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अवैध खनन माफिया पर शिकंजा, बिलासपुर में लगातार कार्रवाई से मचा हड़कंप

बिलासपुर. कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिले में अवैध बोर खनन और बिना रॉयल्टी खनिज परिवहन के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। बीते दो दिनों में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 8 वाहनों को जब्त किया गया है। प्रशासन ने 4 बोर मशीनों और 4 हाइवा वाहनों पर कार्रवाई कर अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों में हड़कंप मचा दिया है। जानकारी के मुताबिक ग्राम बसिया में देर रात अवैध रूप से बोर खनन किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान वहां से दो बोर मशीनें जब्त की गईं।इसके अलावा तिफरा क्षेत्र में भी प्रशासन ने दबिश देकर दो और बोर मशीनों को पकड़ा। बिना रॉयल्टी मुरूम और गिट्टी ढो रहे थे हाइवा राजस्व विभाग की टीम ने बिना रॉयल्टी मुरूम और गिट्टी का परिवहन कर रहे 4 हाइवा वाहनों को भी जब्त किया। अधिकारियों के अनुसार सभी वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए सिरगिट्टी और तोरवा थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। तहसीलदार के नेतृत्व में हुई संयुक्त कार्रवाई यह पूरी कार्रवाई तहसीलदार प्रकाश साहू के नेतृत्व में राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने की। प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध खनन और अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

तेल कीमतों में बढ़ोतरी पर सरकार का बड़ा दावा, कहा- वैश्विक संकट के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल सबसे कम महंगा

