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सरकार ने शुरू किया पायलट प्रोजेक्ट, किसानों को डिजिटल पहचान से सुविधा

नई दिल्ली  केंद्र सरकार खाद की बिक्री को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए एग्री स्टैक (Agri Stack) का सहारा लेने वाली है। इसके तहत, यूरिया की बिक्री को धीरे-धीरे डिजिटल फार्मर आईडी से जोड़ा जाएगा। यह वही आईडी है जिसका उपयोग वर्तमान में पीएम-किसान योजना (PM Kisan Yojana) के पंजीकरण के लिए किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी वाली खाद केवल वास्तविक भू-स्वामियों या अधिकृत बटाईदारों तक ही पहुंचे। यूरिया की रिकॉर्ड खपत और सब्सिडी का गणित सरकार के इस कदम के पीछे सबसे बड़ा कारण फर्टिलाइजर सब्सिडी का बढ़ता हुआ खर्च है।     बजट अनुमान: सरकार ने चालू वित्त वर्ष (FY26) के लिए ₹1.68 ट्रिलियन की सब्सिडी का अनुमान लगाया था।     संशोधित अनुमान: यूरिया की रिकॉर्ड मांग के कारण यह खर्च ₹1.91 ट्रिलियन को पार कर सकता है।     खपत में वृद्धि: अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच यूरिया की खपत 31.15 मिलियन टन पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4% अधिक है। सात जिलों से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट कृषि मंत्रालय ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर एक कार्ययोजना तैयार की है। पहले चरण में देश के सात चुनिंदा जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इन जिलों का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यहाँ पहले से ही बड़ी संख्या में किसानों की डिजिटल आईडी बन चुकी है। इस ट्रायल के दौरान यह देखा जाएगा कि क्या आईडी के जरिए खाद बेचने से कालाबाजारी रुकती है और सब्सिडी का सही उपयोग होता है। एग्री स्टैक और फार्मर आईडी     एग्री स्टैक एक डिजिटल फाउंडेशन है जो किसानों, डेटा और डिजिटल सेवाओं को एक मंच पर लाता है। इसका लक्ष्य डेटा के आधार पर किसानों को बेहतर निर्णय लेने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करना है।     4 दिसंबर, 2025 तक देश में लगभग 7.67 करोड़ डिजिटल फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं।     यह आईडी किसान की डेमोग्राफिक प्रोफाइल, जमीन की जानकारी और खेती के तरीकों को सुरक्षित रखती है। किसान अपनी डिजिटल आईडी कैसे बनवाएं? सरकार डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत तेजी से आईडी बनाने पर काम कर रही है। किसान भाई इसे दो तरीकों से बनवा सकते हैं: ऑनलाइन प्रक्रिया     राज्य के एग्री स्टैक पोर्टल या फार्मर रजिस्ट्री ऐप पर जाएं।     अपना आधार नंबर दें और eKYC की प्रक्रिया पूरी करें।     जमीन का सर्वे नंबर और खेत की अन्य डिटेल्स दर्ज करें।     डेटा उपयोग के लिए सहमति (Consent) दें और ई-साइन करें।     वेरिफिकेशन के बाद आपकी यूनिक डिजिटल आईडी जेनरेट हो जाएगी। ऑफलाइन प्रक्रिया किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर भी अपनी आईडी बनवा सकते हैं। इस कदम से किसे होगा फायदा? अधिकारियों के अनुसार, इस एकीकरण से खाद की उस चोरी को रोका जा सकेगा जो अक्सर औद्योगिक इकाइयों की ओर डाइवर्ट कर दी जाती है। इससे केवल वही व्यक्ति खाद खरीद पाएगा जो वास्तव में खेती कर रहा है या जिसके पास जमीन का अधिकार है।  

‘यूरोप ने भारत पर टैरिफ नहीं लगाया, ट्रंप के करीबी सहयोगी ने किया बड़ा दावा’

