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रुदौली में जनसभा के दौरान बोले रामभक्तों पर सवाल उठाने वालों का दोहरा चरित्र उजागर

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। रुदौली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग आज रामभक्तों के अपमान की बात कर रहे हैं, वही पहले राम का नारा लगाने वालों और कारसेवकों पर गोली चलवाते थे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के दोहरे चरित्र को जनता भलीभांति जानती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के दोहरे चरित्र को देखो, कहती है कि राम भक्तों का अपमान हुआ है। कारसेवकों और रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग उपदेश देने चले हैं। हमने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठाई। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी। मैं सभी से कहूंगा कि कोई भी अनर्गल टिप्पणी न करें, जो रामभक्तों को आहत करे सपा-कांग्रेस पर बरसे सीएम योगी योगी कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष किया गया है। कांग्रेस ने मंदिर निर्माण रोकने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था और सुप्रीम कोर्ट में भगवान राम के अस्तित्व तक पर सवाल उठाए गए थे। आज वही लोग अयोध्या और रामभक्तों की चिंता जताने का दिखावा कर रहे हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। उन्होंने कहा कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। अगर किसी के पास चंदा या चढ़ावा चोरी से संबंधित कोई सबूत है तो वह जांच एजेंसी को सौंपे। जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और अगर कोई दोषी पाया जाता है तो वह किसी भी कीमत पर नहीं बचेगा। अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आए- योगी उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि जांच रिपोर्ट आने तक अनर्गल बयानबाजी से बचें और किसी के चरित्र हनन का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि अयोध्या और रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली बातें नहीं होनी चाहिए। जनता को भी ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए जो अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर बन न पाए, इसके लिए कांग्रेस ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में बेशर्मी के साथ कहा था कि राम तो हुए ही नहीं। वही कांग्रेस आज अयोध्या पर बहुत मचल रही है। कह रही है कि रामभक्तों का अपमान हुआ। झलकारी बाई की 22 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण इससे पहले मुख्यमंत्री ने मां कामाख्या धाम में पूजा-अर्चना की। उन्होंने राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का लोकार्पण किया और वीरांगना झलकारी बाई की 22 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही 378 करोड़ रुपये से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

अयोध्या को बदनाम मत करो, 500 साल इंतजार किया तो 15 दिन और कर लो’, चढ़ावा चोरी मामले पर योगी का जवाब

अयोध्या  यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज यानी शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे. राम मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर में कथित दान चोरी के मुद्दे पर विपक्ष को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि अयोध्या को बदनाम मत करो. अयोध्या का विकास कुछ लोगों से नहीं पच रहा. जब 500 साल इंतजार किया तो 15 दिन और एसआईटी रिपोर्ट का इंतजार कर लो. रुदौली में कामाख्या मंदिर के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने कहा कि वे लोग उपदेश दे रहे हैं जिन्होंने जय श्रीराम का नारा लगाने पर राम भक्तों पर गोली चलवाई थी. वे लोग ज्ञान दे रहे हैं, जिन्होंने राम मंदिर ना बने इसके लिए कोर्ट में वकीलों की फ़ौज खड़ी कर दी थी. मुख्यमंत्री का इशारा समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की तरफ था।  मुख्यमंत्री ने कहा कि SIT जांच कर रही है. दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. अपराधियों को ऐसे सजा मिलेगी जो इतिहास बनेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी के पास सबूत हो तो SIT को मुहैया कराए. किसी के बहकावे में ना आएं. इन लोगों ने अयोध्या को सकरी गलियों में धकेल कर रखा था, आज अयोध्या का नाम हो रहा है, इन्हें अच्छा नहीं लग रहा है.  SIT अपना काम कर रही है. किसी को अगर SIT से कोई शिकायत रहेगी तो उसको भी SIT से पूछने का मौका दिया जाएगा. जांच के दौरान किसी भी तरह की बयानबाजी से बचें. किसी का चारित्रिक हनन नहीं किया जाना चाहिए. दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा।  आज विपक्ष रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहा है उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया. भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, जबकि समाजवादी पार्टी की सरकार में रामभक्तों और कारसेवकों पर गोलियां चलवाईं. इतना ही नहीं, जय श्रीराम के उद्घोष पर लाठियां बरसाई गईं. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यही लोग रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने एसआईटी का गठन किया है और यह जांच पूरी निष्पक्षता से होगी. उन्होंने रामभक्तों से मर्यादा और धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, “जब हमारे पूर्वजों ने प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान के लिए 500 वर्षों तक मर्यादा के साथ संघर्ष और इंतजार किया है, तो अब 15 दिन और धैर्य रखिए।  बाबर से प्यार करते हैं अखिलेश मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी. उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई दस्तावेजी प्रमाण है तो उसे एसआईटी को सौंपे और जांच पूरी होने तक कोई भी अनावश्यक बयानबाजी न करें. साथ ही उन्होंने लोगों से अयोध्या और राम मंदिर को बदनाम करने वाले दुष्प्रचार के बहकावे में न आने की भी अपील की. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबर को प्यार करने वाले अखिलेश यादव राम मंदिर की बात कर रहे हैं। 

