samacharsecretary.com

जिस मां पर था शक, उसी का घर से कुछ दूर मिला शव, मामले ने लिया नया मोड़

उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मुरादाबाद मीरानपुर में चार सगे भाई-बहनों की निर्मम हत्या के सनसनीखेज मामले में रविवार को नया मोड़ सामने आ गया। जिन बच्चों की हत्या का आरोप उनकी मां पर लगाया जा रहा था, उसी महिला का शव भी घटना स्थल से करीब 100 मीटर दूर नाले से बरामद हुआ है। पुलिस ने ड्रोन की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके दौरान महिला का शव मिला। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शनिवार को इसी घर के अंदर चारों बच्चों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था और शुरुआती जांच में मां पर ही हत्या का शक जताया गया था, जो घटना के बाद से लापता थी। अब मां का शव मिलने के बाद पूरा मामला और पेचीदा हो गया है। यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या मां ने ही बच्चों की हत्या के बाद आत्महत्या कर ली, या फिर इस वारदात के पीछे कोई तीसरा व्यक्ति है, जिसने बेहद सुनियोजित तरीके से पूरे परिवार को निशाना बनाया और फरार हो गया। क्या कह रही है पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की असली वजह निकल कर सामने आएगी। फिलहाल महिला का शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में दहशत और तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं। एक साल से सऊदी अरब में है पति अम्बेडकर नगर के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मुरादाबाद मोहल्ले में शनिवार को सामने आई दिल दहला देने वाली इस घटना की पूरे प्रदेश में चर्चा हो रही है। शनिवार को घटना सामने आने के बाद मां के घर में न मिलने पर उसे फरार बताया जाने लगा लेकिन रविवार को मां की लाश मिल गई। बताया जा रहा है कि मृतक बच्चों का पिता मो. नियाज पिछले एक वर्ष से रोजगार के सिलसिले में सऊदी में रह रहा है। मुरादाबाद मोहल्ले में जिस स्थान पर चार बच्चों की सनसनीखेज तरीके से हत्या की गई, दरअसल वह काफी शांत इलाका है। वारदात के बारे में जिसको भी जानकारी हुई वह वहां पहुंचा। हर कोई बच्चों की निर्मम हत्या पर हैरान था। पुलिस के आने के बाद एक के बाद एक बच्चों का शव जब बाहर लाया गया तो हर किसी का कलेजा कांप उठा। गले पर कटे, सिर पर ईंट से कुचलने के निशान पुलिस को मोहल्ले के लोगों से शनिवार को दिन में 3.40 बजे सूचना मिली कि गाजिया खातून के घर पर असमान्य स्थिति है तो पुलिस मौके पर पहुंची। इससे पहले पहुंचे दूध वाले ने दरवाजा खटखटाया था लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीन मंजिला मकान के प्रथम तल पर पहुंच कर देखा तो कमरे के अंदर चार शव खून से लथपथ मिले। कुछ के गले पर कटे का निशान था तो बाकी के सिर पर ईंट से कुचलने के निशान थे। चार बच्चों की मौत से पुलिस महकमे में खलबली मच गई।

यूपी में मौसम का कहर: 5 दिन तक बारिश के साथ तेज हवाएं और वज्रपात का अलर्ट, IMD ने दी चेतावनी

