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स्थानीय स्वाद को मिलेगी वैश्विक पहचान, पारंपरिक व्यंजनों को चिह्नित कर उनकी ब्रांडिंग, पैकेजिंग व मार्केटिंग को दिया जाएगा बढ़ावा

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सोमवार को कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने, किसानों को राहत, युवाओं के कौशल विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर रहा। इनमें एक महत्वपूर्ण निर्णय ‘एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी)’ योजना का रहा, जिसे प्रदेश की नई पहचान के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके साथ ही कैबिनेट ने सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी को भी मंजूरी दे दी है।  ‘एक जनपद एक व्यंजन’: हर जिले का स्वाद बनेगा ब्रांड एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने बताया कि सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ की तर्ज पर ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत हर जिले के पारंपरिक व्यंजन को चिह्नित कर उसकी ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना में गुणवत्ता सुधार, शेल्फ लाइफ बढ़ाने और निर्यात अवसर विकसित करने पर विशेष फोकस रहेगा। खाद्य कारोबार से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों को 25% तक की सब्सिडी (अधिकतम ₹20 लाख) दी जाएगी। इसके लिए ₹150 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा व जौनपुर की इमरती जैसे व्यंजनों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है। ट्रांसफर पॉलिसी 2026-27: 31 मई तक होंगे स्थानांतरण कैबिनेट बैठक में अधिकारियों/कर्मचारियों की नई स्थानांतरण नीति 2026-27 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत, सभी ट्रांसफर 31 मई 2026 तक किए जाएंगे। नीति के तहत समूह ‘क’ व ‘ख’ के ऐसे अधिकारी, जिन्होंने किसी जनपद में 3 वर्ष या मंडल में 7 वर्ष पूरे कर लिए हैं, उनका स्थानांतरण अनिवार्य होगा, जबकि विभागाध्यक्ष/मंडलीय कार्यालय में तैनाती की अवधि इसमें शामिल नहीं होगी। मंडलीय कार्यालय में तैनाती की अधिकतम अवधि 3 वर्ष होगी। समूह ‘क’ व ‘ख’ के स्थानांतरण संवर्गवार कार्यरत अधिकारियों की संख्या के अधिकतम 20% और समूह ‘ग’ व ‘घ’ के कार्मिकों के स्थानांतरण संवर्गवार कार्यरत कुल कार्मिकों की संख्या के अधिकतम 10% की सीमा तक किए जा सकेंगे। समूह ‘ख’ व ‘ग’ के ट्रांसफर यथासंभव मेरिट आधारित ऑनलाइन प्रणाली से होंगे तथा समूह ‘ग’ में पटल/क्षेत्र परिवर्तन के नियमों का कड़ाई से पालन होगा। दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को सुविधा अनुसार तैनाती, आकांक्षी जनपदों में प्राथमिकता पोस्टिंग और स्थानांतरण सत्र के बाद समूह ‘क’ व ‘ख’ के ट्रांसफर हेतु मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री की स्वीकृति अनिवार्य जैसे प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। पीडब्ल्यूडी में सख्ती: गुणवत्ता से समझौता नहीं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में कार्यों की गुणवत्ता सुधारने और अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा पर रोक लगाने के लिए कैबिनेट ने निविदा निस्तारण की नई प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। इसके तहत ₹5 करोड़ से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए एसबीडी और ₹5 करोड़ से कम के कार्यों के लिए टी-1 व टी-2 प्रणाली लागू होगी। कम दर पर टेंडर लेने वाले निविदादाताओं से अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी अनिवार्य की गई है। 15% से अधिक कम दर वाले ठेकेदारों के चयन से पहले उनके निर्माणाधीन और पूर्ण कार्यों की गुणवत्ता की जांच होगी, जबकि 15% से कम दर पर बोली लगाने वाले ऐसे ठेकेदार जिनका प्रदेश में कोई कार्य नहीं चल रहा या पिछले दो वर्षों में कोई कार्य पूरा नहीं किया है, उनसे भी अतिरिक्त सिक्योरिटी ली जाएगी। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदारों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित होगा। किसानों को राहत: हाईटेंशन लाइनों पर बढ़ा मुआवजा कैबिनेट ने बिजली की हाईटेंशन लाइनों से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजा बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। टावर के नीचे आने वाली जमीन पर अब 200% मुआवजा मिलेगा, जबकि लाइन के नीचे आने वाली जमीन पर 30% मुआवजा दिया जाएगा। इससे किसानों को कुल मिलाकर 21% से 33% तक अधिक लाभ मिलेगा। टेक्सटाइल पार्क से औद्योगिक विकास को रफ्तार संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना के तहत प्रदेश में 10 टेक्सटाइल पार्कों का विकास किया जाना है। इसके लिए बंद पड़ी कताई मिलों की जमीन का उपयोग किया जाएगा। कैबिनेट ने 4 कताई मिलों की 251.8 एकड़ भूमि का हस्तकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग के पक्ष में निशुल्क हस्तांतरण की मंजूरी दी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। लखनऊ में 546 करोड़ की सड़क परियोजना राजधानी लखनऊ में आउटर रिंग रोड के रैथा अंडरपास से पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क तक 6 लेन के निर्माण तथा आईआईएम से रैथा अंडरपास मार्ग का 2 लेन में चौड़ाकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए ₹546.51 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इससे टेक्सटाइल पार्क की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ ही औद्योगिक विकास एवं परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी। अन्य अहम फैसले कैबिनेट ने 35 करोड़ पौधरोपण अभियान (₹147 करोड़ बजट), प्रत्येक जिले में वन ट्रिलियन डॉलर सीएम फेलोशिप कार्यक्रम के तहत एक ओटीडी फेलो (आर्थिक विकास) एवं एक ओटीडी फेलो (डेटा विश्लेषण) की तैनाती,  नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी के लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2019 का प्रवर्तन, फिरोजाबाद में निजी अमरदीप विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी और हाईकोर्ट रिसर्च एसोसिएट का कार्यकाल 2 से बढ़ाकर अधिकतम 3 वर्ष करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए हैं।