नई दिल्ली देश में मई 2026 में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन बार संशोधन किया गया- 15 मई, 19 मई और 23 मई को. सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन तीनों चरणों के बाद कुल मिलाकर पेट्रोल 4 रुपये 74 पैसे और डीजल 4 रुपये 82 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ. CNG की कीमत भी 1 रुपये प्रति किलो बढ़ाई गई. यह लगभग चार वर्षों में पहली बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है. लेकिन इस बढ़ोतरी को समझने के लिए उसका पूरा संदर्भ देखना जरूरी है।  कंज्यूमर्स ने नहीं सरकार ने खुद उठाया बोझ 28 फरवरी 2026 को होर्मुज संकट के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. इतनी बड़ी वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत में 76 दिनों तक पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए. इस दौरान तेल कंपनियां रोजाना करीब 1000 करोड़ रुपये का घाटा खुद वहन करती रहीं. 27 मार्च 2026 को केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों पर SAED यानी एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की. डीजल पर केंद्रीय ड्यूटी शून्य हो गई. इस फैसले से सरकार को इस वित्त वर्ष में लगभग 30,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ. यानी यह बोझ सीधे उपभोक्ता पर नहीं डाला गया, बल्कि सरकार ने खुद उठाया।  साथ ही सरकार ने डीजल पर 21 रुपये 50 पैसे और ATF पर 29 रुपये 50 पैसे प्रति लीटर एक्सपोर्ट लेवी लगाई, ताकि देश में तैयार तेल विदेश न जाए और घरेलू बाजार में आपूर्ति बनी रहे।  19 मई को सरकार ने माना कि दो चरणों की बढ़ोतरी के बाद भी तेल कंपनियों का दैनिक घाटा 1000 करोड़ से घटकर 750 करोड़ रुपये रह गया था. 23 मई की तीसरी बढ़ोतरी के बाद भी बड़ा हिस्सा तेल कंपनियां खुद वहन कर रही हैं।  अब वैश्विक तुलना देखिए. होर्मुज संकट के बाद म्यांमार में पेट्रोल लगभग 90%, मलेशिया में 56%, पाकिस्तान में 55%, अमेरिका में 44%, फिलीपींस में 40%, श्रीलंका में 38%, फ्रांस में 21% और ब्रिटेन में 19% तक महंगा हुआ. भारत में यह बढ़ोतरी केवल लगभग 5% रही।  सऊदी अरब ने दाम नहीं बढ़ाए क्योंकि वह स्वयं बड़ा तेल उत्पादक देश है और सीधे सब्सिडी देता है. उसे छोड़ दिया जाए तो भारत दुनिया में सबसे कम बढ़ोतरी करने वाले देशों में रहा. यह पहली बार नहीं है जब वैश्विक संकट के दौरान भारत ने उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की हो।  रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान, जब पूरी दुनिया में ईंधन महंगा हो रहा था, तब भारत ने नवंबर 2021 और मई 2022 में पेट्रोल 8 रुपये और डीजल 6 रुपये प्रति लीटर सस्ता किया था. G20 देशों में भारत अकेला देश था जिसने उस दौर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें घटाई थीं।  अब सवाल आता है कि अलग-अलग राज्यों में कीमतें अलग क्यों हैं? केंद्र की एक्साइज ड्यूटी पूरे देश में समान रहती है, लेकिन हर राज्य अपनी तरफ से अलग VAT लगाता है. यही वजह है कि पंप पर कीमतें अलग दिखती हैं. 23 मई 2026 के बाद आंध्र प्रदेश में पेट्रोल लगभग 117.80 रुपये, तेलंगाना में 115.70 रुपये और केरल में 112.30 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जबकि गुजरात, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में यह करीब 99.50 रुपये के आसपास रहा. आंध्र प्रदेश में VAT लगभग 31% है, जिसके साथ अतिरिक्त रोड डेवलपमेंट सेस भी लगाया जाता है. इससे प्रभावी कर दर करीब 35% तक पहुंच जाती है।  सरकारी पक्ष का दावा है कि जिन दलों ने केंद्र से एक्साइज कम करने की मांग की, उनके शासन वाले कई राज्यों में VAT सबसे अधिक बना रहा. 27 मार्च की एक्साइज कटौती के बाद BJP शासित राज्यों ने पूरी राहत उपभोक्ताओं तक पहुंचाई, जबकि कांग्रेस और INDIA ब्लॉक शासित राज्यों ने VAT में समान कटौती नहीं की. इसलिए इन राज्यों में अंतिम कीमतें अपेक्षाकृत अधिक बनी रहीं।  अब 2014 के '71 रुपये वाले पेट्रोल' की चर्चा. कांग्रेस अक्सर कहती है कि 2014 में पेट्रोल 71 रुपये था और अब लगभग 98 रुपये है. लेकिन सरकारी पक्ष के अनुसार उस समय कीमतें कम रखने के लिए 2005 से 2010 के बीच लगभग 1.34 लाख करोड़ रुपये के ऑयल बॉन्ड जारी किए गए थे।  यह सीधे सरकारी उधार थे, जिनका भुगतान बाद की सरकारों और करदाताओं को करना पड़ा।  सरकारी आंकड़ों के अनुसार: FY 2021-22 में 10,000 करोड़ रुपये, FY 2023-24 में 31,150 करोड़ रुपये, FY 2024-25 में 52,860 करोड़ रुपये, और FY 2025-26 में 36,913 करोड़ रुपये ऑयल बॉन्ड भुगतान में खर्च किए गए. इसके ऊपर ब्याज अलग है. सरकारी तर्क यह है कि 2014 का सस्ता पेट्रोल वास्तव में उधारी पर आधारित था, जिसकी कीमत बाद की पीढ़ियां चुका रही हैं।  चार साल का पूरा हिसाब 2022 से 2026 के बीच भारत में पेट्रोल चार बार सस्ता हुआ और एक बार बढ़ा. केंद्र सरकार ने इस पूरे दौर में एक्साइज कटौती के जरिए करीब 30,000 करोड़ रुपये का राजस्व छोड़ा तेल कंपनियों ने रूस-यूक्रेन दौर में 24,500 करोड़ और LPG संरक्षण में 40,000 करोड़ का घाटा उठाया. कोई बॉन्ड नहीं, कोई उधारी नहीं, कोई अगली पीढ़ी पर बोझ नहीं।   

