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गोमती नदी के उद्गम स्थल के विकास पर योगी सरकार का फोकस, ₹1.04 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी

योगी सरकार 1.04 करोड़ से संवारेगी गोमती नदी का उद्गम स्थल पर्यटन विभाग की पहल, पीलीभीत जिले में स्थित मां गोमती उद्गम स्थल पर विकसित होंगी पर्यटन सुविधाएं गोमती नदी की प्रदेश में 960 किमी. की है यात्रा, आस्था और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा सम्मान मां गोमती के उद्गम स्थल के विकास से खुलेगा पर्यटन का नया अध्याय: मंत्री जयवीर सिंह लखनऊ/पीलीभीत  उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। अयोध्या, काशी, मथुरा, नैमिषारण्य और विंध्य धाम जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों के व्यापक विकास के बाद अब प्रदेश सरकार ने जीवनदायिनी मां गोमती नदी के उद्गम स्थल को भी विश्वस्तरीय पर्यटन एवं आस्था केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में पीलीभीत जनपद के पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र की कलीनगर तहसील स्थित गोमती उद्गम स्थल के विकास के लिए पर्यटन विभाग ने 1.04 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की है। इसके तहत प्रथम चरण में 78 लाख रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद यह स्थल धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन का नया आकर्षण बनेगा। करोड़ों लोगों के जीवन और आजीविका का आधार उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मानव सभ्यता का विकास सदैव नदियों के तटों पर हुआ है। प्रदेश की जीवनदायिनी एवं सांस्कृतिक आस्था की प्रतीक गोमती नदी का उद्गम पीलीभीत जनपद के माधोटांडा ग्राम के समीप गोमत ताल (पूर्व नाम फुलहर झील) से होता है। सनातन परंपरा में अत्यंत प्रतिष्ठित गोमती नदी प्रदेश के विशाल भूभाग को सिंचित करते हुए करोड़ों लोगों के जीवन और आजीविका का आधार है। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा गोमती उद्गम स्थल को एक प्रमुख आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है। पर्यटन आकर्षण के लिए होंगे कई काम परियोजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। इसके तहत लगभग 48.69 लाख रुपये की लागत से बहुउद्देशीय हॉल बनाया जाएगा, जबकि 13.44 लाख रुपये से आधुनिक शौचालय ब्लॉक और 9.45 लाख रुपये से शेड का निर्माण कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त इंटरलॉकिंग मार्ग, आकर्षक उद्यान एवं सौंदर्यीकरण, सोलर आधारित सुविधाओं, अन्य यात्री सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। इस परियोजना को पूरा करने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) को मिली है। धार्मिक विरासत को मिलेगा सम्मान गोमती नदी को सनातन परंपरा में विशेष सम्मान प्राप्त है। इसका उद्गम पीलीभीत जनपद के माधोटांडा क्षेत्र स्थित पौराणिक फुलहर झील (गोमत ताल) से होता है। लगभग 960 किलोमीटर की यात्रा करते हुए यह नदी पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, सुल्तानपुर और जौनपुर आदि जनपदों को जीवन प्रदान करती हुई अंततः गाजीपुर जिले में गंगा नदी में समाहित हो जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम ने गोमती नदी में स्नान कर पुण्य अर्जित किया था। वहीं नैमिषारण्य में 33 कोटि देवी-देवताओं की तपस्थली भी गोमती नदी के तट पर ही मानी जाती है। यही कारण है कि गोमती नदी प्रदेश की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत की वाहक मानी जाती है। मां गोमती सनातन आस्था की प्रतीक मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश अपनी प्राकृतिक धरोहरों को विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। मां गोमती का उद्गम स्थल महज एक भौगोलिक बिंदु न होकर, हमारी सनातन आस्था और लोकजीवन का महत्वपूर्ण स्थल भी है। इसके समग्र विकास से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। हमारा प्रयास है कि प्रदेश की प्रत्येक पवित्र धरोहर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर सम्मानजनक स्थान दिलाया जाए।

