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जर्मनी की राजधानी बर्लिन में बिजली संकट: चार दिन से हजारों घरों में अंधेरा

बर्लिन   जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हजारों घरों में बिजली गुल हो गई है। ग्रिड पर हमले के बाद दक्षिण-पश्चिम बर्लिन में हजारों घरों के साथ-साथ सुपरमार्केट, दुकानें, रेस्टोरेंट और दूसरे बिजनेस क्षेत्रों में बिजली ना होने की वजह से अंधेरा छा गया। हालांकि, बिजली मरम्मत का काम जारी है, लेकिन कई इलाकों में तमाम घर बिना बिजली के ही रहे। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, जर्मन राजधानी के कुछ हिस्से लगातार चौथे दिन अंधेरे में रहे। स्ट्रोमनेट्ज बर्लिन ने कहा कि स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:45 बजे तक, निकोलासी, जेहलेंडोर्फ, वानसी और लिक्टरफेल्ड के इलाकों में करीब 24,700 घर और 1,120 कारोबार अभी भी प्रभावित थे। ऑपरेटरों ने अनुमान लगाया था कि गुरुवार दोपहर तक पूरी ग्रिड को पूरी तरह से ठीक करके बिजली सेवा फिर से शुरू कर दी जाएगी। लेकिन ग्रिड को ठीक करने में काफी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।  सुबह एक पावर स्टेशन तक जाने वाले केबल में आग लगने के बाद करीब 45,000 घरों और 2,200 से ज्यादा कारोबारियों की बिजली चली गई। स्ट्रोमनेट्ज बर्लिन ने कहा कि प्रभावित जिलों के पांच अस्पतालों में सभी सेवाएं रविवार सुबह से फिर से शुरू कर दी गई हैं। दूसरी ओर, राजधानी बर्लिन में बर्फबारी और कम तापमान की वजह से लोगों को घरों के अंदर जमा देने वाली ठंड का सामना करना पड़ रहा है। निकोलासी की रहने वाली निवासी क्रिस्टियन ने कहा कि उनके अपार्टमेंट का थर्मामीटर 11.5 डिग्री सेल्सियस दिखा रहा था। उन्होंने कहा, "यह तो सब जानते हैं कि आपको थोड़ी ठंडी जगह पर सोना चाहिए। लेकिन इतनी ठंड?" खुद को वल्कनग्रुप कहने वाले एक समूह ने ऑनलाइन पोस्ट करके हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि उसने लिक्टरफेल्ड में एक गैस पावर स्टेशन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को "सफलतापूर्वक नुकसान पहुंचाया।" बर्लिन के मेयर, काई वेगनर ने मंगलवार को एक न्यूज कॉन्फ्रेंस में इस घटना को एक आतंकवादी हमला बताया। वेगनर ने कहा, "हमने इस शहर में एक आतंकी हमला देखा है। एक वामपंथी आतंकी हमला। मैं दोहराना चाहता हूं: यह कोई मामूली आगजनी का हमला नहीं था, न ही यह तोड़फोड़ थी। यह एक आतंकी हरकत थी।" जर्मन न्यूज एजेंसी डीपीए ने बताया कि जर्मनी का फेडरल प्रॉसिक्यूटर ऑफिस आतंकी हमले के शक में ही इस मामले की जांच कर रहा है। अधिकारियों ने कहा कि उन्हें आतंकी संगठनों में मेंबरशिप, तोड़फोड़, आगजनी और पब्लिक सेवा में रुकावट जैसे अपराधों का शक है। बर्लिन के इंटीरियर सेनेटर आइरिस स्प्रेंगर ने कहा, "हम अपने पावर ग्रिड पर एक वामपंथी आतंकी हमले के बारे में बात कर रहे हैं, जिसे बहुत ध्यान से प्लान किया गया था और पूरी तरह आपराधिक मंशा से किया गया था।"

PM मोदी का 2 दिन का बंगाल दौरा: देश की नई Sleeper Vande Bharat को 17 जनवरी को मिलेगी हरी झंडी

 मालदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 और 18 जनवरी को पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे. इस दौरान प्रधानमंत्री राज्य को रेलवे से जुड़ी कई अहम प्रोजेक्ट और नई ट्रेनों की सौगात देंगे. 17 जनवरी: मालदा से स्लीपर वंदे भारत को हरी झंडी दौरे के पहले दिन, 17 जनवरी को प्रधानमंत्री मालदा से देश की नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे. इस मौके पर दो अहम ट्रेन सेवाओं की शुरुआत होगी. एक ट्रेन गुवाहाटी के लिए रवाना होगी. दूसरी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन हावड़ा के लिए चलाई जाएगी. सूत्रों के अनुसार, यह देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी, जिसे असम के गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के कोलकाता के बीच संचालित किया जाएगा. इससे पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के बीच रेल संपर्क को नई गति मिलने की उम्मीद है. 18 जनवरी: हावड़ा में बड़ा कार्यक्रम प्रधानमंत्री का दूसरा दिन, 18 जनवरी को हावड़ा में प्रस्तावित कार्यक्रम को समर्पित रहेगा. इस कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री रेलवे से जुड़ी कई नई परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान अमृत भारत ट्रेन और इंटरसिटी ट्रेनों की नई खेप को भी जनता को समर्पित किया जाएगा. इन नई सेवाओं से राज्य के भीतर और पड़ोसी क्षेत्रों के लिए रेल यात्रा अधिक सुविधाजनक, तेज और आधुनिक बनने की उम्मीद है. पूर्वी भारत को रेल कनेक्टिविटी का बड़ा लाभ प्रधानमंत्री के इस दौरे और घोषणाओं को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के लिए रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है. खास तौर पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन से लंबी दूरी की यात्रा में समय की बचत और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलने की संभावना है. जानें इसका किराया कितना होगा इसका किराया किलोमीटर के हिसाब से तय होगा. फर्स्ट AC में 3 रुपये 80 पैसे प्रतिकिलोमीटर के हिसाब से किराया देना होगा. 1.AC: 3.80 p/km 2. AC: 3.10 p/km 3AC: 2.40 p/km बता दें कि स्वदेशी तकनीक से बनी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का भारतीय रेलवे ने हाई स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया था. यह ट्रायल कोटा–नागदा सेक्शन पर किया गया, जहां ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की.  16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा के लिए तैयार की गई है.बता दें कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस हाई-स्पीड ट्रायल का वीडियो भी शेयर किया था. इस वीडियो में दिखाया गया था कि तेज रफ्तार के बावजूद पानी से भरे गिलास हिले नहीं और पानी नहीं गिरा. इससे ट्रेन की बेहतरीन स्थिरता, आधुनिक सस्पेंशन और उन्नत तकनीक का पता चलता है. किस रूट पर चलेगी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन? भारतीय रेलवे की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पूर्वोत्तर और पूर्व भारत को जोड़ने का काम करेगी. यह ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता के हावड़ा स्टेशन तक चलेगी. इस ऐतिहासिक ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाएंगे. रेलवे सूत्रों के मुताबिक 17 या 18 जनवरी 2026 को इसकी शुरुआत हो सकती है.  अभी तक वंदे भारत ट्रेनों में सिर्फ चेयर कार की सुविधा थी, जो कम दूरी के लिए बेहतर मानी जाती है. लेकिन स्लीपर वर्जन के आने से लंबी दूरी के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी. इस ट्रेन में आरामदायक बेड, बेहतर सस्पेंशन और शांत केबिन होंगे. जिससे यात्रियों के लिए रात का सफर और भी अच्छा हो जाएगा.  कितना होगा किराया? अब बहुत से यात्रियों के मन में यह सवाल भी आ रहा है वंदे भारत  स्लीपर में इतनी सुविधाओं के लिए कितना किराया चुकाना होगा. तो आपको बता दें वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया गुवाहाटी से हावड़ा रूट पर 3AC का किराया 2300 रुपये रखा गया है. जिसमें यात्रियों को खाना भी दिया जाएगा. 2AC में सफर करने के लिए 3000 रुपये खर्च करने होंगे. वहीं 1AC का किराया 3600 रुपये तय किया गया है.  क्या मिलेंगी सुविधाएं? वंदे भारत स्लीपर में सुविधाओं की बात करें तो ट्रेन पूरी तरह मॉडर्न होगी. इसमें सेंसर बेस्‍ड नल वाले वॉशरूम, बेहतर सफाई व्यवस्था और आरामदायक इंटीरियर मिलेगा. सेफ्टी के लिहाज से इमरजेंसी टॉक बैक यूनिट दी गई है, जिससे जरूरत पड़ने पर यात्री सीधे ट्रेन स्टाफ या लोको पायलट से काॅन्टेक्ट कर सकेंगे. कुल मिलाकर यह ट्रेन लंबी दूरी की रेल यात्रा को नए लेवल पर ले जाने वाली है.  वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की प्रमुख सुविधाएं     आरामदायक स्लीपर बर्थ     आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम     ऑटोमैटिक दरवाजे     आधुनिक शौचालय     फायर डिटेक्शन और सेफ्टी सिस्टम     सीसीटीवी निगरानी     डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली     ऊर्जा बचाने वाली तकनीक     सुरक्षा और तकनीकी विशेषताएं     कवच सुरक्षा प्रणाली     झटके रहित सेमी-परमानेंट कपलर     हर कोच के अंत में फायर बैरियर दरवाजे     आग लगने पर तुरंत चेतावनी और नियंत्रण की व्यवस्था     रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम     यूवी-सी लैंप आधारित एसी डिसइंफेक्शन सिस्टम     चौड़े और पूरी तरह सील गैंगवे     सभी कोचों में सीसीटीवी     आपात स्थिति में बात करने के लिए इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम     दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष शौचालय     सेंट्रलाइज्ड कोच मॉनिटरिंग सिस्टम     ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए आरामदायक सीढ़ी

शाहीन अफरीदी की फिटनेस पर सलमान आगा ने तोड़ी चुप्पी, जानिए विश्व कप को लेकर क्या कहा

