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बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा राज्यस्तरीय कार्यक्रम, सुबह 11 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे शुभारंभ

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के बाद अब उनके सम्मान को भी प्राथमिकता देते हुए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इस पहल को प्रदेशव्यापी स्वरूप देते हुए आगामी 5 मई को गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यस्तरीय भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। ₹18,000 प्रतिमाह मानदेय के साथ लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा, जिसके माध्यम से पूरे प्रदेश में यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि शिक्षा व्यवस्था की नींव को मजबूत करने वाले शिक्षामित्रों को अब उचित पहचान और संबल मिल रहा है। शिक्षामित्रों को अप्रैल माह से ही बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलना शुरू हो चुका है और अब 5 मई को गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह से मुख्यमंत्री इसके औपचारिक शुभारंभ के साथ शिक्षामित्रों से संवाद भी करेंगे। सुबह 11 बजे होने वाले इस कार्यक्रम के समानांतर सभी जनपदों में भी आयोजन कर इसे व्यापक रूप दिया जाएगा। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों के लिए लिया गया यह निर्णय अब पूरी तरह लागू हो चुका है। 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी इस व्यवस्था के अंतर्गत बेसिक शिक्षा के 13,597 और समग्र शिक्षा के 1,29,332 शिक्षामित्रों को ₹18,000 प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जा रहा है, जिससे उनका आर्थिक सशक्तीकरण हुआ है। योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मानदेय में वृद्धि और यह पहल शिक्षामित्रों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई दिशा देगी। गोरखपुर में होने वाला यह आयोजन शिक्षा सुधार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। लाइव प्रसारण और व्यापक भागीदारी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन और मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर किया जाएगा, जिससे प्रदेशभर के शिक्षामित्र इस अवसर के साक्षी बन सकें। साथ ही, सभी जनपदों में भी समानांतर रूप से आयोजन किए जाएंगे, जहां स्थानीय स्तर पर जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षामित्रों की भागीदारी उल्लेखनीय होगी।

यूपी मंत्री ओपी राजभर का अजीब बयान! महंगाई पर कही ऐसी बात कि छिड़ी नई बहस

लखनऊ यूपी कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक हैरान कर देने वाला बयान दिया है। उन्होंने बढ़ती महंगाई को लेकर कहा है कि बाइक हर गांव में आ गई। यहां तक कि लगभग हर गांव में 20 फीसदी तक फोर व्हीलर गाड़ियां तक आ गईं हैं। जबकि शहरों में 70 से 80 प्रतिशत चार पहिया वाहन हो गए हैं। ओपी राजभर का ये बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ओम प्रकाश राजभर अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं। अब उन्होंने महंगाई को लेकर कुछ ऐसा कह दिया है जो चौंकाने वाला है। मीडिया से बात करते हुए सुभासपा प्रमुख ने कहा कि हर गांव में 25-50 मोटरसाइकिल आ गई। महंगाई बढ़ने से हर गांव में 20 परसेंट फोर व्हीलर गाड़ी आ गई। शहरों में 70 से 80 प्रतिशत फोर व्हीलर हो गए। वहीं, एक पत्रकार ने पूछा कि क्या महंगाई और अधिक हो जाए तो लोग हेलिकॉप्टर भी ले लेंगे? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'हम यह थोड़ा कह रहे हैं। जो लोग कह रहे हैं कि महंगाई है तो इतना तगड़ा मोटरसाइकिल क्यों खरीद रहे हैं?' ओपी राजभर ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तेल और गैस का दाम बढ़ता है तो यहां भी बढ़ता है। ये कोई नई बात नहीं है। पश्चिम बंगाल के रिजल्ट के बाद उम्मीद है कि डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे? इस सवाल के जवाब में ओपी राजभर ने कहा कि वह वहां के कैबिनेट में नहीं हैं। जिससे उन्हें कोई जानकारी हो। जब तेल के रेट बढ़ेंगे तो वह सबको पता चल जाएगा। मोदी ने झालमुड़ी खरीदी तो पेट में दर्द होने लगा इससे पहले पंओम प्रकाश राजभर ने गुरुवार को विधान सभा में महिला आरक्षण के मसले पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर तीखी टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा था कि पहले तो प्रधानमंत्री के लिए कहते थे कि ये बेच दिया, वो बेच दिया। अभी जब उन्होंने दस रुपये की झालमुड़ी खरीदी तो इनके पेट में दर्द होने लगा है। राजभर ने कहा कि हमने देखा कि विपक्ष के साथी आरक्षण की तख्तियां लिए खड़े थे यानी ये बताना चाहते हैं कि ये आरक्षण चाहते हैं। हालांकि, बड़ा सवाल यही है कि अगर आरक्षण चाहते हैं तो जब सरकार में थे तो क्यों नहीं पास किया था? मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण की बात करते हैं। यह हमारे संविधान में नहीं है। गाजीपुर के मसले पर सपा के लोग बहुत हंगामा करते हैं। कहते हैं कि रेप हुआ। गलत बात है। पोस्टमॉर्टम में पुष्टि नहीं हुई है। मंत्री के इतना कहते ही सपा सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनके बयान का विरोध किया। इस पर मंत्री ने सपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बाराबंकी और देवरिया जैसी जगहों पर जहां इनके सजातीय लोग आरोपियों में शामिल थे, वहां सपा का प्रतिनिधिमंडल नहीं गया। ये महिलाओं के सशक्तीकरण का दावा करते हैं, लेकिन बसपा के समय में महिलाओं के नाम पर बने जिले कानपुर और हाथरस का नाम बदल दिया।

