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पश्चिमी विक्षोभ का डबल अटैक, दिल्ली से लेकर राजस्थान और यूपी तक बदलेगा मौसम, ओलावृष्टि की चेतावनी

 दिल्ली देश के 15 से अधिक राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है. अप्रैल महीने की शुरुआत होने जा रही है और आमतौर पर इस समय कई राज्यों में भीषण गर्मी पड़ने लगती है. लेकिन इस बार झुलसाने वाली गर्मी की बजाय आसमान से झमाझम बारिश हो रही है. करीब पूरे मार्च महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बादलों का असर देखने को मिला. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुमान के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों तक मौसम का यही बदला हुआ रुख बना रह सकता है. उत्तर, पूर्वोत्तर, पश्चिमी, मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है. पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदल रहा मौसम भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक दो दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने और कई चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण देश भर में मौसम का मिजाज बदल गया है. इसके कारण कई इलाकों में बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि जारी है. आईएमडी के मुताबिक उत्तर भारत के मौसम पर इस समय कई सिस्टम एक साथ असर डाल रहे हैं. उत्तरी ईरान और कैस्पियन सागर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ प्रभावी है और इसका असर उत्तर-पश्चिम भारत तक पहुंच रहा है. इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ बने हुए हैं, जिनसे मौसम में अस्थिरता बढ़ गई है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल तक भी निचले स्तरों पर ट्रफ सक्रिय हैं. पूर्वोत्तर भारत में बिहार से मणिपुर तक, मेघालय और असम के रास्ते पूर्व-पश्चिम गर्त (ट्रफ) बना हुआ है. जम्मू कश्मीर में बारिश और 50 किमी की रफ्तार से तेज हवा मौसम विभाग के अनुसार 3 और 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख समेत कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इस दौरान गरज-चमक, बिजली और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. उत्तराखंड में 3 से 5 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 30 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. हिमाचल प्रदेश में 5 अप्रैल तक बारिश का अनुमान शिमला मौसम कार्यालय ने अनुमान जाहिर किया है कि राज्य में पांच अप्रैल तक बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने बताया कि दो अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित कर सकता है. इसके कारण हिमाचल प्रदेश में भी मौसम बदलेगा. मौसम विभाग ने इस दौरान बारिश के साथ-साथ 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, बिजली कड़कने और गरज के साथ छींटे पड़ने की चेतावनी दी है. आईएमडी ने येलो अलर्ट जारी किया है. दिल्ली समेत पंजाब हरियाणा में बारिश मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में 3 से 5 अप्रैल के दौरान बारिश और तेज हवा का नया दौर दिख सकता है. 31 मार्च को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में हल्की से लेकर मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इस दौरान कही-कही गरज-चमक के साथ छीटें भी पड़ने की संभावना है. कुछ इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है. उत्तर प्रदेश में बारिश के आसार उत्तर प्रदेश के आगरा और अलीगढ़ जिलों में सोमवार को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग का अनुमान है कि आज (31 मार्च) को भी कई इलाकों में बारिश हो सकती है. विभाग ने बारिश को लेकर 24 घंटे का अलर्ट भी जारी किया था. हालांकि यूपी में कई जगहों पर मौसम शुष्क बना रहा. बीते 24 घंटों के दौरान बांदा प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं प्रयागराज में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस रहा. राजस्थान के कई इलाकों में आंधी-बारिश की चेतावनी नये पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान के कई इलाकों में मौसम का मूड बिगड़ा हुआ है. सोमवार को राजधानी जयपुर सहित कई इलाकों में सोमवार दोपहर बाद तेज हवाएं चलीं और कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई. मौसम विज्ञान केंद्र-जयपुर के अनुसार राज्य में फिलहाल हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. आईएमडी ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र सक्रिय है, जिसके असर से जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, उदयपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में तेज आंधी और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. एक और दो अप्रैल को कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी के आसार हैं जबकि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. इसके अलावा तीन से पांच अप्रैल के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है. झारखंड के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ तूफानी हवा का अनुमान मौसम विभाग के मुताबिक आज (31 मार्च) को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. राज्य के पांच जिले बोकारो, धनबाद, जामताड़ा, दुमका और पाकुड़ में ओलावृष्टि के लिए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. जबकि बाकी के 19 जिलों में गरज के साथ बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. आईएमडी के अनुसार 2 और 3 अप्रैल को झारखंड के दक्षिणी और मध्य जिलों में हल्की बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली कड़कने का अनुमान है. रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया- आसमान में तीन अप्रैल तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. बिहार में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक बिहार में गरज-चमक के साथ बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है. कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पूर्व बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और सहरसा, दक्षिण-पूर्व बिहार के भागलपुर, बांका, मुंगेर, खगड़िया और जमुई, दक्षिण-पश्चिम बिहार के बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ (कैमूर), औरंगाबाद और अरवल जिलों में मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता … Read more

