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संभल नहीं रहा स्टॉक मार्केट, आज भी बैंकिंग शेयरों में जोरदार गिरावट

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) संभल नहीं रहा है और बीते कारोबारी दिन सोमवार को रेड जोन में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी ने मंगलवार को भी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की. ओपन होने के कुछ ही मिनटों बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला इंडेक्स Sensex 360 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 इंडेक्स भी 100 अंक से ज्यादा टूटकर कारोबार कर रहा था. इस बीच शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा गिरावट बैंकिंग शेयरों (Banking Share Fall) में देखने को मिली और HDFC Bank से लेकर ICICI Bank तक के स्टॉक गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे.  रेड जोन में ट्रेड कर रहे सेंसेक्स-निफ्टी शेयर मार्केट (Share Market)  में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई. बीसएई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 85,641.90 के मुकाबले 85,325.51 पर ओपन हुआ. इसके बाद जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा Sensex फिसलते हुए कुछ ही मिनटों में 85,261 पर आ गया. इसके साथ ही अगर Nifty की चाल पर नजर डालें, तो ये अपने पिछले बंद 26,175 से टूटकर 26,087 पर खुला और फिर 26,068 तक फिसल गया.  विदेशों से मिले थे गिरावट के सिग्नल  शेयर बाजार में सुस्त कारोबार की शुरुआत के संकेत एशियाई बाजारों से पहले ही मिल रहे थे. दरअसल, गिफ्ट निफ्टी 100 अंक से ज्यादा फिसलकर ट्रेड कर रहा था. बाजार की ओपनिंग पर जहां Asian Paints, Maruti Suzuki, NTPC, SBI, Trent के शेयर निफ्टी पर सबसे ज्यादा उछाल भरने वाले शेयरों में शामिल रहे, तो वहीं HDFC Bank, ICICI Bank, Bajaj Finserv, Bajaj Finance, Reliance गिरावट के साथ लाल निशान पर खुले थे.  Bank Shares तेजी से फिसले शुरुआती कारोबार में बैंकिंग शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है. बीएसई के लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HDFC Bank Share (1.50%), ICICI Bank Share (1.30%) और Axis Ban Share (1.10%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. हालांकि, कुछ बैंकिंग शेयर गिरावट के बीच भी छलांग लगाते हुए नजर आए. इनमें मिडकैप सेक्शन में शामिल Yes Bank Share-IDFC First Bank Share करीब 2 फीसदी के आस-पास उछाल के साथ ट्रेड कर रहे थे.  सबसे ज्यादा टूटे ये 10 स्टॉक  शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा बिखरने वाले 10 शेयरों की लिस्ट देखें, तो स्मॉलकैप कंपनियों में शामिल VTM Share (5%), Worth Share (4.98%), Sigachi Share (4.95%), MCloud Share (4.30%) और HariOm Pipe Share (3.60%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में MFSL Share (2.05%), Nam-India Share (1.80%), NIACL Share (1.80%), UnoMinda Share (1.70%) और Emcure Share (1.60%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. 

HSBC होम लोन का खर्च होगा कम? RBI के रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की संभावना

