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SC का बड़ा फैसला: उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर को नहीं मिली राहत

उन्नाव सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों वाली बेंच ने उन्नाव रेप केस में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को नोटिस भी जारी किया है। उन्नाव रेप केस में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को दिल्ली हाई कोर्ट ने निलंबित कर दिया था और उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया था। सीजेआई ने कहा कि हाई कोर्ट के जिस जज ने फैसला सुनाया है वह बहुत अच्छे जज हैं। हालांकि गलती किसी से भी हो सकती है। पॉक्सो के तहत अगर कॉन्स्टेबल लोक सेवक हो सकता है तो विधायक को अलग क्यों रखा गया, यह चिंता का विषय है। बता दें कि सीबीआई ने हाई कोर्ट के फैसले को कानून के खिलाफ, गलत और समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका फाइल की। सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा था कि दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर की सजा को सस्पेंड करके पॉक्सो ऐक्ट के लक्ष्य को ही नजरअंदाज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई से पहले पीड़िती का तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में पीड़िता भी मौजूद थी। एजेंसी का कहना है कि हाई कोर्ट यह समझ ही नहीं पाया कि सेंगर विधायक थे और वह जनता के विश्वास के पद पर थे। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी आम नागरिक से कहीं ज्यादा बनती है। ऐसे में उनका दोषी पाया जाना भी बहुत बड़ी बात है। सुनवाई के दौरान क्या तर्क दिए गए? सीबीआई की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि बच्ची के साथ हुआ बलात्कार बेहद भयावह है। उस समय वह 16 साल की भी नहीं थी। आईपीसी की धारा 376 और पॉक्सो ऐक्ट् की धारा 5 और 6 के तहत आरोप तय किए गए थे। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अगर कोई कॉन्स्टेबल ड्यूटी पर है और वह ऐसा काम करता है तो वह दोषी साबित होगा। कोई आर्मी ऑफिसर ऐसा काम करता है तो वह भी एग्रिवेटेड सेक्शुअल असॉल्ट का दोषी होगा। वहीं अगर कोई ऐसा व्यक्ति जिसे पॉक्सो की धारा में पब्लिक सर्वेंट नहीं कहा गया है लेकिन उसके पास जिम्मेदार ओहदा है तो वह भी दोषी होना चाहिए। इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने कह कहा कि आपके कहने का मतलब है कि अगर कोई बड़े पद पर है और कोई उसके पास मदद के लिए आता है और उसके साथ गलत होता है तो इसे अग्रेवेटेड ऐक्ट माना जाए। तर्कों को सुनने के बाद सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हम आदेश पर रोक लगाने के पक्ष में हैं। आम तौर पर अगर व्यक्ति जेल से बाहर चला गया होता तो शायद उसकी स्वतंत्रता का ध्यान रखा जाता लेकिन यहां स्थिति खास है क्योंकि वह एक अन्य मामले में जेल में है। क्या है पूरा मामला उन्नाव की रहने वाली पीड़िता ने 2017 में बीजेपी नेता और तत्कालीन विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाया था। पहले पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया था। 2018 में कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास के पास पीड़िता ने आत्महाद का प्रयास किया तो यह मामला सीबीआई को सौंप दिया या। उस समय पीड़िता नाबालिग थी। साल 2019 में दिल्ली की एक निचली अदालत ने सेंगर को पॉक्सो ऐक्ट के एग्रेवेटेड पेनिट्रेटिव सेक्शुअल असॉल्ट के प्रावधान के तहत उम्र कैद की सजा सुना दी थाीसेंगर के वकीलों का कहना था कि ट्रायल कोर् ने विधायक को लोक सेवक मानने में गलती की है क्योंकि विधायक को लोक सेवक नहीं माना जा कता है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के 1984 के एक फैसले का आधार लिया था जिसमें एक निर्वाचित प्रितनिधि को आपराधिक कानून की परिभाषा में लोकसेवक नहीं माना गया था। अब दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर की अपील लंबित रहने तक सजा सस्पेंड कर दी है और सशर्त जमानत दे दी। शर्त यह रखी गई है कि सेंगर पीड़िता के गांव के पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं जाएंगे। वह किसी पर दबाव बनाने की कोशिश नहीं करेंगे। पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत मामले में सेंगर को 10 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके चलते वह अब भी जेल में ही हैं।  

गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया जनता दर्शन का आयोजन, करीब 150 लोगों से मुलाकात कर सुनीं समस्याएं

प्रचंड ठंड में भी जारी रहा सीएम योगी का जनसेवा अनुष्ठान गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया जनता दर्शन का आयोजन, करीब 150 लोगों से मुलाकात कर सुनीं समस्याएं जनता से बोले सीएम – घबराइए मत, हर समस्या का कराएंगे समाधान, सबकी होगी भरपूर मदद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, संवेदनशीलता और तत्परता से करें जन समस्याओं का निराकरण गोरखपुर जनता के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रचंड ठंड में भी सोमवार को जनसेवा का अनुष्ठान जारी रखा। प्रतिकूल मौसम के बावजूद उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन कर लोगों से मुलाकात की। उनकी समस्याएं सुनीं। समस्या लेकर आए लोगों से आत्मीयता से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘घबराइए मत, हर समस्या का समाधान कराएंगे, सरकार सबकी भरपूर मदद करेगी।’ जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं। सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे। एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।  कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा यदि कोई दबंग, माफिया किसी की जमीन जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। गरीबों को उजाड़ने वाले कतई न बख्शे जाएं। जहां पैमाइश की जरूरत हो, वहां पैमाइश कराकर विवाद का निस्तारण कराया जाए। पारिवारिक विवाद के मामलों में उन्होंने उभयपक्षों के साथ संवाद कर समाधान की राह निकालने के लिए निर्देशित किया।  जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी।

भीषण शीतलहर के चलते यूपी में 12वीं तक के स्कूल 1 जनवरी तक बंद, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

भीषण शीतलहर का कहर: यूपी में 12वीं तक के सभी स्कूल 1 जनवरी तक बंद, सीएम योगी के सख्त निर्देश गोरखपुर उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़े कदम उठाए हैं। सीएम ने प्रदेश के सभी बोर्डों (ICSE, CBSE और यूपी बोर्ड) के कक्षा 12वीं तक के स्कूलों को 1 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि शीतलहर के दौरान बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैदान में उतरें अफसर, सुनिश्चित करें व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री ने शासन और प्रशासन के आला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर जमीनी हकीकत का जायजा लें। सीएम ने कहा कि भीषण ठंड को देखते हुए हर जिले के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव और कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 'कोई भी खुले में न सोए' मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों के संचालन को लेकर अधिकारियों को विशेष हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि:  * प्रदेश में कोई भी व्यक्ति कड़ाके की ठंड में खुले में सोने को मजबूर न हो।  * सभी रैन बसेरों में बिछौने, कंबल और साफ-सफाई समेत सभी आवश्यक सुविधाएं पुख्ता की जाएं।  * अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जरूरतमंदों को समय पर राहत सामग्री और आश्रय प्राप्त हो।

उत्तर प्रदेश पुलिस का #यूपी_पुलिस_मंथन हैशटैग विश्व के टॉप ट्रेंड में शामिल

विश्व के टॉप ट्रेंड में रहा उत्तर प्रदेश पुलिस का हैशटैग #यूपी_पुलिस_मंथन लखनऊ  माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश, श्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में दिनांक 27 एवं 28 दिसंबर 2025 को लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का सम्मेलन "पुलिस मंथन" से सम्बन्धित विभिन्न गतिविधियों की फोटो एवं वीडियो को उत्तर प्रदेश पुलिस के समस्त जनपदों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर साझा करके पोस्ट किया गया।      पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, श्री राजीव कृष्ण के निर्देशन में उक्त सम्मेलन से सम्बन्धित हैशटैग #यूपी_पुलिस_मंथन को उत्तर प्रदेश पुलिस @UPPolice ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया । यह हैशटैग दिनांक 28-12-2025 को शाम 05:30 बजे सूचीबद्ध हुआ और कुछ ही समय में विश्व के टॉप ट्रेंडिंग लिस्ट में नंबर-01 पर पहुँच गया । शाम 05:45 बजे से 08:45 बजे तक हैशटैग #यूपी_पुलिस_मंथन लगातार विश्व के ट्रेंडिंग लिस्ट में टॉप 5 में शामिल रहा । इस दौरान इस पर 47 हज़ार से अधिक ट्वीट्स किए गए, जिसे लगभग 38.6 मिलियन की रीच, 02 लाख 46 हजार Views और 1.78 बिलियन इंप्रेशन प्राप्त हुए हैं । उल्लेखनीय है कि पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 के निर्देशन में दिनांक 27 दिसंबर को हैशटैग #पुलिस_मंथन और 28 दिसम्बर को हैशटैग #यूपी_पुलिस_मंथन विश्व के टॉप ट्रेंड में लगातार 02 घण्टे से अधिक समयावधि के लिए नंबर 01 पर रहे हैं ।

पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय पुलिस मंथन सम्मेलन का सफल समापन

"पुलिस मंथन" वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन-2025 का समापन          पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन, ‘पुलिस मंथन’ के अन्तिम दिन दिनांक 28-12-2025 को 04 अलग-अलग विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया ।  अयोध्या     सत्र- 08 में Disaster Management, Civil Defence and Home Guards विषय पर नोडल अधिकारी डी.के. ठाकुर (DG नागरिक सुरक्षा/UPSSF) के पैनल द्वारा जलवायु परिवर्तन, बढ़ते शहरीकरण, ज्यादा आबादी घनत्व एवं लगातार आने वाली आपदाओं से बने जोखिम भरे माहौल में, उत्तर प्रदेश में प्रभावी आपदा प्रबंधन ‘इंसिडेंट कमांड सिस्टम’ (ICS) को लागू करने एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट, संकट के समय लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाने में सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड ऑपरेशनल फोर्स की उपयोगिता एवं महत्व पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया ।     सत्र- 09 में Large Crowd Management विषय पर नोडल अधिकारी प्रवीण कुमार, आईजी रेंज अयोध्या के पैनल द्वारा बड़े धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक आयोजन में भीड़ प्रबंधन में आने वाली विभिन्न चुनौतियों तथा उनके उपाय के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया गया । प्रस्तुतीकरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों—जैसे भीड़ की घनता का विश्लेषण, भू-चिन्हित क्रमिक (Geo-Tagged Sequencial) पार्किंग, पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण (Predictive Analysis), डिजिटल डैशबोर्ड, ड्रोन की सहायता तथा भौतिकी पर आधारित सिमुलेशन—के माध्यम से भीड़ की स्थिति को पहले से समझने, समय रहते बेहतर योजना बनाने, आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने तथा किसी भी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षित और सुव्यवस्थित निकासी सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी गई ।      सत्र- 10 में Intelligence and Emerging Challenges विषय पर नोडल अधिकारी भगवान स्वरूप, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना के पैनल द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न दुरुपयोग से आने वाली चुनौतियों, सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्कवेब, आतंकी नेटवर्क की मौजूदगी आदि चुनौतियों एवं “रिलीजियस कन्वर्जन” पर विस्तृत चर्चा की गयी । साथ ही सोशल मीडिया से सम्बन्धित खतरों को कम करने के लिए उठाए जाने वाले सार्थक कदमों व भविष्य की कार्य-योजना पर प्रस्तुतीकरण दिया गया  ।     सत्र- 11 में Anti-Terror, Narcotics, Cattle-Theft and Other organized Crimes विषय पर नोडल अधिकारी अमिताभ यश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था के पैनल द्वारा उ0प्र0 में पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा नेपाल से जुड़ी सीमाओं पर बढ़ते आंतकवाद के नए आयामों के विश्लेषण एवं अंतर्राष्ट्रीय सीमा निगरानी (सर्विलांस) का सुदृढ़ीकरण किये जाने के साथ-साथ उ0प्र0 में ‘अंतर्राष्ट्रीय अनुदानित धर्मान्तरण रैकेट’ के रोकथाम हेतु नयी तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, वित्तीय ट्रेल आदि के उपयोग तथा मादक पदार्थों की तस्करी एवं नशीले पदार्थों का सेवन की जटिल और संगठित समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयास तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया ।     