उतर प्रदेश उत्तर भारत में कई राज्यों में बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। उत्तराखंड समेत तमाम राज्यों में तेज बारिश से मौसम बदला हुआ नजर आ रहा। उत्तर प्रदेश में पांच दिनों तक यानी कि तीन से सात मई और दिल्ली में तीन से पांच मई तक बारिश, आंधी, बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि तीन से पांच मई के दौरान उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत में गरज, बिजली कड़कने और तेज हवाओं जिनकी स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है के साथ काफी भारी बारिश होने वाली है। इसमें से कुछ जगहों पर बहुत भारी बरसात होगी। इसके अलावा, तीन से पांच मई के दौरान उत्तर पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में छिटपुट से बिखरी हुई गरज, बारिश, बिजली कड़कने और 60 की स्पीड से हवाएं, व ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। इस हफ्ते के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे में छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश, बिजली कड़कने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में तीन और चार मई को, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में तीन से पांच मई के दौरान, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। इसके अलावा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में पांच से सात मई के दौरान, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में छह मई को बिजली गिरने की चेतावनी है। यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हर जगह होगी बारिश उत्तर भारत के लिए मौसम विभाग ने कहा, 'तीन से पांच मई के दौरान, जम्मू कश्मीर में, तीन से सात मई के दौरान हिमाचल प्रदेश, तीन से आठ मई के दौरान उत्तराखंड में गरज, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं बारिश और बर्फबारी होने वाली है। तीन से छह मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में बारिश, बिजली कड़कने की संभावना है। इसके अलावा, 50 की स्पीड से हवाएं भी चलेंगी। तीन से सात मई के दौरान उत्तर प्रदेश में, तीन मई और पांच से सात मई के दौरान राजस्थान में गरज, बिजली कड़कने और आंधी के साथ मध्यम स्तर की बारिश होगी। चार मई को राजस्थान में, चार और पांच मई को पंजाब हरियाणा, चंडीगढ़ में गरज के साथ तेज हवाओं जिनकी स्पीड 70 किमी तक हो सकती है, की संभावना है। तीन और चार मई को जम्मू कश्मीर, तीन से पांच मई के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में, तीन और चार मई को उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं ओले गिरने वाले हैं। बिहार-झारखंड में भी बारिश का अलर्ट चार मई को राजस्थान में धूलभरी आंधी चलने की भी संभावना है। इसके अलावा, चार मई को उत्तराखंड में भारी बारिश होगी। पूर्वी भारत के लिए IMD के अनुसार, छह और सात मई को पश्चिम बंगाल, सिक्किम में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। छह से नौ मई के दौरान बिहार, ओडिशा, तीन, छह और सात मई को झारखंड में गरज, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है। तीन से पांच मई के दौरान पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और ओडिशा में, चार और पांच मई को झारखंड में तूफानी हवाओं के साथ आंधी चलने की संभावना है।  

नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में बोले सीएम, भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हुई

