samacharsecretary.com

भारत-न्यूजीलैंड टी20 भिड़ंत: ODI का हिसाब बराबर करने का मौका, SKY के बल्ले से बड़ी पारी की उम्मीद

नई दिल्ली पिछले कुछ समय से रन बनाने के लिए जूझ रहे कप्तान सूर्यकुमार यादव न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार से नागपुर में शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 श्रृंखला से फॉर्म में वापसी करने के लिए बेताब होंगे। भारत की नजर वनडे श्रृंखला में मिली हार का बदला चुकता करके अगले महीने घरेलू धरती पर होने वाले टी20 विश्व कप के लिए अपनी तैयारियों को पुख्ता अंजाम देने पर होगी।   सूर्यकुमार ने 2024 में टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी जिसके बाद भारत का प्रदर्शन अच्छा रहा है और उसकी जीत का प्रतिशत 72 प्रतिशत से अधिक रहा है। इससे कप्तान के बल्लेबाजी में निराशाजनक प्रदर्शन पर ज्यादा गौर नहीं किया गया लेकिन अब ऐसा नहीं है। पिछले दो वर्षों में भारतीय टी20 टीम स्वचालित मोड पर रही है, जिसमें उसे इक्का-दुक्का हार का ही सामना करना पड़ा। आईपीएल के कारण उसके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपनी भूमिकाओं को अच्छी तरह से जानते हैं। भारतीय टीम पर हालांकि विश्व कप में अपने खिताब का बचाव करने और घरेलू धरती पर खेलने का दबाव होगा और सूर्यकुमार न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला से पहले इन बातों पर जरूर गौर कर रहे होंगे। न्यूजीलैंड की टीम काफी मजबूत है और उसने पिछले एक साल में कई उपलब्धियां हासिल की है जिसमें भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में क्लीन स्वीप करना और वनडे श्रृंखला जीतना भी शामिल है। भारतीय धरती पर पहली बार द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला जीतने से निश्चित तौर पर उसके खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा होगा। लेकिन जब टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की बात आती है तो सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत एक अलग ही टीम साबित हुई है, जिसने पिछले 25 में से 18 मैच जीते हैं। इसका श्रेय काफी हद तक अभिषेक शर्मा की तूफानी शुरुआत और वरुण चक्रवर्ती की बीच के ओवरों में शानदार गेंदबाजी को जाता है। न्यूजीलैंड ने 2024 टी20 विश्व कप के बाद खेले गए 21 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से 13 में जीत हासिल की है। आक्रामक सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉनवे, कप्तान मिचेल सैंटनर, तेज गेंदबाज जैकब डफी, बेहतरीन फॉर्म में चल रहे डैरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स की मौजूदगी में न्यूजीलैंड मजबूत प्रतिद्वंद्वी टीम साबित हो सकती है। इसका यह भी मतलब है कि मौजूदा चैंपियन भारत को विश्व कप की तैयारी के लिए बेहतरीन समय मिलेगा। इस पृष्ठभूमि में केवल सूर्यकुमार ही ऐसे हैं, जिनकी खराब फॉर्म मजबूत टीम की कमजोर कड़ी साबित हुआ है। उन्होंने पिछले 19 मैचों में एक भी अर्धशतक लगाए बिना केवल 218 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 123 से अधिक रहा है। तिलक वर्मा को खेलने का अधिक समय देने के लिए उन्होंने बल्लेबाजी क्रम में खुद को तीसरे नंबर के बजाय चौथे नंबर पर खिसका दिया। सूर्यकुमार अच्छी तरह से जानते हैं कि उनके खराब प्रदर्शन का ड्रेसिंग रूम में असर पड़ सकता है और उन्हें अब हर हाल में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। किसी भी अन्य टीम में श्रेयस अय्यर जैसे काबिल खिलाड़ी को टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में स्वतः ही जगह मिल जाती, क्योंकि उन्होंने तीन अलग-अलग फ्रेंचाइजी को आईपीएल फाइनल तक पहुंचाया है और एक बार जीत हासिल की है। भारतीय टीम में स्पिनरों के खिलाफ खेलने वाले सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक अय्यर को तिलक वर्मा के चोटिल होने के कारण टीम में जगह मिली है। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि तिलक विश्व कप के लिए समय पर ठीक हो पाएंगे या नहीं, लेकिन नंबर चार पर अय्यर की मौजूदगी से सूर्यकुमार को अपने पसंदीदा नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने का मौका मिलेगा। अगर इस बात को ध्यान में रखा जाए कि तिलक बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं तो इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे इशान किशन भी दावेदारी पेश कर सकते हैं। टी20 श्रृंखला में ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की भी वापसी होगी जीने जिन्हें वनडे श्रृंखला में विश्राम दिया गया था। पंड्या अपने कौशल से टी20 टीम में संतुलन लाते हैं और उनकी मौजूदगी का मतलब है कि टीम प्रबंधन एक अतिरिक्त विशेषज्ञ खिलाड़ी को खिलाने का जोखिम उठा सकता है। वरुण चक्रवर्ती टीम के तुरुप का इक्का होंगे, जिनके खिलाफ न्यूजीलैंड ने ज्यादा मैच नहीं खेले हैं। वरुण के सातवें से 15वें ओवर के बीच के चार ओवर अक्सर मैच का रुख पलट देते हैं और कुलदीप यादव की खराब फॉर्म को देखते हुए तमिलनाडु के इस खिलाड़ी को और भी बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत होगी। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर क्रिस्टियन क्लार्क टी20 श्रृंखला के लिए टीम में बने रहेंगे क्योंकि माइकल ब्रैसवेल और एडम मिल्ने दोनों ही हल्की चोटों से उबर रहे हैं। टीम इस प्रकार हैं: भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), इशान किशन, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, रिंकू सिंह, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा। न्यूजीलैंड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), डेवोन कॉनवे, बेवन जैकब्स, डैरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम रॉबिन्सन, जिमी नीशम, ईश सोढ़ी, जैक फाउल्स, मार्क चैपमैन, माइकल ब्रैसवेल, रचिन रविंद्र, काइल जैमीसन, मैट हेनरी, जैकब डफी, क्रिस्टियन क्लार्क। समय: मैच शाम सात बजे शुरू होगा।  

