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आज से लागू होगा नया टैक्स कानून, 1961 वाला कानून खत्म, HRA और 10 अन्य नियम होंगे बदल

 नई दिल्‍ली सरकार ने टैक्‍स की शब्‍दावली को सरल करने और टैक्‍स सिस्‍टम को आसान बनाने के लिए नया इनकम टैक्‍स कानून (Income Tax Act 2025) लागू कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. यह कानून पुराने आयकर कानून 1961 की जगह लेगा. इस कानून के तहत कई नियमों में बदलाव हुए है।  HRA क्‍लेम करने से लेकर ITR डेडलाइन और आईटीआर भरने के लिए ईयर समेत 10 बड़े बदलाव किए गए हैं. साथ ही फॉर्म 16 और अन्‍य इनकम सर्टिफिकेट में भी बदलाव किया गया है. आइए जानते हैं नए कानून के तहत क्‍या-क्‍या बदल जाएगा।  1.टैक्‍स ईयर  ITR भरने के दौरान फाइनेंशियल ईयर (FY) और असेसमेंट ईयर (AY) को समाप्‍त कर दिया गया है और इसे आसान बनाते हुए सिर्फ एक ईयर TAX Year रखा गया है. पहले फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर को लेकर कई सारे कंफ्यूजन होते थे, जिसे अब चेंज कर दिया गया है।  2.ITR की डेडलाइन  नए कानून के तहत आईटीआर भरने की डेडलाइन में भी बदलाव हुआ है. आईटीआर-1 और आईटीआर-2 जमा करने के लिए लास्‍ट डेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जो 31 जुलाई है. लेकिन ITR 3 और ITR 4 के लिए डेडलाइन 31 अगस्‍त तक कर दिया गया है।  3.F&O ट्रेडर्स के लिए ज्‍यादा टैक्‍स  नए कानून के तहत शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों के लिए भी नियम बदला है. सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी के साथ डेरिवेटिव्‍स में ट्रेडिंग ज्‍यादा महंगा हो गया है. फ्यूचर और ऑप्‍शन (F&O) के तहत सिक्‍योरिटी ट्रांजैक्‍शन टैक्‍स (STT) को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी और ऑप्‍शन प्रीमियम पर टैक्‍स और ऑप्‍शन पर एक्‍ससाइज 0.1 फीसदी और 0.125 फीसदी से बढ़कर 0.15 फीसदी कर दिया गया है।  4.HRA क्‍लेम को लेकर भी नियम मकान किराया भत्ता (HRA) का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा, लेकिन कुछ शर्तें रख दी गई हैं. कर्मचारियों को अब अपने मकान मालिक का PAN और किराए के भुगतान का वैध प्रमाण जमा करना होगा. कुछ मामलों में, HRA का दावा करते समय मकान मालिक की पूरी जानकारी, जिसमें पैन नंबर और किराए की राशि शामिल है, देना अनिवार्य होगा।  साथ ही एक और बड़ा बदलाव दावे को लेकर हो चुका है.  मुंबई, दिल्ली, चेन्नई और कोलकाता के साथ-साथ बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों को भी अब 50% एचआरए छूट की कैटेगरी में रखा गया है. पुराने कानून के तहत मेट्रो शहरों को ही ये लाभ मिलता था. नए कानून के तहत नोएडा और गुरुग्राम जैसी जगहों पर रहने वाले लोग 40 फीसदी एचआर पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं।  5.मील कार्ड पर टैक्‍स फ्री लिमिट कंपनी की ओर से दिए जाने वाले फूड कार्ड पर टैक्‍स छूट को पहले के 50 रुपये प्रति मील से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति मील कर दिया गया है. यह लाभ कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले फूड और नॉन-अल्‍कोहल ड्रिंग्‍स पर लागू होता है।  6.गिफ्ट और वाउचर छूट  कंपनी के गिफ्ट कार्ड, वाउचर और कूपन पर सालाना टैक्‍स फ्री लिमिट हर कर्मचारी 5,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दी गई है. यह लाभ पुरानी और नई दोनों टैक्‍स व्यवस्थाओं के तहत दिया जाएगा।  7.एजुकेशन अलाउंस में छूट  पुरानी टैक्‍स व्यवस्था के तहत बच्चों के भत्तों में बड़ी बढ़ोतरी की गई है.एजुकेशन अलाउंस हर बच्चा 100 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये हर महीने कर दिया गया है, जबकि हॉस्‍टल अलाउंस 300 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये हर महीने कर दिया गया है।  8.शेयर बायबैक पर अलग टैक्‍स  पहले स्‍लैब रेट्स पर अनुमानित डिविडेंड के तौर पर टैक्‍स लगाया जाता था, लेकिन अब कैपिटल गेन के तहत टैक्‍स लगाया जाएगा. इसका मतलब है कि अब आपको ज्‍यादा टैक्‍स भी देना पड़ सकता है. पर्सनल प्रमोटर्स पर ये करीब 30 फीसदी टैक्‍स लगेगा, जबकि कंपनी के प्रमोटर पर करीब 22 फीसदी का टैक्‍स लगेगा. रिटेल निवेशक पर होल्डिंग्‍स टाइम के हिसाब से STCG या LTCG टैक्‍स लगाया जा सकता है।  9.पैन नियमों में बदलाव केवल आधार कार्ड के आधार पर पैन कार्ड के लिए आवेदन करना अब मान्य नहीं है. आवेदकों को इसके साथ कुछ और दस्‍तावेज का उपयोग करना होगा. इसके साथ ही एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये या उससे अधिक के कैश जमा राशि, 5 लाख रुपये से अधिक के वाहनों की खरीद, होटलों या कार्यक्रमों के लिए 1 लाख रुपये से अधिक का भुगतान और 20 लाख रुपये से अधिक की अचल संपत्ति लेनदेन पर पैन अनिवार्य कर दिया गया है।  10. इनकम टैक्‍स फॉर्म  अब फॉर्म 16 की जगह पर फॉर्म 130 दिया जाएगा. फॉर्म 16A की जगह पर फॉर्म 131, फॉर्म 26AS की जगह पर फॉर्म 168, फॉर्म 24Q की जगह फॉर्म 138 और फार्म 26Q की जगह पर फार्म 140 दिया जाएगा. इसी तरह बाकी फार्म के नाम में बदलाव किया गया है. हालांकि इनके काम में कोई बदलाव नहीं है. सिर्फ नाम ही चेंज हुआ है। 