दिल्ली पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य-ब्रजेश पाठक, यूपी कैबिनेट विस्तार जल्द संभव

  लखनऊ  उत्‍तर प्रदेश में बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्‍तार जल्‍द ही हो सकता है। पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद योगी आदित्‍यनाथ सरकार में कुछ नए मंत्री शामिल हो सकते हैं। शनिवार को दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी दिल्ली रवाना हो गए। सूत्रों के अनुसार, तीनों राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात करेंगे। इससे यूपी में बड़े बदलावों की चर्चा फिर तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कई बदलावों पर मंत्रणा हो सकती है। चुनाव की तैयारी, यूपी मंत्रिमंडल विस्तार के साथ क्षेत्रीय संतुलन पर मंथन हो सकता है। खासतौर से पश्चिमी यूपी के समीकरण साधने और क्षेत्रीय संतुलन पर चर्चा होगी। मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं नए चेहरे पश्चिम बंगाल चुनाव निपटाने के बाद भाजपा का पूरा ध्‍यान अब उत्‍तर प्रदेश पर है। सूत्रों का कहना है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कई मंत्रियों के विभागों में बदलाव हो सके हें। मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को भी शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही पंकज चौधरी के नेतृत्‍व वाली यूपी बीजेपी संगठन में भी एक नई टीम देखने को मिल सकती है। बताया जा रहा है कि जिन नेताओं ने संगठन को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है, उनको सरकार में जगह मिल सकती है। इसके अलावा संगठन को और मजबूत करने, बूथ स्‍तर पर पकड़ बनाने और चुनावी मुद्दों को धार देने पर चर्चा होगी। अप्रैल में विनोद तावड़े ने सीएम योगी से की थी मुलाकात बीते अप्रैल में भाजपा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े ने सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। माना गया कि तावड़े ने सीएम से प्रदेश भाजपा की नई टीम, निगम-आयोग में खाली पदों पर नियुक्ति के साथ मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होने वाले संभावित चेहरों को लेकर चर्चा की। वह वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा से भी मिले थे। खराब कामकाज वाले मंत्रियों को संगठन में भेजा जा सकता है कई मंत्रियों के कामकाज से संगठन खुश नहीं है। माना जा रहा है कि जिनका काम खराब है, उन्हें संगठन में भेजा जा सकता है। कुछ को केंद्रीय संगठन और कुछ को प्रदेश संगठन में मौका मिल सकता है। वहीं, संगठन में जिन्हें एमएलसी या विधायक बनाया जा चुका है, उन्हें संगठन के काम से मुक्त किया जा सकता है।

