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MP में MSP पर खरीदी की तैयारी तेज, ज्वार-बाजरा और धान के लिए 8,77,947 से ज्यादा किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन

समर्थन मूल्य पर ज्वार, बाजरा एवं धान उपार्जन के लिये 8 लाख 77 हजार 947 से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन : मंत्री राजपूत भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये कुल 8 लाख 76 हजार 7 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसमें से धान के लिये 8 लाख 68 हजार 214, ज्वार के लिये 2 हजार 39 और बाजरे के लिये 7 हजार 694 किसानों ने पंजीयन कराया है। प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केन्द्र बनाये गये थे। जबलपुर संभाग में 4 लाख 7 हजार 926, नर्मदापुरम में 35 हजार 394, भोपाल में 27 हजार 920, रीवा में 2 लाख 53 हजार 979, शहडोल में 73 हजार 944, सागर संभाग में 66 हजार 142, ग्वालियर में 1599, चंबल में 821, उज्जैन में 779 और इंदौर संभाग में 46 किसानों ने पंजीयन कराया है। इस बार किसानों की एग्री स्टेक आईडी, जिसमें किसानों के सभी खसरे रहते है, के माध्यम से पंजीयन कराया गया था।

सेवा की कहानी: हाउसिंग बोर्ड के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में भैरव कुमार संतवानी को मिला कारोबार बढ़ाने का नया अवसर

सेवा संकल्प अभियान सेवा की कहानी: हाउसिंग बोर्ड के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में भैरव कुमार संतवानी को मिला कारोबार बढ़ाने का नया अवसर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आवास के साथ व्यावसायिक अधोसंरचना के विकास को मिल रही गति वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में व्यापारियों को बेहतर लोकेशन और गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक परिसर उपलब्ध कराने की पहल बेहतरीन प्लानिंग, शानदार निर्माण गुणवत्ता और व्यापार के अनुकूल वातावरण से प्रभावित हितग्राही ने जताई संतुष्टि रायपुर,   किसी भी व्यापारी के लिए अपने व्यवसाय को स्थापित करने और आगे बढ़ाने में सही स्थान का चयन बेहद महत्वपूर्ण होता है। अच्छी लोकेशन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और व्यापार के अनुकूल सुविधाएं न केवल कारोबार को बेहतर बनाने में सहायक होती हैं, बल्कि भविष्य में व्यवसाय के विस्तार की संभावनाओं को भी मजबूत करती हैं। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की व्यावसायिक परियोजनाएं व्यापारियों को ऐसे ही अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हाउसिंग बोर्ड के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में दुकान लेने वाले भैरव कुमार संतवानी की कहानी भी इसी विश्वास, संतुष्टि और बेहतर व्यावसायिक भविष्य की उम्मीद को सामने लाती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आवासीय सुविधाओं के विस्तार के साथ व्यावसायिक अधोसंरचना के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा बेहतर लोकेशन, सुव्यवस्थित प्लानिंग और गुणवत्तापूर्ण निर्माण के साथ व्यावसायिक परिसरों को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य व्यापारियों को कारोबार स्थापित करने के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराना और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। बेहतर लोकेशन और निर्माण गुणवत्ता ने जीता व्यापारी का भरोसा हाउसिंग बोर्ड के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में दुकान लेने वाले भैरव कुमार संतवानी बताते हैं कि इस परियोजना की लोकेशन और निर्माण गुणवत्ता ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया है। व्यवसाय के लिए सुविधाजनक स्थान की तलाश में उन्हें हाउसिंग बोर्ड का यह व्यावसायिक परिसर एक बेहतर विकल्प के रूप में मिला। संतवानी कहते हैं, “मैंने छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के इस कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में अपनी दुकान ली है और मैं यहां की सुविधाओं, निर्माण गुणवत्ता और बेहतरीन लोकेशन से बेहद संतुष्ट हूं। इस प्राइम लोकेशन पर हाउसिंग बोर्ड द्वारा इतना शानदार कमर्शियल प्रोजेक्ट विकसित किया जाना हम जैसे व्यापारियों के लिए बहुत ही लाभदायक और सराहनीय पहल है।” उनका मानना है कि व्यापार के लिए अच्छी लोकेशन पर सुव्यवस्थित परिसर उपलब्ध होना व्यवसायियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इससे कारोबार के संचालन में सुविधा मिलने के साथ भविष्य में व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। बेहतरीन प्लानिंग और व्यापार के अनुकूल वातावरण बनी परियोजना की खासियत भैरव कुमार संतवानी के अनुसार इस कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सोच-समझकर की गई प्लानिंग है। व्यावसायिक गतिविधियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित परिसर, निर्माण की गुणवत्ता और उपलब्ध सुविधाएं इसे व्यापारियों के लिए उपयोगी बनाती हैं। वे कहते हैं, “इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसकी बेहतरीन प्लानिंग, शानदार निर्माण गुणवत्ता और व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में यह कॉम्प्लेक्स व्यापार और व्यवसाय के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।” संतवानी को उम्मीद है कि इस परिसर में आने वाले समय में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और यहां व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को इसका लाभ मिलेगा। उनके अनुसार सुव्यवस्थित व्यावसायिक परिसर न केवल कारोबार के संचालन को सुविधाजनक बनाते हैं, बल्कि ग्राहकों के लिए भी बेहतर वातावरण उपलब्ध कराते हैं। व्यापारियों के लिए नए अवसरों का आधार बन रही व्यावसायिक परियोजनाएं छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आवासीय परियोजनाओं के साथ व्यावसायिक परिसरों के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से व्यापारियों को सुव्यवस्थित दुकानों और व्यावसायिक स्थानों के विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में व्यावसायिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के प्रयास स्थानीय व्यापार, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। बेहतर स्थानों पर विकसित व्यावसायिक परिसर छोटे और मध्यम व्यापारियों को अपने कारोबार के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध कराने में सहायक हो सकते हैं। “व्यापारियों को बेहतर स्थान पर कारोबार का अवसर देने के लिए सरकार और हाउसिंग बोर्ड का आभार” भैरव कुमार संतवानी ने छत्तीसगढ़ सरकार और हाउसिंग बोर्ड के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मैं समस्त व्यापारी वर्ग की ओर से छत्तीसगढ़ सरकार एवं छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड का हृदय से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने हम व्यापारियों को एक बेहतर स्थान पर अपना व्यवसाय स्थापित करने का इतना अच्छा अवसर प्रदान किया है।” संतवानी की यह कहानी बताती है कि सुव्यवस्थित व्यावसायिक अधोसंरचना का विकास व्यापारियों की जरूरतों को पूरा करने के साथ उनके भविष्य की योजनाओं को भी नई दिशा दे सकता है। उनके लिए हाउसिंग बोर्ड का कमर्शियल कॉम्प्लेक्स केवल एक दुकान का स्थान नहीं, बल्कि अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने, नए अवसरों का लाभ उठाने और बेहतर भविष्य की उम्मीदों को साकार करने का माध्यम है। बेहतर लोकेशन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और सुविधाजनक व्यावसायिक वातावरण से मिली संतवानी की संतुष्टि हाउसिंग बोर्ड की व्यावसायिक परियोजनाओं के प्रति हितग्राहियों के भरोसे को सामने लाती है।

