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रणबीर कपूर की राम के रोल में कास्टिंग पर फिर उठे सवाल, रामानंद सागर के पोते ने बताई वजह

रणबीर कपूर की फिल्म रामायण लगातार सुर्खियों में चल रही है. हाल ही में इसका पहला गाना जय जय राम आया था, जिसने लोगों के बीच तगड़ा बज बनाया. गाने में राम-सीता की भूमिका में रणबीर और साई पल्लवी खूब चमके. लोगों के मन में कास्टिंग और विजुअल्स को लेकर जो सवाल थे, वो भी मेकर्स ने कम करने की कोशिश की. हालांकि अभी भी कुछ लोग ऐसे हैं जो रामायण से पूरी तरह सहमत नहीं हैं. रणबीर पर फिर उठाए सवाल रणबीर कपूर को भगवान राम की भूमिका में देखना अभी भी कई लोग स्वीकार नहीं कर रहे हैं. इनमें से एक टीवी का सबसे आइकॉनिक धारावाहिक रामायण बनाने वाले रामानंद सागर के पोते शिव सागर भी हैं. उन्होंने शुरू से रणबीर की कास्टिंग पर सवाल उठाए हैं. इसके पीछे की वजह एक्टर के निभाए पुराने किरदार रहे हैं. अब शिव सागर का कहना है कि रणबीर की पर्सनैलिटी उन्हें भगवान राम से ज्यादा भगवान कृष्ण के किरदार के लिए सही लगती है. उन्होंने साफ किया कि उन्हें रणबीर से कोई व्यक्तिगत परेशानी नहीं है. वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में रामानंद सागर के पोते ने भगवान राम की भूमिका पर अपनी राय देते हुए कहा- मेरे लिए भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं. यानी सद्गुण, गरिमा, संयम और आदर्श आचरण की मिसाल. भगवान राम को लेकर मेरी समझ भगवान कृष्ण से काफी अलग है. कृष्ण चंचल, शरारती और अपनी लीलाओं से भरे हुए हैं, जबकि राम के व्यक्तित्व में एक गंभीरता, अनुशासन और शांति दिखाई देती है. 'ये सिर्फ उस किरदार को लेकर मेरी निजी समझ है. मुझे लगता है कि रणबीर में एक एक्टर के तौर पर ऐसी खूबियां हैं, जो उन्हें भगवान कृष्ण जैसे किरदार के लिए बहुत अच्छा बना सकती हैं. लेकिन जब मैं भगवान राम की कल्पना करता हूं, तो मेरे मन में एक ऐसा व्यक्ति आता है जो ज्यादा संयमी, गंभीर और अंदर से शांत हो. ये रणबीर की एक्टिंग पर कोई टिप्पणी नहीं है. बात सिर्फ भगवान राम के उस व्यक्तित्व और स्वभाव की है, जिसे मैं अपने मन में उनसे जोड़कर देखता हूं.' रणबीर से है खास कनेक्शन इसी बातचीत में रामानंद सागर के पोते ने कपूर खानदान संग अपने पुराने रिश्तों पर भी बात की. उन्होंने बताया कि रणबीर के परदादा पृथ्वीराज कपूर ने उनके दादा को इंडस्ट्री में बतौर राइटर ब्रेक दिलाया था. उनकी बहन रणबीर-आलिया का घर सजा चुकी हैं. इसलिए उनका कपूर खानदान संग एक खास कनेक्शन भी है. बात करें फिल्म रामायण की, तो इंडिया में ये 8 नवंबर को रिलीज होगी और वर्ल्डवाइड 6 नवंबर को रिलीज की जाएगी. इसमें रवि दुबे, सनी देओल, यश, अरुण गोविल, लारा दत्ता, विवेक ओबेरॉय, रकुल प्रीत सिंह जैसे एक्टर्स नजर आएंगे. ये दो पार्ट में बनाई जा रही मूवी है, जिसे नितेश तिवारी डायरेक्ट कर रहे हैं.

कच्चा बादाम गर्ल अंजलि अरोड़ा बनेंगी माता सीता, देव शर्मा ने रामायण से जुड़े किए बड़े खुलासे

