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पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ समेत मेयर के घर को उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

लुधियाना  पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ और लुधियाना की मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर के घर को बम से उड़ने की धमकी भरा मेल मिला है. यह मेल सोमवार की सुबह लुधियाना नगर निगम कमिश्नर की सरकारी ईमेल आईडी पर आया है. इस मेल में कहा गया है कि लुधियाना की मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर के घर को दोपहर 1:11 पर बम से उड़ा दिया जाएगा जबकि रात 9:11 पर दिलजीत दोसांझ के घर पर हमला होगा. यह मेल खालिस्‍तान नेशनल आर्मी की तरफ से भेजा गया बताया जा रहा है।  पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह-सुबह नगर निगम कमिश्नर के आधिकारिक ईमेल अकाउंट पर एक धमकी भरा मेल आया. बता दें कि इससे पहले पंजाब के कई स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकियां दी जा चुकी हैं।  इस ईमेल में लिखा था कि लुधियाना की मेयर और सिंगर दिलजीत दोसांझ के ठिकानों पर जोरदार धमाके किए जाएंगे. धमकी देने वाले ने इस हरकत को अंजाम देने के लिए बकायदा एक खास तारीख और समय का भी जिक्र किया था।  ईमेल में खास लोगों और संगठन के नामों का भी हवाला सूत्रों ने बताया कि इस ईमेल में कुछ खास लोगों और एक संगठन के नामों का भी हवाला दिया गया है. पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स की टीमें इस ईमेल की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।  बम की इस खौफनाक धमकी के मिलते ही प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया. सुरक्षा के मद्देनजर मेयर के कैंप ऑफिस और शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है।  क्या लिखा है धमकी भरे ईमेल में? सुबह करीब 7:28 बजे आई ईमेल आईडी का विषय "B"0mb Blast – Mayor Office Ludhiana!" रखा गया है। ईमेल में धमाकों का समय भी निर्धारित किया गया है। दोपहर 1:11 बजे लुधियाना मेयर पर हमले की धमकी दी गई है। इसके साथ ही रात 9:11 बजे दिलजीत दोसांझ के लुधियाना स्थित घर पर धमाके की चेतावनी दी है। हमलावरों ने स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि “कोई भी मदद दिलजीत दोसांझ करेगा, मारा जाएगा।” 1984 के दंगों का जिक्र, 6 जून तक का अल्टीमेटम ईमेल में 1984 के सिख दंगों का हवाला देते हुए "खून का बदला खून" की बात लिखी गई है। धमकी देने वालों ने लिखा है कि 6 जून तक बम धमाकों के जरिए निशाना बनाया जाएगा। किसने भेजी है यह धमकी? ईमेल के अंत में इसे 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' (KHALISTAN National ARMY) की तरफ से भेजा गया बताया गया है। इसमें भेजने वालों के रूप में दो नाम लिखे गए हैं: 1. इंजीनियर गुरनख सिंह (रुकन शाहवाला) 2. डॉ. गुरनिरवैर सिंह (खान राजादा) पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट धमकी के बाद पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट पर है। ईमेल के आईपी एड्रेस और सेंडर को ट्रेस करने की त्वरित जांच शुरू कर दी गई है। मेयर कार्यालय और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा कड़ी किए जाने की संभावना है। जांच में जुटी पुलिस और खुफिया एजेंसियां लुधियाना पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस धमकी की गंभीरता को परखने और ईमेल भेजने वाले के आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुट गई हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक जांच के दौरान किसी भी जगह से कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है।  इसके बावजूद, प्रशासन इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और पूरी सतर्कता के साथ चप्पे-चप्पे पर सर्च ऑपरेशन और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।   