ट्रंप का ऐलान: दो-तीन हफ्तों में अमेरिका ईरान से वापस लौटेगा, जंग का अंत होगा

न्यूयॉर्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध को खत्म करने को लेकर बड़ा बयान दिया. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिका जल्द ही ईरान से अपनी सेना वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर देगा. उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका को युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के साथ किसी समझौते की जरूरत नहीं है।  ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिकी सेना अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान छोड़ देगी. ट्रंप ने दावा करते हुए कहा ईरान में 'रिजीम चेंज' का लक्ष्य पूरा हो चुका है. इसीलिए अमेरिका अब इस संघर्ष को लंबा खींचने के पक्ष में नहीं है।  हालांकि ट्रंप ने समझौते की शर्त को हटा दिया है, लेकिन उन्होंने ये भी संकेत दिया कि युद्ध खत्म होने से पहले एक डील हो सकती है. उन्होंने कहा, हो सकता है कि उससे पहले कोई समझौता हो जाए।  भले ही ट्रंप ने युद्ध जल्द खत्म करने का ऐलान कर दिया हो, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अब तक जंग खत्म करने की बात नहीं कही है. हाल ही में नेतन्याहू ने कहा था कि वो ईरान के साथ जंग खत्म करने की कोई डेडलाइन तय नहीं कर सकते हैं।  पश्चिम एशिया में कार्यरत अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ ईरान की धमकी के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, 'उन्होंने (ईरान ने) उन्हें किस बात की धमकी दी? उन्होंने उन्हें कैसे धमकी दी? क्या उन्होंने कहा कि वो उन्हें उड़ा देंगे? क्या वो उन पर हमला करेंगे? वो ऐसा नहीं करेंगे. वो उन पर परमाणु हथियार से हमला नहीं करेंगे. उनमें से ज्यादा लोग (ईरानी नेतृत्व) पहले ही मर चुके हैं।  अमेरिका और इजरायल का ईरान पर संयुक्त हमला बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से 28 फरवरी को ईरान पर हमला कर दिया था. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. हमलों में खामेनेई की बेटी-दामाद, बहू और नातिन की भी जान चली गई. इसके अलावा, अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के कई दिग्गज अधिकारियों ने भी अपनी जान गवां दी।  खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया. ऐसी खबरें सामने आई कि मोजतबा हमलों में घायल हो गए हैं. हालांकि, मोजतबा इस समय कहां हैं, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। 

कुवैत से केरल पहुंचे प्लेन में 20 शव, क्या है इस रहस्यमयी घटना का कारण?