'कच्चा बादाम' गर्ल के नाम से मशहूर अंजलि अरोड़ा अब बड़े पर्दे पर डेब्यू करने वाली हैं. फिल्म महाकाव्य श्री राम कथा में वो माता सीता का रोल निभा रही हैं, जो 25 सितंबर को रिलीज होने के लिए तैयार है. इसमें भगवान राम की भूमिका एक्टर देव शर्मा निभा रहे हैं, जिनका ये पहला बड़ा ब्रेक भी बन सकता है. अंजलि की 'रामायण' में बना राम फिल्म महाकाव्य श्री राम कथा का ट्रेलर बीते दिन एक शानदार तरीके से लॉन्च किया गया. इवेंट में कास्ट से रणबीर कपूर की आने वाली रामायण पर भी सवाल किए गए. देव शर्मा ने कहा कि उन्हें रामायण और आदिपुरुष में लक्ष्मण के रोल ऑफर हुए थे, लेकिन अंत में वो रिजेक्ट हो गए. मीडिया के सवालों पर एक्टर ने ये खुलासा किया था. देव ने कहा- इससे पहले मुझे आदिपुरुष और नितेश तिवारी की रामायण, दोनों फिल्मों में लक्ष्मण का किरदार ऑफर हुआ था. मेरे लुक टेस्ट भी लगभग फाइनल हो चुके थे, लेकिन बात नहीं बन पाई. एक फिल्म में मैं भगवान राम का किरदार निभाने वाले एक्टर से करीब दो इंच लंबा था, जबकि दूसरी में मेरा कद-काठी राम का किरदार निभाने वाले एक्टर जितनी ही भारी थी. इसी वजह से मुझे फाइनल नहीं किया गया. इससे मैं काफी निराश हुआ. मुझे लगा कि शायद रामायण से मेरा कनेक्शन इतना अच्छा नहीं है, तभी बार-बार मुझे इस प्रोजेक्ट से बाहर कर दिया जा रहा है. एक्टर का इस दौरान ये भी कहना था कि उन्हें जब फिल्म महाकाव्य श्री राम कथा ऑफर की गई थी, तब उन्होंने इसे ठुकराया था. वो ना तो रामायण पर बनी फिल्म करना चाहते हैं और ना ही लक्ष्मण का किरदार निभाना चाहते हैं. हालांकि, बाद में उन्हें लगा कि भगवान राम का किरदार निभाना उनकी किस्मत में लिखा था और लक्ष्मण के रोल के लिए पहले जो ऑफर्स उन्होंने ठुकराए थे, उनके पीछे भी कोई वजह थी. ट्रोल हुए देव शर्मा देव शर्मा के इन खुलासों से कई लोग सहमत नहीं दिखे हैं. वो एक्टर को जमकर ट्रोल कर रहे हैं, उनका मानना है कि ये सब झूठ है और वो फेंक रहे हैं. वहीं कई लोगों का कहना है कि देव ने लक्ष्मण के रोल के लिए ऑडिशन दिया होगा, जिसमें वो रिजेक्ट हुए होंगे. बात करें फिल्म महाकाव्य श्री राम कथा की, तो इसे ऑडियंस से काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. इसका ट्रेलर देख सब कह रहे हैं कि ये बुरे वीएफएक्स और खराब एक्टिंग से लबरेज है. सीता के रोल में अंजलि अरोड़ा भी जम नहीं रही हैं. रिलीज से पहले ही ऑडियंस मान चुकी है कि फिल्म फ्लॉप है. अब देखना है कि क्या 'कच्चा बादाम' गर्ल कोई कमाल दिखा पाती है या नहीं.

अंजलि अरोड़ा की ‘श्री रामायण कथा’ का ट्रेलर रिलीज, सीता के किरदार में नजर आईं एक्ट्रेस

लगता है इंडस्ट्री में रामायण पर फिल्म बनाने की होड़ मची है. हर फिल्ममेकर में राम-सीता की कहानी बताने की चुल दिख रही है. नितेश तिवारी की रामायण को लेकर बने बज के बीच एक और रामायण आ रही है. नाम है- महाकाव्य श्री रामायण कथा. इसका 2 मिनट 43 सेकंड का ट्रेलर रिलीज हुआ है. इसमें 'कच्चा बादाम गर्ल' अंजलि अरोड़ा माता सीता के रोल में हैं. रावण बने हैं रजनीश दुग्गल, राम का किरदार एक्टर देव शर्मा प्ले कर रहे हैं. लेकिन जिसका डर था वही हुआ. ट्रेलर देखने के बाद आपको लगेगा ये क्या ही देख लिया. मेकर्स से ये सवाल करने का मन करेगा कि इसे बनाने की क्या जरूरत थी? ये ट्रेलर रामायण को लेकर आपके इमोशंस के साथ खिलवाड़ करता है. 4000 करोड़ में बनी नितेश तिवारी की रामायण को तो लोग अभी तक अपना नहीं पाए हैं. तो सोचिए ऐसे हालातों में इस फिल्म को कैसे कोई अपनाएगा? ट्रेलर में जिस तरह लीड एक्टर्स डायलॉग बोलते हुए फंबल कर रहे हैं. ठीक वैसे ही इस फिल्म का भविष्य भी लड़खड़ाता हुआ नजर आता है. कैसा है अंजलि अरोड़ा की फिल्म का ट्रेलर? ट्रेलर सीता हरण के सीन से शुरू होता है. जहां रावण साधु का भेष बनाकर सीता का अपहरण करने आता है. रावण के अहंकार, सीता का वियोग, राम की सीता के लिए तड़प और हनुमान की भक्ति की झलक दिखाई गई है. लंका से सीता को वापस लाने के लिए राम हनुमान और वानरों की सेना तैयार करते हैं. राम और रावण के बीच युद्ध के सीन्स की झलक भी ट्रेलर में दिखी है. पूरे 2 मिनट 43 सेकंड के वीडियो में मेकर्स ने सीता हरण के बाद की पूरी कहानी की झलक दिखा दी है. फिर पीछे पड़े ट्रोल्स 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' को टीजर रिलीज के बाद काफी सारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. वही हाल इस बार भी दिखा है. यूजर्स ने फिल्म की कास्टिंग के मजे लिए हैं. एक शख्स ने लिखा- रावण के रोल में राम को क्यों कास्ट किया है. कईयों को आदिपुरुष याद आ गई है. एक शख्स ने कहा- भगवान से डरो. यूजर्स ने अंजलि अरोड़ा की बेकार एक्टिंग का मजाक उड़ाया है. किसी ने कहा- अंजलि को एक्टिंग में नहीं आना चाहिए था. लोग बोल्ड गर्ल अंजलि का माता सीता के रोल में देखकर भी आहत हो रहे हैं. इस ट्रेलर का रिव्यू करें तो ना इसकी कास्टिंग दमदार है, ना ही म्यूजिक और एक्टिंग. वीएफएक्स को लेकर भी फिल्म मात खाती है. कोई ऐसा असरदार डायलॉग भी नहीं है, जो दिमाग में बस जाए. सीता बनीं अंजलि अरोड़ा को डायलॉग बोलने में मशक्कत करनी पड़ रही है. पूरे ट्रेलर में उनके चेहरे पर बस एक ही एक्सप्रेशन हैं. ये ट्रेलर देखकर यही पूछने का मन कर रहा है कि आखिर इस मूवी को बनाया क्यों जा रहा है. जब ट्रेलर देखकर ही बज नहीं बना है, तो फिल्म क्या ही कमाल करेगी. अभिषेक सिंह के निर्देशन में बनी मूवी सिनेमाघरों में इसी महीने 25 तारीख को आएगी. इसे दो भाषाओं हिंदी और छत्तीसगढ़ी में रिलीज किया जाएगा. आपको कैसा लगा ये ट्रेलर?