रुदौली में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण के दौरान सीएम योगी बोले 15 दिन रुकें, जांच करेगी सच उजागर

लखनऊ राम मंदिर में चढ़ावा की चोरी की खबरों और एसआईटी जांच के बीच शुक्रवार को पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार बयान दिया। अयोध्या के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करने पहुंचे सीएम योगी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों से कहा कि आपने राम मंदिर के लिए 500 सालों तक इंतजार किया है। 15 दिन और इंतजार कर लीजिए। ट्रस्ट के कहने पर एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी दूध का दूध पानी का पानी करेगी। कोई अपराधी होगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। अयोध्या और रामभक्तों को बदनाम करने की कोशिश न की जाए। सीएम योगी ने 15 दिनों तक किसी तरह की बयानबाजी नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं। सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि राम भक्तों और जयश्रीराम का नारा लगाने पर लाठी गोली चलाने वाले आज उपदेश देने चले हैं। कहा कि अयोध्या के बारे में जो समाचार पत्रों में देखने सुनने को मिला। उसके बाद ट्रस्ट के कहने पर हमने एसआईटी जांच बैठाई है। एसआईटी पूरे दूध का दूध पानी का पानी करेगी। कोई सबूत हो तो एसआईटी को दे दें सीएम योगी ने कहा कि जब तक जांच हो रही है कोई भी ऐसी अनर्गल बात न हो जो राम भक्तों की भावना को आहत करती हो। यह भी कहा कि किसी के पास इससे संबंधित दस्तावेजी सबूत हो तो एसआईटी को दे दें वह जांच करेगी। प्रभु श्रीराम ने मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा दी है, ऐसे में सभी को मर्यादा का पालन करना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि जांच के बीच बयानबाजी होती है तो जांच प्रभावित करती है। जांच के बाद किसी को कोई बात कहनी होगी तो एसआईटी से कह सकते हैं। अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या और श्रीराम जन्मभूमि को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं। यह लोग नहीं चाहेंगे कि अयोध्या को सम्मान मिले। यह लोग अयोध्या को बदनाम करना चाहते हैं। अयोध्या और यहां के लोगों को अपमानित करते हैं। हम इनके बहकावे में कत्तई न आएं। इन लोगों का आचरण पहले से ही सभी के सामने है। राम भक्तों को बदनाम करने वाले बाबर को मानने वाले लोग कहा कि जो लोग रामभक्तों को अपमानित करते थे, अपराधियों के कब्र पर जाकर फातिया पढ़ते थे। जिन लोगों ने अब तक राम जन्मभूमि में दर्शन नहीं किया, अपने विधायकों को भी जाने से रोका, वह लोग बाबर को मानने वाले लोग हैं। उनके ही विधायक मनोज पांडेय ने जब सभी विधायकों को अयोध्या लाने की बात कही तो उन्हें अखिलेश ने फटकार दिया था। मनोज पांडेय को धुतकार कर भगा दिया था। आज मनोज पांडेय हमारी सरकार में मंत्री हैं। अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि यह लोग कभी अयोध्या नहीं आए और अयोध्या को बदनाम करने के लिए क्या-क्या कर रहे हैं, इसे देखते रहिए। उन लोगों की सोच कब्रिस्तान और कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने तक ही सीमित रही है। हम लोग अयोध्या के विकास में लगे हैं। आज एक ही विधानसभा में 126 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हो रहा है। कांग्रेस का दोगला चरित्र कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि वह लोग दोगले चरित्र के हैं। उन लोगों ने अयोध्या में राम मंदिर न बनने पाए, इसके लिए एड़ी चोटी का दम लगा दिया था। अयोध्या की पहचान का संकट खड़ा किया था। आज कांग्रेस बोल रही है कि राम भक्तों का अपमान हो गया। जब कांग्रेस कहती थी कि राम है ही नहीं, तब अपमान नहीं होता था? श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल खड़ा करने वाली कांग्रेस आज राम भक्तों के नाम पर मचल रही है।