दावोस  अमेरिकी वित्त मंत्री स्‍कॉट बेसेंट ने यूरोपीय यूनियन को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्‍होंने दावोस में दिए एक इंटरव्‍यू में कहा कि यूरोपीय सहयोगियों ने रूसी तेल के आयात पर भारत के खिलाफ संयुक्त टैरिफ लगाने से इनकार कर दिया था, क्‍योंकि वे भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप देना चाहते थे.  स्‍कॉट बेसेंट का यूरोप पर किया गया यह व्‍यंग ऐसे वक्‍त में आया है, जब यूरोपीय यूनियन की अध्‍यक्ष उर्सला वॉन डेर लेयेन  की भारत यात्रा शनिवार से शुरू हो रही है. जिसका मकसद भारत के साथ सबसे बड़ी डील करना है. ट्रंप के खास ने पॉलिटिको को दिए एक इंटरव्‍यू में कहा कि 2025 से तीसरे देशों के खरीदारों पर 25 प्रतिशत जुर्माना लागू करने के अमेरिकी प्रयास 'सफल' रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि मैं यह भी बताना चाहूंगा कि हमारे दिखावटी यूरोपीय सहयोगियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि वे भारत के साथ यह बड़ा व्यापार समझौता करना चाहते थे.  युद्ध को फंडिंग करने का आरोप  इस इंटरव्‍यू के दौरान स्‍कॉट बेसेंट ने यूरोप पर भारतीय रिफाइनरियों से रूसी तेल उत्‍पाद खरीदकर 'खुद के खिलाफ युद्ध को फंडिंग करने' का भी आरोप लगाया. वह यह कहने का प्रयास कर रहे थे कि एक तरफ यूरोप युक्रेन की तरफ है और दूसरी ओर वह रूसी तेल के खिलाफ टैरिफ न लगाकर रूस को फंड भी कर रहा है. बेसेन्ट ने आगे कहा कि विडंबना और मूर्खता की पराकाष्ठा यह है कि अनुमान लगाइए कि रिफाइन‍िंग उत्‍पाद कौन खरीद रहा था? यूरोपीय लोग…  भारत पर 25 फीसदी टैरिफ?  इस इंटरव्‍यू के दौरान स्‍कॉट बेसेंट ने संकेत दिया कि भारत पर लगा 25 फीसदी टैरिफ का जुर्माना हटाया जा सकता है. उन्‍होंने कहा कि हमाना 25 फीसदी टैरिफ बहुत सफल रहा है. रूस से भारत द्वारा तेल की खरीद ठप हो गई है. टैरिफ अभी भी लागू है, मुझे लगता है कि अब इन्‍हें हटाने का समय आ चुका है.  गौरतलब है कि अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है , जिसमें रूस से तेल खरीद पर 25 प्रतिशत का जुर्माना भी शामिल है. नई दिल्ली ने अमेरिकी कार्रवाई को बार-बार 'अनुचित, अन्यायपूर्ण और तर्कहीन' बताया है और साथ ही यह भी कहा है कि उसकी एनर्जी खरीद राष्‍ट्रीय हित के लिए है, ना कि किसी को फंडिंग के लिए.  500 फीसदी टैरिफ प्रस्‍ताव पर क्‍या बोले बेसेंट  रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने रूसी तेल की द्वितीयक खरीद और फिर रिसेल पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने के लिए एक विधेयक प्रस्तावित किया है. इस बिल पर बोलते हुए बेसेंट ने फॉक्‍स न्‍यूज को बताया कि प्रस्‍ताव सीटने के सामने है और हम देखेंगे कि यह पारित होता है या नहीं. हमारा मानना है कि ट्रंप को उस अधिकार की आवश्‍यकता न हीं है, वह इसे IEEPA के तहत कर सकते हैं, लेकिन सीनेट उन्‍हें वह अधिकार देना चाहती है. बता दें इस साल दिसंबर में, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और सरकारी स्वामित्व वाली रिफाइनरियों द्वारा मॉस्को से कच्चे तेल के आयात में भारी कटौती  के बाद, भारत रूसी ईंधन के खरीदारों में तीसरे स्थान पर आ गया है. 

पुतिन के दिल में जगह बनाने वाली महिला, क्या रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म कर सकती हैं?

