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हॉकी विश्वकप ट्रॉफी पहुंची उत्तर प्रदेश, सीएम योगी बोले- यह प्रदेशवासियों के लिए गौरव का पल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तमिलनाडु में होने वाले एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 की प्रतिष्ठित ट्रॉफी का बुधवार को भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लखनऊ में एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 की प्रतिष्ठित ट्रॉफी का स्वागत करना मेरे और प्रदेशवासियों के लिए आह्लादित करने वाला क्षण है। जूनियर पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में भारत, चीन, बेल्जियम जापान, स्पेन, न्यूजीलैंड चिली, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत 24 टीम हिस्सा ले रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस ट्रॉफी का आना यूपी के स्वर्णिम इतिहास का स्मरण कराने वाला क्षण है। हॉकी इंडिया में उत्तर प्रदेश का योगदान अविस्मरणीय है। सीएम योगी ने हॉकी के जादूगर के रूप में विख्यात मेजर ध्यानचंद को भी याद किया। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने उत्तर प्रदेश की धरती में जन्म लिया था। उनके नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम ने तीन ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने में सफलता प्राप्त की थी। हमारी सरकार मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण कर रही है। इस वर्ष से पहला सत्र प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने हॉकी के यशस्वी खिलाड़ी केडी सिंह बाबू का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह भी उत्तर प्रदेश में जन्मे थे। उनकी स्मृति को जीवंत रखने के लिए बाराबंकी में उनके निवास को एक म्यूजियम के रूप में बनाया जा रहा है। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश हॉकी खिलाड़ियों का भी जिक्र किया और कहा कि प्रदेश ने अनेक ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने हॉकी इंडिया को सम्मान दिलाया। सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद शाहिद, अशोक कुमार, रवींद्र पाल, सैयद अली, डॉ. आरपी सिंह, सुजीत कुमार, अब्दुल अजीज, सुबोध खांडेकर, रजनीश मिश्र, मोहम्मद शकील, देवेश चौहान, एमपी सिंह, जगवीर सिंह, राहुल सिंह, विवेक सिंह, ललित उपाध्याय, दानिश मुतजबा, राजकुमार पाल, प्रेम माया, रंजना श्रीवास्तव, मंजू बिष्ट, पुष्पा श्रीवास्तव, और प्रीति दुबे जैसे हॉकी के खिलाड़ियों के योगदान को भी याद किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में भी उत्तर प्रदेश के राजकुमार पाल, उत्तम सिंह, विष्णुकांत सिंह, मुमताज, साक्षी, ज्योति, पूर्णिमा महिला व पुरुष वर्ग की सीनियर-जूनियर भारतीय टीम में चयनित होकर प्रदेश और देश को गौरवान्वित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप से जुड़े समस्त पदाधिकारियों का लखनऊ आगमन पर स्वागत करते हुए एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 के सफल आयोजन की भी शुभकामना दी। उन्होंने विश्वकप में भारतीय खिलाड़ियों के सफलता की मंगलकामना भी की। बता दें कि एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 का आयोजन 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चेन्नई और मदुरै में होगा। टूर्नामेंट में पहली बार 24 टीमें भाग लेंगी। मेजबान भारत, जिसने वर्ष 2001 और 2016 में यह खिताब जीता था, इस बार घरेलू धरती पर तीसरी बार खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा।

रामनगरी में हड़कंप! संदिग्ध बैग मिलने से मचा हंगामा, बम डिस्पोजल टीम ने किया जांच शुरू

अयोध्या  दिल्ली में ब्लास्ट के बीच रामनगरी अयोध्या में सर्किट हाउस के समीप रोडवेज बस स्टैंड के पास एक लावारिस बैग मिलने से सनसनी फैल गई। हाई अलर्ट होने से सुरक्षा एजेंसियां तत्काल हरकत में आ गईं। कोतवाली नगर क्षेत्र के बस स्टॉप पर करीब दो घंटे से एक काला बैग एक ही जगह पड़ा देख स्थानीय लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी थी। सूचना मिलते ही अयोध्या पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया। 

