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बिजली विभाग में 55 साल के बाद देना होगा फिटनेस सर्टिफिकेट, 60 साल तक नौकरी का मौका

लखनऊ  बिजली विभाग में काम करने वाले आउटसोर्सिंग कर्मी के लिए रहात भरी खबर है। अब ये कर्मचारी विभाग में 60 साल तक नौकरी कर सकेंगे। इसके लिए उनका फिट रहना अनिवार्य है। फिट रहने पर उन्हें 60 साल तक नौकरी करने का मौका दिया जा सकता है। वहीं, छंटनी में निकाल गए कर्मचारियों की सेवाएं अगर बेदाग रहेंगी तो उन्हें दोबारा नौकरी में लिया जाएगा। पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन और संविदा कर्मचारियों के संगठन के बीच हुई बातचीत के आधार पर इसकी सहमति बनी है। पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष रणवीर प्रसाद और आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रतिनिधि संगठन के बीच कई मसलों पर बातचीत हुई। कई अहम मसलों पर फैसला हुआ। कर्मचारी संगठन ने प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन खत्म करके कॉरपोरेशन के राजस्व लक्ष्यों व व्यवस्था में सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में फैसला लिया गया है कि अगर आउटसोर्स कर्मचारियों का स्वास्थ्य और शारीरिक फिटनेस बेहतर रही तो वे 60 साल तक सेवाएं दे सकेंगे। 55 साल की उम्र के बाद देना होगा फिटनेस प्रमाण पत्र 55 साल की उम्र पूरी करने के बाद उन्हें अपनी फिटनेस के संबंध में संबंधित आउटसोर्स कंपनी को प्रमाणपत्र देना होगा। साथ ही कर्मचारियों को यह घोषित करना होगा कि वे कार्य करने में सक्षम व इच्छुक हैं। एजेंसी द्वारा कॉरपोरेशन को ऐसे कर्मचारियों की जानकारी उपलब्ध कराए जाने के बाद उन्हें काम पर रखने में प्राथमिकता दी जाएगी। इस फैसले पर अमल के लिए कॉरपोरेशन आउटसोर्स एजेंसियों के अनुबंध में जरूरी संशोधन करेगा। निकाले गए कर्मचारियों को लिया जाएगा वापस पूर्व में हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों को दोबारा सेवा में लिए जाने के मसले पर भी बातचीत हुई है। कॉरपोरेशन ने साफ कर दिया है कि केवल उन्हीं कर्मचारियों को वापस काम पर रखने का विचार किया जाएगा, जिनके विरुद्ध पहले कर्तव्य पालन में शिथिलता, उपभोक्ताओं से गलत व्यवहार, अनुशासनहीनता, बिजली चोरी में संलिप्तता, धन उगाही, अनुचित आचरण या बिलिंग संबंधी कदाचार की कोई शिकायत नहीं हुई हो। दोबारा काम पर रखने के पहले डिस्कॉम पिछले कार्यकाल के अभिलेखों का सत्यापन करेंगे। कॉरपोरेशन के कामों में सहयोग करेगा कर्मचारी संगठन वार्ता में कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों ने प्रबंधन को आश्वस्त किया कि प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन समाप्त करते हुए कॉरपोरेशन के कामों में पूरा सहयोग करेगा। संगठन ने राजस्व लक्ष्यों को पूरा करने, छह माह में एटीएंडसी हानियों में 10 प्रतिशत की कमी लाने, लाइन लॉस कम करने तथा थ्रू-रेट में वृद्धि के लिए सहयोग देने का भरोसा दिया। कर्मचारी संगठन की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष मो. खालिद, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र पांडेय, प्रदेश महामंत्री देवेंद्र कुमार पांडेय आदि शामिल रहे।

यूपी में बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की बढ़ेगी पेंशन? योगी सरकार के प्रस्ताव से 1.21 करोड़ लोगों को राहत की उम्मीद