Ram Mandir Donation Theft Case: CBI जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, तत्काल सुनवाई से किया इंकार

अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के धन के कथित दुरुपयोग के आरोपों से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने याचिकाकर्ता से पूछा कि आखिर इस मामले में इतनी जल्द सुनवाई की आवश्यकता क्या है। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है, इसलिए नियमित सुनवाई अवकाश समाप्त होने के बाद ही संभव होगी। ऐसे में मामले की सुनवाई 12 जुलाई के बाद होने की संभावना है। यह याचिका अधिवक्ता अनूप अवस्थी की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के धन और मंदिर में आए चढ़ावे के उपयोग में अनियमितताएं हुई हैं। याचिका में सीबीआई जांच की मांग याचिकाकर्ता ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। याचिका में यह भी आग्रह किया गया है कि मामले की जांच सीबीआई अधिकारी की अगुवाई में गठित विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाए, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हो सके। याचिकाकर्ता का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच आवश्यक है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल आरोपों के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने केवल तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार करने से इनकार किया है। अब अवकाश समाप्त होने के बाद नियमित पीठ के समक्ष इस याचिका पर सुनवाई होगी। तब तक मामले में सीबीआई जांच या एफआईआर दर्ज करने को लेकर कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया गया है।याचिका कर्ता ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल की है. याचिका दाखिल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि मामले में लगे आरोप काफी गंभीर हैं, ऐसे में जल्द सुनवाई होना जरूरी है. शख्स ने कहा कि जिस तरह से प्रशासन का रवैया रहा है, वह भी कई तरह के सवाल खड़े करता है. याचिकाकर्ता ने कहा कि जल्द सुनने की जरूरत इस वजह से भी है, क्योंकि सबूत के साथ छेड़छाड़ की आशंका बनी हुई है।  सात अभियुक्तों के ठिकानों पर रेड आपको बता दें इस मामले में पुलिस ने रविवार को आठ में से सात अभियुक्तों के ठिकानों पर सुबह से देर शाम तक ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान आरोपियों की संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर उन्हें जब्त किया। पुलिस इनकी जांच कर संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल करेगी। साथ ही इनके घरों से कुछ सोने-चांदी के गहने, सिक्के और नकदी भी बरामद की है। लगातार कार्रवाई के बीच पुलिस ने घर और अन्य ठिकानों पर मिले परिजनों से कई-कई घंटे पूछताछ की। टीमें देर शाम खबर लिखे जाने तक विभिन्न ठिकानों पर जांच व तलाशी अभियान में जुटी रहीं। विवेचक सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में गठित छह टीमों ने सुबह करीब सात बजे अभियान शुरू किया। सभी टीमों के साथ एक-एक लेखपाल और महिला पुलिस कर्मी खासतौर पर रहे। इस दौरान आरोपी रामशंकर यादव ‘टिन्नू’, मनीष यादव, अविनाश शुक्ल, लवकुश मिश्र, अनुकल्प मिश्र, रमाशंकर मिश्र, करुणेश पांडेय के परिजनों से लंबी पूछताछ भी की गई। संतों को नौकरशाही का दखल मंजूर नहीं राम मंदिर में चढ़ावा प्रकरण को लेकर ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग के बीच सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) की नियुक्ति की मंदिर निर्माण समिति चेयरमैन और ट्रस्ट के पदेन सदस्य नृपेन्द्र मिश्र ने हिमायत की है। उनके इस सुझाव को संत समाज ने अस्वीकार्य ही नहीं बल्कि ध्वनि मत से विरोध का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष और मणिराम छावनी पीठाधीश्वर महंत नृत्यगोपाल दास के 88वें जन्मोत्सव समारोह के अंतिम दिन देश भर से आए संतों के बीच यह प्रस्ताव रामकथा के व्यास पीठ से मुख्य वक्ता और आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने रखा।

