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दिल्ली में CM साय की बड़ी मुलाकात, BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष संग विकास योजनाओं पर मंथन

रायपुर. दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन से भेंट मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच संगठनात्मक विषयों और छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति देने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट पर मुलाकात के दौरान की तस्वीर भी साझा की है. सीएम साय के सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात  के दौरान प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने, गरीबों के कल्याण, किसानों के हित, युवाओं के रोजगार और मातृशक्ति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया. विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई – नई दिल्ली प्रवास के दौरान भारतीय जनता पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी से आत्मीय भेंट हुई। इस अवसर पर संगठनात्मक विषयों, छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति देने तथा गरीब, किसान, युवा और मातृशक्ति के कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। – Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) May 26, 2026 छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी रहे हैं नितिन नवीन  बता दें कि साल 2021 से 2024 के बीच नितिन छत्तीसगढ़ में सह-प्रभारी रहे. पार्टी ने उन्हें साल 2024 में छत्तीसगढ़ के लोकसभा चुनाव प्रभारी बने. जुलाई 2024 से राष्ट्रीय अध्यक्ष के सफर तक उन्होंने छत्तीसगढ़ के राज्य प्रभारी के रूप में संगठन के दायित्व को निभाया था.

शिवराज ने लॉन्च की PM मोदी पर किताब, कार्यक्रम में कई मुख्यमंत्री शामिल; सुनाया ‘ईमेल-फीमेल’ किस्सा