CG में धान खरीदी से पहले बारदाने की व्यवस्था तेज, पीडीएस और राइस मिलरों से मदद ले रहा मार्कफेड

राजनांदगांव. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों के बीच बारदानों की व्यवस्था को लेकर कवायद तेज हो गई है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से संबद्ध 96 सहकारी समितियों में धान खरीदी के लिए मार्कफेड द्वारा बारदानों की व्यवस्था की जा रही है। खरीदी के दौरान पर्याप्त बारदाने उपलब्ध रहें, इसके लिए पुराने बारदानों के उपयोग के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और राइस मिलरों से बारदाने जुटाने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा नए बारदानों की व्यवस्था भी की जा रही है। उस पर भी विभाग द्वारा ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों की माने तो दशहरा पर्व के बाद समितियों में बारदानों की व्यवस्था की जाएगी, जिसकी तैयारी की जा रही है। धान खरीदी के दौरान बारदानों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। खरीदी केंद्रों में किसानों से बड़ी मात्रा में धान की आवक होती है, जिसके लिए लगातार बारदानों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में विभाग के सामने सभी 96 समितियों में जरूरत के अनुसार बारदाने उपलब्ध कराने की चुनौती रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मार्कफेड द्वारा अलग-अलग स्रोतों से बारदानों की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों की माने तो इस पर कार्य शुरू कर दिया गया है। पीडीएस और मिलरों से भी जुटाए जाएंगे बारदानें बारदानों की जरूरत पूरी करने के लिए पीडीएस दुकानों से खाली होने वाले बारदानों और राइस मिलरों से मिलने वाले बारदानों का उपयोग करने की तैयारी है। इसके साथ ही नए बारदानों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। पुराने बारदानों में से उपयोग योग्य बारदानों को खरीदी कार्य में लगाया जा सकता है। हालांकि, कटे-फटे बारदानों की स्थिति और उनके उपयोग की पात्रता के अनुसार ही उनका इस्तेमाल किया जाना जरूरी होगा। पूर्व वर्षों की तरह इस बार भी कटे-फटे बारदाने परेशानी पैदा कर सकते हैं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से संबद्ध 96 समितियों के माध्यम से धान खरीदी की व्यवस्था को ध्यान में रख बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। खरीदी के बाद किसी केंद्र में बारदानों की कमी के कारण काम प्रभावित न हो, इसके लिए पहले से इंतजाम किए जा रहे हैं। अब सभी समितियों में तैयारी भी शुरू कर दी गई है। चबूतरे में भी भूसी से भरे बारदानों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। मार्कफेड के प्रमुख बघेल का कहना है कि दशहरा पर्व के बाद समितियों में बारदानों की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी जिसकी तैयारी की जा रही है।

राहुल गांधी को अपने आचरण का जवाब देना होगा, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी से बढ़ी सियासी हलचल