स्लीपर सेल हुई सक्रिय, अयोध्या-काशी और राम मंदिर पर था आतंकी हमला तय

लखनऊ अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक अयोध्या का राम मंदिर और वाराणसी आतंकियों के निशाने पर था, जिसके लिए उन्होंने मॉड्यूल तैयार कर रखा था. अयोध्या में भी आतंकी विस्फोट करना चाहते थे. इसके लिए गिरफ्तार हो चुकी शाहीन ने अयोध्या के स्लीपर मॉड्यूल को एक्टिवेट कर रखा था. अयोध्या में ये सारे घटनाक्रम को अंजाम तक पंहुचाते उससे पहले ही इन आतंकियों की गिरफ्तारी और विस्फोटक बरामद हो गए. सूत्र बताते हैं की दरअसल, लाल किला में ब्लास्ट करने की योजना नहीं थी. ऐसा अभी तक जांच में लग रहा है. क्योंकि विस्फोटक में टाइमर या किसी दूसरी चीज़ो का इस्तेमाल नहीं किया गया. हड़बड़ी और जल्दबाज़ी में ब्लास्ट हो गया. अस्पताल और भीड़भाड़ वाली जगहें निशाने पर थीं आतंकियों से पूछताछ में पता चला है की ये मॉड्यूल अस्पतालो को टारगेट करना चाहता था ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान हो. इन आतंकियों के हिट लिस्ट में अस्पताल और भीड़ भाड़ वाली जगह थी. लगातार छापेमारी के बाद भारी मात्रा में विस्फोटक व हथियार बरामद करने के बाद सुरक्षा एजेंसीज के सामने इस वक़्त सबसे बड़ी चुनौती है बचे हुए 300 किलोग्राम के अमोनियम नाइट्रेट को बरामद करना. जिसका अभी तक पता नहीं चल पाया है. सूत्रों की माने तो 2900 किलोग्राम विस्फोटक अबतक एजेंसी बरामद कर चुकी है. 300KG अमोनियम नाइट्रेट की खोज जारी अलग-अलग जरियों से आया 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट अभी भी आतंकियों ने कहीं छिपा रखा है, जिसके लिए देश के कई हिस्सों में छापेमारी चल रही है. जांच और सुरक्षा एजेंसियां लगातार छापेमारी कर पूरे मॉड्यूल का खुलासा करने की कोशिश कर रही है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार आतंकियों तक ये विस्फोटक बांग्लादेश के रास्ते नेपाल और फिर हिन्दुस्ततान आया था. किसी फर्टीलाइजर से उक्त अमोनियम नाइट्रेट को चोरी से हासिल किया गया है. आतंकियों द्वारा कुल 3200 किलोग्राम की खेप आई है.  

विशेष आर्टिकल- नंद बाबा दुग्ध मिशन: यूपी में डेयरी क्रांति, किसानों की आय बढ़ी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था बनी आत्मनिर्भर