न्यूज़ीलैंड ने भारत दौरे के लिए बदली टीम, टी20 स्क्वॉड में शामिल हुए क्रिस्टियन क्लार्क

नागपुर न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने भारत के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के पहले तीन मैचों के लिए युवा हरफनमौला खिलाड़ी क्रिस्टियन क्लार्क को टीम में शामिल किया है। यह सीरीज बुधवार से नागपुर में शुरू होगी। दरअसल, तेज गेंदबाज एडम मिल्ने और अनुभवी स्पिन गेंदबाज माइकल ब्रेसवेल इस समय चोट से जूझ रहे हैं, इसी वजह से टीम प्रबंधन ने यह कदम उठाया है। क्रिस्टियन क्लार्क ने हाल ही में अपने पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय दौरे में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने तीन मैचों में सात विकेट लिए, जिनमें भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली को दो बार आउट करना भी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने निचले क्रम में उपयोगी रन बनाए और क्षेत्ररक्षण में दो कैच भी पकड़े। न्यूज़ीलैंड के मुख्य कोच रॉब वॉल्टर ने बताया कि क्लार्क को मुख्य रूप से बैकअप विकल्प के तौर पर टीम में रखा गया है, ताकि तेज गेंदबाजों के कार्यभार को सही तरीके से संभाला जा सके। उन्होंने कहा कि इस समय टीम में खिलाड़ियों का आना-जाना चल रहा है। कुछ खिलाड़ी चोट से लौट रहे हैं, कुछ फ्रेंचाइजी क्रिकेट से सीधे जुड़ रहे हैं और बाकी खिलाड़ी भारत के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज और सुपर स्मैश के बाद टीम से मिल रहे हैं। वाल्टर ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे पास इस सीरीज के पहले तीन मैचों के लिए पर्याप्त तेज गेंदबाजी के विकल्प हों और यह क्रिस्टियन के लिए भारत के अपने पहले दौरे पर ग्रुप के साथ थोड़ा और समय बिताने का एक शानदार मौका है। उन्होंने निश्चित रूप से वनडे सीरीज में अपनी प्रतिभा दिखाई, लेकिन जो बात खास तौर पर प्रभावशाली थी, वह थी उनका शांत स्वभाव और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता।” कोच ने यह भी पुष्टि की कि माइकल ब्रेसवेल नागपुर पहुंचे हैं। इंदौर में खेले गए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मैच के दौरान क्षेत्ररक्षण करते समय उनके बाएं पिंडली में हल्की चोट लगी थी। आने वाले दिनों में उनका इलाज और निगरानी की जाएगी, इसके बाद दौरे में आगे खेलने को लेकर फैसला लिया जाएगा। वहीं, तेज गेंदबाज एडम मिल्ने दक्षिण अफ्रीका की एसए20 लीग में सनराइजर्स ईस्टर्न केप के लिए खेलते हुए बाएं हैमस्ट्रिंग में चोट का शिकार हो गए हैं। उनकी चोट का आकलन किया जा रहा है। रॉब वॉल्टर ने बताया कि इंदौर में एकदिवसीय सीरीज जीतने के बाद टीम अच्छे मनोबल के साथ नागपुर पहुंची है। शानदार टीम वर्क के साथ कई बेहतरीन परफॉर्मेंस देखने को मिले, जिससे हमने कुछ ऐसा हासिल किया जो पहले कभी नहीं हुआ था। न्यूजीलैंड टीम: मिशेल सेंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, क्रिस्टियन क्लार्क (पहले तीन मैच), डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, जैक फाउल्क्स, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, बेवन जैकब्स, डेरिल मिशेल, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम रॉबिन्सन, ईश सोढ़ी  