मॉस्को  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने रफ-टफ अंदाज के लिए पहचाने जाते हैं. उनसे यूरोप-अमेरिका सब जरा डरकर चलते हैं. हालांकि, वो कई बार पुतिन का सॉफ्ट साइड भी दुनिया को हैरान कर देता है. ऐसी है एक नजारा तब देखने को मिला था जब पुतिन से एक दिन अचानक उनके बचपन की टीचर टकरा गई थीं. पुतिन ने उन्हें देखते ही गले लगा लिया और रूसी राष्ट्रपति के चेहरे पर वो स्माइल देखने को मिली जो बेहद रेयर है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि ये टीचर एकलौती महिला हैं, जो पुतिन को जंग रोकने के लिए राजी कर सकती हैं. कौन है पुतिन की जिंदगी की ये अहम महिला? पुतिन की इन टीचर का नाम वेरा दिमित्रीवना गुरेविच है, जिन्होंने पुतिन को बचपन के बुरे दौर से रूस का राष्ट्रपति बनते हुए देखा है और उन्हें यहां तक पहुंचने में मदद भी की है. अपनी आत्मकथा ‘व्लादिमीर पुतिन: माता-पिता: दोस्त: शिक्षक’ में वेरा ने बताया कि पुतिन स्कूल में कुछ शरारती बच्चों की संगत में आ गए थे, जिनका बुरा प्रभाव पड़ा था. पुतिन बचपन में बेहद फुर्तीले, बेचैन और ऊर्जा से भरे थे. वो एक जगह स्थिर होकर नहीं बैठते थे. पुतिन लगातार अपने क्लासमेट की नोटबुक में इधर-उधर देखते रहते थे और बार-बार उनका पेन-पेंसिल डेस्क के नीचे गिरती रहती थी. वेरा ने बताया बचपन में कैसे थे पुतिन? वेरा बताती हैं कि ‘पुतिन आसानी से झगड़ों में पड़ जाते थे और अपराधी पर झपट पड़ते, अपना पूरा वजन उस पर डालकर उसे पकड़ लेते, जैसे कोई बुलडॉग लड़ता हो’. वेरा सितंबर 1964 में, गुरविच पुतिन के घर गई थीं, जहां उन्होंने देखा कि एक 11 साल का बच्चा चूहों और कीड़े-मकोड़ों से भरे घर में जिंदगी बिता रहा है. पुतिन इस घर में दिन भर अकेले रहते थे और शाम 5 बजे तक उन्हें देखने वाला कोई नहीं होता था. कैसे बदली थी पुतिन की जिंदगी गुरविच ने उस बच्चे से कहा था ‘बस करो, अब और आवारागर्दी मत करो, पढ़ाई में लग जाओ’. ये सुनकर पुतिन ने पुतिन ने जवाब दिया कि ‘अगर वो चाहें तो अपना सारा होमवर्क एक घंटे में कर सकते हैं’. वेरा गुरविच समझ गईं कि इस पुतिन को मोटीवेशन की जरूरत है. उन्होंने पुतिन के गार्जियन की भूमिका निभाई और बदले में, पुतिन ने गुरविच की बेटियों की देखभाल करके अपना आभार व्यक्त किया. पुतिन कई बार अपनी टीचर के घर पर ही रुक जाते थे और खूब पढ़ाई करते थे. यही वजह है कि आगे जाकर उन्होंने कानून की डिग्री लेने का फैसला किया. रोक सकती है रूस-यूक्रेन जंग पुतिन आज भी अपनी इस टीचर को हर रिश्ते से बढ़कर सम्मान और प्यार देते हैं. कहा जाता है कि वो आज भी जिंदगी के हर बड़े फैसले के बारे में अपनी 88 वर्षीय टीचर वेरा से जरूर बात करते हैं. ऐसे में कई लोगों का मानना है कि सिर्फ यही महिला है जो पुतिन को जंग रोकने के लिए मना सकती है.

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण से बर्बाद हुए खेतों के लिए 1.16 करोड़ की भरपाई

