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गीता प्रेस से वृंदावन शोध संस्थान तक…डिजिटल हो रहीं यूपी की दुर्लभ पांडुलिपियां

ज्ञान भारतम मिशन के तहत यूपी की हजारों पांडुलिपियां हो रहीं डिजिटल, 15 हजार से ज्यादा पांडुलिपियों की स्कैनिंग पूरी सदियों पुरानी साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल रूप में सुरक्षित करने में योगी सरकार की है विशेष रुचि लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की सदियों पुरानी साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल रूप में सुरक्षित करने का काम तेजी से बढ़ रहा है। ज्ञान भारतम मिशन के तहत प्रदेश के छह प्रमुख संस्थानों में हजारों दुर्लभ पांडुलिपियों को स्कैन कर डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। सितंबर 2026 तक गीता प्रेस गोरखपुर, नागरी प्रचारिणी सभा, हिंदी साहित्य सम्मेलन, राजकीय पांडुलिपि पुस्तकालय, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और वृंदावन शोध संस्थान मथुरा में कुल 15,890 पांडुलिपियों से जुड़े 7,56,392 पन्नों को स्कैन किया जा चुका है। इनमें से 14,594 पांडुलिपियों का मेटाडाटा तैयार हुआ है, जबकि 14,208 रिकॉर्ड अपलोड किए जा चुके हैं। छह संस्थानों में चल रहा डिजिटल संरक्षण का काम संस्कृति-पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'ज्ञान भारतम मिशन के तहत इन संस्थानों में अलग-अलग स्तर पर पांडुलिपियों की पहचान, स्कैनिंग, मेटाडाटा तैयार करने और डिजिटल अपलोड किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल पुराने दस्तावेजों को स्कैन करना नहीं, बल्कि उनमें मौजूद ज्ञान व ऐतिहासिक सामग्री को लंबे समय तक सुरक्षित रखना और भविष्य में शोध तथा अध्ययन के लिए डिजिटल रूप में उपलब्ध कराना है।' वृंदावन शोध संस्थान में सबसे अधिक पन्नों की स्कैनिंग मथुरा के वृंदावन शोध संस्थान में 3,161 पांडुलिपियों से जुड़े 1,93,256 पन्नों को स्कैन किया जा चुका है। यहां 2,998 का मेटाडाटा तैयार हुआ और 2,846 रिकॉर्ड अपलोड किए गए हैं। हिंदी साहित्य सम्मेलन में 2,400 पांडुलिपियों के 1,26,878 पन्नों की स्कैनिंग हुई है। यहां 2,090 मेटाडाटा तैयार किए गए और 2,023 रिकॉर्ड अपलोड किए जा चुके हैं। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में 1,192 पांडुलिपियों के 90,300 पन्नों को डिजिटल रूप में स्कैन किया गया है। यहां 759 मेटाडाटा तैयार करने के साथ 759 रिकॉर्ड अपलोड किए जा चुके हैं। वहीं राजकीय पांडुलिपि पुस्तकालय में 1,623 पांडुलिपियों से जुड़े 1,52,519 पन्नों की स्कैनिंग हुई है। यहां 1,472 मेटाडाटा तैयार किए गए और 1,410 रिकॉर्ड अपलोड हुए हैं। नागरी प्रचारिणी सभा में 6,720 पांडुलिपियों से जुड़े 61,175 पन्नों को स्कैन किया गया है। यहां 6,680 मेटाडाटा तैयार किए जा चुके हैं और 6,600 रिकॉर्ड डिजिटल रूप से अपलोड हुए हैं। वहीं गीता प्रेस गोरखपुर में 794 पांडुलिपियों के 1,32,264 पन्नों की स्कैनिंग की गई है। यहां 595 मेटाडाटा तैयार हुए और 570 रिकॉर्ड अपलोड किए गए हैं। 'पांडुलिपियों के डिजिटल संरक्षण से शोध होगा आसान' मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'पांडुलिपियों का डिजिटल संरक्षण होने से पुरानी और दुर्लभ सामग्री को समय के साथ खराब होने से बचाने में मदद मिलेगी। साथ ही इनका व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और साहित्य एवं इतिहास से जुड़े लोगों के लिए इन सामग्रियों तक पहुंच आसान हो सकेगी। मेटाडाटा तैयार करने से प्रत्येक पांडुलिपि की पहचान और उससे जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित तरीके से दर्ज किया जा रहा है।' पांडुलिपियों के जरिये ज्ञान की विरासत सहेजने की पहल पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'ज्ञान भारतम मिशन के तहत चल रहा यह अभियान उत्तर प्रदेश की साहित्यिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और ज्ञान परंपरा से जुड़ी पुरानी सामग्री को नई तकनीक के जरिए सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गीता प्रेस से लेकर नागरी प्रचारिणी सभा, हिंदी साहित्य सम्मेलन, संस्कृत विश्वविद्यालय और वृंदावन शोध संस्थान जैसे संस्थानों में मौजूद सामग्री का डिजिटल रूपांतरण आने वाली पीढ़ियों के लिए विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ शोध और अध्ययन के नए रास्ते भी खोलेगा।'

राज्यसभा सांसद का आरोप, राहुल गांधी और विपक्षी दल विदेशी शक्तियों के हाथों में खेल रहे

