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पारंपरिक नजराना पर कोर्ट सख्त, अवैध वसूली को बताया अपराध

प्रयागराज इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ट्रांसजेंडरों (किन्नरों) के पारंपरिक बधाई उपहारों को लेकर दिए एक अहम आदेश में कहा है कि उनके पास ऐसे उपहार या पारंपरिक भेंट (नजराना) लेने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। रेखा देवी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के केस में 15 अप्रैल को दिए इस महत्वपूर्ण फैसले में, न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने किन्नर रेखा देवी द्वारा अन्य किन्नरों द्वारा कथित रूप से अपने ‘क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र’ के अतिक्रमण के खिलाफ सुरक्षा की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस केस में याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि इस प्रकार की वसूली कई सालों से हो रही थी। इसे प्रथागत अधिकार का दर्जा प्राप्त था। हालांकि मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि इस तरह की भेंट लेने का कोई कानूनी आधार नहीं है। न्यायाधीश ने कहा, ‘कानून के अनुसार ही किसी व्यक्ति से धन, कर, शुल्क या उपकर वसूले जा सकते हैं। इस तरह की अनुमति देने वाला कोई वैध या कानूनी आधार नहीं है।’ कोर्ट ने कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ता द्वारा मांगे गए ऐसे अधिकार कानून द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं हैं। भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत न्यायालय अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए, कानून के समर्थन के बिना याचिकाकर्ता के कृत्यों को वैध नहीं ठहरा सकता।’ इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैसले देते हुए यह भी कहा कि किसी नागरिक को केवल उतनी ही कर, उपकर या शुल्क का भुगतान करने का निर्देश दिया जा सकता है, जिसे कानून के अनुसार उससे वैध रूप से वसूला जा सकता है। कोर्ट ने याचिका में की गई प्रार्थना को अस्वीकार कर दिया और कहा कि इस प्रकार धन की वसूली को किसी भी तरह से वैध नहीं ठहराया जा सकता। अवैध वसूली है अपराध हाई कोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता के प्रति किसी प्रकार की नरमी बरती जाती है, तो संभव है कि कई अन्य व्यक्ति या गिरोह सक्रिय हों और व्यक्तियों से जबरन अवैध वसूली कर रहे हों। इस प्रकार की अवैध वसूली को देश में कानून द्वारा कभी भी मान्यता नहीं दी गई है। यह भारतीय न्याय संहिता के तहत एक अपराध है। एक-दूसरे के क्षेत्र के अतिक्रमण की हुई थी शिकायत इस मामले में अधिवक्ता संगीता वर्मा ने कोर्ट में याचिकाकर्ता का पक्ष रखा। कोर्ट को यह बताया गया था कि याचिकाकर्ता गोंडा जिले के किन्नर समुदाय से संबंध रखता है। वह लंबे समय से एक विशेष क्षेत्र में बकाया वसूलने के अपने पारंपरिक अधिकार का प्रयोग करता आ रहा है। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में बताया कि गोंडा जिले में इसी तरह के किन्नर समुदाय के कुछ और लोग भी रहते हैं जो बधाई का काम करते हैं। वे एक-दूसरे के क्षेत्राधिकार का अतिक्रमण कर रहे हैं, जिसके चलते समुदाय के सदस्यों के बीच शत्रुता और हिंसा पैदा हो रही है। हिंसा के भय से मांगी थी सुरक्षा इस मामले में याचिकाकर्ता ने हिंसा के भय के बिना बधाई का काम जारी रखने को अपना मौलिक अधिकारों बताते हुए उसकी रक्षा के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत संरक्षण का दावा किया था। याचिका में बधाई के लिए क्षेत्रों के सीमांकन का निर्देश देने की भी मांग की गई थी। नहीं किया जा सकता इस प्रथा का संरक्षण इस याचिका पर सुनवाई के बाद दिए फैसले में हाई कोर्ट ने कहा कि चूंकि बधाई वसूलने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है, इसलिए इस प्रथा का संरक्षण नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने ट्रांसजेंडर संरक्षण कानून में हाल ही में हुए परिवर्तनों पर भी ध्यान दिया। कोर्ट ने कहा- ‘हमने पाया है कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के अनुसार भी ऐसे किसी अधिकार के संरक्षण की मांग नहीं की गई है, हालांकि उक्त अधिनियम में ट्रांसजेंडर व्यक्ति को अपना लिंग निर्धारित करने का अधिकार दिया गया है। भारत की संसद में 2026 का एक नया विधेयक विचाराधीन है, जो किसी व्यक्ति के लिंग निर्धारण के संबंध में 2019 के अधिनियम से काफी भिन्न है।’

