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सीटें कम, दावेदार ज्यादा: महाराष्ट्र BJP की बैठक में नामों पर गहन चर्चा, लिस्ट पहुंची दिल्ली

नई दिल्ली/मुंबई देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। इन सीटों के लिए रेस जारी है और उन दलों में मंथन भी तेज है, जो सीटें जीतने की स्थिति में हैं। फिलहाल महाराष्ट्र में भी हलचल तेज है, जहां भाजपा बीते कई सालों से लगातार अपनी पकड़ मजबूत बना रही है। 2024 के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा दल बनी भाजपा में दावेदारों की कमी नहीं है, लेकिन उसके पास 4 सीटें ही फिलहाल जीतने का मौका है। राज्य में 7 सीटों पर राज्यसभा इलेक्शन होना है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि इन चार में से एक सीट पर रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया के नेता रामदास आठवले का चुना जाना लगभग तय है। अब बची एक सीट, जिसे लेकर भाजपा में दावेदारों की भरमार हैं। इसी को लेकर मंगलवार को देर रात मीटिंग चली। मुंबई में हुई इस बैठक में कई सीनियर नेता मौजूद थे। सीएम देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण समेत कुल 12 नेता मीटिंग में थे। इस दौरान कई नामों पर चर्चा हुई, लेकिन राज्य स्तर से किसी भी नाम पर सहमति नहीं बनी है। इसके चलते कई नाम केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष विचार के लिए दिल्ली भेजे गए हैं। इन नामों पर मंथन के लिए घंटों बैठक चली। भाजपा सूत्रों का कहना है कि रामदास आठवले का नाम तय माना जा रहा है। उनके अलावा एक सीट के लिए जिन नामों पर चर्चा हुई, उनमें विनोद तावड़े, रावसाहब दानवे, प्रीतम मुंडे, विजय राहटकर और भागवत कराड़ शामिल हैं। पार्टी सूत्रों ने कहा कि नेतृत्व चाहता है कि किसी ऐसे नेता को मौका दिया जाए, जो अनुभव भी हो और क्षेत्रीय एवं सामुदायिक प्रतिनिधित्व भी हो सके। सूत्रों ने कहा कि इस मीटिंग में सभी ने खुलकर बात की और अपनी ओर से जिन नामों के बारे में वे सोच रहे थे, उनका प्रस्ताव रखा। अब इन नामों को दिल्ली भेजा गया है। जल्दी ही नामों की सूची पर विचार करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण दिल्ली जाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात करेंगे। अंत में केंद्रीय नेतृत्व की ओर से ही फैसला लिया जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा की लीडरशिप चाहती है कि राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम 28 फरवरी तक फाइनल कर दिए जाएं। किन नेताओं के तय माने जा रहे हैं नाम, अब दिल्ली में चर्चा होगी दरअसल महाराष्ट्र भाजपा में ऐसे कई नेता हैं, जो राज्य सरकार में शामिल नहीं हैं। ऐसे में वे चाहते हैं कि उन्हें राज्यसभा ही भेज दिया जाए। भाजपा सूत्रों का कहना है कि विनोद तावड़े का राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है। इसके अलावा प्रीतम मुंडे की दावेदारी पर भी विचार चल रहा है। वहीं अजित पवार की एनसीपी की ओर से पार्थ पवार को भेजा जा सकता है और उनकी मां सुनेत्रा पवार अब राज्य में ही डिप्टी सीएम का पद संभालेंगी। इस तरह अजित पवार फैमिली ही मुंबई से दिल्ली तक की राजनीति का कंट्रोल अपने पास रखेगी।  

बीजेपी विधायक का बयान- सिंगरौली में पेड़ कटाई से कोई नुकसान नहीं, कांग्रेस MLA ने उठाया मुद्दा