नई दिल्ली राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी की है. राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट वाले विरोध मार्च को लेकर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका इतनी कमजोर नहीं है. सुप्रीम कोर्ट को कोई डरा-धमका नहीं सकता. ये बेकार की कोशिशें हैं और इनपर कोई ध्यान नहीं देता. सीजेआई सूर्यकांत ने यह टिप्पणी तब की, जब सीनियर वकील गौरव भाटिया ने दलील दी. गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उसक दिन सुप्रीम कोर्ट में जो हुआ, वह अभूतपूर्व था।  दरअसल, आज यानी 15 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है. यह सुनवाई सीजेआई सूर्यकांत के बेंच के समक्ष हुई. सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च को लेकर कहा, ‘कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डराने या धमकाने की कोशिश नहीं कर सकता. ये बेकार की कोशिशें हैं और इन पर कोई ध्यान नहीं देता।  सीजेआई सूर्यकांत बोले- कोई डरा धमका नहीं सकता सीजेआई सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में राजनीतिक जुलूस निकाले जाने पर कड़ी आपत्ति जताई. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘हमें पता है कि अदालत के बाहर क्या कहा जा रहा है और अदालत के अंदर क्या कहा जा रहा है. हम किसी काल्पनिक दुनिया में नहीं रह रहे हैं. हमें हर बात की जानकारी है. सुप्रीम कोर्ट को कोई डराने-धमकाने की कोशिश नहीं कर सकता. न्यायपालिका इतनी कमजोर नहीं है कि उसे डराया-धमकाया जा सके।  सुप्रीम कोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष को लगाई फटकार  नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आचरण पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने तीखी टिप्पणी की है. CJI ने कहा है कि राहुल गांधी को अपने आचरण पर सफाई देनी होगी. राहुल गांधी के बर्ताव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उन्हें फटकार लगाई और  उनके इस कदम पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा।  भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने कहा कि न्यायपालिका को "कोई भी डरा-धमका नहीं सकता." राहुल गांधी के आचरण पर सवाल उठाते हुए चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताई कि सुप्रीम कोर्ट मार्च और उसके दौरान हुई अव्यवस्था पर याचिकाकर्ता राहुल गांधी को सफाई देनी होगी. यानी अपनी मंशा स्पष्ट करनी होगी।  सीजेआई ने राहुल गांधी की ओर से पेश हो रहे सीनियर वकील कपिल सिब्बल को कहा, "उन्हें (राहुल गांधी) सफाई देनी होगी।  सीजेआई सूर्यकांत की टिप्पणी:     सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को कोई डराने-धमकाने की कोशिश नहीं कर सकता।      अदालत पर दबाव बनाने की कोशिशों पर वह ध्यान नहीं देता।     सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका इतनी कमजोर नहीं है कि उसे डराया-धमकाया जा सके।  किसने उठाया राहुल के मार्च का मसला दरअसल, सीनियर वकील वकील गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में राजनीतिक जुलूस निकाले जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह अस्वीकार्य है. उन्होंने इसे न्यायपालिका को डराने-धमकाने और उस पर दबाव बनाने की कोशिश करार दिया. उन्होंने कहा कि उस दिन सुप्रीम कोर्ट में जो हुआ, वह अभूतपूर्व है. इस पर ही मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कोई भी न्यायपालिका को डरा-धमका नहीं सकता।  इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट ने 'SIR' प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर INDIA गठबंधन और AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी की ओर से दायर याचिकाओं पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट मुख्य मामले के साथ इन मामलों की सुनवाई करेगा।  12 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी INDIA ब्लॉक नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था. उन्होंने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और “वोट चोरी” के आरोपों के खिलाफ याचिका दाखिल की. राहुल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR रोकने की मांग है।  बाद में राहुल ने सुप्रीम कोर्ट जाकर खुद एक संयुक्त याचिका दायर की, जिसमें ECI के SIR से जुड़े फैसलों को चुनौती दी गई है. इसी मामले की सुनवाई गुरुवार को हुई।  राहुल पर तीखी टिप्पणी अदालत ने SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने के खिलाफ दायर एक याचिका पर राहुल गांधी और अन्य लोगों को नोटिस जारी किया. अन्य लोगों में राहुल गांधी के अलावा इंडियन नेशनल कांग्रेस, मल्लिकार्जुन खडगे, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी, अखिलेश यादव और महुआ मोइत्रा भी शामिल हैं।  साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि कोई भी न्यायपालिका पर दबाव नहीं डाल सकता।  विपक्षी नेताओं द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए, मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को नोटिस जारी किया।  पीठ ने कहा, "हम नोटिस जारी कर रहे हैं… और इसे पहले से लंबित मामलों के साथ जोड़ रहे हैं. लेकिन हम याचिकाकर्ताओं में से एक से उनके आचरण के बारे में पूछना चाहेंगे।  सुनवाई के दौरान कुछ वकीलों ने SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने का जिक्र किया।  कोर्ट को कोई भी डरा-धमका नहीं कर सकता गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अंदर जो घटना हुई, उसे होना नहीं चाहिए था.  गौरव भाटिया ने अदालत को बताया कि लगभग 200 वकीलों ने एक दावे पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें उन्होंने वकीलों को डराने-धमकाने की कथित कोशिशों पर चिंता व्यक्त की है. इस पर CJI ने कहा कि कोर्ट को कोई भी डरा-धमका नहीं कर सकता है।  गौरव भाटिया ने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है कि यह अदालत राजनीतिक जुलूसों में उलझी रहे. सुप्रीम कोर्ट में जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था. उन्होंने कहा है कि इस तरह की डराने-धमकाने की कोशिशें नहीं होनी चाहिए।  इस CJI ने कहा कि ये कमजोर कोशिशें हैं, जिन पर कोई ध्यान नहीं देता. बाहर वे बयान देते हैं. हम कोई अलग-थलग दुनिया में नहीं बैठे हैं, हमें सब पता है कि क्या हो रहा है।  जंतर-मंतर को डिनोटिफाई करने पर भी नोटिस सुप्रीम कोर्ट जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में हटाए जाने (डी-नोटिफिकेशन) को चुनौती देने वाली याचिका पर भी विचार करने … Read more