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है. योगी आदित्यनाथ सरकार इन तीनों श्रेणियों के लाभार्थियों की मासिक पेंशन बढ़ाकर 1,000 रुपये से 1,500 रुपये करने की तैयारी में है. प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति मिल गई है. अगर इसे कैबिनेट की मंजूरी मिल जाती है, तो प्रदेश के 1.21 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को इसका फायदा मिल सकता है।  हर महीने मिलेंगे ₹500 ज्यादा प्रस्ताव के मुताबिक पेंशन की राशि में हर महीने 500 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी. इससे लाभार्थियों को सालाना 12,000 रुपये के बजाय 18,000 रुपये पेंशन मिल सकती है. यानी प्रत्येक लाभार्थी को एक साल में 6,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे. हालांकि, बढ़ी हुई पेंशन का लाभ मिलने के लिए प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलना जरूरी है।  1.21 करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा इस प्रस्ताव के लागू होने पर प्रदेश की तीन प्रमुख पेंशन योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है. इनमें वृद्धावस्था पेंशन योजना के 67 लाख से अधिक, निराश्रित महिला पेंशन योजना के 42 लाख से अधिक और दिव्यांगजन पेंशन योजना के करीब 12 लाख लाभार्थी शामिल हैं. इस तरह पेंशन में बढ़ोतरी का लाभ 1.21 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच सकता है।  2017 के बाद बढ़ी थी पेंशन राशि प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद इन पेंशन योजनाओं की राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह की गई थी. अब इसे 1,500 रुपये करने की तैयारी है. प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट के समक्ष रखा जा सकता है. इसके अलावा, दिसंबर में संभावित दूसरे अनुपूरक बजट में इस बढ़ोतरी के लिए धनराशि का प्रावधान किए जाने की तैयारी है।  कब से मिल सकती है बढ़ी हुई पेंशन? प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही से लाभार्थियों को बढ़ी हुई पेंशन मिलने की संभावना जताई गई है. हालांकि, इसकी अंतिम समयसीमा सरकारी मंजूरी और बजट प्रावधान पर निर्भर करेगी।  विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार की ओर से अलग-अलग वर्गों के लिए कई फैसले और घोषणाएं की जा रही हैं. इससे पहले रसोइयों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने का आदेश जारी किया गया था. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की घोषणा भी की है। 

श्रद्धा दुबे के कमरे से मिली शक्तिवर्धक दवा की खबर, शादी और बच्चे को लेकर वायरल दावों ने खींचा ध्यान

लखनऊ  रेस्टोरेंट कारोबारी शिवा शर्मा की हत्या के मामले में फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस जब श्रद्धा दुबे के फ्लैट पर पहुंची तो वहां पर आपत्तिजनक दवाईयां मिलीं. बताया जा रहा है कि यह शक्तिवर्धक दवाइयां थीं. साथ ही यह भी पता चला है कि घटना के समय फ्लैट में श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि मौजूद थी. इसके अलावा पुलिस ने जब श्रद्धा की कॉल डिटेल खंगाली तो उसमें बिल्डर, नेता, कई रसूखदारों के नंबर मिले हैं।  अयोध्या की तरफ भागी थी श्रद्धा दुबे पुलिस सूत्रों के मुताबिक शिवा की मौत के बाद श्रद्धा अयोध्या की तरफ भागी थी. हजरतगंज पुलिस टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. दिल्ली से लेकर नेपाल तक पुलिस की टीम सक्रिय हो गई है. पांच संदिग्धों से पुलिस की पूछताछ जारी है. बताया जाता है कि श्रद्धा दुबे की पहले शादी हो चुकी है. पहले पति से तलाक और एक बेटा होने की बात भी सामने आई है. सोशल मीडिया में श्रद्धा दुबे की शादी की एक फोटो भी वायरल हो रही है।  पति के साथ रायबरेली रहती थी श्रद्धा दुबे प्राप्त जानकारी के मुताबिक रायबरेली में पति प्रिंस दुबे के साथ रहने वाली श्रद्धा दुबे करीब दस साल पहले उसे छोड़कर लखनऊ आ गई थी. बताया जा रहा है कि बड़े स्तर पर पैसा कमाने और करोड़पति बनने की चाह में उसने लखनऊ में मॉडलिंग शुरू की. इसके बाद हाईप्रोफाइल लोगों के बीच अपनी पहचान बनाई और पार्टियों में शामिल होने लगी. रायबरेली में रहने के दौरान श्रद्धा का पति से विवाद होता था. वह लखनऊ आना चाहती थी. जबकि पति रायबरेली में ही रहने के पक्ष में था।  लोगों से पैसा ऐंठती थी श्रद्धा दुबे दैनिक जागरण की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि श्रद्धा लोगों से नजदीकी बढ़ाकर उनसे रुपये लेती थी. कुछ लोगों के वीडियो बनाने और उनके जरिए दबाव बनाने की भी बात सामने आई है. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। 