फर्ग्यूसन का बयान: भारत के खिलाफ टी20 सीरीज से वर्ल्ड कप प्लान होगा मजबूत

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन ने कहा कि भारत के खिलाफ बुधवार से शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप से पहले उनकी टीम को तैयारी के लिए उचित मंच प्रदान करेगी। भारत के खिलाफ हाल ही में 2-1 से वनडे श्रृंखला जीतने से उत्साहित न्यूजीलैंड की टीम नागपुर में पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में विश्व कप के सह-मेजबान भारत से भिड़ेगी। भारत में कीवी टीम के साथ जुड़ने वाले फर्ग्यूसन ने रवाना होने से पहले पत्रकारों से कहा, ‘यह सचमुच बहुत अच्छी तैयारी होगी। मैं जानता हूं कि यह वह मैदान नहीं होंगे जहां हम विश्व कप में खेलेंगे लेकिन वहां खेलने का अनुभव, उसका प्रभाव और मैदानों की स्थिति का आकलन विश्व कप से पहले शानदार तैयारी होगी।’ उन्होंने कहा, ‘भारत दुनिया की शीर्ष टीमों में से एक है और घरेलू परिस्थितियों में उसका कोई सानी नहीं है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे खिलाड़ी वनडे श्रृंखला की तरह ही अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’ आईपीएल 2026 के लिए पंजाब किंग्स की टीम में शामिल फर्ग्यूसन ने कहा कि वह यूएई में इस महीने की शुरुआत में आईएलटी20 मैच के दौरान पिंडली में चोट से उबर गए हैं और पिछले एक सप्ताह से पूरी ताकत से गेंदबाजी कर रहे हैं। न्यूजीलैंड ने हालांकि पहले मैच के लिए जो टीम घोषित की है उसमें फर्ग्यूसन का नाम नहीं है। वह टी20 विश्व कप के दौरान कुछ दिनों के लिए पितृत्व अवकाश भी ले सकते हैं क्योंकि उनके बच्चे का जन्म 20 फरवरी को होने की उम्मीद है। इस तेज गेंदबाज ने कहा कि उनका फिलहाल संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं अब भी फिट महसूस करता हूं। मुझे अब भी लगता है कि मैं टीम में योगदान दे सकता हूं। अगर कभी ऐसा दिन आए जब मैं सुबह उठूं और देखूं कि मैं जीत में योगदान नहीं दे रहा हूं या मुझे लगे कि मैं टीम के लिए खेलने के लायक नहीं हूं तो मैं संन्यास ले लूंगा।’ भारत के खिलाफ 2023 वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में अपना आखिरी वनडे मैच खेलने वाले इस 34 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि वह अब भी 50 ओवर का क्रिकेट खेलने के लिए प्रयासरत हैं। फर्ग्यूसन ने कहा, ‘मुझे 50 ओवर का क्रिकेट बहुत पसंद है। टी20 की तुलना में इसी से मुझे थोड़ी ज़्यादा पहचान मिली।’  

