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राज्यपाल बनाम सरकार: थावरचंद गहलोत पर CM का हमला, बोले—SC में देंगे चुनौती

बेंगलुरु कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत विधानसभा में अभिभाषण पढ़ते हुए सिर्फ दो लाइन ही बोले और फिर निकल गए। अब इसे लेकर राजनीति तेज हो गई है और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उन्हें केंद्र सरकार की कठपुतली बता दिया है। उन्होंने कहा कि गवर्नर का व्यवहार ऐसा था कि जैसे वह केंद्र सरकार की कठपुतली हों। विधानसभा सत्र की गुरुवार को शुरुआत थी और इस दौरान राज्यपाल ने सिर्फ शुरुआत की दो लाइनें ही पढ़ीं। उन्होंने हिंदी में पढ़ा, 'मेरी सरकार प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास की गति को दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है। जय हिंद, जय कर्नाटक।' यह पढ़ने के बाद वह निकल गए। उनके इस तरह दो ही लाइनों में स्पीच खत्म करने पर हंगामा बरप गया। सत्ताधारी दल कांग्रेस के विधायकों ने राज्यपाल के खिलाफ शेम-शेम के नारे लगाने शुरू कर दिए। सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि राज्यपाल ने पूरा भाषण ना पढ़कर संविधान का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का व्यवहार एक कठपुतली जैसा ही था। सीएम ने कहा, 'गवर्नर गहलोत ने संविधान के अनुसार अपनी जिम्मेदारी का पालन नहीं किया। हम उनके इस व्यवहार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि हम देखेंगे कि क्या राज्यपाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी अपील दाखिल की जा सकती है। बीते कुछ समय से राज्य में गवर्नर और मुख्यमंत्री के बीच एक तनाव देखने को मिला है। हालांकि इसके बाद भी गुरुवार को जब राज्यपाल विधानसभा पहुंचे तो दरवाजे पर ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, असेंबली स्पीकर यूटी खडेकर समेत कई मंत्रियों ने उनकी अगवानी की। गहलोत ने बुधवार को मना कर दिया था कि वह असेंबली में स्पीच नहीं देंगे। इसके चलते खतरा पैदा हो गया था कि सदन की शुरुआत में राज्यपाल की ओर से अभिभाषण देने वाली परंपरा का पालन हो सकेगा या नहीं। राज्यपाल की स्पीच कुल 11 पैराग्राफ की थी और आरोप है कि इसमें ज्यादातर हिस्सा केंद्र सरकार की आलोचना से भरा था। इसी को लेकर सरकार और राज्यपाल में तनातनी हो गई। राज्यपाल चाहते थे कि केंद्र सरकार की आलोचना वाले ज्यादातर हिस्से को हटा दिया जाए। सिद्धारमैया सरकार इस पर राजी नहीं हुई। अंत में गवर्नर सदन में तो पहुंचे, लेकिन दो ही लाइनों में संबोधित करके वह निकल गए।  

मंदिर-मस्जिद केस में SC की तीखी टिप्पणी: हिंदू पक्ष को लेकर मीलॉर्ड आखिर क्यों भड़के?

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (22 जनवरी) को फैसला सुनाया कि मध्य प्रदेश के धार में विवादित भोजशाला परिसर में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय कल यानी शुक्रवार, 23 जनवरी को पूजा-अर्चना कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद स्थल में शुक्रवार को बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदू पूजा-अर्चना करेंगे, जबकि मुस्लिम समुदाय के लोग उसी दिन दोपहर एक बजे से तीन बजे तक जुमे की नमाज अदा करेंगे।   मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने इस आदेश के साथ ही दोनों पक्षों से आपसी सम्मान और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य और जिला प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है। हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदायों ने शुक्रवार को बसंत पंचमी के दिन भोजशाला परिसर में अपनी-अपनी धार्मिक गतिविधियों के लिए अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने एक प्रस्ताव पर विचार करते हुए कहा कि जुमे की नमाज़ मस्जिद के अंदर एक तय जगह पर दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच अदा की जाएगी और नमाज़ के तुरंत बाद भीड़ वहां से तितर-बितर हो जाएगी। इस के बाद वहां हिन्दू समुदाय पूजा-अर्चना और अन्य गतिविधियां कर सकेंगे। याचिका में क्या मांग? दरअसल, हिन्दू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी डालकर मांग की थी कि भोजशाला मस्जिद परिसर में बसंत पंचमी होने के कारण शुक्रवार को वहां सूर्योदय से सूर्यास्त तक नमाज़ पढ़ने पर रोक लगाई जाए। हिन्दू पक्ष की तरफ से विष्णु जैन मामले की पैरवी कर रहे थे, जबकि मुस्लिम पक्ष की तरफ से वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद पैरवी कर रहे थे। सुनवाई के दौरान सलमान खुर्शीद ने कोर्ट से कहा, "ASI ने कहा है कि शुक्रवार को भी सर्वे जारी रहेगा। इस बीच, दो घंटे वहां नमाज़ अदा की जा सकेगी और पूजा भी होगी…नमाज़ सिर्फ़ दोपहर में होती है। हम दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बाद जगह खाली कर देंगे"। मुहूर्त सूर्योदय से सूर्यास्त तक बार एंड बेंच के मुताबिक, इस पर जस्टिस बागची ने कहा, "पूजा का मुहूर्त दोपहर 1 बजे तक है…पूजा दोपहर 1 बजे तक पूरी हो जाए और उसके बाद 1 बजे से 3 बजे तक नमाज़ होगी।" इसी बीच, एडवोकेट विष्णु जैन बोल पड़े, "…लेकिन मुहूर्त सूर्योदय से सूर्यास्त तक है।" इतना सुनते ही जस्टिस बागची भड़क उठे। उन्होंने कहा, "हमें मत बताइए मुहूर्ज्ञत कब है.. मुझे पर्सनली पता है कि यह दोपहर 1 बजे तक है।" इस पर जैन ने फिर सवाल किया, “क्या नमाज़ शाम 5 बजे के बाद हो सकती है क्योंकि हम वहां लंबे समय तक अखंड हवन वगैरह करने वाले हैं।” हमें लोगों की संख्या बताई जाए: ASG हिन्दू पक्ष की इस दलील पर सलमान खुर्शीद ने कहा, "जुम्मे की नमाज़ एक खास समय पर होती है। दूसरी नमाज़ अन्य समय पर हो सकती है.. लेकिन जुम्मे की नमाज़ सिर्फ़ दोपहर में ही हो सकती है।" मध्य प्रदेश सरकार और ASI की ओर से पेश ASG नटराज ने कोर्ट से कहा कि अगर हमें लोगों की संख्या बताई जाए.. तो हम कॉम्प्लेक्स के अंदर जगह बना सकते हैं और सुरक्षा व्यवस्था समेत अन्य इंतजाम कर सकते है। जहाँ आने-जाने का इंतज़ाम किया जा सके। इस पर खुर्शीद ने भरोसा दिया कि हम संख्या बता सकते हैं। बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शुक्रवार को वहां नमाज और बसंत पंचमी पूजा दोनों होगी। नमाज दोपहर में दो घंटे अदा की जाएगी। भोजशाला विवाद क्या? बता दें कि यह याचिका एक ऐतिहासिक जगह से जुड़ी है, जिसे एक पक्ष भोजशाला सरस्वती मंदिर कहता है और दूसरा पक्ष मौलाना कमाल मस्जिद बताता है। हिंदू लोग भोजशाला को वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानते हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला मस्जिद कहता है। यह स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित 11वीं शताब्दी का स्मारक है। एएसआई की ओर से सात अप्रैल, 2003 को की गई एक व्यवस्था के तहत, हिंदू मंगलवार को भोजशाला परिसर में पूजा करते हैं और मुसलमान शुक्रवार को परिसर में नमाज अदा करते हैं।  

