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भूकंप का कहर: दो देशों में महसूस हुए तेज झटके, अफगानिस्तान और म्यांमार में दहशत

अफगानिस्तान एशिया के दो संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों अफगानिस्तान और म्यांमार में एक बार फिर धरती कांप उठी है। हाल के दिनों में दोनों देशों में कई भूकंप दर्ज किए गए हैं, जिससे पहले से संकटग्रस्त आबादी के लिए खतरा और बढ़ गया है। अफगानिस्तान में भूकंप रविवार को अफगानिस्तान में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, यह भूकंप 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया, जिससे आफ्टरशॉक्स और नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। भूकंप का केंद्र 33.74° उत्तरी अक्षांश और 65.70° पूर्वी देशांतर पर स्थित था। इससे पहले 15 जनवरी को 4.2 तीव्रता का भूकंप 96 किमी गहराई पर और 14 जनवरी को 3.8 तीव्रता का भूकंप 90 किमी गहराई पर दर्ज किया गया था। रेड क्रॉस के अनुसाaर, अफगानिस्तान विशेष रूप से हिंदूकुश क्षेत्र में स्थित होने के कारण बार-बार भूकंप झेलता है। यह इलाका भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की टकराहट की सीमा पर है। UNOCHA ने चेतावनी दी है कि दशकों के संघर्ष और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण अफगानिस्तान प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहद संवेदनशील बना हुआ है। म्यांमार में लगातार झटके इसी तरह, म्यांमार में भी रविवार को 3.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई 65 किलोमीटर थी। NCS के अनुसार, इसका केंद्र 23.70° उत्तरी अक्षांश और 93.79° पूर्वी देशांतर पर था। विशेषज्ञों के अनुसार, उथले भूकंप अधिक खतरनाक होते हैं क्योंकि उनकी तरंगें सीधे सतह तक पहुंचती हैं और ज्यादा तबाही मचा सकती हैं।   म्यांमार चार टेक्टोनिक प्लेटों भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट के संगम पर स्थित है। यहां से गुजरने वाला 1,400 किमी लंबा सागाइंग फॉल्ट देश के प्रमुख शहरों सागाइंग, मांडले, बागो और यांगून के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है, जहां लगभग 46% आबादी रहती है।विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पहले ही चेतावनी दे चुका है कि बड़े भूकंपों के बाद विस्थापित लोगों में टीबी, एचआईवी और जलजनित बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता है।

यात्रियों के लिए राहत या नई पाबंदी? चारधाम यात्रा में मोबाइल संबंधी नया निर्देश

उत्तराखंड उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा की पवित्रता और अनुशासन को सुनिश्चित करने के लिए इस साल एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के भीतर मोबाइल फोन का प्रवेश वर्जित होगा। हाल के वर्षों में रील और ब्लॉग बनाने को लेकर बढ़ते विवादों और श्रद्धालुओं की एकाग्रता में पड़ने वाले खलल को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। मंदिर की मर्यादा पहली प्राथमिकता गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। आयुक्त ने बताया कि बदरीनाथ में 'सिंहद्वार' से आगे मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित रहेगा, जबकि केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के मंदिर परिसरों में भी फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं के फोन सुरक्षित रखने के लिए मंदिर समिति और प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की जाएगी। पंजीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं पर अपडेट यात्रा के लिए पंजीकरण की पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी, जिसमें 60% ऑफलाइन और 40% ऑनलाइन कोटा निर्धारित है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए डॉक्टरों की 15-15 दिन की रोटेशन ड्यूटी और एयर एंबुलेंस की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी संबंधित विभागों को 31 मार्च तक सड़कों की मरम्मत का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की उम्मीद छले साल 50 लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए थे। इस वर्ष भी भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन "सुगम और सुरक्षित यात्रा" के लक्ष्य पर काम कर रहा है।  

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी; प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू कीं 2 अमृत भारत ट्रेनें, क्या होगा खास

