samacharsecretary.com

पहली बार बीजेपी को हराने वाले पिता की राह पर, नगरोटा में देवयानी कमल करेंगी मुकाबला

जम्मू- कश्मीर बिहार में विधानसभा चुनाव के शोर के बीच कई राज्यों की कुछ सीटों पर उपचुनाव कराए जा रहे हैं, इसमें जम्मू- कश्मीर की 2 सीटें शामिल हैं. बडगाम के अलावा नगरोटा सीट पर सभी की नजर है. नगरोटा विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा था और विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद यहां पर उपचुनाव कराए जा रहे हैं. पार्टी ने देवेंद्र सिंह की बेटी देवयानी राणा को टिकट दिया है. जबकि शिया मुस्लिम नेता आगा सैयद मोहसिन को बडगाम सीट से उतारा गया. देवेंद्र सिंह राणा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के छोटे भाई थे और उनका पिछले साल अक्टूबर में निधन हो गया था. तब से यह सीट खाली थी. देवेंद्र सिंह साल 2014 में जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के टिकट पर चुनाव जीतने में कामयाब रहे. तब उन्होंने बीजेपी के प्रत्याशी और 2 बार के विधायक नंद किशोर को हराया था. बाद में वह बीजेपी में शामिल हो गए. धारा 370 के समर्थन में छोड़ दी थी पार्टी दो बार विधायक रहे देवेंद्र सिंह पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) में थे. उन्हें जम्मू में एनसी का बड़ा चेहरा माना जाता था. जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के विरोध में, गुप्कर घोषणापत्र गठबंधन (PAGD) के तहत कश्मीरी पार्टियों- जिनमें उनकी अपनी एनसी भी शामिल थी- के एकजुट होने के बाद, उन्होंने साल 2021 में कॉन्फ्रेंस से इस्तीफा दे दिया था. बाद में वह बीजेपी में शामिल हो गए. जम्मू-कश्मीर में पिछले साल विधानसभा चुनाव कराया गया तो बीजेपी ने नगरोटा सीट से देवेंद्र सिंह राणा को टिकट दिया. इस बार उन्होंने जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रत्याशी जोगिंदर सिंह को 30,472 मतों के अंतर से हराया था. हालांकि चुनाव जीतने के कुछ समय ही लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया. ऐसे में अब इस सीट से उनकी बेटी देवयानी राणा को पार्टी ने उतारा है. अमेरिका से पढ़ाई, पिता का बिजेनस पिछले साल अक्टूबर में अपने पिता के निधन के बाद सक्रिय राजनीति में आईं देवयानी राणा को इस साल जनवरी में भारतीय जनता युवा मोर्चा का जम्मू-कश्मीर उपाध्यक्ष बना दिया गया. वह एक व्यवसायी भी हैं और काफी समय से पिता के साथ बिजनेस देखती थीं. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की भतीजी, देवयानी राणा ने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में बैचलर की डिग्री हासिल की है. देवयानी 3 भाई-बहनों (2 बहनों और एक भाई) में सबसे बड़ी हैं और व्यवसायी भी हैं. वह अपने पिता के निधन से पहले भी उनके बिजनेस का मैनेजमेंट देखा करती थीं. इस दौरान वह नगरोटा निर्वाचन क्षेत्र का नियमित दौरा भी करती रही हैं. अपने क्षेत्र में लगातार सक्रियता की वजह से पहले से ही उन्हें इस सीट का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा था.  

