्रियों की संख्या और व्यावसायिक व्यवहार्यता का आकलन भी किया गया, हालांकि अब तक कोई स्थायी शेड्यूल जारी नहीं हो पाया। भोपाल एयरपोर्ट से नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालित करने के लिए अधिकारी पूरा जोर लगा रहे हैं। एयरपोर्ट का तेजी से विकास किया जा रहा है। यहां के नए अराइवल एरिया में अब यात्रियों के लिए रिजर्व लाउंज और प्री-पेड टैक्सी बुकिंग जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कुछ अन्य घरेलू शहरों के लिए उड़ानें वर्तमान में भोपाल से मुख्य रूप से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कुछ अन्य घरेलू शहरों के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं। लेकिन राजधानी होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय कनेक्टविटी का अभाव शहर की व्यापारिक और पर्यटन संभावनाओं को सीमित करता है। दुबई, सिंगापुर या मध्य-पूर्व के अन्य देशों के लिए सीधी उड़ान व्यापारिक संगठनों का मानना है कि दुबई, सिंगापुर या मध्य-पूर्व के अन्य देशों के लिए सीधी उड़ान जल्द शुरू की जानी चाहिए। इससे भोपाल को निवेश और व्यापार के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिल सकता है। रिजर्व लाउंज और प्री-पेड टैक्सी सुविधा शुरू भोपाल के राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हाल ही में विकसित किए गए नए अराइवल एरिया में अब यात्रियों के लिए रिजर्व लाउंज और प्री-पेड टैक्सी बुकिंग जैसी सुविधाएं भी शुरू कर दी गई हैं। नियमित उड़ानों से भोपाल आने वाले विशिष्ट और अति विशिष्ट यात्री अब मुख्य लाउंज के बजाय नए रिजर्व लाउंज में समय बिता सकेंगे। एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा शुरू किए गए इस नए अराइवल एरिया का अब तक करीब एक लाख यात्री उपयोग कर चुके हैं। एस्केलेटर और हेल्प डेस्क से यात्रियों को राहत यात्रियों की सुविधा के लिए यहां ''मे आइ हेल्प यू'' काउंटर भी बनाया गया है, जहां एयरपोर्ट परिसर और सेवाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। नए अराइवल एरिया में यात्री एयरपोर्ट से बाहर निकलने से पहले ही प्री-पेड टैक्सी बुक करा सकेंगे। इससे भोपाल आने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिल रही है। विमान से उतरने के बाद सीधे एस्केलेटर के जरिए बाहर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए एस्केलेटर सुविधा भी उपलब्ध कराई है। अब यात्री विमान से उतरने के बाद सीधे एस्केलेटर के जरिए बाहर पार्किंग क्षेत्र तक पहुंच सकते हैं। पहले यात्रियों को पार्किंग तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