हर जरूरतमंद के इलाज की जिम्मेदारी सरकार की: मुख्यमंत्री ने गिनाईं स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियां

जनता दर्शन  हर जरूरतमंद के इलाज की व्यवस्था करा रही सरकारः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों से मिले  राजस्व मामलों के निस्तारण में देरी पर बोले सीएम- समयसीमा के भीतर दिलाएं न्याय लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों की समस्याओं को ध्यान से सुना। उनका प्रार्थना पत्र लिया और संबंधित अधिकारियों को देकर निर्देशित किया कि सभी लोगों की समस्याओं का समाधान तय समयसीमा के भीतर हो। इसके उपरांत पीड़ित पक्ष से बात कर उनकी संतुष्टि के बारे में जानकारी ली जाए। मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आप बेफिक्र होकर घर जाइए, हम हर मामले का उचित निस्तारण कराएंगे।  आप स्वास्थ्य पर ध्यान दें, इलाज की चिंता सरकार करेगी बरेली से एक महिला ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने कैंसर के इलाज के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई और आर्थिक सहायता की मांग की। सीएम ने उनसे हॉस्पिटल का एस्टिमेट मांगा, जिसे वह तत्काल उपलब्ध न करा सकीं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप हॉस्पिटल से एस्टिमेट मंगवा लीजिए। आप स्वास्थ्य पर ध्यान दें, इलाज की चिंता सरकार करेगी। मुख्यमंत्री ने मरीज को एडमिट कराने और उनके समुचित इलाज के लिए भी निर्देशित किया।  राजस्व मामलों पर बोले सीएम- वादकारियों को समय से न्याय दिलाना सरकार की मंशा  ‘जनता दर्शन’ में राजस्व संबंधी मामले भी आए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। इस पर निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। सीएम ने राजस्व मुकदमों के समयबद्ध निस्तारण पर भी जोर दिया। कहा कि इस पर जल्द निर्णय होने से वादकारियों को समय से राहत मिलती है। राजस्व से जुड़े अधिकारी समय से न्यायालय में बैठें। इस संबंध में निर्णय भी जल्द दें, क्योंकि ऐसा न होने से गरीब वादकारी अधिक प्रभावित होते हैं। वादकारियों को न्याय दिलाना सरकार की मंशा है। इसके अनुरूप राजस्व से जुड़े अधिकारी जरूरतमंदों को न्याय दिलाएं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त निर्देश, विकास कार्यों में लापरवाही और गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा

मुख्यमंत्री योगी का सख्त आदेश, विकास कार्यों में खामी बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता सर्वोपरि – सड़क निर्माण में लापरवाही करने पर इंजीनियर और ठेकेदार पर दर्ज होगी एफआईआर  – आगरा में मेट्रो शहर के अनुरूप मिलें सभी मूलभूत सुविधाएं – विकास कार्यों के लिए जनप्रतिनिधि तय करें प्राथमिकता, तुरंत जारी होगा फंड – छुट्टा पशुओं और ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों के चलने पर लगेगी रोक – विकास कार्यों की अड़चनें दूर करने के लिए बनेगा वरिष्ठ अधिवक्ताओं का पैनल आगरा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा मंडल में हो रहे विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और लोक निर्माण विभाग की प्रस्तावित कार्ययोजना की गहन समीक्षा की। मंडलायुक्त सभागार में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में सीएम ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की कोई कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन कार्यों की गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। निर्देश दिया कि ग्रामीण रास्तों पर भारी वाहनों के चलने पर तुरंत रोक लगाई जाए। इन सड़कों को क्षति पहंचाने वाले वाहनों के मालिकों से हर्जाना वसूला जाए। उन्होंने कहा कि आगरा अब एक मेट्रो शहर है, इसलिए यहां पानी, सड़क, सीवर और सौंदर्यीकरण जैसी मूलभूत सुविधाएं उसी स्तर की होनी चाहिए।  सड़क निर्माण में लापरवाही पर दर्ज होगी एफआईआर मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने जल जीवन मिशन, अमृत योजना, सीवर लाइन या अन्य किसी भी प्रोजेक्ट के लिए सड़कों की खुदाई के बाद उसके पुनर्निर्माण कार्य पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क और अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो संबंधित कार्यदायी संस्था के इंजीनियर और ठेकेदार की सीधे जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसे लोगों पर एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जाए। जनप्रतिनिधि तय करें अपनी प्राथमिकता, तुरंत जारी होगा फंड बैठक में लोक निर्माण विभाग की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। आगरा मंडल के सभी जनप्रतिनिधियों से मिले प्रस्तावों को 'ई-विश्वकर्मा-2.0' पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। आगरा जनपद में सड़क निर्माण, सुदृढ़ीकरण, पुल और हेलीपैड निर्माण के लगभग 2791 करोड़ रुपये कुल 495 कार्यों की योजना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों, विधायकों और एमएलसी से कहा कि वे अपनी प्राथमिकताओं को जल्द तय करें। यदि प्रस्तावों में कोई संशोधन या सुझाव है, तो तुरंत बताएं ताकि तत्काल स्वीकृति प्रदान कर धनराशि जारी की जा सके और काम शुरू हो। विकास की अड़चनें दूर करने के लिए बनेगा वरिष्ठ वकीलों का पैनल आगरा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण, नए पुलों के निर्माण और सड़क चौड़ीकरण में पेड़ों की कटाई को लेकर एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी अड़चनों को सीएम ने काफी गंभीरता से लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को किसी भी कीमत पर रुकने न दिया जाए। इन अड़चनों को दूर करने के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिवक्ताओं का एक पैनल बनाकर अदालतों में प्रभावी पैरवी की जाए। साथ ही, जहां सड़क निर्माण में पुराने पेड़ आ रहे हैं, उस जमीन को छोड़कर सड़क चौड़ीकरण का नया विकल्प तैयार किया जाए। ग्रामीण सड़कों को तोड़ने वाले भारी वाहनों से वसूला जाएगा हर्जाना मुख्यमंत्री ने ग्रामीण इलाकों की सड़कों से गुजरने वाले भारी ट्रकों और डंपरों पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कें भारी वाहनों के आवागमन के लिए नहीं बनाई जाती हैं। इन डंपरों के कारण सड़कें समय से पहले टूट जाती हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी असुविधा होती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ऐसे भारी वाहनों के ग्रामीण रास्तों पर चलने पर तुरंत रोक लगाई जाए और जो वाहन सड़क को नुकसान पहुंचाएं, उन्हीं से सड़क मरम्मत की क्षतिपूर्ति भी वसूली जाए। अवैध खनन और छुट्टा पशुओं पर लगेगी सख्त लगाम पड़ोसी राज्यों (राजस्थान और मध्य प्रदेश) से होने वाले अवैध खनन और निराश्रित पशुओं की समस्या पर भी मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जाए और अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों के प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर छुट्टा पशुओं की समस्या का समाधान निकाला जाए ताकि आगरा के किसानों की फसलों का कोई नुकसान न हो। गोवर्धन परिक्रमा मार्ग और शहर को जाम से मुक्ति दिलाने पर जोर बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने शहर में भारी ट्रैफिक को कम करने के लिए दयालबाग से खंदौली बायपास, यमुना पर नया पुल, एत्मादपुर बाईपास और ग्वालियर रोड पर जलभराव की समस्या को प्रमुखता से रखा। सीएम ने इन सभी प्रस्तावों को कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग की खराब हालत पर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि नई और बेहतर तकनीक का उपयोग कर परिक्रमा मार्ग का निर्माण प्राथमिकता पर किया जाए, ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं के पैरों में छाले न पड़ें। बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबीरानी मौर्य, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, गन्ना एवं चीनी मिल मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, सांसद राजकुमार चाहर, सांसद नवीन जैन, विधायक डॉ. जीएस धर्मेश, भगवान सिंह कुशवाह, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, चौधरी बाबू लाल, पक्षालिका सिंह, डॉ. धर्मपाल सिंह, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी आगरा मनीष बंसल, आगरा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष एम अरुणमोली, नगरायुक्त श्री संतोष कुमार वैश्य, मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह सहित आगरा मंडल के समस्त जनप्रतिनिधिगण व संबंधित समस्त आलाधिकारी मौजूद रहे।