लखनऊ से झांसी तक बेहतर सड़क संपर्क, औद्योगिक विकास और निवेश को मिलेगी रफ्तार

लखनऊ झांसी को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, रक्षा गलियारे और औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ने के लिए 106 किलोमीटर लंबा नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इससे दिल्ली, लखनऊ और अन्य प्रमुख शहरों तक आवागमन आसान होगा। परियोजना से क्षेत्र में निवेश, रोजगार, माल परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। झांसी को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, रक्षा गलियारे और औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ने के लिए 106 किलोमीटर लंबा नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इससे दिल्ली, लखनऊ और अन्य प्रमुख शहरों तक आवागमन आसान होगा। परियोजना से क्षेत्र में निवेश, रोजगार, माल परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना झांसी को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, रक्षा गलियारा और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास क्षेत्र (बीडा) से बेहतर कनेक्टिविटी देगी। इससे झांसी, जालौन और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र की सड़क संपर्कता मजबूत होगी। झांसी सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ जाएगी। दिल्ली, लखनऊ, आगरा और पूर्वांचल की ओर आवागमन आसान हो जाएगा। यूपीडा के निविदा दस्तावेजों के अनुसार, पहला खंड 50 किलोमीटर लंबा होगा।   यह जालौन जिले के फूलपुरा के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के चेनज 170+300 से शुरू होकर झांसी जिले के पिपरा गांव तक जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 2262.28 करोड़ रुपये है। दूसरा खंड 56.3 किलोमीटर लंबा होगा, जिसकी अनुमानित लागत 2,739.46 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। पिछले वर्ष ड्रोन सर्वे के दौरान 63 गांवों को चिह्नित किया गया था। परियोजना का महत्व यह एक्सप्रेसवे औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने में सहायक होगा। मालवहन और कृषि उत्पादों के परिवहन में भी सुधार होगा। इससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। यह बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण और रक्षा औद्योगिक गलियारे को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगा।   लागत और अन्य एक्सप्रेसवे से तुलना झांसी लिंक एक्सप्रेसवे की प्रति किलोमीटर लागत करीब 47.05 करोड़ रुपये है। प्रति किलोमीटर लागत के हिसाब से यह उत्तर प्रदेश का तीसरा सबसे महंगा एक्सप्रेसवे है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पहले स्थान पर है, जिसकी प्रति किलोमीटर लागत करीब 64 करोड़ रुपये है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की प्रति किलोमीटर लागत लगभग 50 करोड़ रुपये है। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे की प्रति किलोमीटर लागत 33.9 करोड़ रुपये है।  