लखनऊ नंद बाबा दुग्ध मिशन (Nand Baba Dugdh Mission) उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 6 जून 2023 को लॉन्च किया गया। यह मिशन भगवान कृष्ण (नंद बाबा) के नाम पर नामित है, जो गौ-पालन की सांस्कृतिक परंपरा को आर्थिक शक्ति से जोड़ता है। ₹1000 करोड़ की लागत से 5 वर्षीय (2023-2028) यह योजना दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय दोगुनी करने और देसी गायों के संरक्षण पर केंद्रित है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह द्वारा अनावरणित, यह हर गांव में दुग्ध सहकारी समितियां गठित कर दूध का उचित मूल्य सुनिश्चित करती है। UP Dairy Policy 2022 के साथ एकीकृत, मिशन ने 2025 तक 4,922 नई समितियां स्थापित कीं, दूध उत्पादन 38.78 मिलियन टन (देश का 16%) पहुंचाया। मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना जैसे उप-योजनाओं से ₹11.80 लाख तक सब्सिडी मिल रही है, जो ग्रामीण रोजगार और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है। यह PM मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन का हिस्सा है। मिशन का उद्देश्य: दुग्ध उत्पादन से आत्मनिर्भरता तक मिशन का मुख्य लक्ष्य दुग्ध उत्पादकों को गांव स्तर पर उचित मूल्य प्रदान करना और देसी नस्लों (साहीवाल, गिर, थार पारकर) को प्रोत्साहित करना है। प्रमुख उद्देश्य: •    आय वृद्धि: किसानों की मासिक आय ₹5,000 से बढ़ाकर ₹50,000+ करना। •    संरक्षण: देसी गायों की संख्या बढ़ाना, स्ट्रे कैटल प्रबंधन। •    रोजगार: 1 करोड़+ ग्रामीण नौकरियां (विजन 2047)। •    मार्केटिंग: UP Mart लिंकेज से निर्यात बढ़ावा। •    महिला फोकस: SHG के माध्यम 41,000+ महिलाओं को जोड़ना। मिशन की प्रमुख योजनाएं: विस्तृत संरचना मिशन के तहत 4 मुख्य उप-योजनाएं संचालित हैं, जो FPOs, सहकारी संस्थाओं और निजी उद्यमियों को लाभ पहुंचाती हैं: योजना का नाम    विवरण    लाभ/सब्सिडी    लक्ष्य (2025-26) नंदिनी कृषक समृद्धि योजना    10 दुधारू देसी गायों की इकाई स्थापना; प्रशिक्षण और फीड सहायता।    ₹11.80 लाख तक (50% अनुदान, कुल लागत ₹23.60 लाख)    600 इकाइयां (प्रदेश स्तर) मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना    2 दुधारू देसी गायों पर फोकस; चारा/आहार इकाई स्थापना।    ₹80,000 तक अनुदान (2 गायों के लिए)    2,100 इकाइयां (75 जिलों में) मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना    8-12 लीटर दूध वाली गाय: ₹10,000; 12+ लीटर: ₹15,000 प्रोत्साहन।    ₹10,000-₹15,000/गाय    11,000+ देसी गायें प्रारंभिक दुग्ध सहकारी समिति गठन    गांव स्तर पर समितियां; डिजिटल भुगतान और बाजार लिंकेज।    5% ब्याज सब्सिडी (₹1 करोड़ तक)    8,600+ समितियां (नई 4,922) आवेदन प्रक्रिया: •    ऑनलाइन पोर्टल: nandbabadugdhmission.up.gov.in पर रजिस्ट्रेशन। •    दस्तावेज: आधार, बैंक पासबुक, भूमि प्रमाण-पत्र। •    चयन: ई-लॉटरी + जिला समिति सत्यापन (अंतिम तिथि: 23 अगस्त 2025 मिनी नंदिनी के लिए)। •    हेल्पलाइन: 1800-XXX-XXXX (जल्द शुरू)। प्रभाव: 2025 तक ₹36 लाख करोड़ निवेश प्रस्ताव, NPA 2.5% से कम, मार्केट साइज ₹1,837 अरब (CAGR 14%)। प्रेरक उदाहरण: मिशन से जीवन परिवर्तन 1.    झांसी की बालिनी SHG (महिला समूह): नंदिनी योजना से 10 गायों की इकाई। ₹150 करोड़ टर्नओवर, 41,000 महिलाएं लाभान्वित। "मिशन ने हमें आत्मनिर्भर बनाया।" 2.    चंदौली के रामू यादव (स्वदेशी गौ-संवर्धन): 2 गायों पर ₹80,000 अनुदान। मासिक आय ₹50,000, पलायन रुका। 3.    गाजियाबाद के पशुपालक (प्रगतिशील योजना): 12 लीटर वाली गाय पर ₹15,000। 11,000 देसी गायें जिले में, आय दोगुनी। योगी आदित्यनाथ की दृष्टि: मिशन पर प्रेरक उद्धरण CM योगी ने मिशन को 'गौ-रक्षा की आर्थिक क्रांति' बताया: •    लॉन्च समारोह (6 जून 2023): "नंद बाबा मिशन से किसानों की आय दोगुनी होगी। ₹1000 करोड़ से देसी गायें संरक्षित, ग्रामीण UP आत्मनिर्भर बनेगा।" •    बजट समीक्षा 2025: "मिशन से 1 करोड़ नौकरियां। स्वदेशी गौ-संवर्धन से सांस्कृतिक धरोहर आर्थिक शक्ति बनेगी।" •    NDDB MoU (जून 2025): "नंद बाबा + डेयरी पॉलिसी से UP दूध उत्पादन में नंबर-1। महिलाओं को प्राथमिकता।" •    X पर योगी जी: #NandBabaMission – "एक गाय, एक परिवार की समृद्धि!" निष्कर्ष: नंद बाबा – UP का दुग्ध भविष्य नंद बाबा दुग्ध मिशन ने देसी गायों को आर्थिक इंजन बनाया, जहां ₹11.80 लाख सब्सिडी से लाखों किसान सशक्त हो रहे हैं। योगी सरकार का यह प्रयास विकसित भारत-2047 का आधार बनेगा। आवेदन करें, आत्मनिर्भर बनें! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

विशेष आर्टिकल-उत्तर प्रदेश में गिर गाय का महत्व: विशेषताएं, फायदे और ग्रामीण विकास में योगदान