सुहागनगरी में महिला मार्केट का काम तेज, कोटला रोड पर बनेगा आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स

 फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद सुहागनगरी में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक खरीदारी का माहौल तैयार करने की दिशा में नगर निगम ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। महिलाओं के लिए एक अलग महिला मार्केट बनाने की योजना पर काम तेज कर दिया गया है। करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस मार्केट के लिए स्थल का चयन कर लिया गया है और अब टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इस मार्केट का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण में खरीदारी के साथ-साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, इस विशेष मार्केट में महिलाओं से जुड़े उत्पादों की दुकानें होंगी और यहां सुरक्षा, स्वच्छता व अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह मार्केट न सिर्फ स्थानीय महिलाओं के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि शहर के विकास में भी योगदान देगा। नगर निगम का निर्माण विभाग पिछले काफी समय से योजना के क्रियान्वयन को लेकर मंथन कर रहा है। नवनिर्मित प्रोजेक्ट के अनुसार महिला मार्केट में आधी आबादी के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विभागीय जानकारी के अनुसार वित्तीय निविदाएं खुलने खुलने के साथ ही अगली कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। महिला मार्केट के निर्माण का कार्य नगर निगम के निर्माण विभाग की देखरेख में किया जाएगा। महिला मार्केट को लेकर सहायक अभियंता द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों के बीच काफी देर तक विचार विमर्श किया गया। शासन की स्वीकृति मिलने के बाद योजना के क्रियान्वयन की तैयारी तेज कर दी गई है। फिलहाल महिला मार्केट के लिए कोटला रोड स्थित पीडी जैन इंटर कॉलेज के सामने खाली पड़ी जमीन को चयनित किया गया है। धनराशि बढ़ाने के लिए शासन को लिखेंगे पत्र विभागीय जानकारी के अनुसार महिला मार्केट के लिए निर्माण विभाग द्वारा शासन के समक्ष जो डीपीआर भेजा गया था। उसमें निर्माण लागत की धनराशि छह करोड़ निर्धारित की गई थी। शासन ने इसमें कटौती करते हुए यह धनराशि पांच करोड़ कर दी। ऐसा समझा जाता है कि निर्माण पर अधिक धनराशि खर्च होने के कारण विभाग फिर से इस संबंध में शासन को पत्र लिखेगा। जल्द करेगी आर्किटेक्ट टीम सर्वे नगर निगम का निर्माण विभाग महिला मार्केट के निर्माण को लेकर आर्किटेक्ट टीम का सहयोग लिया जाएगा। विभागीय अधिकारी इस संबंध में जल्द ही आगरा की एक आर्किटेक्ट टीम से संपर्क स्थापित करेंगे। आर्किटेक्ट टीम द्वारा जल्द ही निर्माण स्थल का सर्वे किया जाएगा। प्रस्ताव को सदन में भी पारित किया मेयर कामिनी राठौर ने बताया कि शहर की महिलाओं को सुरक्षित खरीदारी स्थल मुहैया कराने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा महिला मार्केट का निर्माण कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इस प्रस्ताव को सदन में भी पारित किया गया है।  

योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में मेडिकल कॉलेज के बगल में निशुल्क भूमि हस्तांतरण को मंजूरी

लखनऊ  तथागत बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना का मार्ग सोमवार को प्रशस्त हो गया। योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए कुशीनगर के मेडिकल कॉलेज (स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय) के बगल में स्थित सीलिंग भूमि में से 0.405 हेक्टेयर भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करने को मंजूरी मिल गई है।  केंद्र सहायतित योजना के तहत भारत सरकार ने प्रदेश को 27 नर्सिंग कॉलेज आवंटित किए हैं। इन नर्सिंग कॉलेजों में जनपद कुशीनगर भी शामिल है। केंद्र सरकार की तरफ से प्रति नर्सिंग कॉलेज की लागत 10 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें 60 प्रतिशत केंद्र का अंश होगा जबकि 40 प्रतिशत राज्यांश है।  कुशीनगर में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए पडरौना तहसील के मौजा रामपुर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) के बगल में 1.054 हेक्टेयर सीलिंग भूमि में से 0.405 हेक्टेयर भूमि का निशुल्क हस्तांतरण होना था। यह भूमि पडरौना-कुबेरस्थान मुख्य मार्ग से 500 मीटर दक्षिण में स्थित है। राजकीय नर्सिंग कॉलेज को निशुल्क भूमि हस्तांतरण के लिए प्रदेश कैबिनेट ने सोमवार को मंजूरी दे दी। कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से उच्च स्तरीय चिकित्सा में सहायता तो मिलेगी ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार का भी सृजन होगा।

सीएम योगी बोले: यूपी अब वित्तीय अनुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोक भवन में सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग के नव चयनित लेखा परीक्षकों को नियुक्ति-पत्र वितरित किया। कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार, सचिव वित्त संदीप कौर, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत आदि उपस्थित थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में हुए व्यापक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि बदलते भारत के साथ उत्तर प्रदेश ने भी नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले और उसके बाद के उत्तर प्रदेश का अंतर किसी से छिपा नहीं है और यह परिवर्तन हर क्षेत्र में देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की प्राथमिकता कानून का राज और सुरक्षा होती है, लेकिन इसके साथ ही बेहतर वित्तीय प्रबंधन और अनुशासन भी उतना ही आवश्यक है। यदि वित्तीय अनुशासन नहीं होता और बिना बजट के खर्च होते, तो उत्तर प्रदेश आज बीमारू राज्य की छवि से बाहर नहीं निकल पाता। योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में आयोजित करीब 500 नव चयनित युवाओं के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वित्तीय कुप्रबंधन का उदाहरण जेपीएनआइसी (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) है। जिसकी प्रारंभिक लागत 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन 860 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद परियोजना आज भी अधूरी है। मुख्यमंत्री ने 2017 के शुरुआती दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि कोई बैंक उत्तर प्रदेश को कर्ज देने के लिए तैयार नहीं था। उन्होंने बताया कि सरकार ने निर्णय लिया कि बिना कर्ज लिए वित्तीय अनुशासन के साथ विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज स्थिति बदल चुकी है। उदाहरण देते हुए उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे का उल्लेख किया, जो करीब 600 किलोमीटर लंबा है और जिस पर 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। इसके साथ ही नौ इंडस्ट्रियल और लाजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जिनके लिए 7000 एकड़ भूमि ली गई है। कुल मिलाकर इस परियोजना पर लगभग 42 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज बड़े प्रोजेक्ट के लिए बैंक स्वयं निवेश की पेशकश करते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश अब आत्मनिर्भर वित्तीय प्रबंधन के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले तो प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये के कई घोटाले हुए, लेकिन वर्तमान सरकार ने वित्तीय कुप्रबंधन को सुधारते हुए प्रदेश को अनुशासित वित्तीय ढांचे में आगे बढ़ाया है, जिसके परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वित्तमंत्री के जिले में किसका चयन हुआ उन्हें भी नहीं पता मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले हर पेपर लीक हो जाता था लेकिन अब इसकी पुख्ता व्यवस्था की गई है। उन्होंने वित्त मंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि शाहजहांपुर से कई कैंडिडेट चयनित हुए हैं। वित्त मंत्री वहीं के हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि किसका चयन हो रहा है। पहले पेपर लीक होता था तो जो बचा रहता था वह चाचा भतीजे पूरा कर देते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ की मुस्लिम बेटी का चयन हुआ है। यह सबूत है कि कहीं किसी भी तरह का भेदभाव नहीं हुआ है। इसके लिए बोर्ड को बधाई। जो भी युवा योग्य होगा उसे नौकरी मिलेगी और अयोग्य लोगों की दाल नहीं गलेगी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र पाने वालों में बड़ी संख्या में बेटियां है। यह साबित करता है कि बेटियां किसी से पीछे नहीं हैं और उन्हें हर हाल में अधिकार देना पड़ेगा। कोई कितना भी विरोध कर ले, लेकिन बेटियों को कोई पीछे नहीं कर सकता है।  