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज बुधवार को आठवां दिन है। सिंगरौली में अदानी समूह की कोल माइंस के लिए पेड़ कटाई के मामले पर भाजपा विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि पेड़ कटाई से सिंगरौली का एक पैसे का नुकसान नहीं होगा।उन्होंने कहा कि कोल माइंस के लिए पेड़ काटना जरूरी है, क्योंकि बिना कोयले के बिजली और बिना बिजली के पानी संभव नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि पेड़ कटाई के बजाय विस्थापन और मुआवजे के मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। सिंगरौली के प्रदूषण पर उन्होंने कहा कि वे वहीं के निवासी हैं और असली समस्या जमीन, विस्थापन और मुआवजे की है, जिस पर सरकार काम कर रही है।अदानी को खदान मिलने पर उन्होंने कहा कि खदान नीलामी प्रक्रिया से मिलती है और अदानी के अलावा एस्सार, जेपी और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड जैसी कंपनियां भी वहां काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जहां उद्योग होगा, वहां प्रदूषण होगा, लेकिन उसके रोकथाम के लिए सरकार प्रयास कर रही है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस मामले को लेकर गंभीर हैं।इधर, चुरहट से कांग्रेस विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल और पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह प्रदेश में निराश्रित जानवरों से किसानों की फसलें नष्ट होने और सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित होने और एक्सीडेंट का मामला ध्यानाकर्षण के जरिए उठाएंगे। जबलपुर उत्तर पूर्व से बीजेपी विधायक अभिलाष पांडेय प्रदेश में बढ़ती आगजनी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए फायर सेफ्टी कानून और नियमित ऑडिट की व्यवस्था न होने का मामला ध्यानाकर्षण के जरिए उठाएंगे।वहीं, विधानसभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल राय और मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री तेजीराम सरयाम को श्रद्धांजलि दी जाएगी। निराश्रित पशुओं से फसल नुकसान और यातायात बाधा का मुद्दा उठा विधायक अजय अर्जुन सिंह ने प्रदेश में निराश्रित पशुओं के कारण किसानों की फसलें नष्ट होने और सड़कों पर यातायात बाधित होने से उत्पन्न गंभीर स्थिति की ओर पशुपालन मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के चलते किसानों को न तो मुआवजा मिल पा रहा है और न ही समस्या का स्थायी समाधान हो रहा है। इस पर पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम द्वारा आवारा पशुओं को पकड़ा गया है तथा संबंधित पशुपालकों पर जुर्माना भी लगाया गया है। वन भूमि अतिक्रमण और बाहरी मजदूरों पर विधानसभा में हंगामा सरोज विकासखंड में बाहरी मजदूरों से काम कराए जाने और वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर विधानसभा में तीखी बहस देखने को मिली। विधायक उमाकांत शर्मा ने आरोप लगाया कि सरोज विकासखंड में स्थानीय मजदूरों की अनदेखी कर बाहर के मजदूरों से कार्य कराया गया, जिसमें अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित समिति में उन्हें भी शामिल किया जाए। शर्मा ने कहा कि लटेरी और सिरोंज क्षेत्र में वन भूमि पर कब्जा कर खेती की जा रही है, लेकिन अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंत्री को आवेदन दिया गया था और एक ऑडियो क्लिप भी उपलब्ध कराई गई है, जिसमें वनरक्षक, डिप्टी रेंजर और ठेकेदार के बीच बातचीत सामने आई है। उनका आरोप है कि ऐसे मामलों से सरकार की छवि धूमिल हो रही है और कुछ अधिकारी सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर मंत्री के जवाब को गोलमोल बताते हुए कहा कि दो दिन पहले उमरिया जिले में शेर के शिकार के मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारण वे रिहा हो गए। इस पर मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि जहां स्थानीय स्तर पर मजदूर उपलब्ध नहीं होते, वहां बाहर से मजदूर बुलाना आवश्यक हो जाता है। पौधों के मूल्यांकन के लिए बाहरी संस्थाओं की सेवाएं ली जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। श्रमिकों के भुगतान पर विधानसभा में घमासान वनमंडल विदिशा में पौधरोपण कार्य और श्रमिकों के भुगतान को लेकर विधानसभा में सवाल उठा। बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने श्रमिकों के भुगतान संबंधी जानकारी मांगी, लेकिन वन विभाग ने बैंक खातों के नंबर साझा करने से इंकार कर दिया। विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा कि भुगतान का पूरा विवरण नहीं दिया गया और बैंक खाते की जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर बाहरी मजदूरों को काम करते देखा गया है। उन्होंने मामले की प्रदेश स्तरीय टीम से जांच कराने की मांग की। इस पर वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने जवाब देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के बैंक खाते की जानकारी सार्वजनिक करने की एक मर्यादा होती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि व्यक्तिगत तौर पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। प्रश्नकाल में जजों की सुरक्षा पर गरमाई बहस, हर मजिस्ट्रेट को गनमैन देने की मांग विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान जजों की सुरक्षा का मुद्दा गूंजा। भाजपा विधायक हरिशंकर खटीक ने हर न्यायिक मजिस्ट्रेट को एक-एक गनमैन उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। इस पर मंत्री गौतम टेटवाल ने जवाब देते हुए कहा कि जजों को आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। यदि कोई विशेष परिस्थिति उत्पन्न होती है तो स्थानीय स्तर पर पुलिस अधीक्षक (SP) सुरक्षा को लेकर निर्णय लेते हैं। इसके अलावा आवेदन प्राप्त होने पर राज्य सुरक्षा समिति द्वारा समीक्षा कर आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। विधायक हरिशंकर खटीक ने पुनः मांग दोहराते हुए कहा कि प्रत्येक न्यायिक मजिस्ट्रेट को अनिवार्य रूप से एक-एक गनमैन दिया जाना चाहिए। सहारा समूह से जुड़े मामलों को लेकर घमासान विधानसभा के प्रश्नकाल में सहारा समूह से जुड़े मामलों और निवेशकों की धनवापसी का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। जयवर्धन सिंह ने सरकार से सहारा इंडिया कंपनी के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों और निवेशकों की राशि वापसी पर विस्तृत जानकारी मांगी, जबकि मंत्री शिवाजी पटेल ने विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट की। सहारा समूह पर एफआईआर को लेकर सवाल प्रश्नकाल के दौरान जयवर्धन सिंह ने वर्ष 2020 से अब तक सहारा इंडिया के … Read more