मुख्यमंत्री ने सीधी जिले के ग्राम कसिहवा में हुई घटना पर लिया संज्ञान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सीधी जिले के ग्राम कसिहवा में शॉर्ट सर्किट से हुए एक हादसे में तीन बच्चों की मृत्यु हो जाने की घटना का त्वरित संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा है कि घटना अत्यंत ही दुखद एवं हृदय विदारक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिजन के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर ईश्वर से दिवगतों को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की है। उन्होंने कहा है कि दुख की इस घड़ी में सरकार परिजन के साथ है। मुख्यमंत्री ने परिजन के लिए राहत राशि भी घोषित की है। उन्होंने कहा है कि मृत बच्चों के परिजन को राज्य सरकार की ओर से 6-6 लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जायेगी। उन्होंने बताया कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी, सीधी की ओर से परिजन को 20-20 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता राशि दे दी गई है। सीधी जिले के ग्राम कसिहवा, ग्राम पंचायत बघवारी, तहसील गोपद बनास में शनिवार की सुबह 11:20 बजे श्री रामरतन साकेत के घर के पास बिजली के पोल से शार्ट-सर्किट होने से आग लग गई, जिसमें श्री रामरतन की दो बेटियां कुमारी घुम्मु उर्फ संध्या साकेत (लगभग 6 वर्ष) कुमारी रिद्धि (लगभग 1.6 वर्ष) एवं एक बेटा नागेन्द्र (लगभग 3 वर्ष) की दर्दनाक मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा घटना पर तत्काल संज्ञान लेकर परिजन को 2-2 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई। म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा परिजन को 4-4 लाख रूपए राहत राशि देने की घोषणा की गई है। इसी क्रम में जिला प्रशासन सीधी की ओर से 5-5 हजार रुपये के मान से 15 हजार रूपए अंत्येष्टि सहायता राशि एवं 20-20 हजार रूपए जिला रेडक्रास सोसाइटी सीधी की ओर से तत्काल सहायता राशि परिजन को दे दी गई है।  

यूपी में महिला सशक्तिकरण का नया मॉडल: सोलर दीदी अभियान तेज

वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की आधी आबादी अब न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है, बल्कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने के लिए भी तैयार है। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी (वाराणसी) में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'सोलर दीदी' नामक एक क्रांतिकारी पहल की शुरुआत की गई है। इस अभियान के जरिए स्थानीय महिलाओं को अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देकर 'सोलर लीडर' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो राज्य में ऊर्जा स्वावलंबन और महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा मॉडल बनकर उभरा है। यूपी नेडा (UPNEDA) के अनुसार, चयनित महिलाओं को उनके गृह जनपद वाराणसी में ही रोजगार के बेहतरीन अवसर दिए जा रहे हैं। आकर्षक वेतन के साथ मिलेंगे कई मुफ्त लाभ यूपी नेडा के डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि विभाग से जुड़ी प्रमुख वेंडर कंपनियों द्वारा इन 'सोलर दीदियों' को ₹14,196 प्रति माह का फिक्स वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा, महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कंपनियों द्वारा प्रत्येक सोलर दीदी के घर पर ₹1.30 लाख मूल्य का 2 किलोवाट क्षमता वाला सोलर प्लांट बिल्कुल मुफ्त लगाया जाएगा, जिससे उनका अपना घर भी सौर ऊर्जा से रोशन हो सके। आधुनिक रसोई को बढ़ावा देने के लिए उन्हें एक इंडक्शन स्टोव (चूल्हा) भी मुफ्त मिलेगा। यही नहीं, भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा हर सफल सोलर इंस्टॉलेशन पर ₹1000 की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। 7 दिन का विशेष प्रशिक्षण और टेस्ट अनिवार्य इस महाअभियान का हिस्सा बनने के लिए विभाग ने महिलाओं से एक विशेष अपील की है। सभी इच्छुक प्रशिक्षुओं को तय समय पर प्रशिक्षण केंद्र पहुंचकर सात दिवसीय व्यावहारिक ट्रेनिंग को गंभीरता से पूरा करना होगा। इस ट्रेनिंग के बाद होने वाले टेस्ट को उत्तीर्ण करने वाली महिलाओं को ही 'सोलर दीदी' के रूप में फील्ड में काम करने और इन सभी सुविधाओं का लाभ उठाने का मौका मिलेगा। यह कदम ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को तकनीकी रूप से कुशल बनाने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है। उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा की रिकॉर्ड रफ्तार वाराणसी की इस पहल के बीच पूरे उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर का नेटवर्क तेजी से फैला है। प्रदेश में अब तक कुल 9,68,548 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 5,44,810 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। इस बड़े बदलाव के कारण राज्य में 1,844.87 मेगावाट की स्थापित क्षमता तैयार हुई है। इस पूरी योजना को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा ₹3,539.06 करोड़ और राज्य सरकार द्वारा ₹1200 करोड़ से अधिक की भारी-भरकम सब्सिडी जारी की जा चुकी है। रोजाना बन रही 5 करोड़ रुपये की मुफ्त बिजली योगी सरकार के इन प्रयासों का सबसे बड़ा फायदा सीधे जनता और पर्यावरण को मिल रहा है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के घरों की छतों पर लगे इन सोलर प्लांटों के माध्यम से प्रतिदिन 82 लाख यूनिट से अधिक मुफ्त बिजली पैदा की जा रही है। अगर बाजार भाव से इसकी तुलना करें, तो प्रदेश के नागरिक रोजाना लगभग 5 करोड़ रुपये से अधिक की बिजली पूरी तरह मुफ्त और सीधे सूरज की रोशनी से बना रहे हैं। वाराणसी का यह 'सोलर दीदी' मॉडल जल्द ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।  