न्यूजीलैंड को झटका? भारत के खिलाफ टी20 में ब्रैसवेल के खेलने पर सस्पेंस बरकरार

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के कोच रॉब वाल्टर ने कहा कि ऑलराउंडर माइकल ब्रैसवेल का भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला में खेलना इस बात पर निर्भर करेगा कि वह इंदौर में खेले गए तीसरे वनडे के दौरान बाएं पैर की पिंडली में लगी मामूली चोट से उबर पाते हैं या नहीं।   न्यूजीलैंड ने होल्कर स्टेडियम में भारत को 41 रन से हराकर वनडे श्रृंखला 2-1 से जीती थी लेकिन फील्डिंग के दौरान पिंडली में हल्की चोट लगने के कारण ब्रैसवेल गेंदबाजी नहीं कर पाए थे। न्यूजीलैंड क्रिकेट की विज्ञप्ति में वाल्टर ने कहा, ‘ब्रैसवेल का उपचार जारी रहेगा और उनकी फिटनेस पर निगाह रखी जाएगी। इसके बाद ही दौरे में उनकी आगे की भागीदारी के बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘वनडे श्रृंखला जीतना और इतिहास रचना बेहद खास था। टीम के शानदार प्रदर्शन की बदौलत हमने कुछ ऐसा हासिल किया जो पहले कभी नहीं हुआ था।’ वाल्टर ने कहा कि ब्रैसवेल टीम के साथ बने रहेंगे, लेकिन उन्हें जल्दी पूरी फिटनेस हासिल करनी होगी। उन्होंने कहा, ‘माइकल टीम के साथ नागपुर गए हैं लेकिन टी20 श्रृंखला से पहले कम समय बचा है, इसलिए हमें उनकी फिटनेस पर जल्द ही गौर करना होगा।’ वाल्टर ने यह भी पुष्टि की कि तेज गेंदबाज क्रिस्टियन क्लार्क टीम के साथ बने रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इस श्रृंखला के पहले तीन मैचों के लिए हमारे पास पर्याप्त तेज गेंदबाजी विकल्प हों और क्रिस्टियन के लिए भारत के अपने पहले दौरे पर टीम के साथ थोड़ा और समय बिताने का यह एक शानदार अवसर है। उन्होंने वनडे श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन किया।’

अक्षर पटेल क्यों हैं भारतीय टीम की मजबूती? जन्मदिन पर पढ़ें उनके सभी बड़े रिकॉर्ड्स

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख ऑलराउंडर अक्षर पटेल आज, 20 जनवरी 2025 को अपना 31वां जन्मदिन मना रहे हैं। गुजरात के आणंद में 1994 में जन्मे अक्षर ने अपने हरफनमौला प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक खास मुकाम हासिल किया है। वह बाएं हाथ की सटीक स्पिन गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। वर्तमान में वे भारतीय टीम के एक भरोसेमंद खिलाड़ी बन चुके हैं, जिन्होंने सीमित ओवरों के साथ-साथ टेस्ट क्रिकेट में भी अपनी उपयोगिता बार-बार साबित की है।   अक्षर के करियर की शुरुआत घरेलू क्रिकेट में गुजरात के लिए हुई, जहां उन्होंने 18 साल की उम्र में पदार्पण किया था। उन्हें खास पहचान आईपीएल 2014 में मिली, जब उन्होंने किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए 'इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का खिताब जीता। इसी प्रदर्शन के आधार पर 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने अपना वनडे डेब्यू किया। हालांकि शुरुआत में वे रवींद्र जडेजा की छाया में रहे, लेकिन अपनी निरंतरता और मेहनत के दम पर उन्होंने टीम में अपनी जगह पक्की की। 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में कदम रखने के बाद वे टीम के नियमित सदस्य बन गए। टेस्ट क्रिकेट में अक्षर पटेल ने साल 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ पदार्पण करते हुए वे डेब्यू मैच में पांच विकेट लेने वाले नौवें भारतीय गेंदबाज बने। उन्होंने उस श्रृंखला के केवल 3 मैचों में 27 विकेट झटके। अक्षर ने हाल के वर्षों में आईसीसी टूर्नामेंटों में भी भारत की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2024 टी20 विश्व कप की खिताबी जीत में उनका योगदान अहम रहा, जहां उन्होंने सेमीफाइनल में 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार जीता और फाइनल में 31 गेंदों पर 47 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। इसके अलावा, वे 2025 चैंपियंस ट्रॉफी विजेता टीम का भी हिस्सा रहे हैं। अक्षर पटेल के नाम कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनमें टी20 अंतरराष्ट्रीय में नंबर 7 पर भारत के लिए सर्वोच्च स्कोर (65 रन) और भारत के लिए चौथे सर्वाधिक 'मैन ऑफ द मैच' (8 बार) पुरस्कार शामिल हैं। आईपीएल में उन्होंने 2016 में गुजरात लायंस के खिलाफ एक हैट्रिक भी ली थी। अक्षर पटेल के ओवरऑल करियर की बात करें तो उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 15 मैचों की 24 पारियों में 34.4 की औसत से 688 रन बनाए हैं (सर्वोच्च स्कोर 84) और गेंदबाजी में 19.67 की औसत से 57 विकेट चटकाए हैं, जिसमें 5 बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा शामिल है। वनडे (ODI) में उन्होंने 71 मैचों में 858 रन बनाने के साथ-साथ 4.49 की किफायती इकोनॉमी से 75 विकेट हासिल किए हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) में अक्षर ने 85 मैचों में 135.12 के स्ट्राइक रेट से 681 रन बनाए हैं और 82 विकेट अपने नाम किए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 3/9 रहा है। कुल मिलाकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक 2227 रन और 214 विकेट अर्जित किए हैं। अक्षर पटेल भारत की टी-20 विश्व कप 2026 की टीम का हिस्सा हैं, जबकि वनडे क्रिकेट में रवींद्र जडेजा के लगातार गिरते प्रदर्शन को देखते हुए उनकी वनडे 2027 वर्ल्ड कप खेलने की उम्मीदें भी मजबूत होती जा रही हैं। अक्षर पटेल फिलहाल, टेस्ट और टी-20 टीम में नजर आते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 वनडे मैचों की सीरीज में उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया था।  

