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GST सुधार से छोटे व्यवसाय होंगे मजबूत, अर्थव्यवस्था होगी और खुली – वित्त मंत्री

चेन्नई  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार एक खुली और पारदर्शी अर्थव्यवस्था का निर्माण करेंगे, अनुपालन बोझ को कम करेंगे और छोटे व्यवसायों को फायदा पहुंचाएंगे। तमिलनाडु में सिटी यूनियन बैंक के 120वें स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए एक टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य नियमों को सरल बनाना, अनुपालन लागत कम करना और स्टार्टअप्स तथा एमएसएमई के लिए एक अधिक सक्षम इकोसिस्टम का निर्माण करना है। वस्तु एंव सेवा कर की दरों को कम करने के लिए जीएसटी परिषद की बैठक 3-4 सितंबर को होनी है। वित्त मंत्री ने सभी बैंकों से अपील की कि वे विकास को गति प्रदान करें और विश्वास का निर्माण करें। साथ ही कहा कि बैंकों को अपने ढांचे में अच्छा प्रशासन सुनिश्चित करना चाहिए और प्रत्येक रुपए को राष्ट्र निर्माण में लगाना चाहिए। वित्त मंत्री सीतारमण ने आगे कहा कि अप्रैल-जून में हमारी वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है और हमारी सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग 18 वर्षों में पहली बार अपग्रेड हुई है। पिछले 8 वर्षों में मुद्रास्फीति की दर में 1.15 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस साल राजकोषीय घाटा 4.42 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा कि पीएम जन धन जैसी योजनाओं ने बड़े स्तर पर बदलाव लाया है और इसमें 56 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए भाषण में जीएसटी व्यवस्था में व्यापक बदलावों का संकेत देते हुए कहा था, "इस दिवाली, मैं आपके लिए दोहरी दिवाली मनाने जा रहा हूं। देशवासियों को एक बड़ा तोहफा मिलने वाला है, आम घरेलू वस्तुओं पर जीएसटी में भारी कटौती होगी।" प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी दरों की समीक्षा की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया और इसे "समय की मांग" बताया। उन्होंने घोषणा की, "जीएसटी दरों में भारी कमी की जाएगी। आम लोगों के लिए कर कम किया जाएगा।" 