लखनऊ यूपी में पिछले नौ वर्षों में 9 लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरी दी गई है। यह किसी भी राज्य में सर्वाधिक नियुक्तियों की प्रक्रिया को सकुशल एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न करने का रिकॉर्ड है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के लिए नवचयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवचयनित 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में कहीं। सीएम योगी ने कहा, सिर्फ अधीनस्थ चयन आयोग इस वर्ष 32 हजार से अधिक नियुक्तियों की प्रक्रिया संपन्न करेगा। शिक्षा चयन आयोग हजारों शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को लगभग 15 हजार भर्तियां करनी है। इस प्रकार चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) में डेढ़ लाख से अधिक सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया संपन्न होनी है। प्रक्रिया में किसी प्रकार की सेंध न लगे, इसके लिए सख्त कानून भी बनाया है, जिसके तहत सेंधमारी करने वालों को आजीवन कारावास की सजा और उसकी पूरी संपत्ति को जब्त किया जाता है। युवाओं के सपने का टूटना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ धोखा मुख्यमंत्री ने कहा कि हर माता-पिता की इच्छा होती है कि उनका बच्चा अच्छी शिक्षा प्राप्त कर एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़े। इसके लिए वे हरसंभव प्रयास करते हैं, लेकिन जब अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते, तो न केवल उस युवा के सपने टूटते हैं, बल्कि उसके माता-पिता और परिवार से जुड़े अन्य लोगों की उम्मीदें भी चकनाचूर हो जाती हैं। किसी युवा के सपनों का टूटना केवल एक व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ धोखा है। उत्तर प्रदेश की ‘बीमारू राज्य’ के रूप में पहचान बनाने में चयन प्रक्रियाओं में भेदभाव, बेईमानी और भ्रष्टाचार की भूमिका थी। भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं इतनी अधिक थीं कि न्यायालय को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ता था। फर्जी डिग्री वाले लोग करते थे चयन प्रक्रिया का नेतृत्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले लगभग हर नियुक्ति प्रक्रिया पर कहीं न कहीं कोर्ट स्टे लगते थे, न्यायालय से कड़ी टिप्पणियां मिलती थीं। स्थिति यह थी कि जो व्यक्ति पात्र नहीं था, वह भी आयोग का चेयरमैन बन जाता था। यहां तक कि फर्जी डिग्री वाले लोग चयन प्रक्रिया का नेतृत्व कर रहे थे। पैसे के लेनदेन के कारण भर्तियां प्रभावित होती थीं और योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिल पाता था। वर्तमान समय में कई युवा उस दौर से अनभिज्ञ हैं, क्योंकि वे तब नाबालिग थे। वर्ष 2017 के बाद भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया गया है। इसका परिणाम यह है कि अब तक पुलिस विभाग में 2,20,000 से अधिक भर्तियां सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। गत 9 वर्षों में हम लोगों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से रिकॉर्ड 9 लाख से अधिक युवाओं की भर्तियां कीं। आज औषधि विभाग के पास जांच के लिए मंडल स्तर पर ए ग्रेड की लैब मौजूद सीएम ने कहा कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 4 और 6 मई को नियुक्त पत्र वितरिण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ये लगातार चलेगा। सरकार बिना भेदभाव पिछले नौ वर्षों में कोरोना महामारी के बावजूद प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तीन गुना करने में सफल रही है। प्रदेश में आज देश का सबसे अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, हाइवे आदि मौजूद हैं। आज वे विभाग अच्छा काम कर रहे हैं, जिन्हें पहले लोग जानते तक नहीं थे। लगभग हर जनपद में मेडिकल कॉलेज हैं, दो एम्स कार्यरत हैं। 2017 से पहले सब भगवान भरोसे था, परिणाम भी उसी प्रकार से आते थे। उस दौरान पूरा सिस्टम ही बीमारू था। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के पास दवा की क्वालिटी एवं खाद्य पदार्थों में मिलावट जांचने के उपकरण व लैब्स नहीं थीं। अब विभाग के पास जांच के लिए मंडल स्तर पर ए-ग्रेड की लैब हैं। प्रशिक्षित मैनपॉवर है, जो समय-सीमा में जांच के नतीजे बता देंगे। वर्ष 2017 से पहले पांच प्रयोगशालाएं थीं, आज आधुनिक उपकरणों के साथ 18 प्रयोगशालाएं हैं। कनिष्ठ विश्लेषकों (खाद्य) की भर्ती भी जल्द सीएम ने कहा कि पहले 5 प्रयोगशालाओं में 12,000 नमूने प्रतिवर्ष लिए जाते थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 55,000 हो गयी है। आज 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) की भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई है, जिसके साथ ही इनकी संख्या 44 से बढ़कर 401 हो गयी है। वर्तमान में कनिष्ठ विश्लेषकों (खाद्य) की संख्या अभी केवल 58 है। हमने 417 पदों के लिए अधियाचन भेजा है, जो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में विचाराधीन है। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया संपन्न होगी। वर्तमान में 36 हजार खाद्य नमूने प्रतिवर्ष लिये जाते हैं। भर्ती प्रक्रिया संपन्न होने से इनकी संख्या बढ़कर प्रतिवर्ष 1,08,000 से अधिक हो जाएगी। आज 252 डेंटल हाइजीनिस्ट को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं।

चीखों से गूंजा गांव: मिट्टी का टीला गिरने से 8 दबे, 3 की मौत

कौशांबी एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां मिट्टी का टीला महिलाओं के ऊपर भर-भराकर गिर गया. घटना में 3 महिलाओं की मौत होने की जानकारी सामने आई है. घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया है. मौत के आंकड़ों की ऑफिशियल पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस बचाव कार्य में जुट गई है. बता दें कि घटना मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के थाभां गांव में उस वक्त घटी, जब महिलाएं एक तालाब में मिट्टी खोदने के लिए गईं थी. इसी दौरान मिट्टी का टीला अचानक महिलाओं के ऊपर ढह गया. टीला ढहने से 8 महिलाएं उसके नीचे दब गईं. घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी. जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गांव वालों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया. महिलाओं को निकालकर अस्पताल भिजवाया गया. जानकारी है कि 8 में से 3 महिलाओं की मौत हो गई. मौत को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आय़ा है. घायलों का इलाज जारी है. मृतकों की पहचान 45 वर्षीय गीता देवी, बेटी अंकिता देवी और 40 वर्षीय उत्तरा देवी के रूप में हुई है.

रिंकू सिंह को अब तक नई जिम्मेदारी नहीं—क्या सरकार ले रही है “बदला”?