यूथ कांग्रेस पर कार्रवाई से सियासत गरम, राहुल गांधी ने कहा— ‘हम डरने वाले नहीं’

नई दिल्ली एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान 20 फरवरी को भारत मंडपम में हुए विरोध प्रदर्शन के मामल में दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत कुल 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पुलिसिया कार्रवाई की आलोचना की है और भारतीय युवा कांग्रेस के साथ एकजुटता जताई है। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने युवा कांग्रेस के सदस्यों को निडर बताया और उनके शांतिपूर्ण विरोध की सराहना की है। एक्स पर राहुल गांधी ने लिखा कि शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है। मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने ‘COMPROMISED PM’ के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज उठाई है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील में देश के हितों से समझौता किया गया है। यह समझौता हमारे किसानों और टेक्सटाइल उद्योग को नुकसान पहुंचाएगा तथा हमारे डेटा को अमेरिका के हाथों में सौंप देगा। इस सच्चाई को देश के सामने रखने के लिए युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब और IYC के अन्य साथियों की गिरफ्तारी तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता का प्रमाण है। कांग्रेस पार्टी और मैं अपने बब्बर शेर साथियों के साथ मजबूती से खड़े हैं। सत्ता को सच का आईना दिखाना अपराध नहीं, बल्कि देशभक्ति है। राहुल गांधी ने कहा कि डरो मत, सच और संविधान हमारे साथ हैं। क्या बोले मल्लिकार्जुन खरगे? दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि युवा आज नौकरी के लिए तड़प रहे हैं और देश का माहौल इतना खराब हो चुका है, उसके कारण मोदी जी के प्रति लोगों में भारी रोष है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने घुटने टेक दिए तथा उनकी सारी शर्तों को मान लिया, जिससे पूरा देश शर्मिंदा हो गया। खरगे ने कहा कि जो काम हमारे किसानों की भलाई और मदद के लिए किया जाना चाहिए था, उसकी बजाय किसानों का नुकसान करने की बातचीत की गई। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इससे यह भी साफ हो गया कि लोग समझते थे कि मोदी जी देश के हित में ट्रंप से बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत में ट्रंप हमें गुलाम बना रहा है और हमें बंधुआ मजदूर बनाने की दिशा में धकेला जा रहा है। यह काम मोदी जी कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस डरने वाली नहीं है और न ही डरपोक है। खरगे ने दावा किया कि मोदी साहब खुद डरपोक हैं। डर के कारण वह संसद में आकर अपनी नीतियों का बचाव भी नहीं कर पाते। इसलिए वह हमें डराने की कोशिश कर रहे हैं, हमारे युवाओं को, हमारे युवा नेताओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं। यह नहीं चलेगा। मैं इसकी निंदा करता हूं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हमारे देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जो भी त्याग करना पड़ेगा, हम करेंगे। हम लड़ते रहेंगे और देश को गिरवी रखने वाले लोगों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे।  

राज्यसभा का सियासी खेल: सुनेत्रा पवार आउट, पार्थ इन; BJP के दांव से बदलेगा गणित

मुंबई महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। महायुति की सरकार में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने इस संबंध में अपने उम्मीदवार को लेकर बड़ा फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार,सोमवार की रात प्रफुल्ल पटेल के आवास पर पार्टी की कोर कमेटी की हुई बैठक में पार्थ पवार को राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने पर सहमति बनी है। इस अहम बैठक मुंबई में प्रफुल्ल पटेल के अलावा उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। सूत्रों ने बताया कि बैठक में केवल राज्यसभा उम्मीदवार ही नहीं, बल्कि पार्टी की आगामी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। 26 फरवरी को होने वाली इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर मुहर लग सकती है, जहां सुनेत्रा पवार का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। यह बैठक मुंबई के वर्ली डोम में आयोजित होने की संभावना है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। ABP माझा के मुताबिक, इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवास पर मंगलवार की रात करीब 10 बजे कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है। पार्टी इस बार राज्यसभा की चार सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। इनमें रामदास अठावले का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि विनोद तावड़े, विजया रहाटकर और धैर्यशील पाटिल के नामों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। महाराष्ट्र में इस बार राज्यसभा की 7 सीटें खाली हैं और 286 विधायकों के आधार पर एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 वोटों की जरूरत होगी। आंकड़ों के अनुसार, सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के पास स्पष्ट बढ़त है। अकेले BJP के पास एक निर्दलीय को मिलाकर कुल (131+1) यानी 132 विधायकों का समर्थन है, जिससे वह 3 से 4 सांसद आसानी से भेज सकती है। वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) अपने 58 विधायकों के साथ एक सीट सुरक्षित कर सकती है, जबकि NCP (अजित पवार गुट) भी एक सीट जीतने की स्थिति में है क्योंकि अजित पवार की मौत के बाद उसके पास 40 विधायक हैं। इसके मुकाबले महाविकास अघाड़ी (MVA), जिसमें कांग्रेस, NCP (शरद पवार गुट) और शिवसेना (ठाकरे गुट) शामिल हैं, के पास कुल मिलाकर लगभग 49 विधायकों का समर्थन है। इस संख्या के आधार पर MVA केवल एक सीट ही सुरक्षित कर सकती है। राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से महायुति गठबंधन 6 सीटों पर मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है, जबकि विपक्षी गठबंधन को सीमित सफलता मिलने की संभावना है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव 2026 में सत्ता पक्ष का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन और अंतिम रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं।