इस्लामाबाद पाकिस्तान की टी20 टीम के कप्तान सलमान अली आगा ने उम्मीद जताई है कि तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी घुटने की चोट से उबरकर अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप तक पूरी तरह से फिट हो जाएंगे। अफरीदी पाकिस्तान के तेज गेंदबाजी आक्रमण के अहम खिलाड़ी हैं तथा भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले विश्व कप में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।   कप्तान सलमान अली आगा ने दांबुला में पत्रकारों से कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि वह विश्व कप के लिए फिट हो जाएंगे, लेकिन अंतिम फैसला मेडिकल पैनल की सलाह पर (पाकिस्तान क्रिकेट) बोर्ड करेगा।’’ अफरीदी अभी लाहौर के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के मेडिकल पैनल की देखरेख में रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में बिग बैश लीग के एक मैच में फील्डिंग करते समय शाहीन के घुटने में चोट लग गई थी। इसके बाद पीसीबी ने उन्हें रिहैबिलिटेशन के लिए वापस बुला लिया था। सलमान ने यह भी कहा कि पाकिस्तान विश्व कप के लिए संतुलित और मजबूत टीम तैयार करने में कामयाब रहा है और श्रीलंका में होने वाली सीरीज से उनके खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुकूल होने में मदद मिलेगी। पाकिस्तान विश्व कप के अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलेगा। सलमान ने कहा,‘‘ यह सीरीज हमारे खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है और इससे उन्हें परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी। विशेषकर उन खिलाड़ियों को इससे मदद की मिलेगी जिन्होंने श्रीलंका में ज्यादा क्रिकेट नहीं खेली है।’’ पाकिस्तान ने टी20 विश्व कप के लिए अपनी 15 सदस्यीय संभावित टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को सौंप दी है, लेकिन अभी तक इसे सार्वजनिक नहीं किया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के एक विश्वसनीय सूत्र ने यह जानकारी दी। आईसीसी ने इस टूर्नामेंट में खेलने के लिए सभी टीमों से एक जनवरी तक अपनी संभावित टीम सौंपने के लिए कहा था और पीसीबी ने निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कर ली थी। सभी टीमों को 31 जनवरी तक अपनी संभावित टीम में बदलाव करने की अनुमति है। उसके बाद किसी भी तरह के बदलाव के लिए आईसीसी की टूर्नामेंट तकनीकी समिति से मंजूरी लेनी पड़ेगी। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान की संभावित टीम में चोटिल तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी, पूर्व कप्तान बाबर आजम और ऑलराउंडर शादाब खान भी शामिल हैं। शादाब कंधे की चोट के कारण पिछले साल मई से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल पाए हैं।  

पाकिस्तानी सेना का नया बड़बोलापन: शरीफ अहमद चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मजाकिया टिप्पणियां कीं

इस्लामाबाद  पाकिस्तानी सेना का मीडिया विंग जोकरों जैसी हरकतें कर रहा है. पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (DG ISPR) के लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने हाल के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खालिस मदारी जैसे हरकत की. अहमद शरीफ चौधरी ने लोगों को खालिस मजा देने की गारंटी ली है. अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूं तो भारत को धमकी दे रहा था. लेकिन उसकी धमकी में धमकी का एलिमेंट कम और मसखरापन ज्यादा था.  अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि, "ले आओ तुम्हें जो करना है, दाएं से आना, बाएं से आना, ऊपर से आना, नीचे से आना, इकट्ठे आना है या किसी के साथ आना, एक बार मजा न करा दिया तो पैसे वापस." अहमद शरीफ चौधरी इस बयान की सोशल मीडिया पर खूब खिल्ली उड़ाई जा रही है. इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान ऊपर वाले का तोहफा है.  हमेशा खाने-पीने की तंगी से जूझने वाले पाकिस्तानी सेना के इस कारिंदे ने कहा कि पाकिस्तान में ऊपर वाले ने बड़ी बरकत दी है. अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि 2026 कैसा होगा ये हमारे ऊपर निर्भर करता है. हम कैसे प्रतिक्रिया देते हैं. इस जनरल ने भारत को अपना दुश्मन करार देते हुए कहा कि आप की तकदीर हम सब के हाथ में है. हमारा लीडरशिप इस मामले में अपना नजरिया स्पष्ट रखता है.  सेनाओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस औपचारिक होती है. इसमें पॉलिसी और अपनी तैयारियों की चर्चा होती है. डीजी आईएसपीआर की प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत की आलोचना करने का एक सुनियोजित तरीका रहा है. लेकिन इस बार के प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बड़ा बदलाव दिखाता है . इसमें पाकिस्तान औपचारिक मिलिट्री या डिप्लोमैटिक भाषा के बजाय ताना मारने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहा है.  सुरक्षा हलकों में इसे आत्मविश्वास के बजाय असुरक्षा की भावना के रूप में देखा जा रहा है. इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी ने ये भी खुलासा कर दिया कि पाकिस्तानी नागरिकों को मारने का हक सिर्फ उन्हें हैं. और किसी को नहीं.  अहमद शरीफ चौधरी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, " उनलोगों ने पाकिस्तानी नागरिकों को हिट किया, क्या उन्होंने ऐसा नहीं किया, पाकिस्तानी महिलाओं और बच्चों को मारा, क्या उनलोगों ने ऐसा नहीं किया. हमने अक्तूबर में किसको हिट किया था, हमने अफगानियों को नहीं मारा, ये तो खुद कहते हैं ये पाकिस्तानी हैं, हमने अपने नागरिकों को ही टारगेट किया. हमने अपने ही नागरिकों को मारा. ये हक सिर्फ रियासत ए पाकिस्तान को है कि वो अपने संविधान और कानून के मुताबिक अपने शहरियों को सजा दे, हिन्दुस्तान कौन होता है. " इससे पहले अहमद शरीफ चौधरी ने ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक महिला पत्रकार को आंख मारी थी. 

