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हूती विद्रोहियों का दावा – इजरायली एयरस्ट्राइक से यमन पोर्ट को भारी नुकसान

एडेन इजरायल ने होदेदा शहर के बंदरगाह पर हमला बोल दिया। यह दावा ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों किया है। इसके मुताबिक इस हमले से निपटने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया गया है। हूती संगठन के प्रवक्ता याह्या सारी ने एक्स पर लिखी पोस्ट में यह जानकारी दी है। याह्या ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि फिलहाल हमारा एयर डिफेंस सिस्टम इजरायली विमानों को रोकने में लगा है। हमारे देश पर बेहद आक्रामक ढंग से हमला बोला गया है। वहीं, इजरायली सेना की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि उसने पोर्ट ऑफ होदेदा में हूतियों द्वारा इस्तेमाल में लाए जा रहे सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। इजरायली सेना द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि होदेदा पोर्ट को हूती आतंकवादी इस्तेमाल में ला रहे थे। यहां पर ईरान से हथियारों को हूती विद्रोहियों को ट्रांसफर किया जाता था। इन हथियारों का इस्तेमाल इजरायल और उसके सहयोगी देशों पर हमले के लिए किया जाता था। वहीं, सारी ने एक बयान में कहा कि हूती एयर डिफेंस इजरायली विमानों के लिए बड़ी उलझन का कारण बना। हमले करने से पहले इसने कुछ लड़ाकू विमानों को यमनी एयरस्पेस छोड़ने पर मजबूर किया। हूती प्रवक्ता के मुताबिक इससे इजरायल की यमन में गहरे घुसपैठ की मंशा नाकाम रही।  

रुपया मजबूत, व्यापार वार्ता तेज़: भारत-अमेरिका रिश्तों में नई शुरुआत?

वाशिंगटन  भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ वॉर जल्द ही थम सकता है। कहा जा रहा है कि दोनों ही देशों ने मंगलवार को हुई बातचीत को सकारात्मक करार दिया है। सोमवार रात ही अमेरिकी वार्ताकार ब्रेंडन लिंच भारत पहुंचे थे, जिसके बाद भारतीय पक्ष के साथ व्यापार को लेकर चर्चा होनी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ के बाद दोनों देशों के रिश्ते तल्ख हो गए थे। मंगलवार को हुई बैठक के बाद अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, 'असिस्टेंट यूएस ट्रेड रिप्रजेंटेटिव ब्रेंडन लिंच की अपने समकक्ष राजेश अग्रवाल से 16 सितंबर को द्विपक्षीय व्यापार वार्ता के मामले पर सकारात्मक बैठक हुई।' खास बात है कि भारत की तरफ से भी बैठक को पॉजिटिव करार दिया गया है। इससे पहले ट्रंप ने भारत के साथ बातचीत जारी होने की जानकारी दी थी। भारत सरकार ने कहा, 'भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार के स्थाई महत्व को स्वीकारते हुए बातचीत सकारात्मक रही…।' सोमवार से बढ़ी उम्मीदें रूसी कच्चा तेल खरीदने के लिए अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने वाले भारतीय सामान पर 25 प्रतिशत शुल्क और 25 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना लगाए जाने के बाद किसी उच्च पदस्थ अमेरिकी व्यापार अधिकारी की यह पहली यात्रा है। वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लिंच और भारतीय अधिकारियों के बीच बैठक को छठे दौर की वार्ता के रूप में नहीं, बल्कि उससे पहले की बातचीत के रूप में देखा जाना चाहिए। अधिकारी ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका साप्ताहिक आधार पर वर्चुअल माध्यम से चर्चा कर रहे हैं। अच्छे संकेत अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता के पटरी पर लौटने की उम्मीदें बढ़ने से मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले आठ पैसे मजबूत होकर 88.08 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि सकारात्मक घरेलू बाजारों और कमजोर डॉलर के कारण रुपये में मजबूती आई। अमेरिकी डॉलर फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक और निराशाजनक आर्थिक आंकड़ों से पहले दो महीने के निचले स्तर पर आ गया।  