यूपी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: अयोध्या-काशी के बाद अब ‘शक्ति चक्र’ बनेगा नया आकर्षण

लखनऊ  अयोध्या, काशी, मथुरा जैसे सनातन के प्रतीक स्थलों के सहारे धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर सर्वाधिक पर्यटकों की आमद के साथ चमक रहा उत्तर प्रदेश अब प्रमुख मंदिरों के साथ अल्पज्ञात मंदिरों को जोड़कर नये आकर्षण विकसित करने की भी तैयारी कर रहा है। इसके तहत ‘शक्ति चक्र’ के नाम से माता के मंदिरों का एक नया विशेष पर्यटन परिपथ (सर्किट) विकसित किया जाएगा। इसमें राज्य के उन 31 जिलों के माता के मंदिरों के शामिल किया गया है, जो अन्य राज्यों के सीमावर्ती हैं। पहले चरण में विभाग इन स्थलों पर पर्यटन विकास करा रहा है। इसके बाद इसे ‘शक्ति चक्र’ के रूप में प्रचारित किया जाएगा। प्रस्तावित शक्ति चक्र में उत्तर प्रदेश के उन जिलों को शामिल किया गया है, जो अन्य राज्यों की सीमाओं से सटे हुए हैं। इनमें सहारनपुर स्थित शाकुंभरी देवी शक्तिपीठ के साथ-साथ बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, देवरिया, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, मीरजापुर, प्रयागराज, बांदा, झांसी, ललितपुर, जालौन, इटावा, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और शामली जैसे जिलों के प्रमुख माता मंदिर लिए गए हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार, इस परिपथ में शामिल कई मंदिर अभी तक व्यापक रूप से प्रसिद्ध नहीं हैं। योजना के पहले चरण में चयनित मंदिरों और उनके आसपास के क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर करना, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग और पर्यटक सूचना केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। दूसरे चरण में इन सभी स्थलों को एकीकृत कर ‘शक्ति चक्र’ के रूप में व्यापक स्तर पर प्रचारित करने की योजना है। इसके लिए डिजिटल माध्यमों, पर्यटन मेलों और धार्मिक आयोजनों के जरिए देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित किया जाएगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘शक्ति चक्र’ के रूप में माता मंदिरों की एक विशेष पर्यटन श्रृंखला विकसित होगी। हमारा प्रयास है कि अब तक कम प्रसिद्ध रहे शक्तिपीठों और देवी स्थलों को विकसित कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाए। जिस प्रकार अयोध्या, वाराणसी, नैमिषारण्य जैसे प्रमुख स्थलों के लिए टूर पैकेज संचालित हैं, उसी तरह इसके लिए भी योजनाएं बनाई जाएंगीं। यह पहल स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी। स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प और परंपराओं को भी इससे नया मंच मिलेगा। शक्ति चक्र में शामिल मंदिर शाकुम्भरी देवी शक्तिपीठ सहारनपुर, रूक्मिणी गला माता मंदिर बिजनौर, काली माता मंदिर लालबाग मुरादाबाद, ज्वाला देवी सिद्धपीठ बरेली, गूंगा देवी मंदिर पीलीभीत, काली माता मंदिर लखीमपुर खीरी, मां गुल्लावीर मंदिर बहराइच, श्रीराम जानकी दुर्गा धाम सिद्धार्थनगर, मां दुर्गा मंदिर बलिया, सामिया माई मंदिर गाजीपुर, गुरसराय वाली माता मंदिर झांसी, अक्षरा देवी मंदिर जालौन, मां ब्रह्माणी मंदिर इटावा, देवी मंदिर कैराना शामली, जुआदेवी मंदिर बलरामपुर, करमैल माता मंदिर देवरिया, धाकम माता मंदिर आगरा, देवा माता मंदिर ललितपुर, काली मंदिर रामपुर, सीता माता मंदिर श्रावस्ती, चांचाई माता मंदिर महाराजगंज, हड़हवा मंदिर कुशीनगर, काली मंदिर चंदौली, तारा मंदिर मीरजापुर, इंद्री धाम मंदिर प्रयागराज, मां सिंहवाहिनी देवी मंदिर बांदा, काली माता मंदिर महोबा, प्राचीन देवी मंदिर मथुरा, चामुंडा माता मंदिर अलीगढ़, मां भूड़ावाली देवी मंदिर गौतमबुद्धनगर और चुकाय वाली माता मंदिर गाजियाबाद।  