टेनिस स्टार लिएंडर पेस अब बीजेपी के साथ, किरेन रिजिजू और सुकांत मजूमदार ने दिलाई सदस्यता

 दिल्ली खेल की दुनिया में तिरंगे का मान बढ़ाने वाले महान टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने सोमवार को राजनीति के ‘कोर्ट’ पर अपनी नयी पारी की शुरुआत की. नयी दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष डॉ सुकांत मजूमदार की मौजूदगी में पेस ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ली. बंगाल चुनाव 2026 से ठीक पहले इस ‘बंगाली आइकॉन’ की बीजेपी में एंट्री ने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. माइकल मधुसूदन दत्त के वंशज अब ‘कमल’ के साथ लिएंडर पेस का भाजपा में शामिल होना केवल एक खिलाड़ी का दल बदलना नहीं है. इसके गहरे सांस्कृतिक मायने हैं. पेस बंगाल के महान कवि माइकल मधुसूदन दत्त के परिवार से ताल्लुक रखते हैं. बीजेपी में शामिल होने के बाद पेस भावुक हो गये. उन्होंने कहा- मैं एक गौरवशाली बंगाली विरासत में जन्मा हूं. मेरा मानना है कि पश्चिम बंगाल में अपार क्षमताएं हैं और हम मिलकर राज्य को नयी ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं. सुकांत मजूमदार ने पेस को बताया बंगाल का सपूत केंद्रीय मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार ने पेस को ‘बंगाल का सपूत’ बताया. कहा कि उनका भाजपा में आना बंगाल के युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा पेस के जरिये बंगाल के शहरी और शिक्षित मतदाताओं में अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है. सुकांत मजूमदार ने कहा- पेस का साथ आना बंगाल में भाजपा के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा. मिशन ओलिंपिक और युवाओं पर फोकस लिएंडर पेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने भविष्य के लक्ष्यों का खुलासा किया. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य देश के कोने-कोने में खेल सुविधाओं को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि जब भारत ओलिंपिक की मेजबानी करेगा, तब हमें दुनिया के सामने अपनी सर्वश्रेष्ठ शक्ति दिखानी होगी. लिएंडर पेस ने ‘खेलो इंडिया’ योजना की तारीफ करते हुए कहा कि वे युवाओं को सशक्त बनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम करेंगे. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने लिएंडर पेस को दिलायी भाजपा की सदस्यता. किरेन रिजिजू ने याद किये पुराने दिन केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पार्टी में लिएंडर पेस का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के दिनों से ही लिएंडर युवाओं के लिए प्रेरणा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह पेस ने टेनिस कोर्ट पर भारत को जीत दिलायी, वैसी ही एक ‘बड़ी पारी’ वे अब सार्वजनिक जीवन और राजनीति में खेलेंगे.

इटली का ट्रंप को झटका: ईरान जंग के बीच अमेरिकी वॉरप्लेन को अपने बेस पर नहीं उतारने दिया