भोपाल  केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपनी नई पुस्तक 'अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव' का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं की पारंपरिक कार्यशैली और तकनीक को अपनाने में आई शुरुआती झिझक का जिक्र किया। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता पारंपरिक तरीके से काम करते रहे हैं और कई बार तकनीक का व्यापक उपयोग करने की मानसिकता नहीं रही। उन्होंने मोबाइल फोन के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय इसे 'फाइव-स्टार कल्चर' से जोड़ा जाता था। सुनाया ईमेल आईडी और पीएम मोदी से जुड़ा किस्सा विमोचन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि जब नरेंद्र मोदी पार्टी के प्रभारी के तौर पर मध्य प्रदेश आए थे, तब मैं राज्य इकाई में महासचिव था। इस दौरान चुनाव तैयारियों को लेकर एक बैठक हुई थी। शिवराज सिंह ने कहा, ''बैठक के दौरान जब पीएम मोदी ने पूछा कि किसके पास ईमेल आईडी है, तो उस समय शायद ही किसी के पास इसका जवाब था। लोग एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। तब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर ने मजाक में पूछा, ''नरेंद्र भाई, आप यह 'फीमेल-फीमेल' क्या कह रहे हैं? इस फीमेल-ईमेल से क्या होगा?" इस पर सब हंस पड़े और कुछ लोगों के चेहरे पर व्यंग्यात्मक भाव भी थे।''इस पुस्तक का विमोचन पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने किया। समारोह में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान समेत करीब एक दर्जन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। शिवराज ने की पीएम मोदी की दूरदर्शिता की तारीफ उन्होंने कहा कि इसके बावजूद नरेंद्र भाई ने ईमेल और तकनीक के महत्व पर जोर दिया। चौहान ने कहा कि पीएम मोदी ने दूसरों से बहुत पहले यह समझ लिया था कि अगर भारत के भविष्य को आकार देना है और एक विकसित भारत का निर्माण करना है, तो प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनकी यह दूरदर्शिता पार्टी के भीतर तकनीक को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। पीएम मोदी के साथ पहली मुलाकात का किया जिक्र अपनी पुस्तक के विमोचन पर केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी के साथ अपनी पहली मुलाकात का किस्सा भी बताया। उन्होंने कहा, "आतंकवाद अपने चरम पर था। कश्मीर घाटी में, कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। डॉ. मुरली मनोहर जोशी भाजपा के अध्यक्ष थे। भाजपा ने तय किया कि एकता यात्रा का नेतृत्व वे करेंगे और श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा।" उन्होंने आगे कहा, "नरेंद्र भाई को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। जब मैं पहली बार नरेंद्र भाई से मिला, तो उस पहली मुलाकात में ही मैंने उनके विचार देखे: जनता तक पहुंचना, लोगों को एकजुट करना और देशभक्ति की भावना जगाना। उन्होंने कहा  कि तिरंगा सिर्फ श्रीनगर के लाल चौक पर ही नहीं फहराया जाएगा। तिरंगा देश के हर नागरिक के दिल में लहराना चाहिए।"  कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और गिरिराज सिंह सहित कई दिग्गज नेता मौजूद हैं। 1991 से लेकर अब तक के अनुभव शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह किताब उनके लिए सिर्फ एक पुस्तक नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ बिताए लंबे समय का अपनापन है। 1991 की एकता यात्रा से लेकर आज तक के अनुभवों को इसमें शामिल किया गया है। उस समय मुरली मनोहर जोशी की यात्रा में नरेंद्र मोदी संगठनात्मक प्रभारी थे। किताब युवाओं को प्रेरित करेगी शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि यह पुस्तक युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित करेगी। इसमें अनुशासन, तपस्या, समर्पण और लोगों के साथ अपनापन से बड़े लक्ष्य हासिल करने की सीख दी गई है। किताब में मोदी जी के नेतृत्व, सुशासन, राष्ट्र सेवा और नीति निर्माण के व्यक्तिगत पक्षों को खास तौर पर उजागर किया है। वह एक सच्चे कर्मयोगी और असाधारण इंसान कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कभी-कभी आपको ऐसे व्यक्ति के साथ काम करने का मौका मिलता है जिसे दुनिया नेता कहती है, लेकिन वास्तव में वह एक सच्चे कर्मयोगी और असाधारण इंसान होते हैं। वह इंसान हैं नरेंद्र मोदी। आज 26 मई का वह ऐतिहासिक दिन है, जब नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। 12 वर्ष पूरे हो गए, लेकिन मेरा और उनका साथ 35 साल पुराना है। इन 35 वर्षों में मैंने उन्हें हर क्षण देश के लिए जीते हुए देखा है। उनका हर कदम देश की प्रगति और विकास के लिए उठा है। मुझे उनके साथ अनेक भूमिकाओं में संगठन के कार्यकर्ता के नाते काम करने का मौका मिला। मुख्यमंत्री के नाते भी हमने साथ काम किया शिवराज ने कहा- मुख्यमंत्री के नाते भी हमने साथ काम किया और फिर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में तथा बाद में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री के नाते उनके साथ काम कर रहा हूं। मैंने उनसे अनेक प्रेरणाएं प्राप्त कीं। कैसे ऐसे निर्णय लिए जाएं, जिनसे जनता का जीवन बदले। इसलिए लिखी अपनापन शिवराज ने कहा- मुझे लगा कि यह अनुभव केवल मेरे पास तक क्यों रहे। यह केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग प्रशासनिक अधिकारी, प्रोफेशनल्स, उद्योगपति, समाज सुधारक, महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण से जुड़े लोगों सभी के लिए उपयोगी है। इसलिए मेरे मन में यह भाव आया कि अपने अनुभवों और सीख को एक पुस्तक के रूप में देशवासियों को समर्पित करूं। इसी का परिणाम है ‘अपनापन’। एकता यात्रा से शुरू हुआ था मेरा-उनका साथ मेरा और उनका पहला साथ एकता यात्रा से प्रारंभ हुआ था। उस समय आतंकवाद चरम पर था और कश्मीर घाटी के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की कल्पना भी कठिन थी। भाजपा ने तय किया कि उनके नेतृत्व में एकता यात्रा निकलेगी और कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा, जिससे पूरे भारत को भावनात्मक रूप से एक किया जा सके। इस यात्रा का संचालन नरेंद्र मोदी को मिला। मैं उस समय लोकसभा उपचुनाव जीतकर पहुंचा … Read more