राघव चड्ढा को मिला बड़ा पद! राज्यसभा में महत्वपूर्ण समिति की कमान संभालेंगे

नई दिल्ली हाल ही में आम आदमी पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति का पुनर्गठन करने के बाद सदन के 10 सदस्यों को इस पैनल के लिए नामित किया गया है। याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया राज्यसभा की एक अधिसूचना में कहा गया है कि राघव चड्ढा को याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसमें यह भी बताया गया कि राज्यसभा के सभापति ने 20 मई से प्रभावी रूप से इस पैनल का पुनर्गठन किया है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने याचिका समिति का पुनर्गठन करने के बाद सदन के 10 सदस्यों को इस पैनल के लिए नामित किया। चड्ढा के अलावा पैनल के सदस्यों में हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रंगव्रा नारज़ारी और संदोश कुमार पी शामिल हैं। एक अन्य अधिसूचना में राज्यसभा सचिवालय ने कहा कि राज्यसभा के सभापति ने 20 मई 2026 को राज्यसभा के सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर संयुक्त समिति के सदस्य के रूप में नामित किया है। आप के 7 सांसदों ने थामा था बीजेपी का हाथ बता दें कि आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं में एक रहे राघव चड्ढा ने राज्यसभा के छह अन्य सांसदों के साथ पार्टी को अलविदा कह दिया था। सभी सात सांसदों ने 27 अप्रैल को आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। राज्यसभा में 10 सांसदों वाली आप के अब केवल 3 सांसद बचे हैं। आप ने की थी बर्खास्त करने की मांग इन नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से उन्हें बर्खास्त करने की मांग की थी। बीजेपी में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी हैं। दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया इस बीच राघव चड्ढा की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर किया गया है। इसमें सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों पर उनके बारे में प्रसारित किए जा रहे फर्जी, एआई-जनरेटेड और डीपफेक कंटेंट को तत्काल हटाने और ब्लॉक करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि संबंधित सामग्री दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राघव चड्ढा की प्रतिष्ठा व व्यक्तित्व अधिकारों को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाली है। याचिका में यह भी कहा गया है कि एआई और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर छेड़छाड़ की गई सामग्री तैयार करना और प्रसारित करना न केवल कानूनी और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि इससे अपूरणीय प्रतिष्ठात्मक क्षति भी हो रही है। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा दिल्ली हाई कोर्ट में दायर इस याचिका पर जस्टिस सुब्रह्मण्यम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई की। जस्टिस प्रसाद ने कहा कि यह राघव चड्ढा के व्यक्तिगत अधिकारों के उल्लंघन का मामला नहीं बनता। उनकी आलोचना उनके राजनीतिक फैसले को लेकर और बीजेपी में जाने को लेकर की जा रही है। हाई कोर्ट ने कहा कि व्यक्तित्व अधिकारों का व्यवसायिक इस्तेमाल और आलोचना करने में अंतर है। कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्रीमती सरोज देवी माहेश्वरी को दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सतना पहुंचकर मणिकांत माहेश्वरी की माताजी स्व. श्रीमती सरोज देवी माहेश्वरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिटी कोतवाली के पीछे स्थित माहेश्वरी निवास में स्व. श्रीमती माहेश्वरी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोक संतप्त परिजन से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद सतना गणेश सिंह, खजुराहो सांसद बीडी शर्मा, महापौर योगेश ताम्रकार, समाजसेवी श्रीकृष्ण माहेश्वरी, पूर्व महापौर ममता पाण्डेय, पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र, समाजसेवी डॉ. स्वप्ना वर्मा, सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 