भीषण बाढ़ का वीडियो वायरल: देहरादून में ट्रैक्टर नदी में बहा, लोग लगे मदद की राह देखने

देहरादून उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बादल फटने से भारी तबाही मची हुई है। सोमवार देर रात हुई भारी बारिश के बाग कई सड़कें टूट गईं। होटल-दुकानें बह गए जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस जल सैलाब के कई खौफनाक वीडियो भी सामने आ रहे है। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमें मदद की गुहार लगाते नदीं के बीचों बीच ट्रैक्टर पर फंसे कुछ लोग देखते ही देखते नदी के तेज बहाव में बह गए और लोगों में चीख पुकार मच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना में कम से कम 6 लोगों की मौत की आशंका है। यह वीडियो विकासनगर में उफनती टोंस नदी का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक ट्रक पर मदद के लिए चिल्ला रहे लोग मजदूर बताए जा रहे हैं। इस खौफनाक मंजर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैष वीडियो में लगभग 10 मज़दूर नदी के बीचों-बीच फंसे एक ट्रैक्टर पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। वह मदद की गुहार लगाते और हाथ हिलाते भी नजर आ रहे है। किनारे पर लोग उन्हें बचाने की कोशिश भी करते हैं, लेकिन इससे पहले कि वह कुछ कर पाते, ट्रैक्टर नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गया और और पूरा ट्रैक्टर पलट गया। ट्रैक्टर पर मौजूद लोग इसमें बह गए और किनारे पर मौजूद लोग चीखने चिल्लाने लगे। ये मजदूर नदीं के बीचों बीच कैसे फंसे ये फिलहाल पता नहीं चल सका है। जानकारी के मुताबिक इस घटना के बाद विकासनगर में अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। ये सभी मजदूर खनन कार्य के लिए गए हुए थे। इससे पहले आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि देहरादून में सहस्त्रधारा और मालदेवता तथा मसूरी से भी नुकसान की खबरें मिली हैं। देहरादून में दो से तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं। मसूरी में एक व्यक्ति की मौत की खबर मिली है और इसकी पुष्टि की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में टीम राहत और बचाव कार्यों में लगी हुई हैं, वहीं 300 से 400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। आपदा प्रबंधन सचिव ने बताया कि टिहरी में जलभराव के कारण गीता भवन में लोग फंस गए थे जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके अलावा भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से नैनीताल में मलबे के कारण एक सड़क आवागमन के लिए बंद हो गई है। मझारा गांव के निवासी सड़कों पर इकट्ठा हैं और उनका कहना है कि वे भूस्खलन से बाल बाल बचे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग लापता हो गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, कल देर रात देहरादून के सहस्त्रधारा में भारी बारिश के कारण कुछ दुकानों के क्षतिग्रस्त होने का दुखद समाचार मिला। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस बल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं।

धर्म परिवर्तन और लव जिहाद मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त कार्रवाई, चार राज्यों से रिपोर्ट तलब

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण विरोधी कानून पर यूपी-उत्तराखंड समेत 4 राज्यों से जवाब मांगा है. कोर्ट ने इन कानूनों पर रोक लगाने वाली याचिका पर राज्यों से चार हफ्ते में जवाब मांगा है. इस संबंध में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान को नोटिस जारी किया गया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्ते में राज्यों को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है. वहीं, अब अगली सुनवाई 6 हफ्ते बाद होगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यों के जवाब दाखिल होने के बाद कानून पर रोक लगाने की मांग पर विचार किया जाएगा. याचिकाकर्ताओं में जमीयत उलेमा ए हिंद और सिटीजन फॉर जस्टिस एंड पीस जैसे कई संगठन शामिल हैं.   याचिकाओं में कहा गया है कि यह कानून अलग-अलग धर्मों से ताल्लुक रखने वाले जोड़ों को परेशान करने का जरिया बन गए है. इनकी आड़ में किसी को भी धर्मांतरण के आरोप में फंसाया जा सकता है. SC ने चार राज्यों से मांगा जवाब लव-जिहाद और गैरकानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन के खिलाफ यूपी,उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और मध्यप्रदेश और गुजरात में बने कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है.  