गुकेश और अर्जुन का मुकाबला बराबरी पर खत्म, टाटा स्टील मास्टर्स में प्रज्ञानानंद का जीत से आगाज़

वाइक आन ज़ी, (नीदरलैंड्स) टाटा स्टील मास्टर्स शतरंज टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में भारतीय ग्रैंडमास्टर्स डी. गुकेश और शीर्ष वरीयता प्राप्त अर्जुन एरिगैसी के बीच मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। दोनों खिलाड़ियों ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंततः बाज़ी बराबरी पर छूटी। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर चुके जर्मनी के मैथियास ब्लूबाउम ने इस प्रतियोगिता में अपनी पहली जीत दर्ज की। उन्होंने अपने ही देश के विन्सेंट कीमर को हराया और तीन राउंड के बाद दो अंकों के साथ लीडर्स के समूह में शामिल हो गए। अन्य भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो अरविंद चिथंबरम ने उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव के साथ ड्रॉ खेला। वहीं आर. प्रज्ञानानंद ने शुरुआती दो हार के बाद वापसी करते हुए चेक गणराज्य के थाई दाई वान गुयेन के खिलाफ ड्रॉ हासिल कर टूर्नामेंट में अपना खाता खोला। 14 खिलाड़ियों के इस 13 राउंड के सुपर टूर्नामेंट में अभी 10 राउंड बाकी हैं। फिलहाल अर्जुन एरिगैसी, अब्दुसत्तोरोव और अमेरिका के हांस नीमन दो अंकों के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। उनके साथ ब्लूबाउम और नीदरलैंड्स के जॉर्डन वान फॉरेस्ट भी लीडर्स के समूह में शामिल हैं। शीर्ष खिलाड़ियों और दूसरे स्थान पर मौजूद शतरंज खिलाड़ियों के बीच केवल आधे अंक का अंतर है, जिससे साफ है कि रेस्ट डे से पहले आने वाले कुछ राउंड बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं। अर्जुन और गुकेश के बीच मुकाबला क्वीन्स गैम्बिट एक्सेप्टेड ओपनिंग में खेला गया। इस ओपनिंग का प्रयोग पहले राउंड में प्रज्ञानानंद ने अर्जुन के खिलाफ किया था, लेकिन तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस बार गुकेश ने बेहतर तैयारी दिखाई और सफेद मोहरों को अपने राजा के पास आने से रोके रखा। अर्जुन ने ज्यादा जोखिम नहीं लिया और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हो गया। अरविंद चिथंबरम ने शुरुआत से ही ठोस खेल दिखाया। सफेद मोहरों से खेलने के बावजूद उन्हें ओपनिंग में खास बढ़त नहीं मिली और अब्दुसत्तोरोव ने आसानी से बराबरी हासिल कर ली। यह मुकाबला भी जल्द ड्रॉ पर खत्म हो गया। तीसरे राउंड के परिणाम : * अर्जुन एरिगैसी (2) ने डी. गुकेश (1.5) के साथ ड्रॉ खेला * जॉर्डन वान फॉरेस्ट (नीदरलैंड्स, 2) ने अनीश गिरी (नीदरलैंड्स, 0.5) को हराया * थाई दाई वान गुयेन (चेक गणराज्य, 1.5) और आर. प्रज्ञानानंद (0.5) के बीच ड्रॉ * अरविंद चिथंबरम (1.5) और नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव (उज्बेकिस्तान, 2) के बीच ड्रॉ * हांस नीमन (अमेरिका, 2) और यागिज़ कान एरदोगमुस (तुर्किये, 1.5) के बीच ड्रॉ * विन्सेंट कीमर (जर्मनी, 1) को मैथियास ब्लूबाउम (जर्मनी, 2) ने हराया * जावोखिर सिंदारोव (उज्बेकिस्तान, 1.5) और व्लादिमीर फेडोसीव (स्लोवेनिया, 1.5) के बीच ड्रॉ  

सिर्फ 25 रन दूर सूर्या, टी20 में रचेंगे इतिहास, कोहली–रोहित की लिस्ट में होंगे शामिल