मेडिकल साइंस का कमाल… चीन में मौजूद डॉक्टर ने हैदराबाद में किया ऑपरेशन

हैदराबाद तकनीक और मेडिकल साइंस ने एक बार फिर ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने दुनियाभर का ध्यान खींच लिया है. चीन के वुहान में मौजूद भारतीय यूरोलॉजिस्ट डॉ. सैयद मोहम्मद गौस ने हैदराबाद में मौजूद एक मरीज की रोबोट की मदद से सफल सर्जरी की. खास बात यह रही कि डॉक्टर और मरीज के बीच करीब 3000 किलोमीटर की दूरी थी।  रिपोर्ट के मुताबिक, यह यूरेट्रल रीइम्प्लांटेशन सर्जरी थी, जिसमें यूरेटर (किडनी से यूरिन ब्लैडर तक ले जाने वाली नली) को दोबारा ब्लैडर से जोड़ा गया. यह ऑपरेशन चीन में विकसित रोबोटिक तकनीक और हाई-स्पीड 5G इंटरनेट की मदद से किया गया. पूरा ऑपरेशन करीब 90 मिनट तक चला. इस दौरान वुहान के टोंगजी हॉस्पिटल और हैदराबाद की मेडिकल टीम के बीच लगातार समन्वय बना रहा।  इस उपलब्धि को भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया. उन्होंने लिखा कि भारतीय यूरोलॉजिस्ट डॉ. सैयद मोहम्मद गौस ने वुहान में बैठकर हैदराबाद के मरीज की सिर्फ 90 मिनट में रोबोट-असिस्टेड सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की।  ऑपरेशन शुरू होने से पहले वुहान और हैदराबाद के डॉक्टरों ने ऑनलाइन मरीज की मेडिकल रिपोर्ट्स की संयुक्त समीक्षा की. इसके बाद रोबोटिक आर्म्स की मूवमेंट को लेकर पूरी योजना तैयार की गई. हैदराबाद में मौजूद मेडिकल स्टाफ ने मरीज को एनेस्थीसिया दिया और ऑपरेशन थिएटर में रोबोटिक सिस्टम को तैयार किया।  इस रोबोटिक सिस्टम में बेहद बारीक सर्जिकल उपकरण और हाई-डेफिनिशन 3D कैमरे लगे थे, जो हैदराबाद से लाइव तस्वीरें वुहान भेज रहे थे. डॉ. गौस वुहान के टोंगजी हॉस्पिटल में एक कंट्रोल कंसोल पर बैठे थे, जहां से उन्होंने पूरे ऑपरेशन के दौरान रोबोटिक आर्म्स को नियंत्रित किया।   200 मिलीसेकंड यानी 0.2 सेकंड रोबोट ले रहे थे निर्देश रिपोर्ट के अनुसार, 5G नेटवर्क की मदद से डॉक्टर के निर्देश सिर्फ 200 मिलीसेकंड यानी 0.2 सेकंड के भीतर हैदराबाद पहुंच रहे थे. इतनी कम देरी की वजह से रोबोटिक आर्म्स लगभग उसी समय डॉक्टर के हाथों की हरकतों को दोहरा पा रहे थे. यही वजह रही कि हजारों किलोमीटर दूर बैठने के बावजूद सर्जरी के दौरान सटीकता और नियंत्रण बनाए रखा जा सका।  हैदराबाद में मौजूद डॉक्टरों की टीम भी पूरे समय ऑपरेशन थिएटर में मौजूद रही और किसी भी इमरजेंसी स्थिति में तुरंत मदद के लिए तैयार थी.यह सर्जरी International Hepato-Pancreato-Biliary Association के चीनी चैप्टर की 10वीं कांग्रेस के दौरान दिखाई गई 26 सर्जरी में से एक थी. इनमें भारत, ब्राजील, जॉर्जिया, ग्रीस और उज्बेकिस्तान के विशेषज्ञों के साथ लाइव अंतरराष्ट्रीय रिमोट सर्जरी भी शामिल थीं।  टोंगजी हॉस्पिटल में सर्जरी विभाग के निदेशक चेन शियाओपिंग ने कहा कि AI, रोबोटिक्स और अगली पीढ़ी की कम्युनिकेशन तकनीकें दुनिया भर के हेल्थकेयर सिस्टम को तेजी से बदल रही हैं। 

सोमवार को बाजार में बुल्स का दमदार कमबैक, खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी तेजी