आतंकियों की नई साजिश: 26-26 पर हमले, दिल्ली से अयोध्या तक मंदिरों पर बढ़ा अलर्ट

नई दिल्ली दिल्ली समेत कई शहरों को गणतंत्र दिवस से पहले दहलाने की साजिश का खुलासा हुआ है। पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई जैश-ए-मोहम्मद के साथ ‘कोड 26-26’ के नाम से आतंकी वारदात को अंजाम देने में जुटी है। इस खुफिया इनपुट के बाद देश के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के इंतजाम और कड़े कर दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियों ने इस साजिश का पता चलने के बाद दिल्ली पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया है। इस खतरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहली बार एक विशेष वांटेड नोटिस जारी किया है, जिसमें अल-कायदा (एक्यूआईएस) के संदिग्ध आतंकी और दिल्ली निवासी मोहम्मद रेहान की तस्वीर शामिल की गई है। इंटेलिजेंस एजेंसियों की सोशल मीडिया पर नजर इस इनपुट के बाद देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षाबलों को अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और पंजाब बेस्ड गैंगस्टर्स हमला कर सकते हैं. इंटेलिजेंस एजेंसियों की सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर है, जहां kashmiri Resistance Group का FalconSquad लगातार धमकी दे रहा है. मुस्लिम युवकों को भड़काया जा रहा है. दिल्ली के आतंकी मोहम्मद रेहान को लेकर अलर्ट दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आतंकियों के पोस्टर चस्पा किए गए हैं. पोस्टर में पहली बार दिल्ली के आतंकी की तस्वीर लगाई गई है. इस आतंकी का नाम मोहम्मद रेहान है. पोस्टर में मोहम्मद रेहान का पता नॉर्थ ईस्ट दिल्ली का चौहान बांगर बताया गया है. ये आतंकी 2016 से फरार है. जब एजेंसियों ने संभल में अलकायदा का मॉड्यूल बस्ट किया था, तभी दिल्ली का रहने वाला ये आतंकी फरार हो गया था. जम्मू में हाई अलर्ट पर सुरक्षाबल उधर,गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू में सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि आतंकी घुसपैठ की कोशिशें तेज कर सकते हैं. यही वजह है कि जम्मू में सुरक्षा व्यवस्था कई गुना बढ़ा दी गई है. बीएसएफ पूरी तरह मुस्तैद है. सीमा पर गश्त को और सख्त किया गया है. नदी-नालों के किनारे, जंगलों और दुर्गम इलाकों की गहन तलाशी ली जा रही है.ड्रोन और सुरंगों के जरिए घुसपैठ की चुनौतियां बनी हुई हैं. सेना और सीआरपीएफ के साथ ही जम्मू-कश्मीर पुलिस भी सीमावर्ती इलाकों के साथ ही आंतरिक क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रही है. कहां है संदिग्‍ध आतंकवादी मोहम्‍मद रेहान? सूत्रों के मुताबिक मोहम्मद रेहान उस समय अंडरग्राउंड हो गया था, जब उत्तर प्रदेश के संभल में अलकायदा से जुड़े एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया था. तब से ही सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हुई हैं. अब गणतंत्र दिवस से पहले जारी इस अलर्ट के बीच उसकी तस्वीर सार्वजनिक कर आम लोगों से भी मदद मांगी जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचाई जा सके. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकियों का मकसद भीड़भाड़ वाले इलाकों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर देश में दहशत फैलाना और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ना हो सकता है. इसी कारण रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशन और प्रमुख बाजारों में भी तलाशी अभियान तेज कर दिए गए हैं. कई राज्यों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीमें बनाकर विशेष गश्त कराई जा रही है. देशभर में अलर्ट सरकारी सूत्रों ने बताया कि किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है. इंटेलिजेंस इनपुट को लेकर रोजाना उच्च स्तरीय बैठकें हो रही हैं और सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की जा रही है. आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और अफवाहों पर ध्यान न दें. गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस देश का सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है, जिसमें राजधानी दिल्ली में भव्य परेड और समारोह आयोजित होते हैं. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहतीं. अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन खतरे की गंभीरता को देखते हुए पूरे देश में हाई अलर्ट जारी रखा गया है, ताकि किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके. पोस्टर में शाहिद फैसल का भी नाम है, जिसे बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट सहित दक्षिण भारत में कई धमाकों का मास्टरमाइंड बताया गया है। खुफिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि आतंकी समूह गणतंत्र दिवस से पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ हमले करने की फिराक में जुटे हैं। निशाने पर बड़े मंदिर सीक्रेट ‘कोड 26-26’ का मतलब है गणतंत्र दिवस से पहले बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देना। आतंकियों के निशाने पर देश के बड़े मंदिर हैं, ताकि माहौल बिगाड़ा जा सके। इनमें अयोध्या का राम मंदिर और जम्मू का रघुनाथ मंदिर भी शामिल है। पुलिस फोर्स के अलावा सीमावर्ती इलाकों में बीएसएफ को भी पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे उत्तर भारत की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है।