स्वरा भास्कर ने बताया पुराना किस्सा, राम जन्मभूमि फैसले के बाद शाहरुख-सलमान से मांगी थी माफी

मुंबई  एक्टर स्वरा भास्कर ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि विवाद पर फैसला सुनाया था तब उन्हें हिंदू होने के नाते बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई थी। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने फैसले के आने के तुरंत बाद आमिर खान, शाहरुख खान और सलमान खान समेत अपने सभी मुस्लिम दोस्तों से माफी मांगी थी। पढ़िए स्वरा भास्कर का पूरा बयान। स्वरा भास्कर का पूरा बयान राम जन्मभूमि विवाद के बारे में बात करते हुए स्वरा ने 'द मिडनाइट आवर' पॉडकास्ट में कहा कि वह इस फैसले से परेशान थीं। उन्हें यह फैसला सही नहीं लगा और उन्हें लगा कि उनके मुस्लिम दोस्तों को पता होना चाहिए कि वह इस फैसले से सहमत नहीं हैं। इसलिए उन्होंने फैसले के तुरंत बाद आमिर खान, शाहरुख खान और सलमान खान समेत अपने सभी मुस्लिम दोस्तों से संपर्क किया और उनसे माफी मांगी। स्वरा ने शाहरुख-सलमान को क्या मैसेज भेजा? स्वरा ने सभी मुस्लिम दोस्तों को मैसेज में लिखा, ‘एक हिंदू होने के नाते, मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि मुझे सच में बहुत खेद है, मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस हो रही है और मैं इस फैसले से सहमत नहीं हूं।’ सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस स्वरा भास्कर के बयान ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है. एक पक्ष का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाना देश की न्याय प्रणाली का अपमान है. उनका कहना है कि राम जन्मभूमि का फैसला सबूतों और कानूनी आधार पर लिया गया था, इसलिए इस पर विवाद खड़ा करना गलत है. वहीं, दूसरी ओर, समर्थकों का तर्क है कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अभिव्यक्ति की आजादी है. उन्हें किसी भी फैसले पर अपनी व्यक्तिगत राय या असहमति जताने का अधिकार है, चाहे वह राय बहुसंख्यक वर्ग से अलग ही क्यों न हो।  2019 में क्या आया था फैसला? आपको बता दें कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 2019 को फैसला सुनाया था. पांच जजों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से फैसला दिया था. अदालत ने विवादित 2.77 एकड़ जमीन रामलला विराजमान को देने का आदेश दिया था. साथ ही सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में मस्जिद के लिए 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का निर्देश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 1949 में मूर्तियां रखे जाने और 1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने को कानून का उल्लंघन बताया था. वहीं, विवादित जमीन पर रामलला के अधिकार को स्वीकार किया था।  क्विक आंसर्स सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्वरा भास्कर ने बताया कि वह 2019 के राम जन्मभूमि फैसले से बहुत परेशान और निराश थीं। उन्होंने कहा कि एक हिंदू होने के नाते, उन्होंने अपने फोनबुक के सभी मुस्लिम लोगों को मैसेज भेजकर माफी मांगी थी और कहा था कि वह इस फैसले से असहमत और शर्मिंदा हैं। स्वरा भास्कर ने अपने फोनबुक में मौजूद सभी मुस्लिम संपर्कों को मैसेज भेजे थे, जिनमें आमिर खान, शाहरुख खान, सलमान खान और फहाद अहमद जैसे बड़े नाम शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने 9 नवंबर 2019 को सर्वसम्मति से फैसला सुनाया था। कोर्ट ने विवादित 2.77 एकड़ जमीन रामलला विराजमान को सौंपने और सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में ही 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का आदेश दिया था। सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही हैं स्वरा स्वरा के इस बयान के सामने आने के बाद लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘स्वरा भास्कर राम मंदिर के फैसले से परेशान थीं। कभी-कभी मुझे सच में उनके लिए बुरा लगता है। वह काम पाने की उम्मीद में दिन-रात बॉलीवुड की तारीफ करती रहती हैं, लेकिन किसी तरह उन्हें कभी काम नहीं मिलता।’ दूसरे ने लिखा, ‘सुर्खियों में रहने के लिए कुछ भी कहती हैं।’ तीसरे ने लिखा, ‘हमें भी शर्म आती है आपको हिंदू कहते हुए।’ क्या था सुप्रीम कोर्ट का फैसला? अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 2019 को अपना फैसला सुनाया था। पांच जजों की संविधान पीठ ने विवादित भूमि पर राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट को जमीन सौंपने का आदेश दिया था। साथ ही सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को मस्जिद के निर्माण के लिए अयोध्या में पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक फैसले में शीर्ष अदालत ने विवादित जमीन से जुड़े अलग-अलग दावों और मुकदमों की विस्तृत कानूनी समीक्षा की थी। पहले भी विवादों में रहा है बयान स्वरा भास्कर पहले भी अयोध्या मामले पर अपनी टिप्पणियों के कारण विवादों में रह चुकी हैं। 2020 में उनके पुराने बयान को लेकर उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की अनुमति मांगी गई थी। तत्कालीन अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा था कि बयान वक्ता की धारणा को दर्शाता है और इसे सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के रूप में नहीं माना जा सकता। अब पुराने वीडियो के दोबारा सामने आने के बाद अयोध्या फैसले को लेकर स्वरा भास्कर की राय फिर चर्चा में है। हालांकि वायरल वीडियो में कही गई बातें स्वरा का व्यक्तिगत नजरिया हैं और सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। 9 नवंबर 2019 को, सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से विवादित जमीन को राम मंदिर बनाने के लिए सौंप दिया था। कोर्ट ने सरकार को यह भी निर्देश दिया था कि वह सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन दें।