असम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के नगांव जिले में 6,957 करोड़ रुपये की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखी और 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाई। असम की अपनी दो दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में गुवाहाटी से कलियाबोर पहुंचे मोदी ने काजीरंगा परियोजना के भूमि पूजन में हिस्सा लिया। एक अधिकारी ने कहा कि यह कॉरिडोर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभ्यारण्य के निकट वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने, राष्ट्रीय राजमार्ग-715 पर सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया जाएगा, जबकि स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।   यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के कलियाबोर-नुमलिगढ़ खंड को चौड़ी करने के लिए जारी परियोजना का हिस्सा है। इसमें करीब 34.45 किलोमीटर मीटर लंबा एलिवेटेड और वन्यजीवों के अनुकूल कॉरिडोर होगा, साथ ही जखलाबंधा और बोकाखत में बाईपास भी बनाए जाएंगे। पीएम मोदी ने काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर के एक मॉडल का भी निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री ने 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों (डिब्रूगढ़-गोमती नगर और कामाख्या-रोहतक) को भी डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाई। किन लोगों को होगी अधिक सुविधा सीनियर अधिकारी ने कहा कि ये ट्रेन असम और पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे विभिन्न राज्यों के बीच लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार लाएंगी, यात्रा का समय कम होगा, और आधुनिक यात्री सुविधाएं मिलेंगी। प्रधानमंत्री ने इससे पहले एक पोस्ट में कहा कि वह असम के कलियाबोर में प्रमुख विकास कार्यों के भूमि पूजन के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आज मैं कालियाबोर, असम के काजीरंगा में 35 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर समेत प्रमुख विकास कार्यों के भूमि पूजन को लेकर उत्सुक हूं। इससे विशेष रूप से मानसून के दौरान जानवरों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।'  

चौंकाने वाली रिपोर्ट: ईरान में हिंसक दमन में हजारों प्रदर्शनकारी मारे गए

ईरान ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने अब पूरे देश को हिला कर रख दिया है। शुरुआत आर्थिक मुद्दों जैसे महंगाई और रियाल की गिरावट से हुई थी, लेकिन जल्द ही यह सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गया, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ नारे लगाए जा रहे हैं। एक नई रिपोर्ट दावा करती है कि सरकार की कड़ी कार्रवाई में कम से कम 16,500 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और 3 लाख 30 हजार से अधिक घायल हुए हैं। अधिकांश पीड़ित 30 वर्ष से कम उम्र के युवा हैं। यह रिपोर्ट जमीन पर मौजूद डॉक्टरों के हवाले से तैयार की गई है।   अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) ने 3,090 मौतों की पुष्टि की है, जिसमें ज्यादातर प्रदर्शनकारी शामिल हैं। साथ ही 22 हजार से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। सुप्रीम लीडर खामेनेई ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि अशांति में कई हजार मौतें हुई हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपराधी बताते हुए प्रदर्शनकारियों को अमेरिका का फुट सोल्जर करार दिया। रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया है कि घायलों में सिर, गर्दन और छाती पर गोली। यह बात सैन्य-ग्रेड हथियारों के इस्तेमाल को दर्शाती है। डिजिटल अंधेरे के कवर में नरसंहार बताया जर्मन-ईरानी नेत्र सर्जन प्रोफेसर अमीर परस्ता ने इसे डिजिटल अंधेरे के कवर में नरसंहार कहा है। तेहरान के प्रमुख अस्पतालों के आंकड़ों के अनुसार हजारों आंखों की चोटें दर्ज की गईं, जिसमें 700 से 1,000 लोग अपनी आंखें खो चुके हैं। कई मौतें खून की कमी से हुईं, क्योंकि सुरक्षा बलों ने कुछ मामलों में ब्लड ट्रांसफ्यूजन की इजाजत नहीं दी। प्रोफेसर परस्ता ने कहा कि अधिकारी रुकने तक मारते रहेंगे और यही हो रहा है। यह क्रैकडाउन बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक तक पहुंच गया है, जिसे कुछ विशेषज्ञों ने नरसंहार जैसा बताया है। ईरान में कई हफ्तों से इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है, जिसने सूचना के प्रवाह को पूरी तरह रोक दिया है और देश को दुनिया से अलग-थलग कर दिया है।  

मनोज तिवारी के घर लाखों की चोरी का खुलासा, भरोसेमंद नौकर निकला आरोपी, इस गलती से पकड़ा गया