कोच्चि कुवैत में जान गंवाने वाले 20 भारतीयों के पार्थिव शरीर मंगलवार को केरल के कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे. विमान सेवाओं में आए व्यवधान के कारण इन शवों को वतन लाने में काफी समय लगा. कुवैत एयरवेज की विशेष उड़ान KU5632 कोलंबो के रास्ते कोच्चि पहुंची. इस विमान में कोई भी यात्री सवार नहीं था, यह विशेष रूप से केवल शवों को लाने के लिए संचालित की गई थी।  पिछले कुछ दिनों में कुवैत में अलग-अलग घटनाओं में जान गंवाने वाले कम से कम 20 भारतीयों का शव मंगलवार को इस विशेष उड़ान से कोच्चि एयरपोर्ट पहुंचा. हालांकि, इस घटना का वहां चल रहे वार (युद्ध) से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण उड़ानों के शेड्यूल में जो दिक्कतें आई थीं, उसी की वजह से इन पार्थिव शरीरों को भेजने में देरी हुई।  हवाई अड्डा प्रशासन ने बताया कि विमान के लैंड करते ही सभी 20 शवों को उनके पैतृक स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी. मरने वालों में अधिकांश लोग केरल के कोझिकोड, अलाप्पुझा और कोट्टायम जिलों के रहने वाले थे. इसके अलावा, कुछ शवों को सड़क मार्ग से तमिलनाडु भी भेजा जाना है, जिसके लिए एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक प्रबंध पहले ही कर लिए गए। थे।  कुवैत में फंसे इन पार्थिव शरीरों की घर वापसी का मामला पिछले काफी समय से लंबित था. मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से कुवैत से होने वाली विमान सेवाओं पर असर पड़ा था, जिसके चलते यह देरी हुई. अब सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।  अधिकारियों ने कहा, "पिछले कुछ दिनों में कुवैत में जिन लोगों की मौत हुई है। वे केरल और तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों के रहने वाले थे। उनके शवों को मंगलवार रात एक ही उड़ान से कोच्चि लाया गया। हमें हर मामले में मौत के कारणों की जानकारी नहीं है। जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद हम शवों को उनके परिजनों को सौंप देंगे।" अधिकारियों ने बताया कि शवों को कुवैत से कोलंबो होते हुए कोच्चि तक एक विशेष उड़ान से लाया गया। CIAL के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शवों को सौंपने से पहले की सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कुवैत से उड़ान सेवाओं में हाल ही में आई बाधाओं के कारण इन पार्थिव शरीरों का परिवहन रुका हुआ था। अब जब उड़ान सेवाएं आंशिक रूप से बहाल हो गई हैं, तो सभी 20 पार्थिव शरीरों को एक ही उड़ान से एक साथ लाया गया। इन पार्थिव शरीरों को देर रात कोझिकोड, अलाप्पुझा, कोट्टायम और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों सहित विभिन्न इलाकों के लिए रवाना किया जाएगा। विमान (KU5632) की वापसी की उड़ान 1 अप्रैल को स्थानीय समयानुसार 10:55 बजे कोच्चि से कुवैत के लिए रवाना होगी। इस उड़ान में भी कोई यात्री सवार नहीं होगा। अधिकारी और सहायक एजेंसियां ​​चौबीसों घंटे काम कर रही हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मृतकों की अंतिम यात्रा पूरे सम्मान के साथ और बिना किसी और देरी के संपन्न हो।

बगदाद में अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, किडनैपर्स ने बालों से घसीटकर कार में डाला, CCTV फुटेज हुआ सार्वजनिक