रोम  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ना उनके यूरोपीय सहयोगियों को बिल्कुल रास नहीं आ रहा. हाल ही में स्पेन ने कहा कि ईरान पर हमला करने के लिए जा रहे किसी भी अमेरिकी युद्धक विमान को स्पेन के ऊपर से गुजरने की इजाजत नहीं है. अब अमेरिका के करीबी नाटो सहयोगी इटली ने ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका दिया है. इटली ने अमेरिकी सैन्य विमानों को सिसिली स्थित सिगोनेला एयरबेस पर उतरने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है।  सिगोनेला एयर बेस पर रुकने के बाद अमेरिकी सैन्य विमान युद्धग्रस्त क्षेत्र मिडिल ईस्ट की तरफ जाने वाले थे. मामले से जुड़े एक सूत्र ने मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इटली की जॉर्जिया मेलोनी सरकार ने अमेरिकी विमानों को अपने बेस पर उतरने की इजाजत नहीं दी।  इटली के अखबार 'Corriere della ​Sera' ने रिपोर्ट किया कि कुछ अमेरिकी बॉम्बर्स सिसिली के पूर्वी हिस्से में स्थित इस बेस पर उतरने वाले थे, इसके बाद उन्हें मध्य पूर्व जाना था. हालांकि, यह नहीं बताया गया कि अमेरिकी बॉम्बर्स कब उतरने वाले थे।  सूत्र ने यह भी साफ नहीं किया कि अमेरिकी ग्रुप में कितने विमान शामिल थे और इटली ने कब उन्हें उतरने से मना कर दिया।  इटली के अखबार ने यह भी कहा कि अनुमति इसलिए नहीं दी गई क्योंकि अमेरिका ने इसके लिए औपचारिक अनुरोध नहीं किया था. इटली ने कहा कि अमेरिका ने उसके सैन्य नेतृत्व से परामर्श नहीं किया, जबकि देश में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल को लेकर संधियों के तहत यह जरूरी है।  वामपंथी विपक्षी दलों ने सरकार से अपील की है कि वो इटली में स्थित अमेरिकी ठिकानों को इस्तेमाल न करने दे ताकि देश ईरान संघर्ष में शामिल होने से बच सके।  प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की दक्षिणपंथी सरकार ने कहा है कि अगर अमेरिका की तरफ से इस तरह का कोई अनुरोध किया जाता है, तो वो संसद से मंजूरी लेगी।  स्पेन ने किया मना, स्विट्जरलैंड ने भी अमेरिका की जंग से कर लिया है किनारा इसी हफ्ते सोमवार को स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबल्स ने कहा कि स्पेन ने उन अमेरिकी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है जो ईरान पर हमलों में शामिल हैं. उन्होंने कहा, 'हम न तो सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की इजाजत देंगे और न ही ईरान में युद्ध से संबंधित कामों के लिए हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की।  कुछ दिनों पहले यूरोपीय देश स्विट्जरलैंड ने भी ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर अमेरिका से किनारा कर लिया था. स्विट्जरलैंड ने कहा था कि वो ईरान पर जारी हमलों को देखते हुए अमेरिका को हथियार बेचने के लिए अपनी कंपनियों को लाइसेंस नहीं देगा।  यूरोपीय देश ने कहा कि वो किसी भी तरह से युद्ध को बढ़ावा नहीं दे रहा बल्कि वो तटस्थ है और अमेरिका को हथियारों का निर्यात जारी नहीं रख सकता।  सरकार ने एक बयान में कहा था, 'ईरान के साथ चल रहे अंतरराष्ट्रीय सशस्त्र संघर्ष में शामिल देशों को युद्ध सामग्री के निर्यात की इजाजत संघर्ष के चलते नहीं दी जा सकती. हम अमेरिका को फिलहाल हथियारों के निर्यात की इजाजत नहीं देंगे। 

ट्रंप का बयान: अमेरिका ने दिया संकेत, युद्ध रुक सकता है, बाजार में सकारात्मक माहौल