बोले- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती ताकत अमेरिका समेत विदेशी शक्तियों को नहीं आ रही रास   नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका की तरह भारत में भी अस्थिरता पैदा कर सरकार गिराने की साजिश का लगाया आरोप   मुख्य न्यायाधीश को धमकाने का आरोप लगाते हुए कहा- कांग्रेस को आज भी चाहिए अपने प्रति प्रतिबद्ध न्यायपालिका   लखनऊ भाजपा के राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर अमेरिकी डीप स्टेट की मदद से देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल विदेशी शक्तियों के हाथों में खेल रहे हैं। इनका उद्देश्य देश में अराजकता पैदा कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार को गिराना है। इसके लिए नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी परिस्थितियां पैदा करने की कोशिश की जा रही है। बृजलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज किसी भी महाशक्ति से आंख में आंख डालकर बात करता है। भारत की यह बढ़ती ताकत अमेरिका और अन्य विदेशी शक्तियों को पसंद नहीं आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी डीप स्टेट की इसमें मुख्य भूमिका है और कांग्रेस सहित विपक्षी दल उसके इशारे पर काम कर रहे हैं।   बृजलाल ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में नहीं आ पा रही है और आगे भी सत्ता में आने की संभावना नहीं देख रही है। इसलिए अब विदेशी शक्तियों की मदद से देश में अस्थिरता पैदा करना चाहती है। उन्होंने सीजेपी को भी इसी साजिश का हिस्सा बताते हुए आम आदमी पार्टी की बी टीम करार दिया। आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल संवैधानिक संस्थाओं को दबाव में लेकर अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाना चाहते हैं।   मुख्य न्यायाधीश को धमकाने का लगाया आरोप बृजलाल ने कहा कि 12 अक्टूबर को राहुल गांधी अपने सहयोगियों अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ सर्वोच्च न्यायालय तक मार्च करने पहुंचे थे। वे चुनाव आयोग और एसआईआर समेत अन्य मामलों को लेकर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत से मिलना चाहते थे। मुख्य न्यायाधीश ने मुलाकात से इनकार करते हुए ईमेल के माध्यम से संवैधानिक परंपराओं की जानकारी दी। कांग्रेस ने इस पत्र को अपने एक्स हैंडल पर सार्वजनिक कर दिया।   उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद कांग्रेस की केरल इकाई ने मुख्य न्यायाधीश के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए इस्तीफे की मांग की। यहां तक कहा कि यदि मुख्य न्यायाधीश कार्रवाई नहीं कर सकते तो इस्तीफा दे दें, उनका विकल्प नियुक्त कर लिया जाएगा। बृजलाल ने इसे सर्वोच्च न्यायपालिका का घोर अपमान और मुख्य न्यायाधीश को धमकाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य न्यायाधीश राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर लेते तो राहुल गांधी राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद की तरह फिर कोई फर्जी नैरेटिव गढ़ लेते।   इंदिरा गांधी के दौर से कांग्रेस को चाहिए प्रतिबद्ध न्यायपालिका बृजलाल ने कहा कि कांग्रेस की प्रतिबद्ध न्यायपालिका की सोच उसके पुराने इतिहास का हिस्सा है। उन्होंने जस्टिस बहरूल इस्लाम का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने उन्हें 1962 और 1968 में राज्यसभा भेजा। इसके बाद वह गुवाहाटी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और मुख्य न्यायाधीश बने। वर्ष 1980 में उन्हें सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाया गया। बृजलाल ने आरोप लगाया कि बिहार के तत्कालीन कांग्रेसी मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को सहकारी बैंक घोटाले से जुड़े मामले में राहत देने के बाद बहरूल इस्लाम ने सर्वोच्च न्यायालय से इस्तीफा दिया और कांग्रेस ने 1983 में उन्हें तीसरी बार राज्यसभा भेज दिया।   उन्होंने कहा कि वर्ष 1973 में केशवानंद भारती मामले के फैसले के बाद इंदिरा गांधी सरकार ने तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों को दरकिनार कर जस्टिस एएन रे को मुख्य न्यायाधीश बनाया। इसी तरह आपातकाल के दौरान एडीएम जबलपुर मामले में जीवन के अधिकार के पक्ष में असहमति जताने वाले जस्टिस एचआर खन्ना की वरिष्ठता की अनदेखी कर जस्टिस एमएच बेग को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया।   बृजलाल ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ऐसे न्यायाधीशों को महत्व दिया जो सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करें। राहुल गांधी भी अपनी पार्टी की उसी पुरानी नीति के अनुसार प्रतिबद्ध न्यायपालिका चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से बाहर होने के कारण कांग्रेस अब न्यायपालिका पर दबाव बनाने और विदेशी शक्तियों की मदद से देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रही है।

