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पुतिन ने ब्रिक्स के एजेंडे से अमेरिका को दिया संकेत, चीन ने भी समर्थन जताया

तियानजिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रविवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन के तियानजिन शहर पहुंचे। उन्होंने कहा कि रूस और चीन ने ब्रिक्स देशों के सामाजिक-आर्थिक विकास में बाधा डालने वाले 'भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों' के खिलाफ एकजुट रुख अपनाया है। माना जा रहा है कि पुतिन ने चीन की धरती से अमेरिका को संदेश दिया है कि 'भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों' के खिलाफ वे एकजुट हैं। पुतिन ने यह बातें चीन की सरकारी समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि रूस और चीन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने पर ध्यान दे रहे हैं और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिक्स की क्षमता को मजबूत करने के लिए एकजुट हैं। पुतिन ने कहा कि मॉस्को और बीजिंग ब्रिक्स सदस्यों और वैश्विक स्तर पर 'सामाजिक-आर्थिक विकास में बाधा डालने वाले भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों' के खिलाफ साझा रुख अपनाते हैं। पुतिन ने कहा कि रूस और चीन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक में सुधार का समर्थन करते हैं। पुतिन ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ब्रिक्स देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दे रहे हैं। ब्रिक्स एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। सऊदी अरब, ईरान, इथियोपिया, मिस्र, अर्जेंटीना और संयुक्त अरब अमीरात इसके नए सदस्य हैं। पुतिन ने उम्मीद जताई कि तियानजिन में होने वाला एससीओ शिखर सम्मेलन 10-सदस्यीय संगठन को नई गति देगा, समकालीन चुनौतियों और खतरों का सामना करने की इसकी क्षमता को मजबूत करेगा, तथा यूरेशियाई क्षेत्र में एकजुटता को बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि इससे अधिक न्यायसंगत बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था को आकार देने में मदद मिलेगी। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, पुतिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ वार्ता करेंगे और द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के खिलाफ चीन की जीत की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित परेड में भी शामिल होंगे।  

पुंछ में पकड़े गए दो आतंकवादी, सुरक्षा बलों ने हथियार और ग्रेनेड भी किया कब्जे में

पुंछ  जम्मू-कश्मीर में पुंछ के मंडी सेक्टर में सुरक्षाबलों ने दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक एके-47 और एक हैंड ग्रेनेड मिला है। पुंछ पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पुलिस ने बताया कि इस दौरान पुलिस ने छापेमारी भी की। इसमें आजमाबाद स्थित एक घर पर छापा मारा, यहां से इस घर के मालिक स्थानीय निवासी तारिक शेख और उसके साथी चैंबर गांव निवासी रियाज अहमद को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार करने के बाद दोनों से पूछताछ की गई, जिससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने जलियां गांव स्थित शेख के एक और किराए के मकान पर छापा मारा, जहां से यह हथियार बरामद किए गए।

