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अदियाला जेल से सनसनीखेज दावा: इमरान खान को मानसिक रोगी बनाने की प्लानिंग, लीक ऑडियो से बढ़ा विवाद

इस्लामाबाद पाकिस्तान की अदियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की सेहत को लेकर एक नया और गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। उनके समर्थकों के बीच यह आशंका तेज़ हो रही है कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित ऑडियो क्लिप ने इस विवाद को और भड़का दिया है। यह ऑडियो पूर्व RAW एजेंट और NSG कमांडो लक्ष्मण उर्फ लकी बिष्ट द्वारा शेयर किया गया  है, जिसमें पाकिस्तान सरकार, प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।   ऑडियो में दावा किया गया है कि जेल प्रशासन पर सरकारी एजेंसियों और सेना से जुड़े तत्वों का प्रभाव है तथा इमरान खान को कथित रूप से “ शारीरिक और मानसिक रूप से धीरे-धीरे कमजोर” करने की कोशिश की जा रही है। इन आरोपों और पलटवारों के बीच पाकिस्तान की सियासत एक बार फिर उबाल पर नजर आ रही है।  उनके परिवार और समर्थकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। वहीं सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रचार बताया है। इससे पहले इमरान खान की बहन उज्मा खान ने प्रेस वार्ता में कहा कि हालिया जेल मुलाकात के दौरान इमरान ने संदेश दिया—यदि उन्हें कुछ होता है तो इसके लिए सेना प्रमुख Asim Munir जिम्मेदार होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सेना प्रमुख और गृह मंत्री Mohsin Naqvi मिलकर उन्हें “धीरे-धीरे मारने” की योजना बना रहे हैं। अलीमा खान ने दावा किया कि इमरान की आंखों की रोशनी कमजोर हो रही है और उन्हें निजी डॉक्टरों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही। नूरीन खान ने भी सेना नेतृत्व की आलोचना करते हुए इसे “कानून के बिना राज” बताया।   प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इसे पीटीआई का राजनीतिक स्टंट बताया।सरकार द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान की आंखों की रोशनी चश्मे के साथ सामान्य स्तर तक सुधर रही है। रिपोर्ट में उनकी सेहत को स्थिर बताया गया है। अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान की गिरफ्तारी और मुकदमों को लेकर पहले ही पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव बना हुआ है। उनकी पार्टी समर्थक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

यूथ कांग्रेस प्रोटेस्ट पर खुलासा: नेपाल के जेन-जी मूवमेंट से जुड़ाव, कोर्ट में दिल्ली पुलिस का बयान