वाशिंगटन शेयर बाजार में बड़ी तेजी का संकेत दिखाई दे रहा है. मंगलवार को वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में 1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई, जो अमेरिकी बाजारों के लिए एक मजबूत शुरुआत का संकेत है. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के ईरान में युद्ध समाप्‍त करने के लिए तैयार होने की रिपोर्ट के बाद तेल की कीमतों में करीब 1 फीसदी की गिरावट आई।  सुबह करीब 10.45 बजे NASDAQ-100 से जुडे फ्यूचर प्राइस 0.55 प्रतिशत ऊपर थे. S&P 500 के फ्यूचर प्राइस में 0.7 फीसदी की उछाल हुई, जबकि डाउ जोन्‍स इंडस्ट्रियल एवरेज के फ्यूचर प्राइस में 0.8 फीसदी की तेजी आई. मंगलवार को तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है।  वॉर बंद होने के संकेत इधर, भारत में भी गिफ्ट निफ्टी तेजी का संकेत दे रहा है. हालांकि, आज भारतीय बाजार महावीर जयंती की वजह से बंद है. शेयर बाजार में यह तेजी का संकेत सिर्फ एक रिपोर्ट के कारण है. रॉयटर्स के अनुसार, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि  ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोले बिना ईरान के खिलाफ सैन्‍य कार्रवाई योजना समाप्‍त करने को तैयार हैं।  तेल की कीमतों में भी गिरावट ब्रेंट क्रूड ऑयल प्राइस में  1.22 डॉलर या 1.08 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह 111.56 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जबकि शुरुआती कारोबार में इसमें 2 फीसदी की तेजी थी. इसके साथ ही नेचुरल गैस कीमत और डॉलर इंडेक्‍स में भी गिरावट देखी जा रही है।  एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि कच्‍चे तेल की कीमतों में गिरावट शॉर्ट टर्म में युद्ध समाप्‍त‍ि की संभावना को दिखाता है. उन्‍होंने कहा कि कोई भी महत्वपूर्ण परिवर्तन होर्मुज जलडमरूमध्य के पूरी तरह से खुलने पर निर्भर करेगा. वॉल स्ट्रीट जर्नल ने सोमवार को अमेरिकी सरकार के अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए तैयार हैं, भले ही होमुर्ज काफी हद तक बंद रहे और बाद में इसे फिर से खोलने पर विचार किया जाए।   एशियाई मार्केट में भी गिरावट  अमेरिकी बाजार इस समय भले ही तेजी का संकेत दे रहा है, लेकिन एशियाई बाजार में गिरावट आई है. जापान का निक्‍केई 1.58 फीसदी गिर गया है. चीन का शंघाई 0.80% गिरा हुआ है और साउथ कोरिया का कोस्‍पी 4.26 फीसदी टूट चुका है और इस महीने इसमें 17 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आने की संभावना है, जो 2008 के बाद सबसे बड़ी गिरावट होगी।  घरेलू बाजार की बात करें तो, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण कमजोर निवेशक भावना के बीच सोमवार को 2025-26 वित्तीय वर्ष के अंतिम कारोबारी सत्र में इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई थी।  सेंसेक्स 1,635.67 अंक या 2.22 प्रतिशत गिरकर 71,947.55 पर बंद हुआ. दिन के दौरान इसमें 1,809.09 अंक या 2.45 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 71,774.13 पर पहुंच गया. निफ्टी 488.20 अंक या 2.14 प्रतिशत गिरकर 22,331.40 पर बंद हुआ। 

विदेश से वतन वापसी: पश्चिम एशिया से 5 लाख 72 हजार भारतीय भारत पहुंचे

नई दिल्ली  सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया क्षेत्र से लगभग 5,72,000 यात्री भारत लौट आए हैं, और कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के साथ ही, मंगलवार को देश के लिए लगभग 8-10 गैर-निर्धारित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है। यूएई में, एक दिन में लगभग 85 उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है। ऑपरेशनल और सुरक्षा संबंधी बातों को ध्यान में रखते हुए, सीमित संख्या में गैर-निर्धारित उड़ानें जारी हैं। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, ओमान और सऊदी अरब से भारत के लिए उड़ानें जारी हैं। कुवैत और बहरीन का हवाई क्षेत्र बंद है। सऊदी अरब के दम्मम हवाई अड्डे से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए विशेष गैर-निर्धारित कमर्शियल उड़ानें संचालित हो रही हैं। मंत्रालय ने कहा, "ईरान में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण, भारतीय नागरिकों को यात्रा की सुविधा आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते दी जा रही है। इजरायल में हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों को देखते हुए, भारतीय नागरिक मिस्र और जॉर्डन के रास्ते स्वदेश लौट रहे हैं।" मंत्रालय ने आगे कहा कि इराक में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण, भारतीय नागरिकों की यात्रा की सुविधा जॉर्डन और सऊदी अरब के रास्ते दी जा रही है। इस क्षेत्र में रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा जा रहा है; उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है और उनकी सुरक्षा तथा कल्याण के लिए परामर्श जारी किए जा रहे हैं। बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले किसी भी जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। सरकार के अनुसार, पश्चिमी फारसी खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 18 जहाज मौजूद हैं, जिन पर 485 भारतीय नाविक सवार हैं; डीजी शिपिंग, जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय मिशनों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए, स्थिति पर सक्रिय रूप से नजर रख रहा है। डीजी शिपिंग ने अब तक 959 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वतन वापसी में सहायता की है, जिसमें पिछले 24 घंटों में वापस लौटे 9 नाविक भी शामिल हैं। पूरे भारत में बंदरगाहों का संचालन सामान्य रूप से जारी है; गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के राज्य समुद्री बोर्डों ने बंदरगाहों के सुचारू रूप से काम करने की पुष्टि की है।

नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी पर सवाल: क्या 2026 में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध हो सकता है?