‘राइज एंड फॉल 2’ की रिलीज डेट का ऐलान, वीरेंद्र सहवाग करेंगे शो होस्ट

कुछ दिन पहले मेकर्स ने 'राइज एंड फॉल' सीजन 2 की घोषणा की थी. पहले सीजन को अश्नीर ग्रोवर ने होस्ट किया था, लेकिन आने वाले सीजन को पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग होस्ट करेंगे. अब, मेकर्स ने सोशल मीडिया पर एक नया प्रोमो शेयर किया है, जिसमें होस्ट 'राइज एंड फॉल 2' के प्रीमियर की तारीख की घोषणा करते हुए दिखाई दे रहे हैं. इसके अलावा, अमेजन प्राइम वीडियो और MX प्लेयर पर आने वाले इस रियलिटी शो के कंटेस्टेंट के तौर पर स्वरा भास्कर, करण पटेल, प्रियंका चाहर चौधरी और शहज़ाद पूनावाला के नामों की पुष्टि हो गई है. कब से शुरू होगा शो? मेकर्स ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर 'राइज एंड फॉल' सीजन 2 का नया ट्रेलर शेयर किया. उन्होंने लिखा, '26 सितंबर से मजा तो बहुत आएगा.' ध्यान देने वाली बात यह है कि 'राइज एंड फॉल 2' 26 सितंबर, 2026 को अमेजन प्राइम वीडियो और MX प्लेयर पर शुरू होगा. प्रोमो में वीरेंद्र सहवाग शो के चार कंटेस्टेंट का परिचय देते हुए दिखाई दे रहे हैं. प्रियंका चाहर चौधरी, करण पटेल, स्वरा भास्कर और शहजाद पूनावाला इस पावर गेम में हिस्सा लेते हुए दिखाई देंगे. नया सीजन रोजाना देखने लायक मजेदार कंटेंट, रणनीतिक चालें, सेलिब्रिटीज के बीच टकराव, ट्विस्ट और हैरान कर देने वाले पल देने का वादा करता है. इन चार कन्फर्म कंटेस्टेंट को किसी परिचय की जरूरत नहीं है. स्वरा भास्कर एक जानी-मानी बॉलीवुड एक्ट्रेस हैं जो अपने बेबाक अंदाज़ के लिए भी जानी जाती हैं. करण पटेल और प्रियंका चाहर चौधरी जाने-माने टीवी स्टार हैं, जबकि शहजाद पूनावाला भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रह चुके हैं. 'राइज एंड फ़ॉल 2' में 15 कंटेस्टेंट होंगे और आने वाले दिनों में उनके नामों का खुलासा होने की उम्मीद है. सेलिब्रिटी कंटेस्टेंट 42 दिनों तक एक टॉवर और बेसमेंट में रहेंगे और गेम का अल्टीमेट रूलर बनने के लिए एक-दूसरे से मुकाबला करेंगे. वैचारिक मतभेद की संभावना शहजाद पूनावाला और स्वरा भास्कर के एक गेम में होने से वैचारिक मतभेद होने की पूरी संभावना नजर आ रही है. ये सभी जानते हैं कि इन दोनों की विचारधारा लेफ्ट-राइट वाली है. दोनों का कनेक्शन पॉलिटिकल पार्टी से है. ऐसे में सभी की निगाहें इन दोनों ही कंटेस्टेंट पर रहेगी कि ये दोनों शो में क्या करते हैं. 'राइज एंड फॉल' के बारे में 'राइज एंड फॉल' सीजन 1 को अश्नीर ग्रोवर ने होस्ट किया था. यह अमेजन MX प्लेयर पर स्ट्रीम हुआ था और सोनी टीवी पर टेलीकास्ट हुआ था. खबरों के मुताबिक, दूसरा सीजन चैनल पर टेलीकास्ट नहीं होगा. इसके एपिसोड अमेजन प्राइम वीडियो और MX प्लेयर पर फ्री में स्ट्रीम होंगे. 'राइज एंड फॉल' सीजन 2 के एपिसोड हर दिन दोपहर 12 बजे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किए जाएंगे. पिछले सीजन के विनर अर्जुन बिजलानी थे. एक्टर ने 'राइज एंड फॉल' सीजन 1 के ग्रैंड फिनाले में आरुष भोला, अरबाज़ पटेल और आकृति नेगी को हराया था.