मीरजापुर में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी ने भरी हुंकार, भाजपा प्रत्याशियों के लिए मांगा समर्थन

जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते का बैरियर है सपा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   मीरजापुर में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी ने भरी हुंकार, भाजपा प्रत्याशियों के लिए मांगा समर्थन   शिक्षकों को पांच लाख का स्वास्थ्य कवर, दुर्घटना पर डेढ़ करोड़ तक की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी   सपा शासन में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा, अब साढ़े नौ लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी   जो कभी माफिया के सामने नाक रगड़ते थे, वे आज कानून-व्यवस्था पर दे रहे उपदेश : मुख्यमंत्री योगी   पीडीए का ढोल पीटने वालों ने राज्यसभा में चाचा और धन्ना सेठ को चुना, दलित-पिछड़ों को नहीं दिया मौका   चुनाव के बाद फिर बंटेंगे टैबलेट, अब तक 62 लाख युवाओं को मिले, दो करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य   मीरजापुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी को विकास और जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते का बैरियर करार दिया। उन्होंने कहा कि अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने से आधी से अधिक समस्याओं के समाधान का रास्ता खुल जाता है, जबकि गलत प्रतिनिधि चुनने से समाधान के मार्ग में बाधा खड़ी हो जाती है। समाजवादी पार्टी ऐसा ही बैरियर है। सपा ने मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों, पुलों और घाटों के निर्माण में रोड़े अटकाए। इनका काम ही विकास में बाधा डालना है। ऐसे लोगों को बैरियर ही बने रहने दीजिए, चुनकर मत भेजिए। इनके बैरियर को एक झटके में उखाड़कर बाहर कर देंगे।   मुख्यमंत्री योगी मीरजापुर में वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षक सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा और स्नातक सीट से केदारनाथ सिंह के समर्थन में आयोजित सम्मेलन में कहा कि दोनों प्रत्याशी पिछला चुनाव नहीं जीतने के बावजूद शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं को लेकर लगातार उनके पास आते रहे। उन्होंने 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक होने वाले मतदान में भागीदारी का आह्वान किया। कहा कि इनके माध्यम से आने वाली शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं के समाधान का रास्ता सरकार निकालेगी।   पीडीए का नारा, टिकट परिवार और धन्ना सेठ को मुख्यमंत्री योगी ने सपा के पीडीए के नारे पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में इसका वास्तविक चेहरा सामने आ गया। दो प्रत्याशी बनाने थे तो एक टिकट अपने चाचा को और दूसरा मुंबई के धन्ना सेठ को दे दिया। न दलित को टिकट दिया, न पिछड़े को और न ही मुसलमान को। दूसरी ओर भाजपा ने आठ टिकटों में तीन सामान्य वर्ग, तीन पिछड़े वर्ग और दो अनुसूचित जाति को दिए। सभी आठ प्रत्याशी जीते। सपा ने परिवार और धन्ना सेठ को प्राथमिकता दी तो पीडीए की हवा निकल गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने खुद को नेहरू परिवार और सपा ने सैफई परिवार तक सीमित रखा। दोनों ने प्रदेश को बेगाना बनाया तो जनता ने भी इन्हें बेगाना बना दिया।   माफिया के सामने नाक रगड़ने वाले दे रहे उपदेश मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन लोगों ने प्रदेश के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जो माफिया के सामने गिड़गिड़ाते, घुटने टेकते और नाक रगड़ते थे, वे आज कानून-व्यवस्था पर उपदेश दे रहे हैं। सपा शासन में न सड़क थी, न बिजली, न पानी और न शिक्षा की समुचित व्यवस्था। नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के लिए भी श्रद्धालुओं को मशक्कत करनी पड़ती थी। मंदिरों में गंदगी और अव्यवस्था रहती थी। आज सरकार जनता के साथ खड़ी है। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रत्येक ब्लॉक में शिविर लगाकर पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया।   सैफई सिंडिकेट के कब्जे से मुक्त हुई नौकरियां मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा शासन में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। जिसे सिंडिकेट चाहता था, उसी को नौकरी मिलती थी। तत्कालीन आयोग अध्यक्ष अनिल यादव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अयोग्य व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया गया, जिसे हाई कोर्ट ने पद से हटाया। नौजवान सड़कों पर आंदोलन करते थे और अखिलेश सरकार उनकी आवाज अनसुनी करती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। 65 लाख लोगों को रोजगार मिला और एक जिला एक उत्पाद योजना से तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर विकसित हुए। अब युवा स्टार्टअप के माध्यम से नौकरी देने वाला भी बन रहा है।   चुनाव के बाद फिर शुरू होगा टैबलेट वितरण मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विधान परिषद चुनाव संपन्न होने के बाद बड़े कार्यक्रम आयोजित कर स्नातक युवाओं को फिर टैबलेट वितरित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य दो करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराना है। अब तक 62 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं। डिजिटल अभियान को और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत नीट, आईआईटी-जेईई, यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जा रही है। युवा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से इसका लाभ उठा सकते हैं।   15 लाख शिक्षकों को स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षकों को न सम्मान मिलता था, न स्वास्थ्य सुविधाएं। अब बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों के 15 लाख शिक्षकों को परिवार सहित प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर दिया गया है। दुर्घटना की स्थिति में 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक सामाजिक सुरक्षा की गारंटी है। प्रोजेक्ट अलंकार से माध्यमिक विद्यालयों में नए भवन, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और सपा को शिक्षा विरोधी बताते हुए कहा कि इनके शासन में शिक्षण संस्थानों की उपेक्षा हुई और युवाओं को पलायन करना पड़ा।   तीन जिलों में न मेडिकल कॉलेज था, न विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपा को चार बार प्रदेश में सरकार चलाने का अवसर मिला, लेकिन विकास उसके एजेंडे में नहीं था। वर्ष 2017 से पहले मीरजापुर मंडल के तीनों जिलों में न मेडिकल कॉलेज था, न विश्वविद्यालय। अब मीरजापुर और सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्र आर्थिक समृद्धि का माध्यम बन रहे हैं। प्रयागराज महाकुंभ, काशी … Read more