मोदी सरकार का नया स्ट्रैटेजी मोड: ट्रंप टैरिफ के बीच लॉकडाउन जैसी योजनाओं पर नजर

नई दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लागू कर दिया है। इस टैरिफ का सीधा असर भारतीय निर्यातकों और कामगारों पर पड़ने वाला है। वहीं टैरिफ से लाखों नौकरियों पर भी खतरा मंडरा रहा है। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ बम से बचने का रास्ता मोदी सरकार ने निकाल लिया है। कोविड लॉकडाउन के दौरान जिस तरह की योजनाएं लागू की गई थीं, कुछ उसी स्टाइल में सरकार लोगों को राहत देने की योजना बना रही है। इसके अलावा अमेरिका से अलग बाजार तलाशने और ग्लोबल सप्लाई चेन के एकीकरण के लिए लंबी अवधि की रणनीतियों पर काम किया जा रहा है। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दो सीनियर अधिकारियों ने बताया कि सरकार सबसे पहले नकदी की समस्या का समाधान निकालने पर विचार कर रही है। वहीं निर्यात और रोजगार बचाने के लिए सरकार कोविड स्टाइल में योनजाएं चलाना चाहती है। ट्रंप के टैरिफ की वजह से कई तरह के दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे कि भुगतान में देरी, देर से सामान का पहुंचना, ऑर्डर रद्द होना। वहीं निर्यात को बरकरार रखने के लिए नई मार्केट की जरूरत है। जब तक नई मार्केट नहीं मिलती, निर्यातकों को ऑपरेशन जारी रखने के लिए राहत देना जरूरी है। सरकार कर सकती है राहत पैकेज का ऐलान अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने कोरोना लॉकडाउन के दौरान जिस तरह के राहत पैकेज का ऐलान किया था, उसी तरह के राहत पैकेज का एक बार फिर ऐलान हो सकता है। उद्योगों में नकदी की समस्या, खास तौर पर लघु और मध्यम उद्योगों के लिए इस तरह की योजनाएं जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इमर्जेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) जैसी योजनाओं पर फोकस करना चाहती है जो कि 100 फीसदी गारंटी के साथ बिना जमानत के लोन उपलब्ध करवा सकें। इससे लाखों छोटे और मध्यम उद्योग दीवालिया होने से बच जाएंगे। लॉकडाउन के दौरान जब 68 दिनों के लिए औद्योगिक गतिविधियां ठप हो गई थीं, तब इसी योजना ने उद्योगों को बचा लिया था। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा समस्या और उसके समाधान को देखते हुए इन योजनाओं में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तत्काल राहत के साथ सरकार चरणबद्ध तरीके से भी योजानाएं लागू करेगी जिससे लंबी अवधि की रणणनीति तैयार हो सके। नकदी उपलब्ध करवाने के साथ ही मौजूदा व्यापार समझौतों को मजबूत करने और नई मार्केट में अवसरों की तलाश का काम भी तेज होगा। जीएसटी से भी राहत अधिकारियों ने कहा कि टैक्स से जुड़ी भी कई राहत देने पर सरकार विचार कर रही है। इसमें जीएसटी रिफॉर्म भी शामिल है। अगले सप्ताह होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में टैक्स घटाने से संबंधित कई फैसले हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर मजबूती की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था को खतरा नहीं है। टैरिफ जैसे बाहरी फैक्टर भारत की अर्थव्यवस्था को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाएंगे। जीडीपी में निर्यात का मामूली योगदान अधिकारियों ने कहा कि घरेलू उपभोग की वजह से अर्थव्यवस्ता लचीली है। निर्यात अर्थव्यवस्ता के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन यह भारत की जीडीपी 4.12 ट्रिलियन डॉलर का छोटा हिस्सा है। निर्यात का जीडीपी में योगदान केवल 10 फीसदी यानी 438 मिलियन डॉलर का ही है। ऐसे में जून में समाप्त होने वाली तिमाही में भी आर्थिक वृद्धि दर 7.8 फीसदी रही।  