लखनऊ  गिर गाय (Gir Cow) भारत की सबसे प्रसिद्ध देसी दुधारू नस्लों में से एक है, जो गुजरात के गिर अभयारण्य क्षेत्र से उत्पन्न हुई। मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना और नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत उत्तर प्रदेश में गिर गाय को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां 2025 तक 11,000+ गिर गायें वितरित हो चुकी हैं। योगी सरकार ने ₹80,000 तक अनुदान (2 गायों पर) से किसानों को यह नस्ल उपलब्ध कराई, जिससे दूध उत्पादन 8-12 लीटर/दिन और आय ₹50,000+ मासिक तक पहुंची। गिर गाय का दूध A2 प्रोटीन युक्त, उच्च FAT (4.5-5.5%) और स्वास्थ्यवर्धक होता है, जो डायबिटीज, हृदय रोग में लाभकारी है। यह नस्ल गर्मी, रोग प्रतिरोधक और कम रखरखाव वाली है, जो UP Dairy Policy 2022 के तहत आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार बन रही है। गिर गाय की प्रमुख विशेषताएं: वैज्ञानिक और व्यावहारिक विश्लेषण विशेषता    विवरण    लाभ (UP संदर्भ में) 1. शारीरिक संरचना    – रंग: लाल-भूरा (गहरा लाल से हल्का भूरा)। – सींग: गोलाकार, पीछे की ओर मुड़े हुए। – कान: लटकते हुए, बड़े। – कूबड़: मध्यम आकार। – वजन: वयस्क गाय 350-450 किग्रा, बैल 550-650 किग्रा।    – आकर्षक दिखावट: बाजार में उच्च मूल्य। – कम स्थान: UP के छोटे फार्म में उपयुक्त। 2. दूध उत्पादन क्षमता    – प्रतिदिन: 8-12 लीटर (औसत), अधिकतम 20+ लीटर। – लैक्टेशन पीरियड: 280-300 दिन। – वार्षिक: 2,500-3,500 लीटर। – FAT: 4.5-5.5%, SNF 8.5-9%।    – उच्च आय: ₹50/लीटर पर ₹4,000-6,000 मासिक (2 गायें)। – A2 दूध: प्रीमियम मूल्य (₹80-100/लीटर)। 3. दूध की गुणवत्ता    – A2 बीटा-कैसिन: एलर्जी-मुक्त, पाचन में आसान। – उच्च कैल्शियम, प्रोटीन: बच्चों/बुजुर्गों के लिए आदर्श। – प्राकृतिक एंटीबॉडी: रोग प्रतिरोधक।    – स्वास्थ्य बाजार: UP Mart/Amul पर डिमांड। – निर्यात: G20 गिफ्टिंग में चयन। 4. पर्यावरण अनुकूलता    – गर्मी सहनशील: 45°C तक। – कम चारा: 25-30 किग्रा हरा/5-6 किग्रा सूखा चारा। – रोग प्रतिरोधक: खुरपका-मुंहपका, ब्रूसेलोसिस।    – UP जलवायु: गर्मी/सूखे में जीवित। – कम लागत: ₹1,500 मासिक रखरखाव। 5. प्रजनन और दीर्घायु    – पहला ब्यांत: 36-40 माह। – ब्यांत अंतराल: 12-14 माह। – उम्र: 15-18 वर्ष (10+ लैक्टेशन)।    – दीर्घकालिक लाभ: 1 गाय से 10+ बछड़े। – बछड़ा मूल्य: ₹30,000-50,000। 6. आर्थिक लाभ    – गोबर: 15-20 किग्रा/दिन (खाद/गैस)। – गौमूत्र: 5-7 लीटर/दिन (पेंट/दवा)।    – अतिरिक्त आय: ₹10,000+ मासिक (गोबर पेंट)। उत्तर प्रदेश में गिर गाय का योगदान: योगी सरकार की योजनाओं से •    स्वदेशी गौ संवर्धन योजना: 2 गिर गायें + ₹80,000 अनुदान → 50 लीटर दूध/दिन। •    नंदिनी योजना: 10 गिर गायें + ₹11.80 लाख → 120 लीटर/दिन। •    NDDB-PCDF MoU: गुजरात से उच्च गुणवत्ता गिर गायें आयात, कानपुर प्लांट में प्रोसेसिंग। •    परिणाम: 38.78 मिलियन टन दूध में 10%+ गिर नस्ल योगदान। 41,000+ SHG महिलाएं लाभान्वित। प्रेरक उदाहरण: UP में गिर गाय से समृद्धि 1.    गाजीपुर के अमितेश सिंह (SC किसान):  o    2024: 2 गिर गायें + ₹80,000। o    2025: 60 लीटर दूध/दिन, ₹40,000 मासिक। A2 दूध से प्रीमियम बिक्री। 2.    झांसी SHG (मीरा देवी):  o    10 गिर गायें नंदिनी से। o    अब: ₹1 लाख मासिक, गोबर पेंट निर्यात। योगी आदित्यनाथ का उद्धरण •    लॉन्च 2023:  "गिर गाय हमारी देसी धरोहर। ₹80,000 अनुदान से किसान आत्मनिर्भर, A2 दूध से स्वास्थ्य क्रांति!" निष्कर्ष: गिर गाय – UP का दुग्ध स्वर्ण गिर गाय A2 दूध, कम रखरखाव और उच्च लाभ से योगी सरकार की डेयरी क्रांति का प्रतीक है। आवेदन करें, गिर गाय अपनाएं! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