 नईदिल्ली  ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच हाल के युद्ध ने पूरी दुनिया की निगाहें अपनी ओर खींच रखी हैं. हर कोई सोच रहा है कि आगे क्या होगा. लोग डर और चिंता में हैं क्योंकि किसी भी समय हालात बिगड़ सकते हैं. ऐसे में कुछ लोग इसे नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियों से जोड़ रहे हैं, जिन्होंने आने वाले समय में बड़े युद्ध और दुनिया में उथल-पुथल होने की बात कही थी. यही वजह है कि 2026 में नास्त्रेदमस जैसी पुरानी भविष्यवाणियां फिर सुर्खियों में आ गई हैं. लोग यह भी सोच रहे हैं कि इस बड़े तनाव का असर सोने और चांदी की कीमतों पर क्या होगा. क्या यह शेयर बाजार में कोई बड़ी गिरावट का संकेत है।  क्या कहती है नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी? नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणी में सीधे सीधे कभी सोना, चांदी या 2026 में मंहगाई का जिक्र नहीं किया था. लेकिन, उनकी लिखी बातें अक्सर युद्ध, आर्थिक उथल-पुथल और दुनिया में अस्थिरता की चेतावनी के रूप में देखी जाती हैं. आज लोग इन्हें हाल के युद्ध और संकट से जोड़कर देख हैं. युद्ध के समय लोग सोना और चांदी जैसी संपत्ति की तरफ जाते हैं. इसका मतलब है कि मांग बढ़ने पर कीमतें ऊपर जा सकती हैं. लेकिन, बाजार में हमेशा ऐसा नहीं होता है क्योंकि कीमतों में हमेशा उतार चढ़ाव बना रहता है।  सोना‑चांदी के रेट ऊपर जाएंगे या नीचे? हाल ही के मार्केट ट्रेंड्स बताते हैं कि स्थिति थोड़ी उलझी हुई है. युद्ध और तनाव होने के बावजूद सोना और चांदी की कीमतें कभी-कभी नीचे जा रही हैं. इसका मुख्य कारण है अमेरिका में डॉलर का मजबूत होना और ब्याज दरों का बढ़ना. असल में इसका मतलब यह है कि सिर्फ दुनिया में युद्ध का होना ही कीमतें बढ़ाने के लिए काफी नहीं. बाजार में और भी कई चीजें असर डालती हैं जैसे कि पैसे की कीमत (डॉलर) और बैंक की नीतियां. यानी, नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी चाहे जैसी भी हो, असली मार्केट की चाल तो इन असली आर्थिक कारणों से तय होती है।  क्या हो सकता है तीसरे विश्व? आजकल लोग ये बात खूब कर रहे हैं कि क्या मौजूदा हालात आगे चलकर तीसरे विश्व युद्ध में बदल सकते हैं. इसकी वजह ये है कि नास्त्रेदमस ने अपनी लिखी बातों में बड़े युद्ध का जिक्र किया था, जिसे लोग आज के हालात से जोड़ रहे हैं. लेकिन सच यह है कि उनकी बातों में कहीं भी साफ-साफ आज के किसी तीसरे विश्व युद्ध का जिक्र नहीं मिलता है।  एक्सपर्ट क्या कहते हैं और नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी क्या कहती है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोना, चांदी और शेयर बाजार का हाल महंगाई, ब्याज दर और दुनिया भर की सप्लाई जैसी चीजों पर निर्भर करता है. यानी बाजार असली आर्थिक हालात से चलता है, न कि किसी भविष्यवाणी से. वहीं, नास्त्रेदमस की लिखी बातें सीधी नहीं होतीं हैं, बल्कि इशारों में होती हैं. लोग उन्हें अपने हिसाब से समझ लेते हैं, इसलिए एक ही बात के अलग-अलग मतलब निकाले जाते हैं।  नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियां लोगों के बीच चर्चा और डर को जरूर बढ़ा देती हैं, लेकिन असली मार्केट ऊपर-नीचे होने के पीछे वजह अर्थव्यवस्था और दुनिया के हालात होते हैं. इसलिए, निवेश करते समय अंदाजों या भविष्यवाणी पर नहीं, बल्कि सही डेटा और एक्सपर्ट की सलाह पर भरोसा करना ज्यादा समझदारी है।   