J-K में सेना की गाड़ी 200 फुट गहरी खाई में गिरी, 10 जवानों की मौत

डोडा  जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया है। यहां सेना का वाहन खाई में गिरने से कम से कम 10 सैनिकों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया है कि हादसे में 9 सैनिक घायल भी हुए हैं। हादसा भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टॉप पर हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि इस बुलेट-प्रूफ आर्मी की गाड़ी में हादसे के समय 17 जवान सवार थे और वह एक ऊंची पोस्ट की ओर जा रही थी। तभी खन्नी टॉप पर ड्राइवर ने वाहन के संतुलन खो दिया और गाड़ी 200 फुट गहरी खाई में गिर गई।  इस हादसे में 10 सैन्य जवानों की जान चली गई, जबकि अन्य जवान घायल हो गए. स्थानीय लोगों और बचाव दलों ने मिलकर घायलों को निकाला. हादसे के बारे में जानकारी देते हुए सैन्य अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को एक सैन्य वाहन 17 जवानों को लेकर ऊंचाई वाले क्षेत्र में मौजूद चौकी की ओर लेकर जा रहा था, तभी डोडा के भादरवाह-चंबा अंतरराज्यीय सड़क क्षेत्र स्थित खानी टॉप के पास सेना का एक बुलेटप्रूफ वाहन सड़क से फिसलकर लगभग 200 फीट गहरी खाई में गिर गया. इस हादसे में 10 जवानों की जान चली गई है, जबकि अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए.    अधिकारियों ने बताया कि इस दर्दनाक हादसे में 9 अन्य जवान घायल हो गए हैं। यह हादसा भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर खन्नी टॉप के पास हुआ। अधिकारियों ने बताया कि सेना के बुलेटप्रूफ वाहन में कुल 17 जवान सवार थे। यह वाहन ऊंचाई पर स्थित एक चौकी की ओर जा रहा था। उन्होंने बताया कि चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और वाहन करीब 200 फुट गहरी खाई में जा गिरा। अधिकारियों ने बताया कि सेना एवं पुलिस ने तुरंत संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया। इस दौरान चार जवान मृत पाए गए। उन्होंने कहा कि नौ अन्य जवान घायल हो गए हैं। उनमें से गंभीर रूप से घायल तीन जवानों को विशेष इलाज के लिए हवाई मार्ग से उधमपुर के सैन्य अस्पताल ले जाया गया। कश्मीर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। गुरुवार को अधिकतर स्थानों पर न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर के अधिकतर स्थानों पर रात के तापमान में कमी आई और पूरी घाटी में तापमान जमाव बिंदु से नीचे बना रहा। उन्होंने बताया कि श्रीनगर में बुधवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात की तुलना में एक डिग्री कम है। इसी के साथ, मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले का पर्यटक स्थल सोनमर्ग घाटी में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान शून्य से 6.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। पिछली रात यह शून्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले में स्थित प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से चार डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। अमरनाथ यात्रा के आधार शिविरों में से एक, दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। वहीं, घाटी के एंट्री गेट काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। जबकि कोकरनाग में यह शून्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस नीचे और कुपवाड़ा में शून्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आर्मी और पुलिस ने तुरंत मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और चार सैनिकों के शव मिले। उन्होंने बताया कि बचाए गए 9 अन्य सैनिक घायल हैं और उनमें से तीन को गंभीर चोटें आई हैं। सैनिकों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट जाए उधमपुर मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया है। कुछ दिन पहले गुलमर्ग में हुआ था हादसा इस घटना से पहले गुलमर्ग सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास 2 सेना के कुलियों की फिसलकर मौत हुई थी।     यहां के अनीता पोस्ट जा रहे कुली 8 जनवरी को एक गहरी खाई में गिर गए थे। उनके शव दो दिन बाद बरामद किए गए थे।     पिछले साल मई में, जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में एक वाहन के सड़क से फिसलकर 700 फुट गहरी खाई में गिरने से 3 सेना के जवानों की मौत हो गई थी। ओडिशा में भी भीषण सड़क हादसा ओडिशा के खुर्दा जिले में NH-16 पर एक कार के ट्रक से टकराने के बाद तीन लोगों की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना बुधवार रात को उस समय हुई जब एसयूवी कार ने भुवनेश्वर के पास इंफो वैली पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पिटापल्ली इलाके में ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी। उन्होंने बताया, "एसयूवी के चालक ने एक वाहन को ओवरटेक करते समय रफ्तार बढ़ा दी और ट्रक से टकरा गया। 20 से 25 वर्ष की आयु के तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य को गंभीर हालत में एम्स भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया है।" उन्होंने बताया कि दुर्घटना इतनी भीषण थी कि एसयूवी का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दमकल कर्मियों को शवों को वाहन से बाहर निकालने के लिए कटर का इस्तेमाल करना पड़ा। अधिकारी ने बताया कि उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए खुर्दा सरकारी अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मृतक भुवनेश्वर के निवासी थे।     

