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UPSC में सफल आदिवासी विद्यार्थियों से मिले CM साय, ट्राइबल यूथ हॉस्टल के छात्रों को दी बधाई

नई दिल्ली. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए। उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वोच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उल्लेखनीय है कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, दीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे तथा प्रकाश पटेल शामिल हैं।

लखन लाल देवांगन और ओ.पी. चौधरी ने किया गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमिपूजन

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का किया भूमिपूजन टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट की स्थापना, 235 करोड़ का निवेश कर रही स्विफ्ट टेक्सटाइल्स, 4650 लोगों को मिलेगा रोजगार कपड़ा उद्योग की नई पहचान बनेगा नवा रायपुर, टेक्सटाइल पार्क में तीन यूनिट्स को जमीन आबंटित 81 एकड़ में विकसित किया जा रहा टेक्सटाइल पार्क, निवेशकों के लिए तैयार की जा रही सभी जरूरी अधोसंरचनाएं रायपुर.  राज्य शासन द्वारा नवा रायपुर में स्थापित किए जा रहे टेक्सटाइल पार्क में आज पहला मील का पत्थर लगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड 235 करोड़ रुपए के निवेश से यहां गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रही है। इस यूनिट से 4650 लोगों को रोजगार मिलेगा। टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने यह अहम कदम है। टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट के लिए भूमिपूजन करते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि एक टेक्सटाइल फैक्ट्री सिर्फ इंडस्ट्रियल क्षमता ही नहीं बढ़ाती, बल्कि हजारों परिवारों के लिए रोजगार के साधन भी बनाती है। इस सेक्टर में हमारे युवाओं और महिलाओं, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में रोजगार देने की बहुत क्षमता है। हमारी सरकार घर के पास ही अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि हमारे लोग छत्तीसगढ़ में ही अपना खुशहाल भविष्य बना सकें। नवा रायपुर में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की मेनुफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना इस दिशा में एक और अहम कदम है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस मौके पर कहा कि हम छत्तीसगढ़ को देश का नया टेक्सटाइल हब बनाएंगे। इस सेक्टर में हम राज्य के युवाओं को बहुत बड़ी संख्या में रोजगार दे सकते हैं। इसके लिए निवेशकों की जो भी जरूरतें होंगी, बिजली, पानी, अधोसंरचना, कनेक्टीविटी… सभी हम प्राथमिकता से उपलब्ध कराएंगे। छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाईयों पर ले जाने और युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हम पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं। सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की श्रीमती रेवती गांधी, रमेश कृष्णन, विष्णु निरंजन और सेल्वा कुमार सहित वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।    