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार सप्ताह के पहले दिन सोमवार को खुलने के साथ ही बमबम नजर आ रहा है और दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपनिंग करने के बाद रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए दिख रहे हैं. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलते ही जहां 800 अंकों से ज्यादा की धुआंधार तेजी लेकर 76000 के स्तर को पार कर गया. तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर करीब 250 अंकों की जोरदार बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।  खास बात ये है कि तेल कंपनियों ने देश में लगातार चौथी बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी (Petrol-Diesel Price Hike) का झटका दिया है, इसके बाद भी विदेशी कारणों की वजह से बाजार रफ्तार पकड़े हुए नजर आ रहा है।   सेंसेक्स-निफ्टी ने मचाया गदर शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने से पहले ही प्री-ओपनिंग सेशन में सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी के संकेत मिल गए थे. वहीं जब ट्रेडिंग शुरू हुई, तो BSE Sensex खुलते ही 76,000 का स्तर पार कर गया. ये इंडेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 75,415 की तुलना में जोरदार रफ्तार पकड़ते हुए 76,135 पर ओपन हुआ और महज पांच मिनट के कारोबार में ही 874 अंक उछलकर 76,289 पर जा पहुंचा।  बात NSE Nifty की करें, तो इसकी चाल भी सेंसेक्स के जैसी ही नजर आई. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,719 के मुकाबले चढ़कर 23,940 के लेवल पर खुला और फिर सेंसेक्स की तरह रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 23,984 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।  शेयर बाजार में तेजी के तीन कारण बात करें, सोमवार को शेयर मार्केट रैली के पीछे के बड़े कारणों के बारे में, तो एक नहीं बल्कि तीन-तीज वजह हैं. इनका सीधा कनेक्शन डोनाल्ड ट्रंप से भी है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान युद्ध खत्म किए जाने और दुनिया की तेल जरूरत को पूरा करने में अहम होर्मुज स्ट्रेट को फिर से जल्द खोले जाने के सिग्नल दिए हैं।  बाजार का सेंटीमेंट बदलने में दूसरा कारण भी इससे जुड़ा हुआ है, क्योंकि ट्रंप के ईरान-अमेरिका के बीच सुलह के संकेतों का सबसे बड़ा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिखा, जो इस ग्लोबल टेंशन के बीच दुनिया को डरा रही थीं और महंगाई बढ़ाने में अहम रोल निभा रही थीं. सोमवार को Brent Crude Price 100 डॉलर के नीचे आ गया, जिससे महंगाई कम होने की उम्मीद बढ़ी।  तीसरा कारण भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर आया अपडेट है. दरअसल, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि India-US Trade Deal को जल्द अंतिम रूप दिया जा सकता है. यह समझौता दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा. बता दें रूबियो चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं।  ये 10 शेयर बने मार्केट 'हीरो' शेयर बाजार में तूफानी तेजी के बीच सबसे ज्यादा भागने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल M&M Share (2.90%), HDFC Bank Share (2.30%), IndiGo Share (2.10%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहे थे. वहीं दूसरी ओर मिडकैप में शामिल Hindustan Petroleum Share (4.20%), Ashok Leyland Share (3.60%), AU Bank Share (2.30%) की तेजी में नजर आए।  इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में NH Share (6%), Cohance Share (4.20%), IIFL Share (3%) और Inox Wind Share (2.50%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे। 

मैदान पर खेलते-खेलते थम गई धड़कन, 39 वर्षीय क्रिकेटर की मौत से सदमे में फैंस

 बेंगलुरु पूर्व तेज गेंदबाज एसएल अक्षय (SL Akshay) का रविवार को एक क्लब मैच के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वह सिर्फ 39 साल के थे. अक्षय बेंगलुरु में KSCA थर्ड डिवीजन लीग मैच में सैफायर CC की ओर से खेल रहे थे. मैच के दौरान उन्होंने चार ओवर गेंदबाजी की, लेकिन इसके बाद अचानक उन्हें बेचैनी और सीने में दर्द महसूस हुआ।   तबीयत बिगड़ने पर वह मैदान से बाहर चले गए. स्थिति गंभीर होने पर उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके. अक्षय कर्नाटक की उस मजबूत टीम का हिस्सा रहे थे, जिसने 2014-15 सीजन में रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था. घरेलू क्रिकेट में उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से पहचान बनाई थी।  ऐसा रहा अक्षय का रिकॉर्ड एसएल अक्षय ने 2011 से 2013 के बीच कर्नाटक के लिए 6 फर्स्ट क्लास, 3 लिस्ट-A और 9 टी20 मुकाबले खेले.फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अक्षय ने 18 विकेट चटकाए और 89 रन बनाए. वहीं लिस्ट-ए क्रिकेट में अक्षय के नाम पर 6 विकेट और 11 रन दर्ज हैं. टी20 क्रिकेट में अक्षर ने 8 विकेट झटकने के अलावा 10 रन स्कोर किए।  एसएसल अक्षय के निधन से भारतीय क्रिकेट में शोक की लहर दौड़ गई है, एसएल अक्षय का करियर ज्यादा लंबा नहीं चला, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका जुनून कभी कम नहीं हुआ. संन्यास के बाद भी अक्षय लगातार क्रिकेट से जुड़े रहे. वह कोचिंग में सक्रिय थे और कर्नाटक अंडर-19 टीम के साथ युवा खिलाड़ियों को तैयार करने का काम कर रहे थे।  कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया. KSCA ने बयान जारी कर कहा कि अक्षय ने खिलाड़ी और कोच दोनों रूपों में कर्नाटक क्रिकेट को अहम योगदान दिया और युवा क्रिकेटरों के विकास में उनकी भूमिका हमेशा याद रखी जाएगी. अक्षय के अचानक निधन की खबर से कर्नाटक क्रिकेट जगत में शोक का माहौल है. कई खिलाड़ियों एवं क्रिकेट प्रेमियों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 