ट्रम्प-सहबाज शरीफ मुलाकात की अटकलें, UNGA के दौरान हो सकती है बातचीत

वाशिंगटन  यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ की जल्द मुलाकात हो सकती है. यह मुलाकात न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान हो सकती है. पाक पीएम 26 सितंबर को UNGA में अपना भाषण देंगे, इसके बाद दोनों की अलग से मुलाकात की संभावना है. इस दौरान आसीमन मुनीर भी मौजूद रह सकते हैं. सूत्रों के हवाले से बताया कि मुनीर को फील्ड मार्शल का पद दिए जाने के बाद से वह द्विपक्षीय वार्ताओं में सक्रिय रूप से शरीफ के साथ रहे हैं. मुनीर को यह पद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दिया गया, इस दौरान पाकिस्तान के अंदर बहावलपुर और मुरीदके में भारतीय सेना ने आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया था.   इससे कुछ महीने पहले ही मुनीर अमेरिका पहुंचे थे और ट्रंप द्वारा आयोजित डिनर में भी शामिल हुए थे. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि मुनीर से मिलकर उन्हें सम्मानित महसूस हुआ और दोनों के बीच ईरान-इजराइल संघर्ष से उत्पन्न स्थिति पर बातचीत हुई है. ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि अमेरिका ईरान पर हमला करने के लिए पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है. जब ट्रंप और मुनीर की बैठक हुई थी तब विदेश मंत्री मार्को रुबियो और मध्य पूर्व के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ भी मौजूद थे. मुनीर के साथ पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल असीम मलिक भी मौजूद थे.

महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट का फटकार, जल्द कराए जाएं चुनाव

मुंबई  महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव कराने की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि 31 जनवरी 2026 तक महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाएं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग स्थानीय निकाय के चुनाव की तारीख आगे नहीं बढ़ाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने 31 अक्टूबर तक परिसीमन की प्रक्रिया पूरा किए जाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि कर्मचारियों को रिटर्निंग ऑफिसर के तौर पर तुरंत नियुक्त करे. राज्य निर्वाचन आयोग दो सप्ताह में कर्मचारियों की लिस्ट मुख्य सचिव को सौंपनी है. राज्य चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ईवीएम की उपलब्धता पर 31 नवंबर तक सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करें. कोर्ट ने पूछा- क्या हो चुके चुनाव? यह आदेश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने दिया है. कोर्ट ने मई में स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिए एक अंतरिम आदेश पारित किया था, जो ओबीसी के लिए आरक्षण लागू करने से संबंधित मुकदमेबाजी के कारण 2022 से रुके हुए थे. कोर्ट ने पूछा कि क्या चुनाव हो चुके हैं? मई में आदेश दिया गया था कि चुनाव 4 महीने (सितंबर के अंत तक) में होने थे. महाराष्ट्र के वकील ने कोर्ट को बताया कि प्रक्रिया चल रही है, परिसीमन हो चुका है. राज्य चुनाव आयोग कुछ समय बढ़ाने की मांग कर रहा है, इसके लिए एक अर्जी भी दाखिल की गई है. SC ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि हम आपको जनवरी तक का समय क्यों दें? महाराष्ट्र सरकार की तरफ से कहा गया कि 29 नगर निगम हैं, पहली बार एक साथ चुनाव हो रहे हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए महाराष्ट्र सरकार के वकील से कहा कि आपकी निष्क्रियता आपकी अक्षमता को दर्शाती है, हमें कारण बताया जाए. महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा कि हमारे पास 65,000 ईवीएम मशीनें हैं, 50,000 और चाहिए, इसके लिए हमने ऑर्डर दे दिए हैं.  