2021 जैसी गलती नहीं दोहराएगी BJP, ममता बनर्जी के लिए तैयार है नया चुनावी हथियार

कोलकाता  अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी ने नई रणनीति के साथ उतरने की तैयारी की है. बीजेपी की रणनीति में बदलाव की वजह पिछले विधानसभा चुनाव से मिले सबक और सीख है.2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपनी रणनीति मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इर्द-गिर्द ही तैयार की थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी नेताओं ने चुनाव प्रचार में सीएम ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत हमले किए जो कि बंगाल के लोगों को पसंद नहीं आए. खासकर एक महिला सीएम के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी को वोटरों ने पसंद नहीं किया, जिसका खामियाजा बीजेपी को चुनाव में उठाना पड़ा. साथ ही ममता बनर्जी पर बीजेपी नेताओं के व्यक्तित्व हमले का फायदा ममता बनर्जी और टीएमसी को ही हुआ. अब पार्टी ने रणनीति में बदलाव करते हुए तय किया है कि ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत हमले नहीं किए जाएंगे पर सरकार की मुखिया के नाते सत्ताधारी पार्टी और नेताओं-मंत्रियों के भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की नाकामी को मुख्य मुद्दा बनाया जाएगा और इस पर ममता बनर्जी को निशाने पर रखते हुए जवाब मांगा जाएगा. कानून-व्यवस्था को बनाया जाएगा मुद्दा बीजेपी टीएमसी के उन मंत्रियों और नेताओं के भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर जल्द अभियान शुरू करेगी, जिन पर करप्शन के आरोप हैं और जो जेल जा चुके हैं या जेल में हैं. बीजेपी अपने चुनावी अभियान का एक प्रमुख मुद्दा राज्य में कानून-व्यवस्था को बनाना चाहती है. हाल ही में सामने आए बलात्कार के मामले और आरजी कर अस्पताल की घटना को महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के तौर पर उठाया जाएगा. पार्टी ने ये भी तय किया है कि वो पूरा फोकस स्थानीय मुद्दों पर ही रखेगी. पार्टी इस बार चुनावों में दूसरे दलों से नेताओं को शामिल करने पर ज्यादा जोर नहीं देगी बल्कि उन वरिष्ठ और वफादार कार्यकर्ताओं और नेताओं से दोबारा संपर्क साधा जाएगा, जिन्होंने उतार-चढ़ाव के दौर में भी बीजेपी का साथ नहीं छोड़ा. ऐसे ही लोगों को टिकटों में भी प्राथमिकता दी जाएगी. लोगों को बताएगी डबल इंजन सरकार के फायदे बीजेपी अपने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से मिले इनपुट के आधार पर चुनाव प्रचार के मुद्दे और टिकट वितरण तय करेगी. राज्य के सभी बूथों पर सक्रियता जल्द शुरू की जाएगी. चुनावी अभियान में राज्य की संस्कृति और परंपराओं को भी प्रमुखता दी जाएगी. डबल इंजन सरकार के फायदे को खासतौर पर महिलाओं और युवाओं को आकर्षित करने के लिए प्रमुखता से पेश किया जाएगा. इसके अलावा राज्य की अल्पसंख्यक बहुल सीटों के लिए अलग से रणनीति बनाई जाएगी. दरअसल पार्टी की रणनीति है कि राज्य की 83 मुस्लिम बहुल सीटों में उलझने और ज्यादा ताकत लगाने की बजाय टीएमसी और राज्य सरकार के खिलाफ माहौल बनाया जाए. इसकी शुरुआत बीजेपी जल्द ही बिहार चुनाव के बाद टीएमसी नेताओं के मजबूत गढ़ों से की जाएगी. बीजेपी का खास फोकस कोलकात्ता और दक्षिण 24 परगना पर रहेगा, जहां से टीएमसी के कई शीर्ष नेता आते हैं.  

कल होंगे नए गुजरात मंत्रियों के शपथ ग्रहण: CM पटेल के नेतृत्व में होगी नई टीम का गठन

अहमदाबाद  गुजरात की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है. मौजूदा सरकार के सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौप दिया है. इससे अब नए मंत्रिमंडल का मार्ग प्रशस्त होगा. कल गुजरात में नए मंत्रिमंडल का शपथग्रहण समारोह होगा. मुख्यमंत्री देर रात राज्यपाल को हटाए जाने वाले मंत्रियों के इस्तीफे सौंपेंगे. नए मंत्रियों के नामों की एक सूची भी सौंपी जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाले मंत्रिपरिषद का शुक्रवार को विस्तार होगा.भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने पहले ही बताया था कि आगामी कैबिनेट विस्तार में राज्य को करीब 10 नए मंत्री मिल सकते हैं. इतना ही नहीं करीब आधे मौजूदा मंत्रियों को बदला जा सकता है. गुजरात कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत 17 मंत्री इस बड़े सियासी फेरबदल को लेकर जारी बयान में कहा गया है कि गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल के मंत्रिपरिषद का विस्तार शुक्रवार सुबह साढ़े 11 बजे होगा. मौजूदा गुजरात कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत 17 मंत्री हैं. 8 कैबिनेट मंत्री हैं. इतने ही राज्य मंत्री हैं.कुल 182 सदस्यों वाली विधानसभा में सदन की कुल संख्या का 15 प्रतिशत या 27 मंत्री हो सकते हैं. अब आगे क्या-क्या होगा? मौजूदा मंत्रियों से इस्तीफा लेने के बाद अब मंत्री पद की शपथ लेने वाले विधायकों को देर रात जानकारी दी जाएगी. कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए 3 से 4 विधायकों को जगह मिल सकती है. ज्यादातर नए मंत्री मूल रूप से बीजेपी से होंगे. समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए जातिगत समीकरण का पूरा ध्यान रखा जाएगा. कुल मिलाकर नए मंत्रिमंडल में युवा और अनुभवी चेहरों का सियासी संगम देखने को मिलेगा. नए मंत्रिमंडल में इन्हें मिल सकती है जगह जानकारी के मुताबिक, इस बार कैबिनेट में रिवाबा जडेजा, अर्जुन मोडवाडिया, जीतू वाघानी, हर्ष सांघवी को जगह मिल सकती है. 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार गुजरात के मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जा रहा है. सीएम पटेल के नेतृत्व में ये फेरबदल आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति के मद्देनजर हो रहा है. अब सरकार फेरबदल करके 2027 के चुनाव में अपनी जीत को लेकर सभी समीकरणों को साधने का प्रयास कर रही है.  