लखनऊ में बिजली उपभोक्ता परिषद की मांग, स्मार्ट मीटर विवाद को एजेंडे में शामिल करने की अपील

 लखनऊ  प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी राज्य सलाहकार समिति की 18 मई को बैठक बुलाई गई है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार की अध्यक्षता में हाल ही में गठित समिति की पहली बैठक में विद्युत उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की है। विद्युत अधिनियम-2003 के तहत गठित राज्य सलाहकार समिति में राज्य सरकार के ऊर्जा, खाद्य, कृषि, आईआईडीसी व एमएसएमई विभाग के अपर मुख्य सचिव के साथ ही पावर कॉरपोरेशन, ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन व मध्यांचल डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक सहित उपभोक्ता व अन्य संगठनों के प्रतिनिधि आदि रहते हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने समिति के सदस्य होने के नाते आयोग के अध्यक्ष को विस्तृत प्रस्ताव भेज कहा है कि वर्तमान में स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग व्यवस्था से जुड़े मुद्दे को भी आयोग के मुख्यालय में होने वाली बैठक के एजेंडे में शामिल किया जाए। वर्मा का कहना है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन इस संबंध में विद्युत अधिनियम का उल्लंघन कर मनमानी कर रहा है। लगभग 75 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शन बिना उनकी सहमति के पोस्टपेड से प्रीपेड मोड में कर दिए गए हैं। इनमें जिन 67 लाख से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं उनमें लगभग 43 लाख एक किलोवाट जबकि 24 लाख दो किलोवाट के कनेक्शन हैं। रिचार्ज के बाद स्वतः कनेक्शन न जुड़ने सहित अन्य तकनीकी दिक्कतों के चलते प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर व्यापक जन आक्रोश एवं विरोध की स्थिति बनी हुई है। वर्मा ने उपभोक्ताओं से आंदोलन शांतिपूर्ण करने की अपील करते हुए कहा कि समिति में चर्चा से उनके हित में ठोस निर्णय निकल सकता है। परिषद अध्यक्ष ने कहा कि जब उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर पहले से ही लगभग 51 हजार करोड़ रुपये सरप्लस निकल रहा है तब किसी भी तरह से बिजली की दरों में बढ़ोतरी का भी कोई आचित्य नहीं है।

आईएएफ का रेस्क्यू: पानी की टंकी पर चढ़े बच्चों को सीढ़ी टूटने के बाद 16 घंटे तक किया गया बचाया

सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में रविवार सुबह भारतीय वायुसेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन में पानी की टंकी पर फंसे दो बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा. करीब 16 घंटे तक टंकी पर फंसे रहने के बाद दोनों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू किया गया. यह घटना कांशीराम आवासीय कॉलोनी की है, जहां शनिवार को पांच बच्चे रील बनाने के लिए पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गए थे।  इसी दौरान सीढ़ी टूट गई और सिद्धार्थ, शनि और गोलू नाम के तीन बच्चे नीचे गिर गए, जबकि पवन और कल्लू नाम के दो बच्चे टंकी के ऊपर ही फंस गए. टंकी से नीचे गिरने के कारण गंभीर चोट लगने से सिद्धार्थ की मृत्यु हो गई. वहीं शनि और गोलू को इलाज के लिए माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।  टंकी की सीढ़ी क्षतिग्रस्त होने के कारण उनके पास नीचे उतरने का कोई रास्ता नहीं बचा था. रात में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीम गोरखपुर से मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन टंकी तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं थी, जिस कारण उनकी लिफ्ट काम नहीं कर सकी और रेस्क्यू ऑपरेशन सफल नहीं हो पाया।  स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने राज्य सरकार से मदद मांगी. इसके बाद भारतीय वायुसेना ने गोरखपुर स्थित सेंट्रल एयर कमांड से एक Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर को बच्चों के रेस्क्यू मिशन के लिए रवाना किया. रविवार सुबह करीब 5:20 बजे हेलीकॉप्टर पानी की टंकी के पास पहुंचा और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. वायुसेना के जवानों ने 15 मिनट के भीतर 16 घंटे से पानी की टंकी पर फंसे दोनों बच्चों को सुरक्षित उतार लिया।  रेस्क्यू के बाद दोनों बच्चों को उसी हेलीकॉप्टर से गोरखपुर ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल चेकअप हुआ. इससे पहले प्रशासन ने रात के दौरान टंकी तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्ता बनाने की कोशिश की थी. रात करीब 3 बजे तक सड़क निर्माण लगभग पूरा हो गया था, लेकिन अचानक बारिश शुरू होने से काम रुक गया. इसके बाद हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू का फैसला लिया गया. पूरे अभियान के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस बल और अन्य एजेंसियां मौके पर मौजूद रहीं और लगातार स्थिति की निगरानी करती रहीं। 