नई दिल्ली भारत और न्यूजीलैंड के बीच 21 जनवरी से पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज की शुरुआत होने जा रही है। इस सीरीज का पहला मुकाबला नागपुर में खेला जाएगा, जहां भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव एक बहुत बड़े माइलस्टोन के करीब होंगे। सूर्या को टी20 क्रिकेट के इतिहास में अपने 9,000 रन पूरे करने के लिए अब केवल 25 रनों की आवश्यकता है। 25 रन बनाते ही सूर्यकुमार यादव टी-20 क्रिकेट में 9,000 या उससे अधिक रन बनाने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे।   अभी तक भारत के लिए टी20 फॉर्मेट में 9,000 या उससे अधिक सिर्फ तीन खिलाड़ियों ने बनाए हैं। इस विशेष क्लब में विराट कोहली 13,543 रनों के साथ शीर्ष पर हैं, उनके बाद रोहित शर्मा ने 12,248 रन बनाए हैं और दूसरे स्थान पर हैं। तीसरे स्थान पर शिखर धवन हैं जिनके नाम 9,797 रन दर्ज हैं। सूर्यकुमार यादव इस ऐतिहासिक क्लब में एंट्री मारने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बनेंगे। हालांकि सूर्या पिछले कुछ समय से रनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनसे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। सूर्यकुमार यादव ने अपने अब तक के टी-20 करियर में 346 मैचों की 320 पारियों में 34.78 की औसत और 152.29 के शानदार स्ट्राइक रेट से 8,975 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 6 शतक और 59 अर्द्धशतक निकले हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली यह सीरीज सूर्यकुमार यादव के लिए कप्तान और बल्लेबाज दोनों के तौर पर बेहद अहम है। बुधवार को होने वाले सीरीज के पहले मुकाबले में नागपुर के मैदान पर सभी की नजरें भारतीय कप्तान पर टिकी होंगी। प्रशंसकों को उम्मीद है कि सूर्या न केवल अपने 9,000 रनों का आंकड़ा पार करेंगे, बल्कि अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम इंडिया को सीरीज में शानदार शुरुआत भी दिलाएंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सूर्या पहले ही मैच में इस खास उपलब्धि को हासिल कर पाते हैं। टी-20 क्रिकेट (अंतरराष्ट्रीय, घरेलू और लीग मैचों को मिलाकर) में सर्वाधिक रन बनाने वाले टॉप-10 भारतीय बैटर • विराट कोहली: 414 मैचों की 397 पारियों में 13,543 रन। • रोहित शर्मा: 463 मैचों की 450 पारियों में 12,248 रन। • शिखर धवन: 334 मैचों की 331 पारियों में 9,797 रन। • सूर्यकुमार यादव: 346 मैचों की 320 पारियों में 8,975 रन। • सुरेश रैना: 336 मैचों की 319 पारियों में 8,654 रन। • केएल राहुल: 239 मैचों की 226 पारियों में 8,125 रन। • संजू सैमसन: 320 मैचों की 303 पारियों में 8,033 रन। • अजिंक्य रहाणे: 294 मैचों की 277 पारियों में 7,633 रन। • एमएस धोनी: 405 मैचों की 355 पारियों में 7,628 रन। • दिनेश कार्तिक: 415 मैचों की 367 पारियों में 7,557 रन  

BCCI का सख्त फैसला! सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से फिसल सकते हैं विराट-रोहित, नए नियमों का दिखेगा असर

नई दिल्ली भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई से एक झटका लग सकता है। विराट और रोहित दोनों का डिमोशन सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में होने की संभावना है। इसके पीछे की वजह ये है कि बीसीसीआई सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से ए प्लस कैटेगरी को खत्म कर सकती है और सिर्फ ए, बी और सी कैटेगरी को जारी रख सकती है। अगर ऐसा होता है तो फिर विराट कोहली और रोहित शर्मा के अलावा जसप्रीत बुमराह और रविंद्र जडेजा का भी डिमोशन होगा, जो पिछली बार ए प्लस कैटेगरी का हिस्सा थे। अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 तक के लिए रिटेनरशिप का ऐलान बीसीसीआई को करना है।   रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई एक बदला हुआ सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम लाने वाला है, जिसके तहत ग्रेड A प्लस कैटेगरी बंद कर दी जाएगी। BCCI सूत्रों के मानें तो अगर बोर्ड ने नए मॉडल को मंजूरी दी तो फिर टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा को ग्रेड B में रखे जाने की उम्मीद है। वे अभी तक ए प्लस कैटेगरी में थे। रविंद्र जडेजा का भी यही हाल होगा, लेकिन जसप्रीत बुमराह ए कैटेगरी में चले जाएंगे। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली सिलेक्शन कमिटी ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट स्ट्रक्चर में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। कमिटी ने A प्लस कैटेगरी (7 करोड़ रुपये) को खत्म करने और सिर्फ तीन कैटेगरी: A, B, और C रखने की सलाह दी है। सिर्फ 3 कैटेगरी रहने पर सैलरी स्ट्रक्चर में भी बदलाव होगा। ए प्लस कैटेगरी के लिए पहले 7 करोड़ मिलते थे, ए के लिए 5, बी के लिए 3 और सी के लिए 1 करोड़ रुपये सालाना मिलते थे। अगर ये मॉडल अप्रूव हुआ तो सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे रोहित और विराट को बी कैटेगरी में रखा जाएगा। अप्रैल 2025 में घोषित की गई 2024-25 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की लिस्ट में रोहित, विराट, जडेजा और बुमराह A प्लस कैटेगरी में थे, जबकि मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी और ऋषभ पंत ग्रेड A में शामिल थे। सूर्यकुमार यादव, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर ग्रेड B का हिस्सा थे और ग्रेड C में रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, रुतुराज गायकवाड़, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, वाशिंगटन सुंदर, मुकेश कुमार, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, रजत पाटीदार, ध्रुव जुरेल, सरफराज खान, नीतीश कुमार रेड्डी, ईशान किशन, अभिषेक शर्मा, आकाश दीप, वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा को जगह दी गई थी।  