नई दिल्ली   आगे कुछ समय के लिए मुद्रास्फीति टारगेट लेवल से कम बने रहने का अनुमान है इस बीच एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की ओर से कहा गया कि आरबीआई की ओर से रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की जाएगी। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) का रेपो रेट को लेकर फैसला 5 दिसंबर को आएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि विकास दर अभी तक मजबूत बनी हुई है, जिसे सरकारी खर्च और जीएसटी-कट लेड रिटेल खर्च से बढ़ावा मिल रहा है। इसके अलावा, नवंबर फ्लैश मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 56.6 से संकेत मिलता है कि जीएसटी के कारण वृद्धि अपने पीक पर पहुंच गई है क्योंकि कुल मिलाकर नए ऑर्डर कम आ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, "अभी विकास दर मजबूत बनी हुई है, लेकिन मार्च 2026 की तिमाही में इसमें नरमी आ सकती है। हमें उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक आगामी दिसंबर नीति बैठक में पॉलिसी रेट को कम करेगा।" रिपोर्ट में कहा गया कि चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर सालाना आधार पर 8.2 प्रतिशत रही, जो कि जून तिमाही के जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत और हमारे 7.5 प्रतिशत के अनुमान से अधिक रही। वहीं, ग्रॉस वैल्यू एडेड वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत और नॉमिनल जीडीपी 8.7 प्रतिशत की दर से बढ़ी। जीडीपी में वृद्धि की गति तेज रही, जिसके बहुत से कारण रहे। इनमें से एक महत्वपूर्ण कारक 22 सितंबर को लागू की गई जीएसटी दरों में कटौती रही, जिसे लेकर 15 अगस्त को घोषणा की गई थी। एचएसबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, "हमारा मानना है कि कंज्यूमर डिमांड में वृद्धि की उम्मीद से उत्पादन में वृद्धि देखी गई। हमारे हालिया शोध दर्शाता है कि कम आय वाले राज्य अब वृद्धि की राह पर आ गए हैं, यहां तक कि वे उच्च आय वाले राज्यों से भी तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।"रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के निर्यात पर 50 प्रतिशत के अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ के बावजूद भी भारत की विकास दर तेज गति से बढ़ती रही। होम लोन हो जाएगा सस्ता? रेपो रेट में कटौती के आसार रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 3 से 5 दिसंबर तक होने वाली है। 5 दिसंबर को गवर्नर संजय मल्होत्रा फैसला सुनाएंगे। जानकारों ने अनुमान जताया है कि रेपो रेट में 25 आधार अंक की कटौती हो सकती है। हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि दूसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर 8.2 फीसदी की GDP ग्रोथ को देखते हुए सेंट्रल बैंक रेट में कोई बदलाव नहीं कर सकता है। लिहाजा केंद्रीय बैंक ब्याज दर को स्थिर रख सकता है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति पिछले दो महीनों से सरकार के तय दायरे की निचली सीमा (दो प्रतिशत) से भी कम है। अक्टूबर में तो यह रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई। खाने-पीने की चीजें सस्ती होने और GST में कटौती की वजह से महंगाई पर लगाम लगी है। सेंट्रल बैंक ने पिछले साल फरवरी में रेट कम करने का अपना साइकिल शुरू किया था। पॉलिसी अनाउंसमेंट में रेपो रेट को कुल मिलाकर 100 बेसिस पॉइंट्स घटाकर 5.5 फीसदी कर दिया था। घटेगी EMI, सस्ते होंगे लोन RBI के इस फैसले से लोन पर ब्याज दरें कम हो सकती हैं। रेपो रेट घटने पर बैंकों को आरबीआई से कम ब्याज दर पर लोन मिल सकेगा। बैंक इस सस्ते कर्ज का फायदा ग्राहकों तक भी पहुंचाते हैं। रेपो रेट में गिरावट के बाद आमतौर पर बैंक लोन पर ब्याज दरों को घटा देते हैं। जिससे आम नागरिक के लिए भी लोन सस्ता हो जाता है। होम लोन की ईएमआई नई ब्याज दर के हिसाब से घट जाएगी और नए लोन भी कम ब्याज दर पर उपलब्ध होंगे। अगर रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती होती है तो यह घटकर 5.25 फीसदी पर पहुंच सकता है। अब तक RBI ने क्या किया है? RBI फरवरी से जून के बीच रेपो रेट में कुल 100 bps की कटौती कर चुका है (6.5% से 5.5%)। लेकिन अगस्त और अक्टूबर की पॉलिसी में दरों को बिना बदलाव के छोड़ दिया गया था। जानिए क्या है रेपो रेट यह वह दर होती है जिस जिस पर रिजर्व बैंक दूसरे बैंकों को कर्ज देता है। अगर रेपो रेट बढ़ाया जाता है तो साफ है कि बैंकों को रिजर्व बैंक से महंगी दर पर कर्ज मिलेगा। इस तरह कर्ज महंगे हो जाएंगे ।

क्रिप्टो मार्केट में भगदड़ मची, Bitcoin धड़ाम… निवेशकों के 3587 करोड़ रुपये डूबे

नई दिल्ली क्रिप्टोकरेंसी (Cryptcurrency) मार्केट में कोहराम मचा हुआ है. बिटकॉइन में निवेश करने वाले निवेशकों में हड़कंप है, क्योंकि ये प्रमुख क्रिप्टकरेंसी बुरी तरह क्रैश हो रही है. सोमवार को अचानक ताबड़तोड़ बिकवाली के दबाव में Bitcoin भरभराकर 7% से ज्यादा टूट गया और कुछ दी देर में इसकी कीमत करीब 5000 डॉलर तक गिर गई. न सिर्फ बिटकॉइन, बल्कि दुनिया की टॉप-10 क्रिप्टोकरेंस में बड़ी गिरावट आई और रिपोर्ट की मानें तो घंटेभर में सैकड़ों मिलियन डॉलर साफ हो गए.  Bitcoin क्रैश से तगड़ा नुकसान सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के क्रैश (Bitcoin Crash) पर नजर डालें, तो शुरुआती एशियाई घंटों में अचानक बिकवाली का दबाव इस पर देखा गया. इस बीच BTC की कीमत महज दो घंटे में ही 5,200 डॉलर तक टूट गई. आंकड़ों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के कारण सिर्फ 60 मिनटों में 400 मिलियन डॉलर (करीब 3587 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ.  कॉइनमार्केटकैप के डेटा को देखें, तो सोमवार 1 दिसंबर को सुबह 9.50 बजे बिटकॉइन का इंट्रा-डे लो 85,945 डॉलर था, जो बीते 24 घंटों में 91,965.04 के हाई से 6.55% की गिरावट दर्शाता है. बीते 7 अक्तूबर को Bitcoin अपने लाइफटाइम हाई लेवल 126,198.07 डॉलर पर था, जहां से अब तक ये 32% नीचे आ चुका है. यही नहीं बीते 24 घंटों में बिटकॉइन का ट्रेडिंग वॉल्यूम 46% बढ़कर 55 अरब डॉलर हो गया, जबकि इसका Bitcoin Market Cap 1.7 ट्रिलियन डॉलर तक गिर गया. Top-10 क्रिप्टो टोकन भी बिखरे बिटकॉइन में तगड़ी गिरावट (Bitcoin Crash) का असर दूसरी क्रिप्टोकरेंसियों पर भी देखने को मिला है. दुनिया के Top-10 क्रिप्टो टोकन में शामिल एथेरियम (Ethereum), रिपल (Ripple), बीएनबी (BNB), सोलाना (Solana) और डॉगकॉइन (Dogecoin) में 5-8 फीसदी की गिरावट आई. इसके अलावा Zcash 24 घंटों में 22% तक फिसल गया. एथाना (Ethana), डैश (Dash), कुकॉइन (Kucoin), इंजेक्टिव (Injective), स्टार्कनेट (Starknet), पुडगी (Pudgy) और Aave इस दौरान 12-15 फीसदी तक फिसल गए.  इस गिरावट के बीच क्रिप्टो बाजार का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Crypto Market MCap) 5 फीसदी से ज्यादा गिरकर 2.93 ट्रिलियन डॉलर हो गया, जबकि कुल क्रिप्टो मार्केट के साइज की बात करें, तो ये 40.5% से ज्यादा बढ़ गया, क्योंकि 116.65 अरब डॉलर मूल्य के टोकन एक्सचेंज में आए हैं.  आखिर क्यों बिखरा क्रिप्टो बाजार?  बात करें क्रिप्टो मार्केट और खासतौर पर Bitocoin में आई बड़ी गिरावट के पीछे के कारणों के बारे में, तो Kobeissi Letter ने लिखा,'इस साल कई बार देखने को मिला है कि शुक्रवार और रविवार की रातें अक्सर क्रिप्टो बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव के साथ आती हैं. बिटकॉइन के लिए नवंबर का महीना साल 2018 के बाद सबसे खराब November साबित हुआ. इसमें 18% की गिरावट दर्ज की गई. गियोटस के सीईओ विक्रम सुब्बुराज की मानें, तो इस गिरावट का कारण सप्ताहांत में लीवरेज में लगातार गिरावट को माना जा सकता है. वहीं कुछ एक्सपर्ट कह रहे हैं कि क्रिप्टोकरेंसी बाजार US Fed चेयरमैन जेरोम पॉवेल के आने वाले बयान को लेकर सतर्क मोड में है. 