प्रधान सेवक के रूप में प्रधानमंत्री मोदी ने अंत्योदय को धरातल पर उतारने का ऐतिहासिक कार्य किया – मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई प्रधान सेवक के रूप में प्रधानमंत्री मोदी ने अंत्योदय को धरातल पर उतारने का ऐतिहासिक कार्य किया – मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को मिली नई गति – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्रसेवा, सुशासन और  जनकल्याण को समर्पित सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन व्यक्त किया है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी, निर्णायक और जनकेंद्रित नेतृत्व में भारत ने सेवा, सुरक्षा, आत्मविश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन की सोच और कार्यशैली को बदलते हुए सेवा, सुशासन और अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखा तथा यह सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा, वंचित और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया, वह आज देश के कोने-कोने में दिखाई देता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल क्रांति, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समावेशन की दिशा में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विकसित भारत @2047 का संकल्प आज जनभागीदारी और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में आज विकास, विश्वास और जनकल्याण की नई धारा दिखाई दे रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सुविधाओं और शासकीय योजनाओं की पहुँच दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक सुनिश्चित हुई है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, जन-धन योजना और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने गरीबों, किसानों, मातृशक्ति, युवाओं तथा जनजातीय समाज के जीवन में आशा, सम्मान और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच ने शासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को केवल नारा नहीं रहने दिया, बल्कि उसे व्यवहार और नीति का आधार बनाया। इसी का परिणाम है कि आज देश विकास और सामाजिक समावेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व देश को केवल आर्थिक रूप से सशक्त नहीं बना रहा, बल्कि सांस्कृतिक आत्मगौरव, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए देशवासियों में नए आत्मविश्वास का संचार किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग को मिले। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को पुनः बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, यशस्वी और दीर्घायु जीवन की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

मध्यप्रदेश में CNG उपभोक्ताओं को झटका, ₹1 प्रति किलो बढ़े दाम; भोपाल में नई कीमत लागू

भोपाल  ईरान जंग के बीच मध्य प्रदेश में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी, CNG के रेट 10 दिन में दूसरी बार बढ़े हैं। भोपाल में यह 1 रुपए प्रति किलो तक महंगी कर दी गई है। अब यह 94.75 रुपए प्रतिकिलो में मिल रही है। इससे पहले 16 मई को करीब 3 रुपए प्रतिकिलो रेट बढ़े थे। फिलहाल थिंक गैस एजेंसी ने कीमतें बढ़ाई हैं। इसकी सप्लाई भोपाल समेत आसपास के जिलों में है। दो महीने में यह तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है। तीन बार में सीएनजी 6 रुपए किलो तक महंगी हुई है। प्रदेश में 3 कंपनियों की सप्लाई मध्य प्रदेश में 3 गैस एजेंसियां- थिंक, गेल और अवंतिका सीएनजी की सप्लाई करती हैं। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शिवपुरी, विदिशा समेत आसपास के जिलों में थिंक कंपनी सप्लाई करती है, जबकि इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर संभाग में अवंतिका की सप्लाई है। गेल कंपनी की भी कई जिलों में सप्लाई है। भोपाल के 25 पंपों पर सीएनजी राजधानी में कुल 152 पेट्रोल पंप है। इनमें से 12 पंप ऐसे हैं। जहां सीएनजी गैस भी मिलती है। वहीं थिंक गैस के मैनिट, नीलबड़, होशंगाबाद रोड, बैरागढ़ रोड समेत कई जगहों पर भी कुल 25 स्टेशन है। यहां पर रेट बढ़े हैं। 50% तक बढ़ी CNG गाड़ियों की बिक्री पिछले तीन साल में भोपाल में सीएनजी गाड़ियों की बिक्री 50% तक बढ़ी है। शोरूम से हर रोज सीएनजी बेस्ड 10 से 15 गाड़ियां बिक रही है। इसकी मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल के मुकाबले सीएनजी से एवरेज ज्यादा मिलना है। वहीं, सीएनजी के रेट भी कम है। सीएनजी क्या है और यह कैसे बनती है? सीएनजी का पूरा नाम कंप्रेस्ड नेचुरल गैस है। यह मुख्य रूप से मीथेन गैस से बनती है और पेट्रोल-डीजल के मुकाबले बहुत कम प्रदूषण फैलाती है। यह गैस जमीन के नीचे बने तेल और गैस के कुओं से प्राकृतिक रूप से निकलती है। इसके बाद फैक्ट्रियों में इसे रिफाइन करके इसकी नमी और अशुद्धियां साफ की जाती हैं। फिर इस प्राकृतिक गैस पर बहुत ज्यादा प्रेशर डाला जाता है, जिससे यह भारी गैस कम जगह में सिमट जाती है। इसी दबी हुई गैस को सिलेंडरों में भरकर गाड़ियों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। ईंधन महंगा…पेट्रोल-डीजल के चार बार बढ़ चुके हैं रेट इससे पहले सोमवार को ऑयल कंपनियों ने 11 दिन के अंदर पेट्रोल-डीजल के रेट चौथी बार बढ़ा दिए थे। 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा किया गया। मध्य प्रदेश में रेट 3 रुपए तक बढ़े हैं। नए रेट के बाद एमपी में डीजल 100 रुपए के पार पहुंच गया, जबकि पेट्रोल 116 रुपए या उससे ज्यादा हो गया है। नए रेट के मुताबिक भोपाल में पेट्रोल 114.65 रुपए और डीजल 99.74 रुपए प्रति लीटर हो गया है। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में उज्जैन में तेल सबसे महंगा है। वहां डीजल 100.11 रुपए और पेट्रोल 115.03 रुपए में मिलेगा। इंदौर में पेट्रोल 114.54 रुपए और डीजल 99.57 रुपए में मिलेगा। जबलपुर और ग्वालियर में भी कीमतें बढ़ी हैं।