मोरहाबादी से बीआईटी मेसरा तक PNG कनेक्शन की तैयारी, संजय सेठ ने की समीक्षा बैठक

 रांची  राजधानी रांची के मोरहाबादी, हेहल, लालपुर, एचईसी क्षेत्र, स्मार्ट सिटी और बीआईटी मेसरा इलाके में जल्द ही पाइपलाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति शुरू होगी। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शुक्रवार को रांची स्थित गेल (इंडिया) लिमिटेड के क्षेत्रीय कार्यालय में सिटी गैस वितरण परियोजना और पाइपलाइन गैस आपूर्ति (पीएनजी) कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को नेटवर्क विस्तार में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि वर्तमान में अशोक नगर, हरमू, हीनू, अरगोड़ा, पुंदाग, बरियातू, कांके, कोकर, तातीसिलवे, नामकुम और खेलगांव सहित कई इलाकों में पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध है। वहीं मोरहाबादी, हेहल, लालपुर, एचईसी क्षेत्र, स्मार्ट सिटी और बीआईटी मेसरा में पाइपलाइन विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है। रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि सुरक्षित, सस्ती और पर्यावरण अनुकूल गैस सुविधा उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक घरों तक पाइपलाइन गैस पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके लिए टास्क फोर्स का गठन कर युद्धस्तर पर पीएनजी कनेक्शन देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों ने बताया कि रांची में अब तक 854 किलोमीटर एमडीपीई पाइपलाइन और 70 किलोमीटर स्टील पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। शहर में 28 सीएनजी स्टेशन संचालित शहर में 28 सीएनजी स्टेशन संचालित हो रहे हैं, जहां प्रतिदिन 38 हजार से 42 हजार किलोग्राम सीएनजी की बिक्री हो रही है। पीएनजी परियोजना के तहत अब तक 79,071 घरेलू अवसंरचना विकसित की गई है, जबकि 23,628 घरेलू उपभोक्ताओं को पाइपलाइन गैस से जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा 165 वाणिज्यिक और 16 औद्योगिक उपभोक्ता भी इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं। बैठक में झिरी स्थित पांच टीपीडी क्षमता वाले कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह प्लांट नगर निगम के ठोस अपशिष्ट को हरित ईंधन और जैव उर्वरक में बदल रहा है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा और सतत अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा मिल रहा है। समीक्षा बैठक के बाद रक्षा राज्य मंत्री ने दो फायर बाइक का उद्घाटन भी किया। गेल अधिकारियों ने बताया कि संकरी गलियों और ऐसे मोहल्लों में, जहां दमकल की बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच पातीं, वहां इन फायर बाइक का उपयोग पाइपलाइन से संबंधित आग बुझाने में किया जाएगा। बाइक में पानी और अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रहेंगे। मंत्री ने गेल की इस पहल की सराहना की। बैठक में रांची की मेयर रौशनी खलखो, पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारू, चेंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से जुड़े अजय भंडारी और विनय टिबरेवाल तथा होटल एसोसिएशन के चंद्रकांत रायपत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

जल जीवन मिशन 2.0 में पेयजल योजनाओं को पूर्ण करने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बनाया रोडमैप