विशेष आर्टिकल- कृषि क्षेत्र में स्वर्णिम विकास: उत्तर प्रदेश के किसानों और योगी सरकार की उपलब्धियां

लखनऊ एक समय था जब उत्तर प्रदेश को 'बीमारू' राज्य कहा जाता था, जहां कृषि क्षेत्र भ्रष्टाचार, बाढ़, सूखा और निम्न उत्पादकता से जूझता था। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार ने 2017 से अब तक कृषि को आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बना दिया। आज UP देश का 21% खाद्यान्न उत्पादन करता है, जबकि केवल 11% कृषि भूमि होने पर भी फल-सब्जी का 15% और 11% उत्पादन यहां से आता है। कृषि वृद्धि दर 13.7% (राष्ट्रीय औसत 9.5% से अधिक), GSDP में 28% योगदान और UP-AGREES प्रोजेक्ट जैसे प्रयासों से राज्य वैश्विक खाद्य आपूर्तिकर्ता बनने की दिशा में अग्रसर है। PM किसान सम्मान निधि, सॉइल हेल्थ कार्ड, MSP और सोलर पैनल इंस्टॉलेशन से 1 करोड़+ किसान लाभान्वित हुए हैं। बजट 2025-26 में ₹2.25 लाख करोड़ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित, यह उत्थान PM मोदी के विकसित भारत-2047 विजन का जीवंत प्रमाण है। योगी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां: आंकड़ों में कृषि क्रांति योगी सरकार ने तकनीकी नवाचार, सिंचाई, बीमा और बाजार लिंकेज पर फोकस कर कृषि को मजबूत किया। यहां कुछ प्रमुख आंकड़े: पैरामीटर    2017 से पहले    2025 तक    वृद्धि खाद्यान्न उत्पादन (% राष्ट्रीय)    15%    21%    40%+ फल-सब्जी उत्पादन (करोड़ टन/वर्ष)    ~3.5    4+    14%+ कृषि वृद्धि दर (%)    8.6    13.7    59%+ सिंचाई परियोजनाएं (परियोजनाएं)    सीमित (बांसागर आदि अधर में)    11 एक्सप्रेसवे + 6 कार्यरत, बांसागर पूर्ण    3 गुना+ किसान सम्मान निधि लाभार्थी (करोड़)    न्यून    10 (वार्षिक)    नया आयाम फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स    सीमित    65,000+ (15 एग्रो पार्क)    10 गुना+ कृषि विश्वविद्यालय    4    5 (नया जोड़)    25%+ मुख्य पहलें: •    UP-AGREES प्रोजेक्ट (जनवरी 2025): किसानों को तकनीकी सहायता, ग्रामीण उद्यमिता – 23% खाद्यान्न योगदान। •    फूड प्रोसेसिंग पॉलिसी-2023: 19 नए प्रोजेक्ट, सब्सिडी, ब्याज छूट – 1,000 यूनिट्स/जिला लक्ष्य। •    DSR Conclave 2025: सीधी बुआई से जल संरक्षण, वैश्विक खाद्य हब लक्ष्य। •    सॉइल हेल्थ कार्ड और बीमा: MSP से किसानों को न्यूनतम मूल्य। •    सिंचाई: बांसागर, सरयू नहर, मध्य गंगा नहर पूर्ण – 64,000 हेक्टेयर भूमि मुक्त। ये प्रयास कृषि GSDP को 28% बढ़ा चुके हैं, जहां UP $1 ट्रिलियन इकोनॉमी की ओर अग्रसर है। लाभार्थियों की प्रेरक कहानियां: साधारण किसानों से आत्मनिर्भर उद्यमी तक योगी सरकार की योजनाओं ने लाखों किसानों को सशक्त किया। यहां कुछ वास्तविक उदाहरण: 1.    झांसी के रामू सिंह (UP-AGREES लाभार्थी):  o    पहले: सूखे से जूझते, मासिक आय ₹5,000। o    सहायता: सॉइल हेल्थ कार्ड + सोलर पैनल से ड्रिप इरिगेशन। o    अब: गेहूं उत्पादन 20% बढ़ा, ₹50,000 मासिक, परिवार की शिक्षा-स्वास्थ्य में निवेश। "योगी जी की तकनीक ने मेरी जिंदगी बदली।" 2.    वाराणसी की महिला SHG (DSR Conclave से प्रेरित):  o    पहले: बिचौलियों से शोषण। o    सहायता: PM किसान + MSP से न्यूनतम मूल्य, फूड प्रोसेसिंग यूनिट। o    अब: 41 महिलाएं, ₹1 करोड़ टर्नओवर, निर्यात शुरू। "सरकार ने हमें बाजार दिया।" 3.    बुलंदशहर के छोटे किसान (फूड प्रोसेसिंग लाभार्थी):  o    पहले: फसल बर्बाद। o    सहायता: एग्रो पार्क + सब्सिडी से प्रोसेसिंग यूनिट। o    अब: 100+ रोजगार, फल-सब्जी निर्यात, आय दोगुनी। "पॉलिसी-2023 ने हमें उद्यमी बनाया।" ये कहानियां साबित करती हैं कि नीतियां जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं, खासकर महिलाओं और छोटे किसानों के लिए। योगी आदित्यनाथ के प्रेरक भाषण: कृषि पर दृष्टि CM योगी ने कृषि को 'आत्मनिर्भर UP की कुंजी' बताया: •    DSR Conclave 2025 (6 अक्टूबर): "UP 21% खाद्यान्न उत्पादन करता है। 11 वर्षों में कृषि में क्रांतिकारी बदलाव – सॉइल कार्ड, MSP, किसान सम्मान से किसान सशक्त। 2030 तक वैश्विक खाद्य हब!" •    UP-AGREES उद्घाटन (28 जनवरी 2025): *"UP 23% खाद्यान्न, 15% सब्जी उत्पादक। AGREES से किसान आत्मनिर्भर, तकनीक से तीन गुना उत्पादन।" •    8 वर्ष पूर्णता (24 मार्च 2025): *"कृषि वृद्धि 13.7% – BIMARU से ग्रोथ इंजन। 6 करोड़ गरीब ऊपर उठे।" •    कृषि भारत-2024 (15 नवंबर 2024): *"20% कृषि योगदान – जल जीवन मिशन से महिलाओं की कहानियां। लोकल से ग्लोबल!" निष्कर्ष: कृषि – UP का समृद्धि आधार योगी सरकार ने UP-AGREES, DSR Conclave और फूड प्रोसेसिंग से कृषि को उपेक्षा से उत्कृष्टता तक पहुंचाया। 21% राष्ट्रीय योगदान से UP वैश्विक खाद्य हब बनेगा। किसान, आत्मनिर्भर बनें – नया UP आपके हाथ में! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