केएल राहुल की तूफानी पारी और कुलदीप की फिरकी, दिल्ली ने KKR को घर में दी मात

 कोलकाता इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आखिरी लीग मैच में रविवार (24 मई) को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का सामना दिल्ली कैपिटल्स (DC) से हुआ. कोलकाता के ईडन गार्डन्स में आयोजित मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स पर 40 रनों से जीत दर्ज की. कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत के लिए 204 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन उसकी पूरी टीम 18.4 ओवरों में 163 रनों पर सिमट गई।  दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स प्लेऑफ की रेस से पहले ही बाहर हो गई थी. दिल्ली कैपिटल्स के 14 मैचों से 14 अंक रहे और उसने छठा स्थान हासिल किया. दूसरी ओर तीन बार की चैम्पियन कोलकाता नाइट राइडर्स ने 14 मैच खेलकर 6 में जीत हासिल की. कोलकाता नाइट राइडर्स 13 पॉइंट्स के साथ सातवें नंबर पर रही।  रनचेज में कोलकाता नाइट राइडर्स को पहला झटका फिन एलन (20 रन) के रूप में लगा, जो लुंगी एनगिडी की गेंद पर बोल्ड हुए. फिन एलन और कप्तान अजिंक्य रहाणे के बीच पहले विकेट के लिए 43 रनों की साझेदारी हुई. इसके बाद अजिंक्य रहाणे ने मनीष पांडे के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 44 रन जोड़े. मनीष पांडे ने 2 छक्के और दो चौके की मदद से 16 गेंदों पर 25 रनों की पारी खेली. मनीष पांडे का विकेट भी लुंगी एनगिडी ने चटकाया।  कैमरन ग्रीन (2 रन) इस मुकाबले में कुछ खास नहीं कर सके और कुलदीप यादव की फिरकी में फंस गए. कुलदीप ने फिर अजिंक्य रहाणे और रिंकू सिंह (0 रन) को भी लगातार गेंदों पर पवेलियन लौटा दिया. रहाणे ने 39 गेंदों पर 63 रन बनाए, जिसमें चार छक्के और चार चौके शामिल रहे. यहां से कोलकाता की इनिंग्स ट्रैक पर नहीं लौट पाई. तेजस्वी दहिया (1 रन), अनुकूल रॉय (9 रन), रोवमैन पॉवेल (29 रन), कार्तिक त्यागी (0 रन) और वरुण चक्रवर्ती (5 रन) कुछ खास योगदान नहीं दे पाए. कुलदीप यादव और लुंगी एनगिडी ने तीन-तीन विकेट झटके. मिचेल स्टार्क को दो सफलताएं मिलीं।  दिल्ली की पारी की हाइलाइट्स मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 5 विकेट पर 203 रन बनाए. दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत अच्छी रही. अभिषेक पोरेल (22 रन) और केएल राहुल ने मिलकर पहले विकेट के लिए 40 रन जोड़े. सौरभ दुबे ने अभिषेक पोरेल को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा. फिर साहिल पारख (24 रन) और केएल राहुल के बीच दूसरे विकेट के लिए 47 रनों की पार्टनरशिप हुई. साहिल का विकेट स्पिनर सुनील नरेन ने झटका।  इसके बाद केएल राहुल के रूप में दिल्ली कैपिटल्स का तीसरा विकेट गिरा, जो अनुकूल रॉय की फिरकी का शिकार हुए. राहुल ने 5 चौके और 4 छक्के की मदद से 30 बॉल पर 60 रन बनाए. यहां से कप्तान अक्षर पटेल और डेविड मिलर ने तूफानी बल्लेबाजी की, जिसने टीम को अच्छे स्कोर तक पहुंचाने में मदद की. अक्षर ने 25 बॉल पर 39 रनों का योगदान दिया, जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. वहीं मिलर ने तीन छक्के की मदद से 19 गेंदों पर 28 रनों की पारी खेली. आशुतोष शर्मा 18 रन बनाकर नाबाद रहे. सौरभ दुबे ने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए सबसे ज्यादा दो विकेट चटकाए।  इंडियन प्रीमियर लीग में कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच अब तक 37 मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स ने 20 मैचों में जीत हासिल की. जबकि दिल्ली कैपिटल्स को 16 मैचों में जीत नसीब हुई. एक मुकाबले का नतीजा भी नहीं निकल पाया. मौजूदा सीजन में दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने हुई हैं. 8 मई 2026 को खेले गए मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने दिल्ली कैपिटल्स पर 8 विकेट से जीत दर्ज की थी।  कोलकाता vs दिल्ली h2h कुल IPL मैच: 37 कोलकाता ने जीते: 20 दिल्ली ने जीते: 16 बेनतीजा: 1  