दर्दनाक सड़क हादसा: कैंची धाम जा रही कार पलटी, 4 दोस्तों ने गंवाई जान

 बाराबंकी बाराबंकी में सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे पर ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने कुछ ही सेकंड में खुशियों से भरी यात्रा को मातम में बदल दिया. कैंची धाम जा रहे सात दोस्तों की इनोवा कार तेज रफ्तार ट्रेलर से जा टकराई. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे लोग चीख तक नहीं पाए. हादसे में चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।  यह हादसा हैदरगढृ कोतवाली क्षेत्र के भिखरा गांव के पास देर रात करीब 2:50 बजे हुआ. रात के सन्नाटे में अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी तो आसपास के लोग घबराकर बाहर निकल आए. हाईवे पर पहुंचते ही सामने का मंजर देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज रफ्तार इनोवा कार सुल्तानपुर से लखनऊ की तरफ जा रही थी. उसी दौरान आगे चल रहे ट्रेलर से कार की जोरदार भिड़ंत हो गई. टक्कर इतनी भयानक थी कि इनोवा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. कार का अगला हिस्सा पूरी तरह दब गया और अंदर बैठे लोग उसमें फंस गए. हादसे के तुरंत बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।  कैंची धाम जा रहे थे सभी दोस्त बताया जा रहा है कि इनोवा में सवार सभी लोग कैंची धाम दर्शन के लिए जा रहे थे. सफर हंसी-मजाक और उत्साह के साथ शुरू हुआ था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनकी आखिरी यात्रा बन जाएगी. हादसे में जिन चार युवकों की मौत हुई, उनकी पहचान हादसे में मृतकों की पहचान राहुल कुमार पुत्र संजय कुमार निवासी मुगलसराय, जनपद चंदौली, राहुल सिंह पुत्र अजय प्रताप निवासी गैबीपुर, जनपद गाजीपुर, सत्यम सिंह पुत्र स्वर्गीय तेज प्रताप सिंह निवासी रामपुर रसड़ा, जनपद बलिया तथा सूरज यादव निवासी गाजीपुर के रूप में हुई है. चारों की मौत की खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया. कई घरों में रातभर रोने-बिलखने की आवाजें गूंजती रहीं।  घायल युवकों की हालत गंभीर हादसे में घायल हुए पंकज, प्रशांत और चंदन सिंह को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ ले जाया गया. डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया. बताया जा रहा है कि घायलों में कुछ की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।  पुलिस ने काटकर निकाले शव हादसा इतना भयावह था कि कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने में पुलिस और स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो चुका था. कई लोगों को लोहे को काटकर बाहर निकाला गया. मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि हादसा देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कार सीधे किसी दीवार से टकरा गई हो।  रात 3 बजे पहुंची पुलिस हैदरगढ़ कोतवाली प्रभारी अनिल पांडे ने बताया कि रात करीब 3 बजे हादसे की सूचना मिली थी. पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया. उन्होंने बताया कि चार लोगों की मौके पर मौत हो गई थी जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल थे. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है. प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि हादसे की बड़ी वजह तेज रफ्तार हो सकती है. देर रात हाईवे लगभग खाली था और संभवतः इनोवा की स्पीड काफी ज्यादा थी. हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. ट्रेलर चालक से भी पूछताछ की जा रही है।  हादसे के बाद हाईवे पर लगा जाम भीषण टक्कर के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया. पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका. कुछ देर तक हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए थे. हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के घर पहुंची, परिवारों में चीख-पुकार मच गई. किसी घर का बेटा चला गया तो कहीं दोस्त हमेशा के लिए बिछड़ गए. जिन परिवारों ने अपने बच्चों को धार्मिक यात्रा पर भेजा था, उन्हें क्या पता था कि सुबह उनके घर मातम की खबर पहुंचेगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय इनोवा की स्पीड कितनी थी और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई. वहीं घायलों का इलाज जारी है और परिवार के लोग अस्पताल पहुंच चुके हैं। 