गुवाहाटी गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) को आदेश दिया है कि वह नेशनल हाईवे-29 के निर्माण के दौरान एक स्थानीय भूस्वामी की संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई करे। अदालत ने कहा कि नागरिक को उसकी संपत्ति के लाभप्रद उपयोग से वंचित करना उसके मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 21 और 300A) का स्पष्ट उल्लंघन है। कोहिमा निवासी थजाओ सेखोसे ने अदालत में याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि NH-29 को फोर-लेन बनाने के दौरान की गई भारी खुदाई और मिट्टी कटाई की वजह से उनके क्षेत्र में भूस्खलन शुरू हो गया। उनका आरोप है कि इसके कारण उनकी तीन मंजिला आरसीसी इमारत, सूअर पालन केंद्र और सीढ़ीदार खेत पूरी तरह अनुपयोगी हो गए। निर्माण कार्य के दौरान उनके करीब 80 पेड़ काट दिए गए। उनका निजी रास्ता बंद कर दिया गया और वहां बिना अनुमति कचरा फेंका गया। जस्टिस मृदुल कुमार कलिता ने 20 जनवरी को दिए अपने आदेश में NHIDCL की दलीलों को खारिज करते हुए कई अहम बातें कहीं। कोर्ट ने कहा कि संपत्ति का नुकसान केवल आर्थिक नहीं बल्कि आजीविका के अधिकार (अनुच्छेद 21) और संपत्ति के अधिकार (अनुच्छेद 300A) का हनन है। याचिकाकर्ता को मुआवजा न देना समानता के अधिकार (अनुच्छेद 14) के खिलाफ है, क्योंकि इसी तरह के अन्य प्रभावित भूस्वामियों को NHIDCL पहले ही मुआवजा दे चुका था। NHIDCL ने तर्क दिया था कि इसके लिए ठेकेदार कंपनी (गायत्री प्रोजेक्ट्स लिमिटेड) जिम्मेदार है। लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुख्य कार्यकारी प्राधिकरण होने के नाते जवाबदेही NHIDCL की है। वह भुगतान करने के बाद ठेकेदार से इसकी वसूली कर सकता है। 3 महीने के भीतर भुगतान का आदेश अदालत ने नुकसान का आकलन करते हुए मुआवजे का आदेश दिया है। करीब 1.16 करोड़ की संपत्ति का नुकसान हुआ है। 13.93 लाख के पेड़ काटे गए। अदालत ने सख्त निर्देश दिया है कि NHIDCL इस राशि का भुगतान तीन महीने के भीतर याचिकाकर्ता को करे। आपको बता दें कि याचिकाकर्ता 2018 से ही मुआवजे के लिए भटक रहा था। कोर्ट ने कहा कि 7 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद पीड़ित को अब सिविल कोर्ट भेजना अनुचित होगा, इसलिए हाईकोर्ट ने सीधे मुआवजे का आदेश जारी किया।

ट्रेड वॉर का अल्टीमेटम! चीन से समझौते पर कनाडा पर 100 फीसदी टैरिफ की धमकी

वॉशिंगटन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को धमकी दी है कि अगर वह चीन के साथ ट्रेड डील करता है, तो अमेरिका उसके सभी एक्सपोर्ट पर 100 फीसदी टैरिफ लगा देगा। इससे अमेरिका और कनाडा के बीच फिर से तनाव बढ़ गया है। ट्रंप ने इससे पहले रूस से तेल आयात करने को लेकर भारत समेत कई देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया हुआ है। ट्रंप ने कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को गवर्नर कार्नी कहते हुए कहा कि चीन को इलेक्ट्रिक वाहनों का इंपोर्ट बढ़ाने की इजाजत देकर कनाडा ने बहुत बड़ी गलती की है। ट्रंप ने कनाडा का मजाक उड़ाते हुए कहा है कि वह चाहते हैं कि कनाडा अमेरिका का 51वां राज्य बन जाए। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "चीन कनाडा को जिंदा खा जाएगा, उसे पूरी तरह निगल जाएगा, जिसमें उनके बिजनेस, सामाजिक ताना-बाना और आम जीवन शैली का विनाश भी शामिल है। अगर कनाडा चीन के साथ कोई डील करता है, तो अमेरिका में आने वाले सभी कनाडाई सामानों और प्रोडक्ट्स पर तुरंत 100 फीसदी टैरिफ लगा दिया जाएगा।" चीन और कनाडा ने पिछले हफ्ते ट्रेड बाधाओं को कम करने और संबंधों को फिर से बनाने के लिए एक व्यापक समझौते पर सहमति जताई, जो कनाडाई विदेश नीति में एक बड़े बदलाव और ट्रंप के ट्रेड एजेंडा से अलग होने का संकेत है। कार्नी ने कहा कि शुक्रवार को चीनी नेता शी जिनपिंग से मिलने के बाद उन्हें उम्मीद है कि चीन कैनेडियन रेपसीड, जिसे कैनोला भी कहा जाता है, पर टैरिफ कम करेगा। यह आठ साल में किसी कैनेडियन नेता का बीजिंग का पहला दौरा था। इसके साथ ही, कनाडा अपने बाजार में 49,000 चीनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लगभग 6 फीसदी की टैरिफ दर पर आने देगा, जिससे 100 फीसदी सरचार्ज हट जाएगा। कार्नी ने कहा कि चीन कनाडाई लोगों को वीज़ा-फ्री यात्रा की सुविधा भी देगा। डील साइन होने के तुरंत बाद, कैनेडियन नेता ने स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में एक तीखा भाषण दिया, जिसमें उन्होंने बड़ी शक्तियों द्वारा जबरदस्ती के खिलाफ चेतावनी दी – जो ट्रंप के नेतृत्व की एक अप्रत्यक्ष निंदा थी।

डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी पर बनने वाली फिल्म, रिलीज डेट और कहानी के बारे में जानें

वाशिंगटन अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप व्हाइट हाउस में एक नई फिल्म की स्क्रीनिंग की मेजबानी करेंगी। फिल्म को 'मेलानिया' नाम दिया गया है। यह उनके जीवन के उन 20 दिनों की डॉक्यूमेंट्री है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के उद्घाटन से ठीक पहले के हैं। उनकी सलाहकार और एजेंट मार्क बेकमैन ने बताया कि यह स्क्रीनिंग राष्ट्रपति, उनके परिवार और करीबी दोस्तों के लिए होगी, जहां वे पहली बार पूरी फिल्म देखेंगे। फिल्म में मेलानिया ट्रंप की निजी जिंदगी, फैशन चॉइस, कूटनीतिक गतिविधियां और सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा व्यवस्था जैसी दुर्लभ झलकियां दिखाई गई हैं। ट्रेलर में उद्घाटन दिवस पर मेलानिया की नेवी रंग की चौड़ी टोपी पहनने की तस्वीर और राष्ट्रपति को उनके उद्घाटन भाषण में शांतिदूत वाली सलाह देने का क्षण भी शामिल है। फिल्म का ग्लोबल रिलीज 30 जनवरी को होगा। यह अमेजन की एमजीएम स्टूडियोज के साथ 40 मिलियन डॉलर के सौदे के तहत बनी है। बेकमैन ने कहा कि यह कोई राजनीतिक फिल्म नहीं है, बल्कि मेलानिया ट्रंप ने खुद इसके क्रिएटिव डायरेक्शन का नेतृत्व किया है। फिल्म में राष्ट्रपति ट्रंप के हास्य पलों को भी जगह दी गई है। फॉलो-अप डॉक्यूमेंट्री सीरीज भी आएगी इसके अलावा, अगले साल एक फॉलो-अप डॉक्यूमेंट्री सीरीज रिलीज होगी। इसे मेलानिया ट्रंप की प्राथमिकताओं जैसे फोस्टर केयर में बच्चों पर केंद्रित रखा जाएगा। व्हाइट हाउस स्क्रीनिंग के बाद, राष्ट्रपति और पहली महिला जॉन एफ. केनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स में प्रीमियर में शामिल होंगे। फिल्म को प्रमोट करने के लिए मेलानिया ट्रंप न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज की ओपनिंग बेल बजाएंगी। यह फिल्म उनके दूसरे कार्यकाल में कम सार्वजनिक उपस्थिति वाली पहली महिला की छवि को नई दिशा देती है। इसमें मेलानिया न केवल फैशन और कूटनीति में सक्रिय दिखती हैं, बल्कि राष्ट्रपति के सलाहकार के रूप में भी काम करती हैं।

हिमाचल में बर्फबारी से 550 सड़कें बंद, शिमला का पारा 13 डिग्री लुढ़का

शिमला  हिमाचल प्रदेश में कुदरत का रौद्र और खूबसूरत रूप एक साथ देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों से जारी भारी बर्फबारी ने पूरे प्रदेश को सफेद चादर से ढंक दिया है। राजधानी शिमला के जाखू में जहाँ आधा फीट बर्फ गिरी है, वहीं मशहूर पर्यटन स्थल कुफरी और नारकंडा में 1-1 फीट तक बर्फ जम चुकी है। मनाली, चंबा और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में भी भारी हिमपात दर्ज किया गया है। मौसम के इस मिजाज ने पर्यटकों के चेहरे तो खिला दिए हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और निवासियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। तापमान में भारी गिरावट और ब्लैक-आउट बर्फबारी और बारिश के कारण हिमाचल के तापमान में भारी गिरावट आई है। प्रदेश का अधिकतम तापमान सामान्य से 8 डिग्री नीचे चला गया है, जबकि पिछले 24 घंटों में पारे में करीब 13 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी शिमला में शुक्रवार को 'ब्लैक-आउट' जैसी स्थिति बनी रही, जहाँ शहर के 95 प्रतिशत इलाकों में बिजली गुल रही। वर्तमान में प्रदेशभर में 950 से अधिक बिजली के ट्रांसफॉर्मर ठप हैं, जिससे कड़ाके की ठंड में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यातायात और संपर्क टूटा भारी बर्फबारी के कारण प्रदेश की रफ्तार थम गई है। ठियोग, रोहड़ू, रामपुर और चौपाल सहित अपर शिमला का संपर्क कट गया है। लाहौल-स्पीति, चंबा के भरमौर और पांगी क्षेत्रों में सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। प्रदेशभर में करीब 550 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। खराब मौसम के बीच कई सैलानी रास्तों में फंस गए थे, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर शिमला पहुंचाया है। 27 जनवरी तक राहत के आसार नहीं मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते 27 जनवरी तक बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है। विभाग ने 'कोल्ड-डे' और घने कोहरे के साथ तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को ऊंचे पहाड़ी इलाकों में न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