मंगलवार को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा शिक्षामित्र सम्मान समारोह का प्रदेशस्तरीय आयोजन

गोरखपुर  शिक्षामित्रों के मानदेय में 80 प्रतिशत वृद्धि का उपहार देकर मान बढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेसिक शिक्षा की सुदृढ़ता में उनके योगदान के लिए सम्मान भी देने जा रहे हैं। शिक्षामित्रों को सम्मानित करने के लिए प्रदेशस्तरीय भव्य आयोजन मंगलवार को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा। इस अवसर पर सीएम योगी शिक्षामित्रों को वृद्धि के बाद नियत मानदेय का प्रतीकात्मक चेक भी शिक्षामित्रों को सौंपेंगे।  उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में तैनात 1.43 लाख शिक्षामित्रों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये मानदेय मिलता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों की शैक्षिक सेवा को सराहते हुए इसे बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। नया मानदेय अप्रैल माह से लागू हो गया है। मानदेय वृद्धि को सम्मान के साथ वितरित करने का शुभारंभ मंगलवार को समारोहपूर्वक गोरखपुर में सीएम योगी के सानिध्य में होगा। पहले मानदेय वृद्धि और अब सेवा के सम्मान की योगी सरकार की पहल से शिक्षामित्रों में उत्साह का जबरदस्त संचार देखा जा रहा है। शिक्षमित्रों के सम्मान समारोह को भव्य बनाने को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने जोरदार तैयारी की है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में पूर्वाह्न 11 बजे से होने वाले समारोह में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री, 10 शिक्षामित्रों को नए मानदेय (18 हजार रुपये) की धनराशि का प्रतीकात्मक चेक वितरित करेंगे।  ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का सीएम करेंगे विमोचन   कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षा विभाग के उपलब्धिपरक स्टालों का अवलोकन करने के साथ ही विद्यार्थी नेतृत्व आधारित प्रार्थना सभा की गतिविधियों पर आधारित ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन भी करेंगे। मुख्यमंत्री की सहभागिता वाले भव्य समारोह के समानांतर राज्य के सभी जिलों में भी आयोजन किए जाएंगे। कार्यक्रम को लेकर शिक्षामित्रों में भारी उत्साह  गोरखपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन सुनने के लिए शिक्षामित्रों में खासा उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों की सहभागिता रहेगी। उन्होंने कहा कि मानदेय वृद्धि के जरिये मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों की शैक्षिक सेवा का मान बढ़ाया है। उनकी पहचान और प्रतिष्ठित हुई है और वे अब आर्थिक रूप से मजबूत भी होंगे। सरकार की तरफ से पहले मानदेय वृद्धि और अब सम्मान की पहल से शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ेगा और इससे शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई ऊंचाई मिलेगी।

निष्पक्ष भर्ती से बढ़ा विश्वास, बिना सिफारिश नौकरी मिलने पर युवाओं ने जताया मुख्यमंत्री का आभार