Maruti Suzuki की पहली फुली इलेक्ट्रिक कार e-Vitara 2 दिसंबर को आएगी, ये होंगे खास फीचर्स

मुंबई  भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki आगामी 2 दिसंबर, 2025 को भारत में अपनी पहली फुली इलेक्ट्रिक कार, Maruti Suzuki e-Vitara को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह है तैयार है. इस मॉडल का प्रोडक्शन अगस्त 2025 में कंपनी की गुजरात में हंसलपुर फैसिलिटी में शुरू हुआ था, और पहला बैच सितंबर 2025 में एक्सपोर्ट किया गया था. भारत में लॉन्च होने के करीब आने के साथ, ही इसके बारे में अब तक काफी जानकारी सामने आ चुकी है. Maruti Suzuki e Vitara का एक्सटीरियर Maruti e-Vitara की स्टाइलिंग Maruti Suzuki EVX कॉन्सेप्ट से ली गई है. प्रोडक्शन मॉडल में Y-शेप के DRLs के साथ एंगुलर हेडलैंप यूनिट्स और व्हील आर्च, बंपर और निचले दरवाज़ों के चारों ओर बड़ी क्लैडिंग दी गई है. इसके अलावा, एक कनेक्टेड टेल-लैंप डिज़ाइन भी शामिल किया गया है, जो EVX कॉन्सेप्ट पर दिखाए गए डिज़ाइन से काफी मिलता-जुलता है. Maruti Suzuki e Vitara का इंटीरियर वहीं इसके इंटीरियर की बात करें तो, Maruti e-Vitara में ऐसा डैशबोर्ड लेआउट दिया गया है, जो अभी बिक्री पर मौजूद किसी भी दूसरे मारुति सुजुकी मॉडल में नहीं है. एक ही हाउसिंग में लगे दो फ्री-स्टैंडिंग डिस्प्ले, डैशबोर्ड के ऊपर दिए गए हैं, साथ ही पूरे फेशिया में एक चौड़ा, सॉफ्ट-टच पैनल लगाया गया है. सेंट्रल एयर-कंडीशनिंग वेंट्स के नीचे फिजिकल कंट्रोल्स का एक छोटा सेट लगाया गया है. गियर सिलेक्टर को रोटरी डायल से बदल दिया गया है. Maruti Suzuki e Vitara के फीचर्स दुनिया भर में, Maruti e-Vitara में ADAS, 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, 10.1-इंच का इंफोटेनमेंट डिस्प्ले, एम्बिएंट लाइटिंग, एक टेलिस्कोपिक स्टीयरिंग व्हील, कीलेस एंट्री और स्टार्ट, चार स्पीकर और एक ऑटो-डिमिंग इंटीरियर रियर-व्यू मिरर जैसे फीचर्स हैं. वहीं इसके हायर वेरिएंट में 19-इंच एलॉय व्हील, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट, 10-वे पावर-एडजस्टेबल ड्राइवर सीट, एक इनफिनिटी ऑडियो सिस्टम, वायरलेस चार्जिंग, फॉग लैंप और एक 360-डिग्री कैमरा जैसे एक्स्ट्रा फीचर्स शामिल हैं. Maruti Suzuki e Vitara का बैटरी पैक, पावर आउटपुट और रेंज भारत में लॉन् होने वाली, Maruti e-Vitara को इसके दोनों ग्लोबल बैटरी ऑप्शन, 49 kWh और 61 kWh के साथ पेश किया जा सकता है, और बड़ा पैक हायर ट्रिम्स के लिए ही रिज़र्व रखा जा सकता है. इसके लोअर वेरिएंट में फ्रंट-माउंटेड मोटर का इस्तेमाल किया गया है, जो 142 bhp की पावर और 192.5 Nm का टॉर्क बनाती है. वहीं इसके हायर-वेरिएंट में यही मोटर ज़्यादा पावरफुल कॉन्फ़िगरेशन के साथ आती है और 172 bhp की पावर उत्पन्न करती है, जबकि टॉर्क एक समान रहता है. इंटरनेशनल मार्केट में इसका AWD वर्जन भी पेश किया जाएगा, लेकिन भारत के लिए इसकी पुष्टि नहीं हुई है. वेरिएंट के आधार पर, Maruti e-Vitara की WLTP-सर्टिफाइड रेंज 428 km तक है. Maruti Suzuki e Vitara के प्रतिद्वंद्वी भारतीय बाजार में लॉन्च होने के बाद, Maruti e-Vitara का मुकाबला Hyundai Creta Electric, Tata Curvv EV, MG ZS EV और Mahindra BE 6 से होगा. भारत में इसकी बिक्री Maruti Suzuki के NEXA डीलरशिप नेटवर्क के जरिए होगी. Maruti Suzuki e Vitara की अनुमानित कीमत जहां UK में कंपनी इस कार को ज्यादा कीमत पर लॉन्च करेगी, वहीं भारत में इस मॉडल के ज़्यादा सस्ता होने की उम्मीद है, क्योंकि इसका प्रोडक्शन Suzuki Motor के गुजरात की हंसलपुर फ़ैसिलिटी में किया जाता है. जहां तक ​​इसकी कीमतों की बात है, तो संभावना जताई जा रही है कि इसकी शुरुआती कीमत लगभग 17 लाख रुपये हो सकती है, और टॉप-ऑफ़-द-टॉप कीमत 23 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) हो सकती है.