भाजपा विधायक का अजीबो-गरीब जवाब! बोले— चश्मे का नंबर बढ़ा लो, सब दिखेगा!

पिथौरागढ़ उत्तराखंड में पिथौरागढ़ से डीडीहाट के भाजपा विधायक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विशन सिंह चुफाल एक व्यक्ति के साथ तीखी बहस कर रहे हैं। इस वीडियो में विधायक और व्यक्ति के बीच किसी बात को लेकर तकरार होती दिखाई दे रही है। विधायक के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा भी मौजूद थे, लेकिन वो चुपचाप इस बहस को सुनते रहे। युवक ने विकास को लेकर सवाल किया तो विधायक ने तैश में आकर कहा- तुम डराते हो, चश्मे का नंबर बढ़ा लो तो काम दिखेंगे। केंद्रीय राज्यमंत्री टम्टा भी वीडियो में नजर आ रहे हैं और उनके सामने ही बहस हो रही है। यह वीडियो मंगलवार को डीडीहाट का बताया जा रहा है। वीडियो में योगेश कन्याल खेल मैदान के विस्तारीकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री टम्टा को ज्ञापन देने पहुंचते हैं। जमकर हुई कहासुनी इस दरमियान विधायक और कन्याल के बीच कहासुनी होती है। वीडियो में कन्याल कहते हैं लंबे समय से खेल मैदान का मामला लंबित पड़ा है। वे इस मामले का ठीकरा विधायक पर फोड़ते हैं। कन्याल की ओर से डराने की बात कहे जाने पर सामने से विधायक विशन सिंह चुफाल वीडियो में यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि तुम डराते हो फेसबुक में। जब संबंधित ने विधायक से उनके कार्यकाल की उपलब्धियां पूछी तो विधायक विशन सिंह चुफाल ने स्कूल, अस्पताल, सड़क निर्माण समेत तमाम कामों का जिक्र करते हुए बहस कर रहे व्यक्ति को चश्मे का नंबर बढ़ाने को कहा जा रहा हैं। कन्याल ने कहा कि वह आज भी अपने गांव पैदल जाते हैं। बढ़ते विवाद को देख वहां मौजूद भाजपा नेता लोकेश भड़ मामले को शांत कराने की कोशिश करते दिख रहे हैं। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। लोग भी वीडियो को देखकर तरह-तरह कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है। हालांकि आपका अपना अखबार हिन्दुस्तान उक्त वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

छपरा में होगा सियासी मुकाबला, खेसारी की पत्नी RJD से, BJP की छोटी कुमारी से टक्कर