स्वास्थ्य मंत्रालय का खुलासा: दिसंबर में 167 दवाओं के नमूने फेल

नई दिल्ली देश भर में बिक रहीं 167 दवाओं के नमूने फेल पाए गए हैं। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन की ओर से की गई जांच में यह बात सामने आई है कि इनकी गुणवत्ता खराब है। दिसंबर 2025 को लेकर यह अलर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है। मिनिस्ट्री का कहना है कि दवाओं के 74 सैंपल तो केंद्रीय ड्रग्स एजेंसी ने फेल किए हैं और 93 सैंपल राज्यों की अथॉरिटीज ने खराब बताए हैं। इस तरह देश भर में कुल 167 दवाओं को फेल घोषित किया गया है। इन दवाओं की CDSCO ने अपने पोर्टल पर जारी की है। हर महीने ही संस्था की ओर से ऐसी दवाओं की सूची जारी की जाती है, जिनके नमूने फेल पाए गए हैं। मंत्रालय के अनुसार जिन दवाओं के नमूने फेल किए गए हैं, उन्हें एक या उससे अधिक पैरामीटर्स पर स्टैंडर्ड से कमजोर पाया गया। इन दवाओं को NSQ यानी नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वॉलिटी पाया गया। नोटिस में यह भी कहा गया है कि सरकारी लैब में दवाओं के जिस बैच को टेस्ट किया गया, उन्हें फेल पाया गया। इसका अर्थ यह नहीं है कि बाजार में उपलब्ध दवाओं को लेकर किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। हर महीने ऐसा एक रूटी क्वॉलिटी टेस्ट होता है, जिसमें दवाओं के परीक्षण किया जाता है और उनकी लिस्ट जारी की जाती है। उत्तर भारत में गाजियाबाद की लैब में 4 ऐसे सैंपल पाए गए। इसके अलावा अहमदाबाद, बिहार और महाराष्ट्र से भी कई नमूने फेल मिले। इन दवाओं को अनऑथराइज्ड संस्थाओं की ओर से तैयार किया जा रहा था। इसके लिए दूसरे ब्रांड्स का नाम भी इस्तेमाल गैर-कानूनी तरीके से किया जा रहा था। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही और कानून के अनुसार कार्रवाई भी होगी। राज्य स्तरीय रेगुलेटरीज के साथ मिलकर हर महीने ही इस तरह की टेस्टिंग की जाती है। इसी दौरान ऐसी दवाएं भी कई बार सामने आती हैं, जो नकली होती हैं और किसी कंपनी के उत्पाद की नकल करके तैयार की जाती हैं।