अनंत नगर योजना में फिर खुली बुकिंग, लॉटरी से होगा प्लॉट आवंटन

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की लखनऊ में अगर आप एलडीए का प्लाॅट लेने को लेकर प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। लखनऊ विकास प्राधिकरण एक बार फिर अनंत नगर योजना के 498 प्लॉटों का पंजीकरण खोल दिया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस बाबत आदेश जारी कर दिये हैं। जिसके तहत 28 अप्रैल से 27 मई, 2026 तक भूखण्डों के लिए पंजीकरण खुलेगा। इसमें आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और भूखण्डों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि मोहान रोड पर 785 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अनंत नगर योजना में लगभग डेढ़ लाख लोगों के आशियाने का सपना साकार होगा। योजना का विकास अंतरराष्ट्रीय मानकों के अंतर्गत ग्रिड पैटर्न पर किया जा रहा है। जिसमें चौड़ी सड़कों के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए भूमिगत केबल बिछायी जा रही हैं। योजना में बड़े हिस्से में एडुटेक सिटी विकसित की जाएगी। वहीं, लगभग 130 एकड़ भूमि पर पार्कों व ग्रीन स्पेस का विकास किया जाएगा, जोकि योजना को पर्यावरण के अनुकूल एक हरा-भरा क्षेत्र बनाएगा। आलोक खण्ड में 493 प्लॉट अनंत नगर योजना में पहले 03 चरणों में 1283 भूखण्डों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जा चुका है। जिसमें 29 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण धनराशि जमा कराके प्रतिभाग किया था। इस बार आलोक खण्ड के 493, आदर्श खण्ड के 04 और आकाश खण्ड के 01 भूखण्ड के लिए पंजीकरण खोला जा रहा है। उपाध्यक्ष ने बताया कि मंगलवार से पोर्टल लाइव हो जाएगा और लोग 27 मई 2026 तक भूखण्डों के लिए पंजीकरण करा सकेंगे। ऐसे करना होगा पंजीकरण आवेदन के लिए लोगों को लखनऊ विकास प्राधिकरण की वेबसाइट registration.ldalucknow.in पर लॉगइन करके पंजीकरण पुस्तिका खरीदनी होगी। जिसके बाद भूखण्ड के अनुमानित मूल्य की 05 प्रतिशत पंजीकरण धनराशि जमा कराके रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सफलतापूर्वक पंजीकरण कराने वाले आवेदकों के मध्य भूखण्डों का आवंटन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। 03 श्रेणी के हैं प्लॉट अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि चतुर्थ चरण में कुल 498 भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोला जा रहा है। इसमें 288 वर्गमीटर के 155, 200 वर्गमीटर के 178 और 162 वर्गमीटर के 165 प्लॉट शामिल हैं। अनंत नगर योजना की विशेषताएं उत्कृष्ट सडकों का नेटवर्क 130 एकड़ में ग्रीन स्पेस स्वच्छ जल आपूर्ति भूमिगत लाइनों से निर्बाध विद्युत आपूर्ति ईवी चार्जिंग स्टेशन सामुदायिक केन्द्र सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जीरो लिक्विड डिस्चाज

सीएम योगी का बयान: यूपी पुलिस भारत की इकॉनमी ग्रोथ में अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दे रही है

भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दे रही यूपी पुलिसः सीएम योगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं को बड़ी खुशखबरी दी। उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि योग्य, क्षमतावान, स्वत: स्फूर्त भाव के साथ नौजवान यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनना चाहता है और इसके लिए भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड युवाओं को अच्छा अवसर उपलब्ध कराएगा। उप्र पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड इस वर्ष लगभग एक लाख नई भर्ती करने जा रहा है। पिछले तीन दिन में यूपी होमगार्ड में भी 41 हजार भर्ती के लिए परीक्षा हुई। सिविल पुलिस, एसआई, होमगार्ड आदि की भर्ती प्रक्रिया तेजी से बढ़ी है।  मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में पुलिस दूरसंचार विभाग पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।  ईमानदारी से नियुक्ति हुई है तो साफ नीयत से काम कीजिए सीएम ने सफल अभ्यर्थियों से कहा कि सभी चाहते थे कि ईमानदारी से भर्ती हो। डबल इंजन सरकार ने ऐसा माहौल बनाया है कि भर्ती निष्पक्ष व ईमानदारी से हुई। अब आपका भी दायित्व है कि साफ नीयत, ईमानदारी, पारदर्शिता के साथ यूपी पुलिस के माध्यम से सेवा देकर राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें। हर भारतीय नागरिक जब अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, तब पीएम मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी। किसी व्यक्ति, जाति, मत-मजहब का अहंकार या व्यक्तिगत इच्छा, राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकती।  9 वर्ष पहले होता था लेनदेन और नियुक्ति में भेदभाव  सीएम योगी ने कहा कि जिस निष्पक्षता से पुलिस भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई, वह 9 वर्ष पहले संभव नहीं थी। पहले प्रक्रिया ही सकुशल संपन्न नहीं होती थी। लेनदेन, नियुक्ति में भेदभाव होता था, परंतु अब पूरी प्रक्रिया में किसी को भी सिफारिश व पैसा नहीं देना पड़ता है। सिर्फ योग्यता, क्षमता व आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया संपन्न होती है। प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार किया गया है कि यदि क्षमता है तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अब आपको भी शुद्ध नीयत के साथ कार्य करना है। कभी बीमारू राज्य रहा उत्तर प्रदेश सामूहिक प्रयास की बदौलत अब भारत के विकास में योगदान दे रहा है। 9 वर्ष में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की यूपी पुलिस में भर्ती सीएम योगी ने कहा कि परसों (रविवार) ही प्रदेश के 112 केंद्रों पर पुलिस के 60 हजार आरक्षियों की दीक्षांत परेड हुई, यानी एक साथ 60 हजार आरक्षी उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा बने, जो अब फील्ड में मुस्तैदी से ड्यूटी करेंगे। 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की भर्ती संपन्न हुई है, जबकि देश के कई राज्यों में पुलिस की कुल इतनी स्ट्रेंथ भी नहीं है। सीएम ने नवचयनितों से कहा कि आपको देश की सबसे बड़ी सिविल पुलिस का हिस्सा बनने और दूरसंचार शाखा के जरिए 25 करोड़ की आबादी की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है।  साफ नीयत, स्पष्ट नीति और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी सीएम योगी ने कहा कि 9 वर्ष पहले संकट था कि कहां ट्रेनिंग होगी, लेकिन अब इस दृष्टि से जगह की कमी नहीं रही। 2017 के पहले एक बार में केवल 3 हजार पुलिस कार्मिकों की ही ट्रेनिंग करा सकते थे, लेकिन 2025 में एक साथ 60,244 पुलिस आरक्षियों की ट्रेनिंग यूपी के सेंटरों में हुई। इसके जरिए यूपी पुलिस ने दिखाया कि नीयत साफ, नीति स्पष्ट और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो परिणाम लाया जा सकता है। पासिंग आउट परेड के बाद आरक्षी जनपदों में ड्यूटी के लिए निकल रहे हैं। अब इन ट्रेनिंग सेंटर्स पर आप लोगों का प्रशिक्षण शुरू होगा। खेलों में यूपी पुलिस प्राप्त करती है अधिक मेडल सीएम योगी ने कहा कि यूपी पहला राज्य है, जिसने 500 से अधिक कुशल खिलाड़ियों को यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनाया है। उसी का परिणाम है कि जब भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स मीट होती है तो यूपी पुलिस अधिक मेडल प्राप्त करती है। देश-दुनिया में उसके मेडल की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा होती है। इसके जरिए फोर्स अपनी क्षमता को भी प्रदर्शित करती है।  यूपी पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि सीएम योगी ने कहा कि पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि की गई है। 2017 में 10 जनपदों में पुलिस लाइन ही नहीं थी। कई थानों के खुद के भवन नहीं थे। पुलिस की सामान्य सुविधाओं, बैरक आदि का अभाव था। आज 55 जनपदों में हाईराइज बिल्डिंग में पुलिस के जवानों के बैरक व आवासीय सुविधाएं हैं। मॉडल थाने, नए फायर स्टेशन स्थापित हो रहे हैं। एसएसएफ, एसडीआरएफ, तीन नई महिला पीएसी बटालियनें गठित हुई हैं। तीन नए कानून जुलाई 2024 में लागू हुए हैं, लेकिन यूपी ने पहले ही तैयारी कर ली थी। यूपी का स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। ए ग्रेड की 12 एफएसएल यूनिट कार्य कर रही है। छह निर्माणाधीन हैं। हर जनपद में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक लैब कार्य कर रही हैं। सैंपल कलेक्ट करने के लिए निपुण टेक्नीशियन तैनात किए गए हैं।  भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी योगदान दे रही यूपी पुलिस सीएम योगी ने कहा कि पुलिस अब केवल कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ ही प्रदेश को सिर्फ माफिया-दंगा मुक्त प्रदेश ही नहीं बना रही है, बल्कि भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप में योगदान दे रही है। कानून का राज विकास की पहली गारंटी है। कानून का राज स्थापित होने से देश-दुनिया का निवेशक यूपी में आ रहा है। अब हम प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर लेते हैं।  सीएम ने फिट रहने का दिया मंत्र सीएम योगी ने दूरसंचार पुलिस बल में नवचयनित 936 अभ्यर्थियों से कहा कि अब संचार यूनिट को और सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। अगले 8 महीने की आपकी ट्रेनिंग महत्वपूर्ण होगी। सीएम ने युवाओं व पुलिस कार्मिकों को फिट रहने का मंत्र दिया। कहा कि फिजिकली फिट रहेंगे तो मेंटली भी फिट होंगे और तभी ईमानदारी से देश व समाज को सेवा दे पाएंगे।  सामान्य वॉकी-टॉकी से आगे बढ़कर दूरसंचार बल … Read more