उत्तम प्रथाओं (Best Practices) एवं नवाचारों पर अनुपूरक सत्र में प्रकाश डी. अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे द्वारा राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा किए गए नवाचारों, सोनम कुमार, DCP ट्रैफिक आगरा द्वारा इनवेंटरी मैनेजमेन्ट सिस्टम (Police Inventory Portal), अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा जमानतदार सत्यापन, सुअंकित शर्मा,पुलिस अधीक्षक कासगंज द्वारा ऑपरेशन जागृति, सागर जैन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सहारनपुर द्वारा राजपत्रित अधिकारियों के कार्यों की डाटाबेस आधारित रैंकिंग एवं अमृत जैन पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अलीगढ़ द्वारा धारा 107 BNS के प्रयोग से सम्बन्धी नवाचारों के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण दिया गया ।     सभी सत्र के प्रस्तुतीकरण के उपरान्त माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा पदक अलंकरण समारोह में निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया गया ।  मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित वर्ष 2022 1.    प्रभाकर चौधरी – डीआईजी- अलीगढ़ परिक्षेत्र  2.    विनय चंद्रा- अपर पुलिस अधीक्षक- अभिसूचना मुख्यालय उत्तर प्रदेश  3.    रविंद्र प्रताप सिंह- निरीक्षक- मुरादाबाद  4.    दिनेश कुमार डांडियाल- निरीक्षक- अधिसूचना विभाग 5.    मनु चौधरी-निरीक्षक यूपीपीसीएल गाजियाबाद वर्ष 2023 6.    शैलेश कुमार पांडेय-डीआईजी- आगरा परिक्षेत्र  7.    विशाल विक्रम सिंह- अपर पुलिस अधीक्षक- एसटीएफ 8.    विशाल संगारी- निरीक्षक- सीतापुर 9.    मनोज चिकारा- मुख्य आरक्षी- गौतमबुद्धनगर  10.    सुशैलेष कुंतल- महिला आरक्षी वर्ष 2024 11.    अनुराग आर्य-एसएसपी- बरेली 12.    विमल कुमार सिंह- पुलिस उपाधीक्षक- एसटीएफ 13.    अरुण कुमार- मुख्य आरक्षी- एसटीएफ वर्ष 2025  14.    कृष्ण कुमार-पुलिस अधीक्षक संभल  15.    प्रेम शुक्ला-पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ 16.    प्रियांशी प्रजापति- महिला आरक्षी कमिश्नरेट आगरा     माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा कार्यक्रम के समापन के अवसर पर अपने सम्बोधन में इस दो दिवसीय आयोजन को अत्यंत महत्वपूर्ण, दूरदर्शी एवं परिणामोन्मुख बताया गया। उन्होंने पुलिस मंथन के सफल आयोजन हेतु पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी तथा कहा कि यह सम्मेलन आदरणीय प्रधानमंत्री जी के स्मार्ट पुलिसिंग एवं विकसित भारत–2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त रोडमैप प्रदान करता है।     मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सम्मेलन के दौरान आयोजित 11 सत्रों में बीट पुलिसिंग, मानव संसाधन विकास, पुलिस कल्याण, प्रशिक्षण, पुलिस व्यवहार, थाना प्रबंधन, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, अभियोजन, कारागार, फॉरेंसिक, आपदा प्रबंधन, इंटेलिजेंस, संगठित अपराध एवं क्राउड मैनेजमेंट जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ, जो उत्तर प्रदेश पुलिस की भावी रणनीति का आधार बनेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान समयबद्ध एवं विषय-केंद्रित प्रस्तुतीकरण की विशेष सराहना की ।     अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून के राज, सुरक्षा की भावना और पारदर्शी शासन व्यवस्था से आज प्रदेश में निवेश, आधारभूत ढांचे और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी, रेल नेटवर्क, मेट्रो, रैपिड रेल एवं वॉटर-वे जैसी उपलब्धियों की नींव मजबूत कानून-व्यवस्था पर टिकी है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस की अहम भूमिका है।     उन्होंने पुलिस के व्यवहार, संवेदनशीलता, संवाद और ह्यूमन इंटेलिजेंस को प्रभावी पुलिसिंग का आधार बताते हुए जनप्रतिनिधियों, समाज के विभिन्न वर्गों, धर्माचार्यों, व्यापारियों एवं नागरिकों से सतत संवाद पर बल दिया। साथ ही थाना, सर्किल और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय को सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक बताया।     मुख्यमंत्री जी ने तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने पुलिस अवसंरचना, बैरकों, पुलिस लाइनों, पीएसी पुनर्गठन, महिला वाहिनियों एवं महिला कार्मिकों की बढ़ती भागीदारी को उत्तर प्रदेश पुलिस की सशक्तिकरण यात्रा का महत्वपूर्ण चरण बताया। … Read more