अडाणी के खिलाफ अमेरिका से समन, भारत सरकार ने समन तामिल कराने से किया मना

मुंबई  अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC (Securities and Exchange Commission) और भारत के विधि मंत्रालय के बीच गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी को समन भेजने को लेकर गतिरोध पैदा हो गया है। मंत्रालय ने तकनीकी आपत्तियों का हवाला देते हुए दो बार समन तामील करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद SEC ने अब अमेरिकी अदालत से ईमेल के जरिए नोटिस भेजने की अनुमति मांगी है। दस्तावेजों के अनुसार, भारत सरकार ने मई और दिसंबर 2025 में दो अलग-अलग मौकों पर समन लौटाए। पहली बार मई 2025 में समन लौटाया गया था। मंत्रालय ने कहा कि SEC के कवर लेटर पर 'इंक सिग्नेचर' (असली हस्ताक्षर) नहीं थे और जरूरी फॉर्म पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी थी। दूसरी आपत्ति दिसंबर 2025 में दर्ज कराई गई थी। मंत्रालय ने SEC के ही एक आंतरिक नियम (Rule 5-b) का हवाला देते हुए कहा कि समन जारी करना SEC के उन प्रवर्तन टूल की श्रेणी में नहीं आता जो इस नियम के तहत कवर होते हैं। सरल शब्दों में, मंत्रालय ने SEC के समन जारी करने के अधिकार पर ही तकनीकी सवाल उठाए। SEC ने न्यूयॉर्क की अदालत में दी गई अपनी अर्जी में भारत सरकार के मंत्रालय के तर्कों को निराधार बताया है। SEC के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत समन भेजने के लिए किसी विशेष मुहर या इंक सिग्नेचर की अनिवार्यता नहीं है। एसईसी ने यह भी दावा किया है कि जिस अमेरिकी नियम (Rule 5-b) का हवाला भारत ने दिया है, वह SEC की आंतरिक जांच प्रक्रिया के लिए है न कि अंतरराष्ट्रीय समन भेजने की उसकी कानूनी शक्ति के लिए। अडाणी ग्रुप ने इन सभी आरोपों को आधारहीन करार दिया है। ग्रुप की कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी ने शेयर बाजारों को स्पष्ट किया कि कंपनी इस कानूनी कार्यवाही में कोई पक्ष नहीं है। उनके खिलाफ रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगाए गए हैं। SEC की यह कार्यवाही सिविल प्रकृति की है, न कि क्रिमिनल की। इस खबर के सामने आने के बाद शुक्रवार को अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। ग्रुप की कुल मार्केट कैप में लगभग ₹1 लाख करोड़ की कमी आई, जिसमें अडाणी ग्रीन के शेयर सबसे ज्यादा (करीब 14.6%) गिरे।

अमेरिका में ‘विंटर स्टॉर्म’ का अलर्ट, Air India ने न्यूयॉर्क और नेवार्क की सभी उड़ानें रद्द की

 नई दिल्ली अमेरिका में संभावित भीषण और ऐतिहासिक विंटर स्टॉर्म के चलते Air India ने न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के नेवार्क से आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानें 25 और 26 जनवरी के लिए रद्द कर दी हैं. एयरलाइन ने यह फैसला यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है. Air India ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर बताया कि अमेरिका के ईस्ट कोस्ट, खासतौर पर न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और आसपास के इलाकों में रविवार सुबह से सोमवार तक भारी बर्फबारी और तेज ठंड की संभावना है. इस दौरान उड़ान संचालन पर गंभीर असर पड़ सकता है. एयरलाइन ने कहा कि "यात्रियों और क्रू की सुरक्षा, सुविधा और भलाई को देखते हुए 25 और 26 जनवरी को न्यूयॉर्क और नेवार्क से सभी उड़ानें रद्द की जा रही हैं." यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फ्लाइट से जुड़ी जानकारी के लिए Air India की आधिकारिक वेबसाइट और कस्टमर सपोर्ट से संपर्क में रहें. अमेरिकी राज्यों में विंटर स्टॉर्म का खतरा उधर, अमेरिका इस समय एक रिकॉर्ड तोड़ विंटर स्टॉर्म की चपेट में है. नेशनल वेदर सर्विस (NWS) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यह तूफान सेंट्रल प्लेन्स से लेकर नॉर्थ-ईस्ट तक करोड़ों लोगों को प्रभावित कर सकता है. भारी बर्फ, बर्फीली बारिश और खतरनाक ठंड के कारण कई इलाकों में सड़कें बंद होने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यात्रा पूरी तरह ठप होने की आशंका है. FEMA को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस संकट को लेकर बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और FEMA को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है. ट्रंप के मुताबिक, संघीय और स्थानीय एजेंसियों को आपात स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं. मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें और आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखें. Air India के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने भी अमेरिका के प्रभावित इलाकों के लिए उड़ान संचालन सीमित या रद्द किया है.