पीएम मोदी ने LAC पर शी जिनपिंग को दी अहम सलाह, मानवता के लिए जरूरी सहयोग पर जोर

तियांजिन चीन के तियांजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई। अमेरिका से टैरिफ वॉर के बीच दोनों नेताओं की बीच इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शी जिनपिंग से कहा कि दोनों देशों का आपसी सहोयग 2.8 अरब की आबादी और मानवता के लिए जरूरी हो गई है। एलओसी को लेकर भी प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के प्रयासों से सीमा पर शांति का माहौल बना है। शी जिनपिंग ने भी प्रधानमंत्री मोदी की बात पर सहमति जताते हुए कहा कि अब दोनों देशों का साथ आना जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा, सैनिकों के पीछे हटने के बाद सीमा पर शांति एवं स्थिरता कायम है। सीमा प्रबंधन को लेकर हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनी थी जो कि कारगर साबित हुई है। हमारे द्विपक्षीय सहयोग से 2.8 अरब लोगों का कल्याण जुड़ा है। भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान सेवाएं फिर से शुरू हो रही हैं जो कि बेहद खुशी की बात है। पीएम मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन की सफल अध्यक्षता के लिए शी जिनपिंग को बधाई देते हुए कहा, हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बता दें कि चीन ने इसी महीने कहा है कि वह रेयर अर्थ, उर्वरक और टनल बोरिंग मशीन के निर्यात से बैन हटाने को तैयार है। वहीं टैरिफ वॉर के मामले में भी चीन भारत के ही साथ खड़ा है। हाल ही में दोनों देशों ने टूरिस्ट वीजा को लेकर प्रतिबंधों को खत्म कर दिया है। इसके अलावा चीन ने तिब्बत में बौद्धों के धार्मिक स्थल पर भारतीयों को आने-जाने की इजाजत दे दी है। जानकारों का कहना है कि पश्चिम से मिल रही चुनौतियों के बीच एशिया को मजबूत करने की दिशा में यह सार्थक कदम है। अगर भारत और चीन के बीच संबंध सुधरते हैं तो यह अमेरिका के लिए भी बड़ी चुनौती होगी। पीएम मोदी रविवार से शुरू हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के दो दिवसीय वार्षिक शिखर सम्मेलन में मुख्य रूप से भाग लेने के लिए चीन में हैं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन की व्यापार और शुल्क संबंधी नीतियों के बाद भारत और अमेरिका के संबंधों में आए तनाव के मद्देनजर शी के साथ मोदी की बैठक अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। तियानजिन की अपनी यात्रा से पहले मोदी ने कहा था कि विश्व आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए भारत और चीन का मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है। जापान के समाचार पत्र ‘द योमिउरी शिंबुन’ के साथ एक इंटरव्यू में मोदी ने कहा कि भारत और चीन के बीच स्थिर और सौहार्दपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों का क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति और समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। मोदी ने शुक्रवार को प्रकाशित इंटरव्यू में कहा, “विश्व अर्थव्यवस्था में मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए, दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन का विश्व आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है।” मोदी की चीन यात्रा चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के एक पखवाड़े से भी कम समय के बाद हुई है।