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव में भोजपुरी बेल्ट छपरा विधानसभा सीट पर दिलचस्प फाइट होने वाली है. इस सीट पर आरजेडी ने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में झंडा गाड़ चुके एक्टर सिंगर खेसारी लाल यादव की पत्नी चंदा देवी को टिकट दिया है. खेसारी लाल यादव ने कुछ ही दिन पहले तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी. वहीं बीजेपी ने इस सीट पर छोटी कुमारी को टिकट दिया है. छोटी कुमारी स्थानीय नेता हैं.  बीजेपी उम्मीदवार छोटी कुमारी बिहार के सारण जिले में छपरा विधानसभा क्षेत्र की जिला परिषद अध्यक्ष हैं. बीजेपी ने छोटी कुमारी को ये टिकट वर्तमान विधायक सीएन गुप्ता का टिकट काट कर दिया है. इस तरह से इस सीट पर स्टार पावर से लैस चंदा देवी और जमीनी कार्यकर्ता छोटी कुमारी के बीच मुकाबला है.  खेसारी लाल यादव छपरा के ही रहने वाले हैं. इस लिहाज से इस बार उनकी सिनेमाई लोकप्रियता का सियासी टेस्ट होगा. खेसारी लाल यादव ने कहा था कि वे बिहार के लिए कुछ करना चाहते हैं, उन्होंने कहा कि वह अपनी पत्नी को चुनाव लड़ने के लिए मनाना चाह रहे थे तो उन्हें मुश्किल हो रही थी, क्योंकि उनकी पत्नी पारिवारिक महिला है और दो बच्चों की मां हैं. उन्होंने अपने बच्चे की परवरिश में थोड़ी सी भी कमी नहीं की है. इसलिए उन्हें लगता है अगर वे राजनीति में आएंगी तो उन्हें वक्त की दिक्कत हो सकती है. खेसारी ने कहा कि वे चार दिनों से पत्नी को मनाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन अब उनकी पत्नी चुनाव लड़ने को राजी हो गई हैं. आखिरकार आरजेडी ने चंदा देवी को टिकट दे दिया है. खेसारी मुंबई में रहकर एक्टिंग और सिंगिग पर ध्यान देते हैं. उनकी पत्नी भी वहीं रहती हैं.  वहीं बीजेपी ने चंदा देवी के टक्कर में छोटी कुमारी को मैदान में उतारा है. इसके लिए पार्टी ने मौजूदा विधायक सी.एन. गुप्ता का टिकट काट दिया है.  माना जा रहा है कि यह कदम क्षेत्र में एंटी-इनकंबेंसी के कारण उठाया गया माना जा रहा है. छोटी कुमारी एक महिला उम्मीदवार के रूप में पार्टी की रणनीति का हिस्सा हैं, जो स्थानीय स्तर पर सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता रही हैं.  छपरा सीट की कहानी छपरा विधानसभा सीट पर बीजेपी की परंपरागत सीट रही है. सी एन गुप्ता दो कार्यकाल से इस सीट से जीत रहे हैं. छपरा सीट पर यादव, राजपूत, ब्राह्मण, बनिया और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या निर्णायक रही है.  सीएन गुप्ता को 2020 के विधान चुनाव में 75,710 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर रहने वाले रणधीर सिंह को 68, 939 वोट मिले थे. यानी कि सीएन गुप्ता की जीत का मार्जिन ज्यादा नहीं था.  2015 के चुनाव में सीएन गुप्ता को 71,646 वोट मिले थे. इस चुनाव में आरजेडी के रणधीर सिंह को 60,267 वोट मिले थे.  इस बार रणधीर सिंह आरजेडी जोड़ जेडीयू में शामिल हो चुके हैं और वे बगल की सीट मांझी से जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. इस लिहाज से यहां की पूरी टक्कर दिलचस्प हो चुकी है. 