PM मोदी को क्यों पसंद है देव आनंद की ‘गाइड’? 15 साल की उम्र में देखी फिल्म ने छोड़ा गहरा असर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 76 साल के हो गए हैं. पीएम मोदी खुद कहते हैं कि वह फिल्मों के ज्यादा शौकीन नहीं हैं लेकिन एक फिल्म ऐसी है जिसने उन पर गहरा असर डाला है. वह कुछेक मौकों पर इस फिल्म का जिक्र भी कर चुके हैं. ऐसे में हम आपको उस फिल्म से जुड़ा पीएम मोदी का एक किस्सा बताने जा रहे हैं. पीएम मोदी को हिंदी फिल्मों के सदाबहार एक्टर देव आनंद साहब की क्लासिक फिल्म गाइड बहुत पसंद है. इस फिल्म में देव आनंद के साथ वहीदा रहमान ने काम किया है. खास बात यह है कि मोदी ने इस फिल्म को उस दौर में देखा था, जब उनकी उम्र महज 15 साल थी. बाद में उन्होंने बताया कि उस उम्र में देखी गई गाइड फिल्म ने उनके मन पर गहर असर डाला. गाइड फिल्म 1965 में रिलीज हुई थी. इसका डायरेक्शन विजय आनंद ने किया था और इसमें देव आनंद के साथ वहीदा रहमान मुख्य भूमिका में थीं. फिल्म की कहानी आरके. नारायण के 1958 में उपन्यास द गाइड पर आधारित थी. फिल्म की कहानी दरअसल राजू नाम के एक टूरिस्ट गाइड और रोजी के इर्द-गिर्द घूमती है. रोजी एक ऐसे विवाह में बंधी है जिसमें वह खुश नहीं है और आगे चलकर राजू की जिंदगी से जुड़ती है. फिल्म में व्यक्तिगत आजादी, रिश्ते, महत्वाकांक्षा, सामाजिक नजरिया और आध्यात्मिकता जैसे कई पहलू एक साथ सामने आते हैं. पीएम मोदी ने इस फिल्म से जुड़ी हुई जिस बात को सबसे ज्यादा याद किया. वह सिर्फ फिल्म की कहानी नहीं थी, बल्कि उसका मूल विचार था. उनके मुताबिक, गाइड का बुनियादी संदेश था कि हर व्यक्ति को मार्गदर्शन अपने अंतर्मन से ही मिलता है. वह खुद कहते हैं कि उन्होंने यह फिल्म उस समय देखी थी, जब उनकी उम्र ज्यादा नहीं थी. ऐसे में उन्होंने जब फिल्म के इस विचार को लेकर अपने दोस्तों से चर्चा की तो उस समय उनके दोस्तों ने उसे बहुत गंभीरता से नहीं लिया था. पीएम मोदी पर गाइड का असर सिर्फ उसके दार्शनिक विचार तक सीमित नहीं था. फिल्म में गांवों में सूखे और पानी की कमी जैसे सीन का उन पर असर हुआ यानी फिल्म में ग्रामीण भारत की वास्तविक समस्या का उन पर गहर असर हुआ. साल 2018 में लद्दाख के छात्रों का एक समूह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने उनके आवास पहुंचा था. बातचीत के दौरान एक छात्र ने उनसे पूछा कि वह किस तरह की फिल्में देखते हैं और उनकी पसंदीदा फिल्म कौन सी है? पीएम मोदी ने जवाब दिया कि उनके पास फिल्में देखने के लिए ज्यादा समय नहीं है लेकिन बचपन और युवावस्था में उन्होंने कुछ फिल्में देखी थीं जिनमें गाइड ने उनके मन में खास जगह बनाई. दिलचस्प बात यह है कि गाइड अपने समय की आम हिंदी फिल्मों से अलग थी. इसमें देव आनंद का किरदार राजू शुरुआत में एक टूरिस्ट गाइड है, लेकिन परिस्थितियां उसे ऐसी जगह ले जाती हैं जहां लोग उसे आध्यात्मिक व्यक्ति के रूप में देखने लगते हैं.  वहीं वहीदा रहमान की रोजी का किरदार भी उस दौर के सामाजिक ढांचे में एक महिला की अपनी इच्छा, पहचान और स्वतंत्रता की तलाश को सामने रखता है. फिल्म का यही सफर इसे केवल रोमांटिक कहानी से आगे ले जाता है. फिल्म गाइड का गाना आज फिर जीने की तमन्ना है और तेरे मेरे सपने जैसे गाने काफी पॉपुलर हुए थे और आज भी लोगों की जुबां पर हैं.  गाइड एक अंग्रेजी संस्करण भी बनाया गया था, जिसे टाड डेनियल्स्की ने निर्देशित किया था. पीएम मोदी ने कई मौकों पर देव आनंद की काफी सराहना भी की है. 26 सितंबर 2023 को देव आनंद की 100वीं जयंती पर मोदी ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वह एवरग्री आइकॉन थे. उनकी कहानी कहने की शैली और सिनेमा के प्रति उनका जुनून बेजोड़ था. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि देव आनंद की फिल्मों ने सिर्फ मनोरंजन नहीं किया, बल्कि बदलते समाज और भारत की आकांक्षाओं को भी सामने रखा.