बच्चों का PAN कार्ड बनवाना अब आसान: जानें पूरा प्रोसेस स्टेप-बाय-स्टेप

जिस तरह से एक आम व्यस्क आदमी के लिए Pan Card बेहद जरूरी डॉक्यूमेंट है, उसी तरह बच्चों के लिए भी पैन कार्ड उतनी ही ज्यादा जरूरी है। आधार कार्ड के बाद यही वह दूसरा जरूरी डॉक्यूमेंट है जिसे बच्चों के लिए बनवाना बेहद महत्वपूर्ण है। अगर बच्चों के नाम पर निवेश करना हो, म्यूचुअल फंड या फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसा लगाना हो या फिर उनके नाम एक बैंक अकाउंट खोलना हो हर चीज के लिए एक Pan Card की जरूरत पड़ती ही है। हालांकि आज के डिजिटल भारत में अच्छी बात यह है कि बच्चों के लिए Pan Card बनवाना बेहद आसान हो गया है। एक समय था जब इसके लिए कागजी काम और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। हालांकि अब सब कुछ डिजिटली और बिना कहीं जाए हो जाता है। बच्चों का Pan Card होता है अलग बच्चों का पैन कार्ड देखने में वैसे ही होता है जैसे बड़ों का, लेकिन इसमें कई फर्क होते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यह पैन कार्ड "माइनर" यानी अवयस्क श्रेणी में आता है, क्योंकि बच्चा 18 साल से छोटा होता है। इस वजह से इसमें बच्चे की फोटो और सिग्नेचर नहीं होते, जबकि नॉर्मल पैन कार्ड में यह जरूरी होते हैं। बच्चे के पैन कार्ड में उसके माता-पिता या अभिभावक का नाम और उनका पैन नंबर जोड़ा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि वही बच्चे के लिए वित्तीय फैसले लेते हैं। यह पैन कार्ड टैक्स भरने के लिए नहीं, बल्कि निवेश करने, म्यूचुअल फंड या फिक्स्ड डिपॉजिट कराने और बैंक खाता खुलवाने जैसे कामों में काम आता है। बच्चों का Pan Card बनवाने के लिए आपको सबसे पहले:     NSDL (https://www.tin-nsdl.com) या UTIITSL (https://www.utiitsl.com) की ऑफीशियल वेबसाइट पर जाना होगा।     इसके बाद “Apply for New PAN (Form 49A)” पर क्लिक करें।     अब आपको कैटेगरी चुनने के लिए कहा जाएगा। जहां आप “Individual” कैटेगरी को चुन सकते हैं।     अब दिए गए फॉर्म में बच्चे की सारी डिटेल्स जैसे कि पूरा नाम, जन्म तिथि, जेंडर और अन्य जानकारियां ठीक-ठीक भरें। यहां आपको माता-पिता या अभिभावक की भी ठीक-ठीक जानकारी जैसे कि नाम और PAN नंबर भरना जरूरी होता है।     इसके बाद आपको बच्चे और माते-पिता के आईडी प्रूफ जैसे कि बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र या आधार कार्ड अपलोड करने होंगे। पते के प्रूफ के तौर पर आप अभिभावक का आधार कार्ड या बिजली/पानी का बिल अपलोड कर सकते हैं। बच्चे का Pan Card बनवाते समय फोटो और सिग्नेचर अपलोड करने के लिए नहीं कहा जाता।     इसके बाद आप 107 रुपये की फीस भरकर अपने फॉर्म को सब्मिट कर सकते हैं। पेमेंट ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग से की जी सकती है।     फॉर्म को सबमिट करने के बाद आपको एक Acknowledgment Number मिलेगा। इसकी मदद से आप अपने बच्चे के PAN CARD के स्टेटस को चेक भी कर पाएंगे।     अगल 15-20 दिनों में आपको बच्चे का PanCard अपने पते पर मिल जाएगा। ध्यान रखने वाली बात बच्चों का पैन कार्ड बनवाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि आवेदन जल्दी और बिना किसी परेशानी के पूरा हो जाए। सबसे पहले, जो भी जानकारी फॉर्म में भरें, वह बिल्कुल सही होनी चाहिए और बच्चे के डॉक्यूमेंट जैसे आधार कार्ड या जन्म प्रमाणपत्र से मेल खानी चाहिए। इसके अलावा, बच्चे के पैन कार्ड में माता-पिता या अभिभावक की जानकारी देना जरूरी होता है, जिसमें उनका नाम और PAN नंबर शामिल होता है। अगर बच्चे का आधार कार्ड बना हुआ है, तो पैन कार्ड अप्लाई करना और भी आसान हो जाता है क्योंकि ई-केवाईसी के जरिए फिजिकल डॉक्युमेंट भेजने की जरूरत नहीं पड़ती। सबसे जरूरी बात यह है कि जब बच्चा 18 साल का हो जाए, तो उसका पैन कार्ड “मेजर” में अपडेट जरूर करवा लें ताकि उसमें उसका फोटो और सिग्नेचर जुड़ सके।  