नई दिल्ली उत्तर-पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी के मुंबई स्थित फ्लैट में हुई चोरी के मामले में अंबोली पुलिस ने सुरेंद्र कुमार दीनानाथ शर्मा नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी मनोज तिवारी का पूर्व कर्मचारी है, जिसे लगभग दो साल पहले काम से निकाल दिया गया था। यह चोरी मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित शास्त्री नगर इलाके के सुंदरबन अपार्टमेंट में हुई। पिछले 20 वर्षों से उनके साथ रह रहे मनोज तिवारी के मैनेजर प्रमोद जोगेंद्र पांडे ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।   चोरी की यह वारदात दो किस्तों में हुई। जून 2025 में अलमारी से 4.40 लाख रुपये गायब हुए थे, लेकिन तब चोर का पता नहीं चल सका था। इसके बाद 15 जनवरी 2026 की रात को फिर से 1 लाख रुपये की चोरी हुई। ऐसे पकड़ा गया आरोपी बिना ताला टूटे बार-बार पैसे गायब होने पर मैनेजर को शक हुआ, जिसके बाद दिसंबर 2025 में घर के अंदर गुप्त रूप से CCTV कैमरे लगवाए गए। 15 जनवरी 2026 को रात करीब 9 बजे CCTV फुटेज में देखा गया कि पूर्व कर्मचारी सुरेंद्र शर्मा बड़े आराम से फ्लैट में दाखिल हुआ। उसके पास घर, बेडरूम और अलमारी की डुप्लीकेट चाबियां थीं। फुटेज में उसे अलमारी से पैसे निकालते हुए देखा गया। पहचान होने के बाद पुलिस को सूचना दी गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। अंबोली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर चोरी की गई राशि की बरामदगी और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।  

माता-पिता की सीख ने गढ़ा व्यक्तित्व: ‘कितना भी बदल जाओ…’ बोले NSA अजीत डोभाल

नई दिल्ली राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अपने माता-पिता से मिली सीख को याद करते हुए कहा कि कितना भी बदल जाओ, लेकिन अपनी परंपराएं कभी मत भूलना। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में आयोजित रैबार-7 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में सीडीएस जनरल अनिल चौहान के साथ उत्तराखंड के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। सीडीएस चौहान और डोभाल ने मंच पर अपनी बात रखते हुए जोर दिया कि विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखना बहुत जरूरी है।   उत्तराखंड की पत्रिका रैबार-7 की वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में एनएसए अजीत डोभाल ने गढ़वाली भाषा में ही अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि रैबार गढ़वाली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ “संदेश” होता है। यह विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव पर आधारित पारंपरिक संचार प्रणाली का प्रतीक है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए NSA डोभाल ने इस शब्द के गहरे सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला और आधुनिक विकास की दौड़ में स्थानीय परंपराओं के खो जाने को लेकर आगाह किया। रैबार मजबूत संचार तंत्र डोभाल ने कहा, “रैबार शब्द गढ़वालियों के लिए एक महत्वपूर्ण भावना है। यह एक ऐसा संचार तंत्र है, जो भले ही अनजान हो, लेकिन पूरी तरह विश्वसनीय और भरोसेमंद है।” आधुनिक तकनीक आधारित संचार प्रणालियों से इसकी तुलना करते हुए उन्होंने कहा, “आज कई तरह की संचार प्रणालियां हैं, लेकिन उनमें भावनाएं नहीं हैं।” उन्होंने मंच से मजाक में कहा कि आज भले ही एयर इंडिया की फ्लाइट कैंसल हो जाए, लेकिन रैबार कभी कैंसल नहीं हो सकता। स्थानीय लोगों तक पहुंचे विकास का लाभ समावेशी और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील विकास की जरूरत पर जोर देते हुए NSA ने कहा कि विकास का लाभ केवल निवेशकों को ही नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड का विकास तभी सार्थक है, जब उसका लाभ उत्तराखंडियों को या वहां निवेश करने वालों को मिले।” पर्यटन विकास का स्वागत करते हुए भी डोभाल ने इसके दुष्प्रभावों को लेकर चेताया। माता-पिता से मिली सीख याद की उन्होंने कहा, “अगर उत्तराखंड पांच सितारा पर्यटन स्थल बनता है तो यह अच्छी बात है, लेकिन कहीं न कहीं हमारी संस्कृति खो सकती है।” अपने निजी अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने हमेशा परंपराओं और रीति-रिवाजों को सहेज कर रखने की सीख दी। उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता ने मुझे सिखाया कि चाहे हम कितना भी बदल जाएं, अपनी परंपराओं को नहीं भूलना चाहिए। यही रैबार है।” 2047 के भारत में उत्तराखंड की भूमिका कार्यक्रम में सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में उत्तराखंड की भूमिका पर बात की। उन्होंने कहा, “जब भारत 2047 में एक विकसित राष्ट्र बनेगा, तो क्या उत्तराखंड केवल उसका लाभ उठाएगा या उसमें योगदान भी देगा?” सामूहिक प्रयासों पर बल देते हुए जनरल चौहान ने कहा, “हमें सामूहिक प्रयास करने चाहिए, ताकि हमारे राज्य का विकास हमारे देश के विकास की गति और स्तर के अनुरूप हो।” उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड को केवल योगदानकर्ता ही नहीं, बल्कि नेतृत्व करने की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा, “कभी-कभी मुझे लगता है कि इस पहल में हमें सिर्फ योगदान नहीं देना चाहिए, बल्कि नेतृत्व भी करना चाहिए।”