लखनऊ उत्तर प्रदेश के IAS अफ़सर रिंकू सिंह राही ने यह इल्ज़ाम लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था कि उनको लंबे समय से पोस्टिंग नहीं दी जा रही है. नहीं कोई काम दिया जा रहा है. वो उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद से संबद्ध है. उनके पास न कोई काम और न ही गरिमापूर्ण कार्य आवंटन. अपने विस्तृत पत्र में उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें काम करने का अवसर नहीं दिया गया और “संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम” चल रहा है. इन सबके बाद अब IAS अफ़सर रिंकू सिंह राही ने अपना इस्तीफा 20 अप्रैल को वापस ले लिया था. हालांकि, इस्तीफा वापस लेने के 13 दिन बाद भी उन्हें पोस्टिंग नहीं मिली है. रिंकू सिंह राही ने कहा, मुझे सिर्फ काम चाहिए. सरकार कहीं भी पोस्टिंग दे दे, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मुझे काम न करके सिर्फ वेतन लेना ठीक नहीं लग रहा. सरकार ने रिंकू सिंह राही को राजस्व परिषद में अटैच किया है. परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार हैं. सोर्स के मुताबिक, पिछले दिनों अनिल कुमार ने रिंकू सिंह को कुछ विभागीय काम सौंपे थे. जिन्हें IAS अधिकारी ने पूरा भी कर दिया. वेतन मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं शाहजहांपुर में SDM रहते हुए कार्रवाई के बाद उन्हें साइडलाइन किया गया था. राही ने कहा वेतन मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं. इसे उन्होंने नैतिक निर्णय बताया था. 2009 में घोटाला उजागर करने पर राही को 7 गोलियां लगी थीं, फिर भी वे बच गए थे. शाहजहांपुर वकीलों के एक प्रदर्शन में उठक बैठक का उनका वीडियो वायरल हुआ था तब सरकार ने उनको अटैच कर दिया था. वकीलों के सामने की थी उठक-बैठक रिंकू सिंह शाहजहांपुर में जॉइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थे. वहां वकीलों से उनका विवाद हुआ था. जिसके बाद सार्वजनिक रूप से उन्होंने उठक-बैठक करके वकीलों से माफी मांगी थी. इसके बाद उन्हें शाहजहांपुर से हटाकर राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया था. फिलहाल रिंकू सिंह ने गुपचुप तरीके से अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. कहा जा रहा है कि जल्द ही उन्हें नई तैनाती दी जा सकती है.

लोक भवन में नियुक्ति पत्र वितरण: सीएम योगी के नेतृत्व में निष्पक्ष प्रक्रिया बनी भरोसे की पहचान

लखनऊ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के 357 कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खुशी से दमक उठे। उन्होंने योगी सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की सराहना की। पारदर्शिता और समयबद्धता से बढ़ा युवाओं का विश्वास कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) के पद पर चयनित औरैया के प्रतीक कुमार दीक्षित ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि समयबद्ध तरीके से चयन प्रक्रिया पूरी होना युवाओं के लिए बड़ी राहत है। प्रतीक ने यह भी कहा कि पहले प्रयोगशालाओं की संख्या कम थी, लेकिन योगी सरकार ने लैब बढ़ाकर रोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं। दंत स्वास्थ्य विज्ञानी (डेंटल हाइजीनिस्ट) के पद पर चयनित लखनऊ की साक्षी सिंह ने नियुक्ति पत्र पाकर कहा कि यह पूरे परिवार के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी रही, जिसके कारण योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिला है। मुख्यमंत्री के संबोधन से उन्हें प्रेरणा मिली है और वे अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगी। रोजगार के अवसरों से मजबूत हो रहा प्रदेश दंत स्वास्थ्य विज्ञानी (डेंटल हाइजीनिस्ट) के पद पर चयनित कानपुर नगर की सभ्या कटियार ने कहा कि योगी सरकार में युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण दिन बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के विचारों से प्रेरित होकर वो अपने पद की जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाएंगी।  कनिष्ठ विश्लेषक औषधि के पद पर चयनित गाजीपुर के राकेश कुमार यादव ने कहा कि नियुक्ति पत्र पाकर मुझे बहुत खुशी है। भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हुई है। जो योग्य अभ्यर्थी हैं सिर्फ वही चयनित हुए हैं। राकेश ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने नया मुकाम हासिल करके पूरे देश में अग्रणी राज्य के रूप में जाना जा रहा है। महिलाओं और युवाओं को मिला सम्मान कनिष्ठ विश्लेषक औषधि के पद पर चयनित मुरादाबाद की प्रियंका गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार में सभी वर्गों, खासकर महिलाओं को सम्मान मिल रहा है। पहले जहां जानकारी तक नहीं मिल पाती थी, वहीं अब सरकार स्वयं बुलाकर सम्मान दे रही है। दंत स्वास्थ्य विज्ञानी (डेंटल हाइजीनिस्ट) के पद पर चयनित बस्ती के ऋषभ प्रताप सिंह और सीतापुर की पूजा वर्मा ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रही और इससे युवाओं का भरोसा मजबूत हुआ है। कार्यक्रम के दौरान अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने देश में एक नई पहचान बनाई है।