नीतीश से उपेंद्र तक, सबको साधने की रणनीति, पटना में अमित शाह संभालेंगे कमान

नई दिल्ली बिहार विधानसभा चुनाव में दो गठबंधन आमने-सामने हैं और दोनों की ही अपनी समस्याएं हैं। एनडीए ने सीट बंटवारा तो कर लिया है, लेकिन उससे उपजी नाराजगी को थामने की चुनौती है। वहीं महागठबंधन में अब तक सीट बंटवारा ही अंतिम रूप नहीं ले सका और फिर कैंडिडेट्स को लेकर खींचतान तो बाकी ही है। इस बीच एनडीए क्राइसिस मैनेजमेंट में भी बढ़त लेने की कोशिश में है। होम मिनिस्टर अमित शाह खुद बिहार पर फोकस बढ़ा रहे हैं और अगले कुछ दिनों तक वह पटना में ही कैंप करेंगे। अलग-अलग दिनों में वह विधानसभा चुनाव होने तक पटना में समय देंगे। इसके तहत उनका पहला दौरा गुरुवार से ही शुरू हो रहा है। वह 16 से 18 अक्तूबर तक पटना में कैंप करेंगे। इस दौरान वह जेडीयू, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा के खेमे से डील करेंगे। दरअसल चर्चाएं हैं कि गठबंधन के साथियों में कुछ मतभेद हैं। नीतीश कुमार की नाराजगी की चर्चाएं हैं तो वहीं उपेंद्र कुशवाहा तो शेरो शायरी से बहुत कुछ कह ही रहे हैं। ऐसे में अमित शाह का पटना में कैंप करना मायने रखता है। वह अपने प्रवास के दौरान संगठन की बैठकों में रहेंगे। सहयोगी दलों के नेताओं से मिलेंगे और कुछ रैलियों को भी संबोधित करेंगे। कुछ प्रत्याशियों के नामांकन में भी रहेंगे होम मिनिस्टर अमित शाह अमित शाह का शेड्यूल अब तक फाइनल नहीं है, लेकिन खबर है कि कुछ प्रत्याशियों के नामांकन में भी वह शामिल हो सकते हैं। इसके बाद वह दीवाली ब्रेक पर लौटेंगे और 22 अक्तूबर से अगले 4 दिनों के लिए फिर से पटना में कैंप करेंगे। 25 अक्तूबर को उनका फिर से दिल्ली लौटने का प्लान है और उसके बाद 28 को छठ महापर्व के समापन के बाद बिहार वापसी करेंगे। भाजपा के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, सह-प्रभारी सीआर पाटिल और यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी बिहार में ही रहेंगे। चर्चाएं हैं कि अमित शाह खुद हर चीज की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रचार की कमान वह खुद अपने हाथ में ले चुके हैं और दूसरे राज्यों के नेताओं को भी जिम्मेदारी मिली है। कई राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम उतारेगी भाजपा भाजपा की प्रचार शैली अन्य दलों के मुकाबले काफी आक्रामक रहती है। इसी के तहत कई राज्यों के मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम, मंत्री समेत तमाम नेता बिहार पहुंचेंगे। फिलहाल पार्टी का पूरा फोकस इस बात पर है कि गठबंधन में एक राय रहे और सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे। जनता के बीच किसी भी तरह से ऐसा संदेश ना जाए कि गठबंधन में ऑल इज वेल नहीं है।

राजनीति में सुलह: अमित शाह ने उपेंद्र कुशवाहा को मनाया, महुआ से हार बचाई, MLC का ऑफर पेश

नई दिल्ली  बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए में जारी सीटों पर खींचतान के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के चीफ उपेंद्र कुशवाहा को मना लिया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कुशवाहा ने वैशाली जिले की महुआ सीट पर अपना दावा छोड़ दिया है। इसके बदले में रालोमो को दूसरी सीट दी जाएगी। साथ ही कुशवाहा की पार्टी को एक विधान परिषद (एमएलसी) सीट भी दी जाएगी। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय बुधवार सुबह ही कुशवाहा को शाह से मिलवाने दिल्ली ले गए थे। अब वे वापस शाम में दिल्ली से पटना वापस लौटेंगे। हालांकि, रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने फिलहाल इस मुद्दे पर कुछ स्पष्ट नहीं बताया है। नई दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। कुशवाहा ने कहा, "पटना में सुबह ही कहा था, गठबंधन में कुछ इश्यू हैं, जिस पर विमर्श की जरूरत है। इसी के लिए नित्यानंद के साथ अमित शाह से मिलने आए, इस पर चर्चा हुई। अब उम्मीद करते हैं कि आगे कोई कठिनाई नहीं होगी, एनडीए की सरकार निश्चित रूप से बनेगी और हर घटक दल इसके लिए तैयार है।" सूत्रों के अनुसार, एनडीए में महुआ विधानसभा सीट को लेकर उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान के बीच खींचतान चल रही थी। बीजेपी ने यह सीट चिराग की लोजपा-आर को दे दी, लेकिन कुशवाहा महुआ से अपना कैंडिडेट उतारने पर अड़े हुए थे। एनडीए में सीट बंटवारे के बाद बीते दो दिनों से सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने नामांकन से दूरी बनाने का भी ऐलान कर दिया। इसी मुद्दे पर कुशवाहा को मनाने के लिए भाजपा ने दिल्ली बुलाया। नित्यानंद ने कुशवाहा की शाह से मीटिंग कराई। बताया जा रहा है कि शाह से मिलने के बाद कुशवाहा ने बदल दिया है। हालांकि, महुआ से अभी कैंडिडेट किस पार्टी का होगा, यह कुछ समय बाद ही पता चलेगा।