राहुल गांधी से रबी और खरीफ फसल का अंतर समझने की अपील, सीएम मोहन यादव ने नेता प्रतिपक्ष को किया घेराव

भोपाल  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज भोपाल में हैं। वे भारत अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस द्वारा आयोजित किसान चौपाल में शिरकत कर रहे हैं। कार्यक्रम में ​शामिल होने प्रदेशभर से हजारों किसाए आए हैं। कांग्रेस की किसान चौपाल की गूंज विधानसभा में भी सुनाई दी। सीएम मोहन यादव ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरा। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी Rahul Gandhi की कृषि संबंधी समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे बताएं कि रबी और खरीफ की फसल क्या होती है! सीएम मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी को फसल उत्पादन में बढ़ोत्तरी करने का सुझाव देना चाहिए। मध्यप्रदेश में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। मंगलवार को सत्र का सातवां दिन है। सदन में प्रदेश के आगामी वित्त वर्ष के बजट की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई। कुछ अन्य मामलों में चर्चा के बाद सदन की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दलहन, तिलहन फसल उत्पादन में बढ़ोत्तरी का सुझाव दें विधानसभा में राजधानी भोपाल में आयोजित कांग्रेस की किसान चौपाल का भी जिक्र हुआ। इस कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए हैं। विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भोपाल आ रहे हैं, उनका स्वागत है… यदि वह चौपाल में किसानों की बात करें तो अच्छा है। सीएम मोहन यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की खेती किसानी के संबंध में जमीनी जानकारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रबी और खरीफ की फसल क्या होती है, राहुल गांधी यह बताएं! दलहन, तिलहन में कौन-कौन सी फसल हो…उनका उत्पादन किस प्रकार बढ़ाएं…यह सुझाव दें। सीएम ने राहुल गांधी से दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के उपाय सुझाने की भी अपेक्षा की। विधानसभा भवन के बाहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य सरकार द्वारा लिए किए अहम फैसलों की भी जानकारी दी। उन्होंने दलहन, तिलहनों के उत्पादन और नीतियों के बारे में विस्तार से बताया। भोपाल में मोदी सरकार पर जमकर बरसे राहुल गांधी भोपाल के 'किसान महा चौपाल' में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हमला किया. उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों तक, प्रधानमंत्री मोदी को सीधे कटघरे में खड़ा किया. राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब का हवाला देते हुए दावा किया कि जब चीन की सेना भारतीय सीमा में घुस रही थी, तब सरकार ने सेना को उसके हाल पर छोड़ दिया था. राहुल गांधी ने कहा, "नरवणे जी ने अपनी किताब में साफ लिखा है कि जब चीन के टैंक हिंदुस्तान के अंदर आ रहे थे, तब उन्होंने रक्षा मंत्री, एनएसए और विदेश मंत्री को फोन किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया. 2 घंटे बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि जो उचित लगे वो करो. उस वक्त प्रधानमंत्री सेना प्रमुख से बात करने के बजाय अपने कमरे में छिपे थे." राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में उनका भाषण खत्म होते ही पीएम मोदी सदन से भाग गए और उसी शाम राष्ट्रपति ट्रंप को फोन कर उस व्यापारिक समझौते (India-US Trade Deal) पर सहमति दे दी जो 4 महीने से रुका हुआ था. राहुल ने आरोप लगाया कि इस डील से अमेरिका की बड़ी कंपनियां भारत में सोया, कपास और दालें बेच सकेंगी, जिससे भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि भारत को हर साल अमेरिका से 9 लाख करोड़ रुपये का माल खरीदना होगा, जिससे हमारी टेक्सटाइल इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी. इतना ही नहीं राहुल ने आरोप लगाया कि यह सब दबाव में किया गया क्योंकि मोदी 'कंप्रोमाइज्ड' हैं. राहुल गांधी ने कहा,  'हिंदुस्तान के पास दुनिया में सबसे ज़्यादा डेटा है. ⁠दूसरे नंबर पर चाइना है. ⁠आपके डेटा के बिना अमेरिका चाइना का मुक़ाबला नहीं कर सकता है.'  'एपस्टीन फाइल्स' का जिक्र राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका में “एपस्टीन फाइल्स” से जुड़े लाखों दस्तावेज अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम दबाव बनाने के लिए उजागर किया गया. उन्होंने उद्योगपति अनिल अंबानी और गौतम अडाणी का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को अपने संबंध स्पष्ट करने चाहिए. राहुल ने आरोप लगाया कि अडाणी समूह पर अमेरिका में आपराधिक मामले चल रहे हैं और इस पूरे प्रकरण का असली निशाना प्रधानमंत्री हैं, न कि अडाणी. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में 'एपस्टीन फाइल्स' (Epstein Files) के रिलीज होने से सरकार दबाव में है. राहुल ने चुनौती देते हुए कहा, "मैं मोदी जी को चुनौती देता हूं कि अगर आपमें दम है तो अमेरिका के साथ इस जनविरोधी डील को रद्द करके दिखाएं." रैली में राहुल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया और कहा कि “देश के किसान और युवा दबाव में लिए गए फैसलों को स्वीकार नहीं करेंगे.” भोपाल की इस रैली ने आने वाले राजनीतिक महीनों में केंद्र और कांग्रेस के बीच टकराव को और तेज करने के संकेत दे दिए हैं.