अजय राय ने दी हेल्थ अपडेट: ‘बाबा विश्वनाथ की कृपा’, जानिए कब मिल सकता है डिस्चार्ज

वाराणसी/लखनऊ राजधानी लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय की हालत में सुधार आया है। कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने एक्स पर पोस्ट किया और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी है। अजय राय ने कहा कि बाबा विश्वनाथ की असीम कृपा और आप सभी की प्रार्थनाओं के आशीर्वाद से मैं अब बिल्कुल स्वस्थ महसूस कर रहा हूं। आप सभी के प्रेम और शुभकामनाओं के लिए हृदय से आभार। जल्द ही पूरी ऊर्जा के साथ जन सेवा में उपस्थित रहूंगा। पीएम मोदी और राहुल गांधी ने किया पोस्ट इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय जी के अस्वस्थ होने का समाचार प्राप्त हुआ है। मैं उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अजय राय के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के अस्वस्थ होने के समाचार से चिंतित हूं। उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। आशा है कि वो जल्द से जल्द स्वस्थ हों और फिर से पूरी शक्ति के साथ जन सेवा में सक्रिय हों।" अविनाश पांडे और सुरेंद्र राजपूत स्वस्थ होने की कामना की अजय राय के स्वास्थ्य के बारे में कांग्रेस के महासचिव अविनाश पांडे ने कहा, "अब उनकी तबीयत ठीक और स्थिर है। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने पोस्ट किया, "उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय की तबीयत कल रात अचानक खराब हुई। अब उनकी हालत स्थिर और बेहतर है। ईश्वर से प्रार्थना है कि अजय भाई जल्द स्वस्थ हो।" कांग्रेस के नेता सचिन पायलट ने भी अजय राय के जल्द स्वस्थ होने की कामना की अजय राय की शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान तबीयत बिगड़ी थी। अचानक सीने में दर्द, बेचैनी और बेहोशी की शिकायत के बाद उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल, उन्हें डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया है।

प्रदेश की 18 प्रयोगशालाएं होंगी पूर्ण रूप से संचालित, विश्लेषण क्षमता 12 हजार से बढ़कर हो जाएगी 54,500 नमूने प्रतिवर्ष