कचरा और गंदा पानी बनेगा संसाधन! सरकार का इनोवेटिव प्लान बदलेगा इंफ्रास्ट्रक्चर की तस्वीर: मंत्री गडकरी

नई दिल्ली सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी वर्तमान में केंद्र सरकार में एक अहम चेहरा हैं. वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और अपने कामकाज की वजह से उन्हें अक्सर हाईवे मैन ऑफ इंडिया भी कहा जाता है. नितिन गडकरी ने  देश को प्रदूषण मुक्त करने और कचरा हटाकर उसका निस्तारण करने का सरकार का एक प्लान एबीपी के मंच से साझा किया है. नितिन गडकरी का कहना है कि भविष्य में टॉयलेट के पानी और कचरे से इमारतें व सड़कें बनाई जाएगी. चलिए जानें कि यह कैसे संभव होगा.  कचरे से कैसे बनेगी सड़क?  नितिन गड़करी ने सरकार का भविष्य का प्लान बताते हुए कहा, ‘80 लाख टन सॉलिड कचरा रोड बनाने के वक्त डाला गया है. दिल्ली-मुंबई हाईवे और UR2 रोड को बनाने में उस कचरे का इस्तेमाल किया गया है. अब सरकार का प्लान है कि 2027 खत्म होने से पहले इस देश का पूरा सॉलिड कचरा अलग करके रोड बनाने में डाला जाएगा और इससे देश को प्रदूषण के मुक्त किया जाएगा.’  टॉयलेट के गंदे पानी का कैसे होगा इस्तेमाल? नितिन गडकरी ने गंदे पानी के इस्तेमाल को लेकर कहा, ‘इसके अलावा टॉयलेट का जो गंदा पानी है, जो कि रिसाइकिल होता है उसको रिसाइकिल करके उसकी टेस्टिंग करके अब ऑर्डर निकाला जाएगा कि बिल्डिंग और रोड बनाने के लिए उस फिल्टर पानी का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे देश का प्रदूषण कम होगा और जनता को इससे मुक्ति मिलेगी.’ क्यों जरूरी है यह कदम? भारत में हर दिन लाखों टन कचरा और गंदा पानी निकलता है. अब तक इसका बड़ा हिस्सा खुले में फेंका जाता रहा है, जिससे नदियां, जमीन और हवा प्रदूषित हो रही हैं. अगर इन्हें निर्माण में उपयोग किया जाए तो कचरे का बोझ कम होगा और पर्यावरण पर दबाव घटेगा, साथ ही साथ शहरी विकास परियोजनाओं में सस्ती और टिकाऊ सामग्री की उपलब्धता भी बढ़ेगी. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो चुका है प्रयोग ऐसा नहीं है कि भारत में इस तकनीक का पहली बार इस्तेमाल किया जा रहा है, बल्कि ऐसी तकनीकें यूरोप और एशियाई देशों में पहले से अपनाई जा रही हैं. वहां सीवेज स्लज और रीसाइकिल्ड वेस्ट से हाईवे, फ्लाईओवर और पब्लिक बिल्डिंग्स बनाई जा चुकी हैं. भारत में यह कदम कचरे से संपदा मिशन के तहत उठाया जा रहा है.