चंदा चोरी विवाद पर योगी आदित्यनाथ का पलटवार, कहा—SIT जांच सच सामने लाएगी

अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या जनपद के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय सहित ₹378 करोड़ से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. उन्होंने वहां वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण भी किया. मंच से जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अयोध्या में चंदा चोरी के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए 500 साल संघर्ष हुआ है, इसलिए कोई भी अयोध्या को बदनाम न करे. किसी के पास चंदा चोरी का कोई सबूत है तो वह एसआईटी को दे, इसकी पूरी जांच और सख्त एक्शन होगा।  अयोध्या को बदनाम करने वालों पर बरसे सीएम सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आरोप लगाने वाले लोग केवल बदनाम करने का काम कर रहे हैं. इनका आचरण सबके सामने है, जिन्होंने कभी राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, श्री राम बोलने पर लाठियां चलवाईं और कोर्ट में प्रभु राम के खिलाफ केस लड़े।  मुख्यमंत्री ने नसीहत दी कि जांच रिपोर्ट आने तक कोई भी इस मामले में बयानबाजी न करे और किसी के चरित्र हनन का प्रयास न करे. उन्होंने भरोसा दिया कि अगर कोई अपराधी है तो वह बचेगा नहीं, यह पूरी तरह कन्फर्म है।  बकौल सीएम योगी- सबको अपनी जिम्मेदारी का दायित्व निभाना होगा. जिम्मेदारी का दायित्व निभायेंगे तभी विकास होगा. सपा जय श्री राम कहने पर गोली चलवाती थी. हमने ट्रस्ट की मांग पर SIT बनवाई. जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी होगा. हां, अगर… किसी के पास कोई सुबूत हो तो SIT को दे. लेकिन बयानबाजी से अयोध्या का अपमान न करे. जनता अपमान करने वालों से सावधान रहे।  बेटियों के लिए पीएसी की 3 नई बटालियन अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं के प्रति श्रद्धा भाव को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा बताया. उन्होंने घोषणा की कि डबल इंजन की सरकार ने महारानी लक्ष्मीबाई, महारानी दुर्गावती, अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई और उदा देवी के सम्मान में कई अभियान शुरू किए हैं. इसी कड़ी में सरकार ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई कोरी और वीरांगना उदादेवी पासी के नाम पर पीएसी की तीन नई बटालियन गठित की हैं. सबसे खास बात यह है कि इन तीनों बटालियन में केवल बेटियों की ही भर्ती की जाएगी। 

रुदौली में झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण, विपक्ष पर सीएम योगी का हमला

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या जनपद के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय सहित ₹378 करोड़ से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. उन्होंने वहां वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण भी किया. मंच से जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अयोध्या में चंदा चोरी के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए 500 साल संघर्ष हुआ है, इसलिए कोई भी अयोध्या को बदनाम न करे. किसी के पास चंदा चोरी का कोई सबूत है तो वह एसआईटी को दे, इसकी पूरी जांच और सख्त एक्शन होगा. अयोध्या को बदनाम करने वालों पर बरसे सीएम सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आरोप लगाने वाले लोग केवल बदनाम करने का काम कर रहे हैं. इनका आचरण सबके सामने है, जिन्होंने कभी राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, श्री राम बोलने पर लाठियां चलवाईं और कोर्ट में प्रभु राम के खिलाफ केस लड़े.  मुख्यमंत्री ने नसीहत दी कि जांच रिपोर्ट आने तक कोई भी इस मामले में बयानबाजी न करे और किसी के चरित्र हनन का प्रयास न करे. उन्होंने भरोसा दिया कि अगर कोई अपराधी है तो वह बचेगा नहीं, यह पूरी तरह कन्फर्म है. बकौल सीएम योगी- सबको अपनी जिम्मेदारी का दायित्व निभाना होगा. जिम्मेदारी का दायित्व निभायेंगे तभी विकास होगा. सपा जय श्री राम कहने पर गोली चलवाती थी. हमने ट्रस्ट की मांग पर SIT बनवाई. जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी होगा. हां, अगर… किसी के पास कोई सुबूत हो तो SIT को दे. लेकिन बयानबाजी से अयोध्या का अपमान न करे. जनता अपमान करने वालों से सावधान रहे. बेटियों के लिए पीएसी की 3 नई बटालियन अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं के प्रति श्रद्धा भाव को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा बताया. उन्होंने घोषणा की कि डबल इंजन की सरकार ने महारानी लक्ष्मीबाई, महारानी दुर्गावती, अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई और उदा देवी के सम्मान में कई अभियान शुरू किए हैं. इसी कड़ी में सरकार ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई कोरी और वीरांगना उदादेवी पासी के नाम पर पीएसी की तीन नई बटालियन गठित की हैं. सबसे खास बात यह है कि इन तीनों बटालियन में केवल बेटियों की ही भर्ती की जाएगी.