शेख हसीना ने मुहम्मद यूनुस पर किया तीखा हमला, सरकार को उखाड़ने का किया आह्वान

नई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि देश आतंक के दौर में डूब गया है. बांग्लादेश के इलाके और रिसोर्स को विदेशी हितों के लिए बेचने की एक धोखेबाजी भरी साजिश चल रही है. उन्होंने देश के लोगों से 'यूनुस सरकार को उखाड़ फेंकने' की अपील की. ​​बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं और शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग की गतिविधियों पर बैन लगा दिया गया है. इसका रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया गया है. बांग्लादेश आज एक खाई के किनारे पर खड़ा है, एक देश जो बुरी तरह से तबाह और खून से लथपथ है. देश अपने इतिहास के सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है. राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व में सबसे बड़े मुक्ति संग्राम में जीती गई मातृभूमि, अब कट्टरपंथी सांप्रदायिक ताकतों और विदेशी अपराधियों के भयानक हमले से तबाह हो रही है. हमारी कभी शांत और उपजाऊ जमीन एक घायल, खून से लथपथ जगह में बदल गई है. सच तो यह है कि पूरा देश एक बड़ी जेल, फांसी की जगह, मौत की घाटी बन गया है.' उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम में चलाए गए एक पहले से रिकॉर्ड किए गए ऑडियो मैसेज में कहा. अगस्त 2024 में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद देश आने के बाद शेख हसीना का भारत में किसी सभा में यह पहला भाषण था. उन्होंने कहा कि हर जगह सिर्फ तबाही के बीच जिंदा रहने के लिए जूझ रहे लोगों की चीखें सुनाई देती हैं. जिंदगी के लिए एक बेताब गुहार, राहत के लिए दिल दहला देने वाली चीखें. हत्यारे फासिस्ट यूनुस, एक सूदखोर, एक मनी लॉन्ड्रर, एक लुटेरा, और एक भ्रष्ट, सत्ता का भूखा गद्दार ने अपने हर तरह के तरीकों से हमारे देश को सुखा दिया है, हमारी मातृभूमि की आत्मा को दागदार कर दिया है. 5 अगस्त, 2024 को, एक सोची-समझी साजिश में देश के दुश्मन, हत्यारे फासिस्ट यूनुस और उसके देश-विरोधी उग्रवादी साथियों ने मुझे जबरदस्ती हटा दिया, हालाँकि मैं सीधे तौर पर चुनी हुई जनता की रिप्रेज़ेंटेटिव हूँ. उस दिन से देश आतंक के एक ऐसे दौर में धकेल दिया गया है, जो बेरहम और दम घोंटने वाला है. डेमोक्रेसी अब देश निकाला में है. उन्होंने कहा, 'मानव अधिकार को रौंद दिया गया है. प्रेस की आजादी खत्म कर दी गई है. हिंसा, प्रताड़ना, और यौन उत्पीड़न बढ़ा है. महिलाओं और लड़कियों पर कोई रोक-टोक नहीं है. जान-माल की कोई सुरक्षा नहीं है. धार्मिक अल्पसंख्यकों को लगातार जुल्म का सामना करना पड़ता है. कानून-व्यवस्था खत्म हो गई है.' अवामी लीग की लीडर ने कहा कि उग्रवादी चरमपंथियों के पागलपन ने पूरे देश में डर का माहौल बना दिया है. राजधानी से लेकर दूर-दराज के गांवों तक, भीड़ का आतंक, बड़े पैमाने पर लूटपाट, हथियारों के साथ डकैती और जबरन वसूली का बोलबाला है. हमारे सीखने के इंस्टीट्यूशन में अफरा-तफरी मची हुई है, और इंसाफ एक बुरा सपना बन गया है. इससे भी ज्यादा खतरनाक बात यह है कि बांग्लादेश के इलाके और रिसोर्स को विदेशी हितों के लिए बेचने की एक धोखेबाजी