नई दिल्ली दिल्ली में आयोजित किए गए एआई समिट में शर्टलेस प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को शनिवार को कोर्ट ने पांच दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। कोर्ट में चारों आरोपियों को पेश किया गया और दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि प्रदर्शन करने वाले ये कार्यकर्ता नेपाल के जेन-जी आंदोलन से प्रेरित थे। कुछ समय पहले नेपाल में हुए जेन-जी आंदोलन से वहां की सरकार गिर गई थी। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के इस प्रदर्शन के पीछे एक बड़ी साजिश थी। पुलिस ने यूथ कांग्रेस के नेताओं की कस्टडी की मांग करते हुए कोर्ट से कहा, ''यह एक बड़ी साजिश है। इन्होंने नेपाल के जेन-जी विरोध प्रदर्शनों से प्रेरणा ली हुई थी। आरोपियों का एक-दूसरे से आमना-सामना करवाना है और फिर डिजिटल सबूतों को भी देखना है। यह अहम जांच है।'' ऐसा कहते हुए पुलिस ने कोर्ट से चारों आरोपियों की पुलिस कस्टडी की मांग की। कोर्ट ने पांच दिन की पुलिस हिरासत दे दी। वहीं, आरोपियों के वकील ने कहा, “प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण था, किसी भी वीडियो में कोई हिंसा नहीं दिखी।'' सभी कथित अपराधों में 7 साल तक की सजा हो सकती है। आरोपी के वकील ने कहा कि एफआईआर एक पॉलिटिकल चाल से ज्यादा कुछ नहीं है। वकील ने यह भी कहा कि वे पढ़े-लिखे लोग हैं और उनके पास डिग्री है। इस बीच, सरकारी वकील ने कहा कि आरोपियों ने देश विरोधी नारे लगाए, और कहा कि उन्होंने पीएम के खिलाफ मैसेज वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी। आरोपियों की पांच दिन की कस्टडी मांगते हुए, दिल्ली पुलिस ने कहा कि इंटरनेशनल नेताओं और जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी में देश विरोधी नारे लगाए गए। कोर्ट ने इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर से पूछा कि पांच दिन की कस्टडी क्यों चाहिए। इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर ने कहा कि गहरी साजिश है, दूसरे आरोपी मौके से भाग गए, और सही जांच के लिए कस्टडी चाहिए। आरोपी के वकील ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे पता चले कि प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण नहीं था। अर्नेश कुमार की गाइडलाइंस को फॉलो नहीं किया गया। प्रॉसिक्यूशन ने बेल अर्जी का विरोध किया। पुलिस ने कोर्ट से यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों के फंडिंग की भी जांच होगी। यह भी पता लगना पड़ेगा कि जो टीशर्ट इन कार्यकर्ताओं ने पहनी थी, उसे किसने फाइनेंस किया। बता दें कि यूथ कांग्रेस के नेताओं की टी शर्ट पर पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड, इंडिया अमेरिका ट्रेड डील और एप्स्टीन फाइल्स जैसे मैसेज लिखे हुए थे। कई नेताओं ने अपनी टी-शर्ट उतारकर भारत मंडपम में हुए एआई समिट में प्रदर्शन किया था। यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर भाजपा का हमला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कांग्रेस और राहुल गांधी पर एक बार फिर हमला बोलते हुए विपक्षी पार्टी की युवा इकाई द्वारा यहां 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' में किए गए विरोध प्रदर्शन को देशद्रोह बताया और आरोप लगाया कि ''लश्कर-ए-राहुल के सिपाहियों'' ने देश की छवि खराब करने की कोशिश की। विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ''कांग्रेस ने जो किया है वह सिर्फ राजनीति नहीं है। इसे महज नकारात्मक राजनीति कहकर खारिज नहीं किया जा सकता, यह देशद्रोह के बराबर है।'' त्रिवेदी ने यहां पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया, ''अब तक राहुल गांधी विदेश जाकर भारत के बारे में अपमानजनक, आपत्तिजनक और निंदनीय बयान देते थे। अब लश्कर-ए-राहुल के झंडाबरदार और सिपाही विदेशी मेहमानों के सामने भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।''  