योगी सरकार की सामूहिक विवाह योजना बनी OBC परिवारों का सहारा, हजारों घरों को मिली राहत

योगी सरकार में ओबीसी परिवारों के लिए संबल बनी सामूहिक विवाह योजना अन्य पिछड़ा वर्ग के 1.80 लाख से अधिक जोड़ों को मिला मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का सहारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 26,286 ओबीसी जोड़े हुए लाभान्वित, समाज कल्याण विभाग निभा रहा अहम भूमिका लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ किसी भेदभाव के बिना समाज के सभी वर्गों तक पहुंच रहा है। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि पात्रता के आधार पर प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसी सोच का परिणाम है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के गरीब परिवारों के लिए सहारा बनी है। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के परिवारों की बात करें तो योगी सरकार के नौ वर्षों में 1,80,017 जोड़ों का विवाह इस योजना के माध्यम से संपन्न कराया गया है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 26,286 ओबीसी जोड़े योजना से लाभान्वित हुए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार की योजनाएं समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंच रही हैं और पात्र लोगों को उनका अधिकार मिल रहा है।  पात्रता के आधार पर मिल रहा योजनाओं का लाभ योगी सरकार ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां किसी वर्ग विशेष के बजाय सभी पात्र परिवारों को लाभ दिया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के सम्मानजनक विवाह के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना लाखों परिवारों के जीवन में खुशियां लेकर आई है। समाज कल्याण विभाग निभा रहा सक्रिय भूमिका समाज कल्याण विभाग योजना के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग की ओर से लाभार्थियों का सत्यापन कर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाते हैं। विवाह की संपूर्ण व्यवस्था प्रशासनिक स्तर पर सुनिश्चित की जाती है। समारोह में खान-पान, पंडाल, सजावट सहित अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं, ताकि लाभार्थी परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। आर्थिक सहायता से मिल रहा सामाजिक संबल मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े को एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इसमें 60 हजार रुपये वधू के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित किए जाते हैं, 25 हजार रुपये के उपहार एवं गृहस्थी के सामान दिए जाते हैं, जबकि 15 हजार रुपये विवाह आयोजन पर खर्च किए जाते हैं। इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो पाता है। योगी सरकार में पात्र परिवारों को मिल रहा योजनाओं का लाभ समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में समाज के प्रत्येक पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बीते 9 वर्षों में अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिली है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 4,957 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जो 2018-19 में बढ़कर 13,866 और 2019-20 में 15,417 तक पहुंच गया। वर्ष 2020-21 में 6,901, 2021-22 में 15,256, 2022-23 में 31,903, 2023-24 में 33,913 तथा 2024-25 में 31,518 जोड़ों का विवाह कराया गया। वहीं, वर्ष 2025-26 में 26,286 जोड़े इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आर्थिक संबल के साथ सामाजिक समरसता और सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा को मजबूत करते हुए कुल 5,54,202 जोड़ों की शादियां हुई हैं।

विकास प्राधिकरण करेगा पंचायतों के मंजूर नक्शों का शमन, भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में बड़ी राहत