मान्यता रद्द होने से 50 स्टूडेंट्स होंगे ट्रांसफर, जम्मू में मेडिकल कॉलेज विवाद का नया मोड़

जम्मू  नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने जम्मू-कश्मीर के रियासी में श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) को एकेडमिक ईयर 2025-26 के लिए एमबीबीएस कोर्स चलाने के लिए दिया गया परमिशन लेटर वापस ले लिया है, क्योंकि उसने न्यूनतम मानकों के साथ का 'अवज्ञा' किया. यह कार्रवाई मेडिकल कॉलेज के खिलाफ कई ग्रुप्स के लगातार विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई है, जिसमें सवाल उठाया गया है कि इसके पहले बैच में ज्यादातर एमबीबीएस स्टूडेंट मुस्लिम क्यों थे. मंगलवार को एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) की एक टीम ने औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने मिनिमम एकेडमिक, टीचिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैंडर्ड के पालन में कमियां पायी. साथ ही एकेडमिक साल के लिए एमबीबीएस कोर्स चलाने की परमिशन वापस लेने का फैसला किया. एनएमसी के अनुसार स्टूडेंट के हितों की रक्षा के लिए केंद्र शासित प्रशासन को एकेडमिक ईयर 2025-26 के दौरान एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को जम्मू-कश्मीर के दूसरे मेडिकल कॉलेजों में सामान्य से अधिक सीटों पर ट्रांसफर करने का अधिकार दिया गया है, ताकि उनकी पढ़ाई पर असर न पड़े और उनका भविष्य सुरक्षित रहे. बोर्ड ने कहा कि पहले से एडमिशन ले चुके स्टूडेंट्स के हितों की रक्षा के लिए, उन्हें जम्मू-कश्मीर के दूसरे मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट करने का फैसला किया गया है. दूसरी तरफ मेडिकल कॉलेज के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ग्रुप श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने नेशनल मेडिकल कमीशन के फैसले को अपने संघर्ष की जीत बताया है. ईटीवी भारत से बात करते हुए, संघर्ष समिति के प्रेसिडेंट कर्नल (रिटायर्ड) सुखबीर सिंह मनकोटिया ने कहा कि वह इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा के शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने उनके मुताबिक जनता की मांगें पूरी की. राष्ट्रीय बजरंग दल के सदस्यों ने मंगलवार को जम्मू- कश्मीर में श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस की MBBS एडमिशन लिस्ट को रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन (PTI) उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति ने शुरू से ही मेडिकल कॉलेज की स्थापना, मैनेजमेंट और एडमिशन प्रोसेस पर सवाल उठाए थे और अब नेशनल मेडिकल कमीशन के फैसले ने उनकी चिंताओं को सही साबित कर दिया है. यहां यह बताना जरूरी है कि एसएमवीडी इंस्टीट्यूट में चल रहे विवाद की जड़ें एडमिशन प्रोसेस से जुड़ी हैं. इंस्टीट्यूशन को अपने एकेडमिक ईयर 2025-26 के लिए 50 एमबीबीएस सीटें दी गई थी, जिन पर नीट के जरिए एडमिशन दिए गए थे. हालांकि, पहले बैच में इन 50 स्टूडेंट्स में से 42 मुस्लिम थे. इस वजह से जम्मू में कई हिंदू संगठनों और राजनीतिक हलकों में तीखा विरोध हुआ, जिन्होंने सिलेक्शन पर सवाल उठाए और इसे 'सांप्रदायिक' कहा, जबकि सरकार और प्रशासन ने बार-बार कहा था कि एडमिशन पूरी तरह से मेरिट के आधार पर होते हैं. जम्मू में करीब 60 संगठनों ने मिलकर श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति बनाई, जिसने मेडिकल कॉलेज के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन किया. संघर्ष समिति ने न सिर्फ एडमिशन प्रोसेस पर सवाल उठाए, बल्कि मेडिकल कॉलेज को बंद करने की भी मांग की. हाल ही में समिति ने जम्मू के सिविल सेक्रेटेरिएट के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया, जिससे मामला और बिगड़ गय. इस विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को साफ कहा था कि एडमिशन प्रोसेस पूरी तरह से मेरिट पर आधारित था और पूरे मामले को बेवजह राजनीतिक रंग दिया गया. नेशनल मेडिकल कमीशन के ऐलान से पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा था, 'भारत सरकार को यह मेडिकल कॉलेज बंद कर देना चाहिए और इन स्टूडेंट को जम्मू-कश्मीर के किसी दूसरे सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडजस्ट कर देना चाहिए, क्योंकि वे डर के माहौल में पढ़ाई नहीं कर सकते. जम्मू- कश्मीर के एलजी 27 दिसंबर 2025 को श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी के 11वें कॉन्वोकेशन सेरेमनी के दौरान एक स्टूडेंट को डिग्री देते हुए (PTI) अगर मैं पेरेंट होता तो मुझे अपने बच्चों को वहां पढ़ने भेजने की चिंता होती. इन स्टूडेंट्स ने मेरिट के आधार पर सीटें हासिल की थी लेकिन वहां जिस तरह की पॉलिटिक्स चल रही है, वह उनके पढ़ने के लिए अच्छी नहीं है. इस बयान के कुछ ही घंटों के अंदर, नेशनल मेडिकल कमीशन ने इस इंस्टीट्यूशन को बंद करने और मान्यता रद्द करने का फैसला किया. सभी स्टूडेंट को दूसरे इंस्टिट्यूट में शिफ्ट किया जाएगा चिकित्सा मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड ने मंगलवार को एक ऑर्डर जारी किया जिसमें कहा गया है कि एकेडमिक ईयर 2025-26 के लिए काउंसलिंग के दौरान कॉलेज में एडमिशन लेने वाले सभी स्टूडेंट्स को केंद्र शासित प्रदेश एडमिनिस्ट्रेशन की सक्षम अथॉरिटी द्वारा जम्मू- कश्मीर के दूसरे मेडिकल इंस्टिट्यूट में एडजस्ट किया जाएगा. इसका मतलब है कि एडमिशन लेने वाले किसी भी स्टूडेंट को एडमिशन वापस लेने के फैसले की वजह से एमबीबीएस सीट नहीं गंवानी पड़ेगी. इसके बजाय, उन्हें जम्मू- कश्मीर के दूसरे मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में उनके रेगुलर मंज़ूर सीटों के अलावा एडजस्ट किया जाएगा.