UP Startup Policy 2026: स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार का नया रोडमैप तैयार

योगी सरकार की यूपी स्टार्टअप नीति-2026 को छह प्रमुख स्तंभ देंगे रफ्तार  – एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और डीप-टेक पर जोर, फंडिंग, स्किल डेवलपमेंट, उद्योगों से जुड़ाव और वैश्विक पहचान पर फोकस – StartinUP ऑनलाइन पोर्टल बनेगा सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म, रजिस्ट्रेशन से प्रोत्साहन तक की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन – समस्याओं के समाधान के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर और सोशल मीडिया की मिलेगी सुविधा  –  युवाओं के आइडिया को कारोबार में बदलेगी नई स्टार्टअप पॉलिसी, एक मंच पर आएंगे स्टार्टअप, निवेशक और इन्क्यूबेटर लखनऊ  योगी सरकार ने प्रदेश को स्टार्टअप का हब बनाने के लिए स्टार्टअप नीति-2026 लागू की है। इसमें नवाचार, तकनीक और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। नई नीति का उद्देश्य प्रदेश में ऐसा मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां युवाओं को नए विचारों को कारोबार में बदलने, वित्तीय सहायता प्राप्त करने, विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेने और अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के अवसर मिल सकें। इसके लिए बुनियादी ढांचे के विकास, वित्तीय सहायता, प्रतिभा विकास, उद्योगों से जुड़ाव, इकोसिस्टम के प्रचार और संस्थागत सहयोग को नीति के छह प्रमुख स्तंभों में शामिल किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग और डीप-टेक जैसी उभरती तकनीकों पर ध्यान देकर प्रदेश में नवाचार आधारित उद्यमों के विकास का रास्ता तैयार किया जा रहा है। छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है नई स्टार्टअप पॉलिसी यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित महाजन ने बताया कि योगी सरकार प्रदेश में युवाओं को नौकरी तलाशने वालों के साथ-साथ रोजगार देने वाले उद्यमियों के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। स्टार्टअप नीति-26 के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और नए उद्यमियों को अपने विचारों को विकसित करने के लिए जरूरी संसाधन, मार्गदर्शन, तकनीकी सुविधाएं और बाजार से जुड़ने के अवसर एक ही व्यवस्था के तहत मिलें। इससे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप नए उद्यमों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-26 को छह प्रमुख स्तंभों के आधार पर तैयार किया गया है। इनमें बुनियादी ढांचे का विकास, वित्तीय सहायता, प्रतिभा विकास एवं क्षमता निर्माण, उद्योगों से जुड़ाव, इकोसिस्टम का प्रचार-प्रसार और इकोसिस्टम को मजबूत बनाना एवं सक्षम करना शामिल हैं।  इन छह प्रमुख स्तंभ पर काम करेगी नई स्टार्टअप पॉलिसी सीईओ ने बताया कि पहले स्तंभ में बुनियादी ढांचे के तहत स्टार्टअप के लिए भौतिक और डिजिटल सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर है। दूसरे स्तंभ में वित्तीय सहायता के माध्यम से सरकारी योजनाओं और निजी निवेशकों से पूंजी प्राप्त करने के अवसर बढ़ाए जाएंगे। तीसरे स्तंभ में प्रतिभा विकास एवं क्षमता निर्माण के तहत शिक्षा, कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से नवाचार आधारित कार्यबल तैयार करने का लक्ष्य है। चौथे स्तंभ में उद्योगों से जुड़ाव के जरिए स्टार्टअप, उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और सरकार के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि नए उद्यमों को बाजार तक पहुंचने में मदद मिले। वहीं, पांचवे स्तंभ में इकोसिस्टम के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश की स्टार्टअप क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने, साझेदारियां विकसित करने और लक्षित प्रचार गतिविधियों पर ध्यान दिया जाएगा। छठे स्तंभ में संस्थागत क्षमता, हितधारकों की भागीदारी और सहयोग तंत्र को मजबूत करना भी नीति का अहम हिस्सा है। StartinUP ऑनलाइन पोर्टल बनेगा सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म नई स्टार्टअप नीति के तहत StartinUP ऑनलाइन पोर्टल को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जाएगा। यह स्टार्टअप, निवेशकों, इन्क्यूबेटरों, मेंटर्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) और अन्य संबंधित पक्षों को एक मंच पर जोड़ने का काम करेगा। इसे योगी सरकार के स्टार्टअप कार्यक्रम की डिजिटल पहचान के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे नीति के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और कार्यों के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा मिल सके। पोर्टल पर स्टार्टअप से जुड़ी नीतियों, प्रोत्साहनों, संसाधनों, इन्क्यूबेशन सेंटरों, आगामी कार्यक्रमों और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें उद्यमियों को क्षमता निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों और पाठ्यक्रमों का लाभ भी मिल सकेगा। इनमें उद्यमिता विकास, स्टार्टअप प्रबंधन, वित्तीय साक्षरता, नियामकीय अनुपालन, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर), तकनीक के व्यावसायीकरण और बाजार तक पहुंच जैसे विषय शामिल होंगे। इसके लिए विषय विशेषज्ञों और सहयोगी संस्थानों को पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इस प्लेटफॉर्म पर स्टार्टअप, इन्क्यूबेटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे। वे प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन और अपने दावों को संबंधित नोडल एजेंसी के समक्ष जमा कर सकेंगे।  स्टार्टअप से जुड़ी समस्याओं के लिए जारी किया जाएगा टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर नोडल एजेंसी की ओर से इनके मूल्यांकन और मंजूरी की प्रक्रिया संचालित की जाएगी। पोर्टल पर प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) भी उपलब्ध होगी, जिससे दैनिक गतिविधियों और नीति के क्रियान्वयन की निगरानी की जा सकेगी। इसके अलावा पोर्टल का एकीकरण केंद्र सरकार के डीपीआईआईटी, भास्कर और मार्ग जैसे स्टार्टअप इंडिया प्लेटफॉर्म से करने की व्यवस्था है। इसमें भविष्य में नई सुविधाओं और अन्य पोर्टलों के साथ एकीकरण की संभावनाओं को भी ध्यान में रखा गया है। स्टार्टअप से जुड़ी शिकायतों और सवालों के समाधान के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन तथा सोशल मीडिया आधारित सहायता की भी सुविधा मिलेगी। यह मंच स्टार्टअप, इन्क्यूबेटर, एक्सेलेरेटर, मेंटर्स, निवेशकों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच नेटवर्किंग, साझेदारी और सहयोग को प्रोत्साहित करेगा।