मेंस एचआईएल: रोमांचक शूटआउट में रांची रॉयल्स ने एचआईएल जीसी पर दर्ज की जीत

भुवनेश्वर मेंस हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) में सोमवार को बेहद रोमांचक मुकाबला खेला गया, जिसमें रांची रॉयल्स ने एचआईएल जीसी को शूटआउट में 4-1 से मात दी। कलिंगा हॉकी स्टेडियम में रांची रॉयल्स की ओर से अराइजीत सिंह हुंदल ने 19वें और 32वें मिनट में कुल दो गोल दागे। इसके बाद सैम लेन ने 42वें मिनट में, जबकि टॉम बून ने 57वें मिनट में गोल दागे। वहीं, एचआईएल जीसी की तरफ से ललित कुमार उपाध्याय ने 25वें और 53वें मिनट में गोल किए। इनके अलावा, केन रसेल ने 36वें मिनट में और सुदीप चिर्माको ने 39वें मिनट में एक-एक गोल किया। मैच का पहला पेनाल्टी कॉर्नर 18वें मिनट में एचआईएल जीसी को मिला, लेकिन केन रसेल के गोल पर किए गए प्रयास को रांची रॉयल्स के गोलकीपर सूरज करकेरा ने शानदार बचाव करके रोक दिया। कुछ ही देर बाद, रांची रॉयल्स को भी एक पेनाल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन टॉम बून भी इसे गोल में नहीं बदल पाए। जैसे ही खेल फिर से शुरू हुआ, मनदीप सिंह ने खतरनाक स्थिति में गेंद पर कब्जा करने के लिए शानदार सूझबूझ दिखाई, और हालांकि उनके शॉट को गोलकीपर ने रोक दिया, लेकिन गेंद रिबाउंड होकर अराइजीत सिंह हुंदल (19वें मिनट) के पास गई, जिन्होंने आसानी से खाली नेट में गोल कर दिया। 25वें मिनट में, एचआईएल जीसी को फिर से एक पेनाल्टी कॉर्नर मिला। केन रसेल के ड्रैगफ्लिक को शुरुआत में गोलकीपर ने रोक दिया था, लेकिन ललित कुमार उपाध्याय समय पर गेंद तक पहुंचे और उसे नेट में डालकर एचआईएल जीसी के लिए बराबरी का गोल किया। गेम शुरू हुआ और दोनों टीमों ने गोल पर कई कोशिशें कीं, लेकिन पहले हाफ के आखिर तक कोई नतीजा नहीं निकला। तीसरे क्वार्टर के दो मिनट बाद, रांची रॉयल्स ने उसी तरह से फिर से बढ़त बना ली। मनदीप सिंह ने सर्कल के बीच से गोल पर शॉट लगाया, और हालांकि उनके शॉट को एचआईएल जीसी के गोलकीपर जेम्स मजारेलो ने रोक दिया, लेकिन गेंद अरजीत सिंह हुंदल (32वें मिनट) के पास गई, जिन्होंने गेंद को गोल में डाल दिया। तीन मिनट बाद, एचआईएल जीसी ने फिर से गेम बराबर कर दिया। इस बार पेनाल्टी कॉर्नर से केन रसेल (36वें मिनट) ने सफलतापूर्वक गोल में बदल दिया। मुकाबले के 39वें मिनट में एचआईएल जीसी ने 39वें मिनट में सुदीप चिर्माको के शानदार फील्ड गोल की बदौलत मैच में बढ़त बनाई। हालांकि, यह बढ़त सिर्फ कुछ मिनट ही रही क्योंकि रांची रॉयल्स ने तुरंत बराबरी कर ली। जैक वालर ने सर्कल में गेंद को रोकने के लिए शानदार स्किल्स दिखाए और गेंद को गोल की तरफ उछाला, जिसे सैम लेन (42वें मिनट) ने गोलकीपर के ऊपर से नेट में डिफ्लेक्ट कर दिया। घड़ी में सात मिनट शेष थे, रांची रॉयल्स ने अपने ही गोल के सामने एक बड़ी गलती कर दी। यशदीप सिवाच ने गलत पास दिया, जिससे गेंद ललित कुमार उपाध्याय (53वें मिनट) के पास चली गई, जिन्होंने गेंद को नेट में डालकर फिर से बढ़त बना ली। 57वें मिनट में, रांची रॉयल्स को एक लेट पेनाल्टी कॉर्नर मिला। टॉम बून आगे बढ़े और गोल के ऊपरी दाएं कोने में शॉट मारकर फिर से बराबरी करते हुए मुकाबले को शूटआउट में पहुंचा दिया। रांची रॉयल्स ने शानदार शूटआउट करते हुए एचआईएल जीसी को 4-1 से हराया। विष्णुकांत सिंह, सैम लेन, मैक्सिम वैन ओस्ट और टॉम बून ने अपने-अपने अटेम्प्ट में गोल किए। शूटआउट के दौरान गोलकीपर सूरज करकेरा ने गोल में सबका ध्यान खींचा।  