Bank of Maharashtra लूट केस: यूपी STF का एक्शन, सरगना समेत तीन दबोचे

वाराणसी हजारीबाग (झारखंड) में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बरही शाखा से सोना और नगदी की लूट के मामले में यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार रात तीन डकैतों को गिरफ्तार कर लिया। गत 24 अप्रैल को बैंक से चार किलो सोना और 4.22 लाख की नगदी दिनदहाड़े लूट ली गई थी। तीनों डकैतों की गिरफ्तारी सिंहपुर (सारनाथ) से हुई। कार्रवाई में झारखंड पुलिस भी शामिल थी। डकैतों के पास से लूट के 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख नगदी, बिहार के नंबर की एसयूवी तथा छह मोबाइल फोन बरामद किए गए। वारदात में शामिल चार अन्य डकैतों की तलाश की जा रही है। एसटीएफ वाराणसी के अपर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह ने बताया कि गिरफ्तार डकैतों में सरगना नवादा (बिहार) नरहट निवासी मो. अफजल, गोरखपुर के बनगाई (गुलहरिया) निवासी पंकज सिंह उर्फ रौनक तथा मऊ के सियहरीं बरजरा (दोहरीघाट) निवासी सौरभ यादव उर्फ सोनू हैं। बरामद एसयूवी अफजल की है। 24 अप्रैल को वारदात के बाद बदमाश झारखंड से बिहार होते हुए 27 अप्रैल को वाराणसी आ गए थे। यहां अलग-अलग होटलों में ठिकाना बदलते रहे। झारखंड पुलिस के साथ यूपी एसटीएफ भी गिरफ्तारी के लिए लगी थी सर्विलांस एवं वारदात के समय की फुटेज एवं तस्वीरों के जरिए बदमाशों के वाराणसी में होने की पुष्टि हुई। इस आधार पर इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव और अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में टीमें सतर्क थीं। मुखबिर की सूचना के आधार पर सिंहपुर से तीनों को गिरफ्तार कर सारनाथ पुलिस को सौंपा गया। तीनों बदमाश दिल्ली भागने के फिराक में थे। झारखंड पुलिस की अर्जी पर कोर्ट से दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली है। चार मई की शाम पांच बजे तक हजारीबाग की कोर्ट में तीनों को पेश करना होगा। ओडिशा में हुई डकैती देखने के बाद हजारीबाग की साजिश रची झारखंड के हजारीबाग जिले में बैंक ऑफ महाराष्ट्रा की बरही शाखा से 24 अप्रैल को सोना और नगदी की डकैती में गिरफ्तार बदमाशों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पूछताछ में डकैतों ने बताया कि बीते दिनों ओडिशा के किलंजर में बैंक आफ महाराष्ट्रा से ही आठ किलो सोना की लूट हुई थी। समाचार चैनलों पर इस वारदात की खबर को देखा। फिर उन्हें लगा कि जब किलंजर के ग्रामीण क्षेत्र के इस बैंक में आठ किलो सोना हो सकता है तो हजारीबाग में और अधिक होगा। इसके बाद मो. अफजल पंकज के साथ रेकी करने लगा। फिर रमजान के समय गाजीपुर के सैदपुर भीतरी के शोएब एवं चुन्नू को भी बुलाया गया। अफजल की एसयूवी से सभी ने कई बार रेकी की। मो. अफजल रमजान माह के दौरान ही बैंक के अंदर गया। वहां स्टाफ एवं बैंक के अंदर की स्थिति का आकलन किया। डकैती को अंजाम देने के लिए बिहार के आरा निवासी संतोष ने बाइक उपलब्ध कराई। शोएब उर्फ टाइगर ने पिस्टल एवं कट्टा की व्यवस्था की। मो. अफजल ने संतोष के पास से दो पिस्टल ली और साजिश में संतोष को भी शामिल कर लिया। पहले 17 अप्रैल को ही वारदात को अंजाम देना था, लेकिन आने-जाने के लिए पैसे की व्यवस्था नहीं होने पर अफजल के घर पर पंकज एवं अन्य बदमाश रुक गए। मो. अफजल और पंकज 17 अप्रैल को अफजल की एसयूवी से नवादा, कोडरमा, तलैया होते हुए निकले। चौपारण की तरफ टोल से आगे अफजल और पंकज से संतोष, शोएब एवं सुहैल दो बाइक के साथ आकर मिले। तय किया कि फोन पर इनकी आपस में बहुत बात हो गई है। मास्क आदि भी नहीं लगाए हैं। इसलिए 24 अप्रैल को डकैती तय की गई। हत्या में जेल गया, फिर गिरोह बनाया मो. अफजल धनबाद में कोयले का काम करता था। व्यवसाय में रंजिश को लेकर 2008 में कोलकाता के व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसमें वह जेल गया। चार साल जेल में रहा। वहां उसका परिचय पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह, उत्तम महतो, दशरथ महतो, बाबू राजा उर्फ सिद्वार्थ, सोहेल उर्फ फैजल, सुनील पंडित एवं अन्य बदमाशों से हुआ। जेल से छूटने के बाद इन सभी ने बैंकों की डकैती के लिए एक गिरोह बनाया, जिसका सरगना अफजल है। ये सभी लूटा गया सोना बेचकर रियल एस्टेट में निवेश करते हैं।

वृंदावन चंद्रोदय मंदिर: कुतुब मीनार से तीन गुना ऊंचे मंदिर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में