दिल्ली में सियासी हलचल: अमित शाह से मिले उपेंद्र कुशवाहा, मौजूद थे नित्यानंद राय

विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) के भीतर सीट बंटवारे से असंतुष्ट उपेंद्र कुशवाहा केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मिलने उनके घर पहुंचे हैं। वहीं नित्यानंद राय भी मौके पर मौजूद हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, कुशवाहा अपनी पार्टी को आवंटित छह सीटों से खुश नहीं हैं। वह महुआ सीट एनडीए के एक अन्य घटक, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की अध्यक्षता वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को आवंटित किए जाने से भी खुश नहीं हैं। पटना में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा कुशवाहा को मनाने की कोशिशें नाकाम रहीं। बता दें कि केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और राज्य के अन्य भाजपा नेताओं ने मंगलवार शाम यहां कुशवाहा से मुलाकात की। बैठक देर रात तक चली, जिसके बाद कुशवाहा ने संवाददाताओं से कहा, "इस बार एनडीए में कुछ भी ठीक नहीं है…एनडीए नेताओं ने मंगलवार को दावा किया था कि गठबंधन सहयोगियों के बीच सीटों का बंटवारा सौहार्दपूर्ण ढंग से हो गया है और चर्चा अंतिम चरण में है। हालाँकि, इसके तुरंत बाद छोटे सहयोगियों में असंतोष सामने आ गया।

मेंबर बने बिना लुट गए लाखों युवा: यूथ कांग्रेस को दिए करोड़ों, सिस्‍टम ने छोड़ा अधर में