डिफेंडिंग चैंपियन कीज का जलवा बरकरार, पहले मुकाबले में ओलिन्यकोवा पर जीत

मेलबर्न मंगलवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले दौर में अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी मैडिसन कीज़ को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। मेलबर्न के रॉड लेवर एरिना में उनका मुकाबला यूक्रेन की युवा खिलाड़ी ओलेक्ज़ान्द्रा ओलिन्यकोवा से था। मुकाबले की शुरुआत में कीज थोड़ी दबाव में दिखीं, लेकिन अनुभव के दम पर उन्होंने मैच अपने नाम कर लिया। पहले सेट में कीज 0-4 से पीछे चल रही थीं। इतना ही नहीं, टाईब्रेक में भी वह पिछड़ गईं। इसके बावजूद उन्होंने दो सेट प्वाइंट बचाए और पहला सेट 7-6 से जीत लिया। इसके बाद दूसरे सेट में उन्होंने शानदार खेल दिखाया और 6-1 से जीत हासिल कर मैच समाप्त किया। कीज वर्ल्ड नंबर 9 खिलाड़ी हैं। यह मुकाबला ओलिन्यकोवा का पहला ग्रैंड स्लैम मैच था और यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय स्तर का मुकाबला भी था। पिछले कुछ समय से उन्होंने ज्यादा मैच नहीं खेले थे और यह उनका किसी शीर्ष 50 खिलाड़ी के खिलाफ पहला मैच था। बावजूद इसके, उन्होंने शुरुआत में आत्मविश्वास से भरा खेल दिखाया और कीज़ को परेशान कर दिया। मैच के बाद कीज ने कहा कि उनकी प्रतिद्वंद्वी ने बेहद अच्छा खेल दिखाया। उन्होंने ओलिनिकोवा के बारे में कहा, “आज मेरी प्रतिद्वंद्वी शानदार थी। उसने बहुत अच्छी शुरुआत की, और वह एक बेहतरीन प्रतिस्पर्धी है और उसने निश्चित रूप से मेरे लिए इसे मुश्किल बना दिया। यह निश्चित रूप से वह सामान्य स्टाइल नहीं है जो आप हर दिन देखते हैं। उनका खेलने का अंदाज अलग था, जिसमें गेंद की गति बदलना, ऊंची गेंदें और स्लाइस शॉट शामिल थे। इससे मुकाबला और कठिन हो गया।” उन्होंने आगे कहा, “मेरी प्रतिद्वंदी ने आज मुझे नेट के दूसरी तरफ काफी मेहनत करवाई। लेकिन आखिर में मैं सच में खुद पर भरोसा कर पाई और एक कदम पीछे हटी, लेकिन फिर अपने शॉट्स खेले।” पहला सेट लगभग 72 मिनट चला, जिसमें काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसके बाद दूसरे सेट में कीज पूरी तरह हावी रहीं। उन्होंने अपनी पहली सर्विस पर ज्यादातर अंक जीते और मैच पर पूरा नियंत्रण बना लिया। डिफेंडिंग चैंपियन ने दूसरे सेट में सिर्फ एक गेम गंवाया और सेट में अपनी पहली सर्व पर 90 प्रतिशत पॉइंट जीते। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, कीज़ का आखिरी सेट में मैच पर पूरा कंट्रोल था।