शादी में दिखी मिसाल, बेटे के विवाह पर 3500 ग्रामीणों को मिला बीमा सुरक्षा का गिफ्ट

 नांदेड महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के कंधार तालुका स्थित बहादरपुरा गांव में एक शादी सामाजिक सरोकार और मानवता की मिसाल बन गई. आमतौर पर शादी समारोहों में लाखों रुपये सजावट, आतिशबाजी और भव्य आयोजनों पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन बहादरपुरा के पेठकर परिवार ने अपने बेटे सिद्धेश्वर पेठकर के विवाह को समाज सेवा से जोड़ते हुए एक अनोखी पहल की।  पेठकर परिवार ने पूरे गांव का कराया बीमा सिद्धेश्वर पेठकर और मंजुषा के विवाह समारोह के अवसर पर परिवार ने पूरे गांव के करीब 3500 लोगों का दुर्घटना बीमा कराने का निर्णय लिया. इस पहल का उद्देश्य गांव के लोगों को भविष्य में किसी भी दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है. परिवार का मानना है कि शादी केवल व्यक्तिगत खुशी का अवसर नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी माध्यम होना चाहिए।  गांव में जैसे ही इस पहल की जानकारी सामने आई, लोगों में खुशी और गर्व का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी शादी में ऐसा सामाजिक संदेश देखा है. गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यह पहल आने वाले समय में अन्य परिवारों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।  पेठकर परिवार ने बताया कि आज के समय में अचानक होने वाली दुर्घटनाएं कई परिवारों को आर्थिक संकट में डाल देती हैं. ऐसे में यदि पहले से बीमा जैसी सुविधा उपलब्ध हो तो कठिन समय में लोगों को सहारा मिल सकता है. इसी सोच के साथ विवाह समारोह को सामाजिक सुरक्षा अभियान से जोड़ने का निर्णय लिया गया।  चर्चा में बनी ये पहल परिवार के इस कदम की इलाके में व्यापक चर्चा हो रही है. सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना की है. लोगों का कहना है कि अगर समाज के सक्षम लोग अपने निजी आयोजनों को सामाजिक हित से जोड़ें, तो कई जरूरतमंदों की मदद की जा सकती है।  बहादरपुरा गांव में अब यह शादी केवल एक पारिवारिक आयोजन नहीं रही, बल्कि सामाजिक चेतना और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन गई है. “वधू का आगमन हुआ और गांव सुरक्षित हो गया”. यह संदेश अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. पेठकर परिवार की इस अनोखी पहल ने यह साबित कर दिया कि खुशियों के अवसर पर समाज के बारे में सोचने से बदलाव की नई शुरुआत की जा सकती है। 