नवा रायपुर में 81 एकड़ में बन रहा आधुनिक टेक्सटाइल पार्क राज्य में वस्त्र एवं परिधान उद्योग को प्रोत्साहित करने नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इसके 81 एकड़ क्षेत्र में 2758 वर्गमीटर से लेकर 38 हजार 180 वर्गमीटर आकार के भूखंड उपलब्ध हैं। टेक्सटाइल, गारमेंट एवं परिधान उद्योग, तकनीकी वस्त्र (Technical Textiles) तथा इनके सहायक एवं पूरक उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों को यहां सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा सर्वसुविधायुक्त टेक्सटाइल पार्क के लिए डामरीकृत पक्की सड़कों, नाली एवं जल निकासी व्यवस्था, पॉवर सब-स्टेशन, जल प्रदाय व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अच्छी कनेक्टीविटी, आधुनिक अधोसंरचना और सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ नवा रायपुर का यह टेक्सटाइल पार्क वस्त्र उद्योगों को एक आदर्श निवेश स्थल के रूप में आकर्षित कर रहा है।   235 करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश के साथ स्विफ्ट टेक्सटाइल्स से लगभग 4650 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिससे यह राज्य में रोजगार पैदा करने वाले सबसे बड़े टेक्सटाइल निवेशों में से एक बन जाएगा। कंपनी मुख्य रूप से बच्चों के कपड़े (किड्सवियर) और यूरोपीय व अमेरिकी बाजारों में निर्यात पर ध्यान केंद्रित करते हुए निट गारमेंट्स और कपड़े बनाएगी। नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में मेनुफेक्चरिंग यूनिट की स्थापना के लिए स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ ही पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूखंड आबंटित किए जा चुके हैं। इनके द्वारा करीब 445 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्तावित हैं, जिससे 11 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इन निवेशों से मध्य भारत में एक प्रमुख टेक्सटाइल और रोजगार केंद्र के रूप में छत्तीसगढ़ की भूमिका और मजबूत होगी। राज्य की नई औद्योगिक नीति में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स थ्रस्ट सेक्टर के रूप में हैं चिन्हांकित छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स को प्रमुख क्षेत्रों (थ्रस्ट सेक्टर) के रूप में प्राथमिकता दी गई है। नई नीति में राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने वाले श्रम-प्रधान उद्योगों को प्रधानता दी गई है। रोजगार सृजन को और बढ़ावा देने नई नीति में महिला कर्मचारियों के लिए 6 हजार रुपए प्रति माह और पुरुष कर्मचारियों के लिए 5 हजार रुपए प्रति माह की दर से 5 साल की अवधि के लिए रोजगार सहायता प्रदान करने के प्रावधान हैं। इससे छत्तीसगढ़ टेक्सटाइल और गारमेंट निवेश के लिए देश में सबसे आकर्षक जगहों में से एक बन गया है। राज्य में नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा के निवेश का वादा मिला है, जिससे अलग-अलग सेक्टर में 1.6 लाख से ज़्यादा रोज़गार के अवसर पैदा होने की संभावना है। टेक्सटाइल और कपड़ों के अलावा, राज्य ने डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़े निवेश आकर्षित किए हैं। यह छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।