मुंबई की मेयर पद के लिए बड़ा ऐलान: महिला ही होगी मेयर, उद्धव गुट में मचा बवाल

मुंबई  बीएमसी के मेयर पद को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. लॉटरी सिस्टम के जरिए तय हुए आरक्षण के अनुसार इस बार मुंबई का मेयर पद ‘ओपन महिला’ कैटेगरी में आ गया है. इसका मतलब है कि अब बीएमसी की मेयर सिर्फ कोई महिला ही बन सकती है. जीती हुई महिला नगरसेवकों में से ही कोई एक इस पद पर पहुंचेगी. महाराष्ट्र के स्थानीय निकायों में मेयर पद के लिए आरक्षण की व्यवस्था हर बार लॉटरी से तय की जाती है. इसी प्रक्रिया में बीएमसी का मेयर पद महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हो गया. इससे पहले कई बार यह पद सामान्य या अन्य श्रेणियों में आता रहा है, लेकिन इस बार लॉटरी में महिला कैटेगरी निकल आई है. अब बीएमसी में बहुमत वाली पार्टी या गठबंधन अपनी महिला पार्षद को मेयर पद के लिए आगे करेगा. हालांकि इस फैसले पर शिवसेना (यूबीटी) ने आपत्ति जताई है. पार्टी ने आरोप लगाया कि मुंबई को ओबीसी आरक्षण के ड्रॉ से बाहर रखा गया है. शिवसेना यूबीटी के नेताओं का कहना है कि मुंबई जैसे महानगर में ओबीसी समुदाय की आबादी को ध्यान में रखते हुए आरक्षण में उनका हिस्सा होना चाहिए था, लेकिन लॉटरी में ऐसा नहीं हुआ. पार्टी ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे पक्षपातपूर्ण बताया है. मुंबई में मेयर का पोस्ट महिला कोटे में गया… अन्य सीटों का क्या हुआ? बीएमसी के मेयर पद का पोस्ट लॉटरी सिस्टम के जरिए महिला कोटे में गया है. शिवसेना-UBT ने मुंबई आरक्षण पर लॉटरी को लेकर आपत्ति जताई है. ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने सवाल उठाया था कि OBC आरक्षण ड्रॉ से मुंबई को क्यों बाहर रखा गया.  इसके अलाना पुणे, धुले, बीएमसी, नांदेड़, नवी मुंबई, मालेगांव, मीरा भयंदर, नासिक और नागपुर में मेयर की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हुई है. मेयर आरक्षण लॉटरी के बाद बदले सियासी समीकरण, लातूर-जालना SC महिला और ठाणे SC के लिए आरक्षित महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के मद्देनजर आरक्षण लॉटरी की घोषणा के बाद राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव आया है. लातूर, जालना और ठाणे सहित कुल पांच नगर निगमों की मेयर सीटें अब अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए आरक्षित कर दी गई हैं. इनमें से लातूर और जालना नगर निगम की सीटें विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं. वहीं, राज्य के महत्वपूर्ण नगर निगमों में से एक ठाणे को अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है.  महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के मेयर आरक्षण का ऐलान, मुंबई-पुणे सहित बड़े शहरों में महिला सीट महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार, 22 जनवरी को राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के लिए मेयर पद के आरक्षण की आधिकारिक घोषणा कर दी है. मंत्रालय में आयोजित आरक्षण लॉटरी के मुताबिक, 29 में से 16 सीटें तमाम श्रेणियों के लिए आरक्षित की गई हैं, जबकि 13 सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं. इस बार महिलाओं का दबदबा देखने को मिला है, जहां कुल 17 सीटों पर महिला मेयर चुनी जाएंगी.  मुंबई (बृहन्मुंबई), पुणे, नागपुर और नाशिक जैसी प्रमुख महानगरपालिकाएं 'सामान्य महिला' (Open Woman) श्रेणी के लिए आरक्षित हुई हैं. वहीं, ठाणे को अनुसूचित जाति (SC) और कल्याण-डोंबिवली को अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है. जालना और लातूर की सीटें अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं. ओबीसी (OBC) वर्ग के लिए 8 सीटें आवंटित की गई हैं, जिनमें अहिल्यानगर और अकोला जैसी जगहों पर महिला मेयर होंगी. इस आरक्षण ने आने वाले मेयर चुनावों के लिए पार्टियों के चुनावी गणित को पूरी तरह बदल दिया है. प्रमुख महानगरों में आरक्षण की स्थिति आरक्षण लॉटरी के परिणामों ने राज्य के बड़े राजनीतिक केंद्रों में नई स्थिति पैदा कर दी है. मुंबई, पुणे, नागपुर, नाशिक और नवी मुंबई जैसी हाई-प्रोफाइल सीटें 'सामान्य महिला' वर्ग के लिए आरक्षित हुई हैं. इसका मतलब है कि इन शहरों में अब केवल महिला उम्मीदवार ही मेयर पद के लिए चुनाव लड़ सकेंगी. वहीं, वसई-विरार, पिंपरी-चिंचवड और सोलापूर जैसी सीटें पूरी तरह 'ओपन' रखी गई हैं, जहाँ किसी भी वर्ग का उम्मीदवार मेयर बन सकता है. SC, ST और OBC वर्गों का कोटा सामाजिक संतुलन को देखते हुए लॉटरी में अनुसूचित जाति (SC) के लिए 3 सीटें (जालना, लातूर और ठाणे) आरक्षित की गई हैं. अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए केवल कल्याण-डोंबिवली की सीट आरक्षित हुई है. ओबीसी (OBC) वर्ग के हिस्से में 8 सीटें आई हैं, जिनमें चंद्रपूर, कोल्हापुर और अहिल्यानगर शामिल हैं. इस रोटेशन पद्धति के जरिए सरकार ने सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है, जिससे अब नगर निकायों में नेतृत्व की नई तस्वीर साफ हो गई है. सामान्य महिला (Open Woman): मुंबई, पुणे, नागपुर, नाशिक, नाशिक, धुळे, नागपुर, मालेगांव, नवी मुंबई. सामान्य (Open): वसई-विरार, पिंपरी-चिंचवड, अमरावती, छ. संभाजीनगर, सांगली-मिरज-कुपवाड, सोलापूर. SC/SC महिला: ठाणे (SC), जालना और लातूर (SC महिला). ST: कल्याण-डोंबिवली. OBC/OBC महिला: चंद्रपूर (OBC), अहिल्यानगर, अकोला और जळगांव (OBC महिला). कांग्रेस ने उठाया सवाल इसी तरह कांग्रेस पार्टी ने भी परभणी नगर निगम के आरक्षण ड्रॉ पर सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस का कहना है कि कई जगहों पर लॉटरी की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी दिख रही है और कुछ शहरों को जानबूझकर बाहर रखा जा रहा है. दोनों पार्टियां राज्य सरकार पर आरोप लगा रही हैं कि वह आरक्षण व्यवस्था का दुरुपयोग कर रही है. बीएमसी चुनाव में शिवसेना (शिंदे गुट), भाजपा और अन्य सहयोगी दलों के गठबंधन महायुती को बहुमत मिला है. बहुमत होने के कारण मेयर पद पर उनका ही दावा मजबूत माना जा रहा है. अब गठबंधन अपनी किसी महिला पार्षद को मेयर बनाकर पद संभाल सकता है. दूसरी ओर महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के नेता इस फैसले को राजनीतिक खेल बताकर विरोध जता रहे हैं.

रेलवे की बंपर कमाई: वंदे भारत स्लीपर के पहले सफर में ही हाउसफुल, टिकट 24 घंटे में बिके

नई दिल्ली असम के कामाख्या और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन रेलगाड़ी (रेलगाड़ी संख्या 27576) की पहली व्यावसायिक यात्रा को यात्रियों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। इस ट्रेन के सभी श्रेणियों की टिकट बुकिंग शुरू होने के बाद 24 घंटे से कम समय में ही बिक गई। रेलवे ने मंगलवार को बताया कि 22 जनवरी को कामख्या से चलने वाली वंदे भारत शयनयान रेलगाड़ी में यात्रा के लिए पीआरएस और अन्य साइटों के माध्यम से टिकट बुकिंग शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर सभी सीटें बुक हो गईं। सीटों की इतनी जल्दी बुकिंग होना यात्रियों की उस उत्सुकता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। गौरतलब है कि अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित देश की पहली वंदे भारत शयनयान को 17 जनवरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। रेलवे के अनुसार, यह रेलगाड़ी 22 जनवरी से कामाख्या से और 23 जनवरी से हावड़ा से अपनी पहली व्यावसायिक यात्रा शुरू करेगी। एजेंसी वार्ता की रिपोर्ट के अनुसार, इस नई रेल सेवा के लिए टिकट बुकिंग 19 जनवरी को सुबह 8:00 बजे शुरू हुई और 24 घंटे से भी कम समय में सभी श्रेणियों के टिकट पूरी तरह बिक गए। कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत स्लीवर एक्सप्रेस से पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के बीच यातायात में काफी सुधार होने की उम्मीद है। यह ट्रेन आधुनिक सुविधाएं, बेहतर यात्रा समय और विश्व स्तरीय रात्रिकालीन यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। टिकट के लिए कड़े नियम वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत 2 ट्रेनों के यात्री यदि निर्धारित प्रस्थान समय से आठ घंटे से पहले, अपने ‘कंफर्म’ टिकट रद्द करते हैं तो एक भी पैसा वापस नहीं मिलेगा। रेल मंत्रालय द्वारा 16 जनवरी को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, इन ट्रेनों के टिकट रद्द करने का शुल्क किराये का 25 प्रतिशत होगा, बशर्ते कि ‘कंफर्म’ टिकट 72 घंटे से पहले रद्द किए जाएं। मंत्रालय ने रेल यात्री (टिकट रद्द करना और किराया वापसी) नियम, 2015 में संशोधन किया है और वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के साथ-साथ अमृत भारत 2 ट्रेनों के लिए सख्त नियमों को अधिसूचित किया है। अन्य ट्रेनों के मामले में, यदि ‘कंफर्म’ टिकट निर्धारित प्रस्थान समय से चार घंटे से कम समय पहले रद्द किए जाते हैं, तो धनवापसी के लिए पात्र नहीं होंगे।