दीदी का बड़ा दांव! चुनाव से पहले BJP सांसद को सम्मान देकर क्या साधना चाहती हैं ममता बनर्जी

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली 25 विशिष्ट हस्तियों को राज्य के नागरिक पुरस्कारों से सम्मानित किया है। 'अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस' के अवसर पर शनिवार को कोलकाता के देशप्रिय पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम में इन हस्तियों को सम्मानित किया गया। ये सम्मान कला, संस्कृति, साहित्य, लोक प्रशासन और पब्लिक सर्विस में खास योगदान के लिए दिए जाते हैं। इस मौके पर सभी हस्तियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न भेंट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं आप सभी के प्रति अपना सर्वोच्च सम्मान प्रकट करती हूं और आपको बधाई देती हूं।" कौन हैं नगेन रॉय? अप्रैल में संभावित विधानसभा चुनावों से पहले मातृभाषा दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बंग विभूषण’ नगेन रॉय को दिया गया है, जिससे सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। दरअसल, नगेन रॉय जिन्हें उनके समुदाय में अनंता महाराज के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद हैं। 2023 में ही भाजपा ने उन्हें उच्च सदन के लिए नामित किया था। इस सम्मान को ममता बनर्जी द्वारा स्वयं प्रदान किया गया, जिसमें उन्हें अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान के जरिए क्या सियासी संदेश? यह सम्मान ऐसे समय में दिया गया है जब राज्य में अप्रैल-मई के दौरान विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में एक विपक्षी दल के सांसद को सम्मानित करना राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। खासकर इसलिए भी क्योंकि नगेन रॉय राजबंशी समुदाय के प्रभावशाली नेता हैं, जिसका उत्तर बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव है। यह वही क्षेत्र जहां हाल के चुनावों में भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन किया है और तृणमूल कांग्रेस को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। ममता ने सम्मान देते हुए क्या कहा? सम्मान समारोह में बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि नगेन रॉय को यह सम्मान राजबंशी भाषा और संस्कृति के संरक्षण में उनके योगदान के लिए दिया गया है और उम्मीद जताई कि वे आगे भी समाज के लिए काम करते रहेंगे। वहीं, नगेन रॉय ने इस सम्मान पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि उन्होंने कभी इसकी कल्पना भी नहीं की थी। राजनीतिक अटकलों के बीच जब उनसे दल बदल की संभावना पर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि वे किसी पार्टी में शामिल नहीं हो रहे हैं और राजनीति में उनकी दिलचस्पी सीमित है। राजबंशी समुदाय में उनकी पकड़ मजबूत नगेन रॉय लंबे समय से ‘ग्रेटर कूच बिहार’ राज्य की मांग से जुड़े रहे हैं और राजबंशी समुदाय में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस समुदाय का वोट काफी हद तक उनके रुख से प्रभावित होता है। इस सम्मान के समय को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस पिछले 15 वर्षों से सत्ता में है, जबकि भाजपा राज्य में उसकी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरी है। उत्तर बंगाल में राजबंशी समुदाय का प्रभाव निर्णायक माना जाता है, ऐसे में नगेन रॉय को दिया गया यह सम्मान चुनावी रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। पहले टीएमसी के करीब माने जाते थे गौरतलब है कि नगेन रॉय पहले तृणमूल कांग्रेस के करीब माने जाते थे, लेकिन बाद में भाजपा के साथ जुड़े। हाल ही में उन्होंने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर भी असंतोष जताया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे अपने समुदाय के मुद्दों पर खुलकर बोलते रहे हैं। नगेन रॉय के अलावा राज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बंग विभूषण' चित्रकार गणेश हलुई, गायक शिवाजी चट्टोपाध्याय, श्रीराधा बंद्योपाध्याय, नचिकेता चक्रवर्ती, लोपामुद्रा मित्रा, बाबुल सुप्रियो, इमान चक्रवर्ती और कवि श्रीजतो बंद्योपाध्याय को प्रदान किया गया। राज्य का एक अन्य प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान 'बंग भूषण' गायक मनोमय भट्टाचार्य, राघव चट्टोपाध्याय, रूपंकर बागची, अदिति मुंशी, बाउल कलाकार कार्तिक दास बाउल, गायक विवेक कुमार और अभिनेता परमब्रत चट्टोपाध्याय सहित अन्य हस्तियों को प्रदान किया गया।