ओवरलोड ट्रांसफार्मर से हाहाकार,लखनऊ के कई इलाके बिजली कटौती से जूझे

लखनऊ भीषण गर्मी में बिजली कटौती कोढ़ में खाज बनती जा रही है। सोमवार को शहर से गांव तक विभिन्न इलाके के लोग बिजली संकट से जूझे। सबसे ज्यादा परेशानी अंबेडकर उपकेंद्र से आपूर्ति पाने वाले इलाके लोगों को हुई। इन्हें करीब 20 घंटे तक बिन बिजली-पानी गुजारा करना पड़ा। इसके अलावा जिले की करीब एक लाख की आबादी ने दो से 10 घंटे तक बिजली संकट झेला। अंबेडकर उपकेंद्र के पंचमखेड़ा, चरण भट्ठा रोड, रॉयल सिटी सहित आसपास के उपभोक्ताओं ने बताया कि बीते रविवार रात 11 बजे 100 केवीए के ट्रांसफार्मर से एक फेज की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उपकेंद्र पर शिकायत दर्ज कराई गई मगर रात को समस्या का समाधान नहीं किया। इसके विरोध में यहां के लोगों ने ट्रांसफार्मर के पास हंगामा और प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि आबादी बढ़ने के बाद भी यहां ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि नहीं की गई। इससे आए दिन ट्रांसफार्मर ओवरलोड होता है और जंपर उड़ने की घटनाएं होती हैं। लोगों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर सुबह 11 बजे के बाद 250 केवीए के ट्रांसफार्मर को लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई जो सोमवार रात 8 बजे के बाद पूरी हो सकी। रविवार रात से सोमवार रात तक करीब 20 घंटे तक 700 से ज्यादा लोग बिन बिजली छटपटाते रहे और जिम्मेदार अपनी ही रफ्तार से काम करते रहे। 40 डिग्री तापमान में परिवार के लोगों को बिजली नहीं मिली, उल्टे दूर से पेयजल के लिए 100 मीटर तक की दौड़ लगानी पड़ी। एसडीओ महेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ने से अब लोगों को राहत मिलेगी। 50 हजार की आबादी बिजली को तरसी काकोरी। एफसीआई उपकेंद्र के बुद्धेश्वर, नरौना, वादर खेड़ा, सलेमपुर पतौरा और शांति नगर कॉलोनी की 50 हजार की आबादी सोमवार को सुबह से तीन राउंड बिजली को तरस गई। एसडीओ संदीप वर्मा ने बताया कि सुबह 6 से 7:30 बजे के बीच 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से 21 हजार उपभोक्ताओं की बिजली गुल हो गई। इसके बाद लाइन व पावर ट्रांसफार्मर के ओवरलोड होने के कारण सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद हो गई। इसके बाद नई लाइन को उपकेंद्र से जोड़ने के लिए शाम को भी बिजली आपूर्ति को बंद किया गया था। नई लाइन के चालू होने से ओवरलोडिंग की समस्या हल होगी और संकट दूर होगा। मांग का आंकड़ा 1700 मेगावाट पार प्रचंड गर्मी के चलते राजधानी में सोमवार को बिजली की मांग का आंकड़ा 1700 मेगावाट पार कर गया। 10 दिन के भीतर बिजली की मांग में करीब 500 मेगावाट की बढ़ोतरी हो चुकी है। बिजली की यह मांग एसी, कूलर आदि के इस्तेमाल बढ़ने से हुई है।   तारीख     खपत (मेगावाट) 18 अप्रैल     1425 19 अप्रैल     1443 20 अप्रैल     1546 21 अप्रैल     1552 22 अप्रैल     1595 23 अप्रैल     1600 24 अप्रैल     1625 25 अप्रैल     1655 26 अप्रैल     1660 27 अप्रैल     1705 इन इलाकों में भी रहा बिजली संकट – राजाजीपुरम के मीना बेकरी के पास सुबह 9:30 से दोपहर 1:30 बजे तक। – नादरगंज, सैनिक विहार, नटकुर सहित 20 गांव में सुबह से रात तक व्यवधान। – माल में अनुरक्षण कार्य के कारण कस्बे व 150 गांवों की बिजली बंद रही। – यहियागंज, नादान महल रोड, बावर्ची टोला में बिजली की आंखमिचौली चली। – नक्खास बाजार, खोखी टोला में एक फेज बिजली न आने से 200 दुकानें प्रभावित। – जानकीपुरम, जानकीपुरम विस्तार, आईआईएम रोड, इंदिरानगर में आपूर्ति बंद रही। – आशियाना, कानपुर रोड, आलमबाग, चारबाग, हुसैनगंज में बिजली को तरसे लोग। इन इलाकों में आज रहेगा संकट राजधानी के कई इलाकों में मंगलवार को सुधार कार्य के कारण बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। जीपीआरए उपकेंद्र के आदिल नगर, जानकीपुरम गार्डन, सेक्टर-जे, मिश्रपुर, रसूलपुर, गुडंबा, फूलबाग, नहर रोड, तिवारी चौराहा, गायत्रीपुरम, सहारा गेट नंबर-2, ज्ञान डेयरी के आसपास सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक बिजली बाधित रहेगी। न्यू कैंपस उपकेंद्र के कमलबाद बड़ौली, न्याय विहार, आईआईएम रोड, रायपुर, महर्षिनगर, मुक्तकीपुर, बालाजी एन्क्लेव, नौवा खेड़ा, कमलानगर, मुस्लिमनगर, तिवारीपुर, सुंदर विहार, शुक्ला चौराहा, सैदपुर जागीर, नवीकोट नंदना, कोटवा, चंद्रकोदर इलाके की बिजली सुबह 10 से 11 बजे तक बाधित रहेगी। जानकीपुरम में सेक्टर 1 से 9 तक, साठ फीटा रोड, सुल्तानपुर गांव, खरगापुर गांव, शिवम सिटी, पिंक सिटी, केंद्रीय विहार, आयुष विहार, भगवती देवी विहार, देवी मंदिर, शौर्य विहार, सरस्वतीपुरम, जानकी विहार, सनसिटी की बिजली दोपहर 12 से 1:30 बजे बाधित होगी।