आज फिलीपींस में आया 6.7 मैग्नीट्यूड का भूकंप, समुद्र के भीतर था केंद्र

मनीला फिलीपींस के पूर्वी हिस्से में बुधवार को 6.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र बकुलिन शहर से 68 किलोमीटर पूर्व में था. इसकी गहराई सिर्फ 10 किलोमीटर थी. यह भूकंप समुद्र में हुआ था, जिसे ऑफशोर टेम्बलर कहा जा रहा है. फिलीपींस की भूकंप निगरानी एजेंसी फिवॉल्क्स (Phivolcs) ने चेतावनी दी है कि इस भूकंप से नुकसान हो सकता है. आफ्टरशॉक्स (झटके) आने की संभावना है. अभी तक किसी बड़े नुकसान या घायलों की कोई खबर नहीं आई है. लोगों में दहशत, लेकिन बड़ा नुकसान नहीं सुरिगाओ डेल सुर प्रांत के हिनातुआन शहर के स्थानीय पुलिस प्रमुख जोई मोनाटो ने बताया कि भूकंप इतना तेज नहीं था, लेकिन लोग डरकर बाहर भाग आए. उन्होंने कहा कि इलाके में लोग सुरक्षित हैं और अभी कोई गंभीर क्षति की सूचना नहीं है. भूकंप का केंद्र मिंदानाओ द्वीप के दावाओ ओरिएंटल क्षेत्र के पास था. यह इलाका रिंग ऑफ फायर पर स्थित है, जहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं. उथली गहराई की वजह से झटके ज्यादा महसूस होते हैं. क्या है आगे की स्थिति? अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. आफ्टरशॉक्स आने पर सुरक्षित जगह पर रहें. अभी तक सुनामी की कोई चेतावनी नहीं जारी की गई है. स्थानीय सरकार और राहत टीमें अलर्ट पर हैं. अगर कोई नुकसान होता है, तो उसकी जांच की जा रही है. फिलीपींस में हर साल हजारों भूकंप आते हैं, लेकिन ज्यादातर छोटे होते हैं. यह भूकंप हाल के दिनों में आए मध्यम स्तर के झटकों में से एक है. वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे भूकंप प्राकृतिक हैं. 