विश्व पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा सिरपुर, एकीकृत विकास परियोजना को मिली रफ्तार

विश्व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान की ओर बढ़ेगा सिरपुर, सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना को मिली रफ्तार पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक  यूनेस्को विश्व विरासत सूची, लाइट एंड साउंड शो, बांस राफ्टिंग, आधुनिक पर्यटक सुविधाओं और सिरपुर महोत्सव को लेकर लिए गए कई अहम निर्णय रायपुर,   छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर सिरपुर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना संबंधी अंतर्विभागीय समिति की द्वितीय बैठक में सिरपुर के समग्र विकास, पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार और विश्वस्तरीय विरासत गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जिला प्रशासन महासमुंद, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रथम बैठक के निर्णयों पर हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए पर्यटन सचिव ने सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिरपुर को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में मिश्रित श्रेणी में शामिल कराने के लिए तैयार प्रस्ताव को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए तथा एकीकृत विकास की कार्ययोजना को निर्धारित समय-सीमा में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिरपुर की समृद्ध बौद्ध, जैन और हिंदू विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों की सूची तैयार कर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को उपलब्ध कराने, गाइडों के न्यूनतम शुल्क निर्धारित करने तथा लक्ष्मण मंदिर, पर्यटन सूचना केंद्र और अन्य प्रमुख स्थलों पर उनकी सूची एवं संपर्क विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्थानीय गाइडों को विभिन्न विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने तथा प्रशिक्षित गाइडों को पर्यटन सूचना केंद्रों एवं पुरातत्व संस्थानों में अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया। बैठक में सिरपुर आने वाले पर्यटकों के लिए नए आकर्षण विकसित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत कोडार डैम और रायकेश तालाब में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से बांस राफ्टिंग, नौकायन तथा कैंटीन संचालन जैसी गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे और पर्यटकों को नए अनुभव प्राप्त होंगे। पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लक्ष्मण मंदिर परिसर के आसपास सुव्यवस्थित पार्किंग, स्मृति चिन्ह बिक्री केंद्र, पेयजल, शौचालय, कैफेटेरिया और अन्य आवश्यक सुविधाओं का शीघ्र विकास करने का निर्णय लिया गया। साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन को विकास कार्यों की प्रगति नियमित रूप से साझा करने के निर्देश भी दिए गए। सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए सुरंग टीला में अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो विकसित किया जाएगा। इसके लिए ह्वेनसांग की यात्रा, कलचुरी काल, बौद्ध, जैन एवं हिंदू विरासत, सूर्यवर्मा-वासटा, वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर तथा लोरिक-चंदा जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक स्क्रिप्ट शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में आगामी सिरपुर महोत्सव को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने पर भी सहमति बनी। महोत्सव में सिरपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत पर आधारित विशेष एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। साथ ही दक्षिण एशियाई देशों से अधिकाधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रचार-प्रसार एवं रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया गया। राज्य स्तरीय संग्रहालय को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके लिए ओडिशा के कोणार्क तथा तमिलनाडु के केलडी स्थित संग्रहालयों का अध्ययन भ्रमण जुलाई माह में कराया जाएगा तथा अगस्त-सितंबर तक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके अलावा विदेशों में पहुंचे सिरपुर के महत्वपूर्ण पुरावशेषों को भारत वापस लाने के लिए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही करने तथा नए उत्खनन स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर उनका चयन करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में जिला प्रशासन महासमुंद को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए आवश्यक भूमि का आवंटन एक माह के भीतर सुनिश्चित करने, भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रियाओं में समन्वय स्थापित करने तथा सुरंग टीला क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सिरपुर में पर्यटन गतिविधियों के प्रभावी संचालन और प्रबंधन के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट संगठन अथवा विशेष प्रयोजन वाहन गठित करने का प्रस्ताव तैयार करने पर भी बल दिया गया। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रस्तुत सिरपुर एकीकृत विकास योजना के प्रस्तुतीकरण पर पर्यटन सचिव ने निर्देश दिए कि कोर एवं बफर क्षेत्र का स्पष्ट निर्धारण किया जाए, प्रस्तावित बौद्ध पार्क को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए, सुरंग टीला के लाइट एंड साउंड शो की स्क्रिप्ट 15 दिनों के भीतर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की जाए तथा आगामी पर्यटन सत्र को ध्यान में रखते हुए सभी परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन समय-सीमा में तैयार कर कार्य प्रारंभ किया जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सिरपुर के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए अंतर्विभागीय समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। बैठक के अंत में पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारती दासन ने सभी विभागों से समन्वित एवं समयबद्ध प्रयास सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि सिरपुर को उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के अनुरूप विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुक्तसर से CM सैनी का हुंकार, बोले- पंजाब को उसकी खोई पहचान लौटाने का वक्त आ गया