भारत-ब्राजील साझेदारी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम, 5 साल में 20 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य तय

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुला दा सिल्वा के साथ नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि भारत और ब्राजील दोनों देश अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि लुला के दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत-ब्राजील संबंधों को नई ऊर्जा दी है। राष्ट्रपति लुला ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट में भाग लेने आए हैं, जिससे दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिली है। पीएम मोदी ने लुला की भारत के प्रति गहरी दोस्ती और विश्वास की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा ऐतिहासिक महत्व की है। यह यात्रा जुलाई 2025 में पीएम मोदी की ब्राजीलिया यात्रा के बाद हो रही है, जो 50 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ऐसी यात्रा थी। ब्राजील भारत का लैटिन अमेरिका में सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 15 अरब डॉलर के आसपास है, जो क्षमता से काफी कम माना जा रहा है। पीएम मोदी ने जोर दिया कि व्यापार केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि विश्वास का प्रतीक है। ब्राजील से आए बड़े व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी इस विश्वास को दर्शाती है। भारत-मर्कोसुर व्यापार समझौते के विस्तार से आर्थिक सहयोग और बढ़ेगा। दोनों देश प्रौद्योगिकी और नवाचार में सहयोग को अहम मानते हैं, खासकर ग्लोबल साउथ के लिए। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ब्राजील में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने पर काम चल रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सुपरकंप्यूटर, सेमीकंडक्टर और ब्लॉकचेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। दोनों नेता मानते हैं कि प्रौद्योगिकी समावेशी होनी चाहिए और साझा प्रगति का पुल बने। किन सेक्टर्स पर जोर ऊर्जा सहयोग दोनों देशों के संबंध का मजबूत स्तंभ है। हाइड्रोकार्बन के अलावा नवीकरणीय ऊर्जा, इथेनॉल मिश्रण और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल में सहयोग तेज किया जा रहा है। ब्राजील की ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस में सक्रिय भागीदारी हरित भविष्य के प्रति साझा प्रतिबद्धता दिखाती है। इसके अलावा, ब्राजील ने आपदा प्रतिरोधी इंफ्रास्ट्रक्चर गठबंधन (सीडीआरआई) की सह-अध्यक्षता का प्रस्ताव दिया है, जिसकी पीएम मोदी ने सराहना की। ब्राजील के अनुभव से इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में विदेश मंत्री एस जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर इससे पहले राष्ट्रपति लुला को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया, जहां गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। ब्राजील से शीर्ष सीईओ का बड़ा प्रतिनिधिमंडल आया है, जो बिजनेस फोरम में भाग लेंगे। दोनों देश रक्षा, खनिज, डिजिटल टेक्नोलॉजी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर फोकस कर रहे हैं। यह यात्रा भारत-ब्राजील संबंधों को परिवर्तनकारी चरण में ले जा रही है, जहां व्यापार, प्रौद्योगिकी और हरित विकास पर जोर है।  