बागपत का दिल दहला देने वाला हादस,सोहित चौहान की मौत, भाई बना पुलिस अफसर

बागपत उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है. यह कहानी सिर्फ एक परिवार के दर्द की नहीं, बल्कि उस विडंबना की भी है, जिसमें खुशियां और गम एक ही दिन, एक ही घर में टकरा गए. जिस दिन एक बेटे ने अपने सपनों को साकार करते हुए पुलिस सेवा में कदम रखा, उसी दिन दूसरे बेटे ने देश सेवा करते हुए अपनी जान गंवा दी. बागपत जिले के छपरौली क्षेत्र के लूम्ब गांव के निवासी अग्निवीर सोहित चौहान की अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान दर्दनाक मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, रविवार को आए बर्फीले तूफान के दौरान एक पेड़ अचानक गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर सोहित गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसा इतना भयानक था कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इस घटना ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव को शोक में डुबो दिया. सोहित 2023 में अग्निवीर के तहत हुआ था भर्ती सोहित चौहान वर्ष 2023 में अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना की 3 ग्रेनेडियर यूनिट में भर्ती हुए थे. वह अपने परिवार के सबसे छोटे सदस्य थे. परिवार में माता-पिता, एक बड़ा भाई और एक बहन है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले सोहित ने कठिन परिश्रम और लगन के दम पर सेना में जगह बनाई थी. उनके परिवार को उन पर गर्व था और गांव के युवाओं के लिए वे प्रेरणा बन चुके थे. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जिस दिन सोहित की मौत की खबर आई, उसी दिन उनके बड़े भाई मोहित चौहान उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल हो रहे थे. उस दिन उनकी पासिंग आउट परेड थी, जिसे देखने के लिए उनके पिता मोहर सिंह भी गए हुए थे. घर में जश्न का माहौल था, हर कोई खुश था कि परिवार का एक बेटा पुलिस में भर्ती हो गया है. लेकिन इसी खुशी के बीच अचानक आई दुखद खबर ने सब कुछ बदल दिया. जैसे ही परिवार को सोहित की मौत की सूचना मिली, खुशी का माहौल मातम में बदल गया. पिता, जो बड़े बेटे की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे थे, अचानक छोटे बेटे की मौत की खबर सुनकर टूट गए।. मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. एक ही दिन में परिवार ने जीवन का सबसे बड़ा सुख और सबसे बड़ा दुख दोनों देख लिया. सोहित की अंतिम विदाई में हर आंख हुई नम जब सोहित चौहान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. गांव की गलियों, सड़कों और घरों की छतों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर कोई अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचा. अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ सोहित को विदाई दी. उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और सलामी दी गई.यह दृश्य इतना भावुक कर देने वाला था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों से आंसू छलक पड़े. गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, सभी ने अपने इस वीर बेटे को नम आंखों से विदा किया. इस दुखद घटना के बाद कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि सोहित चौहान को शहीद का दर्जा दिया जाए और उनके परिवार को उचित मुआवजा तथा पेंशन दी जाए. ग्रामीणों का कहना है कि सोहित ने देश सेवा करते हुए अपनी जान गंवाई है, इसलिए उन्हें पूरा सम्मान मिलना चाहिए. सांसद बोले परिवार देश परिवार के साथ सोहित के पिता मोहर सिंह ने बताया कि उनका बेटा बहुत मेहनती और जिम्मेदार था. वह परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहता था और इसी उद्देश्य से सेना में भर्ती हुआ था. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, लेकिन उसका इस तरह चले जाना असहनीय है. उन्होंने सरकार से मांग की कि उनके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे आगे का जीवन सम्मानपूर्वक जी सकें. वहीं दुख की इस घड़ी में परिवार से मिलने पहुंचे सांसद राजकुमार सांगवान ने कहा कि सोहित के परिवार के साथ पूरा देश खड़ा है. सरकार उनके साथ है. जो भी मदद होगी हर संभव मदद दिलाई जाएगी. उनकी अंतिम यात्रा में हर दल का आदमी शामिल हुआ. उनका योगदान देश याद रखेगा.