बगदाद  मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग के दौरान इराक की राजधानी बगदाद में एक खौफनाक घटना हुआ है. मंगलवार की दोपहर जब शहर की सड़कों पर चहल-पहल थी, तभी कुछ अज्ञात नकाबपोश आए और एक जानी-मानी अमेरिकी पत्रकार को ठूंसकर ले गए. ये कोई और नहीं बल्कि अवॉर्ड विनिंग अमेरिकी पत्रकार शेली किटल्सन थीं, जिनका बीच बाजार अपहरण कर लिया गया है. इराकी आंतरिक मंत्रालय और पुलिस सूत्रों ने इस खबर की पुष्टि की है. ये पूरी खौफनाक घटना सीसीटीवी में साफ दिखाई दी है।  शेली किटल्सन के किडनैपिंग का वीडियो शेली किटल्सन के किडनैपिंग वीडियो में दिख रहा है कि वो एक बिजी रास्ते पर खड़ीं थीं, तभी उनके ठीक सामने एक कार रुकती है. इस कार में से भागते हुए 2 लोग बाहर निकलते हैं, जिनमें से एक शेली का सिर पकड़कर उन्हें जबरदस्ती कार की पिछली सीट पर ठूंस देता है और कार भगा ले जाता है. चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शेली किटल्सन अपनी कार से कहीं जा रही थीं, तभी दो गाड़ियों ने उनका रास्ता रोक लिया।  फुटेज में दिख रहा है कि हथियारबंद नकाबपोशों ने शेली की कार का दरवाजा जबरन खोला और उन्हें बालों से घसीटकर अपनी गाड़ी की ओर ले गए. चश्मदीदों का कहना है कि अमेरिकी पत्रकार जान बचाने के लिए चिल्लाती रहीं, लेकिन किडनैपर्स ने उन्हें बंदूक की बट से मारकर चुप करा दिया और अपनी गाड़ी में ‘ठूंसकर’ तेज रफ्तार में फरार हो गए।  कौन हैं शेली किटल्सन? शेली किटल्सन कोई साधारण नाम नहीं हैं, वे एक जांबाज और अवॉर्ड विनिंग जर्नलिस्ट हैं जो लंबे समय से मिडिल ईस्ट के खतरनाक इलाकों से रिपोर्टिंग कर रही हैं. शेली के पास अमेरिकी पासपोर्ट है, जो इस किडनैपिंग को एक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मुद्दा बनाता है. शेली अक्सर इराक और सीरिया में सक्रिय आतंकी गुटों और मिलिशिया के खिलाफ लिखती रही हैं. माना जा रहा है कि उनकी हालिया रिपोर्टिंग की वजह से ही वे किसी ताकतवर गुट के निशाने पर थीं।  पुलिस ने किया किडनैपर्स का पीछा और छुड़ा लिया बताया जा रहा है कि किडनैप होने के बाद अमेरिकी पत्रकार शेली किट्लसन को छुड़ा भी लिया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इराकी सुरक्षा बलों ने अपहरणकर्ताओं की कार का पीछा किया. इस दौरान किडनैपर्स की गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई. सुरक्षा बलों ने मौके से एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया और पत्रकार को उनके चंगुल से छुड़ा लिया. बताया जा रहा है कि गाड़ी पलटने के कारण शेली किट्लसन को चोटें आई हैं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। 

IMD चेतावनी: अप्रैल के पहले हफ्ते में गिरेंगे पारे के तापमान, कश्मीर से केरल तक बारिश-बर्फबारी का अलर्ट

 नई दिल्ली अप्रैल के पहले हफ्ते में पूरे देश का मौसम बेहद सक्रिय रहने वाला है. कश्मीर से लेकर केरल तक बारिश, बर्फबारी, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ तेज हवाओं की संभावना है. खासकर 3 और 4 अप्रैल को इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि का अलर्ट भी है।  वहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के थपेड़े पड़ने की संभावना है. तापमान में भी गिरावट के संकेत हैं, जो 4 से 6 अप्रैल तक 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक हो सकती है।  पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है. कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि भी हो सकती है. उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 1 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं।  मध्य भारत में भी मौसम किसानों और आम लोगों के लिए चिंता का कारण बन सकता है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में हल्की से मध्यम बारिश, गरज और बिजली के साथ 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ हिस्सों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और ओलावृष्टि का खतरा भी है. पश्चिम भारत में गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ तूफानी हालात बन सकते हैं. तटीय महाराष्ट्र में बिजली-गरज की संभावना 3 अप्रैल तक बनी रहेगी।  दक्षिण भारत में भी मौसम समान रूप से सक्रिय रहेगा. तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और रायलसीमा में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मौसम में अस्थिरता बनी रहेगी. तेलंगाना में 1 अप्रैल को कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना भी है।  तापमान की स्थिति भी अधिकांश हिस्सों में असामान्य रहेगी. उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज होने की संभावना है. पूर्वी भारत में तापमान में 3-5 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि महाराष्ट्र और गुजरात में मामूली गिरावट रहेगी. देश के अन्य हिस्सों में तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं देखने को मिलेगा।  कुल मिलाकर, अप्रैल के पहले हफ्ते में देशभर में मौसम पूरी तरह सक्रिय रहेगा. कश्मीर से लेकर केरल तक बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं के कारण आम लोग और किसान दोनों सतर्क रहें, क्योंकि तेज हवाओं और ओलावृष्टि के चलते फसलों और दैनिक जीवन पर असर पड़ सकता है। 