सैमसंग का नया टैबलेट Galaxy Tab A11+ भारत में उपलब्ध, लंबे समय तक अपडेट्स का वादा

मुंबई  सैमसंग ने भारत में एक नया टैबलेट लॉन्च किया है, जिसका नाम Samsung Galaxy Tab A11+ है. सैमसंग ने अपनी गैलेक्सी ए सीरीज टेबलेट को दुनिया के कई ग्लोबल मार्केट में लॉन्च किया है और अब कंपनी ने अपने इस टैबलेट को भारत में भी लॉन्च कर दिया है. इस टैबलेट में 11 इंच की स्क्रीन, 7040mAh की बैटरी समेत कई खास फीचर्स के साथ लॉन्च किया गया है. आइए हम आपको सैमसंग के इस नए टैबलेट के बारे में बताते हैं. चार वेरिएंट्स की कीमत इस टैबलेट को कंपनी ने भारत में कनेक्टिविटी और स्टोरेज के लिहाज से कुल 4 वेरिएंट्स में लॉन्च किया है.     इसका पहला वेरिएंट 6GB RAM और 128GB स्टोरेज के साथ आता है, जिसके सिर्फ Wi-Fi वाले मॉडल की कीमत 22,999 रुपये है.     इसका दूसरा वेरिएंट भी 6GB RAM और 128GB स्टोरेज के साथ आता है, लेकिन उसमें Wi-Fi + cellular (5G) सुविधा मिलती है, जिसकी कीमत 26,999 रुपये है.     इसका तीसरा वेरिएंट 8GB RAM और 256GB स्टोरेज के साथ आता है, जिसके सिर्फ Wi-Fi वाले मॉडल की कीमत 28,999 रुपये है.     इसका चौथा वेरिएंट 8GB RAM और 256GB स्टोरेज के साथ आता है, लेकिन उसमें Wi-Fi + cellular (5G) सुविधा मिलती है, जिसकी कीमत 32,999 रुपये है. Samsung Galaxy Tab A11+: स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स सैमसंग के इस नए टैबलेट में 11 इंच की TFT LCD स्क्रीन मिलती है, जिसका रिफ्रेश रेट 90Hz है. यह Dolby Atoms सपोर्ट वाले क्वॉड स्पीकर्स के साथ आता है. इसमें प्रोसेसर के लिए Mediatek MT8775 चिपसेट दिया गया है, जो 8GB RAM और 256GB स्टोरेज के साथ आता है. यह Android 16 पर बेस्ड One UI 8 पर रन करता है. कंपनी का दावा है कि इस टैबलेट में 7 साल तक ऑपरेटिंग सिस्टम और सिक्योरिटी अपडेट्स दिए जाएंगे. इस टैबलेट के पिछले हिस्से पर 8MP का एक सिंगल रियर कैमरा दिया गया है, जो ऑटो फोकस के साथ आता है. इसमें सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 5MP का एक फ्रंट कैमरा दिया गया है. इसमें एक DeX mode भी दिया गया है, जो इस टैबलेट को पीसी में बदल देता है और फिर उसके साथ एक सपोर्टेड मॉनिटर और अलग से पेयरिंग होने वाला कीबोर्ड और माउस भी जोड़ा जा सकता है. इसके अलावा इस टैब में 25W की फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 7,040mAh की बैटरी भी दी गई है.