नई ‘Creta King’ आई मार्केट में, बोल्ड डिजाइन और एडवांस फीचर्स के साथ

मुंबई  भारतीय ग्राहकों के बीच सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी हुंडई क्रेटा (Hyundai Creta) अब और भी प्रीमियम हो गई है। दरअसल, कंपनी ने इसके लाइनअप में तीन नए एडिशन Creta King, King Limited Edition और King Knight Edition जोड़े हैं। बता दें कि इनकी एक्स-शोरूम कीमत 17.88 लाख से लेकर 20.91 लाख रुपये तक जाती है। बता दें कि नई लॉन्च हुई एसयूवी की बुकिंग भी तुरंत शुरू कर दी गई है। खास बात ये है कि ये एडिशन Creta रेंज के टॉप-ऑफ-द-लाइन मॉडल्स होंगे। क्रेटा किंग में सबसे बड़ा हाइलाइट है नया मैट ब्लैक कलर ऑप्शन। इसके अलावा SUV में अब 18-इंच डायमंड-कट अलॉय व्हील्स, ड्राइवर सीट मेमोरी फंक्शन, 8-वे पावर्ड पैसेंजर सीट विद वॉक-इन फीचर, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, डैशकैम और वायरलेस Android Auto/Apple CarPlay सपोर्ट जैसे हाई-टेक फीचर्स मिलेंगे। SUV के अंदर फ्रंट-रो सीट बैक टेबल के साथ आईटी डिवाइस होल्डर और स्पेशल King Emblem भी दिया गया है। लॉन्‍च हुए नए वेरिएंट्स हुंडई की ओर से मिड साइज एसयूवी के तौर पर ऑफर की जाने वाली क्रेटा के नए लिमिटेड एडिशन को भारत में लॉन्‍च किया गया है। इन वेरिएंट्स को King और King Limited एडिशन के तौर पर ऑफर किया गया है। Creta King एडिशन की क्‍या है खासियत नए एडिशन में कई बेहतरीन फीचर्स को ऑफर किया गया है। इनमें वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो, एप्पल कार प्ले, टच पैनल के साथ ड्यूल जोन क्‍लाइमेट कंट्रोल, आईटी डिवाइस होल्डर और रिट्रैक्टेबल कप होल्डर के साथ रिट्रेक्‍टेबल कप होल्‍डर, स्टोरेज के साथ स्लाइडिंग फ्रंट कंसोल आर्मरेस्ट, डैशकैम, पैसेंजर इलेक्‍ट्रिक सीट, मेमोरी फंक्‍शन के साथ ड्राइवर सीट, 18 इंच अलॉय व्‍हील्‍स और किंग लोगो को दिया गया है। इसके साथ ही इसमें ब्‍लैक मैट रंग को भी ऑफर किया गया है। कितना दमदार इंजन निर्माता की ओर से क्रेटा के लिमिटेड एडिशन को भी 1.5 लीटर की क्षमता के पेट्रोल और डीजल इंजन के साथ लॉन्‍च किया गया है। इसके 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ छह स्‍पीड मैनुअल और आईवीटी ट्रांसमिशन का विकल्‍प दिया गया है। जबकि 1.5 लीटर डीजल इंजन के साथ छह स्‍पीड मैनुअल और छह स्‍पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दिया गया है। एसयूवी के 1.5 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ सात स्‍पीड डीसीटी ट्रांसमिशन को दिया गया है। Knight Edition को भी मिला अपडेट निर्माता की ओर से नाइट एडिशन को भी अपडेट किया गया है। अब इस एडिशन में ड्यूल जोन ऑटो टेंपरेचर कंट्रोल, टच पैनल, वायरलैस एंड्राइड ऑटो, एपल कार प्‍ले, 18 इंच अलॉय व्‍हील्‍स, डैशकैम को भी दिया गया है। कितनी है कीमत हुंडई की ओर से क्रेटा के किंग वेरिएंट की एक्‍स शोरूम कीमत 17.88 लाख रुपये से शुरू की गई है। इसके टॉप वेरिएंट की एक्‍स शोरूम कीमत 20.61 लाख रुपये है। किंग लिमिटेड एडिशन की एक्‍स शोरूम कीमत 19.64 लाख रुपये से 20.91 लाख रुपये तक है। वहीं नाइट एडिशन की एक्‍स शोरूम कीमत 19.49 लाख और 20.77 लाख रुपये है। किनसे है मुकाबला हुंडई की क्रेटा को भारत में मिड साइज एसयूवी सेगमेंट में ऑफर किया जाता है। इस सेगमेंट में इसका सीधा मुकाबला Maruti Grand Vitara, Toyota Hyryder, MG Hector, Honda Elevate, Mahindra Scorpio, Tata Harrier, Kia Seltos जैसी एसयूवी के साथ होता है। अगर आप लग्जरी में और एक्सक्लूसिव फील चाहते हैं तो क्रेटा किंग लिमिटेड एडिशन आपके लिए है। इसमें सीट बेल्ट कवर, हेडरेस्ट कुशन्स, की-कवर और डोर क्लैडिंग पर स्पेशल ब्रांडिंग मिलती है। यह एडिशन 1.5L पेट्रोल IVT और 1.5L डीज़ल ऑटोमैटिक इंजन ऑप्शंस में आता है। बता दें कि इनमें कलर ऑप्शंस के तौर पर एबिस ब्लैक, एटलस व्हाइट और ब्लैक मैट मिलते हैं। क्रेटा किंग नाईट एडिशन उन लोगों के लिए है जिन्हें दमदार और डार्क थीम पसंद है। इसमें ऑल-ब्लैक एक्सटीरियर, 18-इंच ब्लैक अलॉय व्हील्स और स्पेशल Knight Badges दिए गए हैं। फीचर लिस्ट King जैसी ही है जिनमें पावर्ड सीट्स, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, डैशकैम और वायरलेस स्मार्टफोन कनेक्टिविटी शामिल हैं। पूरे क्रेटा लाइनअप में अपग्रेड हुंडई ने सिर्फ नए एडिशन ही नहीं बल्कि पूरे क्रेटा लाइनअप में भी अपडेट दिए हैं। अब हर मॉडल में डुअल-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, वायरलेस Android Auto/Apple CarPlay, डैशकैम और 18-इंच अलॉय व्हील्स मिलेंगे। यहां तक कि Creta N Line भी इन फीचर्स से अपग्रेड हो गई है।