RR ने मारी बाजी, IPL प्लेऑफ से बाहर हुए पंजाब और KKR… बदल गई पूरी पिक्चर

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में प्लेऑफ की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है. 2008 के सीजन की चैम्पियन राजस्थान रॉयल्स 16 अंकों के साथ प्लेऑफ में पहुंचने वाली चौथी टीम बनी. राजस्थान रॉयल्स ने अपने आखिरी लीग मुकाबले में रविवार (24 मई) को मुंबई इंडियंस (MI) को 30 रनों से परास्त किया. मुंबई के वानखेडे़ स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस के सामने 206 रनों का टारगेट सेट किया था, जिसका वो सफलतापूर्वक पीछा नहीं कर पाई. राजस्थान रॉयल्स की जीत के साथ ही पंजाब किंग्स (PBKS) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) टूर्नामेंट से बाहर हो गई।  डिफेंडिंग चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), गुजरात टाइटन्स (GT) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) पहले ही प्लेऑफ में जगह बना चुकी थीं. लीग स्टेज के दौरान अंकतालिका में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पहला, गुजरात टाइटन्स ने दूसरा और सनराइजर्स हैदराबाद ने तीसरा स्थान हासिल किया. जबकि राजस्थान रॉयल्स चौथे पायदान पर रही।  अब आईपीएल 2026 में क्वालिफायर-1 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटन्स के बीच 26 मई (मंगलवार) को खेला जाना है. उस मुकाबले की विजेता टीम सीधे फाइनल में पहुंच जाएगी. जबकि क्वालिफायर-1 में हारने वाली टीम को एक और मौका मिलेगा और वो क्वालिफायर-2 खेलेगी. सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच होने वाले एलिमिनेटर मुकाबले में जो टीम जीतेगी, उसे भी क्वालिफायर-2 खेलने का मौका मिलेगा. क्वालिफायर-2 की विजेता टीम का सामना फाइनल में क्वालिफायर-1 की विनर टीम से होगा।  क्वालिफायर-1 धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में खेला जाएगा. वहीं एलिमिनेटर और क्वालिफायर-2 मुकाबले क्रमश: 27 मई (बुधवार) और 29 मई (शुक्रवार) को न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होने हैं. खिताबी मुकाबला 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में निर्धारित है।  प्लेऑफ मैचों का शेड्यूल क्वाल‍िफायर 1: 26 मई- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु VS गुजरात टाइटन्स, धर्मशाला एलिमिनेटर: 27 मई- सनराइजर्स हैदराबाद vs राजस्थान रॉयल्स, न्यू चंडीगढ़ क्वाल‍िफायर 2: 29 मई- क्वालिफायर-1 की विजेता vs एलिमिनेटर की विजेता, न्यू चंडीगढ़  फाइनल: 31 मई- क्वालिफायर-1 की विजेता vs क्वालिफायर-2 की विजेता, अहमदाबाद

चीखों से गूंजा महाबलेश्वर… खाई में समाई स्कॉर्पियो, रस्सियों से निकाले गए शव

 महाबलेश्वर महाराष्ट्र के महाबलेश्वर में रविवार देर रात एक भयावह सड़क हादसे ने आठ लोगों की जिंदगी छीन ली. पोलादपुर-आंबेनळी घाट मार्ग पर एक स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर लगभग 700 से 800 फीट गहरी खाई में जा गिरी. हादसा इतना भीषण था कि वाहन में सवार सभी लोगों की मौत की आशंका ताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया।  