राहुल गांधी का अनोखा अंदाज: ‘मोहम्मद दीपक’ से बातचीत, फिटनेस को लेकर किया दिलचस्प वादा

देहरादून/दिल्ली उत्तराखंड के कोटद्वार में 'मोहम्मद दीपक' से देशभर में चर्चा बटोरने वाले दीपक कुमार ने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की है। राहुल गांधी ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं। मुलाकात पर अपनी एफबी पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, "हर इंसान, एक समान यही है भारतीयता, यही है मोहब्बत की दुकान। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद दीपक कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें साथ देने का भरोसा दिया है। साथ ही कोटद्वार आकर उनके जिम की मेंबरशिप लेने का वादा भी किया है। बीते 26 जनवरी को कोटद्वार में मुस्लिम बुजुर्ग की दुकान के बाबा नाम को लेकर विवाद उठा था। हिंदू संगठन बजरंग दल ने नाम आपत्ति जताई थी और बुजुर्ग को दुकान का नाम बदलने की चेतावनी दी थी। इस पर बुजुर्ग के समर्थन में दीपक कुमार अकेले बजरंग दल से भिड़ गए। उन्होंने कथित तौर पर खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बुलाया था। दीपक के ये शब्द देशभर में वायरल हुए थे और सुर्खियां बटोरी। राहुल गांधी ने तब भी सोशल मीडिया पर दीपक कुमार की जमकर तारीफ की थी और कहा था कि दीपक देश के हीरो हैं। राहुल गांधी की एफबी पोस्ट कोटद्वार में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करने वाले जिम मालिक दीपक कुमार ने हाल ही में दिल्ली स्थित '10 जनपथ' पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी ने दीपक के साहस की सराहना करते हुए उनकी पत्नी से फोन पर बात की। राहुल गांधी ने दीपक कुमार से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं। साथ ही कैप्शन में लिखा है, "हर इंसान, एक समान यही है भारतीयता, यही है मोहब्बत की दुकान। उत्तराखंड के भाई 'मोहम्मद दीपक' से मुलाकात – एकता और साहस की ऐसी ही लौ हर भारतीय युवा में जलनी चाहिए।" राहुल गांधी पहले भी दीपक कुमार की जमकर तारीफ कर चुके हैं। राहुल के अलावा एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी दीपक की तारीफ में कहा था कि देश को उत्तराखंड के दीपक जैसे और दीपक चाहिए। राहुल कोटद्वार आएंगे और मेरे जिम की मेंबरशिप लेंगे- दीपक दीपक कुमार ने कहा कि "राहुल गांधी ने उनके परिवार से बात की है। कहा कि आपने कोई गलत काम नहीं किया। उन्होंने वादा किया कि वे जल्द कोटद्वार आएंगे और उनके जिम की मेंबरशिप लेंगे। राहुल गांधी ने मुझसे कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है। आप सही कदम पर हैं। मुझे बहुत खुशी मिली है कि राहुल जी अगर आएंगे और मेरे जिम की मेंबरशिप लेंगे।" सुप्रीम कोर्ट के 12 वकील भी ले चुके जिम की मेंबरशिप गौरतलब है कि कोटद्वार में दीपक कुमार का 'हल्क' नाम से जिम सेंटर है। यह कभी 150 से अधिक सदस्यों से भरा रहता था। दीपक कुमार ने हाल ही में आरोप लगाया था कि बाबा दुकान को लेकर हुए हंगामे के बाद उनकी एकमात्र आजिविका पर संकट छा गया है। उन्होंने कहा कि मारे डर के कई लोगों ने उनके जिम से मेंबरशिप हटा दी है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के लगभग 12 वरिष्ठ वकीलों ने 10000 रुपये का शुल्क चुकाकर एक साल के लिए जिम की सदस्यता ली है।

कांग्रेस पर बरसे सुधांशु त्रिवेदी, बोले— ‘परिवारवाद की बीमारी से जूझ रही पार्टी’