कृषि और गैर कृषि आजीविका की संभावनाओं के अनुसार समूह से जोड़ने का मास्टर प्लान तैयार

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत घर-घर संपर्क कर समूह में जोड़ने की रणनीति लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया कीर्तिमान गढ़ने की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार ने तीन करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत एक वर्ष में एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में तैयार करने की व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी का स्पष्ट विजन है कि प्रदेश की महिलाएं केवल लाभार्थी न रहें, बल्कि आर्थिक प्रगति की भागीदार बनें। इसी सोच के तहत कृषि और गैर-कृषि आधारित आजीविका मॉडल को मजबूती दी जा रही है, ताकि ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आय के अवसर मिल सकें। आत्मनिर्भर बनेंगीं महिलाएं योगी सरकार उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के माध्यम से गांव-गांव महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने जा रही है। प्रशिक्षित टीमें घर-घर संपर्क कर महिलाओं को आजीविका से जोड़ने का काम करेंगी। इसकी पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। महिलाओं को कृषि, पशुपालन, डेयरी, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, सूक्ष्म उद्योग और सेवा क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें तत्काल पूंजी सहायता और मार्केट सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सशक्त महिला, समृद्ध प्रदेश जब तक गांव-गांव घर-घर की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होगी, तब तक परिवार और समाज पूरी तरह से सशक्त नहीं हो सकता। इसी सोच के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को इस विजन को युद्धस्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही योगी सरकार ने महिलाओं के लिए लखपति दीदी योजना को मिशन मोड में लागू करने के लिए निर्देशित किया है। अर्थव्यवस्था के साथ सामाजिक संरचना को भी मिलेगी मजबूती योगी सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में महिलाएं न केवल स्वरोजगार अपनाएं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने वाली बनें। इसके लिए प्रशिक्षण, तकनीक, बाजार और वित्त चारो स्तरों पर ठोस व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब केवल योजनाओं का राज्य नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व वाले विकास मॉडल का उदाहरण बनता जा रहा है। यह पहल प्रदेश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक संरचना को भी मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तहत रबी फसलों के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय

रबी फसलों के लिए किसानों द्वारा बीमा का प्रीमियम डेढ़ प्रतिशत तथा शेष धनराशि का केंद्र- राज्य सरकार द्वारा किया जाता है भुगतान लखनऊ डबल इंजन (मोदी-योगी) सरकार किसानों के हर संकट में सारथी बन रही है। फसलों को दैवीय आपदा या अन्य कुछ वजहों से संभावित नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए सरकार सदैव तत्पर रही है, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का यही मकसद है। यह योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है। रबी फसलों (गेहूं, जौ, चना, मटर, सरसो, मसूर, आलू आदि) के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित है। इसके लिए किसान pmfby.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं या 14447 पर कॉल भी कर सकते हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से दावों का डीबीटी के माध्यम से समय पर भुगतान भी किया जाता है। रबी फसलों के लिए किसानों को बीमा का सिर्फ डेढ़ प्रतिशत प्रीमियम देना होता है। शेष धनराशि का केंद्र-राज्य सरकार द्वारा भुगतान किया जाता है। रबी सीजन 2025-26ः अब तक बीमा के लिए आ चुके 53.23 लाख आवेदन  रबी सीजन 2025-26 के लिए अब तक 15.01 लाख से अधिक किसानों द्वारा 53.23 लाख आवेदनों का बीमा किया जा चुका है। 8,90,410 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों की बीमा कराया जा चुका है। रबी फसलों के लिए 1.5 फीसदी प्रीमियम किसानों की तरफ से दिया जाता है।  2016-17 से 2024-25 तक प्रदेश के 73.79 लाख किसानों को 5679.26 करोड़ दी गई क्षतिपूर्ति  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 2016-17 से 2024-25 तक 351.75 लाख बीमित किसानों द्वारा 339.41 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों की बीमा कराया गया। इस अवधि में 73.79 लाख किसानों को 5679.26 करोड़ की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया। वहीं 2025-26 में खरीफ सीजन में 20.72 लाख बीमित किसानों द्वारा 13.37 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलों की बीमा कराया गया। अभी तक 2.70 लाख किसानों को 215.40 करोड़ क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है।    रबी फसलों के लिए 31 दिसंबर तक बीमा कराने की अंतिम तिथि  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि रबी फसलों के लिए किसानों द्वारा बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय है। जिन किसानों ने अभी तक बीमा नहीं कराया है, वे जल्द बीमा करा लें। शाही ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण कई बार किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराने वाले किसानों को प्राकृतिक आपदा के कारण बीमित फसल का लाभ मिलता है।