महिला हॉकी को नई ऊंचाई देने वाले बलदेव सिंह हुए पद्मश्री से सम्मानित

शाहाबाद/चंडीगढ़. हरियाणा की खेल नगरी शाहाबाद के लिए आज गर्व का ऐतिहासिक पल रहा, जब द्रोणाचार्य अवार्डी हाकी कोच बलदेव सिंह को राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया। जैसे ही यह सम्मान उन्हें मिला, पूरे शाहाबाद और खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई। भारतीय महिला हाकी को नई पहचान दिलाने वाले बलदेव सिंह को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री से नवाजा जाना हरियाणा के लिए भी गौरव की बात है। गौरतलब है कि बलदेव सिंह ने उस दौर में शाहाबाद में महिला हाकी की नींव मजबूत की, जब बेटियों का खेलों में आगे बढ़ना आसान नहीं था। सीमित संसाधनों और तमाम सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने गांव-गांव से प्रतिभाएं खोजीं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाया। उनकी मेहनत और समर्पण ने शाहाबाद को भारतीय महिला हाकी की सबसे बड़ी नर्सरी बना दिया। उनकी कोचिंग में तैयार हुई रानी रामपाल, नवनीत कौर, जसजीत कौर, राजवींदर कौर, जायदीप कौर, रितु रानी, सुमन बाला जैसी खिलाड़ियों ने भारतीय टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इनमें से कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम की कप्तानी भी संभाली। उनके द्वारा तैयार खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियन गेम्स, कामनवेल्थ गेम्स और विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। मिठाई बांट कर मनाई खुशी शाहाबाद में खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई। खिलाड़ियों ने कहा कि यह सम्मान केवल बलदेव सिंह का नहीं, बल्कि उन सभी बेटियों की मेहनत का सम्मान है, जिन्हें उन्होंने तराश कर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनाया। पद्मश्री से सम्मानित होने के बाद बलदेव सिंह एक बार फिर साबित कर चुके हैं कि सच्चा गुरु वही होता है, जो अपनी मेहनत से साधारण प्रतिभाओं को असाधारण पहचान दिला दे। शाहाबाद की मिट्टी से निकले इस महान कोच ने भारतीय हाकी को जो विरासत दी है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी।

वोटिंग के दौरान ED रेड से हड़कंप, रॉयल एस्टेट दफ्तर में दस्तावेज खंगाले जा रहे

चंडीगढ़. पंजाब नगर परिषद चुनाव के बीच जीरकपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। शहर स्थित रॉयल एस्टेट के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा छापेमारी किए जाने की सूचना है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और राजनीतिक व कारोबारी हलकों में हलचल मच गई है। मिली जानकारी के अनुसार ईडी की टीम सुबह करीब साढ़े सात बजे से रॉयल एस्टेट कार्यालय में मौजूद है और वहां रखे दस्तावेजों, रिकॉर्ड तथा अन्य जरूरी कागजातों की जांच-पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार टीम द्वारा विभिन्न दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है और मामले से जुड़े पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। कांसल परिवार से जुड़ा मामला भरोसेमंद सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई रॉयल एस्टेट के मालिक प्रवीण रोकी कांसल और नीरज कांसल से जुड़े मामलों को लेकर बताई जा रही है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर अभी तक ईडी की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों का यह भी दावा है कि चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित प्रवीण कांसल के आवास पर भी ईडी की टीम द्वारा कार्रवाई की जा रही है। चुनावों के बीच कार्रवाई पर उठे सवाल इस रेड को लेकर ईडी की तरफ से आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। चुनाव के दौरान हुई इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में लोग इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। फिलहाल सभी की निगाहें ईडी की आधिकारिक जानकारी और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