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध-प्रदर्शन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि समिट में एक तरफ हमारी युवा शक्ति की शैक्षिक क्षमता का बहुत उच्च कोटि का प्रदर्शन हुआ, तो वहीं कांग्रेस की निम्नता और नग्नता का कुटिल प्रदर्शन देखने को मिला। उन्होंने कहा कि अभी तक पूरा देश इस विषय को लेकर आक्रोशित है और अब कांग्रेस पार्टी के गठबंधन सहयोगियों की ओर से भी इस पर आपत्ति जताई गई है।  अब कांग्रेस पार्टी के अंदर से भी यह स्वर गूंजने लगा है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में गरिमापूर्ण आचरण की अपेक्षा होती है। ऐसे आयोजनों में इस प्रकार का हल्का, छिछोरा और नग्न आचरण करना निहायत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रहीं और पूर्व केंद्रीय मंत्री मार्गरेट अल्वा ने भी कहा है कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान जिम्मेदारी की भावना होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजनों में गरिमा और अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इसलिए हम यह कहना चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी को अब यह समझना चाहिए कि वह जिस प्रकार के विचारों के अनुसार चल रही है, उसे जनता नकार रही है, गठबंधन सहयोगी नकार रहे हैं और अब पार्टी के अंदर के वरिष्ठ एवं पुराने नेता भी उन्हें नकार रहे हैं। जनता उन्हें पूरी तरह ठुकरा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या कांग्रेस के अंदर आज की नहीं है, बल्कि यह खानदानी समस्या है। मैं कहना चाहता हूं कि यह समस्या कांग्रेस के नेताओं से ज्यादा कांग्रेस के परिवार की समस्या है। एक जमाने में भारत को सपेरों का देश कहा जाता था। 28 सितंबर 1955 को जवाहरलाल नेहरू की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे पूछा गया था कि क्या भारत को सपेरों का देश कहना उचित है? उन्होंने उत्तर दिया था कि भारत को सपेरों का देश कहने में कोई बुराई नहीं है, क्योंकि इससे पर्यटकों की संतुष्टि होती है। इसका अर्थ यह हुआ कि आप भारत की उसी पहचान को बनाए रखना चाहते थे। इसी कारण आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एआई की नई उड़ान की ओर बढ़ रहा है, तो यह आपसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि कांग्रेस की इस खानदानी बीमारी का इलाज देश की जनता करेगी। समस्या यह है कि जो भी उनकी पार्टी या गठबंधन के साथी उन्हें समझाना चाहते हैं, उनकी बात वे सुनना ही नहीं चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ महीने पहले तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा था कि राज्य के पास पूंजी निवेश के लिए पर्याप्त धन नहीं है। फिर भी उन्होंने कहा कि वे गांधी परिवार और कांग्रेस के लिए 1,000 करोड़ रुपए खर्च करने को तैयार हैं। जब हम राज्य सरकार में थे, तब हमने गुजरात मॉडल पेश किया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हुई थी। अब कांग्रेस को जवाब देना होगा कि उन्होंने शासन का कौन सा मॉडल पेश किया है? सुधांशु त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि कांग्रेस कई राज्यों में सत्ता में है और तीन राज्यों में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार चला रही है, हिमाचल, तेलंगाना और कर्नाटक। हमने गुजरात मॉडल दिया है। मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं, आपका मॉडल क्या है? आपने कर्नाटक का कौन सा मॉडल देश के सामने रखा है? हिमाचल का कौन सा मॉडल पेश किया है? दिखाइए, प्रदर्शन करके बताइए। तेलंगाना के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वहां कांग्रेस की राजनीति की परिभाषा अलग तरह से पेश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज इन बयानों के बाद किसी भी प्रकार का किंतु-परंतु नहीं रह गया है और उनके अनुसार कांग्रेस न केवल राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहती है, बल्कि जिन राज्यों में सत्ता में रहती है, वहां की जनता का भी भारी अहित करती है।

मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी को घेरा, ममता बनर्जी को INDIA गठबंधन का नेता बताया

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर पार्टी पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने रायबरेली सांसद राहुल गांधी को विपक्षी गठबंधन INDIA का नेतृत्व किसी अन्य नेता को देने की सलाह दी है। इसके लिए उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के नाम का सुझाव दिया है। हालांकि, कांग्रेस ने एक बार फिर अय्यर के बयान से दूरी बनाई है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अय्यर ने INDIA नेतृत्व का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी इस गठबंधन की नेता हैं। उनके साथ दो चार लोग और भी हैं, जो इस पद को हासिल कर सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि इस पद पर बने रहने की कोशिश करने के बजाए, जो छोटी पार्टियों की है। फिर चाहे स्टालिन हों, ममता दीदी हों, अखिलेश हों, तेजस्वी हों या कोई और। राहुल गांधी को उन्हें संभालने देना चाहिए। कांग्रेस ने क्या कहा चैनल से बातचीत में कांग्रेस के पश्चिम बंगाल महासचिव सुमन रॉय चौधरी ने कहा, 'हम शुरुआत से ही एक चीज साफ कर देना चाहते हैं कि लंबे समय से मणिशंकर अय्यर कांग्रेस पार्टी की गतिविधियों से नहीं जुड़े हैं। बंगाल की अब 5 राज्यसभा सीटें खाली हैं। क्या मणिशंकर के बयान की यही वजह है? हमें हैरानी होती है।' उन्होंने कहा, 'मणिशंकर जी क्या आप जानते हैं कि ममता बनर्जी पर्दे के पीछे से भाजपा की कठपुतली की तरह काम करती हैं, जिसके खिलाफ INDIA गठबंधन लड़ रहा है। मुझे नहीं लगता कि पार्टी से दूर रहने के बाद आप कांग्रेस पार्टी के लिए कोई फैसला ले सकते हैं।' राहुल गांधी पर दूसरी बार उठाया सवाल अय्यर ने बुधवार को कहा कि वह ''गांधीवादी'', ''नेहरूवादी" और "राजीववादी" हैं लेकिन "राहुलवादी" नहीं हैं क्योंकि राहुल गांधी उनसे उम्र में बहुत छोटे हैं और राजनीतिक जीवन में भी उनसे बहुत दूर हैं। अय्यर ने कहा कि उन्होंने खुद को 'इंदिरावादी' नहीं कहा क्योंकि वह इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल की घोषणा करके "हमारे लोकतंत्र को तानाशाही में बदलने" के कदम से "पूरी तरह असहमत" थे, भले ही यह आपातकाल केवल 18 महीनों के लिए ही क्यों न रहा हो। हाल ही में राहुल गांधी पर की गई उनकी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर अय्यर ने पीटीआई-भाषा से कहा, ''कोई मुझसे 'राहुलियन' (राहुलवादी) होने की उम्मीद कैसे कर सकता है, जब वह मुझसे लगभग 30 साल छोटे हैं और मुझे उसके साथ काम करने का मौका नहीं मिला है?" पहले भी केरल में कर दी थी कांग्रेस की हार की भविष्यवाणी अय्यर ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा उस वक्त खोला, जब उन्होंने बीते रविवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की तारीफ की और उनके फिर से मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई, जिसके बाद कांग्रेस ने उनकी टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी से उनका कोई संबंध नहीं है।