मोबाइल टावर से रेडिएशन का खतरा? सरकार से ऐसे मांगें जांच

नई दिल्ली अच्छे मोबाइल नेटवर्क के लिए कंपनियां जगह-जगह पर अपने टावर लगाती हैं। पहले ये मोबाइल टावर रिहायशी इलाकों से दूर लगाए जाते थे, लेकिन अब आपने देखा होगा कि रिहायशी इलाकों में टावर लगे होते हैं। कहा जाता है क‍ि बहुत से लोग किराया पाने के लिए अपने घर की छत पर भी टावर लगवाते हैं। क्या आपको पता है कि आपका पड़ोसी पैसे कमाने के चक्कर में आपकी जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। ये टावर कई तरह के रेडिएशन फैलाते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। यही कारण है कि इन्हें रिहायशी इलाकों से दूर रखा जाता है। अगर आप यह जांच करवाना चाहते हैं कि आपके पड़ोसी की छत पर लगा टावर कितना रेडिएशन फैला रहा है तो आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे ही इसके लिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं। आइये, रिक्वेस्ट देने पूरा तरीका नीचे जानते हैं। मोबाइल टावर से होने वाली बीमारियां तमाम र‍िपोर्टों के अनुसार, मोबाइल टावर से रेडियो फ्रिक्वेंसी तरंगें निकलती हैं। लंबे समय तक मोबाइल टावर से निकलने वाले रेडिएशन के संपर्क में आने से लोगों में कई स्‍वास्‍थ्‍य संबधी बीमारियां दिखने लगती हैं। लोगों को सिरदर्द होना, थकान होना, नींद की गड़बड़ी जैसी समस्या आ सकती है। अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके घर के पास लगा टावर कितना रेडिएशन फैला रहा है तो इसके लिए सरकार से उसका EMF Measurement करा सकते हैं। क्या होता है EMF Measurement? ईएमएफ (विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र) मापन, खास सेंसर या मीटर का इस्तेमाल करके किसी दिए गए क्षेत्र में विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र की पावर और विशेषताओं को मापने का प्रोसेस है। इसका यूज अक्सर विद्युत उपकरणों, बिजली लाइनों या दूरसंचार उपकरणों से होने वाले रेडिएशन की जांच करने के लिए किया जाता है। EMF मेजरमेंट से स्वास्थ्य जोखिमों और सेफ्टी स्टैंडर्ड के अनुपालन को वेरिफाई करने के लिए किए जाता है। इस सरकारी पोर्टल पर जाकर करें रिक्वेस्ट भारत सरकार के संचार मंत्रालय के Tarang Sanchar पोर्टल पर जाकर EMF Measurement के लिए रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। इसके लिए आपको बस कुछ जानकारी भरनी होगी और फिर संबंध‍ित विभाग की तरफ से लोग आकर जांच करेंगे। अगर रेडिएशन पाया गया तो सरकार अपनी ओर से जरूरत के अनुसार एक्शन भी ले सकती है। यह सरकारी पोर्टल आपको अपने फोन से या फिर लैपटॉप से रिक्वेस्ट सबमिट करने की सुविधा देता है। रिक्वेस्ट सबमिट करने के लिए फॉलो करें ये स्टेप्स     ​स्टेप 1- अगर आप किसी टावर के रेडिएशन की जांच कराना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले Tarang Sanchar पोर्टल ओपन करना होगा। इसका बाद वेबसाइट पर स्क्रॉल डाउन करके नीचे आएं।     स्टेप 2- अब आपको यहां सबसे अंत में EMF Measurement Request by Public का ऑप्शन मिलेगा। इस पर क्लिक कर दें।     स्टेप 3- फिर आपको कुछ डिटेल भरनी होंगी। आपको नाम, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर डालकर Next बटन पर क्लिक करना होगा।     स्टेप 4- बता दें कि आपको इसके लिए 4000 रुपये फीस देनी होगी। फिर Next बटन पर क्लिक कर दें।     स्टेप 5- अब आगे की प्रोसेस करके जांच के लिए रिक्वेस्ट सबम‍िट कर दें।