अमेरिकी कब्जे की आशंका के बीच रूस ने वेनेजुएला भेजी सबमरीन, रिश्तों में खटास

 नई दिल्ली रूस ने वेनेजुएला के तट से दूर एक तेल टैंकर को एस्कॉर्ट करने के लिए एक 'पनडुब्बी और अन्य नौसैनिक संपत्ति' भेजी हैं, जो 'अमेरिका-रूस संबंधों में एक नया फ्लैशपॉइंट बन गया है.' वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. रूस ने वेनेजुएला के पास फंसे अपने एक पुराने तेल टैंकर को सुरक्षा देने के लिए सबमरीन और नौसैनिक संपत्तियां भेजी हैं. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह टैंकर अमेरिका और रूस के बीच तनाव का नया केंद्र बन गया है. अमेरिकी कोस्ट गार्ड पिछले दो हफ्तों से अटलांटिक महासागर में इस जहाज का पीछा कर रही है.  रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, रूस ने एक खाली, जंग लगे तेल टैंकर को एस्कॉर्ट करने के लिए एक पनडुब्बी और अन्य नौसैनिक संपत्ति भेजी है, जो अमेरिका-रूस संबंधों में एक नया फ्लैशपॉइंट बन गया है. बेला 1 (Bella 1) नाम का यह टैंकर वेनेजुएला में तेल लोड करने में विफल रहा और अब रूस की ओर बढ़ रहा है. अमेरिका इस 'डार्क फ्लीट' के जरिए होने वाले अवैध तेल व्यापार को रोकना चाहता है. टैंकर का बदला नाम और रूसी झंडा दिसंबर में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इस जहाज पर कब्जा करने की कोशिश की थी, लेकिन चालक दल ने इसे नाकाम कर दिया. पीछा किए जाने के दौरान चालक दल ने जहाज पर रूसी झंडा बना दिया और इसका नाम बदलकर 'मैरिनेरा' कर दिया. एक्सपर्ट्स का कहना है कि रूस ने बिना किसी जांच के इस जहाज को अपना रजिस्ट्रेशन दे दिया है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सुरक्षा मिल सके. रूस ने अमेरिका से इस टैंकर का पीछा तुरंत बंद करने की मांग की है. व्हाइट हाउस और रूस की चेतावनी रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह टैंकर की स्थिति पर नजर रख रहा है. वहीं, अमेरिकी सेना के साउदर्न कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा कि वे इस इलाके से गुजरने वाले प्रतिबंधित जहाजों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार हैं.  मौजूदा वक्त में यह टैंकर आइसलैंड से 300 मील दक्षिण में उत्तर सागर की ओर बढ़ रहा है.  रूस के सरकारी मीडिया आरटी ने वीडियो साझा कर दावा किया है कि अमेरिका एक नागरिक जहाज को रोकने की कोशिश कर रहा है. यूक्रेन युद्ध और तेल प्रतिबंधों का साया यह विवाद ऐसे वक्त में बढ़ा है, जब यूक्रेन मुद्दे पर वॉशिंगटन और मॉस्को के बीच कूटनीतिक बातचीत चल रही है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रूसी राष्ट्रपति पुतिन की आलोचना करते हुए कहा कि वह बहुत से लोगों की जान ले रहे हैं. रूस पर लगे प्रतिबंधों के बाद 1,000 से ज्यादा पुराने टैंकरों का एक 'डार्क फ्लीट' तैयार हो गया है, जो बिना बीमा के अवैध तेल की सप्लाई करता है. अमेरिका पहले ही इस बेड़े के दो बड़े जहाजों, स्किपर और सेंचुरीज को जब्त कर चुका है.

DRDO को शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल BM-04 के लिए मंजूरी, 1500 KM रेंज से बढ़ेगी सुरक्षा

 नई दिल्ली रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन- DRDO को एक नई मिसाइल विकसित करने की मंजूरी मिल गई है. इस मिसाइल का नाम है BM-04. यह एक शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM) है. इसे बनाने के लिए Acceptance of Necessity (AoN) मिल चुका है. इसका मतलब है कि अब इस मिसाइल का विकास तेजी से शुरू होगा. जल्द ही इसके परीक्षण भी हो सकते हैं.  BM-04 मिसाइल क्यों खास है? यह मिसाइल भारत की मौजूदा रक्षा व्यवस्था में एक बड़ा गैप भरने वाली है. पिनाका रॉकेट की रेंज छोटी होती है (करीब 40-90 किमी). अग्नि मिसाइलें बहुत लंबी दूरी की हैं (2000 किमी से ज्यादा). BM-04 इन दोनों के बीच की दूरी कवर करेगी. इसकी रेंज 400 से 1500 km तक होगी. यह मिसाइल दुश्मन के इलाके में गहरे तक महत्वपूर्ण ठिकानों पर सटीक हमला कर सकेगी. जैसे कमांड सेंटर, हवाई अड्डे या लॉजिस्टिक्स हब. यह न्यूक्लियर हमले की जरूरत के बिना मजबूत जवाब देगी. मिसाइल की मुख्य विशेषताएं     वजन: करीब 11,500 किलोग्राम.     लंबाई: लगभग 10.2 मीटर.     चौड़ाई (डायमीटर): 1.2 मीटर.     वारहेड: 500 किलोग्राम का कन्वेंशनल (साधारण) विस्फोटक.     प्रोपल्शन: दो स्टेज का सॉलिड फ्यूल. इससे लॉन्च जल्दी और आसान होता है.     गाइडेंस: इनर्शियल नेविगेशन + जीपीएस + भारत का अपना IRNSS (नाविक).     सटीकता: 30 मीटर से कम (CEP).     डिजाइन: फिक्स्ड विंग्स और कंट्रोल फिन्स. इससे उड़ान में मन्यूवर करने की क्षमता मिलती है. दुश्मन की डिफेंस से बचना आसान.     लॉन्चर: कनिस्टर में बंद, रोड-मोबाइल ट्रक से. इससे जल्दी जगह बदल सकते हैं. सुरक्षित रहते हैं. भारत की रक्षा के लिए क्यों जरूरी? यह मिसाइल कन्वेंशनल डिटरेंस (साधारण हथियारों से रोक) को मजबूत करेगी. भारत की नई इंटीग्रेटेड रॉकेट फोर्स को सपोर्ट करेगी. दुश्मन को पता चलेगा कि भारत बिना न्यूक्लियर हथियार इस्तेमाल किए भी मजबूत जवाब दे सकता है. डीआरडीओ ने पहले इस मिसाइल का मॉडल दिखाया था. अब AoN मिलने से असली विकास और टेस्टिंग शुरू हो गई है. यह भारत की आत्मनिर्भर रक्षा की दिशा में एक और बड़ा कदम है. भविष्य में यह मिसाइल भारतीय सेना की ताकत बढ़ाएगी.