लखनऊ  विकास क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा एक अप्रैल तक स्वीकृत किए गए मानचित्रों को अगले वर्ष 31 मार्च तक वैध कराया जा सकेगा। संबंधित विकास प्राधिकरणों द्वारा पंचायतों के मंजूर नक्शों का शमन किया जाएगा। शमन के लिए तय अवधि तक भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में 75 प्रतिशत की छूट मिलेगी। कैबिनेट द्वारा पिछले दिनों किए गए निर्णय के संबंध में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने गुरुवार को शासनादेश जारी कर दिया। प्रमुख सचिव आवास पी गुरूप्रसाद की ओर से विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्षों, आवास आयुक्त व प्रमुख सचिव पंचायतीराज को भेजे गए शासनादेश के तहत विकास क्षेत्र में निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत करने के अधिकार को स्पष्ट करते हुए एक अप्रैल 2026 (कट आफ डेट) तक जिला पंचायतों से स्वीकृत मानचित्र को एक वर्ष यानी अगले वर्ष 31 मार्च विकास प्राधिकरण के माध्यम से वैध कराया जा सकेगा। आदेश में स्पष्ट की गई ये बात आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भवन निर्माण एवं विकास उपविधि, जिला पंचायत उपविधि के अनुसार स्वीकृत नक्शा शमनीय होगा बशर्ते महायोजना भू-उपयोग के अनुसार निर्माण हो। भू-उपयोग परिवर्तन के मामले में परिवर्तन शुल्क देना होगा लेकिन उसमें 75 प्रतिशत की छूट मिलेगी। ग्रीन पार्क व खुले क्षेत्रों के लिए आरक्षित भूमि पर निजी उपयोग के लिए निर्मित आवासीय भवनों को छोड़कर अन्य प्रकरणों में भू-स्वामी द्वारा समतुल्य भूमि उस भू उपयोग के लिए आरक्षित करने पर विचार किया जाएगा। जलाशय महायोजना मार्ग तथा शासकीय भूमि पर विनियमितिकरण नहीं किया जाएगा। 200 वर्ग मीटर तक भूखंडों पर बने आवासीय भवनों को भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। जिला पचायतों को एक अप्रैल तक स्वीकृत मानचित्रों की प्रमाणिक सूची 15 दिनों में संबंधित प्राधिकरण तथा शासन को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि जिला पंचायतें ‘बैक डेटिंग’ न कर सकें। विकास प्राधिकरणों द्वारा भवन उपविधि के मानकों के तहत स्वीकृत मानचित्र परीक्षण में सही पाए जाने पर पंजीकृत किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि विकास क्षेत्र में पंचायतों द्वारा मंजूर किए गए मानचित्रों की वैध पर सवाल उठाते हुए प्राधिकरणों द्वारा भवन स्वामियों को नोटिस देने के साथ ही ध्वस्तीकरण के आदेश किए जा रहे हैं। महायोजना से बाहर के क्षेत्रों के नक्शों के लिए बनी मानक संचालन प्रक्रिया चूंकि प्रदेश के 17 नगर निगम सहित 762 नगरीय निकाय में से अभी लगभग 200 के ही मास्टर प्लान बने हैं इसलिए विकास /विस्तारित विकास या विनियमित ऐसे क्षेत्र जो महायोजना के दायरे से बाहर हैं उनमें सुनियोजित विकास के लिए सरकार ने किसी तरह के निर्माण के मानचित्र स्वीकृति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया(एसओपी) भी तय की है। 29 विकास प्राधिकरणों के अधिसूचित विकास क्षेत्र तथा 72 विनियमित क्षेत्र आदि में अगर कोई निर्माण जलाशय, राजस्व भूमि, बंजर भूमि, वन, श्मशान आदि की जमीन पर है तो उसका नक्शा पास होने पर भी उसे वैध नहीं माना जाएगा। जिन क्षेत्रों के मास्टर प्लान नहीं हैं उनके अनिवार्य रूप से छह माह में तैयार करने को कहा गया है। यथासंभव मानचित्रों को महायोजना में समायोजित किया जाएगा। उपविधि के तहत कृषि भूमि पर किए गए आवासीय निर्माण, लगाए गए उद्योग आदि की स्वीकृति नगर पंचायत व पालिका परिषद तभी दे सकेंगे जब उद्योग खतरनाक प्रकृति का न हो।