Ram Mandir Trust: भर्ती में गड़बड़ी मिली तो नहीं मिलेगी राहत, सिफारिश वाले कर्मचारियों पर ट्रस्ट सख्त

 अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच जारी है जो हर दिन नए मोड़ ले रही है. इस सब के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है. सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट ने उन कर्मचारियों की नियुक्तियों की समीक्षा शुरू कर दी है, जिन्हें निर्धारित भर्ती प्रक्रिया के बजाय सिफारिश के आधार पर नियुक्त किया गया था. जांच में यदि किसी नियुक्ति में नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।  नियुक्तियों की प्रक्रिया जांच के दायरे में बताया जा रहा है कि यह फैसला हाल ही में सामने आए कथित दान चोरी प्रकरण के बाद लिया गया है. इस मामले के बाद ट्रस्ट अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए कई स्तरों पर समीक्षा कर रहा है. इसी क्रम में नियुक्तियों की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में लाई गई है।  सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि भविष्य में सभी नियुक्तियां केवल तय नियमों और निर्धारित चयन प्रक्रिया के अनुसार ही हों. इसके लिए पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और यह देखा जा रहा है कि किन कर्मचारियों की भर्ती नियमानुसार हुई तथा किन मामलों में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।  सिफारिश से भर्ती कर्मचारियों की जांच जानकारी के मुताबिक, ट्रस्ट उन सभी नियुक्तियों का ब्योरा जुटा रहा है, जिन पर सिफारिश या अन्य माध्यमों से भर्ती किए जाने के आरोप लगे थे. यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मचारियों को सेवा से हटाने सहित अन्य प्रशासनिक कदम उठाए जा सकते हैं।  ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों का मानना है कि राम मंदिर जैसे राष्ट्रीय महत्व के धार्मिक स्थल के संचालन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. इसी उद्देश्य से प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह नियमबद्ध बनाने पर जोर दिया जा रहा है।  हालांकि, ट्रस्ट की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है. लेकिन माना जा रहा है कि समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासनिक स्तर पर उठाए जा रहे इन कदमों को मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने और व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। 

CM योगी आज पीलीभीत और मुरादाबाद दौरे पर, करोड़ों की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

सीएम योगी सोमवार को पीलीभीत- मुरादाबाद दौरे पर, विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात पीलीभीत में 569 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण/शिलान्यास एवं पट्टा विवरण मुरादाबाद मंडल में चल रहे विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की करेंगे समीक्षा लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार 29 जून को पीलीभीत और मुरादाबाद के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री पहले पीलीभीत पहुंचेंगे, जहां बीसलपुर में पीलीभीत के बरखेड़ा एवं बीसलपुर विधानसभा क्षेत्रों के 569 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास एवं पट्टा विवरण करेंगे। यहां वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे। पीलीभीत के बाद मुख्यमंत्री मुरादाबाद पहुंचेंगे, जहां वह सर्किट हाउस में आयोजित मुरादाबाद मंडल में लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों की समीक्षा और नए कार्यों की कार्ययोजना के संबंध में बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री मुरादाबाद के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा भी करेंगे। इसके बाद मुरादाबाद सदर, मुरादाबाद देहात व कुन्दरकी विधानसभा क्षेत्रों तथा नगर निगम मुरादाबाद एवं मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के विकास कार्यों का लोकार्पण/ शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे। यहां दानवीर भामाशाह जयंती एवं व्यापारी कल्याण दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन होगा। साथ ही मुख्यमंत्री गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री मुरादाबाद के सर्किट हाउस में ही रात्रि विश्राम करेंगे।