‘मुसलमानों के नेता अखिलेश नहीं, ओवैसी हैं’, ओमप्रकाश राजभर का सपा पर तीखा हमला

'ओवैसी की भीड़ देखकर गोपनीय सर्वे करा रहे अखिलेश', राजभर बोले- मुस्लिम वोटों पर सपा की पकड़ हो रही कमजोर 'यूपी में ओवैसी की सक्रियता ने अखिलेश यादव के उड़ाए होश', राजभर बोले- इस बार सपा को मुस्लिम सिखाएगा सबक 'सपा ने मुसलमानों को सिर्फ दरी बिछाने तक सीमित रखा', राजभर का अखिलेश पर हमला; बोले- अब हिस्सेदारी मांगेगा मुस्लिम समाज 'आजमगढ़ में भी अखिलेश को झटका देंगे ओवैसी', राजभर का दावा- इस बार सपा का बुरा हाल होगा लखनऊ योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने दावा किया कि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की रैलियों में उमड़ रही भीड़ को देखकर अखिलेश यादव डरे हुए हैं और AIMIM के साथ गठबंधन के फायदे-नुकसान को लेकर सपा गोपनीय सर्वे करा रही है। राजभर ने कहा कि यूपी में ओवैसी की बढ़ती सक्रियता ने सपा को चिंता में डाल दिया है। सपा से अब मुस्लिम समाज अपनी हिस्सेदारी मांग रहा है क्योंकि उसे यह एहसास हो गया है कि अखिलेश यादव ने मुस्लिमों को केवल धोखा दिया है। 'मुसलमानों के नेता अब ओवैसी हैं, अखिलेश नहीं' ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि ओवैसी ने पहले ही अखिलेश यादव को गठबंधन का प्रस्ताव दिया था। लेकिन तब सपा ने इसपर ध्यान नहीं दिया। लेकिन अब ओवैसी की रैलियों में आ रही भारी भीड़ को देखते हुए सपा गोपनीय सर्वे कराने में जुट गई है। राजभर ने कहा कि ओवैसी जिन राज्यों में सक्रियता से चुनाव लड़ते हैं, वहां मुस्लिम वोटों का एक हिस्सा उनकी पार्टी की ओर जाता है। राजभर ने बिहार और पश्चिम बंगाल का उदाहरण दिया, जहां RJD नेता तेजस्वी यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने ओवैसी को हल्के में लेने की गलती की थी। राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी ओवैसी की सक्रियता सपा के पारंपरिक मुस्लिम समर्थन को प्रभावित कर सकती है। 'सपा ने मुसलमानों को दरी बिछाने तक सीमित रखा' राजभर ने सपा पर मुस्लिम समाज को राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी में मुस्लिम विधायक, सांसद और नेता होने के बावजूद कोई अखिलेश यादव से यह मांग करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता कि मुस्लिम समाज के समर्थन के बदले उसे सत्ता में नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए। राजभर ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज को सपा में बराबर की राजनीतिक हिस्सेदारी देने के बजाय उसे पार्टी के लिए काम करने तक सीमित रखा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मुस्लिम समाज सपा को लगातार समर्थन देता रहा है, तो मुख्यमंत्री पद के लिए किसी मुस्लिम नेता का नाम घोषित करने की मांग क्यों नहीं उठती? राजभर ने कहा कि ओवैसी इसी सवाल को उठा रहे हैं। उनके मुताबिक, मुस्लिम समाज को अब केवल किसी दूसरे नेता को मुख्यमंत्री बनाने की राजनीति करने के बजाय अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, नौकरी और सत्ता में भागीदारी पर भी ध्यान देना चाहिए। '20 प्रतिशत वाला हिस्सेदारी की बात करेगा' राजभर ने कहा कि ओवैसी मुस्लिम मतदाताओं को स्वतंत्र राजनीतिक विकल्प के तौर पर आगे बढ़ने का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समाज अपनी राजनीतिक ताकत के आधार पर विधानसभा में प्रभावी भूमिका निभाने की स्थिति में है और उसे किसी दूसरे दल पर निर्भर रहने के बजाय अपने प्रतिनिधित्व की मांग करनी चाहिए। राजभर ने कहा कि पहले मुस्लिम मतदाताओं का बड़ा हिस्सा सपा के साथ रहता था, लेकिन अब वैसी स्थिति नहीं रहेगी। राजभर के मुताबिक, ओवैसी और पीस पार्टी के अध्यक्ष डॉ. अय्यूब की सक्रियता से मुस्लिम मतदाताओं के सामने दूसरे राजनीतिक विकल्प भी मौजूद हैं। आजमगढ़ में अखिलेश को झटका देंगे ओवैसी राजभर ने आजमगढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले चुनाव में प्रचार के बिना ओवैसी को आजमगढ़ में करीब तीन प्रतिशत वोट मिले थे। लेकिन इस बार ओवैसी अभी से सक्रिय हैं। इस बार आजमगढ़ में भी सपा का बुरा हाल होगा। '2017 में जो इज्जत बची थी, वह भी चली जाएगी' राजभर ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिमों का एकमुश्त वोट सपा को नहीं मिलेगा। अखिलेश यादव और सपा को लेकर मुस्लिमों में भयानक नाराजगी है। राजभर ने कहा कि इस बार के चुनाव में सपा का पूरा सफाया हो जाएगा। जो इज्जत 2017 में बच गई थी वो भी 2027 में चली जाएगी।