सूरत हादसा: आग की लपटों में घिरी बिल्डिंग, एक परिवार के 5 सदस्यों की जान गई

सूरत  इस हादसे मेंगुजरात के सूरत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां लिंबायत क्षेत्र की मीठी खाड़ी के पास स्थित एक रिहायशी इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। एक ही परिवार के पांच सदस्य, जिनमें एक बच्चा और महिलाएं शामिल हैं, बुरी तरह झुलस गए। अस्पताल ले जाने के बाद इलाज के दौरान सभी पांचों लोगों ने दम तोड़ दिया। साड़ियों के ढेर ने घर को बनाया 'मौत का जाल' शुरुआती जाँच और अधिकारियों के बयानों के अनुसार, यह परिवार साड़ी बनाने और संग्रहण का काम करता था। घर के भीतर लगभग 10 टन साड़ियां रखी हुई थीं। पूर्व मेयर दक्षेशभाई मावानी ने बताया कि घर इतना छोटा था कि साड़ियों के ढेर के बीच चलने-फिरने तक की जगह नहीं थी। बड़ी मात्रा में कपड़ों की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैली और घना धुआं भर गया। धुएं से घुटा दम: मृतकों में 4 साल का बच्चा भी शामिल दमकल विभाग के अधिकारियों का संदेह है कि इन मौतों का मुख्य कारण आग से झुलसना नहीं, बल्कि धुएं के कारण दम घुटना है। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है…     शाहनाज़ बेगम अब्दुल कलाम अंसारी (65 वर्ष)     शबीना रमज़ान अली अंसारी (28 वर्ष)     परवीन अब्दुल कलाम अंसारी (19 वर्ष)     हुसा बेगम अब्दुल कलाम अंसारी (18 वर्ष)     शुभान रमज़ान अली अंसारी (4 वर्ष) अधिकारियों ने की सतर्क रहने की अपील घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। मौके पर पूर्व मेयर, डीसीपी और मुख्य अग्निशमन अधिकारी भी पहुंचे। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें और रिहायशी घरों में इतनी भारी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री (जैसे साड़ियाँ) जमा न करें, जिससे आपात स्थिति में बचाव कार्य बाधित हो। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग आग लगने के सटीक कारणों की जांच कर रहे हैं। यह भी पढ़ें- Rajasthan Board Result: निकिता ने 12वीं में पाए 93.88% अंक, पर रिजल्ट से 10 दिन पहले हो गया निधन  

मुंबई में होटल में मिला BCCI के ब्रॉडकास्ट इंजीनियर का शव, IPL कवरेज के दौरान था व्यस्त

मुंबई आईपीएल 2026 का रोमांच जारी है. लेकिन इसी बीच एक बुरी खबर सामने आई है. आईपीएल मैचों के लिए बीसीसीआई के साथ ब्रॉडकास्ट इंजीनियर के रूप में काम कर रहे एक ब्रिटिश नागरिक मुंबई के ट्राइडेंट होटल के कमरे में मृत पाए गए. मृतक की पहचान इयान विलियम्स लैंगफोर्ड के रूप में हुई है।  जानकारी के मुताबिक, इयान 24 मार्च से मुंबई के ट्राइडेंट होटल में ठहरे हुए थे और आईपीएल मैच कवरेज से जुड़े काम में लगे थे. 29 मार्च को मैच खत्म होने के बाद वह अपने रूम में लौटे थे. अगले दिन 30 मार्च को होटल रिसेप्शन की ओर से उन्हें कॉल किया गया, लेकिन कमरे से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद होटल स्टाफ उनके कमरे तक पहुंचा. अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर मास्टर की की मदद से कमरा खोला गया।  कमरे के अंदर इयान फर्श पर पड़े मिले. तुरंत होटल के इन-हाउस डॉक्टर को बुलाया गया, जिन्होंने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलने के बाद मरीन ड्राइव पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मौत के कारणों की जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी।  बता दें कि 29 मार्च को मुंबई के वानखेड़े मैदान पर मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला गया था. इस मैच में मुंबई इंडियंस ने शानदार जीत हासिल की थी. ये इस मैदान पर इस सीजन का पहला आईपीएल मैच था. जहां भारी संख्या में दर्शक पहुंचे थे। 