मार्केट में वापसी! रिलायंस ने दिलाई रफ्तार, सेंसेक्स 300 अंक उछला

मुंबई  शेयर बाजार में तेजी लगातार दूसरे दिन जारी है, मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स-निफ्टी मंगलवार को भी ग्रीन जोन में ओपन हुए. एक ओर जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 80500 के पार ओपन हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी अपने पिछले बंद के मुकाबले उछाल के साथ कारोबार की शुरुआत करता नजर आया. इस बीच काफी दिनों से सुस्त पड़े देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में ओपनिंग के साथ ही जोरदार तेजी देखने को मिली है.  सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी जारी बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 80,364.49 की तुलना में 80,520.09 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में ये 8057.94 के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आया. इसके साथ ही एनएसई का निफ्टी अपने पिछले कारोबारी बंद 24,625.05 के मुकाबले मामूली उछाल के साथ 24,653 पर खुला और फिर इसके बाद ये तेज रफ्तार पकड़ते हुए नजर आया और 24,685.85 पर ट्रेड करने लगा.  सुस्ती से जागा रिलायंस का शेयर  शेयर बाजार में कारोबार ओपन होने के साथ ही कई दिनों से गिरावट झेल रहा मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस का शेयर मंगलवार को ओपनिंग के साथ ही रफ्तार पकड़ता हुआ नजर आया. ये अंबानी स्टॉक 2.05% की उछाल के साथ 1381 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. शेयर में लौटी तेजी के चलते रिलायंस का मार्केट कैपिटल भी उछलकर एक बार फिर 19 लाख करोड़ रुपये के पार जा पहुंचा.  इसके अलावा लार्जकैप कंपनियों में शामिल एटरनल शेयर (1.74%), एनटीपीसी शेयर (1.36%), पावर ग्रिड शेयर (1.35%), एचयूएल शेयर (1.20%) की तेजी लेकर कारोबार करता दिखा.  मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर नजर  लार्जकैप स्टॉक्स के अलावा अगर नजर डालें, मिडकैप और स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों के शेयरों पर, तो सन टीवी शेयर (6.54%), फोनिक्स शेयर (4.47%), जेएसडब्ल्यू इंफ्रा शेयर (2.18%) और ओलेक्ट्रा शेयर (2.10%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा पीएसबी, एमआईएसीएल, सेंट्रल बैंक, गोदरेज प्रॉपर्टी के शेयर भी ग्रीन जोन में बने हुए थे.  वहीं स्मॉलकैप में रेणुका इंडस्ट्री का शेयर 12.20 फीसदी की जोरदार तेजी लेकर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा शुगर कंपनियों के स्टॉक्स में भी तेजी देखने को मिली. इनमें शामिल धर्मपुर शुगर जहां 11.59%, अवध शुगर में 8.92%, तो वहीं उत्तम शुगर 8.83% की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मोबीक्विक शेयर (9.59%), आईटीआई शेयर (8.30%) चढ़कर ट्रेड कर रहा था. 