योगी सरकार का छात्राओं को तोहफा, पहले चरण में 25 हजार बेटियों को मिलेगी स्कूटी

 लखनऊ यूपी में छात्राओं को स्कूटी की सौगात की तारीख और नजदीक आ गई है। पहले दिसंबर में बांटने की तैयारी थी। अब दो चरणों में स्कूटी बांटी जाएगी। पहले चरण में अगले ही महीने यानी नवंबर में 20 से 25 हजार छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। स्कूटी के लिए मेधावी छात्राओं की सूची का काम लगभग पूरा हो चुका है। विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों की मेधावी छात्राओं को अगले महीने मुफ्त स्कूटी बांटे जाने की तैयारियां शासन स्तर पर तेज कर दी गई हैं। दो चरणों में 40 हजार मेधावी छात्राओं को स्कूटी बांटने की तैयारी है। पहले चरण में 20 हजार से 25 हजार तक मेधावी छात्राओं को स्कूटी बांटने की तैयारी है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से स्कूटी बांटने के लिए औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। क्यों दो चरणों में बांटने का फैसला 40 हजार तक स्कूटी खरीदने का बजट भी विभाग के पास है। फिलहाल एक साथ इतनी बड़ी संख्या में स्कूटी की उपलब्धता कराने में कंपनी को कठिनाई न हो इसके लिए इसे दो चरणों में बांटा जाएगा। पहले चरण में 20 हजार से 25 हजार तक मेधावी बेटियों को स्कूटी देने की तैयारी की जा रही है। बाकी मेधावी छात्राओं को अगले चरण में दी जाएगी। नवंबर से स्कूटी वितरण की शुरुआत कर दी जाएगी। कंपनी की ओर से जैसे-जैसे डिलिवरी होगी उसके वितरण का काम भी तेजी से किया जाएगा। स्कूटी पर होगी पीएम मोदी और सीएम योगी की फोटो स्कूटी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फोटो होगी। उत्तर प्रदेश सरकार का लोगो भी होगा। स्कूटी वितरण से विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में छात्राओं का नामांकन बढ़ेगा। मेधावी बेटियों के नाम पहले ही विश्वविद्यालय व कॉलेजों से लेकर सत्यापन कराया गया है। कोई भी पात्र मेधावी छात्रा न छूटे इसके लिए एक-एक डाटा की जांच की जा रही है। एक अधिकारी के अनुसार 320 करोड़ रुपये का बजट भी इसके लिए दिया जा चुका है और टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर अब जल्द खरीद शुरू होगी। कंपनी को एक साथ इतनी बड़ी संख्या में स्कूटी उपलब्ध कराने में कठिनाई न हो और वादे के मुताबिक नवंबर में वितरण शुरू हो इसके लिए दो चरणों में 40 हजार स्कूटी का वितरण किया जाएगा। हेलमेट, एसेसरीज और पांच लीटर पेट्रोल भी मिलेगा स्कूटी देने के साथ ही सरकार इसके साथ कई चीजें मुफ्त देगी। हर स्कूटी के साथ हेलमेट और एसेसरीज भी सरकार की तरफ से दी जाएगी। इसके साथ ही पांच लीटर पेट्रोल भी दिया जाएगा।

बरेली क्लब ग्राउंड में भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में शिक्षक सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित

दंगा किया तो बाप-दादाओं की कमाई से भी धोना पड़ेगा हाथ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   बरेली क्लब ग्राउंड में भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में शिक्षक सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित   मुख्यमंत्री योगी ने कहा- बरेली में दंगा करने वाले अब जेल में मना रहे उर्स, उपद्रव नहीं उत्सव से है यूपी की पहचान   बोले मुख्यमंत्री योगी- शिक्षक सरकारी कर्मचारी नहीं, राष्ट्र और युग निर्माता हैं, उनके सम्मान और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सरकार की   मुख्यमंत्री योगी ने कहा- सपा सरकार में चयन बोर्ड में बैठाए जाते थे परिवार और रिश्तेदार, भर्ती प्रक्रिया को किया गया प्रदूषित   बोले मुख्यमंत्री योगी- अब 14 दिन में मुख्य परीक्षा और अगले 14 दिन में परिणाम, पहले छह महीने करना पड़ता था इंतजार   मुख्यमंत्री योगी ने कहा- यूपी में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी   बरेली  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दंगाइयों को चेताया कि अब उत्तर प्रदेश में दंगा किया तो बाप-दादाओं की कमाई से भी हाथ धोना पड़ेगा। वर्ष 2017 से पहले बरेली में पर्व-त्योहार आते ही दंगे होते थे। अब दंगा करने वाले जेल में उर्स मना रहे हैं। उनका इशारा मौलाना तौकीर रजा की ओर था। उन्होंने कहा कि यूपी की पहचान अब उपद्रव से नहीं, उत्सव से है। कानून-व्यवस्था में बदलाव से प्रदेश के प्रति धारणा बदली है।   मुख्यमंत्री योगी बरेली क्लब ग्राउंड में शिक्षक-एमएलसी चुनाव, बरेली/मुरादाबाद क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में मंगलवार को शिक्षक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक कर्मचारी नहीं, राष्ट्र और युग निर्माता हैं। उनके सम्मान और स्वास्थ्य की चिंता सरकार की जिम्मेदारी है। वर्ष 2017 से पहले शिक्षा व्यवस्था चौपट थी, लेकिन शिक्षकों ने शिक्षा की ज्योति बुझने नहीं दी।   शिक्षकों को कैशलेस इलाज, बीमा कवर भी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी गई है। शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइये भी इससे जुड़े हैं। माध्यमिक शिक्षकों को 80 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक बीमा कवर मिला है। रसोइयों को पांच लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य कवर और दो लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा दी गई है। राज्य शिक्षक पुरस्कार की राशि और संख्या भी बढ़ाई गई है।   सपा राज में रिश्तेदारों के भरोसे था चयन बोर्ड मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में 1.60 लाख से अधिक पद रिक्त थे। सरकार ने साढ़े छह वर्षों में इतने ही शिक्षकों की पारदर्शी भर्ती की। सपा सरकार में चयन बोर्ड में परिवार और रिश्तेदारों को बैठाकर नियुक्तियां प्रभावित की जाती थीं। अब योग्य युवाओं को बिना भेदभाव नौकरी मिल रही है।   उन्होंने कहा कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं पांच से 24 फरवरी के बीच होंगी। मुख्य परीक्षा 14 दिन में पूरी होगी और अगले 14 दिन में परिणाम आएगा। पहले छह महीने लगते थे।   ग्रामीण विद्यार्थियों को भी आधुनिक शिक्षा के अवसर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव केवल भवनों के निर्माण तक सीमित नहीं है। ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार से विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और अटल टिंकरिंग लैब से ग्रामीण विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि गांव के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ सकें।   माफिया पर कार्रवाई से सपा को पीड़ा मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में मुख्यमंत्री आवास पर गरीबों और शिक्षकों के बजाय गैंगस्टर, दंगाई और फिरौती वसूलने वाले बुलाए जाते थे। अब माफिया पर कार्रवाई से सपा नेताओं को पीड़ा होती है। उन्होंने बरेली की नाथ नगरी के रूप में पहचान और संभल के 68 तीर्थ व 19 कूप के पुनर्जीवन का उल्लेख किया।   हर जिले में विश्वविद्यालय देने की तैयारी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी है। शाहजहांपुर में स्वामी सुखदेवानंद और मुरादाबाद में गुरु जंभेश्वर के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित हुए हैं। भदोही और कुशीनगर में भी विश्वविद्यालय दिए गए हैं। सरकार एक जिला-एक विश्वविद्यालय की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 23 अक्टूबर को शिक्षक मतदाताओं को मतदान के लिए अवकाश मिलेगा। उन्होंने डॉ. हरि सिंह ढिल्लो को सरदार के साथ असरदार बताते हुए जिताने की अपील की। शिक्षक चुनाव से मिलेगा विधानसभा चुनाव का संकेत : खन्ना वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षित वर्ग में भाजपा की लोकप्रियता का संकेत देगा। सरकार ने छह करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देने वाले अखिलेश यादव मुख्यमंत्री योगी के जवाब के बाद चुप हैं।   विपक्ष को नहीं दिखता विकास : गुलाब देवी माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने शिक्षकों के हित में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। विपक्ष को प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के विकास कार्य नहीं दिखते। उल्लू को दिन में नहीं दिखता तो इसमें सूर्य का दोष नहीं है। डॉ. हरि सिंह ढिल्लो शिक्षकों के लिए सहज उपलब्ध हैं। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर, अरुण कुमार सक्सेना, संजय गंगवार, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार और राज्यसभा सदस्य श्रुति गंगवार मौजूद रहीं। अंत में धर्मपाल सिंह ने मुख्यमंत्री योगी को स्मृति चिह्न भेंट किया।

UP News: सड़क दुर्घटना में घायलों की जान बचाने वालों को पुरस्कार, 27 राहवीरों को सम्मानित करेगी सरकार

सड़क हादसे में घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान, यूपी में 27 राहवीरों को पुरस्कृत करने की तैयारी केंद्र से मिली धनराशि, सड़क हादसे में घायलों की जान बचाने वालों को 25 हजार रुपये का पुरस्कार गुड सेमेरिटन योजना का नया स्वरूप है राहवीर योजना, 16वें वित्तीय चक्र में भी जारी रहेगी पहल योगी सरकार का प्रदेश में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर है खास जोर  लखनऊ  उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद कर उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए राहवीर योजना के तहत पुरस्कार दिए जाएंगे। केंद्र सरकार ने इस योजना के अंतर्गत राहवीरों को पुरस्कृत करने के लिए यूपी परिवहन विभाग को 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार ने 21 सितंबर 2026 को जारी पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और जरूरत के समय घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। गुड सेमेरिटन से राहवीर योजना तक का सफर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 3 अक्टूबर 2021 को गुड सेमेरिटन को पुरस्कृत करने की योजना शुरू की थी। इसके तहत पहले वित्तीय चक्र में 36 गुड सेमेरिटन को पांच-पांच हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई थी। इसके बाद 21 अप्रैल 2025 को मंत्रालय ने गुड सेमेरिटन योजना को नए नाम 'राहवीर योजना' के रूप में जारी किया। इसमें पुरस्कार राशि बढ़ाकर प्रति राहवीर 25 हजार रुपये कर दी गई। मंत्रालय ने योजना को 16वें वित्तीय चक्र में जारी रखने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में 21 सितंबर 2026 के पत्र के जरिए उत्तर प्रदेश को पुरस्कार वितरण के लिए 10 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 27 राहवीरों को पुरस्कार देने की तैयारी परिवहन विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 27 राहवीरों को 25-25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने का प्रस्ताव है। इसके लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति की अनुशंसा के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। सितंबर 2026 में इन राहवीरों को पुरस्कृत करने के लिए केंद्र सरकार से धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। अब मंत्रालय की ओर से 10 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाने से पुरस्कार वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वालों को मिलेगा प्रोत्साहन राहवीर योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने और उसकी जान बचाने में मदद करने वाले नागरिकों को सम्मानित करना है। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में चिकित्सा सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में बिना किसी स्वार्थ के घायलों की मदद करने वाले लोगों को आर्थिक पुरस्कार देकर प्रोत्साहित करना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। योजना के तहत दुर्घटना पीड़ित को गोल्डन आवर यानी दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण शुरुआती एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में योगदान देने वाले पात्र नागरिकों को पुरस्कृत किया जाता है। इससे लोगों को सड़क हादसों के समय घायलों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा मिल सकती है। पुरस्कार राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था राहवीरों को पुरस्कार राशि उपलब्ध कराने के लिए परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर सीएनए खाते में 10 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से स्वीकृत लाभार्थियों को पुरस्कार राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