BJP का असम घोषणापत्र: जमीन जिहाद पर कड़ी कार्रवाई, 5 लाख करोड़ का निवेश होगा

गुवाहाटी असम विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है. मंगलवार को निर्मला सीतारमण ने बीजेपी का चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया. इसमें पार्टी ने फिर से सत्ता में आने पर प्रदेश में पांच लाख करोड़ के निवेश के साथ ही जमीन जिहाद पर रोक का वादा किया है।  गुवाहाटी स्थित असम बीजेपी के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जारी घोषणापत्र को पार्टी ने संकल्प पत्र नाम दिया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और असम बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप सैकिया के साथ केंद्र की मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह घोषणापत्र जारी किया. बीजेपी ने असम में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने, दो लाख नौकरियां देने का भी वादा किया है।  मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मौके पर यह भी स्पष्ट किया कि छठी अनुसूची में शामिल क्षेत्रों के साथ ही अनुसूचित जनजाति के क्षेत्रों को इससे बाहर रखा जाएगा. लव जिहाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और असम को बाढ़मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे. सरकार गठन के बाद शुरुआती दो वर्ष में बाढ़मुक्त असम के निर्माण के लिए 18 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।  सीएम ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज, वन यूनिवर्सिटी, वन इंजीनियरिंग कॉलेज’ को अपना लक्ष्य बताया और कहा कि अगले पांच साल में हम दो लाख रोजगार देंगे. वहीं, असम बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि 'सुरक्षित असम, विकसित असम' का निर्माण बीजेपी का लक्ष्य है. उन्होंने यह भी कहा कि पूरे प्रदेश से मिले कुल दो लाख 45 हजार सुझावों को समेटकर पार्टी ने यह संकल्प पत्र तैयार किया है।  लोग अपने राज्य में लौटने लगेः सीतारमण केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने कहा, “पूर्वोत्तर क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास पर कांग्रेस की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया. असम में शांति बहाली और विकास तभी संभव होगा जब यहां पर स्थिरता आएगी. राज्य में बीजेपी के शासन के दौरान अवसरों में खासी वृद्धि हुई और इस वजह से असम के युवा अब वापस राज्य में लौटने लगे हैं।  कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस की नीतियों की वजह से असम को 32 सालों तक AFSPA के साए में रहना पड़ा, लेकिन BJP सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि इस कानून को ज्यादातर राज्यों से हटा दिया जाए।  ‘संकल्प पत्र’ को लेकर केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा, “‘संकल्प पत्र’ तैयार करने के पीछे की पृष्ठभूमि यह है कि हम असम से जुड़े सभी हिस्सों में लोगों के पास गए. हम घर-घर गए और अगले कार्यकाल में क्या करना है, इस बारे में लोगों के सुझाव मांगे और उसे एकत्र किए. इस दस्तावेज के आधार पर, यानी असम के लोगों के सुझावों के आधार पर, हम तीसरे कार्यकाल में काम करेंगे.” उन्होंने बताया कि करीब 3 लाख से अधिक लोगों ने अपने सुझाव दिए हैं।  मंत्री सीतारमण ने कहा, '2015-16 में असम का जीएसडीपी 2.24 लाख करोड़ रुपये था और आज 2025-26 में यह 7.41 लाख करोड़ रुपये है. 2020-21 में प्रति व्यक्ति आय 1.03 लाख रुपये थी, जबकि 2024-25 में यह 1.59 लाख रुपये है. यानी सिर्फ 4 सालों में 54फीसदी की बढ़ोतरी।  इस मौके पर मौजूद लोगों में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पवित्र मार्गेरिटा, राज्य बीजेपी अध्यक्ष दिलीप सैकिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा, राज्य मंत्रिमंडल के मंत्री और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे. राज्य की 126 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव 9 अप्रैल को होंगे, और वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।  असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी। 