दिल्ली में प्रदर्शनों का असर! लखनऊ से जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या घटी, सीटें मिलने लगीं आसानी से

 लखनऊ दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों का असर रेल सेवाओं पर पड़ने लगा है। दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल और एसी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यात्रियों की संख्या कम हो गई है। इस कारण इन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट कम हो गई है। इसी तरह शताब्दी एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और अरुणाचल एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में सीटें खाली हैं। आनंद विहार जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस में सोमवार का आरक्षण चार्ट बनने के बाद भी सीटें खाली हैं। दिल्ली जाने वाली ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बहाल हो गया है। रविवार को नई दिल्ली जाने वाली गोमती एक्सप्रेस निरस्त रही। यह ट्रेन शनिवार को नई दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना नहीं हुई थी। रविवार को नई दिल्ली जाने वाली एसी एक्सप्रेस, लखनऊ मेल और तेजस एक्सप्रेस अपने तय समय पर रवाना हुईं। राजधानी एक्सप्रेस की एसी थर्ड में 20 और एसी सेकेंड में 60 सीटें खाली सोमवार को नई दिल्ली जाने वाली तेजस एक्सप्रेस की एसी चेयरकार में 109, एक्जक्यूटिव क्लास में नौ, अयोध्या-आनंद विहार वंदे भारत की चेयरकार में 731 और एक्जक्यूटिव क्लास में 49, शताब्दी एक्सप्रेस की चेयरकार में 304 सीटें उपलब्ध हैं। इसी तरह अरुणाचल एक्सप्रेस की एसी थर्ड में 173, एसी सेकेंड में 62, आनंद विहार की एसी थर्ड में 155, राजधानी एक्सप्रेस की एसी थर्ड में 20 और एसी सेकेंड में 60 सीटें खाली हैं। लखनऊ नई दिल्ली एसी एक्सप्रेस की वेटिंग तेजी से कम हुई है। सोमवार की एसी एक्सप्रेस की एसी थर्ड इकोनामी में 11, एसी थर्ड में आठ, एसी सेकेंड की वेटिंग 11 ही रह गई है, जबकि तत्काल कोटे में एसी थर्ड इकोनोमी में 28, एसी थर्ड में 62 सीटें उपलब्ध हैं।

यूपी में मरीजों की जान से खिलवाड़ पर सख्ती, तीन दिन में 772 एंबुलेंस पर कार्रवाई

लखनऊ  जिस एंबुलेंस से मरीज और उसके परिजन जिंदगी बचने की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, उसकी अपनी सेहत ही ठीक न हो तो भरोसा कैसे किया जाए? प्रदेश में अनफिट और अवैध एंबुलेंस का धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। परिवहन विभाग के तीन दिवसीय विशेष अभियान में अनफिट हो चुके 772 एंबुलेंस के चालान किए गए, जबकि 135 को बंद कराया गया। प्रदेश के कई जिलों में अभियान के दौरान परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने निजी क्षेत्र में संचालित एंबुलेंस की जांच की। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की गई। एंबुलेंस का काम मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना है, लेकिन वाहन अनफिट हो या उसके जरूरी दस्तावेज पूरे न हों तो सफर के दौरान मरीज की सुरक्षा जोखिम में पड़ सकती है। सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखने को कहा ऐसे में केवल आपातकालीन सेवा के नाम पर वाहनों को सड़क पर दौड़ने की छूट नहीं दी जा सकती। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने एंबुलेंस संचालकों से पंजीकरण, वैध परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र सहित सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखने को कहा है। साथ ही स्पष्ट किया है कि अवैध और अनफिट वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। हालांकि, बड़ी संख्या में एंबुलेंस पर कार्रवाई के बाद निगरानी जरूरी है, ताकि मरीजों की जान बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहन खुद उनकी सुरक्षा के लिए खतरा न बनें।