इंडोनेशिया में यात्री विमान लापता होने से अफरा-तफरी

जावा. इंडोनेशिया के मुख्य द्वीप जावा और सुलावेसी द्वीप के बीच स्थित एक पहाड़ी क्षेत्र के पास पहुंचते समय एक क्षेत्रीय यात्री विमान का ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क टूट गया। विमान में 11 व्यक्ति सवार थे। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कि खोज एवं बचाव अभियान जारी है। परिवहन मंत्रालय प्रवक्ता एंडाह पूर्णमा सारी ने बताया कि इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट द्वारा संचालित टर्बोप्रॉप एटीआर 42-500 विमान योग्याकार्ता से दक्षिण सुलावेसी की राजधानी जा रहा था, तभी वह रडार से गायब हो गया। बढ़ीं उम्मीदें विमान का आखिरी बार अपराह्न 1:17 बजे दक्षिण सुलावेसी प्रांत के एक पहाड़ी जिले मारोस के लेआंग-लेआंग क्षेत्र में पता चला था। सारी ने एक बयान में कहा कि वायुसेना के हेलीकॉप्टर, ड्रोन और जमीनी इकाइयों के सहयोग से कई खोज और बचाव दल लगाये गए हैं। माउंट बुलुसाराउंग पर पर्वतारोहियों द्वारा बिखरे हुए मलबे, इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट के चिह्न से मेल खाने वाले लोगो और घटनास्थल पर आग को देखने की सूचना के बाद मलबे का पता लगाने की उम्मीदें बढ़ गईं। कौन थे विमान में सवार दक्षिण सुलावेसी के हसनुद्दीन सैन्य कमांडर मेजर जनरल बंगुन नावोको ने कहा कि इस बारे में सूचना अधिकारियों को दे दी गई है और बचाव दल उक्त क्षेत्र तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं और इसकी पुष्टि कर रहे हैं। सारी ने कहा कि एटीसी के अंतिम निर्देशों के बाद, रेडियो संपर्क टूट गया और नियंत्रकों ने आपातकालीन संकट की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि बचाव दल ने अपनी खोज उन पहाड़ों के आसपास केंद्रित की, जहां माना जाता है कि विमान सुल्तान हसनुद्दीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के अपने मार्ग से भटक गया था। उन्होंने बताया कि विमान में चालक दल के आठ सदस्य और समुद्री मामलों और मत्स्य मंत्रालय के तीन यात्री सवार थे।