बोक चॉय की खेती ने बदली किसान की किस्मत, गोण्डा के प्रवीण बने किसानों के लिए मिसाल

 गोंडा  एक वक्त था जब खेती को केवल पेट भरने का जरिया समझा जाता था। लेकिन आज वही खेती लाखों रुपये की कमाई देने वाला व्यवसाय बन चुकी है। देश के किसान अब परंपरा की जंजीरें तोड़ रहे हैं। वे आधुनिक सोच के साथ खेतों में उतर रहे हैं। उन्नत बीज, नई तकनीक और बाजार की सटीक समझ ने खेती का पूरा नजरिया बदल दिया है। जो जमीन कभी बस गुजारे लायक फसल देती थी, आज वही जमीन समृद्धि की नई इबारत लिख रही है। सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में यह बदलाव और भी तेज है। यहाँ किसान कम समय में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। वे न सिर्फ अपनी जिंदगी बदल रहे हैं, बल्कि अपने गाँव और समाज को भी नई दिशा दे रहे हैं। एक किसान, एक मिसाल उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले के मनकापुर ब्लॉक में बेनीपुर गाँव है। यहाँ के किसान प्रवीण कुमार सिंह इस बदलाव के जीते-जागते प्रमाण हैं। उन्होंने पारंपरिक खेती की सीमाओं को पार किया। आधुनिक कृषि पद्धतियाँ अपनाईं। आज वे सालाना 25 से 30 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत नहीं है। उनके खेतों पर एक दर्जन से अधिक लोग नियमित रोजगार पा रहे हैं। इससे आसपास के ग्रामीण परिवारों की आजीविका भी सुदृढ़ हो रही है। देशी और विदेशी सब्जियों का संतुलित संगम प्रवीण पारंपरिक सब्जियों के साथ-साथ विदेशी किस्मों की भी खेती कर रहे हैं। इनमें बोक चॉय यानी चाइनीज पत्ता गोभी विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यह सब्जी तेजी से तैयार होती है। बाजार में इसके अच्छे दाम मिलते हैं। शहरी उपभोक्ताओं में इसकी माँग लगातार बढ़ रही है। सलाद, सूप और स्टर-फ्राई जैसे व्यंजनों में इसका खूब उपयोग होता है। इसी कारण यह एक नकदी फसल के रूप में स्थापित हो चुकी है। पोषण से भरपूर, स्वाद से भरपूर बोक चॉय स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है। इसमें विटामिन ए, सी और के पाए जाते हैं। साथ ही कैल्शियम और फोलेट भी प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसमें कैलोरी कम होती है। पोषण मूल्य उच्च होता है। इसीलिए यह स्वास्थ्य के प्रति सजग उपभोक्ताओं की पसंदीदा सब्जी बनती जा रही है। प्रवीण कुमार की यह उपज लखनऊ और बाराबंकी पहुँच रही है। आसपास के प्रमुख बाजारों में भी इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। ज्ञान बाँटते किसान, जागती उम्मीदें प्रवीण सिंह की दृष्टि केवल अपने खेत तक सीमित नहीं है। उनके फार्म पर नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यहाँ क्षेत्र के अन्य किसान आते हैं। वे आधुनिक खेती की तकनीकें सीखते हैं। अपनी आमदनी बढ़ाने की राह पकड़ते हैं। यह सामूहिक प्रयास ग्रामीण कृषि में सकारात्मक बदलाव की नींव रख रहा है। सरकारी सहयोग- नई फसलों को मिल रही नई उड़ान जिला उद्यान विभाग भी इस बदलाव में सक्रिय भागीदार है। ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी और चाइनीज सब्जियों के बीज व पौधे किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कम लागत में नर्सरी तैयार करने की सुविधा भी दी जा रही है। इससे छोटे और मझोले किसान भी नई फसलें आसानी से अपना सकते हैं। वे अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। प्रवीण कुमार सिंह की कहानी यह साबित करती है कि सही सोच,आधुनिक तकनीक और मेहनत के दम पर भारतीय किसान न सिर्फ अपनी किस्मत बदल सकता है, बल्कि अपने समाज के लिए भी बदलाव की मशाल थाम सकता है।