हाईवे पर 1 अप्रैल 2026 से बड़ा बदलाव: टोल प्लाजा पर अब नहीं होगा कैश पेमेंट

नई दिल्ली अगर आप अपनी कार से नेशनल हाइवे पर ट्रैवल करते हैं और कैश देकर टोल कटाते हैं तो अब यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से खत्म हो सकती है। केंद्र सरकार कैश पेमेंट बंद कर सकती है। मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज़ 1 अप्रैल, 2026 से देश भर के सभी नेशनल हाईवे के फ्री टोल प्लाजा पर कैश ट्रांजैक्शन को पूरी तरह से खत्म करने पर विचार कर रहा है। कैश की जगह UPI या फिर फास्टैग के जरिए टोल कटेगा और आपकी गाड़ी आगे बढ़ेगी। अभी इस पर विचार किया जा रहा है, अंतिम फैसला क्या होगा यह सरकार ही बताएगी। टोल प्लाजा पर होगा डिजिटल पेमेंट इसका मतलब है कि एक बार यह लागू हो जाने के बाद, सभी टोल पेमेंट सिर्फ डिजिटल तरीकों से ही लिए जाएंगे, खासकर FASTag और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) एक प्रेस रिलीज में कहा गया कि इस प्रस्तावित कदम का मकसद इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन में मिली बढ़त को और मज़बूत करना और नेशनल हाईवे फीस प्लाज़ा ऑपरेशन की एफ़िशिएंसी और भरोसे को मजबूत करना है। NHAI ने रिलीज में कहा है कि पिछले कुछ सालों में, FASTag की 98 परसेंट से ज्यादा पहुंच ने देश में टोल कलेक्शन के तरीकों को काफी बदल दिया है। अभी, टोल ट्रांज़ैक्शन का एक बड़ा हिस्सा गाड़ियों पर लगे RFID-इनेबल्ड FASTag के जरिए इलेक्ट्रॉनिक तरीके से प्रोसेस किया जाता है, जिससे टोल प्लाज़ा पर बिना रुकावट और कॉन्टैक्टलेस मूवमेंट होता है। नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर शुरू हुई UPI की भी सुविधा NHAI ने प्रेस रिलीज में कहा कि नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर UPI पेमेंट की सुविधा शुरू कर दी गई है, जिससे देश भर में नेशनल हाईवे से आने-जाने वालों को तुरंत और आसानी से मिलने वाले डिजिटल पेमेंट ऑप्शन मिल सकें। कैश में ज्यादा लगती है फीस नियमों के मुताबिक, अगर फीस कैश में दी जाती है, तो फंक्शनल FASTag पर लागू यूजर फीस का दोगुना चार्ज लगता है। जबकि नेशनल हाईवे यूजर जो UPI से पेमेंट करना चुनते हैं, उनसे लागू गाड़ी कैटेगरी के लिए यूजर फीस का सिर्फ 1.25 गुना चार्ज लिया जाता है। इन कोशिशों ने मिलकर कैश ट्रांज़ैक्शन पर डिपेंडेंसी कम करने और टोलिंग फ्रेमवर्क को डिजिटाइज़ करने के मकसद को आगे बढ़ाया है। क्यों लिया जा रहा है यह फैसला? टोल प्लाजा पर अक्सर लंबी कतारें और ट्रैफिक जाम की समस्या देखने को मिलती है. इसकी एक बड़ी वजह कैश पेमेंट में लगने वाला समय माना जाता है. डिजिटल भुगतान से गाड़ियां बिना रुके या कम रुकावट के गुजर सकेंगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी. FASTag सिस्टम पहले से ही देशभर में लागू है और ज्यादातर वाहनों में इसका इस्तेमाल हो रहा है. अब UPI को भी एक वैकल्पिक डिजिटल माध्यम के तौर पर जोड़ा जा रहा है, जिससे उन लोगों को सुविधा मिलेगी जो सीधे मोबाइल से भुगतान करना चाहते हैं. FASTag और UPI कैसे बदलेंगे अनुभव? FASTag रेडियो फ्रिक्वेंसी टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जिसमें टोल राशि ऑटोमैटिक तरीके से कट जाती है. वहीं UPI के जरिए क्यूआर स्कैन या मोबाइल ऐप से तुरंत पेमेंट किया जा सकेगा. इससे नकदी रखने की जरूरत कम होगी और पेमेंट प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनेगी. क्या बड़ा बदलाव होने जा रहा है? नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर 1 अप्रैल 2026 से कैश पेमेंट बंद किए जाने की संभावना है. यानी टोल का भुगतान सिर्फ डिजिटल मोड से किया जाएगा. टोल पेमेंट कैसे होगा? सभी टोल भुगतान FASTag या UPI के जरिए प्रोसेस किए जाएंगे. नकद भुगतान की सुविधा खत्म हो सकती है. सरकार या सिस्टम ऐसा क्यों कर रहा है? मुख्य वजह टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें और ट्रैफिक जाम है. डिजिटल पेमेंट से गाड़ियां तेजी से गुजरेंगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी. FASTag क्या भूमिका निभाएगा? FASTag पहले से लागू सिस्टम है, जिसमें वाहन के विंडस्क्रीन पर लगे टैग से टोल राशि ऑटोमैटिक कट जाती है. इससे वाहन को रुकना नहीं पड़ता. UPI से टोल कैसे भरा जाएगा? UPI के जरिए मोबाइल ऐप से सीधे पेमेंट किया जा सकेगा. जरूरत पड़ने पर QR कोड स्कैन करके भी तुरंत भुगतान संभव होगा. आम लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा? शुरुआत में उन लोगों को थोड़ी परेशानी हो सकती है जो अभी भी कैश इस्तेमाल करते हैं. लेकिन लंबे समय में यात्रा ज्यादा तेज और आसान होने की उम्मीद है. क्या इससे ट्रैफिक जाम कम होगा? हां, डिजिटल भुगतान से टोल पर रुकने का समय कम होगा, जिससे ट्रैफिक फ्लो बेहतर होने की संभावना है. क्या यह फैसला पूरे देश में लागू होगा? जानकारी के मुताबिक, यह व्यवस्था नेशनल हाईवे के सभी फी प्लाजा पर लागू की जा सकती है. वाहन चालकों को अभी क्या करना चाहिए? अपने वाहन में FASTag एक्टिव रखें और UPI पेमेंट ऐप तैयार रखें, ताकि नई व्यवस्था लागू होने पर कोई दिक्कत न हो.  