रेसिंग लवर्स के लिए स्पेशल: लैंड रोवर का बाहुबली डिफेंडर लॉन्च

मुंबई  ब्रिटिश ऑटोमेकर लैंड रोवर ने अपनी नई Defender Dakar D7X-R को पेश कर रेसिंग प्रेमियों के बीच उत्साह की नई लहर दौड़ा दी है। यह मॉडल खासतौर पर 2026 के Dakar Rally और W2RC रैली-रेड सीजन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कंपनी ने इसे एक आधिकारिक कार्यक्रम में नई और आकर्षक लिवरी के साथ दिखाया, जिसने ऑटो और रेसिंग दोनों ही दुनिया में चर्चा तेज कर दी। डिज़ाइन भले ही प्रोडक्शन मॉडल Defender OCTA से प्रेरित हो, लेकिन इसका रेसिंग-रेडी सेटअप इसे एक बिल्कुल अलग और शक्तिशाली मशीन बनाता है, जो FIA के स्टॉक-श्रेणी निर्देशों पर आधारित है। रेगिस्तान और कठिन इलाकों के लिए खास तैयारी Defender D7X-R को ऐसे बनाया गया है कि यह मुश्किल से मुश्किल रास्तों पर भी अपनी गति और संतुलन को बनाए रख सके। इसके बड़े 550 लीटर फ्यूल टैंक से लेकर रैली-स्पेक Bilstein सस्पेंशन तक, हर फीचर इसे लंबी और कठिन रैलियों के योग्य साबित करता है। 35-इंच के बड़े ऑफ-रोड टायर और ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस इसे रेगिस्तान, पथरीले पहाड़ों और ढीली सतह वाले इलाकों में मजबूती के साथ चलाते हैं। सुरक्षा के लिए मजबूत रोल-केज और एडवांस्ड एयर कूलिंग सिस्टम कार को रफ्तार और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर बेहतर बनाते हैं। ब्रेकिंग सिस्टम और गियरबॉक्स में किए गए अपग्रेड इसे पूरी तरह रेस-केंद्रित बनाते हैं। ड्राइविंग टेक्नोलॉजी और अंदरूनी फीचर्स Defender D7X-R की सबसे दिलचस्प खासियत इसका नया “Flight Mode” है। यह फीचर कार के हवा में उछलकर उतरने पर तुरंत टॉर्क को एडजस्ट करता है, जिससे लैंडिंग अधिक स्मूद होती है और ड्राइव-ट्रेन पर दबाव नहीं पड़ता। रेसिंग के दौरान हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है, और यह तकनीक उसी को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। केबिन पूरी तरह से FIA मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है, जिसमें रेसिंग सीट्स, हेड-अप डिस्प्ले और जरूरी उपकरणों के लिए पर्याप्त स्थान मौजूद है। ड्राइवर और को-ड्राइवर दोनों के लिए सुरक्षा और सुविधा से जुड़े एडवांस फीचर्स जोड़े गए हैं। कंपनी की रेसिंग प्लानिंग लैंड रोवर का लक्ष्य है कि यह बाहुबली मशीन 3 जनवरी 2026 से शुरू होने वाली Dakar Rally में पहली बार ट्रैक पर उतरे। कंपनी मानती है कि D7X-R न केवल उनके रेसिंग इतिहास को आगे बढ़ाएगी, बल्कि ग्लोबल मोटरस्पोर्ट्स में उनकी मौजूदगी को और मजबूत करेगी। भारतीय रेसिंग प्रशंसकों के बीच भी इस मॉडल को लेकर उत्साह बढ़ रहा है, क्योंकि डिजाइन, क्षमताओं और तकनीक का यह संयोजन ब्रांड के लिए नई संभावनाएं खोलता दिख रहा है। नई Defender Dakar D7X-R के लॉन्च के साथ यह साफ है कि लैंड रोवर ने रेसिंग दुनिया में एक और दमदार चुनौती पेश कर दी है। इसकी रफ्तार, ताकत और नई तकनीकें इसे अपनी श्रेणी में एक अनोखा और चर्चित मॉडल बनाती हैं।

Gold-Silver Price Hike: चांदी में 3500 और सोने में 1200 रुपये की तेजी, देखें ताज़ा भाव