डॉलर पर घटती पकड़, डी-डॉलरीकरण में भारत, रूस और चीन होंगे गेमचेंजर

नई दिल्ली विशेषज्ञों ने सोमवार को कहा कि समय के साथ डॉलर की स्थिति वैश्विक बाजार में कम होगी और इसी के साथ दूसरे देशों की करेंसी अपना एक अलग वजूद और अस्तित्व स्थापित करेंगी, जिनमें चीन, रूस और भारत जैसे देश शामिल होंगे। उन्होंने स्वीकारा कि अब अमेरिकी आधिपत्य का युग खत्म होने जा रहा है। इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के चीफ इकोनॉमिस्ट डॉ. मनोरंजन शर्मा ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, "आज हम एक मल्टीपोलर वैश्विक व्यवस्था का हिस्सा बन गए हैं, जिसमें ताकत के एक नहीं बल्कि कई बिंदु जैसे अमेरिका, भारत, रूस, चीन, इंग्लैंड, जर्मनी और जापान शामिल हैं। इस मल्टीपोलर वर्ल्ड में किसी एक आधिपत्य होना संभव नहीं होगा।" डी-डॉलरीकरण को लेकर शर्मा ने कहा कि पिछले 7-8 दशकों से डॉलर का आधिपत्य रहा है हालांकि, अब बहुत से दूसरे देश अपनी जगह बनाने के लिए प्रयासरत हैं, जिसके साथ डी-डॉलरीकरण की आवाज बुलंद हुई है। इसमें भारत, रूस और चीन की भूमिका अहम बनी हुई है। उन्होंने कहा, "कई दूसरे देशों की भी यह कोशिश है कि किसी एक वैकल्पिक मुद्रा को डॉलर के खिलाफ लाया जाए। यह ब्रिक्स की करेंसी हो सकती है या राष्ट्र अपने-अपने देशों की करेंसी में व्यापार करने की राह पर विचार बना सकते हैं। इससे डॉलर को निश्चित ही एक झटका लगेगा।" शर्मा ने माना कि पिछले 10 वर्षों में रूस और चीन का 90 प्रतिशत व्यापार स्थानीय मुद्रा में स्थानांतरित हो गया है और यह अमेरिका के लिए एक बड़ी चिंता विषय तो नहीं लेकिन चिंता का विषय जरूर है। उन्होंने कहा, "हालांकि, इसमें कुछ ऑपरेशनल बाधाएं आती हैं। भारत का चीन और रूस से आयात ज्यादा है और निर्यात कम है। परेशानी यह भी है कि हम रूस से तेल के अलावा डिफेंस इक्विप्मेंट भी लेते हैं, हालांकि, भारतीय रुपया या रूस और चीन की करेंसी की उतनी स्वीकार्यरता अभी तक नहीं बनी है। ऐसे में सभी अमेरिका के खिलाफ तेजी से आगे तो बढ़ रहे हैं लेकिन इसमें कुछ समय लगेगा।" इकोनॉमिक्स एक्सपर्ट प्रबीर कुमार सरकार ने आईएएनएस से कहा कि रूस, चीन, भारत और दूसरे देशों की अपनी करेंसी को आगे लाने की कोशिशें अमेरिकी डॉलर पर से निर्भरता को खत्म कर देगी। समय के साथ धीरे-धीरे डॉलर का प्रभाव खत्म होने लगेगा। अगर सभी बड़े देश डी-डॉलरीकरण की ओर बढ़ेगे तो वर्ल्ड ट्रेड में अमेरिकी डॉलर की प्रभावशीलता कम होने लगेगी, जो निश्चित ही अमेरिका के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, "अमेरिका आज भी विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में जाना जाता है। हालांकि, भारत और चीन जो कि मिलकर दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा बनाते हैं, मिलकर साथ आएं तो निश्चित ही अमेरिका के लिए यह अच्छा नहीं होगा। ट्रंप टैरिफ की वजह से विश्व के कई बड़े देश एक साथ आएंगे और देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार भी बढ़ जाएंगे। यह स्थिति अमेरिका के लिए चौतरफा परेशानी के रूप में उभर सकती है।"