लिव-इन कपल्स को मिलेगा मैरिड का दर्जा, जनगणना के नए नियम में चौंकाने वाली घोषणा

नई दिल्ली आज के बदलते समाज में रिश्तों की परिभाषाएं तेजी से बदल रही हैं. जो रिश्ते कभी सामाजिक स्वीकृति के लिए तरसते थे, अब वे सरकारी दस्तावेजों में भी अपनी जगह बनाने लगे हैं. जनगणना 2027 से जुड़ा एक नया FAQ इसी बदलाव की झलक देता है. अगर कोई लिव-इन कपल खुद को ‘स्थिर संबंध’ में मानता है, तो उसे ‘मैरिड’ यानी विवाहित के रूप में गिना जाएगा. यह फैसला सिर्फ एक तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि समाज की बदलती सोच का संकेत भी है. हालांकि इस पर बहस भी तेज हो गई है कि क्या बिना शादी के ऐसे रिश्तों को शादी के बराबर मान लेना सही है या इससे पारंपरिक मूल्यों पर असर पड़ेगा।  रिपोर्ट के अनुसार दूसरी तरफ यह कदम उन लोगों के लिए राहत की तरह देखा जा रहा है जो लंबे समय से लिव-इन में रह रहे हैं लेकिन सामाजिक या कानूनी मान्यता के अभाव में कई सुविधाओं से वंचित रहते थे. सरकार का यह रुख दर्शाता है कि वह अब लोगों की निजी पसंद और जीवनशैली को ज्यादा सम्मान देने की दिशा में बढ़ रही है. लेकिन सवाल यह भी उठता है कि ‘स्थिर रिश्ता’ की परिभाषा क्या होगी और इसका दुरुपयोग कैसे रोका जाएगा. यही वजह है कि यह फैसला चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।  जनगणना 2027 को लेकर केंद्र सरकार की ओर से बड़ा स्पष्टीकरण सामने आया है. अधिकारियों के मुताबिक पहले भी अगर साथ रह रहे अविवाहित कपल्स खुद को मैरिड बताते थे, तो उनकी जानकारी उसी आधार पर दर्ज की जाती थी. जनगणना के हाउस लिस्टिंग फेज में घर में रहने वाले शादीशुदा कपल की संख्या से जुड़ा सवाल भी शामिल है. यह स्टेज कुल 45 दिनों तक चलेगा. इसमें पहले 15 दिन सेल्फ एन्यूमरेशन और उसके बाद 30 दिन एन्यूमरेटर के जरिए जानकारी जुटाई जाएगी. सेल्फ एन्यूमरेशन की शुरुआत 1 अप्रैल से दिल्ली के NDMC इलाके से होगी, जहां कोई भी जिम्मेदार वयस्क OTP के जरिए लॉग इन कर अपने घर के सभी सदस्यों की जानकारी भर सकता है।  क्या है नया नियम, क्यों मचा है विवाद, कैसे होगा असर?     जनगणना 2027 के लिए तैयार किए गए सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर स्पष्ट किया गया है कि अगर कोई कपल खुद को एक स्थिर संबंध में मानता है, तो उसे विवाहित के रूप में गिना जाएगा. खास बात यह है कि इसके लिए किसी तरह का कानूनी दस्तावेज या प्रमाण देना जरूरी नहीं होगा. जो भी जानकारी दी जाएगी, उसे व्यक्ति के ‘ज्ञान और विश्वास’ के आधार पर दर्ज किया जाएगा. यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी और लोग खुद ही अपने परिवार का डेटा पोर्टल पर भर सकेंगे।      इस नई व्यवस्था में 45 दिनों का हाउसलिस्टिंग फेज रखा गया है. इसमें पहले 15 दिन सेल्फ-एन्यूमरेशन के होंगे और बाकी 30 दिन एन्यूमरेटर द्वारा सत्यापन के लिए होंगे. यह सुविधा 15 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी और इसमें घर की लोकेशन को जियो-टैग करना भी जरूरी होगा. इससे डेटा अधिक सटीक और व्यवस्थित तरीके से एकत्र किया जा सकेगा।  क्या लिव-इन कपल को अब पूरी तरह शादीशुदा माना जाएगा? नहीं, यह मान्यता केवल जनगणना के डेटा संग्रह के लिए है. इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें कानूनी तौर पर पति-पत्नी का दर्जा मिल जाएगा. यह सिर्फ आंकड़ों को सही तरीके से दर्ज करने की एक प्रक्रिया है ताकि वास्तविक सामाजिक संरचना को बेहतर तरीके से समझा जा सके।  ’स्थिर संबंध’ की पहचान कैसे होगी? इसका कोई सख्त कानूनी पैमाना तय नहीं किया गया है. अगर कपल खुद को स्थिर और लंबे समय के रिश्ते में मानता है, तो उसे उसी आधार पर दर्ज किया जाएगा. यह पूरी तरह व्यक्ति की घोषणा पर आधारित है, जिससे कुछ लोग इसे लचीला तो कुछ लोग इसे अस्पष्ट मान रहे हैं।  क्या इस फैसले का सामाजिक असर पड़ेगा? संभावना है कि इसका असर पड़ेगा. इससे लिव-इन रिश्तों को सामाजिक स्वीकृति मिल सकती है और ऐसे रिश्तों में रहने वाले लोग ज्यादा खुलकर सामने आ सकते हैं. वहीं, पारंपरिक सोच रखने वाले लोग इसे परिवार व्यवस्था के लिए चुनौती के रूप में भी देख सकते हैं।  जनगणना में डिजिटल बदलाव और नई प्रक्रिया इस बार जनगणना पूरी तरह तकनीक पर आधारित होगी. लोग घर बैठे पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी भर सकेंगे. OTP वेरिफिकेशन, जियो-टैगिंग और डिजिटल फॉर्म जैसी सुविधाएं इसे आसान बनाएंगी. हालांकि, गलत जानकारी या लोकेशन डालने पर डेटा में गड़बड़ी हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।