 मुक्तसर   पंजाब की राजनीतिक सरजमीं पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक बार फिर सूबे के लोगों को साधने की कोशिश की। श्री मुक्तसर साहिब की में जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब पंजाब को अपनी खोई हुई पहचान, विकास और गौरव को फिर से हासिल करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों को निशाने पर लेते हुए दावा किया कि दोनों दल जनता की उम्मीदों पर खरे उतरने में विफल रहे हैं। संबोधन की शुरुआत प्रथम पातशाही श्री गुरु नानक देव जी, सभी गुरु साहिबानों, साहिबजादों और महापुरुषों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने कहा कि श्री मुक्तसर साहिब की यह पवित्र धरती चालीस मुक्तों, भाई महा सिंह जी और माई भागो जी के अद्वितीय बलिदान की साक्षी है। सैनी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा का रिश्ता केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि साझा संस्कृति, भाषा और भावनाओं का रिश्ता है। उन्होंने कहा कि वे पंजाब की जनता के बीच किसी पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि छोटे भाई और शुभचिंतक के रूप में आए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने पहले कांग्रेस और फिर आम आदमी पार्टी को मौका दिया, लेकिन दोनों सरकारें अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम देने में असफल रहीं। उन्होंने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार, परिवारवाद और विकास कार्यों को बाधित करने के आरोप लगाए, जबकि आम आदमी पार्टी पर वादाखिलाफी और पंजाब को राजनीतिक प्रयोगशाला बनाने का आरोप लगाया। इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजक पार्टी नेता मनवीर कौर गिल, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार तरुण भंडारी, प्रदेश महामंत्री सरदार दयाल सिंह सोढ़ी, जिलाध्यक्ष मुक्तसर सतीश असीजा, विधानसभा इंचार्ज राजेश पठेला, पूर्व सांसद सरदार जगमीत सिंह बराड़, राहुल सिद्धू, पूजा कक्कड़, बलिवंद्र सिंह मिंकल, गुरचरण सिंह, अमनदीप, देवदत्त शर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। महिलाओं के मुद्दे पर आप सरकार को घेरा मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव के दौरान महिलाओं को प्रतिमाह 1100 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ। इसके उलट उन्होंने हरियाणा सरकार की दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में गरीब परिवारों की महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जा रही है और करोड़ों रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं। नशा, अपराध और बेरोजगारी को बताया पंजाब की बड़ी चुनौती नायब सैनी ने पंजाब में बढ़ते नशे, अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि नशे ने हजारों परिवारों को प्रभावित किया है और युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में ड्रग तस्करी, गैंगवार, फिरौती और संगठित अपराध की घटनाओं ने आम लोगों में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। व्यापारी, उद्योगपति और आम नागरिक सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं तथा अपराधियों में कानून का भय कम होता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार के अवसर सीमित होने के कारण बड़ी संख्या में युवा विदेशों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। किसानों के मुद्दे पर हरियाणा मॉडल का जिक्र किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 11 सीजन में 12 लाख किसानों के खातों में एमएसपी के तहत 1.64 लाख करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत पंजाब के किसान आज भी अपने अधिकारों और चुनावी वादों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। ‘भाजपा घोषणाएं नहीं, परिणाम देती है’ मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर कार्य कर रही है। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए 217 संकल्पों में से 66 को डेढ़ वर्ष के भीतर पूरा किया जा चुका है और शेष पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने पंजाब की जनता से अपील करते हुए कहा कि राज्य के भविष्य, युवाओं की तरक्की और विकसित भारत के निर्माण के लिए सही निर्णय लेना समय की आवश्यकता है।  

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों पर अवैध रेत कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों पर अवैध रेत कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज अवैध रेत भंडारण पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, गुडलू में 135 घनमीटर रेत जब्त 83 हजार रुपये से अधिक अर्थदंड व राजस्व वसूला गया, नियम तोड़ने वालों को चेतावनी रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, जवाबदेही और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण संबंधी स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप जशपुर जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनिज गतिविधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अवैध रेत भंडारण एवं रेत तस्करी संबंधी शिकायत पर खनिज विभाग ने त्वरित जांच कर बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत गुडलू में 19 जून 2026 को 135 घनमीटर रेत का अवैध भंडारण पाया गया। शिकायत प्राप्त होते ही खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित रेत को जब्त कर लिया। मामले में खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध रेत भंडारण के मामले में 40 हजार 780 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। वहीं अवैध रेत परिवहन के चार अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 42 हजार 736 रुपये की राशि खनिज मद में जमा कराई गई। इस प्रकार कुल 83 हजार रुपये से अधिक की राशि अर्थदंड एवं राजस्व के रूप में वसूल की गई। सहायक खनि अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना तथा शासन को होने वाली राजस्व हानि को रोकना है।  प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन या भंडारण की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि त्वरित कार्रवाई कर ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

BJP कार्यसमिति में बड़ा बदलाव, महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व; पहली बार मुस्लिम महिला हुई शामिल