गोल्ड प्राइस में ऐतिहासिक उछाल, 1 लाख 5 हजार पार; चांदी ने भी बनाया नया रिकॉर्ड

इंदौर  सोने और चांदी की कीमतें रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही है. एक ओर जहां एमसीएक्स पर गोल्ड रेट ने अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए पहली बार 1,05,729 रुपये प्रति 10 ग्राम का नया हाई लेवल छुआ है, तो वहीं चांदी की कीमतों ने भी तगड़ी छलांग लगाई है और ये कीमती धातु 1,24,990 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है. न केवल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज, बल्कि घरेलू मार्केट में भी सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल आया है.  एमसीएक्स पर सोने-चांदी में उछाल एमसीएक्स पर 3 अक्टूबर की एक्सपायरी वाले सोने का भाव सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को 1,03,899 रुपये पर ओपन हुआ और फिर दोपहर 12 बजे के आस-पास ये उछलकर 1,05,729 रुपये के हाई लेवल पर पहुंच गया. इसमें 1830 रुपये प्रति 10 ग्राम की जोरदार तेजी दर्ज की गई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना ही नहीं, बल्कि चांदी का भाव भी खूब उछला और ये 3000 रुपये प्रति किलो के आसपास उछाल के साथ 1,24,990 रुपये के नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गई.   घरेलू मार्केट में भी चमका सोना न केवल एमसीएक्स पर, बल्कि घरेलू मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी आई है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के वेबसाइट IBJA.Com पर अपडेट किए गए रेट्स पर नजर डालें, तो 29 अगस्त को 24 कैरेट सोने का भाव 1,02,388 रुपये प्रति 10 ग्राम था, लेकिन सोमवार की सुबह ये 1,04,792 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. मतलब सोना 2,404 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया. वहीं इस साल सोने की कीमतों में अब तक 28,630​ रुपये की तेजी आ चुकी है.  बात चांदी के घरेलू मार्केट में दाम की करें, तो ये भी सोने की तरह ही चढ़े हैं. बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन 29 अगस्त शुक्रवार को एक किलो चांदी का भाव 1,17,572 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो कि सोमवार को खुलने के साथ ही 1,23,250 रुपये के हाई लेवल पर पहुंच गया. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो चांदी झटके में 5,678 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई.  जीएसटी और मेकिंग चार्ज से बढ़ती है कीमत गौरतलब है कि इंडियन बुलियन ज्वेलर्स की वेबसाइट पर अपडेट किए जाने वाले सोने चांदी के रेट देशभर में समान रहते हैं, लेकिन जब आप सर्राफा दुकान पर आभूषण खरीदने के लिए जाते हैं, तो फिर इस पर लागू होने वाले 3 फीसदी जीएसटी और मेकिंग चार्ज को जोड़ने के बाद इसकी कीमत बढ़ जाती है. बता दें कि विभिन्न शहरों में मेकिंग चार्ज अलग-अलग हो सकते हैं.  एक्सपर्ट ने बताई तेजी के पीछे ये वजह  बात करें, सोने और चांदी की कीमतों में आए इस जोरदार उछाल के पीछे की वजह के बारे में, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा पॉलिसी रेट कट की आशंका और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी को लेकर जारी अनिश्चितताओं के चलते सोने और चांदी के दाम में ये उछाल देखने को मिल रहा है. रिपोर्ट में एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी एंड करेंसी) जतीन त्रिवेदी के हवाले से कहा गया है कि टैरिफ से जुड़ी चिंताएं बढ़ने और भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर अनसुलझे मुद्दे सोने के भाव को लगातार बढ़ा रहे हैं. रुपये में गिरावट भी भारतीय बाजारों में सोने को और महंगा करने में अहम रोल निभा रही है. उन्होंने अनुमान जताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में गोल्ड रेट 1,00,000 रुपये से 1,05,000 रुपये के दायरे में ही रह सकते हैं. 

शेयर बाजार में राहत, गिरावट पर ब्रेक और सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी

मुंबई  शेयर बाजार में ट्रंप टैरिफ के चलते जारी गिरावट पर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को ब्रेक लगा नजर आया और सेंसेक्स-निफ्टी जोरदार तेजी के साथ ओपन हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जहां खुलने के साथ ही 350 अंक की छलांग लगाकर कारोबार करता दिखा, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने भी अपने पिछले बंद की तुलना में 100 अंक से ज्यादा चढ़कर कारोबार शुरू किया. शुरुआती कारोबार में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस जैसे आई शेयरों में तूफानी तेजी आई.  बीते हफ्ते बड़ी गिरावट के बाद उछले इंडेक्स बीते 27 अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर रूसी तेल और हथियारों की खरीद को लेकर लगाया गया 25% का एक्सट्रा टैरिफ लागू हुआ था और कुल टैरिफ 50% हो गया था. इसके बाद से ही शेयर मार्केट में भी लगातार इसका असर देखने को मिल रहा था और तीन कारोबारी दिनों में सेंसेक्स-निफ्टी खूब फिसले थे. हालांकि, नए महीने और नए हफ्ते की शुरुआत के साथ ही सोमवार को बाजार में गिरावट और ट्रंप टैरिफ का डर दोनों खत्म नजर आया.  बाजार में कारोबार की शुरुआत के दौरान बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 79,809.65 की तुलना में मामूली बढ़ोतरी के साथ 79,828.99 पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में ये 80,206 के लेवल पर कारोबार करता नजर आने लगा. इसी तरह एनएसई का निफ्टी भी 24,432.70 पर खुलने के बाद तेज रफ्तार पकड़कर 24,546.65 के लेवल पर पहुंच गया.  सबसे तेज भागे ये 10 शेयर  सोमवार को सबसे तेज शुरुआत करने वाले टॉप-10 शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप में शामिल इंफोसिस शेयर करीब 2 फीसदी, तो टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, अडानी पोर्ट और टीसीएस के शेयर में 1.50% से ज्यादा की तेजी आई. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में ओलेक्ट्रा शेयर 7%, सीजी पावर शेयर 3.80% और डिक्सन शेयर 2.80% चढ़कर ट्रेड कर रहा था. स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों की बात करें, तो यहां पर एपीटेक शेयर 7.92% और यात्रा शेयर 6.60% चढ़कर कारोबार कर रहा था.  रिलायंस-मारुति समेत रेड जोन में ये शेयर एक ओर जहां तमाम शेयरों की शुरुआत बढ़त के साथ ग्रीन जोन में हुई, तो वहीं कुछ बड़ी कंपनियों के स्टॉक बाजार में तेजी के दौरान भी रेड जोन में कारोबार करते हुए नजर आए. इनमें लार्जकैप में हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति, रिलायंस, आईटीसी और सनफार्मा जैसे बड़े शेयर शामिल रहे. इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप में जेएसएल, यूबीएल, गोदरेज इंडिया, भारती हेक्सा समेत कैमलिन फाइनेंस, मैराथोन और एसटीएल टेक का शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था. 