रायपुर: आवागमन सुविधा को मिली नई रफ्तार, मंत्री देवांगन ने दी बड़ी सौगात

रायपुर : बहुप्रतीक्षित माँग पूरा होने से कोरबावासियों को मिलेगा बेहतर आवागमन की सुविधा: मंत्री लखनलाल देवांगन उद्योग मंत्री ने ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक, रिसदा से रिसदी, दर्री बैराज से बरमपुर चौक सहित हरदी बाजार-तरदा-इमलीछापर मार्ग के निर्माण का किया भूमिपूजन सुशासन तिहार के बीच जिलेवासियों को मिली बड़ी सौगात रायपुर कोरबा जिले के स्थापना दिवस और सुशासन तिहार के अवसर पर आज जिलेवासियों को बेहतर आवागमन की दिशा में बड़ी सौगात मिली है। उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग मंत्री लखनलाल देवांगन ने दर्री बैराज के मेजर ध्यानचंद चौक में आयोजित कार्यक्रम में 29 करोड़ 42 लाख 96 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाली ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक (सीमेंट कंक्रीटीकरण, लंबाई 2.84 किमी), रिसदा चौक से रिसदी चौक (लंबाई 2.90 किमी), 83 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से दर्री बैराज से बरमपुर चौक (सीमेंट कांक्रीटीकरण, लंबाई 7.96 किमी) तथा 230 करोड़ 31 लाख रुपये से अधिक की लागत से हरदी बाजार -तरदा-सर्वमंगला-इमलीछापर (कुल लंबाई 27.19 किमी, शेष निर्माण 13.74 किमी) सीमेंट कंक्रीट मार्ग निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। सुशासन तिहार के बीच जिलेवासियों को मिली बड़ी सौगात इस अवसर पर मंत्री देवांगन ने कहा कि आज शुभ दिन है कि कोरबा वासियों की बहुप्रतीक्षित सड़कों की माँग पूरी हो रही है। भूमिपूजन के साथ ही सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा और जिले में सड़कों का जाल बिछने के साथ आवागमन बेहतर होगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इन सड़कों के निर्माण का शिलान्यास किया था और आज भूमिपूजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मंत्री देवांगन ने जिले के विकास और बेहतर आवागमन के लिए सड़कों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन मार्गों के बनने से यातायात का दबाव कम होगा, आवागमन सुगम होगा तथा कई मार्गों की दूरी भी कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री और नगरीय निकाय मंत्री के सहयोग से जिले के विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि डीएमएफ राशि से जिले में अधोसंरचना से जुड़े अनेक कार्यकृसड़क, पुल-पुलिया, आंगनबाड़ी भवन, स्कूल भवन, स्वास्थ्य केंद्र भवनकृस्वीकृत किए गए हैं। साथ ही मानदेय आधारित शिक्षकों की नियुक्ति, स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती, प्रतिभावान विद्यार्थियों को कोचिंग, स्कूली विद्यार्थियों को नाश्ता प्रदान करने जैसी योजनाएँ भी संचालित हैं। शहर में पेयजल समस्या के समाधान के लिए 36 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। मंत्री देवांगन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री देश को विकास की राह पर आगे बढ़ा रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश को आर्थिक मजबूती मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ गरीब कल्याण हेतु अनेक योजनाएँ चल रही हैं। डीएमएफ का अधिकार जिलों को देकर खनन प्रभावित क्षेत्रों को विकास से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए किसानों से सर्वाधिक मूल्य पर धान खरीदी, तेंदूपत्ता प्रति मानक बोरा 5500 रुपये, रामलला दर्शन योजना, तथा प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्का मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्री एवं अधिकारी सुशासन तिहार के माध्यम से जनता की समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बावजूद मुख्यमंत्री लगातार चौपाल लगाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं। मंत्री देवांगन ने समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण के निर्देश भी दिए। कार्यक्रम को महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मंत्री देवांगन कोरबा जिले के सर्वांगीण विकास के लिए न केवल संकल्पित हैं, बल्कि उसे धरातल पर उतार भी रहे हैं। सभी 67 वार्डों में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि जिले की किसी भी सड़क पर कहीं भी गड्ढा न रहे। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण से जिलेवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी। निगमायुक्त आशुतोष पांडेय ने कहा कि आज जिले के लिए अत्यंत खुशी और सौभाग्य का दिन है। यह केवल सड़क का भूमिपूजन नहीं, बल्कि बेहतर आवागमन एवं मजबूत भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि डीएमएफ की 30 प्रतिशत राशि आवागमन सुधारने में व्यय की जा रही है। कलेक्टर कुणाल दुदावत की भी यह सोच है कि जिले की सभी सड़कें सर्वाेत्तम स्थिति में रहें और यहाँ से बाहर निकलने वाले यात्रियों को भी उत्कृष्ट मार्ग उपलब्ध हों। लोक निर्माण विभाग के ईई जी आर जांगड़े ने स्वीकृत सड़को की जानकारी दी और सभी निर्माण कार्य समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने की बात कही। इस अवसर पर पार्षद अशोक चावलानी, नरेंद्र देवांगन, सीमा कँवर, राधा महंत, कल्याणी यादव, प्रीति शर्मा, अजय चंद्रा, राजकुमार साहू, सम्मत रतन सिंह कँवर,एसडीएम सरोज महिलांगे सहित अन्य जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

भोपाल में BJP की अहम बैठक, क्या फिर सक्रिय भूमिका में लौटेंगे नरोत्तम मिश्रा?

दतिया   मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्य के दोनों बड़े दलों ने अंदरखाते में तैयारियां शुरु कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देश मिलने के बाद दतिया कलेक्टर ने चुनाव संबंधी तैयारियां भी शुरू कर दी है। अटकलें हैं कि यदि उपचुनाव होते है तो दिग्गज नेता व पूर्व गृहमंत्री भाजपा के संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं। इसी बीच मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मध्य प्रदेश भाजपा प्रभारी महेंद्र सिंह से मुलाकात की। यह मुलाकात नरोत्तम मिश्रा के भोपाल स्थित निवास पर हुई। इस मुलाकात को दतिया उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। इस दौरान डॉ. मिश्रा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने संगठनात्मक गतिविधियों, प्रदेश की राजनितिक परिस्थितियों एंव विभिन्न समसामयिक विषयों पर लंबी चर्चा की। दरअसल, यदि दतिया में उपचुनाव होते हैं, तो कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां हर हालत में इस चुनाव को जीतना चाहती है। भाजपा नरोत्तम मिश्रा के जरिए दतिया सीट पर वापसी करना चाहती है। वहीं नरोत्तम मिश्रा भी हर हाल में इस चुनाव को जीतना चाहते हैं। क्योंकि उनके पास सत्ता में वापसी का ये सुनहरा मौका है। यही वजह है कि भाजपा इस उपचुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही है और रणनीति तैयार करने में जुट गई है। दतिया सीट भाजपा के लिए इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को कड़े मुकाबले में हराया था। नरोत्तम मिश्रा के लिए ये चुनाव उनके राजनीतिक सफर के लिए बेहद अहम है। वहीं अगर कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस कोर्ट के जरिए उपचुनाव को रोकना चाहती है, वहीं यदि उपचुनाव होते भी हैं तो पार्टी मजबूत रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि दतिया उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भाजपा और कांग्रेस इसे प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है।