Noida Fire News: एसी ब्लास्ट के बाद हाइराइज सोसायटी में भड़की भीषण आग, मची भगदड़

 नोएडा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में आग का तांडव जारी है. अब एनसीआर के तहत आने वाले उत्तर प्रदेश के नोएडा में आग लगने की घटना हुई है. नोएडा की एक हाईराइज सोसाइटी में सोमवार की सुबह भीषण आग लग गई. सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग की विकराल लपटों पर काबू पाया।  इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है. घटना नोएडा के सेक्टर 119 स्थित एक सोसाइटी की है. जानकारी के मुताबिक नोएडा सेक्टर 119 की अरण्य सोसाइटी के एक टावर से सोमवार की सुबह धुआं उठता दिखा. देखते ही देखते इसने आग की लपटों का रूप ले लिया. आग लगने की जानकारी आसपास के लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को दी और अपने स्तर से भी आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दीं।  आग की लपटों ने देखते ही देखते पास के एक फ्लैट को भी अपनी चपेट में ले लिया. लोगों ने आसपास के लोगों से भी फ्लैट खाली करने की अपील की. सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं. फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग की विकराल लपटों पर काबू पाया. आग 22वीं मंजिल पर लगी थी और इसकी वजह से आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।  नोएडा के चीफ फायर अफसर भी खुद मौके पर पहुंचे. सीएफओ के साथ ही पुलिस भी मौके पर मौजूद है. इस घटना के पीछे एसी ब्लास्ट को वजह बताया जा रहा है. कहा जा रहा है कि 22वें फ्लोर पर स्थित एक फ्लैट की बालकनी में लगी एसी में विस्फोट हुआ. इसके बाद लगी आग ने पास के एक फ्लैट को भी आगोश में ले लिया। 

अयोध्या पर बयान के बाद योगी का पलटवार, बोले- मथुरा पर रुख साफ करें अखिलेश यादव

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। योगी ने अखिलेश को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह धार्मिक बनने का प्रयास कर रहे हैं तो अब उन्हें मथुरा के बारे में भी बोलना चाहिए। अखिलेश के अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने के बयान सीएम योगी ने कहा, मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकने वले अयोध्या को क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे?वह पहले आप अपना इतिहास देखें। अखिलेश ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर जारी जांच के बीच शनिवार को कहा था कि लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है और अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह अयोध्या को एक ‘बेमिसाल’ धार्मिक व पवित्र नगरी के रूप में विकसित करेंगे। सपा प्रमुख पर सीएम योगी का तंज योगी ने हाथरस में एक सभा को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख का नाम लेते हुए तंज कसा, ‘अखिलेश जी, अयोध्या को तो राम भक्तों ने संवार दिया। आप मथुरा की बात करिए। अगर सचमुच अपने आपको धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हो तो मथुरा-वृंदावन पर खुलकर बोलिए, श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलिए। यह भी कहिए कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की तर्ज पर ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का अभियान चलना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए। हमारी सरकार सुविधाएं उपलब्ध करा रही है लेकिन आपमें (अखिलेश में) हिम्मत नहीं है, क्योंकि आपने एक वर्ग के सामने घुटने टेकने के अलावा प्रदेश के विकास के लिए कोई एजेंडा नहीं रखा है।’ अयोध्या अपनी पहचान के लिए आप पर मोहताज नहीं योगी ने जोर देकर कहा, 'बात अयोध्या, मथुरा और काशी के उत्थान तथा उनकी पौराणिक पहचान को सुदृढ़ करने की होनी चाहिए। धूल झोंकने का काम मत करिए। अयोध्या अपनी पहचान के लिए आप पर मोहताज नहीं है।' उन्होंने कहा, 'अयोध्या की अपनी पहचान है और उसने दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।' मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अखिलेश यादव एक बयान में कह रहे थे कि उनकी सरकार आएगी तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएगी। अरे, आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे? अपना इतिहास देखिए। राम भक्तों पर गोली आपके ही लोगों ने चलाई थी। आपकी ही समाजवादी पार्टी की सरकार ने गोली चलवाई थी।’ जेलों में जन्माष्टमी के आयोजन पर सपा सरकार ने लगाई थी रोक सीएम योगी ने कहा, 'आप (अखिलेश) भूल गए कि आपने थानों और जेलों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन तक को रोक दिया था। कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था। जब हमारे जनप्रतिनिधि कह रहे थे कि हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण हुआ तो क्या यह सपा शासन में संभव था? उनके समय में यह संभव नहीं था।' पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को आजमगढ़ में एक विवाह समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी निंदनीय और चिंता का विषय है। अखिलेश ने कहा, 'दान में गबन की खबरों के बाद सरकार को दबाव में आकर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करना पड़ा। हालांकि, इससे यह सवाल उठता है कि एसआईटी की रिपोर्ट एक खास व्यक्ति को ही क्यों सौंपी गई है।'