वित्तीय वर्ष की शुरुआत में महंगाई का झटका, कमर्शियल LPG की कीमत ₹195.5 बढ़ी

 नई दिल्ली मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष का सीधा असर अब जनता की जेब पर पड़ रहा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण सरकारी तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर के दामों में 195.50 रुपये की भारी बढ़ोतरी कर दी है. बुधवार से लागू हुई इन नई कीमतों ने व्यापारियों और रेस्टोरेंट संचालकों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी तेल कंपनियों के मुताबिक, दिल्ली में अब 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 2,078.50 रुपये हो गई है।  इससे पहले, 1 मार्च को 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में 114.5 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।  'कीमतों 50 फीसदी की बढ़ोतरी…' कमर्शियल गैस के दामों में बढ़ोतरी से घर पर खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले एलपीजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं आया है. घरेलू कुकिंग गैस (LPG) की कीमतें, जिनमें आखिरी बार 7 मार्च को 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, अभी भी वैसी ही बनी हुई हैं. दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत 913 रुपये है।  क्या घरेलू सिलेंडर की बढ़ी कीमत हालांकि कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत दी है। कंपनियों ने 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में यह सिलेंडर अभी भी 913 रुपये में मिल रहा है। घरेलू गैस के दाम आखिरी बार 7 मार्च को 60 रुपये बढ़ाए गए थे। कितनी हुई कीमत कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में इसकी नई कीमत 2,078.50 रुपये हो गई है। इससे पहले 1 मार्च को भी 114.5 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी। कोलकाता में 19 किलो वाला सिलेंडर अब 2208 रुपये का हो गया। मुंबई में 2031 रुपये की कीमत हो गई। वहीं चेन्नई में 2246.50 रुपये में यह सिलेंडर मिलेगा। पटना में इसकी कीमत 2365 हो गई। पहले भी बढ़े थे दाम बता दें कि इससे पहले पिछले महीने भी घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हुई थी। उस समय घरेलू सिलेंडर पर 60 रुपये और कमर्शियल पर 114.50 रुपये महंगा हुआ था। इस बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये हो गई। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को इंटरनेशनल बेंचमार्क और एक्सचेंज रेट के आधार पर ATF और LPG की कीमतों में बदलाव करती हैं।  पश्चिम एशिया में जंग की वजह से एनर्जी सप्लाई चेन में रुकावट आने के बाद से ग्लोबल तेल की कीमतों में लगभग 50 फीसदी की तेज़ी आई है।  पिछले साल मार्च में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती के बाद से, इनकी कीमतें अभी भी स्थिर बनी हुई हैं; दिल्ली में अभी पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत 87.62 रुपये प्रति लीटर है।  दिल्ली में इतना है सिलिंडर का रेट सरकारी तेल कंपनियों द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली में अब 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमत 2,078.50 रुपये हो गई है। इससे पहले 1 मार्च को भी कीमतों में 114.5 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, यानी मात्र एक महीने के अंतराल में व्यापारिक गैस के दाम 300 रुपये से अधिक बढ़ चुके हैं। खाद्य वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं कमर्शियल गैस के महंगे होने से रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों की लागत बढ़ जाएगी। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में बाहर खाना और अन्य खाद्य वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं। हालांकि, घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) की कीमतों में फिलहाल किसी बदलाव की खबर नहीं है।  