आजम खां को राहत: अदालत ने भड़काऊ भाषण मामले में किया बरी

रामपुर  समाजवादी पार्टी (सपा) के महासचिव आजम खां को मंगलवार को बड़ी राहत मिल गई। भड़काऊ भाषण के मामले में उन्हें कोर्ट ने बरी कर दिया है। पुलिस की तरफ से उनके खिलाफ साक्ष्य नहीं दिया जा सका। इसके साथ ही कोर्ट ने विवेचक के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के लिए सपा नेता आजम खां दोपहर में कोर्ट पहुंचे, जहां सुनवाई के बाद एमपी एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में सपा नेता को बरी कर दिया। दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन एसडीएम सदर पीपी तिवारी की ओर से सपा नेता आजम खां के खिलाफ भड़काऊ भाषण का मामला दर्ज कराया गया था। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था। इस मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अंतिम बहस पूरी हो चुकी थी। कोर्ट से बाहर आकर आजम खान अपने अंदाज में नजर आए। उन्होंने कहा कि बहुत कम ऐसा हुआ है कि बेगुनाह ही बेगुनाह साबित हुआ है। पुलिस ने जिस तरह से मुकदमा किया, उन्होंने सच को छुपाने के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी थी। उन्होंने कहा कि अगर हम इसमें बरी हुए हैं, तो इसका मतलब यह है कि हमने सभी हदें पार कीं और उस साजिश व मंसूबे बाजी के खिलाफ इंसाफ पाने में कामयाब हुए, जिसमें पूरे परिवार को मुजरिम बनाने की कोशिश की गई थी। तमाम सबूत-इलेक्ट्रॉनिक वीडियो और ऑडियो देने के बावजूद उन्हें नहीं माना गया। ज्ञात हो कि चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का है। आजम खां लोकसभा चुनाव लड़े थे और जीते भी थे। इस दौरान उनके खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे दर्ज हुए थे। चुनाव के दौरान रामपुर के मिलक थाना क्षेत्र के खटानागरिया गांव में आज़म खान ने एक चुनावी सभा को संबोधित किया था। सभा में उन्होंने तत्कालीन रामपुर डीएम अन्जनेय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री योगी, प्रधानमंत्री मोदी और कांग्रेस उम्मीदवार संजय कपूर पर कथित रूप से टिप्पणियां की थी। अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि आज़म ने चुनाव आयोग को ‘भ्रष्ट’ बताते हुए मतदाताओं को ध्रुवीकरण के लिए उकसाया। 