ट्रंप ने कहा- मोदी मेरे अच्छे दोस्त, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता होगा शानदार

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है. उन्होंने पीएम मोदी को अपना शानदार दोस्त बताते हुए भारत और अमेरिका के बीच एक अच्छी ट्रेड डील की उम्मीद जताई है. स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान हमारी सहयोगी न्यूज पोर्टल मनीकंट्रोल से एक्सक्लूसिव बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी उनके शानदार दोस्त हैं. बहुत जल्द भारत के साथ अमेरिका की अच्छी डील होने जा रही है. ट्रंप ने कहा- ‘हम प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान करते हैं, मोदी शानदार इंसान और मेरे अच्छे दोस्त हैं’. उन्होंने कहा वह कि ‘भारत के साथ जल्द अच्छी डील करने जा रहे हैं’. किन मुद्दों पर अटकी है बातचीत? वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के 56वें वार्षिक समिट के मौके पर ट्रंप ने मनी कंट्रोल के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की. ट्रंप ने भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बेहद आशावादी बातें कही है. उनका यह बयान उस वक्त आया है जब भारत और अमेरिका के वार्ताकार इस डील पर अटके हुए हैं. दोनों देशों के वार्ताकार कई मसलों पर आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं. इसमें टैरिफ की दरों से लेकर बाजार तक पहुंच के मुद्दे शामिल हैं. इनके बीच ऊर्जा और कृषि से जुड़े मसलों पर असहमति है. अब तक कितने दौर की हुई बातचीत? भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की संभावना को लेकर पूछे गए सीधे सवाल पर उन्होंने सकारात्मक बातें कहीं. उन्होंने कहा कि हम एक अच्छी डील करने जा रहे हैं. भारत और अमेरिका ने व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते और पारस्परिक टैरिफ दरों को कम करने के लिए एक अंतरिम व्यवस्था बनाने को लेकर अब तक छह दौर की बातचीत की है. दोनों पक्ष लंबे समय से चले आ रहे इस गतिरोध को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. इस संभावित ट्रेड डील पर बातचीत को बीते साल फरवरी में गति मिली थी. उस वक्त पीएम मोदी ने अमेरिका का दौरा किया था. उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की थी. फिर दोनों शासनाध्यक्षों ने ‘मिशन 500’ की घोषणा की थी. इस मिशन का लक्ष्य दोनों देशों के बीच 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाकर दोगुना करने का था. कब तक हो सकती है डील? इस रोडमैप के तहत ही भारत और अमेरिका ने तय किया था कि 2025 के बीतते-बीतते एक मल्टी-सेक्टर पारस्परिक रूप से लाभकारी ट्रेड डील को अमलीजामा पहना देंगे. लेकिन, यह समय बीत गया लेकिन डील नहीं हो पाई. हालांकि भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी अनंत नागेश्वरन ने संकेत दिया है कि मार्च 2026 तक दोनों देशों के बीच अंतरिम ट्रेड डील पर मुहर लग सकती है. भारत के लिए कितना जरूरी है यह डील? भारत के लिए यह ट्रेड डील बहुत जरूरी हो गया है. क्योंकि भारत के 48.2 बिलियन डॉलर के निर्यात को भारी अमेरिकी टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है. भारत की कोशिश है कि इस विषम परिस्थिति में भी अमेरिका को भारतीय निर्यात में बढ़ोतरी बनी रहे. हालांकि, उच्च टैरिफ दरों का असर अन्य सेक्टर पर पड़ा है. पीएम मोदी ने बीते साल फरवरी में अमेरिका का दौरा किया था. उसके बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड वार्ता शुरू हुई थी. दोनों देशों के बीच कितने का कारोबार? टैरिफ की चुनौतियों के बीच दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ा है. सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि बीते साल अप्रैल से दिसंबर के बीच भारत से अमेरिका को निर्यात 9.8 फीसदी बढ़कर 65.9 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया. इन आंकड़ों से पता चलता है कि भारत के लिए बतौर एक ट्रेड पार्टनर अमेरिका की क्या भूमिका है. भारत और अमेरिका अब भी द्विपक्षीय ट्रेड समझौते को लेकर प्रतिबद्ध हैं. अभी क्या है भारत का रुख? भारत के विदेश मंत्रालय ने नौ जनवरी को कहा था कि दोनों देशों के बीच करीब एक साल साल से बातचीत चल रही है. विदेश मंत्रालय ने कहा था- भारत और अमेरिका द्विपक्षीय ट्रेड वार्ता के लिए प्रतिबद्ध हैं. दोनों देशों के बीच बीते साल 13 फरवरी से बातचीत चल रही है. उसके बाद ही दोनों देशों ने एक संतुलित और दोनों को फायदा पहुंचाने वाले एक ट्रेड डील को लेकर कई दौर की वार्ता कर चुके हैं.

फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने स्थापित किया 200वां विशाल राष्ट्रीय ध्वज

अदालतों से मणिपुर के कांगला फोर्ट तक… फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने स्थापित किया 200वां विशाल राष्ट्रीय ध्वज 23 जनवरी को 'राष्ट्रीय ध्वज दिवस' घोषित करने का प्रस्ताव कांगला 21 जनवरी, 2026: अपनी महान विरासत और देशभक्ति के अद्भुत संगम को दर्शाते हुए फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने आज मणिपुर की राजधानी इम्फाल स्थित ऐतिहासिक कांगला फोर्ट में अपना 200वां विशाल राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया। यह अवसर दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक उपलब्धियों का प्रतीक है। पहला, दिल्ली उच्च न्यायालय के उस ऐतिहासिक निर्णय के 30 वर्ष, जिसने नागरिकों को सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार दिया और दूसरा सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले के 22 वर्ष, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के अंतर्गत राष्ट्रीय ध्वज फहराने को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी गई।  200वें ध्वज की स्थापना के लिए कांगला फोर्ट का चयन प्रतीकात्मक है, क्योंकि 21 जनवरी 1972 को ही मणिपुर को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। मणिपुर के राजाओं की प्राचीन सत्ता और मैतेई पहचान के आध्यात्मिक केंद्र रहे इस किले पर अब तिरंगा राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में लहराएगा और यहां आने वाले हजारों पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारत के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों की याद दिलाता रहेगा।   आज का यह कार्यक्रम फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री नवीन जिन्दल की मेहनत और उनके लंबे संघर्ष को याद करने का एक खास मौका है। अमेरिका से भारत लौटने के बाद श्री जिन्दल ने उस समय लागू प्रतिबंधात्मक भारतीय ध्वज आचार संहिता को चुनौती दी थी, जिसके तहत आम नागरिकों को केवल विशेष अवसरों पर ही राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति थी। श्री जिन्दल शुरू से मानते रहे हैं कि तिरंगा हर भारतीय के गौरव, सम्मान और अभिव्यक्ति का प्रतीक है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को उसे प्रतिदिन फहराने का अधिकार मिलना चाहिए। उनके इसी संकल्प और कानूनी संघर्ष के परिणामस्वरूप आज देशवासियों को गर्व और सम्मान के साथ साल के 365 दिन तिरंगा फहराने का अधिकार प्राप्त है। उनके एक दशक लंबे कानूनी संघर्ष के परिणामस्वरूप 23 जनवरी, 2004 को सर्वोच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सम्मान के साथ तिरंगा फहराना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता" का हिस्सा है। श्री नवीन जिन्दल ने अपने संदेश में कहा कि तिरंगा भारत की एकता और सफलता का प्रतीक है। राष्ट्रीय ध्वज से हमारा गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने कहा, “हर सुबह जब मैं अपनी जैकेट पर तिरंगे की पिन लगाता हूं तो मुझे देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का एहसास होता है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तिरंगा का मतलब आराम नहीं, बल्कि युवाओं को हर दिन अपने अधिकारों और कर्तव्यों को निभाने के लिए प्रेरित करना है। फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया इस महत्वपूर्ण अवसर पर 23 जनवरी को आधिकारिक तौर पर 'राष्ट्रीय ध्वज दिवस' के रूप में मान्यता देने की पुरजोर पैरवी कर रहा है। अपने "अधिकार से जिम्मेदारी" पहल के माध्यम से फाउंडेशन अपने मिशन का विस्तार कर रहा है, जिसमें शामिल हैं: * जन-शिक्षा: युवाओं की आकांक्षाओं के साथ तिरंगे को जोड़ना। * पर्यावरण संरक्षण: ध्वज के सम्मानजनक उपयोग, उचित निपटान और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देना। * राष्ट्रीय गौरव: नागरिकों को राष्ट्र निर्माण के प्रति व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के रूप में साल भर ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करना। फाउंडेशन देशवासियों का आह्वान करता है कि वे तिरंगे से जुड़े संवैधानिक मूल्यों को अपनाएं। वे ध्वज फहराने के “अधिकार” तक सीमित न रहें, बल्कि उन मूल्यों को जीने की “जिम्मेदारी” भी निभाएं। फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के बारे में श्री नवीन जिन्दल और श्रीमती शालू जिन्दल द्वारा स्थापित फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया एक गैर-लाभकारी संस्था है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक भारतीयों को गर्व के साथ तिरंगा प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। विशाल ध्वजों की स्थापना और राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियानों के माध्यम से फ्लैग फाउंडेशन सभी भारतीय नागरिकों में राष्ट्रवाद और गौरव की भावना पैदा करने के लिए समर्पित है।

“दावोस में ग्लोबल एक्सपर्ट्स की राय: मजबूत विकास दर के साथ क्या भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनेगा?”