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग तथा स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के लिए चयनित कुल 500 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए युवाओं के चेहरे पर उत्साह और गर्व साफ झलक रहा था। योगी सरकार में सिफारिश या दबाव की नहीं पड़ती जरूरत नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चयन होना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक गर्व की बात यह है कि उन्हें स्वयं मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ। लखनऊ की आयुषी त्रिपाठी ने कहा कि यह उनके जीवन का ऐतिहासिक क्षण है। योगी सरकार में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी है, जहां किसी सिफारिश या दबाव की जरूरत नहीं पड़ती। आयुषी ने युवाओं को संदेश दिया कि वे मेहनत और ईमानदारी से तैयारी करें, सफलता अवश्य मिलेगी।  महिलाओं को बराबरी का अवसर दे रही योगी सरकार शाहजहांपुर की सुनेहा मिश्रा ने कहा कि नियुक्ति पत्र पाकर वह स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। इस बार बड़ी संख्या में महिलाओं का चयन होना इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार महिलाओं को बराबरी का अवसर दे रही है। सुनेहा ने विश्वास दिलाया कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, वह उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगी। अमरेंद्र प्रताप सिंह ने भर्ती प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया सरल, सुगम और पारदर्शी रही। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के चलते भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है और योग्य अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिल रहा है। कम शुल्क और बिना किसी बाधा के पूरी प्रक्रिया संपन्न होना युवाओं के लिए बड़ी राहत है। यूपी में महिलाएं बना रहीं अलग पहचान  झांसी की वंदना कुशवाहा और मयंक कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त करना अत्यंत ही गर्व का विषय है। योगी सरकार की नीतियों के कारण महिलाओं को अधिक अवसर मिल रहे हैं और वे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। प्रदेश के सुल्तानपुर, झांसी, आजमगढ़, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या समेत कई जिलों से आए अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि वर्तमान व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता ने उनके विश्वास को मजबूत किया है। इनको मिला सीएम योगी के हाथों नियुक्ति पत्र  सहकारी समिति एवं पंचायत लेखा परीक्षा के पद पर चयनित सुल्तानपुर के राम कुमार चौरसिया, झांसी की वंदना कुशवाहा, आजमगढ़ के देवव्रत यादव व विवेक सिंह, लखनऊ की आयुषी त्रिपाठी, मऊ के सौरभ कुमार गोंड, शाहजहांपुर की सुनेहा मिश्रा, वाराणसी के राम कुमार गुप्ता तथा गोरखपुर की पूर्णिमा सिंह को सीएम योगी ने स्वयं नियुक्ति पत्र सौंपे। इसी प्रकार स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के लिए लेखा परीक्षकों में पीलीभीत के वकार हुसैन अंसारी, सोनभद्र की कुमारी प्रांशु सिंह, हमीरपुर के सुधीर यादव, झांसी की तनु प्रजापति, शाहजहांपुर के अमित कुमार, प्रयागराज की बबीता, अयोध्या के सुधीर कुमार शुक्ला, लखनऊ की अना अली, गोरखपुर के सर्वजीत सिंह कोहली, बलिया की श्वेता को सीएम योगी के हाथों नियुक्ति पत्र पाने का अवसर मिला।

लखनऊ में जनता दर्शन,सीएम योगी ने सुनीं शिकायतें, शिक्षा और भर्ती पर दिया बड़ा संदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित 'जनता दर्शन' में प्रदेश भर से आए सैकड़ों फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान सीएम का एक अलग और संवेदनशील रूप देखने को मिला, जब उन्होंने वहां मौजूद बच्चों और उनके माता-पिता से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से दो-टूक कहा कि बच्चों को हर हाल में स्कूल भेजें, क्योंकि एक शिक्षित बच्चा ही सशक्त और समृद्ध भारत की नींव रखेगा। "सरकार सब दे रही है, आप बस स्कूल भेजें" जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री की नजर अभिभावकों के साथ आए कुछ छोटे बच्चों पर पड़ी। जब सीएम ने उनसे उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और यह जानकारी मिली कि कतिपय बच्चों का अभी स्कूल में दाखिला ही नहीं हुआ है, तो उन्होंने इस पर गहरी चिंता जताई। अभिभावकों को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में शिक्षा की तस्वीर बदली है। उन्होंने सरकार की योजनाओं को गिनाते हुए कहा, "बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में अब बच्चों को सिर्फ मुफ्त शिक्षा ही नहीं, बल्कि यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग और कॉपी-किताबों के लिए अभिभावकों के खातों में सीधे 1200 रुपये भेजे जा रहे हैं। बच्चों को पौष्टिक भोजन (मिड-डे मील) भी मिल रहा है। ऐसे में माता-पिता की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे बच्चों का एडमिशन कराएं और उन्हें नियमित स्कूल भेजें।" युवाओं को मंत्र: "सिफारिश नहीं, योग्यता दिलाएगी नौकरी" जनता दर्शन में पहुंचे बेरोजगार युवाओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें 'पारदर्शिता' का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बीते वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को बिना किसी भेदभाव और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां दी हैं। सीएम ने युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि इस साल भी लाखों रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी शॉर्टकट या सिफारिश के चक्कर में न पड़ें, बल्कि अपनी पूरी ऊर्जा मेहनत और तैयारी में लगाएं। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन से युवाओं में नया आत्मविश्वास देखने को मिला। अवैध कब्जे की शिकायतों पर 'जीरो टॉलरेंस' प्रशासनिक मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने 'अवैध कब्जे' की शिकायतों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। कई फरियादियों ने भूमि विवाद और दबंगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायतें उनके समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद पुलिस और राजस्व अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी शिकायतें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने निर्देश दिया कि राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर तत्काल जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई कर शासन को रिपोर्ट सौंपी जाए।