जैश सरगना मसूद अजहर के परिवार पर करारा प्रहार, ऑपरेशन सिंदूर से हड़कंप

नई दिल्ली  पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए किए गए ऑपरेशन सिंदूर में कुख्यात आतंकी मसूद अजहर के परिवार के चिथड़े उड़ गए हैं। यह कबूलनामा जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर ने की है। इस सैन्य कार्रवाई के महीनों बाद जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी ने यह स्वीकार किया है कि बहावलपुर में भारत द्वारा किए गए हमलों में आतंकी समूह के शीर्ष कमांडर मसूद अजहर के परिवार के 'टुकड़े-टुकड़े' हो गए थे। इंटरनेट पर वायरल एक वीडियो में, जैश कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी को यह बताते हुए सुना जा सकता है कि कैसे भारतीय सशस्त्र बलों ने उनके ठिकानों में घुसकर उन पर हमले किए। वीडियो में इलियास कश्मीरी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि 7 मई को बहावलपुर के आतंकी अड्डे पर जब भारत ने हमला किया तो आतंकी मसूद अजहर का परिवार टुकड़ों-टुकड़ों में तक्सीम हो गया, रेजा-रेजा हो गया। मंच पर पीछे कई बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी वायरल वीडियो में कश्मीरी ने उर्दू में कहा, "आतंकवाद को गले लगाते हुए, हमने इस देश की सीमाओं की रक्षा के लिए दिल्ली, काबुल और कंधार से लड़ाई लड़ी। सब कुछ बलिदान करने के बाद, 7 मई को मौलाना मसूद अजहर के परिवार को बहावलपुर में भारतीय सुरक्षा बलों ने खत्म कर दिया।" कश्मीरी जिस मंच से यह कबूल कर रहा था और लोगों को संबोधित कर रहा था, उस मंच पर उसके पीछे कई बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी उसे घेरे हुए थे। नौ ठिकानों पर भारत ने किए थे हमले बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी। इस घटना के कुछ हफ़्तों बाद, भारतीय सशस्त्र बलों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत, पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मदऔर लश्कर-ए-तैयबा के कुल नौ ठिकानों पर रातोंरात हमले कर उसे ध्वस्त कर दिया था। उसी में बहावलपुर स्थित जैश -ए मोहम्मद का ठिकाना भी शामिल था। पाकिस्तान ने बाद में स्वीकार किया था कि हमलों में बहावलपुर, कोटली और मुरीदके के नौ ठिकानों को निशाना बनाया गया था। ये सभी आतंकी ठिकानों के केंद्र रहे हैं।  

अमेरिका ने माना कूटनीति विफल, इजरायल ने गाजा पर तेज़ हमलों का आगाज किया

 तेल अवीव कतर में सोमवार को 60 मुस्लिम देशों की मीटिंग हुई, जिसमें इजरायल के खिलाफ प्रस्ताव पारित हुआ। वहीं उसी समय इजरायल में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मौजूद थे। उन्होंने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ कई घंटे तक मीटिंग की और मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि गाजा में जारी जंग का कोई कूटनीतिक समाधान होने की उम्मीद नहीं दिखती। उन्होंने कहा कि हमास एक आतंकी और बर्बर संगठन है। वह जब तक सरेंडर नहीं करेगा, तब तक फिलिस्तीन के मसले पर किसी समाधान की उम्मीद करना बेमानी होगा। उनका यह स्टैंड अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एकदम उलट है, जिन्होंने पिछले दिनों कहा था कि जल्दी ही गाजा में जंग समाप्त होगी। मार्को रुबियो के बयान से स्पष्ट है कि गाजा में अब इजरायल और आक्रामक हो सकता है क्योंकि उसे अमेरिका की ओर से समर्थन हासिल है। यही नहीं इजरायल ने गाजा पर हमले करना शुरू भी कर दिया है। सोमवार देर रात से ही इजरायल की ओर से गाजा पर हमले जारी हैं। रुबियो ने कहा कि हम चाहते हैं कि जंग समाप्त हो, लेकिन हमास एक आतंकी संगठन है, जो सरेंडर नहीं कर रहा है। उसके सरेंडर किए बिना गाजा में जंग का कोई कूटनीतिक समाधान निकलने की उम्मीद बेहद कम है। उन्होंने कहा कि हमास का घोषित लक्ष्य इजरायल की बर्बादी है। उसने लगातार कई हमले इजरायल पर किए हैं। इसलिए उसके खात्मे के साथ ही समाधान संभव है। फिलहाल गाजा में भीषण हमलों का दौर जारी है। इजरायल की चेतावनी के बाद से हजारों लोग गाजा छोड़कर निकल रहे हैं। इसी को लेकर रुबियो ने चेतावनी दी है कि हमास के पास कुछ दिन का ही वक्त बचा है। वह सीजफायर डील को स्वीकार कर ले या फिर गाजा पर इसी तरह बमबारी जारी रहेगी। इजरायल ने तो ऑपरेशन शुरू भी कर दिया है। हालांकि इजरायल के लिए भी राह आसान नहीं है। एक तरफ मुस्लिम देश एकजुट हैं तो वहीं यूरोप के कई मुल्क भी इजरायल के खिलाफ हैं। अब लग्जमबर्ग का भी कहना है कि वह संयुक्त राष्ट्र आम सभा में फिलिस्तीन को मान्यता देने के प्रस्ताव का समर्थन करेगा। इससे पहले ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी ऐसा प्रस्ताव रख चुके हैं। बता दें कि रुबियो ने इजरायल की यात्रा के बाद अब कतर का दौरा किया है। वहीं कतर के पीएम इस्लामिक देशों की मीटिंग से पहले अमेरिका गए थे। माना जा रहा है कि अमेरिकी दखल के चलते ही कतर शांत है और मध्यस्थता की मीटिंग जारी रखने पर सहमत है। वहीं नेतन्याहू का कहना है कि कतर पर हमले से पहले उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को जानकारी दी थी, लेकिन उनकी ओर से रोका नहीं गया।