योगी सरकार के नीति-संचालित शासन से औद्योगिक शक्ति बना उत्तर प्रदेश

2024–25 में सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, जीसीसी जैसी नई नीतियां हुईं लागू लखनऊ वर्ष 2025 के समापन के साथ उत्तर प्रदेश में नीति आधारित शासन व्यवस्था निवेश और औद्योगिक विकास का मजबूत आधार बनकर उभरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई सेक्टर-विशिष्ट नीतियों ने प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 में प्रशासनिक निर्णयों को स्पष्ट नीति ढांचे से जोड़ा। इसी का परिणाम है कि राज्य में 34 से अधिक उद्देश्यपरक और क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक नीतियों का सीधा लक्ष्य निवेश आकर्षण, रोजगार सृजन और औद्योगिक विस्तार रहा। प्रमुख सेक्टरों पर केंद्रित निवेश रणनीति आईटी/आईटीईएस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग (ESDM), रक्षा एवं एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिक व्हीकल, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, वस्त्र उद्योग और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों को नीति समर्थन प्रदान किया गया। इन नीतियों के अंतर्गत पूंजी सब्सिडी, 100% एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, स्टाम्प ड्यूटी व बिजली दरों में छूट जैसे प्रोत्साहन शामिल किए गए। एफडीआइ और फार्च्यून- 500 कंपनियों के लिए ऐतिहासिक पहल योगी सरकार ने भारत में पहली बार ‘उत्तर प्रदेश FDI/FIC, Fortune Global 500 एवं Fortune India 500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023’ लागू की। यह नीति वैश्विक निवेश को आकर्षित करने की दिशा में राज्य का बड़ा कदम रही। इसके अंतर्गत फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी, 100% स्टाम्प ड्यूटी व पंजीकरण छूट, बिजली शुल्क में पूर्ण छूट, कौशल विकास और R&D प्रोत्साहन शामिल हैं। क्षेत्रीय संतुलन के साथ विकास नीति के तहत पश्चिमांचल एवं मध्यांचल क्षेत्रों में 75% तक तथा बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों में 80% तक लैंड सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इससे औद्योगिक विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिली। नई पीढ़ी की नीतियों का ऐलान वर्ष 2024 में योगी सरकार ने सेमीकंडक्टर नीति, ग्रीन हाइड्रोजन नीति, उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति, बायो-प्लास्टिक नीति, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क नीति, एयरोस्पेस एवं रक्षा इकाई नीति और GCC नीति जैसी कई दूरगामी नीतियों की घोषणा की, जिसे 2025 में तेजी से आगे बढ़ाया गया, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली। 2025 में निर्यात और विनिर्माण पर विशेष फोकस वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश फुटवियर, लेदर और नॉन-लेदर क्षेत्र विकास नीति-2025 को लागू किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति (2025-2030) और उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025 को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली। इन नीतियों का उद्देश्य निवेश बढ़ाना, निर्यात को प्रोत्साहित करना और यूपी को औद्योगिक रूप से अग्रणी राज्य बनाना रहा।