समधन से हुआ पिता को प्यार, बहू देखने गई मुलाकात बनी ड्रामा का कारण

कौशांबी       यूपी के कौशांबी से एक चौंकाने वाला प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है. एक व्यक्ति अपने बेटे के लिए बहू देखने गया था, लेकिन उसे होने वाली समधन से ही प्यार हो गया. जब इस प्रेम कहानी की जानकारी परिजनों को हुई तो हंगामा मच गया और मामला सुलझाने के लिए महिला थाने पहुंचा. घंटों चली बातचीत के बाद आखिरकार दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया.  बहू की जगह समधन से लड़ी आंखें यह अजीबो-गरीब प्रेम कहानी तब शुरू हुई जब फतेहपुर जिले के खागा कोतवाली क्षेत्र का एक व्यक्ति अपने बेटे की शादी तय करने के लिए कौशांबी के महेवाघाट कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में बहू देखने गया था. लगभग तीन महीने पहले बहू देखते समय व्यक्ति की आंखें होने वाली समधन से लड़ गईं. दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और वे एक-दूसरे को प्यार करने लगे. यह मामला आगे बढ़ा तो इस प्रेम प्रसंग की भनक व्यक्ति की पत्नी को लगी.  पत्नी ने थाने में की लिखित शिकायत पति के इस व्यवहार से नाराज पत्नी का पारा चढ़ गया. जब मामला हद से ज्यादा बढ़ गया तो पत्नी ने मंझनपुर महिला थाने में इसकी लिखित शिकायत दर्ज करा दी. शिकायत मिलने के बाद महिला थाना प्रभारी नीलम राघव और महिला आरक्षी विद्या यादव ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया. दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने का दौर कई घंटों तक चला, जिसके बाद आख़िरकार दोनों पक्ष समझौते के लिए राजी हो गए.  टूटा रिश्ता और खत्म हुआ प्रेम संबंध महिला थाने में हुए समझौते के तहत यह तय किया गया कि अब उस घर में बेटे की शादी नहीं होगी. इसके साथ ही, यह भी फैसला लिया गया कि दोनों लोग (व्यक्ति और समधन) आपस में किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं रखेंगे.  इस तरह, जहां बेटे की शादी का रिश्ता टूट गया, वहीं परवान चढ़ता यह अनोखा प्रेम प्रसंग भी पुलिस थाने में जाकर खत्म हो गया. 

योगी आदित्यनाथ बोले: जो भ्रष्टाचार करते हैं, वे राष्ट्रगान से भी कतराते हैं

बाराबंकी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय एकता यात्रा के शुभारंभ के दौरान कहा कि कोई भी मत, मजहब या जाति राष्ट्र से बड़ा नहीं हो सकता। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राष्ट्र प्रथम होना चाहिए और वंदे मातरम के विरोध को राष्ट्रीय एकता की सबसे बड़ी बाधा बताया। योगी ने लोगों से ऐसे चेहरों को पहचानने की अपील की जो सरकारी योजनाओं का लाभ तो लेते हैं, लेकिन वंदे मातरम गाने से इनकार करते हैं। मुख्यमंत्री ने जातिवाद, परिवारवाद और क्षेत्रवाद को समाज के लिए हानिकारक बताया और कहा कि मत-मज़हब के नाम पर विभाजन स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के अवसर पर 1734 करोड़ रुपये की 254 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वंदे मातरम भारत माता की वंदना है और इसका विरोध करने वाले वास्तव में भारत माता का विरोध करते हैं। उन्होंने बताया कि यह गीत गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा स्वरबद्ध किया गया और स्वतंत्रता संग्राम के समय क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा। उन्होंने कहा कि इस गीत का विरोध नए भारत की राष्ट्रीयता की भावना के विपरीत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष महत्वपूर्ण है क्योंकि सरदार पटेल की 150वीं जयंती, वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष, भगवान बिरसा मुंडा की जयंती तथा भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने महाकुंभ और अयोध्या में राम मंदिर के भव्य निर्माण का भी उल्लेख किया, जहां 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन का कार्यक्रम है। योगी आदित्यनाथ ने ब्रिटिश शासन की नीतियों पर कहा कि अंग्रेज भारत की एकता नहीं चाहते थे। उन्होंने बताया कि कैसे सरदार पटेल ने 563 रियासतों को भारत में सम्मिलित कर देश की अखंडता सुनिश्चित की। जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम के भारत में विलय से इनकार करने पर सरदार पटेल ने सख्त रुख दिखाया, जिससे दोनों को झुकना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कुछ सेक्युलरवादियों पर निशाना साधते हुए कहा कि नवाब मोहम्मदाबाद, जो मुस्लिम लीग का कोषाध्यक्ष था, पाकिस्तान के लिए धन एकत्र करता था और बाद में भागकर पाकिस्तान चला गया। उन्होंने कहा कि ऐसी संपत्तियां ‘शत्रु संपत्ति’ हैं और इन पर केवल भारत सरकार और नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता देश की आन, बान और शान है। वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने स्वाधीनता आंदोलन के लिए अमृत मंत्र के रूप में रचा था और क्रांतिकारी इसे गाते हुए फांसी पर चढ़ जाते थे। योगी ने राष्ट्र सुरक्षा और एकता के मार्ग में व्यक्तिगत दुश्मनी या मित्रता को बाधा न बनने देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने चेताया कि देश विदेशी हमलावरों द्वारा इसलिए गुलाम हुआ क्योंकि उन्होंने भारतीयों को आपस में लड़ाया। उन्होंने कहा कि इतिहास आत्मावलोकन का अवसर देता है और उससे प्रेरणा लेकर भविष्य को सशक्त बनाना चाहिए।