न्याय व्यवस्था में तकनीक की दस्तक: केरल हाई कोर्ट WhatsApp से देगा कानूनी सूचना

तिरुवनंतपुरम  सूचना तक पहुंच बढ़ाने और समय पर संचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, केरल हाई कोर्ट ने घोषणा की है कि वह 6 अक्टूबर से अपने केस मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) में एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में WhatsApp मैसेजिंग शुरू करेगा. यह नई सेवा मौजूदा सूचना चैनलों के साथ-साथ रियल टाइम में अपडेट प्रदान करके वकीलों, वादियों और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने वाले पक्षकारों को लाभान्वित करेगी. केरल हाई कोर्ट द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, यह सुविधा शुरुआत में चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी. WhatsApp के माध्यम से भेजे जाने वाले अपडेट में ई-फाइलिंग में खामियों, मामलों की लिस्ट, कार्यवाही और अन्य प्रासंगिक अदालती संचार से संबंधित विवरण शामिल होंगे. हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि WhatsApp मैसेज केवल संचार के एक अतिरिक्त माध्यम के रूप में काम करेंगे और आधिकारिक नोटिस, सम्मन या अन्य अनिवार्य प्रक्रियाओं का स्थान नहीं लेंगे, जब तक कि अन्यथा निर्दिष्ट न किया जाए. सुरक्षा और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए, सभी संदेश केवल सत्यापित प्रेषक आईडी "केरल उच्च न्यायालय" से ही भेजे जाएंगे. हितधारकों से आग्रह किया गया है कि वे धोखाधड़ी वाले संदेशों के प्रति सतर्क रहें और यह सुनिश्चित करें कि अपडेट केवल इसी आधिकारिक प्रेषक आईडी से प्राप्त हों. अदालत ने सभी अधिवक्ताओं और वादियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उनके CMS प्रोफाइल में एक सक्रिय WhatsApp-सक्षम नंबर शामिल हो. यदि रजिस्ट्रेशन प्राथमिक नंबर WhatsApp से लिंक नहीं है, तो एक द्वितीयक WhatsApp-सक्षम नंबर अवश्य जोड़ा जाना चाहिए. प्राथमिक नंबरों को मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार ईमेल के माध्यम से अनुरोध प्रस्तुत करके अपडेट किया जा सकता है, जबकि द्वितीयक नंबरों को CMS में एडवोकेट पोर्टल के माध्यम से सीधे संशोधित किया जा सकता है. केरल हाई कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि WhatsApp मैसेज की किसी भी देरी या गैर-डिलीवरी से हितधारकों को अदालत में उपस्थित होने या कार्यवाही का पालन करने की उनकी ज़िम्मेदारी से मुक्त नहीं किया जाएगा. उपयोगकर्ताओं को हाई कोर्ट के आधिकारिक वेब पोर्टल पर अपडेट की बार-बार जांच करने की सलाह दी गई है. यह पहल हाई न्यायालय के डिजिटल आधुनिकीकरण अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य संचार को सुव्यवस्थित और न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सुलभ बनाना है.