EPF सदस्य ध्यान दें: ऑनलाइन ऐसे निकालें अपना खोया हुआ UAN

 नई दिल्ली अगर आप नौकरी करते हैं तो बता दें कि ज्यादातर नौकरी में सैलरी से प्रोविडेंट फंड यानी PF कटता है। यह पैसा कहीं और वहीं बल्कि PF अकाउंट में सेव होता रहता है। जरूरत पड़ने पर आप इसका पूरा पैसा निकाल सकते हैं। आपका यह भी चेक कर सकते हैं कि आपके PF अकाउंट में कितना पैसा है। हालांकि, चाहे पैसे निकालने हों या फिर बैलेंस देखना हो, सबके लिए UAN (Universal Account Number) की जरूरत है। इसके बिना आप PF से जुड़ी कोई भी जानकारी हासिल नहीं कर सकते हैं। यह 12 अंकों का होता है। अगर आपको UAN नहीं पता है तो परेशान न हों EPFO की वेबसाइट पर जाकर अपना UAN पता कर सकते हैं। आइये, पूरा प्रोसेस जानते हैं। ​ क्या होता है UAN? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि UAN या यूनिवर्सल अकाउंट नंबर, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा जारी किया जाता है। यह 12 अंकों का नंबर होता है। हर कर्मचारी को UAN दिया जाता है और सभी का एक यूनिक UAN होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आपने अलग-अलग कंपनियों में काम किया है तो आपका नया PF अकाउंट तो बन सकता है, लेकिन UAN वही रहेगा। सभी PF अकाउंट एक ही UAN से लिंक हो जाएंगे। UAN पता करने के लिए जरूरी चीजें अगर आपको अपना UAN नहीं पता है तो इसका पता लगाने के लिए आप epfo की वेबसाइट पर जा सकते हैं। हालांकि, आपको अपना आधार नंबर, पैन नंबर या फिर मेंबर आईडी पता होनी चाहिए और PF अकाउंट से लिंक मोबाइल नंबर पता होना चाहिए। UAN जानने के लिए फॉलो करें ये स्टेप्स     ​स्टेप 1- UAN पता करने के लिए सबसे पहले EPFO की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद आपको सबसे ऊपर Services के ऑप्शन पर क्लिक करना है।     स्टेप 2- यहां For Employees के ऑप्शन पर क्लिक कर दें।     स्टेप 3- अब आपको पेज पर Services के सेक्शन में दिए गए Member UAN/Online Services पर क्लिक करें।     स्टेप 4- ऐसा करते ही आप एक नए पेज पर पहुंच जाएंगे। इस पर राइट साइड में लॉग इन विंडो के नीचे Important Links का सेक्शन मिलेगा।     स्टेप 5- इसमें कई सारे ऑप्शन होंगे। आपको Know Your UAN पर क्लिक करना है।     स्टेप 6- ऐसा करते ही नई विंडो ओपन हो जाएगी। उसमें अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड डालें और Request OTP पर क्लिक कर दें।     स्टेप 7- अब आपके नंबर पर एक OTP आएगा। वह डालें इसके बाद आपको अपना नाम, जन्म तिथि, आधार नंबर और कैप्चा कोड डालना होगा।     स्टेप 8- फिर आप Show my UAN पर क्लिक कर दें। इसके बाद स्क्रीन पर आपका UAN आ जाएगा। आधार की जगह डाल सकते हैं ये डिटेल आप आधार कार्ड की जगह पैन नंबर या फिर मेंबर आईडी भी डाल सकते हैं। आधार कार्ड के पास ही बाकी ऑप्शन मिलेंगे। आप अपने अनुसार कोई भी सिलेक्ट कर सकते हैं। हालांकि, आधार नंबर सबसे आसान तरीका है। ज्यादातर लोगों के पास आधार कार्ड नंबर होता है। इस तरह आपको अपना UAN पता चल जाएगा।

जानें कैसे कुछ हथियारों से ही पाकिस्तान हार मान बैठा, ऑपरेशन सिंदूर का खुलासा

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में मई महीने में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी। वहां और पीओके में रहने वाले 100 से ज्यादा आतंकियों को हवाई हमलों में ढेर कर दिया गया। साथ ही, कई एयरबेस भी तबाह किए गए। वायुसेना उप प्रमुख नर्मदेश्वर तिवारी ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा नया खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि इस ऑपरेशन के दौरान भरत को सिर्फ 50 से भी कम हथियार दागने पड़े थे। महज इतने हथियारों से ही पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए और सीजफायर की गुहार लगाने लगा। एनडीटीवी से बात करते हुए एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी ने कहा कि पाकिस्तान को सीजफायर की टेबल तक लाने के लिए भारतीय वायुसेना को 50 से भी कम हथियार दागने पड़े। उन्होंने कहा, ''प्रस्तुत विकल्पों की सूची में से हमारे पास बड़ी संख्या में टारगेट सेट्स थे और 9 ठिकानों को टारगेट किया। हमारे लिए मुख्य बात यह थी कि 50 से भी कम हथियारों के साथ सीजफायर हुआ। इसलिए यही वह महत्वपूर्ण बात है, जिसे मैं आपको समझाना चाहता हूं।'' उन्होंने आगे कहा, ''किसी भी युद्ध को शुरू करना काफी आसान होता है, लेकिन उसे खत्म करना आसान नहीं होता। यह बात ध्यान में रखने योग्य है, ताकि हमारी सेना सक्रिय रहे, तैनात रहे और वे किसी भी संभावित स्थिति के लिए तैयार रहें।" उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का क्रेडिट भारत की एकीकृत वायुकमान और नियंत्रण प्रणाली (IACCS) को दिया जो आक्रामक और रक्षात्मक दोनों ही अभियानों की रीढ़ रही। इसी सिस्टम ने भारत को कड़ा जवाब देने में सक्षम बनाया और इसके चलते पाकिस्तान ने सीजफायर की मांग की। क्यों और कब हुआ था ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान के आतंकियों ने भारतीय पर्यटकों को करीब से गोली मारी थी, जिसमें 26 की जान चली गई थी। इससे पूरे देशभर में गुस्सा था। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पहले सिंधु जल संधि को रद्द करने समेत कई फैसले लिए और फिर सात मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाते हुए पाकिस्तान और पीओके के 9 ठिकानों पर हवाई हमले कर दिए। इसमें 100 से ज्यादा आतंकी मार गिराए गए, जिसमें लश्कर और जैश के अहम आतंकी भी शामिल थे। इसके बाद भारत-पाक के बीच तनाव बढ़ गया। पाक ने भी तुर्किए के ड्रोन की मदद से भारत पर जवाबी हमले की कोशिश की, लेकिन भारत ने सभी को नाकाम कर दिया। इसके बाद फिर से भारत ने पाकिस्तान पर हवाई हमले करके वहां के कई एयरबेस को ध्वस्त कर दिया। चार दिनों तक चरम पर तनाव रहने के बाद आखिरकार पाकिस्तान ने भारत से सीजफायर की मांग की और दोनों देशों में इसके लिए सहमति बन सकी।