खुफिया चेतावनी के बाद राजधानी में सुरक्षा कड़ी, हर गतिविधि पर नजर

नई दिल्ली दिल्ली में आतंकी हमले के खुफिया इनपुट के बाद हाई अलर्ट जारी किया गया है। सुरक्षा बल और एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। सीसीटीवी और बम निरोधक दस्तों के जरिए निगरानी बढ़ाई गई है। दिल्ली में आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है जिसके बाद शनिवार को दिल्ली में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा इस्लामाबाद में हुए धमाके का बदला लेने के लिए चांदनी चौक के प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों और लाल किले के आसपास बम ब्लास्ट करने की साजिश रच रहा है। इन खुफिया रिपोर्टों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इस रिपोर्ट में लश्कर की धमकी से 'रिवेंज' थ्योरी और सुरक्षा के इंतजामों तक, बड़ी बातें… दिल्ली में आतंकियों के निशाने पर क्या? अधिकारियों ने बताया कि इस बात के खुफिया इनपुट हैं कि पाकिस्तान का आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा आतंकी हमलों की योजना बना रहा है। इस खुफिया इनपुट को देखते हुए शनिवार, 21 फरवरी से दिल्ली हाई अलर्ट पर है। दिल्ली के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल निशाने पर हो सकते हैं। इनमें लाल किले के पास चांदनी चौक इलाके में एक मंदिर को संभावित टारगेट के तौर पर पहचाना गया है। इस्लामाबाद ब्लास्ट का ‘बदला’ सूत्रों की मानें तो आतंकी संगठन कथित तौर पर 6 फरवरी को इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद में हुए सुसाइड बॉम्बिंग का बदला लेना चाहता है। उस ब्लास्ट में 31 लोगों की मौत हो गई थी। पाक पहले भी इस ब्लास्ट में बाहरी लोगों का हाथ होने का इशारा किया है। भारत ने इसे खारिज करते हुए कहा था कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी समस्याओं को सुलझाने के बजाय पाकिस्तान इसके लिए दूसरों को दोष देकर खुद को धोखा दे रहा है। फिर दिल्ली को दहलाने की साजिश दिल्ली पुलिस के कम से कम दो सीनियर अधिकारियों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि इन खतरों के बारे में पहले इनपुट रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन से पहले मिले थे। उन शुरुआती इनपुट की बाद में गहनता से जांच की गई। इसी बीच शनिवार को मिली खास खुफिया रिपोर्ट से पता चलता है कि इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) हमले की साजिश रची जा रही है। यानी आतंकी एक बार फिर दिल्ली को दहलाने की साजिश रच रहे हैं। बढ़ाई गई सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि खतरे को देखते हुए दिल्ली की खास धार्मिक और पुरानी जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एजेंसियां ​​और दिल्ली पुलिस खास धार्मिक और पुरानी जगहों पर कड़ी नजर बनाए हुए है। CCTV मॉनिटरिंग और गाड़ियों की कड़ी चेकिंग की जा रही है। बम डिस्पोजल स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और क्विक रिएक्शन टीमों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। हाल ही में चांदनी चौक के गौरी शंकर मंदिर में ट्रेंड कमांडो के साथ एक DCP रैंक के अधिकारी को तैनात किया गया था। एहतियात के तौर पर उठाए कदम अधिकारियों ने कहा कि ताजा कदम सावधानी के तौर पर उठाए गए हैं। लोगों को सतर्क रहना चाहिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देनी चाहिए। सनद रहे 10 नवंबर, 2025 को लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट 1 के पास एक जानलेवा कार धमाका हुआ था। इसमें 15 लोग मारे गए थे। इस हमले के पीछे एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ था। जनवरी में भी खालिस्तानी और बांग्लादेश के आतंकी संगठनों से खतरों का इनपुट जारी हुआ था।

शर्ट उतारकर विरोध करने पर कार्रवाई: चार यूथ कांग्रेसी कार्यकर्ता पुलिस कस्टडी में, अदालत ने दिखाई सख्ती

नई दिल्ली एआई सम्मेलन में शर्टलेस प्रदर्शन करने वाले युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। पटियाला कोर्ट ने इन चारों को पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है। चारों आरोपियों की बेल एप्लीकेशन खारिज कर दी गई है। गिरफ्तार किए गए युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि के समक्ष पेश किया गया। उन्होंने बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों में बिहार से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि, बिहार से युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश से युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव शामिल हैं। दिल्ली पुलिस की क्या दलील दिल्ली पुलिस ने यह दलील देते हुए गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की पांच दिन की हिरासत का अनुरोध किया कि उन्होंने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी। वहीं, आरोपियों के वकील ने तर्क दिया कि वे एक राजनीतिक दल से जुड़े हैं और उन्होंने भारत मंडपम में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया। वकील ने कहा कि ऐसी कोई फुटेज नहीं है जो यह साबित करती हो कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर हमला किया था, न ही इस बात का कोई सबूत है कि कोई राष्ट्रविरोधी बात कही गई थी। भाजपा ने क्या कहा इससे पहले भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर एक बार फिर हमला बोलते हुए विपक्षी पार्टी की युवा इकाई द्वारा यहां ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में किए गए विरोध प्रदर्शन को ‘देशद्रोह’ बताया। साथ ही आरोप लगाया कि ‘लश्कर-ए-राहुल के सिपाहियों’ ने देश की छवि खराब करने की कोशिश की। भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने शुक्रवार को एआई सम्मेलन के आयोजन स्थल भारत मंडपम के एक प्रदर्शनी हॉल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों द्वारा उन्हें वहां से हटा दिया गया। विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहाकि कांग्रेस ने जो किया है वह सिर्फ राजनीति नहीं है। इसे महज नकारात्मक राजनीति कहकर खारिज नहीं किया जा सकता, यह देशद्रोह के बराबर है। त्रिवेदी ने यहां पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि अब तक राहुल गांधी विदेश जाकर भारत के बारे में अपमानजनक, आपत्तिजनक और निंदनीय बयान देते थे। अब लश्कर-ए-राहुल के झंडाबरदार और सिपाही विदेशी मेहमानों के सामने भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एआई सम्मेलन स्थल पर हुआ विरोध प्रदर्शन कांग्रेस के ओछेपन का शर्मनाक प्रदर्शन था।  