दुर्गा पूजा पर रांची में बदलेगा ट्रैफिक रूट, 17 जगह बैरियर; जानें कहां मिलेगी पार्किंग

 रांची  दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए रांची पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। पूजा पंडालों में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शहर के प्रमुख मार्गों, पंडालों और संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया जा रहा है।  इसी क्रम में बुधवार को पुलिस अधीक्षक नगर और पुलिस अधीक्षक यातायात ने विभिन्न पूजा पंडालों एवं महत्वपूर्ण मार्गों का रूट वेरिफिकेशन कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग और श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही से जुड़े बिंदुओं की समीक्षा की गई। संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। मेन रोड में शाम से छोटे वाहनों का प्रवेश बंद दुर्गा पूजा के दौरान 14 से 21 अक्टूबर तक शहर की यातायात व्यवस्था में बदलाव लागू रहेगा। प्रतिदिन शाम 3:30 बजे से अगले दिन सुबह 3 बजे तक मेन रोड में छोटे वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।  कचहरी चौक से शहीद चौक, फिरायालाल चौक होते हुए सुजाता चौक की ओर निजी कार, आटो, ई रिक्शा और छोटे मालवाहक वाहन नहीं जा सकेंगे। न्यू मार्केट चौक से किशोरगंज चौक तक भी छोटे वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। भारी वाहनों के लिए अलग समय निर्धारि शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन सुबह 8 बजे से अगले दिन सुबह 4 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। आवश्यक सामग्री लेकर आने वाले वाहनों को सुबह 3 बजे से 8 बजे के बीच शहर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों सहित 17 स्थानों पर ड्रॉप गेट और बैरियर लगाए जाएंगे। वैकल्पिक मार्गों से गुजरेंगे वाहन यातायात प्रतिबंध के दौरान कई मार्गों पर वाहनों का परिचालन बदला रहेगा। कांके रोड से कचहरी चौक जाने वाले वाहन जाकिर हुसैन पार्क और रेडियम रोड होकर गुजरेंगे। लालपुर से कोकर जाने वाला मार्ग वन-वे रहेगा।  हरमू रोड से छोटे वाहन अरगोड़ा चौक, कडरू, सुजाता चौक और मुंडा चौक होते हुए कांटाटोली जा सकेंगे। बरियातू रोड और डंगराटोली की ओर से आने वाले वाहनों को भी निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा। पूजा पंडालों के लिए तय किए गए पार्किंग स्थल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग मार्गों से आने वाले वाहनों के पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। फिरायालाल से बकरी बाजार जाने वाले श्रद्धालु जिला स्कूल और बालकृष्ण स्कूल परिसर में वाहन खड़े कर सकेंगे। डंगराटोली से आने वालों के लिए मिशन चौक और संत जॉन स्कूल के सामने पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।  स्टेशन रोड के पंडालों में जाने वाले श्रद्धालु रेलवे भर्ती बोर्ड से चुटिया थाना मोड़ तक रेलवे पार्किंग का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके अलावा रामलखन यादव कॉलेज, न्यू मार्केट ऑटो स्टैंड, बड़ा तालाब नदी ग्राउंड, साधु मैदान, नागाबाबा खटाल, जाकिर हुसैन पार्क, रांची विश्वविद्यालय और संत जेवियर कॉलेज परिसर में भी पार्किंग की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा और सुगम आवागमन पर पुलिस का जो रांची पुलिस का उद्देश्य पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम रखना है। पुलिस ने लोगों से निर्धारित रूट का पालन करने, तय पार्किंग स्थलों पर ही वाहन खड़े करने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।  पुलिस के अनुसार, सामूहिक सहयोग से ही दुर्गा पूजा के दौरान शहर में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।

दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, नई पार्टी ‘जननीति भारत’ लॉन्च; जनता के लिए बताए तीन वचन

लखनऊ  आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखने वालीं दिव्या मित्तल ने आज सोशल मीडिया पर लाइव आकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। साथ ही अपनी नई पार्टी ‘जननीति भारत’ की घोषणा की। उन्होने कहा कि राजनीति आप पर राज करती है, लेकिन ये दल आपके राज के लिए बना है। पार्टी के तीन वचन बताते हुए कहा कि नई राजनीतिक पहल के तहत देश की नीतियों के केंद्र में आम लोगों को रखने पर जोर दिया गया है। नीतियां जनता की वास्तविक जरूरतों के आधार पर तय करने की बात कही गई है। किसानों और छोटे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान उनके अनुभवों और सुझावों के आधार पर तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही विकास कार्यों और प्रशासनिक फैसलों में जाति, धर्म या पहचान के बजाय लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। महिलाओं की सुरक्षा को भी प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। स्थानीय स्तर पर होने वाले विकास कार्यों में जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, ताकि लोगों की जरूरतों के अनुरूप योजनाएं बनाई जा सकें और उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनी रहे। दिव्या मित्तल ने बनाई जननीति भारत पार्टी दिव्या मित्तल ने वीडियो संदेश में बताया कि राजनीति में आने की बात कहने के बाद उन्होंने लोगों को एक नंबर दिया था, जिस पर इतने संदेश आए कि व्हाट्सएप ने उसे रोक दिया। उन्होंने इसके लिए माफी मांगते हुए लोगों के समर्थन पर आभार जताया। दिव्या ने कहा कि वह उम्मीद का दीया लेकर निकली थीं, लेकिन लोगों के संदेशों ने उन्हें सूरज के सामने खड़े होने जैसा एहसास कराया। उन्होंने अपनी नई पार्टी बनाने का ऐलान करते हुए कहा कि देश में पार्टियों की कमी नहीं, बल्कि सबकी सुनवाई नहीं होने की समस्या है। गंगा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां हर बूंद बराबर है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी पार्टी का नाम ‘जननीति भारत’ रखा है इससे पहले रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की जनसत्ता दल की ओर से दिव्या मित्तल को पार्टी से जुड़ने का प्रस्ताव दिए जाने की भी चर्चा उठी थी। वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक सवाल के जवाब में दिव्या मित्तल को सपा में शामिल होने का ऑफर दिया था। और कहा थी कि वो भी अब उन्हें तय करना पड़ेगा कि हरा गमछा और लाल गमछा डाल लें। आपको बता दें आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद नौकरी छोड़ने के बाद राजनीति में आने का फैसला किया। वे मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी के पद पर तैनात रह चुकी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान दिव्या मित्तल की पहचान सख्त प्रशासनिक कार्यशैली और फैसलों को लेकर चर्चा में रहने वाली अधिकारी के रूप में बनी। हालांकि, उनकी तैनाती के दौरान जनप्रतिनिधियों के साथ मतभेदों की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। मिर्जापुर में विकास कार्यों को लेकर स्थानीय नेताओं के साथ उनके टकराव की बात कही जाती रही है। 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर नौकरी से त्यागपत्र देने की जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा कि 13 वर्षों की अविस्मरणीय सेवा यात्रा को अपनी इच्छा से विराम दिया है। साधारण परिवेश में पली-बढ़ीं दिव्या ने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई के बाद लंदन में नौकरी की, लेकिन अपने देश के लिए कुछ करने की इच्छा उन्हें भारत वापस ले आई। उन्होंने आईएएस अधिकारी बनने को सौभाग्य बताया। दिव्या ने लिखा कि वह देश को कुछ देने आई थीं, लेकिन उन्हें लोगों से इतना प्यार, सम्मान और अपनापन मिला कि उनकी झोली भर गई। उन्होंने अपने कार्यकाल में साथ देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगियों के प्रति भी आभार जताया था।  

महतारी वंदन योजना बनी अनीता की आर्थिक मजबूती का सहारा, घरेलू खर्चों के साथ भविष्य के लिए भी कर रहीं बचत