लखनऊ में 65 वर्षीय अशोक बहार ने दी NEET परीक्षा, बोले सपनों की कोई उम्र नहीं होती

लखनऊ लखनऊ माण्टेसरी स्कूल में रविवार एक परीक्षा केंद्र पर रविवार को 65 वर्षीय अशोक बहार ने नीट (NEET) दी। परीक्षा कक्ष में परीक्षा दे रहे दूसरे युवा परीक्षार्थियों में चर्चा का विषय रहा। युवाओं ने अशोक हौसले का सलाम किया। अधिक उम्र होने पर परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश के दौरान तलाशी के समय पुलिस व कर्मियों को संदेह होने पर पूछताछ की, लेकिन एडमिट कार्ड व आधार के मिलान कराने पर सब कुछ सही पाए जाने पर परीक्षा की अनुमति दी। इस उम्र में अशोक की यह पहल उन युवाओं के किसी प्रेरणा से कम नहीं है। जो एक व दो बार नीट देने पर चयन न होने पर निराश हो जाते हैं। परीक्षा केन्द्र पर मौजूद परीक्षार्थियों ने अशोक की इस हिम्मत और लगन को सलाम किया। परीक्षा देकर बाहर निकले अशोक ने बताया कि वो लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं। उनके पास एलएलबी और एमबीए की डिग्री है। अशोक बहार ने यह साबित कर दिया है कि सीखने की ललक और अपने सपनों को जीने का जज्बा किसी उम्र का मोहताज नहीं होता। अशोक बहार ने बताया कि वह एक खाद बनाने वाली कंपनी में मार्केटिंग प्रमुख के पद पर तैनात रहे हैं। परिवार में शिक्षा और चिकित्सा का माहौल रहा है। पत्नी डॉ. मंजुल बहार एक चिकित्सक हैं, और अमेरिका में हैं। उनके कई रिश्तेदार भी डॉक्टर हैं। इसी वातावरण ने उन्हें भी चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कहा कि मैंने वर्ष 2000 हजार में कंपनी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त ले लिया था। कहा कि नीट जैसी परीक्षा के लिए तय उम्र नहीं होती। कहा कि सिर्फ उम्र या परिस्थितियों को देखकर अपने सपनों को मत छोड़िए। लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत करने का साहस हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। कहा कि मैं दवाओं के बारे में बहुत कुछ जानता हूं, लेकिन दवाएं लिख नहीं सकता। दवा लिखने के लिए डॉक्टर की डिग्री होनी चाहिए। इसलिए परीक्षा दी। परीक्षा में सफलता मिले न मिले, प्रयास करते रहना चाहिए। इससे पहले ओडिशा के सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी 64 वर्षीय किशोर प्रधान 2020 में नीट पास कर चुके हैं। इसके अलावा अलीगढ़ के 69 वर्षीय मोहन लाल नीट दे चुके हैं।