मुंबई  सोना-चांदी का भाव (Gold-Silver Price) एक बार फिर गदर मचा रहा है. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर खुलने के साथ ही चांदी की कीमत (Silver Price) 3500 रुपये से ज्यादा उछल गई और अपने नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गई. सिर्फ चांदी ही नहीं, बल्कि सोने का वायदा भाव (Gold Rate) भी 1200 रुपये से ज्यादा चढ़ गया.  Silver नए हाई लेवल पर पहुंची सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत (Silver Price) के बारे में, तो एक बार फिर तूफानी तेजी से भागती नजर आ रही है. एमसीएक्स पर कारोबारी की शुरुआत होने पर ये कीमती धातु अपने पिछले बंद 1,74,981 रुपये प्रति किलो की तुलना में चढ़कर 1,76,452 रुपये पर खुली. इसके बाद वायदा कारोबार में ये तेज रफ्तार से भागने लगी और 15 मिनट के कारोबार के दौरान ही 1,78,489 रुपये के नए हाई लेवल पर जा पहुंची. इस हिसाब से चांदी 3,508 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई.  Gold Rate में भी तगड़ा उछाल  बात सोना भाव की करें, तो ये पीली धातु भी चांदी से कम नजर नहीं आ रही है. 5 फरवरी की एक्सपायरी वाला Gold Price खुलने के साथ ही चढ़ गया और 1,30,794 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता हुआ नजर आया. बता दें कि बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सोना 1,29,504 रुपये पर क्लोज हुआ था. यानी एक झटके में Gold 1290 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया.  अभी भी हाई से इतना सस्ता सोना भले ही सोने की कीमतों में फिर से तेज उछाल देखने को मिल रहा है, लेकिन Gold Rate अभी भी अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से काफी नीचे बना हुआ है. बता दें कि एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोने का ऑल टाइम हाई लेवल 1,34,024 रुपये प्रति 10 ग्राम है और सोमवार को आए ताजा उछाल के बाद भी ये इस स्तर से अभी भी 4000 रुपये सस्ता मिल रहा है.  घरेलू मार्केट में सोना-चांदी का भाव बात अगर घरेलू बाजार में सोना और चांदी की कीमतों के बारे में करें, तो इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com के मुताबिक, बीते शुक्रवार को 24 Karat Gold 1,26,591 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. वहीं दूसरी ओर चांदी तेजी रफ्तार से भागते हुए 1,64,359 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुई थी. बता दें कि आईबीजीए के रेट्स देशभर में एक समान रहते हैं, लेकिन ज्वेलरी खरीद पर ग्राहक को इस दाम में जीएसटी और मेकिंग चार्ज जोड़कर देना होता है, जिससे इनकी कीमत बढ़ जाती है. 

Apple का भारत में विस्तार तेज: 11 दिसंबर को नोएडा में खुलेगा पांचवां स्टोर

नोएडा  Apple ने घोषणा की है कि वह 11 दिसंबर को नोएडा के DLF मॉल ऑफ इंडिया में अपना पांचवां रिटेल स्टोर लॉन्च करेगा। यह दिल्ली-NCR का दूसरा स्टोर होगा। इससे पहले अप्रैल 2023 में दिल्ली में पहला स्टोर खुला था। बेंगलुरु में 2 सितंबर और पुणे में 4 सितंबर को स्टोर लॉन्च करने के बाद यह Apple का 2025 में तीसरा नया भारतीय आउटलेट होगा। नए नोएडा स्टोर में iPhone 17 सीरीज, M5 चिप वाले मैकबुक प्रो और 14 इंच मैकबुक प्रो जैसे कंपनी के नवीनतम डिवाइस उपलब्ध होंगे। कस्टमर यहां नए फीचर्स का अनुभव कर सकेंगे। साथ ही Apple के स्पेशलिस्ट, क्रिएटिव, जीनियस और बिजनेस टीम उपयोगकर्ताओं को एक्सपर्ट सपोर्ट प्रदान करेंगे। भारत में तेजी से बढ़ रहा है Apple का प्रभाव भारत Apple के लिए तेजी से उभरता हुआ प्रमुख बाजार बन गया है। IDC के अनुमान के मुताबिक, कंपनी 2025 में देश में 15 करोड़ iPhone बेच सकती है। इसके साथ ही Apple का मार्केट शेयर पहली बार 10% से अधिक हो सकता है। सितंबर तिमाही में Apple भारत का चौथा सबसे बड़ा स्मार्टफोन ब्रांड बन गया, जहां कंपनी ने करीब 5 मिलियन यूनिट्स की बिक्री दर्ज की और सालाना 25% की वृद्धि हासिल की। Apple CEO टिम कुक कई एनालिस्ट कॉल में भारत को “स्टैंडआउट मार्केट” बता चुके हैं, जहां कंपनी लगातार 15 तिमाहियों से रिकॉर्ड रेवेन्यू दर्ज कर रही है।