भोपाल  मध्यप्रदेश भाजपा ने  अपनी बहुप्रतीक्षित प्रदेश कार्यसमिति की नई सूची जारी कर दी है। कुल 106 सदस्यों वाली इस नई टीम में संगठनात्मक संतुलन, अनुभव और सामाजिक प्रतिनिधित्व का विशेष ध्यान रखा गया है। पिछली बार 164 सदस्यों की तुलना में इस बार सूची को अधिक संक्षिप्त किया गया है। नई कार्यसमिति की पहली बैठक 15 जुलाई के आसपास ओरछा में आयोजित किए जाने की संभावना है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने से ठीक पहले घोषित इस सूची को केंद्रीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया बताया जा रहा है। 33% महिला प्रतिनिधित्व, सामाजिक संतुलन पर जोर इस बार संगठन ने महिला भागीदारी को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित की है। कुल 35 महिला नेताओं को मुख्य कार्यसमिति में शामिल किया गया है। खास बात यह है कि भोपाल की बिलकिस जहां को पहली बार मुस्लिम महिला प्रतिनिधि के रूप में स्थान मिला है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, संपतिया उइके, निर्मला भूरिया और पूर्व सांसद रीति पाठक जैसी प्रमुख महिला नेताओं को भी सूची में जगह दी गई है। वरिष्ठ नेताओं को स्थाई आमंत्रण पार्टी ने 41 वरिष्ठ नेताओं को स्थाई आमंत्रित सदस्यों की श्रेणी में शामिल किया है, जो पिछली सूची के मुकाबले बढ़ोतरी दर्शाता है। इसमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, अनुसुइया उइके, कुसुम मेहदेले, माया सिंह और यशोधरा राजे सिंधिया जैसी वरिष्ठ हस्तियां शामिल हैं। स्थाई आमंत्रित सूची में 8 वरिष्ठ महिला नेताओं को भी स्थान दिया गया है। सत्ता और संगठन का मजबूत समन्वय नई कार्यसमिति में सत्ता पक्ष और संगठन का स्पष्ट समन्वय देखने को मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ-साथ केंद्रीय मंत्रियों शिवराज सिंह चौहान, वीरेंद्र कुमार और ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी स्थान दिया गया है। इसके अलावा दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल सहित राज्य मंत्रिमंडल के 15 मंत्री, 3 राज्य मंत्री, 20 से अधिक विधायक तथा 6 लोकसभा और 3 राज्यसभा सांसदों को भी समिति में शामिल किया गया है। सिंधिया समर्थकों को भी प्रतिनिधित्व संगठन ने इस बार उन नेताओं को भी जगह दी है जो चुनावी हार के बाद सक्रिय राजनीति में अपेक्षाकृत कम प्रभाव में थे। इनमें इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपीएस भदौरिया, गिर्राज दंडौतिया और संतराम सिरोनिया जैसे नाम शामिल हैं। वहीं सिंधिया समर्थक दो मंत्री – तुलसी सिलावट और गोविंद राजपूत – को भी कार्यसमिति में जगह दी गई है। नई कार्यसमिति को भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में सामाजिक संतुलन और राजनीतिक अनुभव के मेल के रूप में देखा जा रहा है।  

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 बनी चांदनी का सहारा, एक शिकायत पर मिली पेंशन की सुविधा