फीस चुकाने के लिए MBA छात्र ने बेची किडनी, 9 लाख का सौदा हुआ 3.5 लाख में

देहरादून देहरादून के एक नामी कॉलेज में एमबीए चतुर्थ सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा छात्र अपनी फीस जमा करने को किडनी बेचने को तैयार हो गया। उसने ऑपरेशन करवाकर किडनी निकलवा तो ली, लेकिन उसके साथ धोखाधड़ी हो गई। पुलिस को उसने बताया कि पहले नौ लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, लेकिन बाद में यह लोग छह लाख ही देने को तैयार हुए। ऑपरेशन होने के बाद खाते में 3.50 लाख रुपये ही दिए। उसने पुलिस से बकाया पैसा दिलाने की भी मांग की। कानपुर डीसीपी वेस्ट जोन एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि आयुष कुमार बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। वह देहरादून में एमबीए कर रहा है। उसने पुलिस को बताया कि परिवार में मां, छोटा भाई और बहन है। पिता ने किसी कारण से आत्महत्या कर ली थी। इसके चलते पढ़ाई छूटने के डर से वह किडनी बेचने को तैयार हो गया। किडनी रैकेट के संपर्क में कैसे आया किडनी रैकेट के संपर्क में कैसे आया, पुलिस के इस सवाल पर उसने बताया कि पांच से छह माह पूर्व टेलीग्राम पर किडनी डोनर ग्रुप से जुड़ा। वह पहले लोन लेकर फीस देना चाहता था लेकिन लोन मिला नहीं। इसके बाद किडनी डोनेट करने का निर्णय लिया। उसे डॉक्टर अफजल, डॉ. वैभव कानपुर लेकर आए थे। डीसीपी ने बताया कि आयुष साइबर अपराध से भी जुड़ा रहा है। उसके खिलाफ पुलिस को साक्ष्य मिले हैं। उसने कई म्यूल अकाउंट बनवाए हैं। ऐसे में अपराधियों से उसकी साठगांठ की डिटेल खंगाली जा रही है। लखनऊ-नोएडा के अस्पताल रडार पर एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि जांच के दौरान लखनऊ और नोएडा के कुछ अस्पतालों की बारे में जानकारी मिली है। यहां से केस बिगड़ने के बाद मरीजों को लखनऊ और नोएडा के बड़े अस्पतालों में भेजा जाता था। साफ है कि इन अस्पतालों की भी अवैध किडनी कारोबार में भूमिका है। जांच चल रही है। डॉक्टर दंपति समेत छह धरे किडनी की खरीद-फरोख्त और अवैध ट्रांसप्लांट के रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने आईएमए की उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति आहूजा समेत पांच डॉक्टरों और एक दलाल को गिरफ्तार किया है। अभी दो और डॉक्टरों समेत चार लोगों की पुलिस को तलाश है।

भारत की शक्ति में इजाफा: भारतीय नौसेना को मिले 3 ब्रह्मोस मिसाइल से लैस घातक जहाज