भीषण तापमान बना जानलेवा, छत्तीसगढ़ में सैकड़ों चमगादड़ों ने तोड़ा दम

कांकेर. छत्तीसगढ़ में आसमान से बरस रही आग से वन्यजीवों का जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है. कोरबा के बाद अब कांकेर जिले के सरोना गांव में हीट स्ट्रोक के कारण 500 से अधिक चमगादड़ों की मौत हो गई है. अब नौतपा में कांकेर में हीटवेव के अलर्ट ने चिंता बढ़ा दी है. जानकारी के मुताबिक, सरोना गांव में बड़ी संख्या में चमगादड़ों के मरने की घटना सामने आई है. ग्रामीणों के मुताबिक कई चमगादड़ पेड़ों से अचानक नीचे गिरने लगे और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई. रोजाना सैकड़ों चमगादड़ों की मौत हो रही है और 2 से 4 दिनों के भीतर करीब 500 से अधिक चमगादड़ों की मौत हो गई है. वही विशेषज्ञ इसे भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक का असर मान रहे हैं. लगातार बढ़ती गर्मी का असर सिर्फ वन्यजीवों पर ही नहीं बल्कि इंसानों की सेहत पर भी पड़ रहा है. जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर और लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं. बता दें कि हाल ही में कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत नौकोनिया तालाब के आसपास लगे बड़े पेड़ों पर रहने वाले सैंकड़ों चमगादड़ रविवार को अचानक पेड़ों से सीधे जमीन पर गिरने लगे. एक साथ इतनी संख्या में चमगादड़ों की मौत से इलाके के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है.

पंजाब चुनाव को लेकर भगवंत मान की भविष्यवाणी, बोले- भाजपा सीमित रहेगी, अकाली दल रहेगा खाली हाथ

 पठानकोट  पंजाब में शहरी निकाय चुनावों के लिए मतदान जारी है। इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आगामी विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी कर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री का दावा है कि विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ होने वाला है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में निकाय चुनावों के लिए वोट डाले जा रहे हैं, जिन्हें मिनी चुनाव भी कहा जा रहा है। विपक्ष पर साधा निशाना एक निजी मीडिया हाउस के कार्यक्रम के दौरान सोमवार शाम मान ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पठानकोट जिले में महज एक या दो सीटों तक सीमित रह जाएगी। वहीं, कांग्रेस अधिकतम नौ सीटें हासिल कर सकती है, जबकि शिरोमणि अकाली दल का खाता तक नहीं खुलेगा। मुख्यमंत्री ने बाकायदा एक हस्ताक्षर किए हुए नोट के जरिए यह दावा किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मान का यह बयान चुनावी आंकड़ों के विज्ञान पर आधारित होने के बजाय, मंगलवार को हो रहे शहरी निकाय चुनावों से ठीक पहले पार्टी कैडर का मनोबल बढ़ाने की एक मजबूत कोशिश है। शुक्रवार को आएंगे नतीजे कानून-व्यवस्था और शासन की चुनौतियों से जुड़ी चिंताओं के बीच इन निकाय चुनावों को जनता के मूड का बैरोमीटर माना जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में अक्सर सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी इनकंबेंसी का प्रभाव ग्रामीण इलाकों से अधिक माना जाता है। कांग्रेस को अधिकतम नौ सीटें देने की बात कहकर मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे मुख्य मुकाबला कांग्रेस से ही मान रहे हैं। संगठन बनाने के लिए संघर्षरत है भाजपा पठानकोट में भाजपा को सीमित बताने वाला बयान इस बात का संकेत है कि दल-बदल और केंद्र सरकार की पहुंच के बावजूद, भाजपा अभी भी पंजाब में एक मजबूत जमीनी संगठन बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी के 1801 उम्मीदवारों के लिए सीधे तौर पर प्रचार नहीं किया है, हालांकि उनकी माता ने कुछ प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार जरूर किया था। इन निकाय चुनावों के नतीजे शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे।