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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व दिव्यांग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भारत की ऋषि परंपरा का किया उल्लेख

शारीरिक बनावट नहीं करती है क्षमता का निर्धारण: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व दिव्यांग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भारत की ऋषि परंपरा का किया उल्लेख भारतीय मनीषा का मानना है कि वास्तविक शक्ति मन, संकल्प और आत्मबल में है, हर व्यक्ति है ईश्वरीय कृति: मुख्यमंत्री लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में दिव्यांग प्रतिभाओं तथा दिव्यांगों के कल्याण हेतु कार्यरत कर्मचारियों व संस्थाओं को किया सम्मानित लखनऊ  उत्तर प्रदेश में विश्व दिव्यांग दिवस 2025 के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर बल दिया कि शारीरिक बनावट क्षमता के निर्धारण और लक्ष्यों की प्राप्ति में बाधा नहीं बनती है। बुधवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दिव्यांगजन सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति वितरण, सहायक उपकरण प्रदान करने तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के सम्मान के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की ऋषि परंपरा ने हमेशा हमें इस बात के लिए प्रेरित किया है कि व्यक्ति की शारीरिक बनावट उसकी क्षमता का निर्धारण नहीं करती है। भारतीय मनीषा का मानना है कि वास्तविक शक्ति मन, संकल्प और आत्मबल में है। भारत ही नहीं, पूरी दुनिया ने उस संकल्प शक्ति को, आत्मबल को वास्तविक और व्यावहारिक जीवन में दिव्यांगजन के सामर्थ्य से उद्घाटित होते हुए देखा है। अष्टावक्र गीता का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व दिव्यांग दिवस पर सभी की मंगलकामना करते हुए कहा कि आज देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की भी पावन जयंती है। उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए मैं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने कहा कि हमारे यहां एक ग्रंथ है अष्टावक्र गीता जिसे ऋषि अष्टावक्र ने रचा था। उनके बारे में अनेक धारणाएं हैं, और कहते हैं कि विदेह जनक को भी आत्मज्ञान की प्रेरणा उन्होंने दी। मध्यकाल में संत सूरदास इसके उदाहरण हैं। दुनिया में भी अनेक ऐसे उदाहरण हैं जहां दिव्यांगजनों को थोड़ा भी संबल मिला तो उन्होंने अपने सामर्थ्य और अपनी शक्ति से समाज के लिए वह सब कुछ कर दिखाया जिस पर सामान्य जन को सहज विश्वास भी नहीं होता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा जो कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, वे एक प्लेटफॉर्म के रूप में आपके लिए अत्यंत उपयोगी हो सकते हैं। उपेक्षा से कुंठित होता है मन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर किसी के परिवार में जाने-अनजाने या किसी गलती के कारण कोई बच्चा दिव्यांगता का शिकार होता है तो स्वाभाविक रूप से परिवार और समाज उसे उपेक्षित कर देता है। परिणाम यह होता है कि बचपन में ध्यान न दिए जाने तथा संबल न मिलने के कारण उपेक्षा जीवन भर उसके मन को कुंठित करती है। वह स्वयं को लाचार स्थिति में देखता है, जबकि यदि हम थोड़ा सा संबल दें तो बहुत अच्छे परिणाम सामने आ सकते हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव और चित्रकूट के मंडलायुक्त का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार में हमारे खेल और युवा कल्याण विभाग के सचिव स्वयं पैरालंपिक मेडलिस्ट हैं तथा उस टीम का हिस्सा रहे हैं जिसने पैरा ओलंपिक में सर्वाधिक मेडल जीते। चित्रकूट के मंडलायुक्त दृष्टिबाधित हैं, लेकिन मंडलायुक्त के रूप में वहां अपनी पूरी क्षमता से कार्य कर रहे हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि हमारी संकल्प शक्ति और आत्मबल ही हमारे सामर्थ्य का वास्तविक पैमाना है। इसी कारण भारत की मनीषा और ऋषि परंपरा ने कभी भी शारीरिक बनावट को व्यक्ति की क्षमता का आधार नहीं माना। हर व्यक्ति है ईश्वरीय कृति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर व्यक्ति ईश्वरीय कृति है और मनुष्य ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचनाओं में से एक है। यदि हम हर मनुष्य के भीतर ईश्वर का वास मानकर उसके प्रति सद्भाव और सहानुभूति रखें तथा थोड़ा सा संबल दें तो उपेक्षा के भाव से उसे बाहर निकालकर समाज और राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। दिव्यांगजन की सामर्थ्य और उनकी प्रतिभा से समाज को लाभान्वित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दिव्यांगजनों के प्रति समाज की दृष्टि बदली है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि शारीरिक रूप से कोई अंग कमजोर हो, लेकिन मानसिक रूप से वह अत्यंत परिपक्व हो। यदि संबल दिया जाए तो वह अपनी क्षमता, शक्ति और आत्मबल के आधार पर समाज और राष्ट्र के लिए अत्यंत उपयोगी बन सकता है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सरकार ने पेंशन की राशि को 300 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है। लाभार्थियों की संख्या भी 8 लाख से बढ़ाकर 11 लाख से अधिक कर दी गई है और तकनीक के उपयोग से पारदर्शी व सरल प्रक्रिया के जरिए उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है। दिव्यांगजन के लिए अच्छे संस्थान स्थापित किए गए हैं और सहायक उपकरण वितरण की प्रक्रिया को भी व्यापक रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत तथा शिक्षण संस्थानों में 5 प्रतिशत आरक्षण लागू मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजन कल्याण को 2014 के बाद नई गति मिली है। पहले व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, ब्लाइंड स्टिक और हियरिंग एड प्राप्त करना अत्यंत कठिन था, परंतु एलिम्को, कानपुर और डी.डी.आर.सी. को सक्रिय कर स्थिति में सुधार किया गया। प्रदेश के सभी डी.डी.आर.सी. को पुनर्जीवित किया जा रहा है तथा प्रत्येक कमिश्नरी मुख्यालय पर नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए शब्द दिव्यांग ने सम्मान की नई भाषा और नई सोच को देश में स्थापित किया है। सरकारी भवनों, परिवहन और सार्वजनिक स्थलों को बैरियर फ्री बनाया जा रहा है तथा विद्यालयों को सुलभ बनाने का अभियान जारी है। ब्रेल लिपि, साइन लैंग्वेज, रैम्प, छात्रवृत्ति, निःशुल्क प्रशिक्षण, कौशल विकास और रोजगार के साथ ही सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत तथा शिक्षण संस्थानों में 5 प्रतिशत आरक्षण लागू है। आधुनिक सहायक सामग्रियों के लिए उपलब्ध कराया गया धन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में यूडीआईडी कार्ड के 16,23,000 से अधिक कार्ड निर्गत किए गए हैं और 19,74,000 से अधिक पंजीकृत हैं। कुष्ठावस्था पेंशन को 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये किया गया है तथा कृत्रिम अंगों हेतु अनुदान 10,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये किया … Read more

वाराणसी में आयोजित काशी तमिल संगमम् के शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री बोले : भारत के उज्ज्वल भविष्य के नए द्वार खोलने का माध्यम है यह आयोजन

एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को सुदृढ़ और जीवंत कर रहा है काशी तमिल संगमम् : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी में आयोजित काशी तमिल संगमम् के शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री बोले : भारत के उज्ज्वल भविष्य के नए द्वार खोलने का माध्यम है यह आयोजन काशी और तमिल के प्राचीन संबंधों के केंद्र में हैं भगवान शिव, इस संबंध-सेतु को आदि शंकराचार्य ने देश के चारों कोनों में पवित्र पीठ स्थापित कर आगे बढ़ाया: मुख्यमंत्री वाराणसी  तीनों लोकों में विशिष्ट, मोक्षदायिनी, भगवान शिव की पावन नगरी, आनंद कानन और सर्वविद्या की राजधानी अविमुक्त क्षेत्र काशी में कार्तिक मास की पावन बेला में आयोजित हो रहे काशी तमिल संगमम् को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को सुदृढ़ और जीवंत बनाने वाला कदम बताया। मंगलवार को वाराणसी में आयोजित शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से अपने वोकेशनल एजुकेशन में तमिल, कन्नड़, मलयालम, तेलुगू, मराठी और बंगाली जैसी भाषाओं को सम्मिलित किया है। छात्र अपनी रुचि के अनुसार इनमें से किसी एक भाषा का चयन करेंगे और सरकार उसका पूरा व्यय वहन करेगी। तमिल भाषा इस संदर्भ में एक नया मंच प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिवर्ष रामेश्वरम, मदुरै और कन्याकुमारी धाम के दर्शन के लिए जाते हैं। पर्यटन विभाग विशेष यात्रा कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, जिनके माध्यम से श्रद्धालुओं को रियायती दरों पर इन पवित्र स्थलों का दर्शन कराया जाएगा। यह कार्यक्रम भारत के भविष्य में निवेश के समान है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में काशी तमिल संगमम् भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बन चुका है। भगवान विश्वनाथ, माता विशालाक्षी, माता अन्नपूर्णा, माता मीनाक्षी, रामनाथस्वामी, गंगा और कावेरी का आशीर्वाद सभी पर बना रहे। वणक्कम काशी और हर-हर महादेव के उद्घोष से अभिवादन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वणक्कम काशी और हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ सभी अतिथियों का तमिल भाषा में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि रामेश्वरम की पवित्र भूमि से पधारे सभी आगंतुकों का उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदेशवासियों की ओर से अभिनंदन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काशी तमिल संगमम् का यह चौथा संस्करण एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को सुदृढ़ और जीवंत कर रहा है। उन्होंने कहा कि काशी और तमिल परंपरा के प्राचीन संबंधों के केंद्र में भगवान शिव हैं। इस संबंध-सेतु को आदि शंकराचार्य ने भारत के चारों कोनों में पवित्र पीठ स्थापित कर आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का यह प्रवास काशी की शिवभक्ति, प्रयागराज का संगम और अयोध्या में धर्मध्वजा आरोहण के उपरांत प्रभु राम के दिव्य दर्शन का अद्वितीय आध्यात्मिक सौभाग्य प्रदान करेगा। यह आयोजन उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक, शैक्षिक, आर्थिक और आध्यात्मिक साझेदारी को सशक्त करते हुए भारत के उज्ज्वल भविष्य के नए द्वार खोल रहा है। इस वर्ष की थीम ‘तमिल सीखें’ प्रेरक है, जो ज्ञान, संस्कृति और भाषा के माध्यम से एक भारत-श्रेष्ठ भारत को और सुदृढ़ करेगी। तेनकासी से प्रारंभ कार यात्रा का उल्लेख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष तेनकासी (तमिलनाडु) से प्रारंभ हुई कार रैली को आयोजन का प्रमुख आकर्षण बताया। उन्होंने कहा कि दो हजार किलोमीटर की यह यात्रा काशी की पवित्र भूमि से गहरे संबंधों का स्मरण कराती है। पांड्य राजवंश के महान शासक आदिवीर पराक्रम पांडियन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह यात्रा उत्तर की दिशा में उनके प्राचीन मार्ग की पुनर्स्मृति है। शिव मंदिर और तेनकासी की कथा तमिल और भारतीय सांस्कृतिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। ज्ञान, साधना और सांस्कृतिक एकता को नई ऊंचाई मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में चल रहा यह अभियान ज्ञान, साधना, सांस्कृतिक एकता और साझा भारतीय सभ्यता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। यह आयोजन तीर्थ परंपरा, भावनात्मक एकता और ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा आधुनिक संबंधों को प्रगाढ़ करता है। उन्होंने संस्कृत श्लोक 'अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवंतिका पुरी द्वारावती चैव सप्तैता मोक्षदायिकाः' का उल्लेख करते हुए भारत के सात पवित्र नगरों की महिमा बताई। आदित्य हृदय स्तोत्र और महान संतों का उल्लेख महर्षि अगस्त्य द्वारा रचित आदित्य हृदय स्तोत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह वही स्तुति है जिसे महर्षि अगस्त्य ने रावण से युद्ध से पूर्व राम को सुनाया था। उन्होंने कहा कि महर्षि अगस्त्य, आदि गुरु शंकराचार्य, संत तिरुवल्लुवर, जगद्गुरु रामानुजाचार्य, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जैसे महान व्यक्तित्वों ने दक्षिण भारत से निकलकर पूरे देश में ज्ञान का प्रकाश फैलाया। शैव-वैष्णव भक्ति परंपराएं तमिल सभ्यता की आध्यात्मिक समृद्धि को प्रदर्शित करती हैं। उन्होंने बताया कि चेट्टियार समाज पिछले दो सौ वर्षों से काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए पूजन सामग्री उपलब्ध करा रहा है। त्रिवेणी संगम के जल से रामेश्वरम के रामनाथस्वामी और कोड़ितीर्थम् के जल से काशी विश्वनाथ के अभिषेक की परंपरा अब प्रतिमास आगे बढ़ रही है। काशी में तमिल परंपरा की जीवंत उपस्थिति मुख्यमंत्री योगी ने काशी के केदार घाट, हनुमान घाट और हरिश्चंद्र घाट का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां तमिल संस्कृति आज भी जीवंत दिखाई देती है। उन्होंने आईआईटी मद्रास और बीएचयू की संयुक्त शैक्षिक योजनाओं को राष्ट्रीय एकता की दिशा में प्रेरक कदम बताया। उन्होंने बताया कि आगंतुक अपने प्रवास के दौरान प्रयागराज और अयोध्या भी जाएंगे। अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर में महर्षि अगस्त्य का मंदिर बन चुका है और उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित है। राम मंदिर का प्रवेश द्वार जगद्गुरु शंकराचार्य और जगद्गुरु रामानुजाचार्य के नाम पर है तथा अयोध्या के बृहस्पति कुंड में दक्षिण भारतीय संतों त्यागराज, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण ने देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक ऊर्जा को नई शक्ति दी है। पिछले चार वर्षों में यहां 26 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए हैं, जिनमें सबसे बड़ी संख्या तमिलनाडु से है। सांस्कृतिक एकता का अद्वितीय उत्सव है काशी तमिल संगमम् कार्यक्रम में  उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने वर्चुअल माध्यम से काशी तमिल संगमम् के चौथे संस्करण पर वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान शुरू हुआ यह आयोजन अब राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंच बन चुका है। संगमम् गंगा और … Read more

मुख्यमंत्री ने वड़क्कम काशी, हर हर महादेव, नमः पार्वती पतये हर हर महादेव से सम्बोधन की शुरुआत की

मुख्यमंत्री ने वाराणसी में ‘काशी तमिल संगमम् 4.0’ का शुभारम्भ किया, शुभारम्भ कार्यक्रम में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री ने वड़क्कम काशी, हर हर महादेव, नमः पार्वती  पतये हर हर महादेव से सम्बोधन की शुरुआत की प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में तमिल पावन कार्तिक मास में काशी  तमिल संगमम् के चतुर्थ संस्करण का आयोजन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’  के उनके संकल्प को सुदृढ़ करने और जीवन्त बनाने वाला : मुख्यमंत्री  काशी तमिल संगमम् भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बना काशी तमिल संगमम् की थीम ‘लर्न तमिल’ अर्थात ‘तमिल करकलाम, आओ तमिल सीखें’ यह पहल प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में ज्ञान, संस्कृति और भाषा के  माध्यम से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को और सुदृढ़ करेगी  उ0प्र0 सरकार ने वोकेशनल एजुकेशन के क्षेत्र में तमिल, कन्नड़, मलयालम,  तेलुगू , मराठी और बंगाली भाषाओं को पढ़ाए जाने की व्यवस्था की श्री रामेश्वरम धाम, मदुरई और कन्याकुमारी का दर्शन करने के लिए प्रदेश के  श्रद्धालुओं के लिए विशेष यात्रा का आयोजन उ0प्र0 का पर्यटन विभाग करेगा त्रिवेणी संगम के जल से रामेश्वरम के श्री रामनाथ स्वामी और कोडीतीर्थम के जल  से श्री काशी विश्वनाथ के अभिषेक की परम्परा हर माह नियमित रूप से आगे बढ़ रही आई0आई0टी0 मद्रास और बी0एच0यू0 की संयुक्त शिक्षा योजनाएं  बौद्धिक और राष्ट्रीय एकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रेरक कदम अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर परिसर में महर्षि अगस्त्य का  मन्दिर बनकर तैयार, उनकी भव्य प्रतिमा की स्थापना हो चुकी  दक्षिण भारत में श्रीराम की भक्ति का गान करने वाले सन्त त्यागराजा, सन्त पुरन्दर दास और सन्त अरुणाचल कवि की प्रतिमाएं बृहस्पति कुण्ड, अयोध्या में स्थापित हुईं विगत 04 वर्षों में 26 करोड़ से अधिक श्रद्धालु काशी में पधारे भारत एक बहुभाषी देश, हमें एक दूसरे की सांस्कृतिक  विविधताओं का सम्मान करना चाहिए : केन्द्रीय शिक्षा मंत्री मुख्यमंत्री तथा केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने श्री काशी विश्वनाथ  मन्दिर एवं श्री काल भैरव मन्दिर में दर्शन-पूजन किया लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज वाराणसी के नमो घाट पर ‘काशी तमिल संगमम् 4.0’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान भी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी0पी0 राधाकृष्णन का वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। मुख्यमंत्री जी ने शुक्ल यजुर्वेद की माध्यंदिनी शाखा के 2000 मंत्रों से युक्त दण्डक्रम पारायण को बिना किसी रुकावट के 50 दिनों में पूरा करने वाले 19 वर्षीय वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। ज्ञातव्य है कि ‘काशी तमिल संगमम् 4.0’ का आयोजन केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों की भागीदारी से किया जा रहा है। आई0आई0टी0 मद्रास तथा बी0एच0यू0 संगमम् के नॉलेज पार्टनर हैं।  मुख्यमंत्री जी ने वड़क्कम काशी, हर हर महादेव, नमः पार्वती पतये हर हर महादेव के साथ अपने सम्बोधन की शुरुआत की। उन्होंने उनगालाई काशीयिल वरावेरकिरोम अर्थात काशी में सभी का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में तीनों लोकों में न्यारी, मोक्षदायिनी भगवान शिव की पावन नगरी, आनन्द कानन और सर्वविद्या की राजधानी अविमुक्त क्षेत्र काशी में तमिल कार्तिक मास की पावन अवधि में काशी तमिल संगमम् के चतुर्थ संस्करण का आयोजन हो रहा है। यह ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के उस संकल्प को सुदृढ़ करने और जीवन्त बनाने वाला है, जो प्रधानमंत्री जी ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के अवसर पर देशवासियों को दिया था। मुख्यमंत्री जी ने रामेश्वरम की पावन धरा से पधारे सभी तमिल भाइयों और बहनों का प्रदेश सरकार की ओर से अभिनन्दन किया।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि काशी और तमिल के पुराने सम्बन्धों के केन्द्र में भगवान शिव हैं। इस सम्बन्ध सेतु को आदि शंकराचार्य जी ने भारत के चार कोनों में पवित्र पीठ स्थापित कर आगे बढ़ाया। उत्तर प्रदेश में आपका यह प्रवास काशी की शिव भक्ति, प्रयागराज के पवित्र संगम और अयोध्या में धर्म ध्वजा आरोहण के उपरान्त प्रभु श्रीराम के दिव्य दर्शन का अद्वितीय और आध्यात्मिक सौभाग्य प्रदान करने वाला होगा। यह आयोजन उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक, शैक्षिक, आर्थिक और आध्यात्मिक साझेदारी को सशक्त करते हुए भारत के उज्ज्वल भविष्य के नए द्वार खोल रहा है।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस बार काशी तमिल संगमम् की थीम ‘लर्न तमिल’ अर्थात ‘तमिल करकलाम, आओ तमिल सीखें’ है। यह पहल प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में ज्ञान, संस्कृति और भाषा के माध्यम से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को और सुदृढ़ करेगी। तमिल करकलाम कार्यक्रम तमिल भाषा सीखने के लिए हमारे छात्रों को एक नया प्लेटफार्म उपलब्ध करा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश सरकार ने वोकेशनल एजुकेशन के क्षेत्र में तमिल, कन्नड़, मलयालम, तेलुगू , मराठी और बंगाली भाषाओं को पढ़ाए जाने की व्यवस्था की है। राज्य के वोकेशनल एजुकेशन के छात्र अपनी रुचि के अनुसार किसी एक भाषा का चयन करेंगे, सरकार उसका पूरा खर्च उठाएगी।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस आयोजन का महत्व इस वर्ष तेनकाशी, तमिलनाडु से प्रारम्भ हो रही उस यात्रा से और बढ़ जाता है, जो सड़क मार्ग से कार रैली के माध्यम से 2000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा तय करते हुए काशी की पवित्र धरती पर पहुंचने वाली है। यह यात्रा पांड्य वंश के महान शासक हरिकेसरी परिक्किराम पांड्यिम की यात्रा की पुनःस्मृति है। शिव मन्दिर और तेनकाशी की कथा सांस्कृतिक इतिहास में अंकित है।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में चल रहा काशी तमिल संगमम् अभियान ज्ञान, साधना, सांस्कृतिक एकता और हमारी साझा भारतीय सभ्यता को एक नई ऊंचाई पर स्थापित करेगा। ‘अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवन्तिका। पुरी द्वारावती चैव सप्तैते मोक्षदायकाः।’ यह सभी तीर्थ स्थल मोक्ष प्रदान करने वाले पावन तीर्थ हैं। महर्षि अगस्त्य द्वारा रचित आदित्य हृदय स्त्रोत भगवान सूर्य की स्तुति है, जिसे उन्होंने रावण से युद्ध करने से पहले भगवान श्री राम को सुनाया था। महर्षि अगस्त्य, आदि गुरु शंकराचार्य, संत तिरुवल्लुवर, जगतगुरु रामानुजाचार्य, सर्वपल्ली डॉ0 राधाकृष्णन ने दक्षिण की धरा से निकलकर सम्पूर्ण भारत में ज्ञान का प्रकाश स्थापित किया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नयनार और अलवार की शैव-वैष्णव भक्ति परम्परा तमिल सभ्यता की आध्यात्मिक समृद्धि को दर्शाती है। कैलाश, काशी तथा चिदम्बरम अपराजित शिव भक्ति के प्रतीक … Read more

मंत्रिपरिषद बैठक: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लिए गए प्रमुख निर्णय

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए :- जनपद अयोध्या में विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय का  निर्माण एवं संचालन कराये जाने के सम्बन्ध में     मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदत्त अनुमोदन के अनुपालन में जनपद अयोध्या स्थित तहसील सदर के ग्राम मांझा जमथरा की नजूल भूमि गाटा-57 मि0 क्षेत्रफल 25 एकड़ में टाटा ग्रुप के सहयोग से सी0एस0आर0 फण्ड के माध्यम से विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय के निर्माण एवं संचालन हेतु 01 रुपये वार्षिक धनराशि की दर पर भूमि 90 वर्ष के लिये दिये जाने हेतु संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश शासन एवं टाटा संस प्रा0लि0 के मध्य त्रिपक्षीय एम0ओ0यू0 दिनांक 03 सितम्बर, 2024 को हस्ताक्षरित किया गया है। तदनुक्रम में ग्राम मांझा जमथरा, परगना हवेली अवध, तहसील सदर, जनपद अयोध्या की राजकीय नजूल भूमि गाटा संख्या गाटा-57 मि0 व 1 मि0 क्षेत्रफल 25 एकड़ के अतिरिक्त 27.102 एकड़, कुल 52.102 एकड़ भूमि का निःशुल्क हस्तांतरण आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उ0प्र0 से पर्यटन विभाग के पक्ष में किये जाने के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृति प्रदान की गयी है। साथ ही, प्रकरण में आवश्यकतानुसार अग्रेतर निर्णय लिये जाने हेतु मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किये जाने का भी निर्णय मंत्रिपरिषद द्वारा लिया गया है।       उल्लेखनीय है कि भारत में घरेलू पर्यटकों एवं विदेशी पर्यटकों के आगमन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान है। अपनी गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासतों तथा समृद्ध प्राकृतिक वनसम्पदा की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में पर्यटन की असीम सम्भावनाएं विद्यमान हैं।     भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या वर्तमान में एक विश्वस्तरीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन गन्तव्य के रूप में विकसित हो रही है। दिनांक 22 जनवरी 2024 को श्रीराम जन्मभूमि प्रांगण में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के उपरान्त अयोध्या आने वाले पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व गुणात्मक वृद्धि हुई है, अब प्रतिदिन लगभग 2 से 4 लाख पर्यटक अयोध्या धाम आ रहे हैं। नई पीढ़ी के युवाओं, विदेशी पर्यटकों, भारतीय सभ्यता और संस्कृति में रुचि रखने वाले पर्यटकों को अयोध्या के प्रति आकर्षित करने हेतु आवश्यक पर्यटक उपादानों का अभी अभाव है।     टाटा सन्स प्रा0लि0 द्वारा भारतीय मंदिर स्थापत्य कला तथा भारतीय मंदिरों से सम्बन्धित सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से लोगों को परिचित कराने एवं प्राचीन काल से चली आ रही मंदिरों की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परम्परा व दर्शन के संरक्षण हेतु अपने सी0एस0आर0 फण्ड से एक विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय का निर्माण एवं इसका सुचारु रूप से प्रबन्धन/संचालन करने हेतु इच्छा व्यक्त की गयी है। जिसमें यह प्रस्तावित किया गया कि इस कार्य हेतु एक गैर लाभकारी एस0पी0वी0 का गठन कम्पनी एक्ट 2013 की धारा 08 के अधीन किया जायेगा। इस संस्था में भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि भी सम्मिलित होंगे।     इस संग्रहालय की स्थापना से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का सृजन होगा व सरकार को राजस्व में प्राप्ति होगी।   सेवायोजित अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों द्वारा  राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविर आदि में प्रतिभाग करने  की अवधि एवं आवागमन में लगने वाले समय को ड्यूटी मानने का प्रस्ताव स्वीकृत मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022 के अन्तर्गत सेवायोजित खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविर आदि में प्रतिभाग किये जाने की अवधि एवं आवागमन में लगने वाला समय कर्तव्यार्थ व्यतीत अवधि (ड्यूटी) माने जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।  ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022 के अन्तर्गत सेवायोजित खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण या खेल शिविरों में प्रतिभाग किये जाने को स्वीकृति देने तथा संगत अवधि को सेवाकाल माने जाने के सम्बन्ध में कोई व्यवस्था नहीं है, क्योंकि भर्ती/सेवा नियमावली में अवकाश सम्बन्धी व्यवस्था नहीं रखी जाती है। इससे सम्बन्धित खिलाड़ियों को अनुमति प्राप्त करने में समस्या होती है।  ऐसे खिलाड़ियों के नियोक्ता/प्रशासकीय विभागों को स्वीकृति प्रदान करने में कोई दुविधा न रहे, इसके दृष्टिगत सेवायोजित अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को केन्द्र सरकार की भांति समुचित व्यवस्था कार्यालय ज्ञाप के माध्यम से किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। उपरोक्त स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए नियमावली-2022 के अन्तर्गत सेवायोजित खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण, शिविर आदि में प्रतिभाग किये जाने की अवधि एवं आवागमन में लगने वाले समय सहित कर्तव्यार्थ व्यतीत अवधि (ड्यूटी) माने जाने के सम्बन्ध में कार्यालय ज्ञाप के माध्यम से व्यवस्था प्रस्तावित है। इस व्यवस्था के लागू हो जाने पर नियमावली-2022 के अन्तर्गत सेवायोजित खिलाड़ियों को राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण, खेल शिविरों में प्रतिभाग किये जाने की अनुमति प्राप्त करने में सुगमता होगी।   डॉ0 सम्पूर्णानन्द स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा, वाराणसी के संचालन,  प्रबन्धन तथा रख-रखाव एवं तत्सम्बन्धी राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र हेतु भारतीय  खेल प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराये गये एम0ओ0यू0 का आलेख्य स्वीकृत मंत्रिपरिषद ने डॉ0 सम्पूर्णानन्द स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा, वाराणसी के संचालन, प्रबन्धन तथा रख-रखाव एवं तत्सम्बन्धी राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र हेतु भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराये गये एम0ओ0यू0 के आलेख्य सम्बन्धी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।  ज्ञातव्य है कि प्रदेश के खेल विभाग के स्वामित्व में स्थित डॉ0 सम्पूर्णानन्द स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा, वाराणसी में खेल अवसंरचनाओं (भवन, ढ़ांचा, खेल मैदान और अन्य सुविधाएं) का निर्माण खेलो इण्डिया योजना के अन्तर्गत किया गया है। वहां पर राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना एवं संचालन का कार्य भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा कराये जाने हेतु एम0ओ0यू0 का आलेख्य शासन के स्वीकृतार्थ उपलब्ध कराया गया है। डॉ0 सम्पूर्णानन्द स्पोर्ट्स स्टेडियम में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना के उद्देश्य से स्टेडियम की कतिपय खेल अवस्थापनाओं को, एम0ओ0यू0 में निहित शर्तां एवं प्रतिबन्धों के आधार पर, भारतीय खेल प्राधिकरण को दिये जाने का प्रस्ताव मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित किया गया है। राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र के माध्यम से विभिन्न आयु वर्गों और खेल विधाओं में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान होगी और उन्हें राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु तैयार किया जा सकेगा। राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना होने से राष्ट्र के उभरते हुए खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। जनपद बागपत में पी0पी0पी0 मोड पर अन्तरराष्ट्रीय योग एवं आरोग्य  केन्द्र विकसित, संचालित तथा अनुरक्षित करने का प्रस्ताव अनुमोदित मंत्रिपरिषद ने जनपद बागपत की तहसील व परगना बागपत के ग्राम हरिया खेड़ा में पर्यटन विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जा रही कुल 70.885 हेक्टेयर भूमि पर गैर लाभकारी संगठन … Read more

बीजेपी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान जल्द, संघ नाराजगी जताने के बाद सक्रिय

लखनऊ  उत्तर प्रदेश को बीजेपी का नया अध्यक्ष मिलने जा रहा है. आरएसएस और बीजेपी के बीच सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर समन्वय बैठक हुई. तीन घंटे तक चली इस विचार प्रवाह की बैठक में बीजेपी के प्रदेश के नाम पर मंथन किया गया और एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा हुई. सूत्रों की मानें तो इसी सप्ताह बीजेपी यूपी के नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकती है.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बीजेपी और यूपी सरकार के बीच एक अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में सरकार के कामकाज की रिपोर्ट ली गई. साथ ही सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया गया. बैठक में आरएसएस के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ-साथ संघ के क्षेत्रीय प्रचारक भी उपस्थित रहे.  यूपी के नए बीजेपी अध्यक्ष का ऐलान जल्द  संघ और बीजेपी की समन्वय बैठक के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने उत्तर प्रदेश बीजेपी के अगले संभावित अध्यक्ष का नाम भी साझा किया. सूत्रों के मानें तो इस सप्ताह ही यूपी बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल सकता है. राज्य बीजेपी के अध्यक्ष का चुनाव करीब एक साल से लंबित है. उत्तर प्रदेश के 75 जिले को बीजेपी ने अपने संगठन स्तर पर 98 जिलों में बांट रखा है, जिसमें से 84 जिला अध्यक्ष नियुक्त कर दिए हैं. ऐसे में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है. माना जा रहा है कि इसीलिए संगठन महामंत्री ने समन्वय बैठक में संभावित अध्यक्ष के नाम को साझा किया. इस तरह संगठन में बदलाव की प्रक्रिया तेज होती दिख रही है और अब इसी सफ्ताह उत्तर प्रदेश बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल सकता है. SIR पर  संघ ने क्यों जताई नाराजगी लखनऊ में हुई संघ–बीजेपी की विचार प्रवाह बैठक में उत्तर प्रदेश में चल रही एसआईआर प्रक्रिया प्रमुख चर्चा का विषय रहा. बैठक में संघ के नेताओं ने यह मुद्दा उठाया कि बीजेपी सांसद और विधायक एसआईआर प्रक्रिया की गतिविधियों में पर्याप्त भागीदारी नहीं दिखा रहे. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनप्रतिनिधियों को इस पहल में सक्रिय रूप से शामिल होना चाहिए. लोगों को जागरूक करना चाहिए और ज़मीन पर उनकी मदद सुनिश्चित करनी चाहिए. राम मंदिर के मुद्दे को धार देने का प्लान बैठक में यह भी तय किया गया कि इस साल अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब देशभर में इस व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करने की योजना बनाई जाएगी, ताकि इसके सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जा सके. संघ की ओर से सीएम योगी को कहा गया कि वह प्रभारी मंत्रियों को कहें कि वे प्रवास के दौरान वैचारिक संगठनों से भी संवाद करें. इस बैठक में इस बात पर फैसला हुआ कि आने वाले दिनों में संघ राम मंदिर के मुद्दे को और धार देगा. पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव तक अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का वादा पूरा करने को भी संघ, सरकार और भाजपा बड़ी उपलब्धि के रूप में जनता के बीच रखा जाएगा. सरकार-संगठन में बेहतर तालमेल पर जोर समन्वय बैठक में संघ, बीजेपी संगठन और योगी सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया. संगठनात्मक स्तर पर बूथ सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता अभियान और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर भी विमर्श हुआ. इस बैठक में कहा गया कि जल्द ही बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी इसके साथ ही निगम और बोर्ड की नियुक्तियां जल्द होंगी. 

अयोध्या में 52 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय

योगी सरकार अयोध्या के समावेशी विकास के लिए दृढ़संकल्पित लखनऊ अयोध्या में योगी सरकार द्वारा विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय को अतिरिक्त जमीन देने के फैसले से रामनगरी में खुशी की लहर है। संत समाज और व्यापारी वर्ग ने अयोध्या के विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया है। अयोध्यावासियों ने कहा कि शहर को वैश्विक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में ये एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रस्तावित विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय अब पहले से लगभग दोगुने क्षेत्र 52.102 एकड़ में विकसित किया जाएगा। संग्रहालय परियोजना का निर्माण और संचालन टाटा सन्स अपने सीएसआर फंड से करेगा। विश्वस्तरीय संग्रहालय बनाने की दिशा में बड़ा कदम वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि टाटा सन्स ने इस अत्याधुनिक मंदिर संग्रहालय को एक गैर-लाभकारी मॉडल पर विकसित करने की इच्छा जताई है। इसके लिए कम्पनी एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर लाभकारी एसपीवी बनाया जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। संग्रहालय संबंधी त्रिपक्षीय एमओयू भारत सरकार, यूपी सरकार और टाटा सन्स के बीच 3 सितंबर 2024 को ही हस्ताक्षरित हो चुका है। 52 एकड़ में बनेगा भव्य और विशाल संग्रहालय राज्य सरकार ने पहले अयोध्या के मांझा जमथरा गांव में 25 एकड़ नजूल भूमि उपलब्ध कराने की अनुमति दी थी, लेकिन टाटा सन्स ने संग्रहालय की भव्यता और भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए अधिक भूमि की मांग की थी। इसी आधार पर अब अतिरिक्त 27.102 एकड़ भूमि आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। इस प्रकार कुल 52.102 एकड़ जमीन पर यह अद्वितीय सांस्कृतिक परिसर आकार लेगा। अयोध्या में विश्वस्तरीय संग्रहालय के लिए अतिरिक्त जमीन मिलने पर संत समाज भी उत्साहित है। संत दिवाकराचार्य ने योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि अयोध्या के गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो कर रहे हैं वो अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में पर्यटक बढ़ने से लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। इससे अयोध्यावासियों का आर्थिक उन्नयन हो रहा है।   अयोध्या को मिलेगी नई सांस्कृतिक पहचान चिन्ह योगी सरकार का मानना है कि मंदिर संग्रहालय के तैयार होने से अयोध्या को नया सांस्कृतिक पहचान चिन्ह मिलेगा, साथ ही हजारों प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण समारोह के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। अब रोजाना 2 से 4 लाख श्रद्धालु और पर्यटक अयोध्याधाम पहुंच रहे हैं। युवा पीढ़ी, विदेशी पर्यटकों और भारतीय विरासत में रुचि रखने वालों को आकर्षित करने के लिए यह संग्रहालय एक नया केंद्रीय आकर्षण साबित होगा और शहर की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।  अयोध्यावासी योगी सरकार के फैसले से उत्साहित  अयोध्या व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय को अतिरिक्त जमीन मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए योगी सरकार की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि अयोध्या का बहुत बड़ा सौभाग्य है कि अब 52 एकड़ में एक विश्वस्तरीय संग्रहालय बनेगा। पंकज गुप्ता के अनुसार इससे अयोध्यावासी बहुत प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर संग्रहालय में प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र का दर्शन होगा जो बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर खींचेंगा। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्यावासी योगी सरकार के इस फैसले से अत्यंत उत्साहित हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार धान खरीद से किसानों की आय में बढ़ोतरी कर रही सुनिश्चित

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण तथा औद्योगिक दोनों क्षेत्रों में तेजी से सुधार लागू किए हैं। प्रदेश में धान खरीद, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भुगतान और समूह आधारित उद्यमिता से जहां गांवों में नकदी प्रवाह बढ़ा है, वहीं औद्योगिक पार्कों, लॉजिस्टिक केंद्रों और विनिर्माण क्लस्टरों के विकास ने नगरीय क्षेत्रों से लगे ग्रामीण अंचलों में गैर-कृषि रोजगार के अवसरों को नया आयाम दिया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य में एकीकृत कृषि और औद्योगिक अर्थव्यवस्था आकार ले रही है, जो अन्य राज्यों के लिए भी रोल मॉडल साबित हो रही है। धान खरीद से किसानों की आय में वृद्धि योगी सरकार ने इस वर्ष धान खरीद व्यवस्था को पहले की तुलना में अधिक व्यापक बनाया है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खरीद केंद्रों की संख्या 4,227 से बढ़ाकर 5,000 करने का लक्ष्य रखा गया है। यह विस्तार दूरस्थ गांवों और सीमांत किसानों तक सरकारी खरीद की सुनिश्चित पहुंच प्रदान करेगा। अब तक 1.51 लाख से अधिक किसानों से 9.02 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है, जिससे किसानों को स्थिर आय का मजबूत आधार मिला है। साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,369 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेड ए धान का मूल्य 2,389 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 69 रुपये अधिक है। किसानों के बैंक खातों में समय पर भुगतान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा 1,984 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। समय पर हुए इस भुगतान से ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह बढ़ा है। आर्थिक विश्लेषण बताते हैं कि किसानों को हुए इस प्रत्यक्ष भुगतान से ग्रामीण बाजारों में आर्थिक सक्रियता 8 से 12 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। स्वयं सहायता समूहों ने भी ग्रामीण आय को नई दिशा दी है। बीसी सखी और कृषि सखी जैसे मॉडलों ने लाखों महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ा है। स्वयं सहायता समूहों की वार्षिक आय 2017 में लगभग 4,000 करोड़ रुपये थी, जो 2025 में बढ़कर 18,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ा है और युवाओं के पलायन में कमी आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश का दायरा बढ़ा राज्य सरकार की औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 ने निवेश और रोजगार सृजन की नई संभावनाएं खोली हैं। बुंदेलखंड और पूर्वांचल जैसे क्षेत्रों में स्थायी पूंजी निवेश पर 25 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी (अधिकतम 45 करोड़ रुपये तक) दी जा रही है। इस नीति से औद्योगिक पार्कों और लॉजिस्टिक केंद्रों के विकास को नई गति मिली है। अनुमान है कि औद्योगिक विस्तार के कारण गैर-कृषि रोजगार में 22 से 27 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। खाद्य प्रसंस्करण और कृषि मूल्य श्रृंखला से संबंधित इकाइयों को भी गैर-शहरी क्षेत्रों में स्थापित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण अंचलों वाले जिलों में उद्योग स्थापित करने में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। विनिर्माण क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति उत्तर प्रदेश के विनिर्माण क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की जा रही है। आगरा में विकसित किए जा रहे एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर से 40,000 से अधिक रोजगार सृजित होने और लगभग 3,400 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। वार्षिक औद्योगिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार, औद्योगिक विकास के मामले में उत्तर प्रदेश देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है और राज्य में रोजगार में 5.92 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। ये सभी तथ्य स्पष्ट करते हैं कि धान खरीद से लेकर औद्योगिक निवेश तक योगी आदित्यनाथ सरकार की नीतियों ने ग्रामीण और औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार दी है। इसके परिणामस्वरूप, प्रदेश में विकास का एक संतुलित और प्रभावी मॉडल स्थापित हुआ है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हो रही माघ मेले की भव्य व्यवस्था, विस्तार में नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

लखनऊ कुंभ नगरी प्रयागराज में गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी के तट पर हर साल माघ के महीने में लगने वाले देश के सबसे बड़े सालाना धार्मिक मेले माघ मेले का काउंट डाउन शुरू हो गया है। संगम किनारे इसकी शुरुआत गंगा पूजन के साथ हुई है। इस बार के माघ मेले में देश दुनिया से करीब 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है । इस बार के माघ मेले की थीम होगी सुगम, सुरक्षित, स्वच्छ और सुलभ।  प्रयागराज में माघ मेले के सकुशल संपन्न होने के लिए प्रशासन व तीर्थ पुरोहितों ने संगम की धारा के बीच वेद पाठ कर माँ गंगा की आरती व पूजा-अर्चना की और मेले की सफलता के लिए गंगा पूजा कर माँ गंगा का आशीर्वाद माँगा है। इस बार का माघ मेला महाकुंभ 2025 के बाद का पहला माघ मेला है इसलिए इस बार इसमें कई अभिनव प्रयोग किए जा रहे हैं।   मंडलायुक्त प्रयागराज सौम्या अग्रवाल का कहना है कि सरकार की मंशा के अनुरूप स्वच्छ, सुगम, सुलभ, सुरक्षित एवं भव्य रूप से माघ मेले का आयोजन सम्पन्न कराया जायेगा।  मेले का आयोजन 7 सेक्टरों में 800 हेक्टेयर में भूमि का आवंटन किया जायेगा। इस बार माघ मेले में लगभग 15 करोड़ लोगो के आने का अनुमान है। उन्होंने कहा की पुराने अनुभवों से सीख लेकर इस बार कुछ नए प्रयोग भी किए जा रहे है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के सुगमता के दृष्टिगत श्रद्धालुओं को कम से कम चलना पड़े, पार्किंग व्यवस्था अच्छी हो, भीड़ प्रबंधन को और बेहतर बनाने, टैªफिक व्यवस्था को बेहतर ढंग से लागू करने, नेटवर्किंग की अच्छी व्यवस्था सहित अन्य सभी कार्य किए जा रहे है। मंगलवार को पतित पावनी गंगा-यमुना-सरस्वती के त्रिवेणी संगम के पावन तट पर  माघ मेला 2026 के सकुशल सम्पन्न होने की मंगल कामना हेतु  वैदिक मंत्रोचार के साथ गंगा पूजन किया गया तथा मां गंगा से माघ मेला को सकुशल एवं निर्विघ्न रूप से सम्पन्न कराने की कामना की गयी। इस अवसर पर मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस आयुक्त जोगेन्द्र कुमार, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मेलाधिकारी/प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषिराज, नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा व अन्य अधिकारी और संत मौजूद रहे।

मेरठ में जल्द बनेगा वर्ल्ड-क्लास योग केंद्र, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने की घोषणा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में लिए अहम फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अयोध्या में स्थित रामायण संग्रहालय में भगवान के विभिन्न स्वरूपों को दिखाने की पूरी रूपरेखा निर्धारित की जा चुकी है, जिसमें यह तय किया गया है कि संग्रहालय में किस-किस में रूपों में भगवान राम को हमें दिखाना है। कैबिनेट बैठक में 20 से अधिक प्रस्ताव पारित हुए हैं। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मेरठ में बड़ा योग केंद्र भी बनेगा। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का योग केंद्र बनेगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में बुनियादी विकास पर भी जोर दिया जाएगा। इसमें हम तय करेंगे कि बुनियादी विकास से संबंधित किसी भी काम में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारा मानना है कि राज्य का उच्चस्तम स्तर पर विकास तब तक संभव नहीं हो सकेगा, जब तक की बुनियादी विकास पर जोर नहीं दिया जाता। डिप्टी सीएम ने कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस को जनता के बीच में जाकर अपने कुकर्मों के बारे में बताना चाहिए। उन्हें यह बताना चाहिए कि किस तरह से इस पार्टी ने हमेशा से ही अपने शासनकाल में जनता के हितों पर पर कुठाराघात किया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में सवाल किए जाने पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि आज की तारीख में कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से दिग्भ्रमित हो चुकी है, जिसे यह पता ही नहीं है कि उसे क्या करना है। आज की तारीख में कांग्रेस की विश्वसनीयता पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में कांग्रेस को देश के सामने आकर यह बताना चाहिए कि किस तरह से इस पार्टी ने लोगों के ऊपर अत्याचार किए। देश की जनता आज भी सिख दंगों को नहीं भूली है। कांग्रेस के शासनकाल में किस तरह से सिख समुदाय के लोगों को कत्लेआम किया गया। कांग्रेस को देश की जनता के सामने जाकर सिख समुदाय पर हुए अत्याचार को लेकर माफी मांगनी चाहिए। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ने कहा कि आज की तारीख में केंद्र की मोदी सरकार देश की जनता के हितों के लिए काम कर रही है, जो लोग मुख्यधारा से बाहर हैं, उन्हें वापस लाने की कोशिश कर रही है, ताकि उनके जीवन में भी विकास का संचार हो सके। अभी हाल ही में बिहार में भी हमारी सरकार का गठन हुआ है। बिहार में भी हमारी सरकार विकास पर जोर दे रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी व्यक्ति विकास से वंचित न रहे। हमने बिहार में महिलाओं को सशक्त करने का काम किया। उन्हें आर्थिक मोर्चे पर मजबूत बनाने का प्रयास किया। हमने यह सुनिश्चित किया है कि बिहार में कोई भी महिला विकास से संबंधित काम को लेकर वंचित नहीं रहे। अब विकास के संबंध में पूरी रूपरेखा हम समग्र देश को लेकर तैयार कर रहे हैं, जिसे धरातल पर उतारने का प्रयास करेंगे। वहीं, उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में भी भाजपा की जीत होने जा रही है। यह जीत हम जनता के आशीर्वाद से प्राप्त करेंगे, क्योंकि हमारी सरकार ने अपने शासनकाल में हमेशा से ही जनता के हितों को प्राथमिकता दी है। ऐसी स्थिति में हमें पूरा विश्वास है कि आगामी विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा ही जीत का झंडा लहराने जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश चुनाव में सपा की सरकार नहीं बनेगी। अगर यूपी में सपा की सरकार आ गई है, तो फिर से गुंडाराज का सिलसिला शुरू हो जाएगा। यह लोग राज्य में विकास से संबंधित काम नहीं होने देंगे। यह लोग आज की तारीख में विकास के दुश्मन हैं, सिर्फ अपने ही लोगों का भला करते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने भी कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैठक में दो दर्जन से ज्यादा प्रस्ताव पारित हुए हैं। इन सभी प्रस्तावों का मुख्य मकसद सिर्फ प्रदेश के विकास की गति को तेज करना है। हमारा एकमात्र ध्येय सिर्फ प्रदेश में विकास से संबंधित हो रहे कामों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करना है। साथ ही, कैबिनेट बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें यह बताया गया है कि अब तक इस सूची में कितने अवैध मतदाताओं के नाम काट दिए गए। वहीं, पश्चिम बंगाल में मस्जिद विवाद पर संजय निषाद ने कहा कि यह देश संविधान के आधार पर चलता है। ऐसी स्थिति में बेवजह किसी भी मुद्दे को तूल देना किसी भी मायने में उचित नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री जयवीर सिंह ने घुसपैठियों के बारे में सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा कि इन लोगों का देश के अंदर कोई स्थान नहीं है। ऐसे लोगों को चिन्हित करके इनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

योगी आदित्यनाथ सरकार जौनपुर के खिलाड़ियों को नए साल में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक की देगी सौगात

लगभग 865.92 लाख रुपये की लागत से बने सिंथेटिक रनिंग ट्रैक को वर्ल्ड एथलेटिक्स ने दिया प्रमाण पत्र पूर्वांचल की मिट्टी अब अंतर्राष्ट्रीय खेलों में मेडल लाने के लिए हो रही तैयार जौनपुर की धरती से अब जल्दी ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के धावक होंगे तैयार इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में 400 मीटर × 8 लेन की सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण हुआ पूर्ण लखनऊ, पूर्वांचल की मिट्टी अब और मेडल लाने के लिए तैयार हो रही है। जौनपुर की धरती से अब जल्दी ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के धावक तैयार होंगे। यहाँ के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में पहली बार सिंथेटिक रनिंग ट्रैक पर खिलाड़ी प्रैक्टिस कर सकेंगे। पूर्वांचल के धावक किसी भी मौसम में इस सिंथेटिक रनिंग ट्रैक पर दौड़ सकेंगे। 400 मीटर × 8 लेन  की सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण लगभग 865.92 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हो गया है।सिंथैटिक रनिंग ट्रैक को वर्ल्ड एथलेटिक्स प्रमाणन मिल चुका है ,जल्द ही इसे सम्बंधित विभाग को हस्तांतरित किया जायेगा। जौनपुर में धावकों को दौड़ने के लिए इंटरनेशनल लेवल के एथलेटिक्स  सिंथेटिक रनिंग ट्रैक की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। योगी सरकार ने धावकों की इस जरुरत को समझते हुए ,जौनपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण करवा दिया है। उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि स्पोर्ट्स स्टेडियम में 400 मीटर × 8 लेन सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है। वर्ल्ड एथलेटिक्स  द्वारा सिंथेटिक रनिंग ट्रैक को प्रमाण पत्र  मिल चुका है ,जल्दी इसे सम्बंधित विभाग को हैंडओवर किया जायेगा। इंटरनेशनल लेवल का रनिंग ट्रैक खिलाड़ियों को दौड़ने के लिए  नए वर्ष में  मिल सकता है।  ओलंपिक और एशियाड समेत अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के बढ़ते मेडलों की संख्या इस बात को साबित करती हुई दिख रही कि डबल इंजन की सरकार खेल व खिलाड़ियों की सुविधाओं को लेकर काफी गंभीर है। सरकार पिछले आठ सालो से देश मे खेलों के मूल भूत ढांचे को सुधारने में जुटी है। आने वाले समय में भारत के खिलाड़ियों का दबदबा दुनिया के खिलाड़ियों के बीच और देखने को मिलेगा। जिला क्रीड़ा अधिकारी चन्दन सिंह ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सिंथेटिक रनिंग ट्रैक बन जाने से अब खिलाड़ियों को अपने शहर से दूर नहीं जाना पड़ेगा। जो खिलाडी दूर जाकर अन्य जिलों में प्रैक्टिस कर रहे है व अपने घर वापस आकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताओं की तैयारी करना चाह रहे है। एथलेटिक्स कोच कृष्णा यादव ने बताया कि अब जौनपुर में स्पोर्ट्स कैंप लग सकता है ,यहाँ राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सकेंगी है। जिससे नए खिलाड़ियों को एथलीट की बारीकियो को देखने और सिखने का मौका मिलेगा। धावक पूजा यादव ने बताया कि पहले बारिश के मौसम में प्रैक्टिस नहीं हो कर पाते थे ,सिंथेटिक रनिंग ट्रैक के लिए योगी जी को धन्यवाद कहना चाहते है,अब सभी मौसम में प्रैक्टिस कर सकेंगे जिससे अभ्यास की निरंतरता बनी रहगी और परफॉरमेंस बेहतर होगा। एथलीट नितेश चौहान ने बताया कि सरकार ने घर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का रनिंग ट्रैक दिया है, हम जैसे खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़े सौभाग्य की बात है। स्टेट और नेशनल प्रतियोगिताएं सिंथेटिक रनिंग ट्रैक पर होती थी। हम लोग पहले घास व मिट्टी के ट्रैक पर प्रैक्टिस करते थे,जिससे सिंथेटिकट्रैक पर होने वाली प्रतियोगितओं में पिछड़ जाते थे।