रायपुर  उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  अरुण साव ने आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों तथा मैदानी अधिकारियों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों, नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं एवं प्रदेश में ग्रीष्म काल में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। राज्य के सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव तथा जल जीवन मिशन के संचालक  मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता  के.के. मरकाम भी बैठक में मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने आगामी दो वर्षों के रोडमैप पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को मिशन के शेष कार्यों को गंभीरता, सक्रियता और तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर काम की गति और पूर्णता से ही केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कार्यों के लिए राशि जारी की जाएगी। जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को और ज्यादा फोकस एवं बारीकी से करना है। उन्होंने कहा की वर्तमान समय में पेयजल आपूर्ति अधिकांशतः शासकीय व्यवस्था पर ही आश्रित है। जल आपूर्ति की अपर्याप्त व्यवस्था या इसमें किसी तरह की बाधा आने पर लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके लिए विभाग को दूरदृष्टि एवं पूर्वानुमान के साथ काम करने की जरूरत है। उप मुख्यमंत्री  साव ने बैठक में हर गांव की पेयजल व्यवस्था की समय-समय पर जांच करने और किसी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने जहां-जहां जल जीवन मिशन के काम पूरे हो गए हैं, वहां हर घर जल का सत्यापन कराकर योजनाओं के संचालन-संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपने को कहा। उन्होंने विभाग के सभी मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को कलेक्टरों से चर्चा कर प्रत्येक योजना की प्रगति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यपालन अभियंताओं के कार्यों में सक्रिय सहयोग कर योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करने को कहा।  उप मुख्यमंत्री ने ग्रीष्म काल में प्रदेश की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत करने और जलस्तर के नीचे चले जाने के कारण सूख चुके हैंडपंपों में राइजर पाइप बढ़ाकर जलापूर्ति दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने जरूरत पड़ने पर तत्परता से नया ट्यूबवेल भी खोदने को कहा।  साव ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जलजनित रोगों से बचाव के लिए भी पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए गंदे पानी की आपूर्ति रोकने, नालियों से गुजरने वाले पाइपलाइनों को बदलने तथा जल की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण करने को कहा। उप मुख्यमंत्री  साव ने विभागीय अधिकारियों से लोगों को बारिश के पानी को संचित करने, वृक्षारोपण, जलस्रोतों के संरक्षण-संवर्धन और रेन-वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रेरित करने को कहा। भविष्य में जल की पर्याप्त उपलब्धता के लिए ये बहुत जरूरी है। उन्होंने बैठक में नक्सल प्रभावित रहे जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देते हुए पहुंचविहीन एवं दूरस्थ वनांचलों में भी स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के विभिन्न प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक  ओंकेश चंद्रवंशी और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता  एस.एल. पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। वर्ष 2026-27 में 13,183 और 2027-28 में 7352 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में जल जीवन मिशन के तहत प्रगतिरत 13 हजार 183 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं 2027-28 में 7352 योजनाओं को पूर्ण किया जाएगा। इस दौरान क्रमशः 22 और 48 समूह जल प्रदाय …

कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026: ऐश्वर्या राय का रेड कार्पेट लुक और फैंस के साथ खास पल