मौसम विभाग की चेतावनी: लो-प्रेशर बना, आज-कल इन इलाकों में तेज बारिश और अलर्ट जारी

नई दिल्ली दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी एवं सटे हिंद महासागर पर बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से तमिलनाडु, दक्षिण केरल में 21 व 22 फरवरी (आज और कल) को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, उत्तर पश्चिम भारत में अगले सात दिनों के दौरान अधिकतम तापमान मे दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल में 21 व 22 फरवरी को भारी बारिश होगी। केरल व माहे में 21 व 22 फरवरी को छिटपुट से काफी हल्की से मध्यम बारिश और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के चलने का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 21 व 24 फरवरी, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 व 23 फरवरी, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, रायलसीमा, तेलंगाना, विदर्भ, छत्तीसगढ़, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल में 23 व 24 फरवरी को गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ छिटपुट से काफी हल्की बारिश होगी। अंडमान व निकोबार द्वीप में 23 से 25 फरवरी को बारिश होगी। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 23 फरवरी को और उत्तराखंड में 23 और 24 फरवरी को कुछ स्थानों पर बारिश व बर्फबारी होने वाली है। दिल्ली में गर्मी बढ़ी, अगले हफ्ते 33 डिग्री तक पहुंच सकता है दिन का तापमान वहीं, राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तापमान में वृद्धि होने से धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने शनिवार को बताया कि राजधानी में तेज़ धूप खिलने के साथ न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 2.4 डिग्री ज़्यादा है। विभाग ने संकेत दिया है कि अगले छह दिनों में तापमान बढ़ने का अनुमान है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री तक ज़्यादा हो सकता है। विभाग के अनुमान के मुताबिक शहर में दिन के तापमान में भी तेज़ी से बढ़ोतरी होने की संभावना है। अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री से ज़्यादा बढ़कर अगले हफ़्ते शुक्रवार तक 30 डिग्री के निशान को पार करके 33 डिग्री तक पहुंच सकता है।  