 वृंदावन  वृंदावन में बन रहे दुनिया के सबसे ऊंचे चंद्रोदय मंदिर का दक्षिणी भाग मंदिर बनकर तैयार हो चुका है। इसका लोकार्पण करने की तैयारियां मंदिर में शुरू हो चुकी हैं। अब मुख्य मंदिर का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होने जा रहा है। ठाकुर श्रीश्री वृंदावनचंद्र का ये मंदिर कुतुब मीनार से तीन गुना ऊंचा होगा। कुतुब मीनार की ऊंचाई 73 मीटर है, जबकि दुनिया के सबसे ऊंचे 70 मंजिला मंदिर की ऊंचाई 212 मीटर होगी। इसकी मुख्यमंत्री की आधारशिला रखी जानी है। मंदिर प्रबंधन ने मंदिर के दक्षिणी भाग मंदिर के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित करने की योजना बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी मंदिर का लोकार्पण करने आते हैं तो वे दुनिया के सबसे ऊंचे चंद्रोदय मंदिर की आधारशिला भी रखेंगे। हालांकि प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। वृंदावन के अक्षयपात्र स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे चंद्रोदय मंदिर का साउथ ब्लाक मंदिर जो बनकर लोकार्पण के लिए तैयार है। – फोटो: जागरण। मंदिर के साउथ ब्लॉक मंदिर के लोकार्पण की चल रहीं तैयारियां छटीकरा मार्ग स्थित अक्षयपात्र फाउंडेशन के 110 एकड़ परिसर में लगभग आठ एकड़ भूमि पर चंद्रोदय मंदिर स्थापित किया जा रहा है। जो 70 मंजिला एवं 212 मीटर ऊंचा मंदिर बनकर तैयार होगा। मंदिर के सबसे ऊपरी तल पर भगवान श्रीराधाकृष्ण के विग्रह स्थापित होंगे। इस मंदिर के शिखर से पूरे ब्रजमंडल का दर्शन संभव हो सके, ये व्यवस्था की जाएगी। मंदिर के आठ एकड़ परिसर में बरसाना, गोवर्धन, वृंदावन के प्रतिरूप बसाए जाएंगे, तो पृथ्वी लोक, स्वर्ग लोक, गोलोक वृंदावन मंदिर में ऊपर गैलरी में स्थापित किए जाएंगे। मंदिर में ऊपर पहुंचने के लिए आठ लिफ्टों का उपयोग होगा। साउथ ब्लॉक के लोकार्पण संग प्रधानमंत्री मोदी कर सकते हैं मुख्य मंदिर का शिलान्यास इस्कान बेंगलुरू द्वारा बनाए जा रहे इस मंदिर की शिलान्यास के दौरान 2014 में अनुमानित लागत 400 करोड़ बताई गई थी। लेकिन, अब समय बीतने के साथ अनुमानित लागत करीब 1400 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। खजुराहो और आधुनिक शैली के मिले जुले शिल्प में बन रहे इस मंदिर के इंटीरियर के डिजाइन की जिम्मेदारी विदेशी शिल्पकारों को सौंपी गई है। चारों तरफ बहेगी यमुना की कृत्रिम धारा चंद्रोदय मंदिर के चारों ओर कृत्रिम यमुना की धारा बहेगी। इसके तट पर खड़े होकर श्रद्धालु यमुना पूजन कर सकेंगे। इतना ही नहीं मंदिर के चारों ओर ब्रज के 12 वन इस उद्देश्य से स्थापित किए जाएंगे ताकि देश दुनिया के भक्त एक ही परिसर में पूरे ब्रज का दर्शन कर सकें। पूरा मंदिर 511 पिलरों पर टिका होगा, ये पिलर नौ लाख टन का वजन सहन कर सकते हैं। जबकि पूरी इमारत का वजन पांच लाख टन होगा। मंदिर में एक हाईस्पीट लिफ्ट भी स्थापित की जाएगी। 11 मंजिला है चंद्रोदय मंदिर का साउथ ब्लॉक मंदिर दुनिया के सबसे ऊंचे मंदिर के पहले भाग साउथ ब्लाक मंदिर के लोकार्पण की तैयारियां चल रही हैं। साउथ ब्लाक मंदिर की ऊंचाई 251 फीट है, जबकि ये 11 मंजिला इमारत है। मंदिर के दूसरे तल पर भगवान श्रीश्री वृंदावन चंद्र का मंदिर स्थापित है। मंदिर में नीचे विशालकाय हाल, प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। भोजनालय भी मंदिर के ऊपरी तल पर मौजूद है। पहले मंदिर निर्माण की समय सीमा 2018 रखी गई थी मंदिर का शिलान्यास 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा रखी गई थी। तब इस मंदिर के पूरा होने की समय सीमा 2018 रखी गई थी। लेकिन, समय पर काम पूरा न होने पर इसकी समय सीमा 2028 तक बढ़ा दी गई। जबकि अब मुख्य मंदिर की आधारशिला संभवत: अगले महीने में रखी जाएगी तो इसे पूरा होने में आठ वर्ष की उम्मीद जताई जा रही है।  