CM योगी ने बाराबंकी में कसा तंज, कहा – हिंदुस्तान में रहेंगे, वंदे मातरम क्यों नहीं बोलते?

 बाराबंकी    यूपी के बाराबंकी में सीएम योगी आदित्यनाथ ने वंदे मातरम का विरोध करने वालों पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा- 'कुछ लोग आज भी रहेंगे यहां, खाएंगे यहां, लेकिन वंदे मातरम का विरोध करेंगे.' सीएम ने आगे कहा- 'इन चेहरों को पहचानो, जो शासकीय योजना में हड़पने की होड़ में पहली लाइन में खड़े होते हैं, लेकिन जब 'वंदे मातरम' गान की बात होती है तो कहते हैं कि हम नहीं गाएंगे.' सीएम योगी ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों के साथ अपने भाषण की शुरुआत की. इसके साथ ही उन्होंने सरदार पटेल और डॉ. आंबेडकर के योगदान को भी याद किया. सीएम ने कहा कि अंग्रेजों और मुगलों ने देश को बांटने का काम किया.   सीएम योगी आदित्यनाथ ने सीतापुर की महमूदाबाद स्टेट को शत्रु संपत्ति बताते हुए कहा कि ये महमूदाबाद का नवाब (राजा) मुस्लिम लीग का कोषाध्यक्ष था. इसने पाकिस्तान बनवाने में बड़ा सहयोग दिया था. आज इसकी सारी संपत्ति शत्रु संपत्ति है.  सीएम यहीं नहीं रुके, उन्होंने सरदार पटेल की प्रशंसा करते हुए कहा कि हैदराबाद का निजाम और जूनागढ़ का नवाब अपनी स्टेट को पाकिस्तान में मिलाना चाहते थे, लेकिन सरदार पटेल ने इनको समझाया तो ये लोग पाकिस्तान चले गए.  कांग्रेस पर किया वार  सीएम योगी ने आगे कहा कांग्रेस ने कभी सरदार पटेल का सम्मान नहीं किया. देश के 14 राज्यों ने कहा था सरदार पटेल को देश का प्रधानमंत्री बना दो. लेकिन इन लोगों ने नहीं बनने दिया. ये परिवार की राजनीति करने वाले लोग हैं. जातीय राजनीति, परिवार की राजनीति, मजहब की राजनीति और विभाजनकारी नीतियों जैसी बातों को कतई स्वीकार नहीं करना चाहिए.   सीएम बोले- बाराबंकी में विकास की बहाई गंगा सीएम योगी ने बाराबंकी जिले के विकास को लेकर कहा कि यहां किसान खूब तरक्की कर रहा है. हमने मेंथा की फसल में 18% जीएसटी घटाकर 5% कर दिया है. उन्होंने बाराबंकी की दरियाबाद विधानसभा के विधायक सतीश शर्मा के कहने पर रामसनेही घाट में 232 एकड़ का इंडस्ट्रियल एरिया का निर्माण कराए जाने की घोषणा की. इसके अलावा हैदरगढ़ विधानसभा के पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर विधायक दिनेश रावत के प्रस्ताव पर 100 एकड़ में इंडस्ट्रियल और स्किल डेवलपमेंट के विकास के निर्माण करवाया जाएगा. सीएम योगी का पोस्ट  अपने पोस्ट में सीएम योगी ने लिखा- 'राष्ट्रीय एकता, केवल एक शब्द नहीं, हम सभी की आन, बान और शान है, हमारा अस्तित्व है, हमारा और आने वाली पीढ़ी का भविष्य है. लौह पुरुष, 'भारत रत्न' सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 150वीं जयंती समारोह अभियान के अंतर्गत आज जनपद बाराबंकी की विकास यात्रा को गति देते हुए ₹1,734 करोड़ लागत की 254 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया. इस अवसर पर विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक एवं प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए. बाबा लोधेश्वर महादेव जी की पावन धरा को कोटि-कोटि नमन एवं सभी लाभार्थियों को हार्दिक बधाई.'