गोवा जाना हुआ आसान: 13 घंटे में पहुंचेगी वंदे भारत, जानें संभावित रूट-टाइमिंग

गोवा बेंगलुरु और गोवा के बीच जल्द शुरू होगी नई वंदे भारत एक्सप्रेस। यशवंतपुर से मडगांव तक का सफर मात्र 13 घंटे में होगा पूरा। जानें नई ट्रेन का संभावित रूट, टाइमिंग और रेलवे बोर्ड के प्रस्ताव की पूरी डिटेल। बेंगलुरु और गोवा के बीच रेल यात्रा जल्द ही और भी सुविधाजनक होने वाली है। मिली जानकारी के अनुसार, इन दोनों लोकप्रिय डेस्टिनेशन के बीच एक नई वंदे भारत एक्सप्रेस (सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन) शुरू होने वाली है। यह नई ट्रेन बेंगलुरु से गोवा तक के सफर को लगभग 13 घंटे में पूरा करेगी। दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) ने इस संबंध में रेलवे बोर्ड को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। बोर्ड से प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही नई वंदे भारत के आधिकारिक शेड्यूल का ऐलान कर दिया जाएगा। संभावित रूट और टाइमिंग दक्षिण पश्चिम रेलवे के संभावित टाइमटेबल के अनुसार, इस ट्रेन का रूट मंगलुरु रेलवे क्षेत्र से होकर गुजरेगा। बेंगलुरु से गोवा: यह ट्रेन बेंगलुरु के यशवंतपुर स्टेशन से सुबह 6:05 बजे रवाना होगी और शाम 7:15 बजे गोवा के मडगांव पहुंचेगी। वापसी का सफर (गोवा से बेंगलुरु): वापसी में यह ट्रेन मडगांव से सुबह 5:30 बजे चलेगी और शाम 6:40 बजे यशवंतपुर पहुंचेगी। रूट: प्रस्ताव के मुताबिक, यह ट्रेन मंगलुरु जंक्शन और मंगलुरु सेंट्रल स्टेशनों को छोड़ते हुए पडिल बाईपास के रास्ते आगे बढ़ेगी। रफ्तार बढ़ाने का प्रस्ताव यात्रा के समय को कम करने के लिए रेलवे विभाग ने कुछ सेक्शन पर ट्रेन की गति बढ़ाने का भी प्रस्ताव दिया है। चिक्का बाणावारा से हासन: इस सेक्शन पर ट्रेन की गति 110 किमी/घंटा से बढ़ाकर 130 किमी/घंटा करने का प्रस्ताव है। सकलेशपुर-सुब्रमण्य रोड घाट सेक्शन: इस पहाड़ी क्षेत्र में ट्रेन की गति 30 किमी/घंटा से बढ़ाकर 40 किमी/घंटा करने का सुझाव दिया गया है। रेलवे बोर्ड की मंजूरी का इंतजार रिपोर्ट के मुताबि, एक वरिष्ठ SWR अधिकारी ने बताया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में एक बैठक के दौरान इस वंदे भारत सेवा की योजना की घोषणा की थी। घोषणा के बाद, रेल मंत्रालय ने एक औपचारिक प्रस्ताव मांगा था, जिसे लगभग 20 दिन पहले रेलवे बोर्ड को सौंप दिया गया है। रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस प्रस्ताव पर फिलहाल चर्चा चल रही है। इस रूट पर सेवा संचालित करने के लिए दो 'ट्रेनसेट' (रैक) की आवश्यकता होगी और दोनों रैक उपलब्ध होने पर ही इसे लॉन्च किया जा सकेगा। लॉन्च से पहले होंगे ट्रायल रन अंतिम टाइमटेबल तय करने से पहले रेलवे द्वारा इस रूट पर ट्रायल रन आयोजित किए जाएंगे। SWR के अनुसार, इन ट्रायल्स में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) सिस्टम से लैस दो वंदे भारत रैक का उपयोग किया जाएगा। ट्रायल शुरू होने से पहले, हाल ही में विद्युतीकृत किए गए हासन-ठोकुर (मंगलुरु) सेक्शन पर ओवरहेड इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट (OHE) सिस्टम का प्रमाणित होना और चालू होना आवश्यक है।  

मायावती से अखिलेश तक, यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर सियासी प्रतिक्रियाएं – मिली थू-थू, लोगों ने पीटा