योगी सरकार ने जिस जमीन पर बसाए थे गरीब, अब उसी मकानों को तोड़ने की तैयारी; सिंचाई विभाग का नोटिस

लखनऊ  यूपी की राजधानी लखनऊ में डालीबाग स्थित एलडीए की सरदार पटेल आवास योजना में  हड़कंप मच गया। दरअसल,मुख्तार अंसारी की जमीन पर योगी सरकार ने गरीबों को जो घर बनवाकर दिए थे सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उन्हीं फ्लैटों पर गिराने का नोटिस लगा दिया है। लाल क्रॉस का निशान लगाकर उन्हें खाली करने की चेतावनी दी गई है। यह वही 72 फ्लैट हैं जिनकी चाबी नवंबर 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं गरीब परिवारों को सौंपी थी। उधर, नोटिस लगते ही कॉलोनी में रहने वाले परिवारों में दहशत फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। छह महीने पहले मिला था आशियाना यह वही परियोजना है, जिसे लखनऊ विकास प्राधिकरण ने डालीबाग में माफिया मुख्तार अंसारी के ध्वस्त किए गए बंगले की जमीन पर विकसित किया था। यहां गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए 72 फ्लैट बनाए गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवंबर 2025 में आयोजित समारोह में लाभार्थियों को इन मकानों की आवंटन पत्र व चाबी सौंपी थी। कई परिवारों ने इसी वर्ष यहां आकर रहना शुरू किया था। अब सिंचाई विभाग ने सात दिन में खाली करने की नोटिस चस्पा की है। नोटिस सिंचाई विभाग के लखनऊ खण्ड दो शारदानहर के जिलेदार सर्वेक्षण की ओर से चस्पा की गयी है। नोटिस में यह भी लिखा है कि अगर इसे खाली कराने में कोई क्षति होती है तो कब्जेदार स्वयं जिम्मेदार होंगे। कब्जेदारों से शमन शुल्क और हर्जा खर्चा भी वसूला जाएगा। नोटिस देख भड़के आवंटी, जब मुख्तार का बंगला खड़ा था तब कहां था सिंचाई विभाग सिंचाई विभाग का दावा है कि यह भूमि हैदर कैनाल बंधे की सरकारी जमीन है। विभाग ने फ्लैटों पर नोटिस चस्पा करते हुए उन्हें अपनी भूमि बताया है। नोटिस लगते ही आवंटियों में नाराजगी फैल गई। लोगों का कहना है कि जब इसी जमीन पर वर्षों तक मुख्तार अंसारी का आलीशान बंगला खड़ा था, तब सिंचाई विभाग को अपनी जमीन दिखाई नहीं दी। अब जब गरीब परिवारों को सरकारी योजना के तहत घर मिल गए हैं, तब अचानक जमीन पर दावा किया जा रहा है। आवंटियों ने सवाल उठाया कि यदि भूमि को लेकर कोई विवाद था तो निर्माण शुरू होने से पहले ही इसे स्पष्ट क्यों नहीं किया गया। उनका कहना है कि अभी उन्हें मकानों में रहते हुए छह महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और बेदखली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एलडीए अधिकारियों के उड़े होश मामले की जानकारी मिलते ही एलडीए के अधिकारियों में भी हलचल मच गई। सूत्रों के अनुसार, सिंचाई विभाग की कार्रवाई और भूमि विवाद की सूचना तत्काल शासन के उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। एलडीए उच्च स्तर पर मामले में कड़ी नाराजगी जतायी है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि इस मामले की जानकारी होने के बाद सिंचाई विभाग के अफसरों से बात की गयी। उन्होंने अपनी गलती मानी है और कहा है कि शाम तक नोटिस हटवाएंगे। जो लाल क्रास के निशान लगाया है उसकी भी सिंचाई विभाग पुताई कराएगा।