भोपाल  मध्यप्रदेश में यूथ कांग्रेस के चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करने वाले युवा नेताओं को बड़ी निराशा हाथ लगी है। वहीं, युवा कांग्रेस के सदस्य बनने के इच्छुक 5 लाख 16 हजार युवाओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।दरअसल, 18 अप्रैल को एमपी में यूथ कांग्रेस के चुनावों की घोषणा के साथ ही सदस्यता शुरू हुई थी। ऑनलाइन मोड पर एप के जरिए कराई गई मेंबरशिप में हर नए सदस्य को 50 रुपए सदस्यता शुल्क भी अदा करना था। 20 जून से 19 जुलाई तक चलाए गए सदस्यता अभियान में 15,37,527 युवाओं ने सदस्यता फॉर्म भरे। इनमें से 63,153 युवाओं ने सदस्यता शुल्क जमा नहीं किया। सदस्यता शुल्क के साथ 14लाख 74 हजार 374 युवाओं ने मेंबरशिप के लिए फॉर्म भरे। सिर्फ 6 लाख की मेंबरशिप ही मान्य हुई 50 रुपए के सदस्यता शुल्क के साथ मेंबरशिप फॉर्म भरने वाले 14 लाख 74 हजार 374 युवाओं में मात्र 6 लाख 1,917 युवाओं की मेंबरशिप ही मान्य की गई है। 5,16,155 युवाओं की मेंबरशिप रिजेक्ट हुई है। 3,56,302 युवाओं के सदस्यता फॉर्म गलतियों के कारण होल्ड किए गए हैं। एआई से कराया मेंबरशिप वेरिफिकेशन, इसलिए रिजेक्शन युवा कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि इलेक्शन अथॉरिटी ने सदस्यता का वेरिफिकेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कराया है। एआई ने मामूली खामियों पर आवेदन रिजेक्ट और होल्ड कर दिए हैं।     रिजेक्शन का कारण डुप्लीकेट रिकॉर्ड, डुप्लीकेट फोटो, मोबाइल डुप्लीकेट, अवैध मेंबरशिप, इनवैलिड जन्मतिथि, उम्र सीमा पार होना, डुप्लीकेट आईडी     होल्ड के कारण: गलत नाम, पिता का नाम गलत, जन्मतिथि मिसमैच, गलत मोबाइल एमपी में युवा कांग्रेस की सदस्यता के आंकड़े     कुल सदस्यता आवेदन: 14,74,374     सदस्यता निरस्त हुई: 5,16,155     सदस्यता होल्ड हुई: 3,56,302     सदस्यता आवेदन मान्य हुए: 6,01,917 राष्ट्रीय अध्यक्ष से हुई शिकायत पहली बार एमपी में रिकॉर्ड मेंबरशिप होने के बाद बडे़ पैमाने पर रिजेक्शन और सदस्यता होल्ड किए जाने के मामले में युवा कांग्रेस नेता शिवराज यादव ने यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केन्द्रीय चुनाव प्राधिकरण, प्रदेश प्रभारी से शिकायत की है। शिवराज का कहना है कि यदि इतने उत्साह के साथ मेंबरशिप कराई गई और 15 लाख के करीब सदस्य बने हैं तो 5 लाख से ज्यादा रिजेक्ट होना और साढ़े तीन लाख की सदस्यता होल्ड होना ये बड़ी चूक है। होल्ड आवेदनों को सुधारने के लिए मात्र 7 दिनों का समय दिया गया है। वो एप भी काम नहीं कर रहा है। मेंबरशिप के डेटा की क्रॉस चेकिंग कराकर रिजेक्शन और होल्ड को हटाना चाहिए। 2 करोड़ 58 लाख रुपए डूबे 50 रुपए प्रति सदस्य के हिसाब से जोड़ें तो जिन 5,16,155 युवाओं की मेंबरशिप रिजेक्ट हुई है। उनके द्वारा जमा किए गए सदस्यता शुल्क की राशि 2 करोड़ 58 लाख 7 हजार 750 रुपए होती है। दूसरी तरफ जिन 3,56,302 युवाओं की सदस्यता होल्ड की गई है। उनकी मेंबरशिप फीस का आंकड़ा जोड़ें तो करीब 1 करोड़ 78 लाख 15 हजार 100 रुपए होता है। गलतियां सुधारने एप ही नहीं कर रहा काम भारतीय युवा कांग्रेस चुनाव प्राधिकरण की ओर से होल्ड किए गए सदस्यता फॉर्म की गलतियों को सुधारने के लिए 17 अक्टूबर तक का समय दिया है। लेकिन, यूथ कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि वह एप काम ही नहीं कर रहा है। ऐसे में जिन 3,56,302 युवाओं की मेंबरशिप होल्ड है उनमें से 30% फीसदी के सुधार आवेदन दर्ज होकर मंजूर हो जाएं तो बड़ी बात होगी। तीन शहरों से प्रदेश अध्यक्ष के लिए तीन मुख्य उम्मीदवार युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की रेस में तीन बडे़ शहरों से तीन मुख्य दावेदार हैं। जबलपुर पूर्व सीट से विधायक और पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के बेटे यश घनघोरिया इस रेस में सबसे आगे हैं। यश को पूर्व सीएम कमलनाथ और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का समर्थन हासिल है। वहीं भोपाल से अभिषेक परमार को दिग्विजय और जीतू पटवारी का पर्दे के पीछे से सपोर्ट मिल रहा है। ग्वालियर के शिवराज यादव अपने काम और युवाओं की दम पर प्रदेश अध्यक्ष के लिए जोर लगा रहे हैं। भोपाल जिले में सदस्यता के हाल जान लीजिए जिला विधानसभा मेंबरशिप फॉर्म भरे रिजेक्ट होल्ड वोटर बचे भोपाल ग्रामीण बैरसिया 6620 1105 1537 3978 हुजूर 5253 791 1171 3291 भोपाल शहर उत्तर 5175 1697 894 2584 दक्षिण-पश्चिम 10592 3513 1886 5193 गोविंदपुरा: 12856 7882 1678 3296 मध्य: 12586 4830 2071 5685 नरेला: 12141 4996 1857 5288 जहां से प्रदेश अध्यक्ष के उम्मीदवार, उसी विधानसभा में सबसे ज्यादा मेंबरशिप युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की रेस में जबलपुर के यश घनघोरिया पूरी ताकत लगा रहे हैं। यश के पिता लखन घनघोरिया जबलपुर पूर्व सीट से विधायक हैं। जबलपुर शहर और ग्रामीण जिले की सभी विधानसभाओं में सबसे ज्यादा 26254 मेंबरशिप जबलपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में हुई है। हालांकि, 10259 मेंबरशिप रिजेक्ट कर दी गई है। 4220 युवाओं की मेंबरशिप होल्ड है। 11775 युवाओं की मेंबरशिप अप्रूव की गई है। जबलपुर जिले में सदस्यता के हाल जान लीजिए जिला विधानसभा मेंबरशिप फॉर्म भरे रिजेक्ट होल्ड वोटर बचे जबलपुर ग्रामीण बरगी 5348 2305 790 2253 पनागर 7387 1963 1583 3841 पाटन 5853 3692 645 1516 सिहोरा 7184 3922 1557 1705 जबलपुर शहर कैंट 6991 2969 1295 2727 उत्तर 17779 6575 2424 8780 पश्चिम 5728 3155 667 1906 पूर्व 26254 10259 4220 11775 ग्वालियर जिले में सदस्यता के हाल जान लीजिए जिला विधानसभा मेंबरशिप फॉर्म भरे रिजेक्ट होल्ड वोटर बचे ग्वालियर ग्रामीण भितरवार 13647 4138 2506 7003 ड़बरा 8834 4018 1301 3515 ग्वालियर ग्रामीण 10751 6213 1572 2966 ग्वालियर शहर ग्वालियर 16638 3364 3659 9615 पूर्व 13718 6960 2497 4261 दक्षिण 12344 6598   2469 3277 युकां प्रदेश अध्यक्ष के उम्मीदवार योगिता सिंह, जावेद पटेल, अभिषेक परमार, नीरज पटेल, गीता कड़वे, प्रमोद सिंह, विश्वजीत सिंह चौहान, विनय पांडेय, राजवीर कुडिया, प्रियेश चौकडे़, अब्दुल करीम सिद्दीकी, शुभांगना राजे जामनिया, आशीष चौबे, यश घनघोरिया, देवेन्द्र सिंह दादू, स्वीटी पाटिल, शिवराज यादव, मोनिका मांडरे। प्रदेश महासचिव के 182 उम्मीदवार किशोर सोलंकी, ऋतिक नाथ चौहान, राहुल हितेश ठाकुर राज नेमा, शुभम दुबे, अक्षय जायसवाल, सत्यम सिंह गुर्जर, अली शान मोहम्मद, इरफान खान, जयंत जोशी, आदित्य मिश्रा, गौरव विनोद दीक्षित, सुमन मौर्य, धीरज सिंह परिहार, अभिषेक पांडे, दिगंबर पारधी, अखंड प्रताप सिंह चौहान, अभिषेक जाट, … Read more