सैम पित्रोदा के विवादित बयान से मचा बवाल, BJP ने कांग्रेस को घेरा

नई दिल्ली भारतीय प्रवासी कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने एक बार फिर से एक बयान के जरिए पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने दावा किया कि भारत ने दूसरों की सेवा के लिए युवाओं की बड़ी फौज को खड़ा किया है। लेकिन यह भारत के लिए नहीं बल्कि विदेशियों के लिए काम करती है। पित्रोदा ने वर्तमान टेक्नोलॉजी निर्माण की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक 1.5 अरब आबादी वाले देश के लिए यह शर्म की बात है कि उनके पास अपना ऑपरेटिंग सिस्टम तक नहीं है। पित्रोदा की इस टिप्पणी के बाद भाजपा ने उन पर हमला बोलते हुए भारत की निंदा करने का आरोप लगाया। एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस नेता ने विदेशी कंपनियों में भारतीयों की संख्या जिक्र करते हुए अपनी बात को रखा। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी शिक्षा संस्थाओं के जरिए युवा प्रतिभा का एक बड़ा आधार तैयार किया है, लेकिन भारत में ही नई खोजों के लिए इसका लाभ उठाने में नई दिल्ली पूरी तरह से असमर्थ रही है। उन्होंने कहा, "हमने बहुत सारी युवा प्रतिभा का निर्माण किया है, लेकिन यह अपरिपक्व है। इस प्रतिभा ने भारत का नहीं बल्कि दुनिया की तमाम बहुराष्ट्रीय कंपनियों को प्रोग्रामिंग, कानून, उद्योग, लॉजिस्टिक्स, इनोवेशन, बैंकिंग में मदद की है। इस प्रतिभा के दम पर भारत ने वैश्विक स्तर के प्रोडक्ट्स नहीं बनाए, बल्कि इस प्रतिभा का इस्तेमाल दूसरे की सेवा के लिए किया।" अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सैम पित्रोदा ने कहा, "न हो भारत ने अपना खुद का सोशल मीडिया प्लेटफार्म तैयार किया और न ही माइक्रोसॉफ्ट जैसी कोई बड़ी कंपनी तैयार कर पाए। हमने अपना खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम तक नहीं बनाया। यह शर्म की बात है कि 1.5 अरब आबादी वाले देश के पास खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम भी नहीं है। हम मोबाइल फोन के लिए भी ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं बना पाए। हमने सचमुच अपनी युवा प्रतिभा का उपयोग दूसरों की सेवा के लिए किया है।" भाजपा हुई हमलावर वरिष्ठ कांग्रेस नेता की तरफ से आई इस टिप्पणी पर सत्ताधारी भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा की तरफ से प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि 'लश्कर ए कांग्रेस' के मुख्य सलाहकार ने एक बार फिर से झूठ बोलकर भारत का मजाक उड़ाने की कोशिश की है। उन्होंने लिखा, "एआई समिट में कांग्रेस के टॉपलेस ऐक्ट के बाद लश्कर ए कांग्रेस के मुख्य सलाहकार सैम पित्रोदा मैदान में हैं। एक एक बार फिर भारत को बदनाम करने के एजेंडे पर। अंकल सैम झूठ बोलकर भारत का मजाक उड़ाते हैं। कहते हैं कि भारत पर शर्म आती है कि उसने मोबाइल के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम तक विकसित नहीं किया है।" उन्होंने पित्रोदा की टिप्पणियों का खंडन करते हुए भारत में विकसित ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे बॉस लिनक्स, माया ओएस, प्राइमओएस, भारओएस, इंडस ओएस और एनएक्सटीक्वांटम ओएस का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस का "एकमात्र मिशन झूठ बोलकर भारत को बदनाम करना है।"