मारुति की इलेक्ट्रिक एंट्री: 2 दिसंबर को भारत में e-Vitara होगी उपलब्ध

मुंबई  मारुति सुज़ुकी भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपने अब तक के सबसे बड़े कदम की तैयारी कर रही है। कंपनी 2 दिसंबर 2025 को अपनी पहली पूरी तरह इलेक्ट्रिक SUV—e-Vitara—को लॉन्च करने जा रही है, जिससे ब्रांड एक नए दौर की ओर बढ़ेगा। इसे सबसे पहले भारत मोबिलिटी ऑटो एक्सपो 2025 में पेश किया गया था और तभी से यह मॉडल देश की सबसे बड़ी ऑटो कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। खास बात यह है कि e-Vitara का विकास और उत्पादन दोनों भारत में ही किए जा रहे हैं, जो घरेलू EV निर्माण को नई दिशा देता है। वैश्विक मंच पर पहले ही बना चुकी है अपनी पहचान e-Vitara भले ही अभी भारतीय सड़कों पर दिखाई नहीं दी हो, लेकिन वैश्विक स्तर पर इसकी मौजूदगी पहले ही मजबूत हो चुकी है। गुजरात के हंसलपुर प्लांट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अगस्त में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड उत्पादन सुविधा का उद्घाटन किया गया, जिसके साथ ही e-Vitara का पहला निर्यात बैच भी फ्लैग ऑफ किया गया। सितंबर से इसके आधिकारिक एक्सपोर्ट शुरू हुए और केवल अगस्त में ही 12 यूरोपीय देशों—जैसे यूके, जर्मनी, फ्रांस, नॉर्वे और स्वीडन—में लगभग 2,900 यूनिट भेजी जा चुकी थीं। कंपनी का लक्ष्य e-Vitara को 100 से अधिक देशों में निर्यात करना है, जिससे यह मारुति की पहली सच्ची ‘ग्लोबल इलेक्ट्रिक SUV’ बन सकती है। डिजाइन और डायमेंशन: आधुनिक लुक के साथ दमदार प्रेज़ेंस e-Vitara का डिजाइन बेहद साफ-सुथरी और आधुनिक लाइनों पर आधारित है। इसकी लंबाई 4,275 मिमी, चौड़ाई 1,800 मिमी और ऊंचाई 1,640 मिमी है, जबकि 2,700 मिमी का व्हीलबेस इसे पारंपरिक कॉम्पैक्ट SUVs जैसी मजबूत सड़क उपस्थिति देता है। यह एक नए लाइटवेट 3-in-1 इलेक्ट्रिक ड्राइव सिस्टम पर आधारित है, जिसमें मोटर, इन्वर्टर और ट्रांसमिशन को एक ही यूनिट में इंटीग्रेट किया गया है। इससे गाड़ी का वजन कम होता है और प्रदर्शन तथा कार्यक्षमता दोनों में सुधार मिलता है। बैटरी पैक और परफॉर्मेंस: लंबी रेंज और कई विकल्प मारुति सुज़ुकी e-Vitara को दो बैटरी विकल्पों के साथ बाजार में उतारेगी, जिनका उद्देश्य अलग-अलग जरूरतों वाले ग्राहकों को ध्यान में रखना है। 49 kWh बैटरी पैक वाला मॉडल फ्रंट-माउंटेड मोटर के साथ आता है, जो 144 hp की पावर और 189 Nm का टॉर्क पैदा करता है। यह रोजमर्रा की ड्राइविंग—चाहे शहरी हो या हाईवे—के लिए उपयुक्त है। बड़ा 61 kWh पैक 174 hp की अधिक शक्तिशाली आउटपुट प्रदान करता है। वैश्विक बाजारों में इसका एक ऑल-व्हील ड्राइव विकल्प भी उपलब्ध है, जिसमें पीछे एक अतिरिक्त 65 hp मोटर जोड़ी गई है। इससे कुल आउटपुट 184 hp और 300 Nm तक पहुंच जाता है। भारत में AWD वर्जन आएगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन टॉप-स्पेक वेरिएंट्स के 500 km से अधिक की रेंज देने की उम्मीद है, जो इसे अपनी श्रेणी की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली इलेक्ट्रिक SUVs में शामिल करता है। इंटीरियर: अब तक का सबसे प्रीमियम मारुति केबिन e-Vitara का इंटीरियर मारुति सुज़ुकी के अन्य मॉडलों की तुलना में कहीं अधिक प्रीमियम फील देता है। केबिन में 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 10.1-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम एक ट्विन-डेक फ्लोटिंग सेंटर कंसोल पर लगाया गया है, जो इसे मॉडर्न और हाई-टेक अपीयरेंस देता है। सॉफ्ट-टच मटीरियल, डुअल-टोन थीम और मल्टी-कलर एंबियंट लाइटिंग के साथ गाड़ी का माहौल और भी शानदार बनता है। आराम की बात करें तो वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें, 10-वे पावर-एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और स्लाइड-रिक्लाइन-फोल्ड होने वाली 40:20:40 रियर सीट जैसे फीचर्स इसे बेहद व्यावहारिक बनाते हैं। फिक्स्ड-ग्लास सनरूफ और हार्मन ऑडियो सिस्टम के साथ केबिन का प्रीमियम अनुभव और बढ़ जाता है। सुरक्षा फीचर्स: मजबूत बॉडी और एडवांस ADAS सुरक्षा को e-Vitara के विकास में उच्च प्राथमिकता दी गई है। इसका बॉडी स्ट्रक्चर 50% से अधिक हाई-टेंसाइल स्टील से बनाया गया है और इसमें बैटरी सुरक्षा के लिए विशेष संरचना शामिल है। स्टैंडर्ड फीचर्स में सात एयरबैग, ऑल-डिस्क ब्रेक्स, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, टायर प्रेशर मॉनिटर और e-Call इमरजेंसी अलर्ट शामिल हैं। इसके अलावा SUV लेवल-2 ADAS तकनीक से लैस है, जिसमें एडाप्टिव क्रूज़ कंट्रोल, लेन-कीपिंग असिस्ट और ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसी सिस्टम शामिल हैं। इन फीचर्स के साथ e-Vitara मारुति सुज़ुकी की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में शामिल हो जाएगी। चार्जिंग नेटवर्क और ओनरशिप इकोसिस्टम मारुति सुज़ुकी e-Vitara के साथ एक संपूर्ण EV इकोसिस्टम प्रदान करने की तैयारी में है। हर ग्राहक को स्मार्ट होम चार्जर और इंस्टॉलेशन सहायता दी जाएगी। इसके अलावा कंपनी देश के 100 बड़े शहरों में पब्लिक फास्ट-चार्जिंग नेटवर्क तैयार कर रही है, जहां हर 5–10 किलोमीटर पर चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध होंगे। लंबे समय तक परेशानी-मुक्त ओनरशिप सुनिश्चित करने के लिए मारुति 1,500 से अधिक EV-रेडी वर्कशॉप भी स्थापित कर रही है, जो 1,000 से अधिक शहरों को कवरेज देंगी। मारुति सुज़ुकी के लिए ऐतिहासिक लॉन्च आधुनिक डिजाइन, दमदार रेंज, प्रीमियम इंटीरियर, वैश्विक एक्सपोर्ट रणनीति और मजबूत सुरक्षा फीचर्स के साथ e-Vitara कंपनी के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण लॉन्च साबित होने जा रही है। यह न केवल मारुति सुज़ुकी के EV सफर की शुरुआत है, बल्कि इसे भारतीय इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में एक बड़ी प्रतिस्पर्धा पैदा करने की क्षमता भी प्रदान करती है।