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 बनी दिव्यांग चांदनी के लिए सहारा, एक शिकायत पर मिली पेंशन की सुविधा समयबद्ध कार्रवाई से दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ हुआ सुनिश्चित रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बनकर सामने आई है। हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई कर पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घरजियाबथान निवासी योगेश यादव ने अपनी 65 प्रतिशत दिव्यांग पुत्री चांदनी यादव को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत दिव्यांग पेंशन का लाभ नहीं मिलने की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज कराई थी। शिकायत प्राप्त होते ही जनपद पंचायत पत्थलगांव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पंचायत सचिव के माध्यम से आवेदन एवं आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर प्रकरण की जांच की गई। जांच में चांदनी यादव को दिव्यांग पेंशन योजना के लिए पात्र पाया गया, जिसके बाद उनकी पेंशन स्वीकृत करने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। अब चांदनी यादव को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत नियमित रूप से पेंशन का लाभ प्राप्त होगा। निर्धारित समय-सीमा में शिकायत का सफल निराकरण कर प्रकरण का निस्तारण किया गया। चांदनी के पिता योगेश यादव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी और भरोसेमंद साबित हो रही है। उन्होंने अपनी पुत्री को समय पर न्याय एवं योजना का लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। 24 घंटे सक्रिय है मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्रदेश के नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कराने के साथ-साथ सुझाव एवं फीडबैक भी साझा कर सकते हैं। हेल्पलाइन को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है, जिससे नागरिक आसानी से अपनी समस्याएं शासन तक पहुंचा सकते हैं। राज्य शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं और 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाती है, जिससे आवेदक अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकता है। यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता, तो प्रकरण स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः परीक्षण और जांच के लिए भेज दिया जाता है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे संचालित रहती है। इसके संचालन के लिए तीन पालियों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है तथा सचिव स्तर के अधिकारी और मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाती है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शासन की संवेदनशील, जवाबदेह और जनहितैषी कार्यप्रणाली का सशक्त उदाहरण बनकर जरूरतमंद नागरिकों तक समय पर राहत और योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

‘आपातकाल लोकतंत्र पर काला धब्बा’ : सम्राट चौधरी ने कांग्रेस को घेरा

पटना. 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में याद करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कांग्रेस और आपातकाल को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय बताया और कहा कि इस दौर में लोकतांत्रिक संस्थाओं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा नागरिक अधिकारों को गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा था। आपातकाल को बताया लोकतंत्र पर हमला सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि 25 जून भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐसा दिन है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके अनुसार आपातकाल के दौरान सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश हुई और आम नागरिकों के अधिकार प्रभावित हुए। लोकतंत्र सेनानियों को किया नमन उपमुख्यमंत्री ने उन लोगों को भी याद किया जिन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि उस समय विरोध की आवाज उठाने वाले अनेक लोगों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता नहीं किया। सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश सम्राट चौधरी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि लोकतंत्र की रक्षा, संविधान का सम्मान और जनस्वर की शक्ति को सर्वोपरि रखना ही उन लोगों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है जिन्होंने आपातकाल का विरोध किया था। उनका यह संदेश राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। ‘संविधान हत्या दिवस’ को लेकर जारी है बहस गौरतलब है कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया गया था। इसे लेकर वर्षों से राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग विचार सामने आते रहे हैं। एक पक्ष इसे लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला मानता है, जबकि दूसरा पक्ष उस समय की परिस्थितियों का हवाला देता है। राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज सम्राट चौधरी की इस टिप्पणी के बाद बिहार की राजनीति में भी आपातकाल और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। ‘संविधान हत्या दिवस’ को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने की संभावना है।

बीज-खाद की समय पर उपलब्धता से खुश किसान, खेती की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार

खेतों तक समय पर पहुंच रहे कृषि आदान, किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई देने लगा है। सहकारिता विभाग और सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उन्नत बीज, रासायनिक खाद, डीएपी और नैनो यूरिया समय पर एवं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए जाने से किसानों का भरोसा मजबूत हुआ है। इसका लाभ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड गौरेला अंतर्गत ग्राम पंचायत लालपुर के प्रगतिशील किसान विष्णु राठौर को भी मिला है, जिन्होंने आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाया है। धान की खेती के साथ विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन करने वाले किसान विष्णु राठौर बताते हैं कि पहले खेती के मौसम में खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। कई बार आवश्यक कृषि आदान समय पर नहीं मिलने से बुआई और फसल प्रबंधन प्रभावित होता था। लेकिन अब सहकारी समिति के माध्यम से उन्हें जरूरत के अनुसार उन्नत बीज, रासायनिक खाद, डीएपी और नैनो यूरिया समय पर उपलब्ध हो रहे हैं। इससे खेती की पूरी योजना व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है और फसलों का पोषण भी बेहतर तरीके से हो पा रहा है। राठौर ने बताया कि नैनो यूरिया तथा संतुलित उर्वरकों के उपयोग से धान की फसल में अच्छी बढ़वार हुई है और उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं सब्जी फसलों की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ पैदावार भी बढ़ी है, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता से खेती की लागत नियंत्रित हुई है तथा कृषि कार्यों का प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक आसान और प्रभावी हो गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाएं और सहकारिता विभाग की प्रभावी व्यवस्था किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। सहकारी समिति के माध्यम से खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता से अब किसानों को कृषि सामग्री के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता और खेती का कार्य समय पर पूरा हो जाता है। इससे किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है और खेती के प्रति उनका उत्साह भी पहले से अधिक हुआ है। राज्य सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों, सहकारिता विभाग की सुदृढ़ वितरण व्यवस्था तथा सहकारी समितियों की सक्रिय भूमिका से प्रदेश में कृषि व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता, आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा और किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास खेती को अधिक उत्पादक एवं लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। किसान विष्णु राठौर की सफलता आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है। साय सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

आधी रात घर की छत गिरी, गुरदासपुर में बेटे की सूझबूझ से 90 साल की मां की जान बची

बटाला. तेज बारिश और आंधी के बीच बटाला के निकट स्थित गांव अलोवाल में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। देर रात एक मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत यह रही कि घर में मौजूद बुजुर्ग महिला और उनका बेटा समय रहते कमरे से बाहर निकल आए, जिससे किसी तरह का बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ। हालांकि हादसे में घर का काफी सामान मलबे के नीचे दब गया और परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। गांव अलोवाल निवासी हरजिंदर सिंह ने बताया कि वह अपनी करीब 90 वर्षीय माता जोगिंदर कौर के साथ घर में मौजूद थे। देर रात मौसम खराब होने के कारण तेज बारिश और आंधी चल रही थी। इसी दौरान कमरे की छत से धीरे-धीरे छोटे-छोटे टुकड़े गिरने लगे। शुरुआत में उन्हें लगा कि बारिश के कारण प्लास्टर झड़ रहा है, लेकिन कुछ ही क्षण बाद तेज आवाज सुनाई दी। खतरा देख बुजुर्ग मां को बाहर निकाला हरजिंदर सिंह के अनुसार स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तुरंत अपनी बुजुर्ग माता को कमरे से बाहर निकालने का प्रयास किया। जैसे ही दोनों कमरे से बाहर पहुंचे, छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। हादसा इतना अचानक हुआ कि यदि कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती तो बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। हादसे में जोगिंदर कौर को मामूली चोटें आई हैं, जबकि घर के अंदर रखा सामान मलबे में दब गया। छत गिरने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। गांव के लोग सहायता के लिए आए आगे घटना की जानकारी मिलते ही गांव के कई लोग पीड़ित परिवार की सहायता के लिए मौके पर पहुंचे। इनमें बलविंदर सिंह चट्ठा, हरमन गिल, जय सिंह तथा वार्ड के मौजूदा पार्षद के परिजन भी शामिल थे। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि हरजिंदर सिंह का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और उनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है। ऐसे में मकान की मरम्मत करवाना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा। उन्होंने प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। पास वाले घर की छत भी क्षतिग्रस्त इसी मकान से जुड़ी साझी छत वाले घर में रहने वाली जसविंदर कौर ने बताया कि उनके मकान की छत भी आधे से अधिक हिस्से तक क्षतिग्रस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वह लोगों के घरों में काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं और मकान की मरम्मत करवाना उनकी क्षमता से बाहर है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की है कि दोनों प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता, मुआवजा और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे इस मुश्किल परिस्थिति से उबर सकें और अपना जीवन सामान्य रूप से फिर से शुरू कर सकें।