दिशा सालियान के पिता ने भेजा 500 करोड़ का मानहानि नोटिस, सात दिन में मांगी माफी

फिल्म मैनेजर दिशा सालियान की मौत एक गुत्थी बन गई है. दिशा की मौत के केस में कई बड़े-बड़े नाम सामने आए हैं. अब दिशा के पिता सतीश सालियन ने आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है. हाल ही में सीबीआई ने सतीश सालियान की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया था. अब उन्होंने दोनों नेताओं को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है. नोटिस में दोनों के कुछ बयानों पर आपत्ति जताई गई है. सतीश सालियन ने माफी मांगने, बयान वापस लेने और 500 करोड़ का हर्जाना देने की मांग की है. इसके लिए सात दिन का समय दिया गया है. यह कानूनी नोटिस वकील अनुष्का सोनावणे के जरिए भेजा गया है. नोटिस में दोनों नेताओं से बिना शर्त, स्पष्ट और सार्वजनिक रूप से लिखित माफी मांगने को कहा गया है. माफी को सभी प्रमुख मीडिया संस्थानों में प्रकाशित कराने की मांग की गई है. इसके लिए प्रिंट मीडिया में ए4 आकार का विज्ञापन देने और राष्ट्रीय और राज्य स्तर के प्रमुख न्यूज चैनलों के साथ-साथ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कम से कम तीन मिनट का बिना शर्त वीडियो माफीनामा जारी करने को कहा गया है. दिशा के पिता की मांग नोटिस में कहा गया है कि आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख ने सतीश सालियान के बयानों और कानूनी कार्रवाई को लेकर झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक आरोप लगाए. सतीश का कहना है कि उनकी बेटी की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग को राजनीतिक मकसद से प्रेरित बताया गया. साथ ही यह भी कहा गया कि सीबीआई पहले ही दिशा सालियान मामले की जांच कर चुकी है और उन्हें क्लीन चिट दे चुकी है. नोटिस के मुताबिक, सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की स्वतंत्र जांच के लिए संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के तहत हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उनका दावा है कि याचिका में कई आरोपों, परिस्थितियों, विरोधाभासों और दस्तावेजी व इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को मेंशन किया गया था. नोटिस में कहा गया है कि आदित्य ठाकरे ने इस मामले की सुनवाई में हस्तक्षेप किया. उन्होंने केवल कानूनी पहलुओं पर सवाल नहीं उठाए, बल्कि सतीश सालियान की नीयत और उनकी विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने सतीश की कानूनी लड़ाई को राजनीतिक साजिश और उन्हें परेशान करने की कोशिश बताया. सतीश सालियान ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए कहा है कि इन्हें बिना किसी ठोस सबूत के लगाया गया. नोटिस में अनिल देशमुख के पिछले साल दिए गए उस बयान का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने सतीश की याचिका को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश बताया था. सतीश का कहना है कि देशमुख खुद इस मामले में निष्पक्ष व्यक्ति नहीं थे, इसलिए उनका बयान और भी गंभीर और दुर्भावनापूर्ण था. क्या दिशा की मौत हत्या थी? दिशा सालियान के पिता लंबे समय से अपनी बेटी की मौत को लेकर सवाल उठाते आ रहे हैं. 2025 में उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मामले की दोबारा जांच की मांग की. उनके वकील ने कोर्ट में  दावा किया कि दिशा के साथ पहले यौन हिंसा हुई और उसके बाद उनकी हत्या कर दी गई. ये भी आरोप लगाया गया कि मामले को दबाने के लिए प्रभावशाली लोगों और पुलिस अधिकारियों की भूमिका रही. इन आरोपों की पुष्टि अभी CBI की जांच का विषय है. दिशा सालियान की मौत की शुरुआती जांच मुंबई पुलिस ने की थी. पुलिस की जांच में उनकी मौत को आत्महत्या बताया गया था. मार्च 2025 में सामने आई मुंबई पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट में भी दिशा की मौत को आत्महत्या बताया गया था और उनकी मानसिक परेशानी का जिक्र किया गया था. यानी अब CBI के सामने सबसे अहम सवाल यही है कि क्या पुराने निष्कर्षों से अलग कोई नया और ठोस सबूत सामने आता है.

‘द वन’ का रहस्यमयी मंदिर असल में बिहार का वन देवी मंदिर, 400 साल पुरानी हैं मान्यताएं

सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ का ट्रेलर रिलीज होते ही दर्शकों के बीच एक्साइटमेंट बढ़ गई है. घने जंगल, रहस्यमयी शक्तियां और एक ऐसा मंदिर, जहां सूर्यास्त के बाद जाने की मनाही है. ट्रेलर के इन दृश्यों ने फिल्म की कहानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए. अब मेकर्स ने साफ किया है कि फिल्म में दिखाया गया मंदिर बिहार के पटना जिले के बिहटा के पास स्थित प्रसिद्ध वन देवी मंदिर से प्रेरित है. बिहटा के आनंदपुर इलाके में स्थित मां वन देवी मंदिर को करीब 350 से 400 साल पुराना माना जाता है. ये मंदिर घने जंगलों और ग्रामीण परिवेश के बीच स्थित है. स्थानीय लोगों के बीच इस मंदिर को लेकर कई लोककथाएं और मान्यताएं प्रचलित हैं. कुछ लोगों का मानना है कि पुराने समय में यह पूरा क्षेत्र घने वन से घिरा हुआ था, इसलिए यहां विराजमान देवी को ‘वन देवी’ कहा जाने लगा. एक लोककथा के अनुसार, किसी साधक को सपने में देवी के दर्शन हुए थे. देवी के निर्देश पर जब उस स्थान की खुदाई की गई, तो वहां से देवी की प्रतिमा या पवित्र निशान मिलने की बात कही जाती है. इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर मंदिर का निर्माण कराया. हालांकि इन कथाओं का कोई आधिकारिक ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है, लेकिन स्थानीय आस्था में इनका खास महत्व है. 'वन देवी' मंदिर से जुड़ी सबसे रहस्यमयी मान्यता सूर्यास्त के बाद मंदिर परिसर में प्रवेश को लेकर है. कहा जाता है कि शाम होते ही मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पुजारी भी वहां से चले जाते हैं. रात के समय मंदिर और आसपास के जंगल में किसी को रुकने की अनुमति नहीं होती. स्थानीय लोग मानते हैं कि सूर्यास्त के बाद वन देवी जंगल में विचरण करती हैं. यही लोकविश्वास ‘द वन’ की कहानी का सबसे अहम आधार बना है. फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा का किरदार इस प्रतिबंधित इलाके में प्रवेश करता दिखाई देता है. इसके बाद शुरू होता है रहस्य, डर और अलौकिक शक्तियों से सामना. हालांकि फिल्म लोककथा से प्रेरित है, लेकिन इसकी कहानी को सिनेमाई रूप दिया गया है. मेकर्स ने ग्रामीणों से की बातचीत फिल्म के निर्माता अरुणाभ कुमार ने बताया कि उन्हें इस कहानी का विचार पटना के पास स्थित वन देवी मंदिर जाने के बाद आया. उन्होंने स्थानीय लोगों, पुजारियों और ग्रामीणों से मंदिर की परंपराओं और उससे जुड़ी पुरानी कहानियों के बारे में बातचीत की. निर्देशक दीपक मिश्रा ने इस लोकविश्वास को एक बड़े सिनेमाई अनुभव में बदलने के लिए स्पेशल इफेक्ट्स और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया है. ये भी कहा जा रहा है कि द वन का ट्रेलर रिलीज होने के बाद वन देवी मंदिर को लेकर चर्चा तेज हो गई है. अब पहले से ज्यादा श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए जाने लगे हैं. इस तरह ‘द वन’ केवल एक हॉरर या फैंटेसी फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय लोककथाओं, आस्था और जंगल से जुड़े रहस्यों को बड़े पर्दे पर पेश करने की कोशिश है. फिल्म 25 सितंबर को रिलीज होने वाली है. बता दें कि फिल्म में ना सिर्फ  वन देवी मंदिर की कहानी देखने को मिलेगी, बल्कि पर्दे पर पहली बार महापर्व छठ को भी दिखाया जाएगा.

Bigg Boss 20 में माही विज-आम्रपाली दुबे की भिड़ंत, भोजपुरी पहचान पर कमेंट से गरमाया माहौल

बिग बॉस 20' के घर में कंटेस्टेंट्स के बीच दोस्ती और तकरार का सिलसिला लगातार देखने के लिए मिल रहा है। शो में माही विज और आम्रपाली दुबे के बीच पहले से चल रहा तनाव अब एक बार फिर खुलकर सामने आया है। इस बार दोनों के बीच विवाद की शुरुआत किचन में चिकन बनाने को लेकर हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों ने एक-दूसरे पर तीखे कमेंट करने शुरू कर दिए।बहस के दौरान माही ने आम्रपाली की भोजपुरी पहचान को लेकर कुछ बातें कह दी। इसके बाद घर का माहौल काफी गरमा गया और दोनों की नाराजगी साफ नजर आई। माही का दखल देना आम्रपाली को पसंद नहीं आया दरअसल, 'बिग बॉस' के घर में खाना बनाने की जिम्मेदारी को लेकर अक्सर कंटेस्टेंट्स के बीच बहस देखने को मिलती है। हालिया घटना भी किचन से ही शुरू हुई। आम्रपाली दुबेकुकिंग कर रही थीं। इसी दौरान माही विज आईं और कुछ सवाल करने लगीं। खाना बनाने के दौरान माही का दखल देना आम्रपाली को पसंद नहीं आया और उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। आम्रपाली ने दिया माही को जवाब आम्रपाली का कहना था कि अगर वह किचन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं तो उन्हें अपने तरीके से खाना बनाने दिया जाना चाहिए। उन्हें यह बात भी खटकी कि माही खुद खाना नहीं बनाती, लेकिन कुकिंग के तरीके पर लगातार सवाल उठा रही हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस बढ़ती गई और बातचीत तीखे शब्दों तक पहुंच गई। माही विज ने कहा- मेरे घर पर कुक है विवाद के बाद माही विज काफी गुस्से में नजर आईं। वह घर के दूसरे सदस्यों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करती दिखीं और इस दौरान रो भी पड़ी। माही ने अपने घर में कुक होने की बात करते हुए कहा, 'मुझे नहीं आता खाना बनाना। मेरे घर पर कुक है। मैंने कुक रखने के लिए बहुत मेहनत की है।' मुझे नहीं आता खाना बनाना। मेरे घर पर कुक है। मैंने कुक रखने के लिए बहुत मेहनत की है। 'मेरी जूती, मैं उन्हें दो मिनट में खत्म कर दूं' इसके बाद माही ने अपने खिलाफ हो रही बातों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'वे बहुत घटिया हैं। मेरी जूती, मैं उन्हें दो मिनट में खत्म कर दूंगी।' मामला यहीं नहीं रुका। बहस के दौरान माही ने कहा, 'थूकते होंगे भोजपुरी के लोग इस पर।' माही बोलीं- तुम मेरे लिए मायने ही नहीं रखतीं वहीं, आम्रपाली ने भी माही को जवाब देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। किचन में उन्होंने माही से खाना बनाते समय वहां से दूर रहने को कहा। इस पर माही ने जवाब दिया, 'तुम मेरे लिए मायने ही नहीं रखतीं।' इसके बाद आम्रपाली ने माही की कुकिंग को लेकर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब माही खाना बनाती हैं तो 16 लोगों के लिए भी खाना पूरा नहीं पड़ता।  

‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा कायम, 40वें दिन भी कमाए 8.25 करोड़

हनुमान अंश’ की कमाई देखकर ऐसा लग रहा है कि फिल्म अभी थिएटर छोड़ने के मूड में नहीं है. आमतौर पर रिलीज के 40 दिन बाद फिल्मों के शो और कमाई दोनों काफी कम हो जाते हैं, लेकिन यहां कहानी कुछ और ही है. फिल्म ने 40वें दिन भी करोड़ों रुपये की कमाई कर अपनी पकड़ बनाए रखी है. इतना ही नहीं, फिल्म 200 करोड़ का आंकड़ा भी काफी पीछे छोड़ चुकी है. अब जानते हैं फिल्म का टोटल कलेक्शन कहां पहुंच गया है. हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, फोटो- Sacnilk इंडस्ट्री ट्रैकर सैकनिल्क के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ ने 40वें दिन भारत में 8.25 करोड़ रुपये नेट कमाए हैं. इस दिन फिल्म के देशभर में 9,175 शो चले थे. 40वें दिन 8 करोड़ से ज्यादा की कमाई अपने आप में बड़ी बात है, क्योंकि इस समय तक ज्यादातर फिल्मों की कमाई काफी नीचे आ जाती है. फिल्म की इस कमाई के बाद इसका इंडिया नेट कलेक्शन 231.13 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 272.90 करोड़ रुपये पहुंच गया है. दुनिया भर में 250 करोड़ के पार पहुंची फिल्म भारत के अलावा विदेशों में भी ‘हनुमान अंश’ को दर्शक मिल रहे हैं. फिल्म ने अब तक ओवरसीज में 18.50 करोड़ रुपये कमाए हैं. इसके बाद फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 291.40 करोड़ रुपये हो गया है. यानी करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने अब तक कमाई का बहुत बड़ा आंकड़ा पार कर लिया है. ‘धुरंधर’ और ‘पठान’ से भी आगे निकली ‘हनुमान अंश’ ‘हनुमान अंश’ की 40वें दिन की कमाई की तुलना कुछ बड़ी फिल्मों से भी की जा रही है. ‘धुरंधर’ ने 40वें दिन 2.60 करोड़ रुपये, जबकि ‘पठान’ ने 2.55 करोड़ रुपये कमाए थे. वहीं ‘छावा’ ने 40वें दिन 1.40 करोड़ रुपये और ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ ने 1.38 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. इन आंकड़ों को देखें तो 40वें दिन ‘हनुमान अंश’ की 8.25 करोड़ रुपये की कमाई काफी ज्यादा है. सिर्फ 10 लाख से हुई थी शुरुआत सबसे दिलचस्प बात फिल्म की शुरुआत है. ‘हनुमान अंश’ ने भारत में सिर्फ 10 लाख रुपये की ओपनिंग की थी. बताया जा रहा है कि फिल्म करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी है. शुरुआत में शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि इतनी कम ओपनिंग वाली फिल्म आगे चलकर 200 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा लेगी. लेकिन धीरे-धीरे दर्शकों की संख्या बढ़ती गई और फिल्म की कमाई भी ऊपर जाती रही. नीब करौरी बाबा की कहानी ने पकड़ी दर्शकों की नजर ‘हनुमान अंश’ की कहानी नीब करौरी बाबा की जिंदगी के एक हिस्से पर आधारित है. फिल्म में शोभिनव सत्या ने लक्ष्मण दास यानी नीब करौरी बाबा का किरदार निभाया है. वहीं चंदन आनंद भी अहम भूमिका में नजर आए हैं. फिल्म का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है. फिल्म की कहानी भक्ति से जुड़ी है और माना जा रहा है कि यही इसकी लंबी थिएट्रिकल रन की एक बड़ी वजह है. फिल्म को लेकर लोगों के बीच बात आगे बढ़ी और धीरे-धीरे नए दर्शक इसे देखने थिएटर पहुंचते रहे. ‘मिर्जापुर द मूवी’ और ‘हैवान’ के बीच भी जारी है कमाई अब थिएटर में नई फिल्मों की एंट्री हो चुकी है. ‘मिर्जापुर द मूवी’ और ‘हैवान’ जैसी फिल्मों के बीच भी ‘हनुमान अंश’ की कमाई जारी है. फिल्म का हिंदी थिएट्रिकल रन काफी लंबा रहा है. अब फिल्म 11 सितंबर को दुनियाभर में रिलीज हो चुकी है. ऐसे में आने वाले दिनों में इसकी कमाई कहां तक पहुंचती है, यह देखना बाकी है.