कान फिल्म फेस्टिवल 2026 में ऐश्वर्या राय ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। उन्होंने डिजाइनर अमित अग्रवाल के बनाए एक शानदार नीले गाउन में रेड कार्पेट पर वॉक किया। कान से ऐश्वर्या राय का एक वीडियो सामने आया है, जिसने उनके फैन का दिल जीत लिया है। उन्होंने यहां मौजूद अपने फैंस के साथ पोज दिए। यह वीडियो फाफी वायरल हो रहा है। फैंस इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वायरल वीडियो में क्या है? वायरल हो रहे वीडियो में ऐश्वर्या राय को होटल परिसर के अंदर जाते हुए देखा गया, जहां उनके चारों ओर सुरक्षाकर्मी और फोटोग्राफर मौजूद थे। इस बीच ऐश्वर्या अपने फैंस के साथ बातचीत कर रही हैं और उनके साथ पोज दे रही हैं। यहां पहले से कई फैंस अपनी पसंदीदा एक्ट्रेस के साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए लाइन में लगे हुए थे। एक युवा फैन उनके पास आई और ऐश्वर्या ने उसके बगल में खड़े होकर तस्वीर के लिए पोज दिया। जब वह वहां से जा रही थीं, तो एक्ट्रेस ने कहा अपना ख्याल रखना। ऐश्वर्या ने महिला के साथ दिया पोज इसके बाद एक और बुजुर्ग फैन उनके पास आईं और वह ऐश्वर्या के साथ फोटो खिंचवाना चाहती थीं। जब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की तो ऐश्वर्या ने कहा कि उन्होंने उनसे वादा किया था। उस फैन ने एक्ट्रेस का हाथ पकड़ा और उनसे कहा कि वह सबसे बेहतरीन महिला हैं। ऐश्वर्या राय ने आभार व्यक्त किया और फिर वहां से चली गईं। यूजर्स को पसंद आई ऐश्वर्या की अदा इस वीडियो पर कई फैंस ने कमेंट किए हैं और ऐश्वर्या की तारीफ की है। एक फैन ने लिखा, 'ऐश्वर्या बहुत अच्छी हैं।' एक और यूजर ने लिखा 'वह सबसे अच्छी और कोमल हैं।' एक और यूजर ने उन्हें 'विनम्र' कहा है। एक और यूजर ने लिखा 'वह पल अच्छा लगा जब ऐश्वर्या ने कहा,  'मैंने उनसे वादा किया है, उन्हें मेरे साथ तस्वीर खिंचवाने दो।'

आंधी-बारिश के चलते उड़ानों पर पड़ सकता है असर, इंडिगो ने फ्लाइट स्टेटस चेक करने की दी सलाह

नई दिल्ली  इंडिगो एयरलाइन ने शनिवार को दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की। राष्ट्रीय राजधानी में आंधी और बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए एयरलाइन ने कहा कि खराब मौसम के कारण उड़ानों के आगमन और प्रस्थान पर असर पड़ सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए इंडिगो एयरलाइन ने कहा कि दिल्ली के मौसम की स्थिति अस्थायी रूप से उड़ान संचालन को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, एयरपोर्ट और एयरलाइन की टीमें व्यवधान को कम करने के लिए पहले से तैयारी कर रही हैं। इंडिगो ने अपनी एडवाइजरी में क्या कहा इंडिगो ने कहा, 'दिल्ली में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है, जिसके कारण उड़ानों के आगमन और प्रस्थान पर असर पड़ सकता है। हमारी टीमें संचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए पहले से तैयारी कर रही हैं, लेकिन मौसम की वजह से थोड़ी देरी हो सकती है।' एयरलाइन ने यात्रियों को सलाह दी कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए जरूर चेक कर लें। फ्लाइट्स की स्टेटस देखकर ही घर से निकलें इसके अलावा, यात्रियों से अतिरिक्त समय लेकर चलने को कहा गया है, क्योंकि बारिश और जलभराव के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। एयरलाइन ने कहा कि अगर आप आज यात्रा कर रहे हैं, तो एयरपोर्ट जाने से पहले हमारी वेबसाइट या ऐप पर अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें। इससे पहले शुक्रवार को भी एयरलाइन ने मुंबई आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की थी। यात्रियों को असुविधा नहीं हो इसलिए एडवाइजरी यात्रियों से कहा गया था कि वे खराब मौसम के कारण संभावित देरी से बचने के लिए सामान्य समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचें। एयरलाइन ने कहा था कि ट्रैफिक अपडेट पर नजर रखें और एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले ऐप या वेबसाइट पर अपनी फ्लाइट की स्थिति जांच लें। मई की शुरुआत में खराब मौसम का असर पूर्वी भारत में इंडिगो की उड़ानों पर भी पड़ा था। कोलकाता से पटना जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को खराब मौसम के कारण पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने की अनुमति नहीं मिल सकी थी, जिसके बाद विमान को लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा था।