Maruti Escudo का धमाका: ब्रेज़ा से बड़ा, ग्रैंड विटारा से किफायती, लॉन्च डेट तय

मुंबई  देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी अपने एसयूवी पोर्टफोलियो को बड़ा अपडेट देने की तैयारी में है. एक तरफ कंपनी अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार के तौर पर 'Maruti e Vitara' को पेश करने जा रही है. दूसरी ओर कंपनी एक और 5-सीटर एसयूवी लॉन्च करने की तैयारी में है. जो मौजूदा मारुति ग्रैंड विटारा और मारुति ब्रेजा के बीच पोजिशन करेगी.  हालांकि कंपनी ने अभी इस एसयूवी के नाम के बारे में कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में से इसे 'Maruti Escudo' के नाम से पेश किए जाने की बात कही जा रही है. मारुति सुजुकी इस नई मिड-साइज एसयूवी को अपने एरिना (Arena) डीलरशिप के माध्यम से बेचेगी. हाल के दिनों इस एसयूवी को कई बार अलग-अलग मौकों पर टेस्टिंग के दौरान स्पॉट भी किया गया है.  कैसी होगी नई Maruti Escudo? टेस्टिंग मॉडल के स्पाई तस्वीरों से पता चलता है कि, इसमें बूमरैंग स्टाइल 3D एलईडी टेललैंप दिया जा सकता है. ये एक 5-सीटर एसयूवी होगी और बाजार में ये मौजूदा ब्रेजा और ग्रैंड विटारा के बीच पोजिशन करेगी. यानी साइज में ये मारुति ब्रेजा से बड़ी हो सकती है. इसमें बड़ा टेलगेट दिए जाने की भी उम्मीद है. इसके अलावा इसमें इंटिग्रेटेड स्पॉइलर और एक हाई-माउंटेड स्टॉप लैंप के साथ-साथ शार्क फिन एंटीना भी दिया जाएगा.  मारुति सुजुकी एस्कुडो में वहीं पावरट्रेन ऑप्शन देगी जो आपको मौजूदा ग्रैंड विटारा में मिलता है. इस SUV में माइल्ड हाइब्रिड तकनीक के साथ 1.5L नेचुरल एस्पिरेटेड पेट्रोल और स्ट्रांग हाइब्रिड तकनीक के साथ टोयोटा से लिया गया 1.5 लीटर TNGA पेट्रोल इंजन मिलने की संभावना है. ख़बर ये भी है कि कंपनी इस एसयूवी को CNG पावरट्रेन के साथ भी पेश कर सकती है. Maruti Escudo में एक बड़ा केबिन और एडवांस फीचर्स से लैस इंटीरियर दिए जाने की उम्मीद है. ख़बर तो ये भी है कि, इसकी कुल लंबाई मौजूदा गैंड विटारा से थोड़ी बड़ी हो सकती है. बता दें कि, ग्रैंड विटारा की लंबाई 4,345 मिमी है, ऐसे में इस एसयूवी में ज्यादा स्पेश और बूट मिलने की उम्मीद है. ग्रैंड विटारा में 373 लीटर का बूट स्पेस मिलता है.  मिलेंगे स्मार्ट फीचर्स Maruti Escudo में कंपनी 9 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट सिस्टम दे सकती है. जो वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो को सपोर्ट करेगा. सेफ्टी के तौर पर इस कार में बतौर स्टैंडर्ड 6 एयरबैग, वायरलेस फ़ोन चार्जर और सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर जैसे एडवांस फीचर्स की उम्मीद है. इसके अलावा इसमें फ्लैट-बॉटम स्टीयरिंग व्हील, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और मल्टीपल ड्राइविंग मोड भी शामिल होने की संभावना है. कब होगी लॉन्च और कहां होगा प्रोडक्शन? मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मारुति सुजुकी अपनी इस नई एसयूवी का प्रोडक्शन हरियाणा के खरखौदा में स्थित अपने प्लांट में करेगी. उम्मीद है कि भविष्य में टोयोटा भी इस एसयूवी पर बेस्ड अपना नया मॉडल पेश करेगी. जानकारी के अनुसार इस नई एसयूवी को आगामी 3 सितंबर को भारतीय बाजार में लॉन्च किया जाएगा.  क्या होगी कीमत? मारुति सुजुकी हाई-वॉल्यूम मिड-साइज़ एसयूवी सेगमेंट को टार्गेट कर रही है. बाजार में इसका मुकाबला मिड-साइज एसयूवी सेग्मेंट की लीडर हुंडई क्रेटा और किआ सेल्टोस से होगा. हालांकि लॉन्च से पहले इसकी कीमत के बारे में कुछ भी कहना थोड़ा मुश्किल है. लेकिन माना जा रहा है कि, कंपनी इस एसयूवी को 10 लाख रुपये की शुरुआती कीमत में पेश कर सकती है.