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी महतारी वंदन योजना बनी अनीता की आर्थिक मजबूती का सहारा, घरेलू खर्चों के साथ भविष्य के लिए भी कर रहीं बचत हर महीने मिलने वाले एक हजार रुपये से छोटी-छोटी जरूरतें हो रहीं पूरी, आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे कदम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की महतारी वंदन योजना से बढ़ा महिलाओं का आत्मविश्वास, अनीता ने जताया आभार रायपुर,  घर की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य के लिए कुछ बचत कर पाना हर महिला की इच्छा होती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं की इसी आकांक्षा को पूरा करने में मददगार बन रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता महिलाओं को अपनी जरूरतों के लिए आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम अमोरा निवासी श्रीमती अनीता कश्यप भी इस योजना से लाभान्वित होकर घरेलू खर्चों का बेहतर प्रबंधन करने के साथ भविष्य के लिए छोटी-छोटी बचत कर रही हैं। घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ बचत की भी बनी आदत श्रीमती अनीता कश्यप को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। वे इस राशि का उपयोग अपनी दैनिक आवश्यकताओं और परिवार के छोटे-मोटे घरेलू खर्चों को पूरा करने में करती हैं। इसके साथ ही खर्चों के बाद बची राशि को भविष्य की जरूरतों के लिए सुरक्षित रखने का प्रयास भी करती हैं। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें अपनी आवश्यकताओं के अनुसार खर्चों की योजना बनाने में सुविधा हो रही है। अनीता के लिए महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि केवल घरेलू खर्चों में सहयोग का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ने का अवसर भी है। छोटी-छोटी बचत के माध्यम से वे भविष्य में आने वाली आवश्यकताओं के लिए आर्थिक तैयारी कर पा रही हैं। इससे उन्हें अपनी जरूरतों के संबंध में निर्णय लेने और परिवार के खर्चों में योगदान देने का आत्मविश्वास मिल रहा है। हर महीने की सहायता से बढ़ रहा आर्थिक आत्मविश्वास श्रीमती अनीता कश्यप बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित राशि उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है। इससे वे अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ कुछ पैसे बचाने का भी प्रयास करती हैं। हर महीने सहायता राशि प्राप्त होने से घरेलू खर्चों का प्रबंधन करना आसान हुआ है और भविष्य की जरूरतों के लिए बचत करने की प्रेरणा भी मिली है। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली इस जनकल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। श्रीमती अनीता कश्यप की यह कहानी दर्शाती है कि प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि भी महिलाओं के दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ भविष्य के लिए बचत करने की उनकी पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है।

सेवा सेतु से आसान हुई सरकारी सेवाओं की राह, अजय कुमार के पुत्र को कुछ ही दिनों में मिला स्थायी जाति प्रमाण पत्र

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी सेवा सेतु से आसान हुई सरकारी सेवाओं की राह, अजय कुमार के पुत्र को कुछ ही दिनों में मिला स्थायी जाति प्रमाण पत्र मोबाइल पर व्हाट्सऐप से मिली प्रमाण पत्र की डिजिटल प्रति, हार्ड कॉपी भी हुई उपलब्ध एक सदस्य का जाति प्रमाण पत्र बनने से परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी प्रक्रिया हुई आसान रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में शासकीय सेवाओं को सरल, सुगम और समयबद्ध बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है। सेवा सेतु केन्द्रों के माध्यम से अब आवश्यक प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा तहसील अंतर्गत ग्राम सांकर निवासी अजय कुमार का अनुभव इसका उदाहरण है। उन्होंने अपने पुत्र के आय, निवास एवं जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सेवा सेतु केन्द्र अकलतरा में आवेदन किया था। आवेदन के कुछ ही दिनों के भीतर उनके पुत्र का स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनकर तैयार हो गया। प्रमाण पत्र की डिजिटल प्रति व्हाट्सऐप के माध्यम से उनके मोबाइल पर उपलब्ध कराई गई और हार्ड कॉपी भी शीघ्र प्रदान कर दी गई। कुछ ही दिनों में मिला प्रमाण पत्र, अनावश्यक इंतजार से मिली राहत अजय कुमार अपने पुत्र के आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए तहसील कार्यालय अकलतरा स्थित सेवा सेतु केन्द्र पहुंचे थे। उन्होंने आय, निवास और जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ ही दिनों में उनके पुत्र का स्थायी जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से प्रमाण पत्र की पीडीएफ प्रति सीधे उनके मोबाइल पर व्हाट्सऐप के जरिए प्राप्त हुई। इसके बाद प्रमाण पत्र की हार्ड कॉपी भी उपलब्ध करा दी गई। समय पर प्रमाण पत्र मिलने से अजय कुमार को अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ा। डिजिटल माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध होने के कारण प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया भी उनके लिए अधिक सुविधाजनक रही। परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया हुई आसान अजय कुमार ने बताया कि उनके पुत्र का स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनने से परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी जाति प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया आसान हुई है। परिवार में एक सदस्य का आवश्यक प्रमाण पत्र उपलब्ध होने से संबंधित दस्तावेजी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से आवश्यक प्रमाण पत्र सरल तरीके से और समय पर उपलब्ध हो रहे हैं। इससे नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में सहूलियत हो रही है। अजय कुमार ने इस सुविधा पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। डिजिटल तकनीक से नागरिकों के करीब पहुंच रही शासकीय सेवाएं सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा सेतु केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों को आवश्यक शासकीय सेवाएं समयबद्ध और सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रमाण पत्रों की डिजिटल प्रतियां मोबाइल पर उपलब्ध होने से नागरिकों को दस्तावेज प्राप्त करने में सुविधा मिल रही है। अजय कुमार की यह कहानी दर्शाती है कि तकनीक आधारित नागरिक सेवाओं से सरकारी प्रक्रियाएं अधिक सरल और सुलभ बन रही हैं। सेवा सेतु केन्द्रों के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध होने से नागरिकों के समय की बचत हो रही है और शासकीय सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान बन रही है।