वोट बैंक बंटा तो मजबूत हुआ BJP-शिंदे गठबंधन, विपक्ष की टूट से 32 सीटों का नुकसान

मुंबई मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों के नतीजों के विश्लेषण से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। विपक्षी दलों उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (UBT) और कांग्रेस के बीच गठबंधन टूटने का सीधा फायदा सत्ताधारी भाजपा और एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना को मिला है। आंकड़ों के अनुसार, कम से कम 32 वार्डों में विपक्षी मतों के विभाजन के कारण महायुति की राह आसान हो गई। महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग (SEC) द्वारा जारी उम्मीदवार-वार मतदान डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि बिखरे हुए विपक्ष के कारण भाजपा 21 वार्डों में जीत दर्ज की है। शिंदे की शिवसेना को 10 वार्डों में जीत हासिल हुई है। वहीं, अजीत पवार की NCP को सिर्फ एक वार्ड में लाभ मिला है। गठबंधन का गणित और फ्रेंडली फाइट चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस का साथ छोड़कर अपने चचेरे भाई राज ठाकरे (MNS) के साथ गठबंधन किया था। इसके जवाब में कांग्रेस ने प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) के साथ हाथ मिलाया। दो वार्डों (173 और 225) में तो स्थिति और भी खराब रही, जहां शिवसेना (UBT) के उम्मीदवारों को बीजेपी से हार का सामना करना पड़ा क्योंकि शिंदे गुट के साथ 'फ्रेंडली फाइट' के चलते विपक्षी वोट बंट गए। इन वार्डों में बिगड़ा खेल आपको बता दें कि मुंबई की दहिसर (पश्चिम) सीट से शिवसेना (शिंदे) की रेखा यादव ने जीत दर्ज की। कांग्रेस उम्मीदवार को यहां 5,070 वोट मिले। इसी सीट पर शिवसेना (UBT) को 4,314 वोट मिले। जिससे शिंदे सेना 2,474 वोटों से जीत गई। अंधेरी (पश्चिम) का भी यही हाल देखने को मिला। भाजपा के उम्मीदवार रूपेश सावरकर ने जीत दर्ज की है। यहां शिवसेना (UBT) को 8,655 वोट प्राप्त हुए। कांग्रेस ने इस वार्ड में 4,380 वोट काटे। बीजेपी मात्र 538 वोटों से जीती। घाटकोपर की बात करें तो अश्विनी माटे (BJP) ने जीत दर्ज की। यहां एमएनएस को 6,793 वोट मिले। कांग्रेस ने 6,467 वोट हासिल किए, जिससे विपक्ष हार गया। मानखुर्द और धारावी जैसे इलाकों में भी विपक्षी फूट का असर दिखा। मानखुर्द (वार्ड 135) में बीजेपी ने AIMIM और शिवसेना UBT के बीच बराबर वोट बंटने का फायदा उठाकर जीत हासिल की। उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस को 24 सीटें जीतने पर बधाई दी, लेकिन गठबंधन टूटने के नुकसान पर चुप्पी साधे रखी। उन्होंने बस इतना कहा, "राजनीति में अगर-मगर पर बात नहीं की जा सकती।" उनके खेमे का मानना है कि 'मराठी वोट' एकजुट करने के लिए मनसे के साथ जाना जरूरी था। मुंबई कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत का रुख इसके विपरीत है। सचिन सावंत ने कहा, "अगर गठबंधन बरकरार रहता तो नतीजे अलग होते। लेकिन उद्धव जी ने राज ठाकरे के साथ जाने का फैसला किया। हमारे लिए ठाकरे भाइयों के साथ जाना संभव नहीं था।" उन्होंने स्वतंत्र चुनाव लड़ने के फैसले को सही ठहराया।  

अब केवल कन्फर्म टिकट! वंदे भारत स्लीपर व अमृत भारत, एक्सप्रेस में RAC व्यवस्था खत्म, स्लीपर किराया अपडेट

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने यात्रियों के सफर को अधिक आरामदायक बनाने के लिए अपने टिकटिंग और कोच नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अब कुछ चुनिंदा श्रेणियों की ट्रेनों में आरएसी (RAC) सीट का प्रावधान पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा, जिससे यात्रियों को आधी सीट पर सफर करने की मजबूरी से निजात मिलेगी। रेलवे के द्वारा अमृत भारत और वंदे भारत (स्लीपर) ट्रेन में आरएसी टिकट की व्यवस्था पूरी तरह से खत्म कर दी गई है।   रेलवे बोर्ड ने 9 जनवरी को जारी अपने सर्कुलर में कहा, "वंदे भारत स्लीपर के लिए न्यूनतम चार्ज होने वाली दूरी 400 किमी होगी। इस ट्रेन के लिए सिर्फ कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। इसलिए RAC/वेटलिस्टेड/आंशिक रूप से कन्फर्म टिकट का कोई प्रावधान नहीं होगा। सभी उपलब्ध बर्थ एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) के दिन से उपलब्ध होंगी।" इसके अलावा भारतीय रेल जल्द ही जनवरी 2026 से बिल्कुल नई अमृत भारत II एक्सप्रेस शुरू करने की घोषणा करेगा। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी एक हालिया पत्र के अनुसार, इन नई ट्रेनों का किराया स्ट्रक्चर और बुकिंग नियम पिछली अमृत भारत ट्रेनों से थोड़े अलग होंगे। नए नियमों के तहत, बेसिक किराया नहीं बदला है, लेकिन न्यूनतम दूरी के नियमों को अपडेट किया गया है। नए नियमों के अनुसार, स्लीपर क्लास के लिए कम से कम 200 किमी का किराया देना होगा, जो 149 रुपये है। सेकंड क्लास के लिए, न्यूनतम किराया 50 किमी तय किया गया है, यानी 36 रुपये। रिजर्वेशन चार्ज और सुपरफास्ट चार्ज अलग से लगेंगे। अगर कोई यात्री सिर्फ 100 किमी की यात्रा करता है, तो भी उसे स्लीपर क्लास में 200 किमी का न्यूनतम किराया देना होगा। इसके अलावा, अब स्लीपर क्लास में सिर्फ तीन कैटेगरी के कोटा मिलेंगे। महिलाएं, दिव्यांग व्यक्ति और सीनियर सिटिजन। इस ट्रेन में कोई दूसरा कोटा लागू नहीं होगा। रेलवे बोर्ड ने सीनियर सिटिजन और बच्चों के साथ यात्रा करने वालों के लिए लोअर बर्थ शुरू की हैं। सिस्टम 60 साल या उससे ज़्यादा उम्र के पुरुषों और 45 साल या उससे ज़्यादा उम्र की महिलाओं को लोअर बर्थ देने की कोशिश करेगा। बर्थ का अलॉटमेंट उपलब्धता के आधार पर होगा।  