बजट 2026 की तैयारियां: क्या रविवार को खुलेंगे शेयर बाजार? 1 फरवरी को बड़ा अपडेट

नई दिल्ली साल 2017 से केंद्र सरकार एक फरवरी को आम बजट पेश करती आ रही है. लेकिन इस बार हालात कुछ और हैं. वजह है 1 फरवरी को रविवार का दिन होना. हालांकि रिपोर्ट्स की मानें तो चाहे रविवार ही क्‍यों न हो, बजट उसी दिन पेश होने जा रहा है. और अगर देश का आम बजट (Union Budget 2026) 1 फरवरी 2026 को पेश होता है, तो यह दिन खास होने वाला है. वजह सिर्फ बजट नहीं, बल्कि यह सवाल भी है कि क्या उस दिन शेयर बाजार खुलेगा या नहीं? क्योंकि रविवार आमतौर पर शेयर बाजार के लिए छुट्टी का दिन होता है.  संसदीय कार्य समिति (CCPA) बुधवार को होने वाली बैठक में बजट सत्र की तारीखों पर आखिरी फैसला ले सकती है. अधिकारियों के अनुसार, CCPA की बैठक में संसद के बजट सत्र का कार्यक्रम और इस साल केंद्रीय बजट पेश करने की सटीक तारीख दोनों तय की जाएंगी, क्योंकि 1 फरवरी को रविवार पड़ने के कारण अनिश्चितता बनी हुई है.  सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के संबोधन से हो सकती है. आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी को पेश किए जाने की संभावना है. 30 और 31 जनवरी को छुट्टियां रहने की संभावना है, जिससे समिति द्वारा मंजूरी मिलने पर 1 फरवरी (रविवार) को केंद्रीय बजट पेश करने कंफर्म हो पाएगा.  पहले ही शुरू हो चुकी थी तैयारियां  बजट 2026 की तैयारियों का काम पहले ही शुरू हो चुका है. बजट से पहले की परामर्श बैठकें 9 अक्टूबर, 2025 से नवंबर के मध्य तक आयोजित की गईं. 2026-27 के बजट अनुमान और 2025-26 के संशोधित अनुमानों को अस्थायी रूप से अंतिम रूप दे दिया गया है. वित्त मंत्रालय केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय से जीडीपी अनुमान जुटाने की प्रक्रिया में भी है, जिसका उपयोग बजट से पहले आखिरी गणना में किया जाएगा. गौरतलब है कि पिछले साल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना लगातार आठवां केंद्रीय बजट पेश किया, जिससे उन्होंने वित्त मंत्री के रूप में दो कार्यकाल में पेश किए गए दस बजटों के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड की बराबरी की. सरकार की घोषणा के बाद होगा अंतिम फैसला NSE के मुताबिक, बाजार खोलने या न खोलने का निर्णय केंद्र सरकार द्वारा बजट की तारीख को आधिकारिक रूप से घोषित करने के बाद ही लिया जाएगा. फिलहाल यह प्रस्ताव एक्सचेंज के अंदरूनी स्तर पर समीक्षा के दौर से गुजर रहा है. NSE ने साफ किया है कि ऑपरेशनल व्यवहार्यता (operational feasibility), सिस्टम की तैयारियां, बैंकों और ब्रोकर्स की उपलब्धता जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाएगा. रविवार को ट्रेडिंग कोई नई बात नहीं अगर 1 फरवरी 2026 को शेयर बाजार खुलता है, तो यह कोई पहली बार नहीं होगा. इससे पहले भी जब बजट किसी रविवार या सार्वजनिक अवकाश के दिन पेश किया गया, तब शेयर बाजार खोले गए हैं ताकि निवेशक सरकार की घोषणाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकें. ऐसे मौकों पर सरकार और रेगुलेटर्स का मानना रहा है कि बजट जैसे बड़े आर्थिक फैसलों पर रियल-टाइम मार्केट रिस्पॉन्स जरूरी होता है, ताकि अगले ट्रेडिंग डे तक अनावश्यक उतार-चढ़ाव न बने. BSE की ओर से अभी चुप्पी जहां NSE ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है, वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. BSE ने यह नहीं बताया है कि वह रविवार को बाजार खोलने पर विचार कर रहा है या नहीं. आमतौर पर NSE और BSE ऐसे मामलों में तालमेल के साथ फैसला लेते हैं, इसलिए माना जा रहा है कि सरकार की घोषणा के बाद दोनों एक्सचेंज एक जैसी रणनीति अपना सकते हैं. 1 फरवरी को ही क्यों पेश होता है बजट? भारत में 2017 से परंपरा बन चुकी है कि केंद्रीय बजट 1 फरवरी को ही पेश किया जाए, चाहे वह दिन कोई भी हो. इसका मकसद यह होता है कि सरकार को पूरे वित्त वर्ष की शुरुआत से पहले नीतियों को लागू करने का पर्याप्त समय मिल सके. बजट से एक दिन पहले आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) पेश किया जाता है, जिसके बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन और वरिष्ठ अधिकारी मीडिया को जानकारी देते हैं. रविवार को संसद सत्र भी होगा दुर्लभ अगर सरकार 1 फरवरी 2026 को बजट पेश करने की आधिकारिक मंजूरी देती है, तो यह संसद का एक दुर्लभ रविवार सत्र होगा. आमतौर पर संसद की कार्यवाही सप्ताहांत में नहीं होती, लेकिन बजट जैसे अहम मौकों पर अपवाद बनाए गए हैं. शेयर बाजार का सामान्य समय क्या होता है? अगर शेयर बाजार की बात करें तो भारत में इसका प्री-ओपन सेशन सुबह 9:00 से 9:15 बजे तक, नॉर्मल ट्रेडिंग सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 बजे तक होता है. केवल सोमवार से शुक्रवार तक ही ट्रेडिंग होती है और शनिवार, रविवार के अलावा घोषित अवकाश पर बाजार बंद रहता है. लेकिन बजट जैसे खास मौकों पर इन नियमों में बदलाव किया जा सकता है. निवेशकों की नजर सरकार के फैसले पर फिलहाल निवेशकों, ब्रोकर्स और फाइनेंशियल मार्केट से जुड़े लोगों की नजर सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है. जैसे ही बजट की तारीख को लेकर नोटिफिकेशन आएगा, NSE और BSE दोनों अपने-अपने फैसले सार्वजनिक करेंगे. बजट पेश करने के अनोखे फैक्‍ट्स  भारत में बजट पेश करने की परंपरा 26 नवंबर, 1947 से चली आ रही है, जब आर.के. शनमुखम चेट्टी ने स्वतंत्र भारत का पहला बजट प्रस्तुत किया था. दशकों से मनमोहन सिंह और पी. चिदंबरम जैसे नेताओं ने क्रमिक बजटों के  माध्यम से देश की आर्थिक नीति को आकार दिया है. भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री, सीतारमण के नाम महिलाओं में सबसे अधिक बार बजट पेश करने का विश्‍व रिकॉर्ड है.  रविवार को शेयर बाजार भी खुलेगा?  अगर 1 फरवरी को रविवार के दिन बजट पेश होता है तो उस दिन शेयर बाजार भी खुल सकता है. इस दिन आप ट्रेडिंग भी कर सकेंगे. साथ ही शेयरों की खरीद और बिक्री भी की जा सकेगी. हालांकि अभी तक एक्‍सचेंजों की तरफ से 1 फरवरी को शेयर बाजार खुलने को लेकर कोई अपडेट नहीं आया है. 