जनगणना में शादी, जाति से लेकर मोबाइल तक की जानकारी होगी दर्ज, बेघर लोगों की भी होगी गिनती

गोरखपुर दूसरे चरण की जनगणना में 16 नवंबर से स्वगणना और एक दिसंबर से जनगणना शुरू होगी। जनगणना के लिए गोरखपुर के एमएमएमयूटी में प्रशिक्षण शुरू हो गया है। पहले चरण में प्रशिक्षित फिल्ड ट्रेनर अन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में मिल रही जानकारियों क अनुसार इस बार जनगणना में हर व्यक्ति से 40 सवाल पूछे जाएंगे। जनगणना में इस बार पुरुषों एवं महिलाओं की चार शादी दर्शाने का विकल्प है, जबकि लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़े शादी से पहले ही दंपति माने जाएंगे। भारत सरकार के राजपत्र के अनुसार किसी भी जाति धर्म के लोग चार शादी को जनगणना में दर्शा सकते हैं। बेघर लोगों की होगी गणना पहले चरण में मकान गणना की गई, जिसके आधार पर जनगणना होगी। इस बार बेघर लोगों की भी गणना की जाएगी। लोगों की नागरिकता के बजाए घोषित राष्ट्रीयता को जनगणना में दर्ज किया जाएगा। जाति भी पूछी जाएगी। जनगणना की ट्रेनिंग शुरू जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि दूसरे चरण की जनगणना के लिए ट्रेनिंग शुरू हो गया है। प्रशिक्षण लेने वाले लोगों से कहा गया कि सभी सवालों के बारे में अच्छी तरह समझ लें। जनगणना के आंकड़े पूरी तरह सही होने चाहिए। इसी के अनुसार भविष्य की योजनाएं बनतीं हैं। जो लोग स्वगणना कर सकते हैं, उन्हें स्वगणना करने से सुविधा होगी। ये सवाल भी पूछे जाएंगे नाम से लेकर मोबाइल तकः नाम, परिवार से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु और वैवाहिक स्थिति। सामाजिक जानकारीः धर्म, जाति, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगता, मातृभाषा और शिक्षा। रोजगार और व्यवसायः काम की स्थिति, व्यवसाय, उद्योग, कामगार की श्रेणी और आर्थिक गतिविधि। प्रवास और परिवारः जन्म स्थान, अंतिम निवास, प्रवास का कारण, अवधि, स्थायी पत्ता। अन्य जानकारी: कोविड टीकाकरण, बैंक खाता, मोबाइल, आधार, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस। इन लोगों की नहीं लगेगी ट्यूटी उधर, यूपी सरकार ने तीन महीने में रिटायर्ड होने वाले कार्मिकों को जनगणना ड्यूटी से राहत दे दी है। ऐसे कर्मचारियों की जनगणना में ड्यूटी नहीं लगाए जाने को लेकर कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग के संयुक्त सचिव कृपा शंकर यादव की ओर से सभी विभागों को निर्देश भेज दिया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि जनगणना-2027 के दूसरे चरण के अंतर्गत निकटतम तीन माह के अंदर सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को दूसरे चरण के जनगणना कार्यों से मुक्त रखा जाएगा। दूसरे चरण के जनगणना का काम अप्रशिक्षित कार्मिकों से नहीं कराया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसी भी कार्मिक को विशेष परिस्थितियों को छोड़कर जनगणना के काम से छूट नहीं दी जाएगी। छावनी परिषद के अतिरिक्त किसी भी अन्य इकाई को स्पेशल नहीं बताया जाएगा।

योगी सरकार का ग्राम प्रहरियों को तोहफा, मानदेय बढ़ोतरी के साथ मोबाइल और स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ

बरेली  गांवों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाले ग्राम प्रहरियों का मानदेय अब 2500 से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ग्राम प्रहरियों के सम्मान समारोह में मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि के साथ पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की घोषणा की उन्होंने ग्राम प्रहरियों को गांव की सुरक्षा व्यवस्था की आंख और कान बताते हुए कहा कि उनकी सतर्कता से अपराध, अफवाह और अवैध गतिविधियों पर समय रहते अंकुश लगाया जा सकता है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने बरेली जोन के 11 ग्राम प्रहरियों को मंच से पगड़ी पहनाकर और गिफ्ट हैंपर देकर सम्मानित किया। फिर प्रदेश के 68000 ग्राम प्रहरियों के मानदेय बढ़ोतरी और कैशलेस इलाज की सुविधा की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम प्रहरी गांव में सीसीटीवी कैमरे की तरह हैं। गांव में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है। ग्राम प्रहरी पुलिस के लगातार संपर्क में रहें तो अपराधियों के मंसूबों पर समय रहते पानी फेरा जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांव का अंतिम व्यक्ति भी सजग हो तो सुरक्षा व्यवस्था की नींव मजबूत होती है। उन्होंने ग्राम प्रहरियों को बरसात के मौसम में फैलने वाली अफवाहों के प्रति विशेष सतर्क रहने को कहा। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सही सूचना समय पर मिलना जरूरी है। किसी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से गांवों में जमीनों पर अवैध कब्जे और भूमाफिया की गतिविधियों पर भी नजर रखने को कहा। उन्होंने कहा कि जहां पहले सड़कें नहीं थीं, वहां अब विकास कार्य हो रहे हैं। विकास के साथ जमीनों की गतिविधियां भी बढ़ती हैं। ऐसे में किसी भी अवैध कब्जे या संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस-प्रशासन को तत्काल दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों को सम्मान मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उनके परिश्रम का परिणाम है। इस सम्मान को बनाए रखने के लिए उन्हें जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ काम करना होगा। संबोधन के अंत में उन्होंने भारत माता की जय और हर-हर महादेव का उद्घोष किया। इसके बाद ग्राम प्रहरियों के साथ सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव सजग होगा तो आत्मनिर्भर बनेगा। ग्राम प्रहरियों को अपने कार्यों के जरिये नींव के पत्थर की तरह योगदान देना होगा। गांव से लेकर जनपद और प्रदेश तक सुरक्षा व विकास की मजबूत कड़ी तैयार करने में उनकी भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। माफिया के खिलाफ कार्रवाई के साथ विरासत और विकास के संगम को आगे बढ़ाया जा रहा है। 2019 के बाद अब फिर बढ़ा मानदेय मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह मिलते थे। वर्ष 2019 में इसमें एक हजार रुपये की वृद्धि कर मानदेय 2500 रुपये किया गया था। अब एक बार फिर एक हजार रुपये बढ़ाकर इसे 3500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी निभाने वाले ग्राम प्रहरियों को अपनी भूमिका के प्रति सजग रहना होगा। 2017 से पहले त्योहारों पर रहता था उपद्रव का अंदेशा मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था में बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 से पहले त्योहार आते ही उपद्रव की आशंका पैदा हो जाती थी। अब प्रदेश में धार्मिक आयोजन और मेले उत्साह के साथ हो रहे हैं। शारदीय नवरात्र में जगह-जगह मां जगतजननी की प्रतिमाएं स्थापित कर अनुष्ठान किए जा रहे हैं। शाकुंभरी पीठ समेत विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसा माहौल तैयार किया है, जिसमें लोग भयमुक्त होकर अपने धार्मिक और सामाजिक आयोजन कर पा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित उत्तर प्रदेश की छवि से देश और दुनिया में प्रदेश के प्रति धारणा बदली है। पहले कुछ लोगों की गलतियों के कारण प्रदेश के लोगों को भी पहचान के संकट का सामना करना पड़ता था। अब लोग उत्तर प्रदेश के लोगों से परहेज नहीं करते, बल्कि सहजता से मिलते हैं। सुरक्षा से निवेश और रोजगार का रास्ता खुलता है मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा का सीधा संबंध विकास से है। जब माहौल सुरक्षित होता है तो सड़कें बनती हैं, निवेश आता है और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। लोगों का विश्वास मजबूत होता है तो उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। प्रदेश में आयोजित हो रहे मेले और उत्सव इसी विश्वास का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि गांवों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में ग्राम प्रहरियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों और एआइ आधारित तकनीक से भी आरोपितों की पहचान करने में मदद मिल रही है। ग्राम प्रहरियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे पुलिस से संपर्क बनाए रख सकें और सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान हो सके।

UP News: ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ अभियान से बेटियों को मिलेगी उद्यमिता की राह, यूपीकॉन ने लॉन्च किया ‘उद्यमी बडी’