ITR फाइलिंग पर नया अपडेट: ₹3 लाख कमाने वालों के लिए क्या है नियम?

नई दिल्ली  जिन लोगों का आयकर ऑडिट नहीं होता, उनके लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2025 है। अब केवल तीन हफ्ते बचे हैं और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस बारे में SMS रिमाइंडर भेजना शुरू कर दिया है। आयकर विभाग की ओर से भेजे जा रहे SMS में लिखा है- अब तक 3 करोड़ से ज्यादा आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं! कृपया 15.09.25 से पहले ई-फाइलिंग पोर्टल पर AY 2025-26 के लिए अपना आईटीआर दाखिल और ई-वेरिफिकेश करें। सालाना सैलरी 3 लाख रुपये हो तब? ऐसे में अब सवाल है कि किसके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना जरूरी है। क्या उन लोगों के लिए भी रिटर्न फाइल करना जरूरी है जिसकी सालाना सैलरी 3 लाख रुपये तक है? नांगिया एंड कंपनी एलएलपी की कार्यकारी निदेशक संजोली माहेश्वरी ने कहा- वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की आय सीमा टैक्सपेयर की कुल आय और चुने गई टैक्स रिजीम यानी पुरानी या नई टैक्स रिजीम पर आधारित है। ईटी की खबर में संजोली माहेश्वरी ने कहा- यदि टैक्सपेयर की कुल आय मूल छूट सीमा से अधिक है तो टैक्सपेयर को अनिवार्य रूप से आईटीआर दाखिल करना चाहिए। नई टैक्स व्यवस्था के लिए मूल छूट सीमा 3 लाख रुपये और पुरानी टैक्स व्यवस्था के लिए 2.5 लाख रुपये है। किस तरह के होते हैं फॉर्म आईटीआर फॉर्म एक (सहज) और आईटीआर फॉर्म चार (सुगम) सरल फॉर्म हैं जो बड़ी संख्या में छोटे तथा मध्यम करदाताओं की जरूरतों के अनुरूप हैं। सहज को ऐसे व्यक्ति दाखिल कर सकते हैं, जिसकी वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक हो और जो वेतन, एक मकान की संपत्ति, अन्य स्रोतों (ब्याज) तथा कृषि आय से 5,000 रुपये प्रति वर्ष तक की आय प्राप्त करता हो। सुगम को ऐसे व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) और कंपनियों द्वारा दाखिल किया जा सकता है, जिनकी वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक हो और व्यवसाय से और कोई पेशेवर आय हो। आईटीआर-2 उन व्यक्तियों और एचयूएफ द्वारा दाखिल किया जाता है जिनकी आय, व्यवसाय या पेशेवर लाभ या प्राप्ति से नहीं होती है।  