लखनऊ उत्तर प्रदेश में जनस्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम का तहत रविवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अंतर्गत चयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। वर्ष 2024 के विज्ञापन के सापेक्ष वर्ष 2026 में पूरी हुई यह भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हुई है। इन नियुक्तियों के माध्यम से दवा की गुणवत्ता जांच की रफ्तार बढ़ेगी। साथ ही प्रदेश की सभी 18 प्रयोगशालाएं पूर्ण रूप से संचालित होंगी और विश्लेषण क्षमता में भी प्रतिवर्ष 4 गुणा से अधिक की वृद्धि होगी।  औषधि गुणवत्ता जांच में आएगी तेजी कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) की नियुक्ति से प्रदेश में दवा एवं सौंदर्य प्रसाधनों की गुणवत्ता जांच व्यवस्था को नई गति मिलेगी। इनका प्रमुख दायित्व औषधि एवं कास्मेटिक्स एक्ट 1940 तथा संबंधित नियमों के अंतर्गत विभिन्न जनपदों से औषधि निरीक्षकों द्वारा संग्रहित नमूनों का वैज्ञानिक परीक्षण करना है। यह परीक्षण न केवल दवाओं की शुद्धता, प्रभावशीलता और मानक अनुरूपता सुनिश्चित करेगा, बल्कि नकली, मिलावटी और मानकहीन उत्पादों की पहचान कर उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। इससे बाजार में उपलब्ध दवाओं और कास्मेटिक उत्पादों की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी स्थापित होगी, जिससे आम जनता को सुरक्षित और भरोसेमंद उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप परीक्षण से प्रदेश की गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी, जो जनस्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। 18 प्रयोगशालाओं के संचालन से बढ़ेगी क्षमता प्रदेश में औषधि गुणवत्ता परीक्षण की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए अब हर मण्डलीय मुख्यालय पर आधुनिक औषधि प्रयोगशालाओं की स्थापना कर कुल 18 प्रयोगशालाओं को फर्नीचर एवं अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। पहले जहां केवल 5 प्रयोगशालाओं के सहारे पूरे प्रदेश की जांच व्यवस्था सीमित थी, वहीं अब यह नेटवर्क व्यापक और सशक्त रूप में सामने आया है। कनिष्ठ विश्लेषकों की नियुक्ति के बाद ये सभी प्रयोगशालाएं पूर्ण क्षमता के साथ कार्य करेंगी, जिससे नमूनों के परीक्षण में तेजी आएगी और लंबित मामलों में उल्लेखनीय कमी होगी। इससे न केवल समयबद्ध जांच सुनिश्चित होगी, बल्कि गुणवत्ता नियंत्रण की निगरानी भी अधिक प्रभावी और व्यापक हो सकेगी। यह व्यवस्था प्रदेश में दवा और कास्मेटिक उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ाने के साथ-साथ जनस्वास्थ्य सुरक्षा को एक मजबूत आधार प्रदान करेगी। 4 गुना से अधिक बढ़ेगी परीक्षण क्षमता नई नियुक्तियों के बाद प्रदेश में औषधि नमूनों की जांच क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की जाएगी। अब तक जहां प्रतिवर्ष लगभग 12,000 नमूनों का ही परीक्षण संभव था, वहीं यह क्षमता बढ़कर 54,500 नमूने प्रतिवर्ष तक पहुंच जाएगी, जो चार गुना से अधिक की वृद्धि है। इससे न केवल परीक्षण की गति तेज होगी, बल्कि अधिक व्यापक स्तर पर दवाओं और कास्मेटिक उत्पादों की गुणवत्ता की निगरानी भी सुनिश्चित की जा सकेगी। बढ़ी हुई क्षमता के साथ नमूनों की समयबद्ध जांच संभव होगी, जिससे बाजार में उपलब्ध मानकहीन या संदिग्ध उत्पादों पर शीघ्र नियंत्रण किया जा सकेगा।  पारदर्शी भर्ती से सभी वर्ग के युवाओं को मिला अवसर इस भर्ती प्रक्रिया में कुल 357 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जिसमें 143 अनारक्षित, 75 अनुसूचित जाति, 06 अनुसूचित जनजाति, 97 अन्य पिछड़ा वर्ग एवं 36 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थी शामिल हैं। यह चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित रही, जिसमें किसी भी प्रकार की सिफारिश या हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं रही। 11 मार्च 2026 को घोषित परिणाम सरकार की तेज, जवाबदेह और सुशासन आधारित कार्यप्रणाली का प्रमाण है। यह भर्ती न केवल विभिन्न वर्गों को संतुलित प्रतिनिधित्व प्रदान करती है, बल्कि युवाओं में यह विश्वास भी मजबूत करती है कि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर ही सफलता संभव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था ने नई कार्यसंस्कृति स्थापित की है, जिससे युवाओं को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर प्राप्त हो रहे हैं और सरकारी तंत्र में भरोसा और सशक्त हुआ है।

हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित निकाले गए 2 बच्चे, दलदली जमीन और टूटी सीढ़ी ने बढ़ाईं मुश्किलें