बताया जा रहा है कि हादसा देर रात करीब 12:30 बजे से 1 बजे के बीच हुआ. रात का अंधेरा और घाट क्षेत्र का दुर्गम रास्ता बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बन गया. सूचना मिलते ही महाबलेश्वर ट्रैकर्स की टीम, स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे. गहरी खाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को बेहद सावधानी के साथ चलाना पड़ा।  मृतकों की पहचान सातारा जिले के कोरेगांव तहसील के आसगांव गांव के रहने वाले लोगों के रूप में हुई है. इनमें 25 वर्षीय महेश अनिल पवार, 21 वर्षीय आदित्य अशोक सालुंखे, 25 साल के रितेश राजेंद्र लोखंडे, 20 साल के सुहास जितेंद्र लोखंडे, 18 साल के अंश समीर चव्हाण, 21 साल के उत्कर्ष आनंद शिंगटे, 25 साल के अनिल अभिमन्यू शिंगटे और 35 वर्षीय नितीन किसन नायकोंडे शामिल हैं।  कोंकण से लौटते समय तड़के हुआ हादसा यह दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी सतारा जिले के कोरेगांव तालुका के आसगांव की है. यह हादसा तब हुआ जब ये सभी लोग कोंकण से वापस सतारा की ओर लौट रहे थे. आंबेनली घाट में तड़के करीब 2:45 बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ. यह घटना उसी क्षेत्र में हुई है, जहां साल 2018 में दापोली कृषि विश्वविद्यालय की बस खाई में गिरी थी।  खाई अत्यधिक गहरी होने के कारण बचाव दल ने शुरुआत में दूरबीन की मदद से तलाश शुरू की, जिसमें पहला शव दिखाई दिया. बेहद कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू टीम को करीब 500 से 700 फीट की गहराई पर 2 शवों को ढूंढने में सफलता मिल चुकी है. पोलादपुर पुलिस और बचाव दल द्वारा दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी और बाकी शवों को बाहर निकालने के लिए खोजी अभियान लगातार जारी है।  सभी मृतक सतारा के रहने वाले शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी सतारा जिले की है. गाड़ी में सवार पर्यटक सतारा, आसगांव और कोरेगांव इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं. बचाव दल द्वारा स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार अन्य यात्रियों के शवों को ढूंढने का काम लगातार जारी है।  पोलादपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारी आनंद रावड़े ने बताया कि मृतक सतारा के आसगांव के थे. 24 तारीख को तड़के वे हरणे बीच से वापस सतारा की ओर जा रहे थे, तब पोलादपुर मार्ग से आंबेनळी घाट में दाबेली गांव की सीमा में उनकी गाड़ी पर से नियंत्रण छूट गया और गाड़ी गहरी खाई में गिर गई।  सुबह करीब छह बजे से चार अलग-अलग रेस्क्यू टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान में जुटी हुई हैं. अब तक दो शवों को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी शवों को खाई से बाहर लाने की प्रक्रिया जारी है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं।  फिलहाल दुर्घटना की असली वजह सामने नहीं आई है. पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि घाट मार्ग के खतरनाक मोड़, रात का समय या वाहन के नियंत्रण खोने जैसी परिस्थितियां हादसे की वजह बन सकती हैं. इस हादसे के बाद मृतकों के गांव में शोक की लहर है और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। 