भरी साजिश चल रही है. देश के साथ धोखा करके, खूनी फासीवादी यूनुस हमारी प्यारी मातृभूमि को एक मल्टीनेशनल लड़ाई की भट्टी की ओर धकेल रहा है. शेख हसीना ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में, पूरे देश को एक साथ उठना चाहिए और हमारे महान लिबरेशन वॉर की भावना से जोश में आना चाहिए. उन्होंने यूनुस को 'राष्ट्रीय शत्रु' कहा. उन्होंने कहा, 'इस देश के दुश्मन की विदेशियों की कठपुतली सरकार को किसी भी कीमत पर उखाड़ फेंकने के लिए, बांग्लादेश के बहादुर बेटे-बेटियों को शहीदों के खून से लिखे संविधान की रक्षा करनी होगी और उसे फिर से बनाना होगा, अपनी आजादी वापस लेनी होगी, अपनी संप्रभुता की रक्षा करनी होगी और अपनी डेमोक्रेसी को फिर से जिंदा करना होगा. उन्होंने आगे कहा, 'आइए, हम सभी डेमोक्रेटिक सरकार बनाने और हत्यारे फासीवादी और उसके साथियों के धोखेबाज इरादों का जल्द से जल्द सामना करने की कसम खाएं. शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश 'एक बिना चुने हुए हिंसक सरकार से दबा हुआ है, जिसके झूठे वादों की जगह जल्द ही अफरा-तफरी, हिंसा, नफरत और भ्रष्टाचार ने ले ली है.' उन्होंने कहा, 'अराजकता और आपके डेमोक्रेटिक अधिकारों के कम होने का सामना करते हुए, आपकी हिम्मत और ताकत का रोज टेस्ट होता है. प्लीज अब हार न मानें. शेख हसीना ने कहा कि अवामी लीग आजाद बांग्लादेश की सबसे पुरानी और सबसे जरूरी पॉलिटिकल पार्टी है, जो अजीब तरह से हमारे देश की संस्कृति और लोकतंत्र से जुड़ी हुई है. बांग्लादेश की पॉलिटिकल और धार्मिक बहुलवाद की शानदार परंपराओं की रक्षक है. हमारे कानूनों और संविधान की पक्की समर्थक है. हमारे देश के पुरुषों और महिलाओं के लिए इस सबसे बुरे समय में हम आपसे छीनी गई उस खुशहाल मातृभूमि को वापस लाने में आपकी मदद करने का अपना पक्का इरादा दोहराते हैं. उन्होंने कहा, 'सबसे पहले गैर-कानूनी यूनुस सरकार को हटाकर डेमोक्रेसी वापस लाएं. जब तक बांग्लादेश के लोगों से यूनुस गुट का साया नहीं हटता, तब तक बांग्लादेश में कभी भी निष्पक्ष चुनाव नहीं होंगे. तभी हम अवामी लीग के साथ मिलकर लोगों को पावर वापस दिलाने का प्रोसेस शुरू कर सकते हैं. दूसरा, हमारी सड़कों पर रोजाना होने वाली हिंसा को खत्म करें. हमें देश को स्थिर करने, सिविक सर्विसेज को ठीक से काम करने देने और एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने के लिए कानून-व्यवस्था को खत्म करना होगा, जिस पर हमारी इकॉनमी एक बार फिर फल-फूल सके. तीसरा, धार्मिक माइनॉरिटी ग्रुप्स, महिलाओं और लड़कियों, और हमारे समाज के सबसे कमजोर लोगों की सुरक्षा पक्की करने वाली पक्की गारंटी दें. उन्होंने कहा, 'अक्सर हम देखते हैं कि लोगों को उनकी पहचान और उनके विश्वास की वजह से टारगेट किया जाता है. यह खत्म होना चाहिए, और हर बांग्लादेशी को अपने समुदाय में सुरक्षित महसूस करना चाहिए. चौथा, पत्रकारों और बांग्लादेश अवामी लीग और विपक्षी राजनीतिक पार्टियों के सदस्यों को डराने, चुप कराने और जेल में डालने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली राजनीति से प्रेरित कानूनी कार्रवाई को खत्म करें. न्याय व्यवस्था में हमारा भरोसा वापस लाएं, … Read more