यूपी वेदर अपडेट: राजधानी समेत कई जिलों में तूफान और बिजली गिरने का खतरा

लखनऊ  मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में सुबह 8.30 से 10.30 बजे के तेज आंधी, मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, भारी वर्षा और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में मौसम का सबसे अधिक कहर बरपने की आशंका जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एसडीआरआएफ की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दी हैं और पुलिस बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं और मौसम की लगातार निगरानी की जा रही है। राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में सबसे गंभीर स्थिति की आशंका है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, भारी वर्षा और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पेड़ गिरने, कमजोर संरचनाओं को नुकसान और यातायात बाधित होने की आशंका के चलते विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं。 दूसरे जिलों में मौसम की स्थिति रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, बस्ती, बाराबंकी, सीतापुर, बहराइच, गोंडा और लखीमपुर खीरी में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इन जिलों में ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन फसलों, बिजली लाइनों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। अन्य जिलों की चेतावनी जौनपुर, प्रतापगढ़, आजमगढ़, अंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, उन्नाव, हरदोई, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बरेली और पीलीभीत में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हालांकि इन जिलों में प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहेगा, फिर भी आकाशीय बिजली को लेकर सावधानी जरूरी है। नागरिकों के लिए अपील प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। पेड़ों, बिजली के खंभों और निर्माणाधीन स्थलों से दूरी बनाए रखें। किसानों को फसल और कृषि उपकरण सुरक्षित करने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या हेल्पलाइन से तत्काल संपर्क करें।

आम आदमी पार्टी से जुड़े पूर्व मंत्रियों व कुमार विश्वास को कोर्ट का समन, 15 मई तय

सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता और जाने-माने कवि कुमार विश्वास के साथ- साथ दिल्ली सरकार के दो पूर्व मंत्रियों सत्येंद्र जैन और सोमनाथ भारती को समन भेजा है। यह मामला 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने इन सभी नेताओं को 15 मई को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं। क्या है 12 साल पुराना मामला? सरकारी वकील कालिका प्रसाद मिश्र के अनुसार, यह घटना 6 मई 2014 की है, जब देश में लोकसभा चुनाव हो रहे थे। उस समय कुमार विश्वास अमेठी से आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। चुनाव आयोग के नियमानुसार, वोटिंग शुरू होने से 48 घंटे पहले जो लोग उस क्षेत्र के वोटर नहीं होते हैं, उन्हें वहां से जाना होता है। उस समय पुलिस ने कुमार विश्वास और उनके साथियों को अमेठी छोड़ने को कहा था, क्योंकि वे वहां के वोटर नहीं थे। आरोप है कि प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कुमार विश्वास, तत्कालीन मंत्री सत्येंद्र जैन और सोमनाथ भारती ने अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र नहीं छोड़ा। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज कर लिया था।   कोर्ट का सख्त रुख और आगे की प्रक्रिया यह मामला पहले एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रहा था। लेकिन हाल ही में इसे स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया है और सभी आरोपियों को समन भेजा है। वहीं अगली सुनवाई 15 मई को होगी, जिसमें सभी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना होगा। काफी चर्चा में था 2014 का अमेठी चुनाव साल 2014 का अमेठी लोकसभा चुनाव भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक था। इस सीट पर आम आदमी पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी थी और वहीं कुमार विश्वास का सीधा- सीधा मुकाबला कांग्रेस मंत्री राहुल गांधी और बीजेपी मंत्री स्मृति ईरानी से था। अब इतने साल बाद, कोर्ट के इस कदम से यह पुराना राजनीतिक विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।