सीएम योगी से स्नेहाशीष व चॉकलेट पाकर प्रफुल्लित हुए बच्चे

गोरखपुर रविवार को आंबेडकर पार्क में सैर सपाटे पर आए बच्चों की खुशी उस वक्त देखते बनी जब देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री खुद उनसे मिलने पहुंच गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से स्नेहाशीष और चॉकलेट पाकर बच्चे बेहद प्रफुल्लित हुए और एकस्वर में बोल पड़े- थैंक्यू महाराज जी।  रविवार को गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलिकॉप्टर दोपहर बाद जैसे ही सर्किट हाउस परिसर स्थित हेलिपैड पर उतरा तो उनकी नजर समीप के आंबेडकर पार्क गेट पर उन्हें देखने जुटे बच्चों पर पड़ गई। जयकारा लगाते बच्चों को देखकर सीएम योगी मुस्कुराते हुए उनकी तरफ बढ़ चले। आंबेडकर पार्क गेट के पास जाकर उन्होंने गेट के दूसरी ओर खड़े बच्चों को खूब दुलारा। उनसे आत्मीयता से बात की और स्नेह, आशीर्वाद के साथ उन्हें चाकलेट भी दिया।

निर्माणाधीन एनसीसी ट्रेनिंग एकेडमी का निरीक्षण किया मुख्यमंत्री ने

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि एनसीसी ट्रेनिंग एकेडमी गोरखपुर सहित समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए नया गौरव होगा। इसके निर्माण कार्य में तेजी लाकर लक्षित समय में इसे पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाय। साथ ही निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाय। निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता में किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।  सीएम योगी रविवार दोपहर बाद गोरखपुर के ताल कंदला में निर्माणाधीन एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) ट्रेनिंग एकेडमी का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने एकेडमी के मॉडल और ड्राइंग मैप का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की जानकारी की तो निर्माणाधीन भवन का भ्रमण कर भौतिक प्रगति का भी जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने हॉस्टल, स्टाफ आवास, मेस के निर्माण को लेकर जरूरी दिशानिर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से निर्माण करने के निर्देश दिए। प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि वे इसका आवधिक पर्यवेक्षण करते रहें। निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था की तरफ से बताया गया है 60 प्रतिशत निर्माण हो चुका है और निर्धारित समय तक इसे लोकार्पण के लिए तैयार कर दिया जाएगा।  47.88 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा एकेडमी का निर्माण गोरखपुर के ताल कंदला में एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) की ट्रेनिंग एकेडमी का शिलान्यास सीएम योगी ने 9 मार्च 2024 को किया था। निर्माण कार्य जून 2024 में शुरू हुआ था और जून 2026 तक इसे पूरा किया जाना है। कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज, जल निगम, यूनिट-42, गोरखपुर द्वारा इसका निर्माण 10 एकड़ भूमि पर किया जा रहा है और इस पर 47.88 करोड़ रुपये की लागत आएगी। एकेडमी में प्रशासनिक भवन, 150 छात्रों की क्षमता के बालक छात्रावास, 100 छात्राओं की क्षमता के बालिका छात्रावास, डायनिंग हाल, टायलेट ब्लाक, विद्युत स्टेशन, आउटडोर मल्टीएक्टिविटिज एरिया, 50 मीटर के आउटडोर शूटिंग रेंज, ड्रिल प्रैक्टिस पथ, फुटबाल फील्ड, आप्टिकल कोर्स एवं पुशप बीम आदि की सुविधा होगी। इसके अलावा 7.17 करोड़ रुपये की लागत से चहारदीवारी के निर्माण, सभी किनारों पर संतरी पोस्ट, गार्ड रूम, हाईमास्ट फ्लड लाइट के कार्य कराए जाएंगे।  11 जिलों का प्रतिनिधित्व करता है एनसीसी गोरखपुर ग्रुप एकता और अनुशासन आदर्श वाक्य वाले एनसीसी ग्रुप गोरखपुर, उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग के 11 जिलों का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, गोडा, बलरामपुर श्रावस्ती एवं बहराइच शामिल हैं। इससे जुड़े विश्वविद्यालयों, स्कूलों और कालेजों के कैडेटों को प्रशिक्षण देने हेतु प्रति वर्ष औसतन 25 से 30 संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर, थल सेना शिविर, इंटर ग्रुप कम्पटीशन, गणत्रंत दिवस परेड की तैयारी के साथ ही अनेक सामाजिक गतिविधियां भी इस ग्रुप की तरफ से आयोजित की जाती हैं।