लाइव चैटिंग, वीडियो कॉलिंग ऐप के जरिए अवैध कमाई करने वालों का खुलासा, लड़कियों से करा रहे थे होस्टिंग

लखनऊ योगी सरकार में संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो कॉलिंग और लाइव होस्टिंग ऐप के माध्यम से अवैध वित्तीय गतिविधियां संचालित करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके सरगना समेत तीन आरोपियों को मथुरा से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान प्रवीण कुमार उर्फ प्रकाश, विपिन कुमार और अर्जुन दिवाकर के रूप में हुई है। एसटीएफ और मथुरा पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। टीम ने आरोपियों से कार्रवाई के दौरान मोबाइल फोन, एक सीपीयू, तीन चेकबुक, एक पासबुक, एक आधार कार्ड, तीन डेबिट कार्ड, 58 स्क्रीनशॉट के प्रिंटआउट समेत अन्य सामान बरामद किया है। एसटीएफ को लंबे समय से चैमेट ऐप के जरिए संदिग्ध वित्तीय गतिविधियां संचालित किए जाने की सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद एसटीएफ मुख्यालय की साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिरों से मिली जानकारी और अन्य माध्यमों से साक्ष्य जुटाए। जांच में सामने आया कि मथुरा में कुछ लोगों ने संगठित गिरोह बनाकर ऐप के जरिए कथित तौर पर अवैध धन अर्जित करने की व्यवस्था विकसित की थी। लड़कियों से करा रहे थे लाइव होस्टिंग एसटीएफ के मुताबिक गिरोह के सदस्य कथित तौर पर फर्जी तस्वीरों और पहचान का इस्तेमाल करके ऐप पर खाते बनाते थे। इन खातों के माध्यम से लड़कियों से लाइव होस्टिंग, वीडियो कॉलिंग और ऑनलाइन गेमिंग जैसी गतिविधियां कराई जाती थीं। आरोप है कि भुगतान और कमीशन की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खातों को ऐप से जोड़ा गया था। जांच में विदेशी संस्था फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड से भुगतान मिलने की बात भी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों के बयानों के मुताबिक, गिरोह की गतिविधियों में लाइव होस्टिंग के साथ ऑनलाइन गेमिंग भी शामिल थी। एसटीएफ को संदेह है कि इस माध्यम का इस्तेमाल पेड वीडियोकॉल, अश्लील सामाग्री दिखाने समेत अवैध वित्तीय लेन-देन के लिए किया जा रहा था। हैकर से मिलकर बनाया प्लान पूछताछ में आरोपी प्रवीण कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 में उसकी मुलाकात एक हैकर से हुई थी। हैकर ने उसे चैमेट वीडियो कॉलिंग ऐप के बारे में बताया और समझाया कि इस पर किसी दूसरे व्यक्ति की फोटो लगाकर फर्जी पहचान से खाता बनाया जा सकता है। खाते को यूपीआई, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से रिचार्ज किया जाता है। आरोपी के मुताबिक 300 रुपये में करीब 10 हजार कॉइन मिलते हैं। ऐप पर लड़कियां लाइव होस्टिंग करती हैं और उपयोगकर्ता उन्हें कॉइन के रूप में उपहार भेजते हैं। उपहार में मिले कॉइन का 50 प्रतिशत होस्ट को और बाकी 50 प्रतिशत कंपनी को मिलता है। वीडियो कॉलिंग से होने वाली कमाई में 60 प्रतिशत होस्ट और 40 प्रतिशत कंपनी का हिस्सा होता है। कॉइन जमा होने पर वे डॉलर के रूप में दिखाई देते हैं, जिन्हें अरी पे या ई-पे ऐप के जरिए बैंक खाते में स्थानांतरित किया जा सकता है। ऐप पर रंग का अनुमान लगाने, कार रेसिंग और लकीबॉल जैसे ऑनलाइन खेल भी उपलब्ध थे। होटल में काम करने वाली लड़कियों को रखा प्रवीण ने बताया कि ऐप की कार्यप्रणाली समझने के बाद उसने अपने होटल में काम करने वाली एक युवती के साथ मिलकर होस्टिंग के लिए लड़कियों की तलाश शुरू की। वह लड़कियों को 12 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन देता था और उनके नाम से चैमेट पर फर्जी खाते बनाता था, जिन पर होस्ट अपनी असली पहचान छिपाकर काम करती थीं। कमाई प्राप्त करने के लिए उसने अपने, विपिन और सोनिया के बैंक खाते ऐप से जोड़ रखे थे। इन खातों में कमीशन की रकम ‘फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड’ के नाम से आती थी। पूछताछ में बताया गया कि चैमेट ऐप का नाम बदलकर अब चिलचैट हो गया है और यह प्ले स्टोर पर इसी नाम से पंजीकृत है। प्रवीण ने इस ऐप के माध्यम से अपने और गिरोह के अन्य सदस्यों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये अवैध रूप से अर्जित किए। कई गिरोह ने अपनाया यही रास्ता पूछताछ में अर्जुन दिवाकर ने बताया कि उसने वर्ष 2023 में यूट्यूब पर चैमेट ऐप के बारे में जानकारी देखी थी। इसके बाद उसने मथुरा के मोतीकुंज में एक ऑफिस किराये पर लिया, लड़कियों को काम पर रखा और ऐप पर होस्टिंग का काम शुरू कराया। वह फर्जी तस्वीरों और गलत नामों से खाते बनाता था, जिन पर उसके ऑफिस की होस्ट काम करती थीं। अर्जुन के अनुसार, ऐप का नाम बदलकर चिलचैट होने के बाद भी वे इस पर काम कर रहे हैं। आरोपियों ने यह भी बताया कि उनके अलावा देश और प्रदेश में अन्य गिरोह भी नियमों के विरुद्ध ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो कॉलिंग के माध्यम से धन अर्जित कर रहे हैं। तीनों आरोपियों के खिलाफ मथुरा के थाना हाईवे में मुकदमा संख्या 990/2026 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और ऑनलाइन गेमिंग के नियमन से संबंधित कानूनों की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस कर रही है।

गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की कलश स्थापना

गोरखपुर  शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन (प्रतिपदा), रविवार को शिवावतार गुरु गोरखनाथ की साधनास्थली गोरक्षपीठ में लोक कल्याण की मंगलकामना के साथ मां जगतजननी की उपासना के विशेष अनुष्ठान का शुभारंभ गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में पीठ की समृद्ध परंपरा के अनुसार हुआ। रविवार सायंकाल गोरक्षपीठाधीश्वर ने मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्तिपीठ में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कर प्रथम दिन मां शैलपुत्री की विधि विधान से पूजा अर्चना की। शारदीय नवरात्र प्रतिपदा का अनुष्ठान मां जगत जननी की आराधना, देवी पाठ, आरती और क्षमा प्रार्थना के साथ पूर्ण हुआ। कलश स्थापना के पूर्व गोरखनाथ मंदिर परिसर में भव्य कलश शोभायात्रा पारंपरिक तरीके और श्रद्धाभाव से निकाली गई। सायंकाल गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ की अगुवाई में साधु-संतों की शोभायात्रा परंपरागत वाद्ययंत्रों घंट-घड़ियाल, तुरही, शंख की ध्वनियों और मां दुर्गा के जयघोष के बीच पौराणिक मान्यता वाले भीम सरोवर पर पहुंची। जहां कलश भरने और सरोवर की परिक्रमा के बाद शोभायात्रा वापस शक्तिपीठ आई। इसके बाद जल से भरा कलश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं उठाया और शक्तिपीठ के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वरुण देवता का आवाहन कर इसे स्थापित किया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने सबसे पहले मां दुर्गा, भगवान शिव और गुरु गोरखनाथ के शस्त्र त्रिशूल को प्रतिष्ठित करके गौरी-गणेश की आराधना की। इसके साथ ही दुर्गा मंदिर (शक्तिपीठ) के गर्भगृह में देवीभागवत का पारायण पाठ एवं श्रीदुर्गासप्तशती के पाठ का भी शुभारंभ हो गया। पाठ के उपरांत आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।