लन्दन की मेयर कैंडिडेट बोलीं- बुर्के वाली महिलाओं की हो जांच

लंदन. लंदन के लिए मेयर पद की उम्मीदवार लैला कनिंघम ने बुर्के पर सुझाव देकर नए विवाद को जन्म दे दिया है। रिफॉर्म यूके की ओर से कैंडिडेट लैला ने कहा कि बुर्का पहनने वाली महिलाओं की पुलिस द्वारा रोक कर तलाशी ली जानी चाहिए। साल 2018 में होने वाले लंदन मेयर चुनाव के लिए लैला को उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि खुले समाज में चेहरा ढकने की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि लंदन के कुछ हिस्से मुस्लिम शहर जैसे लगते हैं। एक पॉडकास्ट में बात करते हुए लैला ने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि एक खुले समाज में आपको अपना चेहरा ढकने की जरूरत है। मैंने एक बुर्का पहनी हुई महिला पर केस चलाया है। अगर कोई अपना चेहरा छिपा रहा है तो यह मान लेना चाहिए कि वह ऐसा किसी आपराधिक कारण से कर रहा है।'' उन्होंने बताया कि लंदन के कुछ हिस्से मुस्लिम शहर जैसे लगते हैं और वह चेहरे को ढकने पर बैन लगाना चाहती हैं। द स्टैंडर्ड पॉडकास्ट के लिए एक इंटरव्यू में, लैला ने कहा, "अगर मैं कर पाती, तो मैं चेहरा ढकने पर बैन लगा देती, लेकिन मैं इसे स्टॉप एंड सर्च का एक कारण बनाना चाहूंगी।'' 'मुस्लिम शहर नहीं है लंदन' लैला कनिंघम ने पिछले जून में सीपीएस प्रॉसिक्यूटर के पद से इस्तीफा दे दिया था, जब उन्होंने टोरीज पार्टी छोड़कर नाइजल फराज की रिफॉर्म यूके पार्टी में शामिल होने के बाद भड़काऊ राजनीतिक बयान दिए थे। पिछले हफ्ते उन्हें 2028 के चुनावों के लिए पार्टी की लंदन मेयर उम्मीदवार के तौर पर पेश किया गया। वह इस मई में शहर भर में होने वाले चुनावों में रिफॉर्म पार्टी को पहली लंदन काउंसिल का कंट्रोल दिलाने की कोशिश का नेतृत्व भी करेंगी। इस हफ़्ते की शुरुआत में द स्टैंडर्ड को दिए एक इंटरव्यू में, कनिंघम ने कहा कि लंदन को ब्रिटिश ही रहना चाहिए और यह मुस्लिम शहर नहीं है। 'कई मुस्लिम देशों में बुर्का बैन है' उन्होंने कहा कि वह लंदन में यहूदी-ईसाई संस्कृति और ब्रिटिश संस्कृति को और ज्यादा मनाते हुए देखना चाहेंगी, खासकर ईस्टर पर, जिसे उन्होंने सुझाव दिया कि पूरे शहर में ईस्टर एग हंट के साथ मनाया जा सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि बुर्का पहनने से पुलिस को रोकने और तलाशी लेने का सही कारण मिलता है, तो उन्होंने कहा, ''हां, कई मुस्लिम देशों में बुर्का बैन है। वे धार्मिक नहीं हैं। वे एक थोपी गई परंपरा का हिस्सा हैं और उनका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।''