मुंबई  हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती उपस्थिति के बीच भारत की समुद्री ताकत को एक बड़ा बढ़ावा मिला है। भारतीय नौसेना को सोमवार को कोलकाता में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) से एक ही दिन में तीन नए जहाज प्राप्त हुए हैं। इनमें दो युद्धपोत (एक स्टेल्थ फ्रिगेट सहित) और एक बड़ा सर्वेक्षण पोत शामिल हैं। इन तीनों पोतों के नाम दूनागिरी, अग्रेय और संशोधक हैं। तीनों जहाजों की मुख्य विशेषताएं 1. दूनागिरी (स्टील्थ फ्रिगेट) यह प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित नीलगिरि श्रेणी का पांचवां युद्धपोत है, जिसे पिछले 16 महीनों में नौसेना को सौंपा गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 जुलाई, 2022 को कोलकाता के GRSE में इस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया था। यह 149 मीटर लंबा और 6,670 टन वजनी गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट है। मारक क्षमता की बात करें तो यह ब्रह्मोस एंटी-शिप और लैंड-अटैक क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ उन्नत रक्षा प्रणालियों से लैस है। यह हवा, सतह और पानी के नीचे बहु-आयामी ऑपरेशनों को अंजाम देने में सक्षम है। वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किए गए इस जहाज के निर्माण में 75% स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है और 200 से अधिक MSME इसमें शामिल रहे हैं। पिछले अनुभवों के आधार पर इसके निर्माण की अवधि को नीलगिरि के 93 महीनों के मुकाबले घटाकर 80 महीने कर दिया गया। 2. अग्रय (एंटी-सबमरीन वारफेयर शिप) यह आठ 'अरनाला' श्रेणी के एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट्स (ASW-SWCs) में से चौथा जहाज है। इसका मुख्य उद्देश्य नौसेना की पनडुब्बी रोधी, माइन-वॉरफेयर और तटीय निगरानी क्षमताओं को बढ़ाना है। 77 मीटर लंबा यह वॉटरजेट-संचालित युद्धपोत अत्याधुनिक लाइटवेट टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और उथले पानी के सोनार (SONAR) से लैस है। 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप इसमें 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। 3. संशोधक (लार्ज सर्वे वेसल) संशोधक एक विशाल सर्वेक्षण पोत है, जिसे तटीय और गहरे पानी के हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण के लिए डिजाइन किया गया है। इसका विस्थापन लगभग 3400 टन और कुल लंबाई 110 मीटर है। इसका मुख्य काम बंदरगाहों के रास्तों का सर्वेक्षण करना और नेविगेशनल मार्गों (समुद्री रास्तों) का सटीक निर्धारण करना है। इसके अलावा, यह रक्षा और नागरिक इस्तेमाल के लिए समुद्र विज्ञान और भूभौतिकीय डेटा भी एकत्र करेगा। यह डेटा अधिग्रहण प्रणाली, ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल (AUV), रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (ROV), DGPS लॉन्ग-रेंज पोजिशनिंग सिस्टम और डिजिटल साइड स्कैन सोनार जैसे अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक उपकरणों से लैस है। यह पोत 30 अक्टूबर 2018 को चार सर्वेक्षण जहाजों के लिए हुए एक कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा है। इसी क्लास के पिछले तीन जहाज- INS संधायक, INS निर्देशक और INS इक्षक क्रमशः फरवरी 2024, दिसंबर 2024 और नवंबर 2025 में कमीशन किए जा चुके हैं। इसमें भी लागत के हिसाब से 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री लगी है। GRSE की अन्य परियोजनाएं GRSE वर्तमान में नौसेना के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण युद्धपोतों का निर्माण कर रहा है।     एक प्रोजेक्ट 17A एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट     चार ASW-SWC     चार नेक्स्ट-जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPVs) इसके अलावा, शिपयार्ड 30 अन्य जहाजों का निर्माण कर रहा है, जिनमें से 13 निर्यात के लिए हैं। GRSE पांच नेक्स्ट-जेनरेशन (अगली पीढ़ी के) कार्वेट के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण अनुबंध को अंतिम रूप देने के भी उन्नत चरण में है।