बाढ़, ओलावृष्टि व चक्रवात से हुए फसल नुकसान की भरपाई के लिए सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी डीबीटी राशि

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार (12 अक्टूबर) को गोरखपुर की धरा से प्रदेश के किसानों को बड़ा आर्थिक संबल प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि एवं चक्रवात से प्रभावित प्रदेश भर के 9 लाख से अधिक कृषकों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से 493 करोड़ रुपए की कृषि निवेश अनुदान राशि का अंतरण करेंगे। यह राज्यस्तरीय कार्यक्रम गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित होगा। इसके बाद सीएम योगी, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड एमएलसी चुनाव से संबंधित कार्यक्रम में शामिल होंगे। किसानों के खाते में सीधे पहुंचेगी सहायता राशि हाल के दिनों में प्राकृतिक आपदाओं, बाढ़ और बेमौसम बारिश की वजह से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। किसानों के नुकसान की भरपाई करने और उनके खेतों-खलिहानों में खुशहाली लौटाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री खुद डीबीटी प्रणाली के जरिए एक क्लिक से सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित करेंगे। कई जनप्रतिनिधि रहेंगे उपस्थित इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की उपस्थिति रहेगी। इसके अलावा सांसद रवि किशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, प्रशासक जिला पंचायत साधना सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, सी.पी. चन्द, देवेन्द्र प्रताप सिंह तथा विधायक फतेह बहादुर सिंह, महेन्द्र पाल सिंह, बिपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, इंजीनियर सरवन कुमार निषाद आदि उपस्थित रहेंगे। शिक्षक मतदाता संवाद (रैली) में सीएम होंगे शामिल गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के बाद सीएम योगी, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड एमएलसी चुनाव से संबंधित कार्यक्रम में शामिल होंगे, यहां सीएम योगी शिक्षक मतदाता संवाद (रैली) को संबोधित करेंगे। शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में यह आयोजन रामगढ़ताल क्षेत्र स्थित महंत दिग्विजयनाथ पार्क में होगा।

120 फीट की एलईडी स्क्रीन पर जीवंत हुई रामकथा, 40 भाषाओं में प्रसारण से 60 देशों तक पहुंचेगा प्रभु श्रीराम का संदेश