मोदी सरकार का तोहफा: प्रधानमंत्री जनधन योजना में अब मिलेगी ₹10,000 तक ओवरड्राफ्ट सुविधा

नई दिल्ली  नरेंद्र मोदी सरकार की चर्चित योजना- प्रधानमंत्री जनधन के 11 साल पूरे हो गए हैं। योजना के तहत खोले गए खातों की संख्या 11 वर्ष में बढ़कर 56.16 करोड़ हो गई है। वहीं, खातों में 2.68 लाख करोड़ रुपये जमा किए गए। योजना के तहत खाताधारकों को कई बड़ी सुविधाएं मिलती हैं। इनमें से एक सुविधा ओवरड्राफ्ट की है। आइए इस सुविधा के बारे में विस्तार से जान लेते हैं। क्या है ओवरड्राफ्ट लिमिट प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत लाभार्थी 10000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। बता दें कि ओवरड्राफ्ट के तहत अगर आपके खाते में पर्याप्त पैसा नहीं है, फिर भी आप एक निश्चित सीमा तक पैसे निकाल सकते हैं या लेनदेन कर सकते हैं। योजना के तहत सभी लाभार्थियों को 2 लाख रुपये के दुर्घटना बीमा कवर के साथ एक निःशुल्क रुपे डेबिट कार्ड प्राप्त होता है। क्या कहते हैं आंकड़े बीते दिनों वित्त मंत्रालय ने बताया कि जनधान के तहत खातों की संख्या मार्च 2015 के 14.72 करोड़ से बढ़कर 13 अगस्त 2025 तक 56.16 करोड़ हो गई है। खाताधारकों में 56 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। वहीं 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में सीधे 45 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए। भारत की 94 प्रतिशत वयस्क आबादी का अब बैंक खाता है। 38.68 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड जारी प्रधानमंत्री जनधन योजना के खाताधारकों को कुल 38.68 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड जारी किए गए हैं। इससे उन्हें नकदी रहित लेनदेन की सुविधा मिली है और अंतर्निहित दुर्घटना बीमा कवर तक पहुंच प्राप्त हुई है। ये खाते प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई), और माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी बैंक (मुद्रा) योजना के लिए पात्र हैं।