नवरात्र पर यूपीकॉन की नई पहल, उद्यमिता की राह दिखाएगी ‘उद्यमी बडी’ यूथ अड्डा का मैस्कॉट ‘उद्यमी बडी’ लॉन्च, ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ से युवाओं और बेटियों को मिला उद्यमिता का संदेश योगी सरकार के मिशन रोजगार को गति देने की पहल, युवाओं को स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ रहा यूपीकॉन लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने के प्रयासों को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इसी क्रम में नवरात्र के अवसर पर उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (यूपीकॉन) ने युवाओं और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न यूथ अड्डा केंद्रों पर ‘उद्यमी बडी’ मैस्कॉट का शुभारंभ किया। इस पहल के जरिए युवाओं, विशेषकर बेटियों को अपने सपनों को पहचानने, कौशल विकसित करने और अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए प्रेरित किया गया। लखनऊ, मुरादाबाद, आजमगढ़, मिर्जापुर, गोरखपुर, प्रयागराज, गोंडा और वाराणसी समेत विभिन्न जिलों के यूथ अड्डा केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में सैकड़ों युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक युवतियों के साथ पहले से उद्यम कर रहीं महिला उद्यमी भी शामिल रहीं। ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ से मिला आत्मनिर्भरता का संदेश कार्यक्रम के दौरान ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ गतिविधि आयोजित की गई। प्रतिभागियों से अपने सपने लिखने और भविष्य में सीखना चाहने वाले कौशल की जानकारी देने को कहा गया। इसका उद्देश्य युवतियों और युवाओं को अपनी रुचि एवं क्षमता पहचानने तथा अपने विचारों को उद्यम के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित करना था। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। नई पीढ़ी के सपनों का प्रतीक है ‘उद्यमी बडी’ ‘उद्यमी बडी’ एक युवा लड़की के रूप में तैयार किया गया मैस्कॉट है। यह नई पीढ़ी की उस सोच का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें युवा अपनी प्रतिभा और कौशल के आधार पर नए अवसर तलाशने के साथ अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं। नवरात्र के दौरान महिला शक्ति और आत्मनिर्भरता के संदेश के साथ इस पहल को जोड़कर युवतियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया गया। सरकारी योजनाओं से जोड़े जा रहे युवा कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (एनवाईएसवाई) और एमएसएमई विभाग की अन्य ऋण एवं सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई। युवाओं को बताया गया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन का लाभ लेकर वे अपने व्यावसायिक विचारों को धरातल पर उतार सकते हैं। यूथ अड्डा के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता संबंधी जानकारी, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे योगी सरकार के युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनाने के संकल्प को भी मजबूती मिल रही है। रोजगार तलाशने के साथ रोजगार देने की सोच इस अवसर पर यूपीकॉन के प्रबंध निदेशक प्रवीण सिंह ने कहा कि यूपीकॉन की पहल का उद्देश्य युवाओं, विशेषकर महिलाओं को उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना और उन्हें रोजगार तलाशने के साथ-साथ स्वयं रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित करना है। यूथ अड्डा के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता संबंधी जानकारी, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘उद्यमी बडी’ केवल एक मैस्कॉट नहीं, बल्कि युवाओं को सपने देखने, कौशल सीखने और अपने पैरों पर खड़े होने की प्रेरणा देने वाला संदेश है।

यूपी विधानसभा चुनाव और बोर्ड परीक्षा की तारीखों में टकराव, मार्च-अप्रैल में हो सकता है मतदान

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पिछली बार फरवरी-मार्च में हुआ था। इस बार फरवरी में चुनाव कराने पर संकट मंडराने लगा है। यह संकट सोमवार को जारी हुए यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के कारण हुआ है। बोर्ड ने अपना परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। 5 फरवरी से 24 फरवरी तक परीक्षाएं आयोजित होंगी। ऐसे में दोनों एक साथ कराना संभव नहीं है। अगर विधानसभा चुनाव पिछली बार की तरह फरवरी में कराने का फैसला होता है तो परीक्षाएं दो महीने टालनी होंगी और नया कार्यक्रम जारी करना होगा। पिछली बार 10 फरवरी से 7 मार्च तक चुनाव हुए थे और नतीजे 10 मार्च को आए थे। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में 51 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे। वहीं परीक्षा के लिए सरकारी व निजी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। यही स्कूल विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्र बनाए जाते हैं। नवंबर में अपर मुख्य निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग व दिसंबर में भारत निर्वाचन आयोग की टीम यूपी के चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने आएगी। विधानसभा चुनाव के लिए आयोग के पास मई तक का समय फिलहाल, तैयारियां तेजी से चल रही हैं लेकिन यूपी विधानसभा चुनाव कराने के लिए आयोग के पास अभी पर्याप्त वक्त भी है। यूपी में 18वीं विधानसभा की पहली बैठक 23 मई को हुई थी। ऐसे में 22 मई 2026 को यूपी विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में यह भी हो सकता है कि चुनाव कुछ चरणों में अब मार्च-अप्रैल में हों। फिलहाल फरवरी में अगर विधानसभा चुनाव हुए तो फिर बोर्ड परीक्षा टलेगी। अब आगे विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम ही बताएगा कि बोर्ड परीक्षाएं तय किए गए शेड्यूल से होंगी या फिर विधानसभा चुनाव पहले आयोजित किए जाएंगे। दिसंबर में ही अंतरिम बजट लाएगी सरकार वहीं, विधानसभा चुनाव को देखते हुए यूपी की योगी सरकार दिसंबर में ही अंतरिम बजट लाने की तैयारी कर रही है। सूत्र बताते हैं कि शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट के साथ ही चुनाव के दरमियान भी वेतन, पेंशन और तय खर्चे की व्यवस्था होने तक के लिए यह अंतरिम बजट लाया जाएगा। पहले माना जा रहा था कि सरकार अनुपूरक के बाद विशेष सत्र में अंतरिम बजट पेश करेगी। हालांकि, अब संभावना जताई जा रही है कि दिसंबर में ही अंतरिम बजट भी लाया जाएगा। 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद योगी सरकार ने 26 मई को बजट पेश किया था।