अयोध्या भारतीय संस्कृति और रामायण की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से शुरू हुई फिल्मी सितारों की रामलीला के आठवें संस्करण का शनिवार को दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलंकर हॉल में शुभारंभ हुआ। इस आयोजन में परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिला। इस बार पहली बार बाल कलाकारों ने संपूर्ण रामायण का मंचन किया। तीन से 17 वर्ष तक के बच्चों ने अपने अभिनय से रामकथा के प्रमुख प्रसंगों को मंच पर जीवंत किया। वहीं, 120 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन और आधुनिक मंच सज्जा ने प्रस्तुति को आकर्षक स्वरूप दिया। पहली बार बाल कलाकारों ने किया संपूर्ण रामायण का मंचन रामलीला के इस संस्करण में पहली बार बच्चों को संपूर्ण रामायण के मंचन का अवसर मिला। तीन से 17 वर्ष तक के बाल कलाकारों ने श्रीराम जन्म से लेकर उनके राज्याभिषेक तक के विभिन्न प्रसंगों को संवाद और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने सभागार में मौजूद दर्शकों का ध्यान खींचा और खूब तालियां बटोरीं।मंचन में श्रीराम जन्म, विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, जनकपुर आगमन, सीता स्वयंवर एवं विवाह, राम वनवास, भरत मिलाप, चित्रकूट प्रसंग, शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण, किष्किंधा कांड, हनुमान मिलन, लंका दहन, रामसेतु निर्माण, रावण वध, अयोध्या वापसी और श्रीराम के राज्याभिषेक जैसे प्रसंग शामिल रहे।रामलीला के फाउंडर अध्यक्ष सुभाष मलिक, महासचिव शुभम मलिक और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जतिन मलिक ने संयुक्त रूप से बताया कि आयोजन में पहली बार बच्चों को अभिनय का अवसर दिया गया। उनके मुताबिक, हीरा पब्लिक स्कूल, एचएसवी ग्लोबल, पार्थ इंटरनेशनल, एचएसवी इंटरनेशनल और मिसरी देवी ज्ञान निकेतन स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस पहल के माध्यम से नई पीढ़ी को रामायण की शिक्षाओं, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच देने का प्रयास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से शुरू हुई इस रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। लोकप्रिय कलाकारों की भागीदारी और आधुनिक प्रसारण माध्यमों के जरिए आयोजन को देश-विदेश के दर्शकों से जोड़ने की तैयारी है।आयोजकों के अनुसार, पिछले सात संस्करणों को मिली सफलता के बाद आठवें संस्करण को और भव्य बनाने की तैयारी की गई है। इस बार आकर्षक मंच सज्जा और आधुनिक तकनीकी संसाधनों के जरिए रामायण के प्रमुख प्रसंगों को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य मनोरंजन के साथ भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े मर्यादा, त्याग, सत्य और कर्तव्य जैसे मूल्यों का प्रसार करना भी है। 63 फिल्मी कलाकारों से सजेगी दिल्ली की रामलीला, 10 से 20 अक्टूबर तक होगा आयोजन विश्व की सबसे बड़ी रामलीला के रूप में चर्चित अयोध्या की रामलीला का आयोजन 10 से 20 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली में किया जाएगा। इसमें मनोज तिवारी, रवि किशन, रजा मुराद, बिंदु दारा सिंह, मालिनी अवस्थी और मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 काजिया लिज मेजो समेत 63 फिल्मी कलाकार विभिन्न किरदारों में नजर आएंगे। मेले का आयोजन दोपहर 12 बजे से रात 11 बजे तक होगा, जबकि रामलीला का मंचन शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक किया जाएगा। 19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन निभाएंगे श्रीराम की भूमिका रामलीला में फिल्म और मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियां प्रमुख पात्रों के रूप में नजर आएंगी। आयोजकों के मुताबिक, 19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन भगवान श्रीराम की भूमिका निभाएंगे, जबकि अभिनेता अरुण बख्शी रावण का किरदार अदा करेंगे। दोनों कलाकारों की सहभागिता कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी। संवाद, अभिनय और मंचीय प्रभावों के जरिए रामायण के प्रसंगों को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की तैयारी है, जिससे विभिन्न आयु वर्ग के दर्शक भारतीय परंपराओं से जुड़ सकें। 40 भाषाओं में प्रसारण, 60 देशों तक पहुंचेगा रामकथा का संदेश आयोजकों के मुताबिक, रामलीला का प्रसारण 80 से अधिक उपग्रह चैनलों के माध्यम से 40 भाषाओं में किया जाएगा। इसके जरिए भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामभक्ति का संदेश 60 देशों तक पहुंचाने की योजना है। इस बहुभाषी प्रसारण से विदेशों में रहने वाले भारतीयों सहित विभिन्न देशों के दर्शकों को अपनी भाषा में रामलीला देखने का अवसर मिलेगा। इसके माध्यम से भारतीय आध्यात्मिक विरासत और रामायण की शिक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम रामलीला के आठवें संस्करण में 120 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन, आकर्षक मंच सज्जा और कलाकारों के अभिनय के जरिए रामायण के प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। पारंपरिक कथा शैली के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल आयोजन को खास बना रहा है। बाल कलाकारों की भागीदारी, लोकप्रिय फिल्मी कलाकारों की भूमिकाएं और बहुभाषी प्रसारण इस संस्करण की प्रमुख विशेषताएं हैं। आयोजन के जरिए रामायण की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने और प्रभु श्रीराम के आदर्शों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