युवाओं से कहा- सरकार खूब नौकरियां निकाल रही, मेहनत से तैयारी कीजिए, किसी के पास जाने की आवश्यकता नहीं, योग्यता है तो नौकरी अवश्य मिलेगी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश भर से पहुंचे फरियादियों से मुलाकात की और आश्वस्त किया कि सरकार हर उचित समस्या का समाधान कराएगी। जनता दर्शन में माता-पिता के साथ आए बच्चों की शिक्षा के बारे में पूछा और अभिभावकों से कहा कि बच्चों को अवश्य पढ़ाइए। शिक्षित बच्चा ही समृद्ध भारत का निर्माण करेगा। अवैध कब्जे की शिकायत पर मुख्यमंत्री सख्त हो गए, उन्होंने तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।  सरकार सुविधा दे रही, आप बच्चों को पढ़ाइए जनता दर्शन में अभिभावकों के साथ कुछ छोटे बच्चे भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने पूछा कि किस क्लास में पढ़ रहे हैं। इस पर जवाब आया कि अभी एडमिशन नहीं कराया है। सीएम ने इसकी वजह जाननी चाही, लेकिन उन्हें संतुष्टिपरक जवाब नहीं मिला तो उन्होंने अभिभावकों से कहा कि प्रदेश में पिछले 9 साल में शिक्षा का स्तर काफी सुधरा है। बेसिक हो या माध्यमिक, हर जगह बच्चों को गुणवत्ता के आधार पर शिक्षा प्रदान की जा रही है। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के बच्चों को शिक्षा के साथ ही ड्रेस, कॉपी-किताब, जूते-मोजे आदि के लिए अभिभावकों के खाते में 1200 रुपये दिए जा रहे हैं। बच्चों को ताजा पौष्टिक मिड-डे मील भी मिल रहा है। आप बच्चों का एडमिशन कराइए और हर हाल में स्कूल भेजिए। सरकार लाखों नौकरियां दे रही, आप मेहनत से तैयारी कीजिए जनता दर्शन में कुछ युवा भी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से नौकरी को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी की बातें ध्यान से सुनीं। फिर बताया कि 9 साल में 9 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है और सभी विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया निष्पक्षता व पारदर्शिता से संपन्न कराई गई है। इस साल भी सरकार कई विभागों में नियुक्ति करने जा रही है। इसके जरिए लाखों युवाओं को नौकरी मिलेगी। आप लोग सिर्फ मेहनत से तैयारी कीजिए। किसी के पास जाने की आवश्यकता नहीं है। हमारी सरकार में सिफारिश नहीं चलती, पारदर्शिता से भर्ती होती है। योग्यता है तो आपको नौकरी अवश्य मिलेगी। मुख्यमंत्री से वार्ता के उपरांत युवाओं ने सकारात्मक भाव के साथ तैयारी करने का विश्वास दिलाया। साथ ही आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए इन युवाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।  अवैध कब्जे की शिकायत पर सख्त हुए मुख्यमंत्री, बोले- कार्रवाई कीजिए और अवगत कराइए  मुख्यमंत्री के सामने अवैध कब्जे की भी शिकायत आई। सीएम ने फरियादियों से प्रार्थना पत्र लिया, उसे पढ़ा और अफसरों को देते हुए कहा कि इन मामलों की जांच कराइए। राजस्व, प्रशासन व पुलिस संयुक्त रूप से देखे कि इन प्रकरणों में क्या कार्रवाई होनी है। उचित कार्रवाई कराइए, पीड़ित पक्ष को संतुष्ट कराइए और फिर शासन को अवगत भी कराइए। ऐसी शिकायतें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