मन शांत तो तन स्वस्थ… आर्ट ऑफ लिविंग का यही संदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मन की शांति ही तन का योग सादृश्य…यही है आर्ट ऑफ लिविंग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविशंकर जी का 70वां जन्मोत्सव प्रदेशवासियों की ओर से रविशंकर के लिए जन्मोत्सव की मंगलकामनाएं लेकर स्वयं उदयपुरा पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जन्मोत्सव एवं आर्ट ऑफ लिविंग के स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमने कभी दुनिया को हथियारों के बल पर जीतने की चेष्ठा नहीं की। हमने विश्वशक्ति नहीं, विश्वगुरु बनने का मार्ग चुना है। हमने हमेशा सबके सुख की कामना की है और वैश्विक कल्याण का नारा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की शांति ही तन के योग सादृश्य है। जब मन शांत होता है, तभी शरीर सही संतुलन, स्वास्थ्य और सामंजस्य में रहता है। यही आर्ट ऑफ लिविंग है। 'वसुधैव कुटुम्बकम्' हमारी संस्कृति का मूल है और रविशंकर जी इसी संदेश को पूरे विश्व में प्रसारित कर रहे हैं। ने दुनिया के लाखों-करोड़ों लोगों को तनाव से मुक्ति दिलाकर शांत, स्वस्थ और सुखी जीवन का मार्ग दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को कर्नाटक राज्य में आर्ट ऑफ लिविंग के इंटरनेशनल सेन्टर, उदयपुरा, बैंगलुरू में रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव एवं आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित वैश्विक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रविशंकर से कहा कि वे मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से उन्हें जन्मोत्सव की अनंत और अशेष मंगलकामनाएं देने स्वयं यहां (उदयपुरा) आए हैं। उन्होंने कहा कि बीते 7 दशक की की ऊर्जा और करुणा इस व्यस्त और ऊथल पुथल के दौर में भी हर दिन नई और चिरयुवा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग इस विश्व को की देन है। यह सेवा, साधना और शांति का परम संगम है। आर्ट ऑफ लिविंग पवित्र श्रीमद्भगवद्गीता में बताये गये निष्काम कर्मयोग और जीवन को एक उत्सव की तरह जीने की कला का सहज मार्ग है, एक नव वैश्विक स्वरूप है। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग सिर्फ जीवन जीने की कला नहीं, जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग ने योग, प्राणायाम, ध्यान और भारतीय संस्कृति की मूल भावना से जोड़कर लोगों को आत्मिक शांति प्रदान की है। करीब एक माह का यह आर्ट ऑफ लिविंग वैश्विक सम्मेलन वास्तव में मानवता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि जहां मन शांत होता है, वहीं समाज भी समृद्ध होता है। मुख्यमंत्री ने आर्ट ऑफ लिविंग आध्यात्मिक संगठन को वैश्विक पुनीत सामाजिक कार्यों के लिए बधाई देते हुए कहा कि आप सब भारत की ध्यान, योग, साधना, मेडिटेशन, सुदर्शन क्रिया जैसी प्राचीन आध्यात्मिक परम्पराओं को पुनर्जीवित कर व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का भी उत्थान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि आर्ट ऑफ लिविंग अंतरराष्ट्रीय केंद्र, बेंगलुरु आकर देवलोक जैसा आनंद प्राप्त हो रहा है। भारतीय संस्कृति में भाषाओं का गुलदस्ता है। भाषा कोई भी हो, लेकिन चेहरे के भाव से ही बहुत कुछ स्पष्ट हो जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया है। गुजरात के सोमनाथ में गुरूदेव के आशीर्वाद से सोमनाथ उत्सव भी मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी प्रत्येक सांस के साथ जीवन और मृत्यु साथ-साथ चलती है। दोनों परमपिता परमात्मा के हाथ में है। श्रीरविशंकर जी ने 70वें जन्मदिन के अवसर पर 20 दिवसीय उत्सव मनाने का निर्णय लिया है। संपूर्ण विश्व से श्रद्धालु स्वयं से साक्षात्कार करने के लिए बेंगलुरु स्थित इस केंद्र में आते हैं। हमारी संस्कृति में हमारे गुरु ही हमें अंधेरे से प्रकाश की ओर लेकर जाते हैं। हमारा जीवन यत् पिंडे तत् ब्रह्मांडे यानी जैसा पिंड है, वैसा ही ब्रह्मांड है की अवधारणा पर चलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनुष्य का भोजन तीन प्रकार का है। बगैर भोजन के 30 दिन तक जीवित रह सकते हैं। पानी हमें 7 दिन तक जिंदा रख सकता है। गुरुदेव ने हमें प्राण से परमानंद और परमानंद से परमात्मा की ओर जाने का मार्ग दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसारिक जीवन में प्रत्येक मनुष्य का जीवन नियत है। हमारा यह जीवन ऊर्जा और चेतना के साथ प्रकृति से भी जुड़ा रहे, इसके लिए के सभी सामाजिक सेवा प्रकल्प विशेष महत्व रखते हैं। बेंगलुरु के इस आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र में हमें सांस्कृतिक चेतना और शांति का मार्ग प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल के जय घोष के साथ गुरुदेव रविशंकर जी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सह्स्त्रायु को प्राप्त हों और दीर्घकाल तक हम सबके जीवन का मार्गदर्शन करते रहें। कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। न्यूज फर्स्ट मीडिया हाऊस के सीईओ एस. रवि कुमार एवं टीवी 9 के वरिष्ठ एंकर रंगनाथ भारद्वाज ने कन्नड़ भाषा में दिये संबोधन में कहा कि गुरुदेव रविशंकर विश्व शांति के दूत हैं। आपने पूरे विश्व के लोगों को आर्ट ऑफ लिविंग के साथ-साथ आर्ट ऑफ लविंग भी सिखाया है। कार्यक्रम में तेलंगाना राज्य के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, श्रीमती जानकी शुक्ला, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव, केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी, उत्तरप्रदेश के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, फिल्म अभिनेता जैकी श्राफ, एशियन पेंट के मालिक जलस दानी भी विशेष रूप से उपस्थित थे। 