लखनऊ में सीएम योगी देंगे 936 पुलिस हेड ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र, जानें कार्यक्रम की तारीख

लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए मंगलवार का दिन खास रहने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम में 936 हेड ऑपरेटर और हेड ऑपरेटर (मैकेनिकल) को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर बताया, "उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी दक्षता और त्वरित संचार की नई शक्ति प्रदान करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण अवसर है। उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए चयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को आज नियुक्ति-पत्र प्रदान करने का गौरव प्राप्त होगा।" राज्य सरकार पुलिस भर्ती को लेकर काफी एक्टिव है। अभी पिछले रविवार को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती वर्ष-2025 बैच के पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह में हिस्सा लिया था। इस अवसर पर परेड का निरीक्षण करने के साथ ही विभिन्न श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली आरक्षियों को पुरस्कार का वितरण भी किया गया था। अब 28 अप्रैल को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाला ये कार्यक्रम खास तौर पर पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए है। इसमें चुने गए 936 उम्मीदवारों को सीएम योगी के औपचारिक तौर पर नियुक्ति दी जाएगी। ये पद तकनीकी रूप से काफी अहम माने जाते हैं, क्योंकि आज के समय में पुलिसिंग सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि तेज और मजबूत कम्युनिकेशन सिस्टम पर भी निर्भर करती है। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नए भर्ती हुए कर्मियों को संबोधित भी करेंगे और उनसे पूरी ईमानदारी, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभाने का आग्रह करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्यक्रम के जरिए सरकार अपनी पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया प्रकाश डालेगी कि बिना किसी पक्षपात के योग्य उम्मीदवारों को मौका दिया जा रहा है। साथ ही कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, उन पर भी फोकस रहेगा।

‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ कहने वाले रिंकू सिंह राही ने चुपचाप लिया यू-टर्न

लखनऊ यूपी कैडर के 2023 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपना तकनीकी इस्तीफा आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है. उन्होंने 26 मार्च 2026 को राष्ट्रपति और डीओपीटी को अपना त्यागपत्र भेजकर प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया था. राजस्व परिषद से अटैच राही ने बिना काम के वेतन लेने को अनैतिक बताते हुए यह कदम उठाया था. इसके साथ ही उन्होंने संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम चलने का गंभीर आरोप लगाया था. अब शासन स्तर पर हुई चर्चा के बाद उन्होंने गोपनीय तरीके से इस्तीफा वापसी की अर्जी दी है. इस्तीफा वापसी की प्रक्रिया रही बेहद गोपनीय रिंकू सिंह राही का इस्तीफा 30 मार्च को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद यूपी की ब्यूरोक्रेसी में तूफान आ गया था. हालांकि, अब उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा गया. शासन के सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा वापसी का मामला अभी उच्च स्तर पर लंबित है. सरकार से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद उनकी बहाली और नई तैनाती के संबंध में आदेश जारी किया जाएगा. फिलहाल रिंकू सिंह ने इस विषय पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. आखिर क्यों नाराज थे IAS अधिकारी? जुलाई 2025 में शाहजहांपुर में जॉइंट मजिस्ट्रेट रहते हुए वकीलों के साथ हुए विवाद और उठक-बैठक के वीडियो के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था. तब से वे राजस्व परिषद में अटैच थे. राही का तर्क था कि उन्हें वेतन तो मिल रहा है, लेकिन जनसेवा के लिए कोई सार्थक कार्य नहीं सौंपा गया. उन्होंने 'काम नहीं तो वेतन नहीं' का सिद्धांत देते हुए कहा था कि एक ईमानदार अधिकारी के लिए बिना काम के पैसे लेना स्वीकार्य नहीं है. समानांतर सिस्टम पर उठाए थे सवाल अपने इस्तीफे वाले पत्र में रिंकू सिंह ने प्रशासनिक कार्यशैली पर तीखा हमला किया था. उन्होंने लिखा था कि मौजूदा समय में संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग ही सिस्टम काम कर रहा है, जहां अच्छे काम के बावजूद अधिकारियों को दरकिनार किया जा रहा है. उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी के पुराने पद पर वापस भेजे जाने की भी मांग की थी.  

काशी में महिला शक्ति का प्रदर्शन,नरेंद्र मोदी करेंगे जनसभा को संबोधित, मंच पर होंगी 44 महिलाएं