 नई दिल्ली दुनिया के बहुत कम देश इस साल दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में उतनी मजबूती और आत्मविश्वास के साथ पहुंचे हैं, जितना भारत. मजबूत विकास दर, गहरे होते सुधार और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के बीच भारत आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है. इस मोमेंटम को बनाए रखने के लिए अब कड़े फैसलों और तेज क्रियान्वयन (एक्जीक्यूशन) की जरूरत है. इसी विषय पर इंडिया टुडे ग्रुप के सहयोग से एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जिसका संचालन इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस-चेयरपर्सन और एग्जीक्यूटिव एडिटर-इन-चीफ कली पुरी ने किया. सत्र में दिग्गज अर्थशास्त्री, सीईओ और केंद्रीय मंत्री ने इस बात का विश्लेषण किया कि भारत को आगे क्या करने की आवश्यकता है. भारत का ‘मोमेंटम मोमेंट’ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर और प्रसिद्ध भारीतय-अमेरिकी अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने अर्थव्यवस्था को नया रूप देने वाली प्रगति को स्वीकार करते हुए चर्चा की शुरुआत की. उन्होंने सबसे पहले भारत की अब तक की उपलब्धियों को रेखांकित किया.  उन्होंने कहा, “डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण बेहद प्रभावशाली रहा है. जीएसटी में जो किया गया, खासकर हालिया सरलीकरण, वह अर्थव्यवस्था के लिए बेहद मददगार है.” जब कली पुरी ने उनसे पूछा कि इस मोमेंटम को बनाए रखने के लिए अब भारत को क्या करना चाहिए? तो गोपीनाथ का जवाब स्पष्ट था. उन्होंने कहा, "इस मोमेंटम को बनाए रखना, प्रति व्यक्ति आय बढ़ाना और 2047 के 'विकसित भारत' के लक्ष्य तक पहुंचना ही असली चुनौती है. आज भारत की बुनियाद मजबूत है. न सिर्फ विकास दर के लिहाज से, बल्कि महंगाई भी लो सिंगल डिजिट में है. यह भारत के लिए अच्छी स्थिति है.”   हालांकि, उन्होंने कुछ पुराने अवरोधों की ओर भी इशारा किया. उन्होंने कहा, "भारत में जमीन अधिग्रहण करना, साफ-सुथरी जमीन के मालिकाना हक होना एक बहुत बड़ी चुनौती है, जो विकास और मैन्युफैक्चरिंग में बाधा डालती है." उन्होंने न्यायिक सुधारों को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया. श्रम बाजार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की जनसांख्यिकीय ताकत का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा. उन्होंने कहा कि भारत के विकास में केवल लगभग 30% हिस्सा ही श्रम से आया है. उन्होंने नए श्रम कानूनों का स्वागत किया, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि यदि भारत वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ना चाहता है, तो उसे बहुत बड़ा सोचना होगा. उन्होंने कौशल विकास (Skilling) को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा, “नौकरियों और श्रमिकों के कौशल के बीच बड़ा अंतर है. स्किलिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ाना बेहद जरूरी है.” प्रदूषण: विकास के रास्ते में बड़ी बाधा कली पुरी के एक तीखे सवाल पर कि भूमि और श्रम के अलावा भारत को क्या रोक रहा है, गोपीनाथ ने प्रदूषण के मुद्दे को उठाया. उन्होंने साफ-साफ कहा कि प्रदूषण भारत में एक चुनौती है. यह टैरिफ के किसी भी असर से कहीं ज़्यादा गंभीर है. उन्होंने विश्व बैंक के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, "भारत में हर साल प्रदूषण के कारण लगभग 17 लाख लोग जान गंवाते हैं. यह न केवल आर्थिक बोझ है, बल्कि वैश्विक निवेशकों को भी हतोत्साहित करता है."  उन्होंने प्रदूषण से युद्ध स्तर पर निपटने का आह्वान करते हुए कहा कि अगर आपको वहां रहना है और माहौल ऐसा नहीं है जो आपको अपनी सेहत के लिए अच्छा लगे, तो यह आपको पीछे खींचता है."  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों और वैश्विक अनिश्चितताओं पर बोलते हुए गोपीनाथ ने कहा, “दुनिया पिछले 80 सालों के वैश्विक आर्थिक ढांचे से स्थायी रूप से आगे निकल चुकी है. अब हम पीछे नहीं लौटने वाले.” अभी भी बाकी हैं बड़े सुधार कली पुरी ने भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल से एग्जीक्यूशन से जुड़ा था एक अहम सवाल पूछा कि भारत की ग्रोथ को सच में तेजी देने के लिए हमें और क्या करने की जरूरत है?" मित्तल ने आशावादी लहजे में कहा, “भारत पहले से ही बहुत अच्छी स्थिति में है. हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे ही. अगर आध्यात्मिक भाषा में कहूं तो यह किस्मत में लिखा है.” हालांकि, उन्होंने बड़े पैमाने पर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि हमें 25 से 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचना होगा.  उद्योग जगत की बात करते हुए मित्तल ने कहा कि बुनियादी शर्तें पूरी हैं. उन्होंने कहा, “मेरी जमात यानी बिजनेस कम्युनिटी को एक सक्षम माहौल चाहिए, एक प्रतिबद्ध सरकार चाहिए और नीति में स्थिरता चाहिए. ये तीनों चीजें आज उपलब्ध हैं. उनकी सबसे बड़ी चिंता वैश्विक हालात को लेकर है. जो चीज हमें पटरी से उतार सकती है, वह है दुनिया में बढ़ती प्रतिस्पर्धा. इस माहौल में ट्रेड डील्स बेहद अहम होंगी.” मित्तल ने पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि एक लाइसेंस के लिए सैकड़ों विभागों के चक्कर काटने का दौर अब खत्म हो चुका है. उन्होंने कहा, “मैंने वो दौर देखा है जब DGTD, CCIE जैसे विभागों के बाहर खड़े होकर ढेर सारी किताबें, मैनुअल और हैंडबुक लेकर एक-एक लाइसेंस के लिए चक्कर लगाने पड़ते थे. सैकड़ों विभागों से मंजूरी लेनी होती थी. अब वो सब खत्म हो चुका है.” उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह भारतीय कंपनियों पर और अधिक भरोसा दिखाए. उन्होंने कहा, "हम पर अधिक विश्वास करें, हम नियमों का पालन करेंगे और सही काम करेंगे." भारत की सबसे बड़ी ताकत को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “भारत उपभोक्ताओं का महाद्वीप है. हम दुनिया के हर देश के लिए एक बड़ा बाजार हैं. और अब हम सिर्फ उपभोग ही नहीं कर रहे, बल्कि दुनिया के लिए उत्पादन भी कर रहे हैं.” एक वैश्विक CEO की नजर से भारत कली पुरी ने IKEA के वैश्विक प्रमुख जुवेन्सियो मेज़्टु हेरेरा से पूछा कि एक ग्लोबल सीईओ के नजरिए से आज भारत कैसा दिखता है. इस पर IKEA के CEO हेरेरा ने बेहद आत्मीयता और साफगोई के साथ जवाब दिया. उन्होंने कहा, “भारत को लेकर मैं भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ हूं. मैंने यहां छह साल बिताए हैं.” भारत की ताकतों को गिनाते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “भारत एक बहुत बड़ा बाज़ार है. यहां की आबादी युवा है. यह एक लोकतंत्र है. भारत के पास यह क्षमता है कि वह कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था से सीधे अत्याधुनिक AI युग में, किसी भी अन्य देश … Read more