स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म पर SEBI की कार्रवाई, 7 दिन के लिए लगाया प्रतिबंध

 नई दिल्‍ली शेयर मार्केट रेग्‍युलेटरी सेबी ने स्टॉक ब्रोकर प्रभुदास लीलाधर प्राइवेट लिमिटेड पर तगड़ा एक्‍शन लिया है. सेबी-रजिस्‍टर्ड स्टॉक ब्रोकर प्रभुदास लीलाधर प्राइवेट लिमिटेड पर 15 दिसंबर, 2025 से सात दिनों के लिए नए ग्राहकों को जोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह बैन सेबी और एक्‍सचेंजों के संयुक्‍त न‍िरीक्षण के बाद लगाया गया है, जिसमें जांच के समय क्‍लाइंट फंड मैनेज, सेटलमेंट और मार्जिन रिपोर्टिंग में कई खामियां पाई गई थीं.  यह मामला 2 नवंबर से 8 नवंबर, 2022 के बीच की गई जांच में 1 अप्रैल, 2021 से 31 अक्टूबर, 2022 तक के संचालन में पाया गया.जांच अधिकारियों ने पाया कि तीन नमूना डेट पर ब्रोकर का कैलकुलेशन किया गया, जिसमें कुल वैल्‍यू निगेटिव थी. इसमें कुल 2.70 करोड़ रुपये की कमी थी. सेबी ने कहा कि यह कमी क्लाइंट फंड के दुरुपयोग का संकेत है.  नियामक ने स्टॉक ब्रोकर को कस्‍टमर्स के अकाउंट का निपटान न करने के लिए भी फटकार लगाई. आदेश में विस्तार से बताया गया है कि 1,200 से ज्‍यादा कस्‍टमर्स के फंड सेटलमेंट अनिवार्य तिमाही या मासिक समय-सीमा के भीतर नहीं किया गया. जांच में क्‍या-क्‍या निकला?  सेबी का आदेश ग्रॉस-वैल्‍यू के निष्कर्षों से कहीं आगे जाता है. नियामक ने पाया कि ग्राहकों के चालू खातों का निपटान नहीं हुआ, 1283 नॉन-ट्रेडिंग कस्‍टमर्स (तिमाही) के कुल 36 लाख रुपये के फंड का समय पर निपटान नहीं किया गया,  677 मासिक गैर-व्यापारिक मामलों की राशि 2.85 करोड़ रुपये थी और तीन ट्रेडिंग कस्‍टमर्स तिमाही मामलों में 39 लाख रुपये शामिल थे.     इसके अलावा, ऑपरेशन संबंधी कमियों में दिन के अंत (EOD) और पीक मार्जिन की गलत रिपोर्टिंग भी शामिल थी. निरीक्षण में पाया गया कि ब्रोकर ने एक्सचेंज को ऐसे मार्जिन की जानकारी दी थी, जो वास्तव में वसूले ही नहीं गए थे और एक मामले में पीक मार्जिन का कलेक्‍शन कम हुआ था. कस्‍टमर्स पर जुर्माने का बोझ डाला साथ ही ब्रोकर को क्लियरिंग कॉर्पोरेशन द्वारा एडवांस मार्जिन की कम वसूली के लिए लगाए गए जुर्माने का बोझ अपने कस्‍टमर्स पर डालने का दोषी पाया गया. सेबी ने दोहराया कि सदस्यों को 'किसी भी परिस्थिति में' अपफ्रंट मार्जिन की कम वसूली के कारण क्लियरिंग कॉर्पोरेशन द्वारा लगाए गए जुर्माने का बोझ ग्राहकों पर डालने की अनुमति नहीं है.  ब्रोकर प्‍लेटफॉर्म ने क्‍या कहा?  प्रभुदास लीलाधर ने अपनी दलील में कहा कि कथित खामियां 'तकनीकी और प्रक्रियात्मक थीं, जानबूझकर नहीं' और कई गलतियों के लिए मैनुअल या लिपिकीय गलतियां जिम्मेदार हैं. ब्रोकर ने यह भी तर्क दिया कि वह अलग-अलग न्यायिक कार्यवाही में पहले ही 11 लाख रुपये का जुर्माना भर चुका है और नए कारोबार पर प्रतिबंध से उसकी प्रतिष्ठा और कर्मचारियों के मनोबल को स्‍थायी नुकसान होगा.  हालांकि सेबी के चीफ जनरल मैनेजर एन. मुरुगन ने कहा कि अतिरिक्त ब्रोकरेज की छोटी मात्रा और निरीक्षण के बाद सुधारात्मक कदम जैसे कारकों पर विचार किया गया, लेकिन उन्होंने ब्रोकर को दायित्व से मुक्त नहीं किया है.