16 अक्टूबर को आईटीआई अलीगंज में वृहद रोजगार मेला, कंपनियां करेंगी चयन

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे रोजगार मिशन को लगातार गति मिल रही है। इसी क्रम में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), अलीगंज, लखनऊ में आगामी 16 अक्टूबर 2026 को वृहद रोजगार मेले (कैंपस प्लेसमेंट) का आयोजन किया जा रहा है। प्रातः 10 बजे से आयोजित होने वाले इस रोजगार मेले में प्रतिष्ठित औद्योगिक कंपनियों द्वारा कुल 800 रिक्त पदों पर युवाओं का चयन किया जाएगा। रोजगार मेले में ऑटोमोबाइल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी बैक्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगी। यह पहल प्रदेश के युवाओं को उनके तकनीकी कौशल और शैक्षिक योग्यता के अनुरूप सीधे उद्योगों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हीरो मोटोकॉर्प में 300 पदों पर चयन हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड द्वारा अप्रेंटिसशिप योजना एवं प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के तहत कुल 300 पदों पर चयन किया जाएगा। इनमें 150 पद पुरुष और 150 पद महिला अभ्यर्थियों के लिए हैं।आईटीआई अप्रेंटिस के 150 पदों पर फिटर, टर्नर, एमएमवी, मशीनिस्ट, वेल्डर और इलेक्ट्रीशियन ट्रेड से आईटीआई उत्तीर्ण 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के अभ्यर्थियों का चयन होगा। चयनित अभ्यर्थियों को ₹17,060 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा। एक वर्ष की अप्रेंटिसशिप के बाद एक वर्ष टीटीएस के तहत ₹18,060 प्रतिमाह वेतन देय होगा। वहीं पीएमआईएस-स्टूडेंट ट्रेनी के 150 पदों पर 10वीं/12वीं उत्तीर्ण गैर-आईटीआई अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को कुल ₹23,321 प्रतिमाह का लाभ मिलेगा, जिसमें ₹15,221 कंपनी तथा ₹8,100 केंद्र सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में दिए जाएंगे। बैक्स एनर्जी में 500 पदों पर रोजगार नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत बैक्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 500 पुरुष अभ्यर्थियों का कंपनी रोल्स पर चयन किया जाएगा। इसके लिए 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के अभ्यर्थी पात्र होंगे। द्वारका (गुजरात) सोलर प्रोजेक्ट तथा तमिलनाडु-कर्नाटक विंड पावर प्लांट के लिए आईटीआई तकनीकी एवं बीएससी ग्रेजुएट अभ्यर्थियों का टेक्नीशियन/हेल्पर पद पर ₹17,000 मासिक सीटीसी तथा मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा धारकों का ट्रेनी/टेक्नीशियन पद पर ₹18,000 मासिक सीटीसी पर चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को पीएफ, ईएसआईसी सहित अन्य लागू सुविधाएं भी मिलेंगी। युवाओं के लिए रोजगार के साथ सुविधाएं भी हीरो मोटोकॉर्प में चयनित अभ्यर्थियों को रेवाड़ी, हरियाणा स्थित प्लांट के लिए तीन दिन का होटल स्टे, यूनिफॉर्म, सुरक्षा जूते, कैंटीन सुविधा, ₹1 लाख का मेडिक्लेम, सवेतन अवकाश और अनुभव प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। चयन में निर्धारित शारीरिक मानकों के साथ ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को वरीयता दी जाएगी। 16 अक्टूबर को आईटीआई अलीगंज में पहुंचें अभ्यर्थी प्लेसमेंट अधिकारी एम. ए. खां ने बताया कि इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 16 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10 बजे राजकीय आईटीआई, अलीगंज, लखनऊ परिसर में पहुंचकर साक्षात्कार में शामिल हो सकते हैं। अभ्यर्थियों को अपने साथ 10वीं, 12वीं, आईटीआई अथवा डिप्लोमा की अंकतालिका व प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति तथा चार पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य होगा। हीरो मोटोकॉर्प से संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 9118561562 जारी किया गया है।