ईरान ने होर्मुज में टोल वसूली को दी मंजूरी, अमेरिकी और इजरायली जहाजों पर बैन

तेहरान  ईरान जंग में जिसका डर था, वो हो गया. ईरान की संसद ने होर्मुज पर टोल लगाने वाले ‘कानून’ को मंजूरी दे दी है. जी हां, ईरान की संसद की सुरक्षा समिति ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए एक नई प्रबंधन योजना को मंजूरी दी है. इसमें जहाजों पर टोल और कुछ देशों पर बैन लगाने का प्रस्ताव है. इस मंजूरी के बाद अब होर्मुज से अमेरिका और इजरायल के जहाजों पर बैन लग गया है. इस तरह अब ईरान ने दुनिया के इस सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्ग यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नियंत्रण और मजबूत करने का फैसला किया है. यह जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया ने दी है।  इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के अनुसार, इस नए प्लान में रणनीतिक जलमार्ग यानी होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए रियाल आधारित टोल सिस्टम लागू किया गया है. इसका मतलब है कि  होर्मुज से गुजरने पर सभी जहाजों को टोल देना होगा. इस प्लान में समुद्री सुरक्षा, जहाजों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और होर्मुज से गुजरने के वित्तीय नियमों से जुड़ी बातें भी शामिल हैं।  अमेरिकी-इजरायली जहाजों पर बैन IRIB के मुताबिक, इस योजना के तहत अमेरिकी और इजरायली जहाजों के गुजरने पर प्रतिबंध लगाया गया है और उन देशों पर भी प्रतिबंध बढ़ाया गया है, जो ईरान पर एकतरफा प्रतिबंध लगाते हैं. साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता को फिर से मजबूत किया है और ओमान के साथ मिलकर इसके प्रबंधन के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने पर जोर दिया है।  ईरान के इस कदम से खलबली ईरान का यह कदम दुनिया में खलबली मचाने वाला है. यह कदम पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिकी-इजरायली गठबंधन के बीच चल रहे संघर्ष के बीच उठाया गया है, जो अब दूसरे महीने में है. इससे तेहरान की ओर से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक यानी होर्मुज पर नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश का संकेत मिलता है. अब तक जो हालात हैं, उससे साफ है कि होर्मुज पर ईरान का एकक्षत्र राज है।  अमेरिका रहा है होर्मुज पर फेल इसी बीच अमेरिका अब तक होर्मुज खोलने में विफल रहा है. वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वाशिंगटन होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण फिर से स्थापित करना चाहता है ताकि जहाजों की आवाजाही स्वतंत्र रूप से हो सके. उन्होंने फॉक्स न्यूज से कहा, ‘बाजार में पर्याप्त आपूर्ति है और हम देख रहे हैं कि रोजाना ज्यादा से ज्यादा जहाज गुजर रहे हैं, क्योंकि अलग-अलग देश फिलहाल ईरानी शासन के साथ समझौते कर रहे हैं. समय के साथ अमेरिका जलडमरूमध्य पर नियंत्रण फिर से हासिल करेगा और वहां जहाजों की आवाजाही स्वतंत्र होगी, चाहे वह अमेरिकी एस्कॉर्ट के जरिए हो या बहुराष्ट्रीय एस्कॉर्ट के जरिए। 

एयरपोर्ट पर महिला से बरामद हुआ 83 लाख का सोना, कैप्सूल में छिपाकर लाया था

अहमदाबाद कस्टम की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) की एक टीम ने अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विदेश से सोने की तस्करी कर रही एक महिला यात्री को गिरफ्तार किया और 83.29 लाख रुपये का सोना जब्त किया. कुआलालंपुर से फ्लाइट नंबर AK-91 से अहमदाबाद पहुंची इस महिला ने कस्टम अधिकारियों की नजरों से बचने के लिए अपने गुप्तांग में काले टेप में लिपटी दो अंडाकार कैप्सूल छिपा रखी थीं, जिनमें सोने का तरल रासायनिक पेस्ट मिला।  कस्टम एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) को मिली विशिष्ट सूचना और एपीआईएस प्रोफाइलिंग के आधार पर फ्लाइट नंबर AK-91 से कुआलालंपुर से अहमदाबाद पहुंची तब महिला पर नजर रखी गई. टर्मिनल-2 पर उतरने के बाद जब महिला ग्रीन चैनल से बाहर निकलने वाली थी, तभी अधिकारियों ने उसे रोककर पूछताछ शुरू की. शुरुआती पूछताछ में महिला ने संतोषजनक जवाब नहीं दिए और उससे गहन पूछताछ की गई।  काले टेप में लिपटी दो अंडाकार कैप्सूल बरामद हुई जिसमें जांच के दौरान महिला के गुप्तांग से काले टेप में लिपटी दो अंडाकार कैप्सूल बरामद हुई. इन कैप्सूलों में तरल रसायनों के साथ मिश्रित सोने का पेस्ट भरा हुआ था, जिसका कुल वजन 643.28 ग्राम था. इसके बाद विशेषज्ञों की उपस्थिति में शुद्धिकरण प्रक्रिया की गई और इनसे 999.0 शुद्धता का 553.07 ग्राम (24 कैरेट) सोना प्राप्त किया गया. जब्त किए गए सोने का बाजार मूल्य 83,29,234 रुपये और कर मूल्य 75,58,393 रुपये आंका गया है।  यात्री ने सीमा शुल्क विभाग को सूचित किए बिना और शुल्क से बचने के इरादे से अपने शरीर में सोना छिपाकर तस्करी करने का प्रयास किया था, इसलिए सोना जब्त कर लिया गया है और महिला को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है. वर्तमान में यह पता लगाने के लिए आगे की जांच तेज कर दी गई है, कि क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तस्करी के पीछे कोई अन्य गिरोह भी काम कर रहा है।