 लखनऊ  नई दिल्ली में शुक्रवार को एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के अर्द्धनग्न प्रदर्शन पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने बेहद नाराजगी जताई है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं इस कृत्य की निंदा भी की है। बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में देश और विदेश के भी काफी प्रमुख लोग आमंत्रित थे। यह इवेन्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में था, इस दौरान जिन भी लोगों ने अर्द्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट किया है जिसमें अधिकतर कांग्रेसी युवा बताये जा रहे हैं, वह अति-अशोभनीय व निन्दनीय है। मायावती ने कहा कि अगर यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं होता तो अलग बात थी, किन्तु समिट के दौरान ऐसा आचरण करना यह चिन्ता की बात है अर्थात अपने देश की गरिमा व इमेज को ना बिगाड़ा जाये तो यह उचित होगा। गौरतलब है कि दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में प्रदर्शन करने वाले भारतीय युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। इनके खिलाफ पुलिस से हाथापाई करने का भी आरोप है। कांग्रेस के 15 कार्यकर्ता आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर समिट में पहुंचे थे। सभी ने जैकेट पहनी थी। सभी हाल नंबर पांच में पहुंचे और जैकेट निकाल कर पीएम नरेन्द्र मोदी के प्रति विरोध जताने वाले स्लोगन लिखी टीशर्ट दिखाकर नारेबाजी की थी। जिस समय विरोध प्रदर्शन किया गया वहां विदेशी डेलीगेट्स भी मौजूद थे। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी प्रदर्शन के तरीके को अशोभनीय और निन्दनीय बताया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, "नई दिल्ली में आयोजित ’एआई इम्पैक्ट समिट’, जिसमें देश और विदेश के भी काफी प्रमुख लोग आमंत्रित थे. यह इवेन्ट अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खि़यों में था, इस दौरान जिन भी लोगों द्वारा अर्द्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट किया है जिसमें अधिकतर कांग्रेसी युवा बताये जा रहे हैं, वह अति-अशोभनीय व निन्दनीय है." उन्होंने कहा अगर यह सम्मेलन अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का नहीं होता तो अलग बात थी, किन्तु समिट के दौरान ऐसा आचरण करना यह चिन्ता की बात है अर्थात अपने देश की गरिमा व इमेज को ना बिगाड़ा जाये तो यह उचित होगा." तेलुगु देशम पार्टी के नेता और मंगलगिरी के विधायक नारा लोकेश ने भी इस मामले पर एक्स पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने लिखा, 'यह अत्यंत चौंकाने वाला और दुखद है कि एक ऐसा प्रमुख वैश्विक मंच, जिसका उद्देश्य भारत की उभरती हुई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नेतृत्व को प्रदर्शित करना था, राजनीतिक मुद्दों के कारण बाधित हो गया.' प्रदर्शनकारी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता लगातार अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और पीएम नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगा रहे थे। पुलिस का दावा है कि कुछ मिनटों में सभी को बाहर कर दिया गया था, इसी दौरान उनसे हाथापाई भी की। एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार को अर्द्धनग्न प्रदर्शन मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की टीम ने तुरंत वहां प्रदर्शन कर रहे लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद से दिल्ली पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। इनके खिलाफ तिलक मार्ग थाने में केस दर्ज किया गया है।      नई दिल्ली में आयोजित ’एआई इम्पैक्ट समिट’, जिसमें देश व विदेश के भी काफी प्रमुख लोग आमंत्रित थे तथा यह इवेन्ट अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खि़यों में था, इस दौरान जिन भी लोगों द्वारा अर्द्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट किया है जिसमें अधिकतर कांग्रेसी युवा बताये जा रहे हैं, वह…

श्रीनगर में CRPF जवानों से भरा बुलेटप्रूफ वाहन नहर में गिरा, 7 जवानों की हालत गंभीर

श्रीनगरः जिले के अहमद नगर इलाके में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के जवानों से भरा एक बंकर वाहन सड़क से फिसलकर नहर में जा गिरा. इस भीषण सड़क दुर्घटना में सीआरपीएफ की 21वीं बटालियन के सात जवान घायल हो गये हैं. हादसे के बाद घटनास्थल के पास अफरातफरी मच गयी. घटनास्थल पर सुरक्षा बल तैनात हैं. कैसे हुआ हादसा? प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीआरपीएफ का बुलेट-प्रूफ बंकर वाहन अपनी नियमित ड्यूटी पर था. जैसे ही वाहन श्रीनगर के अहमद नगर क्षेत्र में पहुंचा, चालक अचानक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा. चश्मदीदों के मुताबिक, वाहन की रफ्तार और सड़क की स्थिति के कारण बंकर वाहन बुरी तरह से लड़खड़ाया और सीधे सड़क किनारे बहने वाली एक नहर में जा गिरा. स्थानीय लोगों ने दिखाई बहादुरी हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद स्थानीय राहगीरों और निवासियों ने मिसाल पेश की. जैसे ही उन्होंने बंकर वाहन को नहर में गिरते देखा, वे जवानों की मदद के लिए दौड़ पड़े. स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद वाहन के भीतर फंसे सातों जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला. रेस्क्यू के तुरंत बाद, घायलों को उपचार के लिए नजदीकी 'शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज' (SKIMS), सौरा में भर्ती कराया गया. अस्पताल में उपचार और स्वास्थ्य की स्थिति अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों ने जवानों की जांच के बाद राहत भरी खबर दी है. डॉक्टरों का कहना है कि हालांकि जवानों को चोटें आई हैं, लेकिन सौभाग्य से ये चोटें मामूली हैं. वर्तमान में सभी जवानों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं. जांच के घेरे में दुर्घटना इस हादसे के बाद सुरक्षा और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. हालांकि अब तक आधिकारिक तौर पर इस पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की बारीकी से जांच की जाएगी. जांच टीम इस बात का पता लगाएगी कि क्या यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ, चालक की गलती थी या फिर कोई साजिश थी.