सरकार ने बढ़ाई PM SVANidhi स्कीम की डेडलाइन, बिना गारंटी मिलेगा लोन

नई दिल्ली कोरोना महामारी के दौर में, जब लोगों के छोटे रोजगार ठप हो गए थे और खासतौर पर रेहड़ी-पटरी वालों का बिजनेस पूरी तरह से खत्म हो गया था, तो ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने इनकी मदद के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि या पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की थी, जिसके तहत उन्हें अपना बिजनेस खड़ा करने में मदद के लिए सरकार 80,000 रुपये तक का लोन मुहैया करा रही थी और वो भी बिना गांरटी के, अब मोदी सरकार ने इस स्कीम के तहत मिलने वाले लोन की लिमिट में इजाफा कर दिया है और अब लाभार्थियों को 80 हजार नहीं, बल्कि 90,000 रुपये तक का गारंटी-फ्री लोन मिलेगा. यही नहीं स्वनिधि योजना की डेडलाइन भी 2030 तक बढ़ाई गई है.  31 मार्च 2030 तक मिलेगा फायदा केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के विस्तार और पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है, जो करोड़ों रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे विक्रेताओं के लिए बड़ी राहत भरा कदम है. रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के इस फैसले से 1.15 करोड़ रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ मिलेगा, जिनमें 50 लाख नए लाभार्थी भी शामिल हैं. आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के साथ वित्त सेवा विभाग द्वारा इसका संचालन 31 मार्च 2030 तक जारी रहेगा. इस फैसले से सरकारी खजाने पर 7,332 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय आएगा.  80 नहीं, अब 90 हजार तक लोन   सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना की डेडलाइन को बढ़ाने के साथ ही इसके तहत लाभार्थियों को मिलने वाले लोन की लिमिट में भी बढ़ोतरी की है. बता दें कि इसमें जरूरतमंदों को सरकार तीन किस्तों में 80,000 रुपये का लोन देती है और 10, 20 और 50 हजार रुपये तीन चरणों में दिए जाते थे. लेकिन अब इसकी लिमिट को बढ़ाते हुए स्मॉल बिजनेस की शुरुआत के लिए पहले चरण में 15,000 रुपये, दूसरे चरण में 25,000 रुपये और तीसरे चरण में 50,000 रुपये का लोन मिलेगा. इस सरकारी योजना का पूरा लाभ लेने के लिए क्रेडिबिलिटी जरूरी है. मतलब कोई व्यक्ति अपना व्यापार शुरू करने के लिए अप्लाई करता है, तो पहले उसे 15,000 रुपये का लोन मिलेगा और फिर उसके द्वारा ये लोन की रकम निर्धारित समय में चुकाने ही वो स्कीम के तहत अगला 25,000 रुपये का लोन पा सकेगा. इसी तरह जब वो इस लोन को चुका देगा, तो उसे एकमुश्त 50,000 रुपये का लोन पाने का योग्य माना जाएगा. सरकारी डेटा पर नजर डालें, तो 30 जुलाई 2025 तक 68 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को 13,797 करोड़ रुपये के 96 लाख से ज्यादा लोन वितरित किए गए हैं. करीब 47 लाख लाभार्थी डिजिटली सक्रिय हैं, जिन्होंने 6.09 लाख करोड़ रुपये वैल्यू के 557 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन किए हैं. सिर्फ आधार लाएं और लोन ले जाएं जैसा कि बताया कि ये सरकार की बिना गारंटी वाली लोन स्कीम है, यानी इसे लेने के लिए आपको किसी भी तरह की कोई चीज गारंटी के तौर पर गिरवी नहीं रखनी होगी. सिर्फ आधार कार्ड के जरिए आपको ये लोन आसानी से चरणबद्ध तरीके से मिल जाता है. आपको करना ये है कि पैसा तय समय में वापस करना है. नियमों को देखें, तो पीएम स्वनिधि योजना के तहत जितनी लोन की राशि ली जाती है, उसे सालभर में चुकाया जा सकता है. यही नहीं इसमें EMI Payment की सुविधा भी मिलती है.  रुपे क्रेडिट कार्ड समेत ये सुविधाएं भी सरकार द्वारा साफ किया गया है कि पीएम स्वनिधि योजना के जो लाभार्थी समय पर दूसरा लोन चुकाएंगे, उन्हें यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड भी मिलेगा, जिससे उनकी व्यावसायिक और व्यक्तिगत आर्थिक जरूरतें पूरा करने में उन्हें मदद मिलेगी. इसके अलावा स्मॉल बिजनेस शुरू करने वाले लाभार्थियों को डिजिटल पेमेंट के लिए प्रोत्साहित करने के लिए रिटेल और थोक लेन-देन के लिए 1,600 रुपये तक का डिजिटल कैशबैक भी मिलेगा. योजना के विस्तार के साथ सरकार का लक्ष्य इसकी पहुंच को और व्यापक बनाने के साथ छोटे व्यापारियों के लिए वित्तीय सहायता को मजबूत करना है.