लखनऊ उत्तर प्रदेश में सिद्धार्थनगर के नवगढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम बेलसड़ तप्पा थरौली में पानी की टंकी पर हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। रील बनाने के लिए टंकी पर चढ़े पांच बच्चों में से सीढ़ी टूटने के कारण तीन नीचे गिर गए, जिनमें एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। वहीं दो बच्चे टंकी के ऊपर ही फंस गए थे। सीएम के निर्देश पर अलर्ट हुआ प्रशासन घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि फंसे बच्चों को सुरक्षित निकालने में कोई ढिलाई न बरती जाए। सीएम योगी के निर्देश के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने हालात की गंभीरता को देखते हुए राहत आयुक्त से हेलीकॉप्टर की मांग की, जिसे तत्काल स्वीकृति मिल गई। चुनौतीपूर्ण हालात में चला रेस्क्यू सीएम योगी के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में कई बाधाएं सामने आईं। टंकी के आसपास जलभराव के कारण जमीन दलदली हो गई थी, जिससे भारी मशीनरी जैसे जेसीबी और क्रेन का उपयोग संभव नहीं हो सका। टंकी की ऊंचाई और टूटी सीढ़ी के कारण ऊपर पहुंचना जोखिम भरा था, बावजूद इसके प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमों ने लगातार प्रयास जारी रखा। एयरफोर्स की मदद से बच्चों को उतारा गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर भारतीय वायुसेना से सहायता ली गई। गोरखपुर से हेलीकॉप्टर मंगवाया गया, जिसने रविवार सुबह मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। एयरफोर्स की टीम ने अत्यंत सावधानी से दोनों फंसे बच्चों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित नीचे उतार लिया।

पहले से शादीशुदा महिला बनी कुंवारी, दूल्हे को ठगकर फरार, 4 गिरफ्तार

महाराजगंज  उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में पहले से शादीशुदा और एक बच्चे की मां बन चुकी महिला ने खुद को कुंवारी बताकर एक शख्स से शादी का स्वांग रचाया। महिला के साथ पूरा गैंग इसमें शामिल था। महिला ने अपने गैंग संग मिलकर शादी की रस्मों के दौरान ही दूल्हे संग कांड कर डाला। हालांकि सूचना मिलते ही पुलिस ऐक्टिव हुई और उसे पूरे गैंग संग गिरफ्तार कर लिया। इसी के साथ महराजगंज पुलिस शादी के नाम पर ठगी करने वाले लुटेरी दुल्हन गिरोह का पर्दाफाश करने में कामयाब रही। पुलिस ने चिउटहा बाजार के पास से गिरोह की चार महिला आरोपितों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 39 हजार 500 रुपये नकद, चांदी की पायल और मंगलसूत्र बरामद हुआ है। पुलिस कार्यालय के सभागार में एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने लुटेरी दुल्हन गैंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एटा के रहने वाले रंजीत चौहान ने सिंदुरिया थाने में तहरीर देकर बताया था कि जितेन्द्र नामक व्यक्ति और चार महिलाओं ने सुनियोजित तरीके से उनकी शादी अंजलिका से तय कराई थी। अंजलिका को अविवाहित बताया गया था, जबकि वह पहले से शादीशुदा और एक बच्चे की मां है। सिन्दुरिया के एक मंदिर में शादी की रस्मों के दौरान आरोपितों ने रंजीत से शादी के खर्च और जेवर के नाम पर करीब एक लाख रुपये और गहने ठग लिए। रस्मों के बीच ही आरोपित मारपीट और गाली-गलौज कर भागने लगे। मुख्य आरोपित जितेन्द्र दुल्हन बनी अंजलिका को लेकर फरार हो गया था। थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान रविवार को पुलिस टीम ने चिउटहा-सिन्दुरिया रोड से चार महिला आरोपितों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपितों में लालती, सुमित्रा, काजल और अंजलिका शामिल हैं। दुल्हन की मां की भूमिका निभाती थी सुमित्रा पूछताछ में सामने आया कि गिरोह की लालती मुख्य साजिशकर्ता है, जबकि सुमित्रा ने अंजलिका की मां बनकर गूंगी-बहरी होने का नाटक किया था ताकि पीड़ित पक्ष को भावुक किया जा सके। पुलिस के अनुसार लालती का पुराना आपराधिक इतिहास भी है। गिरोह के फरार सदस्य जितेन्द्र की तलाश की जा रही है। आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया है। क्या बोले एसपी महाराजगंज के एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि शादी के नाम पर ठगी करने वाली लुटेरी दुल्हन को गिरोह की चार महिला सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से ठगी के रुपये और जेवर बरामद हुए हैं। फरार एक अन्य आरोपित की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।