अहम महीने में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए हो सकता है महत्वपूर्ण ऐलान

नई दिल्ली  सितंबर के महीने में आम लोगों की जेब से जुड़े कई बदलाव होने वाले हैं। उदाहरण के लिए तेल कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर फैसला लेंगी तो हॉलमार्किंग और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में भी बदलाव हो रहा है। इसके अलावा केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भी सितंबर का महीना काफी अहम है। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सितंबर में सरकार महंगाई भत्ता या डीए पर फैसला ले सकती है। आमतौर पर दूसरी छमाही यानी जुलाई से दिसंबर तक के डीए पर फैसला शारदीय नवरात्रि के आस-पास होता रहा है। चूंकि इस बार नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर से हो रही है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इसी महीने में भत्ते पर फैसला ले लिया जाएगा। हालांकि, बीते साल नवरात्रि खत्म होने के करीब एक हफ्ते बाद केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते पर ऐलान किया था। कितनी हो सकती है बढ़ोतरी वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 55% है और अगले संशोधन अवधि में इसके 3% बढ़कर 58% होने की उम्मीद है। सातवें वेतन आयोग के तहत यह अंतिम डीए संशोधन होगा, क्योंकि आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो रहा है। बता दें कि जनवरी 2016 से लागू सातवें वेतन आयोग ने साल में दो बार डीए देने की सिफारिश की थी। यह छमाही आधार पर था। आठवें वेतन आयोग का हो चुका है ऐलान बता दें कि 8वें वेतन आयोग की घोषणा जनवरी 2025 में की गई थी लेकिन सरकार ने अभी तक नए आयोग के लिए संदर्भ की शर्तें (ToR) निर्धारित नहीं की हैं और न ही सदस्यों की नियुक्ति की गई है। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने में देरी हो सकती है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत से पहले लागू होने की संभावना नहीं है।  

AGM में अंबानी का ऐलान – भारत की रफ्तार थामना नामुमकिन, 10% ग्रोथ पूरी तरह संभव

मुंबई  मुकेश अंबानी आज शुक्रवार को रिलायंस की 48वीं एनुअल जनरल मीटिंग को सम्बोधित कर रहे हैं। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 10 प्रतिशत की ग्रोथ रेट से आगे बढ़ सकता है। मुकेश अंबानी ने जोर देते हुए कहा कि भारत को अपनी ग्रोथ के लिए किसी देश को कॉपी करने की जरूरत नहीं है। यह अपने आप एक सबसे अगल डेवलपमेंट स्टोरी होगी। 4 से 5 गुना बढ़ सकती है प्रति व्यक्ति आय मुकेश अंबानी एनुअल जनरल मीटिंग में कहा कि एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, विजनरी लीडरशिप की वजह से भारत की ग्रोथ रेट 10 प्रतिशत हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि अगले 20 सालों में प्रति व्यक्ति आय 4 से 5 गुना बढ़ सकती है। भारत को कोई रोक नहीं सकता भारत को इसी मॉडल को कॉपी नहीं करने की जरूरत है। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत टेक्नोलॉजी के साथ डेमोक्रेसी, इकनॉमी के साथ-साथ कल्चर और साइंस के साथ स्प्रिचुअलिटी की वजह से भारत सबसे अलग ही। इसलिए इसकी डेवलपमेंट स्टोरी सबसे अलग होगी। यह अपने आप में सबसे पहला डेवलपमेंट मॉडल होगा। उन्होंने शेयहोल्डर्स को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत की विकास यात्रा को कोई रोक नहीं सकता है। मुकेश अंबानी ने कहा कि 1.5 अरब लोगों को यह साझा सपना है कि ऐसा देश बनाया जाए जो दुनिया में समपन्नता लाएगा। कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी? मुकेश अंबानी ने एनुअल जनरल मीटिंग में बताया कि उनका कंसॉलिडिटेड रेवन्यू 10,71,740 करोड़ रुपये रहा है। वहीं, EBITDA इस दौरान 1,83,422 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 81,309 करोड़ रुपये रहा है। बता दें, मुकेश अंबानी ने बताया कि उन्होंने 5.6 लाख करोड़ रुपये बीते 3 साल में निवेश किया गया है। वहीं, पिछले वित्त वर्ष में 283719 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट किया गया है।