लखनऊ से बहराइच तक मौसम का तांडव, पेड़ गिरे, बिजली ठप और जनजीवन अस्त-व्यस्त

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह लखनऊ, अयोध्या, बहराइच समेत प्रदेश के कई जनपदों में आंधी-बारिश से हुई भीषण तबाही का संज्ञान लेते हुए अफसरों को तत्काल लोगों की मदद का निर्देश दिया है। सीएम योगी ने मौसम से प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी मशीनरी सक्रिय रहे, हर हाल में प्रयास करें कि विपरीत मौसम का न्यूनतम असर हो। जनहानि, पशुहानि, घायलों व आपदा प्रभावितों को 24 घंटे में मुआवजा दिलाना सुनिश्चित करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं नहीं होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि सरकार हर प्रतिकूल परिस्थिति में किसानों व समस्त प्रदेशवासियों के साथ निरंतर खड़ी है। प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत मौसम में कई जनपदों में सड़क दुर्घटनाएं हुईं। वहां राहत-बचाव कार्य तेज गति से हों। घायलों का निकटवर्ती अस्पतालों में त्वरित इलाज सुनिश्चित किया जाए। आंधी-बारिश की वजह से किसानों व आमजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूरा प्रयास किया जाए कि प्रतिकूल मौसम का न्यूनतम प्रभाव हो। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरंतर फील्ड में रहें, वस्तुस्थिति का जायजा लें। फील्ड अधिकारी भी खराब मौसम से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बीच जाएं और उनसे सीधा संपर्क करें और राहत कार्यों के लिए समन्वय बनाएं। किसी भी विपरीत स्थिति या आवश्यकता पर सभी सूचनाएं समय पर एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराएं, ताकि प्रभावितों को जल्द से जल्द राहत सुनिश्चित की जा सके। कहां कैसा रहा मौसम सुबह नौ बजे बाराबंकी में छाया अंधेरा, झमाझम बारिश बाराबंकी में सोमवार की सुबह से ही काले बादल छाए रहे। कुछ देर बाद ही ठण्डी हवाएं चलने लगीं। नौ बजते ही अंधेरा छा गया। ऐसे में हेडलाइट जलाकर वाहन सड़कों पर गुजरने लगे। आंधी शुरू होते ही ओलावृष्टि शुरू हो गई। दस मिनट के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। बाहर निकले लोग बारिश से बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। गोंडा में आंधी के कहर से सैकड़ों पेड़ और खंभे टूटे गोंडा में सोमवार सुबह करीब दस बजे आंधी और बारिश के कहर से सैकड़ों पेड़ और खंभे टूट गए है। जगह जगह बिजली लाइनें टूटने से हजारों घरों की बिजली गुल हो गई है। गोंडा उतरौला मार्ग पर मेहनौन बिजली उपकेंद्र से आने वाली 33 केवी की लाइन पर जामुन के पेड़ की मोटी डाल टूटकर गिर गए। इसे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गए है। गोंडा उतरौला मार्ग पर कई जगह पेड़ गिरने से यातायात बाधित है। अयोध्या हाइवे पर भी पेड़ गिरने से यातायात थमा रहा। मोतीगंज कस्बे में स्थित एक निजी स्कूल के बाउंड्री पर गिरा यूकेलिप्टस का पेड़ 11000 केवी की लाइन पर गिर गया । वही सीहागांव में भी पेड़ गिरने से पांच पोल वा तार टूटने से बिजली सप्लाई बाधित है। आर्य नगर खरगूपुर मार्ग पर स्टेट बैंक सामने लगा शीशम का पेड़ मुख्य सड़क पर गिर जाने से आवागमन बाधित हुआ। अयोध्या में झमाझम बारिश, दिन में जलानी पड़ी लाइट रामनगरी अयोध्या में एक बार फिर सुबह झमाझम बारिश से नजारा बदल गया। सुबह पौने ग्यारह बजे तेज हवाओं के साथ काले बादलों से दिन में अंधेरा छा गया। झमाझम बरसात शुरू होते ही जो जहां था थम गया। तापमान गिरने से मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग ने अभी सात तारीख तक बीच-बीच में इसी तरह बदलाव के संकेत दिए हैं। जेठ के महीने में हुई इस बरसात ने लोगों को राहत दे दी है। इस बार अप्रैल के पहले हफ्ते में बरसात ने थोड़ी राहत दी लेकिन इसके बाद लगातार दस दिनों तक मौसम तपने से लोग परेशान हो गए। बलरामपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश बलरामपुर में तेज हवाओं के साथ सोमवार को सुबह करीब 11: 10 बजे से भारी बारिश शुरू हो गई है। बिजली भी कड़कती रही। सड़क पर अंधेरा छा गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले वाहन दिन में बिजली जलाकर चलाने पड़े। बहराइच लखनऊ मार्ग पर जरवल में बीच सड़क पर विशालकाय पेड़ गिर गया। इसके चलते आवागमन रुक गया। सूचना पर पहुंचे वन और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने पेड़ काट कर हटवाया। तब आवागमन बहाल हो सका। बहराइच में मूसलाधार बारिश से शहर व कस्बे हुए लबालब बहराइच में मूसलाधार बारिश ने सोमवार की सुबह शहर और आसपास के कस्बों की रफ्तार थाम दी। एक घंटे से तेज बारिश अभी नहीं थमी, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इसके पहले सुबह करीब 9:30 बजे आसमान में घने काले बादल छाए और हालात ऐसे बने कि मानो रात का अंधेरा हो। जिले में सोमवार की सुबह 9:00 अचानक मौसम बदला और बादल छा गए। जिससे घनघोर अंधेरा छा गया। आधे घंटे बाद बूंदाबांदी शुरू हुई और 9:35 बजे मूसलाधार बारिश शुरू हुई। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। श्रावस्ती में सुबह धूप और फिर छा गया अंधेरा, आंधी के साथ झमाझम बारिश श्रावस्ती में सोमवार सुबह धूप के बाद मौसम ने पलटी मारी और घने बादलों से अंधेरा छा गया। देखते ही देखते तेज पछुआ आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे बिजली गुल हो गई। कासगंज में आंधी बारिश से मकान धराशाई कासगंज में तेज आंधी-बारिश से मकान धराशाई हो गया। इससे एक बच्ची की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए। गंजडुंडवारा ब्लॉक क्षेत्र के गांव घबरा में हादसा हुआ। तेज आंधी और बारिश एक घर पर कहर बनकर टूटी। आंधी-बारिश से पक्का मकान गिरने से पांच वर्षीय लड़की सोनाली पुत्री जितेश की दबकर मृत्यु हो गई। बरेली में मूसलाधार बारिश से हाल बेहाल, घरों में घुसा पानी बरेली में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर की सड़कों, रिहायशी इलाकों और निचले क्षेत्रों में भीषण जलभराव हो गया, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सेटेलाइट बस अड्डे जैसे प्रमुख स्थानों पर पानी भर जाने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था इस बारिश में पूरी तरह फेल नजर आई। जिन इलाकों में जलभराव रोकने के लिए पंप लगाए जाने थे, वहां या तो पंप … Read more