निकाय चुनाव से पहले शरद पवार ने मुंबई में की रणनीति बैठक, फैसले ने सबका ध्यान खींचा

मुंबई  ​आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों की पृष्ठभूमि में आज मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शरद पवार गुट की एक अहम बैठक हुई. बैठक में राकांपा शरद पवार गुट के अध्यक्ष शरद पवार भी शामिल हुए. यह बैठक छत्रपति संभाजीनगर और पुणे स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों की रणनीति पर मंथन हुआ. इसके साथ-साथ इस बैठक में शरद पवार ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले चुनावों में पार्टी का पूरा फोकस ज्यादा से ज्यादा युवाओं को उम्मीदवार बनाने पर रहेगा. बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के साथ-साथ पदवीधर (Graduates) और शिक्षक मतदार संघों के चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक मजबूती और आगामी रणनीति तय करना था. मीटिंग में पार्टी के पदवीधर और शिक्षक सेल के पदाधिकारियों से सुझाव लेकर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई. 50 फीसदी से ज्यादा युवा लड़ेंगे चुनाव इस बीच, इस बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है. आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में, कुल सीटों में से 50 प्रतिशत सीटों पर उन युवाओं को चुनाव लड़ने का मौका दिया जाएगा जिनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है. शरद पवार ने इस बैठक में अपने पदाधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा युवाओं को कैसे मौका दिया जा सकता, इस गौर करने का निर्देश दिया. बैठक में यह भी बताया गया है कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन कैसे बनाया जाए, इस पर चर्चा के लिए कल महाविकास अघाड़ी नेताओं की एक अहम बैठक होगी.​ अजित पवार गुट के विधायक के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया शरद पवार ने इस बैठक में इस बात पर भी प्रतिक्रिया दी है कि एनसीपी अजित पवार गुट के विधायक संग्राम जगताप के विवादित बयान से माहौल गरमा गया है. उन्होंने कहा कि एक समय में एक विधायक हमारे साथ थे, लेकिन अब उनकी हर बात मीडिया में आ रही है, इसलिए हम सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना नहीं चाहते, बनाए रखना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे कुछ नेता इस समय विवादित बोल रहे हैं, लेकिन अपनी पार्टी के नेता से उन्होंने प्रेम की भाषा प्रयोग करने की हिदायत भी दी है. मीटिंग में शामिल रहे ये नेता इस बैठक में पार्टी की राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले, प्रदेश अध्यक्ष और विधायक शशिकांत शिंदे, विधायक और विधानमंडल में पार्टी के नेता जयंत पाटिल, पूर्व मंत्री राजेश टोपे,बालासाहेब पाटिल, पुणे, सातारा, कोल्हापुर, सांगली, सोलापुर, छत्रपति संभाजी नगर, जालना, हिंगोली, परभणी, नांदेड़, बीड, धाराशिव और लातूर जिलों के सांसद और विधायक मौजूद थे.