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर आएंगे। इस दौरान बरेका मैदान में आयोजित जनसभा में महिला शक्ति की झलक दिखेगी जहां मंच पर 44 महिलाएं मौजूद रहेंगी और करीब 25 हजार महिलाओं के जुटने की उम्मीद की गई है। काशी में ये महिलाओं का अब तक का सबसे बड़ा जुटान होगा। इस सम्मेलन की कमान महिलाएं संभालेंगी। यहां तक कि सुरक्षा व्यवस्था में भी महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगी। मंच पर आनंदीबेन पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य सहित 23 पार्षद और 19 ग्राम प्रधान समेत कुल 44 महिलाएं मौजूद रहेंगी। इनके अलावा वहां प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष समेत चार पुरुष होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य के स्वागत भाषण से होगी। इसके बाद योगी आदित्यनाथ जनसभा को संबोधित करेंगे। फिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भाषण होगा और अंत में प्रधानमंत्री काशी से देशभर की महिलाओं को संबोधित करेंगे। बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले ये पीएम की बड़ी सभा होगी। साथ ही उप्र में विधानसभा चुनाव और पंचायत चुनाव के पहले इस जुटान को अहम माना जा रहा है। जनसभा के बाद पार्टी स्तर की एक अहम बैठक भी हो सकती है, जिसमें संगठन और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति पर प्रधानमंत्री जरूरी फैसले कर सकते हैं। ये बंगाल के बाद उप्र में राजनीतिक शिफ्ट को लेकर भी अहम दौरा हो सकता है। प्रधानमंत्री के स्वागत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें जीआई टैग वाली गुलाबी मीनाकारी से बना शिव मंदिर भेंट करेंगे। अगले दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के दौरान उन्हें डमरू भी भेंट किया जाएगा। इसके अलावा देर शाम प्रधानमंत्री शहर की प्रमुख परियोजनाओं का भी निरीक्षण कर सकते हैं। वह रोपवे प्रोजेक्ट और नमो घाट का दौरा कर सकते हैं, जिसके लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बरेका से काशी विश्वनाथ तक होगा रोड शो, पांच जगह पर भाजपा करेगी स्वागत भाजपा ने पीएम के स्वागत की खास तैयारियां की हैं। पीएम मोदी बरेका से काशी विश्वनाथ मंदिर तक सड़क मार्ग से जाएंगे। यहां पर 5 स्थानों गुलाब की पंखुड़ियों से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा। भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में प्रमुख चौराहों और यात्रा मार्ग को झंडे, बैनर व पोस्टरों से सजाया गया है। हजारों होर्डिंग्स और कटआउट भी लगाए गए हैं। काशी क्षेत्र के मीडिया प्रभारी नवरतन राठी ने बताया कि बरेका के प्रत्येक सेक्टर में कूलर, पेयजल व बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। बरेका में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाएं ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचेंगी। स्थानीय महिलाएं पैदल और दूर-दराज की महिलाएं वाहनों के काफिले के साथ जुलूस की शक्ल में कार्यक्रम स्थल तक आएंगी।

एक ही दिन बड़े बेटे की वर्दी और छोटे बेटे की तिरंगे में लिपटी लाश, दिल दहला देने वाली घटना

 बागपत उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है. यह कहानी सिर्फ एक परिवार के दर्द की नहीं, बल्कि उस विडंबना की भी है, जिसमें खुशियां और गम एक ही दिन, एक ही घर में टकरा गए. जिस दिन एक बेटे ने अपने सपनों को साकार करते हुए पुलिस सेवा में कदम रखा, उसी दिन दूसरे बेटे ने देश सेवा करते हुए अपनी जान गंवा दी।  बागपत जिले के छपरौली क्षेत्र के लूम्ब गांव के निवासी अग्निवीर सोहित चौहान की अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान दर्दनाक मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, रविवार को आए बर्फीले तूफान के दौरान एक पेड़ अचानक गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर सोहित गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसा इतना भयानक था कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इस घटना ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव को शोक में डुबो दिया।  सोहित 2023 में अग्निवीर के तहत हुआ था भर्ती सोहित चौहान वर्ष 2023 में अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना की 3 ग्रेनेडियर यूनिट में भर्ती हुए थे. वह अपने परिवार के सबसे छोटे सदस्य थे. परिवार में माता-पिता, एक बड़ा भाई और एक बहन है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले सोहित ने कठिन परिश्रम और लगन के दम पर सेना में जगह बनाई थी. उनके परिवार को उन पर गर्व था और गांव के युवाओं के लिए वे प्रेरणा बन चुके थे।  लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जिस दिन सोहित की मौत की खबर आई, उसी दिन उनके बड़े भाई मोहित चौहान उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल हो रहे थे. उस दिन उनकी पासिंग आउट परेड थी, जिसे देखने के लिए उनके पिता मोहर सिंह भी गए हुए थे. घर में जश्न का माहौल था, हर कोई खुश था कि परिवार का एक बेटा पुलिस में भर्ती हो गया है. लेकिन इसी खुशी के बीच अचानक आई दुखद खबर ने सब कुछ बदल दिया।  जैसे ही परिवार को सोहित की मौत की सूचना मिली, खुशी का माहौल मातम में बदल गया. पिता, जो बड़े बेटे की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे थे, अचानक छोटे बेटे की मौत की खबर सुनकर टूट गए।. मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. एक ही दिन में परिवार ने जीवन का सबसे बड़ा सुख और सबसे बड़ा दुख दोनों देख लिया।  सोहित की अंतिम विदाई में हर आंख हुई नम जब सोहित चौहान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. गांव की गलियों, सड़कों और घरों की छतों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर कोई अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचा. अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ सोहित को विदाई दी. उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और सलामी दी गई.यह दृश्य इतना भावुक कर देने वाला था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों से आंसू छलक पड़े. गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, सभी ने अपने इस वीर बेटे को नम आंखों से विदा किया।  इस दुखद घटना के बाद कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि सोहित चौहान को शहीद का दर्जा दिया जाए और उनके परिवार को उचित मुआवजा तथा पेंशन दी जाए. ग्रामीणों का कहना है कि सोहित ने देश सेवा करते हुए अपनी जान गंवाई है, इसलिए उन्हें पूरा सम्मान मिलना चाहिए।  सांसद बोले परिवार देश परिवार के साथ सोहित के पिता मोहर सिंह ने बताया कि उनका बेटा बहुत मेहनती और जिम्मेदार था. वह परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहता था और इसी उद्देश्य से सेना में भर्ती हुआ था. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, लेकिन उसका इस तरह चले जाना असहनीय है. उन्होंने सरकार से मांग की कि उनके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे आगे का जीवन सम्मानपूर्वक जी सकें. वहीं दुख की इस घड़ी में परिवार से मिलने पहुंचे सांसद राजकुमार सांगवान ने कहा कि सोहित के परिवार के साथ पूरा देश खड़ा है. सरकार उनके साथ है. जो भी मदद होगी हर संभव मदद दिलाई जाएगी. उनकी अंतिम यात्रा में हर दल का आदमी शामिल हुआ. उनका योगदान देश याद  रखेगा। 