पेट्रोल-डीजल के साथ अब CNG और हाइड्रोजन की सख्त निगरानी: उपभोक्ता सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था लागू

नई दिल्ली भारत में क्लीन एनर्जी और ग्रीन फ्यूल को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ CNG, LNG और हाइड्रोजन फ्यूल डिस्पेंसर की भी सख्ती से जांच और सत्यापन किया जाएगा। 24 मई 2026 को उपभोक्ता मामले विभाग (Department of Consumer Affairs) ने लीगल मेट्रोलॉजी रूल्स (Legal Metrology Rules) में बड़ा बदलाव करते हुए GATC (Government Approved Test Centres) के दायरे को बढ़ा दिया है। इसका मतलब यह है कि अब देशभर में इस्तेमाल होने वाले नए जमाने के ईंधन डिस्पेंसर भी सरकारी मानकों के तहत चेक किए जाएंगे, ताकि ग्राहकों को सही मात्रा में फ्यूल मिल सके और किसी तरह की गड़बड़ी न हो। सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब भारत तेजी से क्लीन फ्यूल की ओर बढ़ रहा है। पिछले कुछ सालों में CNG और LNG वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जबकि हाइड्रोजन फ्यूल टेक्नोलॉजी को भी भविष्य का बड़ा विकल्प माना जा रहा है। सरकार पहले ही इलेक्ट्रिक और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में बड़े निवेश कर रही है। ऐसे में फ्यूल डिस्पेंसिंग सिस्टम की पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो गया था। नई व्यवस्था के तहत अब GATC सिर्फ वजन और माप वाले उपकरणों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पेट्रोल, डीजल, CNG, LPG, LNG और हाइड्रोजन डिस्पेंसर की भी जांच करेंगे। पहले यह व्यवस्था केवल 18 तरह के उपकरणों पर लागू थी, लेकिन अब इसमें पांच नए फ्यूल डिस्पेंसर जोड़ दिए गए हैं। इससे कुल संख्या बढ़कर 23 हो गई है। सरकार का कहना है कि इस कदम का सबसे बड़ा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलेगा। अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि पेट्रोल पंप या गैस स्टेशन पर कम मात्रा में फ्यूल दिया जाता है। अब नई जांच व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ग्राहक जितने पैसे दे रहा है, उसे उतना ही ईंधन मिले। इससे ट्रांजैक्शन में पारदर्शिता बढ़ेगी और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी। इसके अलावा सरकार ने वेरिफिकेशन फीस भी तय कर दी है। पेट्रोल और डीजल डिस्पेंसर के लिए प्रति नोजल ₹5,000 शुल्क रखा गया है, जबकि CNG, LPG, LNG और हाइड्रोजन डिस्पेंसर के लिए ₹10,000 प्रति नोजल फीस निर्धारित की गई है। इससे प्राइवेट लैब और इंडस्ट्री को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा, ताकि तकनीकी विशेषज्ञता का बेहतर इस्तेमाल हो सके। राज्य सरकारों को भी नई शक्तियां दी गई हैं। अब वे अपने राज्यों की जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त उपकरणों और माप प्रणाली को GATC के तहत शामिल कर सकेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर जांच और निगरानी की प्रक्रिया और मजबूत होगी। वहीं प्रशासनिक कामकाज को तेज करने के लिए ज्वॉइंट सेक्रेटरी (Joint Secretary) रैंक और उससे ऊपर के अधिकारियों को मंजूरी देने का अधिकार भी दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सालों में भारत का फ्यूल मार्केट तेजी से बदलने वाला है। पेट्रोल और डीजल के साथ CNG, LNG और हाइड्रोजन जैसे विकल्पों की मांग बढ़ेगी। ऐसे में सरकार का यह कदम सिर्फ उपभोक्ता सुरक्षा ही नहीं, बल्कि देश के ग्रीन एनर्जी मिशन को मजबूत करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है। इससे लोगों का भरोसा बढ़ेगा और क्लीन फ्यूल अपनाने की रफ्तार भी तेज हो सकती है।

नियद नेल्लानार योजना: कच्चापाल जलप्रपात के पास ‘इन्द्रावती समूह’ की महिलाएँ मुर्गी पालन से लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई इबारत

​ ​रायपुर       छत्तीसगढ़ के अंदरूनी और दूरदराज के क्षेत्रों में विकास की नई किरण पहुँचाने वाली 'नियद नेल्लानार योजना' अब ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। जिला प्रशासन के लगातार प्रयासों से ओरछा विकासखण्ड के ग्राम कच्चापाल में आजीविका के नए रास्ते खुले हैं। यहाँ की महिलाओं ने न सिर्फ आत्मनिर्भर बनने की ठानी है, बल्कि वे क्षेत्र के पर्यटन विकास में भी अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं। ​प्रशासन का सहयोग, महिलाओं का हौसला       ​ प्रशासन के कुशल निर्देशन में पशुधन विकास विभाग द्वारा ग्राम कच्चापाल के 'इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह' को एक नई ताकत मिली है। समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के तहत लाभान्वित किया गया है।​विभाग द्वारा समूह के सदस्यों को आजीविका शुरू करने के लिए ​10 इकाई उन्नत नस्ल के चूजे और​गुणवत्तापूर्ण कुक्कुट आहार (दाना) दिया गया है। ​पर्यटन और आजीविका का शानदार संगम       ​ इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष  पुनई ने जिला प्रशासन के इस सहयोग पर खुशी जताते हुए एक बेहतरीन बिजनेस मॉडल की उम्मीद जताई है। कच्चापाल जलप्रपात (Waterfall) अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। ​उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में कच्चापाल जलप्रपात होने के कारण पर्यटन की असीम संभावनाएँ हैं। यहाँ आने वाले पर्यटकों के कारण स्थानीय स्तर पर अंडा और मांस की मांग हमेशा बनी रहती है। ​आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम       ​ पहले जहाँ ग्रामीण महिलाओं के पास आय के सीमित साधन थे, वहीं अब इस कुक्कुट इकाई (Poultry Unit) के मिलने से वे मुर्गी पालन और अंडा उत्पादन का काम बड़े पैमाने पर करेंगी। जलप्रपात क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय दुकानों में सीधे सप्लाई होने से महिलाओं को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी। इस व्यवसाय से होने वाली आमदनी से समूह की महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त होंगी और उनके परिवारों का जीवन स्तर सुधरेगा। ​       ​ कच्चापाल की इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह की यह कहानी इस बात का प्रतीक है कि अगर सही समय पर सही संसाधन और मार्गदर्शन मिले, तो ग्रामीण अंचलों की महिलाएँ भी मुख्यधारा में शामिल होकर विकास की गति को तेज कर सकती हैं।