शादी में इमरान खान का गीत गाने पर बवाल, कव्वाल समेत 7 लोग हिरासत में

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान इन दिनों जेल में बंद हैं तो उनके समर्थकों का भी बुरा दौर चल रहा है। एक कव्वाल को पाकिस्तानी पंजाब की पुलिस ने सिर्फ इसलिए अरेस्ट कर लिया क्योंकि उसने अपने गाने में इमरान खान का नाम लिया था। यह बात पाकिस्तानी एजेंसियों को इतनी नागवार गुजरी कि उसे गिरफ्तार ही कर लिया गया। इस मामले में दर्ज एफआईआर में थानाध्यक्ष जमीरुल हसन ने आरोप लगाया कि कव्वाल फराज अमजद खान ने एक गाना गया था, जिसमें कैदी नंबर 804 का जिक्र किया। इमरान खान इन दिनों जेल में बंद हैं और उनका कैदी नंबर 804 ही है। FIR में कहा गया कि यह सीधे तौर पर एक सरकारी आयोजन को राजनीतिक रंग देने का मामला है।   इस मामले में जब कव्वाल की लाहौर के अडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज शाहजेब डार के समक्ष पेशी हुई तो उन्होंने कहा कि यह गाना मेरी ओर से पेश नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि दर्शकों में से ही कुछ लोगों ने ऐसे गाने की डिमांड रखी, तभी मैंने गाया था। फराज ने कहा कि मेरा तो किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। कव्वाल ने कहा कि मुझे इस मामले में अग्रिम जमानत दी जाए और यदि आवश्यकता पड़ती है मैं जांच में हर तरह का सहयोग करने के लिए तैयार हूं। शुरुआती दलीलों के बाद जज ने कव्वाल को 13 जनवरी तक के लिए बेल दी है और पुलिस से मामले का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। लाहौर के इस वाकये के अलावा एक और घटना गुजरांवाला जिले में हुई है। यहां पुलिस ने एक शादी से 7 लोगों को हिरासत में ले लिया। इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने विवाह समारोह के दौरान इमरान खान के पोस्टर लहराए और उनके समर्थन में नारेबाजी की। इस मामले में पुलिस ने वैमनस्यता पैदा करने, शांति भंग करने और जनता में सरकार के प्रति विद्रोह पैदा करने के आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया गया है। शादी से क्यों उठा लिए गए 7 लोग, इमरान की तस्वीर दिखाने पर ऐक्शन इन लोगों को 14 दिन की हिरासत में रखने का फैसला लिया गया है। फिलहाल इन्हें गुजरांवाला जेल में भेज दिया गया है। बता दें कि पाकिस्तान में इन दिनों इमरान खान के समर्थकों की शामत आई हुई है। पाकिस्तान की सेना भी पीटीआई के खिलाफ और राजनीतिक नेतृत्व से भी पूर्व पीएम की अदावत चल रही है। ऐसे में इमरान खान के नाम पर समर्थन करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।