Ganga Expressway: उद्योगों की रफ्तार बढ़ेगी, नए खरीदार मिलेंगे, पर्यटन और व्यापार को मिलेगा फायदा

मेरठ  गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ के उद्यमी उत्साहित हैं। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच दूरी और समय दोनों कम करेगा। इससे न सिर्फ लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि किसानों, व्यापारियों और उद्योगों के लिए नए अवसर भी पैदा होंगे। कृषि उत्पादों की तेज आपूर्ति और नए बाजारों तक पहुंच हो सकेगी। मेरठ के धातु व खेल उत्पाद, फूड प्रोसेसिंग, गैस रेगुलेटर उद्योग के लिए नए अवसर पैदा होंगे। आइआइए मेरठ मंडल चैप्टर के अध्यक्ष तनुज गुप्ता का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे पर्यटन, यातायात, व्यापार, उद्योग समेत सभी क्षेत्रों के लिए लाभकारी साबित होगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाजारों तक पहुंच आसान हो जाएगी। माल ढुलाई में लगने वाले समय और खर्च दोनों कम हो जाएगा। मेरठ की 50 से अधिक गैस रेगुलेटर इकाई, 30 से अधिक धातु उत्पाद इकाई, 80 से अधिक फूड प्रोसेसिंग इकाई, खेल सामग्री, वस्त्र, कृषि आधारित सामग्री को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। बड़ी मात्रा में पूर्वी उत्तर प्रदेश में मेरठ से गैस रेगुलेटर की आपूर्ति होती है। सिकंदराबाद और गुलावठी क्षेत्र से औद्योगिक निर्माण के लिए लोहे के पार्ट्स, केमिकल और पैकेजिंग सामग्री व हरदोई से खेल उद्योग के लिए लकड़ी की आपूर्ति आसानी से हो सकेगी। आइआइए मेरठ चैप्टर के अध्यक्ष अंकित सिंघल का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे पर्यटन, यातायात, व्यापार, उद्योग समेत सभी क्षेत्रों के लिए लाभकारी साबित होगा। पेपर उद्योग से संबंधित सामग्री, खेल उत्पाद, रबर उत्पाद, खाद, स्टील आदि उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। मेरठ आने वाले कृषि अपशिष्ट बगास व फल, सब्जी और फूल समेत विभिन्न सामग्री आसानी से मेरठ पहुंच जाएगी। परतापुर औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन के अध्यक्ष निपुण जैन ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से माल ढुलाई में लगने वाले समय और खर्च दोनों कम हो जाएंगे। विशेष रूप से खेल सामग्री, वस्त्र, कृषि आधारित सामग्री और खाद्य सामग्री (पैक्ड अचार) को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से नए बाजार के द्वार खुलेंगे। आइआइए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने बताया कि मेरठ के खेल उत्पाद की पूर्वी उप्र में भारी मात्रा में मांग है। खेल उत्पाद इकाइयों को लाभ मिलेगा। सब्जी मंडी एसोसिसेशन नवीन मंडी स्थल के अध्यक्ष पंडित ब्रजभूषण शर्मा का कहना है कि प्रयागराज से भिंडी व काशीफल, हरदोई से जवा मिर्च, बैंगन, शाहजहांपुर से बैंगन, खीरा व लौकी, बदायूं से मिर्च, संभल से आलू व फूलगोभी, बुलंदशहर से टमाटर व गोभी की आपूर्ति हो रही है। सर्दी के दौरान पूर्वी उप्र से बड़ी मात्रा में सब्जियों से भरे ट्रक यहां आते हैं। प्रतापगढ़ के आंवला की यहां काफी मांग है। फल सब्जी एसोसिएशन के अध्यक्ष इरशाद का कहना है कि बदायूं और प्रयागराज के अमरूद की यहां काफी डिमांड रहती है। बड़ी मात्रा में अमरूद वहां से यहां आता है। अब पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच व्यापारिक आदान-प्रदान आसान हो जाएगा।