हाथरस से सियासी वार: सीएम योगी ने अखिलेश को मथुरा पर खुली चुनौती दी

लखनऊ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने  दावा किया था कि उनकी सरकार आई तो अयोध्या को धार्मिक सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। अखिलेश के इसी दावे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार की तीखा हमला किया। सीएम योगी ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि अयोध्या की पहचान बन चुकी है। अगर हिम्मत है तो यही बात मथुरा के लिए बोलकर दिखाइए। यह बोलकर दिखाइए कि जैसे अयोध्या के लिए श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन चला उसी तरह श्रीकृष्ण मुक्ति के लिए आंदोलन चलना चाहिए। सीएम योगी हाथरस में करोड़ों की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कल अखिलेश यादव का एक बयान पढ़ रहा था। वह कह रहे थे कि उनकी सरकार आएगी तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे, रामभक्तों पर गोली तो समाजवादी पार्टी की ही सरकार ने चलवाई थी। राम भक्तों की मेहनत से अब जब अयोध्या त्रेता युग का स्मरण करा रही है तो आपके मुंह में भी पानी आने लगा है। अयोध्या के लिए पश्चाताप, रामलला का जाकर दर्शन कीजिए योगी ने कहा कि अखिलेश जी अयोध्या को तो रामभक्तों ने सजा औऱ संवार दिया है। आप उसकी चिंता मत कीजिए, पश्चाताप कीजिए। एक बार कम से कम रामलला का दर्शन कर लीजिए, उसी से सद्बुद्धि आएगी। अब तैयारी कीजिए कि हम कृष्ण कन्हैया के लिए भी कुछ कर सकें। अब मथुरा की बात कीजिए। अगर सचमुच अपने को धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हैं तो मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोल दीजिए। अखिलेश को चुनौती देते हुए कहा कि यह बोलकर दिखाइए कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण की भूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए। मुल्ला-मौलवियों के आगे घुटने टेकने का ही एजेंडा सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम कर रही है। युद्धस्तर पर हम प्रयास कर रहे हैं लेकिन आप में हिम्मत नहीं है क्योंकि आप पर मुल्ला और मौलवियों के सामने घुटने टेकने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है जिससे प्रदेश का विकास हो सके। कोई ऐसा एजेंडा नहीं है जिससे अयोध्या, मथुरा या काशी का उत्थान हो और उनकी पौराणिक पहचान स्थापित हो। कब्रिस्तान के पैसों को मंदिरों की ओर डायवर्ट किया कहा कि आंखों में धूल झोंकने का प्रयास मत कीजिए। अयोध्या पहचान की मोहताज नहीं है, अयोध्या ने दुनिया के सामने अपनी पहचान को बनाया हुआ है। आपने तो थानों में और जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर भी रोक लगा दी थी। कांवर यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। समाजवादी सरकार में पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री की तरफ जाता था, हमने उसे मंदिरों की तरफ डायवर्ट किया है। अखिलेश ने क्या कहा था अखिलेश यादव ने शनिवार को अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की चर्चा करते हुए कहा था कि हम धर्मनिष्ठता और सत्यनिष्ठता के साथ ये संकल्प लेते हैं कि नई सरकार बनाकर ‘अयोध्या’ को एक ऐसी अनुपम-अनुकरणीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेंगे, जहां विश्व भर से आए श्रद्धालु सच्ची आध्यात्मिकता की अद्वितीय अनुभूति करेंगे। अखिलेश ने एक्स पर लिखा था कि प्रभु के आशीर्वाद के साथ, हम अयोध्या के सनातन मान को आस्था-श्रद्धा, अखंड विश्वास और सच्ची भावना के ‘सियाराम-धाम’ के रूप में पुनर्स्थापित और पल्लवित करेंगे। इससे अयोध्यावासियों के भी परंपरागत गौरवभान और अधिकारों को पुन: स्थापित करेंगे।

बीडीए की बड़ी परियोजना: पीलीभीत बाइपास रोड सिक्सलेन और आठ लेन विस्तार की तैयारी तेज

बरेली  शहर के पीलीभीत बाइपास रोड पर प्रस्तावित सिक्स लेन का कार्य 50 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो गया है। परियोजना के अगले दो माह में पूर्ण होने और आमजन को सौंपने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए बीडीए की ओर से 60 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है। परियोजना के तहत बैरियर-टू से बड़ा बाईपास तक मार्ग को सिक्सलेन में बदला जा रहा है। वहीं, बैरियर टू से सेटेलाइट तक मार्ग को आठ लेन बनाने के लिए मंगलवार को निविदा टेक्निकल बिड खोली जाएगी। बीडीए अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में सड़क व फुटपाथ पर गिट्टी का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। माना जा रहा है कि अब डीबीएम और वीसी का कार्य भी अगले दो माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। पीलीभीत बाइपास सिक्सलेन मार्ग बना रहा बीडीए उल्लेखनीय है कि, शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों में एक पीलीभीत बाईपास मार्ग (बरेली एयरपोर्ट स्थित बैरियर-टू से बड़ा बाईपास तक) अब तक सिर्फ दो लेन होने की वजह से आए दिन जाम की समस्या बनी रहती थी। साथ ही दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। सड़क को चौड़ी करने के लिए पूर्व मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी ने बीते वर्ष बैरियर-टू से बड़ा बाईपास तक 4.86 किमी. मार्ग के फोरलेन निर्माण के लिए 136 करोड़ की कार्ययोजना शासन को प्रेषित की थी। अब तक 50 प्रतिशत से अधिक प्रगति का दावा इसके लिए कुछ धनराशि बीडीए से भी मांगी गई थी। मगर, परियोजना की स्वीकृति में लग रहे समय को देखते हुए अब बीडीए ने खुद मार्ग को चौड़ीकरण करने का निर्णय लिया। इस मार्ग पर एयरपोर्ट भी स्थित है। मार्ग के महज दो लेन होने के कारण एयरपोर्ट जाने वाले लोगों और दिल्ली, मुंबई व अन्य महानगरों से आने वाले यात्रियों को जाम के चलने परेशानी का सामना करना पड़ता था। 30 जून को खोली जाएगी निविदा इसी मार्ग पर ही सेटेलाइट से बड़ा बाईपास तक कई बड़े मैरिज हाल, होटल-रेस्टोरेंट व अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हैं। अब इस मार्ग चौड़ीकरण के बीच ही वर्तमान मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी ने बीडीए को सेटेलाइट से बैरियर-टू तक आठ लेन व दो सर्विस लेन बनाने के लिए निर्देश दिए हैं, इसके लिए बीडीए की ओर से आमंत्रित निविदा 30 जून को खोली जाएगी। इस मार्ग के बनने के बाद शहर की तस्वीर बदलने की बात कही जा रही।